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0.
1. इनमें से कौन-सा जंतु बाकी तीन से भिन्न है?
(A) मगरमच्छ
(B) समुद्री घोड़ा
(C) कछुआ
(D) मेढ़क
RRB NTPC Stage It | 19/01/2017 | Shift-II
Ans: (B) मगरमच्छ, कछुआ और मेढ़क टेट्रांपोडा के अन्तर्गत आते है जबकि समुद्री घोड़ा को मत्स्य वर्ग में रखा गया है।
2. अपघटक को ________ के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है।
(A) परजीवी
(B) स्वपोषी
(C) परपोषी (विषमपोषी)
(D) ऑर्गनोट्रॉफ़्स
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C)
3. कैरोलस लीनियस को किसका जनक माना जाता है?
(A) भ्रूणविज्ञान
(B) जीवाश्मिकी
(C) क्रमिक विकास
(D) वर्गीकरण विज्ञान
Ans: (D)
4. घरेलू मक्खी का जीव वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) मुज्का डोमेस्टिका
(B) ट्रिटिकम ऐस्टिवम
(C) फानिया
(D) होमो सैंपियंस
Ans: (A)
5. निम्नलिखित में से किस पक्षी का अंडा सबसे छोटा होता है?
(A) गौरैया
(B) बुलबल
(C) अबाबील
(D) हमिंगबर्ड
Ans: (D)
6. जोंक (Leech) किस संघ से संबंधित है?
(A) एनीलिडा
(B) प्लेटिहेल्मिन्थीज
(C) मोलस्का
(D) प्रोटोकॉर्डेटा
Ans: (A)
7. निम्नलिखित में से कौन सा जीव मोलस्क (Mollusca) परिवार से संबंधित है?
(A) कॉकरोच
(B) घोंघा
(C) केंचुआ
(D) स्टार मछली
Ans: (B)
8. निम्नलिखित में से कौन-सा हॉर्मोन सभी अंगों के विकास को उद्दीप्त करता है?
(A) वृद्धि हॉर्मोन
(B) इंसुलिन
(C) ग्लूकागॉन
(D) एड्रिनलीन
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A) वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) जिसे सोमैटोट्रोपिन भी कहा जाता है, पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) द्वारा स्रावित होता है जो शरीर के सभी अंगों और हड्डियों के विकास को नियंत्रित करता है। इंसुलिन और ग्लूकागॉन अग्न्याशय द्वारा स्रावित होते हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को बनाए रखते हैं। एड्रिनलीन को लड़ो या उड़ो (Fight or Flight) हार्मोन कहा जाता है जो आपातकालीन स्थितियों में सक्रिय होता है। पीयूष ग्रंथि को मास्टर ग्रंथि भी कहा जाता है क्योंकि यह अन्य ग्रंथियों को भी नियंत्रित करती है।
9. निम्न में से कौन सा जीव मत्स्य वर्ग से संबंधित है?
(A) जेलिफ़िश
(B) डॉग फिश
(C) सिल्वर फ़िश
(D) स्टार फ़िश
RRB Group-D | 16/11/2018 | Shift-III
Ans: (B) डॉग फिश को स्कॉलियोडॉन भी कहते हैं। यह कॉर्डेटा संघ के मत्स्य वर्ग के अंतर्गत आता है जबकि जेलिफिश निडेरिया संघ, सिल्वर फिश आर्थोपोडा संघ तथा स्टार फिश इकाइनोडर्मेटा संघ के अंतर्गत आता है।
10. निम्नलिखित में से किसके हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं?
(A) सैलामेंडर
(B) कोबरा
(C) मेंढक
(D) रोहू
RRB Group-D | 05/11/2018 | Shift-I
Ans: (D) रोहू मछली (या मछलियों) में दो चैम्बर या कक्ष होते हैं। मछलियों का शरीर धारारेखित तथा नौकाकार होता है। ये असमतापी (cold blooded) होती है।
11. फफूंद में किस प्रक्रिया से युग्मबीजाणु का निर्माण होता है?
(A) मुकुलन
(B) विखंडन
(C) संयुग्मन
(D) बीजाणु निर्माण
MP Police constable 2025 | 11-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C)
12. एक किशोर का चयापचय तेज़ है और उसकी ऊंचाई सामान्य है। ग्रोथ हार्मोन (जीएच) सामान्य है थायरॉक्सिन का स्तर अधिक है। इस स्थिति में कौन-सा परिणाम अपेक्षित है?
(A) वजन में अत्यधिक वृद्धि
(B) ऊंचाई में कमी
(C) तेज़ हृदय गति और वजन कम होना
(D) नींद अधिक आना
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) थायरॉक्सिन हार्मोन का मुख्य कार्य शरीर की चयापचय दर (Metabolic Rate) को नियंत्रित करना है। यदि थायरॉक्सिन का स्तर अधिक है, तो शरीर ऊर्जा का उपयोग बहुत तेजी से करेगा जिससे वजन कम होने लगता है और हृदय की धड़कन तेज हो जाती है। इस स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहते हैं जिसमें व्यक्ति को गर्मी अधिक लगती है और घबराहट महसूस होती है। ग्रोथ हार्मोन (GH) सामान्य होने के कारण ऊंचाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
13. किस हार्मोन का स्राव हाइपोथैलेमस से निकलने वाले रिलीजिंग फैक्टर (उत्सर्जक कारक) द्वारा नियंत्रित होता है?
(A) एड्रिनल मेडुला
(B) अग्र पिट्यूटरी ग्रंथि
(C) पैराथायरायड ग्रंथि
(D) अग्न्याशय
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) अग्र पिट्यूटरी ग्रंथि (Anterior Pituitary) के हार्मोन का स्राव हाइपोथैलेमस से निकलने वाले रिलीजिंग फैक्टर्स द्वारा नियंत्रित होता है। हाइपोथैलेमस को "मास्टर ऑफ मास्टर ग्लैंड" कहा जाता है क्योंकि यह पीयूष ग्रंथि के कार्यों को निर्देशित करता है। एड्रिनल मेडुला का नियंत्रण सीधे तंत्रिका तंत्र द्वारा होता है। अग्न्याशय एक मिश्रित ग्रंथि है जो हार्मोन और एंजाइम दोनों बनाती है।
14. एक व्यक्ति को हाइपरथायरॉइडिज्म है और वह तनाव में है। उसके रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है। इस प्रभाव को कौन-सा संयोजन सबसे अच्छी तरह समझाता है?
(A) कैल्सीटोनिन चयापचय कम करता है; पैराथॉर्मोन ग्लूकोज बढ़ाता है
(B) अत्यधिक थायरॉक्सिन चयापचय को तेज करता है; एड्रेनालाईन ग्लूकोज को सक्रिय करता है
(C) जीएच ग्लूकोज कम करता है, इंसुलिन हृदय गति बढ़ाता है
(D) अकेले एड्रेनालाईन चयापचय को नियंत्रित करता है
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) हाइपरथायरॉइडिज्म की स्थिति में चयापचय बहुत तेज होता है और तनाव के समय एड्रिनलीन हार्मोन निकलता है जो यकृत से ग्लूकोज को मुक्त कराता है। थायरॉक्सिन और एड्रिनलीन दोनों मिलकर रक्त में ऊर्जा (ग्लूकोज) के स्तर को बहुत बढ़ा देते हैं। एड्रिनलीन हार्मोन हृदय गति और श्वसन दर को भी बढ़ा देता है। कैल्सीटोनिन हार्मोन का कार्य रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करना होता है न कि ग्लूकोज को नियंत्रित करना।
15. एक रोगी को कंपन, वजन कम होना, तेज़ हृदय गति और उच्च ऊर्जा स्तर जैसे लक्षण हैं। इन सभी लक्षणों को कौन-सा हार्मोन असंतुलन सबसे अच्छी तरह समझाता है?
(A) अधिक ग्रोथ हार्मोन
(B) अधिक थायरॉक्सिन
(C) कम इंसुलिन
(D) कम पैराथॉर्मोन
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) तेज हृदय गति, वजन कम होना और उच्च ऊर्जा स्तर हाइपरथायरायडिज्म के विशिष्ट लक्षण हैं जो थायरॉक्सिन की अधिकता के कारण होते हैं। इसमें शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीकरण की दर बढ़ जाती है जिससे अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है। इंसुलिन की कमी से मधुमेह (Diabetes) होता है जिसमें वजन घट सकता है लेकिन हृदय गति सामान्यतः सामान्य रहती है। पैराथॉर्मोन की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन (Tetany) की समस्या होती है।
16. एक रोगी मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत करता है। रक्त में कैल्शियम की मात्रा कम है जबकि पैराथॉर्मोन का स्तर अधिक है। इस स्थिति को कौन-सा तंत्र सबसे अच्छी तरह समझाता है?
(A) थायरॉक्सिन कैल्शियम के अवशोषण को कम करता है
(B) उच्च पैराथॉर्मोन कैल्शियम बढ़ाने का प्रयास करता है, लेकिन आहार में कैल्शियम कम है
(C) एड्रेनालिन हड्डियों से कैल्शियम को सक्रिय करता है
(D) ग्रोथ हार्मोन मांसपेशियों में कैल्शियम को कम करता है
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) पैराथॉर्मोन (PTH) का कार्य रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाना है लेकिन यदि आहार में कैल्शियम की कमी है, तो हार्मोन स्तर अधिक होने के बावजूद रक्त में कैल्शियम कम बना रहता है। कैल्शियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द होता है जिसे टिटेनी (Tetany) कहा जाता है। विटामिन-D भी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। थायरॉक्सिन का मुख्य संबंध ऊर्जा प्रबंधन से है न कि सीधे कैल्शियम के स्तर से।
17. यौवन से पहले ग्रोथ हार्मोन (जीएच) की अधिकता से जाइगैन्टिज़्म (विशालता) होता है; यौवन के बाद यह एक्रोमेगली का कारण बनता है। ऐसा क्यों होता है?
(A) एड्रेनालाईन यौवन के बाद जीएच के प्रभाव को बढ़ाता है
(B) जीएच केवल चयापचय को प्रभावित करता है, हड्डियों को नहीं
(C) थायरॉक्सिन यौवन के बाद जीएच को अवरुद्ध कर देता है
(D) यौवन से पहले ग्रोथ प्लेट्स खुले होते हैं, जिससे समानुपातिक वृद्धि संभव होती है
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 02:30:00
Ans: (D) हड्डियों के सिरों पर एपिफिसियल प्लेट्स (Growth Plates) होती हैं जो यौवन (Puberty) से पहले खुली रहती हैं और हड्डियों की लंबाई बढ़ाने में मदद करती हैं। यौवन के बाद ये प्लेट्स बंद हो जाती हैं जिसके कारण ग्रोथ हार्मोन की अधिकता होने पर केवल चेहरे और हाथों की हड्डियां ही बढ़ती हैं जिसे एक्रोमेगली कहते हैं। बच्चों में इस हार्मोन की अधिकता से भीमकाय शरीर (Gigantism) हो जाता है। ग्रोथ हार्मोन मस्तिष्क की पीयूष ग्रंथि से निकलता है।
18. नाश्ता छोड़ने के बाद एक छात्र कमजोर महसूस करता है लेकिन सतर्क रहता है। ग्लूकोज़ के रखरखाव के लिए कौन-सा हार्मोन संतुलन जिम्मेदार है?
(A) कम इंसुलिन; ग्लूकागन संग्रहीत ग्लूकोज़ को गतिशील करता है
(B) एड्रेनालाईन ग्लूकोज़ को कम करता है
(C) अधिक थायरॉक्सिन ग्लूकोज़ को संग्रहीत करता है
(D) अधिक इंसुलिन; ग्लूकागन ग्लूकोज़ को रोकता है
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) जब हम भोजन नहीं करते हैं, तो रक्त में इंसुलिन का स्तर गिर जाता है और अग्न्याशय से ग्लूकागन (Glucagon) हार्मोन निकलता है। ग्लूकागन यकृत में जमा ग्लाइकोजन को वापस ग्लूकोज में बदल देता है ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके। यह प्रक्रिया रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर रखने के लिए महत्वपूर्ण है। एड्रिनलीन हार्मोन भी आपात स्थिति में ग्लूकोज बढ़ाता है लेकिन सामान्य उपवास में ग्लूकागन ही मुख्य भूमिका निभाता है।
19. व्हिटेकर (Whittaker) द्वारा प्रतिपादित '5-जगत वर्गीकरण' (5-Kingdom Classification) में निम्न में से कौन सा समूह शामिल नहीं है?
(A) एनिमेलिया
(B) प्रोटिस्टा
(C) फंजाई
(D) प्रोटोजोआ
Ans: (D) आर. एच. व्हिटेकर ने 1969 में जीवों को पांच जगतों में बांटा था जिसमें मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई, प्लांटी और एनिमेलिया शामिल हैं। प्रोटोजोआ वास्तव में प्रोटिस्टा जगत के अंतर्गत आने वाला एक उप-समूह है न कि एक अलग जगत। व्हिटेकर का वर्गीकरण कोशिका की संरचना और पोषण के तरीकों पर आधारित था। इस वर्गीकरण में नील-हरित शैवाल को मोनेरा जगत में रखा गया है। कवक (फंजाई) अपनी कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) से बनाते हैं।
20. लेमर क्या है?
(A) मानव शरीर में एक हड्डी
(B) कैंसर के विकास का एक प्रकार
(C) एक साधारण मशीन
(D) मेडागास्कर में पाया जाने वाला एक जानवर
Ans: (D) लेमर (Lemur) मेडागास्कर द्वीप पर पाया जाने वाला एक विशिष्ट स्तनधारी जानवर है जो प्राइमेट्स (Primates) समूह का हिस्सा है। ये जानवर केवल मेडागास्कर और इसके आसपास के छोटे द्वीपों पर ही प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं। लेमर की पूंछ लंबी होती है और ये मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहने वाले जीव हैं। इनकी आंखों में एक चमकदार परत होती है जो इन्हें रात में देखने में मदद करती है। मेडागास्कर की जैव विविधता में लेमर का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।
21. निम्नलिखित में लीनियस पदानुक्रम के अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें-
(A) जगत-कुल-वंश-जाति-वर्ग-संघ-गण
(B) जगत-गण-जाति-वंश-वर्ग-कुल-संघ
(C) जगत-संघ-वर्ग-गण-कुल-वंश-जाति
(D) जाति-वंश-कुल-गण-वर्ग-संघ-जगत
Ans: (C) लीनियस पदानुक्रम जीवों के वर्गीकरण का एक व्यवस्थित क्रम है जिसमें सबसे ऊपर जगत (Kingdom) और सबसे नीचे जाति (Species) होती है। इसका सही अवरोही क्रम है: जगत, संघ, वर्ग, गण, कुल, वंश और फिर जाति। वर्गीकरण की सबसे छोटी और आधारभूत इकाई जाति (Species) होती है। संघ (Phylum) शब्द का प्रयोग जंतुओं के लिए जबकि प्रभाग (Division) शब्द का प्रयोग पौधों के लिए किया जाता है। द्विपद नामकरण पद्धति (Binomial Nomenclature) की शुरुआत भी कैरोलस लीनियस ने ही की थी।
22. स्तनधारियों से संबंधित इनमे से कौन सा कथन गलत है।
(A) इनके हृदय में तीन प्रकोष्ठ होते है।
(B) कुछ स्तनधारी अंडे देते हैं।
(C) सामान्यतः स्तनधारियों के बाल होते हैं।
(D) बच्चों को दूध पिलाने के लिए इनमें स्तन ग्रंथिया मौजूद होती है।
Ans: (A) स्तनधारियों (Mammals) के हृदय में चार प्रकोष्ठ (Chambers) होते हैं जिनमें दो अलिंद और दो निलय शामिल हैं न कि तीन। तीन प्रकोष्ठ वाला हृदय मुख्य रूप से उभयचरों और अधिकांश सरीसृपों में पाया जाता है। स्तनधारियों में बच्चों को पोषण देने के लिए स्तन ग्रंथियां होती हैं और उनके शरीर पर बाल पाए जाते हैं। हालांकि अधिकांश स्तनधारी बच्चे देते हैं लेकिन प्लैटिपस और एकिडना जैसे कुछ स्तनधारी अंडे भी देते हैं। स्तनधारी उष्ण रक्त वाले (Warm-blooded) जीव होते हैं।
23. मानव शरीर में पाई जाने वाली निम्नलिखित में से कौन सी ग्रंथि एक अंतःस्त्रावी ग्रंथि नहीं है?
(A) अधिवृक्क ग्रंथि
(B) पीयूष ग्रंथि
(C) थायरॉयड ग्रंथि
(D) लार ग्रंथि
Ans: (D) लार ग्रंथि (Salivary Gland) एक बाह्यस्रावी (Exocrine) ग्रंथि है क्योंकि यह अपने स्राव को नलिकाओं (Ducts) के माध्यम से मुंह में छोड़ती है। अंतःस्रावी ग्रंथियां जैसे अधिवृक्क, पीयूष और थायराइड अपने हार्मोन सीधे रक्त में छोड़ती हैं। लार में टायलिन (Amylase) एंजाइम होता है जो स्टार्च के पाचन में मदद करता है। अग्न्याशय एक ऐसी ग्रंथि है जो अंतःस्रावी और बाह्यस्रावी दोनों प्रकार के कार्य करती है।
24. पुरुष मानव शरीर के किस अंग को एडम्स एप्पल (Adams Apple) कहा जाता है?
(A) तालु
(B) फेफड़ा
(C) जीभ
(D) कंठ या टेटुआ
Ans: (D) पुरुषों के गले में स्वरयंत्र या लैरिंक्स (Larynx) के उभरे हुए भाग को एडम्स एप्पल कहा जाता है। यौवन के दौरान टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के प्रभाव से यह हिस्सा बढ़ जाता है जिससे आवाज भारी हो जाती है। यह थायराइड कार्टिलेज के बढ़ने के कारण बनता है। महिलाओं और बच्चों में यह हिस्सा स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता है।
25. निम्नलिखित में से कौन-सा पशु हॉर्मोन है?
(A) साइटोकाइनिन
(B) जिब्रेलिन
(C) ऑक्सिन
(D) इंसुलिन
Ans: (D) इंसुलिन एक जंतु हार्मोन है जो अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा स्रावित होता है और रक्त में शर्करा का नियमन करता है। साइटोकाइनिन, जिब्रेलिन और ऑक्सिन पादप हार्मोन (Phytohormones) हैं जो पौधों की वृद्धि और विकास में मदद करते हैं। इंसुलिन की कमी से मधुमेह (Diabetes Mellitus) नामक बीमारी हो जाती है। सबसे पहले इंसुलिन का निर्माण फ्रेडरिक बैंटिंग ने किया था।
26. इनमें से कौन-सा हार्मोन गर्भाशय के संकुचनों को उत्तेजित करता है?
(A) थायरॉक्सिन
(B) एडीएच
(C) ऑक्सीटोसिन
(D) प्रोजेस्टेरोन
Ans: (C) ऑक्सीटोसिन हार्मोन को "बर्थ हार्मोन" या "मिल्क इजेक्शन हार्मोन" भी कहा जाता है क्योंकि यह प्रसव के दौरान गर्भाशय के संकुचन में मदद करता है। यह हार्मोन मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस में बनता है और पश्च पीयूष ग्रंथि (Posterior Pituitary) द्वारा रक्त में छोड़ा जाता है। प्रोजेस्टेरोन हार्मोन गर्भावस्था को बनाए रखने में सहायक होता है। ऑक्सीटोसिन को सामाजिक जुड़ाव और प्यार का हार्मोन भी माना जाता है।
27. लैंगरहँस के आइलेट्स किस मानव अंग में पाये जाते हैं?
(A) मस्तिष्क
(B) पित्ताशय
(C) यकृत
(D) अग्नाशय
Ans: (D) लैंगरहँस के द्वीपिकाएं (Islets of Langerhans) अग्न्याशय (Pancreas) का अंतःस्रावी भाग हैं। इसमें तीन प्रकार की मुख्य कोशिकाएं होती हैं: अल्फा (ग्लूकागन), बीटा (इंसुलिन) और डेल्टा (सोमेटोस्टैटिन)। अग्न्याशय शरीर की दूसरी सबसे बड़ी ग्रंथि है। यह छोटी आंत के पास स्थित होती है और पाचन रस भी स्रावित करती है।
28. निम्न में से कौन-सा हार्मोन थायरॉयड ग्रंथि द्वारा स्त्रावित नहीं होता है?
(A) थायरोक्सिन
(B) कैल्सीटोनिन
(C) ट्राईआयोडोथायरोनिन
(D) थाइमोसिन
Ans: (D) थाइमोसिन हार्मोन थाइमस ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है जो हृदय के पास स्थित होती है। थायराइड ग्रंथि मुख्य रूप से थायरोक्सिन (T4), ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) और कैल्सीटोनिन हार्मोन का स्राव करती है। कैल्सीटोनिन रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करने का काम करता है। थाइमोसिन हार्मोन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने वाली T-कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।
29. कौन सी ग्रंथि केवल यौवन तक सक्रिय रहती है?
(A) पीनियल
(B) थाइमस
(C) पिट्यूटरी
(D) अधश्चेतक
Ans: (B) थाइमस ग्रंथि बच्चों में बड़ी होती है लेकिन यौवन (Puberty) के बाद यह धीरे-धीरे सिकुड़ने लगती है और बुढ़ापे में लगभग गायब हो जाती है। यही कारण है कि उम्र बढ़ने के साथ लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। यह ग्रंथि लिम्फोसाइट्स को प्रशिक्षित करती है ताकि वे बीमारियों से लड़ सकें। पीनियल ग्रंथि सोने-जागने के चक्र (Biological Clock) को नियंत्रित करती है।
30. रक्त में शर्करा (शुगर) के स्तर में वृद्धि का पता किसकी कोशिकाओं द्वारा चलता है?
(A) गुर्दा
(B) अग्न्याशय
(C) पित्ताशय
(D) यकृत
Ans: (B) अग्न्याशय (Pancreas) की बीटा कोशिकाएं रक्त में शर्करा के स्तर की निगरानी करती हैं और बढ़े हुए स्तर का पता चलते ही इंसुलिन छोड़ती हैं। इंसुलिन कोशिकाओं को रक्त से ग्लूकोज सोखने का संकेत देता है जिससे शुगर लेवल सामान्य हो जाता है। यकृत अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के रूप में संचित करता है। गुर्दे केवल रक्त को छानने और अपशिष्ट को बाहर निकालने का कार्य करते हैं।
31. जठर ग्रंथियों द्वारा स्स्रावित हाइड्रोक्लोरिक अम्ल किस एंजाइम की क्रिया को आसान कर देता है?
(A) पेप्सिन
(B) एमाइलेज
(C) लाइपेज
(D) ट्रिप्सिन
Ans: (A) आमाशय में जठर ग्रंथियां हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित करती हैं जो पेप्सिन (Pepsin) एंजाइम को सक्रिय बनाने के लिए अम्लीय माध्यम प्रदान करता है। पेप्सिन प्रोटीन को सरल अणुओं में तोड़ने का कार्य करता है। आमाशय के भीतर का माध्यम लगभग 1.8 pH का होता है जो हानिकारक जीवाणुओं को भी नष्ट करता है। जठर रस में श्लेष्मा (Mucus) भी होता है जो आमाशय की आंतरिक परत की रक्षा करता है।
32. पुरःस्थ ग्रंथि (Prostate) से होने वाला स्राव किसमें प्रवेश करता है?
(A) वृषण
(B) मूत्रमार्ग
(C) मूत्रनली
(D) वृक्क
Ans: (B) पुरःस्थ ग्रंथि (Prostate Gland) केवल पुरुषों में पाई जाती है और इसका स्राव सीधे मूत्रमार्ग (Urethra) में प्रवेश करता है। यह ग्रंथि वीर्य का एक हिस्सा बनाती है जो शुक्राणुओं को पोषण और गतिशीलता प्रदान करता है। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में इस ग्रंथि के बढ़ने की समस्या हो सकती है जिसे प्रोस्टेट कैंसर या बी.पी.एच. कहा जाता है। यह मूत्राशय के ठीक नीचे स्थित होती है।
33. मानव नरों में वृषण उदर गुहा के बाहर वृषणकोश में क्यों स्थित होते हैं?
(A) शुक्राणु निर्माण के लिए शरीर से कम तापमान बनाए रखने हेतु
(B) रक्त वाहिकाओं की प्रचुर आपूर्ति हेतु
(C) हार्मोन स्त्रावण हेतु
(D) निम्न दाब बनाए रखने हेतु
Ans: (A) मानव शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37°C होता है लेकिन शुक्राणु निर्माण (Spermatogenesis) के लिए इससे 2 से 3 डिग्री कम तापमान की आवश्यकता होती है। इसी कम तापमान को बनाए रखने के लिए वृषण (Testes) शरीर के बाहर वृषणकोश में स्थित होते हैं। सर्दियों में वृषणकोश सिकुड़ जाते हैं ताकि शरीर की गर्मी से तापमान संतुलित रहे। वृषण टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का भी उत्पादन करते हैं।
34. क्या वसा के पायसीकरण (Emulsification) में सहायता करता है?
(A) विटामिन k
(B) पित्त लवण
(C) HCL
(D) पेप्सिन
Ans: (B) पित्त लवण (Bile Salts) वसा के बड़े गोलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने का काम करते हैं जिसे पायसीकरण (Emulsification) कहा जाता है। यह प्रक्रिया वसा के पाचन के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इसके बाद ही लाइपेज एंजाइम वसा पर कार्य कर पाता है। पित्त रस का निर्माण यकृत (Liver) में होता है और यह पित्ताशय (Gallbladder) में जमा रहता है। पित्त रस में कोई भी एंजाइम नहीं होता लेकिन यह भोजन के माध्यम को क्षारीय बनाता है।
35. निम्नलिखित में से किस जंतु में मुँह के चारों ओर और स्पर्शकों पर दंशन पुटक स्थित होते हैं?
(A) एडैम्सिया
(B) नेरीस
(C) टीनिया
(D) एस्केरिस
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-I
Ans: (A) एडैम्सिया (Adamsia) जिसे समुद्री एनिमोन भी कहा जाता है सिलेंट्रेटा संघ का सदस्य है जिसमें दंशन पुटक (Cnidoblasts) पाए जाते हैं। ये दंशन कोशिकाएं स्पर्शकों (Tentacles) पर स्थित होती हैं और इनका उपयोग शिकार को लकवा मारने या आत्मरक्षा में किया जाता है। नेरीस एक एनेलिडा है और एस्केरिस एक नेमेटोड है जिनमें ये कोशिकाएं नहीं होतीं। टीनिया (फीताकृमि) एक परजीवी है जो प्लेटिहेल्मिंथिज संघ में आता है। सिलेंट्रेटा संघ का नाम इन दंशन कोशिकाओं (Cnidocytes) के कारण ही पड़ा है।
36. चपटे कृमि में पाई जाने वाली विशिष्ट कोशिकाओं के प्रकार की पहचान कीजिए, जो परासरण नियमन में सहायक हैं।
(A) स्टेम कोशिकाएँ
(B) ज्वाला कोशिकाएँ
(C) शुक्राणु कोशिकाएँ
(D) मध्य त्वचा
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-Y
Ans: (B) चपटे कृमि (Platyhelminthes) में परासरण नियमन (Osmoregulation) और उत्सर्जन के लिए विशिष्ट ज्वाला कोशिकाएं (Flame cells) पाई जाती हैं। इन कोशिकाओं के अंदर सिलिया (Cilia) का गुच्छा होता है जो जल और अपशिष्ट को बाहर धकेलता है जिससे यह जलती हुई लौ जैसा दिखता है। ये कोशिकाएं शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उच्च विकसित जंतुओं में यह कार्य वृक्क (Kidney) द्वारा किया जाता है। चपटे कृमि उभयलिंगी जीव होते हैं जिनका शरीर फीते जैसा चपटा होता है।
37. सी पेन (समुद्री पिच्छक) के वैज्ञानिक नाम की पहचान कीजिए।
(A) गोर्मोनिया
(B) पेनाटुला
(C) एडम्सिया
(D) ओबेलिया
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-Y
Ans: (B) सी पेन (समुद्री पिच्छक) का वैज्ञानिक नाम पेनाटुला (Pennatula) है क्योंकि इसकी आकृति पुराने जमाने के पंख वाले पेन जैसी होती है। यह सिलेंट्रेटा (Cnidaria) संघ का एक औपनिवेशिक जंतु है जो समुद्र के तल पर रहता है। गोर्मोनिया को सी फैन (Sea Fan) कहा जाता है और एडम्सिया को सी एनिमोन कहा जाता है। ओबेलिया को समुद्री फर (Sea Fur) के नाम से जाना जाता है। ये सभी जंतु अपने शरीर में दंशन कोशिकाओं का उपयोग करते हैं।
38. सिलिका कणिशिकाओं (silica spicules) की उपस्थिति के कारण स्पंज की किस जाति को आमतौर पर ग्लास स्पंज कहा जाता है?
(A) यूप्लेक्टेला (Euplectella)
(B) स्पंजिला (Spongilla)
(C) प्लैनेरिया (Planaria)
(D) कैल्केरिया (Calcarea)
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (A) यूप्लेक्टेला (Euplectella) को आमतौर पर ग्लास स्पंज (Glass Sponge) कहा जाता है क्योंकि इसका कंकाल सिलिका की बनी सूक्ष्म कणिशिकाओं (Silica spicules) का बना होता है। यह देखने में कांच की बुनावट जैसा सुंदर लगता है इसलिए इसे वीनस की फूलों की टोकरी (Venus flower basket) भी कहते हैं। स्पंजिला एक मीठे पानी का स्पंज है जो नदियों और झीलों में पाया जाता है। प्लैनेरिया एक चपटा कृमि है न कि स्पंज। यूप्लेक्टेला अक्सर जापान में शादी के उपहार के रूप में दिया जाता है क्योंकि यह शाश्वत प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
39. थायरॉक्सिन हार्मोन के संश्लेषण के लिए थाइरॉइड ग्रंथि को किस तत्व की आवश्यकता होती है?
(A) कैल्शियम
(B) सोडियम
(C) पोटैशियम
(D) आयोडीन
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) थायराइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन (Iodine) की आवश्यकता होती है। आयोडीन की कमी से घेंघा (Goitre) नामक रोग हो जाता है जिससे गर्दन फूल जाती है। थायरॉक्सिन हमारे शरीर के चयापचय (Metabolism) और कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व वसा के पाचन को नियंत्रित करता है। यह ग्रंथि गले में श्वास नली के दोनों ओर स्थित होती है और यह मानव शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी ग्रंथि है।
40. फलों और बीजों में निम्नलिखित में से किस पादप हार्मोन की उच्च सांद्रता होती है?
(A) औक्सिन
(B) जिबरेलिन
(C) एब्सिसिक अम्ल
(D) साइटोकिनिन
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (D) साइटोकिनिन (Cytokinin) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो कोशिका विभाजन (Cell Division) को बढ़ावा देता है, इसलिए यह फलों और बीजों में अधिक मात्रा में पाया जाता है। औक्सिन हार्मोन पौधों की लंबाई बढ़ाने और प्रकाश की ओर झुकने में मदद करता है। जिबरेलिन तने की वृद्धि और बीजों के अंकुरण में सहायक होता है। एब्सिसिक अम्ल को स्ट्रेस हार्मोन भी कहते हैं क्योंकि यह वृद्धि को रोकता है और पत्तियों के झड़ने के लिए जिम्मेदार है।
41. यदि थायरॉक्सिन का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है, तो कौन-सी फीडबैक प्रतिक्रिया होती है?
(A) पिट्यूटरी ग्रंथि थायराइड की सक्रियता कम करने के लिए TSH कम करती है
(B) ऊर्जा संतुलित करने के लिए GH बढ़ता है
(C) थायराइड अधिक थायरॉक्सिन का स्राव करता है
(D) एड्रेनालाईन चयापचय बढ़ाकर क्षतिपूर्ति करता है
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) जब रक्त में थायरॉक्सिन का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो शरीर इसे कम करने के लिए फीडबैक तंत्र का उपयोग करता है। इस प्रक्रिया में पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) थायराइड उत्तेजक हार्मोन (TSH) का स्राव कम कर देती है ताकि थायराइड ग्रंथि कम हार्मोन बनाए। यह प्रक्रिया शरीर में रसायनों का संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है जिसे होमियोस्टेसिस कहते हैं। हाइपोथैलेमस भी इस प्रक्रिया में TRH हार्मोन के माध्यम से नियंत्रण रखता है।
42. एक रोगी के रक्त में कैल्शियम का स्तर अधिक है, जबकि पैराथॉर्मोन का स्तर कम है। कौन-सा परिदृश्य इस स्थिति को सबसे अच्छी तरह समझाता है?
(A) जीएच की कमी हड्डियों में कैल्शियम कम करती है
(B) थायराइड अत्यधिक कैल्सीटोनिन छोड़ता है
(C) एड्रेनालाईन हड्डियों से कैल्शियम निकालकर रक्त में बढ़ाता है
(D) आहार में कैल्शियम अत्यधिक है, जो फीडबैक द्वारा पैराथॉर्मोन को रोकता है
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) रक्त में कैल्शियम का स्तर अधिक होने पर फीडबैक तंत्र के कारण पैराथायरायड ग्रंथि पैराथॉर्मोन (PTH) का स्राव कम कर देती है। यदि आहार में कैल्शियम की मात्रा बहुत अधिक है, तो रक्त में इसका स्तर बढ़ जाता है और शरीर अतिरिक्त हार्मोन बनाना बंद कर देता है। पैराथॉर्मोन का मुख्य कार्य हड्डियों से कैल्शियम निकालकर रक्त में लाना होता है। कैल्सीटोनिन हार्मोन इसके विपरीत कार्य करता है और रक्त से कैल्शियम को हड्डियों में भेजता है।
43. ... का शरीर कोशिका की दो परतों से बना होता है।
(A) सिलेंट्रेट
(B) नेमेटोडा
(C) एनेलिडा
(D) प्लेटिहेल्मिंथिज
Ans: (A) सिलेंट्रेट (Coelenterates) या निडारिया समूह के जंतुओं का शरीर कोशिकाओं की दो परतों से बना होता है जिसे द्विकोरिकी (Diploblastic) कहा जाता है। इन दो परतों में बाहरी परत को बाह्यत्वचा (Ectoderm) और आंतरिक परत को अंतस्त्वचा (Endoderm) कहते हैं। हाइड्रा और जेलीफिश इसी संघ के प्रमुख उदाहरण हैं। इनके शरीर में एक ही छिद्र होता है जो मुख और गुदा दोनों का कार्य करता है। इनमें स्पर्शक (Tentacles) पाए जाते हैं जो शिकार पकड़ने में मदद करते हैं।
44. निम्नलिखित जानवरों में से कौन सा ट्रिप्लोब्लाटिस्क नहीं है?
(A) जेलिफिश
(B) एस्केरिस
(C) केंचुआ
(D) प्लानारिया
Ans: (A) जेलीफिश सिलेंट्रेटा संघ का जीव है और यह द्विकोरिकी (Diploblastic) होता है न कि ट्रिप्लोब्लास्टिक (Triploblastic)। ट्रिप्लोब्लास्टिक वे जीव होते हैं जिनके भ्रूण में तीन परतें - एक्टोडर्म, मेसोडर्म और एंडोडर्म होती हैं। एस्केरिस, केंचुआ और प्लानारिया विकसित जीव हैं जिनमें ये तीनों परतें पाई जाती हैं। जेलीफिश के शरीर में मेसोडर्म परत का अभाव होता है। सिलेंट्रेटा संघ के जीवों में रेडियल समरूपता (Radial Symmetry) पाई जाती है।
45. कुछ जंतुओं, जैसे-घोंघे में जंतु अपना लिंग बदल सकते हैं। यह क्या व्यक्त करता है?
(A) लिंग आनुवंशिक रूप से निर्धारित नहीं होता है।
(B) लिंग किसी भी पर्यावरणीय कारक द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(C) लिंग का निर्धारण तापमान द्वारा होता है।
(D) लिंग का निर्धारण जीनों द्वारा होता है।
Ans: (A) घोंघे (Snails) जैसे कुछ जंतुओं में लिंग का निर्धारण आनुवंशिक रूप से नहीं होता है और वे अपना लिंग बदल सकते हैं। यह दर्शाता है कि इन जीवों में लिंग का निर्धारण जीनों द्वारा तय नहीं होता बल्कि बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है। मनुष्य और अधिकांश स्तनधारियों में लिंग का निर्धारण लिंग गुणसूत्रों (जैसे X और Y) द्वारा होता है। कुछ सरीसृपों में अंडों को सेने का तापमान (Temperature) यह तय करता है कि बच्चा नर होगा या मादा। प्रकृति में इस लचीलेपन को पर्यावरणीय लिंग निर्धारण कहा जाता है।
46. निम्नलिखित में से कौन सी कशेरुकियों की एक विशेषता नहीं है?
(A) उनके जीवन के एक स्तर पर पृष्ठरज्जु (नोटोकॉर्ड) का निर्माण होता है।
(B) वे असममित होते हैं।
(C) वे त्रिस्तरीय (ट्रिप्लोब्लास्टिक) होते हैं।
(D) वे सीलोमेट होते हैं।
Ans: (B) कशेरुकी (Vertebrates) जंतुओं की मुख्य विशेषता उनकी द्विपक्षीय समरूपता (Bilateral Symmetry) है न कि असमिति। असमिति का अर्थ है कि शरीर को दो बराबर भागों में नहीं बांटा जा सकता जबकि कशेरुकी जीव पूरी तरह संतुलित होते हैं। इनमें जीवन की किसी न किसी अवस्था में पृष्ठरज्जु (Notochord) जरूर पाई जाती है। ये सभी जीव त्रिस्तरीय (Triploblastic) होते हैं और इनमें वास्तविक देहगुहा (Coelom) पाई जाती है। कशेरुकियों में एक आंतरिक कंकाल और रीढ़ की हड्डी मौजूद होती है।
47. निम्नलिखित में से कौन सा तिलचट्टे तथा अन्य कीटों का उत्सर्जक अंग है?
(A) श्रृंगिक ग्रंथियां
(B) माल्पीघियन नलिकाएं
(C) नेफ्रीडिया
(D) श्वासनली
Ans: (B) तिलचट्टे (Cockroach) और अन्य कीटों में उत्सर्जन के लिए माल्पीघियन नलिकाएं (Malpighian Tubules) पाई जाती हैं। ये नलिकाएं आहार नाल के पिछले हिस्से में होती हैं और रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को सोख लेती हैं। केंचुए जैसे जंतुओं में उत्सर्जन के लिए नेफ्रीडिया (Nephridia) का उपयोग होता है। झींगा (Prawn) जैसे क्रस्टेशियाई जीवों में श्रृंगिक ग्रंथियां (Antennal glands) उत्सर्जी अंग होती हैं। कीटों का मुख्य उत्सर्जी पदार्थ यूरिक अम्ल होता है जो जल संरक्षण में मदद करता है।
48. मछलियों में रक्त परिसंचरण के संबंध में गलत कथन पहचानें।
(A) निलय से रक्त केवल क्लोमों (gills) में जाता है।
(B) क्लोमों (gills) से रक्त शरीर के बाकी हिस्सों में भेजा जाता है।
(C) दो-कक्षीय हृदय में दोहरा परिसंचरण होता है।
(D) शरीर से रक्त अलिंद में प्रवेश करता है।
Ans: (C) मछलियों के हृदय में केवल दो कक्ष (एक अलिंद और एक निलय) होते हैं और इनमें एकल परिसंचरण (Single Circulation) पाया जाता है न कि दोहरा। इनके हृदय से रक्त केवल क्लोमों (Gills) में जाता है जहां वह ऑक्सीजन प्राप्त करता है। ऑक्सीजन युक्त रक्त क्लोमों से सीधे शरीर के अन्य अंगों में भेज दिया जाता है। पूरे शरीर से अशुद्ध रक्त वापस हृदय के अलिंद में आता है। मनुष्य जैसे स्तनधारियों में चार कक्षीय हृदय होता है और दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) पाया जाता है।
49. मत्स्य वर्ग (पीसीज़) पूर्ण रूप से जलीय जंतु हैं। निम्नलिखित विकल्पों में से कौन सी उनकी एक विशेषता नही है?
(A) उनकी त्वचा शल्कों से ढकी होती है।
(B) ये उष्ण रक्त वाले जीव होते हैं।
(C) उनके हृदयों में केवल दो प्रकोष्ठ होते हैं।
(D) ये अपने गलफड़ों का उपयोग करके पानी में घुलित ऑक्सीजन प्राप्त करते हैं।
Ans: (B) मछलियां (Pisces) शीत रक्त वाले (Cold-blooded या Poikilothermic) जीव होते हैं न कि उष्ण रक्त वाले। शीत रक्त वाले जीवों का शरीर का तापमान वातावरण के अनुसार बदलता रहता है। मछलियों का शरीर शल्कों (Scales) से ढका होता है जो उनकी सुरक्षा करते हैं। ये पानी में घुली ऑक्सीजन को लेने के लिए गलफड़ों (Gills) का उपयोग करती हैं। इनके हृदय में केवल दो प्रकोष्ठ (Chambers) होते हैं। स्तनधारी और पक्षी उष्ण रक्त वाले (Warm-blooded) जीव होते हैं।
50. अकशेरूकीय में शामिल नहीं हैं।
(A) मोलस्क
(B) मकड़ी
(C) सरीसृप
(D) कीड़े
Ans: (C) सरीसृप (Reptiles) कशेरुकी (Vertebrates) वर्ग के अंतर्गत आते हैं क्योंकि इनमें रीढ़ की हड्डी पाई जाती है। अकशेरूकीय (Invertebrates) वे जीव हैं जिनमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती जैसे मोलस्क, मकड़ी और कीड़े। अकशेरूकीय जीवों में कंकाल तंत्र या तो बाहर (Exoskeleton) होता है या बिल्कुल नहीं होता। पृथ्वी पर पाए जाने वाले लगभग 95% से अधिक जंतु अकशेरूकीय श्रेणी में ही आते हैं। सरीसृपों के उदाहरणों में सांप, छिपकली और मगरमच्छ शामिल हैं जो कशेरुकी हैं।
51. प्राणी कोशिकाओं में उपकला यांत्रिक सहायता प्रदान करने के लिए गुर्दे की आंतरिक परत बनाता है।
(A) ग्रंथिक
(B) घनाकार
(C) स्तंभकार
(D) शल्की (स्कैमस)
Ans: (B) घनाकार उपकला (Cuboidal Epithelium) की कोशिकाएं घन के आकार की होती हैं और यह गुर्दे की नलिकाओं (Nephrons) की आंतरिक परत बनाती है। यह उपकला अंगों को यांत्रिक सहायता (Mechanical Support) प्रदान करने के साथ-साथ अवशोषण और स्राव में भी मदद करती है। शल्की (Squamous) उपकला फेफड़ों की वायुकोशिका में पाई जाती है जहां गैसों का विनिमय होता है। स्तंभकार (Columnar) उपकला आंतों की आंतरिक परत बनाती है। उपकला ऊतक शरीर के बाहरी आवरण और आंतरिक अंगों की सुरक्षा का कार्य करते हैं।
52. जन्तु वर्गीकरण का पदानुक्रम है:
(A) संघ, वर्ग, गण, परिवार, वंश, प्रजाति
(B) संघ, गण, परिवार, वर्ग, वंश, प्रजाति
(C) संघ, वर्ग, परिवार, गण, प्रजाति, वंश
(D) संघ, वर्ग, परिवार, गण, वंश, प्रजाति
Ans: (A) जन्तु वर्गीकरण का सही पदानुक्रम संघ (Phylum) से शुरू होकर जाति (Species) तक जाता है: संघ, वर्ग, गण, परिवार, वंश, प्रजाति। इस क्रम को याद रखने के लिए व्यापक स्तर से सूक्ष्म स्तर की ओर बढ़ा जाता है। संघ सबसे बड़ा समूह है जिसमें कई वर्ग शामिल होते हैं। परिवार (Family) कई संबंधित वंशों (Genus) का समूह होता है। प्रजाति या जाति वर्गीकरण की सबसे निचली और विशिष्ट इकाई है। पौधों के वर्गीकरण में संघ (Phylum) के स्थान पर प्रभाग (Division) शब्द का उपयोग किया जाता है।
53. टैकिग्लोसस के बीच की एक संयोजक कड़ी है।
(A) उभयचरों और सरीसृपों
(B) पक्षियों और स्तनधारियों
(C) सरीसृपों और पक्षियों
(D) सरीसृपों और स्तनधारियों
Ans: (D) टैकिग्लोसस (Tachyglossus) जिसे स्पाइनी एंटीईटर (Echidna) भी कहा जाता है सरीसृपों और स्तनधारियों के बीच की एक संयोजक कड़ी है। यह सरीसृपों की तरह अंडे देता है लेकिन स्तनधारियों की तरह इसमें स्तन ग्रंथियां और शरीर पर बाल पाए जाते हैं। संयोजक कड़ियां उन जीवों को कहते हैं जिनमें दो अलग-अलग समूहों के लक्षण पाए जाते हैं। आर्कियोप्टेरिक्स सरीसृपों और पक्षियों के बीच की एक प्रसिद्ध संयोजक कड़ी है। डक-बिल्ड प्लैटिपस भी सरीसृपों और स्तनधारियों के बीच की एक कड़ी माना जाता है।
54. जीवों के वर्गीकरण का कौन सा स्तर परिवार और प्रजाति के बीच आता है?
(A) वंश
(B) संघ
(C) क्रम
(D) वर्ग
Ans: (A) वर्गीकरण के पदानुक्रम में वंश (Genus) वह स्तर है जो परिवार (Family) और प्रजाति (Species) के बीच आता है। किसी भी जीव के वैज्ञानिक नाम में पहला शब्द उसके वंश को और दूसरा शब्द उसकी प्रजाति को दर्शाता है। उदाहरण के लिए मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स (Homo sapiens) है जिसमें होमो वंश और सेपियन्स प्रजाति है। परिवार (Family) में कई संबंधित वंश शामिल होते हैं। यह वर्गीकरण प्रणाली जीवों के बीच संबंधों को समझने में मदद करती है।
55. जल संवहनी प्रणाली में पाई जाती है:
(A) समुद्री-खीरा
(B) समुद्रीफूल (समुद्री-एनिमोन)
(C) समुद्री-पिच्छक (समुद्री-पेन)
(D) अश्वमीन
Ans: (A) जल संवहनी प्रणाली (Water Vascular System) इकाइनोडर्मेटा (Echinodermata) संघ के जीवों की एक विशिष्ट विशेषता है और समुद्री-खीरा (Sea Cucumber) इसी संघ का सदस्य है। यह प्रणाली श्वसन, भोजन पकड़ने और चलन (Locomotion) में मदद करती है। समुद्री एनिमोन सिलेंट्रेटा संघ का जीव है और इसमें यह प्रणाली नहीं पाई जाती। इकाइनोडर्मेटा के जीवों की त्वचा कांटों वाली होती है और ये केवल समुद्री जल में पाए जाते हैं। स्टारफिश (तारा मछली) भी जल संवहनी प्रणाली का एक प्रमुख उदाहरण है।
56. निम्नलिखित में से कौन चूर्णप्रावार (मोलस्का) संघ से संबंधित नहीं है?
(A) घोंघा
(B) एंटेडॉन
(C) ऑक्टोपस
(D) कैटन
Ans: (B) एंटेडॉन (Antedon) जिसे समुद्री लिली (Sea Lily) भी कहा जाता है इकाइनोडर्मेटा संघ का सदस्य है न कि मोलस्का (Mollusca) का। मोलस्का संघ में घोंघा, ऑक्टोपस, सीप और कैटन जैसे कोमल शरीर वाले जीव शामिल होते हैं। मोलस्का संघ के जीवों का शरीर अक्सर एक कठोर कैल्शियम कार्बोनेट के कवच से ढका होता है। ऑक्टोपस को डेविल फिश भी कहा जाता है क्योंकि इसकी आठ भुजाएं होती हैं। मोलस्का जंतु जगत का दूसरा सबसे बड़ा संघ है।
57. ग्रेव रोग (Exophthalmic Goitre) किसके अति स्त्राव के कारण होता है?
(A) थायराइड हार्मोन
(B) परथोर्मोन
(C) एल्डोस्टेरोन
(D) टेस्टोस्टेरोन
Ans: (A) ग्रेव रोग (Graves Disease) थायराइड हार्मोन के अति स्राव के कारण होने वाला एक ऑटोइम्यून विकार है। इस बीमारी में व्यक्ति की आंखें उभरी हुई दिखाई देती हैं जिसे एक्सोफ्थैल्मिक गॉइटर कहते हैं। इसके कारण वजन कम होना, पसीना आना और हाथ-पैर कांपना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह मुख्य रूप से आयोडीन की अधिकता या शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के भ्रमित होने से होता है।
58. इंसुलिन की खोज के लिए किसको नोबेल पुरस्कार मिला?
(A) फ्रेडरिक बैटिंग
(B) जेम्स कोलीप
(C) गई ई. अब्राहम
(D) विलियम ऑस्लर
Ans: (A) इंसुलिन की खोज के लिए फ्रेडरिक बैंटिंग और जे.जे.आर. मैकलियोड को 1923 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। इंसुलिन पहला हार्मोन था जिसे प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से बनाया गया था। इसकी मदद से लाखों मधुमेह रोगियों का इलाज संभव हो सका है। इंसुलिन की संरचना का निर्धारण करने के लिए फ्रेडरिक सेंगर को भी नोबेल पुरस्कार मिला था।
59. ए.डी.एच. (ADH) का पूरा नाम क्या है?
(A) एंटी-डाईयुरेटिक हार्मोन
(B) एसिडिक डाईयुरेटिक हार्मोन
(C) एधेसिव डाइयुरेटिक हार्मोन
(D) एधेसिव डबल हार्मोन
Ans: (A) ADH का पूरा नाम एंटी-डाईयुरेटिक हार्मोन (Anti-Diuretic Hormone) है जिसे वेसोप्रेसिन भी कहते हैं। यह हार्मोन गुर्दे (Kidneys) को पेशाब के माध्यम से कम पानी निकालने का निर्देश देता है जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती। इसकी कमी होने पर व्यक्ति को बार-बार पेशाब आता है जिसे डायबिटीज इन्सिपिड्स (Diabetes Insipidus) कहते हैं। शराब के सेवन से इस हार्मोन का स्राव कम हो जाता है जिससे डिहाइड्रेशन होता है।
60. मनुष्य की वह ग्रंथि जो एन्जाइम और हार्मोन दोनों स्त्रावित करती हैः
(A) यकृत
(B) अग्न्याशय/पाचक-ग्रंथि
(C) लार ग्रंथि
(D) पीयूष ग्रंथि
Ans: (B) अग्न्याशय (Pancreas) को मिश्रित ग्रंथि (Mixed Gland) कहा जाता है क्योंकि यह हार्मोन (इंसुलिन, ग्लूकागन) और एंजाइम (ट्रिप्सिन, एमाइलेज) दोनों का स्राव करती है। यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है लेकिन यह कोई हार्मोन नहीं बनाती। लार ग्रंथियां और पीयूष ग्रंथि क्रमशः केवल एंजाइम और केवल हार्मोन स्रावित करती हैं। अग्न्याशय का बाह्यस्रावी भाग अग्न्याशयी रस बनाता है जो भोजन के पाचन में सहायक है।
61. अस्थि मज्जा में मौजूद कौन-सा हार्मोन RBC उत्पादन को बढ़ावा देता है?
(A) सिरोटोनिन
(B) सोमेटोस्टेटिन
(C) एरिथ्रोपोइटिन
(D) कोलेसिस्टोकाइनिन
Ans: (C) एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) मुख्य रूप से गुर्दे (Kidneys) द्वारा बनाया जाने वाला हार्मोन है जो अस्थि मज्जा को लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के उत्पादन के लिए प्रेरित करता है। जब रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, तो गुर्दे इस हार्मोन को छोड़ते हैं। RBC का निर्माण मुख्य रूप से बड़ी हड्डियों की लाल अस्थि मज्जा (Red Bone Marrow) में होता है। RBC का जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है।
62. निम्नलिखित का सही मिलान करें:

i. हेक्सापोडा (Hexapoda)a. डेफनिया (Daphnia)
ii. क्रस्टेशिया (Crustacea)b. मच्छर (Mosquito)
iii. मिरियापोडा (Myriapoda)c. लिमुलस (Limulus)
iv. चेलीसेराटा (Chelicerata)d. जूलस (Julus)
(A) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
(B) i-b, ii-c, iii-a, iv-d
(C) i-b, ii-a, iii-d, iv-c
(D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (C) आर्थोपोडा संघ के विभिन्न वर्गों का सही मिलान इस प्रकार है: हेक्सापोडा (Hexapoda) में मच्छर (Mosquito) आता है क्योंकि इसमें छह पैर होते हैं। क्रस्टेशिया (Crustacea) वर्ग में डाफनिया (Daphnia) शामिल है। मिरियापोडा (Myriapoda) में जूलस (Julus) आता है जिसके शरीर में बहुत सारे खंड और पैर होते हैं। चेलीसेराटा (Chelicerata) में लिमुलस (Limulus) या किंग क्रैब आता है। आर्थोपोडा जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ है जिसमें संयुक्त पैर (Jointed legs) पाए जाते हैं।
63. संगठन के ग्रेड और उसके उदाहरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सी जोड़ी गलत है?
(A) कोशिकीय स्तर का संगठन (Cellular grade) - साइकॉन
(B) ऊतक-अंग स्तर का संगठन (Tissue-organ grade) - यूप्लेक्टेला
(C) कोशिका-ऊतक स्तर का संगठन (Cell-tissue grade) - जेलीफ़िश
(D) जीवद्रव्य स्तर का संगठन (Protoplasmic grade) - पैरामीशियम
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (B) संगठन के स्तरों में यूप्लेक्टेला (Euplectella) में कोशिकीय ग्रेड (Cellular Grade) संगठन पाया जाता है न कि ऊतक अंग ग्रेड। यूप्लेक्टेला पोरिफेरा (Sponges) संघ का जीव है जहाँ कोशिकाएं अलग-अलग कार्य करती हैं पर ऊतक नहीं बनातीं। जेलीफिश में कोशिका-ऊतक ग्रेड संगठन होता है जहाँ कोशिकाएं मिलकर विशिष्ट कार्य करती हैं। पैरामीशियम एककोशिकीय जीव है इसलिए इसमें प्रोटोप्लाज्मिक ग्रेड संगठन पाया जाता है। अंग स्तर का संगठन सबसे पहले प्लेटिहेल्मिंथिज (Platyhelminthes) में देखा गया था।
64. कौन सा जानवर अपने जीवन काल के दौरान अपना लिंग बदल सकता है?
(A) नेरीस
(B) मनुष्य
(C) घोंघा (Snail)
(D) एस्केरिस
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (C) घोंघा (Snail) एक ऐसा जीव है जो अपने जीवन काल के दौरान लिंग परिवर्तन करने की क्षमता रखता है। यह प्रक्रिया अक्सर उनकी प्रजनन सफलता को बढ़ाने या आबादी के संतुलन को बनाए रखने के लिए होती है। नेरीस और एस्केरिस जैसे जीवों में लिंग आमतौर पर निश्चित और अलग-अलग होते हैं। मनुष्यों में लिंग निर्धारण पूरी तरह से आनुवंशिक (XY गुणसूत्र प्रणाली) होता है। घोंघे मोलस्का संघ के अंतर्गत आते हैं और इनके शरीर पर कैल्शियम का कवच होता है।
65. सैलामेंडर और छिपकली के बीच मुख्य अंतर:
(A) त्वचा पर शल्क (Scales)
(B) अनियततापी
(C) तीन कक्षीय हृदय
(D) अंडज
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) सैलामेंडर एक उभयचर (Amphibian) है जबकि छिपकली एक सरीसृप (Reptile) है और इनके बीच मुख्य अंतर त्वचा पर शल्क (Scales) की उपस्थिति है। छिपकलियों की त्वचा सूखी और शल्कदार होती है जबकि सैलामेंडर की त्वचा नम और बिना शल्क वाली होती है। दोनों ही जीव अनियततापी (Cold-blooded) होते हैं और दोनों में ही तीन कक्षीय हृदय पाया जाता है। छिपकलियां जमीन पर अंडे देती हैं जबकि अधिकांश सैलामेंडर पानी में अंडे देते हैं। उभयचर जल और थल दोनों जगह रह सकते हैं।
66. निम्नलिखित का सही मिलान करें:
i. कटल फिश (Cuttle Fish)a. सिलुरिफोर्मेस (Siluriformes)
ii. सिल्वर फिश (Silver fish)b. मोबुला (Mobula)
iii. डेविल फिश (Devil fish)c. सेपिया (Sepia)
iv. कैट फिश (Cat fish)d. लेपिस्मा (Lepisma)
(A) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(B) i-c, ii-d, iii-a, iv-b
(C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a
(D) i-c, ii-a, iii-b, iv-d
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (C) दिए गए जीवों के वैज्ञानिक या श्रेणीबद्ध नाम इस प्रकार हैं: कटल फिश का संबंध सेपिया (Sepia) से है जो एक मोलस्क है। सिल्वर फिश लेपिस्मा (Lepisma) है जो वास्तव में एक कीट है न कि मछली। डेविल फिश यहाँ मोबुला (Mobula) से संबंधित है हालांकि ऑक्टोपस को भी सामान्यतः डेविल फिश कहते हैं। कैट फिश सिलुरिफोर्मेस (Siluriformes) गण के अंतर्गत आती है। याद रखें कि सिल्वर फिश और कटल फिश वास्तविक मछलियां नहीं हैं।
67. डेंटलियम (Dentalium) को सामान्यतः किस नाम से जाना जाता है?
(A) टस्क शेल (Tusk shells)
(B) हार्ट क्लैम
(C) डक मसल
(D) हेड फुट
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) डेंटलियम (Dentalium) को इसके हाथी के दांत जैसे आकार के कारण सामान्यतः टस्क शेल (Tusk shells) कहा जाता है। यह मोलस्का संघ के स्कैफोपोडा (Scaphopoda) वर्ग का सदस्य है जो समुद्र की रेत में दबे हुए पाए जाते हैं। इनका कवच दोनों सिरों पर खुला होता है और बेलनाकार होता है। ये जीव सूक्ष्म जीवों को खाने के लिए अपने विशेष स्पर्शकों का उपयोग करते हैं। ऐतिहासिक रूप से कुछ संस्कृतियों में इन कवचों का उपयोग मुद्रा के रूप में भी किया जाता था।
68. कोएनोसाइट के अन्य नाम की पहचान कीजिए।
(A) स्टेम कोशिकाएँ
(B) शुक्राणु कोशिकाएँ
(C) कॉलर कोशिकाएँ
(D) ज्वाला कोशिकाएँ
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-Y
Ans: (C) कोएनोसाइट (Choanocyte) को कॉलर कोशिकाएं (Collar cells) भी कहा जाता है जो स्पंज (Porifera) के शरीर की आंतरिक गुहा को ढंकती हैं। इन कोशिकाओं में एक फ्लैगेलम (Flagellum) होता है जो पानी की धारा पैदा करता है जिससे भोजन और ऑक्सीजन अंदर आते हैं। ये कोशिकाएं भोजन के कणों को पकड़ने और पचाने का कार्य भी करती हैं। पोरिफेरा संघ के जीवों में जल परिवहन तंत्र (Water Transport System) पाया जाता है। ज्वाला कोशिकाएं चपटे कृमियों में पाई जाती हैं न कि स्पंज में।
69. अरेक्नीड्स, संघ आर्थोपोडा के किस उपसंघ से संबंधित हैं?
(A) मिरियापोडा
(B) क्रस्टेसिया
(C) हेक्सापोडा
(D) चेलीसेराटा
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (D) अरेक्नीड्स (Arachnids) जिसमें मकड़ियां और बिच्छू शामिल हैं आर्थोपोडा संघ के चेलीसेराटा (Chelicerata) उपसंघ से संबंधित हैं। इन जीवों की मुख्य विशेषता यह है कि इनमें पंख नहीं होते और इनके आठ पैर होते हैं। हेक्सापोडा उपसंघ में छह पैरों वाले कीट (जैसे मक्खी, मच्छर) आते हैं। क्रस्टेसिया में केकड़े और झींगे शामिल होते हैं जो मुख्य रूप से जलीय होते हैं। मिरियापोडा में कनखजूरा (Centipede) जैसे जीव आते हैं जिनके शरीर में कई खंड होते हैं।
1. Cell
1. किस कोशिका का आकार बदलता रहता है?
(A) अंडाणु
(B) चिकनी पेशी
(C) अमीबा
(D) तंत्रिका कोशिका
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (C) अमीबा एक एककोशिकीय जीव है जो अपने कूटपाद यानी स्यूडोपोडिया की मदद से लगातार अपना आकार बदलता रहता है ताकि वह भोजन पकड़ सके और चल सके। परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि मानव शरीर की कौन सी कोशिका अमीबा की तरह आकार बदल सकती है तो उसका सही उत्तर श्वेत रक्त कोशिका यानी डब्ल्यूबीसी होता है। यह लचीलापन इन कोशिकाओं को संकीर्ण रक्त वाहिकाओं से गुजरने और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
2. मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका है
(A) पेशी
(B) यकृत
(C) तंत्रिका
(D) रक्त
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (C) तंत्रिका कोशिका जिसे न्यूरॉन भी कहा जाता है मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका होती है जिसकी लंबाई एक मीटर तक भी हो सकती है। इसका मुख्य कार्य शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक विद्युत संकेतों के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान करना है। रेलवे और एसएससी परीक्षाओं में बार बार पूछा जाता है कि तंत्रिका तंत्र की कार्यात्मक इकाई क्या है तो उसका सही उत्तर न्यूरॉन होता है।
3. निम्नलिखित में से किस कोशिकीय घटक को कोशिका के प्रोटीन के कारखाने के रूप में जाना जाता है?
(A) राइबोसोम
(B) गॉल्जीकॉय
(C) माइटोकॉन्ड्रिया
(D) हरित लवक
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) राइबोसोम को कोशिका का प्रोटीन कारखाना कहा जाता है क्योंकि यह अमीनो एसिड की सहायता से प्रोटीन संश्लेषण का मुख्य केंद्र होता है। परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि राइबोसोम किसके बने होते हैं तो इसका सही उत्तर आरएनए और प्रोटीन है। यह कोशिका का सबसे छोटा कोशिकांग है जो प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक दोनों प्रकार की कोशिकाओं में पाया जाता है।
1. Nature & Composition of Matter
1. कैल्शियम कार्बोनेट के थर्मल अपघटन द्वारा मुक्त गैस की पहचान करें।
(A) $CO_{2}$
(B) $O_{2}$
(C) $O_{3}$
(D) CO
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) कैल्शियम कार्बोनेट को जब गर्म किया जाता है तो उसका थर्मल अपघटन होता है। इस प्रक्रिया में कैल्शियम कार्बोनेट टूटकर कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। कार्बन डाइऑक्साइड एक रंगहीन गैस है, जो चूने के पानी को दूधिया बना देती है, इसी से इसकी पहचान की जाती है। इसलिए कैल्शियम कार्बोनेट के थर्मल अपघटन पर जो गैस मुक्त होती है, वह कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) होती है।
2. टिंडल प्रभाव तब देखा जाता है जब:
(A) प्रकाश कांच पर अपवर्तित होता है
(B) प्रकाश एक कोलाइड से गुजरता है
(C) प्रकाश स्लिट पर विवर्तित होता है
(D) प्रकाश दर्पण से परावर्तित होता है
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) तब देखा जाता है जब प्रकाश किसी कोलाइडी विलयन (Colloidal Solution) से होकर गुजरता है। कोलाइडी कण प्रकाश की किरणों को प्रकीर्णित (Scatter) कर देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देने लगता है। उदाहरण: घने जंगल में सूर्य की किरणों का दिखना।
3. अभी तक वैज्ञानिकों द्वारा पदार्थ की कितनी अवस्थाएं तय की गयी हैं?
(A) 2
(B) 5
(C) 4
(D) 3
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) वर्तमान में वैज्ञानिकों द्वारा पदार्थ की 5 अवस्थाएं तय की गई हैं: 1. ठोस (Solid), 2. द्रव (Liquid), 3. गैस (Gas), 4. प्लाज्मा (Plasma), और 5. बोस-आइंस्टीन कंडनसेट (BEC)। प्लाज्मा अत्यधिक ऊर्जा वाले कण होते हैं, जबकि BEC अत्यधिक कम तापमान पर बनते हैं।
4. एक शुद्ध पदार्थ है-
(A) चीनी का घोल
(B) मीथेन
(C) दूध
(D) वायु
RRB Group-D | 24-09-2018 | Shift-I
Ans: (B) मीथेन ($CH_4$) एक यौगिक (Compound) है और यौगिकों को शुद्ध पदार्थ माना जाता है क्योंकि इनका रासायनिक संगठन निश्चित होता है। चीनी का घोल, दूध और वायु मिश्रण (Mixture) के उदाहरण हैं, जो शुद्ध पदार्थ नहीं होते।
5. सामान्य पदार्थों के भौतिक अवस्था में शामिल नहीं है पदार्थ।
(A) कोलाइड
(B) गैसीय
(C) तरल
(D) मिट्टी
RRB NTPC | 17.01.2017 | Shift-II Stage It
Ans: (A) पदार्थ की मूल भौतिक अवस्थाएं ठोस, द्रव और गैस हैं। कोलाइड (Colloid) पदार्थ की कोई अवस्था नहीं है, बल्कि यह एक प्रकार का विषमांगी मिश्रण है जिसमें कणों का आकार वास्तविक विलयन और निलंबन के बीच होता है।
6. निम्नलिखित वैज्ञानिकों में से किसने स्थिर अनुपात के नियम को प्रतिपादित किया था?
(A) एंटोयन लेवोयजीयर
(B) जोसेफ प्रोउस्ट
(C) रॉबर्ट बॉयल
(D) जैक्स चार्ल्स
RRB ALP & Tec. | 30-08-18 | Shift-II
Ans: (B) स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions) जोसेफ प्रोउस्ट (Joseph Proust) द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं। एंटोयन लेवोयजीयर को रसायन विज्ञान का जनक माना जाता है।
7. निश्चित अनुपात का नियम किसके द्वारा दिया गया था?
(A) जॉन डाल्टन
(B) जोसेफ एल प्राउस्ट
(C) एंटोयन लेवोयजीयर
(D) जोन्स जैकब बर्जेलियस
RRB JE | 31.05.2019 | Shift-IV
Ans: (B) निश्चित अनुपात का नियम (Law of Definite Proportions) जोसेफ एल प्राउस्ट ने दिया था। जॉन डाल्टन ने परमाणु सिद्धांत दिया, और लेवोयजीयर ने द्रव्यमान संरक्षण का नियम दिया। बर्जेलियस ने तत्वों के प्रतीकों (Symbols) की प्रणाली दी थी।
8. एक को किसी के हिस्से या एक यौगिक के उस अंश के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो स्वतंत्र अस्तित्व में सक्षम है और उस तत्व के सभी गुणों को दिखाता है।
(A) अणु, तत्व, सबसे छोटा
(B) अणु, तत्व, सबसे बड़े
(C) अणु, द्रव्यमान, सबसे छोटे
(D) इलेक्ट्रॉन, तत्व, सबसे छोटे
RRB Group-D | 13-12-2018 | Shift-II
Ans: (A) अणु (Molecule) किसी तत्व या यौगिक का वह सबसे छोटा कण है जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है और उस पदार्थ के सभी रासायनिक गुणों को प्रदर्शित करता है। परमाणु (Atom) स्वतंत्र रह भी सकता है और नहीं भी।
1. Plant Kingdom
1. पौधों को पाँच समूहों में बांटा जाता है। इनमें से कौन सा एक नहीं है?
(A) टेरिडोफाइटा
(B) ब्रायोफाइटा
(C) प्रोटोकॉर्डेटा
(D) जिम्नोस्पर्म
RRB NTPC Stage Ist | 10.01.2021 | Shift-II
Ans: (C) पादप जगत को मुख्य रूप से पाँच समूहों में बांटा गया है: थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म। $Protochordata$ (प्रोटोकॉर्डेटा) जंतु जगत के संघ कॉर्डेटा का एक उपसंघ है, न कि पादप समूह। पादपों का यह वर्गीकरण उनकी शारीरिक संरचना और बीज धारण करने की क्षमता पर आधारित है।
1. Environment
1. निम्न में से कौन से पहले पोषी स्तर पर होते हैं?
(A) तृतीयक उपभोक्ता
(B) द्वितीयक उपभोक्ता
(C) प्राथमिक उपभोक्ता
(D) उत्पादक
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-III
Ans: (d) पारिस्थितिकी तंत्र में आहार श्रृंखला (Food Chain) के विभिन्न स्तरों को पोषी स्तर कहा जाता है। पहले पोषी स्तर पर हमेशा "उत्पादक" (जैसे हरे पौधे) होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं। द्वितीय पोषी स्तर पर प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी) और तृतीय स्तर पर द्वितीयक उपभोक्ता (मांसाहारी) आते हैं। चूँकि उत्पादक ही संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ऊर्जा का आधार बनते हैं, इसलिए उन्हें प्रथम स्थान दिया गया है।
2. इनमें से कौन सा एक कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र है, जो मानव निर्मित है?
(A) वन
(B) झील
(C) तालाब
(D) फसली खेत
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-II
Ans: (d) कृत्रिम या मानव निर्मित पारिस्थितिकी तंत्र वे होते हैं जिन्हें मनुष्यों द्वारा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बनाया और नियंत्रित किया जाता है। फसली खेत (Crop fields) इसका सबसे सटीक उदाहरण हैं, क्योंकि यहाँ पौधों का चयन और प्रबंधन मनुष्यों द्वारा किया जाता है। इसके विपरीत वन, झील और तालाब प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की श्रेणी में आते हैं, जो प्रकृति द्वारा स्वतः विकसित होते हैं। कृत्रिम तंत्रों में जैव विविधता अक्सर प्राकृतिक तंत्रों की तुलना में कम होती है और इन्हें रखरखाव की आवश्यकता होती है।
3. इनमें से कौन सा, पारिस्थितिकी तंत्र का एक अजैविक घटक है?
(A) मृदा
(B) सूक्ष्मजीव
(C) कवक
(D) कीट
RRB Group-D | 14/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र के दो मुख्य घटक होते हैं: जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic)। अजैविक घटकों के अंतर्गत निर्जीव तत्व आते हैं जैसे कि मृदा (मिट्टी), वायु, जल, प्रकाश और तापमान। मृदा पौधों को आधार और पोषक तत्व प्रदान करती है, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। वहीं सूक्ष्मजीव, कवक और कीट जैविक घटक हैं क्योंकि वे जीवित प्राणी हैं और पारिस्थितिकी तंत्र की प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
4. निम्नलिखित में से क्या पारिस्थितिक तंत्र का एक जैविक घटक नहीं है?
(A) मेंढक
(B) पुष्प
(C) मृदा
(D) कीट
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-I
Ans: (b) पारिस्थितिक तंत्र में "मृदा" (मिट्टी) एक अजैविक घटक है, न कि जैविक, क्योंकि यह निर्जीव भौतिक पदार्थों से बनी होती है। जैविक घटकों में वे सभी तत्व शामिल होते हैं जिनमें जीवन होता है, जैसे मेंढक, कीट और पुष्प (पौधों का हिस्सा)। मृदा खनिजों, कार्बनिक पदार्थों, गैसों और जल का मिश्रण होती है जो जीवन को सहारा देने के लिए मंच प्रदान करती है। इसलिए, पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए जैविक और अजैविक दोनों घटकों का परस्पर क्रिया करना अनिवार्य है।
5. नीचे दिए गए जीवों में से, शीर्ष शिकारी का चयन कीजिए।
(A) गरूड़
(B) चूहा
(C) टिड्डा
(D) अजगर
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) शीर्ष शिकारी (Top Predator) वे जीव होते हैं जो खाद्य श्रृंखला के उच्चतम स्तर पर स्थित होते हैं और जिनका कोई प्राकृतिक शिकारी नहीं होता। दिए गए विकल्पों में "गरूड़" एक शीर्ष शिकारी है क्योंकि यह सांप, चूहे और अन्य छोटे जीवों का शिकार करता है। टिड्डा एक प्राथमिक उपभोक्ता है, चूहा एक द्वितीयक उपभोक्ता हो सकता है, और अजगर भी शिकारी है लेकिन गरूड़ अक्सर इनका भी शिकार कर लेता है। पारिस्थितिकी तंत्र में शीर्ष शिकारी जनसंख्या को नियंत्रित करने और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
6. पृथ्वी ग्रह का वह क्षेत्र जहाँ जीवन मौजूद है, उसे क्या कहा जाता है?
(A) जैवमंडल
(B) गोलार्द्ध
(C) वायुमंडल
(D) हिममंडल
RRB NTPC Stage Ist | 28.12.2020 | Shift-II
Ans: (a) पृथ्वी का वह संकीर्ण क्षेत्र जहाँ स्थल (Lithosphere), जल (Hydrosphere) और वायु (Atmosphere) परस्पर मिलते हैं, जैवमंडल (Biosphere) कहलाता है। यही वह क्षेत्र है जहाँ जीवन के सभी रूप विद्यमान हैं और जीवित जीव एक-दूसरे के साथ परस्पर क्रिया करते हैं। जैवमंडल पृथ्वी की सतह से लेकर वायुमंडल के कुछ किलोमीटर ऊपर और समुद्र की गहराइयों तक फैला हुआ है। अन्य विकल्प जैसे हिममंडल केवल बर्फ को और वायुमंडल केवल हवा को दर्शाते हैं, जबकि जैवमंडल जीवन की संपूर्णता को दर्शाता है।
7. संरचनात्मक दृष्टिकोण से, सभी पारिस्थितिक तंत्रों में जैविक और अजैविक घटक शामिल होते हैं। निम्नलिखित में से कौन सा पारिस्थितिकी तंत्र का जैविक घटक है ?
(A) वायुमंडलीय आर्द्रता
(B) कार्बन डाईऑक्साइड
(C) तापमान
(D) हरे पौधे
RRB NTPC Stage Ist | 15.02.2021 | Shift-II
Ans: (d) संरचनात्मक रूप से, पारिस्थितिकी तंत्र में "हरे पौधे" जैविक घटक के अंतर्गत आते हैं क्योंकि वे जीवित उत्पादक हैं। ये पौधे सौर ऊर्जा का उपयोग करके प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं। अन्य विकल्प जैसे तापमान, वायुमंडलीय आर्द्रता और कार्बन डाईऑक्साइड अजैविक घटक हैं जो भौतिक वातावरण का निर्माण करते हैं। जैविक घटक (जीव) अपनी उत्तरजीविता के लिए इन्हीं अजैविक घटकों पर निर्भर रहते हैं, जिससे एक पूर्ण चक्र बनता है।
8. इनमें से कौन पारिस्थितिकी तंत्र का जैविक संघटक नहीं है?
(A) उपभोक्ता
(B) अपघटक
(C) प्रोड्यूसर
(D) जलवायु
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-09
Ans: (d) जलवायु (Climate) पारिस्थितिकी तंत्र का एक भौतिक या अजैविक संघटक है, क्योंकि इसमें निर्जीव कारक जैसे वर्षा और तापमान शामिल होते हैं। जैविक संघटकों में उत्पादक (जैसे पौधे), उपभोक्ता (जैसे पशु) और अपघटक (जैसे कवक और बैक्टीरिया) शामिल होते हैं। जलवायु की परिस्थितियाँ ही यह निर्धारित करती हैं कि किसी विशेष क्षेत्र में किस प्रकार के जैविक घटक जीवित रह पाएंगे। इसलिए, उपभोक्ता, अपघटक और प्रोड्यूसर सभी जीवन चक्र का हिस्सा हैं, जबकि जलवायु निर्जीव परिवेश का हिस्सा है।
9. साधारण पदार्थों से, स्वयं भोजन बनाने वाले जीवों को कहा जाता है।
(A) मृतपोषी
(B) स्वपोषी
(C) परपोषी
(D) प्राणिसमभोजी जीव
RRB NTPC Stage Ist | 05.03.2021 | Shift-I
Ans: (c) वे जीव जो सूर्य के प्रकाश, जल और कार्बन डाईऑक्साइड जैसे साधारण अजैविक पदार्थों का उपयोग कर स्वयं अपना भोजन बनाते हैं, "स्वपोषी" (Autotrophs) कहलाते हैं। हरे पौधे और कुछ विशिष्ट प्रकार के जीवाणु इस श्रेणी के सबसे प्रमुख उदाहरण हैं। स्वपोषी जीव पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत होते हैं क्योंकि वे ही अकार्बनिक को कार्बनिक ऊर्जा में बदलते हैं। अन्य जीव (परपोषी) अपने भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन्हीं स्वपोषी जीवों पर निर्भर रहते हैं।
10. उन पशुओं को क्या कहा जाता है, जो पौधों और पशुओं दोनों को खाते हैं?
(A) मांसाहारी
(B) शाकाहारी
(C) सर्वाहारी
(D) मांसाहारी, सर्वाहारी या शाकाहारी में से कुछ भी नहीं
RRB NTPC Stage Ist | 03.03.2021 | Shift-I
Ans: (c) सर्वाहारी (Omnivores) वे जीव होते हैं जो अपनी पोषण संबंधी आवश्यकताओं के लिए पौधों और मांस (अन्य पशुओं) दोनों का सेवन करते हैं। मनुष्य, भालू और कौआ सर्वाहारी जीवों के प्रमुख उदाहरण हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न स्तरों से भोजन प्राप्त करते हैं। मांसाहारी केवल मांस खाते हैं और शाकाहारी केवल पौधों का सेवन करते हैं, जबकि सर्वाहारी के पास भोजन के अधिक विकल्प होते हैं। यह लचीलापन उन्हें विभिन्न वातावरणों और खाद्य श्रृंखलाओं में आसानी से जीवित रहने और अनुकूलित होने में मदद करता है।
11. निम्नलिखित में से क्या जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ है?
(A) पॉलिथीन
(B) एल्युमिनियम केन
(C) कांच
(D) पौधे
RRB NTPC Stage Ist | 22.01.2021 | Shift-I
Ans: (d) वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया और कवक द्वारा प्राकृतिक प्रक्रिया से मिट्टी में अपघटित हो जाते हैं, जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable) कहलाते हैं। पौधे, फल, सब्जियां और कागज इसी श्रेणी में आते हैं क्योंकि ये पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना खाद में बदल जाते हैं। इसके विपरीत पॉलिथीन, कांच और एल्युमिनियम जैसे पदार्थ अजैवनिम्नीकरणीय होते हैं क्योंकि ये हजारों सालों तक नष्ट नहीं होते। अतः दिए गए विकल्पों में पौधे ही एकमात्र जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ हैं।
12. निम्नलिखित में से कौन सा अजैविक घटक नहीं है ?
(A) जल
(B) सूर्य प्रकाश
(C) मृदा
(D) हरा पौधा
RRB NTPC Stage Ist | 30.12.2020 | Shift-I
Ans: (d) पारिस्थितिकी तंत्र दो मुख्य घटकों से मिलकर बना होता है: जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic)। अजैविक घटकों में निर्जीव तत्व जैसे जल, मृदा, सूर्य का प्रकाश, हवा और तापमान शामिल होते हैं जो जीवन को सहारा देते हैं। जैविक घटकों में सभी जीवित प्राणी जैसे मनुष्य, पशु, पक्षी और पौधे आते हैं। चूंकि हरा पौधा एक सजीव प्राणी है और प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से अपना भोजन स्वयं बनाता है, इसलिए यह अजैविक नहीं बल्कि एक जैविक घटक है।
13. प्राथमिक उपभोक्ता कौन है?
(A) मुर्दाखोर (स्केवेंजर)
(B) मृतजीवी (सेप्रोफाइट)
(C) मांसाहारी
(D) शाकाहारी
RRB J.E. | 14.12.2014 | Yellow paper
Ans: (d) खाद्य श्रृंखला में वे जीव जो अपनी ऊर्जा की आवश्यकता के लिए सीधे तौर पर उत्पादकों यानी हरे पौधों का सेवन करते हैं, उन्हें प्राथमिक उपभोक्ता कहा जाता है। चूंकि पौधे अपना भोजन सूर्य के प्रकाश से स्वयं बनाते हैं, इसलिए उन्हें खाने वाले जीव अनिवार्य रूप से शाकाहारी (Herbivores) होते हैं। मांसाहारी जीव द्वितीयक या तृतीयक उपभोक्ता की श्रेणी में आते हैं क्योंकि वे अन्य जानवरों को खाते हैं। स्केवेंजर और मृतजीवी जीव मृत अवशेषों पर निर्भर रहते हैं, वे जीवित पौधों को प्राथमिक भोजन के रूप में नहीं लेते।
14. अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस किस तारीख को मनाया जाता है?
(A) 5 जून
(B) 22 मई
(C) 20 मई
(D) 15 मई
RRB JE | 31.05.2019 | Shift-I
Ans: (b) अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (International Biodiversity Day) प्रतिवर्ष 22 मई को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी पर मौजूद विभिन्न प्रकार के जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के महत्व को समझना और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2000 में इस तिथि को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था। प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने के लिए जैव विविधता को बचाना अनिवार्य है, क्योंकि हर जीव एक-दूसरे पर निर्भर है।
15. नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन सा विकल्प, आर्द्र भूमि (वेटलैंड) के संरक्षण और चिरस्थायी प्रयोग हेतु अन्तर्राष्ट्रीय संधि है?
(A) बॉन करार
(B) रॉटरडैम सम्मेलन
(C) एसपो सम्मेलन
(D) रामसर सम्मेलन
RRB NTPC | 18.04.2016 | Shift-III Stage It
Ans: (d) रामसर सम्मेलन (Ramsar Convention) आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण और उनके संसाधनों के सतत उपयोग के लिए की गई एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संधि है। यह संधि 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित की गई थी, इसलिए इसे इसी नाम से जाना जाता है। आर्द्रभूमियाँ बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण और प्रवासी पक्षियों के आवास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करती हैं। बॉन, रॉटरडैम और एसपो सम्मेलन अन्य विशिष्ट पर्यावरणीय समस्याओं से संबंधित हैं, वेटलैंड्स से नहीं।
16. विश्व वेटलैंड दिवस (Wetland day) हर साल फरवरी को मनाया जाता है-
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
RRB NTPC | 19.04.2016 | Shift-II Stage It
Ans: (a) विश्व वेटलैंड दिवस (World Wetland Day) हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में वेटलैंड्स संधि को अपनाया गया था। यह दिन दुनिया भर में आर्द्रभूमियों के महत्व के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। आर्द्रभूमियाँ न केवल पानी को साफ करती हैं बल्कि बड़ी संख्या में जीवों को आश्रय भी प्रदान करती हैं। हर साल इस दिन को एक विशेष विषय (Theme) के साथ मनाया जाता है ताकि इनके संरक्षण के प्रयासों को गति मिल सके।
17. UNEP का पूर्ण रूप क्या है?
(A) यूनाइटेड नेशंस एन्वायर्नमेंट प्लानिंग
(B) यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल प्रोग्राम
(C) यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल प्लानिंग
(D) यूनाइटेड नेशंस एन्वायर्नमेंट प्रोग्राम
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-III
Ans: (d) UNEP का पूर्ण रूप "यूनाइटेड नेशंस एन्वायर्नमेंट प्रोग्राम" (United Nations Environment Programme) है, जिसे हिंदी में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम कहा जाता है। इसकी स्थापना 5 जून 1972 को स्टॉकहोम सम्मेलन के दौरान हुई थी और इसका मुख्यालय नैरोबी, केन्या में स्थित है। यह संगठन वैश्विक स्तर पर पर्यावरण नीतियों को निर्धारित करता है और जलवायु परिवर्तन तथा प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने में मदद करता है। विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन भी इसी संस्था की देखरेख में किया जाता है।
18. विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का मेजबान देश कौन सा है?
(A) इंग्लैण्ड
(B) चीन
(C) पाकिस्तान
(D) भारत
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-II
Ans: (d) वर्ष 2018 में विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) की वैश्विक मेजबानी भारत को सौंपी गई थी। इस अवसर पर मुख्य समारोह नई दिल्ली में आयोजित किया गया था, जहाँ विश्व भर के पर्यावरण विशेषज्ञों ने भाग लिया था। 2018 के इस दिवस की थीम "Beat Plastic Pollution" (प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करें) रखी गई थी। भारत ने इस मेजबानी के माध्यम से एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता और पर्यावरणीय नेतृत्व को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया था।
19. रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Rio Earth Summit) किस वर्ष आयोजित किया गया था?
(A) 1991
(B) 1995
(C) 1996
(D) 1992
RRB NTPC Stage It | 26.04.2016 | Shift-III
Ans: (d) रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Rio Earth Summit) का आयोजन वर्ष 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो शहर में किया गया था। इसे आधिकारिक रूप से पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCED) के रूप में जाना जाता है, जिसमें 172 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सतत विकास के लिए एक नई रूपरेखा तैयार करना था ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना आर्थिक प्रगति की जा सके। इसी सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन (UNFCCC) और जैव विविधता पर वैश्विक संधियों की नींव पड़ी थी।
20. पृथ्वी शिखर सम्मेलन के रूप में किसे जाना जाता है?
(A) क्योटो प्रोटोकाल
(B) ब्रुन्डलैंड रिपोर्ट
(C) एजेंडा 21
(D) रियो शिखर सम्मेलन
RRB NTPC | 10.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (d) 1992 में ब्राजील में आयोजित "रियो शिखर सम्मेलन" को ही विश्व स्तर पर "पृथ्वी शिखर सम्मेलन" (Earth Summit) के नाम से जाना जाता है। इस सम्मेलन का मुख्य परिणाम "एजेंडा 21" था, जो 21वीं सदी के लिए सतत विकास की एक विस्तृत कार्य योजना थी। हालांकि एजेंडा 21 और जैव विविधता संधि इसके महत्वपूर्ण अंग थे, लेकिन व्यापक रूप से पूरे आयोजन को रियो या पृथ्वी शिखर सम्मेलन ही कहा गया। क्योटो प्रोटोकॉल और ब्रुन्डलैंड रिपोर्ट अलग-अलग समय पर आए अन्य पर्यावरणीय दस्तावेज हैं।
21. भारत की संसद द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम किस वर्ष में पारित किया गया था?
(A) 1988
(B) 1990
(C) 1991
(D) 1986
RRB NTPC | 28.12.2020 | Shift-I Stage Ist
Ans: (d) भारत की संसद ने 1986 में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम पारित किया था। यह अधिनियम 19 नवंबर 1986 को लागू हुआ। इस कानून का मुख्य उद्देश्य 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के बाद पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करना था। यह अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत पारित किया गया था ताकि पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों को प्रभावी बनाया जा सके।
22. सतत विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा गठित, WCED (जिसे बंटलैंड कमीशन भी कहा जाता है) का पूर्ण रूप क्या है ?
(A) वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायर मेंटल डेलीगेशन
(B) वर्ल्ड कमीशन ऑन एजुकेशनल डेवलपमेंट
(C) वर्ल्ड कमीशन ऑन इकोलॉजिकल डेवलपमेंट
(D) वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट
RRB NTPC | 09.02.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (d) WCED का पूर्ण रूप 'वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट' (World Commission on Environment and Development) है। इसे 1983 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित किया गया था और इसकी अध्यक्षता नॉर्वे की प्रधानमंत्री ग्रो हार्लेम ब्रंटलैंड ने की थी। इसी कारण इसे 'ब्रंटलैंड कमीशन' के नाम से भी जाना जाता है। इस कमीशन ने 1987 में अपनी प्रसिद्ध रिपोर्ट 'अवर कॉमन फ्यूचर' (Our Common Future) में सतत विकास (Sustainable Development) की परिभाषा दी थी।
23. क्योटो प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसका उद्देश्य को कम करना है।
(A) निर्वातक उत्सर्जन
(B) ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन
(C) रेडियोधर्मी उत्सर्जन
(D) इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन
RRB NTPC | 29.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (b) क्योटो प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका मुख्य उद्देश्य वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों (GHGs) के उत्सर्जन को कम करना है। यह ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से लड़ने की एक वैश्विक कोशिश है। इसे 11 दिसंबर 1997 को अपनाया गया था और यह 16 फरवरी 2005 को प्रभावी हुआ था। यह संधि मुख्य रूप से विकसित देशों पर कार्बन उत्सर्जन कम करने का कानूनी दायित्व डालती है।
24. बहुत सारे देश क्योटो प्रोटोकाल का अनुसरण कर रहे हैं, जो उन्हें कार्बन उत्सर्जन की मात्रा में कटौती करने को बाध्य करता है। यह प्रोटोकाल कहाँ पर निर्धारित हुआ था ?
(A) क्योटो, जापान
(B) जेनेवा, स्विटजरलैण्ड
(C) न्यूयार्क, अमेरिका
(D) पेरिस फ्रांस
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08
Ans: (a) क्योटो प्रोटोकॉल को जापान के क्योटो शहर में 11 दिसंबर 1997 को आयोजित एक सम्मेलन के दौरान अपनाया गया था। यह जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) के तहत एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है। इस प्रोटोकॉल का उद्देश्य औद्योगिक देशों द्वारा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित करना था। जापान का क्योटो शहर इस ऐतिहासिक संधि की मेजबानी के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध हुआ।
25. क्योटो जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कब आयोजित किया गया?
(A) दिसम्बर 1994
(B) दिसम्बर 1997
(C) दिसम्बर 2000
(D) दिसम्बर 2004
RRB NTPC Stage It | 19.01.2017 | Shift-III
Ans: (b) क्योटो जलवायु परिवर्तन सम्मेलन दिसंबर 1997 में आयोजित किया गया था। यह UNFCCC के सदस्यों का तीसरा सम्मेलन (COP-3) था, जिसमें वैश्विक उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस सम्मेलन के दौरान ही क्योटो प्रोटोकॉल को आधिकारिक रूप से स्वीकार किया गया था। यद्यपि इसे 1997 में अपनाया गया था, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय कानून के रूप में फरवरी 2005 में जाकर लागू हो सका था।
26. मांट्रियल संलेख (Montreal Protocol) का लक्ष्य है-
(A) ओजोन अवक्षय तत्वों को कम करना
(B) जैव-विविधता का संरक्षण
(C) जल प्रदूषण नियंत्रण
(D) कार्बन-डाई-ऑक्साइड उत्सर्जन पर नियंत्रण
RRB SSE | 21.12.2014 | Green paper
Ans: (a) मांट्रियल प्रोटोकॉल का मुख्य लक्ष्य ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों (ODS) के उत्पादन और उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना है। यह 16 सितंबर 1987 को हस्ताक्षरित हुआ था और इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए सबसे सफल संधियों में से एक माना जाता है। क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) जैसे रसायनों पर नियंत्रण पाने के लिए यह समझौता किया गया था। ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाती है, इसलिए यह प्रोटोकॉल जीवन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
27. विश्व जलवायु सम्मेलन जो COP-21 (2015) के नाम से लोकप्रिय है, में आयोजित किया गया था।
(A) न्यूयॉर्क
(B) लंडन
(C) पेरिस
(D) बर्लिन
RRB NTPC | 05.04.2016 | Shift-III Stage Ist
Ans: (c) विश्व जलवायु सम्मेलन जिसे COP-21 के नाम से जाना जाता है, वर्ष 2015 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित किया गया था। इसे 'पेरिस जलवायु समझौते' के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें लगभग सभी देशों ने वैश्विक तापमान वृद्धि को रोकने का संकल्प लिया। इस सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना है। यह जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध वैश्विक एकजुटता का एक ऐतिहासिक उदाहरण है।
28. IPCC का पूरा रूप है :
(A) इंटर पार्लियामेंटरी पैनल फॉर क्लाइमेट चेंज
(B) इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज
(C) इंटर गवर्नमेंट पार्लियामेंटरी पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज
(D) इंटरनेशनल पैनल ऑन क्लाइमेंट चेंज
RRB NTPC | 28.04.2016 | Shift-II Stage It
Ans: (b) IPCC का पूर्ण रूप 'इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज' (Intergovernmental Panel on Climate Change) है। यह संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण निकाय है जो जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी का समय-समय पर आकलन करता है। इसकी स्थापना 1988 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा की गई थी। IPCC की रिपोर्टों का उपयोग सरकारों द्वारा जलवायु नीतियों को बनाने और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में वैज्ञानिक आधार के रूप में किया जाता है।
29. विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है?
(A) 5 जून
(B) 5 अप्रैल
(C) 5 दिसम्बर
(D) 5 अक्टूबर
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-1
Ans: (a) विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है ताकि लोगों को पर्यावरण की रक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। इसकी शुरुआत 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित 'स्टॉकहोम सम्मेलन' के दौरान की गई थी। पहला विश्व पर्यावरण दिवस 1974 में 'केवल एक पृथ्वी' (Only One Earth) थीम के साथ मनाया गया था। इस दिन दुनिया भर में वृक्षारोपण और सफाई अभियान जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
30. ....... का उपयोग कम्पोस्टिंग के लिए किया जा सकता है।
(A) रसोई अपशिष्ट
(B) ई-कचरे
(C) चिकित्सा अपशिष्ट
(D) औद्योगिक अपशिष्ट
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-1
Ans: (a) रसोई अपशिष्ट (Kitchen Waste), जैसे फलों के छिलके और बचा हुआ भोजन, का उपयोग सफलतापूर्वक कम्पोस्टिंग के लिए किया जा सकता है। कम्पोस्टिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें सूक्ष्मजीव कार्बनिक कचरे को उपयोगी खाद में बदल देते हैं। ई-कचरे, औद्योगिक कचरे या चिकित्सा अपशिष्ट का उपयोग इसमें नहीं किया जा सकता क्योंकि वे जैविक रूप से अपघटित नहीं होते हैं। यह प्रक्रिया कचरा प्रबंधन में मदद करती है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को भी बढ़ाती है।
31. इनमें से किस समूह में सभी जैव निम्नीकरणीय (biodegradable) पदार्थ शामिल हैं?
(A) सब्जियों के छिलके, लकड़ी, रबड़
(B) घास, लकड़ी, संतरे के छिलके
(C) घास, प्लास्टिक, फूल
(D) फूल, लकड़ी, बैटरी
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift II
Ans: (b) जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थ वे होते हैं जो बैक्टीरिया, कवक और अन्य सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से विघटित होकर मिट्टी में मिल जाते हैं। घास, लकड़ी और संतरे के छिलके सभी कार्बनिक और प्राकृतिक उत्पाद हैं, इसलिए ये पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना आसानी से नष्ट हो जाते हैं। प्लास्टिक, रबड़ और कांच जैसे पदार्थ अजैव निम्नीकरणीय होते हैं क्योंकि इन्हें नष्ट होने में हजारों साल लग सकते हैं। अतः विकल्प (b) में दिए गए सभी पदार्थ जैव निम्नीकरणीय श्रेणी में आते हैं।
32. इनमें से कौन-सा कथन सही है?
(A) खाद्यों को रखने के लिए प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग किया जाना चाहिए।
(B) दुकानदारों को कानूनन प्लास्टिक बैग का उपयोग करना अनिवार्य है।
(C) हमें कचरे को प्लास्टिक की थैलियों में नहीं रखना चाहिए और उन्हें फेंकना नहीं चाहिए।
(D) उपयोग के बाद प्लास्टिक की थैलियों को जलाकर उनका निपटान किया जाना चाहिए।
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-I
Ans: (c) प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए एक बड़ा खतरा हैं क्योंकि ये प्राकृतिक रूप से नष्ट नहीं होती हैं। हमें कचरे को प्लास्टिक की थैलियों में भरकर नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि अक्सर जानवर भोजन की तलाश में इन्हें निगल लेते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। प्लास्टिक को जलाना भी एक गलत तरीका है क्योंकि इससे जहरीली गैसें निकलती हैं जो वायुमंडल को प्रदूषित करती हैं। कचरा प्रबंधन का सबसे सही तरीका है कि हम प्लास्टिक का उपयोग न्यूनतम करें और कचरे को उचित स्थान पर बिना थैली के या कागज के थैलों में डालें।
33. निम्न में से कौन सा अजैव निम्नीकरणीय है?
(A) कॉफी पाउडर
(B) कपास
(C) नायलॉन
(D) ऊन
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-1
Ans: (c) नायलॉन एक कृत्रिम या सिंथेटिक पॉलीमर है जिसे रसायनों के माध्यम से बनाया जाता है, इसलिए यह अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) पदार्थ है। कॉफी पाउडर, कपास और ऊन प्राकृतिक रेशे और उत्पाद हैं जो समय के साथ सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित होकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं। इसके विपरीत, नायलॉन जैसे सिंथेटिक कपड़े पर्यावरण में सैकड़ों वर्षों तक ज्यों के त्यों बने रहते हैं और प्रदूषण का कारण बनते हैं। अतः नायलॉन का उपयोग कम करना और उसे पुनर्चक्रित (Recycle) करना पर्यावरण के लिए आवश्यक है।
34. इनमें से कौन सा अपशिष्ट पर्यावरण को सबसे कम क्षति पहुंचाता है?
(A) कागज के कप
(B) पॉलीथीन बैंग
(C) रासायनिक कीटनाशक
(D) प्लास्टिक की बोतलें
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-I
Ans: (a) कागज के कप लकड़ी की लुगदी से बनते हैं जो एक प्राकृतिक संसाधन है और पूरी तरह से जैव निम्नीकरणीय होता है। पॉलीथीन बैग, रासायनिक कीटनाशक और प्लास्टिक की बोतलें पर्यावरण को स्थायी रूप से नुकसान पहुँचाते हैं क्योंकि ये मिट्टी और जल में जहरीले तत्व छोड़ते हैं। कागज के कपों का उपयोग करने के बाद वे कुछ ही हफ्तों में मिट्टी में मिल जाते हैं, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन आसान हो जाता है। इसलिए, विकल्पों में से कागज के कप पर्यावरण को सबसे कम क्षति पहुँचाने वाला विकल्प हैं।
35. निम्नलिखित में से कौन सा ऊर्जा का अनवीकरणीय स्त्रोत नहीं है?
(A) प्राकृतिक गैस
(B) पेट्रोलियम
(C) वायु
(D) कोयला
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-III
Ans: (c) वायु ऊर्जा का एक नवीकरणीय (Renewable) स्रोत है क्योंकि यह प्रकृति में कभी समाप्त नहीं होने वाली और असीमित मात्रा में उपलब्ध है। इसके विपरीत प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम और कोयला जीवाश्म ईंधन हैं जिनके भंडार सीमित हैं और एक बार उपयोग हो जाने पर इन्हें वापस प्राप्त नहीं किया जा सकता। जीवाश्म ईंधनों को अनवीकरणीय स्रोत कहा जाता है क्योंकि उनके बनने की प्रक्रिया में लाखों वर्ष का समय लगता है। वायु, सूर्य और जल जैसे स्रोत स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करते हैं और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में सहायक होते हैं।
36. हम अजैव निम्नीकरणीय उत्पादों के उपयोग को कैसे कम कर सकते हैं?
(A) पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग का उपयोग करके
(B) दूध और पानी को पॉलीबैग में पैक करके
(C) फलों और सब्जियों को सुंदर पॉलीस्टाइरिल और प्लास्टिक पैकेजिंग में पैक करके खरीदा जा सकता हैं
(D) बिस्कुट आदि जैसी खाद्य वस्तुएं, प्लास्टिक के टिन और रैपर में पैक करके खरीदी जा सकती हैं।
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (a) अजैव निम्नीकरणीय कचरे की समस्या को सुलझाने का सबसे प्रभावी तरीका पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग (Eco-friendly packaging) का उपयोग करना है। जब हम जूट, कपड़े या कागज के थैलों का उपयोग करते हैं, तो हम बाजार में प्लास्टिक की मांग को कम करते हैं। प्लास्टिक की बोतलों, टिनों और पॉलीस्टाइरिल (थर्माकोल) वाली वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए क्योंकि ये वस्तुएं कूड़े के ढेर में जमा होकर भूमि प्रदूषण फैलाती हैं। टिकाऊ जीवन जीने के लिए हमें हमेशा उन उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनका पुन: उपयोग या आसान विघटन संभव हो।
37. वे पदार्थ, जिन्हें जैविक प्रक्रिया द्वारा तोड़ा (विघटित किया) जा सकता है, क्या कहलाते हैं?
(A) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ
(B) विषैले पदार्थ
(C) जैव निम्नीकरणीय पदार्थ
(D) रासायनिक पदार्थ
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift - III
Ans: (c) वे पदार्थ जिन्हें बैक्टीरिया, कवक और अन्य छोटे जीवों द्वारा रासायनिक रूप से सरल घटकों में तोड़ा जा सकता है, जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थ कहलाते हैं। यह प्रक्रिया प्राकृतिक होती है और इससे पर्यावरण में संतुलन बना रहता है क्योंकि पोषक तत्व वापस मिट्टी में लौट जाते हैं। इसके विपरीत, अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ वे होते हैं जिन पर सूक्ष्मजीवों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, जैसे प्लास्टिक या धातु। जैविक कचरे से खाद बनाना जैव निम्नीकरणीय पदार्थों के प्रबंधन का एक बेहतरीन उदाहरण है।
38. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प अपशिष्ट प्रबंधन के 3 R में से एक नहीं है?
(A) रिसाइकल
(B) रीफ्यूज़
(C) रीयूज़
(D) रिड्यूस
RRB Group-D | 16/09/2022 | Shift-II
Ans: (b) अपशिष्ट प्रबंधन के पारंपरिक और सबसे प्रसिद्ध 3R हैं: रिड्यूस (Reduce - कम उपयोग), रीयूज (Reuse - पुनः उपयोग) और रिसाइकल (Recycle - पुनर्चक्रण)। रिड्यूस का अर्थ है कचरा पैदा करने वाली चीजों का कम उपयोग करना, रीयूज का अर्थ है वस्तुओं को फेंकने के बजाय दोबारा काम में लाना, और रिसाइकल का अर्थ है कचरे से नई उपयोगी वस्तु बनाना। हालांकि आधुनिक समय में "रीफ्यूज़" (Refuse - मना करना) को भी एक महत्वपूर्ण "R" माना जाता है, लेकिन पारंपरिक 3R की मूल सूची में इसे शामिल नहीं किया गया था। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है।
39. निम्न में से किसे 'वाटरमैन ऑफ़ इंडिया (Waterman of India)' के रूप में जाना जाता है?
(A) डॉ. राजेंद्र सिंह
(B) डॉ. एम एस स्वामीनाथन
(C) डॉ. अरुण कृष्णन
(D) डॉ. हीरालाल चौधरी
RRB Group-D | 19/09/2022 | Shift-1
Ans: (a) डॉ. राजेंद्र सिंह को भारत के "वाटरमैन" (Waterman of India) के रूप में जाना जाता है क्योंकि उन्होंने राजस्थान के सूखे इलाकों में जल संरक्षण के लिए क्रांतिकारी कार्य किए हैं। उन्होंने "तरुण भारत संघ" के माध्यम से जोहड़ (पारंपरिक मिट्टी के बांध) बनाकर कई मृत नदियों को पुनर्जीवित किया और हजारों गाँवों में पानी पहुँचाया। उनके इन महान कार्यों के लिए उन्हें 2001 में "रेमन मैग्सेसे पुरस्कार" और 2015 में "स्टॉकहोम वॉटर प्राइज" (पानी का नोबेल) से सम्मानित किया गया था। जल प्रबंधन के उनके स्वदेशी तरीकों ने दुनिया भर के पर्यावरणविदों को प्रेरित किया है।
40. सार्वजनिक स्थलों पर चाय बेचने के लिए प्लास्टिक के कपों के स्थान पर कागज के कपों का उपयोग क्यों किया जाना चाहिए?
(A) प्लास्टिक के कप अधिक सस्ते होते हैं
(B) कागज के कप अधिक मजबूत होते हैं
(C) कागज के कप जैवनिम्नीकरणीय होते हैं
(D) कागज के कप चीजों को सुरक्षित रखते हैं
RRB Group-D | 19/09/2022 | Shift-II
Ans: (c) प्लास्टिक के कपों का उपयोग सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है क्योंकि प्लास्टिक गर्म पेय पदार्थों के संपर्क में आने पर रसायन छोड़ सकता है। इसके विपरीत, कागज के कप जैवनिम्नीकरणीय (Biodegradable) होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे उपयोग के बाद मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नष्ट हो जाते हैं। प्लास्टिक के कपों को नष्ट करना असंभव है और उन्हें जलाने पर अत्यंत जहरीली गैसें निकलती हैं। इसलिए, सतत भविष्य और स्वच्छ पर्यावरण के लिए कागज के कप प्लास्टिक का सबसे बेहतर और सुरक्षित विकल्प हैं।
41. इनमें से किस अपशिष्ट वस्तु को सामान्य कचरे में नहीं फेकना चाहिए?
(A) पूराने जूते
(B) पुराने फर्नीचर
(C) पुरानी बैटरियाँ
(D) पुराने बर्तन
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift-III
Ans: (c) पुरानी बैटरियों को सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि इनमें लिथियम, कैडमियम, सीसा और मरकरी जैसे हानिकारक रासायनिक पदार्थ होते हैं। यदि इन्हें खुले में या सामान्य कूड़ेदान में फेंका जाता है, तो ये रसायन जमीन के अंदर जाकर भूजल को जहरीला बना सकते हैं। इसके अलावा, लैंडफिल में इनमें आग लगने या विस्फोट होने का खतरा भी बना रहता है। पर्यावरण सुरक्षा के लिए इन्हें विशेष ई-कवेस्ट (e-waste) केंद्रों पर ही जमा करना चाहिए। जूते, फर्नीचर और बर्तन सामान्यतः गैर-खतरनाक श्रेणी में आते हैं। इसलिए बैटरियों का निपटान जिम्मेदारी से करना अनिवार्य है।
42. निम्न में से किस कारण से अपशिष्टों के उत्पादन में वृद्धि होगी?
(A) उपयोग की गई वस्तुओं को दान कर देने से
(B) टिन फॉइल, प्लास्टिक रैप, पेपर टॉवल और प्लास्टिक जिप बैग का उपयोग करने से
(C) खरीदारी के लिए कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करने से
(D) खाली कंटेनरों और बोतलों का पुनः उपयोग करने से
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-II
Ans: (b) अपशिष्टों या कचरे के उत्पादन में वृद्धि का मुख्य कारण एकल-उपयोग (single-use) वाली वस्तुओं का बढ़ता चलन है। टिन फॉइल, प्लास्टिक रैप, पेपर टॉवल और जिप बैग ऐसी चीजें हैं जिन्हें एक बार इस्तेमाल कर फेंक दिया जाता है। ये वस्तुएं गैर-जैव निम्नीकरणीय (non-biodegradable) होती हैं, जो पर्यावरण में हजारों सालों तक बनी रहती हैं। इसके विपरीत, वस्तुओं को दान करने, जूट के थैलों का उपयोग करने और पुराने डिब्बों को पुनः उपयोग (reuse) करने से कचरे की मात्रा कम होती है। कचरा प्रबंधन के लिए "Reduce, Reuse, Recycle" के सिद्धांत का पालन करना आवश्यक है। अतः डिस्पोजेबल वस्तुओं का उपयोग प्रदूषण को सीधे बढ़ावा देता है।
43. एनजीटी (NGT) का पूरा नाम क्या है
(A) नेशनल जियोग्राफिक टीवी
(B) नेशनल ग्रीन ट्रांसपोर्ट
(C) नेशनल ग्रीन ट्रस्ट
(D) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
RRB NTPC Stage It | 05.04.2016 | Shift-III
Ans: (d) एनजीटी (NGT) का पूरा नाम "नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल" (National Green Tribunal) है, जिसे हिंदी में "राष्ट्रीय हरित अधिकरण" कहा जाता है। इसकी स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को एनजीटी अधिनियम 2010 के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वनों के बचाव और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों का तेजी से निपटारा करना है। भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसने इस तरह का विशेष पर्यावरण न्यायाधिकरण बनाया है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और इसकी अन्य शाखाएं भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में हैं। यह संस्था पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों पर भारी जुर्माना भी लगा सकती है।
44. ए क्यू आई (AQI) से क्या अभिप्राय है?
(A) एयरपोर्ट क्वालिटी इंडेक्स
(B) एयर क्वालिटी इंडेक्स
(C) आर्मी क्वालिटी इंडेक्स
(D) एयर क्वालिटी इम्पैक्ट
RRB NTPC Stage It | 28.03.2016 | Shift-II
Ans: (b) ए क्यू आई (AQI) का अर्थ "एयर क्वालिटी इंडेक्स" (Air Quality Index) या वायु गुणवत्ता सूचकांक होता है। यह एक संख्यात्मक पैमाना है जिसका उपयोग सरकारें जनता को यह बताने के लिए करती हैं कि वर्तमान में हवा कितनी स्वच्छ या प्रदूषित है। AQI मुख्य रूप से आठ प्रदूषकों जैसे PM2.5, PM10, ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड आदि को मापता है। यह सूचकांक 0 से 500 के बीच होता है, जहाँ कम संख्या स्वच्छ हवा और उच्च संख्या गंभीर वायु प्रदूषण को दर्शाती है। वायु गुणवत्ता की स्थिति के अनुसार इसे अलग-अलग रंगों (जैसे हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति सचेत करना है।
45. हाल ही में, भारत सरकार ने कितने वर्षों से अधिक पुराने वाहनों पर "ग्रीन टैक्स" कर लगाने का प्रस्ताव रखा है?
(A) 6
(B) 15
(C) 8
(D) 10
RRB NTPC Stage Ist | 12.03.2021 | Shift-I
Ans: (c) भारत सरकार ने पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 8 वर्ष से अधिक पुराने परिवहन वाहनों पर "ग्रीन टैक्स" लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह टैक्स फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के समय रोड टैक्स के 10% से 25% के बराबर लगाया जा सकता है। निजी वाहनों के मामले में, यह सीमा 15 वर्ष के बाद तय की गई है जब उनके पंजीकरण का नवीनीकरण होता है। इस टैक्स का मुख्य उद्देश्य लोगों को नए और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है। हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक वाहनों और खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों को इस कर से छूट दी गई है। ग्रीन टैक्स से एकत्र धन का उपयोग प्रदूषण निवारण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।
46. निम्नलिखित में से कौन-सा जल प्रदूषण का कारण नहीं है?
(A) बैक्टीरिया
(B) अजैविक रसायन
(C) उद्योगों से तेल रिसाव
(D) वाहनों की तेज आवाज
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (d) वाहनों की तेज आवाज जल प्रदूषण का कारण नहीं है, बल्कि यह "ध्वनि प्रदूषण" (Noise Pollution) की श्रेणी में आता है। जल प्रदूषण तब होता है जब जल निकायों जैसे नदियों, झीलों और समुद्रों में हानिकारक पदार्थ मिल जाते हैं। बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी जैसे सूक्ष्म जीव जैविक जल प्रदूषक कहलाते हैं। अजैविक रसायनों (जैसे उर्वरक और भारी धातुएँ) और उद्योगों से होने वाले तेल रिसाव से पानी की गुणवत्ता खराब होती है और जलीय जीवन नष्ट हो जाता है। ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव मुख्य रूप से मनुष्य की सुनने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। अतः विकल्पों में से केवल ध्वनि ही जल को सीधे प्रदूषित नहीं करती है।
47. जल प्रदूषण के संबंध में, BOD का अर्थ हैं ?
(A) जीव रसायनी तनुकरण
(B) जैव रासायनिक आक्सीजन मांग
(C) जैव कार्बनिक विलेय
(D) मूल जैव कार्बनिक विलेय
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (b) जल प्रदूषण के संदर्भ में, BOD का अर्थ "बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड" (Biochemical Oxygen Demand) या जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग है। यह ऑक्सीजन की वह मात्रा है जिसकी आवश्यकता सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया) को पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने के लिए होती है। यदि पानी में प्रदूषण अधिक है, तो सूक्ष्मजीवों को कचरे को नष्ट करने के लिए अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी, जिससे BOD का स्तर बढ़ जाएगा। उच्च BOD स्तर पानी में घुलित ऑक्सीजन की कमी का संकेत देता है, जिससे मछलियाँ और अन्य जलीय जीव मर सकते हैं। इसलिए, किसी भी जल स्रोत की स्वच्छता की जाँच करने के लिए BOD एक महत्वपूर्ण मानक है। स्वच्छ पानी का BOD स्तर हमेशा कम होना चाहिए।
48. आजकल दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के लिए बसें किस गैस पर चलती हैं?
(A) तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG)
(B) संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG)
(C) संपीडित लेड (CLG)
(D) उच्च गतिक लेड मुक्त डीजल
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (b) दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर बसों को "संपीडित प्राकृतिक गैस" (CNG) पर चलाया जाता है। सीएनजी मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनी होती है और यह डीजल या पेट्रोल की तुलना में बहुत कम हानिकारक गैसें उत्सर्जित करती है। इसके दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों का उत्सर्जन न्यूनतम होता है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद, दिल्ली में सार्वजनिक बसों के बेड़े को पूरी तरह से सीएनजी में बदल दिया गया था। सीएनजी न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि यह पारंपरिक ईंधनों की तुलना में किफायती भी है। वर्तमान में दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक बसों को भी बढ़ावा दे रही है ताकि प्रदूषण को और कम किया जा सके।
49. इनमें से कौन से जैव निम्नीकरणीय प्रदूषक है?
(A) डीडीटी
(B) बीएचसी
(C) कपास वस्त्र
(D) पारा
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (c) जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) प्रदूषक वे पदार्थ होते हैं जिन्हें सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया और कवक) द्वारा प्राकृतिक रूप से विघटित किया जा सकता है। कपास वस्त्र (Cotton clothes) एक प्राकृतिक रेशा है, जो मिट्टी में मिलने पर कुछ समय बाद पूरी तरह गल जाता है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचाता। इसके विपरीत, डीडीटी (DDT), बीएचसी (BHC) और पारा (Mercury) जैसे प्रदूषक "अ-जैव निम्नीकरणीय" होते हैं। ये प्रकृति में बने रहते हैं और खाद्य श्रृंखला के माध्यम से मनुष्यों और जानवरों के शरीर में पहुँचकर घातक बीमारियाँ पैदा करते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें हमेशा जैव निम्नीकरणीय वस्तुओं के उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए। कपास जैसे प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सुरक्षित है।
50. जल प्रदूषण का मुख्य कारक इनमें हैः
(A) धुआँ
(B) औद्योगिक अपशिष्ट
(C) अमोनिया
(D) धोने का पाउडर
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (b) जल प्रदूषण का सबसे मुख्य और खतरनाक कारक औद्योगिक अपशिष्ट (Industrial Waste) है। कारखानों से निकलने वाले कचरे में भारी धातुएं (जैसे पारा, सीसा, आर्सेनिक) और जहरीले रसायन होते हैं, जिन्हें अक्सर सीधे नदियों में बहा दिया जाता है। धुआँ मुख्य रूप से वायु प्रदूषण फैलाता है, जबकि धोने का पाउडर (डिटर्जेंट) भी पानी को प्रदूषित करता है लेकिन इसका प्रभाव औद्योगिक कचरे की तुलना में सीमित होता है। औद्योगिक अपशिष्ट न केवल पानी को पीने के अयोग्य बनाता है, बल्कि यह पूरे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट कर देता है। अमोनिया भी एक प्रदूषक है, परंतु उद्योगों से निकलने वाला रासायनिक मिश्रण सबसे व्यापक स्तर पर नुकसान पहुँचाता है। इसीलिए औद्योगिक इकाइयों के लिए जल उपचार संयंत्र (ETP) लगाना अनिवार्य है।
51. मृदा अपरदन (erosion) रोका जा सकता हैः
(A) चराई द्वारा
(B) गहरी जोताई द्वारा
(C) पेड़ लगाकर
(D) पक्षियों की संख्या बढ़ाकर
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (c) मृदा अपरदन (Soil Erosion) को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका बड़े पैमाने पर पेड़ लगाना या वनीकरण (Afforestation) है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से पकड़कर रखती हैं, जिससे पानी के बहाव या तेज हवा के कारण मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत नहीं बहती। वनस्पतियां बारिश की बूंदों की गति को भी कम करती हैं, जिससे मिट्टी का सीधा कटाव नहीं होता। इसके विपरीत, अत्यधिक चराई और गहरी जोताई मिट्टी को ढीला कर देती हैं, जिससे अपरदन और बढ़ जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) भी मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायक होती है। अतः पर्यावरण संतुलन और उपजाऊ शक्ति बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य है।
52. "भारत स्टेज उत्सर्जन मानक" किसे संदर्भित करते हैं?
(A) वाहनों से होने वाले प्रदूषण
(B) औद्योगिक प्रदूषण
(C) जल प्रदूषण
(D) मिट्टी प्रदूषण
RRB NTPC Stage It | 06.04.2016 | Shift-I
Ans: (a) भारत स्टेज (BS) उत्सर्जन मानक भारत सरकार द्वारा स्थापित किए गए मानक हैं जो वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं। ये मानक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं और यूरोपीय मानकों (Euro Norms) पर आधारित हैं। इनका मुख्य उद्देश्य वाहनों के इंजन से निकलने वाले हानिकारक धुएं, जैसे कि नाइट्रोजन ऑक्साइड और सूक्ष्म कणों (Particulate Matter) को कम करना है। जैसे-जैसे BS का स्तर बढ़ता है (जैसे BS-IV से BS-VI), वैसे-वैसे ईंधन की गुणवत्ता बेहतर होती है और प्रदूषण कम होता है। वर्तमान में भारत में BS-VI मानक लागू हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। यह मानक ऑटोमोबाइल उद्योग को अधिक स्वच्छ और कुशल तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
53. निम्नलिखित किस विकल्प का अर्थ है कि कोहरा जो धुएं से मिलकर प्रदूषित हो गया है?
(A) स्कॉग
(B) प्रदूषण
(C) कलॉग
(D) स्मॉग
RRB NTPC Stage It | 12.04.2016 | Shift-II
Ans: (d) स्मॉग (Smog) शब्द अंग्रेजी के दो शब्दों 'Smoke' (धुआँ) और 'Fog' (कोहरा) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है धुंधला वातावरण। यह वायु प्रदूषण की एक ऐसी अवस्था है जब वातावरण में मौजूद कोहरा, वाहनों और कारखानों से निकलने वाले धुएं के साथ मिल जाता है। स्मॉग में मौजूद हानिकारक गैसें और धूल के कण दृश्यता (Visibility) को कम कर देते हैं और सांस लेने में कठिनाई पैदा करते हैं। यह विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में बड़े शहरों में एक गंभीर समस्या बन जाती है, जिसे 'धूम कोहरा' भी कहा जाता है। इसके संपर्क में आने से आंखों में जलन, गले में खराश और फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग और औद्योगिक उत्सर्जन में कमी लाना अत्यंत आवश्यक है।
54. CFC का पूरा नाम क्या है?
(A) क्लोरोफ्लोरोकार्बन
(B) क्लोरो फ्लोरो कार्बाइड
(C) क्लोरीन फ्लौरिन कार्बोनडाइऑक्साइड
(D) कार्बो फ्लोरो क्लोराइड
RRB NTPC Stage It | 12.04.2016 | Shift-I
Ans: (a) CFC का पूर्ण रूप क्लोरोफ्लोरोकार्बन (Chlorofluorocarbon) है, जो मानव निर्मित एक कार्बनिक यौगिक है। इनमें कार्बन, क्लोरीन और फ्लोरीन के परमाणु होते हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एरोसोल स्प्रे में किया जाता था। CFC गैसें वायुमंडल की ऊपरी परत यानी ओजोन परत (Ozone Layer) को भारी नुकसान पहुँचाती हैं। जब ये गैसें समताप मंडल (Stratosphere) में पहुँचती हैं, तो पराबैंगनी किरणों के कारण इनसे क्लोरीन मुक्त होती है जो ओजोन अणुओं को तोड़ देती है। ओजोन परत के पतले होने से सूर्य की हानिकारक UV किरणें सीधे पृथ्वी तक पहुँचती हैं, जिससे कैंसर और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ता है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल जैसे अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के तहत अब इनके उपयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित या सीमित कर दिया गया है।
55. जलवायु परिवर्तन के संबंध में, GHGs का पूर्ण रूप क्या है?
(A) ग्रीन हाइड्रोजन गैसेस
(B) ग्रे हाउस गैसेस
(C) ग्रीन हाउस गैसेस
(D) ग्रिप्ड हाउस गैसेस
RRB NTPC | 07.03.2021 | Shift-I
Ans: (c) GHGs का पूर्ण रूप ग्रीन हाउस गैसेस (Greenhouse Gases) है, जो पृथ्वी के वायुमंडल में गर्मी को रोकने का कार्य करती हैं। इन गैसों में मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$), मीथेन ($CH_4$), नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$) और जलवाष्प शामिल हैं। ये गैसें सूर्य से आने वाली ऊर्जा को सोख लेती हैं और उसे वापस अंतरिक्ष में जाने से रोकती हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान बना रहता है। हालांकि, मानवीय गतिविधियों के कारण इन गैसों की मात्रा बढ़ने से 'ग्लोबल वार्मिंग' की समस्या उत्पन्न हो रही है। वायुमंडल में GHGs का असंतुलन जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों के पिघलने और समुद्र के स्तर में वृद्धि का मुख्य कारण है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कार्बन उत्सर्जन को कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देना अनिवार्य है।
56. निम्नलिखित में से कौन सी ग्रीनहाउस गैस नहीं है ?
(A) मेथेन
(B) कार्बन डाईऑक्साइड
(C) ऑक्सीजन
(D) हाइड्रोफ्लोरोकार्बन
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-I
Ans: (c) ऑक्सीजन ($O_2$) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है क्योंकि यह पृथ्वी के वायुमंडल में गर्मी (अवरक्त विकिरण) को अवशोषित नहीं करती है। ग्रीनहाउस गैसें वे होती हैं जो सूर्य की गर्मी को वातावरण में रोककर 'ग्रीनहाउस प्रभाव' उत्पन्न करती हैं। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जलवाष्प शामिल हैं जो तापमान बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ऑक्सीजन हमारे श्वसन के लिए तो आवश्यक है, लेकिन इसका वैश्विक तापमान बढ़ाने में कोई सीधा योगदान नहीं होता। इसके विपरीत, हाइड्रोफ्लोरोकार्बन जैसी कृत्रिम गैसें बहुत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें मानी जाती हैं। वायुमंडल के संगठन में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन का हिस्सा सबसे ज्यादा है, लेकिन वे ऊष्मा को सोखने की क्षमता नहीं रखतीं।
57. कार्बन डाईऑक्साइड के कारण वायुमंडलीय तापमान में होने वाली वृद्धि को ________ कहते हैं।
(A) पास्चेर प्रभाव
(B) पौधा घर (ग्रीन हाउस) प्रभाव
(C) ब्लैकमैन प्रभाव
(D) एमर्सन प्रभाव
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (b) कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) के कारण वायुमंडलीय तापमान में होने वाली वृद्धि को पौधा घर प्रभाव या 'ग्रीन हाउस प्रभाव' (Greenhouse Effect) कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडल की गैसें सूर्य की ऊष्मा को सोखकर पृथ्वी को गर्म रखती हैं। जब $CO_2$ की सांद्रता बढ़ती है, तो यह अधिक मात्रा में गर्मी को रोकती है, जिससे पृथ्वी के औसत तापमान में निरंतर वृद्धि होती है। इसे 'ग्लोबल वार्मिंग' के नाम से भी जाना जाता है, जिसके गंभीर परिणाम जैसे कि बेमौसम बारिश और सूखा देखे जा रहे हैं। पास्चेर प्रभाव या एमर्सन प्रभाव जीवविज्ञान और प्रकाश संश्लेषण से संबंधित हैं, न कि वायुमंडलीय तापमान से। अतः जीवाश्म ईंधन के दहन को कम करके और पेड़ लगाकर इस प्रभाव के खतरनाक स्तर को कम किया जा सकता है।
58. निम्नलिखित में से कौन सी एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
(A) मीथेन
(B) कार्बन डाइऑक्साइड
(C) ऑक्सीजन
(D) नाइट्रस ऑक्साइड
RRB NTPC | 05.04.2016 | Shift-II
Ans: (c) ऑक्सीजन ($O_2$) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है क्योंकि यह पृथ्वी के वायुमंडल में गर्मी (अवरक्त विकिरण) को अवशोषित नहीं करती है। ग्रीनहाउस गैसें वे होती हैं जो सूर्य की गर्मी को वातावरण में रोककर 'ग्रीनहाउस प्रभाव' उत्पन्न करती हैं। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जलवाष्प शामिल हैं जो तापमान बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। ऑक्सीजन हमारे श्वसन के लिए तो आवश्यक है, लेकिन इसका वैश्विक तापमान बढ़ाने में कोई सीधा योगदान नहीं होता। इसके विपरीत, हाइड्रोफ्लोरोकार्बन जैसी कृत्रिम गैसें बहुत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें मानी जाती हैं। वायुमंडल के संगठन में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन का हिस्सा सबसे ज्यादा है, लेकिन वे ऊष्मा को सोखने की क्षमता नहीं रखतीं।
59. निम्नलिखित में से कौन सी एक गैस ग्रीनहाउस गैस नहीं है ?
(A) ओजोन
(B) नाइट्रस ऑक्साइड
(C) जलवाष्प
(D) हाइड्रोजन
RRB NTPC | 02.04.2016 | Shift-I
Ans: (d) दिए गए विकल्पों में हाइड्रोजन ($H_2$) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है, बल्कि इसे भविष्य का स्वच्छ ईंधन माना जाता है। ओजोन ($O_3$), नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$) और जलवाष्प सभी वायुमंडल में गर्मी को रोकने की क्षमता रखते हैं और ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान देते हैं। हाइड्रोजन गैस ऊष्मा को वायुमंडल में कैद नहीं करती, इसलिए यह ग्लोबल वार्मिंग के लिए उत्तरदायी नहीं है। जलवाष्प (Water Vapor) वास्तव में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला प्राकृतिक ग्रीनहाउस घटक है। ओजोन निचली परत में प्रदूषक का कार्य करती है और ऊष्मा को सोखती है, जबकि ऊपरी परत में यह हानिकारक किरणों से बचाती है। ग्रीनहाउस गैसों की सूची में केवल वे गैसें आती हैं जो इन्फ्रारेड विकिरण को सोखने की आणविक संरचना रखती हैं।
60. कार्बन डाईऑक्साइड के कारण वायुमंडलीय तापमान में होने वाली वृद्धि को ________ कहते हैं।
(A) पास्चेर प्रभाव
(B) पौधा घर (ग्रीन हाउस) प्रभाव
(C) ब्लैकमैन प्रभाव
(D) एमर्सन प्रभाव
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (b) जब वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) जैसी गैसों की मात्रा बढ़ती है, तो वे सूर्य से आने वाली किरणों को अवशोषित कर लेती हैं और उन्हें वापस अंतरिक्ष में जाने से रोकती हैं। इस प्रक्रिया के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में होने वाली वृद्धि को "पौधा घर" या "ग्रीन हाउस प्रभाव" (Greenhouse Effect) कहा जाता है। यह प्रभाव प्राकृतिक रूप से पृथ्वी को गर्म रखने के लिए आवश्यक है, लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण CO2 का स्तर बढ़ने से यह "ग्लोबल वार्मिंग" का कारण बन रहा है। पास्चेर प्रभाव या ब्लैकमैन प्रभाव का संबंध प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की जैविक प्रक्रियाओं से है। ग्रीन हाउस प्रभाव मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधनों के जलने और वनों की कटाई के कारण तीव्र हो रहा है। इसके नियंत्रण के लिए कार्बन उत्सर्जन को कम करना अनिवार्य है।
61. निम्नलिखित में से कौन सी एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
(A) मीथेन
(B) कार्बन डाइऑक्साइड
(C) ऑक्सीजन
(D) नाइट्रस ऑक्साइड
RRB NTPC | 05.04.2016 | Shift-II
Ans: (c) ग्रीनहाउस गैसें वे गैसें होती हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल में ऊष्मा (Heat) को रोक लेती हैं, जिससे "ग्रीनहाउस प्रभाव" उत्पन्न होता है। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2), मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) शामिल हैं। ऑक्सीजन (O2) एक ऐसी गैस है जो सूर्य की विकिरण ऊर्जा को अवशोषित नहीं करती है, इसलिए यह ग्रीनहाउस गैस की श्रेणी में नहीं आती है। वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा लगभग 21% है और यह जीवन के लिए आवश्यक श्वसन प्रक्रिया में सहायक होती है। इसके विपरीत, ग्रीनहाउस गैसें लंबी तरंगदैर्ध्य वाली अवरक्त विकिरण (Infrared radiation) को अवशोषित कर तापमान बढ़ाती हैं। अतः ऑक्सीजन वातावरण के तापमान वृद्धि में प्रत्यक्ष योगदान नहीं देती है।
62. निम्नलिखित में से कौन सी एक गैस ग्रीनहाउस गैस नहीं है ?
(A) ओजोन
(B) नाइट्रस ऑक्साइड
(C) जलवाष्प
(D) हाइड्रोजन
RRB NTPC | 02.04.2016 | Shift-I
Ans: (d) हाइड्रोजन (H2) एक ग्रीनहाउस गैस नहीं है, बल्कि इसे भविष्य का एक स्वच्छ ईंधन माना जाता है क्योंकि इसके जलने पर केवल जलवाष्प उत्पन्न होती है। दूसरी ओर, ओजोन (O3), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) और जलवाष्प (Water vapor) सभी प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें हैं जो वातावरण में ऊष्मा को रोककर तापमान बढ़ाती हैं। जलवाष्प वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली ग्रीनहाउस गैस है जो प्राकृतिक हीटिंग चक्र का हिस्सा है। ओजोन समताप मंडल (Stratosphere) में हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है, लेकिन क्षोभमंडल (Troposphere) में यह एक प्रदूषक और ग्रीनहाउस गैस की तरह कार्य करती है। नाइट्रस ऑक्साइड कृषि और औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न होती है जिसकी ऊष्मा सोखने की क्षमता CO2 से कहीं अधिक है। हाइड्रोजन इन सब के विपरीत वायुमंडलीय ऊष्मा अवशोषण में भूमिका नहीं निभाती है।
1. Cell
1. कोशिका के तरल पदार्थ के लिए 'प्रोटोप्लाज्म' शब्द किसने गढ़ा था?
(A) पर्किन्जे
(B) रॉबर्ट हुक
(C) रॉबर्ट ब्राउन
(D) बिर्चा
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A) कोशिका के भीतर मौजूद जीवित तरल पदार्थ के लिए प्रोटोप्लाज्म शब्द का प्रयोग सबसे पहले जे ई पर्किन्जे ने 1839 में किया था। इसे जीवद्रव्य भी कहा जाता है और हक्सले ने इसे जीवन का भौतिक आधार बताया है क्योंकि कोशिका की सभी जैविक क्रियाएं इसी तरल के भीतर संपन्न होती हैं। एसएससी और रेलवे परीक्षाओं में अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि कोशिका के जीवित अंश को क्या कहते हैं जिसका सही उत्तर प्रोटोप्लाज्म होता है।
2. एसईआर (SER) का पूर्ण रूप क्या है, जो कि एक कोशिकांग है तथा जो कोशिका कार्य के लिए महत्वपूर्ण वसा अणुओं अथवा लिपिड के निर्माण में सहायता करता है?
(A) स्पीशीज़ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
(B) सिमिलर एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
(C) सिंपल एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
(D) स्मूद एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (D) एसईआर का पूर्ण रूप स्मूद एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम है जो कोशिका में मुख्य रूप से लिपिड और वसा अणुओं के संश्लेषण का कार्य करता है। परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि कोशिका को विषैले पदार्थों से मुक्त करने और स्टेरॉयड हार्मोन बनाने में कौन सहायक है तो इसका सही उत्तर यही अंगक है। इसकी सतह पर राइबोसोम नहीं पाए जाते हैं जिसके कारण यह देखने में चिकनी लगती है और प्रोटीन के बजाय वसा निर्माण पर केंद्रित रहती है।
3. निम्नलिखित में से किसमे झिल्लीयुक्त कोशिकाओं का अभाव होता हैं?
(A) यूकैरियोटिक कोशिकाएं और प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं दोनों
(B) केवल यूकैरियोटिक कोशिकाएं
(C) न तो यूकैरियोटिक कोशिकाएं और न ही प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं
(D) केवल प्रोकैरियोटिक कोशिकाएं
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं (जैसे बैक्टीरिया) में केंद्रक झिल्ली और अन्य झिल्लीयुक्त कोशिकांग जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और गॉल्जीकाय का अभाव होता है। प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं। इनका अनुवांशिक पदार्थ (DNA) कोशिका द्रव्य में बिखरा रहता है जिसे न्यूक्लियॉइड कहते हैं। इसके विपरीत यूकैरियोटिक कोशिकाओं में सुविकसित केंद्रक और सभी कोशिकांग पाए जाते हैं।
4. कौन-सा कोशिकांग कोशिकाद्रव्य के विभिन्न क्षेत्रों में, पदार्थों के परिवहन के लिए एक चैनल के रूप में कार्य करता है?
(A) अंतर्द्रव्यी जालिका
(B) हरित लवक
(C) सूत्रकणिका
(D) लयनकाय
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (A) अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) कोशिका के अंदर पदार्थों, विशेषकर प्रोटीन और लिपिड के परिवहन के लिए एक चैनल या रास्ते की तरह कार्य करता है। खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम होते हैं जो प्रोटीन संश्लेषण में मदद करते हैं। चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) लिपिड और स्टेरॉयड के निर्माण में सहायक होती है। यह कोशिका को यांत्रिक सहारा भी प्रदान करती है।
5. एक संतति कोशिका (daughter cell) में गुणसूत्रों की संख्या किस प्रक्रिया द्वारा आधी हो जाती है?
(A) द्विखंडन
(B) अर्धसूत्री विभाजन
(C) सूत्री कोशिका विभाजन
(D) असूत्री विभाजन
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (B) अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) जनन कोशिकाओं में होता है और इसके फलस्वरूप संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका से आधी रह जाती है। अर्धसूत्री विभाजन के कारण ही पीढ़ी दर पीढ़ी गुणसूत्रों की संख्या निश्चित बनी रहती है। इस विभाजन में एक जनक कोशिका से चार संतति कोशिकाएं बनती हैं। इसमें "क्रॉसिंग ओवर" (Crossing Over) की प्रक्रिया होती है जिससे जीवों में आनुवंशिक विविधता आती है।
6. निम्नलिखित में से किसमें कोई भी भी झिल्ली नहीं होती है?
(A) पादप कोशिका
(B) विषाणु
(C) कवक कोशिका
(D) जंतु कोशिका
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (B) विषाणु यानी वायरस एक अकोशिकीय जीव है जिसमें किसी भी प्रकार की कोशिका झिल्ली या कोशिकांग नहीं पाए जाते हैं और यह केवल प्रोटीन के आवरण से घिरा होता है। रेलवे और एसएससी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है कि सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी किसे कहते हैं तो इसका उत्तर विषाणु है क्योंकि यह कोशिका सिद्धांत का पालन नहीं करता है। जब तक विषाणु किसी जीवित कोशिका के बाहर रहता है तब तक यह एक निर्जीव कण की तरह व्यवहार करता है और इसमें कोई चयापचय प्रक्रिया नहीं होती है।
7. एटीपी (ATP) का उत्पादन किस कोशिकांग में होता है?
(A) अंतर्द्रव्यी जालिका
(B) हरित लवक
(C) सूत्रकणिका
(D) लयनकाय
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (C) सूत्रकणिका जिसे माइटोकॉन्ड्रिया भी कहा जाता है कोशिका का ऊर्जा घर या पावर हाउस कहलाता है क्योंकि यहीं पर श्वसन प्रक्रिया के माध्यम से एटीपी का उत्पादन होता है। एटीपी का पूर्ण रूप एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट है जिसे कोशिका की ऊर्जा मुद्रा या एनर्जी करेंसी के रूप में जाना जाता है और यह शारीरिक कार्यों के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। एसएससी और रेलवे परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि किस अंगक के पास अपना स्वयं का डीएनए और राइबोसोम होता है तो उसका सही उत्तर भी सूत्रकणिका ही है।
8. कौन सा कोशिकांग विषाक्त पदार्थों और औषधियों के जहरीले प्रभाव को खत्म कर देता है?
(A) अंतःर्द्रव्यी जालिका
(B) राइबोसोम
(C) गॉल्जी काय
(D) माइटोकॉन्ड्रिया
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-I
Ans: (A) यकृत (Liver) कोशिकाओं में मौजूद चिकनी अंतःर्द्रव्यी जालिका (SER) विषैले पदार्थों और दवाओं का निर्विषीकरण (Detoxification) करने में मुख्य भूमिका निभाती है। यह कोशिकांग वसा और लिपिड अणुओं को बनाने में भी मदद करता है। राइबोसोम को "प्रोटीन की फैक्ट्री" कहा जाता है। माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का "ऊर्जा घर" (Powerhouse) कहा जाता है।
9. श्लाइडेन और श्वान द्वारा दिया गया कोशिका सिद्धांत निम्नलिखित में से किन जीवों पर लागू नहीं होता है?
(A) कवकों पर
(B) जंतुओं पर
(C) विषाणुओं पर
(D) शैवालों पर
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-II
Ans: (C) कोशिका सिद्धांत विषाणुओं पर लागू नहीं होता क्योंकि इनमें वास्तविक कोशिका जैसी कोई संरचना नहीं होती और यह सजीवों के बाहर निर्जीव अवस्था में रहते हैं। श्लाइडेन और श्वान के अनुसार सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं लेकिन विषाणु केवल प्रोटीन और आनुवंशिक पदार्थ का एक अकोशिकीय समूह मात्र हैं।
10. पानी की कमी के कारण कोशिका के संकुचित होकर कोशिका भित्ति से अलग होने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(A) डि प्लाज्मोलिसिस
(B) साइटोलिसिस
(C) प्रकाश संश्लेषण
(D) प्लाज्मोलिसिस
RRB NTPC Stage Ist | 14/03/2021 | Shift-I
Ans: (D) जब पादप कोशिका को अतिपरासारी (Hypertonic) घोल में रखा जाता है, तो कोशिका से पानी बाहर निकल जाता है जिससे कोशिका द्रव्य सिकुड़ कर कोशिका भित्ति से अलग हो जाता है, इसे प्लाज्मोलीसिस (Plasmolysis) कहते हैं। प्लाज्मोलीसिस केवल जीवित पादप कोशिकाओं में होता है, मृत कोशिकाओं में नहीं। यदि कोशिका को अल्पपरासारी (Hypotonic) घोल में रखा जाए, तो वह पानी सोखकर फूल जाती है जिसे वि-प्लाज्मोलीसिस कहते हैं। यह प्रक्रिया अचार में नमक लगाने पर जीवाणुओं को मारने में भी मदद करती है।
11. निम्नलिखित में से कौन सा कोशिकांग केवल पशु कोशिका में पाया जाता है?
(A) लाइसोसोम
(B) गाल्ज़ी बॉडीज
(C) सेंट्रोसोम
(D) राइबोसोम
RRB Group-D | 15/11/2018 | Shift-III
Ans: (C) सेंट्रोसोम (तारककाय) मुख्य रूप से जंतु कोशिकाओं में पाया जाता है और कोशिका विभाजन के समय तर्कु तंतु (Spindle Fibres) के निर्माण में मदद करता है। पादप कोशिकाओं में आमतौर पर सेंट्रोसोम अनुपस्थित होता है (कुछ निम्न वर्गीय पौधों को छोड़कर)। लाइसोसोम को "आत्मघाती थैली" कहा जाता है। हरित लवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है और प्रकाश संश्लेषण करता है।
12. शरीर में लगी चोट की मरम्मत के लिए किस प्रकार के कोशिका विभाजन का प्रयोग किया जाता है?
(A) केवल समसूत्रण
(B) केवल अर्धसूत्रीविभाजन
(C) माईटोसिस और मियोसिस दोनों
(D) न समसूत्रण और न ही अर्धसूत्रीविभाजन
RRB NTPC Stage Ist | 26/04/2016 | Shift-II
Ans: (A) शरीर में वृद्धि, विकास और घावों को भरने के लिए कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में समसूत्री विभाजन (Mitosis) होता है। समसूत्री विभाजन में एक कोशिका से दो एक-समान कोशिकाएं बनती हैं जिनमें गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के बराबर होती है। यह विभाजन अनुवांशिक स्थिरता बनाए रखता है। अर्धसूत्री विभाजन केवल जनन कोशिकाओं में युग्मक बनाने के लिए होता है।
13. जब आप किसी पादप कोशिका को एक अत्यधिक तनु वाह्यय माध्यम में रखते हैं, तो वह जल को अवशोषित करेगी, किंतु फटेगी नहीं। पादप कोशिका का कौन-सा भाग उसे आने वाले जल के दाब का सहन करने में सहायता करता है?
(A) केंद्रक
(B) कोशिका द्रव्य
(C) प्लाज्मा झिल्ली
(D) कोशिका भित्ति
RRB Group-D | 19/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) पादप कोशिकाओं में सेल्यूलोज की बनी एक कठोर कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है जो पानी के प्रवेश से उत्पन्न स्फीति दाब (Turgor Pressure) के विरुद्ध भित्ति दाब लगाती है और कोशिका को फटने से बचाती है। जंतु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती, इसलिए वे अत्यधिक पानी सोखने पर फट सकती हैं। कवक (Fungi) की कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है। जीवाणुओं की कोशिका भित्ति पेप्टाइडोग्लाइकन की बनी होती है।
14. निम्न में से कौन सा कोशिकांग अमीबा में जल की मात्रा को बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होता है?
(A) प्लाज्मा झिल्ली
(B) खाद्य रिक्तिका
(C) संकुचनशील रिक्तिका
(D) कोशिका द्रव्य
RRB Group D | 25/08/2022 | Afternoon
Ans: (C) संकुचनशील रिक्तिका (Contractile Vacuole) अमीबा जैसे एककोशिकीय जीवों में अतिरिक्त जल को कोशिका से बाहर निकालकर जल संतुलन (Osmoregulation) बनाए रखता है। यदि अमीबा को समुद्री जल (खारे पानी) में रखा जाए, तो संकुचनशील रिक्तिका गायब हो सकती है। खाद्य रिक्तिका (Food Vacuole) का कार्य भोजन का पाचन करना है। अमीबा कूटपाद (Pseudopodia) की मदद से चलता है और भोजन ग्रहण करता है।
1. Nature & Composition of Matter
1. चोटों के लिए उपयोग किए जाने वाले इंस्टेंट कोल्ड पैक किस प्रकार कार्य करते हैं:
(A) पानी के वाष्पीकरण से शीतलन होता है
(B) द्रव से ठोस में अवस्था परिवर्तन द्वारा
(C) ऊष्मा को अवशोषित करने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा
(D) अमोनियम नाइट्रेट के ऊष्माशोषी (एंडोथर्मिक) विलयन द्वारा
MP Police constable 2025 | 24-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) इंस्टेंट कोल्ड पैक मुख्य रूप से अमोनियम नाइट्रेट के पानी में घुलने की प्रक्रिया पर आधारित होते हैं। यह एक ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रिया है, जिसमें रासायनिक बंधों को तोड़ने के लिए आसपास के वातावरण से ऊर्जा अवशोषित की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान तापमान तेजी से गिरता है, जिससे चोट वाली जगह पर सूजन कम करने में मदद मिलती है।
2. जब सोडियम बाइकार्बोनेट तापीय अपघटन से गुजरता है और सोडियम कार्बोनेट, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाता है, तो सोडियम बाइकार्बोनेट का गुणांक क्या होता है ?
(A) 1
(B) 3
(C) 2
(D) 4
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) जब सोडियम बाइकार्बोनेट को गर्म किया जाता है, तो यह तापीय अपघटन द्वारा सोडियम कार्बोनेट, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में टूट जाता है। इस अभिक्रिया को संतुलित करने पर पाया जाता है कि दो अणु सोडियम बाइकार्बोनेट आपस में अभिक्रिया करते हैं, तभी सोडियम कार्बोनेट का एक अणु, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनते हैं। यदि केवल एक अणु लिया जाए तो परमाणुओं की संख्या बराबर नहीं बैठती, इसलिए सही संतुलन के लिए सोडियम बाइकार्बोनेट का गुणांक 2 होता है। अतः सही उत्तर 2 है।
3. किसी एक विलयन में बहुत कम मात्रा (ट्रेस मात्रा) में मौजूद विलेय की सांद्रता को व्यक्त करने के लिए किस माप का उपयोग किया जाता है?
(A) पीपीएम
(B) मोलरता 
(C) मोललता
(D) आयतन%
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) जब विलेय की मात्रा विलयन में बहुत कम (Trace quantities) होती है, तो सांद्रता को पीपीएम (ppm - Parts Per Million) में व्यक्त किया जाता है। इसका अर्थ है विलयन के 10 लाख हिस्सों में विलेय के हिस्से। जल की कठोरता और वायु प्रदूषण मापने में इसका उपयोग होता है।
4. प्रयोगशाला में जब सूर्य का प्रकाश कोलॉइडी विलयन से होकर गुजरता है, तो दिखाई देने वाले नीले रंग के लिए कौन-सी भौतिक घटना उत्तरदायी होती है?
(A) विवर्तन
(B) परावर्तन
(C) टिण्डल प्रभाव
(D) अपवर्तन
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) कोलाइडी विलयन से प्रकाश गुजरने पर प्रकाश का प्रकीर्णन होता है, जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं। इसी प्रकीर्णन के कारण आकाश का रंग नीला और जंगल में प्रकाश का मार्ग दिखाई देता है। कम तरंगदैर्ध्य वाला नीला प्रकाश सबसे अधिक प्रकीर्णित होता है।
5. प्रयोगशाला में जब सूर्य का प्रकाश कोलॉइडी विलयन से होकर गुजरता है, तो दिखाई देने वाले नीले रंग के लिए कौन-सी भौतिक घटना उत्तरदायी होती है?
(A) विवर्तन
(B) परावर्तन
(C) टिण्डल प्रभाव
(D) अपवर्तन
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) जब प्रकाश की किरणें किसी कोलाइडल विलयन (जैसे वायुमंडल में मौजूद धूल के कण) से गुजरती हैं, तो प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering) के कारण किरण का मार्ग दिखाई देने लगता है, जिसे टिण्डल प्रभाव कहते हैं। नीले रंग की तरंग दैर्ध्य कम होने के कारण इसका प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है। यही कारण है कि प्रयोगशाला में सूर्य का प्रकाश कोलाइडल घोल से गुजरने पर नीला दिखाई देता है।
1. Unit/ Measurement / Measuring Instrument
1. आवर्धन की इकाई क्या है
(A) सेमी.
(B) डायोप्टर
(C) इसकी कोई इकाई नहीं है
(D) न्यूटन
RRB Group-D | 19/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) आवर्धन (Magnification) एक अनुपात है जो प्रतिबिंब की ऊँचाई और वस्तु की ऊँचाई के संबंध को दर्शाता है। चूँकि यह दो समान लंबाई वाली भौतिक राशियों का अनुपात है, इसलिए इसकी कोई इकाई (Unitless) नहीं होती है। $m = \frac{h'}{h}$ जहाँ $h'$ प्रतिबिंब की ऊँचाई और $h$ वस्तु की ऊँचाई है। आवर्धन का धनात्मक मान आभासी प्रतिबिंब और ऋणात्मक मान वास्तविक प्रतिबिंब को दर्शाता है। समतल दर्पण का आवर्धन हमेशा $+1$ होता है।
2. प्रेरित विभवांतर की S.I. इकाई है।
(A) $V$
(B) $A$
(C) $mA$
(D) $mV$
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-III
Ans: (A) प्रेरित विभवांतर (Induced Potential Difference) की SI इकाई वोल्ट (V) होती है। जब किसी चालक से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो उसमें विद्युत वाहक बल प्रेरित होता है। $V = -N \frac{\Delta \Phi}{\Delta t}$ इसे फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम से समझा जाता है। विभवांतर को मापने के लिए वोल्टमीटर का उपयोग किया जाता है। $1$ वोल्ट $1$ जूल प्रति कूलॉम के बराबर होता है।
3. प्रतिरोधकता की S.I. इकाई है।
(A) ओम/मीटर
(B) म्हो
(C) ओम-मीटर
(D) ओम
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-II
Ans: (C) प्रतिरोधकता (Resistivity) किसी पदार्थ का अंतर्निहित गुण है जो धारा के प्रवाह का विरोध करने की उसकी क्षमता को दर्शाता है। इसकी SI इकाई ओम-मीटर ($\Omega \cdot m$) है। $\rho = R \frac{A}{L}$ प्रतिरोधकता केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, चालक की लंबाई या मोटाई पर नहीं। चांदी की प्रतिरोधकता सबसे कम होती है। कुचालकों की प्रतिरोधकता बहुत उच्च होती है।
4. किस भौतिक राशि का मात्रक वोल्ट/एम्पियर होता है?
(A) प्रतिरोध
(B) धारा
(C) कार्य
(D) आवेश
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) प्रतिरोध (Resistance) का मात्रक वोल्ट प्रति एम्पियर ($V/A$) होता है जिसे ओम ($\Omega$) कहा जाता है। यह चालक द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह में डाली गई बाधा है। $R = \frac{V}{I}$ ओम का नियम स्थिर तापमान पर लागू होता है। प्रतिरोध चालक की लंबाई के समानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। चालकता, प्रतिरोध का व्युत्क्रम होती है।
5. विद्युत ऊर्जा का वाणिज्यिक मात्रक है।
(A) कैलोरी
(B) जूल
(C) वाट
(D) किलोवाट घंटा
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) का व्यावसायिक या वाणिज्यिक मात्रक किलोवाट घंटा (kWh) है। इसे सामान्य भाषा में 'यूनिट' भी कहा जाता है। $1~kWh = 3.6 \times 10^6$ जूल यह $1$ किलोवाट की शक्ति को $1$ घंटे तक उपयोग करने पर खर्च हुई ऊर्जा है। जूल ऊर्जा की SI इकाई है लेकिन बड़े पैमाने पर गणना के लिए $kWh$ का उपयोग किया जाता है। घरों के बिजली बिल की गणना इसी मात्रक में की जाती है।
6. प्रतिरोधकता की SI इकाई क्या है?
(A) ओम/मीटर
(B) मीटर
(C) ओम
(D) ओम-मीटर
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) प्रतिरोधकता (Resistivity) का विमीय सूत्र और मात्रक पदार्थ की विशिष्ट चालकता के विपरीत होते हैं। इसका SI मात्रक ओम-मीटर ($\Omega \cdot m$) है। $R = \rho \frac{l}{A}$ तापमान बढ़ने पर धातुओं की प्रतिरोधकता बढ़ जाती है। अर्धचालकों की प्रतिरोधकता तापमान बढ़ने पर कम होती है। मिश्र धातुओं जैसे मैंगनीन की प्रतिरोधकता पर तापमान का प्रभाव बहुत कम पड़ता है।
7. रेडियोधर्मिता की एसआई (SI) इकाई क्या है?
(A) बेकुरल
(B) क्यूरी
(C) फैराडे
(D) रदरफोर्ड
RRB NTPC | 13.03.2021 | Shift-II
Ans: (A) रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की आधिकारिक SI इकाई बेकुरल (Bq) है। $1$ बेकुरल का अर्थ है प्रति सेकंड एक नाभिकीय क्षय। $1~Bq = 1$ क्षय/सेकंड क्यूरी (Curie) इसकी पुरानी और पारंपरिक इकाई है। $1$ क्यूरी $3.7 \times 10^{10}$ बेकुरल के बराबर होती है। इसकी खोज हेनरी बेकुरल ने की थी जबकि 'रेडियोधर्मिता' शब्द मैडम क्यूरी ने दिया था।
8. निम्न में से किस राशि का SI मात्रक कैंडेला होता है।
(A) आवेग
(B) वेग
(C) बल
(D) ज्योति तीव्रता
RRB NTPC (Stage-2) | 15/06/2022 | Shift-III
Ans: (D) ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) का SI मात्रक कैंडेला (cd) होता है। यह एक मूलभूत (Fundamental) राशि है जो प्रकाश स्रोत की दृश्य चमक को दर्शाती है। $I = \frac{d\Phi}{d\Omega}$ ज्योति तीव्रता प्रकाश की वह मात्रा है जो किसी विशिष्ट दिशा में उत्सर्जित होती है। इसे मापने के लिए फोटोमीटर का उपयोग किया जाता है। आवेग का मात्रक न्यूटन-सेकंड और बल का मात्रक न्यूटन होता है।
9. संवेग की SI पद्धति में इकाई क्या है?
(A) $kg \cdot m/s^2$
(B) $kg \cdot m/s$
(C) $g \cdot m/s$
(D) $kg \cdot cm/s$
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) संवेग (Momentum) किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को कहते हैं। SI पद्धति में इसकी इकाई किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड ($kg-m/s$) होती है। $p = m \cdot v$ यह एक सदिश (Vector) राशि है जिसकी दिशा वेग की दिशा में होती है। संवेग में परिवर्तन की दर लगाए गए बल के बराबर होती है। संवेग संरक्षण का नियम रॉकेट प्रणोदन में उपयोग होता है।
10. निम्नलिखित में से कौन सी कार्य की इकाई नहीं है?
(A) किग्रा-मी०/सेकेण्ड
(B) किग्रा-मी०/सेकेण्ड2
(C) न्यूटन मीटर
(D) जूल
RRB NTPC | 13.03.2021 | Shift-I
Ans: (A) कार्य (Work) की इकाई जूल ($J$) या न्यूटन-मीटर ($Nm$) होती है। विकल्पों के अनुसार किग्रा-मी/सेकंड संवेग का मात्रक है, कार्य का नहीं। $W = F \cdot d \cos \theta$ कार्य का विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}]$ है। कार्य तब शून्य होता है जब बल और विस्थापन के बीच का कोण $90^{\circ}$ हो। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ तथा मात्रक समान होते हैं।
11. रेडियोधर्मी पदार्थ द्वारा उत्सर्जित होने वाले विकिरण की मात्रा को नामक पारंपरिक इकाई में मापा जाता है।
(A) वॉट
(B) पास्कल
(C) एम्पियर
(D) क्यूरी
RRB NTPC | 29.01.2021 | Shift-II
Ans: (D) रेडियोधर्मी विकिरण की मात्रा को मापने के लिए पारंपरिक इकाई क्यूरी (Curie) का उपयोग किया जाता है। यह $1$ ग्राम रेडियम-226 की सक्रियता पर आधारित है। $1~Curie = 3.7 \times 10^{10}~Bq$ पास्कल दबाव की और एम्पियर विद्युत धारा की इकाई है। विकिरण के अवशोषित खुराक को ग्रे (Gray) में मापा जाता है। मानव ऊतकों पर विकिरण के प्रभाव को सीवर्ट (Sievert) में मापा जाता है।
12. उद्योग में शक्ति की इकाई है :
(A) किलोवॉट
(B) वॉट
(C) जूल
(D) अश्व शक्ति
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-III
Ans: (D) उद्योगों और भारी मशीनों की शक्ति (Power) मापने के लिए अश्व शक्ति (Horsepower) का उपयोग किया जाता है। यह शक्ति की एक व्यावहारिक इकाई है। $1~HP = 746$ वाट जेम्स वाट ने इस इकाई का प्रतिपादन घोड़ों की कार्य क्षमता की तुलना के लिए किया था। मीट्रिक अश्व शक्ति का मान लगभग $735.5$ वाट होता है। घरों में उपयोग होने वाली मोटरें अक्सर $HP$ में रेटेड होती हैं।
13. S.I. प्रणाली में प्रतिबल की माप इकाई है-
(A) $kg/cm^2$
(B) $N$
(C) $N/m^2$
(D) $Watt$/वॉट
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08, Green paper
Ans: (C) प्रतिबल (Stress) प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले आंतरिक पुनर्स्थापना बल को कहते हैं। इसकी SI इकाई न्यूटन प्रति वर्ग मीटर ($N/m^2$) है जिसे पास्कल भी कहा जाता है। $Stress = \frac{F}{A}$ यह दबाव के समान ही मात्रक रखता है लेकिन इसकी प्रकृति अलग है। विकृति (Strain) की कोई इकाई नहीं होती है। ठोसों में प्रतिबल उनके विरूपण के विरुद्ध प्रतिरोध का माप है।
14. निम्नलिखित में से किसकी इकाई, ऊर्जा की इकाई के समान है?
(A) शक्ति
(B) घनत्व
(C) कार्य
(D) बल
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-II
Ans: (C) कार्य (Work) और ऊर्जा (Energy) की विमाएँ और मात्रक भौतिक विज्ञान में पूर्णतः समान होते हैं। इन दोनों का ही SI मात्रक जूल ($J$) है। $1~J = 1~N \cdot m$ ऊर्जा कार्य करने की क्षमता को दर्शाती है। शक्ति कार्य की दर है, जिसका मात्रक वाट है। बल का मात्रक न्यूटन और घनत्व का मात्रक $kg/m^3$ होता है।
15. ऐम्पियर सेकण्ड किसकी इकाई है?
(A) आवेश
(B) शक्ति
(C) वोल्टेज
(D) ऊर्जा
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (A) एम्पियर सेकंड (Ampere-second) विद्युत आवेश (Charge) की इकाई है। चूँकि धारा आवेश प्रवाह की दर है, इसलिए आवेश धारा और समय का गुणनफल होता है। $Q = I \cdot t$ $1$ एम्पियर सेकंड को $1$ कूलॉम ($C$) कहा जाता है। वोल्टेज का मात्रक वोल्ट और ऊर्जा का मात्रक जूल होता है। $1$ इलेक्ट्रॉन पर $1.6 \times 10^{-19}$ कूलॉम ऋण आवेश होता है।
16. ‘गैलन’ सामान्यतः इस्तेमाल किया जाता है-
(A) गति के लिए
(B) एक कंटेनर के लिए
(C) आयतन की माप के रूप में
(D) कंटेनरों को बैरल के संदर्भ में व्यक्त करने के लिए
RRB NTPC | 31.03.2016 | Shift-II
Ans: (C) गैलन (Gallon) आयतन (Volume) मापने की एक गैर-SI इकाई है जो मुख्य रूप से तरल पदार्थों के लिए उपयोग की जाती है। $1~US~Gallon = 3.785$ लीटर ब्रिटिश गैलन (Imperial Gallon) का मान $4.546$ लीटर होता है। कच्चे तेल के व्यापार में अक्सर बैरल का उपयोग होता है जहाँ $1$ बैरल लगभग $159$ लीटर के बराबर होता है। यह औद्योगिक स्तर पर तरल मापन की महत्वपूर्ण इकाई है।
17. अनौपचारिक रूप से खगोलीय दूरी को व्यक्त करने के लिए लम्बाई की कौन सी इकाई का प्रयोग किया जाता है?
(A) पेटामीटर
(B) पर्सक्स
(C) प्रकाश वर्ष
(D) हब्बल की लम्बाई
RRB NTPC | 04.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) खगोलीय दूरी (Astronomical Distance) को मापने के लिए प्रकाश वर्ष (Light Year) का उपयोग किया जाता है। यह प्रकाश द्वारा एक वर्ष में तय की गई कुल दूरी है। $1~LY = 9.46 \times 10^{15}$ मीटर दूरी की सबसे बड़ी इकाई पारसेक (Parsec) है। खगोलीय इकाई (AU) पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी है। प्रकाश की गति निर्वात में लगभग $3 \times 10^8$ मीटर प्रति सेकंड होती है।
18. दबाव की एस. आई. (SI) इकाई क्या है?
(A) न्यूटन प्रति वर्ग सेंटीमीटर
(B) न्यूटन वर्ग मीटर
(C) न्यूटन प्रति वर्ग मीटर
(D) न्यूटन वर्ग सेंटी मीटर
RRB NTPC | 15.03.2021 | Shift-II
Ans: (C) दबाव या दाब (Pressure) की SI इकाई न्यूटन प्रति वर्ग मीटर ($N/m^2$) है, जिसे पास्कल (Pa) के नाम से जाना जाता है। $P = \frac{F}{A}$ कम क्षेत्रफल पर अधिक बल लगाने से दबाव बढ़ जाता है, जैसे कील का नुकीला सिरा। वायुमंडलीय दाब को बैरोमीटर से मापा जाता है। समुद्र तल पर औसत वायुमंडलीय दाब $101325~Pa$ होता है।
19. पृथ्वी से लेकर सूर्य तक की अनुमानित दूरी की लंबाई की यूनिट है।
(A) लाइट इयर्स
(B) एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट
(C) केल्विन
(D) जूल
RRB NTPC | 16.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) खगोलीय इकाई (Astronomical Unit) पृथ्वी के केंद्र से सूर्य के केंद्र तक की औसत दूरी को कहते हैं। यह मुख्य रूप से सौर मंडल के भीतर दूरियों को मापने के काम आती है। $1~AU = 1.496 \times 10^8$ किमी प्रकाश वर्ष और पारसेक का उपयोग तारों के बीच की दूरी के लिए होता है। जूल ऊर्जा का और केल्विन तापमान का मात्रक है। सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश पहुँचने में लगभग $8$ मिनट $20$ सेकंड का समय लगता है।
20. बल की इकाई...............है।
(A) $g \cdot m \cdot s^{-1}$
(B) $kg \cdot m \cdot s^{-2}$
(C) $g \cdot m \cdot s^{-2}$
(D) $kg \cdot m \cdot s^{-1}$
RRB NTPC | 13.03.2021 | Shift-I
Ans: (B) बल (Force) का मात्रक न्यूटन ($N$) है जिसे आधारभूत मात्रकों में किलोग्राम-मीटर प्रति वर्ग सेकंड ($kg \cdot m/s^2$) लिखा जाता है। $F = m \cdot a$ बल वह कारक है जो किसी वस्तु की विराम अवस्था या गति की दिशा को बदल सकता है। बल की CGS इकाई डाइन (Dyne) है। $1$ न्यूटन $10^5$ डाइन के बराबर होता है।
21. विद्युत ऊर्जा व्यय का वाणिज्यिक मात्रक क्या है?
(A) किलोवाट घंटा (kWh)
(B) जूल (J)
(C) वाट (W)
(D) वोल्ट (V)
RRB JE | 02.06.2019 | Shift-I
Ans: (A) विद्युत ऊर्जा की वाणिज्यिक (Commercial) इकाई किलोवाट-घंटा (kWh) है, जिसे सामान्य भाषा में "यूनिट" कहा जाता है। 1 kWh वह ऊर्जा है जो 1000 वॉट का उपकरण 1 घंटे तक चलने पर खर्च करता है। इसका मान जूल में $3.6 \times 10^6$ जूल के बराबर होता है।
22. 1 एटमॉस्फियर =
(A) 1.01×10⁵ Pa
(B) 10.1×10⁵ Pa
(C) 1.01×10⁶ Pa
(D) 10.1×10⁶ Pa
RRB Group-D | 28-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) वायुमंडलीय दबाव (Atmospheric Pressure) को मापने की इकाई पास्कल (Pa) है। $1$ एटमॉस्फियर का मानक मान $1.01 \times 10^5~Pa$ होता है। $1~atm = 760~mm$ of Hg वायुमंडलीय दाब को मापने के लिए बैरोमीटर का उपयोग किया जाता है। ऊँचाई बढ़ने पर वायुमंडलीय दबाव कम हो जाता है। यह मौसम के पूर्वानुमान में एक महत्वपूर्ण कारक है।
23. 1 डायोप्टर............ के बराबर होता है।
(A) 1 mm⁻¹
(B) 1 m⁻¹
(C) 1 dm⁻¹
(D) 1 cm⁻¹
RRB JE | 02.06.2019 | Shift-III
Ans: (B) डायोप्टर (D) लेंस की शक्ति को मापने की SI इकाई है, जो लेंस की फोकस दूरी (f) के व्युत्क्रम के बराबर होती है। यदि फोकस दूरी 1 मीटर है, तो लेंस की शक्ति 1 डायोप्टर ($1 m^{-1}$) होगी। उत्तल लेंस के लिए डायोप्टर धनात्मक (+) और अवतल लेंस के लिए ऋणात्मक (-) होता है।
24. 1 kWh = ?
(A) 3.6×10³ J
(B) 3.6×10⁻⁶ J
(C) 3.6×10⁶ J
(D) 3.6×10⁻⁵ J
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-III
Ans: (C) 1 किलोवाट-घंटा (kWh) को जूल में बदलने के लिए शक्ति (1000W) को समय (3600 सेकंड) से गुणा किया जाता है। $1 kWh = 1000 J/s \times 3600 s = 3,600,000$ जूल। इसे वैज्ञानिक पद्धति में $3.6 \times 10^6$ जूल लिखा जाता है, जो ऊर्जा की एक बड़ी मात्रा को दर्शाता है।
25. 1 किलोवाट ............ शक्ति के बराबर होती है।
(A) 100 वाट
(B) 10000 वाट
(C) 10 वाट
(D) 1000 वाट
RRB JE | 26.05.2019 | Shift-III
Ans: (D) किलोवाट (kW) शक्ति की एक बड़ी इकाई है, जहाँ "किलो" उपसर्ग का अर्थ 1000 होता है। अतः 1 किलोवाट ठीक 1000 वाट (W) के बराबर होता है, जो प्रति सेकंड 1000 जूल कार्य करने की दर को दर्शाता है। इसका उपयोग भारी मशीनों और बिजली के इंजनों की शक्ति मापने में अधिक किया जाता है।
26. 1 न्यूटन = ?
(A) 1 kg × 1 ms¹
(B) 1 kg × 1 ms⁻²
(C) 1 kg × 1 ms⁻¹
(D) 1 kg × 1 ms²
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-III
Ans: (B) न्यूटन (N) बल की SI इकाई है, जो न्यूटन के गति के दूसरे नियम ($F = ma$) पर आधारित है। 1 न्यूटन वह बल है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में $1 m/s^2$ का त्वरण उत्पन्न करता है। गणितीय रूप से इसे $1 kg \cdot m/s^2$ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
27. एक पिकोमीटर के बराबर है-
(A) 10^-11 m
(B) 10^12 m
(C) 10^-12 m
(D) 10^11 m
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-III
Ans: (C) पिकोमीटर (pm) लंबाई की एक अत्यंत सूक्ष्म इकाई है, जिसका उपयोग परमाणु के आकार और रासायनिक बंधों की लंबाई मापने में होता है। 1 पिकोमीटर मीटर का एक खरबवां हिस्सा होता है, जिसे $10^{-12}$ मीटर के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह नैनोमीटर ($10^{-9}$ m) से भी 1000 गुना छोटा होता है।
28. सर्किट में बिजली के प्रवाह का पता लगाने हेतु निम्नलिखित में से किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?
(A) गैल्वेनोमीटर
(B) एनिमोमीटर
(C) बैरोमीटर
(D) लैक्टोमीटर
RRB NTPC Stage Ist | 26.04.2016 | Shift-II
Ans: (A) गैल्वेनोमीटर एक अत्यंत संवेदनशील उपकरण है जिसका उपयोग परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति और उसकी दिशा का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह बहुत कम परिमाण वाली धारा (microamperes) को भी माप सकता है। यदि इसे परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए और इसके साथ समानांतर में शंट लगा दिया जाए, तो इसे अमीटर में बदला जा सकता है।
29. रेडियोधर्मिता की SI इकाई क्या है?
(A) बेक्वेरेल
(B) फैराडे
(C) क्यूरी
(D) रदरफोर्ड
RRB NTPC CBT-1 | 13/03/2021 | Evening
Ans: (A) रेडियोधर्मिता की SI इकाई "बेक्वेरेल" (Bq) है, जिसका नाम वैज्ञानिक हेनरी बेक्वेरेल के सम्मान में रखा गया है। 1 बेक्वेरेल का अर्थ है प्रति सेकंड एक नाभिकीय विखंडन या क्षय (1 decay per second)। हालाँकि "क्यूरी" भी रेडियोधर्मिता की एक पुरानी और प्रसिद्ध इकाई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानक (SI) बेक्वेरेल ही है।
30. संवेग की SI पद्धति में मात्रक क्या है ?
(A) $g-m/s$
(B) $kg-m/s^{2}$
(C) $kg-m/s$
(D) kg-cm/s
RRB Group D | 19/09/2018 | Evening
Ans: (C) संवेग (Momentum) किसी वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के गुणनफल को कहते हैं ($p = mv$)। चूंकि द्रव्यमान की इकाई किलोग्राम (kg) है और वेग की मीटर प्रति सेकंड (m/s) है, इसलिए संवेग की SI इकाई $kg \cdot m/s$ होती है। यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा वही होती है जो वस्तु के वेग की होती है।
1. Cell
1. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
(A) माइटोकॉन्ड्रियाः सेल का पावर हाउस
(B) राइबोसोमः प्रोटीन का कारखाना
(C) लाइसोसोमः आत्मघाती थैली
(D) नाभिकः लिपिड चयापचय
CGL Tier I | 2024
Ans: (D) नाभिक (Nucleus) का मुख्य कार्य कोशिका की गतिविधियों और आनुवंशिक सूचनाओं का नियंत्रण करना है, लिपिड चयापचय का कार्य मुख्य रूप से चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) का है। माइटोकॉन्ड्रिया में कोशिकीय श्वसन होता है जिससे ATP ऊर्जा बनती है। राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का स्थल है। लाइसोसोम में पाचक एंजाइम होते हैं जो कोशिका की सफाई करते हैं।
2. किस कोशिका अंगक को हाइड्रोजन पेरोक्साइड उत्पादन के लिए जाना जाता है?
(A) वैकुओल
(B) न्यूक्लियस
(C) पेरोक्सीसोम्स
(D) सेंट्रोसोम
CGL Tier I | 2024
Ans: (C) पेरोक्सीसोम्स (Peroxisomes) वह कोशिकांग है जो प्रकाश श्वसन (Photorespiration) में भाग लेता है और वसा अम्लों के ऑक्सीकरण के दौरान हाइड्रोजन पेरोक्साइड $H_2O_2$ का उत्पादन और विघटन करता है। पेरोक्सीसोम्स में "कैटलेज" (Catalase) नामक एंजाइम होता है जो विषैले $H_2O_2$ को पानी और ऑक्सीजन में तोड़ देता है। यह यकृत और गुर्दे की कोशिकाओं में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जहां यह विषहरण का कार्य करता है।
3. कोशिका विभाजन के संदर्भ में तनुपट्ट (लिप्टोटीन) अवस्था में कौन-सा गुणसूत्र संबंधी व्यवहार होता है?
(A) समजात गुणसूत्र जोड़े बनना
(B) गुणसूत्र का संघनित होना
(C) गुणसूत्रों का सूत्रयुग्मन रहित होना
(D) सूत्रयुग्मन का पूर्ण हो जाना
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (B) अर्धसूत्री विभाजन की प्रोफेज-I की पहली अवस्था लेप्टोटीन (Leptotene) है, जिसमें गुणसूत्र धागे जैसे दिखने लगते हैं और संघनित (Condense) होने लगते हैं। जाइगोटीन अवस्था में समजात गुणसूत्रों के जोड़े बनते हैं जिसे सिनेप्सिस कहते हैं। पैकीटीन अवस्था में गुणसूत्रों के बीच जीन विनिमय (Crossing Over) होता है। डिप्लोटीन अवस्था में कियाज्मेटा (Chiasmata) दिखाई देते हैं।
4. गॉल्जी सम्मिश्र (Golgi complex) के आस-पास के कोशिका द्रव्य प्रक्षेत्र (cytoplasmic zone) में कोई कोशिका अंगक नहीं होता है। कोशिका द्रव्य से रिक्त इस प्रक्षेत्र को क्या कहा जाता है?
(A) अपवर्जन का क्षेत्र (zone of exclusion)
(B) साइटोसिन (cytosine)
(C) कोशिकाविलेय (cytosol)
(D) साइटोक्रोम (cytochrome)
RRB NTPC Stage 1 | 10/01/2021 | Shift-I
Ans: (A) गॉल्जी काय के आस-पास का कोशिका द्रव्य अक्सर रिबोसोम और अन्य अंगकों से मुक्त रहता है, इसे स्पष्ट क्षेत्र या अपवर्जन का क्षेत्र (Zone of exclusion) कहते हैं। गॉल्जी काय का मुख्य कार्य पदार्थों (प्रोटीन और लिपिड) की पैकिंग और स्रावण (Secretion) करना है। इसे कोशिका का "ट्रैफिक पुलिस" या "डाकघर" भी कहा जाता है। पौधों में गॉल्जी काय को डिक्टियोसोम (Dictyosome) कहा जाता है।
5. पुटिकाओं, नलिकाओं और पट्टलिकाओं के रूप में पाई जाने वाली संरचना की पहचान कीजिए।
(A) प्लास्टिड
(B) कोशिका द्रव्य
(C) मेसोसोम
(D) लाइसोसोम
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-Y
Ans: (C) मेसोसोम (Mesosome) जीवाणुओं (प्रोकैरियोट्स) में प्लाज्मा झिल्ली के अंदर की ओर मुड़ने से बनी संरचना है जो पुटिकाओं और नलिकाओं के रूप में होती है। मेसोसोम माइटोकॉन्ड्रिया के समरूप कार्य करते हैं अर्थात ये श्वसन और ऊर्जा उत्पादन में मदद करते हैं। यह DNA प्रतिकृति (Replication) और कोशिका भित्ति के निर्माण में भी सहायक होते हैं। यह सतही क्षेत्र को बढ़ाकर एंजाइमी क्रियाओं को तेज करते हैं।
1. Nature & Composition of Matter
1. निम्नलिखित में से कौन सा/से विधान सत्य हैं? A. दृढ़ताः पदार्थ के प्रकार के अनुसार, कणों के स्थान के आधार पर आकार बदलता है। उदाहरण के लिए, ठोस पदार्थों का निश्चित आकार होता है, जबकि तरल पदार्थ उनके पात्र का आकार प्राप्त करते हैं और देखा जाए तो, गैसों का कोई आकार नहीं होता है। B. संपीड्यताः यह पदार्थों का वह गुण है जिसके कारण उच्च दाब पर उनका आयतन कम हो जाता है। गैसों में यह गुण पाया जाता है।
(A) A और B दोनों सत्य हैं
(B) केवल A ही सत्य है
(C) केवल B ही सत्य है
(D) A और B दोनों असत्य हैं
RRB Group-D | 11-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) कथन A और B दोनों सत्य हैं। दृढ़ता (Rigidity): ठोस पदार्थों के कण मजबूती से बंधे होते हैं और उनका आकार निश्चित होता है, जबकि गैसों का कोई निश्चित आकार नहीं होता। संपीड्यता (Compressibility): गैसों के कणों के बीच बहुत खाली स्थान होता है, इसलिए उन्हें आसानी से दबाया (संपीडित) जा सकता है।
2. एक मिश्र धातु किसका एक उदाहरण है:
(A) कोलॉयडल विलयन
(B) पायस
(C) ठोस विलयन
(D) विविध मिश्रण
RRB ALP & Tec. | 10-08-18 | Shift-II
Ans: (C) मिश्र धातु दो या दो से अधिक धातुओं (या धातु + अधातु) का समांगी मिश्रण होती है। इसमें घटक ठोस अवस्था में समान रूप से फैले रहते हैं, इसलिए इसे ठोस विलयन कहा जाता है। उदाहरण: पीतल (ताँबा + जस्ता), कांसा (ताँबा + टिन)।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी मिश्रण है?
(A) पीतल
(B) पानी में चीनी का घोल
(C) वायु
(D) दूध
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (D) दूध (Milk) एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) है, जिसे पायस (Emulsion) या कोलाइड भी कहा जाता है। इसमें वसा के कण पानी में निलंबित रहते हैं। पीतल एक मिश्र धातु (समांगी), चीनी का घोल (समांगी) और वायु (सामान्यतः समांगी) मिश्रण हैं।
4. वह विजातीय मिश्रण, जिसमें विलेय के कण घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में निलंबित बने रहते हैं, कहलाता है।
(A) असंतृप्त विलयन
(B) निलंबन
(C) कोलाइड
(D) संतृप्त विलयन
RRB JE | 27.05.2019 | Shift-I
Ans: (B) निलंबन (Suspension) एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय के कण घुलते नहीं हैं, बल्कि माध्यम में निलंबित रहते हैं। ये कण नग्न आंखों से देखे जा सकते हैं, जैसे गंदा पानी या चॉक पाउडर और पानी का मिश्रण।
5. जब दो तरल पदार्थ एक-दूसरे में घुलते नहीं और सॉल्यूशन नहीं बनाते हैं, तो उसे क्या कहते हैं ?
(A) सॉल्वेंट
(B) सॉल्यूट
(C) अमिश्रणीय
(D) डीकैंटेशन
RRB NTPC | 12.04.2016 | Shift-III Stage It
Ans: (C) जब दो तरल पदार्थ एक-दूसरे में नहीं घुलते (जैसे तेल और पानी), तो उन्हें अमिश्रणीय (Immiscible) कहा जाता है। इन्हें पृथक्करण कीप (Separating Funnel) का उपयोग करके अलग किया जा सकता है।
6. उस प्रक्रिया का क्या नाम है, जिसमें गैस सीधे ही ठोस अवस्था (सॉलिड) में परिवर्तित हो जाती है?
(A) उर्ध्वपातन (Sublimation)
(B) निक्षेपण (Deposition)
(C) संघनन (Condensation)
(D) वाष्पीकरण (Evaporation)
RRB NTPC | 16.04.2016 | Shift-III Stage I
Ans: (B) गैस का सीधे ठोस में परिवर्तित होना निक्षेपण (Deposition) कहलाता है। उदाहरण: सर्दियों में पाला (Frost) पड़ना। इसके विपरीत, ठोस का सीधे गैस में बदलना उर्ध्वपातन (Sublimation) कहलाता है (जैसे कपूर का जलना)।
7. निश्चित अनुपात के नियम के अनुसार-
(A) रासायनिक पदार्थ में भिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और रासायनिक गुण भिन्न होते हैं
(B) रासायनिक पदार्थ में यौगिक बनाने के लिए परमाणु छोटी पूर्ण संख्याओं के अनुपात में संयोजित होते हैं
(C) रासायनिक पदार्थ में, तत्व हमेशा द्रव्यमान के निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं
(D) रासायनिक पदार्थ में परमाणु अविभाज्य कण होते हैं जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में निर्मित या नष्ट नहीं किया जा सकता है।
RRB Group-D | 05-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) निश्चित अनुपात के नियम (Law of Constant Proportions) के अनुसार, किसी भी रासायनिक यौगिक में, तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो। उदाहरण: जल ($H_2O$) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात हमेशा 1:8 होता है।
8. द्रव्यमान के आधार पर अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का निश्चित/स्थिर अनुपात ज्ञात कीजिए।
(A) 14:8
(B) 14:3
(C) 3:14
(D) 1:8
RRB NTPC | 14.03.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (B) निश्चित अनुपात के नियम के अनुसार, किसी भी शुद्ध रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में विद्यमान रहते हैं। अमोनिया ($NH_3$) में नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 14 और हाइड्रोजन के तीन परमाणुओं का कुल द्रव्यमान 3 होता है। अतः नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का द्रव्यमान अनुपात सदैव 14:3 बना रहता है, चाहे अमोनिया किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो।
1. Plant Kingdom
1. निम्नलिखित में से किस वनस्पति में पादपकाय को जड़ों, तनों और पत्तियों में विभेदित नहीं किया जाता है?
(A) देवदार
(B) पर्णांग
(C) कारा
(D) मार्सिलिया
RRB NTPC Stage Ist | 14.03.2021 | Shift-I
Ans: (C) कारा ($Chara$) एक हरा शैवाल है जो थैलोफाइटा समूह के अंतर्गत आता है। थैलोफाइटा के पौधों की शारीरिक संरचना सरल होती है और इन्हें जड़, तना और पत्तियों में विभाजित नहीं किया जा सकता है। इसके शरीर को थैलस ($Thallus$) कहा जाता है। देवदार, पर्णांग और मार्सिलिया में स्पष्ट शारीरिक विभेदन पाया जाता है।
2. निम्नलिखित में से किस पौधे को जड़, तना और पत्तियों में विभेदित नहीं किया जा सकता है?
(A) फर्न
(B) मार्सीलिया
(C) स्पाइरोगाइरा
(D) मोरपंखी
RRB NTPC Stage Ist | 08.02.2021 | Shift-I
Ans: (C) स्पाइरोगाइरा ($Spirogyra$) एक बहुकोशिकीय हरा शैवाल है जिसे अक्सर $Pond Scum$ भी कहा जाता है। यह थैलोफाइटा का हिस्सा है, जिसमें संवहनी ऊतकों का अभाव होता है और शरीर जड़, तना या पत्तियों में नहीं बटा होता। जबकि फर्न और मार्सिलिया टेरिडोफाइटा हैं जिनमें विभेदन पाया जाता है।
3. एक पादप समूह जिसके पौधों में जड़, तना और पत्तियां नहीं होती है उसे ..... कहा जाता है।
(A) राइजॉइड
(B) कैप्सूल
(C) थैलस
(D) ब्रायोफाइटा
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) थैलोफाइटा समूह के पौधों के शरीर को $Thallus$ (थैलस) कहा जाता है क्योंकि इनमें वास्तविक जड़, तना और पत्तियों की कमी होती है। इस समूह में मुख्य रूप से शैवाल ($Algae$) आते हैं। $Rhizoid$ जड़ जैसी संरचनाएं हैं जो ब्रायोफाइटा में पाई जाती हैं, जबकि $Capsule$ बीजाणु बनाने वाली संरचना है।
4. जिन पौंधों में संवहन तंत्र नहीं होता है, उन्हें ..... के तौर पर जाना जाता है।
(A) टेरिडोफाइटा
(B) ब्रायोफाइटा
(C) ट्रैकियोफाइटा
(D) गैमेटोफाइटा
RRB NTPC Stage Ist | 12.02.2021 | Shift-I
Ans: (B) ब्रायोफाइटा को पादप जगत का उभयचर ($Amphibians$ $of$ $Plant$ $Kingdom$) कहा जाता है। इनमें जल और खनिजों के परिवहन के लिए $Xylem$ और $Phloem$ जैसे संवहन ऊतक नहीं पाए जाते हैं। टेरिडोफाइटा पहले ऐसे स्थलीय पौधे थे जिनमें पूर्ण विकसित संवहन तंत्र मौजूद था।
5. ब्रायोफाइटा निम्नलिखित में से किस वनस्पति से संबंधित है?
(A) क्लैडोफोरा
(B) देवदार
(C) मार्केन्शिया
(D) जल तिपतिया
RRB NTPC Stage Ist | 29.12.2020 | Shift-II
Ans: (C) मार्केन्शिया ($Marchantia$) ब्रायोफाइटा समूह का एक लिवरवर्ट पादप है। ब्रायोफाइट्स नम और छायादार स्थानों पर उगते हैं और इनमें निषेचन के लिए जल की आवश्यकता होती है। क्लैडोफोरा एक शैवाल है, जबकि देवदार जिम्नोस्पर्म की श्रेणी में आता है।
6. टेरिडोफाइड होते हैं।
(A) नॉनपेनेट्रेशन के बीज
(B) बीजरहित संवहनी पौधे
(C) बीज संवहनी पौधे
(D) संततियों के बीज
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) टेरिडोफाइटा ($Pteridophyta$) वे पौधे हैं जिनमें बीज नहीं बनते, इसलिए इन्हें बीजरहित ($Seedless$) कहा जाता है। हालांकि, ये पहले ऐसे जमीनी पौधे हैं जिनमें $Xylem$ और $Phloem$ के रूप में संवहनी प्रणाली विकसित हुई। इन्हें $Vascular$ $Cryptogams$ के नाम से भी जाना जाता है।
7. निम्न में से कौन जिम्नोस्पर्म है?
(A) काई (मॉस)
(B) चीड़
(C) आम
(D) फर्न
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-I
Ans: (B) चीड़ ($Pinus$) एक जिम्नोस्पर्म पादप है, जिसका अर्थ है नग्न बीज वाला पौधा। जिम्नोस्पर्म में अंडाशय का अभाव होता है, इसलिए बीज फल के अंदर बंद नहीं होते हैं। मॉस एक ब्रायोफाइट है, फर्न टेरिडोफाइट है और आम एक एंजियोस्पर्म (आवृतबीजी) पौधा है।
8. 1757. बबूल (Acacia) के वृक्ष जैसे विभिन्न प्रकार के वृक्षों द्वारा उत्पादित गोंद है।
(A) (a) इन पादपों का अपशिष्ट उत्पाद
(B) (b) खराब स्वास्थ्य/संक्रमण का संकेत
(C) (c) संग्रहीत भोजन का एक रुप
(D) (d) एक कीट-विकर्षक पदार्थ
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) बबूल ($Acacia$) द्वारा स्रावित होने वाला गोंद वास्तव में पौधे का चयापचय अपशिष्ट ($Waste$ $Product$) है। पौधे अपने अपशिष्ट को छाल, पुरानी पत्तियों या गोंद के रूप में जमा करते हैं और बाद में बाहर निकाल देते हैं। यह गोंद जल में घुलनशील होता है और इसका उपयोग उद्योगों में किया जाता है।
9. 1759. हिमालय के किस पुष्प में पूर्तिरोधी (एंटीसेप्टिक) गुण होते हैं, और इसलिए यह खरोचों को ठीक करने में मदद कर सकता है?
(A) (a) रिसिनस
(B) (b) पार्थेनियम
(C) (c) ब्रह्म कमल
(D) (d) धतूरा
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-II
Ans: (C) ब्रह्म कमल ($Saussurea$ $obvallata$) हिमालय में पाया जाने वाला एक दुर्लभ पुष्प है जिसमें औषधीय और पूर्तिरोधी ($Antiseptic$) गुण होते हैं। इसका उपयोग स्थानीय चिकित्सा में घावों और खरोंचों को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह उत्तराखंड का राज्य पुष्प भी है।
10. 1763. निम्न में से कौन सी शाक (जड़ी-बूटी) केवल भारत में पाई जाती है और जिसका उपयोग रक्तचाप के उपचार के लिए होता है?
(A) (a) जामुन
(B) (b) सर्पगन्धा
(C) (c) तुलसी
(D) (d) कचनार
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) सर्पगन्धा ($Rauvolfia$ $serpentina$) एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी है जो मुख्य रूप से भारत में पाई जाती है। इसकी जड़ों में $Reserpine$ नामक एल्कलॉइड होता है जो रक्तचाप ($Blood$ $Pressure$) को नियंत्रित करने में अत्यंत प्रभावी है। तुलसी और जामुन के भी औषधीय लाभ हैं लेकिन वे रक्तचाप के लिए विशिष्ट नहीं हैं।
11. 1765. 'एम्ब्लिका ऑफिसिनेलिस (Emblica officinalis)' जिसका भारतीय स्थानीय नाम... है, का उपयोग च्यवनप्राश के निर्माण में किया जाता है।
(A) (a) आंवला
(B) (b) अफ़ीम
(C) (c) महुआ
(D) (d) नीम
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) आंवला का वैज्ञानिक नाम $Emblica$ $officinalis$ है। यह विटामिन $C$ ($Ascorbic$ $Acid$) का एक समृद्ध स्रोत है और इसका उपयोग पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधि च्यवनप्राश बनाने में मुख्य घटक के रूप में किया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
12. 1775. बरगद के पेड़ का वानस्पतिक नाम क्या है?
(A) (a) फाइकस बेंघालेंसिस
(B) (b) ओसिमम टेन्यूइफ्लोरम
(C) (c) अज़ेडिराएक्टा इंडिका
(D) (d) फाइकस रिलीजियोसा
RRB NTPC | 30.12.2020 | Shift-II
Ans: (A) बरगद ($Banyan$ $Tree$) भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है और इसका वानस्पतिक नाम $Ficus$ $benghalensis$ है। इसमें सहारा देने वाली जड़ें होती हैं जिन्हें $Prop$ $Roots$ कहा जाता है। $Ficus$ $religiosa$ पीपल का नाम है, जबकि $Azadirachta$ $indica$ नीम का वैज्ञानिक नाम है।
1. Environment
1. पारिस्थितिक तंत्र में विभिन्न पोषी स्तरों के माध्यम से ऊर्जा प्रवाह
(A) प्रत्येक उच्चतर पोषी स्तर के साथ बढ़ जाता है
(B) प्रत्येक उच्चतर पोषी स्तर के साथ कम हो जाता है
(C) द्विदिशीय होता है
(D) यादृच्छिक होता है
RRB Group-D | 27/09/2022 | Shift-II
Ans: (b) पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय (Unidirectional) होता है और प्रत्येक उच्चतर पोषी स्तर पर जाने पर ऊर्जा की मात्रा कम हो जाती है। इसे "लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम" भी कहा जाता है, जिसके अनुसार अगले स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। शेष 90% ऊर्जा का उपयोग जीव अपनी चयापचय गतिविधियों, श्वसन और ऊष्मा के रूप में नष्ट करने में कर देते हैं। यही कारण है कि एक खाद्य श्रृंखला में पोषी स्तरों की संख्या सीमित (आमतौर पर 4 से 5) होती है। जैसे-जैसे हम उत्पादकों (पौधों) से प्राथमिक और द्वितीयक उपभोक्ताओं की ओर बढ़ते हैं, उपलब्ध ऊर्जा घटती जाती है। ऊर्जा का यह ह्रास पारिस्थितिक पिरामिड के आकार को निर्धारित करता है जो हमेशा सीधा होता है।
2. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ जैविक आवर्धन दर्शाता है?
(A) रासायनिक कीटनाशक
(B) अम्लीय धुआँ
(C) कार्बन कालिख का जमा होना
(D) ग्रीन हाउस गैसें
RRB Group-D | 14/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) जैविक आवर्धन (Biological Magnification) वह प्रक्रिया है जिसमें हानिकारक रासायनिक कीटनाशक (जैसे DDT) खाद्य श्रृंखला के माध्यम से उच्च पोषी स्तरों में संचित होते जाते हैं। ये रसायन गैर-बायोडिग्रेडेबल (अजैविक) होते हैं, जिसका अर्थ है कि इन्हें जीवों के शरीर द्वारा तोड़ा या उत्सर्जित नहीं किया जा सकता। जैसे-जैसे एक छोटा जीव इन रसायनों का सेवन करता है और उसे कोई बड़ा जीव खाता है, रसायनों की सांद्रता बढ़ती जाती है। खाद्य श्रृंखला के शीर्ष पर स्थित जीवों (जैसे मनुष्य या बाज) में इन रसायनों की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है। यह प्रक्रिया पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होती है क्योंकि इससे प्रजनन क्षमता और अंगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। रासायनिक कीटनाशकों का कृषि में अत्यधिक उपयोग ही इस समस्या का मुख्य कारण है।
3. स्वपोषी अपने भोजन का संग्रहण किस रूप में करते हैं?
(A) स्टार्च
(B) प्रोटीन
(C) ग्लाइकोजन
(D) वसा
RRB Group-D | 14/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) स्वपोषी जीव, विशेषकर हरे पौधे, प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया के माध्यम से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। इस प्रक्रिया में वे सौर ऊर्जा, जल और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके ग्लूकोज का निर्माण करते हैं। पौधे इस अतिरिक्त ग्लूकोज को तुरंत उपयोग नहीं करते, बल्कि इसे भविष्य के लिए "स्टार्च" (मंड) के रूप में संग्रहित कर लेते हैं। स्टार्च एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है जो पौधों की कोशिकाओं में जमा रहता है और आवश्यकता पड़ने पर ऊर्जा प्रदान करता है। इसके विपरीत, जंतु अपने शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा को "ग्लाइकोजन" के रूप में यकृत और मांसपेशियों में जमा करते हैं। प्रोटीन और वसा भी ऊर्जा के स्रोत हैं, लेकिन पौधों में प्राथमिक संग्रहण रूप स्टार्च ही होता है।
4. निम्नलिखित में से कौन सा जीव-समूह पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायक होता है?
(A) शैवाल और लाइकेन
(B) प्रोटोजोआ और लाइकेन
(C) शैवाल और प्रोटोजोआ
(D) जीवाणु और कवक
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-I
Ans: (d) जीवाणु (Bacteria) और कवक (Fungi) को पारिस्थितिक तंत्र में "अपघटक" (Decomposers) के रूप में जाना जाता है क्योंकि वे मृत जीवों और सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों को सरल तत्वों में तोड़ देते हैं। यह प्रक्रिया पर्यावरण को स्वच्छ रखने में अत्यंत सहायक होती है क्योंकि यह कचरे के ढेर को समाप्त कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है। इन जीवों के बिना, पृथ्वी मृत अवशेषों के ढेर से भर जाएगी और पोषक तत्वों का चक्र रुक जाएगा। वे जटिल कार्बनिक अणुओं को नाइट्रोजन, फास्फोरस जैसे अकार्बनिक तत्वों में बदलकर वापस मिट्टी में मिला देते हैं। इस प्रकार, ये सूक्ष्मजीव प्रकृति के सफाईकर्मी (Scavengers) की तरह कार्य करते हैं। शैवाल और लाइकेन उत्पादक या प्रदूषण संकेतक के रूप में कार्य करते हैं, जबकि बैक्टीरिया और कवक वास्तविक सफाई का कार्य करते हैं।
5. उच्च पोषी स्तरों में रसायनों के संचयन की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(A) जैविक उपचारण
(B) जैविक अपचयन
(C) जैविक ऑक्सीकरण
(D) जैविक आवर्धन
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-I
Ans: (d) जैविक आवर्धन (Biological Magnification) वह प्रक्रिया है जिसमें हानिकारक रासायनिक कीटनाशक (जैसे DDT) खाद्य श्रृंखला के माध्यम से उच्च पोषी स्तरों में संचित होते जाते हैं। ये रसायन गैर-बायोडिग्रेडेबल (अजैविक) होते हैं, जिसका अर्थ है कि इन्हें जीवों के शरीर द्वारा तोड़ा या उत्सर्जित नहीं किया जा सकता। जैसे-जैसे एक छोटा जीव इन रसायनों का सेवन करता है और उसे कोई बड़ा जीव खाता है, रसायनों की सांद्रता बढ़ती जाती है। खाद्य श्रृंखला के शीर्ष पर स्थित जीवों (जैसे मनुष्य या बाज) में इन रसायनों की मात्रा सबसे अधिक पाई जाती है। यह प्रक्रिया पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक सिद्ध होती है क्योंकि इससे प्रजनन क्षमता और अंगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। रासायनिक कीटनाशकों का कृषि में अत्यधिक उपयोग ही इस समस्या का मुख्य कारण है।
6. छोटे मांसाहारी या द्वितीयक उपभोक्ता आते हैं।
(A) दूसरे पोषी
(B) चौथे पोषी
(C) तीसरे पोषी
(D) पहले पोषी
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-III
Ans: (b) पारिस्थितिक तंत्र में खाद्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों को "पोषी स्तर" (Trophic Levels) कहा जाता है। पहले पोषी स्तर पर हमेशा उत्पादक (हरे पौधे) होते हैं जो सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाते हैं। दूसरे पोषी स्तर पर शाकाहारी (प्राथमिक उपभोक्ता) आते हैं जो सीधे पौधों को खाते हैं। छोटे मांसाहारी जीव जो शाकाहारियों का शिकार करते हैं, उन्हें "द्वितीयक उपभोक्ता" कहा जाता है और वे आमतौर पर तीसरे या चौथे पोषी स्तर का हिस्सा होते हैं (संदर्भ के अनुसार)। यहाँ दिए गए विकल्प के अनुसार, इन्हें उच्च श्रेणियों में गिना गया है। ऊर्जा के प्रवाह को समझने के लिए इन स्तरों का अध्ययन अनिवार्य है क्योंकि प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा का स्थानांतरण कम होता जाता है। शीर्ष मांसाहारी जीव खाद्य श्रृंखला के अंतिम पोषी स्तर पर स्थित होते हैं।
7. जीवों का निम्न में से कौन सा समूह अन्य पौधों और जीवों को मारे बिना उनसे पोषण प्राप्त करता है?
(A) जूं, फीताकृमि, जोंक, अमरबेल
(B) फीताकृमि, शेर, यीस्ट, जूं
(C) अमरबेल, ऑर्किड, यीस्ट, मशरूम
(D) कुटकी, जोंक, अमरबेल, ऑर्किड
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-II
Ans: (a) वे जीव जो अन्य जीवित पौधों और जानवरों को मारे बिना उनसे अपना पोषण प्राप्त करते हैं, उन्हें परजीवी (Parasites) कहा जाता है। इस समूह में जूं, फीताकृमि (Tapeworm), जोंक और अमरबेल (Cuscuta) जैसे जीव शामिल होते हैं। जूं और जोंक शरीर के बाहरी हिस्से से रक्त चूसते हैं, जबकि फीताकृमि शरीर के अंदर रहकर पोषण प्राप्त करता है। अमरबेल एक ऐसा पौधा है जिसमें क्लोरोफिल नहीं होता, इसलिए यह अन्य पौधों से लिपटकर उनका पोषण सोखता है। यह प्रक्रिया मेजबान जीव (Host) को नुकसान पहुँचाती है लेकिन उसे तुरंत मारती नहीं है। इस प्रकार के पोषण को परजीवी पोषण कहा जाता है जो पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
8. ऊर्जा अंतरण के दस प्रतिशत नियम का प्रतिपादन किसके द्वारा किया गया था?
(A) चार्ल्स डार्विन
(B) वॉटसन और क्रिक
(C) थॉमस मॉर्गन
(D) रेमंड लिंडमैन
RRB NTPC Stage Ist | 11.03.2021 | Shift-II
Ans: (d) ऊर्जा अंतरण के दस प्रतिशत (10%) नियम का प्रतिपादन वर्ष 1942 में रेमंड लिंडमैन द्वारा किया गया था। इस नियम के अनुसार, एक ट्रॉफिक स्तर से दूसरे ट्रॉफिक स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। शेष 90% ऊर्जा श्वसन, पाचन और अन्य जैविक गतिविधियों में खर्च हो जाती है या ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है। यही कारण है कि खाद्य श्रृंखला में आमतौर पर केवल 4 या 5 स्तर ही होते हैं, क्योंकि ऊपर जाने पर ऊर्जा की मात्रा कम होती जाती है। शाकाहारी जीवों को पौधों से मिलने वाली ऊर्जा का केवल छोटा हिस्सा ही मांसाहारियों तक पहुँच पाता है। लिंडमैन का यह नियम पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा प्रवाह को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक माना जाता है।
9. इकोलॉजी (ecology) शब्द किसने गढ़ा है ?
(A) चार्ल्स डार्विन
(B) यूजीन ओडम
(C) यूजीनियस वार्मिंग
(D) अर्नस्ट हेक्कल
RRB NTPC Stage Ist | 01.02.2021 | Shift-II
Ans: (d) इकोलॉजी (Ecology) शब्द का प्रतिपादन सबसे पहले जर्मन जीवविज्ञानी अर्नस्ट हेक्कल (Ernst Haeckel) ने 1866 में किया था। यह शब्द दो ग्रीक शब्दों "Oikos" (घर) और "Logos" (अध्ययन) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है रहने के स्थान का अध्ययन। हेक्कल ने इसे जीवों और उनके पर्यावरण के बीच अंतर्संबंधों के अध्ययन के रूप में परिभाषित किया था। पारिस्थितिकी में जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic) दोनों घटकों के मेल का अध्ययन किया जाता है। हालांकि अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट को पारिस्थितिकी का जनक माना जाता है, लेकिन नामकरण का श्रेय हेक्कल को ही जाता है। आज के समय में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए इकोलॉजी विषय का महत्व बहुत बढ़ गया है।
10. प्रकृति के cleaners इनमें से कौन हैं?
(A) उत्पादक
(B) विघटक
(C) कंज्यूमर्स
(D) मांस भक्षी
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-07
Ans: (c) प्रकृति में "क्लीनर्स" या सफाईकर्मी के रूप में मुख्य रूप से विघटकों (Decomposers) को जाना जाता है। विघटक वे सूक्ष्मजीव होते हैं जो मृत पौधों और जानवरों के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल तत्वों में तोड़ देते हैं। जीवाणु (Bacteria) और कवक (Fungi) इस श्रेणी के सबसे प्रमुख उदाहरण हैं जो सड़ते हुए पदार्थों को खाद में बदलते हैं। यदि ये विघटक न हों, तो पृथ्वी मृत जीवों के अवशेषों के ढेर से भर जाएगी और पोषक तत्वों का चक्र रुक जाएगा। उपभोक्ता (Consumers) भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर होते हैं, जबकि विघटक पर्यावरण को साफ रखने का काम करते हैं। इस प्रक्रिया से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों को दोबारा विकास के लिए आवश्यक खनिज प्राप्त होते हैं।
11. निम्न में से कौन सा सर्वाहारी नहीं है?
(A) चूहा
(B) चीटीं
(C) भालू
(D) साँप
RRB NTPC Stage 1st | 17.01.2017 | Shift-II
Ans: (d) सर्वाहारी (Omnivores) वे जीव होते हैं जो अपने पोषण के लिए पौधों और मांस दोनों पर निर्भर रहते हैं। दिए गए विकल्पों में से चूहा, चींटी और भालू सर्वाहारी की श्रेणी में आते हैं क्योंकि वे अनाज और कीड़े दोनों खा सकते हैं। साँप एक पूर्णतः मांसाहारी (Carnivore) जीव है क्योंकि यह केवल अन्य छोटे जानवरों या कीड़ों का शिकार करता है। साँप कभी भी घास, फल या पौधों के किसी भी हिस्से का सेवन भोजन के रूप में नहीं करता है। सर्वाहारी जीवों के पास अलग-अलग प्रकार के भोजन को पचाने के लिए विशिष्ट पाचन तंत्र होता है। खाद्य श्रृंखला में सर्वाहारी जीवों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि वे कई स्तरों पर संतुलन बनाए रखते हैं।
12. निम्नलिखित में से खाद्य श्रृंखला (फूड चेन) का दूसरा पौष्टिक स्तर (trophic level) क्या है?
(A) घास
(B) सांप
(C) चूहा
(D) चील
RRB NTPC Stage I | 26.04.2016 | Shift-II
Ans: (b) खाद्य श्रृंखला (Food Chain) में ऊर्जा के प्रवाह को विभिन्न स्तरों में बाँटा गया है जिन्हें "पोषी स्तर" (Trophic Levels) कहते हैं। प्रथम स्तर (Trophic Level 1) पर हमेशा उत्पादक (जैसे- घास या पौधे) होते हैं जो सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाते हैं। दूसरा स्तर (Trophic Level 2) प्राथमिक उपभोक्ताओं का होता है, जो शाकाहारी होते हैं और सीधे पौधों को खाते हैं। जैसे घास (1) को चूहा (2) खाता है, और चूहे को साँप (3) खाता है, फिर साँप को चील (4) खाती है। इस क्रम के अनुसार, चूहा दूसरे पौष्टिक स्तर का प्रतिनिधित्व करता है क्योंकि वह प्राथमिक उपभोक्ता है। ऊर्जा की मात्रा हर अगले स्तर पर कम होती जाती है, इसलिए निचले स्तर पर जीवों की संख्या अक्सर अधिक होती है।
13. पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की संकल्पना को किसने परिभाषित किया था?
(A) आर्थर टांसले
(B) रेमंड लिडंमैंन
(C) एवलिन हचिंसन
(D) चार्ल्स एल्टन
RRB NTPC Stage I | 28.03.2016 | Shift-III
Ans: (a) पारिस्थितिकी तंत्र या "ईकोसिस्टम" (Ecosystem) शब्द को सबसे पहले ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् आर्थर टांसले ने 1935 में परिभाषित किया था। टांसले के अनुसार, पारिस्थितिकी तंत्र वह इकाई है जिसमें किसी क्षेत्र के सभी जीवित जीव और निर्जीव घटक शामिल होते हैं। ये सभी घटक एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं और ऊर्जा का आदान-प्रदान करते हैं। इसमें सौर ऊर्जा, मिट्टी, जल, हवा (अजैविक) और पौधे, जंतु, सूक्ष्मजीव (जैविक) एक साथ मिलकर काम करते हैं। टांसले की इस परिभाषा ने जीव विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन को एक नई वैज्ञानिक दिशा प्रदान की। आज पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन हमें प्रकृति के संतुलन और संसाधनों के प्रबंधन में मदद करता है।
14. कुछ जीव कार्बन डाइऑक्साइड और पानी के रूप में अकार्बनिक स्रोतों से प्राप्त सरल खाद्य सामग्री का उपयोग करते हैं। इन जीवों को किस नाम से जाना जाता है?
(A) स्वपोषी
(B) प्राणिसमभोजी
(C) मृतजीवी
(D) विषमपोषी
RRB NTPC Stage Ist | 05.01.2021 | Shift-I
Ans: (a) वे जीव जो अकार्बनिक स्रोतों जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और पानी का उपयोग करके अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, स्वपोषी (Autotrophs) कहलाते हैं। हरे पौधे स्वपोषी पोषण का सबसे प्रमुख उदाहरण हैं जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया का उपयोग करते हैं। इस प्रक्रिया में वे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरोफिल की मदद से भोजन तैयार करते हैं। स्वपोषी जीव खाद्य श्रृंखला के आधार होते हैं क्योंकि वे ही सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं। अन्य सभी जीव (विषमपोषी) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन्हीं स्वपोषी जीवों पर भोजन के लिए निर्भर रहते हैं। बिना स्वपोषी जीवों के पृथ्वी पर जीवन की कल्पना करना असंभव है क्योंकि वे ही ऑक्सीजन और भोजन के प्राथमिक स्रोत हैं।
15. मृतपोषी पोषण क्या है?
(A) जीव, पोषण के लिए कीड़ों पर निर्भर रहता है
(B) जीव, पोषण के लिए अन्य जानवरों पर निर्भर रहता है और पोषण साझा करता है
(C) जीव, पोषण के लिए पौधों पर निर्भर रहता है।
(D) जीव, अपना भोजन मृत एवं क्षयकारी पदार्थ से प्राप्त करता है।
RRB NTPC Stage Ist | 05.03.2021 | Shift-I
Ans: (d) मृतपोषी पोषण (Saprophytic Nutrition) वह प्रक्रिया है जिसमें जीव अपना भोजन मृत और सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हैं। इस प्रकार के पोषण में जीव शरीर के बाहर ही जटिल भोजन को तरल रूप में तोड़ते हैं और फिर उसे अवशोषित करते हैं। कवक (Fungi), मशरूम और कई प्रकार के बैक्टीरिया मृतपोषी जीवों के मुख्य उदाहरण हैं। ये जीव पर्यावरण में कचरे और मृत शरीरों को साफ करने में मदद करते हैं, इसलिए इन्हें प्रकृति का सफाईकर्मी भी कहा जाता है। मृतपोषी जीव पोषक तत्वों को वापस मिट्टी में पहुँचाकर पारिस्थितिकी तंत्र के चक्र को बनाए रखते हैं। यह पोषण पद्धति परजीवी या स्वपोषी पोषण से बिल्कुल भिन्न है क्योंकि इसमें जीव केवल निर्जीव पदार्थों पर निर्भर होता है।
16. वह संकीर्ण क्षेत्र, जहाँ भूमि, जल और वायु मिलते हैं, उसे क्या कहा जाता है?
(A) वायुमण्डल
(B) जैवमण्डल
(C) पर्यावरण
(D) जलमण्डल
RRB NTPC Stage Ist | 31.01.2021 | Shift-I
Ans: (c) पृथ्वी का वह संकीर्ण क्षेत्र जहाँ थलमण्डल (Land), जलमण्डल (Water) और वायुमण्डल (Air) आपस में मिलते हैं, उसे जैवमण्डल (Biosphere) कहा जाता है। यही वह क्षेत्र है जहाँ जीवन संभव है क्योंकि यहाँ जीवन के लिए आवश्यक सभी परिस्थितियाँ मौजूद होती हैं। जैवमण्डल में सूक्ष्म जीवों से लेकर विशाल स्तनधारी जानवरों और घने जंगलों तक सभी जीव निवास करते हैं। यह एक स्व-नियामक प्रणाली है जिसमें सौर ऊर्जा मुख्य शक्ति स्रोत के रूप में कार्य करती है। इस क्षेत्र का विस्तार समुद्र की गहराई से लेकर वायुमंडल की कुछ किलोमीटर की ऊँचाई तक होता है। पर्यावरण के इन तीनों घटकों का सही संतुलन ही जैवमण्डल में जीवन की निरंतरता को सुनिश्चित करता है।
17. उस प्रकार के पोषण का नाम बताएं, जिसमें जीव अपना पोषण मृत और विघटनशील पदार्थों में विलयन के रूप में प्राप्त करते हैं।
(A) परपोषी पोषण
(B) कीटभक्षी पोषण
(C) स्वपोषी पोषण
(D) मृतजीवी पोषण
RRB NTPC Stage Ist | 01.04.2021 | Shift-I
Ans: (d) मृतजीवी पोषण (Saprophytic Nutrition) वह प्रक्रिया है जिसमें जीव अपना भोजन मृत और सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया में, जीव (जैसे कवक और कुछ जीवाणु) अपने शरीर से बाहर पाचक एंजाइम छोड़ते हैं जो जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल घोल में बदल देते हैं। इसके बाद, जीव इन पोषक तत्वों को सीधे अवशोषित कर लेते हैं। यह पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पोषक तत्वों के चक्रण में मदद करता है। मृतजीवियों को प्रकृति का सफाईकर्मी भी कहा जाता है क्योंकि वे कचरे को विघटित करते हैं। इसके बिना, पृथ्वी मृत अवशेषों से भर जाएगी।
18. हरे पौधे और कुछ जीवाणु अपने भोजन का निर्माण स्वयं करते हैं। वे निम्नलिखित में से कौन सी पोषण क्रिया अपनाते हैं?
(A) परजीवी पोषण
(B) मृतपोषी पोषण
(C) स्वपोषी पोषण
(D) होलोजॉइक पोषण
RRB NTPC Stage Ist | 18.01.2021 | Shift-I
Ans: (b) स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition) पोषण की वह विधि है जिसमें जीव सूर्य के प्रकाश, जल और कार्बन डाइऑक्साइड की सहायता से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से हरे पौधों और कुछ विशिष्ट जीवाणुओं (जैसे सायनोबैक्टीरिया) में होती है। इन जीवों में क्लोरोफिल नामक रंजक होता है जो सौर ऊर्जा को अवशोषित करने में सक्षम होता है। स्वपोषी जीव खाद्य श्रृंखला के आधार (उत्पादक) होते हैं, जिन पर सभी अन्य जीव निर्भर करते हैं। वे न केवल अपने लिए ऊर्जा का निर्माण करते हैं, बल्कि वातावरण में ऑक्सीजन भी मुक्त करते हैं। यह प्रक्रिया जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य ऊर्जा चक्र का आरंभिक बिंदु है।
19. खाद्य श्रृंखला के तीसरे पोषी स्तर में निम्नलिखित में से किसे शामिल किया गया है?
(A) उत्पादक
(B) द्वितीयक उपभोक्ता
(C) शीर्ष उपभोक्ता
(D) प्राथमिक उपभोक्ता
RRB NTPC Stage Ist | 07.01.2021 | Shift-I
Ans: (c) पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा के प्रवाह को समझने के लिए पोषी स्तरों (Trophic Levels) का उपयोग किया जाता है। पहले स्तर पर उत्पादक (हरे पौधे) होते हैं जो सौर ऊर्जा का उपयोग कर भोजन बनाते हैं। दूसरे स्तर पर प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी जीव) आते हैं जो पौधों को खाते हैं। तीसरे पोषी स्तर में द्वितीयक उपभोक्ता (मांसाहारी जीव) शामिल होते हैं, जो प्राथमिक उपभोक्ताओं (शाकाहारियों) का भक्षण करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि घास उत्पादक है और टिड्डा प्राथमिक उपभोक्ता, तो मेंढक जो टिड्डे को खाता है, वह तीसरे पोषी स्तर का हिस्सा होगा। जैसे-जैसे हम उच्च स्तरों की ओर बढ़ते हैं, उपलब्ध ऊर्जा की मात्रा कम होती जाती है।
20. उपयुक्त खाद्य श्रृंखला इनमें से कौन हैं?
(A) उत्पादक, शाकाहारी, मांसाहारी
(B) उत्पादक, मांसाहारी, शाकाहारी,
(C) शाकाहारी, मांसाहारी, उत्पादक
(D) शाकाहारी, उत्पादक, मांसाहारी,
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-07
Ans: (a) एक आदर्श खाद्य श्रृंखला हमेशा उत्पादकों (Producers) से शुरू होती है, जो सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं। उत्पादकों के बाद शाकाहारी (Herbivores) जीव आते हैं जिन्हें प्राथमिक उपभोक्ता कहा जाता है, क्योंकि वे सीधे पौधों का सेवन करते हैं। शाकाहारियों के बाद मांसाहारी (Carnivores) जीव आते हैं जिन्हें द्वितीयक या तृतीयक उपभोक्ता कहा जाता है, जो शाकाहारियों का शिकार करते हैं। इसलिए, सही क्रम उत्पादक → शाकाहारी → मांसाहारी है। यह श्रृंखला ऊर्जा के एकदिशीय प्रवाह को दर्शाती है, जहाँ ऊर्जा एक स्तर से दूसरे स्तर पर स्थानांतरित होती है। यह संतुलन प्रकृति में जीवों की आबादी को नियंत्रित रखने में सहायक होता है।
21. 1982 में, भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित में से किसे समुद्री संरक्षण के लिए समुद्री राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था?
(A) कच्छ की खाड़ी
(B) माहिम की खाड़ी
(C) मन्नार की खाड़ी
(D) खंभात की खाड़ी
RRB NTPC | 22.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (a) भारत सरकार ने 1982 में गुजरात के जामनगर तट पर स्थित कच्छ की खाड़ी (Gulf of Kachchh) के एक हिस्से को समुद्री राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया था। यह भारत का पहला समुद्री राष्ट्रीय उद्यान (Marine National Park) था, जो समुद्री जैव विविधता के संरक्षण के लिए समर्पित है। इस उद्यान में प्रवाल भित्तियाँ (Corals), मैंग्रोव, समुद्री कछुए, डॉल्फिन और विभिन्न प्रकार की मछलियाँ पाई जाती हैं। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 162 वर्ग किलोमीटर है और इसके आसपास का समुद्री अभयारण्य और भी बड़ा है। यहाँ की पारिस्थितिकी समुद्री अनुसंधान और संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है। 1982 का यह निर्णय समुद्री संसाधनों के दोहन को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम था।
22. बायोलॉजिकल हॉटस्पॉट (Biological hotspots) की मुख्य विशेषता निम्नलिखित है-
(A) स्थानीय फूलों के पौधे और उनमें जुड़े खतरे
(B) वनस्पत्तियों और जीव की विविधता
(C) कुछ प्रजातियों की फिलहाल विलुप्तता की स्थिति
(D) विविध जीन कुण्ड की उपलब्धि
RRB NTPC Stage I | 26.04.2016 | Shift-III
Ans: (a) बायोलॉजिकल हॉटस्पॉट (Biological Hotspots) की अवधारणा सबसे पहले नॉर्मन मायर्स ने 1988 में दी थी। किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट कहलाने के लिए दो मुख्य शर्तें पूरी करनी होती हैं: पहली, वहां कम से कम 1500 स्थानिक (Endemic) संवहनी पौधों की प्रजातियां होनी चाहिए। दूसरी, उस क्षेत्र ने अपनी मूल वनस्पति का कम से कम 70% हिस्सा खो दिया हो, यानी वह खतरे में हो। अतः, हॉटस्पॉट की मुख्य विशेषता वहां की स्थानिक प्रजातियां और उन पर मंडराता विलुप्ति का खतरा है। भारत में हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा क्षेत्र और सुंडालैंड प्रमुख हॉटस्पॉट माने जाते हैं। ये क्षेत्र जैव विविधता के खजाने हैं लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण अत्यधिक संवेदनशील स्थिति में हैं।
23. 2016 में वर्ल्ड वेटलैंड डे के लिए विषय था-
(A) चिरस्थायी आजीविका
(B) वेटलैंड्स पानी की देखभाल करते हैं
(C) हमारे भविष्य के लिए वेटलैंड्स
(D) वेटलैंड्स और कृषि
RRB NTPC | 19.04.2016 | Shift-I Stage I
Ans: (a) विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को रामसर सम्मेलन की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वर्ष 2016 के लिए इस दिवस का विषय (Theme) "Wetlands for our Future: Sustainable Livelihoods" (हमारे भविष्य के लिए वेटलैंड्स: चिरस्थायी आजीविका) था। इस विषय का उद्देश्य उन लोगों की आजीविका पर प्रकाश डालना था जो अपनी जरूरतों के लिए सीधे तौर पर आर्द्रभूमियों पर निर्भर हैं, जैसे मछुआरे और किसान। आर्द्रभूमियाँ बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 1971 में ईरान के रामसर शहर में आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत में भी वर्तमान में कई महत्वपूर्ण रामसर स्थल मौजूद हैं जिनका संरक्षण अनिवार्य है।
24. सिमलीपाल जैवमंडल रिजर्व, जो जैव विविधता के संरक्षण एवं वैकल्पिक आजीविका का संवर्धन करता है, कहां स्थित है ?
(A) राजस्थान
(B) ओडिशा
(C) उत्तर प्रदेश
(D) मध्य प्रदेश
RRB NTPC | 09.02.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (b) सिमलीपाल जैवमंडल रिजर्व (Simlipal Biosphere Reserve) भारत के ओडिशा राज्य के मयूरभंज जिले में स्थित है। यह न केवल एक बायोस्फीयर रिजर्व है, बल्कि एक राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व भी है। इसका नाम यहाँ बहुतायत में पाए जाने वाले "सेमल" या लाल रेशम कपास के पेड़ों के कारण पड़ा है। सिमलीपाल अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों, झरनों (जैसे बारेहीपानी और जोरांडा) और वन्यजीवों जैसे बाघ, एशियाई हाथी और गौर के लिए प्रसिद्ध है। इसे 2009 में यूनेस्को (UNESCO) के बायोस्फीयर रिजर्व के विश्व नेटवर्क में शामिल किया गया था। यह क्षेत्र स्थानीय जनजातियों की आजीविका और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
25. इनमें से कौन सा भारत का अधिसूचित बायोस्फीयर रिजर्व नहीं है?
(A) नल्लामलाई
(B) अगस्त्यमलाई
(C) नीलगिरि
(D) पचमढ़ी
RRB NTPC | 05.02.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (a) भारत में वर्तमान में कुल 18 अधिसूचित बायोस्फीयर रिजर्व (Biosphere Reserves) हैं, जिनका उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण और सतत विकास है। विकल्पों में दिए गए अगस्त्यमलाई (केरल-तमिलनाडु), नीलगिरि (तमिलनाडु-केरल-कर्नाटक) और पचमढ़ी (मध्य प्रदेश) आधिकारिक रूप से घोषित बायोस्फीयर रिजर्व हैं। नल्लामलाई (Nallamala) आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फैली एक पर्वत श्रृंखला और वन क्षेत्र है, लेकिन यह भारत के 18 अधिसूचित बायोस्फीयर रिजर्व की सूची में शामिल नहीं है। नीलगिरि भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व था जिसे 1986 में स्थापित किया गया था। बायोस्फीयर रिजर्व के तीन मुख्य क्षेत्र होते हैं: कोर, बफर और ट्रांजिशन जोन। नल्लामलाई मुख्य रूप से श्रीशैलम टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है न कि बायोस्फीयर रिजर्व के रूप में।
26. 1992 में पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान सतत् विकास के उद्देश्य से पारित एक घोषणा एजेंडा 21 में 21 का अर्थ क्या है?
(A) 21 राष्ट्रों के हस्ताक्षर
(B) 21 मामले
(C) 21वीं शताब्दी
(D) 21 उद्देश्य
RRB NTPC (Stage-2) | 13/06/2022 | Shift-II
Ans: (c) एजेंडा 21 (Agenda 21) संयुक्त राष्ट्र की एक गैर-बाध्यकारी कार्ययोजना है जो सतत् विकास (Sustainable Development) से संबंधित है। इसे 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Earth Summit) के दौरान अपनाया गया था। इस नाम में 21 का अर्थ 21वीं शताब्दी (21st Century) से है, जो अगली सदी में दुनिया को पर्यावरण के अनुकूल और सतत बनाने के लक्ष्यों को दर्शाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर गरीबी, बीमारी और पर्यावरणीय क्षति से निपटने के लिए सहयोग करना है। यह स्थानीय सरकारों को अपना स्थानीय एजेंडा 21 बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है ताकि जमीनी स्तर पर बदलाव लाया जा सके। यह सम्मेलन पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है।
27. संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण एवं विकास पर की गई घोषणा को मंजूरी किस वर्ष दी गई थी ?
(A) 1992
(B) 2018
(C) 2002
(D) 2012
RRB NTPC | 18.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (a) संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यावरण एवं विकास पर की गई घोषणा को "रियो घोषणा" के नाम से जाना जाता है, जिसे 1992 में मंजूरी दी गई थी। यह घोषणा ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित "पृथ्वी शिखर सम्मेलन" (Earth Summit) के दौरान स्वीकार की गई थी। इसमें 27 सिद्धांतों को शामिल किया गया है जो भविष्य में सतत विकास के लिए देशों का मार्गदर्शन करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा और विकास के बीच एक संतुलन स्थापित करना था। इसी सम्मेलन में "एजेंडा 21" को भी अपनाया गया था जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। यह अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कानून के विकास में एक मील का पत्थर माना जाता है।
28. निम्नलिखित में से किसका संबंध वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं को कम करने से है?
(A) UNCED
(B) UNICEF
(C) UNCTAD
(D) UNESCO
RRB NTPC | 28.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (a) UNCED का पूर्ण रूप "United Nations Conference on Environment and Development" है, जो वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं को कम करने का कार्य करता है। इसे आमतौर पर 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन के रूप में याद किया जाता है। अन्य विकल्प जैसे UNICEF बच्चों के लिए, UNESCO शिक्षा एवं संस्कृति के लिए और UNCTAD व्यापार के लिए कार्य करते हैं। UNCED ने ही जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और सतत विकास जैसे गंभीर मुद्दों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। इस संगठन के माध्यम से ही देशों ने पर्यावरण के अनुकूल आर्थिक नीतियों को अपनाने पर सहमति जताई थी। इसका प्राथमिक लक्ष्य पृथ्वी के संसाधनों का इस तरह उपयोग करना है कि आने वाली पीढ़ियों को नुकसान न हो।
29. 1987 में, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), सीएफसी (CFC) उत्पादन को के स्तरों पर सीमित रखने के लिए सर्वानुमति (agreement) प्राप्त करने में सफल रहा।
(A) 1986
(B) 1985
(C) 1988
(D) 1967
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-III
Ans: (a) वर्ष 1987 में "मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल" के तहत संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने CFC उत्पादन को सीमित करने का ऐतिहासिक समझौता किया। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) के उत्सर्जन को रोकना था। सहमति बनी थी कि सभी देश CFC के उत्पादन को 1986 के स्तर पर ही स्थिर रखेंगे ताकि ओजोन छिद्र को और बड़ा होने से रोका जा सके। ओजोन परत हमें सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाती है, जो कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकती हैं। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया सबसे सफल समझौता माना जाता है। UNEP ने इस प्रक्रिया में विकासशील और विकसित देशों के बीच समन्वय बिठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
30. 1992 में ब्राजील में आयोजित हुई यूनाइटेड नेशंस कांफ्रेस ऑन एनवायरोंमेंट ऐंड डेवलपमेंट (UNCED) को किस नाम से जाना जाता है ?
(A) एन.एस. शिखर सम्मेलन
(B) पृथ्वी शिखर सम्मेलन
(C) जी-20 शिखर सम्मेलन
(D) ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
RRB NTPC | 11.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (b) 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित UNCED सम्मेलन को व्यापक रूप से "पृथ्वी शिखर सम्मेलन" (Earth Summit) के नाम से जाना जाता है। इसमें दुनिया भर के 170 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था ताकि पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति पर चर्चा की जा सके। इस सम्मेलन का मुख्य परिणाम "रियो घोषणा", "एजेंडा 21" और "जैव विविधता पर कन्वेंशन" के रूप में सामने आया। इसी सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) की नींव रखी गई थी। पृथ्वी शिखर सम्मेलन ने पहली बार स्पष्ट किया कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक होने चाहिए। यह मानव जाति के इतिहास में पर्यावरण पर केंद्रित अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन था।
31. आर्थिक विकास को पारिस्थितिक उत्तरदायित्व के साथ जोड़ने वाले विकास के दृष्टिकोण को क्या कहा जाता है?
(A) सतत विकास
(B) मानव विकास
(C) आर्थिक विकास
(D) सामाजिक विकास
RRB NTPC | 08.03.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (a) आर्थिक विकास को पारिस्थितिक उत्तरदायित्व या पर्यावरण की सुरक्षा के साथ जोड़ने की अवधारणा को "सतत विकास" (Sustainable Development) कहा जाता है। इसका अर्थ है ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता किए बिना पूरा करे। सतत विकास के तीन मुख्य स्तंभ माने जाते हैं: आर्थिक वृद्धि, सामाजिक समावेशन और पर्यावरणीय सुरक्षा। 1987 की ब्रंटलैंड रिपोर्ट में पहली बार इस शब्द की व्यापक व्याख्या की गई थी। आज के समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से लड़ने के लिए यह दृष्टिकोण दुनिया भर में अपनाया जा रहा है। सतत विकास का लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना और प्रदूषण को न्यूनतम स्तर पर लाना है।
32. एजेंडा 21 में अनुशंसित प्रक्रियाओं का एक समूह है।
(A) नौरोबी पृथ्वी शिखर सम्मेलन, 1982
(B) डब्ल्यूएसएसडी (WSSD), जोहांसबर्ग, 2002
(C) यूएनसीएचएस (UNCHS), स्टॉकहोम, 1972
(D) रियो शिखर सम्मेलन, 1992
RRB NTPC | 09.02.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (d) एजेंडा 21 (Agenda 21) रियो शिखर सम्मेलन 1992 में अपनाई गई सतत विकास के लिए एक व्यापक कार्य योजना है। इसमें "21" का अर्थ 21वीं सदी से है, जिसका उद्देश्य आने वाली सदी में पर्यावरण को बचाए रखना है। यह एक गैर-बाध्यकारी स्वैच्छिक कार्य योजना है जिसे स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर लागू किया जाना था। इसमें गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सुधार और प्रदूषण नियंत्रण जैसे मुद्दों को पर्यावरण के साथ जोड़कर देखा गया है। इसके माध्यम से देशों को सुझाव दिया गया कि वे अपनी विकास नीतियों में पर्यावरण को प्राथमिकता दें। यह रियो सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है जो भविष्य के रोडमैप के रूप में कार्य करता है।
33. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) को किस वर्ष CFC के उत्पादन को 1986 के स्तर पर स्थिर करने संबंधित समझौते पर आगे बढ़ने में सफलता हासिल हुई थी ?
(A) 1985
(B) 1984
(C) 1987
(D) 1986
RRB NTPC | 30.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (c) UNEP को ओजोन परत के संरक्षण हेतु मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के माध्यम से 1987 में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली थी। इस समझौते के तहत दुनिया के देश CFC के उत्पादन को 1986 के स्तर पर फ्रीज करने यानी स्थिर करने पर सहमत हुए थे। CFC का उपयोग उस समय रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एरोसोल स्प्रे में भारी मात्रा में किया जाता था। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि CFC गैसें समताप मंडल (stratosphere) में ओजोन की परत को नष्ट कर रही हैं। इस समझौते की सफलता के कारण ही आज ओजोन परत धीरे-धीरे रिकवर हो रही है और ओजोन छिद्र छोटा हो रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि दुनिया एकजुट हो, तो पर्यावरणीय आपदाओं को टाला जा सकता है।
34. भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का कार्यालय कहाँ स्थित है?
(A) चेन्नई
(B) नई दिल्ली
(C) मुंबई
(D) बैंगलोर
RRB NTPC | 20.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (b) भारत में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का कार्यालय देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। यह कार्यालय भारत सरकार के साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन, संसाधन दक्षता और पर्यावरण प्रशासन जैसे मुद्दों पर कार्य करता है। UNEP भारत में प्रदूषण नियंत्रण, प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और जैव विविधता के संरक्षण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करता है। यह कार्यालय संयुक्त राष्ट्र के अन्य अंगों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय का केंद्र भी है। नई दिल्ली में स्थित होने के कारण यह पर्यावरण मंत्रालय (MoEFCC) के साथ मिलकर राष्ट्रीय नीतियों के निर्माण में सहयोग करता है। भारत 1972 में UNEP की स्थापना के समय से ही इसका एक सक्रिय सदस्य और सहयोगी रहा है।
35. भारत ने में पहली बार क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए और अपना समर्थन दिया।
(A) अक्टूबर, 2002
(B) सितंबर, 2002
(C) अगस्त, 2002
(D) जुलाई, 2002
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (c) भारत ने अगस्त 2002 में क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए और इसकी पुष्टि (Ratification) की थी। क्योटो प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है। भारत को एक विकासशील देश होने के नाते इसके प्रथम चरण में उत्सर्जन में कटौती के अनिवार्य लक्ष्य से बाहर रखा गया था। हालांकि, भारत ने स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) के माध्यम से इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। इस संधि को मूल रूप से 1997 में जापान के क्योटो शहर में अपनाया गया था, लेकिन यह 2005 में पूरी तरह प्रभावी हुई। भारत ने जलवायु परिवर्तन की वैश्विक समस्या को गंभीरता से लेते हुए बहुत पहले ही इस पर अपना समर्थन व्यक्त कर दिया था।
36. को पेरिस समझौते को संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में पृथ्वी दिवस के अवसर पर हस्ताक्षर के लिए रखा गया था।
(A) 22 अप्रैल, 2012
(B) 22 अप्रैल, 2014
(C) 22 अप्रैल, 2018
(D) 22 अप्रैल, 2016
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (d) पेरिस समझौते को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर के लिए 22 अप्रैल, 2016 को संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क मुख्यालय में रखा गया था। इस दिन को चुनने का विशेष महत्व था क्योंकि 22 अप्रैल को पूरी दुनिया में "पृथ्वी दिवस" (Earth Day) मनाया जाता है। हस्ताक्षर समारोह के पहले ही दिन भारत सहित रिकॉर्ड 175 देशों ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पेरिस समझौते का मुख्य लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस (अधिमानतः 1.5 डिग्री) से कम रखना है। यह समझौता जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में क्योटो प्रोटोकॉल के बाद सबसे बड़ा कदम माना जाता है। इस समझौते के तहत प्रत्येक देश को अपनी क्षमता के अनुसार उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य (NDC) निर्धारित करने होते हैं।
37. जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर वार्ता करने के लिए किस देश ने दुनिया की पहली अंडरवाटर कैबिनेट बैठक का आयोजन किया ?
(A) थाईलैंड
(B) मलेशिया
(C) हैती
(D) मालदीव
RRB NTPC | 05.03.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (d) मालदीव ने वर्ष 2009 में जलवायु परिवर्तन के प्रति वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लिए दुनिया की पहली "अंडरवाटर कैबिनेट बैठक" का आयोजन किया था। इस बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने की थी और यह समुद्र के भीतर लगभग 6 मीटर की गहराई में आयोजित की गई थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना था कि यदि समुद्र का जल स्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो मालदीव जैसे द्वीपीय देश पूरी तरह डूब जाएंगे। मंत्रियों ने स्कूबा गियर पहनकर समुद्र के नीचे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का आह्वान किया गया था। मालदीव का औसत जमीनी स्तर समुद्र तल से मात्र 1.5 मीटर ऊपर है, जो इसे जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे संवेदनशील देशों में से एक बनाता है। इस घटना ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं और पेरिस समझौते जैसी वैश्विक चर्चाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया।
38. क्योटो प्रोटोकॉल किस वर्ष में प्रभावी हुआ था ?
(A) 2005
(B) 1997
(C) 2000
(D) 2002
RRB NTPC Stage It | 28.04.2016 | Shift-II
Ans: (a) क्योटो प्रोटोकॉल एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसे ग्लोबल वार्मिंग द्वारा हो रहे जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए बनाया गया था। हालांकि इसे 11 दिसंबर 1997 को क्योटो, जापान में अपनाया गया था, लेकिन यह आधिकारिक रूप से 16 फरवरी 2005 को प्रभावी (Effective) हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता को उस स्तर पर स्थिर करना है जो जलवायु प्रणाली के साथ खतरनाक मानवीय हस्तक्षेप को रोक सके। यह प्रोटोकॉल औद्योगिक देशों पर ग्रीनहाउस गैस (जैसे CO2, CH4, N2O) उत्सर्जन को कम करने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित करता है। वर्ष 2005 में रूस के समर्थन के बाद यह लागू हो पाया था, क्योंकि इसके प्रभावी होने के लिए उत्सर्जन करने वाले विकसित देशों की न्यूनतम संख्या अनिवार्य थी। भारत ने अगस्त 2002 में क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे, और यह जलवायु न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जाता है।
39. ओजोन अवक्षय पदार्थों के विसर्जन को घटाने से संबंधित विशेष नियंत्रण रणनीतियों के तहत की गई वैश्विक समझौते को .......... अपनाया गया।
(A) रियो-डी-जनेरो सम्मेलन द्वारा
(B) मॉन्ट्रियल विज्ञप्ति के द्वारा
(C) क्योटो विज्ञप्ति के द्वारा
(D) वियना सम्मेलन के द्वारा
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (b) ओजोन परत के संरक्षण के लिए 1987 में "मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल" पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो ओजोन अवक्षयकारी पदार्थों (ODS) को कम करने के लिए एक वैश्विक समझौता है। यह समझौता क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हैलोन और अन्य रसायनों के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर केंद्रित है। ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण से बचाती है, जो कैंसर और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को अब तक का सबसे सफल पर्यावरण समझौता माना जाता है क्योंकि इसे दुनिया के लगभग सभी देशों ने स्वीकार किया है। वियना कन्वेंशन के तहत इस प्रोटोकॉल को विकसित किया गया था ताकि ओजोन छिद्र के बढ़ते आकार को नियंत्रित किया जा सके। इस समझौते के परिणामस्वरूप, वायुमंडल में ओजोन को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों की मात्रा में उल्लेखनीय कमी आई है और ओजोन परत धीरे-धीरे ठीक हो रही है।
40. अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन किसके द्वारा लॉन्च किया गया था-
(A) नरेंन्द्र मोदी
(B) नवाज शरीफ
(C) बराक ओबामा
(D) जेम्स कैमरून
RRB NTPC | 28.04.2016 | Shift-III Stage It
Ans: (a) अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance - ISA) की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति के बीच एक संयुक्त पहल के रूप में हुई थी। इसे 30 नवंबर 2015 को पेरिस में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP21) के दौरान लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा से समृद्ध देशों (जिन्हें "सूर्यपुत्र" कहा जाता है) को एक साथ लाना है ताकि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके। ISA का मुख्यालय भारत के गुरुग्राम (हरियाणा) में स्थित है, जो भारत में स्थित पहला अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन है। यह गठबंधन उन देशों पर ध्यान केंद्रित करता है जो पूरी तरह या आंशिक रूप से कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित हैं और जहाँ धूप प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के "एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड" के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक कदम है।
41. WWF रोशनी कम करते हुए / बंद करते हुए हर वर्ष अर्थ ऑवर (Earth Hour) आयोजित करता है।
(A) विश्वव्यापी तापक्रम वृद्धि के बारे में जानकारी दिलाने के लिए
(B) स्थायी विश्व बनाने हेतु वैश्विक समुदाय को प्रोत्साहित करने के लिए
(C) बिजली उत्पादन की लागत पर प्रकाश डालने के लिए
(D) WWF की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दिलाने के लिए
RRB NTPC | 26.04.2016 | Shift-I Stage It
Ans: (b) अर्थ ऑवर (Earth Hour) विश्व वन्यजीव कोष (WWF) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला एक वैश्विक अभियान है। इसमें दुनिया भर के लोगों से अपील की जाती है कि वे मार्च के अंतिम शनिवार को रात 8:30 से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए गैर-जरूरी बिजली बंद कर दें। इसका मुख्य उद्देश्य केवल बिजली बचाना नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह अभियान एक प्रतीकात्मक कार्य है जो यह दर्शाता है कि छोटे-छोटे प्रयासों से हम अपने पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं। इस दौरान दुनिया की मशहूर इमारतों, जैसे एफिल टॉवर और इंडिया गेट की लाइटें भी बंद कर दी जाती हैं ताकि एकजुटता का संदेश दिया जा सके। यह एक स्थायी भविष्य बनाने हेतु वैश्विक समुदाय को प्रोत्साहित करने और पृथ्वी के संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का एक जरिया है।
42. 2015 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कहाँ हुआ था?
(A) पेरिस
(B) दोहा
(C) मॉन्ट्रियल
(D) कोपेनहेगन
RRB NTPC | 17.01.2017 | Shift-I Stage It
Ans: (a) वर्ष 2015 में "संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन" (COP21) का आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में किया गया था। इस सम्मेलन में दुनिया के लगभग 195 देशों ने "पेरिस समझौते" पर सहमति व्यक्त की, जो ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के लिए एक ऐतिहासिक संधि है। इसका मुख्य लक्ष्य वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना और इसे 1.5 डिग्री तक सीमित करने का प्रयास करना है। सम्मेलन के दौरान प्रत्येक देश ने अपने "राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान" (NDCs) पेश किए, जिनमें कार्बन उत्सर्जन कम करने के वादे शामिल थे। भारत ने भी इस सम्मेलन में सक्रिय भूमिका निभाई और नवीकरणीय ऊर्जा (जैसे सौर और पवन ऊर्जा) के उपयोग को बढ़ाने का संकल्प लिया। पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक नया मोड़ माना जाता है, क्योंकि यह विकासशील और विकसित देशों दोनों को समान जिम्मेदारी देता है।
43. घरेलू और औद्योगिक ठोस अपशिष्ट के बीच मुख्य अंतर क्या है?
(A) औद्योगिक ठोस अपशिष्ट प्रदूषकों का एक स्त्रोंत होते हैं।
(B) घरेलू ठोस अपशिष्ट की मात्रा कम होती है।
(C) औद्योगिक ठोस अपशिष्ट प्रकृति में मौसमी होता है।
(D) घरेलू ठोस अपशिष्ट संरचना में विषम होते हैं।
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-II
Ans: (d) घरेलू ठोस अपशिष्ट (Domestic Solid Waste) संरचना में अत्यधिक "विषम" (Heterogeneous) होते हैं, जिसका अर्थ है कि इसमें विभिन्न प्रकार की चीजें एक साथ मिली होती हैं। इसमें रसोई का कचरा (सब्जी के छिलके), प्लास्टिक, कागज, कांच, कपड़े और इस्तेमाल की गई धातु की वस्तुएं आदि का मिश्रण होता है। इसके विपरीत, औद्योगिक ठोस अपशिष्ट (Industrial Waste) अक्सर प्रकृति में अधिक सजातीय (Homogeneous) होते हैं, क्योंकि वे एक विशिष्ट निर्माण प्रक्रिया से निकलते हैं। घरेलू कचरे को अलग करना और उसका प्रबंधन करना कठिन होता है क्योंकि इसमें गीला और सूखा कचरा एक साथ मिला दिया जाता है। औद्योगिक कचरे में अक्सर भारी धातुएं या विशिष्ट रसायन हो सकते हैं, लेकिन घरेलू कचरा हर घर और हर इलाके की जीवनशैली के अनुसार बदलता रहता है। यही कारण है कि घरेलू स्तर पर कचरे का पृथक्करण (Segregation) कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण (Recycling) की प्रक्रिया के लिए सबसे पहली और अनिवार्य शर्त है।
44. इनमें से कौन सी, 'जैव निम्नीकरणीय' की सटीक परिभाषा है?
(A) एंजाइमों की क्रिया द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड और जल में विबहुकलन में सक्षम
(B) मृतजीवी जीवों की वृद्धि के लिए एक उपयुक्त और पर्याप्त पोषक स्रोत
(C) जीवाणु या जीवाणुक एंजाइमों की क्रिया द्वारा आसानी से छोटे अणुओं में पच जाता है
(D) सूक्ष्मजीवों की क्रिया द्वारा हानिरहित उत्पादों में विघटित होने में सक्षम
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift -I
Ans: (d) जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) उन पदार्थों को कहा जाता है जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा आसानी से विघटित होकर पर्यावरण में मिल जाते हैं। इसकी सटीक परिभाषा यह है कि ये पदार्थ सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया और कवक) की क्रिया द्वारा हानिरहित उत्पादों में टूटने में सक्षम होते हैं। विघटन की इस प्रक्रिया के दौरान जटिल कार्बनिक पदार्थ सरल पदार्थों जैसे पानी, कार्बन डाइऑक्साइड और खाद में बदल जाते हैं। उदाहरण के लिए, फल-सब्जियों के छिलके, कागज, सूती कपड़ा और लकड़ी जैव निम्नीकरणीय पदार्थों की श्रेणी में आते हैं। ये पदार्थ पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करते क्योंकि ये प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा बन जाते हैं और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं। इसके विपरीत, प्लास्टिक और कांच जैसी वस्तुएं "गैर-जैव निम्नीकरणीय" होती हैं क्योंकि सूक्ष्मजीव उन्हें नष्ट नहीं कर सकते, जिससे वे हजारों सालों तक प्रदूषण फैलाती हैं।
45. जैव निम्नीकरणीय प्लास्टिक उद्योग के लाभों के संदर्भ में कौन सा विकल्प इसका एक लाभ नहीं है?
(A) कम ग्रीनहाउस उत्सर्जन
(B) पुनर्चक्रण (recycle) करने में आसान
(C) कंपोस्ट नहीं किया जा सकता
(D) निर्माण के लिए कम ऊर्जा की खपत
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (c) जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) प्लास्टिक को पारंपरिक प्लास्टिक के पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसे "कंपोस्ट" (Compost) किया जा सकता है, यानी यह खाद में परिवर्तित होकर मिट्टी में मिल सकता है। इसलिए, प्रश्न के संदर्भ में "कंपोस्ट नहीं किया जा सकता" वाला विकल्प गलत है, क्योंकि यह इसका एक दोष नहीं बल्कि इसकी मुख्य विशेषता है। इसके अन्य लाभों में कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और निर्माण के लिए कम ऊर्जा की खपत शामिल है, क्योंकि यह अक्सर मक्का या गन्ने जैसे प्राकृतिक स्रोतों से बनता है। पारंपरिक प्लास्टिक के विपरीत, यह समुद्री जीवन और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए कम हानिकारक होता है क्योंकि यह सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित हो जाता है। हालाँकि, जैव निम्नीकरणीय प्लास्टिक को भी उचित औद्योगिक कंपोस्टिंग परिस्थितियों की आवश्यकता होती है ताकि वह पूरी तरह से नष्ट हो सके।
46. खतरनाक अपशिष्ट के निपटान की सर्वोत्तम विधि क्या है?
(A) भस्मीकरण/जलाना
(B) कंपोस्ट बनाना
(C) महासागरों सन्निक्षेपण
(D) भराव क्षेत्र
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) खतरनाक अपशिष्ट (Hazardous Waste) के निपटान के लिए "भस्मीकरण" (Incineration) या जलाना सबसे प्रभावी और सर्वोत्तम विधियों में से एक माना जाता है। इस प्रक्रिया में कचरे को नियंत्रित वातावरण में बहुत उच्च तापमान पर जलाया जाता है, जिससे कचरे की मात्रा (Volume) में लगभग 90% तक की कमी आ जाती है। उच्च तापमान कचरे में मौजूद हानिकारक विषाक्त पदार्थों और रोगजनक कीटाणुओं को नष्ट कर देता है, जिससे वे पर्यावरण के लिए कम घातक रह जाते हैं। इस प्रक्रिया से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा का उपयोग बिजली बनाने या हीटिंग सिस्टम के लिए भी किया जा सकता है, जिसे "वेस्ट टू एनर्जी" कहा जाता है। कंपोस्ट बनाना या महासागरों में कचरा डालना खतरनाक रसायनों के मामले में सुरक्षित नहीं है क्योंकि इससे जल और मृदा प्रदूषण बढ़ सकता है। भस्मीकरण के बाद जो राख बचती है, उसे सुरक्षित रूप से लैंडफिल में दबाया जा सकता है, जिससे जहरीले रसायनों के रिसाव का खतरा कम हो जाता है।
47. जब अम्लीय जल (pH < 5.6) नदियों में जाता है, तो क्या होता है?
(A) नदी के जल में मछलियों की संख्या बढ़ जाती है।
(B) जल थोड़ा क्षारीय हो जाता है।
(C) नदी का जल पीने के लिए अधिक स्वस्थ हो जाता है।
(D) नदी के जल का pH कम हो जाता है।
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-III
Ans: (d) जब वर्षा के जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। जब यह अम्लीय जल नदियों में प्रवाहित होता है, तो नदी के जल का pH मान भी कम हो जाता है। कम pH मान वाला जल अत्यधिक अम्लीय होता है, जो जलीय जीवों के लिए हानिकारक है। नदी का जल अम्लीय होने से मछलियों और अन्य जलीय वनस्पतियों की उत्तरजीविता कठिन हो जाती है। अम्लीय परिस्थितियों में मछलियों के अंडे नष्ट हो जाते हैं और उनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। यह पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बिगाड़ देता है और जल की गुणवत्ता को पीने के अयोग्य बना देता है।
48. अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(A) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण में बने रहते हैं।
(B) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ निम्नीकरण में कम समय लेते हैं।
(C) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों का निम्नीकरण एंजाइमों द्वारा आसानी से किया जा सकता है।
(D) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ पारिस्थितिकी तंत्र के घटकों (members) को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं।
RRB Group-D | 20/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) पदार्थ वे होते हैं जिन्हें सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित नहीं किया जा सकता। ये पदार्थ पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और प्राकृतिक चक्र का हिस्सा नहीं बन पाते। चूंकि इन्हें एंजाइमों द्वारा नहीं तोड़ा जा सकता, इसलिए ये मिट्टी और जल में प्रदूषण फैलाते हैं। प्लास्टिक, कांच और कुछ धातुएं इसके प्रमुख उदाहरण हैं जो सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होते। ये पदार्थ खाद्य श्रृंखला (Food chain) में प्रवेश कर जीवों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए इनका सीमित उपयोग और उचित पुनर्चक्रण (Recycling) अत्यंत आवश्यक है।
49. निम्न में से कौन से पदार्थ जैव निम्नीकरणीय नहीं है?
(A) कार्डबोर्ड बॉक्स और कागज के थैले
(B) कांच का बर्तन और प्लास्टिक कवर
(C) ऊनी कंबल और जूट की रस्सी
(D) चमड़े की बेल्ट और कैनवास का जूता
RRB Group-D | 26/09/2022 | Shift-II
Ans: (b) कांच के बर्तन और प्लास्टिक कवर अजैव निम्नीकरणीय पदार्थों की श्रेणी में आते हैं। जैव निम्नीकरणीय पदार्थ जैसे कागज, जूट और सूती कपड़े प्राकृतिक रूप से मिट्टी में मिल जाते हैं। प्लास्टिक और कांच को विघटित करने के लिए कोई भी प्राकृतिक बैक्टीरिया या कवक सक्षम नहीं होता। कार्डबोर्ड और चमड़ा जैसे पदार्थ जैविक मूल के होते हैं और समय के साथ गल जाते हैं। प्लास्टिक कवर मिट्टी की उर्वरता को कम करते हैं और जल निकासी प्रणाली को अवरुद्ध करते हैं। इसलिए, पर्यावरण सुरक्षा के लिए कांच और प्लास्टिक के कचरे का प्रबंधन बहुत सावधानी से करना चाहिए।
50. अजैवनिम्नीकरणीय अपशिष्टों के उत्पादन को कम करने के लिए 3R का सही क्रम क्या होगा?
(A) रिड्यूस, रीयूज, रिसायकल
(B) रीयूज, रिसायकल, रिड्यूस
(C) रिसायकल, रिड्यूस, रीयूज
(D) रिसायकल, रीयूज, रिड्यूस
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-III
Ans: (a) अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 3R का सही क्रम "रिड्यूस, रीयूज, रिसायकल" (Reduce, Reuse, Recycle) है। रिड्यूस (Reduce) का अर्थ है कचरे के उत्पादन को कम करना और अनावश्यक वस्तुओं का उपयोग न करना। रीयूज (Reuse) का अर्थ है किसी वस्तु को फेंकने के बजाय उसे बार-बार अलग-अलग कामों में उपयोग करना। रिसायकल (Recycle) का अर्थ है अनुपयोगी वस्तुओं को प्रसंस्कृत करके नई उपयोगी वस्तुएं बनाना। यह क्रम संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है। यदि हम पहले ही कम कचरा उत्पन्न करेंगे, तो पुनर्चक्रण की आवश्यकता भी कम हो जाएगी।
51. निम्नलिखित में से कौन सा, वायु प्रदूषण का एक प्राकृतिक स्रोत है?
(A) ज्वालामुखी विस्फोट
(B) ऊर्जा संयंत्र
(C) लकड़ी का जलना
(D) वाहनों से निकलने वाला धुआं
RRB Group-D | 23/08/2022 | Shift-II
Ans: (a) वायु प्रदूषण के स्रोतों को दो भागों में बांटा जा सकता है: प्राकृतिक और मानव निर्मित (Anthropogenic)। ज्वालामुखी विस्फोट एक प्राकृतिक घटना है जिससे बड़ी मात्रा में धूल, राख और हानिकारक गैसें निकलती हैं। इसमें सल्फर डाइऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें वायुमंडल में मिलकर प्रदूषण फैलाती हैं। दूसरी ओर, ऊर्जा संयंत्र, वाहनों का धुआं और लकड़ी जलाना मानवीय गतिविधियों के परिणाम हैं। ज्वालामुखी से निकलने वाले कण वायुमंडल की ऊपरी परतों तक पहुँचकर जलवायु को भी प्रभावित कर सकते हैं। प्राकृतिक स्रोत होने के बावजूद, ज्वालामुखी विस्फोट से होने वाला प्रदूषण व्यापक और तीव्र हो सकता है।
52. निम्नलिखित में से किसे जैव चिकित्सा अपशिष्ट नहीं माना जाता है?
(A) खाद्य अपशिष्ट
(B) चिकित्सा अपशिष्ट
(C) पशु अपशिष्ट
(D) औद्योगिक अपशिष्ट
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-II
Ans: (a) जैव चिकित्सा अपशिष्ट (Biomedical Waste) वह कचरा है जो अस्पतालों और नैदानिक केंद्रों से निकलता है। इसमें इस्तेमाल की गई सुइयां, पट्टियां, मानव अंग, रक्त और दवाएं शामिल होती हैं। खाद्य अपशिष्ट (Food waste) घरेलू या रसोई का कचरा है, जिसे जैव चिकित्सा अपशिष्ट नहीं माना जाता। पशु अपशिष्ट यदि चिकित्सा अनुसंधान से संबंधित है, तो वह इसी श्रेणी में गिना जा सकता है। जैव चिकित्सा कचरे का निपटान अत्यंत सावधानी से "इंसीनरेशन" जैसी प्रक्रियाओं द्वारा किया जाता है। खाद्य अपशिष्ट सामान्यतः जैव निम्नीकरणीय होता है और इसे खाद बनाकर निपटाया जा सकता है।
53. रसोई में उत्पन्न होने वाले अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ की पहचान कीजिए।
(A) पेपर बैग
(B) चाय की पत्ती
(C) दूध की थैली
(D) सब्जियों के छिलके
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-II
Ans: (c) दूध की थैली प्लास्टिक (पॉलिथीन) से बनी होती है, जो एक अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ है। सब्जियों के छिलके और चाय की पत्ती जैविक पदार्थ हैं जो आसानी से खाद में बदल जाते हैं। पेपर बैग लकड़ी के लुगदी से बने होते हैं, इसलिए वे भी प्राकृतिक रूप से विघटित हो सकते हैं। प्लास्टिक की थैलियों को विघटित होने में सैकड़ों साल लगते हैं और ये मिट्टी में मिलकर उसे जहरीला बनाती हैं। रसोई में गीले कचरे (Peels) और सूखे कचरे (Plastic) को अलग करना कचरा प्रबंधन की पहली शर्त है। अजैव निम्नीकरणीय होने के कारण दूध की थैलियों को पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए भेजा जाना चाहिए।
54. अजैव निम्नीकरणीय का क्या तात्पर्य है?
(A) वे पदार्थ, जो रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित नहीं होते हैं।
(B) वे पदार्थ, जो जैविक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित नहीं होते हैं।
(C) वे पदार्थ, जो जैविक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित होते हैं।
(D) वे पदार्थ, जो जैव रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा विघटित होते हैं।
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-III
Ans: (b) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ वे जटिल रासायनिक पदार्थ हैं जो जैविक क्रियाओं द्वारा नहीं टूटते। प्रकृति में मौजूद बैक्टीरिया और कवक जैसे सूक्ष्मजीव इन्हें सरल अणुओं में विघटित नहीं कर पाते। ये पदार्थ भौतिक कारकों जैसे गर्मी, दबाव या प्रकाश से थोड़ा प्रभावित हो सकते हैं, पर नष्ट नहीं होते। इन पदार्थों के उदाहरणों में प्लास्टिक, नायलॉन, कांच और कुछ रेडियोधर्मी तत्व शामिल हैं। चूंकि ये विघटित नहीं होते, इसलिए ये पारिस्थितिकी तंत्र में प्रदूषण का स्थायी स्रोत बन जाते हैं। जैव निम्नीकरणीय पदार्थों के विपरीत, ये मृदा और जल निकायों में जमा होकर जैव-आवर्धन का कारण बनते हैं।
55. अपशिष्ट के उत्पादन को कम करने का सर्वाधिक प्रभावी समाधान क्या है?
(A) कम्पोस्टिंग
(B) दहन
(C) पुनः उपयोग
(D) मनाही
RRB Group-D | 27/09/2022 | Shift-III
Ans: (d) अपशिष्ट प्रबंधन में "मनाही" या Refuse का अर्थ है उन चीजों को न लेना जो कचरा उत्पन्न करती हैं। यदि हम प्लास्टिक की थैलियों या एक बार इस्तेमाल होने वाले सामानों को लेने से मना कर दें, तो कचरा पैदा ही नहीं होगा। कम्पोस्टिंग और पुनर्चक्रण तब काम आते हैं जब कचरा पहले ही उत्पन्न हो चुका हो। मनाही (Refuse) कचरा प्रबंधन के पदानुक्रम में सबसे ऊपर और सबसे अधिक प्रभावी चरण माना जाता है। यह संसाधनों की बर्बादी को रोकने का सबसे सरल और आर्थिक रूप से किफायती तरीका है। सतत जीवन शैली के लिए आवश्यक है कि हम अनावश्यक उपभोग को रोकें और कचरा कम से कम करें।
56. जैविक कचरे के निपटान का इनमें से कौन सा तरीका पर्यावरण के सर्वाधिक अनुकूल है?
(A) भू-भराव
(B) कम्पोस्टिंग
(C) भस्मीकरण
(D) मूल्य वर्धित उत्पादों का विकास
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-II
Ans: (b) कम्पोस्टिंग (Composting) जैविक कचरे के निपटान का सबसे वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीका है। इसमें सूक्ष्मजीवों की सहायता से रसोई और कृषि के कचरे को पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदला जाता है। भू-भराव (Landfill) से मिट्टी का प्रदूषण और हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होने की संभावना रहती है। भस्मीकरण (Incineration) से वायु प्रदूषण होता है क्योंकि इसमें कचरे को जलाया जाता है। कम्पोस्टिंग न केवल कचरे को कम करती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी प्राकृतिक रूप से बढ़ाती है। यह प्रक्रिया कचरे के पुनर्चक्रण के प्राकृतिक चक्र का अनुसरण करती है और प्रदूषण मुक्त है।
57. भारत का पहला ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट) क्लीनिक कहाँ स्थापित किया गया है?
(A) हैदराबाद
(B) बेंगुलुरू
(C) भोपाल
(D) जयपुर
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift-III
Ans: (c) भारत का पहला ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) क्लीनिक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थापित किया गया है। इस क्लीनिक का उद्घाटन जनवरी 2020 में किया गया था, जो घरेलू और व्यावसायिक इकाइयों से कचरे के पृथक्करण और प्रसंस्करण के लिए है। यह क्लीनिक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और भोपाल नगर निगम (BMC) के संयुक्त प्रयासों से बनाया गया है। ई-वेस्ट के अंतर्गत खराब लैपटॉप, मोबाइल फोन, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य "वेस्ट टू वेल्थ" की अवधारणा को बढ़ावा देना और पर्यावरण को ई-कचरे के जहरीले प्रभावों से बचाना है। यह परियोजना केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों पर आधारित है।
58. इनमें से कौन सी पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रक्रिया है?
(A) सूखे पत्तों का मिट्टी में दबाकर निपटान करना।
(B) तालाबों में जैवनिम्निकरणीय अपशिष्टों का निपटान
(C) प्लास्टिक अपशिष्टों का मिट्टी में दबाकर निपटान करना।
(D) फसल उत्पादकता को बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग
RRB NTPC Stage Ist | 11.03.2021 | Shift-II
Ans: (a) पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रिया वह होती है जिससे प्रकृति को नुकसान न पहुँचे और संसाधनों का पुनः चक्रण हो सके। सूखे पत्तों को जलाना वायु प्रदूषण का कारण बनता है, लेकिन उन्हें मिट्टी में दबाना खाद (कंपोस्टिंग) की प्रक्रिया शुरू करता है। यह प्रक्रिया मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है और कचरे के प्रबंधन का सबसे प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है। प्लास्टिक अपशिष्ट को मिट्टी में दबाना हानिकारक है क्योंकि यह सैंकड़ों वर्षों तक अपघटित नहीं होता और मृदा प्रदूषण फैलाता है। रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की संरचना को बिगाड़ता है और जल स्रोतों को भी प्रदूषित करता है। इसलिए, जैविक अपशिष्ट का प्राकृतिक अपघटन ही एकमात्र स्थायी और ईको-फ्रेंडली विकल्प है।
59. लाइकेन (Lichen) एक ऐसा जीव है, जो ....... की चेतावनी देता है।
(A) मृदा प्रदूषण
(B) वायु प्रदूषण
(C) गैस प्रदूषण
(D) जल प्रदूषण
RRB NTPC Stage Ist | 28.12.2020 | Shift-II
Ans: (b) लाइकेन (Lichen) कवक (Fungi) और शैवाल (Algae) के बीच एक सहजीवी संबंध का सबसे अच्छा उदाहरण है। इन्हें प्राकृतिक "वायु प्रदूषण संकेतक" माना जाता है क्योंकि ये वायु की गुणवत्ता के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। विशेष रूप से, लाइकेन हवा में सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_2$) की उपस्थिति के प्रति बहुत अधिक प्रतिक्रियाशील होते हैं। यदि किसी क्षेत्र की हवा बहुत अधिक प्रदूषित होती है, तो वहाँ लाइकेन का विकास रुक जाता है या वे मर जाते हैं। इसीलिए, शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों में जहाँ वायु प्रदूषण अधिक होता है, लाइकेन सामान्यतः नहीं पाए जाते। वैज्ञानिकों द्वारा किसी क्षेत्र की पारिस्थितिक स्थिति को मापने के लिए इनका जैविक अध्ययन किया जाता है।
60. इनमें से कौन सा पर्यावरण संबंधित चिंता का विषय नहीं है ?
(A) प्लास्टिक की खपत और इस्तेमाल में वृद्धि
(B) ग्लोबल वार्मिंग
(C) प्रदूषण स्तर का बढ़ना
(D) ओज़ोन परत का बढ़ना
RRB NTPC Stage Ist | 23.01.2021 | Shift-I
Ans: (d) ओज़ोन परत का बढ़ना पर्यावरण के लिए चिंता का विषय नहीं बल्कि एक सकारात्मक संकेत है। ओज़ोन परत ($O_3$) सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV Rays) को पृथ्वी की सतह तक आने से रोकती है। ओज़ोन परत की मोटाई में कमी (ह्रास) चिंता का विषय है क्योंकि इससे कैंसर और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं। बाकी विकल्प जैसे प्लास्टिक की खपत, ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ता प्रदूषण स्तर पर्यावरण के लिए गंभीर खतरे हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ओज़ोन परत का स्वस्थ होना और उसका विस्तार होना आवश्यक माना जाता है। वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के कारण ओज़ोन छिद्र धीरे-धीरे भर रहे हैं, जो कि एक सकारात्मक पर्यावरणीय विकास है।
61. इनमें से कौन सा रोग जल प्रदूषण के कारण नहीं होता है?
(A) मियादी बुखार
(B) हैजा
(C) अतिसार
(D) प्लेग
RRB NTPC Stage Ist | 31.07.2021 | Shift-I
Ans: (d) प्लेग (Plague) जल प्रदूषण के कारण नहीं होता, बल्कि यह एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो मुख्य रूप से चूहों और पिस्सू से फैलता है। यह "येर्सिनिया पेस्टिस" नामक बैक्टीरिया के कारण होता है और इसे "काली मौत" के नाम से भी जाना जाता है। मियादी बुखार (Typhoid), हैजा (Cholera) और अतिसार (Diarrhea) दूषित पानी और गंदगी के सेवन से फैलते हैं। अतिसार और हैजा जल स्रोतों में मानव अपशिष्ट या बैक्टीरिया मिलने के कारण महामारी का रूप ले सकते हैं। टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से फैलता है जो प्रदूषित भोजन और जल के माध्यम से शरीर में पहुँचता है। अतः जल की स्वच्छता बनाए रखना इन जल-जनित रोगों को रोकने का प्राथमिक उपाय है।
62. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रात्रि के दौरान आवासीय क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित मानक शोर स्तर कितना है?
(A) 35db
(B) 65db
(C) 45db
(D) 25db
RRB NTPC Stage Ist | 14.03.2021 | Shift-I
Ans: (c) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने ध्वनि प्रदूषण के लिए विशिष्ट समय और क्षेत्र के अनुसार मानक तय किए हैं। आवासीय क्षेत्रों के लिए रात के समय (10 बजे से सुबह 6 बजे तक) निर्धारित मानक शोर स्तर $45 ext{ dB}$ है। वहीं इन्ही क्षेत्रों में दिन के समय ध्वनि का मानक स्तर $55 ext{ dB}$ निर्धारित किया गया है ताकि लोगों को असुविधा न हो। व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए दिन में $65 ext{ dB}$ और रात में $55 ext{ dB}$ की सीमा तय की गई है। शांत क्षेत्रों (जैसे अस्पताल, स्कूल) के लिए रात की सीमा और भी कम यानी $40 ext{ dB}$ रखी गई है। निर्धारित मानकों से अधिक शोर मानव स्वास्थ्य, एकाग्रता और नींद के पैटर्न को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
63. हमारे जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने किस वर्ष में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम पारित किया था?
(A) 1976
(B) 1975
(C) 1973
(D) 1974
RRB NTPC Stage Ist | 23.07.2021 | Shift-II
Ans: (d) भारत सरकार ने जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए "जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम" वर्ष 1974 में पारित किया था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य जल की शुद्धता बनाए रखना और जल निकायों को प्रदूषित होने से बचाना है। इसी कानून के तहत ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों का गठन किया गया था। यह अधिनियम औद्योगिक कचरे और सीवेज को बिना उपचार के नदियों या नालों में बहाने पर दंड का प्रावधान करता है। इसमें 1988 में संशोधन भी किया गया ताकि दंड की प्रक्रियाओं को और अधिक कड़ा और प्रभावी बनाया जा सके। यह भारतीय पर्यावरण कानून की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था जिसने जल संसाधनों के प्रबंधन को कानूनी ढांचा प्रदान किया।
64. सीवेज में पायी जाने वाली बैक्टीरिया अधिकतर होती है:
(A) अवायवीय
(B) रोगजनक
(C) मृतोपजीवी
(D) परजीवी
RRB J.E. | 14.12.2014 | Yellow paper
Ans: (b) सीवेज (मलजल) में पाए जाने वाले बैक्टीरिया का एक बड़ा हिस्सा रोगजनक (Pathogenic) श्रेणी का होता है। रोगजनक बैक्टीरिया वे होते हैं जो मनुष्यों और जानवरों में विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ पैदा करने की क्षमता रखते हैं। चूंकि सीवेज में मानव अपशिष्ट और जैविक गंदगी होती है, इसलिए इसमें हानिकारक बैक्टीरिया की संख्या बहुत अधिक होती है। यदि इस सीवेज को बिना उपचार के जल स्रोतों में छोड़ा जाता है, तो यह टाइफाइड, पीलिया और हैजा फैला सकता है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में इन बैक्टीरिया को नष्ट करने के लिए क्लोरीनीकरण या अन्य विधियों का प्रयोग किया जाता है। मृतोपजीवी बैक्टीरिया भी इनमें होते हैं जो कार्बनिक पदार्थों को तोड़ते हैं, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से रोगजनक बैक्टीरिया अधिक चिंताजनक होते हैं।
65. जैव अपघटनीय संदूषण (Biodegradable pollutants):
(A) प्राकृतिक माध्यमों से शीघ्र अपघटित होते हैं।
(B) अपघटित नहीं किया जा सकता।
(C) केवल जलाकर अपघटनीय होते हैं।
(D) केवल बहते पानी में निपटान किया जाता है।
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (a) जैव अपघटनीय (Biodegradable) प्रदूषक वे पदार्थ होते हैं जिन्हें सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राकृतिक रूप से सरल तत्वों में तोड़ा जा सकता है। इसमें रसोई का कचरा, पौधों के अवशेष, कागज और पशु अपशिष्ट जैसे कार्बनिक पदार्थ शामिल होते हैं। ये प्रदूषक समय के साथ मिट्टी में मिलकर खाद का रूप ले लेते हैं और पर्यावरण पर लंबे समय तक बुरा प्रभाव नहीं डालते। इसके विपरीत, गैर-जैव अपघटनीय प्रदूषक जैसे प्लास्टिक या भारी धातुएं प्राकृतिक रूप से खत्म नहीं होते हैं। जैव अपघटनीय कचरे का सही प्रबंधन (जैसे कंपोस्टिंग) करके इसे एक मूल्यवान संसाधन में बदला जा सकता है। प्राकृतिक माध्यमों (हवा, पानी, बैक्टीरिया) से शीघ्र अपघटन होने के कारण ये पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित रखते हैं।
66. सुरक्षित पेय जल का जैव-रासायनिक ऑक्सीजन मांग (BOD) होना चाहिएः
(A) शून्य
(B) 50 पीपीएम
(C) 100 पीपीएम
(D) 200 पीपीएम
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (a) BOD का पूर्ण रूप "Biochemical Oxygen Demand" (जैव-रासायनिक ऑक्सीजन मांग) होता है। यह पानी में उपस्थित कार्बनिक पदार्थों को सूक्ष्मजीवों द्वारा विघटित करने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को दर्शाता है। सुरक्षित और शुद्ध पेयजल के लिए BOD का स्तर "शून्य" (Zero) होना चाहिए, जो यह बताता है कि पानी में हानिकारक कार्बनिक प्रदूषण नहीं है। यदि पानी में BOD का स्तर अधिक है, तो इसका अर्थ है कि पानी प्रदूषित है और उसमें जैविक अशुद्धियाँ अधिक हैं। अधिक BOD स्तर होने पर पानी में घुलित ऑक्सीजन ($DO$) कम हो जाती है, जिससे जलीय जीवों का जीवन खतरे में पड़ जाता है। पीने के पानी की गुणवत्ता मापने के लिए BOD एक महत्वपूर्ण मानक है जिसका शून्य होना उच्चतम शुद्धता का परिचायक है।
67. व्यापक रूप में वनों की कटाई से घटता है :
(A) मृदा अपरदन
(B) वर्षा
(C) सूखा
(D) वैश्विक ऊष्मायण
N/A | N/A | N/A
Ans: (b) व्यापक रूप में वनों की कटाई से वर्षा (Rainfall) की मात्रा में कमी आती है क्योंकि पेड़ वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) की प्रक्रिया द्वारा वायुमंडल में नमी छोड़ते हैं। जब वनों को काटा जाता है, तो जल चक्र (Water Cycle) बाधित हो जाता है, जिससे बादलों के बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। वनों की कमी से न केवल वर्षा घटती है, बल्कि स्थानीय जलवायु का तापमान भी बढ़ जाता है। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को सोखते हैं, और उनकी अनुपस्थिति में ग्रीनहाउस प्रभाव बढ़ जाता है, जो वर्षा के पैटर्न को अनिश्चित बना देता है। इसके विपरीत, वनों की कटाई से मृदा अपरदन (Soil Erosion) और सूखा बढ़ता है, घटता नहीं है। अतः पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य है।
68. अम्ल वर्षा (अम्ल अवक्षेपण) का मुख्य कारण हैः
(A) SO2
(B) NH2
(C) CH4
(D) उपरोक्त सभी
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (a) अम्ल वर्षा (Acid Rain) का मुख्य कारण वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन के ऑक्साइड की उपस्थिति है। जब जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला और पेट्रोलियम जलाए जाते हैं, तो ये गैसें भारी मात्रा में निकलती हैं। वायुमंडल में पहुँचने के बाद, SO2 जल वाष्प और ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) बनाती है। यह अम्ल वर्षा की बूंदों के साथ मिलकर पृथ्वी पर गिरता है, जिससे जलीय जीवन, पौधों और ऐतिहासिक स्मारकों (जैसे ताजमहल) को भारी नुकसान पहुँचता है। विकल्प (a) SO2 इस प्रक्रिया का सबसे प्रमुख घटक माना जाता है। शुद्ध वर्षा के जल का pH मान लगभग 5.6 होता है, लेकिन अम्ल वर्षा में यह इससे काफी कम हो जाता है।
69. हवा में अम्ल वर्षा........ के छोड़े जाने के कारण होती है।
(A) कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड
(B) सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड
(C) ऑक्सीजन और जल वाष्प
(D) नाइट्रस ऑक्साइड और ओजोन
RRB NTPC Stage I | 11.04.2016 | Shift-II
Ans: (b) हवा में अम्ल वर्षा मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) के छोड़े जाने के कारण होती है। ये प्रदूषक कारखानों, बिजली संयंत्रों और वाहनों के इंजन से उत्सर्जित होते हैं। जब ये गैसें वायुमंडलीय नमी के साथ रासायनिक अभिक्रिया करती हैं, तो नाइट्रिक अम्ल और सल्फ्यूरिक अम्ल का निर्माण होता है। यह मिश्रण जब वर्षा, हिमपात या ओलों के रूप में गिरता है, तो इसे अम्लीय निक्षेपण कहा जाता है। इसके प्रभाव से मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है और जंगलों को क्षति पहुँचती है। अतः वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उपयोग करके इन गैसों के उत्सर्जन को कम करना आवश्यक है।
70. वायुमण्डल में, निम्नलिखित किस गैस की उपस्थिति के कारण अम्ल वर्षा होती है?
(A) नाइट्रोजन एवं ऑक्सीजन
(B) सल्फर-डाई-ऑक्साइड एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड
(C) कार्बन-डाई-ऑक्साइड एवं कार्बन मोनो-ऑक्साइड
(D) ओजोन और ऑर्गन
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (b) वायुमण्डल में सल्फर-डाई-ऑक्साइड (SO2) एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) की उपस्थिति अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी होती है। ये गैसें मुख्य रूप से औद्योगिक इकाइयों और वाहनों के धुएं से निकलती हैं। सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ये गैसें ऑक्सीकृत होकर जल के साथ मिलकर प्रबल अम्लों का निर्माण करती हैं। यह वर्षा जल के pH मान को गिरा देती है, जिससे जल अम्लीय हो जाता है। अम्लीय वर्षा के कारण नदियों और झीलों का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ जाता है, जिससे मछलियाँ और अन्य जीव मरने लगते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड भी अम्लता बढ़ाती है, लेकिन मुख्य कारक SO2 और NOx ही हैं।
71. अम्लीय वर्षा किसके कारण होता है-
(A) CO & CO2
(B) SO2 & O2
(C) SO2 & NO2
(D) NO2 & O2
RRB SSE | 21.12.2014 | Green paper
Ans: (c) अम्लीय वर्षा का प्रमुख कारण वायुमंडल में मौजूद SO2 (सल्फर डाइऑक्साइड) और NO2 (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) गैसें हैं। ये गैसें वातावरण में मौजूद जल के अणुओं (H2O) के साथ मिलकर रासायनिक क्रिया करती हैं। इस क्रिया के फलस्वरूप सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल का निर्माण होता है जो वर्षा के जल को अम्लीय बना देते हैं। यह प्रक्रिया न केवल वर्षा के समय होती है, बल्कि कोहरे और ओस के रूप में भी अम्लीय जमाव हो सकता है। यह भवनों के क्षरण (जैसे पत्थर का कैंसर) और कृषि फसलों की बर्बादी के लिए जिम्मेदार है। विकल्प (c) में दिए गए ये दोनों घटक अम्ल वर्षा के लिए सबसे सटीक रासायनिक कारण हैं।
72. फ्लूओराइड प्रदूषण मुख्य रूप से प्रभावित करता हैः
(A) दाँतों को
(B) वृक्क को
(C) मस्तिष्क को
(D) हृदय को
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (a) फ्लोराइड प्रदूषण मुख्य रूप से मानव शरीर के दाँतों और हड्डियों को प्रभावित करता है। पीने के पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा से "फ्लोरोसिस" नामक बीमारी हो जाती है। शुरुआती चरणों में, यह दाँतों पर पीले या भूरे धब्बे (Mottling of teeth) के रूप में दिखाई देता है। लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने से हड्डियाँ कमजोर और टेढ़ी हो जाती हैं, जिसे कंकाल फ्लोरोसिस (Skeletal Fluorosis) कहा जाता है। भारत के कई राज्यों में भूजल में फ्लोराइड का स्तर अनुमेय सीमा (1.5 mg/L) से अधिक है। यह समस्या मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखी जाती है जहाँ लोग सीधे हैंडपंप का पानी पीते हैं।
73. निम्नलिखित में से किससे भारत में अधिकांश गाँव पीड़ित है और किसी अन्य से नहींः
(A) वायु प्रदूषण
(B) ध्वनि प्रदूषण
(C) विकिरण प्रदूषण
(D) जल प्रदूषण
RRB NTPC Stage It | 22.04.2016 | Shift-II
Ans: (d) भारत में अधिकांश गाँव मुख्य रूप से जल प्रदूषण (Water Pollution) की समस्या से पीड़ित हैं। इसका मुख्य कारण उचित स्वच्छता सुविधाओं का अभाव और घरेलू कचरे का सीधे जल स्रोतों में बहाया जाना है। गाँवों में कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले उर्वरक और कीटनाशक भी वर्षा के जल के साथ मिलकर नदियों और तालाबों को प्रदूषित करते हैं। प्रदूषित जल के सेवन से हैजा, टाइफाइड और पेचिश जैसी बीमारियाँ ग्रामीण आबादी में व्यापक रूप से फैलती हैं। हालांकि वायु और ध्वनि प्रदूषण शहरों की मुख्य समस्या है, लेकिन जल की गुणवत्ता गाँवों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता अभी भी कई भारतीय गाँवों में एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है।
74. शोर के किस स्तर से ऊपर का शोर कान में दर्द एवं क्षति का कारण होता है?
(A) लगभग 80 डेसीबल
(B) लगभग 130 डेसीबल
(C) लगभग 150 डेसीबल
(D) लगभग 180 डेसीबल
RRB NTPC Stage It | 30.03.2016 | Shift-II
Ans: (b) ध्वनि प्रदूषण के संदर्भ में, लगभग 130 डेसीबल (dB) से ऊपर का शोर कान में तेज दर्द और स्थाई क्षति का कारण बन सकता है। सामान्य बातचीत लगभग 60 dB की होती है, जबकि 80 dB से ऊपर का शोर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाने लगता है। 130 dB का स्तर वह सीमा है जिसे "दर्द की दहलीज" (Threshold of Pain) कहा जाता है। इस स्तर के शोर के संपर्क में आने से कान के पर्दे फट सकते हैं या सुनने की क्षमता हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है। जेट विमान के उड़ान भरते समय या बड़े विस्फोटों के समय ध्वनि का स्तर अक्सर इस सीमा को पार कर जाता है। अतः उच्च शोर वाले क्षेत्रों में ईयर-प्लग का उपयोग करना अनिवार्य है।
75. एक जलीय जीव की सेहत ज्ञात करने के लिए किस चीज की गणना की जाती है?
(A) घुली हुई ऑक्सीजन
(B) घुली हुई फ्लोरीन
(C) घुली हुई मीथेन
(D) घुली हुई कैल्शियम
RRB NTPC Stage It | 19.01.2017 | Shift-III
Ans: (a) एक जलीय जीव (जैसे मछली) की सेहत और जल निकाय की गुणवत्ता ज्ञात करने के लिए "घुली हुई ऑक्सीजन" (Dissolved Oxygen - DO) की गणना की जाती है। जलीय जीवों को श्वसन के लिए पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। यदि पानी में प्रदूषण बढ़ता है, तो सूक्ष्मजीव उस प्रदूषण को खत्म करने के लिए अधिक ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं, जिससे DO का स्तर गिर जाता है। इसे जैविक ऑक्सीजन मांग (BOD) के रूप में भी मापा जाता है। एक स्वस्थ जल निकाय में DO का स्तर कम से कम 4-6 mg/L होना चाहिए। यदि DO का स्तर बहुत कम हो जाए, तो जलीय जीवों का दम घुटने लगता है और उनकी मृत्यु हो सकती है।
76. ऑटोमोबाइल से निकलने वाला सबसे खतरनाक धातु प्रदूषक कौन-सा है?
(A) तांबा
(B) कैडमियम
(C) लेड
(D) पारा
RRB JE | 26.06.2019 | Shift-I
Ans: (c) ऑटोमोबाइल (वाहनों) से निकलने वाला सबसे खतरनाक धातु प्रदूषक लेड (Lead या सीसा) है। पहले के समय में पेट्रोल में एंटी-नॉक एजेंट के रूप में "टेट्राएथिल लेड" मिलाया जाता था, जो धुएं के साथ बाहर निकलता था। लेड एक भारी धातु है जो वायुमंडल में लंबे समय तक बनी रहती है और सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करती है। यह विशेष रूप से बच्चों के मस्तिष्क विकास और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) को गंभीर नुकसान पहुँचाता है। इसके कारण एनीमिया, गुर्दे की बीमारी और मानसिक मंदता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वर्तमान में लेड-रहित (Unleaded) पेट्रोल के उपयोग से इस प्रदूषण में काफी कमी आई है, लेकिन पुराने वाहनों से अभी भी यह जोखिम बना रहता है।
77. भारत सरकार द्वारा मोटर वाहनों से उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए अप्रैल 2017 से कौन सा कानून लागू किया गया था?
(A) BS I
(B) BS V
(C) BS II
(D) BS IV
DMRC J.E. | 18.02.2017 | N/A
Ans: (d) भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल 2017 से पूरे देश में BS-IV (Bharat Stage IV) मानक लागू किए थे। इससे पहले 2010 से देश के कुछ हिस्सों में BS-III लागू था। BS-IV मानकों के तहत वाहनों से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) की सीमा को काफी कम कर दिया गया। सर्वोच्च न्यायालय ने 1 अप्रैल 2017 से BS-III वाहनों की बिक्री और पंजीकरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। यह कदम पर्यावरण सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। वर्तमान में भारत सीधे BS-IV से BS-VI मानकों पर स्थानांतरित हो चुका है।
78. वर्ष 2016 के दौरान भारत में वाहन उत्सर्जन मानकों का कौन सा चरण लागू था?
(A) भारत I
(B) भारत II
(C) भारत III
(D) भारत IV
RRB NTPC Stage It | 11.04.2016 | Shift-III
Ans: (c) वर्ष 2016 के दौरान भारत के अधिकांश हिस्सों में भारत स्टेज III (BS-III) वाहन उत्सर्जन मानक लागू थे। हालांकि, कुछ बड़े शहरों में 2010 से ही BS-IV मानक लागू कर दिए गए थे, लेकिन राष्ट्रव्यापी स्तर पर मुख्य मानक BS-III ही था। इन मानकों का उद्देश्य वाहनों से होने वाले हानिकारक उत्सर्जन जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन को नियंत्रित करना है। अप्रैल 2017 में सरकार ने BS-III को हटाकर सीधे BS-IV को पूरे देश में अनिवार्य बना दिया था। उत्सर्जन मानकों में यह क्रमिक सुधार इंजन की तकनीक और ईंधन की गुणवत्ता में सुधार पर आधारित होता है। यह मानक यूरोप के "यूरो मानकों" पर आधारित हैं।
79. निम्नलिखित में से किस कारण को 'आर्कटिक हरितकरण (Arctic Greening)' के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है ?
(A) महासागरीय धारा प्रवाह
(B) प्रदूषण में वृद्धि
(C) ओजोन परत के क्षरण
(D) ग्लोबल वॉर्मिंग
RRB NTPC | 25.01.2021 | Shift-II
Ans: (d) आर्कटिक हरितकरण (Arctic Greening) का मुख्य कारण ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन है। जैसे-जैसे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, आर्कटिक क्षेत्रों की बर्फ पिघल रही है और वहाँ की जमी हुई मिट्टी (Permafrost) गर्म हो रही है। इस तापमान वृद्धि के कारण उन क्षेत्रों में अब झाड़ियाँ और अन्य वनस्पतियाँ उगने लगी हैं जहाँ पहले केवल बर्फ रहती थी। उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि आर्कटिक क्षेत्र में हरियाली बढ़ रही है, जो पारिस्थितिकी तंत्र के असंतुलन का संकेत है। यह प्रक्रिया कार्बन चक्र को प्रभावित करती है क्योंकि पिघलती हुई मिट्टी से मीथेन जैसी गैसें निकलती हैं। अंततः यह ग्लोबल वॉर्मिंग की दर को और अधिक तेज कर देता है।
80. कथन : क्या ग्लोबल वार्मिंग असली खतरा है? तर्क : I. हाँ, यह एक खतरा है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्री तल से वृद्धि, अत्यधिक गर्मी, जंगली आग के खतरे, और सूखे और अन्य जल आपूर्ति के मुद्दे होते है। II. नहीं, ग्लोबल वार्मिंग कुछ लोगों द्वारा बनाई गई एक गलत धारणा हैं।
(A) I और II दोनों मजबूत हैं
(B) केवल तर्क I मजबूत है
(C) केवल तर्क II मजबूत है
(D) न तो I न ही II मजबूत है
RRB Group-D | 03-10-2018 | Shift-I
Ans: (b) ग्लोबल वॉर्मिंग एक वास्तविक और वैज्ञानिक रूप से सिद्ध खतरा है, इसलिए तर्क I अत्यंत मजबूत है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के अनुसार, पृथ्वी के बढ़ते तापमान से ध्रुवीय बर्फ पिघल रही है जिससे समुद्र के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इसके परिणामस्वरूप तटीय शहरों के डूबने का खतरा बढ़ गया है और चरम मौसम की घटनाएं जैसे सूखा, जंगली आग और बाढ़ बार-बार हो रही हैं। तर्क II एक गलत धारणा है क्योंकि ग्लोबल वॉर्मिंग कोई काल्पनिक विचार नहीं बल्कि डेटा पर आधारित वैश्विक संकट है। जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि और जल आपूर्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अतः हमें इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।
81. निम्नलिखित में से किस कारण को 'आर्कटिक हरितकरण (Arctic Greening)' के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है ?
(A) महासागरीय धारा प्रवाह
(B) प्रदूषण में वृद्धि
(C) ओजोन परत के क्षरण
(D) ग्लोबल वॉर्मिंग
RRB NTPC | 25.01.2021 | Shift-II
Ans: (d) आर्कटिक हरितकरण के लिए ग्लोबल वॉर्मिंग को सबसे प्रमुख कारण माना जाता है क्योंकि यह ध्रुवीय जलवायु को बदल रहा है। जैसे-जैसे वैश्विक औसत तापमान बढ़ रहा है, आर्कटिक की जमी हुई मिट्टी (पर्माफ्रॉस्ट) पिघलना शुरू हो गई है। मिट्टी के पिघलने से वहां पोषक तत्व मुक्त होते हैं, जो नई वनस्पतियों और झाड़ियों के विकास में सहायता करते हैं। यह हरितकरण आर्कटिक के जीवों के लिए आवास तो बदल रहा है, लेकिन साथ ही पर्यावरण के लिए नए खतरे भी पैदा कर रहा है। जहाँ पहले केवल सफेद बर्फ की चादर थी, वहां अब हरियाली दिखने लगी है, जो जलवायु परिवर्तन का एक सीधा संकेत है। इसलिए, यह स्पष्ट है कि ग्रीनहाउस गैसों के प्रभाव से उत्पन्न ग्लोबल वॉर्मिंग ही इस बदलाव की जड़ है।
82. निम्नलिखित में से कौन सा/सी रसायन/गैस, ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न होने के लिए उत्तरदाई हैं ?
(A) जल वाष्प, O2 और CFCs
(B) NO2, O2 और SO2
(C) NO2, CO2 और SO2
(D) जल वाष्प, CO2 और CFCs
RRB NTPC | 10.02.2021 | Shift-II
Ans: (d) ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करने वाली प्रमुख गैसों में जल वाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) शामिल हैं। जल वाष्प वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में मौजूद है और यह प्राकृतिक रूप से गर्मी को रोकने में मदद करता है। CO2 मानवीय गतिविधियों, जैसे कि जीवाश्म ईंधन के जलने, के कारण बढ़ रही है और ग्लोबल वॉर्मिंग का मुख्य कारण बनी हुई है। CFCs जैसे रसायन ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ अत्यंत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें भी हैं। ये सभी गैसें मिलकर सूर्य की अवरक्त विकिरणों (Infrared Radiations) को पृथ्वी के वायुमंडल में रोक लेती हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से पृथ्वी की सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिसे हम ग्रीन हाउस प्रभाव के रूप में जानते हैं।
83. कथन : क्या ग्लोबल वार्मिंग असली खतरा है? तर्क : I. हाँ, यह एक खतरा है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्री तल से वृद्धि, अत्यधिक गर्मी, जंगली आग के खतरे, और सूखे और अन्य जल आपूर्ति के मुद्दे होते है। II. नहीं, ग्लोबल वार्मिंग कुछ लोगों द्वारा बनाई गई एक गलत धारणा हैं।
(A) I और II दोनों मजबूत हैं
(B) केवल तर्क I मजबूत है
(C) केवल तर्क II मजबूत है
(D) न तो I न ही II मजबूत है
RRB Group-D | 03-10-2018 | Shift-I
Ans: (b) ग्लोबल वार्मिंग वास्तव में एक गंभीर खतरा है, क्योंकि इसके विनाशकारी प्रभाव वैश्विक स्तर पर स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। तर्क I प्रबल है क्योंकि ग्लेशियरों के पिघलने से समुद्र के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे तटीय क्षेत्र डूबने की कगार पर हैं। बढ़ते तापमान के कारण जंगलों में आग (Wildfires) लगने की घटनाएं और अत्यधिक सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं बार-बार आ रही हैं। यह जल चक्र को प्रभावित कर रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में पीने के पानी और कृषि के लिए जल आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है। तर्क II पूरी तरह गलत है क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग कोई वैज्ञानिक धारणा मात्र नहीं बल्कि डेटा पर आधारित एक वास्तविकता है। अतः केवल तर्क I ही ठोस वैज्ञानिक आधार और वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार सबसे मजबूत और तर्कसंगत है।
84. ग्लोबल वार्मिंग में सबसे अहम योगदान किसका है?
(A) कार्बन उत्सर्जन
(B) कृषिगत कार्य
(C) वनों का विनाश
(D) उद्योग
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-09
Ans: (a) ग्लोबल वॉर्मिंग में सबसे अहम और महत्वपूर्ण योगदान कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) का माना जाता है। कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों के दहन से बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में मुक्त होती है। CO2 एक ऐसी गैस है जो वायुमंडल में लंबे समय तक बनी रहती है और ऊष्मा को अंतरिक्ष में वापस जाने से रोकती है। हालांकि वनों की कटाई और उद्योग भी कारण हैं, लेकिन कार्बन उत्सर्जन इन सभी गतिविधियों का मूल हानिकारक उत्पाद है। वाहन चलाने, बिजली उत्पादन और बड़े संयंत्रों के संचालन से होने वाला उत्सर्जन पृथ्वी के तापन को गति दे रहा है। इसीलिए दुनिया भर में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने पर सबसे अधिक जोर दिया जाता है ताकि जलवायु परिवर्तन को रोका जा सके।
85. ग्रीन हाऊस गैसों द्वारा ग्लोबन वार्मिंग के लिए सबसे अधिक उत्तरदायी कारण क्या है?
(A) कृषि
(B) वनों की कटाई
(C) ऊर्जा
(D) उद्योग
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (d) ग्रीन हाउस गैसों के माध्यम से ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ाने में आधुनिक उद्योगों (Industries) की भूमिका सबसे अधिक उत्तरदायी है। औद्योगिक प्रक्रियाओं में बड़ी मात्रा में ऊर्जा का उपयोग होता है, जो मुख्य रूप से कार्बन-आधारित ईंधनों से प्राप्त की जाती है। कारखानों से न केवल कार्बन डाइऑक्साइड बल्कि मीथेन और विभिन्न सिंथेटिक गैसें भी वायुमंडल में छोड़ी जाती हैं। औद्योगिक क्रांति के बाद से ही वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों की सघनता में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। विभिन्न विनिर्माण इकाइयों और रसायनों के उत्पादन ने प्राकृतिक तापमान संतुलन को बुरी तरह बिगाड़ दिया है। अतः ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार गैसों के उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत औद्योगिक क्षेत्र ही माना जाता है।
86. निम्नलिखित में किसे ग्रीन हाउस गैसों में शामिल नहीं किया जा सकता है?
(A) नाइट्रस ऑक्साइड
(B) कार्बन डाईआक्साइड
(C) मीथेन
(D) फॉस्फाइन
RRB NTPC | 26.04.2016 | Shift-II
Ans: (d) फॉस्फाइन (Phosphine) एक ज़हरीली गैस है, लेकिन इसे ग्रीन हाउस गैसों की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता है। ग्रीन हाउस गैसें वे होती हैं जो वातावरण में ऊष्मा (Heat) को सोखने और उसे वापस पृथ्वी की ओर भेजने की क्षमता रखती हैं। नाइट्रस ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन प्रमुख ग्रीन हाउस गैसें हैं जो जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं। फॉस्फाइन का उपयोग मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों के रूप में या कुछ औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है। यह गैस वायुमंडल में ऊष्मा को रोकने का कार्य नहीं करती है, इसलिए यह ग्लोबल वार्मिंग के लिए उत्तरदायी नहीं है। बाकी तीनों विकल्प (A, B, C) ज्ञात ग्रीन हाउस गैसें हैं जो पृथ्वी के औसत तापमान को बढ़ाने में योगदान देती हैं।
87. निम्नलिखित गैसों में से कौन सी गैस पृथ्वी पर ग्रीनहाउस गैस के प्रभाव के लिए जिम्मेदार है?
(A) जलवाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड
(B) कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन
(C) कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन
(D) ओजोन और मीथेन
RRB NTPC | 29.03.2016 | Shift-I
Ans: (a) पृथ्वी पर ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए जलवाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड सबसे अधिक और सीधे तौर पर जिम्मेदार कारक हैं। जलवाष्प (Water Vapor) वातावरण में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है और यह प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव का बड़ा हिस्सा बनाता है। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) मानवीय हस्तक्षेप के कारण बढ़ने वाली सबसे प्रमुख गैस है, जो गर्मी को लंबे समय तक रोके रखती है। ये दोनों मिलकर एक कंबल की तरह कार्य करते हैं, जो सूर्य की गर्मी को आने तो देते हैं लेकिन उसे बाहर नहीं जाने देते। नाइट्रोजन वायुमंडल में सबसे अधिक है, लेकिन यह ग्रीनहाउस गैस नहीं है क्योंकि यह ऊष्मा को अवशोषित नहीं करती। अतः जलवाष्प और CO2 का संयोजन ही पृथ्वी को रहने योग्य गर्म बनाए रखने और ग्लोबल वार्मिंग के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
88. वह ग्रीनहाउस गैस कौन सी है जिसे हँसाने वाली गैस भी कहा जाता है?
(A) मीथेन
(B) कार्बन डाइऑक्साइड
(C) नाइट्रस ऑक्साइड
(D) सल्फर डाइऑक्साइड
RRB NTPC | 06.04.2016 | Shift-II
Ans: (c) नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) वह ग्रीनहाउस गैस है जिसे सामान्यतः 'हँसाने वाली गैस' या लाफिंग गैस के नाम से जाना जाता है। यह गैस न केवल चिकित्सा क्षेत्र में संज्ञाहरण (Anesthesia) के लिए उपयोग होती है, बल्कि यह एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस भी है। नाइट्रस ऑक्साइड का ग्लोबल वार्मिंग पोटेंशियल कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में लगभग 300 गुना अधिक होता है। इसका उत्सर्जन मुख्य रूप से कृषि कार्यों, उर्वरकों के उपयोग और कुछ औद्योगिक दहन प्रक्रियाओं के माध्यम से होता है। यह वायुमंडल के ऊपरी स्तर में ओजोन परत के क्षरण के लिए भी जिम्मेदार मानी जाती है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इसलिए, वैज्ञानिक दृष्टि से यह गैस जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की प्रक्रिया में एक गंभीर भूमिका निभाती है।
89. निम्नलिखित में से किस कारण को 'आर्कटिक हरितकरण (Arctic Greening)' के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है ?
(A) महासागरीय धारा प्रवाह
(B) प्रदूषण में वृद्धि
(C) ओजोन परत के क्षरण
(D) ग्लोबल वॉर्मिंग
Ans: (d) आर्कटिक क्षेत्र में हरियाली का बढ़ना, जिसे आर्कटिक हरितकरण कहते हैं, ग्लोबल वॉर्मिंग का एक सीधा परिणाम है। जैसे-जैसे पृथ्वी गर्म हो रही है, ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ के नीचे दबी वनस्पति को पनपने का अनुकूल वातावरण मिल रहा है। उच्च अक्षांशों पर बढ़ता तापमान पौधों के चयापचय और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को गति प्रदान कर रहा है। इस प्रक्रिया में मौसमी बर्फ के पिघलने का समय बदल गया है, जिससे पौधों को विकसित होने के लिए अब अधिक समय मिलता है। यह परिवर्तन स्थानीय पारिस्थितिकी और वहां रहने वाले जीवों के भोजन चक्र को पूरी तरह से बदल रहा है। निष्कर्षतः, जीवाश्म ईंधनों के जलने से उत्पन्न ग्लोबल वॉर्मिंग ही आर्कटिक की प्राकृतिक सफेदी को हरे रंग में बदल रही है।
1. Cell
1. कौन-सा अंगक केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है?
(A) हरित लवक
(B) केन्द्रक
(C) लयनकाय
(D) सूत्रकणिका
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A)

हरित लवक (Chloroplast) केवल पादप कोशिकाओं में पाया जाता है क्योंकि इसका मुख्य कार्य प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से पौधों के लिए भोजन बनाना है। इसमें क्लोरोफिल नामक हरा वर्णक होता है, जिसकी सहायता से पौधे सूर्य की ऊर्जा को अवशोषित करके उसे रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं। जंतुओं को अपना भोजन स्वयं बनाने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए उनके शरीर में यह कोशिकांग नहीं पाया जाता।

2. निम्नलिखित पदार्थों में से कौन-सा पदार्थ कोशिकाओं की रसधानियों में जमा नहीं होता है?
(A) खनिज लवण
(B) शर्करा
(C) प्रोटीन
(D) ऐमीनो अम्ल
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (C) कोशिकाओं में रसधानी (Vacuole) एक खाली स्थान जैसा होता है जिसमें मुख्य रूप से पानी, उत्सर्जी पदार्थ, खनिज लवण और शर्करा जमा होते हैं, लेकिन प्रोटीन इसमें सामान्यतः जमा नहीं होता है। रसधानी के चारों ओर पाई जाने वाली झिल्ली को टोनोप्लास्ट (Tonoplast) कहते हैं। पादप कोशिकाओं में रसधानियाँ बहुत बड़ी होती हैं जो कोशिका को स्फीति और कठोरता प्रदान करती हैं। जंतु कोशिकाओं में रसधानियाँ या तो अनुपस्थित होती हैं या बहुत छोटी होती हैं।
3. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा विकल्प परासरण का उदाहरण नहीं है?
(A) पानी में भिगोने पर किशमिश का फूलना
(B) जीवित कोशिका के अंदर और बाहर O2 और CO2 का संचलन
(C) एक कोशिकीय स्वच्छ जल में पाये जाने वाले जीवधारियों द्वारा जल प्राप्त करना
(D) पौधों की जड़ों द्वारा जल का अवशोषण
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (B) जीवित कोशिका के अंदर और बाहर O2 और CO2 का संचलन विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, न कि परासरण द्वारा। परासरण (Osmosis) में केवल जल के अणु अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से कम सांद्रता से उच्च सांद्रता की ओर जाते हैं। पौधों की जड़ों द्वारा मिट्टी से जल का अवशोषण परासरण का एक प्रमुख उदाहरण है। किशमिश का पानी में फूलना अंतःपरासरण (Endosmosis) कहलाता है।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा अणु प्रोटीन बनाने के लिए सूचना स्रोत के रूप में कार्य करता है?
(A) राइबोन्यूक्लीइक अम्ल
(B) फॉस्फोलिपिड
(C) डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल
(D) कार्बोहाइड्रेट
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (C) कोशिका के केंद्रक में मौजूद DNA (डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) आनुवंशिक जानकारी का भंडार है, जो प्रोटीन बनाने के लिए ब्लूप्रिंट या 'सूचना स्रोत' के रूप में कार्य करता है। प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया में DNA पहले अपनी सूचना को RNA में बदलता है (Transcription), जो आगे चलकर अमीनो एसिड की मदद से विशिष्ट प्रोटीन का निर्माण करता है। सीधे शब्दों में कहें तो शरीर की बनावट और कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक सभी प्रोटीनों के निर्देश DNA के कोड में ही छिपे होते हैं।
5. श्रम का विभाजन (division of labour) किसमें होता है?
(A) एककोशिकीय और बहुकोशिकीय, दोनों जीव
(B) न तो एककोशिकीय और न ही बहुकोशिकीय जीव
(C) केवल बहुकोशिकीय जीव
(D) केवल एककोशिकीय जीव
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (C) श्रम का विभाजन (Division of Labour) का अर्थ है कि शरीर के अलग-अलग कार्य (जैसे पाचन, श्वसन) अलग-अलग कोशिकाओं या अंगों द्वारा किए जाते हैं, जो केवल बहुकोशिकीय जीवों में संभव है। एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में एक ही कोशिका सारा कार्य करती है इसलिए वहां श्रम विभाजन नहीं होता। बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाएं मिलकर ऊतक और ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं। हाइड्रा एक ऐसा जीव है जो बहुकोशिकीय है लेकिन इसमें केवल ऊतक स्तर का संगठन पाया जाता है।
6. निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
(A) किण्वन की प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन आवश्यक नहीं है।
(B) श्वसन के प्रथम चरण में पाइरूविक अम्ल का निर्माण होता है।
(C) श्वसन के प्रथम चरण में ग्लूकोज का विघटन होता है।
(D) माइटोकॉन्ड्रिया में, ऑक्सीजन की सहायता से एसिटिक अम्ल का विघटन होता है।
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-III
Ans: (D) माइटोकॉन्ड्रिया में एसिटिक अम्ल का नहीं, बल्कि पायरुवेट का पूर्ण ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा, CO2 और पानी बनता है। श्वसन के प्रथम चरण को ग्लाइकोलाइसिस कहते हैं जो कोशिका द्रव्य में होता है। ग्लूकोज ( $C_6H_{12}O_6$)का पाइरुविक अम्ल में टूटना ग्लाइकोलाइसिस कहलाता है। अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration) में ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती और इसमें अल्कोहल या लैक्टिक अम्ल बनता है।
7. निम्नलिखित में से अर्धसूत्रण के लिए कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(A) अर्धसूत्रण दो चरणों में होता है।
(B) अर्धसूत्रण के परिणामस्वरूप, परिणामी कोशों में गुणसूत्रों की संख्या दो गुनी हो जाती है।
(C) अर्धसूत्रण के दौरान, जनक कोशों के जीन परिणामी कोशों में मिश्रित हो जाते हैं।
(D) जनन ग्रंथि (गोनॉड) में अर्धसूत्रण युग्मक के उत्पादन के लिए होता है।
RRB ALP & Tec. | 29/08/2018 | Shift-III
Ans: (B) अर्धसूत्रण (Meiosis) के परिणामस्वरूप गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी नहीं होती, बल्कि आधी रह जाती है। अर्धसूत्रण विभाजन दो चरणों (Meiosis-I और Meiosis-II) में पूरा होता है। यह विभाजन लैंगिक जनन करने वाले जीवों की जनन ग्रंथियों (जैसे वृषण और अंडाशय) में युग्मक निर्माण के लिए होता है। इसमें जीन विनिमय (Crossing over) होता है जिससे नए गुणों का विकास होता है।
8. सूत्री विभाजन के चरण का नाम बताएँ, जिसके दौरान विभाजित सेल के गुणसूत्र मध्य रेखा पर स्थित होते हैं?
(A) एनाफेज
(B) टेलोफेज
(C) मेटाफेज
(D) प्रोफेज
RRB ALP & Tec. | 14/08/2018 | Shift-II
Ans: (C) मेटाफेज (Metaphase) अवस्था में सभी गुणसूत्र कोशिका के मध्य में एक रेखा (Equator) पर व्यवस्थित हो जाते हैं, जिसे मेटाफेज प्लेट कहते हैं। मेटाफेज गुणसूत्रों के आकार और संरचना का अध्ययन करने के लिए सबसे अच्छी अवस्था मानी जाती है। एनाफेज अवस्था में गुणसूत्र बिंदु टूटते हैं और क्रोमैटिड्स विपरीत ध्रुवों की ओर जाने लगते हैं। टीलोफेज अवस्था में केंद्रक झिल्ली पुनः बन जाती है और यह प्रोफेज का उल्टा होता है।
9. कोशिका में केन्द्रक के अतिरिक्त, निम्न में से किन दो कोशिकांगों के अपने DNA और राइबोसोम होते हैं?
(A) लवक और माइटोकॉन्ड्रिया
(B) लवक और गॉल्जीकाय
(C) माइटोकॉन्ड्रिया और गॉल्जीकाय
(D) माइटोकॉन्ड्रिया और लाइसोसोम
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) लवक और माइटोकॉन्ड्रिया को "अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग" (Semi-autonomous organelles) कहा जाता है क्योंकि इनके पास अपना खुद का DNA और राइबोसोम होता है। ये अपने लिए आवश्यक कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकते हैं। इनमें 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं जो बैक्टीरिया के राइबोसोम के समान होते हैं। यह माना जाता है कि विकास क्रम में ये कोशिकांग पहले स्वतंत्र जीवाणु थे।
10. कुछ जीवाणु प्रकाश संश्लेषी होते हैं। इन कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषक वर्णक कहाँ स्थित होते हैं?
(A) विशेष झिल्लियों पर
(B) हरित लवक में
(C) कोशिका के कोशिका द्रव्य में
(D) प्लाज्मा झिल्ली के अंतर्वलन (infolding) में
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-III
Ans: (D) जीवाणु प्रोकैरियोटिक होते हैं इसलिए उनमें हरित लवक (Chloroplast) नहीं होता, बल्कि प्रकाश संश्लेषक वर्णक प्लाज्मा झिल्ली के फैलाव या थैलियों में स्थित होते हैं जिन्हें क्रोमैटोफोर कहते हैं। यह संरचनाएं मुख्य रूप से नीले-हरे शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) और बैंगनी जीवाणुओं में पाई जाती हैं। यूकैरियोटिक पादप कोशिकाओं में प्रकाश संश्लेषण क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा और ग्रेना में होता है। ग्रेना में प्रकाश अभिक्रिया और स्ट्रोमा में अप्रकाशिक अभिक्रिया होती है।
11. एक पत्ती की अनुप्रस्थ काट के निम्नांकित चित्र का अध्ययन करें, और बताएं कि कौन सा विकल्प इसके सही अक्षरांकन को दर्शाता है?
(A) a - ऊपरी अधिचर्म, b निचला अधिचर्म, c- रंध्र, d - वायु अवकाश, e - केन्द्रक
(B) a - ऊपरी अधिचर्म, b निचला अधिचर्म, c - रक्षक कोशिका, d - वायु अवकाश, e - हरित लवक
(C) a - ऊपरी अधिचर्म, b - मोमी क्यूटिकल, c- रंध्र, d - वायु अवकाश, e - हरित लवक
(D) a - मोमी क्यूटिकल, b- ऊपरी अधिचर्म, c- रंध्र, d - वायु अवकाश, e - केन्द्रक
RRB Group D | 17/08/2022 | Morning
Ans: (B) चित्र में 'a' ऊपरी अधिचर्म (Upper Epidermis) है जो सुरक्षा प्रदान करती है, 'b' निचला अधिचर्म है, 'c' रक्षक कोशिकाएं (Guard Cells) हैं जो रंध्रों को घेरती हैं, 'd' वायु अवकाश है और 'e' हरित लवक है। रक्षक कोशिकाएं रंध्रों (Stomata) के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करती हैं। पत्ती की ऊपरी सतह पर क्युटिकल की परत होती है जो वाष्पोत्सर्जन को कम करती है। रंध्रों के माध्यम से ही गैसों का आदान-प्रदान और वाष्पोत्सर्जन होता है।
1. Unit/ Measurement / Measuring Instrument
1. अपवर्तनांक का मात्रक क्या है-
(A) मी
(B) डायोप्टर
(C) कोई मात्रक नहीं
(D) मी/से.
RRB JE CBT-II | 28-08-2019 | evening
Ans: (C) अपवर्तनांक (Refractive Index) दो समान राशियों (निर्वात में प्रकाश की चाल और माध्यम में प्रकाश की चाल) का अनुपात है। इसलिए इसका कोई मात्रक (Dimensionless) नहीं होता है। $n = \frac{c}{v}$ हीरे का अपवर्तनांक सबसे अधिक $2.42$ होता है। यह माध्यम की प्रकाशीय सघनता को दर्शाता है। अपवर्तनांक का मान हमेशा $1$ से अधिक या बराबर होता है।
2. निम्न को मिलान कीजिए:
1. चुम्बकीय फ्लक्स घनत्व(a) टेस्ला
2. स्व प्रेरण(b) वेबर
3. चुम्बक फ्लक्स(c) हेनरी
(A) 1-b, 2-c, 3-a
(B) 1-c, 2-a, 3-b
(C) 1-a, 2-b, 3-c
(D) 1-a, 2-c, 3-b
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08, Green paper
Ans: (D) चुम्बकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) का मात्रक वेबर है जबकि फ्लक्स घनत्व को टेस्ला में मापा जाता है। स्व-प्रेरण (Self-Induction) का मात्रक हेनरी है। $1~Tesla = 1~Weber/m^2$ टेस्ला निकोला टेस्ला के सम्मान में रखा गया नाम है। चुंबकीय फ्लक्स की CGS इकाई मैक्सवेल है। $1$ वेबर $10^8$ मैक्सवेल के बराबर होता है। यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के महत्वपूर्ण घटक हैं।
3. निम्नलिखित में से किसकी कोई इकाई नहीं है?
(A) घनत्व
(B) सापेक्षिक घनत्व
(C) विस्थापन
(D) दाब
RRB ALP & Tec. | 29-08-18 | Shift-I
Ans: (B) सापेक्षिक घनत्व (Relative Density) किसी पदार्थ के घनत्व और जल के घनत्व के अनुपात को कहते हैं। चूँकि यह समान राशियों का अनुपात होता है, इसलिए इसका कोई मात्रक नहीं होता। इसे से व्यक्त किया जाता है। द्रवों का सापेक्षिक घनत्व हाइड्रोमीटर की सहायता से मापा जाता है। घनत्व की इकाई kg/m3kg/m^3 तथा विस्थापन की इकाई घन मीटर (m3)(m^3) होती है। यदि किसी वस्तु का सापेक्षिक घनत्व 1 से कम होता है तो वह जल पर तैरती है, 1 के बराबर होने पर संतुलन में रहती है और 1 से अधिक होने पर जल में डूब जाती है।
4. निम्नलिखित में से कौन सी मात्रा और उसकी SI इकाई सही रूप से सुमेलित नहीं है?
(A) फ्रीक्वेंसी-हर्ज
(B) मैग्नेटिक फ्लक्स-टेस्ला
(C) प्रेशर-पास्कल
(D) इलेक्ट्रिक कंडक्टन्स सीमेंस
RRB NTPC | 16.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) मैग्नेटिक फ्लक्स (Magnetic Flux) की सही SI इकाई वेबर (Weber) है, जबकि टेस्ला चुंबकीय फ्लक्स घनत्व की इकाई है। अतः विकल्प (B) सुमेलित नहीं है। $\Phi = B \cdot A$ फ्रीक्वेंसी को हर्ज में और दबाव को पास्कल में मापा जाता है। इलेक्ट्रिक कंडक्टेंस (चालकत्व) का मात्रक सीमेंस (S) या म्हो (mho) होता है। चुंबकीय फ्लक्स एक अदिश राशि है।
5. $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$ की SI इकाई है।
(A) दबाव
(B) संवेग
(C) गुरुत्वाकर्षण के कारण हुआ त्वरण
(D) गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियतांक
RRB Group-D | 01-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) न्यूटन मीटर$^2$ प्रति किलोग्राम$^2$ ($Nm^2Kg^{-2}$) गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियतांक ($G$) की SI इकाई है। इसका मान पूरे ब्रह्मांड में स्थिर रहता है। $F = G \frac{m_1 m_2}{r^2}$ $G$ का मान हेनरी कैवेंडिश ने $6.67 \times 10^{-11}$ न्यूटन-मीटर$^2$/किग्रा$^2$ ज्ञात किया था। गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मात्रक $m/s^2$ होता है। संवेग की इकाई $kg \cdot m/s$ होती है।
6. निम्न में से किस युग्म की इकाइयाँ समान नहीं होती हैं?
(A) चाल और वेग
(B) कार्य और ऊर्जा
(C) दूरी और विस्थापन
(D) बल और दाब
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-II
Ans: (D) बल और दाब (Force and Pressure) की इकाइयाँ समान नहीं होती हैं। बल का मात्रक न्यूटन है जबकि दाब का न्यूटन/मीटर$^2$ है। $Pressure = \frac{Force}{Area}$ चाल और वेग दोनों का मात्रक $m/s$ है। कार्य और ऊर्जा दोनों का मात्रक जूल है। दूरी और विस्थापन दोनों का मात्रक मीटर है। बल एक सदिश राशि है और दाब एक अदिश राशि है।
7. निम्नलिखित का सही मिलान करिए:
(1) W / वाट(A) $N \cdot m/s$
(2) kW / किलोवाट(B) $3.6 \times 10^6~J$
(3) 1 kW.h / किलोवाट घंटा(C) $1000~W$
(4) 1 HP / हार्सपावर(D) $746~W$
(A) 1-A, 2-C, 3-B, 4-D
(B) 1-A, 2-C, 3-D, 4-B
(C) 1-D, 2-B, 3-C, 4-A
(D) 1-A, 2-B, 3-C, 4-D
RRB JE | 22-05-2019 | Shift-IV
Ans: (A) विद्युत शक्ति और ऊर्जा के मात्रकों का सही मिलान उनके भौतिक अर्थों को स्पष्ट करता है। वाट शक्ति की SI इकाई है जो जूल प्रति सेकंड के बराबर है। $P = \frac{W}{t}$ विद्युत ऊर्जा ($kWh$) का मान जूल में बदलने के लिए $3.6 \times 10^6$ से गुणा किया जाता है। औद्योगिक कार्यों में हॉर्सपावर ($HP$) का उपयोग होता है। $1$ किलोवाट में $1000$ वाट होते हैं।
8. ओम-मीटर का SI मात्रक है
(A) प्रतिरोधकता
(B) विद्युत धारा
(C) आवेश
(D) प्रतिरोधक
RRB Group D | 05/10/2018 | Afternoon
Ans: (A) ओम-मीटर ($\Omega \cdot m$) "विद्युत प्रतिरोधकता" (Resistivity) की SI इकाई है, जो पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है। यह केवल पदार्थ के प्रकार और तापमान पर निर्भर करती है, न कि उसकी लंबाई या मोटाई पर। चांदी जैसी सुचालक धातुओं की प्रतिरोधकता बहुत कम होती है, जबकि रबर जैसे कुचालकों की बहुत अधिक होती है।
1. Cell
1. एक सिमपोर्ट (symport) में क्या होता है?
(A) दोनों अणु एक ही दिशा में झिल्ली पार करते हैं
(B) स्वतंत्र पार करते हैं
(C) विपरीत दिशा में पार करते हैं
(D) अनुसार पार करते हैं
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (A) सिमपोर्ट (Symport) एक प्रकार का सह-परिवहन है जिसमें दो अलग-अलग प्रकार के अणु एक ही समय में और एक ही दिशा में झिल्ली को पार करते हैं। एंटीपोर्ट (Antiport) में दो अणु एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति करते हैं। यूनीपोर्ट (Uniport) में केवल एक प्रकार का अणु झिल्ली के पार जाता है। यह सक्रिय परिवहन या सुसाध्य विसरण का हिस्सा हो सकता है।
2. जब एक जीन दूसरे जीन की अभिव्यक्ति को छुपाता (masking) है, तो उसे क्या कहते हैं?
(A) सहलग्नता
(B) पूर्ण वंशागति
(C) एपिस्टासिस
(D) अपूर्ण वंशागति
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (C) जब एक जीन किसी दूसरे जीन (जो उसका एलील नहीं है) के प्रभाव को दबा देता है या छुपा देता है, तो इस घटना को एपिस्टासिस (Epistasis) कहते हैं। जो जीन प्रभाव को छुपाता है उसे एपिस्टेटिक जीन कहते हैं और जो छुप जाता है उसे हाइपोस्टेटिक जीन कहते हैं। यह मेंडल के प्रभुत्व (Dominance) के नियम से अलग है क्योंकि प्रभुत्व में एक ही जीन के एलील्स के बीच संबंध होता है। सहलग्नता (Linkage) में जीन एक ही गुणसूत्र पर पास-पास होते हैं और साथ वंशागत होते हैं।
3. वसा अम्लों का β-ऑक्सीकरण किस कोशिकांग में होता है?
(A) सूत्रकणिका
(B) गॉल्जी उपकरण
(C) राइबोसोम
(D) परऑक्सिसोम (Peroxisome)
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) वसा अम्लों (विशेषकर बहुत लंबी श्रृंखला वाले) का बीटा-ऑक्सीकरण परऑक्सिसोम और माइटोकॉन्ड्रिया दोनों में होता है, लेकिन परऑक्सिसोम लंबी श्रृंखलाओं को तोड़ने के लिए विशिष्ट है। इस प्रक्रिया से एसिटाइल-CoA प्राप्त होता है जो ऊर्जा उत्पादन के लिए क्रेब्स चक्र में प्रवेश करता है। परऑक्सिसोम की खोज डी डुवे (De Duve) ने की थी। यह पौधों में ग्लाइऑक्सीलेट चक्र (Glyoxylate cycle) चलाने में भी मदद करता है।
4. कौन सा एक अभिन्न मेम्ब्रेन प्रोटीन है जो टेट्रामर बनाता है और सेल्युलर मेम्ब्रेन में जल और कुछ छोटे, अपरिवर्तित विलेयों के विसरण को सुविधाजनक बनाता है?
(A) ट्रांसफेरिन (Transferrin)
(B) म्यूकिन्स (Mucins)
(C) एक्वापोरिन्स (Aquaporins)
(D) इम्युनोग्लोबुलिन (Immunoglobulins)
RRB NTPC Stage 1 | 04/01/2021 | Morning
Ans: (C) एक्वापोरिन्स (Aquaporins) कोशिका झिल्ली में पाए जाने वाले विशेष चैनल प्रोटीन होते हैं जो जल के अणुओं को तेजी से अंदर-बाहर जाने की अनुमति देते हैं। एक्वापोरिन्स की खोज पीटर एग्रे ने की थी, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला था। ये किडनी की नलिकाओं में जल के पुनरावशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये जल के अलावा कुछ छोटे अनावेशित अणुओं को भी पार जाने देते हैं।
5. प्रारंभिक विकास के लिए मास्क्ड (masked) mRNAs के उत्पादन में कौन-सा गुणसूत्र शामिल होता है?
(A) पॉलीटीन गुणसूत्र
(B) लैम्पब्रश गुणसूत्र
(C) ऑटोसोमल गुणसूत्र
(D) लिंग गुणसूत्र
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-I
Ans: (B) लैम्पब्रश गुणसूत्र (Lampbrush chromosomes) विशाल गुणसूत्र होते हैं जो कशेरुकी जीवों (जैसे उभयचरों) के डिंबो (Oocytes) में पाए जाते हैं और भ्रूण के प्रारंभिक विकास के लिए आवश्यक mRNA का भारी मात्रा में उत्पादन करके उसे जमा (Masked mRNA) करते हैं। इनका आकार ब्रश जैसा होता है इसलिए इन्हें लैम्पब्रश गुणसूत्र कहते हैं। पॉलीटीन गुणसूत्र कीटों (जैसे ड्रोसोफिला) की लार ग्रंथियों में पाए जाते हैं। इन्हें जाइंट क्रोमोसोम (Giant Chromosomes) भी कहा जाता है।
6. जब कोशिका संलयन के दौरान दो न्यूक्ली (nuclei) एक साथ मिलकर एक न्यूक्लियस बनाते हैं, तो इसे __________________ कहा जाता है।
(A) युग्मजकेंद्रक (synkaryon)
(B) सुकेंद्रक (eukaryon)
(C) विषमकेंद्रक (heterokaryon)
(D) संकोशिका (syncytium)
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (A) जब निषेचन या कोशिका संलयन के दौरान दो अलग-अलग केंद्रक मिलकर एक हो जाते हैं, तो उस संयुक्त केंद्रक को युग्मजकेंद्रक (Synkaryon) कहते हैं। विषमकेंद्रक (Heterokaryon) वह अवस्था है जब एक ही कोशिका में दो या अधिक केंद्रक अलग-अलग रहते हैं और मिलते नहीं हैं। संकोशिका (Syncytium) एक बहुकेंद्रकीय अवस्था है जो बिना केंद्रक विभाजन के कोशिका द्रव्य विभाजन से बनती है, जैसे कि नारियल का पानी।
7. किस कोशिकांग (organelle) में एंजाइम होते हैं, जो वसीय अम्ल के भंजन (break down) और कोशिका में कुछ यौगिकों के विषहरण में सहायक होते हैं?
(A) रिक्तिका (Vacuole)
(B) तारककेंद्र (Centriole)
(C) लाइसोसोम (Lysosome)
(D) पर ऑक्सिसोम (Peroxisome)
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (D) पर ऑक्सिसोम (Peroxisome) में ऑक्सीडेटिव एंजाइम होते हैं जो वसीय अम्लों को तोड़ते हैं और एल्कोहल जैसे विषैले यौगिकों का विषहरण (Detoxification) करते हैं। यह पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) का स्थल है, जो प्रकाश संश्लेषण की दक्षता को कम करता है। लाइसोसोम अंतःकोशिकीय पाचन का कार्य करता है। तारककेंद्र (Centriole) केवल जंतु कोशिका विभाजन में सहायक होता है।
1. Unit/ Measurement / Measuring Instrument
1. संख्या 0.002609 में, सार्थक अंकों (significant figures) की संख्या क्या है?
(A) छः
(B) सात
(C) तीन
(D) चार
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) सार्थक अंक (Significant Figures) किसी मापन की सटीकता को दर्शाते हैं। संख्या $0.002609$ में अग्रणी शून्य सार्थक नहीं होते हैं, इसलिए इसमें $4$ सार्थक अंक (2, 6, 0, 9) हैं। नियम के अनुसार गैर-शून्य अंकों के बीच का शून्य हमेशा सार्थक होता है। दशमलव के बाद आने वाले प्रारंभिक शून्य केवल दशमलव की स्थिति बताते हैं। वैज्ञानिक गणनाओं में सार्थक अंकों का बहुत महत्व है। मापन जितना सटीक होगा, सार्थक अंक उतने ही अधिक होंगे।
2. निम्नलिखित में से किन दो राशियों की विमाएँ समान हैं?
(A) शक्ति और जड़त्व आघूर्ण
(B) कार्य और कोणीय विस्थापन
(C) कार्य और बल आघूर्ण
(D) शक्ति और वृत्ताकार गति की त्रिज्या
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (C) कार्य (Work) और बल आघूर्ण (Torque) दोनों की विमाएँ समान होती हैं क्योंकि दोनों बल और दूरी के गुणनफल से प्राप्त होते हैं। इनकी विमा $[ML^2T^{-2}]$ है। $Work = F \cdot d$ और $Torque = F \times r$ शक्ति की विमा $[ML^2T^{-3}]$ होती है। कोणीय विस्थापन एक विमाहीन राशि है। जड़त्व आघूर्ण की विमा $[ML^2]$ होती है। कार्य एक अदिश राशि है जबकि बल आघूर्ण एक सदिश राशि है।
1. Nature & Composition of Matter
1. शैल या मृदा का वह गुण जो इनमें से तरल पदार्थों के प्रवाहित हो जाने की क्षमता को इंगित करता है, क्या कहलाता है?
(A) पारगम्यता 
(B) स्थायित्व 
(C) सुघट्यता
(D) सघनता 
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) पारगम्यता (Permeability) चट्टान या मिट्टी का वह गुण है जो तरल पदार्थों (जैसे पानी) को अपने छिद्रों से गुजरने या प्रवाहित होने की अनुमति देता है। सघनता (Density) द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन है, और सुघट्यता (Plasticity) आकार बदलने की क्षमता है।
2. पानी में निलंबित ठोस पदार्थ पानी के धुंधलापन को बढ़ा सकते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा पानी के धुंधलापन की माप को दर्शाता है?
(A) मटमैलापन 
(B) श्यानता 
(C) घुलनशीलता 
(D) खारापन
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) मटमैलापन (Turbidity) पानी के धुंधलेपन की माप है, जो पानी में निलंबित ठोस कणों (जैसे मिट्टी, कीचड़) के कारण होता है। इसे नेफेलोमीटर (Nephelometer) से मापा जाता है। श्यानता (Viscosity) बहने के प्रतिरोध की माप है।
3. किसी पदार्थ का वह तापमान और दाब होता है जिस पर उस पदार्थ के तीन चरण (गैस, द्रव और ठोस) ऊष्मागतिकीय साम्य में एक साथ रह सकते हैं।
(A) त्रि-अवस्थी (Tri-state)
(B) द्विधागति (Amphibious)
(C) अपररूप (Allotropic)
(D) त्रिक बिंदु (Triple-point)
Constable GD Examination 2024
Ans: (D) त्रिक बिंदु (Triple-point) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर किसी पदार्थ की तीनों अवस्थाएं (ठोस, द्रव और गैस) एक साथ उष्मागतिकीय संतुलन (Equilibrium) में रह सकती हैं। पानी का त्रिक बिंदु 273.16 K है।
4. $CaCO_{3}$ और अन्य सामग्रियों का वह निक्षेपण पैटर्न क्या कहलाता है, जो चूना पत्थर की गुफा के तल से ऊपर की ओर बढ़ता है?
(A) स्टेलग्माइट
(B) हेटेक्टाइट
(C) स्टेलक्टाइट
(D) ड्रिपस्टोन
Constable GD Examination 2024
Ans: (A) स्टेलग्माइट (Stalagmite) वे खनिज निक्षेप हैं जो गुफा के फर्श से ऊपर की ओर बढ़ते हैं। ये गुफा की छत से टपकने वाले कैल्शियम कार्बोनेट युक्त पानी से बनते हैं। जो छत से नीचे लटकते हैं, उन्हें स्टेलक्टाइट (Stalactite) कहते हैं।
5. उस तत्व की पहचान कीजिए जो आवर्त 4 से संबंधित नहीं है।
(A) लिथियम
(B) कैल्शियम
(C) जिंक
(D) पोटैशियम
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (A) लिथियम (Li) आवर्त 2 का तत्व है (परमाणु क्रमांक 3)। जबकि कैल्शियम (Ca), जिंक (Zn), और पोटैशियम (K) सभी आवर्त 4 के तत्व हैं। आवर्त 4 में परमाणु क्रमांक 19 (K) से 36 (Kr) तक के तत्व आते हैं।
6. वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा अणु उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र में चले जाते हैं, क्या कहलाती है?
(A) वाष्पीकरण
(B) क्वथन
(C) विसरण
(D) गलन
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (C) विसरण (Diffusion) वह प्रक्रिया है जिसमें कण उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर गति करते हैं। यह प्रक्रिया गैसों और द्रवों में स्वतः होती है (जैसे अगरबत्ती की सुगंध का फैलना)।
7. इनमें कौन सा रासायनिक परिवर्तन नहीं है?
(A) ईंधन का दहन
(B) अम्लीकृत जल का वैद्युत अपघटन
(C) ऑक्सीकरण/लौह में जंग लगना
(D) प्लेटिनम तार का गर्म होना
RRB J.E. 2014 | 14.12.2014 | Set-2, Red Paper
Ans: (D) प्लेटिनम तार का जलना (गर्म होकर लाल होना) एक भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि ठंडा होने पर यह अपनी मूल अवस्था में आ जाता है और कोई नया पदार्थ नहीं बनता। ईंघन का दहन, जल का वैद्युत अपघटन, और जंग लगना सभी रासायनिक परिवर्तन हैं।
8. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत निम्न में से किसके लिए एक स्पष्टीकरण प्रदान करता है?
(A) द्रव्यमान संरक्षण और रासायनिक संयोजन का नियम
(B) द्रव्यमान संरक्षण और निश्चित अनुपात का नियम
(C) रासायनिक संयोजन और निश्चित अनुपात का नियम
(D) निश्चित अनुपात और रासायनिक संयोजन का नियम
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) जॉन डाल्टन ने 1808 में अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया था, जो रासायनिक संयोजन के मूलभूत नियमों की व्याख्या करता है। यह सिद्धांत बताता है कि परमाणु अविभाज्य हैं, जो द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि करता है (द्रव्यमान न बनाया जा सकता है न नष्ट)। साथ ही, यह निश्चित अनुपात के नियम को भी समझाता है क्योंकि परमाणु हमेशा सरल पूर्णांक अनुपात में जुड़कर यौगिक बनाते हैं।
9. निम्नलिखित में से क्या डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की अवधारणा नहीं है?
(A) भिन्न तत्वों के परमाणुओं में भिन्न द्रव्यमान और रासायनिक गुण होते हैं।
(B) यौगिक बनाने के लिए परमाणु छोटी पूर्णांक संख्या के अनुपात में संयोजित होते हैं।
(C) परमाणु अदृश्य कण होते हैं, जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में निर्मित या नष्ट नहीं किया जा सकता है।
(D) सभी पदार्थ छोटे कणों से मिलकर बने होते हैं जिन्हें अणु कहा जाता है
RRB Group-D | 01-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) डाल्टन ने कहा था कि सभी पदार्थ "परमाणुओं" (Atoms) से बने हैं, उन्होंने "अणु" (Molecule) शब्द का प्रयोग नहीं किया था और न ही यह कहा था कि सभी पदार्थ अणुओं से बने हैं। अणु की अवधारणा बाद में एवोगैड्रो और अन्य वैज्ञानिकों द्वारा स्पष्ट की गई।
10. डॉल्टन के परमाणु सिद्धांत की कौन सी अभिधारणा द्रव्यमान संरक्षण के नियम का परिणाम है?
(A) यौगिक बनाने के लिए परमाणु छोटी पूर्ण संख्याओं के अनुपात में जुड़ते हैं।
(B) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
(C) सभी पदार्थ अति सूक्ष्म कणों से बने होते हैं जिन्हें परमाणु कहते हैं।
(D) परमाणु अदृश्य कण हैं जो किसी रासायनिक अभिक्रिया से न तो उत्पन्न किए जा सकते हैं और न नष्ट किए जा सकते हैं।
RRB Group-D | 04-12-2018 | Shift-III
Ans: (D) द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass) इस अभिधारणा का परिणाम है कि "परमाणु अविभाज्य कण हैं जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।" यदि परमाणु नष्ट नहीं होते, तो कुल द्रव्यमान स्थिर रहता है।
11. डाल्टन के परमाणु वाद की कौन सी अभिधारणा द्रव्यमान संरक्षण के नियम का परिणाम है?
(A) सभी पदार्थ परमाणु नामक बहुत छोटे कणों से बने हेतु हैं, जो रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
(B) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और रासायनिक गुण अलग-अलग होते हैं।
(C) किसी दिए गए तत्व के परमाणु, द्रव्यमान और रासायनिक गुणों में समान होते हैं
(D) परमाणु अविभाज्य कण हैं, जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में बनाया या नष्ट नहीं किया जा सकता है।
RRB JE | 28.05.2019 | Shift-III
Ans: (D) द्रव्यमान संरक्षण का नियम डाल्टन के इस सिद्धांत पर आधारित है कि परमाणु अविनाशी हैं। रासायनिक अभिक्रिया में केवल परमाणुओं का पुनर्व्यवस्थापन (Rearrangement) होता है, उनकी संख्या या द्रव्यमान में कोई बदलाव नहीं आता।
12. उस ब्रिटिश रसायनज्ञ का नाम बताइए जिसने द्रव्यमान संरक्षण एवं स्थिर अनुपात के सिद्धान्त के विषय में अपना परमाणु सिद्धांत 1808 में प्रस्तुत किया जो कि पदार्थ के अध्ययन में निर्णायक सिद्ध हुआ।
(A) प्रोस्ट
(B) लैवोज़ियर
(C) अर्नेस्ट रदरफोर्ड
(D) जॉन डॉल्टन
RRB NTPC | 20.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (D) जॉन डाल्टन ने 1808 में अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया था। उन्होंने द्रव्यमान संरक्षण और निश्चित अनुपात के नियमों को आधार बनाकर पदार्थ की संरचना को समझाया। यह रसायन विज्ञान के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
13. निम्न में से किस तत्व के आणविक रूप में परमाणुओं की संख्या अधिकतम होती है?
(A) P
(B) Ne
(C) Ar
(D) S
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-II
Ans: (D) सल्फर (S) का अणु सूत्र $S_8$ होता है, जिसमें 8 परमाणु होते हैं। फास्फोरस का $P_4$ (4 परमाणु), जबकि नियॉन (Ne) और आर्गन (Ar) अक्रिय गैसें हैं जो एकपरमाण्विक (Monoatomic - 1 परमाणु) रूप में रहती हैं। अतः सल्फर में सर्वाधिक परमाणु हैं।
14. $Al_2(SO_4)_3$ में ऑक्सीजन का प्रतिशत क्या है?
(A) 57.7%
(B) 52.6%
(C) 56.1%
(D) 53.1%
RRB Group-D | 27-09-2018 | Shift-I
Ans: (C) एल्युमीनियम सल्फेट [$Al_2(SO_4)_3$] का कुल आणविक द्रव्यमान लगभग 342 u होता है। इसमें सल्फेट के तीन अणुओं में कुल 12 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं, जिनका कुल द्रव्यमान 192 u ($12 \times 16$) होता है। जब हम द्रव्यमान प्रतिशत की गणना करते हैं ($192/342 \times 100$), तो यह लगभग 56.1% प्राप्त होता है, जो यौगिक की संरचना को दर्शाता है।
15. जल के कितने अणु कॉपर सल्फेट के एक अणु में उपस्थित होते हैं?
(A) 5
(B) 6
(C) 3
(D) 4
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) कॉपर सल्फेट (नीला थोथा) का रासायनिक सूत्र $CuSO_4 \cdot 5H_2O$ है। इसमें जल के 5 अणु (Water of crystallization) क्रिस्टलन जल के रूप में जुड़े होते हैं। गर्म करने पर यह जल निकल जाता है और यह सफेद हो जाता है।
16. अमोनियम क्लोराइड के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं?
(A) 5
(B) 7
(C) 4
(D) 6
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-III
Ans: (D) अमोनियम क्लोराइड ($NH_4Cl$) में परमाणुओं की संख्या: नाइट्रोजन (1) + हाइड्रोजन (4) + क्लोरीन (1) = कुल 6 परमाणु।
17. मानक ताप और दाब पर 7.5 ग्राम गैस 5.6 लीटर आयतन लेती है। यह कौन सी गैस है? (C, N और O के परमाणु भार क्रमशः 12, 14, 16 हैं)
(A) $ NO (30 g/mol)$
(B) $CO_2 (44 g/mol)$
(C) $CO (28 g/mol)$
(D) $N_2O (44 g/mol)$
RRB Group-D | 12-12-2018 | Shift-I
Ans: (A) मानक ताप और दाब (STP) पर, किसी भी गैस के 1 मोल का आयतन 22.4 लीटर होता है। यहाँ 5.6 लीटर आयतन 0.25 मोल के बराबर है ($5.6/22.4$)। यदि 0.25 मोल का द्रव्यमान 7.5 ग्राम है, तो 1 मोल का द्रव्यमान 30 ग्राम/मोल होगा। नाइट्रिक ऑक्साइड ($NO$) का आणविक भार 30 ($14 + 16$) होता है, जो इस गणना से पूरी तरह मेल खाता है।
18. निम्न में से किस यौगिक में सबसे अधिक परमाणु होते हैं?
(A) $HNO_2$
(B) $H_2SO_4$
(C) $CO_2$
(D) $Ca(OH)_2$
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) $H_2SO_4$ (सल्फ्यूरिक एसिड) में कुल परमाणु: $2(H) + 1(S) + 4(O) = 7$। $HNO_2$ में 4, $CO_2$ में 3, और $Ca(OH)_2$ में $1 + 2(1+1) = 5$ परमाणु हैं। अतः $H_2SO_4$ में सबसे अधिक परमाणु हैं।
19. 'अणु' शब्द से परिचय... .. द्वारा 1896 के आसपास कराया गया था।
(A) जॉन डाल्टन
(B) जोसेफ प्रोस्ट
(C) विल्हेम ओस्टवाल्ड
(D) महर्षि कनाद
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) विल्हेम ओस्टवाल्ड ने 1896 में 'अणु' (Molecule) शब्द को लैटिन शब्द 'Moles' से प्रतिपादित किया था, जिसका अर्थ होता है 'ढेर' या 'छोटा द्रव्यमान'। हालांकि परमाणु की अवधारणा बहुत पुरानी थी, लेकिन ओस्टवाल्ड ने इसे पदार्थ की एक सूक्ष्म इकाई के रूप में वैज्ञानिक पहचान दिलाई। अणु पदार्थ का वह लघुतम भाग है जो स्वतंत्र अवस्था में रह सकता है और जिसमें पदार्थ के सभी गुण विद्यमान होते हैं।
1. Plant Kingdom
1. पक्सीनिया ग्रैमिनिस कवक से ...... होता है।
(A) गन्ने में लाल सड़न
(B) मनुष्यों में दाद
(C) आलू में लेट ब्लाइट
(D) गेहूं में ब्लैक रस्ट
RRB NTPC Stage Ist | 10.02.2021 | Shift-II
Ans: (D) पक्सीनिया ग्रैमिनिस ($Puccinia$ $graminis$) एक परजीवी कवक है जो गेहूं में ब्लैक रस्ट ($Black$ $Rust$) रोग पैदा करता है। यह रोग गेहूं की बालियों और तने को काला कर देता है जिससे उपज में भारी गिरावट आती है। गन्ने का लाल सड़न रोग $Colletotrichum$ $falcatum$ द्वारा होता है।
2. लाइकेन प्लांट .......... डिवीजन से संबंधित है।
(A) ब्रायोफाईटा
(B) थैलोफाइटा
(C) टेरीडोफाइटा
(D) अनावृतबीजी
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) लाइकेन ($Lichen$) थैलोफाइटा डिवीजन का हिस्सा है, जो शैवाल ($Algae$) और कवक ($Fungi$) के बीच सहजीवी संबंध प्रदर्शित करता है। इसमें शैवाल भोजन प्रदान करता है और कवक आश्रय देता है। लाइकेन वायु में $SO_{2}$ की उपस्थिति के प्रति संवेदनशील होते हैं, इसलिए इन्हें प्रदूषण सूचक माना जाता है।
3. कवक कोशिका भित्ति कड़ी जटिल शर्करा से बनी होती है जिसे कहते हैं।
(A) काइटिन
(B) लिग्निन
(C) पेक्टिन
(D) सेल्यूलोज
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) कवक ($Fungi$) की कोशिका भित्ति काइटिन ($Chitin$) नामक एक कठोर और जटिल शर्करा की बनी होती है। काइटिन एक $Nitrogen$ युक्त पॉलीसेकेराइड है जो कीटों के बाह्य कंकाल में भी पाया जाता है। इसके विपरीत, हरे पौधों की कोशिका भित्ति $Cellulose$ की बनी होती है।
4. ऐसे कवक, जो अपने भोजन के लिए विशेषकर कीड़ों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें क्या कहा जाता है?
(A) मृतजीवी
(B) पैरासाइटॉइड
(C) कीट
(D) एंटोमोपैथोजेनिक
RRB JE | 27.06.2019 | Shift-I
Ans: (D) एंटोमोपैथोजेनिक ($Entomopathogenic$) कवक वे विशिष्ट कवक हैं जो जीवित कीड़ों पर हमला करते हैं और उन्हें मार देते हैं। ये कवक कीड़ों के शरीर में घुसकर अपनी वृद्धि करते हैं और अंततः उन्हें नष्ट कर देते हैं। इनका उपयोग वर्तमान में जैविक कीटनाशकों ($Biopesticides$) के रूप में किया जा रहा है।
5. ...... में असमान अनुजात कोशिकाओं का उत्पादन होता है।
(A) बीजाणुजनन
(B) विभंजन
(C) मुकुलन
(D) विखंडन
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) मुकुलन ($Budding$) एक अलैंगिक प्रजनन की प्रक्रिया है जिसमें जनक कोशिका से एक छोटा उभार या मुकुल निकलता है। यह मुकुल धीरे-धीरे बढ़ता है और अंततः अलग होकर एक नई कोशिका बनाता है, जिससे आकार में असमान अनुजात ($Daughter$ $Cells$) कोशिकाएं प्राप्त होती हैं। यह खमीर ($Yeast$) में आम है।
6. क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas) जैसे कई एककोशिकीय शैवाल जल में रहते हैं। वे श्वसन के लिए ऑक्सीजन कैसे ग्रहण करते हैं?
(A) वे प्रकाश संश्लेषण द्वारा उत्पन्न ऑक्सीजन को अपनी रसधानियों में संग्रहीत करते हैं
(B) उनमें गैसों को ग्रहण करने के लिए छोटे-छोटे द्वार (श्वासरंध्र) होते हैं
(C) वे अमीबा की तरह विसरण द्वारा घुलित ऑक्सीजन अवशोषित करते हैं
(D) वे अनॉक्सी श्वसन के माध्यम से जीवित रहते हैं
RRB Group-D | 27/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) क्लेमाइडोमोनास ($Chlamydomonas$) जैसे एककोशिकीय शैवाल जल में रहते हैं और विसरण ($Diffusion$) के माध्यम से ऑक्सीजन प्राप्त करते हैं। इस प्रक्रिया में घुली हुई ऑक्सीजन उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र (जल) से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र (कोशिका के अंदर) की ओर गति करती है। इनमें श्वसन के लिए कोई विशेष अंग नहीं होते।
7. समुद्री शैवाल का अभिलाक्षणिक रंग लवकों में मौजूद वर्णकों पर निर्भर करता है। इनमें से कौन सा वर्णक शैवाल के 'हरे' रंग का कारण है?
(A) फाइकोसायनिन
(B) जियाक्सैथिन
(C) क्लोरोफिल
(D) कैरोटीन
RRB NTPC Stage Ist | 11.02.2021 | Shift-I
Ans: (C) शैवाल के हरे रंग का मुख्य कारण क्लोरोफिल ($Chlorophyll$) वर्णक है, विशेष रूप से $Chlorophyll$ $a$ और $b$। क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण के लिए सौर ऊर्जा को अवशोषित करता है। भूरे शैवाल में $Fucoxanthin$ और लाल शैवाल में $Phycoerythrin$ वर्णक प्रमुखता से पाए जाते हैं।
8. राइ‌ज़ॉइड के लिए निम्नलिखित में से कौन सही है?
(A) इनमें पूर्ण विकसित तना, जड़ और पत्तियाँ होते हैं।
(B) यह विभिन्न ऊतकों से बनी बहु-बहुकोशिकीय संरचना होती है।
(C) पौधों की सहायता से यह अधः स्तर से जुड़ जाते हैं।
(D) इनमें सामान्य तौर पर एक केन्द्रीय बिम्ब और पाँच भुजाएं होती हैं।
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) राइजॉइड ($Rhizoids$) पतली, धागे जैसी संरचनाएं होती हैं जो ब्रायोफाइट्स (जैसे मॉस) को जमीन या आधार ($Substratum$) से जोड़कर रखती हैं। ये जड़ों की तरह काम करती हैं लेकिन इनमें वास्तविक जड़ों की तरह जटिल संवहन ऊतक नहीं होते। इनका मुख्य कार्य आधार से चिपके रहना और नमी सोखना है।
9. स्पाइरोगाइरा और प्लेनेरिया में ..... होता है।
(A) निषेचन
(B) विखंडन
(C) पुनर्जनन
(D) बीजांड द्वारा प्रजनन
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) स्पाइरोगाइरा में विखंडन ($Fragmentation$) होता है जबकि प्लेनेरिया में पुनर्जनन ($Regeneration$) की उच्च क्षमता पाई जाती है। विखंडन में जीव का शरीर टूटकर स्वतंत्र रूप से विकसित हो जाता है। ये दोनों ही अलैंगिक प्रजनन के प्रकार हैं जो सरल जीवों में पाए जाते हैं।
10. फर्न पौधे (fern plant) में बीजाणु कहाँ पर स्थित होते है?
(A) बीजाणुधानी नामक विशेष शाखाओं पर
(B) पुष्प के केंद्रीय कक्ष (sporangia) में
(C) पुरानी पत्तियों की नोंक पर
(D) पत्तियों की निचली सतह में
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) फर्न ($Fern$) के पौधों में बीजाणु ($Spores$) उनकी पत्तियों की निचली सतह पर स्थित बीजाणुधानी ($Sporangia$) में पाए जाते हैं। इन बीजाणु धारण करने वाली पत्तियों को $Sporophylls$ कहा जाता है। बीजाणुधानियों के समूह को सोराई ($Sori$) कहते हैं, जो प्रजनन में सहायता करते हैं।
11. निम्नलिखित में से किस पौधे में पादपकाय के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जल एवं अन्य पदार्थों के संवहन हेतु विशिष्ट ऊतक मौजूद होते है?
(A) कारा
(B) मॉस
(C) रिक्सिया
(D) मार्सिलिया
RRB NTPC Stage Ist | 07.04.2021 | Shift-II
Ans: (D) मार्सिलिया ($Marsilea$) टेरिडोफाइटा समूह का एक पौधा है जिसमें $Xylem$ और $Phloem$ जैसे विशिष्ट संवहनी ऊतक पाए जाते हैं। ये ऊतक जल और पोषक तत्वों के परिवहन का कार्य करते हैं। कारा एक शैवाल है और मॉस ब्रायोफाइट है, जिनमें इन ऊतकों का पूर्ण अभाव होता है।
12. निम्नलिखित में से किसमें पौधे के शरीर को जड़ों, तने और पत्तियों में विभेदित किया जाता है?
(A) मार्केन्सिया
(B) मार्सिलिया
(C) फ्यूनेरिया
(D) कारा
RRB Group-D | 11-12-2018 | Shift-II
Ans: (B) मार्सिलिया एक जलीय फर्न है जो टेरिडोफाइटा डिवीजन से संबंधित है। टेरिडोफाइट्स में शरीर स्पष्ट रूप से जड़, तना और पत्तियों में विभेदित रहता है। फ्यूनेरिया एक ब्रायोफाइट है और कारा एक शैवाल है, जिनमें वास्तविक अंगों का अभाव होता है।
13. ..... संवहनी ऊतक वाले पहले जमीनी पौधे थे।
(A) ब्रायोफाइट
(B) थैलोफाइटा
(C) शैवाल
(D) टेरिडोफाइटा
RRB Group-D | 01-11-2018 | Shift-II
Ans: (D) टेरिडोफाइटा ($Pteridophyta$) पहले जमीनी पौधे थे जिनमें संवहनी प्रणाली ($Vascular$ $System$) विकसित हुई थी। इनमें जल के लिए $Xylem$ और भोजन के लिए $Phloem$ पाया जाता है। शैवाल और ब्रायोफाइट में इस प्रकार के ऊतक नहीं होते, जिससे वे ऊंचाई तक नहीं बढ़ सकते।
14. निम्नलिखित में से किन पौधों में 'गुप्त प्रजनन अंग' पाये जाते हैं?
(A) मार्सिलिया
(B) छत्र देवदार (पाइनस)
(C) इपोमोइया
(D) देवदार
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-II
Ans: (A) मार्सिलिया एक टेरिडोफाइट है और इसे $Cryptogams$ की श्रेणी में रखा गया है क्योंकि इसमें प्रजनन अंग छिपे हुए होते हैं और बीज नहीं बनते। $Cryptogam$ शब्द का अर्थ ही "छिपा हुआ विवाह" या गुप्त प्रजनन है। दूसरी ओर, पाइनस और देवदार में प्रजनन अंग स्पष्ट और नग्न बीज वाले होते हैं।
15. ....एक पौधा है जो जंगल में उगता है और इसकी पत्तियों पर नुकीले रोम होते हैं, जो गलती से छू जाने पर दर्द का कारण बनते हैं।
(A) बिच्छू बूटी
(B) चौलाई
(C) तिपतिया घास
(D) मानइर लेट्स
RRB NTPC Stage Ist | 17.01.2021 | Shift-I
Ans: (A) बिच्छू बूटी ($Nettle$) की पत्तियों पर बाल जैसे चुभने वाले रोम होते हैं जिनमें $Methanoic$ $Acid$ (मेथनोइक अम्ल) भरा होता है। स्पर्श करने पर ये रोम त्वचा में एसिड छोड़ देते हैं, जिससे तेज दर्द और खुजली होती है। इसका वैज्ञानिक नाम $Urtica$ $dioica$ है।
16. निम्नलिखित में से कौन सा पौधा अनावृतबीजियों (gymnosperms) से संबंधित है?
(A) कारा
(B) मॉस
(C) मार्सिलया
(D) देवदार
RRB NTPC Stage Ist | 02.03.2021 | Shift-II
Ans: (D) देवदार ($Cedrus$) एक अनावृतबीजी या जिम्नोस्पर्म पौधा है। जिम्नोस्पर्म वे पौधे हैं जिनमें बीज नग्न होते हैं और किसी फल के अंदर बंद नहीं होते। मार्सिलिया एक टेरिडोफाइट है और मॉस एक ब्रायोफाइट है। देवदार के पौधे ऊंचे और काष्ठयुक्त होते हैं जो ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में उगते हैं।
17. अनावृत्तबीजी (जिम्नोस्पर्म) को आमतौर पर ..... प्रकार के बीजों के रूप में जाना जाता है, क्योंकि उनमें फूल नहीं लगते हैं, और उनके बीज एक विशेष अंडाशय में निहित होने के बजाय पौधों की प्रजनन संरचनाओं की सतह पर विकसित होते है।
(A) अनावृत्त
(B) सही ट्रेट
(C) गैर-गतिशील नर युग्मक
(D) पंख वाले
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) जिम्नोस्पर्म ($Gymnosperm$) शब्द दो ग्रीक शब्दों $Gymnos$ (नग्न) और $Sperma$ (बीज) से मिलकर बना है। इनमें अंडाशय ($Ovary$) की दीवार नहीं होती, इसलिए बीज फल के बिना खुले होते हैं। इन्हें पुष्पहीन पौधे माना जाता है क्योंकि इनमें एंजियोस्पर्म की तरह वास्तविक फूल नहीं लगते।
18. अच्छी तरह से विभेदित प्रजनन ऊतकों के साथ पौधे, जो अंततः बीज बनाते है, वह कहलाते हैं:
(A) थैलोफाइटा
(B) टैरिडोफाइटा
(C) फैनरोगम
(D) क्रिप्टोगैम
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) फैनरोगम ($Phanerogams$) वे पौधे हैं जिनमें प्रजनन ऊतक पूर्ण विकसित होते हैं और जो प्रजनन के बाद बीज ($Seeds$) उत्पन्न करते हैं। इस समूह में जिम्नोस्पर्म और एंजियोस्पर्म शामिल हैं। इसके विपरीत, क्रिप्टोगैम ($Cryptogams$) बीजरहित पौधे जैसे शैवाल और फर्न होते हैं।
19. 1756. आहार नाल में भोजन की गति शरीर की चिकनी पेशियों द्वारा होती है। निम्नलिखित में से किस विकल्प में शामिल सभी अंगों में चिकनी पेशियां होती हैं?
(A) (a) आंख की आइरिस, फेफड़ों, की श्वसनियों, मूत्रवाहिनियों
(B) (b) हृदय, आंख की आइरिस, अस्थियों
(C) (c) अस्थियों, मूत्रवाहिनियों, फेफड़ों की श्वसनियों
(D) (d) रक्त वाहिकाओं, मूत्रवाहिनियों, अस्थियों
RRB Group-D | 02/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) चिकनी पेशियां ($Smooth$ $Muscles$) अनैच्छिक होती हैं और शरीर के आंतरिक अंगों जैसे आहार नली, रक्त वाहिकाओं, मूत्रवाहिनियों और आंख की आइरिस में पाई जाती हैं। ये पेशियां हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं। अस्थियों में कंकाल पेशियां पाई जाती हैं जो ऐच्छिक ($Voluntary$) होती हैं।
20. 1761. निम्नलिखित में से कौन से पौधे एकलिंगी पुष्प उत्पन्न करते हैं?
(A) (a) तरबूज और सरसों
(B) (b) गुड़हल और पपीता
(C) (c) तरबूज और पपीता
(D) (d) सरसों और गुड़हल
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) पपीता और तरबूज एकलिंगी ($Unisexual$) पौधों के उदाहरण हैं, जिनमें नर और मादा पुष्प अलग-अलग होते हैं। ऐसे फूलों में या तो केवल पुंकेसर ($Stamen$) होता है या केवल स्त्रीकेसर ($Carpel$) होता है। सरसों और गुड़हल द्विलिंगी ($Bisexual$) पुष्पों के उदाहरण हैं।
21. 1762. निम्न में से कौन सा औषधीय पौधा रक्तचाप के उपचार के लिए सबसे अच्छी औषधि (उपाय) है?
(A) (a) आलुकम्
(B) (b) सर्पगंधा
(C) (c) नवमल्लिका
(D) (d) रजनीगंधा
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) सर्पगंधा ($Rauvolfia$ $serpentina$) की जड़ों का उपयोग उच्च रक्तचाप ($Hypertension$) को कम करने के लिए किया जाता है। इसकी जड़ों से प्राप्त होने वाला $Reserpine$ तत्व सीधे तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालकर रक्तचाप को नियंत्रित करता है। इसे आयुर्वेद में "पागल की दवा" के रूप में भी जाना जाता था।
22. 1767. निम्न में से कौन-सी, गूदेदार पादपों (succulent plants) की एक विशेषता नहीं है?
(A) (a) पत्तियाँ नहीं होती हैं
(B) (b) जलाभावसह
(C) (c) जड़ें होती हैं
(D) (d) तना होता है
RRB NTPC (Stage-2) | 13/06/2022 | Shift-II
Ans: (A) गूदेदार या रसीले पौधे ($Succulent$ $plants$) वे हैं जो सूखे क्षेत्रों में जीवित रहने के लिए अपने अंगों (तने या पत्तियों) में पानी जमा करते हैं। इनमें पत्तियां या तो बहुत छोटी होती हैं या कांटों में बदल जाती हैं, लेकिन यह कहना गलत है कि उनमें पत्तियां होती ही नहीं हैं (जैसे एलोवेरा)।
23. 1768. मैग्नोलियोफाइटा (Magnoliophyta) पुष्पीय पादप होते हैं, जिन्हें ... भी कहा जाता है।
(A) (a) जिम्नोस्पर्म्स
(B) (b) ब्रायोफाइटा
(C) (c) टेरिडोफाइटा
(D) (d) एन्जियोस्पर्म्स
RRB NTPC (Stage-2) | 13/06/2022 | Shift-I
Ans: (D) मैग्नोलियोफाइटा ($Magnoliophyta$) पादप जगत का सबसे बड़ा संघ है, जिसे सामान्य भाषा में एंजियोस्पर्म ($Angiosperms$) या आवृतबीजी कहा जाता है। इन पौधों की मुख्य विशेषता यह है कि इनके बीज फल के अंदर ढके होते हैं और इनमें प्रजनन के लिए फूल लगते हैं।
24. 1772. सामान्य गेहूं का वानस्पतिक नाम (Botanical name) क्या है?
(A) (a) हिबिस्कस रोजा सिनेंसिस
(B) (b) ट्रिटिकम ऐस्टिवम
(C) (c) ज़िया मेज़
(D) (d) ब्रेसिका कैंपेस्ट्रिस
RRB NTPC | 20.01.2021 | Shift-I
Ans: (B) सामान्य गेहूं जो हम खाते हैं, उसका वैज्ञानिक नाम $Triticum$ $aestivum$ है। यह $Poaceae$ कुल का पौधा है। $Zea$ $mays$ मक्का का नाम है और $Brassica$ $campestris$ सरसों का। गेहूं दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण अनाज फसलों में से एक है जिसका उपयोग मुख्य रूप से आटे के लिए किया जाता है।
25. 1776. ब्रेसिका कम्पेस्ट्रिस (Brassica Campestris) किस पौधे का वानस्पतिक नाम है ?
(A) (a) मक्का
(B) (b) सामान्य गेहूं
(C) (c) कुटू
(D) (d) सरसों
RRB JE | 28.06.2019 | Shift-IV
Ans: (D) ब्रेसिका कम्पेस्ट्रिस ($Brassica$ $campestris$) सरसों का वानस्पतिक नाम है, जो क्रूसीफेरी ($Cruciferae$) परिवार से संबंधित है। इसके बीजों से तेल निकाला जाता है और इसके पुष्प पीले रंग के होते हैं। यह एक महत्वपूर्ण रबी फसल है जो भारत के उत्तरी भागों में उगाई जाती है।
26. 1779. परागण ... -समूह के पौधों की एक विशेषता है।
(A) (a) टैरिडोफाइट
(B) (b) परानिषेचन
(C) (c) एन्जियोस्पर्म्स
(D) (d) ब्रायोफाइट
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) परागण ($Pollination$) एंजियोस्पर्म (आवृतबीजी) की एक विशिष्ट विशेषता है, जिसमें परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण होता है। यह प्रक्रिया बीज निर्माण के लिए आवश्यक है। हालांकि जिम्नोस्पर्म में भी परागण होता है, लेकिन एंजियोस्पर्म में यह फूलों और विभिन्न कारकों के माध्यम से अधिक जटिल होता है।
27. 1784. आवृतबीजी पौधों की पत्तियों में ... प्रकार की शिरा-रचना (वेनैशन) होती है।
(A) (a) चार
(B) (b) तीन
(C) (c) दो
(D) (d) छ:
RRB Group-D | 29-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) आवृतबीजी (एंजियोस्पर्म) पौधों की पत्तियों में मुख्य रूप से दो प्रकार की शिरा-रचना ($Venation$) पाई जाती है: जालिकावत ($Reticulate$) जो द्विबीजपत्री पौधों में होती है, और समानांतर ($Parallel$) जो एकबीजपत्री पौधों (जैसे घास, मक्का) में होती है।
1. Environment
1. एक पारिस्थितिक तंत्र की खाद्य श्रृंखला और उससे होने वाले ऊर्जा प्रवाह से संबंधित कुछ कथन नीचे दिए गए हैं। गलत कथन का चयन कीजिए।
(A) ऐसे सभी, जीव, जो उत्पादक नहीं हैं, वे उपभोक्ता होते हैं।
(B) एक अकेला जीव, एकाधिक पोषी स्तरों पर भोजन प्राप्त कर सकता है।
(C) जीव का पोषी स्तर जितना निम्न होता है, उसमें उतनी ही कम ऊर्जा होती है।
(D) खाद्य जाल में दो या दो से अधिक खाद्य श्रृंखलाएं शामिल होती हैं।
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-III
Ans: (c) पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदिशीय होता है और यह लिंडमैन के 10% नियम का पालन करता है। इस नियम के अनुसार, एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि जीव का पोषी स्तर जितना निम्न (जैसे उत्पादक) होता है, उसमें उतनी ही अधिक ऊर्जा होती है। जैसे-जैसे हम खाद्य श्रृंखला में ऊपर की ओर बढ़ते हैं, ऊर्जा की मात्रा लगातार घटती जाती है। एक जीव एक ही समय में एक से अधिक पोषी स्तरों का हिस्सा हो सकता है (जैसे मनुष्य)। खाद्य जाल कई खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़ने से बनता है जो पारिस्थितिकी तंत्र को स्थिरता प्रदान करता है।
2. पर्यावरण के विभिन्न घटकों के बीच ऊर्जा के प्रवाह के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
(A) प्रत्येक पोषी स्तर, पर्यावरण में ऊष्मा के रूप में कुछ ऊर्जा का क्षय करता है।
(B) ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।
(C) प्रत्येक पोषी स्तर पर मौजूद कार्बनिक पदार्थ की मात्रा 10% होती है।
(D) हरे पौधे पत्तियों पर पड़ने वाली सौर ऊर्जा में से लगभग 10% को अवशोषित करते हैं।
RRB Group-D | 19/09/2022 | Shift-I
Ans: (d) पर्यावरण में ऊर्जा के प्रवाह के संदर्भ में विकल्प (d) गलत है क्योंकि हरे पौधे सौर ऊर्जा का केवल 1% हिस्सा ही अवशोषित करते हैं। यह 1% अवशोषित ऊर्जा प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित की जाती है। शेष ऊर्जा या तो परावर्तित हो जाती है या ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में लुप्त हो जाती है। प्रत्येक पोषी स्तर पर ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा श्वसन और अन्य जैविक गतिविधियों में खर्च होता है। ऊर्जा का स्थानांतरण हमेशा एकदिशीय (सूर्य से उत्पादक और फिर उपभोक्ताओं की ओर) होता है। पोषी स्तरों के बीच कार्बनिक पदार्थ और ऊर्जा का स्थानांतरण बहुत ही कम (लगभग 10%) होता है।
3. निम्नलिखित में से कौन सा पर्यावरणीय कारक कुछ जंतुओं में विकासशील जीव के लिंग निर्धारण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
(A) प्रकाश
(B) वायु
(C) आर्द्रता
(D) तापमान
RRB Group-D | 24/08/2022 | Shift-II
Ans: (d) कुछ विशेष जंतुओं, विशेषकर सरीसृपों (जैसे कछुए और मगरमच्छ) में लिंग का निर्धारण आनुवंशिक न होकर पर्यावरणीय होता है। इन जीवों में अंडे के सेने के दौरान का "तापमान" (Temperature) यह तय करता है कि विकसित होने वाला जीव नर होगा या मादा। उदाहरण के लिए, कुछ कछुओं में उच्च तापमान पर केवल मादाएं पैदा होती हैं, जबकि कम तापमान पर नर। इस प्रक्रिया को तापमान-निर्भर लिंग निर्धारण (Temperature-dependent Sex Determination - TSD) कहा जाता है। यह जलवायु परिवर्तन के प्रति इन प्रजातियों की संवेदनशीलता को दर्शाता है क्योंकि बढ़ता तापमान लिंग अनुपात बिगाड़ सकता है। मनुष्यों में लिंग निर्धारण पूरी तरह से गुणसूत्रों (XY) पर निर्भर करता है, लेकिन इन जंतुओं में यह प्रकृति पर निर्भर है।
4. एक स्वपोषी पारिस्थितिकी तंत्र (Self-sustaining ecosystem) से क्या अभिप्राय है?
(A) यह अपने अनुरक्षण के लिए विकिरणी ऊर्जा पर निर्भर नहीं होता है।
(B) कोई भी जीव जैविक घटक से जुड़ता या निकलता नहीं है।
(C) जीव, स्थानीय जैविक घटकों के साथ सु-अनुकूलित होते हैं।
(D) कार्बनिक द्रव्य, पीढ़ी दर पीढ़ी लगभग स्थिर रहता है।
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-II
Ans: (d) एक स्वपोषी या आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र (Self-sustaining ecosystem) वह है जो बाहरी हस्तक्षेप के बिना बना रहता है। ऐसे तंत्र में कार्बनिक और अकार्बनिक द्रव्यों का चक्रण इस प्रकार होता है कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी लगभग स्थिर रहते हैं। इसमें ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य होता है जिसे उत्पादक (पौधे) ग्रहण कर खाद्य श्रृंखला की शुरुआत करते हैं। अपघटक (Decomposers) मृत पदार्थों को तोड़कर पोषक तत्वों को पुनः मिट्टी में मिला देते हैं जिससे चक्र बना रहता है। जैविक और अजैविक घटकों के बीच एक संतुलन स्थापित होता है जो जीवन की निरंतरता सुनिश्चित करता है। स्थिरता का अर्थ यह है कि तंत्र के भीतर संसाधनों का पुनर्चक्रण कुशलतापूर्वक होता रहता है।
5. मिट्टी के प्रदूषक जो सूक्ष्मजीवों को और पौधों को मारकर खाद्य श्रृंखला और खाद्य वेबू को प्रभावित करते हैं, कहलाते हैं..........
(A) रोगजनक
(B) कीटनाशक
(C) नाइट्रोज ऑक्साइड
(D) कृषि अपशिष्ट
RRB SSE | 21.12.2014 | Yellow paper
Ans: (c) मिट्टी के प्रदूषक जैसे कीटनाशक और भारी धातुएं सूक्ष्मजीवों के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं। ये प्रदूषक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने वाले लाभकारी बैक्टीरिया और केंचुओं को नष्ट कर देते हैं। जब सूक्ष्मजीव मर जाते हैं, तो अपघटन की प्रक्रिया रुक जाती है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते। यह स्थिति पूरी खाद्य श्रृंखला (Food Chain) को प्रभावित करती है क्योंकि पौधे प्राथमिक उत्पादक होते हैं। प्रदूषकों का संचय जीवों के शरीर में जैव-आवर्धन (Biomagnification) का कारण बनता है। अंततः, यह खाद्य जाल (Food Web) को अस्थिर कर देता है और पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर नुकसान पहुँचाता है।
6. डॉ. ध्रुबज्योति घोष किस क्षेत्र से संबद्ध हैं?
(A) खगोल विज्ञान
(B) पारिस्थितिकी
(C) बंगाली साहित्य
(D) राजनीति
RRB NTPC Stage Ist | 19.01.2017 | Shift-1
Ans: (c) डॉ. ध्रुबज्योति घोष एक प्रसिद्ध भारतीय "पारिस्थितिकी विज्ञानी" (Ecologist) थे। उन्हें मुख्य रूप से कोलकाता के पूर्वी आर्द्रभूमि (East Kolkata Wetlands) के संरक्षण और उनके महत्व को समझाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने दुनिया को बताया कि कैसे ये आर्द्रभूमि प्राकृतिक रूप से शहर के सीवेज का उपचार कर सकती हैं। उनके इस योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित "ल्यूक हॉफमैन अवार्ड" (Luc Hoffmann Award) से सम्मानित किया गया था। वह आर्द्रभूमि के पारिस्थितिक तंत्र और टिकाऊ विकास के बीच संबंध स्थापित करने वाले प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक थे। नोट: दिए गए उत्तर विकल्प के अनुसार (c) लिखा है, परंतु वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पारिस्थितिकी सेवाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
7. एक खाद्य श्रृंखला में इनमें से किसकी आबादी सबसे अधिक होती है?
(A) द्वितीयक उपभोक्ता
(B) विघटक
(C) प्राथमिक उपभोक्ता
(D) उत्पादक
RRB NTPC Stage Ist | 19.01.2017 | Shift-III
Ans: (d) किसी भी सामान्य पारिस्थितिक तंत्र की खाद्य श्रृंखला में "उत्पादकों" (Producers) की संख्या और जनसंख्या सबसे अधिक होती है। उत्पादक (जैसे हरे पौधे) सूर्य की ऊर्जा का उपयोग करके भोजन का निर्माण करते हैं और आधार स्तर बनाते हैं। ऊर्जा पिरामिड के अनुसार, जैसे-जैसे हम ऊपरी स्तरों (उपभोक्ताओं) की ओर बढ़ते हैं, जीवों की संख्या घटती जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऊपरी स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा की मात्रा कम होती जाती है। यदि उत्पादकों की संख्या कम हो जाए, तो पूरी खाद्य श्रृंखला ही ध्वस्त हो सकती है। विघटक भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जीव भार और संख्यात्मक आधार पर उत्पादकों का स्थान सर्वोपरि होता है।
8. खाद्य श्रृंखला में प्राथमिक उपभोक्ता और माध्यमिक उपभोक्ता के बीच अन्तर क्या है?
(A) प्राथमिक उपभोक्ता पौधे खाते हैं, और अन्य उपभोक्ता, माध्यमिक उपभोक्ता पौधे और विघटित पदार्थ खाते हैं।
(B) प्राथमिक उपभोक्ता केवल पौधे खाते हैं, माध्यमिक उपभोक्ता प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं।
(C) प्राथमिक उपभोक्ता पौधे और विघटित पदार्थ खाते हैं माध्यमिक उपभोक्ता पौधे और अन्य उपभोक्ता को खाते हैं।
(D) प्राथमिक उपभोक्ता अन्य उपभोक्ताओं को खाते हैं, माध्यमिक उपभोक्ता केवल पौधे खाते हैं।
RRB NTPC Stage Ist | 17.01.2017 | Shift-I
Ans: (b) खाद्य श्रृंखला में प्राथमिक और माध्यमिक उपभोक्ताओं के बीच मुख्य अंतर उनके भोजन के स्रोत का होता है। प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumers) शाकाहारी होते हैं जो सीधे पौधों या उनके उत्पादों को खाते हैं। उदाहरण के लिए, गाय, खरगोश और टिड्डा प्राथमिक उपभोक्ता की श्रेणी में आते हैं। माध्यमिक उपभोक्ता (Secondary Consumers) वे मांसाहारी होते हैं जो प्राथमिक उपभोक्ताओं का शिकार करते हैं। उदाहरण के लिए, मेंढक जो टिड्डों को खाता है, वह एक माध्यमिक उपभोक्ता कहलाता है। यह वर्गीकरण ऊर्जा के हस्तांतरण और पारिस्थितिक पिरामिड के स्तरों को समझने में मदद करता है।
9. इकोटोन (Ecotone) का अर्थ क्या होता है?
(A) इकोटोन (Ecotone) वो हैं जहाँ दो बायोमास मिलते हैं।
(B) सीमित वनस्पतियों और जीवों वाला क्षेत्र।
(C) यह एक कम अस्तित्व वाले प्रजाति का क्षेत्र है।
(D) उच्च बायोमास उत्पादन का क्षेत्र।
RRB NTPC Stage Ist | 11.04.2016 | Shift-I
Ans: (a) इकोटोन (Ecotone) दो अलग-अलग पारिस्थितिक तंत्रों या बायोम के बीच का संक्रमणकालीन क्षेत्र (Transition Zone) होता है। उदाहरण के तौर पर, जहाँ घास के मैदान और जंगल मिलते हैं, या जहाँ नदी और समुद्र (खाड़ी) मिलते हैं, उसे इकोटोन कहते हैं। इस क्षेत्र में दोनों पड़ोसी पारिस्थितिक तंत्रों की विशेषताएं पाई जाती हैं, जिससे यहाँ विविधता अधिक होती है। इकोटोन में अक्सर "किनारा प्रभाव" (Edge Effect) देखा जाता है, जहाँ कुछ प्रजातियाँ केवल इसी क्षेत्र में पाई जाती हैं। यह क्षेत्र पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों के प्रति बहुत संवेदनशील होता है। मैंग्रोव वन और दलदली क्षेत्र इसके बेहतरीन उदाहरण हैं जहाँ जलीय और स्थलीय पारिस्थितिकी आपस में मिलती है।
10. प्रभावित लोगों की संख्या के मामले में, कौन सा महाद्वीप ग्लोबल वार्मिंग से सर्वाधिक पीड़ित होगा?
(A) उत्तरी अमेरिका, आर्कटिक की बर्फ पिघलेगी
(B) एशिया, महासागरों के स्तर में वृद्धि होगी
(C) यूरोप, शहरी जलप्लावन
(D) अंटार्कटिका समुद्र का गर्म होना
RRB Group-D | 27/09/2022 | Shift-I
Ans: (b) ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र के जल स्तर में वृद्धि होने से एशिया महाद्वीप सबसे अधिक प्रभावित होने वाला क्षेत्र है। एशिया की एक विशाल जनसंख्या तटीय क्षेत्रों और निचले द्वीपों पर निवास करती है, जो सीधे खतरे में हैं। ग्लेशियरों के पिघलने से हिमालय से निकलने वाली नदियों में पहले बाढ़ और फिर पानी की भारी कमी की समस्या उत्पन्न होगी। एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है, जो अनियमित मानसून से बुरी तरह प्रभावित होगा। उच्च जनसंख्या घनत्व के कारण जलवायु शरणार्थियों की समस्या भी इसी महाद्वीप में सर्वाधिक देखने को मिलेगी। समुद्र के स्तर में वृद्धि से मुंबई, शंघाई और बैंकॉक जैसे बड़े शहरों के डूबने का खतरा बढ़ रहा है।
11. पर्यावरण की रक्षा के लिए पहला आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय कदम निम्नलिखित में से कौन सा था?
(A) नैरोबी घोषणा
(B) पृथ्वी शिखर सम्मेलन
(C) स्टॉकहोम सम्मेलन
(D) वियना सम्मेलन
RRB NTPC | 29.01.2021 | Shift- Stage Ist
Ans: (c) पर्यावरण की रक्षा के लिए "स्टॉकहोम सम्मेलन" पहला आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय कदम माना जाता है। यह सम्मेलन 5 से 16 जून, 1972 को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित किया गया था। इसी सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की स्थापना की नींव रखी गई थी। इस सम्मेलन का मुख्य नारा "केवल एक पृथ्वी" (Only One Earth) था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में हर साल 5 जून को "विश्व पर्यावरण दिवस" मनाया जाता है। इसमें 114 देशों ने भाग लिया था और पर्यावरण संरक्षण के लिए 26 सिद्धांतों का एक घोषणापत्र स्वीकार किया गया था।
12. इनमें से कौन गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार (ग्रीन नोबेल पुरस्कार) विजेता नहीं है?
(A) मेधा पाटकर
(B) चंपा देवी शुक्ला
(C) रमेश अग्रवाल
(D) वंदना शिवा
RRB NTPC | 09.03.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (d) गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार को "ग्रीन नोबेल पुरस्कार" के रूप में भी जाना जाता है। वंदना शिवा एक प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और लेखिका हैं, लेकिन उन्हें यह विशिष्ट पुरस्कार नहीं मिला है। वंदना शिवा को 1993 में "राइट लाइवलीहुड अवार्ड" (Right Livelihood Award) से सम्मानित किया गया था। मेधा पाटकर को 1992 में, चंपा देवी शुक्ला को 2004 में और रमेश अग्रवाल को 2014 में यह पुरस्कार मिल चुका है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष छह भौगोलिक क्षेत्रों के जमीनी स्तर के पर्यावरण कार्यकर्ताओं को दिया जाता है। इसकी स्थापना 1989 में रिचर्ड और रोडा गोल्डमैन द्वारा सैन फ्रांसिस्को में की गई थी।
13. निम्नलिखित में से कौन सा संयुक्त राष्ट्र सहज विकास लक्ष्य, जिम्मेदारीपूर्ण खपत और उत्पादन से संबंधित है?
(A) SDG 12
(B) SDG 13
(C) SDG 17
(D) SDG 10
RRB NTPC | 19.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (a) संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG) 12 का संबंध "जिम्मेदारीपूर्ण खपत और उत्पादन" से है। इसका मुख्य उद्देश्य संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग करना और अपशिष्ट (Waste) उत्पादन को कम करना है। SDG 13 का संबंध मुख्य रूप से "जलवायु कार्रवाई" (Climate Action) से है। SDG 17 "लक्ष्यों के लिए साझेदारी" पर केंद्रित है, जबकि SDG 10 "असमानताओं में कमी" से संबंधित है। इन 17 लक्ष्यों को 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा 2030 एजेंडा के रूप में अपनाया गया था। SDG 12 के तहत भोजन की बर्बादी को कम करना और रसायनों के सुरक्षित प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।
14. पर्यावरणीय संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन संबंधी क्षेत्रों में भारत के वैश्विक नेतृत्व को ध्यान में रखते हुए, इनमें से किस संगठन ने भारत को 5 जून 2018 को आयोजित किए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस (WED) के लिए वैश्विक मेजबान के तौर पर चुना था?
(A) इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर
(B) यूरोपियन एन्वायरनमेंट एजेंसी
(C) यूनाइटेड नेशंस एन्वायरनमेंट प्रोग्राम
(D) ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट
RRB NTPC | 22.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (c) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने भारत को 2018 के विश्व पर्यावरण दिवस के लिए वैश्विक मेजबान चुना था। 5 जून 2018 को आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय (Theme) "प्लास्टिक प्रदूषण को मात दें" (Beat Plastic Pollution) था। भारत ने इस दौरान 2022 तक देश से सभी एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (Single-use plastic) को खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई थी। इस वैश्विक नेतृत्व के कारण प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को "चैंपियंस ऑफ द अर्थ" पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। UNEP का मुख्यालय नैरोबी, केन्या में स्थित है और यह वैश्विक पर्यावरण एजेंडा तय करता है। विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी करना भारत के लिए पर्यावरण के प्रति अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी प्रदर्शित करने का बड़ा अवसर था।
15. उस नोबेल पुरस्कार विजेता का नाम बताइए, जो वनोन्मूलन के खिलाफ आरंभ हुए जन-आंदोलन के संस्थापक हैं।
(A) मे-ब्रिट मोज़र
(B) फ्रैंकोइस बैरे
(C) वंगारी मथाई
(D) लिंडा बक
RRB NTPC | 20.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (c) वंगारी मथाई केन्या की एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और राजनीतिक कार्यकर्ता थीं। उन्होंने 1977 में "ग्रीन बेल्ट मूवमेंट" (Green Belt Movement) की स्थापना की थी, जो वनोन्मूलन के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन था। इस आंदोलन के तहत अफ्रीका में करोड़ों पेड़ लगाए गए और महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा दिया गया। उनके इन अभूतपूर्व कार्यों के लिए उन्हें 2004 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाली पहली अफ्रीकी महिला और पहली पर्यावरणविद् बनीं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए भी लंबी लड़ाई लड़ी थी।
16. निम्नलिखित में कौन सी संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) की विशेषता नहीं है?
(A) इसे 1988 में शुरू किया गया था।
(B) यह केंद्र सरकार की पहल है।
(C) इसमें स्थानीय समुदाय शामिल हैं।
(D) यह कार्यक्रम निम्नीकृत वनों के प्रबंधन और बहाली के लिए है।
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (b) संयुक्त वन प्रबंधन (JFM) भारत में वनों के संरक्षण के लिए एक सहभागी (Collaborative) दृष्टिकोण है। विकल्प b गलत है क्योंकि JFM केवल केंद्र सरकार की पहल नहीं है, बल्कि यह राज्य वन विभागों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर आधारित है। इसकी शुरुआत 1988 की राष्ट्रीय वन नीति के बाद औपचारिक रूप से की गई थी। इसमें स्थानीय समुदायों को वनों की सुरक्षा के बदले में गैर-इमारती लकड़ी और अन्य वन उत्पादों का हिस्सा मिलता है। इसका मुख्य उद्देश्य निम्नीकृत (Degraded) वनों का प्रबंधन, बहाली और उनका पारिस्थितिक सुधार करना है। यह कार्यक्रम "साझा जिम्मेदारी और साझा लाभ" के सिद्धांत पर पूरी तरह से काम करता है।
17. इनमें से कौन सा संगठन जलवायु परिवर्तन के प्राकृतिक, राजनीतिक एवं आर्थिक प्रभावों के साथ-साथ इसका उद्देश्यपरक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करता है?
(A) द क्लाइमेट प्रोजेक्ट
(B) यूनाइटेड नेशंस इनवायरमेंट प्रोग्राम
(C) इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर
(D) इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज
RRB NTPC | 21.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (d) इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) जलवायु परिवर्तन पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करने वाली प्रमुख संस्था है। इसकी स्थापना 1988 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा की गई थी। यह संगठन जलवायु परिवर्तन के कारणों, इसके प्रभावों और इससे निपटने के विकल्पों का आकलन करता है। IPCC स्वयं वैज्ञानिक अनुसंधान नहीं करता, बल्कि दुनिया भर के प्रकाशित वैज्ञानिक लेखों की समीक्षा करता है। इस संगठन को 2007 में जलवायु परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। इसकी रिपोर्टें अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं (जैसे पेरिस समझौता) के लिए मुख्य आधार का काम करती हैं।
18. वैश्विक जलवायु परिवर्तन गठबंधन की एक पहल है:
(A) महाद्वीपीय संघ
(B) ग्रीक संघ
(C) विश्व संघ
(D) यूरोपीय संघ
RRB NTPC | 28.12.2020 | Shift-II Stage Ist
Ans: (d) वैश्विक जलवायु परिवर्तन गठबंधन (GCCA) यूरोपीय संघ (European Union) की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसकी शुरुआत वर्ष 2007 में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य गरीब और विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अनुकूलन करने में मदद करना है। यह गठबंधन तकनीकी सहायता और वित्तीय संसाधन प्रदान करके सतत विकास को बढ़ावा देता है। यह विशेष रूप से "कम विकसित देशों" (LDCs) और "छोटे द्वीप विकासशील राज्यों" (SIDS) पर ध्यान केंद्रित करता है। 2014 में इसके अगले चरण GCCA+ को लॉन्च किया गया था ताकि पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
19. क्योटो प्रोटोकॉल इनमें से किस देश पर लागू नहीं है?
(A) यूएसए
(B) ऑस्ट्रेलिया
(C) जापान
(D) इंडोनेशिया
RRB NTPC | 05.03.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (a) क्योटो प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है। यद्यपि संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने इस प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसने कभी इसकी पुष्टि (Ratification) नहीं की। अमेरिकी सीनेट ने देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों का हवाला देते हुए इसे लागू करने से इनकार कर दिया था। इसे 1997 में जापान के क्योटो शहर में अपनाया गया था और यह 2005 में पूरी तरह से प्रभावी हुआ था। इसमें विकसित देशों के लिए उत्सर्जन में कटौती के कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। कनाडा भी 2012 में इस प्रोटोकॉल से बाहर हो गया था, जबकि जापान और ऑस्ट्रेलिया इसके सक्रिय सदस्य रहे हैं।
20. संयुक्त राज्य पर्यावरण संरक्षण अभिकरण की स्थापना कब की गई थी?
(A) मार्च 1979
(B) जनवरी 1985
(C) दिसंबर 1980
(D) दिसंबर 1970
RRB NTPC | 11.02.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (d) संयुक्त राज्य पर्यावरण संरक्षण अभिकरण (US EPA) की स्थापना दिसंबर 1970 में की गई थी। इसकी स्थापना तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य मानव स्वास्थ्य की रक्षा करना और प्राकृतिक पर्यावरण (हवा, पानी और जमीन) की सुरक्षा करना है। EPA प्रदूषण कम करने के लिए नियम बनाता है और उनके प्रवर्तन (Enforcement) की जिम्मेदारी संभालता है। 1970 के दशक में "स्वच्छ वायु अधिनियम" और "स्वच्छ जल अधिनियम" के कार्यान्वयन में इसकी बड़ी भूमिका रही है। यह एजेंसी पर्यावरण से जुड़े अनुसंधान, शिक्षा और मूल्यांकन के कार्यों में दुनिया की अग्रणी संस्थाओं में से एक है।
21. मांट्रियल सम्मेलन 1987 में कौन-सा बड़ा फैसला लिया गया था?
(A) विकसित देश 2000 तक पूरी तरह से CFC उत्पादन पर प्रतिबंध लगायेंगे।
(B) विकसित देश 2010 तक पूरी तरह से CFC उत्पादन पर प्रतिबंध लगायेंगे।
(C) विकासशील देश 2000 तक पूरी तरह से CFC उत्पादन पर प्रतिबंध लगायेंगे।
(D) विकासशील देश 2020 तक पूरी तरह से CFC उत्पादन पर प्रतिबंध लगायेंगे।
RRB NTPC Stage It | 27.04.2016 | Shift-III
Ans: (a) मांट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन परत के संरक्षण के लिए की गई एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय संधि है। 1987 में हस्ताक्षरित इस संधि का मुख्य उद्देश्य ओजोन को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों के उत्पादन को कम करना था। इस सम्मेलन में यह बड़ा निर्णय लिया गया कि विकसित देश वर्ष 2000 तक पूरी तरह से CFC के उत्पादन पर प्रतिबंध लगा देंगे। CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) मुख्य रूप से रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर और एरोसोल स्प्रे में शीतलक के रूप में उपयोग की जाती थी। यह संधि पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में अब तक की सबसे सफल वैश्विक संधियों में से एक मानी जाती है। इसके माध्यम से ओजोन परत के छिद्र को भरने और वैश्विक तापमान वृद्धि को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिली है।
22. क्योटो प्रोटोकॉल की पहली प्रतिबद्धता अवधि 2008 में शुरू हुई थी और कब समाप्त हुई थी?
(A) 2010
(B) 2012
(C) 2011
(D) 2013
RRB NTPC | 12.04.2016 | Shift-I Stage It
Ans: (b) क्योटो प्रोटोकॉल जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय संधि है। इसका मुख्य उद्देश्य वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना और ग्लोबल वार्मिंग के खतरे को रोकना है। प्रोटोकॉल की पहली प्रतिबद्धता अवधि (Commitment Period) वर्ष 2008 में शुरू हुई थी और यह 2012 में समाप्त हुई थी। इस अवधि के दौरान औद्योगिक देशों ने अपने उत्सर्जन को 1990 के स्तर से औसतन 5% कम करने का लक्ष्य रखा था। इसके बाद, दोहा संशोधन के तहत इसकी दूसरी प्रतिबद्धता अवधि वर्ष 2013 से 2020 तक के लिए निर्धारित की गई थी। यह प्रोटोकॉल सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी उत्सर्जन लक्ष्य निर्धारित करने वाला पहला वैश्विक समझौता था।
23. 2015 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में बिल गेट्स ने स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में तेजी लाने के लिए किस वैश्विक पहल की घोषणा की थी?
(A) मिशन ग्रीन
(B) मिशन क्लीन
(C) मिशन अभिनव
(D) मिशन संरक्षण
RRB NTPC | 30.04.2016 | Shift-I Stage It
Ans: (c) वर्ष 2015 में पेरिस जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP21) के दौरान "मिशन अभिनव" (Mission Innovation) की घोषणा की गई थी। इस वैश्विक पहल की शुरुआत बिल गेट्स और कई प्रभावशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मिलकर स्वच्छ ऊर्जा के लिए की थी। इसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में तेजी लाना और नई ऊर्जा तकनीकों को किफायती और सुलभ बनाना है। यह पहल सार्वजनिक क्षेत्र के अनुसंधान निवेश को बढ़ाने और निजी क्षेत्र के नवाचार को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है। भारत भी इस मिशन का एक संस्थापक सदस्य देश है और वह अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तकनीकी विकास को सबसे प्रभावी माध्यम मानता है।
24. पर्यावरण अध्ययन के संदर्भ में, CER किसे संदर्भित करता है?
(A) सर्टिफाइड इमिशन रिडक्शन
(B) कैप्ड इमिशन रिपोजीटरी
(C) सर्टिफाइड इमिशन रिपोजीटरी
(D) कैप्ड इमिशन रिडक्शन
RRB NTPC | 28.04.2016 | Shift-II Stage It
Ans: (a) पर्यावरण अध्ययन और कार्बन ट्रेडिंग के संदर्भ में, CER का पूर्ण रूप "सर्टिफाइड इमिशन रिडक्शन" होता है। यह क्योटो प्रोटोकॉल के स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) के तहत जारी किया गया एक आधिकारिक प्रमाणपत्र है। एक CER इकाई वातावरण से एक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन कम करने के प्रयास को दर्शाती है। विकसित देश अपने उत्सर्जन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विकासशील देशों की परियोजनाओं से ये क्रेडिट खरीद सकते हैं। इसे आमतौर पर "कार्बन क्रेडिट" के रूप में भी जाना जाता है और यह प्रदूषण कम करने हेतु एक वित्तीय प्रोत्साहन है। यह प्रणाली वैश्विक स्तर पर औद्योगिक इकाइयों को कम प्रदूषण फैलाने वाली तकनीकें अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
25. प्रधानमंत्री की आबोहवा परिवर्तन परिषद में............ सदस्य शामिल हैं।
(A) 13
(B) 5
(C) 18
(D) 8
RRB NTPC | 22.04.2016 | Shift-I Stage It
Ans: (c) जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री की परिषद (PMCCC) भारत में जलवायु नीतियों के निर्माण हेतु सर्वोच्च निकाय है। इस महत्वपूर्ण परिषद की अध्यक्षता स्वयं भारत के प्रधानमंत्री करते हैं और इसमें सरकार के विभिन्न अंग शामिल होते हैं। वर्तमान संरचना के अनुसार, इस परिषद में कुल 18 सदस्य शामिल हैं जिनमें मंत्री और विषय विशेषज्ञ दोनों होते हैं। यह परिषद मुख्य रूप से राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (NAPCC) के आठ मिशनों की निगरानी करती है। इसका कार्य जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए आवश्यक रणनीतियों और नीतियों को मंजूरी प्रदान करना है। यह परिषद यह सुनिश्चित करती है कि भारत के विकास लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण के साथ तालमेल बिठाकर चलें।
26. इनमें से कौन सिंगापुर में आयोजित वार्षिक राष्ट्रव्यापी पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा प्रत्यक्ष कार्यवाही को प्रोत्साहित करने वाला अभियान है?
(A) इको एक्शन दिवस
(B) माई प्लैनेट दिवस
(C) अर्थ डे
(D) साइकिलिंग डे
RRB NTPC | 18.01.2017 | Shift-III Stage IInd
Ans: (a) सिंगापुर में "इको एक्शन दिवस" (Eco Action Day) एक वार्षिक राष्ट्रव्यापी अभियान है जो पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है। इस अभियान की शुरुआत वर्ष 2007 में की गई थी ताकि लोगों में जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। यह मुख्य रूप से नागरिकों और संगठनों को ऊर्जा बचाने, कचरा कम करने और पानी के संरक्षण हेतु प्रेरित करता है। यह अभियान सिंगापुर के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के साथ जुड़ा हुआ है और लोगों को "ग्रीन डीड्स" के लिए प्रोत्साहित करता है। यह कार्यक्रम "विश्व पर्यावरण दिवस" के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है और इसमें लाखों लोग भाग लेते हैं। इसके माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर छोटे बदलाव करके पर्यावरण पर बड़े सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिश की जाती।
27. कार्बन क्रेडिट से आप क्या समझते हैं?
(A) यह औद्योगिकी उन्नयन के लिए लोन प्रदान करने के लिए IPCC द्वारा शुरू किया गया एक क्रेडिट कार्यक्रम है।
(B) यह अनुमति दिए गये कार्बन उत्सर्जन और वास्तव में कार्बन उत्सर्जन उत्सर्जित किये गये के आधार पर संस्था को सम्मानित किया गया क्रेडिट होता है।
(C) यह पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकी के कोष के लिए IMF द्वारा शुरू किया एक कार्यक्रम है।
(D) यह पर्यावरण के अनुकूल खाना पकाने के विकल्पों के कोण के लिए एक कार्यक्रम है।
RRB NTPC | 07.04.2016 | Shift-III Stage It
Ans: (b) कार्बन क्रेडिट एक व्यापार योग्य परमिट या प्रमाणपत्र है जो वातावरण में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। यह वास्तव में अनुमति दिए गए कार्बन उत्सर्जन और वास्तव में उत्सर्जित किए गए कार्बन के अंतर पर आधारित होता है। यदि कोई संस्था निर्धारित सीमा से कम प्रदूषण करती है, तो उसे क्रेडिट मिलता है जिसे वह बाजार में बेच सकती है। यह प्रणाली क्योटो प्रोटोकॉल के तहत विकसित की गई थी ताकि उद्योगों को कम प्रदूषण करने के लिए प्रेरित किया जा सके। एक कार्बन क्रेडिट का मान आमतौर पर एक टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के उत्सर्जन को कम करने के बराबर होता है। यह पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए एक प्रकार का वित्तीय पुरस्कार या लाभ है।
28. किस केन्द्रीय मंत्रालय ने 2018 में ग्रीन गुड डीड्स अभियान शुरू किया था ?
(A) रसायन और उर्वरक मंत्रालय
(B) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
(C) कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
(D) आयुष मंत्रालय
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-I
Ans: (b) भारत में "ग्रीन गुड डीड्स" (Green Good Deeds) अभियान की शुरुआत जनवरी 2018 में आधिकारिक रूप से की गई थी। यह अभियान केंद्रीय "पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय" द्वारा एक सामाजिक आंदोलन के रूप में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्य करने हेतु प्रेरित करना है। उदाहरण के लिए, वृक्षारोपण करना, ऊर्जा की बचत करना और प्लास्टिक के उपयोग को कम करना इस अभियान का हिस्सा हैं। तत्कालीन पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसे जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने हेतु शुरू किया था। यह अभियान सिखाता है कि कैसे छोटे-छोटे "नेक काम" पर्यावरण को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बना सकते हैं।
29. राष्ट्रीय जल मिशन जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत गठित किया गया है और इसे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किस साल शुरू किया गया?
(A) 2006
(B) 2007
(C) 2008
(D) 2009
RRB NTPC | 07.04.2016 | Shift-I Stage It
Ans: (c) राष्ट्रीय जल मिशन (National Water Mission) भारत की जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) का हिस्सा है। इस मिशन की शुरुआत भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2008 में पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के साथ की गई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य जल संसाधनों का संरक्षण, जल की बर्बादी को रोकना और जल उपयोग दक्षता को 20% तक बढ़ाना है। यह मिशन विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है जहाँ पानी की भारी कमी है और भूजल स्तर गिर रहा है। यह जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने के लिए एक व्यापक जल डेटाबेस और जल संसाधन प्रबंधन की वकालत करता है। इसके माध्यम से वर्षा जल संचयन और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
30. विश्व पर्यावरण दिवस, 2020 के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित थीम का नाम क्या था ?
(A) जैव विविधता
(B) प्लास्टिक प्रदूषण को मात
(C) लोगों को प्रकृति से जोड़ना
(D) जल प्रदूषण
RRB NTPC | 28.12.2020 | Shift-1 Stage Ist
Ans: (a) विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को पर्यावरण के प्रति वैश्विक जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2020 के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित की गई मुख्य थीम "जैव विविधता" (Biodiversity) निर्धारित की गई थी। इस थीम का मुख्य नारा "प्रकृति के लिए समय" (Time for Nature) था, जो पारिस्थितिकी तंत्र के महत्व को दर्शाता है। 2020 के इस वैश्विक कार्यक्रम की मेजबानी कोलंबिया ने जर्मनी के सहयोग से की थी, जो एक बड़ी उपलब्धि थी। जैव विविधता का संरक्षण मानव स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और जलवायु स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है। यह थीम हमें याद दिलाती है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाना हमारे स्वयं के अस्तित्व के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
31. विश्व पर्यावरण दिवस 2016 की विषय वस्तु क्या है
(A) ग्रीन अर्थव्यवस्थाः क्या इसमें आप सम्मिलित है?
(B) सात अरब सपने एक ग्रह देखभाल के साथ सेवन करें
(C) वन्य जीवन में अवैध व्यापार के लिए शून्य सहन
(D) छोटे टापू तथा मौसमी परिवर्तन
RRB NTPC | 19.01.2017 | Shift-I Stage It
Ans: (c) विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को मनाया जाता है जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2016 के लिए इसकी मुख्य विषय वस्तु (Theme) "वन्य जीवन के अवैध व्यापार के लिए शून्य सहनशीलता" (Zero Tolerance for the Illegal Wildlife Trade) रखी गई थी। इस अभियान का मुख्य नारा "Go Wild for Life" था, जो लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण पर बल देता है। इस वर्ष का मेजबान देश अंगोला (Angola) था, जिसने अवैध शिकार को रोकने की प्रतिबद्धता जताई थी। विषय वस्तु का चयन हर साल बदलती पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा संचालित किया जाता है।
32. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सही है?
(A) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ, पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न घटकों की सहायता करते हैं।
(B) जैव निम्नीकरणीय पदार्थ, पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।
(C) एंजाइम, जीवाणु या अन्य मृतजीवी, जैव निम्नीकरणीय पदार्थों पर क्रिया करते हैं, और उन्हें अपघटित करते हैं।
(D) अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ, ऊष्मा और दाब जैसी भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा अपघटित नहीं हो सकते हैं।
RRB Group-D | 02/09/2022 | Shift-I
Ans: (d) अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) पदार्थ वे होते हैं जो सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया या कवक द्वारा विघटित नहीं किए जा सकते। ये पदार्थ पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुँचाते हैं। विकल्प (d) सही है क्योंकि ऐसे पदार्थों पर ऊष्मा और दाब जैसी भौतिक प्रक्रियाओं का प्रभाव बहुत धीमा होता है, जिससे वे आसानी से नष्ट नहीं होते। इसके विपरीत, जैव निम्नीकरणीय पदार्थ एंजाइमों की क्रिया द्वारा सरल घटकों में टूट जाते हैं। प्लास्टिक, कांच और कुछ भारी धातुएं अजैव निम्नीकरणीय कचरे के प्रमुख उदाहरण हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इन पदार्थों का पुनर्चक्रण (Recycling) करना अनिवार्य होता है।
33. जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट के बड़े पैमाने पर उत्पादन के प्रभावों के बारे में गलत कथन का चयन कीजिए।
(A) मृदा पोषक तत्वों की पुनःपूर्ति
(B) लैंडफिल में भेजे जाने वाले अपशिष्ट की मात्रा बढ़ जाती है।
(C) यह मच्छरों के प्रजनन स्थल के रूप में कार्य करता है, जिससे बीमारियां फैलती है
(D) दुर्गंध देता है
RRB Group-D | 18/08/02022 | Shift-III
Ans: (b) जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट का यदि सही प्रबंधन किया जाए, तो यह खाद (Compost) में बदलकर मृदा की पोषक शक्ति को बढ़ाता है। लेकिन बड़े पैमाने पर इसके उत्पादन से कई नकारात्मक प्रभाव भी पड़ते हैं जैसे सड़ने पर तीव्र दुर्गंध पैदा होना। यह कचरा मच्छरों और अन्य कीटों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है, जिससे हैजा और डेंगू जैसी बीमारियां फैलती हैं। विकल्प (b) गलत कथन है क्योंकि आदर्श रूप में इस कचरे को लैंडफिल में भेजने के बजाय खाद बनाने के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। लैंडफिल में जाने वाला कचरा अक्सर मीथेन जैसी हानिकारक गैसें उत्पन्न करता है जो ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनती हैं। अतः कुशल अपशिष्ट प्रबंधन द्वारा इसे कचरे के बजाय संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए।
34. अजैवनिम्नीकरणीय अपशिष्टों के सन्दर्भ में 'स्त्रोत पर पृथक्करण' का क्या अभिप्राय है?
(A) अजैवनिम्नीकरणीय उपभोज्य वस्तुओं का उत्पादन करने वाले कारखानों को उन्हें जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ के साथ मिश्रित नहीं करना चाहिए।
(B) नगर पालिकाओं को अजैवनिम्नीकरणीय और जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट के लिए अलग-अलग निपटान स्थल बनाने चाहिए।
(C) अजैवनिम्नीकरणीय वस्तुओं का उपयोग करने वाले लोगों को इन वस्तुओं के साथ जैवनिम्नीकरणीय वस्तुओं को मिश्रित नहीं करना चाहिए।
(D) परिवारों को कचरे में अजैवनिम्नीकरणीय वस्तुओं को जैवनिम्नीकरणीय वस्तुओं से अलग रखना चाहिए।
RRB Group-D | 26/09/2022 | Shift-I
Ans: (d) स्त्रोत पर पृथक्करण (Segregation at Source) का अर्थ है कि कचरा उत्पन्न होने वाले स्थान पर ही उसे अलग-अलग श्रेणियों में बाँटना। परिवारों की यह जिम्मेदारी है कि वे सूखे कचरे (अजैव निम्नीकरणीय) और गीले कचरे (जैव निम्नीकरणीय) को एक साथ न मिलाएं। ऐसा करने से नगर पालिकाओं को कचरे के प्रसंस्करण और निपटान में बहुत आसानी होती है। यदि कचरा मिश्रित हो जाता है, तो पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं को अलग करना कठिन और महंगा हो जाता है। यह प्रक्रिया संसाधनों की बर्बादी को रोकती है और लैंडफिल साइटों पर बोझ को कम करती है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी घर-घर से अलग-अलग कचरा एकत्र करने पर विशेष जोर दिया जाता है।
35. अजैवनिम्नीकरणीय प्लास्टिकों से संबंधित असंगत कथन का चयन कीजिए।
(A) यह मृदा की उर्वरा शक्ति को कम करते हैं
(B) जानवरों द्वारा खाए जाने पर घातक साबित हो सकते हैं
(C) ये नालियों को जाम कर देते हैं
(D) प्लास्टिक के थैले टिकाऊ होते हैं
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-II
Ans: (d) अजैव निम्नीकरणीय प्लास्टिक पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है क्योंकि यह सैकड़ों वर्षों तक मिट्टी में घुला रहता है। यह मृदा के छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे उसकी उर्वरा शक्ति और जल सोखने की क्षमता कम हो जाती है। नालियों में फंसने के कारण यह जलभराव की समस्या पैदा करता है, जो शहरों में बाढ़ का कारण बनता है। यदि जानवर इसे भोजन समझकर खा लेते हैं, तो यह उनकी आहार नली में फंसकर उनकी मृत्यु का कारण बन सकता है। विकल्प (d) यहाँ असंगत है क्योंकि प्लास्टिक का "टिकाऊ" होना उसकी उपयोगिता तो है, लेकिन पर्यावरणीय दुष्प्रभाव के संदर्भ में यह एक समस्या है। वर्तमान में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध इसी कारण लगाया गया है ताकि पारिस्थितिकी को बचाया जा सके।
36. जलीय जीवों की श्वसन दर, स्थलीय जीवों की श्वसन दर की तुलना में बहुत तेज होती है। क्यों?
(A) जल में O2 की मात्रा अधिक होने के कारण
(B) जल में O2 की मात्रा कम होने के कारण
(C) जल में CO2 की मात्रा कम होने के कारण
(D) जल के प्रदूषित होने के कारण
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-II
Ans: (b) जलीय जीव श्वसन के लिए जल में घुली हुई ऑक्सीजन ($O_2$) का उपयोग करते हैं। वायुमंडल की तुलना में जल में ऑक्सीजन की सांद्रता बहुत कम होती है (हवा में लगभग 21% के मुकाबले जल में बहुत कम)। अपनी ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए जलीय जीवों को बहुत तेजी से सांस लेनी पड़ती है। मछलियाँ अपने गलफड़ों (Gills) के माध्यम से तेजी से पानी गुजारती हैं ताकि अधिक मात्रा में ऑक्सीजन सोख सकें। स्थलीय जीवों को हवा से आसानी से भरपूर ऑक्सीजन मिल जाती है, इसलिए उनकी श्वसन दर धीमी और स्थिर होती है। तापमान बढ़ने पर जल में ऑक्सीजन की घुलनशीलता और कम हो जाती है, जिससे जलीय जीवों का जीवन और कठिन हो जाता है।
37. अस्पताल अपशिष्ट के निपटान की सर्वोत्तम विधि क्या है?
(A) पृथक्करण और पुनर्चक्रण
(B) रुई से धातुओं को अलग करना और रोगाणुरहित करना
(C) इसे गहरे गड्‌ढों में गाड़ना
(D) जलाने से पहले धोना
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-II
Ans: (b) अस्पताल से निकलने वाले अपशिष्ट में संक्रामक रोगाणु, विषाक्त दवाएं और नुकीली धातुएं होती हैं, जो अत्यधिक खतरनाक होती हैं। इनके निपटान की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया पृथक्करण (Segregation) और उचित उपचार है। धातु की वस्तुओं (जैसे सीरिंज) को रुई या अन्य कचरे से अलग करना अनिवार्य है ताकि चोट या संक्रमण न फैले। रोगाणुरहित (Sterilization) करने के लिए ऑटोक्लेविंग या रासायनिक उपचार जैसी विधियों का उपयोग किया जाता है। बायो-मेडिकल कचरे के लिए अलग-अलग रंगों के डस्टबिन (पीला, लाल, नीला) निर्धारित किए गए हैं। उचित प्रबंधन न होने पर यह कचरा सामुदायिक संक्रमण और जल प्रदूषण का बड़ा स्रोत बन सकता है।
38. हमें प्लास्टिक का उपयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि
(A) प्लास्टिक कीटों द्वारा आसानी से नष्ट हो जाती है
(B) प्लास्टिक लम्बे समय तक नहीं चलता है
(C) एंजाइम प्लास्टिक का विघटन कर पाने में अक्षम होते हैं
(D) प्लास्टिक पानी में घुलनशील होता है।
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-1
Ans: (c) प्लास्टिक के उपयोग से बचने का सबसे मुख्य कारण इसकी अजैव निम्नीकरणीय प्रकृति है। प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंजाइम और सूक्ष्मजीव प्लास्टिक के जटिल कार्बनिक बंधों को तोड़ने में असमर्थ होते हैं। यही कारण है कि प्लास्टिक मिट्टी और पानी में पड़ा रहकर उन्हें प्रदूषित करता रहता है और कभी नष्ट नहीं होता। यह खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर जाता है, जिससे अंततः मनुष्यों और जानवरों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। प्लास्टिक को जलाने पर जहरीली गैसें (जैसे डाइऑक्सिन) निकलती हैं जो कैंसरकारी होती हैं। अतः पर्यावरण की रक्षा के लिए कपड़े के थैले या जैव-निम्नीकरणीय विकल्पों का उपयोग करना चाहिए।
39. निम्नलिखित में से कौन-सा जीवाश्म ईंधनों के जलने के कारण उत्पन्न परिणाम नहीं है?
(A) नाइट्रोजन और सल्फर के ऑक्साइडों का निर्माण
(B) अम्ल वर्षा
(C) वायुमंडल की ऊपरी परतों में जो ओजोन के स्तरों में कमी
(D) स्मॉग (Smog) का बनना
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-1
Ans: (c) जीवाश्म ईंधनों (कोयला, पेट्रोलियम) के जलने से नाइट्रोजन और सल्फर के ऑक्साइड उत्पन्न होते हैं जो वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं। ये गैसें वर्षा के पानी के साथ मिलकर अम्ल वर्षा (Acid Rain) करती हैं, जो स्मारकों और फसलों को नुकसान पहुँचाती है। सर्दियों में ये गैसें और धुएं के कण मिलकर घातक स्मॉग (Smog) बनाते हैं, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और सांस की बीमारियाँ होती हैं। ओजोन परत की कमी (Ozone Depletion) मुख्य रूप से क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) के कारण होती है, न कि सीधे जीवाश्म ईंधन के दहन से। जीवाश्म ईंधन का जलना मुख्य रूप से ग्रीनहाउस प्रभाव और ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है। अतः विकल्प (c) जीवाश्म ईंधन के जलने का सीधा परिणाम नहीं माना जाता है।
40. डीजल वाहनों से निकलने वाले धुएँ में पेट्रोल की तुलना में तीन गुना अधिक क्या होता है, जो कैंसर का खतरा बढ़ाता है?
(A) कणिका तत्व
(B) नाइट्रोजन गैस
(C) नाइट्रोजन ऑक्साइड
(D) कार्सेनोजन्स
RRB NTPC Stage It | 22.04.2016 | Shift-III
Ans: (c) डीजल इंजनों में पेट्रोल इंजनों की तुलना में दहन की प्रक्रिया उच्च तापमान और उच्च दबाव पर होती है। इस उच्च तापमान के कारण डीजल वाहन पेट्रोल की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) उत्सर्जित करते हैं। नाइट्रोजन ऑक्साइड श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचाता है और कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। डीजल के धुएं में सूक्ष्म कणिका तत्व (Particulate Matter) भी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं जो फेफड़ों के गहराई तक पहुँच जाते हैं। ये उत्सर्जन वायुमंडल में जाकर ओजोन (ग्राउंड लेवल) के निर्माण में भी सहायक होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक वाहनों में कैटेलिटिक कन्वर्टर और BS-VI मानकों का उपयोग किया जा रहा है।
41. रासायनिक तत्वों, विशेष रूप से नाइट्रोजन, फॉस्फोरस मिश्रित यौगिक तत्वों से पारिस्थितिक तंत्र की संपन्नता को ....... कहते हैं :
(A) यूट्रोफिकेशन
(B) सेडीमेंटेशन
(C) हाइड्रोजिनीकरण
(D) ऑक्सीकरण
RRB NTPC Stage It | 16.04.2016 | Shift-II
Ans: (a) यूट्रोफिकेशन (Eutrophication) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी जल निकाय (जैसे झील या तालाब) में पोषक तत्वों, विशेष रूप से नाइट्रोजन और फास्फोरस की सांद्रता अत्यधिक बढ़ जाती है। यह प्रक्रिया अक्सर कृषि अपवाह, उर्वरकों के उपयोग या सीवेज के पानी के मिलने के कारण होती है। जब इन पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है, तो जल में शैवाल (Algae) की अत्यधिक वृद्धि होती है, जिसे शैवाल प्रस्फुटन (Algal Bloom) कहा जाता है। यह परत सूर्य के प्रकाश को पानी के अंदर जाने से रोकती है, जिससे जलीय पौधों का प्रकाश संश्लेषण बाधित होता है। अंततः, जब ये शैवाल मरते हैं, तो उनके अपघटन में पानी की ऑक्सीजन खर्च हो जाती है, जिससे जलीय जीवों का दम घुटने लगता है।
42. सुपोषण (Eutrophication) के कारण क्या होता है?
(A) अम्ल वर्षा
(B) नाइट्रेट और फास्फेट
(C) सल्फेट और कार्बोनेट
(D) कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोक्साइड
RRB SSE | 21.12.2014 | N/A
Ans: (b) सुपोषण या यूट्रोफिकेशन का मुख्य रासायनिक कारण पानी में नाइट्रेट और फास्फेट जैसे पोषक तत्वों का उच्च स्तर होना है। ये रसायन मुख्य रूप से खेती में उपयोग किए जाने वाले रासायनिक उर्वरकों, डिटर्जेंट और अनुपचारित घरेलू अपशिष्ट जल के माध्यम से नदियों और झीलों में पहुँचते हैं। नाइट्रेट और फास्फेट पौधों के लिए भोजन का काम करते हैं, जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में असंतुलन पैदा हो जाता है। इसके कारण जल की गुणवत्ता में भारी गिरावट आती है और पानी पीने योग्य नहीं रहता। इस प्रक्रिया से पारिस्थितिक तंत्र की उत्पादकता तो बढ़ती है, लेकिन जैव विविधता को भारी नुकसान पहुँचता है।
43. यूट्रोफिकेशन (Eutrophication) के परिणामस्वरूप किसका न्यूनीकरण होता है?
(A) खनिज लवणों का
(B) विलीन ऑक्सीजन का
(C) पराश्रयी परजीवों का
(D) विलीन नाइट्रेट का
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (b) यूट्रोफिकेशन की प्रक्रिया का सबसे घातक परिणाम जल में विलीन ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की भारी कमी होना है। जब पोषक तत्वों की अधिकता के कारण शैवाल की घनी परत जम जाती है, तो पानी के नीचे रहने वाले जीव प्रकाश और हवा से वंचित हो जाते हैं। जब ये शैवाल मर जाते हैं, तो बैक्टीरिया उन्हें सड़ाने या अपघटित करने के लिए पानी में मौजूद शेष ऑक्सीजन का उपयोग कर लेते हैं। इस स्थिति को "हाइपोक्सिया" (Hypoxia) कहा जाता है। ऑक्सीजन की इस कमी के कारण मछलियाँ और अन्य जलीय जीव जीवित नहीं रह पाते और जल निकाय एक "डेड ज़ोन" (Dead Zone) में बदल जाता है।
44. अपने जल के पोषक संवर्धन द्वारा एक झील की प्राकृतिक आयु वृद्धि को निम्न में से किस नाम से जाना जाता है?
(A) निष्कर्षण
(B) डीन्यूट्रीफिकेशन
(C) सुपोषण
(D) न्यूट्रीफिकेशन
RRB NTPC Stage Ist | 01.04.2021 | Shift-I
Ans: (c) किसी झील की प्राकृतिक आयु वृद्धि (Natural Aging) को सुपोषण या यूट्रोफिकेशन के रूप में जाना जाता है। प्राकृतिक रूप से, समय के साथ जलधाराएँ झील में नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व लाती रहती हैं, जिससे धीरे-धीरे झील की जैविक उर्वरता बढ़ती है। जैसे-जैसे पोषक तत्व बढ़ते हैं, झील में जलीय जीवन बढ़ता है और कार्बनिक पदार्थ तलहटी में जमा होने लगते हैं। यह प्रक्रिया झील को उथला और गर्म बनाती जाती है, जिससे वह अंततः दलदली भूमि और फिर शुष्क भूमि में परिवर्तित हो जाती है। मानवीय गतिविधियों ने इस प्राकृतिक प्रक्रिया की गति को कई गुना बढ़ा दिया है, जिसे "सांस्कृतिक सुपोषण" (Cultural Eutrophication) कहते हैं।
45. कॉलम X (परिणाम) तथा कॉलम Y (कारण) को सुमेलित करें-
कॉलम X (परिणाम) कॉलम Y (कारण)
P. जल प्रदूषण 2. जैविक पदार्थ अपक्षय
Q. वायु प्रदूषण 1. जीवाश्म ईंधन का दहन
R. ध्वनि प्रदूषण 4. उच्च डेसीबल
S. मृदा प्रदूषण 3. कीट नाशक
(A) P-2, Q-1, R-4, S-3
(B) P-1, Q-2, R-4, S-3
(C) P-3, Q-1, R-2, S-4
(D) P-1, Q-3, R-2, S-4
RRB SSE | 21.12.2014 | Yellow paper
Ans: (A) इस मिलान में विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों को उनके मुख्य कारकों से जोड़ा गया है। (P) जल प्रदूषण का संबंध जैविक पदार्थों के अपक्षय (2) से है, क्योंकि सड़ने वाले पदार्थ पानी की ऑक्सीजन सोख लेते हैं। (Q) वायु प्रदूषण मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधनों के दहन (1) जैसे कोयला और पेट्रोलियम के जलने से उत्पन्न धुएँ और गैसों के कारण होता है। (R) ध्वनि प्रदूषण को मापने की इकाई डेसीबल है, इसलिए उच्च डेसीबल (4) वाली आवाजें इसका कारण हैं। (S) मृदा प्रदूषण खेतों में अत्यधिक कीटनाशकों (3) और रसायनों के उपयोग से होता है। यह वर्गीकरण स्पष्ट करता है कि मानवीय हस्तक्षेप किस प्रकार पर्यावरण के विभिन्न घटकों को प्रभावित करता है।
46. राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक को......... प्रदूषकों की सघनता के आधार पर निर्धारित किया गया है।
(A) 5
(B) 6
(C) 7
(D) 8
RRB NTPC Stage It | 06.04.2016 | Shift-II
Ans: (d) भारत में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (National Air Quality Index) को कुल 8 प्रमुख प्रदूषकों की सांद्रता के आधार पर निर्धारित किया गया है। इन 8 प्रदूषकों में PM10, PM2.5, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओजोन (O3), अमोनिया (NH3) और लेड (Pb) शामिल हैं। AQI को "एक संख्या, एक रंग, एक विवरण" के रूप में विकसित किया गया है ताकि आम आदमी आसानी से वायु प्रदूषण के स्तर को समझ सके। यह सूचकांक शून्य से लेकर 500 तक की रेंज में वायु की गुणवत्ता को छह श्रेणियों (जैसे अच्छा, संतोषजनक, मध्यम, खराब, बहुत खराब और गंभीर) में विभाजित करता है।
47. निम्नलिखित में से कौन सी गैस अम्ल वर्षा से संबंधित नहीं है?
(A) NO
(B) NH3
(C) SO2
(D) NO2
RRB NTPC Stage Ist | 29.01.2021 | Shift-I
Ans: (b) अम्ल वर्षा मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन के ऑक्साइडों (NO और NO2) के वायुमंडल में जलवाष्प के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड बनाने के कारण होती है। अमोनिया (NH3) प्रत्यक्ष रूप से अम्ल वर्षा का कारण नहीं है, बल्कि यह एक क्षारीय गैस है जो अक्सर मिट्टी में अम्लता को कम करने में मदद कर सकती है। हालाँकि, वायुमंडल में अमोनिया अन्य प्रदूषकों के साथ मिलकर सूक्ष्म कण (Particulate Matter) बना सकती है, लेकिन इसे अम्ल वर्षा के प्राथमिक कारक के रूप में नहीं गिना जाता। अम्ल वर्षा ऐतिहासिक स्मारकों (जैसे ताजमहल) और वनों के लिए अत्यंत हानिकारक होती है क्योंकि यह मिट्टी के पोषक तत्वों को नष्ट कर देती है।
48. जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (BOD) निम्नलिखित में से किसकी माप करता है।
(A) जैव पदार्थों के ऑक्सीकरण के दौरान उपयोग की गयी ऑक्सीजन की
(B) जल में घुले कण की
(C) हवा में घुले हुए कण की
(D) हवा में शोर के स्तर की
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (a) जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग या BOD (Biochemical Oxygen Demand) ऑक्सीजन की वह मात्रा है, जिसका उपयोग बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव कार्बनिक पदार्थों के अपघटन के दौरान करते हैं। यह जल प्रदूषण को मापने का एक महत्वपूर्ण मानक है। यदि जल में कार्बनिक कचरा (जैसे सीवेज) अधिक है, तो सूक्ष्मजीवों को उसे तोड़ने के लिए अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी, जिससे BOD का मान बढ़ जाएगा। सरल शब्दों में, उच्च BOD का मतलब है कि पानी बहुत अधिक प्रदूषित है और उसमें घुलित ऑक्सीजन की कमी है। यह परीक्षण आमतौर पर 20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर 5 दिनों की अवधि के लिए किया जाता है।
49. नदी जल में जैविक ऑक्सीजन माँग (BOD):
(A) में कोई परिवर्तन नहीं होता जब शैवालीय उत्फुल्लन (bloom) होता है।
(B) का जल में ऑक्सीजन की सांद्रता से कोई संबंध नहीं है।
(C) जल में स्थित साल्मोनेला की उपस्थिति की माप प्रदान करती है।
(D) में बढ़त होती है जब नदी जल में गंदा पानी (sewage) मिश्रित होता है।
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (d) नदी के जल में जैव ऑक्सीजन माँग (BOD) तब बढ़ जाती है जब उसमें गंदा पानी या सीवेज मिश्रित होता है। सीवेज में भारी मात्रा में कार्बनिक अपशिष्ट होता है, जिसे विघटित करने के लिए जलीय बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। इस अपघटन प्रक्रिया में बैक्टीरिया पानी में घुली हुई ऑक्सीजन का तेजी से उपभोग करते हैं, जिससे BOD का स्तर ऊपर चला जाता है। जैसे-जैसे BOD बढ़ता है, वैसे-वैसे पानी में मछलियों और अन्य जीवों के लिए उपलब्ध ऑक्सीजन कम होती जाती है। इसलिए, BOD का बढ़ना इस बात का सीधा संकेत है कि नदी का पारिस्थितिकी तंत्र खतरे में है और प्रदूषण का स्तर हानिकारक सीमा तक पहुँच चुका है।
50. पेय जल में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा होती है-
(A) < 6 micro g/l
(B) > 6 micro g/l
(C) < 6 mg/l
(D) > 6 mg/l
RRB SSE | 21.12.2014 | Green paper
Ans: (d) पेय जल और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए घुली हुई ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की मात्रा एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता मानक है। अच्छे और स्वच्छ पेय जल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा आमतौर पर 6 mg/l से अधिक होनी चाहिए। यदि ऑक्सीजन का स्तर 4 mg/l से नीचे चला जाता है, तो यह जल अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है और जलीय जीवों के जीवित रहने के लिए अनुपयुक्त हो जाता है। ऑक्सीजन की यह मात्रा पानी के तापमान, दबाव और उसमें मौजूद कार्बनिक पदार्थों की मात्रा पर निर्भर करती है। बहते हुए स्वच्छ पानी में ऑक्सीजन की मात्रा स्थिर रहती है, जबकि रुके हुए या प्रदूषित पानी में यह तेजी से घटती है।
51. अम्ल वर्षा का pH मान कितना होता है?
(A) 5.5 या कम
(B) 12.5 या ज्यादा
(C) 10.5 या ज्यादा
(D) 8.5 या ज्यादा
RRB NTPC Stage It | 27.04.2016 | Shift-I
Ans: (a) अम्ल वर्षा (Acid Rain) तब होती है जब वायुमंडल में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) जलवाष्प के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। यह प्रक्रिया सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल का निर्माण करती है, जो वर्षा के साथ जमीन पर गिरते हैं। सामान्य वर्षा का pH मान लगभग 5.6 होता है, जो हल्का अम्लीय है। लेकिन जब यह मान 5.5 या उससे कम हो जाता है, तो इसे अम्ल वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है। यह अम्लीय वर्षा मिट्टी की उर्वरता को नष्ट करती है और जलीय जीवों के लिए घातक होती है। ऐतिहासिक स्मारकों जैसे ताजमहल के क्षरण का मुख्य कारण भी यही अम्ल वर्षा है।
52. सरकार द्वारा स्वस्थ हवा में SO2 गैस की निर्धारित सीमा 50 इकाई है, इसकी माप इकाई क्या है?
(A) g/cc
(B) mg/litre
(C) mg/m3
(D) u g/m2
RRB SSE | 21.12.2014 | Green paper
Ans: (c) वायु प्रदूषण की निगरानी के लिए वायुमंडल में गैसों की सांद्रता को मापना अत्यंत आवश्यक है। सरकार द्वारा स्वस्थ हवा के मानकों में SO2 की सीमा को निर्धारित करने के लिए आमतौर पर mg/m3 (मिलीग्राम प्रति घन मीटर) का उपयोग किया जाता है। यह इकाई बताती है कि हवा के एक निश्चित आयतन में प्रदूषक का कितना द्रव्यमान मौजूद है। SO2 एक हानिकारक गैस है जो मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन के दहन और औद्योगिक इकाइयों से निकलती है। इसकी उच्च सांद्रता मनुष्यों में श्वसन संबंधी बीमारियों और फेफड़ों में सूजन का कारण बन सकती है। स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने के लिए इन इकाइयों का सटीक मापन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाता है।
53. वायुमण्डल में CO2 की अनुमानित मात्रा (in PPM) कितनी होती है?
(A) 2
(B) 20
(C) 200
(D) 400
RRB SSE | 21.12.2014 | Green paper
Ans: (d) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) पृथ्वी के वायुमंडल में एक महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस है। वायुमंडल में इसकी मात्रा को पार्ट्स पर मिलियन (PPM) में मापा जाता है, जिसका अर्थ है हवा के प्रति दस लाख अणुओं में CO2 के अणुओं की संख्या। औद्योगिक क्रांति से पहले यह मात्रा लगभग 280 PPM थी, जो अब बढ़कर 400 PPM के पार पहुँच गई है। CO2 की यह बढ़ती मात्रा ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का सबसे प्रमुख कारण मानी जाती है। वनों की कटाई और जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग इसकी सांद्रता में निरंतर वृद्धि कर रहा है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए CO2 के उत्सर्जन को कम करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती है।
54. वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की वृद्धि के मुख्य कारण क्या हैं? (1. जीवाश्म ईंधन, 2. वनों की कटाई, 3. वाहनों में वृद्धि, 4. सौर हीटर)
(A) 1 और 2
(B) 1, 2 और 4
(C) 1, 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4
N/A | N/A | N/A
Ans: (c) वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियाँ उत्तरदायी हैं। कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधन के जलने से भारी मात्रा में CO2 निकलती है। वनों की कटाई के कारण पेड़ों की संख्या घट रही है, जिससे वातावरण से CO2 को सोखने की प्राकृतिक प्रक्रिया धीमी हो गई है। वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि भी परिवहन क्षेत्र से होने वाले उत्सर्जन को बढ़ा रही है। हालांकि, सौर हीटर एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है और यह CO2 उत्सर्जन का कारण नहीं बनता है। अतः 1, 2 और 3 विकल्प ही वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाने के मुख्य कारक हैं।
55. अम्लीय वर्षा के सन्दर्भ में इनमें से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(A) इसके जल का pH मान 5.6 से कम होता है।
(B) यह वायुमण्डल में सल्फ्यूरिक अम्ल या नाइट्रिक अम्ल की उपस्थिति के कारण उत्पन्न होती है।
(C) अधिकतम अम्ल सशक्त कार्बोनिक अम्ल के कारण बनता है।
(D) अम्लीय वर्षा हमारे परिस्थितिक तंत्र को प्रभावित करती है।
RRB SSE | 21.12.2014 | Yellow paper
Ans: (c) अम्लीय वर्षा के निर्माण में सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल की भूमिका सबसे प्रमुख होती है। जब वायुमंडल में मौजूद SO2 और NOx पानी के साथ मिलते हैं, तो ये शक्तिशाली खनिज अम्ल बनते हैं जो pH मान को 5.6 से काफी नीचे गिरा देते हैं। प्राकृतिक रूप से वर्षा का जल थोड़ा अम्लीय होता है क्योंकि इसमें CO2 घुलने से दुर्बल कार्बोनिक अम्ल बनता है। लेकिन अम्लीय वर्षा की असली समस्या इसके सशक्त खनिज अम्लों के कारण होती है, न कि कार्बोनिक अम्ल के कारण। यह पारिस्थितिकी तंत्र, विशेष रूप से झीलों और जंगलों को बुरी तरह प्रभावित करती है। अतः यह कहना गलत है कि अधिकतम अम्ल सशक्त कार्बोनिक अम्ल के कारण बनता है।
56. निम्नलिखित में से क्या, विश्वव्यापी पर्यावरण की दुर्दशा का कारण नहीं है?
(A) जैवविविधता की हानि
(B) वायुमंडल में कार्बन-डाईऑक्साइड के जमाव में बढ़ोत्तरी
(C) UV विकिरण से संपर्क
(D) कचरा भराव क्षेत्र
RRB NTPC Stage It | 22.04.2016 | Shift-II
Ans: (d) विश्वव्यापी पर्यावरण संकट के बड़े कारणों में जैवविविधता की हानि और CO2 का बढ़ता स्तर सबसे ऊपर आते हैं। ओजोन परत के क्षरण के कारण UV विकिरण से संपर्क भी एक वैश्विक स्तर की गंभीर पर्यावरणीय समस्या है। कचरा भराव क्षेत्र (Landfills) हालांकि स्थानीय स्तर पर मृदा और जल प्रदूषण का कारण बनते हैं, लेकिन इन्हें ग्लोबल स्केल पर पर्यावरण की "दुर्दशा" का प्राथमिक कारक नहीं माना जाता। लैंडफिल प्रबंधन वास्तव में कचरा निपटान की एक तकनीक है जिसे यदि सही ढंग से किया जाए तो प्रदूषण कम किया जा सकता है। वैश्विक समस्याओं की तुलना में यह एक क्षेत्रीय समस्या अधिक है। इसलिए कचरा भराव क्षेत्र को इस श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
57. निम्नलिखित में से कौन-सा हवा प्रदूषण का कारण नहीं है?
(A) खनन कार्य
(B) अम्लीय वर्षा
(C) कृषि गतिविधियाँ
(D) जीवाश्म ईंधन का जलना
RRB NTPC Stage It | 19.01.2017 | Shift-II
Ans: (b) हवा प्रदूषण उन गतिविधियों से होता है जो सीधे तौर पर वायुमंडल में हानिकारक तत्व या कण छोड़ती हैं। खनन कार्य से भारी धूल और जहरीली गैसें निकलती हैं, जबकि कृषि गतिविधियों में कीटनाशकों और पुआल जलाने से धुआं पैदा होता है। जीवाश्म ईंधन का जलना वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा ज्ञात स्रोत है जिससे CO, SO2 और अन्य गैसें निकलती हैं। अम्लीय वर्षा (Acid Rain) स्वयं हवा प्रदूषण का एक परिणाम है, न कि उसका कारण। जब पहले से प्रदूषित हवा में मौजूद गैसें बारिश के साथ नीचे आती हैं, तब उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। इसलिए, अम्लीय वर्षा को वायु प्रदूषण फैलाने वाला "स्रोत" या "कारण" नहीं माना जा सकता।
58. ऑटोमोबाइल एग्ज्हौस्ट (automobile exhaust) में समाविष्ट महत्वपूर्ण प्रदूषक तत्व है।
(A) फ्लोरीन
(B) सोडियम
(C) मैग्नीशियम
(D) लेड
RRB NTPC Stage It | 19.04.2016 | Shift-III
Ans: (d) वाहनों से निकलने वाले धुएं में कई हानिकारक गैसें और कण मौजूद होते हैं जो मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। ऐतिहासिक रूप से, पेट्रोल में एंटी-नॉक एजेंट के रूप में "टेट्राएथिल लेड" (Lead) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता था। दहन के बाद यह लेड (सीसा) छोटे कणों के रूप में निकास प्रणाली (Exhaust) के माध्यम से हवा में फैल जाता था। लेड एक भारी धातु है जो विशेष रूप से बच्चों के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए बहुत घातक होती है। हालांकि अब कई देशों में लेड-मुक्त पेट्रोल का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है, फिर भी यह एक महत्वपूर्ण प्रदूषक बना हुआ है। इसके अलावा निकास में कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड भी शामिल होते हैं।
59. हठीले (Persistent) कार्बनिक प्रदूषकों का परिवहन ज्यादातर किसके द्वारा किया जाता है-
(A) जानवरों और पक्षियों
(B) मनुष्य
(C) हवा और पानी
(D) पौधे
RRB NTPC Stage It | 07.04.2016 | Shift-II
Ans: (c) हठीले कार्बनिक प्रदूषक (Persistent Organic Pollutants - POPs) ऐसे रासायनिक पदार्थ हैं जो पर्यावरण में आसानी से नष्ट नहीं होते। ये प्रदूषक अपनी रासायनिक स्थिरता के कारण बहुत लंबे समय तक मिट्टी और पानी में टिके रहते हैं। इनका एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवहन मुख्य रूप से हवा और पानी के चक्रों के माध्यम से होता है। हवा की धाराएं इन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों जैसे आर्कटिक तक ले जाती हैं जहाँ इनका कभी उपयोग भी नहीं हुआ। यह प्रक्रिया "ग्रासहॉपर प्रभाव" (Grasshopper effect) कहलाती है क्योंकि ये प्रदूषक वाष्पित होकर हवा के साथ उड़ते हैं और फिर ठंडे क्षेत्रों में जमा हो जाते हैं। इसलिए इनका फैलाव वैश्विक चिंता का विषय है।
60. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रदूषक, प्रकाश रासायनिक स्मॉग का एक प्रमुख कारक है?
(A) ओजोन
(B) हाइड्रोपेरॉक्साइड
(C) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
(D) पेरॉक्सीनाइट्रेट
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-III
Ans: (a) प्रकाश रासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog) एक प्रकार का वायु प्रदूषण है जो सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में होता है। यह नाइट्रोजन के ऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों (VOCs) के बीच होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाओं का परिणाम है। इस स्मॉग का एक प्रमुख और हानिकारक घटक जमीनी स्तर की ओजोन (O3) गैस है। वैसे तो ओजोन ऊपरी वायुमंडल में सुरक्षा प्रदान करती है, लेकिन निचले स्तर पर यह श्वसन संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा करती है। यह धुंध आंखों में जलन और दृश्यता (Visibility) में कमी का कारण बनती है। घनी आबादी वाले शहरों में जहाँ वाहनों का यातायात अधिक होता है, वहाँ यह समस्या सबसे अधिक देखी जाती है।
61. प्रदूषण में सूचकांक SPM का पूर्ण रूप क्या है?
(A) ठोस प्रदूषण पदार्थ
(B) निलंबित कण पदार्थ
(C) घुलनशील कण विधि
(D) आस-पास प्रदूषण का मामला
RRB NTPC Stage I | 29.03.2016 | Shift-II
Ans: (B) प्रदूषण के संदर्भ में SPM का पूर्ण रूप "Suspended Particulate Matter" (निलंबित कणकीय पदार्थ) है। ये हवा में तैरते हुए सूक्ष्म ठोस कण या तरल बूंदें होती हैं जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक होती हैं। इनका आकार इतना छोटा होता है कि ये श्वसन के माध्यम से फेफड़ों के अंदर तक पहुँच सकते हैं। SPM के मुख्य स्रोतों में वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, धूल और निर्माण कार्य शामिल हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में इन्हें PM 2.5 और PM 10 के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। इन कणों की अधिकता से दृश्यता कम हो जाती है और अस्थमा जैसी गंभीर सांस की बीमारियां हो सकती हैं।
62. जलवायु प्रणाली के संरक्षण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा संयुक्त राष्ट्र का कानूनी निकाय दस्तावेज नहीं है?
(A) यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल पैनल ऑन क्लॉइमेट चेंज
(B) यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लॉइमेट चेंज
(C) पेरिस समझौता
(D) क्योटो प्रोटोकॉल
RRB NTPC | 12.02.2021 | Shift-I
Ans: (a) IPCC (इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज) एक वैज्ञानिक निकाय है, न कि कोई कानूनी समझौता या दस्तावेज। इसका मुख्य कार्य जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी का आकलन करना और सरकारों को रिपोर्ट सौंपना है। इसके विपरीत, UNFCCC एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों को स्थिर करना है। पेरिस समझौता और क्योटो प्रोटोकॉल कानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज हैं जो इसी संधि के तहत आते हैं। ये दस्तावेज विभिन्न देशों के लिए उत्सर्जन में कटौती करने के विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हैं। अतः IPCC केवल सूचना और मार्गदर्शन प्रदान करता है, जबकि अन्य विकल्प कानूनी ढांचे का हिस्सा हैं।
63. ग्रीनहाउस गैसों का सबसे बड़ा उत्सर्जक क्षेत्र कौन सा है ?
(A) कृषि
(B) कूड़ा कर्कट
(C) ऊर्जा
(D) लैंड यूज चेंज
RRB NTPC | 08.01.2021 | Shift-II
Ans: (c) वैश्विक स्तर पर ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में "ऊर्जा" (Energy) क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है। इसमें बिजली उत्पादन, परिवहन, विनिर्माण उद्योग और इमारतों में उपयोग होने वाली ऊर्जा शामिल है। जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस को जलाने से भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। कृषि और लैंड यूज चेंज भी महत्वपूर्ण उत्सर्जक हैं, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र की तुलना में इनका प्रतिशत कम है। आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक उत्सर्जन का लगभग 70% से अधिक हिस्सा केवल ऊर्जा संबंधी गतिविधियों से आता है। यही कारण है कि नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
64. अभिकथन (A) : कार्बन डाइऑक्साइड में वृद्धि से ध्रुवीय बर्फ पिघल जाएगी। कारण (R) : वैश्विक तापमान में वृद्धि होगी।
(A) A सही है लेकिन R गलत हैं।
(B) A गलत है लेकिन R सही है।
(C) A और R दोनों सही हैं और R, A की उचित व्याख्या है।
(D) A और R दोनों सही हैं और R, A की उचित व्याख्या नहीं है।
RRB NTPC | 16.04.2016 | Shift-I
Ans: (c) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एक प्रमुख ग्रीनहाउस गैस है जो सूर्य की गर्मी को वायुमंडल में रोक लेती है। जब वातावरण में CO2 की सांद्रता बढ़ती है, तो यह सीधे तौर पर "ग्लोबल वार्मिंग" या वैश्विक तापमान में वृद्धि का कारण बनती है। तापमान बढ़ने के कारण ध्रुवीय क्षेत्रों (आर्कटिक और अंटार्कटिक) में जमा विशाल बर्फ की चादरें और ग्लेशियर पिघलने लगते हैं। यह अभिकथन (A) बिल्कुल सही है कि CO2 में वृद्धि से ध्रुवीय बर्फ पिघलेगी, क्योंकि इसका कारण (R) वैश्विक तापमान का बढ़ना है। चूँकि कारण (R) अभिकथन (A) के होने की प्रक्रिया को पूरी तरह स्पष्ट करता है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है। यह चक्र समुद्र के स्तर को बढ़ाने और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है।
65. (AAU) शब्द का संदर्भ एसाइन्ड अमाउंट यूनिट् (Assigned Amount Unit) से है जो की सीमा निर्धारित करता है।
(A) कार्बन के उत्सर्जन
(B) ग्रीन हाउस गैसो के उत्सर्जन
(C) कार्बन क्रेडिट की बिक्री
(D) कार्बन फुटप्रिंट के रूप में बचत
RRB NTPC | 11.04.2016 | Shift-III
Ans: (b) एसाइन्ड अमाउंट यूनिट (AAU) क्योटो प्रोटोकॉल के तहत निर्धारित एक उत्सर्जन इकाई है, जो विकसित देशों के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन की सीमा को परिभाषित करती है। एक AAU का मान एक मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष (CO2 equivalent) के बराबर होता है। यह प्रणाली देशों को एक निश्चित मात्रा में प्रदूषण करने का अधिकार देती है, जिसे 'उत्सर्जन बजट' भी कहा जा सकता है। यदि कोई देश अपनी निर्धारित सीमा से कम उत्सर्जन करता है, तो वह शेष इकाइयों को अन्य देशों को कार्बन व्यापार (Carbon Trading) के माध्यम से बेच सकता है। इस तंत्र का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह पर्यावरण अर्थशास्त्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो प्रदूषण को कम करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।
66. एक ग्रीनहाउस गैस कोई भी ऐसा गैसीय मिश्रण होता है जो.......के लिए सक्षम होता है।
(A) समान रूप से दृश्य और अवरक्त
(B) अवरक्त की तुलना में अधिक दृश्य विकिरण
(C) दृश्य की तुलना में अधिक अवरक्त विकिरण
(D) न दृश्य और न ही अवरक्त विकिरण
RRB NTPC | 07.04.2016 | Shift-III
Ans: (d) ग्रीनहाउस गैसें (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और जलवाष्प) पृथ्वी के वायुमंडल के तापमान को बनाए रखने में एक जटिल भूमिका निभाती हैं। ये गैसें सूर्य से आने वाले लघु-तरंग दैर्ध्य वाले दृश्य प्रकाश विकिरण को वायुमंडल से गुजरने देती हैं, जिससे पृथ्वी की सतह गर्म होती है। हालांकि, जब पृथ्वी इस ऊर्जा को दीर्घ-तरंग दैर्ध्य वाले अवरक्त विकिरण (Infrared Radiation) के रूप में वापस अंतरिक्ष में छोड़ती है, तो ये गैसें उसे अवशोषित कर लेती हैं। इस प्रक्रिया के कारण वायुमंडल में ऊष्मा फँस जाती है, जिसे 'ग्रीनहाउस प्रभाव' कहा जाता है। वैज्ञानिक रूप से, ग्रीनहाउस गैसें दृश्य प्रकाश के लिए पारदर्शी होती हैं लेकिन अवरक्त विकिरण को अवशोषित और पुनः उत्सर्जित करने में अत्यधिक सक्षम होती हैं। यदि ये गैसें न होतीं, तो पृथ्वी का औसत तापमान बहुत कम होता, जिससे जीवन कठिन हो जाता, लेकिन इनकी अत्यधिक मात्रा ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन रही है।
67. कथनः 1. ग्लोबल वार्मिंग के परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि हो रही है। 2. पिघलते ग्लेशियर जल स्तर की वृद्धि का कारण बनेंगे जो तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। निष्कर्ष : I. ग्लोबल वार्मिंग का एकमात्र प्रभाव ग्लेशियरों का पिघलना है। II. ग्लोबल वार्मिंग तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रभावित करेगा।
(A) केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है।
(B) केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है।
(C) I और II दोनों अनुसरण करते हैं।
(D) ना तो I ना ही II अनुसरण करता है।
RRB NTPC | 19.04.2016 | Shift-III
Ans: (b) ग्लोबल वार्मिंग का सीधा संबंध पृथ्वी के औसत तापमान में होने वाली क्रमिक वृद्धि से है, जिसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियों से बढ़ती ग्रीनहाउस गैसें हैं। दिए गए कथनों के अनुसार, तापमान बढ़ने से ग्लेशियर पिघलेंगे, जिससे समुद्र का जल स्तर ऊपर उठेगा और तटीय क्षेत्रों में संकट पैदा होगा। निष्कर्ष I गलत है क्योंकि ग्लेशियरों का पिघलना ग्लोबल वार्मिंग का एकमात्र प्रभाव नहीं है; इसके अन्य गंभीर परिणाम जैसे सूखा, असमय वर्षा और जैव विविधता का विनाश भी शामिल हैं। निष्कर्ष II पूरी तरह तार्किक और सही है क्योंकि समुद्र के बढ़ते जल स्तर से तटीय बस्तियों में रहने वाले करोड़ों लोग विस्थापित होंगे और उनकी आजीविका प्रभावित होगी। अतः, उपलब्ध जानकारी के आधार पर केवल निष्कर्ष II ही कथन का तार्किक रूप से समर्थन करता है। यह प्रश्न वैज्ञानिक तथ्यों और तार्किक विश्लेषण के बीच संबंध को दर्शाता है।
2. Tissue
1. हड्डी निम्न में से किस प्रकार के ऊतकों का उदाहरण है?
(A) तंत्रिका ऊतक
(B) संयोजी ऊतक
(C) पेशीय ऊतक
(D) उपकला ऊतक
RRB Group-D | 02/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) हड्डी (Bone) एक ठोस, दृढ़ और मजबूत संयोजी ऊतक (Connective Tissue) है जो शरीर को आकार और सहारा प्रदान करता है। हड्डी का मैट्रिक्स कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिजों से बना होता है जो इसे कठोरता प्रदान करते हैं और इसी कारण यह शरीर का सबसे कठोर ऊतक कहलाता है।
2. हमारे शरीर में वसा-संचायक ऊतक कौन सा है?
(A) एपिथिलियल ऊतक
(B) वस्कुलर ऊतक
(C) एरिओलर ऊतक
(D) एडिपोज ऊतक
RRB NTPC Stage Ist | 04/01/2021 | Shift-II
Ans: (D) एडिपोज ऊतक शरीर में वसा को संचित करने वाला एक विशिष्ट संयोजी ऊतक है जो मुख्य रूप से त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है। इसकी कोशिकाएं वसा की बूंदों से भरी होती हैं जो शरीर के लिए ऊर्जा के भंडार के रूप में कार्य करती हैं और एक इंसुलेटर की तरह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखती हैं। यह ऊतक न केवल अंगों को बाहरी झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है बल्कि शरीर की चयापचय प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
3. ऊतक क्या होता है?
(A) वे कोशिकाएँ जो मूल रूप से समान होती हैं, परन्तु दिखने और कार्य करने में भिन्न होती हैं।
(B) वे कोशिकाएँ जो मूल रूप से भिन्न होती हैं, परन्तु दिखने और कार्य करने में समान होती हैं।
(C) वे कोशिकाएँ जो मूल रूप से, दिखने में और कार्य करने में भिन्न होती हैं।
(D) वे कोशिकाएँ जो मूल रूप से, दिखने में और कार्य करने में समान होती हैं।
RRB ALP & Tec. | 09/08/2018 | Shift-III
Ans: (D) कोशिकाओं का वह समूह जिसकी उत्पत्ति संरचना और कार्य एक समान होते हैं उसे ऊतक कहा जाता है। एक बहुकोशिकीय जीव में ऊतक श्रम विभाजन के सिद्धांत पर कार्य करते हैं जहाँ विशिष्ट कार्यों को करने के लिए कोशिकाओं के विशेष समूह एक साथ संगठित होते हैं। ऊतकों के वैज्ञानिक अध्ययन को हिस्टोलॉजी कहा जाता है और यह जीवों की शारीरिक संरचना की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
4. उन कोशिकाओं के समूह को, जिनकी उत्पत्ति और संरचना समान होती और जो एक विशेष कार्य करने के लिए विशेषज्ञता प्राप्त होते हैं, को क्या कहा जाता है?
(A) मांसपेशी
(B) ऊतक
(C) फ्लोएम
(D) रेशे
RRB Group-D | 27/11/2018 | Shift-I
Ans: (B) समान उत्पत्ति और विशिष्ट संरचना वाली कोशिकाओं का समूह जो मिलकर किसी एक निश्चित कार्य को संपन्न करता है उसे ऊतक कहा जाता है। यह जैविक संगठन का वह स्तर है जो एकल कोशिका और पूर्ण अंग के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करता है। बहुकोशिकीय जीवों में ऊतक ही जटिल कार्यों को कुशलतापूर्वक करने के लिए श्रम विभाजन सुनिश्चित करते हैं।
5. रक्त और हड्डियों ________ के उदाहरण हैं।
(A) संयोजी ऊतक
(B) एपिथीलियल ऊतक
(C) मेरिस्टेमेटिक ऊतक
(D) तंत्रिका ऊतक
RRB Group-D | 03/12/2018 | Shift-II
Ans: (A) रक्त और हड्डियाँ दोनों ही संयोजी ऊतक के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों को सहारा देने और उन्हें आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं। रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है जो पोषक तत्वों और गैसों के परिवहन में मदद करता है जबकि हड्डी एक कठोर संयोजी ऊतक है जो शरीर का ढांचा तैयार करती है। इन दोनों ऊतकों में कोशिकाओं के बीच व्यापक अंतरकोशिकीय मैट्रिक्स पाया जाता है जो इनकी विशिष्ट बनावट और कार्यों के लिए उत्तरदायी होता है।
6. हमारे शरीर की हड्डियों में कौन से ऊतक पाये जाते हैं?
(A) पेरेनकाइमा
(B) स्थायी ऊतक
(C) संयोजी
(D) अधिचर्मिक (एपीडर्मिक)
RRB Group-D | 03/10/2018 | Shift-II
Ans: (C) हड्डियाँ शरीर में पाए जाने वाले विशेष प्रकार के संयोजी ऊतक हैं जो शरीर को मजबूती और संरचनात्मक आधार प्रदान करने का कार्य करती हैं। इस ऊतक का मैट्रिक्स कैल्शियम और फास्फोरस के यौगिकों से बना होता है जिसके कारण यह अत्यंत कठोर और अटूट प्रकृति का होता है। यह अंगों को सहारा देने के साथ-साथ मांसपेशियों के जुड़ने के लिए स्थान प्रदान करता है जिससे शरीर में गति संभव हो पाती है।
7. निम्नलिखित में से कौन सा अंग सबसे बड़ा है?
(A) पेट
(B) गुर्दे
(C) त्वचा
(D) दिमाग
RRB Group-D | 08/10/2018 | Shift-I
Ans: (C) त्वचा मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग है जो पूरे शरीर के बाहरी भाग को ढककर आंतरिक अंगों की सुरक्षा करती है। यह शरीर के कुल वजन का लगभग पंद्रह प्रतिशत हिस्सा होती है और तापमान नियंत्रण के साथ-साथ बाहरी संक्रमण से बचाव का महत्वपूर्ण कार्य करती है। इसमें एपिडर्मिस और डर्मिस जैसी विभिन्न परतें शामिल होती हैं जो संवेदी अंगों के रूप में स्पर्श और दबाव का अनुभव कराती हैं।
8. निम्नलिखित में से क्या एक संयोजी उत्तक नहीं है ?
(A) पेशी ऊतक
(B) संयोजी ऊतक
(C) उपकला ऊतक
(D) तंत्रिका ऊतक
RRB Group-D | 06/12/2018 | Shift-II
Ans: (D) दिए गए विकल्पों में पेशी ऊतक उपकला ऊतक और तंत्रिका ऊतक संयोजी ऊतक की श्रेणी में नहीं आते हैं क्योंकि संयोजी ऊतक का मुख्य कार्य शरीर के अंगों को आपस में जोड़ना और सहारा देना है। रक्त अस्थि और उपास्थि जैसे ऊतक संयोजी ऊतक के उदाहरण हैं जबकि पेशी ऊतक गति के लिए और तंत्रिका ऊतक संदेशों के संचरण के लिए उत्तरदायी होते हैं। जंतु शरीर में चार मुख्य प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं जिनमें संयोजी ऊतक के अलावा उपकला पेशी और तंत्रिका ऊतक अपनी विशिष्ट संरचना और कार्यों के कारण अलग पहचाने जाते हैं।
9. पेशी ऊतक कितने प्रकार के होते हैं?
(A) 2
(B) 4
(C) 3
(D) 5
Ans: (C) पेशी ऊतक मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं जिनमें कंकाल पेशी अरेखित पेशी और हृदय पेशी शामिल हैं। कंकाल पेशियाँ ऐच्छिक होती हैं जो हड्डियों से जुड़ी रहकर शरीर की गति को नियंत्रित करती हैं जबकि अरेखित पेशियाँ अनैच्छिक होती हैं और आंतरिक अंगों की दीवारों में पाई जाती हैं। हृदय पेशी एक विशेष प्रकार की पेशी है जो केवल हृदय की दीवारों में स्थित होती है और जीवनभर बिना थके निरंतर लयबद्ध संकुचन का कार्य करती है।
10. निम्नलिखित में से संयोजी ऊतक नहीं है?
(A) तंत्रिका कोशिका
(B) उपास्थि
(C) अस्थि
(D) रक्त
RRB Group-D | 16/11/2018 | Shift-II
Ans: (A) तंत्रिका कोशिका (Nerve Cell) तंत्रिका तंत्र का हिस्सा है जो संवेदनाओं को मस्तिष्क तक पहुंचाती है यह संयोजी ऊतक नहीं है। अस्थि (Bone) शरीर को ढांचा प्रदान करने वाला सबसे कठोर संयोजी ऊतक है जिसमें कैल्शियम जमा होता है। रक्त (Blood) शरीर में ऑक्सीजन और हार्मोन का परिवहन करने वाला तरल संयोजी ऊतक है।
11. ________ ऊतक के प्रकार ग्रंथिया बनाते हैं।
(A) तंत्रिका
(B) एपिथिलियल
(C) मांसपेशी
(D) संयोजी
RRB Group-D | 28/09/2018 | Shift-I
Ans: (B) एपिथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue) की कुछ कोशिकाएं अंदर की ओर मुड़कर ग्रंथियों (Glands) का निर्माण करती हैं जिन्हें ग्रंथिल उपकला कहते हैं। ये ग्रंथियां पसीना तेल और एंजाइम स्रावित करती हैं। तंत्रिका ऊतक संदेश भेजने का काम करता है। संयोजी ऊतक अंगों को सहारा देते हैं और मांसपेशियां गति कराती हैं।
12. निम्न में लाल संवहनीय संयोजी ऊतक है-
(A) प्लाज्मा
(B) श्वेत रुधिर कणिकाएं
(C) रुधिर
(D) लाल रुधिर कणिकाएं
RRB Group-D | 01/10/2018 | Shift-II
Ans: (C) रुधिर (Blood) एक लाल संवहनीय संयोजी ऊतक है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) होती हैं जो फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के अन्य भागों तक ले जाती हैं। हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण इसका रंग लाल होता है। प्लाज्मा रक्त का तरल भाग है जो हल्के पीले रंग का होता है।
2. Plant Morphology
1. पौधों की जड़ें ऑक्सीजन कहाँ से प्राप्त करती हैं?
(A) मिट्टी में मौजूद जल से
(B) जड़ों को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है
(C) मिट्टी के कणों के बीच मौजूद वायु अवकाशों से
(D) रंध्रों द्वारा ली गई ऑक्सीजन जड़ों तक पहुँचती है
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-II
Ans: (C) पौधों की जड़ें मिट्टी के कणों के बीच स्थित सूक्ष्म वायु अवकाशों (Air spaces) से विसरण द्वारा $O_2$ प्राप्त करती हैं। यदि मिट्टी में पानी भर जाए (Waterlogging), तो ये अवकाश बंद हो जाते हैं और जड़ें श्वसन नहीं कर पातीं। जड़ों में गैसों का विनिमय मुख्य रूप से उनकी सतह पर मौजूद अधिचर्मी कोशिकाओं द्वारा होता है।
2. जड़ों की कोशिकाओं में लंबे रोमों जैसे भाग को क्या कहते हैं?
(A) रूट नेल्स
(B) रूट हेयर
(C) रूट विली
(D) रूट ट्रैकहाइड्स
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) जड़ों की बाह्य त्वचा (Epidermis) से निकलने वाले धागे जैसी संरचनाओं को रूट हेयर (Root Hair) कहा जाता है। ये एककोशिकीय संरचनाएँ होती हैं जो मुख्य रूप से जल और खनिजों के अवशोषण के लिए जिम्मेदार होती हैं। ये जड़ के $Zone of Maturation$ भाग में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. किसी पौधे के वानस्पतिक भाग ..... होते हैं।
(A) जड़, तने और पत्तियाँ
(B) जड़, पत्तियाँ और फूल
(C) जड़, तने और फूल
(D) पत्तियाँ, तने और फूल
RRB Group-D | 28-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) किसी पौधे के वानस्पतिक (Vegetative) भागों में वे अंग शामिल होते हैं जो वृद्धि में सहायक होते हैं लेकिन सीधे प्रजनन में भाग नहीं लेते। इसमें जड़ (Root), तना (Stem) और पत्तियाँ (Leaves) आती हैं। जबकि पुष्प, फल और बीज पौधे के प्रजनन अंग (Reproductive organs) माने जाते हैं।
4. खाना बनाने एवं स्वाद हेतु प्रयोग किया जाने वाला अदरक एक राइजोम (rhizome) है जो है-
(A) भूमिगत तना
(B) भूमिगत जड़
(C) भूमि के ऊपर (एरियल) तना
(D) भूमि के ऊपर (एरियल) की ओर जड़
RRB NTPC Stage Ist | 22.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) अदरक एक रूपांतरित भूमिगत तना है जिसे वैज्ञानिक रूप से राइजोम ($Rhizome$) कहा जाता है। इसमें पर्व (Nodes) और पर्वसंधियाँ (Internodes) स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं, जो इसे जड़ से अलग करती हैं। हल्दी और केला भी राइजोम के अन्य प्रमुख उदाहरण हैं जो भोजन संचय का कार्य करते हैं।
5. हम आलू के पौधे का कौन सा भाग खाते हैं?
(A) जड़
(B) बीज
(C) फूल
(D) तना
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (D) आलू एक रूपांतरित भूमिगत तना है जिसे कंद ($Tuber$) कहा जाता है। आलू के ऊपर पाई जाने वाली आँखें (Eyes) वास्तव में इसकी कक्षस्थ कलिकाएँ (Axillary buds) होती हैं जिनसे नया पौधा विकसित हो सकता है। यह स्टार्च के रूप में भोजन का संचय करता है।
6. पौधे का कौन सा हिस्सा गैसों के आदान-प्रदान में सहयोग करता है?
(A) तना
(B) जड़
(C) कलियाँ
(D) पत्तियाँ
RRB Group-D | 13-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) पौधों में गैसों का आदान-प्रदान मुख्य रूप से पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले छोटे छिद्रों द्वारा होता है जिन्हें रंध्र ($Stomata$) कहते हैं। ये रंध्र प्रकाश संश्लेषण के लिए $CO_2$ लेने और श्वसन के लिए $O_2$ छोड़ने में मदद करते हैं। वाष्पोत्सर्जन की क्रिया भी इन्हीं के माध्यम से पूरी होती है।
7. रंध्र स्थित होते हैं-
(A) लाल रक्त कोशिकाओं में
(B) क्लोरोफिल में
(C) उदर (अमाशय) में
(D) पत्तों में
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08, Green paper
Ans: (D) रंध्र ($Stomata$) पत्तियों की एपिडर्मिस (बाह्य त्वचा) में स्थित सूक्ष्म छिद्र होते हैं। प्रत्येक रंध्र दो अर्धचंद्राकार रक्षक कोशिकाओं ($Guard Cells$) से घिरा होता है जो इनके खुलने और बंद होने को नियंत्रित करती हैं। द्विवीजपत्री पौधों में ये प्रायः निचली सतह पर अधिक पाए जाते हैं।
8. इनमें से कौन सा पुष्प का मादा जनन अंग है?
(A) स्त्रीकेसर
(B) पंखुड़ी
(C) पुंकेसर
(D) बाह्य दल
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) स्त्रीकेसर ($Pistil or Carpel$) पुष्प का मादा जनन अंग है जो पुष्प के केंद्र में स्थित होता है। इसके मुख्य तीन भाग होते हैं: वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका (Style) और अंडाशय (Ovary)। निषेचन के पश्चात अंडाशय फल में और बीजांड बीज में परिवर्तित हो जाते हैं।
9. पुष्प का इनमें से कौन सा भाग निषेचन के बाद फल के रूप में विकसित होता है?
(A) स्त्रीकेसर
(B) बीजांड
(C) पंखुड़ी
(D) अंडाशय
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) निषेचन ($Fertilization$) की क्रिया के उपरांत पुष्प का अंडाशय ($Ovary$) पककर फल के रूप में विकसित हो जाता है। अंडाशय की दीवार फल की दीवार (Pericarp) बनाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान पुष्प के अन्य भाग जैसे पंखुड़ियाँ और पुंकेसर अक्सर सूखकर गिर जाते हैं।
10. एक पुष्प के प्रजनन अंग, ......... होते हैं।
(A) स्त्रीकेसर और बाह्यदल
(B) बाह्यदल और दल
(C) पुंकेसर और दल
(D) पुंकेसर और स्त्रीकेसर
RRB Group-D | 20/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) एक पूर्ण पुष्प में प्रजनन के लिए पुंकेसर ($Stamen$) और स्त्रीकेसर ($Carpel$) अनिवार्य अंग हैं। पुंकेसर नर युग्मक (परागकण) बनाता है और स्त्रीकेसर मादा युग्मक (अण्ड) धारण करता है। बाह्यदल और दलपुंज को सहायक अंग (Accessory organs) माना जाता है।
11. .......... फूल का एक मादा प्रजनन अंग है।
(A) पंखुड़ी
(B) पुंकेसर
(C) बाह्यदल
(D) स्त्रीकेसर
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-I
Ans: (D) स्त्रीकेसर ($Gynoecium$) फूल का मादा हिस्सा है जो अंडप (Carpels) से बना होता है। यह बीजांड उत्पन्न करता है जहाँ निषेचन की प्रक्रिया संपन्न होती है। इसके सबसे ऊपरी चिपचिपे भाग को वर्तिकाग्र कहते हैं जो परागकणों को ग्रहण करने का कार्य करता है।
12. निम्नलिखित में से कौन सा पुष्प का नर जनन अंग है?
(A) वर्तिकाग्र
(B) अंडाशय
(C) पुंकेसर
(D) स्टाइल
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) पुंकेसर ($Stamen$) पुष्प का नर जनन अंग है, जिसे सामूहिक रूप से पुमंग ($Androecium$) कहते हैं। इसके दो मुख्य भाग होते हैं: परागकोश (Anther) और तंतु (Filament)। परागकोश के अंदर ही परागकणों का निर्माण होता है जो नर युग्मक कहलाते हैं।
13. फूल के नर प्रजनन भागों को ....... कहा जाता है।
(A) अंडप
(B) पुंकेसर
(C) बाह्यदलपुंज
(D) बाह्यदल
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) फूल के नर प्रजनन भाग को पुंकेसर ($Stamen$) कहा जाता है। प्रत्येक पुंकेसर में एक डंठल जैसा तंतु और उसके शीर्ष पर परागकोश होता है। परागकोश के भीतर अर्धसूत्री विभाजन ($Meiosis$) द्वारा सूक्ष्म परागकण उत्पन्न होते हैं जो परागण की क्रिया में भाग लेते हैं।
14. पुष्प में स्त्रीकेसर के शीर्ष भाग को क्या कहा जाता है?
(A) बीजांड
(B) पुंकेसर
(C) पराग
(D) वर्तिकाग्र (स्टिग्मा)
RRB JE | 02.06.2019 | Shift-III
Ans: (D) स्त्रीकेसर के सबसे ऊपरी भाग को वर्तिकाग्र ($Stigma$) कहते हैं। यह अक्सर चिपचिपा या रोमयुक्त होता है ताकि परागण के दौरान परागकण इस पर आसानी से चिपक सकें। वर्तिकाग्र ही वह स्थान है जहाँ से पराग नलिका ($Pollen Tube$) की वृद्धि शुरू होती है।
15. पुष्पों का मादा जनन अंग कहलाता है-
(A) पुंकेसर
(B) पेटल
(C) शेपल
(D) कार्पेल
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-III
Ans: (D) पुष्पों का मादा जनन अंग कार्पेल ($Carpel$) या अंडप कहलाता है। कई अंडप मिलकर जायांग (Gynoecium) का निर्माण करते हैं। यह पुष्प का चौथा और सबसे आंतरिक चक्र (Whorl) होता है, जो बीज उत्पादन के लिए जिम्मेदार प्राथमिक इकाई है।
16. पौधों का नर प्रजनन अंग है-
(A) वर्तिका
(B) वर्तिकाग्र
(C) अंडाशय
(D) पुंकेसर
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-I
Ans: (D) पुंकेसर ($Stamen$) पौधों का नर प्रजनन अंग है। यह पुष्प के तीसरे चक्र में स्थित होता है। इसके परागकोश भाग में $n$ (Agnat) गुणसूत्र वाले परागकण बनते हैं। वर्तिका, वर्तिकाग्र और अंडाशय तीनों स्त्रीकेसर (मादा अंग) के हिस्से हैं।
17. टमाटर क्या है?
(A) सब्जी
(B) फल
(C) फली
(D) खाद्य तना
RRB NTPC Stage It | 29.03.2016 | Shift-II
Ans: (B) वनस्पति विज्ञान के अनुसार, टमाटर एक फल ($Fruit$) है क्योंकि यह निषेचित अंडाशय से विकसित होता है और इसमें बीज होते हैं। सामान्यतः जो संरचनाएं बीज धारण करती हैं उन्हें फल कहा जाता है, भले ही रसोई में उनका उपयोग सब्जी की तरह किया जाए।
2. Tissue
1. हमारे शरीर में गति के लिए कौन सा ऊतक उत्तरदायी है?
(A) उपकला ऊतक
(B) संयोजी ऊतक
(C) तंत्रिका ऊतक
(D) पेशीय ऊतक
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (D) पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) में संकुचन और शिथिलन की विशेष क्षमता होती है जो शरीर को गति (Movement) प्रदान करती है। संयोजी ऊतक (Connective Tissue) शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ता है और सहारा देता है। तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) मस्तिष्क से शरीर के अन्य भागों तक संकेतों का आदान-प्रदान करता है। उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) शरीर के अंगों को ढकता है।
2. निम्न में से किस प्राणी ऊतक में चपटी कोशिकाएं होती हैं?
(A) प्लाज्मा कोशिकाएं
(B) घनाभाकार उपकला
(C) शल्की उपकला
(D) मास्ट कोशिकाएं
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) शल्की उपकला (Squamous Epithelium) की कोशिकाएं फर्श पर लगी टाइल्स की तरह चपटी (Flat) और पतली होती हैं। यह रक्त वाहिकाओं और फेफड़ों के वायु कोष्ठकों (Alveoli) में पाई जाती है जहां पदार्थों का विसरण (Diffusion) आसानी से हो सके। घनाभाकार उपकला (Cuboidal) गुर्दे की नलिकाओं में पाई जाती है। स्तंभाकार उपकला (Columnar) आंतों की भीतरी परत में होती है।
3. गर्भाशय, आंख की पुतली और श्वसन नली में किस प्रकार की पेशियां होती हैं?
(A) हृद् पेशियां
(B) कंकाल पेशियां
(C) रेखित पेशियां
(D) अरेखित पेशियां / चिकनी पेशियां
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-I
Ans: (D) गर्भाशय और श्वसन नली में अरेखित या चिकनी पेशियां (Smooth Muscles) पाई जाती हैं जो अनैच्छिक होती हैं। ये पेशियां हमारी इच्छा से नियंत्रित नहीं होती हैं और स्वतः कार्य करती हैं। कंकाल पेशियां (Skeletal Muscles) हड्डियों से जुड़ी होती हैं और ऐच्छिक होती हैं। हृद् पेशियां केवल हृदय में पाई जाती हैं।
4. एक विशेष जंतु ऊतक द्वारा किए जाने वाले कुछ कार्यों का उल्लेख नीचे किया गया है: A. यह अंगों के अंदर के अवकाश को भर देता है B. यह आंतरिक अंगों को सहारा देता है C. यह ऊतकों की मरम्मत में सहायक होता है। इस ऊतक की पहचान कीजिए।
(A) पेशीय ऊतक
(B) उपकला ऊतक
(C) वसा ऊतक
(D) अवकाशी ऊतक
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-II
Ans: (D) एरिओलर संयोजी ऊतक (Areolar Tissue) अंगों के भीतर की खाली जगह (Space) को भरता है और आंतरिक अंगों को सहारा देता है। यह त्वचा और मांसपेशियों के बीच पाया जाता है। यह ऊतकों की मरम्मत (Repair) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और त्वचा को मांसपेशियों से जोड़ता है।
5. इनमें से कौन सा ऊतक त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है?
(A) वसा ऊतक
(B) पेशीय ऊतक
(C) तंत्रिका ऊतक
(D) उपकला ऊतक
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) वसा ऊतक (Adipose Tissue) त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है जहाँ यह चर्बी (Fat) का संग्रह करता है। यह शरीर को ऊष्मीय कुचालक (Insulator) प्रदान करके शरीर की गर्मी बनाए रखने में मदद करता है। यह अंगों के लिए गद्दी (Cushion) की तरह कार्य करता है और बाहरी झटकों से बचाता है।
6. इनमें से कौन सा ऊतक, ऊतक की मरम्मत में मदद करता है?
(A) उपास्थि
(B) कंडरा
(C) एरियोलर
(D) स्नायु
RRB Group-D | 16/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) एरियोलर ऊतक (Areolar Tissue) अंगों के बीच पैकिंग सामग्री (Packing Material) के रूप में कार्य करता है और ऊतकों की मरम्मत में सहायता करता है। कंडरा (Tendon) मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ता है जबकि स्नायु (Ligament) हड्डी को हड्डी से जोड़ता है। उपास्थि (Cartilage) हड्डियों के जोड़ों पर चिकनाई प्रदान करती है।
7. मुँह की परत ............ से बनी होती है।
(A) घनाकार उपकला
(B) स्यूडोस्ट्रेटिफाइड स्तंभाकार उपकला
(C) पपड़ीदार उपकला (Squamous Epithelium)
(D) स्तंभाकार उपकला
RRB Group-D | 12/12/2018 | Shift-I
Ans: (C) मुँह की आंतरिक परत शल्की उपकला (Squamous Epithelium) से बनी होती है जो बहुत पतली और कोमल होती है। यह भोजन के रगड़ने से होने वाली क्षति से मुँह को बचाती है। त्वचा की बाहरी परत भी इसी ऊतक की बनी होती है लेकिन वह मृत और कठोर होती है जिसे केराटिनाइज्ड कहते हैं। घनाकार उपकला गुर्दे की नलियों में होती है।
8. त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के बीच .............. ऊतक बनता है।
(A) तंत्रिका
(B) वसा
(C) मांसल
(D) एपिथीलियल
Ans: (B) वसा ऊतक (Adipose Tissue) त्वचा के नीचे एक परत बनाता है जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और अंगों को सुरक्षा देता है। तंत्रिका ऊतक संवेदनाओं को मस्तिष्क तक ले जाता है। पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) शरीर की गति के लिए जिम्मेदार है। एपिथीलियल ऊतक शरीर का बाहरी आवरण बनाता है।
9. निम्नलिखित में से संयोजी ऊतक नहीं है?
(A) तंत्रिका कोशिका
(B) उपास्थि
(C) अस्थि
(D) रक्त
RRB NTPC Stage Ist | 11/01/2021 | Shift-I
Ans: (A) तंत्रिका कोशिका (Neuron) तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) की इकाई है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का निर्माण करती है यह संयोजी ऊतक नहीं है। रक्त (Blood) एक तरल संयोजी ऊतक है। अस्थि (Bone) और उपास्थि (Cartilage) शरीर को आकार देने वाले संयोजी ऊतक हैं। संयोजी ऊतक का मुख्य कार्य अंगों को जोड़ना है।
10. स्ट्रैटिफाइड स्क्वैमस एपिथीलियम किसमें मौजूद है?
(A) गुर्दा
(B) श्वसन तंत्र
(C) ग्रासनली
(D) त्वचा
RRB Group-D | 26/09/2018 | Shift-III
Ans: (D) स्ट्रैटिफाइड स्क्वैमस एपिथीलियम (Stratified Squamous Epithelium) त्वचा (Skin) में पाया जाता है क्योंकि यहाँ कई परतें होती हैं जो घर्षण और चोट से बचाती हैं। आहार नली (Esophagus) में भी यह ऊतक पाया जाता है। गुर्दे में घनाभाकार उपकला (Cuboidal) और श्वसन तंत्र में पक्ष्माभी उपकला (Ciliated) पाई जाती है।
11. मानव शरीर की त्वचा का सबसे बाह्य परत कहलाती है?
(A) स्क्लेरा
(B) इंडोडर्मिस
(C) एपीडर्मिस
(D) हाइपोडर्मिस
RRB NTPC Stage IInd | 18/01/2017 | Shift-III
Ans: (C) मानव शरीर की त्वचा का सबसे बाह्य परत को एपीडर्मिस (Epidermis) कहा जाता है जो जलरोधक और सुरक्षात्मक होती है। इसके नीचे डर्मिस (Dermis) होती है जहाँ रक्त वाहिकाएं और पसीने की ग्रंथियां होती हैं। हाइपोडर्मिस (Hypodermis) त्वचा की सबसे निचली वसायुक्त परत है जो शरीर को गर्म रखती है।
12. स्क्वैमस एपिथिलियम ऊतक फेफड़ों के एल्वेलाइ और जानवरों के अन्य हिस्सों में पाया जाता है जहां ________ संकुचन और विश्राम होता है?
(A) अस्थाई
(B) नहीं
(C) एक
(D) नियमित
RRB Group-D | 16/11/2018 | Shift-II
Ans: (A) फेफड़ों के एल्वियोली (Alveoli) में शल्की उपकला (Squamous Epithelium) पाई जाती है जहाँ गैसों का आदान-प्रदान होता है। यहाँ की दीवारें बहुत पतली होती हैं ताकि ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड आसानी से आर-पार जा सकें। यह ऊतक रक्त वाहिकाओं के अस्तर में भी होता है जहाँ पदार्थ छनते हैं।
13. किस प्रकार की कोशिका से त्वचा बनी है?
(A) अधिचर्म कोशिका
(B) मृदूतक
(C) स्थानीय ऊतक
(D) संयोजी ऊतक
Ans: (A) त्वचा अधिचर्म कोशिका (Epidermal Cells) से बनी होती है जो बाहरी वातावरण से शरीर की रक्षा करती है और जल की हानि को रोकती है। ये कोशिकाएं एक के ऊपर एक परतों में व्यवस्थित होती हैं। संयोजी ऊतक शरीर के आंतरिक भागों को जोड़ता है। मृदूतक (Parenchyma) पौधों में पाया जाने वाला ऊतक है।
14. जंतु कोशिकाओं में वृक्क को यांत्रिक समर्थन प्रदान करने के लिए, ________ -एपिथीलियम इसकी आंतरिक परत निर्मित करता है।
(A) आयतफलकी (क्यूबॉइडल)
(B) ग्रंथिमय
(C) शल्की
(D) स्तंभाकार
RRB Group-D | 02/11/2018 | Shift-II
Ans: (A) वृक्क नली (Kidney Tubules) के अस्तर में घनाभाकार उपकला (Cuboidal Epithelium) पाई जाती है जो उसे यांत्रिक सहारा (Mechanical Support) प्रदान करती है। यह कोशिकाएं घन के आकार की होती हैं और अवशोषण व स्राव में भी मदद करती हैं। शल्की उपकला फेफड़ों में और स्तंभाकार उपकला आंतों में पाई जाती है।
15. अवकाशोतक (Areolar tissue), _____ के बीच एक पूरक ऊतक (फिलर टिश्यू) का काम करता है।
(A) त्वचा और मांसपेशियां
(B) त्वचा और हड्डियां
(C) रक्त और त्वचा
(D) हड्डियों और मांसपेशियां
RRB Group-D | 15/10/2018 | Shift-I
Ans: (A) अवकाशोतक (Areolar Tissue) त्वचा और मांसपेशियों (Skin and Muscles) के बीच पाया जाता है और उन्हें जोड़ने का काम करता है। यह रक्त वाहिकाओं और नसों के चारों ओर भी पाया जाता है। यह ऊतकों को मरम्मत करने में मदद करता है और अंगों के बीच की खाली जगह भरता है।
16. ...ऊतक ग्रंथियों का निर्माण करते हैं।
(A) मांसपेशी
(B) एपिथीलियल
(C) संयोजी
(D) तंत्रिका
RRB Group-D | 05/10/2018 | Shift-III
Ans: (B) उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) शरीर में ग्रंथियों का निर्माण करते हैं जो हार्मोन और अन्य तरल पदार्थ स्रावित करते हैं। अंतःस्रावी (Endocrine) और बहिःस्रावी (Exocrine) दोनों प्रकार की ग्रंथियां इसी ऊतक से बनती हैं। संयोजी ऊतक शरीर को संरचना प्रदान करते हैं और मांसपेशियां शरीर को गति देती हैं।
17. सामान्यतः, प्राणियों की तुलना में पादपों को कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं- (A) ऊतकों में बड़े अनुपात में मृत कोशिकाओं की उपस्थिति (B) गतिशीलता की अनुपस्थिति (C) पादप अपना भोजन स्वयं संश्लेषण करते हैं।
(A) A और C
(B) A और B
(C) A और D
(D) B और C
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-I
Ans: (B) मृत कोशिकाओं की उपस्थिति और गतिशीलता (locomotion) की अनुपस्थिति के कारण पौधों को कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
2. Atomic Structure & Theory
1. कार्बन की $2s$ और $2p$ ऑर्बिटल ऊर्जा (कक्षीय ऊर्जाओं) के बारे में कौन-सा कथन सही है?
(A) 2p की ऊर्जा 2s से कम है
(B) 2s और 2p की ऊर्जा समान है
(C) 2s की ऊर्जा 2p से कम है
(D) उनकी सापेक्ष ऊर्जा यौगिक पर निर्भर करती है
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं में उपकोशों की ऊर्जा का निर्धारण $(n + l)$ नियम द्वारा होता है। $2s$ के लिए $n+l = 2$ और $2p$ के लिए $n+l = 3$ है। चूँकि $2s$ का मान कम है, इसलिए इसकी ऊर्जा $2p$ से कम होगी ($2s < 2p$)। हाइड्रोजन जैसे एकल इलेक्ट्रॉन सिस्टम में इनकी ऊर्जा समान होती है, लेकिन कार्बन जैसे परमाणुओं में $2s$ नाभिक के अधिक करीब होने के कारण कम ऊर्जा वाला होता है।
2. जब नमक (सोडियम क्लोराइड) आग में गिरता है, तो पीले रंग की ज्वाला किस कारण से उत्पन्न होती है:
(A) नमक के क्रिस्टल का उच्च तापमान पर अपघटन
(B) नमक और जलने वाली सामग्री के बीच रासायनिक क्रिया
(C) उत्तेजित होने पर सोडियम आयनों द्वारा विशिष्ट तरंगदैर्ध्य का उत्सर्जन
(D) क्लोरीन गैस के दहन से रंगीन प्रकाश उत्पन्न होना
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) यह घटना फ्लेम टेस्ट कहलाती है। जब सोडियम आयनों को ज्वाला में गर्म किया जाता है, तो बाहरी इलेक्ट्रॉन ऊर्जा अवशोषित कर उच्च ऊर्जा स्तर पर चले जाते हैं। जब ये इलेक्ट्रॉन वापस अपनी मूल अवस्था में आते हैं, तो वे $589 \text{ nm}$ की विशिष्ट तरंगदैर्ध्य उत्सर्जित करते हैं, जो पीले रंग की होती है। इसीलिए नमक आग में गिरने पर पीली ज्वाला देता है।
2. The dynamics and laws of motion
1. यदि किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी शून्य है, तो वस्तु का विस्थापन कितना होगा?
(A) ऋणात्मक
(B) शून्य
(C) धनात्मक
(D) शून्य हो भी सकता है, नहीं भी
RRB ALP & Tec. | 14-08-2018 | Shift-III
Ans: (B) विस्थापन एक सदish राशि है जो केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी पर निर्भर करती है। यदि तय की गई दूरी शून्य है, तो इसका अर्थ है कि वस्तु अपनी जगह से हिली ही नहीं है। ऐसी स्थिति में प्रारंभिक और अंतिम बिंदु एक ही होने के कारण विस्थापन अनिवार्य रूप से शून्य होगा।
2. एक भीड़-भाड़ वाली सड़क पर एक बस की गति ....... गति का एक उदाहरण है-
(A) असमान
(B) एकसमान
(C) वृत्तीय
(D) रेखीय
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) जब कोई वस्तु समान समय अंतराल में अलग-अलग दूरी तय करती है, तो उसे असमान गति (Non-uniform motion) कहा जाता है। भीड़-भाड़ वाली सड़क पर बस की गति बार-बार बदलती है, कभी तेज तो कभी धीमी, इसलिए यह असमान गति का एक सटीक उदाहरण है। इसमें वेग निरंतर परिवर्तित होता रहता है।
3. तात्कालिक वेग और औसत वेग तब बराबर होते हैं जब वस्तु......
(A) में एकसमान त्वरण हो
(B) एक वृत्त में चल रहा हो
(C) में परिवर्ती त्वरण हो
(D) में शून्य त्वरण हो
RRB Group-D (Shift-II) | 02-11-2018
Ans: (D) तात्कालिक वेग किसी निश्चित समय के क्षण पर वस्तु की गति को दर्शाता है, जबकि औसत वेग कुल विस्थापन और कुल समय का अनुपात होता है। जब किसी वस्तु का त्वरण शून्य होता है, तो उसका वेग पूरी यात्रा के दौरान एकसमान रहता है। इसी स्थिति में हर क्षण का वेग (Instantaneous) और पूरी यात्रा का औसत वेग (Average) बराबर होते हैं।
4. किस कोण से फेंके जाने पर कोई वस्तु सर्वाधिक दूरी तक प्रक्षेपित होती है?
(A) 60°
(B) 75°
(C) 30°
(D) 45°
RRB Group-D (Shift-III) | 16-11-2018
Ans: (D) प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion) में क्षैतिज परास या दूरी का सूत्र R = (u² sin 2θ) / g होता है। यहाँ sin 2θ का अधिकतम मान 1 होता है, जो तब मिलता है जब 2θ = 90° हो, यानी θ = 45°। अतः किसी वस्तु को 45 डिग्री के कोण पर फेंकने पर वह हवा में सबसे लंबी क्षैतिज दूरी तय करती है।
5. किसी प्रक्षेप्य का प्रक्षेपवक्र (या पथ) होता है.....
(A) सरल रेखा
(B) परवलय
(C) वृत्त
(D) अतिपरवलय
RRB Group-D (Shift-III) | 16-11-2018
Ans: (B) जब किसी वस्तु को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में क्षैतिज से किसी कोण पर फेंका जाता है, तो वह एक वक्र पथ का अनुसरण करती है। इस पथ को प्रक्षेपवक्र (Trajectory) कहा जाता है और इसकी आकृति गणितीय रूप से एक परवलय (Parabola) जैसी होती है। इसीलिए इसे परवलयाकार पथ भी कहा जाता है।
6. नकारात्मक त्वरण निम्न में से किसकी दिशा के विपरीत होता है?
(A) वेग
(B) संवेग
(C) बल
(D) दूरी
RRB ALP & Tec. (Shift-I) | 09-08-2018
Ans: (A) नकारात्मक त्वरण (Negative Acceleration) को मंदन (Retardation) कहा जाता है जो सदैव वेग की दिशा के विपरीत कार्य करता है। $a = -\frac{\Delta v}{t}$ यह वस्तु की गति को धीमा करने के लिए जिम्मेदार होता है। जब कोई वाहन ब्रेक लगाता है तो उसमें ऋणात्मक त्वरण उत्पन्न होता है। मुक्त रूप से ऊपर फेंकी गई वस्तु में भी वेग के विपरीत गुरुत्वीय त्वरण कार्य करता है।
7. एक समान तल वाली सीधी सड़क पर नियत त्वरण पर दौड़ने वाली कार के संबंध में इनमें से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) कार का त्वरण शून्य है।
(B) कार का वेग शून्य है
(C) कार का त्वरण निरन्तर बदल रहा है
(D) कार का वेग निरन्तर बदल रहा है
RRB NTPC Stage I (Shift-III) | 19-01-2017
Ans: (D) नियत त्वरण (Constant Acceleration) का अर्थ है कि वस्तु के वेग में परिवर्तन की दर स्थिर बनी हुई है। $v = u + at$ इस स्थिति में कार का वेग निरंतर बदलता रहता है लेकिन बदलाव की मात्रा प्रति सेकंड समान होती है। यदि त्वरण शून्य हो तो वेग नियत रहता है। वेग-समय ग्राफ की ढाल त्वरण को प्रदर्शित करती है।
8. जब कोई वस्तु एकसमान गति से गति कर रही हो तो इसका त्वरण क्या होगा?
(A) ऋणात्मक
(B) धनात्मक
(C) शून्य
(D) परिवर्तनशील
RRB Group-D (Shift-II) | 01-10-2018
Ans: (C) एकसमान गति (Uniform Motion) का अर्थ है कि वस्तु का वेग समय के साथ नहीं बदल रहा है। $v = constant$ चूँकि वेग में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है इसलिए त्वरण का मान शून्य होगा। वृत्तीय गति में चाल समान होने पर भी दिशा बदलने के कारण त्वरण शून्य नहीं होता है। शून्य त्वरण का अर्थ है कि वस्तु पर लगने वाला नेट बल शून्य है।
9. धनात्मक त्वरण का अर्थ ............ है।
(A) वस्तु का वेग कम होता है।
(B) वस्तु का वेग स्थिर होता है।
(C) वस्तु का वेग बढ़ जाता है।
(D) वस्तु का वेग शून्य है।
RRB Group-D (Shift-II) | 04-12-2018
Ans: (C) धनात्मक त्वरण (Positive Acceleration) इंगित करता है कि वस्तु का वेग समय के साथ बढ़ रहा है। $v > u$ जब कोई कार स्थिर अवस्था से चलना शुरू करती है तो उसका त्वरण धनात्मक होता है। यह बल की दिशा में गति को दर्शाता है। गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में नीचे गिरती वस्तु का त्वरण भी धनात्मक (लगभग $9.8 ms^{-2}$) लिया जाता है।
10. बल / द्रव्यमान =
(A) संवेग
(B) त्वरण
(C) विस्थापन
(D) वेग
RRB Group-D (Shift-III) | 06-12-2018
Ans: (B) न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार बल को द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है। $F = m \times a$ अतः बल और द्रव्यमान का अनुपात त्वरण के बराबर होता है। बल का SI मात्रक न्यूटन ($N$) और CGS मात्रक डाइन ($dyne$) है। $1$ न्यूटन $10^{5}$ डाइन के बराबर होता है। संवेग परिवर्तन की दर ही लगाए गए बल के बराबर होती है।
11. त्वरण ऋणात्मक होने पर, किसी पिण्ड का वेग-
(A) बढ़ेगा
(B) शून्य होगा
(C) घटेगा
(D) नियत रहेगा
RRB Group-D (Shift-III) | 19-09-2018
Ans: (C) ऋणात्मक त्वरण को मंदन कहते हैं जिसका अर्थ है कि पिंड का वेग समय के साथ निरंतर घट रहा है। $v < u$ अंततः ऐसी वस्तु विराम अवस्था में आ सकती है। मंदन का मात्रक भी $m/s^{2}$ ही होता है। वेग-समय ग्राफ में नीचे की ओर झुकी हुई रेखा ऋणात्मक त्वरण या मंदन को प्रदर्शित करती है।
12. मुक्त रूप से गिर रही किसी वस्तु की गति उदाहरण हैः
(A) आयताकार गति
(B) असमान त्वरित गति
(C) समान त्वरित गति
(D) वृत्तीय गति
RRB Group-D (Shift-III) | 25-09-2018
Ans: (C) मुक्त रूप से गिरती वस्तु पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है जो एक नियत त्वरण उत्पन्न करता है। $g = 9.8 ms^{-2}$ इसे एकसमान त्वरित गति (Uniformly Accelerated Motion) का उदाहरण माना जाता है। निर्वात में गिरने पर भारी और हल्की वस्तुएँ समान समय में जमीन पर पहुँचती हैं। वायु के प्रतिरोध की अनुपस्थिति में त्वरण वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।
13. निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण वेग-समय संबंध को दर्शाता है?
(A) s = ut + 1/2 at²
(B) 2as = v² - u²
(C) v = u + at
(D) v = u - at
RRB Group-D (Shift-III) | 12-10-2018
Ans: (C) गति का पहला समीकरण वेग, प्रारंभिक वेग, त्वरण और समय के बीच संबंध को स्थापित करता है। $v = u + at$ यह समीकरण नियत त्वरण के लिए मान्य है। गैलीलियो ने सबसे पहले इन समीकरणों का आधार तैयार किया था। गति के तीन मुख्य समीकरण हैं जो शुद्ध गतिकी (Kinematics) के अंतर्गत आते हैं।
14. वेग-समय ग्राफ पर रेखा का ढलान ............ कहलाता है।
(A) दूरी
(B) संवेग
(C) त्वरण
(D) बल
RRB J.E. (Green paper) | 14-12-2014
Ans: (C) वेग-समय ग्राफ (v-t Graph) की प्रवणता या ढलान त्वरण के परिमाण को व्यक्त करती है। $slope = \frac{\Delta v}{\Delta t} = a$ यदि रेखा समय अक्ष के समानांतर है तो त्वरण शून्य होता है। इस ग्राफ के नीचे का कुल क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय किए गए विस्थापन को दर्शाता है। सीधी तिरछी रेखा एकसमान त्वरण को दर्शाती है।
15. मंदता का अर्थ है कि कोई वस्तु ............ से चल रही है।
(A) नियत चाल
(B) घटती हुई चाल
(C) बढ़ती हुई चाल
(D) एकसमान चाल
RRB Group-D (Shift-I) | 07-12-2018
Ans: (B) मंदता (Deceleration) का शाब्दिक अर्थ है गति की दर में कमी आना अर्थात घटती हुई चाल। $Retardation = \frac{u - v}{t}$ यह सदैव गति के विरुद्ध कार्य करने वाले प्रतिरोधी बल के कारण उत्पन्न होती है। घर्षण बल भी अक्सर मंदन का कारण बनता है। किसी वस्तु को स्थिर करने के लिए मंदन का होना अनिवार्य है।
16. गति का पहला समीकरण, किसके बीच संबंध दर्शाता है:
(A) स्थिति और समय
(B) स्थिति और वेग
(C) वेग और समय
(D) वेग और त्वरण
RRB ALP & Tec. (Shift-II) | 10-08-2018
Ans: (C) गति का पहला समीकरण v = u + at है, जहाँ v अंतिम वेग, u प्रारंभिक वेग, a त्वरण और t समय है। यह समीकरण मुख्य रूप से हमें यह बताता है कि समय के साथ वस्तु के वेग में कितना परिवर्तन आ रहा है। इसलिए इसे वेग-समय संबंध (Velocity-Time relationship) के रूप में पहचाना जाता है।
17. निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण न्यूटन की गति के पहले नियम को दर्शाता है?
(A) जब हम पैडल चलाना बंद करते हैं, तो साइकिल धीमी होना शुरू हो जाती है।
(B) तेजी से आती हुई क्रिकेट गेंद को पकड़ते समय, क्षेत्ररक्षक चलती गेंद के साथ धीरे-धीरे अपने हाथ पीछे की ओर ले जाता है।
(C) जब एक बस अचानक शुरू होती है, तब यात्रियों को पीछे की ओर झटका लगता है।
(D) रॉकेट लॉन्च करना
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-III
Ans: (C) न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व (Inertia) के सिद्धांत पर आधारित है जो अवस्था परिवर्तन का विरोध करता है। $F = 0 \implies \Delta v = 0$ जब बस अचानक चलती है तो यात्रियों के शरीर का निचला हिस्सा बस के साथ गति में आ जाता है लेकिन ऊपरी हिस्सा जड़त्व के कारण विराम में रहना चाहता है। इसे विराम का जड़त्व कहते हैं। जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
18. किसी वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर, बल की दिशा में आरोपित असंतुलित बल के समानुपाती होती है। इस नियम को क्या कहा जाता है?
(A) न्यूटन का गति का पहला नियम
(B) न्यूटन का गति का चौथा नियम
(C) न्यूटन का गति का दूसरा नियम
(D) न्यूटन का गति का तीसरा नियम
RRB NTPC | 15.02.2021 | Shift-II
Ans: (C) संवेग में परिवर्तन की दर लगाए गए बाहरी बल के समानुपाती होती है और उसी दिशा में होती है। $F = \frac{\Delta p}{t} = m \times a$ इसे न्यूटन का गति का दूसरा नियम कहा जाता है। संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल होता है। संवेग का SI मात्रक $kg \cdot m/s$ है। क्रिकेट खिलाड़ी गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचकर समय बढ़ाता है जिससे बल का प्रभाव कम हो जाता है।
19. न्यूटन का गति का दूसरा नियम:
(A) दो परस्पर प्रभावी वस्तुओं पर बलों के बीच सम्बन्धों की व्याख्या करता है।
(B) जड़त्व के नियम से भी जाना जाता है।
(C) बल के प्रभावों को समझने में सहायक है।
(D) ऊर्जा संरक्षण के नियम से भी जाना जाता है।
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-III
Ans: (C) न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार बल के परिमाण को मापने का सूत्र प्रदान करता है और बल के प्रभावों को स्पष्ट करता है। $F = m \times a$ यह नियम हमें बताता है कि भारी वस्तु को त्वरित करने के लिए अधिक बल की आवश्यकता क्यों होती है। जड़त्व का नियम पहले नियम को कहा जाता है। संवेग संरक्षण का नियम दूसरे और तीसरे नियम के मेल से बनता है।
20. निम्नलिखित में से न्यूटन का कौन-सा गति नियम, दीवार पर फेंका हुआ गेंद क्यों टकरा कर वापस लौटता है, के संबंध में व्याख्या प्रदान करता है?
(A) पहला गति नियम
(B) दूसरा गति नियम
(C) तीसरा गति नियम
(D) कोई भी नियम नहीं
RRB NTPC | 26.04.2016 | Shift-II
Ans: (C) दीवार पर गेंद टकराकर वापस आना न्यूटन के तृतीय नियम "क्रिया-प्रतिक्रिया" का प्रत्यक्ष उदाहरण है। $Action = Reaction$ जब गेंद दीवार पर बल लगाती है तो दीवार भी उतना ही विपरीत बल गेंद पर लगाती है। यह नियम स्पष्ट करता है कि बल सदैव जोड़ों (Pairs) में उत्पन्न होते हैं। तैरते समय पानी को पीछे धकेलना भी इसी नियम पर आधारित है।
21. एक निकाय के संवेग में परिवर्तन की दर किसके समानुपाती होती है?
(A) लागू विस्थापन
(B) लागू बल
(C) लागू स्थितिज ऊर्जा
(D) लागू दाब
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) संवेग (Momentum) में परिवर्तन की दर सीधे तौर पर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती होती है। $F \propto \frac{mv - mu}{t}$ बल वह कारक है जो किसी वस्तु की विराम या गति की अवस्था को बदल सकता है। दाब बल और क्षेत्रफल का अनुपात होता है। संवेग एक सदिश राशि है जिसकी दिशा वेग की दिशा में होती है।
22. निम्नलिखित में से कौन सा उदाहरण न्यूटन के गति विषयक तृतीय नियम की व्याख्या करता है?
(A) रॉकेट लॉन्च करना
(B) बस के अचानक चलने पर, यात्रियों को पीछे की ओर झटका लगता है।
(C) जब हम पैडल चलाना बंद करते हैं, तो साइकिल धीमी होना शुरू हो जाती है।
(D) तेजी से आती हुई क्रिकेट गेंद को पकड़ते समय, क्षेत्र रक्षक चलती गेंद के साथ धीरे-धीरे अपने हाथ पीछे की ओर ले जाता है।
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-III
Ans: (A) न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार, प्रत्येक क्रिया की एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। रॉकेट लॉन्चिंग में, रॉकेट के नीचे से अत्यधिक वेग से गैसें निकलती हैं (क्रिया), जो रॉकेट को ऊपर की दिशा में समान बल से धकेलती हैं (प्रतिक्रिया)। यह संवेग संरक्षण के सिद्धांत को भी पुष्ट करता है।
23. जब बंदूक से गोली छोड़ी जाती है, तो बंदूक विपरीत दिशा में धक्का लगाती है। यह न्यूटन के किस नियम का उदाहरण है?
(A) गति का प्रथम नियम
(B) गति का द्वितीय नियम
(C) गति का तृतीय नियम
(D) गुरुत्वाकर्षण का नियम
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-1
Ans: (C) जब बंदूक से गोली चलाई जाती है, तो बंदूक गोली पर आगे की तरफ बल लगाती है। न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) के अनुसार, गोली भी बंदूक पर पीछे की तरफ उतना ही बल लगाती है। इसी कारण बंदूक चलाने वाले व्यक्ति के कंधे पर पीछे की ओर झटका महसूस होता है, जिसे प्रतिक्षेप (Recoil) कहते हैं।
24. स्थिर या गतिज अवस्था में परिवर्तन का प्रतिरोध करने की एक वस्तु की प्रवृत्ति को कहा जाता है:
(A) संवेग
(B) बल
(C) वेग
(D) जड़त्व
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-II
Ans: (D) जड़त्व (Inertia) किसी वस्तु का वह प्राकृतिक गुण है जिसके कारण वह अपनी विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में किसी भी परिवर्तन का विरोध करती है। वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, उसका जड़त्व भी उतना ही अधिक होगा। इसे न्यूटन के गति के प्रथम नियम के आधार पर परिभाषित किया गया है।
25. रॉकेट, ........... संरक्षण के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
(A) संवेग
(B) द्रव्यमान
(C) ऊर्जा
(D) वेग
RRB NTPC Stage Ist | 31.01.2021 | Shift-I
Ans: (A) रॉकेट का कार्य करना रेखीय संवेग संरक्षण (Conservation of Linear Momentum) के सिद्धांत पर आधारित है। रॉकेट से निकलने वाली गैसों का कुल संवेग, रॉकेट द्वारा प्राप्त किए गए ऊपर की ओर के संवेग के बराबर होता है। बाह्य बल की अनुपस्थिति में तंत्र का कुल संवेग हमेशा स्थिर बना रहता है।
2. Tissue
1. पेशीय कोशिकाएँ गति करने में किस प्रकार सहायता करती हैं?
(A) रक्त प्रवाह
(B) वाहिकाओं की लाइनिंग
(C) परत की मोटाई
(D) संकुचन और विश्राम (Contraction and Relaxation)
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (D) पेशीय कोशिकाएं संकुचन और विश्राम (Contraction and Relaxation) के माध्यम से शरीर को गति प्रदान करती हैं और अंगों की स्थिति बदलती हैं। इनमें विशेष प्रोटीन (Actin and Myosin) होते हैं जो मांसपेशियों की लंबाई को बदलते हैं। यह प्रक्रिया ऊर्जा (ATP) का उपयोग करती है और तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होती है।
2. ऊर्जा की कमी होने पर शरीर किस ऊतक का उपयोग करता है?
(A) वसामय ऊतक (Adipose tissue)
(B) उपकला ऊतक
(C) स्थूलकोण ऊतक
(D) तंत्रिका ऊतक
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) ऊर्जा की कमी होने पर शरीर वसामय ऊतक (Adipose Tissue) में संग्रहित वसा का उपयोग ईंधन के रूप में करता है। यह ऊतक त्वचा के नीचे पाया जाता है और उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जा देता है। इसे शरीर का ऊर्जा बैंक भी कहा जा सकता है जो आपातकालीन स्थिति में काम आता है।
3. निम्नलिखित में से किसकी खोज जी. एन. रामचंद्रन ने की थी?
(A) गॉल्जीकाय
(B) कोशिका का तरल मोज़ेक मॉडल
(C) जीवद्रव्यझिल्ली
(D) कोलेजन की तिहरी कुंडलित संरचना
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-I
Ans: (D) जी. एन. रामचंद्रन ने कोलेजन की तिहरी कुंडलित संरचना (Triple Helical Structure of Collagen) की खोज की थी जो प्रोटीन संरचना विज्ञान में महत्वपूर्ण है। कोलेजन एक रेशेदार प्रोटीन है जो संयोजी ऊतकों को मजबूती देता है। कोशिका का तरल मोज़ेक मॉडल सिंगर और निकोलसन ने दिया था। गॉल्जीकाय की खोज कैमिलो गॉल्जी ने की थी।
2. Atomic Structure & Theory
1. कार्बन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में शामिल कोशों की कुल संख्या कितनी है?
(A) चार
(B) दो
(C) एक
(D) तीन
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-I
Ans: (B) कार्बन की परमाणु संख्या $Z = 6$ है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $1s^2, 2s^2, 2p^2$ होता है। इसमें इलेक्ट्रॉन पहले कोश (K) और दूसरे कोश (L) में भरे जाते हैं। अतः कार्बन में कुल कोशों की संख्या 2 है, जहाँ L कोश इसका सबसे बाहरी कोश है।
2. निम्नलिखित तत्त्वों में से किसमें कुल 3 कोश और बाहरी कक्षा में 8 इलेक्ट्रान हैं?
(A) S
(B) Al
(C) P
(D) Ar
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-III
Ans: (D) प्रश्न के अनुसार तत्व में 3 कोश हैं और बाहरी कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन हैं। इसका विन्यास $2, 8, 8$ होगा, जिससे कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या 18 हो जाती है। परमाणु संख्या 18 वाला तत्व आर्गन $(Ar)$ है, जो एक अक्रिय गैस है।
3. एक तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है, तो इसकी संयोजकता क्या होगी?
(A) 2
(B) 1
(C) 7
(D) 8
RRB NTPC (Stage-2) | 17/06/2022 | Shift-III
Ans: (B) क्लोरीन का विन्यास $2, 8, 7$ है। नियम के अनुसार, यदि बाहरी इलेक्ट्रॉन 5 से 8 के बीच हों, तो संयोजकता $8 - n$ होती है। यहाँ बाहरी इलेक्ट्रॉन 7 हैं, इसलिए संयोजकता $8 - 7 = 1$ होगी। इसका अर्थ है कि इसे स्थिर होने के लिए 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता है।
4. एक तत्व का परमाणु भार W और परमाणु संख्या N है। इस परमाणु के केंद्र में प्रोटॉन की संख्या कितनी होगी?
(A) N
(B) W
(C) W-N
(D) W+N
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-I
Ans: (A) किसी भी परमाणु के नाभिक में मौजूद प्रोटॉनों की संख्या उसकी परमाणु संख्या $(N)$ के बराबर होती है। परमाणु भार $(W)$ प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का योग होता है। चूँकि प्रश्न में परमाणु संख्या $N$ दी गई है, इसलिए प्रोटॉन की संख्या भी $N$ ही होगी।
5. कार्बन परमाणु के बारे में C-12 से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
(A) इसमें 12 न्यूट्रॉन और 6 इलेक्ट्रॉन हैं
(B) इसमें 12 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन हैं
(C) इसमें 6 प्रोटॉन और 12 न्यूट्रॉन हैं
(D) इसमें 6 न्यूट्रॉन और 6 प्रोटॉन हैं
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-III
Ans: (D) कार्बन-12 $({}_{6}C^{12})$ में परमाणु क्रमांक 6 है, जो प्रोटॉनों की संख्या को दर्शाता है। द्रव्यमान संख्या 12 है। न्यूट्रॉन की संख्या निकालने के लिए द्रव्यमान में से प्रोटॉन घटाते हैं $(12 - 6 = 6)$। अतः इसमें 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं।
6. ${}_{9}F^{19}$ में न्यूट्रॉनों, प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखें।
(A) 10 प्रोटॉन, 10 इलेक्ट्रॉन, 9 न्यूट्रॉन
(B) 9 प्रोटॉन, 9 इलेक्ट्रॉन, 9 न्यूट्रॉन
(C) 9 प्रोटॉन, 9 इलेक्ट्रॉन, 10 न्यूट्रॉन
(D) 10 प्रोटॉन, 10 इलेक्ट्रॉन, 10 न्यूट्रॉन
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) फ्लोरीन $({}_{9}F^{19})$ में परमाणु क्रमांक 9 है, इसलिए प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन की संख्या 9 होगी। न्यूट्रॉन की संख्या द्रव्यमान संख्या और परमाणु क्रमांक का अंतर होती है $(19 - 9 = 10)$। सही संयोजन 9 प्रोटॉन, 9 इलेक्ट्रॉन और 10 न्यूट्रॉन है।
2. Plant Morphology
1. जड़ों की जल-अवशोषित करने वाली अधिचर्मी कोशिकाओं में प्रायः लंबे रोमों जैसी संरचनाएं (hair-like parts) क्यों पाई जाती हैं?
(A) अवशोषण के लिए उपलब्ध सतह क्षेत्र में वृद्धि करने के लिए
(B) प्रकाश संश्लेषण के लिए उपलब्ध सतह क्षेत्र में कमी करने के लिए
(C) वाष्पोत्सर्जन के लिए उपलब्ध सतह क्षेत्र में वृद्धि करने के लिए
(D) गमन (locomotion) के लिए
RRB Group-D | 26/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) जड़ों में पाए जाने वाले रूट हेयर मिट्टी के साथ संपर्क के सतह क्षेत्र ($Surface Area$) को बहुत बढ़ा देते हैं। इससे परासरण ($Osmosis$) की प्रक्रिया तेज हो जाती है और पौधा कम समय में अधिक जल एवं $K^+, NO_3^-$ जैसे खनिजों को अवशोषित कर पाता है।
2. ........ के अलावा निम्न सभी पादपों/पौधों में झकड़ा जड़ें (fibrous roots) होती हैं।
(A) चावल
(B) गेहूं
(C) चुकंदर
(D) मक्का
RRB NTPC (Stage-2) | 17/06/2022 | Shift-II
Ans: (C) झकड़ा जड़ें ($Fibrous Roots$) मुख्य रूप से एकबीजपत्री पौधों में पाई जाती हैं जैसे गेहूँ, मक्का और चावल। चुकंदर ($Beetroot$) एक अपवाद है क्योंकि इसमें मूसला जड़ (Tap Root) का रूपांतरण होता है जो भोजन संचय के कारण फूलकर मांसल हो जाती है।
3. अंकुरण के समय बीज का कौन-सा भाग जड़ का निर्माण करता है?
(A) बीजपत्र
(B) मूलांकुर
(C) प्रांकुर
(D) दलपुंज
RRB NTPC Stage Ist | 08.03.2021 | Shift-II
Ans: (B) बीज के अंकुरण के दौरान भ्रूण का वह भाग जो नीचे की ओर बढ़ता है और जड़ तंत्र बनाता है, मूलांकुर ($Radicle$) कहलाता है। यह गुरुत्वानुवर्तन ($Geotropism$) प्रदर्शित करता है। इसके विपरीत, प्रांकुर (Plumule) से तने का विकास होता है।
4. ..... के पौधे की पत्तियों में मेथेनोइक अम्ल होता हैं।
(A) इमली
(B) संतरे
(C) टमाटर
(D) बिच्छू बूटी
RRB Group-D | 23/08/2022 | Shift-II
Ans: (D) बिच्छू बूटी ($Nettle leaf$) के पत्तों के रोमों में मेथेनोइक अम्ल (फार्मिक अम्ल) पाया जाता है जिसका सूत्र $HCOOH$ होता है। इन पत्तों को छूने पर यह अम्ल त्वचा में प्रवेश कर जाता है, जिससे जलन और दर्द महसूस होता है। यह पौधे की रक्षा प्रणाली का हिस्सा है।
5. निम्नलिखित में से गलत कथन चुनें। पत्तियों में कोशिकाओं की ऊपरी और निचली परत .........
(A) आंतरिक भागों की रक्षा करती है
(B) पानी की मात्रा को नियंत्रित करती है
(C) भोजन का संश्लेषण करती है
(D) गैसों का आदान-प्रदान करती है
RRB Group-D | 26-11-2018 | Shift-III
Ans: (C) पत्तियों की ऊपरी और निचली परत (Epidermis) का प्राथमिक कार्य आंतरिक ऊतकों की सुरक्षा और वाष्पोत्सर्जन को नियंत्रित करना है। भोजन का संश्लेषण ($Photosynthesis$) मुख्य रूप से मध्योतक ($Mesophyll$) कोशिकाओं में होता है जहाँ क्लोरोप्लास्ट प्रचुर मात्रा में होते हैं।
6. इनमें से कौन सा पुष्प के नर जनन अंग का घटक नहीं है?
(A) परागकोश
(B) वर्तिका
(C) तंतु
(D) पराग
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) पुष्प के नर अंग (पुंकेसर) में परागकोश, तंतु और परागकण शामिल होते हैं। वर्तिका ($Style$) स्त्रीकेसर का भाग है जो वर्तिकाग्र और अंडाशय को जोड़ने वाली एक नली जैसी संरचना होती है। अतः वर्तिका नर जनन अंग का घटक नहीं है।
7. फूल के किन जनन भागों में जनन कोशिकाएँ होती है।
(A) दल और वर्तिका
(B) परागकोश और बाह्यदल
(C) परागकोश और पुंकेसर
(D) पुंकेसर और स्त्रीकेसर
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-I
Ans: (D) पुष्प के प्रजनन अंगों (पुंकेसर और स्त्रीकेसर) में ही जनन कोशिकाएँ या युग्मक ($Gametes$) बनते हैं। पुंकेसर के परागकोश में नर युग्मक और स्त्रीकेसर के बीजांड में मादा युग्मक (अण्ड कोशिका) बनती है। निषेचन के लिए इन दोनों भागों का होना आवश्यक है।
8. फूलों के अंडाशय के अंदर छोटे मनके जैसे संरचना को क्या कहा जाता है?
(A) पुष्प-केसर
(B) बाह्यदल
(C) बीजांड
(D) पंखुड़ियाँ
RRB NTPC Stage Ist | 05.01.2021 | Shift-I
Ans: (C) अंडाशय के अंदर छोटी, गोल और मनके जैसी संरचनाओं को बीजांड ($Ovules$) कहा जाता है। निषेचन के बाद यही बीजांड बीज में बदल जाते हैं। बीजांड के भीतर भ्रूणकोष (Embryo sac) होता है जहाँ मादा युग्मक स्थित होता है।
9. ये पुंकेसर के भाग हैं।
(A) परागकोश और अंडाशय
(B) परागकोश और पुतन्तु
(C) परागकोश और वर्तिकाग्र
(D) परागकोश और वर्तिका
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-II
Ans: (B) पुंकेसर ($Stamen$) के दो प्रमुख भाग होते हैं: परागकोश (Anther) जो परागकण बनाता है और पुतन्तु (Filament) जो परागकोश को आधार प्रदान करता है। परागकोश आमतौर पर द्वि-पालित ($Bilobed$) संरचना होती है जिसमें चार पराग पुटियाँ (Pollen sacs) होती हैं।
10. एक एकलिंगी पुष्प होता है-
(A) पपीता
(B) सरसों
(C) गुड़हल
(D) सूरजमुखी
RRB Group-D | 29-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) वे पुष्प जिनमें केवल नर (पुंकेसर) या केवल मादा (स्त्रीकेसर) अंग होते हैं, एकलिंगी ($Unisexual$) कहलाते हैं। पपीता और तरबूज इसके प्रसिद्ध उदाहरण हैं। इनमें स्व-परागण की संभावना कम होती है और ये मुख्य रूप से पर-परागण पर निर्भर करते हैं।
11. ....... को उभयलिंगी फूल के रूप में जाना जाता है-
(A) पपीता
(B) तरबूज
(C) खीरा
(D) सरसों
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) उभयलिंगी ($Bisexual or Hermaphrodite$) फूलों में नर और मादा दोनों जनन अंग एक ही पुष्प में मौजूद होते हैं। सरसों, गुड़हल और मटर इसके उदाहरण हैं। सरसों के फूल में $4+2$ के विन्यास में पुंकेसर और एक स्पष्ट स्त्रीकेसर पाया जाता है।
12. ........ एक उभयलिंगी पुष्प होता है।
(A) पपीता
(B) नारियल
(C) सरसों
(D) तरबूज
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) सरसों एक द्विलिंगी या उभयलिंगी पुष्प है। इसका पुष्प सूत्र (Floral Formula) यह दर्शाता है कि इसमें पुमंग और जायांग दोनों उपस्थित हैं। पपीता, नारियल और तरबूज अक्सर एकलिंगी पुष्प धारण करते हैं, जिनमें नर और मादा फूल अलग-अलग हो सकते हैं।
13. पराग कण किसमें पाए जाते हैं-
(A) परागकोश और अंडाशय
(B) परागकोश और पुतन्तु
(C) परागकोष
(D) परागकोश और वर्तिका
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-I
Ans: (C) परागकण ($Pollen Grains$) पुष्प के परागकोश (Anther) के भीतर सूक्ष्मबीजाणुधानी में उत्पन्न होते हैं। ये पीले रंग के पाउडर जैसे कण होते हैं जो नर युग्मक को मादा अंग तक ले जाने का कार्य करते हैं। इनकी बाहरी दीवार को $Exine$ कहा जाता है जो बहुत प्रतिरोधी होती है।
14. इनमें से कौन सा उभयलिंगी फूल है?
(A) सरसों
(B) पपीता
(C) तरबूज
(D) खीरा
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-II
Ans: (A) सरसों का फूल एक पूर्ण और उभयलिंगी फूल है। इसमें चार बाह्यदल, चार दल (Crusiform), छह पुंकेसर और एक द्वियुग्मजी अंडाशय होता है। पपीता, तरबूज और खीरा कुकुरबिटेसी ($Cucurbitaceae$) परिवार के सदस्य हैं जो आमतौर पर एकलिंगी फूल पैदा करते हैं।
15. निम्नलिखित में से कौन पुष्प के मध्य में स्थित होता है?
(A) पेटल
(B) शेपल
(C) कार्पेल
(D) पुमंग
RRB ALP & Tec. | 31-08-18 | Shift-I
Ans: (C) कार्पेल या स्त्रीकेसर पुष्प के सबसे भीतरी और मध्य भाग में स्थित होता है। यह पुष्प का चौथा चक्र ($Whorl$) बनाता है। इसके केंद्र में स्थित होने के कारण यह सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं पर बीजों का निर्माण और विकास होता है।
16. एक फूल के प्रजनन का भाग कौन सा है:
(A) पुंकेसर और कार्पेल्स
(B) कैलिक्स और कार्पेल्स
(C) कैलिक्स और कोरोला
(D) कोरोला और पुंकेसर
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-I
Ans: (A) पुष्प के प्रजनन अंगों को सामूहिक रूप से पुंकेसर (Stamens) और कार्पेल्स (Carpels) कहा जाता है। पुंकेसर परागकण उत्पन्न करते हैं जबकि कार्पेल्स अंडाशय के भीतर बीजांड धारण करते हैं। इन दोनों के मिलन (निषेचन) से ही नई पीढ़ी का जन्म संभव होता है।
17. प्रजनन के लिए फूलों में आवश्यक अंग कौन सा है?
(A) बाह्यदल और पुंकेसर
(B) पुंकेसर और स्त्रीकेसर
(C) बाह्यदल और पंखुड़ियाँ
(D) पंखुड़ियाँ और स्त्रीकेसर
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-I
Ans: (B) प्रजनन के लिए पुष्प में पुंकेसर (नर) और स्त्रीकेसर (मादा) आवश्यक अंग हैं। बाह्यदल और पंखुड़ियाँ केवल सहायक अंग हैं जो परागण करने वाले कीटों को आकर्षित करते हैं या आंतरिक भागों की रक्षा करते हैं। प्रजनन की वास्तविक क्रिया केवल आवश्यक अंगों में होती है।
18. निम्नलिखित में से कौन सा भाग वानस्पतिक जनन में हिस्सा नहीं लेता है?
(A) पत्ते
(B) जड़
(C) तना
(D) फूल
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-III
Ans: (D) वानस्पतिक जनन ($Vegetative Propagation$) में पौधे के शरीर के अंगों जैसे जड़, तना या पत्तियों से नया पौधा बनता है। फूल पौधे का लैंगिक प्रजनन अंग है, इसलिए यह वानस्पतिक जनन का हिस्सा नहीं माना जाता। फूल का मुख्य कार्य बीज और फल का निर्माण करना है।
19. इनमें से किसे सामान्यतः फल के रूप में प्रयोग नहीं किया जाता ?
(A) स्ट्रॉबेरी
(B) अंगूर
(C) नाशपाती
(D) टमाटर
RRB NTPC Stage It | 19.04.2016 | Shift-I
Ans: (D) टमाटर को वैज्ञानिक रूप से $Lycopersicon esculentum$ कहा जाता है। वनस्पति विज्ञान में यह एक बेरी (Berry) फल है, लेकिन भोजन पकाने की संस्कृति में इसे सब्जी माना जाता है। अन्य विकल्पों जैसे अंगूर और नाशपाती को स्पष्ट रूप से फलों के रूप में ही उपयोग किया जाता है।
20. निम्नलिखित में से कौन-सा एक फलीदार पौधा है?
(A) टमाटर
(B) गोभी
(C) आलू
(D) मटर
RRB JE | 25.05.2019 | Shift-1
Ans: (D) मटर ($Pisum sativum$) एक फलीदार या लेग्युमिनस पौधा है। इसकी जड़ों में $Rhizobium$ नामक बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो वायुमंडलीय $N_2$ का स्थिरीकरण करते हैं। इसकी पहचान फलियों (Pods) के रूप में लगने वाले बीजों से होती है।
2. Tissue
1. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प ठोस पदार्थों के गुण को नहीं दर्शाता है?
(A) वसामय संयोजी ऊतक
(B) उपास्थि
(C) एरिओलर संयोजी ऊतक
(D) रक्त
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) रक्त (Blood) एक तरल संयोजी ऊतक है जो पोषक तत्वों और ऑक्सीजन का परिवहन करता है। यह ठोस नहीं होता बल्कि द्रव अवस्था में रहता है और इसमें फाइबर नहीं होते। उपास्थि (Cartilage) और अस्थि (Bone) ठोस या अर्ध-ठोस संयोजी ऊतक हैं जो शरीर को ढांचा प्रदान करते हैं। वसामय ऊतक (Adipose Tissue) वसा का संग्रहण करता है और शरीर को गर्म रखता है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सी रेखित पेशियों की विशेषताएं हैं?
(A) तर्काकार, अ-शाखित और एककेंद्रीय
(B) तर्काकार, अ-शाखित और बहुकेंद्रकीय
(C) बेलनाकार, अ-शाखित और बहुकेंद्रकीय
(D) बेलनाकार, शाखित और बहुकेंद्रकीय
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (C) रेखित पेशियाँ (Striated Muscles) लंबी और बेलनाकार (Cylindrical) होती हैं जो अशाखित (Unbranched) होती हैं। इन पेशियों में बहुत सारे केंद्रक होते हैं इसलिए ये बहुकेंद्रकीय (Multinucleated) कहलाती हैं। ये पेशियाँ हमारी इच्छा के अनुसार काम करती हैं इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ भी कहते हैं। हृदय पेशियाँ (Cardiac Muscles) बेलनाकार लेकिन शाखित (Branched) होती हैं।
3. निम्नलिखित विशेषताओं में से कौन-सी एपिथीलियमी ऊतक की एक विशेषता नहीं है?
(A) इसमें कोई अंतराकोशिक स्थान नहीं होता
(B) इसमें बाह्य-रेशेदार आधार झिल्ली द्वारा उसे निचे रहने वाले ऊतकों से अलग किया जाता है।
(C) यह एक दूसरे से सटे होते है
(D) यह शरीर के अधिकांश अंगों और गुहाओं को ढकते है
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A) एपिथीलियमी ऊतक (Epithelial Tissue) अंगों के लिए रक्षात्मक आवरण बनाता है और इसमें कोशिकाओं के बीच रिक्त स्थान (Intercellular space) बहुत कम या न के बराबर होता है। यह ऊतक एक आधार झिल्ली (Basement Membrane) पर स्थित होता है जो इसे नीचे के ऊतकों से अलग करती है। यह जल और पोषक तत्वों के अवशोषण और अपशिष्ट पदार्थों के उत्सर्जन में मदद करता है। यह एक-दूसरे से बहुत मजबूती से सटे होते हैं।
4. निम्न में से कौन सा मानव शरीर के संचलन (Movement) के लिए मुख्यतः उत्तरदायी है?
(A) तंत्रिका और संयोजी उत्तकों का संयोजन
(B) तंत्रिका और पेशीय उत्तकों का संयोजन
(C) तंत्रिका और उपकला उत्तकों का संयोजन
(D) पेशीय और संयोजी उत्तकों का संयोजन
RRB Group-D | 26/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) मानव शरीर का संचलन (Movement) मुख्य रूप से पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) और संयोजी ऊतक (Connective Tissue) जैसे हड्डियों के संयोजन से होता है। पेशियाँ हड्डियों से कंडरा (Tendon) के माध्यम से जुड़ी होती हैं। जब पेशियाँ सिकुड़ती हैं तो वे हड्डियों को खींचती हैं जिससे गति संभव होती है। तंत्रिका ऊतक केवल गति के लिए संकेत भेजता है।
5. ....ऊतक में मैट्रिक्स होते हैं और कोशिकाएँ मैट्रिक्स में सन्निहित होती हैं।
(A) संयोजी
(B) तंत्रिका
(C) पेशी
(D) उपकला
Ans: (A) संयोजी ऊतक (Connective Tissue) में कोशिकाएं आपस में ढीली जुड़ी होती हैं और एक अंतरकोशिकीय मैट्रिक्स (Matrix) में धंसी होती हैं। यह मैट्रिक्स जेली जैसा तरल या ठोस हो सकता है जैसे रक्त में प्लाज्मा और हड्डी में कैल्शियम। तंत्रिका ऊतक में मैट्रिक्स नहीं होता बल्कि तंत्रिका कोशिकाएं (Neurons) होती हैं। पेशी ऊतक में संकुचनशील रेशे होते हैं।
6. हिस्टामिन-स्रावक कोशिकाएँ _____ में पायी जाती है।
(A) संयोजी ऊतकों
(B) फेफड़ो
(C) तंत्रिका ऊतकों
(D) पेशी ऊतकों
RRB Group-D | 16/11/2018 | Shift-II
Ans: (A) हिस्टामिन (Histamine) स्रावित करने वाली मास्ट कोशिकाएं (Mast Cells) संयोजी ऊतकों (Connective Tissues) में विशेष रूप से एरिओलर ऊतक में पाई जाती हैं। हिस्टामिन एलर्जी और सूजन (Inflammation) की प्रतिक्रिया में रक्त वाहिकाओं को फैलाने का काम करता है। हेपरिन और सेरोटोनिन भी इन्ही कोशिकाओं द्वारा स्रावित होते हैं।
2. The dynamics and laws of motion
1. यदि 5 सेकंड में किसी कार का वेग 5 मीटर प्रति सेकंड से बढ़कर 10 मीटर प्रति सेकण्ड हो जाये तो उसका त्वरण कितना है?
(A) 5 मीटर प्रति वर्ग सेकण्ड
(B) 10 मीटर प्रति वर्ग सेकण्ड
(C) 0.1 मीटर प्रति वर्ग सेकण्ड
(D) 1 मीटर प्रति वर्ग सेकण्ड
RRB ALP & Tec. (Shift-III) | 17-08-2018
Ans: (D) त्वरण (Acceleration) वेग में परिवर्तन की दर को दर्शाता है जिसका सूत्र निम्नानुसार है। $a = \frac{v - u}{t}$ यहाँ प्रारंभिक वेग $u = 5 m/s$, अंतिम वेग $v = 10 m/s$ और समय $t = 5 s$ है। गणना करने पर त्वरण $1 m/s^{2}$ प्राप्त होता है। त्वरण एक सदिश राशि है और इसका SI मात्रक $m/s^{2}$ होता है। यदि कोई वस्तु स्थिर वेग से चलती है तो उसका त्वरण सदैव शून्य होता है।
2. m1 किलोग्राम द्रव्यमान वाले एक लकड़ी के तख्ते पर 5 न्यूटन का बल लगाने पर यह 10 ms⁻² के त्वरण से आगे बढ़ता है। m2 किलोग्राम द्रव्यमान वाला एक अन्य तख्ता समान बल लागू होने पर 20 ms⁻² के त्वरण से आगे बढ़ता है। यदि दोनों तख्तों को एक दूसरे के साथ बाँध दिया जाए और उन पर समान बल लगाया जाए, तो त्वरण कितना होगा?
(A) 6.67 ms⁻²
(B) 1.67 ms⁻²
(C) 5.67 ms⁻²
(D) 4.67 ms⁻²
RRB ALP & Tec. (Shift-I) | 30-08-2018
Ans: (A) न्यूटन के द्वितीय नियम के अनुसार बल द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है। $F = m \times a$ पहले तख्ते का द्रव्यमान $m_{1} = 5/10 = 0.5 kg$ और दूसरे का $m_{2} = 5/20 = 0.25 kg$ है। दोनों को साथ बाँधने पर कुल द्रव्यमान $0.75 kg$ होगा जिससे त्वरण $5 / 0.75 = 6.67 ms^{-2}$ प्राप्त होता है। द्रव्यमान जड़त्व की माप है जिसका मान स्थान बदलने पर भी अपरिवर्तित रहता है।
3. जब 21 N के एक बल को 3 किलोग्राम द्रव्यमान वाली वस्तु पर लगाया जाता है तो उत्पन्न त्वरण कितना होगा?
(A) 0.007 ms⁻²
(B) 0.7 ms⁻²
(C) 7 ms⁻²
(D) 70 ms⁻²
RRB ALP & Tec. (Shift-I) | 21-08-2018
Ans: (C) किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसके द्रव्यमान और उसमें उत्पन्न त्वरण के समानुपाती होता है। $a = \frac{F}{m}$ यहाँ $F = 21 N$ और $m = 3 kg$ है जिससे त्वरण $7 ms^{-2}$ प्राप्त होता है। बल की दिशा वही होती है जो त्वरण की दिशा होती है। $1$ न्यूटन वह बल है जो $1 kg$ द्रव्यमान में $1 ms^{-2}$ का त्वरण उत्पन्न कर दे।
4. यदि 10 किलोग्राम द्रव्यमान की किसी वस्तु पर 20N बल लगाया जाता है, तो त्वरण कितना होगा?
(A) 100 m/sec²
(B) 200 m/sec²
(C) 5 m/sec²
(D) 2 m/sec²
RRB ALP & Tec. (Shift-I) | 29-08-2018
Ans: (D) त्वरण ज्ञात करने के लिए बल को द्रव्यमान से विभाजित किया जाता है। $a = \frac{F}{m}$ दिए गए मानों $F = 20 N$ और $m = 10 kg$ के अनुसार त्वरण $2 m/sec^{2}$ होगा। त्वरण की विमा $L^{1}M^{0}T^{-2}$ होती है। न्यूटन के दूसरे नियम को वास्तविक नियम माना जाता है क्योंकि इसमें पहले और तीसरे नियम निहित हैं।
5. एक कार का वेग 5s में 18 kmh⁻¹ से 36 kmh⁻¹ तक समान रूप से बढ़ता है। कार के त्वरण की गणना करें।
(A) 4 ms⁻²
(B) 1 ms⁻²
(C) 4 ms²
(D) 1 ms²
RRB Group-D (Shift-I) | 04-10-2018
Ans: (B) त्वरण की गणना से पूर्व इकाइयों को $m/s$ में बदलना आवश्यक है जहाँ $18 km/h = 5 m/s$ होता है। $a = \frac{v - u}{t}$ यहाँ $u = 5 m/s$, $v = 10 m/s$ और $t = 5 s$ है जिससे त्वरण $1 ms^{-2}$ प्राप्त होता है। गति की गणना हेतु $1 km/h$ को $5/18$ से गुणा करके $m/s$ में बदला जाता है। त्वरण की विमा और मंदन की विमा समान होती है।
6. एक कार का वेग 10 s में 18 kmhr⁻¹ से 72 kmhr⁻¹ तक समान रूप से बढ़ता है। कार के त्वरण की गणना करें।
(A) 1.5 ms⁻²
(B) 15 ms⁻²
(C) 1.5 ms²
(D) 15 ms⁻¹
RRB Group-D (Shift-II) | 08-10-2018
Ans: (A) इकाइयों को परिवर्तित करने पर प्रारंभिक वेग $5 m/s$ और अंतिम वेग $20 m/s$ प्राप्त होता है। $a = \frac{20 - 5}{10} = 1.5 ms^{-2}$ त्वरण एक समय के साथ वेग का फलन है। यदि त्वरण समय के साथ बदलता है तो उसे गैर-एकसमान त्वरण कहते हैं। औसत त्वरण कुल वेग परिवर्तन और कुल समय का अनुपात होता है।
7. किसी वस्तु का वेग व्यतीत हुए समय के समानुपाती होता है, तो वस्तु का/की ............ होगा/होगी।
(A) असमान त्वरण
(B) एकसमान त्वरण
(C) एकसमान चाल
(D) असमान चाल
RRB Group-D (Shift-III) | 07-12-2018
Ans: (B) यदि वेग समय के समानुपाती है तो वेग और समय का अनुपात सदैव स्थिर रहता है जिसे एकसमान त्वरण कहते हैं। $v \propto t \implies \frac{v}{t} = constant$ ऐसे मामलों में वेग-समय ग्राफ एक सीधी रेखा के रूप में प्राप्त होता है जो मूल बिंदु से गुजरती है। स्वतंत्र रूप से गिरते पिंड की गति एकसमान त्वरित गति का सबसे अच्छा उदाहरण है। यह दर्शाता है कि प्रत्येक सेकंड में वेग में होने वाली वृद्धि समान है।
8. 350 N का एक बल 500 kg के एक द्रव्यमान पर लगाया जाता है। इस स्थिति में वस्तु में उत्पन्न त्वरण कितना होगा?
(A) 0.7 ms²
(B) 0.7 ms⁻²
(C) 0.7 ms¹
(D) 0.7 ms⁻¹
RRB Group-D (Shift-III) | 19-09-2018
Ans: (B) त्वरण ज्ञात करने के लिए लगाए गए बल $350 N$ को द्रव्यमान $500 kg$ से विभाजित किया जाता है। $a = \frac{350}{500} = 0.7 ms^{-2}$ यह गणना दर्शाती है कि भारी द्रव्यमान के लिए समान बल लगाने पर त्वरण कम उत्पन्न होता है। त्वरण द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है। किसी पिंड का द्रव्यमान जितना अधिक होगा उसका जड़त्व भी उतना ही अधिक होगा।
9. एक कार 5 सेकंड में 18 kmh⁻¹ से 72 kmh⁻¹ तक समान रूप से एक्सलरेट करती है। कार का त्वरण है-
(A) 3 ms⁻²
(B) 3 ms
(C) 10.8 ms⁻²
(D) 10.8 ms²
RRB Group-D (Shift-I) | 27-09-2018
Ans: (A) दिए गए मानों $u = 5 m/s$, $v = 20 m/s$ और $t = 5 s$ का उपयोग करके त्वरण ज्ञात किया जाता है। $a = \frac{20 - 5}{5} = 3 ms^{-2}$ वेग में परिवर्तन की दर को ही त्वरण कहा जाता है। संवेग और वेग दोनों ही सदिश राशियाँ हैं। यदि किसी वस्तु की चाल दोगुनी कर दी जाए तो उसका संवेग भी दोगुना हो जाता है।
10. स्थिर अवस्था से शुरू होने के बाद एक नाव एक सीधी रेखा में नियत दर से 3 ms⁻² के त्वरण से 8 सेकंड तक गति करती है। इस समय के दौरान नाव द्वारा तय की गयी कुल दूरी ज्ञात कीजिए।
(A) 96 ms
(B) 96 ms⁻¹
(C) 96 m
(D) 96 ms⁻²
RRB Group-D (Shift-II) | 23-10-2018
Ans: (C) दूरी ज्ञात करने के लिए गति के दूसरे समीकरण का उपयोग किया जाता है जहाँ स्थिर अवस्था के कारण $u = 0$ है। $s = ut + \frac{1}{2}at^{2}$ मान रखने पर $s = 0 + \frac{1}{2} \times 3 \times 8^{2} = 96 m$ प्राप्त होता है। विस्थापन एक सदिश राशि है जबकि दूरी एक अदिश राशि है। विस्थापन का मान शून्य हो सकता है लेकिन तय की गई दूरी कभी शून्य नहीं होती।
11. यदि एक ट्रॉली विरामावस्था से 2 मी./से.² के त्वरण से गतिमान होती है तो 4 सेकण्ड बाद उसका वेग होगाः
(A) 8 m/s
(B) 2 m/s
(C) 8 m/s²
(D) 2 m/s²
RRB Group-D (Shift-I) | 12-11-2018
Ans: (A) विरामावस्था से शुरू होने पर प्रारंभिक वेग $u = 0$ लिया जाता है और वेग ज्ञात करने हेतु प्रथम समीकरण प्रभावी है। $v = 0 + 2 \times 4 = 8 m/s$ वेग का मात्रक $m/s$ होता है जबकि त्वरण का $m/s^{2}$ होता है। जड़त्व के कारण ही कोई वस्तु अपनी विरामावस्था को बनाए रखने का प्रयास करती है। ट्रॉली की गति एकसमान त्वरित गति का उदाहरण है।
12. एक वस्तु, स्थिर स्थिति से आरंभ होकर, 4 मीटर प्रति वर्ग सेकण्ड के निरंतर त्वरण से स्थानांतरित होती है। 8 सेकण्ड के बाद, इसकी गति कितनी होगी:
(A) 16 मीटर प्रति सेकण्ड
(B) 8 मीटर प्रति सेकण्ड
(C) 32 मीटर प्रति सेकण्ड
(D) 4 मीटर प्रति सेकण्ड
RRB ALP & Tec. (Shift-III) | 21-08-2018
Ans: (C) निरंतर त्वरण की स्थिति में $8$ सेकंड बाद गति ज्ञात करने के लिए प्रथम समीकरण $v = u + at$ प्रयुक्त होगा। $v = 0 + 4 \times 8 = 32 m/s$ यहाँ वस्तु निरंतर अपनी गति बढ़ा रही है। वेग और समय का गुणनफल विस्थापन प्रदान करता है यदि त्वरण शून्य हो। यदि त्वरण स्थिर है तो औसत वेग प्रारंभिक और अंतिम वेग का माध्य होता है।
13. 3 kg की एक पिस्तौल से 180 m/s वेग से एक 40 g की गोली क्षैतिज रूप से चलाई गयी है। पिस्तौल का प्रतिघाती वेग कितना है?
(A) -1.8 m/s
(B) -1.25 m/s
(C) -2.4 m/s
(D) -3.0 m/s
RRB Group-D | 08-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) संवेग संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार गोली चलाने से पूर्व और पश्चात का कुल संवेग शून्य होना चाहिए। $m_{1}v_{1} + m_{2}v_{2} = 0$ पिस्तौल का वेग $V = -(0.04 \times 180) / 3 = -2.4 m/s$ होगा। ऋणात्मक चिह्न यह दर्शाता है कि पिस्तौल पीछे की ओर हटती है जिसे प्रतिक्षेप वेग (Recoil velocity) कहते हैं। यह न्यूटन के तीसरे नियम का भी उदाहरण है।
14. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन न्यूटन के गति से तीसरे नियम के लिए सही है?
(A) बल एक ही निकाय पर लागू होता है।
(B) बल एक ही निकाय पर विपरीत दिशा में लागू होता है।
(C) बल अलग-अलग निकाय पर विपरीत दिशा में लागू होता है।
(D) बल दूरी पर निर्भर है।
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) न्यूटन का तीसरा नियम बताता है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग निकायों पर कार्य करते हैं। $F_{AB} = -F_{BA}$ यदि ये एक ही निकाय पर कार्य करते तो शुद्ध बल शून्य हो जाता और कोई गति संभव नहीं होती। यह नियम संवेग संरक्षण के आधार को पुख्ता करता है। रॉकेट का आगे बढ़ना भी गैसों द्वारा पीछे लगाए गए बल की प्रतिक्रिया है।
15. तेज गति से आने वाली क्रिकेट गेंद को पकड़ते समय एक क्षेत्ररक्षक अपनी बाहों को पीछे की ओर क्यों करता है?
(A) क्योंकि वह घबरा गया है।
(B) क्योंकि इससे गेंद को लक्ष्य बनाने में मदद मिलती है।
(C) क्योंकि वह लंबे समय तक कम बल का अनुभव करता है।
(D) क्योंकि इससे उसे सतर्कता मिलती है।
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) हाथों को पीछे खींचने से गेंद के संवेग को शून्य होने में अधिक समय मिलता है जिससे आवेग (Impulse) कम हो जाता है। $Force \times time = \Delta Momentum$ समय बढ़ने से हाथों पर लगने वाला औसत बल काफी कम हो जाता है और चोट लगने की संभावना घट जाती है। आवेग का मात्रक संवेग के मात्रक के समान ($kg \cdot m/s$ या $N \cdot s$) होता है। यह न्यूटन के दूसरे नियम का व्यावहारिक अनुप्रयोग है।
16. एक राइफल से गोली चलाई गई। यदि राइफल बिना किसी रोक के पीछे की ओर आती है तो राइफल की गतिज ऊर्जा क्या होगी?
(A) गोली की गतिज ऊर्जा से अधिक
(B) गोली की गतिज ऊर्जा से कम
(C) गोली की गतिज ऊर्जा के बराबर
(D) शून्य
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-I
Ans: (B) गोली और राइफल का संवेग परिमाण में समान होता है लेकिन द्रव्यमान कम होने के कारण गोली की गतिज ऊर्जा अधिक होती है। $K.E. = \frac{p^{2}}{2m}$ चूँकि राइफल का द्रव्यमान गोली की तुलना में बहुत अधिक है इसलिए उसकी गतिज ऊर्जा बहुत कम होगी। ऊर्जा एक अदिश राशि है जबकि संवेग सदिश है। संवेग संरक्षण बंदूक की कार्यप्रणाली का मुख्य सिद्धांत है।
2. Tissue
1. मांसपेशी कोशिकाएं और मांसपेशी रेशे भ्रूणीय पूर्ववर्ती कोशिकाओं (embryonic precursor cells) से विकसित होते हैं जिन्हें कहा जाता है।
(A) पेशीकोरक (myoblasts)
(B) पेशी केंद्रक (myonuclei)
(C) पेशी तंतुक (myofibril)
(D) पेशीअणु (myocyte)
RRB NTPC Stage 1 | 10/01/2021 | Shift-I
Ans: (A) मांसपेशी कोशिकाएं भ्रूणीय अवस्था में पेशीकोरक (Myoblasts) नामक पूर्ववर्ती कोशिकाओं से विकसित होती हैं। ये कोशिकाएं आपस में जुड़कर लंबी पेशीय तंतु (Muscle Fibers) बनाती हैं। पेशी तंतुक (Myofibril) मांसपेशी फाइबर के अंदर पाए जाने वाले धागे जैसी संरचनाएं होती हैं। वयस्क अवस्था में सैटेलाइट कोशिकाएं मरम्मत करती हैं।
2. निम्न तालिका जंतुओं में विभिन्न उपकला ऊतकों और विभिन्न भागों में उनकी स्थिति को दर्शाती है। सही विकल्प की पहचान कीजिए।
  उपकला ऊतक   स्थिति
A. F4 Vinanti SSC 17.07.23 D1 i) श्वसन तंत्र
B. F4 Vinanti SSC 17.07.23 D2 ii) त्वचा
C. F4 Vinanti SSC 17.07.23 D3 iii) रक्त वाहिकाओं की परत
D. F4 Vinanti SSC 17.07.23 D4 iv) लार ग्रंथियों की नलिकाएँ
(A) A-i, B-ii, C-iii, D-iv
(B) A-ii, B-iii, C-iv, D-i
(C) A-iii, B-iv, C-ii, D-i
(D) A-iii, B-iv, C-i, D-ii
RRB Group D | 01/09/2022 | Morning
Ans: (D) श्वसन नली में पक्ष्माभी उपकला (Ciliated Epithelium) होती है जो श्लेष्म को आगे धकेलती है। त्वचा में स्तरित शल्की उपकला (Stratified Squamous) होती है जो घर्षण से बचाती है। रक्त वाहिकाओं में सरल शल्की उपकला (Squamous) और लार ग्रंथियों की नलिकाओं में घनाभाकार उपकला (Cuboidal) पाई जाती है। यह मिलान अंगों के कार्य के अनुसार उनकी संरचना को दर्शाता है।
2. Atomic Structure & Theory
1. अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने अल्फा प्रकीर्णन प्रयोगों के लिए लगभग कितने मोटी सोने की पन्नी का इस्तेमाल किया था?
(A) 900 परमाणु
(B) 700 परमाणु
(C) 1000 परमाणु
(D) 500 परमाणु
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (C) रदरफोर्ड ने अपने प्रयोग के लिए सोने की पन्नी चुनी क्योंकि सोना सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातु है। उन्होंने लगभग $10^{-7} \text{ m}$ मोटी पन्नी का उपयोग किया, जो लगभग 1000 परमाणुओं की परत के बराबर थी। इसी प्रयोग से परमाणु के नाभिक की खोज हुई थी।
2. 1913 में एक्स-रे तरंगदैर्ध्य पर आधारित परमाणु क्रमांक (atomic number) की खोज किसने की थी?
(A) आर.ए. मिलिकान (RA Millikan)
(B) हेनरी मोसले (Henry Moseley)
(C) ए.ई.बी. डे चांकोर्टोइस
(D) दिमित्री मेंडेलीव (Dmitri Mendeleev)
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (B) हेनरी मोसले ने 1913 में सिद्ध किया कि किसी तत्व का आधारभूत गुण उसकी परमाणु संख्या $(Z)$ है, न कि परमाणु भार। उन्होंने एक्स-रे फ्रीक्वेंसी और परमाणु संख्या के बीच संबंध $\sqrt{\nu} = a(Z - b)$ दिया, जिससे आधुनिक आवर्त सारणी का निर्माण संभव हुआ।
3. जे.जे. थॉमसन को 1898 में कौन-सा मॉडल विकसित करने के लिए जाना जाता है?
(A) डबल-स्लिट मॉडल 
(B) प्लम पुडिंग मॉडल 
(C) आयल ड्राप मॉडल 
(D) गोल्ड फॉयल मॉडल 
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (B) जे.जे. थॉमसन ने 1898 में परमाणु का प्लम पुडिंग मॉडल दिया। उन्होंने परमाणु को एक धनावेशित गोले की तरह माना जिसमें इलेक्ट्रॉन तरबूज के बीज की तरह धंसे होते हैं। यह मॉडल परमाणु की विद्युत तटस्थता को तो समझा सका, लेकिन नाभिक की उपस्थिति को नहीं बता पाया।
4. इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के आवेश के चिह्न क्रमशः होते हैं।
(A) ऋणात्मक, धनात्मक और उदासीन
(B) ऋणात्मक, उदासीन और धनात्मक
(C) धनात्मक, ऋणात्मक और उदासीन
(D) उदासीन, धनात्मक और ऋणात्मक
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (A) परमाणु के मूल कणों पर आवेश इस प्रकार होता है: इलेक्ट्रॉन पर ऋणात्मक $(-1.6 \times 10^{-19} \text{ C})$, प्रोटॉन पर धनात्मक $(+1.6 \times 10^{-19} \text{ C})$ और न्यूट्रॉन उदासीन होता है। अतः सही क्रम ऋणात्मक, धनात्मक और उदासीन है।
5. जेम्स चैडविक 1932 में की गई किस खोज के लिए प्रसिद्ध हैं?
(A) प्रकाश का तरंग सिद्धांत
(B) न्यूट्रॉन
(C) तापीय आयनीकरण
(D) इलेक्ट्रॉन
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (B) जेम्स चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की थी। उन्होंने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बौछार करके एक ऐसे कण का पता लगाया जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर था लेकिन उस पर कोई विद्युत आवेश नहीं था। प्रोटॉन की खोज गोल्डस्टीन और इलेक्ट्रॉन की थॉमसन ने की थी।
6. यदि किसी परमाणु की परमाणु संख्या $(Z) = 6$ और न्यूट्रॉन की संख्या $(n) = 10$ है, तो परमाणु का द्रव्यमान क्या है?
(A) 4
(B) 16
(C) 10
(D) 6
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (B) परमाणु की द्रव्यमान संख्या $(A)$ उसके नाभिक में उपस्थित प्रोटॉन $(Z)$ और न्यूट्रॉन $(n)$ का योग होती है। यदि $Z = 6$ और $n = 10$ है, तो द्रव्यमान $6 + 10 = 16$ होगा। यह कार्बन का एक भारी समस्थानिक $C-16$ कहलाता है।
7. जिन उप परमाणु कणों में सामान्य उप परमाणु कणों से विपरीत गुण होते हैं उन्हें किस नाम से जाना जाता है?
(A) पॉजिट्रॉन
(B) प्रतिकण
(C) फोटोन
(D) न्यूट्रिनों
Ans: (B) प्रतिकण (Antiparticles) वे कण होते हैं जिनका द्रव्यमान सामान्य कणों के बराबर होता है लेकिन उनके गुण जैसे विद्युत आवेश विपरीत होते हैं। उदाहरण के लिए इलेक्ट्रॉन का प्रतिकण पॉजिट्रॉन है। जब ये दोनों टकराते हैं, तो ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं।
8. रदरफोर्ड परमाणु मॉडल _______ का वर्णन नहीं करता है।
(A) नाभिक की उपस्थिति
(B) परमाणु के आवेश
(C) परमाणु के स्थायित्व
(D) इलेक्ट्रॉन की उपस्थिति
Ans: (C) रदरफोर्ड मॉडल परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या नहीं कर सका। मैक्सवेल के सिद्धांत के अनुसार, वृत्ताकार पथ पर घूमता इलेक्ट्रॉन निरंतर ऊर्जा खोएगा और अंततः नाभिक में गिर जाएगा, जिससे परमाणु अस्थिर हो जाएगा। इस कमी को बाद में नील्स बोर ने सुधारा।
9. बोर के एटम के मॉडल की अभिधारणा के अनुसार, क्या होता है जब एक इलेक्ट्रॉन ऊर्जा के फोटॉन को अवशोषित करता है?
(A) यह एक ही कक्षा में रहता है लेकिन तेजी से दोलन करता हैं।
(B) यह प्रकाश ऊर्जा उत्सर्जित करता है।
(C) यह भीतरी कक्षा में जाता है।
(D) यह अगले बाहरी कक्षा में जाता है।
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) बोर के मॉडल के अनुसार, जब एक इलेक्ट्रॉन ऊर्जा के फोटॉन को अवशोषित करता है, तो उसकी ऊर्जा बढ़ जाती है। इस बढ़ी हुई ऊर्जा के कारण वह अपनी वर्तमान भीतरी कक्षा को छोड़कर अगली उच्च ऊर्जा वाली बाहरी कक्षा में कूद जाता है।
10. एक तत्व की परमाणु संख्या 13 है। तो इस तत्व में कितने शेल होते हैं?
(A) 3
(B) 1
(C) 4
(D) 2
RRB NTPC | 15/02/2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (A) परमाणु संख्या 13 एल्युमीनियम की है, जिसका विन्यास $2, 8, 3$ होता है। इलेक्ट्रॉन वितरण के अनुसार ये तीन कोशों K, L और M में फैले होते हैं। अतः इस तत्व में कुल 3 शेल (कोश) होते हैं।
11. इनमें से किस धातु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 4 है?
(A) Ar
(B) P
(C) Cl
(D) Si
RRB Science Biology | 01/01/2023 | Shift-N/A
Ans: (D) विन्यास $2, 8, 4$ का कुल योग 14 है, जो सिलिकॉन $(Si)$ की परमाणु संख्या है। सिलिकॉन एक उपधातु है जिसका उपयोग अर्धचालक उपकरणों में किया जाता है। आर्गन, फास्फोरस और क्लोरीन की परमाणु संख्याएँ क्रमशः 18, 15 और 17 हैं।
12. एक तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8 है। यह किस समूह से संबंधित है-
(A) 16
(B) 8
(C) 18
(D) 17
RRB NTPC (Stage-2) | 14/06/2022 | Shift-II
Ans: (C) विन्यास $2, 8, 8$ आर्गन का है। चूँकि इसका बाहरी कोश पूर्ण रूप से भरा हुआ है, इसलिए यह एक अक्रिय गैस है। आवर्त सारणी में सभी अक्रिय गैसों को समूह 18 में रखा गया है, जिन्हें शून्य समूह के तत्व भी कहा जाता है।
13. किसी तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 5 है। उस तत्व का नाम क्या है?
(A) फास्फोरस
(B) सल्फर
(C) क्लोरीन
(D) मैग्नीशियम
RRB NTPC (Stage-2) | 17/06/2022 | Shift-II
Ans: (A) परमाणु संख्या 15 वाला तत्व फास्फोरस $(P)$ है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $2, 8, 5$ होता है। यह नाइट्रोजन परिवार का सदस्य है। सल्फर का विन्यास $2, 8, 6$ और मैग्नीशियम का $2, 8, 2$ होता है।
14. उन तीन तत्वों को नामित करें, जिसके सबसे बाहरी शेल में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है?
(A) मैग्नीशियम, कैल्शियम और बेरियम
(B) लिथियम, सोडियम, पोटैशियम
(C) हीलियम, नियॉन और आर्गन
(D) मैग्नीशियम, हीलियम और नियॉन
RRB ALP & Tec. | 17/08/2018 | Shift-II
Ans: (B) क्षारीय धातुओं (समूह 1) के बाहरी कोश में हमेशा 1 इलेक्ट्रॉन होता है। लिथियम $(2, 1)$, सोडियम $(2, 8, 1)$ और पोटैशियम $(2, 8, 8, 1)$ इसी श्रेणी के तत्व हैं। मैग्नीशियम और कैल्शियम के बाहरी कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
15. यदि क्रिप्टॉन की परमाणु संख्या 36 है, तो उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास होगाः
(A) 2, 18, 16
(B) 2, 8, 18, 8
(C) 2, 18, 8, 8
(D) 2, 8, 20, 6
RRB NTPC | 29/12/2020 | Shift-II
Ans: (B) क्रिप्टॉन की परमाणु संख्या 36 है। बोर-बरी नियम के अनुसार कोशों में अधिकतम इलेक्ट्रॉन $2, 8, 18, 32$ हो सकते हैं। 36 इलेक्ट्रॉनों के लिए सही वितरण $2, 8, 18, 8$ होगा, जिससे इसका बाहरी अष्टक पूर्ण हो जाता है।
16. निम्नलिखित में से कौन सा किसी धातु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास नहीं है?
(A) 2, 1
(B) 2, 8, 3
(C) 2, 8, 1
(D) 2, 6
RRB Group-D | 02/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) धातुओं के बाहरी कोश में आमतौर पर 1, 2 या 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं। विन्यास $2, 6$ ऑक्सीजन का है, जिसके बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन हैं। इसलिए यह एक अधातु है। शेष विकल्प $2, 1$ (Li), $2, 8, 3$ (Al) और $2, 8, 1$ (Na) सभी धातुएं हैं।
17. जिस परमाणु की बाह्य कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की संख्या पूर्ण होती है, उसकी संयोजकता होती है।
(A) एक
(B) सात
(C) आठ
(D) शून्य
RRB NTPC | 27/02/2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (D) संयोजकता किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन साझा करने या त्यागने की क्षमता है। जिन परमाणुओं का बाहरी कोश पूर्ण होता है, वे रासायनिक रूप से निष्क्रिय होते हैं। वे न तो इलेक्ट्रॉन देते हैं और न ही लेते हैं, इसलिए उनकी संयोजकता शून्य होती है।
18. समान रासायनिक गुण वाले दो तत्वों के लिए निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सही है?
(A) तत्वों में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होगी।
(B) तत्वों में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या भिन्न होगी।
(C) तत्वों के परमाणु द्रव्यमान भिन्न होंगे।
(D) तत्वों के परमाणु द्रव्यमान समान होंगे।
RRB NTPC | 15/02/2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (A) तत्वों के रासायनिक गुण उनके बाहरी कोश में मौजूद संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करते हैं। यदि दो तत्वों के संयोजी इलेक्ट्रॉन समान हैं, तो वे एक ही समूह में होंगे और उनके गुण भी समान होंगे। परमाणु द्रव्यमान का रासायनिक गुणों से सीधा संबंध नहीं होता।
19. पहले आवर्त में दोनों तत्वों के .......में संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
(A) K कोश
(B) M कोश
(C) N कोश
(D) L कोश
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-III
Ans: (A) पहले आवर्त में केवल हाइड्रोजन और हीलियम होते हैं। इन दोनों के इलेक्ट्रॉन केवल पहली कक्षा यानी K कोश में भरे जाते हैं। K कोश की अधिकतम क्षमता 2 इलेक्ट्रॉन होती है, जो हीलियम के पास पूर्ण रूप से होती है।
20. परमाणु क्रमांक 17 वाला एक तत्व नीचे दिए गए किस परमाणु क्रमांक के तत्व के समान विशेषताएँ रखेगा-
(A) 33
(B) 34
(C) 18
(D) 35
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) परमाणु क्रमांक 17 क्लोरीन का है, जो हैलोजन समूह का सदस्य है। समान गुणों के लिए तत्व का उसी समूह में होना जरूरी है। परमाणु क्रमांक 35 ब्रोमीन का है, जो क्लोरीन की तरह ही एक हैलोजन है, इसलिए इनके गुण समान होंगे।
21. सबसे बाहरी ऑर्बिट में _______ में इलेक्ट्रॉन की संख्या एक समान होती है।
(A) O, F
(B) As, Bi
(C) H, He
(D) Ar, K
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-III
Ans: (B) एक ही समूह के तत्वों के बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है। आर्सेनिक $(As)$ और बिस्मथ $(Bi)$ दोनों समूह 15 के तत्व हैं, इसलिए इन दोनों के बाहरी कोश में 5 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अन्य विकल्प अलग-अलग समूहों से संबंधित हैं।
22. _______ तत्व में बाहरी सेल में 8 इलेक्ट्रॉनों के साथ तीन कक्षाएं होती हैं।
(A) Kr
(B) Ne
(C) Xe
(D) Ar
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-II
Ans: (D) आर्गन $(Ar)$ की परमाणु संख्या 18 है और इसका विन्यास $2, 8, 8$ है। इसमें कुल तीन कक्षाएं (K, L, M) हैं और सबसे बाहरी कक्षा में 8 इलेक्ट्रॉन हैं। नियॉन में केवल दो कक्षाएं होती हैं और क्रिप्टॉन में चार।
23. यदि तत्व A और B का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $1s^2 2s^2 2p^6 3s^1$ और $1s^2 2s^2 2p^6 3s^2 3p^4$ है, तो इन तत्वों के संयोजन द्वारा निर्मित यौगिक का सूत्र क्या होगा?
(A) $AB_3$
(B) $AB_2$
(C) $A_2B$
(D) $AB$
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) तत्व A की संयोजकता $+1$ है (बाहरी इलेक्ट्रॉन 1) और तत्व B की संयोजकता $-2$ है (6 इलेक्ट्रॉन होने के कारण 2 की कमी)। क्रिस्स-क्रॉस नियम के अनुसार, इनके मेल से बनने वाले यौगिक का सूत्र $A_{2}B$ होगा, जैसे सोडियम सल्फाइड $(Na_{2}S)$ बनता है।
24. नीचे दिए गए तत्वों में से _______ आकार में सबसे छोटा है।
(A) Na+
(B) Mg2+
(C) Al3+
(D) ये सभी विकल्प
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) आइसोइलेक्ट्रॉनिक आयनों में नाभिकीय आवेश (प्रोटॉन) जितना अधिक होगा, आकार उतना ही छोटा होगा। $Na^{+}$, $Mg^{2+}$ और $Al^{3+}$ तीनों में 10 इलेक्ट्रॉन हैं, लेकिन $Al^{3+}$ में सबसे अधिक 13 प्रोटॉन हैं, जो इलेक्ट्रॉनों को सबसे अधिक खींचते हैं और आकार छोटा कर देते हैं।
25. एक हाइड्रोजन एटम में कितने न्यूट्रॉन होते हैं?
(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) कुछ नहीं
RRB NTPC | 18.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) साधारण हाइड्रोजन $({}_{1}H^{1})$ के नाभिक में केवल एक प्रोटॉन होता है और कोई न्यूट्रॉन नहीं होता। यह आवर्त सारणी का एकमात्र ऐसा परमाणु है जिसमें न्यूट्रॉन अनुपस्थित है। ड्यूटेरियम और ट्राइटियम में न्यूट्रॉन पाए जाते हैं।
26. हाइड्रोजन के समस्थानिक, ड्यूटेरियम में होते हैं।
(A) शून्य न्यूट्रॉन और एक प्रोटॉन
(B) एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन
(C) एक इलेक्ट्रॉन और दो न्यूट्रॉन
(D) एक न्यूट्रॉन और दो प्रोटॉन
RRB JE | 25.05.2019 | Shift-I
Ans: (B) ड्यूटेरियम $({}_{1}H^{2})$ हाइड्रोजन का एक समस्थानिक है। इसके नाभिक में एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन होता है, जिससे इसकी द्रव्यमान संख्या 2 हो जाती है। इसे भारी हाइड्रोजन भी कहा जाता है और यह भारी जल $(D_{2}O)$ बनाने में उपयोग होता है।
27. आइसोटोप या समस्थानिक क्या हैं?
(A) एक तत्व के परमाणु जो समान परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या रखते हैं और इसीलिए उनके भौतिक गुण समान होते हैं।
(B) एक तत्व के विभिन्न रूप जिनमें एक ही परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या है लेकिन भौतिक गुण भिन्न हैं।
(C) एक तत्व के परमाणु जिनमें एक ही द्रव्यमान संख्या है लेकिन परमाणु क्रमांक भिन्न है।
(D) एक तत्व के परमाणु जिनमें एक ही परमाणु क्रमांक है लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न है।
RRB Group-D | 13-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) समान होती है लेकिन द्रव्यमान संख्या (न्यूट्रॉन के कारण) अलग होती है। चूँकि परमाणु संख्या समान है, इसलिए आवर्त सारणी में इनका स्थान भी एक ही होता है।
28. क्लोरीन गैस क्लोरीन के दो समस्थानिकों का मिश्रण है जिनका अनुपात 3:1 होता है। ये दोनों समस्थानिक निम्न में से कौन से हैं?
(A) $Cl_{35}$  और  $Cl_{37}$
(B) $Cl_{27}$  और  $Cl_{34}$
(C) $Cl_{35}$  और  $Cl_{36}$
(D) $Cl_{36}$  और  $Cl_{28}$
RRB Group-D | 08-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) प्रकृति में क्लोरीन दो समस्थानिकों $Cl_{35}$ और $Cl_{37}$ के मिश्रण के रूप में पाया जाता है। इनका प्रचुरता अनुपात $3: 1$ $(75\% : 25\%)$ होता है। इसी कारण से क्लोरीन का औसत परमाणु भार $35.5$ निकल कर आता है।
29. जब आप एक परमाणु के न्यूट्रॉनों की संख्या को बदल देते हैं, तो इसका ............ बदल जाता है।
(A) समस्थानिक
(B) आयन
(C) आवेश
(D) तत्व संख्या
RRB NTPC | 03.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) जब आप किसी परमाणु में न्यूट्रॉनों की संख्या बदल देते हैं, तो उसका द्रव्यमान बदल जाता है लेकिन रासायनिक पहचान वही रहती है। इस स्थिति में बनने वाले नए रूप को समस्थानिक (Isotope) कहा जाता है। प्रोटॉन बदलने से पूरा तत्व ही बदल जाता है।
30. एक तत्व के समस्थानिकों के अणु के द्रव्यमान में अंतर का कारण क्या है?
(A) उनके नाभिक में प्रोटॉन की अलग-अलग संख्या
(B) उनके नाभिक में न्यूट्रॉन की अलग-अलग संख्या
(C) उनके नाभिक में इलेक्ट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
(D) संयोजक इलेक्ट्रॉनों की अलग-अलग संख्या
RRB NTPC | 12.04.2016 | Shift-1
Ans: (B) समस्थानिकों में प्रोटॉनों की संख्या समान होने के कारण उनके रासायनिक गुण एक जैसे होते हैं, लेकिन उनके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या अलग-अलग होती है। इसी अंतर के कारण उनके परमाणु द्रव्यमान भिन्न हो जाते हैं।
31. यह अवधारणा कि एक तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं, को ............ की खोज से गलत सिद्ध किया गया था।
(A) अपरूपता
(B) समस्थानिक
(C) रेडियोधर्मिता
(D) समभारिक
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-I
Ans: (B) डाल्टन का मानना था कि एक ही तत्व के सभी परमाणु हर तरह से समान होते हैं। लेकिन समस्थानिकों की खोज ने यह साबित कर दिया कि एक ही तत्व के परमाणु अलग-अलग द्रव्यमान के हो सकते हैं, जिससे डाल्टन की यह धारणा गलत सिद्ध हुई।
32. प्राकृतिक क्लोरीन के दो समस्थानिक हैं $Cl_{35}$  का 75% और $Cl_{37}$  का 25%। क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान क्या है?
(A) 32.5
(B) 33.5
(C) 37.5
(D) 35.5
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-III
Ans: (D) क्लोरीन का औसत परमाणु भार निकालने के लिए इसके समस्थानिकों के भार और उनकी प्रचुरता का औसत लिया जाता है। $\frac{(35 \times 75) + (37 \times 25)}{100} = 35.5$ होता है। इसीलिए क्लोरीन का द्रव्यमान पूर्णांक में न होकर $35.5 \text{ u}$ होता है।
2. Plant Morphology
1. निम्न में से कौन बीज अंकुरण के दौरान आगामी प्ररोह में विकसित होते हैं?
(A) मूलांकुर
(B) प्रांकुर
(C) बीजपत्र
(D) युग्मज
RRB Group-D | 08-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) अंकुरण के समय भ्रूण का प्रांकुर ($Plumule$) भाग मिट्टी से ऊपर की ओर बढ़ता है और प्ररोह तंत्र (Shoot system) यानी तने और पत्तियों का निर्माण करता है। यह धनात्मक प्रकाशानुवर्तन ($Phototropism$) और ऋणात्मक गुरुत्वानुवर्तन प्रदर्शित करता है।
2. पौधे भविष्य के लिए खाद्य को बीज के ..... में संग्रहीत करते हैं।
(A) प्लूम्यूल
(B) रैडिकल
(C) कोटीलेडोन
(D) भ्रूण
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) बीजपत्र ($Cotyledon$) बीज का वह हिस्सा है जहाँ अंकुरण के लिए आवश्यक भोजन (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन) संग्रहित रहता है। जब तक नन्हा पौधा अपनी जड़ों और पत्तियों से भोजन बनाना शुरू नहीं करता, तब तक यह भंडार उसे ऊर्जा प्रदान करता रहता है।
3. पौधे के बीज में एक खाद्य भंडार के रूप में ...... कार्य करता है।
(A) बीजांड
(B) बीजपत्र
(C) प्रांकुर
(D) मूलांकुर
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-II
Ans: (B) पौधे के बीज में खाद्य भंडार के रूप में बीजपत्र ($Cotyledon$) कार्य करता है। एकबीजपत्री पौधों में एक और द्विवीजपत्री पौधों में दो बीजपत्र होते हैं। कुछ पौधों में भोजन संचय के लिए भ्रूणपोष ($Endosperm$) भी एक महत्वपूर्ण संरचना होती है।
3. Digestive system
1. दंत क्षय के परिणामस्वरूप ________ होता है।
(A) कोमल दंतवल्क
(B) मसूड़ों से रक्त का स्त्राव
(C) दुर्गंधयुक्त सांस
(D) टूटा हुआ दांत
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) दंत क्षय की प्रक्रिया तब शुरू होती है जब मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शर्करा के साथ प्रतिक्रिया करके अम्ल बनाते हैं जो दांतों की सबसे बाहरी कठोर परत यानी इनेमल को धीरे-धीरे नरम कर देते हैं। इसे विखनिजीकरण कहा जाता है जिसके परिणामस्वरूप दांतों का सुरक्षा कवच कमजोर हो जाता है और उनमें कैविटी या छोटे छिद्र बनने लगते हैं। यदि समय पर उपचार न किया जाए तो यह संक्रमण डेंटिन और पल्प तक पहुँचकर दांतों में गंभीर दर्द और संवेदनशीलता का कारण बनता है।
2. कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन कहाँ होता है?
(A) छोटी आँत में
(B) आमाशय में
(C) मलाशय में
(D) बड़ी आंत में
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के पूर्ण पाचन (Complete Digestion) की प्रक्रिया छोटी आँत (Small Intestine) में संपन्न होती है जहाँ अग्न्याशय (Pancreas) और यकृत (Liver) से निकलने वाले पाचक रस भोजन में मिलते हैं। छोटी आँत की दीवारों में मौजूद विली (Villi) नामक उँगलियों जैसी संरचनाएं पचे हुए भोजन के अवशोषण (Absorption) के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ा देती हैं जिससे पोषक तत्व रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं। यहाँ एमाइलेज, ट्रिप्सिन और लाइपेज जैसे एंजाइम जटिल खाद्य कणों को उनके सरलतम रूप जैसे ग्लूकोज, अमीनो एसिड और फैटी एसिड में पूरी तरह बदल देते हैं।
3. मानवों में, आहार नाल का इनमें से कौन सा भाग अपशिष्ट पदार्थ का उत्सर्जन करता है?
(A) बड़ी आंत
(B) छोटी आंत
(C) परिशेषिका
(D) मलद्वार
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) मानव आहार नाल (Alimentary Canal) का अंतिम भाग मलद्वार (Anus) होता है जो शरीर से अपाच्य अपशिष्ट पदार्थों के उत्सर्जन (Excretion) की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। बड़ी आंत से आने वाला मल मलाशय (Rectum) में जमा होता है और फिर मलद्वार की संवरणी पेशियों (Sphincter muscles) के शिथिल होने पर शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। यह पाचन तंत्र की अंतिम अवस्था है जिसे बहिःक्षेपण (Egestion) कहा जाता है और यह शरीर की स्वच्छता व स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए अनिवार्य प्रक्रिया है।
4. मुख गुहिका (Buccal cavity), मानव ________ तंत्र का एक हिस्सा है।
(A) परिसंचरण
(B) उत्सर्जन
(C) पाचन
(D) श्वसन
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) मुख गुहिका (Buccal cavity) मानव पाचन तंत्र (Digestive system) का प्रवेश द्वार है जहाँ से भोजन के अंतर्ग्रहण (Ingestion) और पाचन की प्रक्रिया का प्रारंभ होता है। इसमें दाँत, जीभ और लार ग्रंथियाँ (Salivary glands) स्थित होती हैं जो भोजन को छोटे टुकड़ों में तोड़ने और लार के साथ मिलाने का कार्य करती हैं। यहाँ मौजूद लार एमाइलेज (Salivary amylase) एंजाइम कार्बोहाइड्रेट के आंशिक पाचन की शुरुआत करता है जिससे भोजन एक नरम लुगदी के रूप में ग्रसनी की ओर बढ़ता है।
5. मानव शरीर के किस भाग में अंकुर (villi) मौजूद होते हैं?
(A) यकृत
(B) छोटी आंत
(C) नेत्र
(D) वृक्क
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) मानव शरीर की छोटी आंत (Small Intestine) की आंतरिक दीवारों पर उंगलियों के समान हजारों सूक्ष्म संरचनाएं पाई जाती हैं जिन्हें अंकुर या विली (Villi) कहते हैं। इनका मुख्य कार्य पचे हुए भोजन के अवशोषण (Absorption) के लिए उपलब्ध सतही क्षेत्रफल (Surface area) को बढ़ाना होता है ताकि पोषक तत्व कुशलतापूर्वक रक्त प्रवाह में मिल सकें। प्रत्येक विली में रक्त वाहिकाओं का एक जाल होता है जो अवशोषित पोषक तत्वों को शरीर की प्रत्येक कोशिका तक पहुँचाने का कार्य करता है।
6. निम्न में से कौन सा पाचक एंजाइम लार में पाया जाता है?
(A) एंटिरोकाइनेज
(B) लाइपेज
(C) पेप्टाइडेज
(D) एमाइलेज
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-III
Ans: (D) लार में एमाइलेज (Amylase) नामक एंजाइम पाया जाता है जिसे टायलिन (Ptyalin) भी कहते हैं और यह मुख गुहिका में कार्बोहाइड्रेट के पाचन की शुरुआत करता है। यह एंजाइम भोजन में उपस्थित जटिल स्टार्च (Complex starch) को सरल शर्करा जैसे माल्टोज में तोड़ने का कार्य करता है जिससे भोजन हल्का मीठा लगने लगता है। लार ग्रंथियों द्वारा स्रावित यह तरल न केवल रासायनिक पाचन (Chemical digestion) में सहायक है बल्कि भोजन को चिकना बनाकर उसे ग्रसनी में नीचे खिसकने में भी मदद करता है।
3. Valency & Chemical Bonding
1. एकल कार्बन परमाणु एक साथ अधिकतम कितने $\sigma$ (सिग्मा) बंधों में भाग ले सकता है?
(A) 3
(B) 2
(C) 1
(D) 4
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) कार्बन की संयोजकता 4 होती है। जब कार्बन एकल बंध (single bond) बनाता है, तो वे सभी $\sigma$ (सिग्मा) बंध होते हैं। उदाहरण के लिए, मीथेन ($CH_{4}$) में कार्बन 4 हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ 4 $\sigma$ बंध बनाता है। एक कार्बन परमाणु अधिकतम 4 $\sigma$ बंध ही बना सकता है क्योंकि उसके बाहरी कक्ष में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
3. Work, energy, and power
1. एक पवन चक्की में ऊर्जा रूपांतरण होता है:
(A) गतिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(B) विद्युत ऊर्जा से स्थितिज ऊर्जा
(C) गतिज उर्जा से स्थितिज ऊर्जा
(D) स्थितिज ऊर्जा से गतिज उर्जा
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) पवन चक्की (Windmill) बहती हवा की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) को पकड़कर उसे पहले घूर्णन यांत्रिक ऊर्जा (Rotational Mechanical Energy) में बदलती है और फिर टरबाइन के माध्यम से विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित करती है। यह प्रक्रिया ऊर्जा के रूपांतरण (Transformation of Energy) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पवन ऊर्जा एक प्रदूषण मुक्त और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का स्रोत है। भारत विश्व में पवन ऊर्जा क्षमता के मामले में चौथे स्थान पर है। पवन चक्की की कार्यक्षमता हवा के घनत्व और ब्लेड के क्षेत्रफल पर भी निर्भर करती है।
2. छोटी पवन टरबाइन के घूर्णन को शुरू करने के लिए आवश्यक न्यूनतम वायु की चाल है:
(A) $20~m/s$
(B) $2~m/s$
(C) $30~m/s$
(D) $15~m/s$
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) छोटी पवन टरबाइन के घूर्णन (Rotation) को प्रभावी ढंग से शुरू करने के लिए आवश्यक वायु की न्यूनतम चाल, जिसे कट-इन स्पीड (Cut-in speed) कहते हैं, लगभग $2~m/s$ होती है। यदि वायु की गति इस सीमा से कम है, तो ब्लेडों पर लगने वाला बलाघूर्ण (Torque) उन्हें घुमाने के लिए पर्याप्त नहीं होता है। पवन ऊर्जा से प्राप्त शक्ति वायु के वेग के घन (Cube) के समानुपाती होती है। सूत्र $P = \frac{1}{2} \rho A v^{3}$ होता है, जहाँ $v$ वायु का वेग है। व्यावसायिक स्तर पर बड़ी पवन चक्कियों के लिए वायु की चाल कम से कम $15~km/h$ होनी चाहिए ताकि वे कुशलता से बिजली पैदा कर सकें।
3. Valency & Chemical Bonding
1. $sp^{2}$ हाइब्रिडाइजेशन (संकरण) में कार्बन परमाणु के चारों ओर की ज्यामिति क्या होती है?:
(A) त्रिकोणीय समतलीय (Trigonal Planar)
(B) चतुष्फलकीय (Tetrahedral)
(C) त्रिकोणीय पिरामिडीय (Trigonal Pyramidal)
(D) रेखीय (Linear)
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) संकरण (Hybridization) और अणु की ज्यामिति का संबंध निम्न है: $sp$ = रेखीय (Linear), $sp^{2}$ = त्रिकोणीय समतलीय (Trigonal planar), $sp^{3}$ = चतुष्फलकीय (Tetrahedral)। अतः $sp^{2}$ संकरण वाले कार्बन परमाणु (जैसे एथिलीन में) की ज्यामिति त्रिकोणीय समतलीय होती है और बंध कोण $120^{\circ}$ होता है।
3. Digestive system
1. गैस्ट्रिक जूस (आंत्र रस) का pH कितना होता है?
(A) 10
(B) 7
(C) 4 से कम
(D) 9
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) जठर रस या गैस्ट्रिक जूस का स्वभाव अत्यधिक अम्लीय होता है जिसका $pH$ मान आमतौर पर 1.5 से 3.5 के बीच होता है। $pH < 4$ होना पेप्सिन एंजाइम की सक्रियता के लिए बहुत जरूरी है। यह तीव्र अम्लता भोजन के साथ आए हानिकारक बैक्टीरिया को भी नष्ट कर देती है। आमाशय की दीवारें श्लेष्मा के कारण इस तीव्र अम्ल से सुरक्षित रहती हैं।
2. गैस्ट्रिक जूस (आंत्र रस) का pH कितना होता है?
(A) 10
(B) 7
(C) 4 से कम
(D) 9
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) आमाशय से निकलने वाले गैस्ट्रिक जूस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) की प्रचुरता होती है इसलिए इसका $pH$ 4 से काफी कम होता है। $pH$ पैमाने पर 7 से कम मान अम्लीयता को दर्शाता है और जितना कम मान होगा अम्लता उतनी ही अधिक होगी। यह अम्ल कठोर भोजन कणों को नरम करने में भी मदद करता है। जठर रस का निम्न $pH$ स्तर पाचन की पहली रासायनिक सीढ़ी है।
3. Valency & Chemical Bonding
1. गलत मिलान का चयन करें। (तत्व : संयोजकता)
(A) हीलियम : 0
(B) हाइड्रोजन : 1
(C) कार्बन : 4
(D) ऑक्सीजन : 1
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-III
Ans: (D) विभिन्न तत्वों की संयोजकता (Valency) उनके बाहरी कक्ष के इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करती है। हीलियम (He) एक अक्रिय गैस है, इसकी संयोजकता 0 होती है (सही)। हाइड्रोजन (H) की संयोजकता 1 होती है (सही)। कार्बन (C) की संयोजकता 4 होती है (सही)। ऑक्सीजन (O) के बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसे अष्टक पूरा करने के लिए 2 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है, अतः इसकी संयोजकता 2 होती है, न कि 1। इसलिए विकल्प (d) गलत मिलान है।
3. Digestive system
1. आमाशय भित्ति में स्थित जठर ग्रंथियां निम्नलिखित में से किसका स्राव नहीं करती हैं?
(A) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(B) श्लेष्मा
(C) पेप्सिन
(D) लार
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (D) आमाशय की दीवारों में जठर ग्रंथियां (Gastric glands) पाई जाती हैं जो पाचन में सहायक होती हैं। ये ग्रंथियां हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl), पेप्सिन और श्लेष्मा (Mucus) का स्राव करती हैं जबकि लार (Saliva) मुख में लार ग्रंथियों द्वारा बनती है। $HCl$ भोजन को अम्लीय बनाता है जिससे पेप्सिन एंजाइम सक्रिय हो जाता है। श्लेष्मा आमाशय की आंतरिक परत को अम्ल के हानिकारक प्रभाव से बचाती है। पेप्सिन मुख्य रूप से प्रोटीन के पाचन की शुरुआत करता है।
2. ________ बड़ी वसा गोलिकाओं के आकार को संकुचित करता है, जिससे एंजाइम अधिक प्रभावी ढंग से काम करते हैं।
(A) पित्त लवण
(B) आंत्ररस
(C) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(D) अग्न्याशयी रस
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-I
Ans: (A) पित्त रस में मौजूद पित्त लवण (Bile salts) वसा के पाचन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये लवण वसा की बड़ी बूंदों के पृष्ठीय तनाव को कम करके उन्हें छोटी गोलिकाओं में बदल देते हैं। इस प्रक्रिया से लाइपेज एंजाइम के कार्य करने के लिए अधिक सतह उपलब्ध हो जाती है। बिना पित्त लवणों के शरीर में वसा का पाचन और अवशोषण अत्यंत कठिन हो जाता है। पित्त लवणों की यह क्रिया साबुन की सफाई क्रिया के समान होती है।
3. निम्न में से कौन सा वसा के पायसीकरण में शामिल होता है?
(A) आमाशय
(B) अग्न्याशय
(C) प्लीहा
(D) यकृत
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) • यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है जो पित्त रस (Bile Juice) का स्राव करती है। • वसा का पायसीकरण (Emulsification) वह प्रक्रिया है जिसमें वसा की बड़ी बूंदों को छोटी बूंदों में तोड़ा जाता है। • यकृत से निकला पित्त रस पित्ताशय (Gallbladder) में जमा होता है।
4. एक वयस्क मनुष्य के मुख में केवल ________ कृतंक होते हैं।
(A) दस
(B) चार
(C) आठ
(D) बारह
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-I
Ans: (C)

एक वयस्क मनुष्य के मुख में कुल आठ कृंतक (Incisors) दांत होते हैं जो जबड़ों के बिल्कुल सामने की ओर चार ऊपर और चार नीचे स्थित होते हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन को काटने और कुतरने (Cutting and biting) का होता है इसलिए इनका आकार छैनी (Chisel-shaped) जैसा और धारदार होता है। मानव दंत विन्यास (Dental formula) के अनुसार मुख के प्रत्येक चतुर्थांश में दो कृंतक पाए जाते हैं जो पाचन की प्रारंभिक प्रक्रिया में सहायक होते हैं।

5. निम्नांकित चित्र मानव आहार नाल के एक भाग को दर्शाता है। इस भाग में कौन सी क्रिया हो रही है, और कैसे?
(A) मौजूद एंजाइमों के कारण क्रमाकुंचन
(B) लयबद्ध संकुचन और पेशीय भित्तियों के शिथिलन के कारण क्रमाकुंचन
(C) लयबद्ध संकुचन और पेशीय भित्तियों के शिथिलन के कारण पाचन
(D) मौजूद एंजाइमों के कारण पाचन
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) भोजन को आहारनाल में आगे धकेलने के लिए इसकी पेशीय भित्तियों में एक विशेष प्रकार की गति होती है जिसे क्रमाकुंचन (Peristalsis) कहते हैं। यह गति पेशियों के लयबद्ध संकुचन और शिथिलन (Contraction and Relaxation) के कारण होती है। यह प्रक्रिया पूरी आहारनाल (ग्रासनली से गुदा तक) में लगातार चलती रहती है। इसके माध्यम से भोजन नियंत्रित तरीके से पाचन तंत्र के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचता है।
6. पित्त रस के कार्य नीचे दिए गए हैं। उस विकल्प का चयन करें, जो पित्त रस के कार्य से संबंधित नहीं है।
(A) यह अग्न्याशयी एंजाइमों की क्रिया के लिए भोजन को क्षारीय माध्यम प्रदान करता है।
(B) इसमें प्रोटीन को पचाने वाला एंजाइम होता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायक होता है
(C) यह अग्न्याशयी एंजाइमों की क्रिया की दक्षता को बढ़ाता है।
(D) यह बड़ी वसा गोलिकाओं को छोटी वसा गोलिकाओं में विघटित करता है
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) पित्त रस (Bile juice) यकृत द्वारा बनता है और पित्ताशय में जमा होता है लेकिन इसमें कोई पाचन एंजाइम नहीं होता। इसका मुख्य कार्य आमाशय से आने वाले अम्लीय भोजन को क्षारीय बनाना है ताकि अग्न्याशयी एंजाइम कार्य कर सकें। यह वसा की बड़ी गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में तोड़कर उनका पायसीकरण (Emulsification) करता है। अग्न्याशयी एंजाइमों की कार्यक्षमता बढ़ाने में पित्त रस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।
7. मानव आहार नाल का एक चित्र नीचे दिया गया है। इसके आधार पर स्तंभ I का स्तंभ II के साथ सही मिलान दर्शानें वाले विकल्प का चयन कीजिए।
स्तंभ I स्तंभ II
a i) अंकुर (villi) भोजन से जल का अवशोषण करते हैं
b ii) लंबाई, जंतुओं द्वारा खाए जाने वाले भोजन पर निर्भर करती है
c iii) वसा के पायसीकरण में सहायक होता है
d iv) पाचन नहीं होता है
(A) a-iii, b-ii, c-i, d-iv
(B) a-iv, b-i, c-ii, d-iii
(C) a-ii, b-iii, c-iv, d-i
(D) a-i, b-ii, c-iii, d-iv
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift-I
Ans: (B) यह प्रश्न मानव पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों और उनके कार्यों के मिलान के बारे में है। यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है जो पित्त का स्राव करती है। छोटी आंत (Small intestine) वह स्थान है जहाँ भोजन का पूर्ण पाचन और अवशोषण होता है। बड़ी आंत (Large intestine) मुख्य रूप से जल का अवशोषण करने का कार्य करती है। आहारनाल (Alimentary canal) मुख से गुदा तक फैली एक लंबी नली होती है जिसकी लंबाई लगभग 9 मीटर होती है।
8. मनुष्यों की छोटी आंत में मौजूद अंकुरों (villi) की विशेषताएं नीचे दी गई है: (i) अंगुलीनुमा संरचनाएं (ii) बड़ा सतही क्षेत्रफल (iii) छोटे छिद्र (iv) रक्त केशिकाएं। सही विकल्प चुनें।
(A) केवल (i)
(B) (i), (ii) और (iii)
(C) केवल (ii) और (iii)
(D) केवल (i) और (iii)
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-III
Ans: (B) छोटी आंत की आंतरिक दीवार पर हजारों अंगुलीनुमा उभार होते हैं जिन्हें अंकुर या विली (Villi) कहते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य पचे हुए भोजन के अवशोषण के लिए सतही क्षेत्रफल (Surface area) को बढ़ाना होता है। विली में प्रचुर मात्रा में रक्त केशिकाएं (Blood capillaries) होती हैं जो पोषक तत्वों को सोख लेती हैं। इनमें छोटे छिद्र और लैक्टियल वाहिकाएं भी होती हैं जो मुख्य रूप से वसा के अवशोषण में मदद करती हैं।
9. निम्न में से कौन सा आमाशय में बनने वाला एक प्रोटीन पाचक एंजाइम है?
(A) HCl
(B) एंटिरोकाइनेज
(C) पेप्सिन
(D) माल्टेज
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-II
Ans: (C) आमाशय में प्रोटीन के पाचन के लिए मुख्य रूप से पेप्सिन (Pepsin) नामक एंजाइम स्रावित होता है। यह निष्क्रिय पेप्सिनोजेन के रूप में निकलता है जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की उपस्थिति में सक्रिय हो जाता है। $HCl$ की उपस्थिति पेप्सिन के कार्य करने के लिए आवश्यक अम्लीय माध्यम तैयार करती है। पेप्सिन जटिल प्रोटीन अणुओं को छोटे पेप्टोन्स (Peptones) में तोड़ देता है। प्रोटीन पाचन की शुरुआत आमाशय से ही मानी जाती है।
10. जठर रस (gastric juice) में डुबोने पर pH पेपर का रंग कैसा हो जाएगा?
(A) नीला
(B) लाल
(C) पीला
(D) हरा-पीला
RRB Group-D | 28/09/2018 | Shift-II
Ans: (B) • जठर रस में मौजूद HCl अम्ल के कारण यह प्रबल अम्लीय होता है। • जब pH पेपर को अम्ल के संपर्क में लाया जाता है, तो वह गहरे लाल रंग में बदल जाता है। • pH मान जितना कम होगा (1-2), लाल रंग उतना ही गहरा या तीव्र होगा।
11. निम्न में से क्या, आहार नाल में अम्लीय आहार को क्षारीय में परिवर्तित करता है?
(A) जठर रस
(B) आंत्र रस
(C) पित्त रस
(D) अग्न्याशयी रस
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) • आमाशय से निकलने वाला भोजन अम्लीय होता है, जिसे पित्त रस (Bile Juice) क्षारीय माध्यम में बदलता है। • अग्न्याशय के एंजाइम (जैसे ट्रिप्सिन) केवल क्षारीय माध्यम में ही सक्रिय रूप से कार्य कर सकते हैं। • पित्त रस का pH मान लगभग 7.7 से 8.0 के बीच होता है।
12. उस एंजाइम का नाम बताएं, जिसका उपयोग प्रोटीन को पेप्टाइड में रूपांतरित करने के लिए किया जाता है।
(A) इंवर्टेज
(B) पेप्सिन
(C) लैक्टेज
(D) जाइमेज
RRB NTPC Stage Ist | 15/02/2021 | Shift-I
Ans: (B) आमाशय में पेप्सिन (Pepsin) एंजाइम प्रोटीन के बड़े अणुओं को छोटे पेप्टाइड (Peptide) और पेप्टोन्स में बदलने का कार्य करता है। यह क्रिया केवल अम्लीय माध्यम में ही संभव हो पाती है। पेप्सिन के अलावा अग्न्याशय से निकलने वाला ट्रिप्सिन भी प्रोटीन का पाचन करता है। प्रोटीन के अंतिम पाचन के बाद वे अमीनो अम्ल (Amino acids) में बदल जाते हैं। पेप्सिन मुख्य रूप से दूध के प्रोटीन और सामान्य भोजन के प्रोटीन पर कार्य करता है।
13. सामान्य परिस्थितियों में, अम्ल की अभिक्रिया से पेट की अंदरूनी परत को बचाने का कार्य कौन करता है?
(A) बलगम
(B) जठर-ग्रंथि
(C) एंजाइम्स
(D) विलाई
RRB NTPC Stage Ist | 05/01/2021 | Shift-I
Ans: (A) आमाशय (Stomach) की आंतरिक दीवार पर बलगम या श्लेष्मा (Mucus) की एक सुरक्षात्मक परत पाई जाती है जो पेट की उपकला कोशिकाओं को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के हानिकारक प्रभाव से बचाती है। यह श्लेष्म परत आमाशय द्वारा स्रावित तीव्र अम्ल और पेप्सिन एंजाइम के बीच एक भौतिक अवरोध (Physical barrier) के रूप में कार्य करती है ताकि पेट की दीवारें खुद को ही न पचा लें। यदि किसी कारणवश इस श्लेष्मा का स्राव कम हो जाता है तो आमाशय की परत में सूजन या अल्सर (Ulcer) होने की संभावना बढ़ जाती है।
14. ________ को पचाने के लिए शाकाहारी को लंबी छोटी आंत की आवश्यकता होती है-
(A) क्लोरोप्लास्ट
(B) सेलुलोज़
(C) कार्बोहाइड्रेट
(D) प्रोटीन
RRB Group-D | 28/11/2018 | Shift-I
Ans: (B) शाकाहारी जानवरों को सेलुलोज (Cellulose) पचाने के लिए लंबी छोटी आंत की आवश्यकता होती है क्योंकि सेलुलोज का पाचन काफी जटिल और धीमा होता है। मांसाहारी जंतुओं जैसे शेर की छोटी आंत छोटी होती है क्योंकि मांस आसानी से पच जाता है। आहार की प्रकृति के आधार पर छोटी आंत की लंबाई अलग-अलग प्रजातियों में भिन्न हो सकती है। मनुष्यों में भी शाकाहारी भोजन करने पर पाचन के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है।
15. खुर वाले जानवरों के आमाशय का सबसे बड़ा हिस्सा कौन सा होता है?
(A) रूमेन
(B) रेटिकुलम
(C) अबोमेसम
(D) ओमेसम
RRB NTPC Stage Ist | 13/03/2021 | Shift-II
Ans: (A) गाय और भैंस जैसे खुर वाले जुगाली करने वाले जानवरों का आमाशय चार भागों में बंटा होता है। इसका सबसे बड़ा हिस्सा रूमेन (Rumen) कहलाता है जहाँ भोजन अस्थायी रूप से जमा होता है। रूमेन में मौजूद बैक्टीरिया घास में मौजूद सेलुलोज को किण्वन प्रक्रिया द्वारा तोड़ते हैं। जानवर बाद में रूमेन से भोजन को वापस मुंह में लाकर चबाते हैं जिसे जुगाली करना कहते हैं। पाचन की यह व्यवस्था पौधों के कठोर रेशों को पचाने के लिए विकसित हुई है।
16. निम्नलिखित में से कौन सा एक सही कथन नहीं है?
(A) यकृत और अग्न्याशय का स्राव आमाशय में जाता है
(B) गैस्ट्रिक ग्रंथियां, आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और पेप्सिन एंजाइम और श्लेष्मा (Mucus) मुक्त करती हैं
(C) श्लेष्मा (Mucus) आमाशय की अंदरूनी परत को अम्ल से बचाता है
(D) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, पेप्सिन एंजाइम की क्रिया को आसान बनाने के लिए एक अम्लीय माध्यम का निर्माण करता है
RRB NTPC Stage Ist | 06/04/2021 | Shift-I
Ans: (A) यकृत (Liver) और अग्न्याशय (Pancreas) का स्राव सीधे आमाशय में नहीं बल्कि छोटी आंत के पहले भाग जिसे ग्रहणी (Duodenum) कहते हैं वहाँ जाता है। आमाशय अपनी दीवारों से खुद ही हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और एंजाइमों का स्राव करता है। श्लेष्मा (Mucus) आमाशय की कोमल परत को तेजाब जैसे प्रबल अम्ल से सुरक्षित रखती है। अग्न्याशय से निकलने वाला रस कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन तीनों के पाचन के लिए एंजाइम प्रदान करता है।
17. स्वाद का पता लगाने के लिए अभिग्राहक को क्या कहते हैं?
(A) संवेदिक अभिग्राहक
(B) रासायनिक अभिग्राहक
(C) प्राण अभिग्राहक
(D) रसवेदी अभिग्राहक
RRB ALP & Tec. | 09/08/2018 | Shift-III
Ans: (D) जीभ पर स्वाद का पता लगाने के लिए विशेष संवेदी कोशिकाएं होती हैं जिन्हें रस्वेदी अभिग्राहक (Gustatory receptors) कहा जाता है। ये कोशिकाएं रसायनों के माध्यम से मस्तिष्क को स्वाद का संकेत भेजती हैं। गंध का पता लगाने वाले अभिग्राहकों को घ्राण अभिग्राहक (Olfactory receptors) कहते हैं। स्वाद और गंध दोनों ही रासायनिक संवेदी तंत्र का हिस्सा हैं जो हमें भोजन की गुणवत्ता पहचानने में मदद करते हैं।
18. मानव शरीर का एकमात्र अंग जो पुनः विकसित/पुनः सृजित हो सकता है?
(A) तिल्ली
(B) दिमाग
(C) जिगर
(D) अग्न्याशय
RRB NTPC Stage It | 29/03/2016 | Shift-I
Ans: (C) यकृत या जिगर (Liver) मानव शरीर का एकमात्र ऐसा अंग है जिसमें पुनरुद्धभवन (Regeneration) की अद्भुत क्षमता होती है। यदि यकृत का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाए या काट दिया जाए तो यह वापस अपने सामान्य आकार में बढ़ सकता है। यह शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है और 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करती है। मस्तिष्क की कोशिकाओं में विभाजन और पुनः निर्माण की क्षमता सबसे कम होती है।
19. एक वयस्क मानव का पूरा पाचन तंत्र यानि मुँह से गुदा तक ________ मीटर लंबा होता है।
(A) 8
(B) 7
(C) 10
(D) 9
RRB NTPC Stage It | 05/04/2016 | Shift-III
Ans: (D) एक वयस्क मनुष्य की पूरी आहारनाल मुख से लेकर गुदा (Anus) तक लगभग 9 मीटर (करीब 30 फीट) लंबी होती है। इस लंबी नली में छोटी आंत की लंबाई सबसे अधिक लगभग 6 से 7 मीटर होती है। आहारनाल की लंबाई व्यक्ति की ऊंचाई और आहार की आदतों पर निर्भर कर सकती है। यह पूरी नली भोजन के पाचन, पोषक तत्वों के अवशोषण और अपशिष्ट के निष्कासन के लिए जिम्मेदार है।
20. पित्त के कार्य को ________ कहा जा सकता हैः
(A) पायसीकरण
(B) अपचयन
(C) ऑक्सीकरण
(D) निस्तापन
RRB Group-D | 05/12/2018 | Shift-III
Ans: (A) पित्त के मुख्य कार्य को पायसीकरण (Emulsification) कहा जाता है जिसका अर्थ वसा को छोटे टुकड़ों में तोड़ना है। यह प्रक्रिया वसा को जल के साथ मिश्रित होने में मदद करती है ताकि एंजाइम उस पर काम कर सकें। पायसीकरण के बिना वसा का पूर्ण पाचन शरीर में संभव नहीं है। यह क्रिया रासायनिक रूप से वसा के गुणों को नहीं बदलती बल्कि केवल उसका भौतिक रूप बदलती है।
21. अग्नाशयी रस में मौजूद ________ एंजाइम, प्रोटीन को एमिनो एसिड में परिवर्तित करता है।
(A) ट्रिप्सिन
(B) पेप्सिन
(C) एमाइलेज
(D) लाइपेज
RRB Group-D | 22/09/2018 | Shift-III
Ans: (A) अग्न्याशयी रस (Pancreatic juice) में ट्रिप्सिन (Trypsin) नामक एक शक्तिशाली एंजाइम होता है जो प्रोटीन का पाचन करता है। ट्रिप्सिन प्रोटीन और पेप्टोन्स को सीधे अमीनो अम्ल (Amino acids) में बदलने में सहायता करता है। यह एंजाइम क्षारीय माध्यम में सबसे अच्छा कार्य करता है। अमीनो अम्ल प्रोटीन की सबसे सरल इकाई होते हैं जिन्हें शरीर की कोशिकाएं आसानी से अवशोषित कर लेती हैं।
22. गले में ________ के छल्ले मौजूद होते हैं।
(A) उपास्थि
(B) जोड़
(C) एरिओलर
(D) स्नायु
RRB Group-D | 25/09/2018 | Shift-II
Ans: (A) गले या श्वास नली (Trachea) में उपास्थि (Cartilage) के बने ‘C’ आकार के छल्ले मौजूद होते हैं। ये छल्ले श्वास नली को आपस में चिपकने से बचाते हैं ताकि हवा का मार्ग हमेशा खुला रहे। उपास्थि हड्डियों की तुलना में लचीली और नरम होती है जो गले को मजबूती और लचीलापन दोनों प्रदान करती है। यदि ये छल्ले न हों तो सांस बाहर छोड़ते समय श्वास नली पिचक सकती है।
3. Valency & Chemical Bonding
1. निम्न में से कौन-सा कथन सबसे अच्छी तरह यह वर्णन करता है कि कार्बन मुख्य रूप से सहसंयोजक बंध बनाता है, आयनिक बंध नहीं?
(A) कार्बन उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त नहीं कर सकता।
(B) कार्बन में बहुत कम संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
(C) कार्बन की आयनन ऊर्जा (Ionization Energy) इलेक्ट्रॉन त्यागने के लिए बहुत अधिक है, और इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने के लिए बहुत कम है।
(D) कार्बन परमाणु बहुत छोटे होते हैं।
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) कार्बन मुख्य रूप से सहसंयोजक बंध बनाता है क्योंकि $C^{4+}$ आयन बनाने के लिए 4 इलेक्ट्रॉनों को हटाने के लिए अत्यधिक ऊर्जा (आयनन ऊर्जा) की आवश्यकता होती है, जो संभव नहीं है। इसी प्रकार, $C^{4-}$ बनाने के लिए 4 अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों को धारण करना कार्बन के छोटे नाभिक के लिए कठिन होता है। इसलिए, कार्बन इलेक्ट्रॉनों को साझा (share) करके बंध बनाता है।
2. कौन-सा अणु समाहित करने पर चतुष्फलक सममिति दर्शाता है?
(A) $NH_3$
(B) $H_2O$
(C) $CO_2$
(D) $CH_4$
MP Police constable 2025 | 11-11-2025 | 02:30:00
Ans: () मीथेन ($CH_{4}$) में कार्बन परमाणु $sp^{3}$ संकरित होता है और इसमें कोई एकाकी युग्म (lone pair) नहीं होता, इसलिए इसकी संरचना पूर्णतः सममित चतुष्फलकीय (Tetrahedral) होती है। $NH_{3}$ में एक एकाकी युग्म होने के कारण यह पिरामिडीय होता है, $H_{2}O$ मुड़ा हुआ (Bent) होता है, और $CO_{2}$ रेखीय होता है।
3. C-C $\sigma$ (सिग्मा) बंध में इलेक्ट्रॉन घनता अधिकतम कहाँ होती है:
(A) कार्बन नाभिक पर
(B) अंतर-नाभिकीय अक्ष (Internuclear axis) के साथ
(C) दोनों परमाणुओं के चारों ओर समान रूप से वितरित
(D) अंतर-नाभिकीय अक्ष के ऊपर और नीचे
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) $\sigma$ (सिग्मा) बंध का निर्माण दो परमाणु कक्षकों के अक्षीय अतिव्यापन (axial overlap) से होता है। इस प्रकार के बंध में इलेक्ट्रॉन घनत्व (electron density) दोनों परमाणुओं के नाभिकों को जोड़ने वाली अक्ष (internuclear axis) पर अधिकतम होता है। जबकि $\pi$ बंध में इलेक्ट्रॉन घनत्व अक्ष के ऊपर और नीचे होता है।
4. मीथेन के निर्माण में, बंध बनने से मुक्त ऊर्जा की तुलना हाइब्रिडाइजेशन ऊर्जा (संकरण ऊर्जा) होती है:
(A) काफी अधिक (Much larger)
(B) लगभग समान (Approximately equal)
(C) परिस्थितियों के आधार पर परिवर्तनशील
(D) काफी कम (Much smaller)
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) बंध निर्माण (Bond formation) एक ऊष्माक्षेपी (exothermic) प्रक्रिया है, जिसमें ऊर्जा मुक्त होती है। संकरण (Hybridization) के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। मीथेन के निर्माण में, 4 C-H बंध बनने से मुक्त हुई ऊर्जा, कार्बन को उत्तेजित करने और संकरण के लिए आवश्यक ऊर्जा से काफी अधिक होती है, जिससे अणु स्थिर हो जाता है।
3. Work, energy, and power
1. एक पोर्टर जमीन से 12kg सामान उठाता है और उसे जमीन से 1.5m ऊपर अपने सिर पर रखता है। सामान पर उसके द्वारा किए गए कार्य की गणना करें। (g = 10 ms⁻²)
(A) 140 J
(B) 150 J
(C) 180 J
(D) 155 J
RRB Group-D | 04-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) कार्य की गणना सूत्र W = mgh द्वारा की जाती है। यहाँ द्रव्यमान (m) = 12kg, गुरुत्वीय त्वरण (g) = 10 m/s² और ऊँचाई (h) = 1.5m है। अतः W = 12 × 10 × 1.5 = 180 Joule होगा। जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, तो कार्य धनात्मक होता है।
2. यदि एक हवाई जहाज 4000 m की दूरी तय करता है और किया गया कार्य 20000J है, तो लागू किया गया बल ज्ञात कीजिए।
(A) 5 N
(B) 50 N
(C) 0.2 N
(D) 10 N
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-I
Ans: (A) बल ज्ञात करने के लिए कार्य के सूत्र W = F × d का उपयोग करते हैं। यहाँ कार्य (W) = 20000J और दूरी (d) = 4000m दी गई है। बल (F) = W / d = 20000 / 4000 = 5 Newton। यह दर्शाता है कि हवाई जहाज पर गति बनाए रखने के लिए 5N का निरंतर बल लगाया जा रहा है।
3. किसी वस्तु पर किया गया कार्य निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता है?
(A) प्रयुक्त बल
(B) वस्तु के द्रव्यमान
(C) विस्थापन
(D) बल और विस्थापन के बीच कोण
RRB Group-D | 16-10-2018 | Shift-I
Ans: (B) भौतिकी में किया गया कार्य ($Work$) मुख्य रूप से तीन कारकों पर निर्भर करता है: लगाया गया बल ($Force$), विस्थापन ($Displacement$) और उनके बीच का कोण ($\theta$)। सूत्र $W = Fs \cos \theta$ में वस्तु का द्रव्यमान ($Mass$) प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है, इसलिए कार्य द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है। कार्य का SI मात्रक जूल है जबकि CGS मात्रक अर्ग है। $90^{\circ}$ के कोण पर किया गया कार्य हमेशा शून्य होता है। कुली द्वारा सिर पर बोझ लेकर चलना भौतिकी के अनुसार शून्य कार्य की श्रेणी में आता है क्योंकि बल और विस्थापन लंबवत होते हैं।
4. निम्नलिखित में से कौन अधिक कार्य कर सकता है?
(A) उठा हुआ हथौड़ा
(B) एक चली हुए गोली
(C) तेजी से आता हुआ पत्थर
(D) एक घूमता पहिया
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) गतिज ऊर्जा ($Kinetic Energy$) वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के वर्ग पर निर्भर करती है। चूँकि बंदूक की गोली का वेग अत्यंत अधिक होता है, इसलिए इसकी गतिज ऊर्जा अन्य विकल्पों की तुलना में बहुत अधिक होती है, जो इसे अधिक कार्य करने में सक्षम बनाती है। सूत्र $KE = \frac{1}{2}mv^{2}$ के अनुसार वेग का प्रभाव द्रव्यमान से अधिक होता है। किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता ही उसकी ऊर्जा कहलाती है। गोली की भेदन क्षमता (Piercing Power) उसकी उच्च गतिज ऊर्जा के कारण होती है।
5. किसी वस्तु पर किया गया कार्य निर्भर करता है: A. विस्थापन पर B. बल और विस्थापन के बीच कोण पर C. प्रयुक्त बल पर D. वस्तु के द्रव्यमान पर। इनमें से क्या सही है?
(A) B, C और D
(B) A, B और D
(C) A, C और D
(D) A, B और C
RRB Group-D | 08-10-2018 | Shift-III
Ans: (D) किसी वस्तु पर किया गया कार्य विस्थापन, बल और उनके बीच के कोण पर निर्भर करता है। कार्य का सूत्र $W = \vec{F} \cdot \vec{s} = Fs \cos \theta$ होता है, जहाँ स्पष्ट है कि यह वस्तु के द्रव्यमान पर सीधे निर्भर नहीं है। कार्य एक अदिश राशि है जिसकी कोई दिशा नहीं होती। धनात्मक कार्य तब होता है जब बल और विस्थापन के बीच कोण न्यूनकोण ($<90^{\circ}$) हो। ऋणात्मक कार्य घर्षण बल द्वारा किया जाता है।
6. एक पिंड द्वारा किया गया कार्य निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता है?
(A) वस्तु के प्रारंभिक वेग
(B) विस्थापन
(C) बल और विस्थापन के बीच कोण
(D) लागू बल
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-II
Ans: (A) पिंड द्वारा किया गया कार्य उसके विस्थापन, लागू बल और बल-विस्थापन के बीच के कोण पर निर्भर करता है। यह वस्तु के प्रारंभिक वेग (Initial Velocity) पर निर्भर नहीं करता है क्योंकि कार्य केवल प्रक्रिया के दौरान हुए ऊर्जा परिवर्तन को मापता है। कार्य-ऊर्जा प्रमेय ऊर्जा के रूपांतरण को समझाती है। शून्य विस्थापन की स्थिति में बल लगाने पर भी कार्य शून्य माना जाता है। दीवार को धक्का देना इसका सबसे सामान्य उदाहरण है। विस्थापन की दिशा बल के विपरीत होने पर कार्य ऋणात्मक होता है।
7. किसी वस्तु पर किया गया कार्य ..... पर निर्भर नहीं करता है।
(A) वह कोण जिस पर बल विस्थापन हेतु प्रवृत्त है
(B) प्रयुक्त बल
(C) विस्थापन
(D) वस्तु के आरंभिक वेग
RRB Group-D | 13-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) कार्य का मान वस्तु के प्रारंभिक वेग पर निर्भर नहीं करता है, यह केवल बल, विस्थापन और प्रवृत्त कोण का परिणाम होता है। सूत्र $W = Fs \cos \theta$ में वेग का कोई पद नहीं है। ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है कि ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है न नष्ट किया जा सकता है। कार्य करने की दर को शक्ति (Power) कहते हैं। यदि कोई व्यक्ति वस्तु को पकड़कर खड़ा है, तो विस्थापन शून्य होने के कारण कार्य शून्य होगा।
8. किसी पिंड पर कार्य तभी किया जाता है, जबः
(A) यह एक यांत्रिक प्रभाव के माध्यम से ऊर्जा-वृद्धि का अनुभव करता है
(B) बल इस पर कार्य करते हैं
(C) वहाँ विस्थापन होता है
(D) यह किसी निश्चित दूरी के माध्य से आगे बढ़ता है
RRB Group-D | 11-12-2018 | Shift-II
Ans: (A) जब कोई पिंड यांत्रिक प्रभाव के माध्यम से ऊर्जा में वृद्धि का अनुभव करता है, तो यह दर्शाता है कि उस पर कार्य ($Work$) किया गया है। कार्य वास्तव में ऊर्जा स्थानांतरण की एक विधि है। यदि विस्थापन बल की दिशा में है, तो ऊर्जा निकाय में जुड़ती है। यदि कार्य निकाय द्वारा किया जाता है, तो इसकी ऊर्जा घटती है। ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा हमेशा स्थिर रहती है जिसे ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत कहते हैं।
9. गति करती हुई एक कार विपरीत दिशा में आती हवा का सामना करती है। कार पर हवा द्वारा किया गया कार्य ..... होगा।
(A) ऋणात्मक
(B) शून्य
(C) अपरिमित
(D) धनात्मक
RRB Group-D | 01-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) जब हवा कार की गति की विपरीत दिशा में चलती है, तो बल और विस्थापन के बीच का कोण 180 डिग्री होता है। सूत्र W = Fd cosθ के अनुसार, cos 180° = -1 होता है, जिससे कार्य का मान ऋणात्मक आता है। यह हवा द्वारा कार की गतिज ऊर्जा को कम करने के प्रयास को दर्शाता है।
10. निम्न में से क्या कार्य का एक गुण नहीं है?
(A) कार्य की दिशा होती हैं
(B) कार्य किये जाने के लिए एक वस्तु पर बल लगाया जाना आवश्यक है
(C) कार्य का केवल परिमाण होता है
(D) कार्य के होने के लिए वस्तु का विस्थापन होना आवश्यक है
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-III
Ans: (A) कार्य की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसका केवल परिमाण (Magnitude) होता है, कोई दिशा नहीं होती, इसलिए यह एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है। विकल्प में दिया गया कथन कि कार्य की दिशा होती है, गलत है। कार्य होने के लिए बल और विस्थापन दोनों अनिवार्य हैं। यदि बल और विस्थापन के बीच कोण $90^{\circ}$ है, तो कार्य शून्य होगा। विस्थापन शून्य होने पर भी कार्य शून्य होता है। कार्य का SI मात्रक महान भौतिक विज्ञानी जेम्स प्रेस्कॉट जूल के नाम पर रखा गया है।
11. यदि एक मॉल में कोई व्यक्ति 50 N के बल से ट्रॉली को खींचता है जिससे ट्रॉली 30m विस्थापित होती है, तो किए गए कार्य की गणना करें।
(A) 1500 J
(B) 80 J
(C) 1500 W
(D) 20 J
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-II
Ans: (A) मॉल में ट्रॉली खींचने पर किया गया कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है। दिया गया बल (F) = 50N और विस्थापन (d) = 30m है। कार्य W = 50 × 30 = 1500 Joule। यहाँ जूल कार्य की SI इकाई है, जबकि वाट (W) शक्ति की इकाई होती है, इसलिए उत्तर जूल में होगा।
12. 5 किलोग्राम भार की एक वस्तु को 4m की ऊंचाई तक उठाया जाता है। उस वस्तु पर लगने वाले गुरुत्व बल के कारण किया गया कार्य का मान कितना होगा? (मान लें g = 10 m/s²)
(A) 200 जूल
(B) 20 जूल
(C) -20 जूल
(D) -200 जूल
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-III
Ans: (D) जब किसी वस्तु को ऊपर उठाया जाता है, तो बाह्य बल द्वारा किया गया कार्य धनात्मक होता है, लेकिन गुरुत्व बल (Gravity) द्वारा किया गया कार्य ऋणात्मक होता है क्योंकि गुरुत्व बल नीचे की ओर और विस्थापन ऊपर की ओर है। $W = 5 \times 10 \times 4 \times \cos 180^{\circ} = -200$ जूल। कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार कुल कार्य ऊर्जा परिवर्तन के बराबर है। गुरुत्वीय त्वरण ऊँचाई के साथ घटता है। ऋणात्मक चिन्ह दिशात्मक विरोध को दर्शाता है।
13. 50 kg द्रव्यमान का एक लड़का 40 सीढ़ियां 9 सेकण्ड में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊंचाई 15 cm है, तो उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। (मान लीजिए g = 10 ms⁻²)
(A) 333.33 W
(B) 333.34 J
(C) 333.34 ms
(D) 387.5 W
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) शक्ति (Power) कार्य करने की दर है, P = (mgh) / t। यहाँ m = 50kg, g = 10, कुल ऊँचाई h = 40 × 0.15 = 6m, और समय t = 9s है। P = (50 × 10 × 6) / 9 = 333.33 Watt। यह प्रश्न दर्शाता है कि गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करने में कितनी तेजी से ऊर्जा खर्च हो रही है।
14. 50 kg भार का एक लड़का, 45 चरणों की सीढ़ियां 9 s में चढ़ जाता है। यदि प्रत्येक चरण की ऊँचाई 15 cm हैं, तो उसकी शक्ति का पता लगाएं। (g = 10 ms⁻²)
(A) 325 W
(B) 275 W
(C) 475 W
(D) 375 W
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) इस प्रश्न में $h = 45 \times 0.15 = 6.75$ मीटर है। सूत्र $P = \frac{50 \times 10 \times 6.75}{9} = \frac{3375}{9} = 375$ वाट। शक्ति कार्य करने की क्षमता नहीं बल्कि कार्य करने की गति है। ऊर्जा और कार्य के मात्रक समान (जूल) होते हैं लेकिन शक्ति का मात्रक वाट है। ऊँचाई पर चढ़ते समय गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है।
15. यदि 40 N भार वाली कोई लड़की 160 W की शक्ति से 20 सेकेंड तक रस्सी पर चढ़ती है तो वह कितनी ऊँचाई तक पहुँच सकेगी?
(A) 80 मीटर
(B) 4 मीटर
(C) 8 मीटर
(D) 0.8 मीटर
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-III
Ans: (C) ऊँचाई ज्ञात करने के लिए शक्ति के सूत्र P = (mgh) / t का पुनर्गठन करते हैं। यहाँ P = 160W, भार (mg) = 40N, और t = 20s है। 160 = (40 × h) / 20 => 160 = 2h => h = 80 मीटर। अतः 160 वाट की शक्ति से 20 सेकंड में 80 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचा जा सकता है।
16. 80 kg की वस्तु को 40 m की ऊँचाई तक लगभग 50 s में ऊपर उठाने हेतु आवश्यक औसत शक्ति होगी। ($g=10m/s^{2}$)
(A) 3,200 J/s
(B) 640 J/s
(C) 800 J/s
(D) 600 J/s
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) औसत शक्ति की गणना कुल कार्य और कुल समय के अनुपात से होती है। यहाँ $P = \frac{80 \times 10 \times 40}{50} = 640$ जूल/सेकंड या वाट है। औसत शक्ति पूरे अंतराल के दौरान शक्ति के औसत मान को दर्शाती है। यदि कार्य असमान गति से किया जाए, तो तात्क्षणिक शक्ति (Instantaneous Power) भिन्न हो सकती है। भारी वस्तुओं को उठाने में अधिक ऊर्जा का स्थानांतरण होता है।
17. यदि वायु प्रतिरोध को नगण्य मानें, तो मुक्त रूप से गिरते हुए पिंड की स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा का योग क्या होगा?
(A) अनन्त
(B) स्थितिज ऊर्जा के योग का दोगुना
(C) शून्य
(D) स्थिर
RRB Group-D | 28-11-2018 | Shift-I
Ans: (D) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार, वायु प्रतिरोध की अनुपस्थिति में, मुक्त रूप से गिरते हुए पिंड की स्थितिज ऊर्जा घटती है और उतनी ही मात्रा में गतिज ऊर्जा बढ़ती है। अतः यांत्रिक ऊर्जा ($ME = PE + KE$) हमेशा स्थिर (Constant) रहती है। ऊर्जा केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है। गिरते समय उच्चतम बिंदु पर $KE$ शून्य होती है और जमीन के ठीक ऊपर $PE$ न्यूनतम होती है। यह नियम ब्रह्मांड के हर बंद निकाय (Closed System) पर लागू होता है।
18. यदि एक वस्तु का वेग उसके प्रारंभिक वेग का दो गुना हो जाता है तब इसकी गतिज ऊर्जा इसकी प्रारंभिक गतिज उर्जा की n गुनी हो जाती है। n का मान क्या होगा?
(A) 3
(B) 4
(C) 1/2
(D) 6
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-II
Ans: (B) गतिज ऊर्जा (K.E.) वेग के वर्ग के समानुपाती होती है (K.E. ∝ v²)। यदि वेग को दोगुना (2v) कर दिया जाए, तो नई गतिज ऊर्जा (2)² = 4 गुनी हो जाएगी। अतः n का मान 4 होगा। यह नियम वाहनों की ब्रेकिंग दूरी और सुरक्षा मानकों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
19. 20kg के हथौड़े द्वारा प्राप्त विभव ऊर्जा की गणना करें जब इसे 10 मीटर की ऊँचाई तक बढ़ाया जाता है। ($g=10~ms^{-2}$)
(A) 3000 Pa
(B) 2000 J
(C) 3000 W
(D) 3000 N
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) किसी वस्तु की स्थिति या ऊँचाई के कारण होती है। सूत्र U = mgh के अनुसार, m = 20kg, g = 10 m/s², और h = 10m। U = 20 × 10 × 10 = 2000 Joule। ऊँचाई पर रखे हथौड़े में यह ऊर्जा संचित रहती है जो नीचे गिरने पर कार्य में बदल जाती है।
20. किसी निश्चित ऊंचाई पर गतिमान किसी वस्तु के वेग को चार गुना बढ़ा दिया जाये तो उस वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा?
(A) स्थितिज ऊर्जा नियत रहेगी।
(B) स्थितिज ऊर्जा अपने मूल मान की आधी हो जाएगी।
(C) स्थितिज ऊर्जा दो गुनी हो जाएगी।
(D) स्थितिज ऊर्जा अपने मूल मान की चार गुनी हो जाएगी।
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-II
Ans: (A) स्थितिज ऊर्जा केवल द्रव्यमान, गुरुत्व और ऊँचाई (m, g, h) पर निर्भर करती है। चूँकि सूत्र P.E. = mgh में वेग (v) का कोई पद नहीं है, इसलिए वेग को चार गुना करने पर भी स्थितिज ऊर्जा अपरिवर्तित (Constant) रहेगी। वेग बदलने से केवल गतिज ऊर्जा (K.E.) पर प्रभाव पड़ता है।
3. Digestive system
1. कौन सी पेशी आमाशय से छोटी आंत में भोजन के निर्गम को नियंत्रित करती है?
(A) वक्षीय पेशी
(B) संवरणी पेशी
(C) पिंडली की पेशी
(D) सीधी पेशी
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (B) आमाशय से भोजन के छोटी आंत में जाने की प्रक्रिया को संवरणी पेशी (Sphincter muscle) नियंत्रित करती है। इसे विशेष रूप से पाइलोरिक स्फिंक्टर कहा जाता है जो भोजन को धीरे-धीरे और नियंत्रित मात्रा में आगे भेजता है। यह पेशी वाल्व की तरह कार्य करती है जो भोजन को वापस आमाशय में आने से भी रोकती है। पाचन तंत्र में विभिन्न स्थानों पर ऐसी ही संवरणी पेशियां पाई जाती हैं जो भोजन के प्रवाह को नियमित करती हैं।
2. पाचन तंत्र में पाया जाने वाला पैंक्रियाटिक सेरीन प्रोटीएज़ एंजाइम?
(A) ट्रिप्सिन
(B) लाइपेज़
(C) एमाइलेज़
(D) पेप्सिन
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (A) अग्न्याशय द्वारा स्रावित होने वाला ट्रिप्सिन (Trypsin) एक महत्वपूर्ण सेरीन प्रोटीएज़ एंजाइम है जो प्रोटीन को तोड़ता है। यह छोटी आंत के क्षारीय वातावरण में सक्रिय होकर प्रोटीन की लंबी श्रृंखलाओं को छोटे पेप्टाइड्स में बदल देता है। प्रोटीएज़ उन एंजाइमों के समूह को कहते हैं जो विशेष रूप से प्रोटीन के पेप्टाइड बंधों को काटते हैं। यह एंजाइम पाचन की पूरी प्रक्रिया में प्रोटीन के चयापचय के लिए अनिवार्य है।
3. सही मिलान करें :
स्तंभ I स्तंभ II
i. प्रोटीन a. एमिलेज़
ii. कार्बोहाइड्रेट b. लाइपेज
iii. वसा c. ट्रिप्सिन
(A) i-a, ii-b, iii-c
(B) i-b, ii-a, iii-c
(C) i-a, ii-c, iii-b
(D) i-c, ii-a, iii-b
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) विभिन्न पोषक तत्वों को पचाने के लिए शरीर अलग-अलग एंजाइमों का उपयोग करता है। कार्बोहाइड्रेट के पाचन के लिए एमाइलेज (Amylase), वसा के लिए लाइपेज (Lipase) और प्रोटीन के लिए ट्रिप्सिन (Trypsin) जिम्मेदार है। एमाइलेज मुख और अग्न्याशय दोनों से निकलता है जबकि ट्रिप्सिन केवल अग्न्याशय से स्रावित होता है। लाइपेज वसा को ग्लिसरॉल और वसीय अम्लों में परिवर्तित कर देता है।
4. मनुष्यों में आहार नाल के आरंभिक बिंदु से अंतिम बिंदु तक के भागों की सही व्यवस्था का चयन कीजिए।
(A) मुख गुहिका ---> ग्रासनली आमाशय ---> बड़ी आंत ---> छोटी आंत ---> मलाशय ---> गुदा
(B) मुख गुहिका ---> ग्रासनली---> आमाशय ---> छोटी आंत ---> बड़ी आंत ---> गुदा---> मलाशय
(C) मुख गुहिका ---> ग्रासनली ---> आमाशय ---> बड़ी आंत ---> छोटी आंत -> गुदा---> मलाशय
(D) मुख गुहिका ---> ग्रासनली--> आमाशय ---> छोटी आंत ---> बड़ी आंत ---> मलाशय ---> गुदा
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (D) मानव पाचन तंत्र का सही मार्ग मुख गुहिका से शुरू होकर ग्रासनली, आमाशय, छोटी आंत, बड़ी आंत और फिर मलाशय (Rectum) के माध्यम से गुदा तक जाता है। छोटी आंत बड़ी आंत से लंबी होती है लेकिन इसका व्यास कम होता है। मलाशय वह स्थान है जहाँ अपशिष्ट भोजन त्यागने से पहले अस्थायी रूप से जमा रहता है। इस मार्ग का प्रत्येक भाग भोजन के यांत्रिक या रासायनिक पाचन में विशिष्ट भूमिका निभाता है।
5. घास खाने वाले कुछ जंतु दो प्रक्रियाओं में भोजन के पाचन को पूरा करते हैं। पहले, वे आंशिक रूप से पचे हुए भोजन को निगलते हैं और फिर उस भोजन को दोबारा उगलते (जुगाली करते) हैं और चबाते हैं। ऐसे जंतुओं को क्या कहा जाता है?
(A) परपोषी
(B) उद्गलित
(C) स्वपोषी
(D) रूमिनैन्ट
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (D) घास खाने वाले जंतु जो भोजन को दोबारा मुंह में लाकर चबाते हैं उन्हें रूमिनैन्ट (Ruminant) या जुगाली करने वाले जंतु कहा जाता है। इन जंतुओं के पास सेलुलोज को पचाने के लिए विशेष बैक्टीरिया युक्त बड़ा आमाशय होता है। जुगाली करने की प्रक्रिया से भोजन अधिक सूक्ष्म हो जाता है जिससे बैक्टीरिया उस पर बेहतर कार्य कर पाते हैं। गाय, भैंस, बकरी और ऊंट रूमिनैन्ट श्रेणी के प्रमुख उदाहरण हैं।
3. Valency & Chemical Bonding
1. कार्बन अन्य तत्वों के साथ प्रबल बंध बनाता है। निम्न में से कौन-सा दिए गए कथन की सही व्याख्या करता है?
(A) कार्बन नाभिक अपने बड़े आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को दुर्बलता से पकड़कर रखता है।
(B) कार्बन नाभिक अपने छोटे आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को प्रबलता से पकड़कर रखता है।
(C) कार्बन नाभिक अपने छोटे आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को दुर्बलता से पकड़कर रखता है।
(D) कार्बन नाभिक अपने बड़े आकार के कारण इलेक्ट्रॉनों के साझा युग्मों को प्रबलता से पकड़कर रखता है।
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-II
Ans: (B) कार्बन के परमाणु का आकार छोटा होता है। छोटे आकार के कारण, कार्बन का नाभिक साझे के इलेक्ट्रॉन युग्मों (shared pair of electrons) को अपने पास मजबूती से आकर्षित करके रखता है। इसी कारण कार्बन अन्य तत्वों और स्वयं के साथ भी बहुत प्रबल (Strong) सहसंयोजक बंध बनाता है।
2. कार्बन डाइऑक्साइड अणु में एक ऑक्सीजन परमाणु द्वारा एक कार्बन परमाणु के साथ कितने इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी की जाती है?
(A) 4
(B) 3
(C) 1
(D) 2
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_{2}$) की संरचना $O=C=O$ होती है। यहाँ प्रत्येक ऑक्सीजन परमाणु कार्बन के साथ एक द्वि-बंध (Double Bond) बनाता है। एक द्वि-बंध में 2 इलेक्ट्रॉन युग्म (अर्थात कुल 4 इलेक्ट्रॉन) साझा होते हैं। प्रश्न में संभवतः इलेक्ट्रॉन युग्मों (pairs) की संख्या या किसी विशिष्ट संदर्भ में पूछा गया है, लेकिन दिए गए विकल्पों में सबसे उचित उत्तर 2 (युग्म के संदर्भ में) माना जाता है।
3. आयनिक यौगिकों में विद्युत चालकता के संबंध में इनमें से कौन सा कथन सही है?
(A) आयनिक यौगिक, ठोस एवं गलित दोनों अवस्थाओं में विद्युत का चालन करते हैं।
(B) आयनिक यौगिक, गलित अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं, किंतु ठोस अवस्था में नहीं करते हैं।
(C) आयनिक यौगिक, ठोस एवं गलित दोनों अवस्थाओं में विद्युत के कुचालक होते हैं।
(D) आयनिक यौगिक, ठोस अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं, किंतु गलित अवस्था में नहीं करते हैं।
RRB Group-D | 19/09/2022 | Shift-I
Ans: (B) आयनिक यौगिकों में आवेशित कण (आयन) होते हैं। ठोस अवस्था में, ये आयन अपने निश्चित स्थानों पर दृढ़ता से बंधे होते हैं और गति नहीं कर सकते, इसलिए ठोस अवस्था में ये विद्युत का चालन नहीं करते। लेकिन गलित अवस्था (molten state) या जलीय विलयन में, आयन गति करने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं और विद्युत का चालन करते हैं।
4. बेंजीन में मौजूद द्विक आबंध की संख्या _____ होती है।
(A) चार
(B) तीन
(C) दो
(D) छह
RRB Group-D | 27/09/2022 | Shift-1
Ans: (B) बेंजीन ($C_{6}H_{6}$) एक वलयाकार (cyclic) यौगिक है। इसकी संरचना में एकांतर क्रम (alternate order) में एकल और द्वि-बंध होते हैं। इसमें कुल 3 द्वि-बंध (Double bonds) और 3 एकल C-C बंध होते हैं। (कुल 9 सिग्मा C-C और C-H, तथा 3 पाई बंध)। प्रश्न में द्वि-बंधों की संख्या पूछी गई है, जो 3 है।
5. इनमें से किन दो तत्वों में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है?
(A) F और Cl
(B) N और C
(C) H और He
(D) B और Br
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-III
Ans: (A) फ्लुओरीन (F, परमाणु क्रमांक 9) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 7 है। क्लोरीन (Cl, परमाणु क्रमांक 17) का विन्यास 2, 8, 7 है। दोनों हैलोजन समूह (Group 17) के तत्व हैं और दोनों के बाहरी कक्ष में 7 संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence electrons) होते हैं। इसलिए इनकी रासायनिक गुणधर्म भी समान होते हैं।
6. _______ की वजह से आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक अत्यधिक होते हैं।
(A) दुर्बल अंतर-आयनिक आकर्षण को भंग करने के लिए ऊर्जा की थोड़ी मात्रा की आवश्यकता
(B) दुर्बल अंतर-आयनिक आकर्षण को भंग करने के लिए ऊर्जा की बड़ी मात्रा की आवश्यकता
(C) प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण को भंग करने के लिए ऊर्जा की थोड़ी मात्रा की आवश्यकता
(D) प्रबल अंतर-आयनिक आकर्षण को भंग करने के लिए ऊर्जा की बड़ी मात्रा की आवश्यकता
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-II
Ans: (D) आयनिक यौगिक विपरीत आवेशित आयनों (धनात्मक और ऋणात्मक) से बने होते हैं जो आपस में प्रबल स्थिर-वैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic force of attraction) द्वारा बंधे होते हैं। इस प्रबल बल को तोड़ने और आयनों को अलग करने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा (ऊष्मा) की आवश्यकता होती है, इसलिए इनके गलनांक (Melting Point) और क्वथनांक (Boiling Point) बहुत उच्च होते हैं।
7. वह तत्व जिसके अणुओं में तीन संयुक्त इलेक्ट्रॉन (valance electrons) होते है, का एक उदाहरण है
(A) सिलिकान
(B) ताँबा
(C) जर्मेनियम
(D) एल्युमिनियम
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (D) एल्युमिनियम (Al) का परमाणु क्रमांक 13 है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 3 है। इसके बाहरी कक्ष में 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिन्हें त्यागकर यह $Al^{3+}$ आयन बनाता है। सिलिकॉन (Si) के 4, तांबा (Cu) के 1 या 2 (संक्रमण धातु), और जर्मेनियम (Ge) के 4 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं।
8. मैग्नीशियम की परमाणु संख्या 12 है। इसकी संयोजकता क्या होगी?
(A) +2
(B) -3
(C) +3
(D) -2
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) मैग्नीशियम ($Mg$) का परमाणु क्रमांक 12 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 है। अपना अष्टक (Octet) पूरा करने के लिए, यह बाहरी कक्ष के 2 इलेक्ट्रॉनों को आसानी से त्याग देता है। इलेक्ट्रॉन त्यागने के कारण इस पर +2 धनात्मक आवेश आता है। अतः इसकी संयोजकता +2 है।
9. ________ एक सहसंयोजक अणु नहीं है।
(A) CaO
(B) $NH_{3}$
(C) $H_{2}O$
(D) $CCl_{4}$
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-II
Ans: (A) $CaO$ (कैल्शियम ऑक्साइड) एक आयनिक यौगिक है क्योंकि यह एक धातु (Ca) और एक अधातु (O) के बीच बनता है, जहाँ इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण होता है। अन्य सभी विकल्प ($NH_{3}, H_{2}O, CCl_{4}$) सहसंयोजक यौगिक हैं जो अधातुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनते हैं।
10. सहसंयोजित बांडेड अणुओं में निम्न गलनांक और क्वथनांक बिंदु होते हैं क्योंकिः
(A) इंटरमोलिक्यूलर बल मध्यम होते हैं
(B) इंटरमोलिक्यूलर बल मजबूत होते हैं
(C) इंटरमोलिक्यूलर बल कमजोर होते हैं
(D) इंटरमोलिक्यूलर बल बहुत मजबूत होते हैं
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) सहसंयोजक यौगिकों (Covalent compounds) के अणु एक-दूसरे से दुर्बल वान डर वाल्स बलों (Weak Van der Waals forces) द्वारा जुड़े होते हैं। इन अंतरा-अणुक (Intermolecular) बलों को तोड़ने के लिए बहुत कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए इनके गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं।
3. Plant Physiology
1. प्रकाश संश्लेषण के संबंध में इनमें से कौन सा कथन गलत है?
(A) प्रकाश संश्लेषण में जल के अणुओं का हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभक्त होना शामिल होता है
(B) प्रकाश संश्लेषण, पर्णहरित (क्लोरोफिल) द्वारा प्रकाश ऊर्जा के अवशोषण से संबंधित है
(C) प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाईऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट में ऑक्सीकरण होता है
(D) प्रकाश संश्लेषण, प्रकाश ऊर्जा के रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तन से संबंधित है
RRB Group-D | 16/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) का ऑक्सीकरण नहीं बल्कि अपचयन (Reduction) होता है जिससे कार्बोहाइड्रेट ($C_6H_{12}O_6$) बनता है। इस प्रक्रिया में जल ($H_2O$) के अणुओं का फोटोलीसिस होता है जिससे ऑक्सीजन ($O_2$) मुक्त होती है। यह प्रक्रिया सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने का मुख्य मार्ग है।
2. श्वसन की दर प्रकाश संश्लेषण की दर से अधिक होने से पौधे पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(A) अधिक उर्जा उत्पन्न होने के कारण पौधों के विकास में वृद्धि होगी।
(B) उत्पादित भोजन की तुलना में अधिक भोजन का ऑक्सीकरण होगा, जिससे पोषण के अभाव में पौधा सूख जाएगा।
(C) पौधे बहुत अधिक मात्रा में भोजन का संग्रहण करेंगे।
(D) पौधों का विकास धीमा हो जाएगा।
RRB Group-D | 18/08/02022 | Shift-III
Ans: (B) जब श्वसन की दर प्रकाश संश्लेषण से अधिक हो जाती है, तो पौधा संचित भोजन ($C_6H_{12}O_6$) का उपयोग उत्पादन से तेजी से करने लगता है। इसके परिणामस्वरूप पौधे में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है। अंततः पोषण के अभाव में पौधे की वृद्धि रुक जाती है और वह सूख सकता है।
3. निम्न में से कौन रात्रि के समय कार्बन डाईऑक्साइड लेते है, और एक मध्यस्थ उत्पाद तैयार करते है तथा दिन के दौरान क्लोरोफिल ऊर्जा अवशोषित करके, उस पर कार्य करके अंतिम उत्पाद बनाते है?
(A) कवक
(B) मरु‌द्भिद पौधे
(C) नीले हरे शैवाल
(D) जीवाणु
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) मरुद्भिद (Xerophytic) पौधे वाष्पोत्सर्जन को कम करने के लिए रात में रंध्र खोलते हैं और $CO_2$ ग्रहण कर मैलिक एसिड जैसे मध्यस्थ उत्पाद बनाते हैं। दिन के समय जब सूर्य का प्रकाश उपलब्ध होता है, तब क्लोरोफिल ऊर्जा अवशोषित कर इस मध्यस्थ उत्पाद को अंतिम ग्लूकोज ($C_6H_{12}O_6$) में बदल देता है। यह $CAM$ (Crassulacean Acid Metabolism) चक्र कहलाता है।
4. पौधों में, परिवहन की प्रक्रिया के लिए मुख्यतः विसरण उत्तरदायी होता है। हालांकि कुछ पदार्थों के परिवहन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। कौन सा विकल्प ATP से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करके परिवहन किए गए पदार्थों को दर्शाता है?
(A) केवल अमीनों अम्ल
(B) जल, खनिज और भोजन
(C) जल और खनिज
(D) भोजन, अमीनो अम्ल और हार्मोन
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) पादपों में फ्लोएम (Phloem) ऊतक द्वारा भोजन, अमीनो अम्ल और हार्मोन का परिवहन सक्रिय रूप से होता है जिसमें $ATP$ से प्राप्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। जाइलम द्वारा जल और खनिजों का परिवहन मुख्य रूप से विसरण और वाष्पोत्सर्जन खिंचाव जैसी निष्क्रिय प्रक्रियाओं द्वारा होता है। $ATP$ ऊर्जा का उपयोग अणुओं को सांद्रता प्रवणता के विरुद्ध ले जाने में किया जाता है।
5. उस प्रक्रिया का नाम बताइए, जिसके द्वारा प्रकाश संश्लेषण के विलेय उत्पादों को पादपों के अन्य भागों में पहुंचाया जाता है।
(A) वाष्पोत्सर्जन
(B) स्थानांतरण
(C) परासरण
(D) विसरण
RRB Group-D | 02/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) प्रकाश संश्लेषण के विलेय उत्पादों (जैसे सुक्रोज) के परिवहन को स्थानांतरण (Translocation) कहा जाता है जो फ्लोएम ऊतक के माध्यम से होता है। यह प्रक्रिया पत्तियों (स्रोत) से जड़ों और फलों (सिंक) की दिशा में होती है। स्थानांतरण एक ऊर्जा-निर्भर प्रक्रिया है जिसमें $ATP$ का उपयोग किया जाता है।
3. Digestive system
1. लसीका, आंतों में पचित और अवशोषित ________ का परिवहन करती है।
(A) एंजाइमों
(B) कार्बोहाइड्रेट्स
(C) वसा
(D) प्रोटीन
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) लसीका (Lymph) एक रंगहीन तरल है जो शरीर के ऊतकों और रक्त के बीच पदार्थों का आदान-प्रदान करता है। यह छोटी आंत में पचे हुए वसा (Fat) का परिवहन करने का मुख्य कार्य करता है। लसीका में लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) नहीं पाई जाती हैं। यह प्रतिरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। वसा का अवशोषण छोटी आंत की विली (Villi) में मौजूद लैक्टियल वाहिकाओं द्वारा होता है।
2. आहार में मौजूद वसा छोटी आंत में बड़ी गोलिकाएं क्यों बनाते हैं?
(A) क्योंकि आमाशय में मौजूद लाइपेज एंजाइम वसा को पूरी तरह से नहीं पचा पाते हैं
(B) क्योंकि वसा, आमाशय में उत्पन्न जलयुक्त कर्दम (slurry) के साथ अच्छी तरह मिश्रित नहीं हो पाते हैं
(C) क्योंकि वसा, आमाशय में भोजन के मंथन के दौरान कार्बोहाइड्रेट में फंस जाते हैं
(D) क्योंकि प्रोटीन और वसा आपस में मिलकर कोलाइडल पदार्थ बनाते हैं
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) वसा जल में अघुलनशील होता है इसलिए आमाशय में भोजन के मंथन के दौरान यह छोटी बूंदों के बजाय बड़ी गोलिकाओं (Large globules) के रूप में एकत्रित हो जाता है। बड़ी गोलिकाओं पर एंजाइम प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर पाते हैं। पित्त रस (Bile juice) इन बड़ी गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में तोड़ता है। इस प्रक्रिया को पायसीकरण (Emulsification) कहा जाता है जो वसा के पाचन को आसान बनाता है।
3. मनुष्य के पाचन तंत्र में होने वाली कौन सी क्रिया गंदगी पर साबुन के पायसीकरण की क्रिया के समान होती है?
(A) पित्त रस द्वारा क्षारीय माध्यम प्रदान किया जाना
(B) पित्त लवणों द्वारा बड़ी वसा गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में विघटित किया जाना
(C) पित्त रस एंजाइमों द्वारा स्टार्च के पाचन में सहायता करना
(D) पित्त रस द्वारा अम्लीय माध्यम प्रदान किया जाना
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) मानव पाचन में वसा का पायसीकरण (Emulsification) साबुन द्वारा गंदगी साफ करने की प्रक्रिया के बिल्कुल समान है। पित्त लवण वसा की बूंदों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर उन्हें पानी में घुलने योग्य या इमल्शन के रूप में बदल देते हैं। इससे पाचन एंजाइमों को वसा पर क्रिया करने के लिए अधिक स्थान मिलता है। यह प्रक्रिया रासायनिक न होकर एक भौतिक प्रक्रिया मानी जाती है। इसके बाद ही लाइपेज एंजाइम वसा को वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल में तोड़ पाता है।
4. पाचन के संदर्भ में गलत कथन को पहचानें।
(A) अवशोषण स्वांगीकरण से पहले, लेकिन पाचन के बाद होता है।
(B) स्वांगीकरण अंतर्ग्रहण से पहले, लेकिन अवशोषण के बाद होता है।
(C) पाचन, निष्कासन (बहिःक्षेपण) से पहले, लेकिन अंतर्ग्रहण के बाद होता है।
(D) स्वांगीकरण और अवशोषण, दोनों अंतर्ग्रहण से पहले होते हैं।
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-II
Ans: (B) मानव पोषण के पांच मुख्य चरण होते हैं जिनका सही क्रम अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण और बहिःक्षेपण (Egestion) है। स्वांगीकरण (Assimilation) वह प्रक्रिया है जिसमें अवशोषित भोजन का उपयोग शरीर की कोशिकाओं द्वारा ऊर्जा और वृद्धि के लिए किया जाता है। अवशोषण हमेशा पाचन के बाद होता है और स्वांगीकरण से पहले होता है। भोजन को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया को निष्कासन या बहिःक्षेपण कहते हैं।
5. निम्नलिखित में से किसमें होमोडोंट दाँत पाए जाते हैं?
(A) मछली
(B) मानव
(C) तेंदुआ
(D) घोड़ा
RRB NTPC Stage It | 29/04/2016 | Shift-I
Ans: (A) होमोडोंट (Homodont) उन जंतुओं को कहा जाता है जिनके सभी दांत आकार और संरचना में एक जैसे होते हैं जैसे कि मछली और मगरमच्छ। मनुष्यों में हेटेरोडोंट (Heterodont) दांत पाए जाते हैं क्योंकि हमारे दांत चार अलग प्रकार के होते हैं। मनुष्य के दांतों के प्रकार में कृंतक, रदनक, अग्रचर्वणक और चर्वणक शामिल हैं। मछलियों के दांत आमतौर पर भोजन को पकड़ने के काम आते हैं उसे चबाने के लिए नहीं।
3. Valency & Chemical Bonding
1. ग्रेफीन में, कार्बन परमाणु sp² हाइब्रिडाइज़ेशन (संकरण) प्रदर्शित करते हैं। तो असंकरित p ऑर्बिटल (कक्षक) का क्या होता है?
(A) यह संरचना में विस्थानिक (delocalized) $\pi$ बंध बनाता है
(B) यह एकाकी युग्म (lone pairs) रखता है
(C) यह खाली रहता है
(D) यह $\sigma$ आबंधन में भाग लेता है
MP Police constable 2025 | 26-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) ग्रेफीन (Graphene) में प्रत्येक कार्बन परमाणु $sp^{2}$ संकरित होता है और 3 अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है। चौथा इलेक्ट्रॉन असंकरित $p$-कक्षक (unhybridized p-orbital) में रहता है। ये $p$-कक्षक आपस में अतिव्यापन करके पूरी शीट पर विस्थानिक (delocalized) $\pi$ (पाई) इलेक्ट्रॉन मेघ बनाते हैं, जो ग्रेफीन को विद्युत का सुचालक बनाता है।
3. Work, energy, and power
1. 20 N का एक बल एक वस्तु को 2 मीटर विस्थापित कर देता है और 20 जूल कार्य करता है। बल और विस्थापन के बीच कोण है-
(A) 60°
(B) 30°
(C) 90°
(D)
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-II
Ans: (A) जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है और उसमें विस्थापन (Displacement) होता है, तो कार्य की गणना सूत्र $W = Fd \cos \theta$ से की जाती है। यहाँ $\theta$ बल और विस्थापन के बीच का कोण है। प्रश्न के अनुसार $20 = 20 \times 2 \times \cos \theta$ है, जिससे $\cos \theta = 0.5$ प्राप्त होता है और कोण $60^{\circ}$ आता है। कार्य एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है जिसका मात्रक जूल (Joule) होता है। यदि बल और विस्थापन लंबवत हों, तो किया गया कार्य शून्य होता है। $1$ जूल $10^{7}$ अर्ग के बराबर होता है। अधिकतम कार्य तब होता है जब बल और विस्थापन की दिशा समान ($0^{\circ}$) हो।
2. 1 kg की एक वस्तु को 10 m की ऊँचाई तक उठाया जाता है। गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य ..... होगा। (मान लीजिए g = 9.8 m/s²)
(A) 98 J
(B) -9.8 J
(C) 9.8 J
(D) -98 J
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-I
Ans: (D) गुरुत्व बल (Gravitational Force) द्वारा किया गया कार्य बल और विस्थापन की दिशा पर निर्भर करता है। जब वस्तु को ऊपर उठाया जाता है, तो विस्थापन ऊपर की ओर और गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर कार्य करता है, जिससे उनके बीच $180^{\circ}$ का कोण बनता है। सूत्र $W = mgh \cos 180^{\circ} = 1 \times 9.8 \times 10 \times (-1) = -98$ जूल प्राप्त होता है। यदि वस्तु नीचे गिर रही होती, तो कार्य धनात्मक होता। $g$ का मान ध्रुवों पर अधिकतम और भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। ऋणात्मक कार्य का अर्थ है कि बल गति का विरोध कर रहा है।
3. 4.0 किलोग्राम द्रव्यमान की एक वस्तु क्षैतिज दिशा में 5.0 मीटर प्रति सेकण्ड की गति से बढ़ रही है। इसकी गति 10 मीटर प्रति सेकण्ड तक बढ़ाने के लिए, इस पर किया गया कार्य कितना होगा?
(A) 150 जूल
(B) 100 जूल
(C) 75 जूल
(D) 50 जूल
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-II
Ans: (A) कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है। यहाँ $m = 4 kg$, $u = 5 m/s$ और $v = 10 m/s$ है। सूत्र $W = \frac{1}{2}m(v^{2} - u^{2})$ से गणना करने पर $W = \frac{1}{2} \times 4 \times (100 - 25) = 150$ जूल आता है। गतिज ऊर्जा हमेशा धनात्मक होती है। वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाती है। यह प्रमेय घर्षण वाले और बिना घर्षण वाले दोनों सतहों पर लागू होती है।
4. यदि कोई कार 500 N की नियत बल के साथ 15 km की दूरी की यात्रा करती है, तो किए गए कार्य की गणना होगीः
(A) 750000 J
(B) 75000 J
(C) 7500000 J
(D) 7500 J
RRB Group-D | 13-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) कार्य की गणना बल और विस्थापन के गुणनफल से की जाती है। यहाँ $500 N$ का बल $15 km$ ($15,000$ मीटर) तक कार्य करता है। सूत्र $W = F \times s = 500 \times 15000 = 7,500,000$ जूल प्राप्त होता है। जूल ऊर्जा का बहुत छोटा मात्रक है, इसलिए बड़े कार्यों को अक्सर मेगाजूल ($MJ$) में दर्शाया जाता है। कार्य का मान विस्थापन के बिना शून्य होता है। ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई किलोवाट-घंटा ($kWh$) है।
5. एक बस 4000 N के स्थिर बल से चलती है। बस द्वारा किया गया कार्य 2000 J है। बस द्वारा तय की गई दूरी क्या है?
(A) 1 मीटर
(B) 2 मीटर
(C) 1.5 मीटर
(D) 0.5 मीटर
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-III
Ans: (D) दूरी की गणना कार्य और बल के संबंध से की जा सकती है। सूत्र $W = F \times s$ के अनुसार, विस्थापन $s = \frac{W}{F} = \frac{2000}{4000} = 0.5$ मीटर होगा। यह दर्शाता है कि बस पर बल तो बहुत अधिक है लेकिन कार्य तुलनात्मक रूप से कम हुआ है। बल और विस्थापन का गुणनफल ही कार्य की मात्रा निर्धारित करता है। घर्षण बल हमेशा गति के विरुद्ध कार्य करता है जिसे ऋणात्मक कार्य कहा जाता है।
6. एक कुली 13 kg के सामान को जमीन से 1.5m ऊपर उठाकर अपने सर पर रखता है। उसके द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए ? (g = 10 ms⁻²)
(A) 195 J
(B) 100 N
(C) 150 J
(D) 140 J
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) कुली द्वारा सामान को ऊपर उठाने में किया गया कार्य गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा ($Potential Energy$) में परिवर्तन के बराबर होता है। सूत्र $W = mgh = 13 \times 10 \times 1.5 = 195$ जूल है। ध्यान दें कि यदि कुली सामान लेकर क्षैतिज (Horizontal) चलता है, तो भौतिकी के अनुसार कार्य शून्य होगा। स्थितिज ऊर्जा ऊंचाई के साथ बढ़ती है। $g$ का मान लगभग $9.8 m/s^{2}$ होता है लेकिन गणना की सुविधा के लिए अक्सर $10$ लिया जाता है।
7. यदि कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घुमाई जाती है, तो उस पर किया गया कार्य
(A) शून्य है
(B) निर्धारित नहीं किया जा सकता है
(C) सकारात्मक है
(D) ऋणात्मक है
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-III
Ans: (A) जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ (Circular Path) में घूमती है, तो किसी भी बिंदु पर विस्थापन की दिशा केंद्र की ओर लगने वाले अभिकेंद्री बल (Centripetal Force) के लंबवत होती है। चूँकि कोण $90^{\circ}$ होता है, इसलिए $\cos 90^{\circ} = 0$ होने के कारण कुल कार्य शून्य हो जाता है। उपग्रहों की पृथ्वी के चारों ओर गति में गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है। एक पूर्ण चक्कर के बाद विस्थापन शून्य होने पर भी कार्य शून्य कहलाता है। यह केंद्रीय बलों (Central Forces) का एक विशेष गुण है।
8. जब बल विस्थापन ..... होता है, तो बल द्वारा किए गए कार्य को ऋणात्मक माना जाता है।
(A) बल की दिशा के लंबवत् होता है
(B) संवेग की दिशा में होता है
(C) बल की दिशा में होता है
(D) बल की विपरीत दिशा में होता है
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) कार्य को ऋणात्मक तब माना जाता है जब लगाया गया बल विस्थापन की विपरीत दिशा में हो, अर्थात उनके बीच कोण $180^{\circ}$ हो। घर्षण बल (Friction) इसका प्रमुख उदाहरण है क्योंकि यह हमेशा गति का विरोध करता है। ब्रेक लगाने पर कार पर किया गया कार्य ऋणात्मक होता है। ऋणात्मक कार्य का मतलब है कि वस्तु से ऊर्जा ली जा रही है। धनात्मक कार्य का मतलब है कि वस्तु को ऊर्जा दी जा रही है। $90^{\circ}$ से $180^{\circ}$ के बीच के कोणों के लिए कार्य ऋणात्मक होता है।
9. 2 m लंबाई की एक समान चेन, टेबल पर ऐसी रखी गई है कि उसकी लंबाई का 60 cm, टेबल के कोने से मुक्त रूप से लटकता है। चेन का कुल द्रव्यमान 4 kg है। टेबल पर पूरी चेन को खींचने हेतु किया गया कार्य क्या है?
(A) 12 J
(B) 7.2 J
(C) 3.6 J
(D) 12 J
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-I
Ans: (C) टेबल से लटकती हुई चेन को ऊपर खींचने में किया गया कार्य उसके लटकते हुए भाग की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होता है। चेन का $60 cm$ ($0.6 m$) भाग लटक रहा है जिसका द्रव्यमान $1.2 kg$ होगा। इसका द्रव्यमान केंद्र (COM) $0.3 m$ नीचे है, अतः कार्य $W = mgh_{com} = 1.2 \times 10 \times 0.3 = 3.6$ जूल प्राप्त होता है। यह एक जटिल संख्यात्मक प्रश्न है जो अक्सर RRB Group D में पूछा जाता है। स्थितिज ऊर्जा हमेशा संदर्भ बिंदु से मापी जाती है। पूरी चेन ऊपर आने पर इसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा बढ़ जाती है।
10. 800 किग्रा. की एक कार द्वारा 5 m/s से 10 m/s वेग बढ़ाने में किया गया कार्य है-
(A) 30 kJ
(B) 40 kJ
(C) 20 kJ
(D) 10 kJ
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-II
Ans: (A) वेग को $5 m/s$ से $10 m/s$ तक बढ़ाने में किया गया कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर है। सूत्र $W = \frac{1}{2} \times 800 \times (10^{2} - 5^{2}) = 400 \times 75 = 30,000$ जूल या $30 kJ$ है। कार का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, वेग परिवर्तन के लिए उतना ही अधिक कार्य करना होगा। गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है। ऊर्जा की हानि को नगण्य माना गया है।
11. मोहन का वजन 40 किलोग्राम है तथा वह 10 सेकण्ड में 50 सीढ़ियाँ चढ़ जाता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई 15 सेंटीमीटर हो तो मोहन की शक्ति क्या है? (g = 10 m/s²)
(A) 200 वाट
(B) 400 वाट
(C) 300 वाट
(D) 100 वाट
RRB ALP & Tec. | 14-08-18 | Shift-III
Ans: (C) शक्ति (Power) कार्य करने की समय दर है। यहाँ मोहन का कुल कार्य $mgh$ है जहाँ $h = 50 \times 0.15 = 7.5$ मीटर है। सूत्र $P = \frac{mgh}{t} = \frac{40 \times 10 \times 7.5}{10} = 300$ वाट। शक्ति का मात्रक वाट ($W$) है जिसे $J/s$ भी कहते हैं। $1$ किलोवाट ($kW$) में $1000$ वाट होते हैं। ऊँचाई पर जाने पर स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होती है जो शक्ति व्यय का कारण बनती है।
12. यदि कोई लड़का 4 मिनट में 600 न्यूटन बल के साथ 20 मीटर की दूरी तय करता है, तो लड़के द्वारा खपत की गई शक्ति की मात्रा कितनी है?
(A) 50 वॉट
(B) 100 वॉट
(C) 80 वॉट
(D) 25 वॉट
RRB ALP & Tec. | 29-08-18 | Shift-III
Ans: (A) शक्ति की गणना कार्य और समय के अनुपात से की जाती है। यहाँ कार्य $F \times s = 600 \times 20$ जूल है और समय $4$ मिनट यानी $240$ सेकंड है। सूत्र $P = \frac{W}{t} = \frac{12000}{240} = 50$ वाट प्राप्त होता है। समय कम होने पर समान कार्य के लिए अधिक शक्ति की आवश्यकता होती है। शक्ति एक अदिश राशि है। औद्योगिक स्तर पर शक्ति को हॉर्सपावर ($HP$) में मापा जाता है।
13. एक 40kg भार वाली लड़की 4s में 5m तक ऊँची होने वाली सीढ़ियों पर तेजी से चढ़ जाती है। उसके द्वारा विकसित शक्ति होगी।
(A) 500 W
(B) 200 W
(C) 2000 W
(D) 100 W
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-I
Ans: (A) शक्ति की गणना $P = \frac{mgh}{t}$ से की जाती है। यहाँ $m = 40 kg, h = 5 m$ और $t = 4 s$ है। गणना करने पर $P = \frac{40 \times 10 \times 5}{4} = 500$ वाट प्राप्त होता है। शक्ति व्यय का अर्थ है प्रति सेकंड कितनी ऊर्जा रूपांतरित हो रही है। यदि लड़की धीरे चढ़ती, तो शक्ति कम होती लेकिन किया गया कार्य समान रहता। घर्षण और वायु प्रतिरोध यहाँ नगण्य माने गए हैं।
14. 50 kg द्रव्यमान का एक लड़का 45 सीढियां 10 सेकंड में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई 16 cm है, तो उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। (मान लीजिए g = 10 ms⁻²)
(A) 337.5 W
(B) 387.5 W
(C) 360 W
(D) 360 J
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) शक्ति का मान $\frac{mgh}{t}$ होता है। यहाँ ऊँचाई $45 \times 0.16 = 7.2$ मीटर है। सूत्र $P = \frac{50 \times 10 \times 7.2}{10} = 360$ वाट प्राप्त होता है। सीढ़ियाँ चढ़ना गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करने का उत्कृष्ट उदाहरण है। यदि समय बढ़ता है, तो विकसित शक्ति कम हो जाती है। यांत्रिक शक्ति का अध्ययन दैनिक जीवन की मशीनों के लिए महत्वपूर्ण है।
15. 50 kg द्रव्यमान का एक लड़का 10s में 43 सीढ़ियां चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई 15 cm है, तो उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए। $g=10ms^{-2}$ दिया गया है।
(A) 337.5 W
(B) 322.5 J
(C) 322.5 W
(D) 322.5 W
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) शक्ति गणना के लिए ऊँचाई $h = 43 \times 0.15 = 6.45$ मीटर है। सूत्र $P = \frac{50 \times 10 \times 6.45}{10} = 322.5$ वाट। कार्य और शक्ति के न्यूमेरिकल अक्सर SSC और Railway परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। गणना करते समय सभी इकाइयों को SI पद्धति (मीटर, किलोग्राम, सेकंड) में बदलना अनिवार्य है। $g$ का मान प्रश्न के अनुसार $10$ लिया गया है।
16. यदि एक वस्तु का संवेग तीन गुना कर दिया जाये, तो इसकी गतिज ऊर्जा :
(A) मूल मान का तीन गुना हो जायेगी
(B) अपरिवर्तित रहेगी
(C) मूल मान का नौ गुना हो जायेगी
(D) मूल मान का छह गुना हो जायेगी
RRB ALP & Tec. | 31-08-18 | Shift-II
Ans: (C) गतिज ऊर्जा ($KE$) और संवेग ($p$) के बीच संबंध $KE = \frac{p^{2}}{2m}$ है। यदि संवेग को तीन गुना ($3p$) कर दिया जाए, तो संवेग का वर्ग होने के कारण गतिज ऊर्जा $3^{2} = 9$ गुना हो जाएगी। संवेग एक सदिश राशि है जबकि ऊर्जा अदिश है। संवेग और वेग का सीधा संबंध $p = mv$ है। हल्के और भारी पिंडों के संवेग समान होने पर हल्के पिंड की गतिज ऊर्जा अधिक होती है। यह SSC CGL का एक पसंदीदा कॉन्सेप्ट है।
17. 0.5 किलोग्राम द्रव्यमान का एक घन, चिकनी सतह पर 2.0 मीटर/सेकण्ड की गति से चल रहा है। वह 1.0 किलोग्राम की एक अन्य वस्तु से टकराता है और वे दोनों एकल वस्तु के रूप में साथ में आगे बढ़ते हैं। टकराव के दौरान हुई ऊर्जा की क्षति क्या होगी?
(A) 0.16 J
(B) 1 J
(C) 0.67 J
(D) 0.32 J
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) टक्कर (Collision) के दौरान ऊर्जा की क्षति की गणना गतिज ऊर्जा के अंतर से की जाती है। यह एक अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic Collision) है जहाँ दोनों वस्तुएं चिपक कर चलती हैं। संवेग संरक्षण से अंतिम वेग $v = 2/3 m/s$ प्राप्त होता है। ऊर्जा क्षति $\Delta KE = KE_{initial} - KE_{final} = 1 - 1/3 = 2/3 \approx 0.67$ जूल है। अधिकांश वास्तविक टक्करों में ऊर्जा ऊष्मा और ध्वनि के रूप में नष्ट होती है। केवल पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर में ही ऊर्जा संरक्षित रहती है।
18. धरती से टकराने से तुरंत पहले यदि 2 kg द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊर्जा 400 J है। इसे किस ऊँचाई से गिराया गया था? (मान लें $g=10~m/s^{2}$ और घर्षण नगण्य है)
(A) 10m
(B) 25 m
(C) 20 m
(D) 15 m
RRB Group-D | 04-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) ऊर्जा संरक्षण के अनुसार, गिरने से ठीक पहले की गतिज ऊर्जा प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा के बराबर होती है। सूत्र $mgh = KE$ से $h = \frac{400}{2 \times 10} = 20$ मीटर आता है। यह दर्शाता है कि ऊर्जा का रूप बदलता है लेकिन कुल मात्रा समान रहती है। घर्षण को नगण्य मानकर ही यह गणना संभव है। गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा ऊँचाई के सीधे समानुपाती होती है।
19. यदि एक बंदूक से गोली चलाई जाती है और बंदूक पीछे की ओर आती है तो बंदूक की गतिज ऊर्जा क्या होगी?
(A) गोली के बराबर
(B) शून्य
(C) गोली से अधिक
(D) गोली से कम
RRB Group-D | 16-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, बंदूक और गोली का संवेग (p) बराबर और विपरीत होता है। गतिज ऊर्जा K = p² / 2m होती है, जिसका अर्थ है कि समान संवेग के लिए ऊर्जा द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती है। चूँकि बंदूक का द्रव्यमान गोली से बहुत अधिक है, इसलिए बंदूक की गतिज ऊर्जा गोली से कम होगी।
3. Valency & Chemical Bonding
1. अधातुएं विद्युत ऋणात्मक होती हैं। वे आबंध बनाती हैं।
(A) इलेक्ट्रोनों को त्याग कर
(B) दो इलेक्ट्रोनों को घटाकर
(C) इलेक्ट्रोनों को प्रतिस्थापित करके
(D) इलेक्ट्रोनों को ग्रहण करके
Constable GD Examination 2024
Ans: (D) अधातुओं (Non-metals) के बाहरी कक्ष में आमतौर पर 4, 5, 6 या 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अष्टक पूरा करने के लिए इनमें इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने (gain) की प्रवृत्ति होती है। इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ये ऋणायन (Anions) बनाते हैं और आयनिक बंध या सहसंयोजक बंध निर्माण में भाग लेते हैं।
2. एथिलीन $C_{2}H_{4}$ में, कार्बन परमाणुओं का संकरण क्या है?
(A) $sp^{3}$
(B) sp
(C) $sp^{2}$
(D) $sp^{3}d$
Selection Post XII
Ans: (C) एथिलीन ($C_{2}H_{4}$) में दोनों कार्बन परमाणुओं के बीच एक द्वि-बंध (Double bond) होता है ($CH_{2}=CH_{2}$)। द्वि-बंध बनाने वाला कार्बन परमाणु हमेशा $sp^{2}$ संकरित होता है। इसी प्रकार, एकल बंध वाला $sp^{3}$ और त्रि-बंध वाला $sp$ संकरित होता है।
3. एथिलीन ($C_{2}H_{4}$) में, कार्बन परमाणुओं का संकरण क्या है?
(A) $sp^{3}$
(B) sp
(C) $sp^{2}$
(D) $sp^{3}d$
RRB JE Exam 2024 | 16/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (C) एथिलीन ($C_{2}H_{4}$) एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है। इसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-बंध उपस्थित होता है। द्वि-बंध से जुड़े कार्बन परमाणुओं का संकरण $sp^{2}$ होता है और इसकी ज्यामिति त्रिकोणीय समतलीय होती है।
4. एसिटिलीन ($C_{2}H_{2}$) में, कार्बन परमाणुओं का संकरण क्या होता है।
(A) sp
(B) $sp^{2}$
(C) $sp^{3}$
(D) $sp^{2}d$
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (A) एसिटिलीन ($C_{2}H_{2}$) का संरचना सूत्र $H-C \equiv C-H$ है। इसमें कार्बन-कार्बन के बीच त्रि-बंध (Triple bond) होता है। त्रि-बंध बनाने वाले कार्बन परमाणु $sp$ संकरित होते हैं और अणु की ज्यामिति रेखीय (Linear) होती है।
5. निम्न में से किस तत्व में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति अपेक्षाकृत अधिक होती है?
(A) ऑक्सीजन
(B) नाइट्रोजन
(C) फ्लोरीन
(D) कार्बन
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-II
Ans: (C) आवर्त सारणी में हैलोजन समूह (Group 17) के तत्वों में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति सबसे अधिक होती है क्योंकि उन्हें अष्टक पूरा करने के लिए केवल 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। दिए गए विकल्पों में फ्लोरीन (F) सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक (Electronegative) तत्व है और इसकी इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति (प्रभावी नाभिकीय आवेश के कारण) कार्बन, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन से अधिक है।
6. कार्बनिक कार्बन यौगिकों का गलनांक आयनिक यौगिकों की तुलना में कम क्यों होता है?
(A) आयनिक आबंधों की उपस्थिति के कारण
(B) अणुओं के बीच क्षीण आकर्षण बल के कारण
(C) सहसंयोजक आबंधों की उपस्थिति के कारण
(D) अणुओं के बीच प्रबल आकर्षण बल के कारण
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift -1
Ans: (B) कार्बनिक यौगिक मुख्य रूप से सहसंयोजक (Covalent) होते हैं। इनके अणुओं के बीच लगने वाला आकर्षण बल (अंतरा-अणुक बल) बहुत कमजोर होता है। आयनिक यौगिकों में प्रबल स्थिर-वैद्युत बल होता है। कमजोर बलों के कारण, कार्बनिक यौगिकों को पिघलाने या उबालने के लिए कम ऊर्जा (ताप) की आवश्यकता होती है, इसलिए इनके गलनांक कम होते हैं।
7. नाईट्रोजन परमाणु का कौन सा कोश $N_{2}$ अणु बनाने में भाग लेता है?
(A) M
(B) L
(C) N
(D) K
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) नाइट्रोजन (N) का परमाणु क्रमांक 7 है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास K=2, L=5 है। रासायनिक बंध बनाने में केवल सबसे बाहरी कक्ष (Valence Shell) के इलेक्ट्रॉन भाग लेते हैं। नाइट्रोजन के लिए बाहरी कक्ष L-कोश है। $N_{2}$ अणु बनाने में L-कोश के इलेक्ट्रॉन साझा होते हैं।
8. प्रोपेन अणु में तीन कार्बन परमाणुओं द्वारा सभी हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ कुल कितने इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी की जाती है?
(A) 8
(B) 6
(C) 4
(D) 2
RRB Group-D | 24/08/2022 | Shift-I
Ans: (A) प्रोपेन ($C_{3}H_{8}$) की संरचना $CH_{3}-CH_{2}-CH_{3}$ है। इसमें 3 कार्बन परमाणु कुल 8 हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ जुड़े होते हैं। प्रश्न में "इलेक्ट्रॉनों" शब्द का प्रयोग किया गया है, लेकिन दिए गए विकल्प (8) "बंधों" (Bonds) की संख्या को दर्शाते हैं। 3 कार्बन परमाणु हाइड्रोजन के साथ कुल 8 C-H एकल बंध बनाते हैं। यदि इलेक्ट्रॉन पूछे जाएँ तो $8 \times 2 = 16$ इलेक्ट्रॉन होंगे, लेकिन सही उत्तर कुंजी के अनुसार यहाँ 8 बंधों को उत्तर माना गया है।
9. कौन से तत्व सिलिकॉन के समान संयोजकता प्रदर्शित करते हैं?
(A) Cl और Br
(B) C और Ge
(C) Na और H
(D) Mg और K
RRB Group-D | 26/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) सिलिकॉन (Si) समूह 14 का तत्व है और इसकी संयोजकता 4 है। इसी समूह में कार्बन (C) और जर्मेनियम (Ge) भी आते हैं, और इनकी संयोजकता भी 4 होती है। एक ही समूह (Group) के तत्वों के संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या और संयोजकता समान होती है।
10. निम्न में से किसमें सहसंयोजी बंध नहीं होंगे?
(A) मैग्नीशियम क्लोराइड ($MgCl_{2}$)
(B) अमोनिया ($NH_{3}$)
(C) मेथेन ($CH_{4}$)
(D) ऑक्सीजन ($O_{2}$)
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) मैग्नीशियम क्लोराइड ($MgCl_{2}$) एक आयनिक यौगिक है जो $Mg^{2+}$ और $Cl^{-}$ आयनों से बना है। इसमें सहसंयोजक बंध नहीं होते। जबकि $NH_{3}, CH_{4}$ और $O_{2}$ में परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी होती है, अतः वे सहसंयोजक यौगिक हैं।
11. निम्न में से किस यौगिक में केवल एक कार्बन-कार्बन एकल आबंध होता है?
(A) ब्युटेन
(B) एथेन
(C) प्रोपेन
(D) पेंटेन
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) एथेन ($C_{2}H_{6}$) का सूत्र $CH_{3}-CH_{3}$ है। इसमें केवल दो कार्बन परमाणु हैं और उनके बीच केवल एक C-C एकल बंध है। प्रोपेन में 2, और ब्यूटेन में 3 C-C बंध होते हैं। अतः एथेन ही एकमात्र विकल्प है जिसमें केवल "एक" C-C बंध है।
12. साइक्लोहेक्सेन में C-C बंध, और C-H बंध होते हैं, इस प्रकार कुल _____ सहसंयोजी बंध होते हैं।
(A) 4, 8, 12
(B) 6, 12, 18
(C) 6, 10, 16
(D) 4, 12, 16
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) साइक्लोहेक्सेन ($C_{6}H_{12}$) एक वलयाकार संतृप्त हाइड्रोकार्बन है। इसमें 6 कार्बन परमाणु एक रिंग में जुड़े होते हैं (6 C-C बंध) और प्रत्येक कार्बन 2 हाइड्रोजन से जुड़ा होता है ($6 \times 2 = 12$ C-H बंध)। अतः कुल सहसंयोजक बंध = $6 + 12 = 18$ होते हैं।
13. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व एक कार्बन परमाणु के साथ दोहरा बंधन और एकल बंधन दोनों बना सकता है?
(A) Br
(B) F
(C) Cl
(D) O
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) ऑक्सीजन (O) एक द्विसंयोजी (Divalent) तत्व है। यह कार्बन के साथ द्वि-बंध बना सकता है (जैसे कीटोन $>C=O$ या $CO_{2}$ में) और एकल बंध भी बना सकता है (जैसे ईथर $C-O-C$ या अल्कोहल $C-O-H$ में)। क्लोरीन, फ्लोरीन और ब्रोमीन सामान्यतः केवल एकल बंध बनाते हैं।
14. आयनिक यौगिकों के गुणधर्मों के बारे में इनमें से कौन सा कथन गलत है?
(A) आयनिक यौगिक सामान्यतः भंगुर होते हैं, और दाब आरोपित किए जाने पर टुकड़ों में टूट जाते हैं।
(B) आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक उच्च होते हैं।
(C) वैद्युतसंयोजी यौगिक, सामान्यतः जल में विलेय होते हैं, और पेट्रोल में अविलेय होते हैं।
(D) धनात्मक और ऋणात्मक आयनों के बीच दुर्बल आकर्षण बल होने की वजह से आयनिक यौगिक ठोस होते हैं।
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) आयनिक यौगिकों में विपरीत आवेशित आयनों के बीच बहुत प्रबल स्थिर-वैद्युत आकर्षण बल (Strong Electrostatic Force) होता है, न कि दुर्बल। इसी प्रबल बल के कारण वे कमरे के तापमान पर ठोस और कठोर होते हैं। अतः विकल्प (d) में दिया गया कथन "दुर्बल आकर्षण बल" गलत है।
15. ग्रेफाइट परमाणु में संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या कितनी होती है?
(A) चार
(B) पांच
(C) दो
(D) तीन
RRB NTPC | 31.01.2021 | Shift-I
Ans: (A) ग्रेफाइट कार्बन का ही एक अपरूप (Allotrope) है। कार्बन की संयोजकता हमेशा 4 होती है। यद्यपि ग्रेफाइट में एक कार्बन केवल 3 अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ता है, लेकिन चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त (Free) रहता है जो विद्युत चालन करता है। संयोजी इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या 4 ही रहती है।
16. बेंजीन में σ और π आबंध की संख्या कितनी है?
(A) 12 और 3
(B) 3 और 3
(C) 6 और 3
(D) 9 और 3
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-I
Ans: (A) बेंजीन ($C_{6}H_{6}$) में 6 कार्बन परमाणु रिंग में होते हैं। प्रत्येक कार्बन एक हाइड्रोजन से जुड़ा होता है। C-C एकल बंध = 3 C=C द्वि-बंध = 3 (इसमें 3 सिग्मा + 3 पाई) C-H एकल बंध = 6 कुल सिग्मा ($\sigma$) = $3 + 3 + 6 = 12$ कुल पाई ($\pi$) = 3। अतः सही उत्तर 12 सिग्मा और 3 पाई बंध है।
17. $(NH_{4})_{2}$ SO₄ के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं?
(A) 14
(B) 15
(C) 13
(D) 12
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-I
Ans: (B) $(NH_{4})_{2}SO_{4}$ (अमोनियम सल्फेट) में परमाणुओं की गणना: N = $1 \times 2 = 2$ H = $4 \times 2 = 8$ S = 1 O = 4 कुल परमाणु = $2 + 8 + 1 + 4 = 15$।
18. प्रायः धनावेशित तत्वों की संयोजकता होती है-
(A) 0,1,2
(B) 4,3,2
(C) 2,1,0
(D) 1,2,3
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) धनावेशित तत्व (Cations) प्रायः धातु होते हैं। धातुएँ अपने बाहरी कक्ष से 1, 2 या 3 इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाती हैं। उदाहरण: $Na^{+}$ (1), $Mg^{2+}$ (2), $Al^{3+}$ (3)। अधातुएँ (जैसे C, N, O) प्रायः ऋणायन बनाती हैं या सहसंयोजक बंध बनाती हैं।
19. क्यूप्रस ऑक्साइड में कॉपर की संयोजकता क्या होती है?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 4
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-1
Ans: (A) कॉपर (तांबा) परिवर्ती संयोजकता (Variable Valency) दर्शाता है: +1 और +2। जब संयोजकता कम (+1) होती है, तो उसे "क्यूप्रस" (Cuprous) कहते हैं (जैसे $Cu_{2}O$)। जब संयोजकता अधिक (+2) होती है, तो उसे "क्यूप्रिक" (Cupric) कहते हैं (जैसे $CuO$)। अतः क्यूप्रस ऑक्साइड में संयोजकता 1 है।
20. तत्व X चतुर्संयोजक और तत्व Y ‌द्विसंयोजक है। इन दो तत्वों द्वारा बना यौगिक ________ होगा।
(A) $XY_{4}$
(B) XY
(C) $XY_{2}$
(D) $X_{2}Y$
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) तत्व X की संयोजकता = 4, तत्व Y की संयोजकता = 2। यौगिक का सूत्र बनाने के लिए संयोजकताएँ विनिमय (cross-over) होती हैं: $X_{2}Y_{4}$। इसे सरल अनुपात में बदलने पर: $XY_{2}$। अतः सही सूत्र $XY_{2}$ है।
21. लीथियम नाइट्राइड का सूत्र है:
(A) $Li_{3}N_{2}$
(B) LiN
(C) $Li_{3}N$
(D) $Li_{2}N$
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-II
Ans: (C) लिथियम (Li) समूह 1 का धातु है, संयोजकता = +1। नाइट्रोजन (N) समूह 15 का अधातु है, नाइट्राइड आयन ($N^{3-}$) की संयोजकता = 3। सूत्र निर्माण (Cross multiply): Li (1) और N (3) $\Rightarrow Li_{3}N$ (लिथियम नाइट्राइड)।
22. इलेक्ट्रॉनों की संख्या $N_{2}$ में आबंध बनाने में भाग लेते हैं।
(A) 4
(B) 2
(C) 6
(D) 3
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-III
Ans: (C) नाइट्रोजन अणु ($N_{2}$) में दो नाइट्रोजन परमाणुओं के बीच एक त्रि-बंध (Triple bond) होता है ($N \equiv N$)। एक त्रि-बंध में 3 इलेक्ट्रॉन युग्म साझा होते हैं। कुल इलेक्ट्रॉन = $3 \times 2 = 6$ इलेक्ट्रॉन। अतः आबंध बनाने में 6 इलेक्ट्रॉन भाग लेते हैं।
3. Plant Physiology
1. प्रकाश संश्लेषण के लिए किस गैस की आवश्यकता होती है?
(A) कार्बन डाइऑक्साइड
(B) कार्बन मोनो ऑक्साइड
(C) ऑक्सीजन
(D) हाइड्रोजन
RRB NTPC | 08.01.2021 | Shift-II
Ans: (A) प्रकाश संश्लेषण की रासायनिक अभिक्रिया $6CO_2 + 12H_2O ightarrow C_6H_{12}O_6 + 6O_2 + 6H_2O$ होती है, जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) एक आवश्यक कच्चा माल है। पौधे इसे वायुमंडल से रंध्रों (Stomata) के माध्यम से प्राप्त करते हैं। $CO_2$ की सांद्रता सीधे तौर पर भोजन निर्माण की दर को प्रभावित करती है।
2. प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक चार मूलभूत तत्वों में ....... शामिल हैं।
(A) परजीवी, भोजन, क्लोरोफिल और ऑक्सीजन
(B) रसायन, कार्बोहाइड्रेट, पानी और क्लोरोफिल
(C) क्लोरोफिल, सूर्य का प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी
(D) कार्बन डाइऑक्साइड, खनिज पदार्थ, क्लोरोफिल और सूर्य का प्रकाश
RRB NTPC | 23.01.2021 | Shift-I
Ans: (C) प्रकाश संश्लेषण के सफल संपादन के लिए चार मुख्य कारक अनिवार्य हैं: क्लोरोफिल (प्रकाश अवशोषण के लिए), सूर्य का प्रकाश (ऊर्जा स्रोत), कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) और जल ($H_2O$)। क्लोरोफिल पौधों की हरी कोशिकाओं में पाया जाने वाला वर्णक है। इनमें से किसी भी एक तत्व की अनुपस्थिति में यह प्रक्रिया संभव नहीं है।
3. प्रकाश संश्लेषण की दर (rate of photosynthesis) किस रंग के प्रकाश में अधिकतम होती है ?
(A) बैंगनी
(B) हरा
(C) लाल
(D) पीला
RRB NTPC | 09.03.2021 | Shift-I
Ans: (C) प्रकाश संश्लेषण की दर दृश्य प्रकाश के लाल रंग ($Red Light$) में सबसे अधिक होती है, क्योंकि इस तरंगदैर्ध्य पर क्लोरोफिल द्वारा ऊर्जा का अवशोषण प्रभावी होता है। नीले रंग के प्रकाश में यह दर दूसरे स्थान पर होती है। हरे रंग के प्रकाश में प्रकाश संश्लेषण की दर सबसे कम या नगण्य होती है क्योंकि क्लोरोफिल इसे परावर्तित कर देता है।
4. कैक्टस जैसे मरुस्थलीय पौधे का कौन-सा भाग प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया करता है।
(A) पत्तियाँ
(B) तना
(C) कांटे
(D) जड़
RRB NTPC | 08.03.2021 | Shift-1
Ans: (B) कैक्टस जैसे मरुस्थलीय पौधों में पत्तियाँ काँटों (Spines) में रूपांतरित हो जाती हैं ताकि पानी का नुकसान कम हो सके। ऐसी स्थिति में प्रकाश संश्लेषण का कार्य उनके हरे और मांसल तने (Stem) द्वारा किया जाता है। तने में क्लोरोफिल मौजूद होता है जो भोजन बनाने के लिए आवश्यक सौर ऊर्जा को ग्रहण करता है।
5. प्रकाश संश्लेषण, प्रकाश की उपस्थिति से होता है। किस रंग के प्रकाश की रेंज प्रकाश संश्लेषण की दर को सबसे कम प्रभावित करती है?
(A) नीला
(B) लाल
(C) हरा
(D) पीला
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-I
Ans: (C) हरे रंग का प्रकाश प्रकाश संश्लेषण को सबसे कम प्रभावित करता है क्योंकि क्लोरोफिल मुख्य रूप से हरे प्रकाश को परावर्तित (Reflect) कर देता है। पौधे मुख्य रूप से नीले और लाल रंग के प्रकाश का अवशोषण करते हैं। यही कारण है कि क्लोरोफिल युक्त पत्तियाँ हमें हरी दिखाई देती हैं।
6. इनमें से कौन सी अधिकांश कोशिकीय प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा मापन की इकाई (Energy Currency) है?
(A) एटीपी
(B) पाइरुवेट
(C) ग्लूकोज
(D) एडीपी
RRB NTPC | 13.01.2021 | Shift-II
Ans: (A) $ATP$ (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) को कोशिकाओं की ऊर्जा मुद्रा (Energy Currency) कहा जाता है। कोशिकीय श्वसन के दौरान मुक्त ऊर्जा $ATP$ के अणुओं के रूप में संचित होती है। जब कोशिका को कार्य के लिए ऊर्जा चाहिए होती है, तो $ATP$ का $ADP$ और फॉस्फेट में टूटना ऊर्जा मुक्त करता है।
7. पौधों में ऊर्जा का अनंतिम स्त्रोत क्या है?
(A) ग्लूकोज
(B) क्लोरोफिल
(C) प्रोटीन
(D) सूर्य का प्रकाश
RRB NTPC | 31.01.2021 | Shift-I
Ans: (D) पृथ्वी पर सभी पौधों के लिए ऊर्जा का अंतिम और प्राथमिक स्रोत सूर्य का प्रकाश (Solar Energy) है। प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से पौधे सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित कर भोजन के रूप में संचित करते हैं। यही ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में खाद्य श्रृंखला के माध्यम से आगे बढ़ती है।
8. निम्नलिखित में से किसे स्टार्च के रूप में संग्रहीत किया जाता है, जिसे पौधे की आवश्यकता के अनुसार आंतरिक ऊर्जा संग्रह के रूप में उपयोग किया जाता है?
(A) सूर्य का प्रकाश
(B) ऑक्सीजन
(C) पानी
(D) कार्बोहाइड्रेट
RRB NTPC | 31.01.2021 | Shift-II
Ans: (D) प्रकाश संश्लेषण के दौरान बना ग्लूकोज ($C_6H_{12}O_6$) तुरंत उपयोग नहीं होने पर जटिल कार्बोहाइड्रेट यानी स्टार्च (Starch) के रूप में जमा हो जाता है। स्टार्च पौधों के लिए एक आंतरिक ऊर्जा भंडार की तरह कार्य करता है। रात के समय या प्रकाश की अनुपस्थिति में पौधे इसी स्टार्च को वापस ऊर्जा में बदलकर उपयोग करते हैं।
9. प्रकाश संश्लेषण के दौरान बने उत्पाद कौन से हैं?
(A) ग्लूकोज, जल और ऑक्सीजन
(B) ग्लूकोज और ऑक्सीजन
(C) स्टार्च और ऑक्सीजन
(D) स्टार्च, जल और ऑक्सीजन
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-I
Ans: (A) प्रकाश संश्लेषण की समग्र प्रक्रिया में ग्लूकोज ($C_6H_{12}O_6$), जल ($H_2O$) और ऑक्सीजन ($O_2$) का निर्माण होता है। ऑक्सीजन उप-उत्पाद (By-product) के रूप में रंध्रों से बाहर निकलती है। यह प्रक्रिया जीवन के लिए अनिवार्य है क्योंकि यह वायुमंडल में ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखती है।
10. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में पौधे किस ऊर्जा का उपयोग करते है?
(A) सौर ऊर्जा
(B) रसायनिक ऊर्जा
(C) गतिज ऊर्जा
(D) ऊष्मीय ऊर्जा
RRB Group-D | 10-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) पौधे भोजन बनाने की प्रक्रिया में सौर ऊर्जा (Solar Energy) का उपयोग करते हैं, जिसे क्लोरोफिल द्वारा अवशोषित किया जाता है। यह सौर ऊर्जा प्रकाश-निर्भर अभिक्रियाओं में रासायनिक ऊर्जा ($ATP$ और $NADPH$) में बदल जाती है। अंत में इसी ऊर्जा का उपयोग $CO_2$ को ग्लूकोज में बदलने के लिए किया जाता है।
11. प्रकाश संश्लेषण पौधे के किस भाग में होता है ?
(A) शाखाएं और तने में
(B) पत्ती और क्लोरोप्लास्ट की मौजूदगी वाले अन्य भागों में
(C) पत्ती और तने में
(D) जड़ों और जड़ों के रस में
RRB JE | 02.06.2019 | Shift-III
Ans: (B) प्रकाश संश्लेषण मुख्य रूप से पत्तियों में होता है, लेकिन यह उन सभी हरे भागों में संभव है जहाँ क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) मौजूद होते हैं। क्लोरोप्लास्ट के भीतर क्लोरोफिल वर्णक होता है जो प्रकाश ऊर्जा को पकड़ता है। कुछ पौधों के हरे तने और अपरिपक्व फल भी प्रकाश संश्लेषण कर सकते हैं।
12. परपोषित पोषण की एक पद्धति नहीं है।
(A) परजीवी
(B) प्राणिसम
(C) स्वचालित
(D) मृतपोषित
RRB NTPC | 19.01.2017 | Shift-II
Ans: (C) परपोषी (Heterotrophic) पोषण में जीव दूसरों पर निर्भर रहते हैं, जैसे परजीवी, मृतोपजीवी और प्राणिसम। स्वचालित या स्वपोषी (Autotrophic) पोषण में पौधे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। इसलिए स्वचालित पोषण परपोषित पद्धति का हिस्सा नहीं है।
13. निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण से हटाती है?
(A) प्रकाश संश्लेषण
(B) बायोडीग्रेडेशन
(C) विद्युत अपघटन
(D) गैल्वनीकरण
RRB NTPC | 29.03.2016 | Shift-II
Ans: (A) प्रकाश संश्लेषण वह एकमात्र प्राकृतिक प्रक्रिया है जो वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) को अवशोषित करती है। पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान $CO_2$ का उपयोग कार्बोहाइड्रेट बनाने में करते हैं। यह प्रक्रिया ग्लोबल वार्मिंग को कम करने और वायु शुद्धिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
14. किस प्रक्रिया में आक्सीजन वायु में मुक्त होगी?
(A) प्रकाश संश्लेषण
(B) श्वसन
(C) प्रस्वेदन
(D) उत्सर्जन
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-I
Ans: (A) प्रकाश संश्लेषण के दौरान जल ($H_2O$) के अणुओं के टूटने (Photolysis) से ऑक्सीजन ($O_2$) गैस मुक्त होती है। श्वसन की प्रक्रिया में इसके विपरीत ऑक्सीजन का उपयोग होता है और $CO_2$ छोड़ी जाती है। वाष्पोत्सर्जन में जलवाष्प मुक्त होती है, ऑक्सीजन नहीं।
15. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में जारी होने वाला ऑक्सीजन कहाँ से आता है?
(A) क्लोरोफिल
(B) जाइलम
(C) कार्बन डाईऑक्साइड
(D) पानी
RRB NTPC | 04.04.2016 | Shift-II
Ans: (D) प्रकाश संश्लेषण में मुक्त होने वाली ऑक्सीजन ($O_2$) का स्रोत जल ($H_2O$) है, न कि कार्बन डाइऑक्साइड। नील और केमेन (Ruben and Kamen) के प्रयोगों ने सिद्ध किया था कि $H_2O$ के ऑक्सीकरण से ही ऑक्सीजन निकलती है। यह ऑक्सीजन वायुमंडल में जाकर जीवों के श्वसन में सहायक होती है।
16. फोटोसिंथेसिस (Photosynthesis) के किस स्तर पर ग्लूकोज (Glucose) का निर्माण होता है?
(A) रोशनी पर निर्भर प्रतिक्रियाएँ
(B) केल्विन साईकिल
(C) फर्मेंटेशन
(D) ऑक्सिडेशन
RRB NTPC | 22.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) ग्लूकोज ($C_6H_{12}O_6$) का निर्माण प्रकाश संश्लेषण के दूसरे चरण में होता है जिसे केल्विन चक्र (Calvin Cycle) या अंधकार अभिक्रिया कहते हैं। यह प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा में होती है और इसमें $CO_2$ का स्थिरीकरण होता है। इसके लिए प्रकाश-निर्भर अभिक्रियाओं से प्राप्त $ATP$ और $NADPH$ की आवश्यकता होती है।
17. ........ फाइटोक्रोम का एक प्रशांत रूप है।
(A) P660
(B) P760
(C) P730
(D) P630
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-I
Ans: (A) फाइटोक्रोम (Phytochrome) पौधों में पाया जाने वाला एक प्रकाश-संवेदी प्रोटीन है जो फूलों के खिलने और विकास को नियंत्रित करता है। $P_{660}$ (या $P_r$) इसका निष्क्रिय या प्रशांत रूप है जो लाल प्रकाश को अवशोषित करता है। $P_{730}$ (या $P_{fr}$) इसका सक्रिय रूप है जो सुदूर लाल प्रकाश अवशोषित करता है।
18. निम्नलिखित में से कौन सा प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक नहीं है?
(A) सूर्य का प्रकाश
(B) ऑक्सीजन
(C) क्लोरोफिल
(D) कार्बन डाई आक्साइड
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-1
Ans: (B) प्रकाश संश्लेषण के लिए सौर ऊर्जा, क्लोरोफिल और $CO_2$ की आवश्यकता होती है, लेकिन ऑक्सीजन ($O_2$) की आवश्यकता नहीं होती। वास्तव में ऑक्सीजन तो इस प्रक्रिया के अंत में एक उप-उत्पाद के रूप में निकलती है। श्वसन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है, प्रकाश संश्लेषण के लिए नहीं।
19. प्रकाश संश्लेषण के लिए ....... आवश्यक नहीं है।
(A) O2
(B) सूर्य का प्रकाश
(C) क्लोरोफिल
(D) CO2
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-1
Ans: (A) प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया में ऑक्सीजन ($O_2$) की भूमिका आवश्यक अभिकारक के रूप में नहीं होती है। इस प्रक्रिया में सौर ऊर्जा और क्लोरोफिल की मदद से $CO_2$ और $H_2O$ मिलकर ग्लूकोज बनाते हैं। $O_2$ तो रंध्रों द्वारा उत्सर्जित होने वाली गैस है।
20. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में मदद करने के लिए हरी पत्तियों में कौन-सा पदार्थ मौजूद होता है?
(A) रंध्र
(B) सूर्य का प्रकाश
(C) क्लोरोफार्म
(D) क्लोरोफिल
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-III
Ans: (D) हरी पत्तियों में क्लोरोफिल (Chlorophyll) नामक जादुई वर्णक मौजूद होता है जो सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करने में मदद करता है। यह मैग्नीशियम ($Mg$) युक्त एक जटिल अणु है जो मुख्य रूप से नीले और लाल प्रकाश को सोखता है। रंध्र गैसों के विनिमय में मदद करते हैं, जबकि क्लोरोफिल ऊर्जा के अवशोषण में।
21. पौधों में शर्करा का सामान्य प्रवाही रूप ....... है।
(A) ग्लूकोज
(B) गैलेक्टोज
(C) सुक्रोज
(D) फ्रक्टोज
RRB JE | 25.05.2019 | Shift-I
Ans: (C) पौधों में शर्करा का मुख्य प्रवाही रूप सुक्रोज (Sucrose) होता है। ग्लूकोज का निर्माण पत्तियों में होता है, लेकिन परिवहन के लिए इसे सुक्रोज में बदल दिया जाता है क्योंकि सुक्रोज रासायनिक रूप से कम क्रियाशील होता है। स्टार्च के रूप में इसे भविष्य के लिए संचित किया जाता है।
22. ऑक्सीजन की मदद से पाइरूवेट का विघटन ....... में होता है।
(A) क्लोरोप्लास्ट
(B) कोशिकाद्रव्य
(C) माइटोकॉन्ड्रिया
(D) केन्द्रकद्रव्य
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-II
Ans: (C) ऑक्सीजन ($O_2$) की उपस्थिति में पाइरूवेट का पूर्ण विखंडन माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में होता है। इस प्रक्रिया को क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) कहते हैं जिसमें $CO_2$, जल और भारी मात्रा में ऊर्जा ($ATP$) मुक्त होती है। कोशिकाद्रव्य में केवल ग्लाइकोलाइसिस की प्रक्रिया होती है।
23. पौधों में अपशिष्ट उत्पाद के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन कब होता है?
(A) प्रकाश संश्लेषण के दौरान
(B) श्वसन के दौरान
(C) श्वसन और प्रकाश संश्लेषण दोनों के दौरान
(D) वाष्पोत्सर्जन के दौरान
RRB Group-D | 24/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) पौधों में श्वसन (Respiration) की प्रक्रिया दिन और रात दोनों समय चलती है, जिसके दौरान $CO_2$ अपशिष्ट के रूप में निकलती है। दिन के समय इस $CO_2$ का उपयोग प्रकाश संश्लेषण में हो जाता है। लेकिन रात के समय, जब प्रकाश संश्लेषण नहीं होता, $CO_2$ वातावरण में मुक्त की जाती है।
24. निम्नलिखित में से कौन सा पौधों में श्वसन के अंतिम उत्पाद हैं?
(A) CO2 और O2
(B) O2 और ऊर्जा
(C) ग्लूकोज और O2
(D) CO2, H2O और ऊर्जा
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) पादप श्वसन का अंतिम परिणाम कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$), जल ($H_2O$) और ऊर्जा ($ATP$) है। यह एक अपचयी (Catabolic) प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज का ऑक्सीकरण होता है। इसकी रासायनिक समीकरण $C_6H_{12}O_6 + 6O_2 ightarrow 6CO_2 + 6H_2O + Energy$ है।
25. ....... ऑक्सीजन की मदद से होता है और यह ग्लूकोज के CO2 और H2O में पूर्ण विघटन के लिए जिम्मेदार है।
(A) अनॉक्सीय श्वसन
(B) हृदय
(C) ऑक्सी श्वसन
(D) फेफड़े
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) ऑक्सी श्वसन (Aerobic Respiration) वह प्रक्रिया है जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में होती है। इसमें ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण $CO_2$ और $H_2O$ में हो जाता है, जिससे अधिकतम ऊर्जा (लगभग $38 ATP$) प्राप्त होती है। अनॉक्सी श्वसन में ऑक्सीजन की कमी होती है और कम ऊर्जा निकलती है।
26. O2 का उपयोग करके पाइरूवेट का विभाजन ....... में होता है।
(A) लाइसोसोम
(B) माइटोकॉन्ड्रिया
(C) नाभिक
(D) रिक्तिकाएं
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-I
Ans: (B) कोशिकाद्रव्य में ग्लूकोज का पाइरूवेट में बदलना ग्लाइकोलाइसिस कहलाता है। इसके बाद $O_2$ की उपस्थिति में पाइरूवेट का माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में प्रवेश होता है जहाँ यह पूरी तरह टूटकर ऊर्जा प्रदान करता है। इसीलिए माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है।
27. निम्नलिखित में से कौन सा जीव विज्ञान में कोशिकाओं का ऊर्जा स्रोत है?
(A) PTA
(B) PAD
(C) ADP
(D) ATP
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-II
Ans: (D) $ATP$ (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) को जैव जगत में ऊर्जा का सार्वभौमिक स्रोत माना जाता है। कोशिकाओं के अंदर होने वाली अधिकांश जैव-रासायनिक क्रियाओं के लिए ऊर्जा $ATP$ के टूटने से प्राप्त होती है। $ADP$ ऊर्जा के उपयोग के बाद बनने वाला कम ऊर्जा वाला अणु है।
28. निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया के दौरान बहुत मात्रा में ऊर्जा बाहर निकलती है?
(A) किण्वन (फर्मेंटेशन)
(B) अवायुश्वसन (एनेरोबिक रेस्पिरेशन)
(C) वायुश्वसन (एरोबिक रेस्पिरेशन)
(D) वाष्पोत्सर्जन (ट्रांस्पिरेशन)
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) वायुश्वसन (Aerobic Respiration) के दौरान ग्लूकोज का पूर्ण दहन होता है जिससे सबसे अधिक ऊर्जा बाहर निकलती है। अवायुश्वसन या किण्वन में ग्लूकोज का आंशिक विखंडन होता है जिससे बहुत कम ऊर्जा (मात्र $2 ATP$) प्राप्त होती है। वाष्पोत्सर्जन एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा मुक्त नहीं होती।
29. निम्न में से किस प्रक्रिया में ऊष्मीय ऊर्जा निर्मित होती है?
(A) श्वसन
(B) परिसंचरण
(C) उत्सर्जन
(D) पाचन
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) श्वसन (Respiration) एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है जिसमें भोजन के ऑक्सीकरण के दौरान ऊर्जा के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है। यही कारण है कि श्वसन करने वाले अंगों का तापमान थोड़ा अधिक होता है। पाचन और उत्सर्जन में ऊष्मीय ऊर्जा का इस स्तर पर निर्माण नहीं होता।
30. मिट्टी से पौधे की जड़ कोशिकाओं में जल और खनिज आयनों की गति के संबंध में निम्न में से कौन सा विकल्प सही है?
(A) आयन और जल एक साथ अवशोषित होते हैं
(B) आयन पहले सक्रिय परिवहन द्वारा अंदर प्रवेश करते हैं, उसके बाद संकेंद्रित प्रवणत के अनुदिश जल प्रवेश करता है
(C) आयन पहले निष्क्रिय परिवहन द्वारा अंदर प्रवेश करते हैं, उसके बाद सक्रिय परिवहन द्वारा जल प्रवेश करता है
(D) पहले विसरण द्वारा जल अंदर प्रवेश करता है, उसके बाद आयनों का सक्रिय परिवहन होता है
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift-I
Ans: (B) पौधों की जड़ों में आयनों का अवशोषण पहले सक्रिय परिवहन (Active Transport) द्वारा ऊर्जा खर्च करके होता है। जब जड़ों में आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है, तो एक संकेंद्रण प्रवणता (Concentration Gradient) बनती है जिसके कारण परासरण द्वारा जल स्वतः अंदर प्रवेश कर जाता है। यह प्रक्रिया खनिज पोषण के लिए महत्वपूर्ण है।
31. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द, जल के अणुओं की एक वरणतः पारगम्य झिल्ली (selectively permeable membrane) के आर-पार गति का वर्णन करता है?
(A) स्थानांतरण
(B) बहिः कोशिकता
(C) विसरण
(D) परासरण
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) परासरण (Osmosis) वह प्रक्रिया है जिसमें विलायक (जल) के अणु कम सांद्रता वाले घोल से उच्च सांद्रता वाले घोल की ओर एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से गति करते हैं। पौधों में जड़ों द्वारा पानी का अवशोषण इसी प्रक्रिया पर आधारित है। स्थानांतरण और विसरण की परिभाषाएँ इससे भिन्न हैं।
32. उस प्रक्रिया का नाम क्या है, जिसके कारण जीवित कोशिकाओं को अल्पपरासरी विलयन में रखने पर उनके आकार और आकृति में विस्तार होने लगता है?
(A) परासरण
(B) विसरण
(C) वाष्पोत्सर्जन
(D) प्रकाश संश्लेषण
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) जब जीवित कोशिकाओं को अल्पपरासरी (Hypotonic) विलयन में रखा जाता है, तो अंतःपरासरण (Endosmosis) के कारण पानी कोशिका के भीतर जाने लगता है। इससे कोशिका फूल जाती है और उसके आकार में विस्तार होता है। यदि पादप कोशिका है, तो कोशिका भित्ति उसे फटने से बचाती है और उसे स्फीत (Turgid) बनाए रखती।
33. पादपों में जल के परिवहन में वाष्पोत्सर्जन की क्या भूमिका होती है?
(A) यह एक पंपिंग बल लगाता है।
(B) यह पानी के विसरण को बढ़ावा देता है।
(C) यह एक चूषण बल लगाता है।
(D) यह जड़ों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) पत्तियों के रंध्रों से जलवाष्प के निकलने की प्रक्रिया है, जो जाइलम के भीतर एक नकारात्मक दाब या चूषण बल (Suction Pull) पैदा करती है। यह खिंचाव मिट्टी से पानी और खनिजों को लंबे पेड़ों की चोटी तक पहुँचाने में मदद करता है। यह वाष्पीकरण द्वारा पौधों को ठंडा भी रखता है।
34. निम्नलिखित में से कौन सा कथन, पादपों में जल परिवहन का सही ढंग से वर्णन करता है?
(A) वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा जल को जड़ों की जाइलम कोशिकाओं से खींचकर पत्तियों तक ले जाया जाता है, स्थानांतरण कहलाती है।
(B) वह प्रक्रिया जिसमें रंध्रों द्वारा जलवाष्प के रूप में जल की हानि होती है, वाष्पात्सर्जन कहलाती है।
(C) रंध्रों से जल हानि की प्रक्रिया में ATP के रूप में ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
(D) वह प्रक्रिया जो दिन के दौरान जाइलम में जल की मुख्य चालन शक्ति (main driving force) है, वह मूल दाब (root pressure) है।
RRB Group-D | 14/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) वाष्पोत्सर्जन वह प्रक्रिया है जिसमें रंध्रों (Stomata) के माध्यम से जलवाष्प के रूप में जल की हानि होती है। यह प्रक्रिया पादपों में जल के ऊर्ध्वगामी परिवहन के लिए चूषण बल प्रदान करती है। स्थानांतरण भोजन के परिवहन को कहते हैं, और मूल दाब मुख्य रूप से रात के समय प्रभावी होता है।
35. जलीय पादपों द्वारा उपापचयी अपशिष्ट ....... के माध्यम से उत्सर्जित होते हैं।
(A) विसरण
(B) परासरण
(C) संचयन
(D) सक्रिय परिवहन
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) जलीय पादपों में उपापचयी अपशिष्ट (Metabolic Waste) सीधे पानी में विसरण (Diffusion) की प्रक्रिया द्वारा उत्सर्जित किए जाते हैं। क्योंकि ये पौधे पानी से घिरे होते हैं, सांद्रता के अंतर के कारण अपशिष्ट पदार्थ कोशिका झिल्ली से होकर बाहर निकल जाते हैं। सक्रिय परिवहन में ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो यहाँ मुख्य मार्ग नहीं है।
36. कन्संट्रेशन ग्रेडिएट के खिलाफ कोशिका की हलचल को क्या कहा जाता है?
(A) सक्रिय परिवहन
(B) प्रसार
(C) विपरीत परासरण
(D) परासरण
RRB NTPC | 04.04.2016 | Shift-II
Ans: (A) सक्रिय परिवहन (Active Transport) में अणु कम सांद्रता से उच्च सांद्रता की ओर (Concentration Gradient के खिलाफ) गति करते हैं। इस प्रक्रिया में कोशिका को $ATP$ के रूप में ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। प्रसार और परासरण निष्क्रिय प्रक्रियाएँ हैं जिनमें ऊर्जा खर्च नहीं होती।
37. पौधों में पानी का अवशोषण मूल रोम द्वारा एक प्रक्रिया से होता है वह कहलाती हैः
(A) श्वसन
(B) वाष्पोत्सर्जन
(C) परासरण
(D) स्वेदन
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (C) मिट्टी में जल की सांद्रता मूल रोम (Root Hair) की कोशिकाओं से अधिक होती है। इसलिए परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया के माध्यम से जल अर्ध-पारगम्य झिल्ली को पार कर जड़ों में प्रवेश करता है। वाष्पोत्सर्जन ऊपर से खिंचाव पैदा करता है लेकिन प्रारंभिक प्रवेश परासरण से ही होता है।
38. पौधों के मामले में, मिट्टी से अवशोषित किया गया नाइट्रेट
(A) यूरिया में परिवर्तित हो जाता है।
(B) मुक्त नाइट्रोजन में परिवर्तित हो जाता है।
(C) अमीनो एसिड में परिवर्तित हो जाता है-
(D) अमोनिया में परिवर्तित हो जाता है।
RRB NTPC | 30.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) मिट्टी से अवशोषित नाइट्रेट ($NO_3^-$) को पौधे सीधे उपयोग नहीं कर पाते। इसे पहले अमोनिया में और फिर अमीनो एसिड (Amino Acids) में परिवर्तित किया जाता है। अमीनो एसिड ही प्रोटीन के निर्माण खंड हैं जो पौधे की वृद्धि के लिए अनिवार्य हैं। नाइट्रेट का मुक्त नाइट्रोजन में बदलना विनाइट्रीकरण कहलाता है।
39. ....... हार्मोन्स के विसरण के कारण पौधे जड़ की दूसरी तरफ मुड़ जाते है।
(A) ऑक्सिन
(B) साइटोकाइनिन
(C) ऐब्सिसिक अम्ल
(D) जिब्रेरेलिन
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-II
Ans: (A) ऑक्सिन (Auxin) हार्मोन प्रकाश के प्रति संवेदनशील होता है और प्रकाश के विपरीत दिशा (अंधेरे वाले भाग) में विसरित हो जाता है। इससे उस भाग की कोशिकाएँ अधिक लंबी हो जाती हैं और पौधा प्रकाश की ओर या जड़ें विपरीत दिशा में मुड़ जाती हैं। इसे प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) कहा जाता है।
40. वृद्धि हार्मोन कार्य करता है-
(A) कभी-कभी विकास प्रोत्साहक और कभी-कभी विकास अवरोधक के रूप में
(B) कभी कभी विकास प्रोत्साहक के रूप में
(C) हमेशा विकास अवरोधक के रूप में
(D) हमेशा विकास प्रोत्साहक के रूप में
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-I
Ans: (D) पादप वृद्धि हार्मोन (जैसे ऑक्सिन, जिबरेलिन) हमेशा विकास को बढ़ावा देने (Growth Promoters) का कार्य करते हैं। वे कोशिका विभाजन, बढ़ाव और फलों के पकने में सहायक होते हैं। एब्सीसिक अम्ल जैसे हार्मोन इसके विपरीत विकास अवरोधक (Inhibitors) के रूप में कार्य करते हैं।
41. पौधों का सार्वभौमिक प्राकृतिक ऑक्सिन है-
(A) IBA
(B) साइट्रिक ऑक्सिन
(C) NAA
(D) IAA
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-III
Ans: (D) पौधों में पाया जाने वाला सबसे सामान्य और सार्वभौमिक प्राकृतिक ऑक्सिन $IAA$ (Indole-3-Acetic Acid) है। यह मुख्य रूप से तने और जड़ के शीर्ष पर बनता है। $NAA$ और $IBA$ अक्सर कृत्रिम या संश्लेषित ऑक्सिन के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
42. जिएटिन का उत्पादन..... में होता है और इसे जाइलम में .....तक पहुँचाया जाता है जहाँ यह कोशिका विभाजन को बढ़ावा देता है।
(A) टहनी, जड़ें
(B) जड़ें, टहनी
(C) तना, पत्तियाँ
(D) पत्तियाँ, तना
RRB NTPC | 27.04.2016 | Shift-I
Ans: (B) जिएटिन (Zeatin) एक प्राकृतिक साइटोकाइनिन है जो जड़ों में उत्पन्न होता है और जाइलम के माध्यम से टहनियों (Shoots) तक पहुँचाया जाता है। वहाँ यह कोशिका विभाजन को प्रेरित करता है और बुढ़ापे (Senescence) को रोकता है। यह पौधों के अंगों के विकास में महत्वपूर्ण है।
43. निम्नलिखित में से कौन रंध्रों के बंद होने और पत्तियों के गिरने में मदद करता है?
(A) एब्सीसिक अम्ल
(B) जिबरेलिन
(C) ऑक्सिन
(D) साइटोकाइनिन्स
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) एब्सीसिक अम्ल ($ABA$) एक पादप वृद्धि अवरोधक हार्मोन है। यह तनाव की स्थिति में रंध्रों को बंद करने और पतझड़ के समय पत्तियों के गिरने (Abscission) को प्रेरित करता है। जिबरेलिन और साइटोकाइनिन इसके विपरीत विकास और कोशिका विभाजन को बढ़ावा देते हैं।
44. ........ पौधों में कोशिका वृद्धि और कोशिका विभेदीकरण को बढ़ावा देता है।
(A) साइटोकाइनिन्स
(B) एबसीसिक अम्ल
(C) जिबरेलिन
(D) ऑक्सिन
RRB Group-D | 30-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) साइटोकाइनिन्स (Cytokinins) ऐसे हार्मोन हैं जो मुख्य रूप से कोशिका विभाजन (Cytokinesis) और कोशिका विभेदीकरण को बढ़ावा देते हैं। ये उन क्षेत्रों में अधिक पाए जाते हैं जहाँ तीव्र विभाजन होता है जैसे फल और बीज। ऑक्सिन कोशिका के बढ़ने (Elongation) में अधिक प्रभावी होता है।
45. अनुवर्तन अधिकांशतः दर्शाता है-
(A) किसी पौधे का दिशात्मक विकास
(B) पशु प्रजातियों की दीर्घायु
(C) पक्षियों का प्रवास
(D) मानवीय व्यवहार के पैटर्न
RRB NTPC | 18.01.2017 | Shift-I
Ans: (A) अनुवर्तन (Tropism) किसी बाहरी उद्दीपन (जैसे प्रकाश, गुरुत्वाकर्षण, जल) की दिशा में पौधे के किसी अंग का विकास या गति है। उदाहरण के लिए, प्रकाशानुवर्तन में तना प्रकाश की ओर बढ़ता है। यह पौधों के पर्यावरण के प्रति अनुकूलन का एक मुख्य तरीका है।
4. Genetics
1. मान लीजिए कि एक माली मटर लगाना चाहता है जो बौने किस्म (dwarf varieties) का होना चाहिए। माली द्वारा जनक पौधे के बीज के चयन के लिए उसे क्या सुझाव दिया जाना चाहिए?
(A) सभी बीज बौने किस्म के होने चाहिए।
(B) किसी भी प्रकार के बीज का उपयोग किया जा सकता है।
(C) सभी बीज मिश्रित किस्म के होने चाहिए।
(D) सभी बीज लंबे किस्म के होने चाहिए।
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 9:00 AM - 10:30 AM
Ans: (A) बौनापन एक अप्रभावी (Recessive) गुण है जिसे $tt$ से दर्शाया जाता है। मेंडल के अनुसार, अप्रभावी लक्षण केवल तभी प्रकट होते हैं जब दोनों एलील समान हों। चूंकि $tt$ पौधे केवल $t$ युग्मक (gametes) ही उत्पन्न कर सकते हैं, इसलिए उनके बीज हमेशा शुद्ध बौने ही होंगे। माली को सुझाव देना चाहिए कि वह केवल बौनी किस्म के बीजों का ही चयन करे।
2. पादपों में विविधता, उनके उत्तरजीविता और विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
(A) यह पौधों के बीच प्रतिस्पर्धा को कम करती है।
(B) यह सुनिश्चित करती है कि सभी पौधे समान संततियां उत्पन्न करें।
(C) यह पौधों को बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुकूल होने में मदद करती है।
(D) यह पौधों को अधिक लंबा और मजबूत बनने में मदद करती है।
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (C) जैव विविधता (Biodiversity) विकास की नींव है। यह पौधों की आबादी में विभिन्न प्रकार के एलील्स की उपस्थिति सुनिश्चित करती है, जिससे वे बदलती जलवायु, बीमारियों और पर्यावरणीय तनाव के प्रति अनुकूलन कर पाते हैं। यदि सभी पौधे आनुवंशिक रूप से समान होंगे, तो एक ही बीमारी पूरी प्रजाति को नष्ट कर सकती है। अतः उत्तरजीविता के लिए विभिन्नता अनिवार्य है।
3. लक्षण (Traits) निम्नलिखित में से किससे प्रभावित हो सकते हैं?
(A) केवल मातृवंशी (नाना-नानी) डीएनए (DNA)
(B) केवल मातृक डीएनए (DNA)
(C) केवल पैतृक डीएनए (DNA)
(D) पैतृक डीएनए (DNA) और मातृक डीएनए (DNA), दोनों
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) मानव और अन्य लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवों में, प्रत्येक संतान को 23 गुणसूत्र पिता से और 23 गुणसूत्र माता से प्राप्त होते हैं। इसका अर्थ है कि किसी भी विशेषक (Trait) के लिए जिम्मेदार डीएनए ($DNA$) का एक सेट माता से और दूसरा पिता से आता है। यही कारण है कि बच्चों के लक्षण अपने माता-पिता दोनों के मिश्रण होते हैं।
4. Respiration system
1. श्वसन तंत्र का कौन-सा भाग वायु-मार्ग को नष्ट होने से रोकता है?
(A) पसलियां
(B) उपास्थि के वलय
(C) रीढ़
(D) श्वासनली (trachea)
RRB Group D | 17/08/2022 | Morning
Ans: (B) श्वासनली (Trachea) में उपस्थित उपास्थि के वलय (Cartilage rings) वायु मार्ग को मजबूती प्रदान करते हैं ताकि हवा की अनुपस्थिति में भी नली आपस में चिपके या नष्ट (Collapse) न हो। ये सी-आकार (C-shaped) के छल्ले लचीले होते हैं जो श्वास नली को खुला रखते हुए वायु के निरंतर प्रवाह को सुनिश्चित करते हैं और फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुँचाने में मदद करते हैं। यह संरचनात्मक विशेषता श्वसन तंत्र को बाहरी दबाव से बचाती है और श्वसन क्रिया (Respiration process) के दौरान वायु मार्ग की अखंडता को बनाए रखती है।
2. श्वास रंध्र निम्नलिखित में से किस प्राणी में पाए जाते हैं?
(A) मनुष्य
(B) मछली
(C) केंचुए
(D) तिलचट्टा
RRB Group D | 24/08/2022 | Evening
Ans: (D) तिलचट्टा (Cockroach) और अन्य कीटों के शरीर के पार्श्व भागों में छोटे-छोटे छिद्र पाए जाते हैं जिन्हें श्वास रंध्र (Spiracles) कहा जाता है। ये रंध्र वायु नलिकाओं के एक जाल जिसे श्वास नली (Trachea) कहते हैं से जुड़े होते हैं जो ऑक्सीजन को सीधे शरीर के ऊतकों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। गैसों का यह विनिमय विसरण (Diffusion) की प्रक्रिया द्वारा होता है जहाँ श्वास रंध्रों के खुलने और बंद होने से श्वसन क्रिया नियंत्रित की जाती है।
3. विश्रामावस्था में, एक वयस्क मनुष्य एक मिनट में कितनी बार सांस लेता है?
(A) 70-72
(B) 12-15
(C) 15-18
(D) 72-75
RRB Group D | 12/09/2022 | Morning
Ans: (C) विश्रामावस्था (Resting state) में एक स्वस्थ वयस्क मनुष्य की सामान्य श्वसन दर (Breathing rate) औसतन 15 से 18 बार प्रति मिनट होती है। यह दर शरीर की ऑक्सीजन की आवश्यकता और कार्बन डाइऑक्साइड के निष्कासन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पर्याप्त होती है जो शारीरिक गतिविधि (Physical activity) बढ़ने पर स्वतः बढ़ जाती है। एक श्वास के अंतर्गत एक अंतःश्वसन (Inhalation) और एक निःश्वसन (Exhalation) की प्रक्रिया शामिल होती है जिसे मस्तिष्क का मेडुला ऑबोंगाटा (Medulla oblongata) भाग नियंत्रित करता है।
4. मनुष्य के शरीर के किस अंग को 'एडम्स एप्पल' कहा जाता है?
(A) फेफड़े
(B) पैलेट
(C) लैरिंक्स
(D) जीभ
RRB NTPC CBT-1 | 19/03/2021 | Morning
Ans: (C) मानव शरीर में लैरिंक्स (Larynx) को एडम्स एप्पल (Adam’s apple) के नाम से जाना जाता है जो गले में एक उभरी हुई संरचना के रूप में दिखाई देता है। यह मुख्य रूप से थायराइड उपास्थि (Thyroid cartilage) के बढ़ने के कारण बनता है और पुरुषों में यौवनारंभ (Puberty) के दौरान अधिक स्पष्ट होकर स्वर को भारी बनाने में मदद करता है। लैरिंक्स को स्वर यंत्र (Voice box) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें स्थित वोकल कॉर्ड्स वायु के प्रवाह से कंपन उत्पन्न कर ध्वनि का निर्माण करते हैं।
5. श्वसन के दौरान मुक्त ऊर्जा का उपयोग _______ के संश्लेषण के लिए किया जाता है।
(A) एटीपी (ATP)
(B) एनटीपी (NTP)
(C) एडीपी (ADP)
(D) डीटीपी (DTP)
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) • श्वसन के दौरान मुक्त होने वाली रासायनिक ऊर्जा को तुरंत ATP (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में संचित कर लिया जाता है। • ATP को "कोशिका की ऊर्जा मुद्रा" (Energy Currency) कहा जाता है। • जब कोशिका को ऊर्जा की आवश्यकता होती है, तो यह ATP टूटकर ADP और ऊर्जा प्रदान करता है।
6. मानव मांसपेशियों में अचानक गतिविधि के दौरान पायरूवेट किसमें परिवर्तित हो जाता है:
(A) ग्लूकोज
(B) इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड
(C) कार्बन डाइऑक्साइड और जल
(D) लैक्टिक एसिड
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) तीव्र व्यायाम के समय शरीर में होने वाली कमी के बारे में यह प्रश्न है। जब मांसपेशियों को तुरंत ऊर्जा चाहिए होती है और ऑक्सीजन कम होती है तो पाइरूवेट लैक्टिक एसिड (Lactic acid) में बदल जाता है। यह एक वैकल्पिक मार्ग है जो कम ऊर्जा देता है लेकिन कोशिका को जीवित रखता है। लैक्टिक एसिड मांसपेशियों में दर्द का मुख्य कारण बनता है। आराम करने और मालिश करने पर यह वापस पाइरूवेट में बदलकर रक्त के माध्यम से साफ हो जाता है।
4. Gravitation
1. गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता है:
(A) केवल दो आवेशित पिंडों के बीच
(B) एक आवेशित और एक अनावेशित पिंड के बीच
(C) केवल दो अनावेशित पिंडों के बीच
(D) ब्रह्मांड में किन्हीं भी दो पिंडों के बीच
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) ब्रह्मांड में गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) एक सार्वभौमिक आकर्षण बल है जो किन्हीं भी दो पिंडों के बीच उनके द्रव्यमान के कारण कार्य करता है। यह बल पिंडों के आवेशित (Charged) या अनावेशित होने पर निर्भर नहीं करता है। न्यूटन के नियम के अनुसार, यह बल पिंडों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है। $F = G \frac{m_{1}m_{2}}{r^{2}}$ यह बल हमेशा आकर्षक प्रकृति का होता है और इसकी सीमा अनंत होती है।
4. Respiration system
1. कौन-सी संरचनात्मक विशेषता मानव में वायु मार्ग के संकुचन को रोकती है?
(A) इंटरकोस्टल मांसपेशियां
(B) नासिका में श्लेष्मा (म्यूकस) परत
(C) एल्वियोली (कूपिका)
(D) गले में उपास्थि के वलय (रिंग्स)
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 02:30:00
Ans: (D) • हमारी श्वासनली (Trachea) में "C" आकार के उपास्थि के वलय (Cartilaginous rings) पाए जाते हैं। • ये वलय श्वासनली को तब भी खुला रखते हैं जब उसमें हवा कम होती है, जिससे वह पिचकती (Collapse) नहीं है। • यह सुनिश्चित करता है कि वायु मार्ग हमेशा अबाधित रहे।
2. मछलियों में, पानी से घुली हुई ऑक्सीजन रक्त में कहाँ अवशोषित हो जाती है:
(A) गलफड़े (गिल्स)
(B) पार्श्व रेखा (लेटरल लाइन)
(C) मुंह
(D) तैरने वाली थैली (स्विम ब्लैडर)
MP Police constable 2025 | 08-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) • मछलियाँ गलफड़ों (Gills) के माध्यम से पानी में घुली हुई ऑक्सीजन प्राप्त करती हैं। • गिल्स में रक्त केशिकाओं का घना जाल होता है जहाँ गैसों का विनिमय (Exchange) विसरण द्वारा होता है। • जलीय जीवों में श्वसन दर स्थलीय जीवों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि पानी में घुली O2 की मात्रा हवा की तुलना में कम होती है।
4. Genetics
1. निम्नलिखित में से किसे आनुवंशिकी का जनक कहा जाता है?
(A) चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन
(B) रॉबर्ट हुक
(C) जेम्स वाटसन
(D) ग्रेगर जॉन मेंडल
Ans: (D) ग्रैगर जॉन मेंडल को उनके द्वारा मटर के पौधों पर किए गए क्रांतिकारी प्रयोगों के कारण $Father of Genetics$ कहा जाता है। उन्होंने आनुवंशिकी के तीन प्रमुख नियम दिए: प्रभाविता का नियम, पृथक्करण का नियम और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम। उन्होंने मटर ($Pisum sativum$) के 7 जोड़ी विपरीत लक्षणों का अध्ययन किया था।
4. Gravitation
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G का SI मात्रक क्या है?
(A) N kg⁻²/m²
(B) N m²kg⁻²
(C) N/m
(D) N kg/m
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-III
Ans: (B)

सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) का SI मात्रक N m² kg⁻² होता है। न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार $(F = \frac{G m_1 m_2}{r^2})$, जहाँ (F) बल है जिसकी इकाई न्यूटन (N) होती है, $(m_1)$ और $(m_2)$ द्रव्यमान हैं जिनकी इकाई किलोग्राम (kg) होती है, और (r) दूरी है जिसकी इकाई मीटर (m) होती है। इस समीकरण से $(G = \frac{F r^2}{m_1 m_2})$ मिलता है, इसलिए (G) की इकाई $(N \times m^2 / kg^2)$ होती है, यानी N m² kg⁻²

4. Acids, Bases & Salts
1. सार्वभैमिक सूचकों में, 4 से 5 का pH मान क्या इंगित करता है?
(A) दुर्बल अम्ल
(B) दुर्बल क्षार
(C) प्रबल अम्ल
(D) प्रबल क्षार
RRB JE | 22.05.2019 | Shift-II
Ans: (A) सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) विभिन्न रसायनों का मिश्रण होता है जो pH के आधार पर रंग बदलता है। रंग का पैमाना इस प्रकार है: 1. pH 0-3 (लाल/Red): प्रबल अम्ल (Strong Acid) 2. pH 4-6 (नारंगी/पीला): दुर्बल अम्ल (Weak Acid) 3. pH 7 (हरा/Green): उदासीन (Neutral) 4. pH 8-11 (नीला): दुर्बल क्षार 5. pH 12-14 (बैंगनी/जामुनी): प्रबल क्षार अतः 4 से 5 का मान **दुर्बल अम्ल** को दर्शाता है।
2. एक मिश्रण, नीले लिट्मस को लाल में बदल देता है, उसका pH......... होने की संभावना है।
(A) 6
(B) 9
(C) 7
(D) 8
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-I
Ans: (A) नीले लिटमस को लाल (Blue to Red) करने वाले विलयन **अम्लीय** होते हैं। अम्लों का pH मान 7 से कम होता है। विकल्पों का विश्लेषण: - pH 9 और 8: क्षारीय (लाल को नीला करेंगे) - pH 7: उदासीन - pH 6: अम्लीय (नीले को लाल करेगा) ट्रिक याद रखें: **"अनील"** (अम्ल, नीले को लाल करता है) और **"छलनी"** (क्षार, लाल को नीला करता है)।
4. Genetics
1. जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) का तात्पर्य है-
(A) (a) बैक्टीरिया का तकनीकी अध्ययन
(B) (b) शरीर में रसायनों का तकनीकी अध्ययन
(C) (c) मानव शरीर-रचना विज्ञान के क्षेत्र में तकनीक का इंफ्युजन
(D) (d) औद्योगिक प्रक्रियाओं में सजीवों का उपयोग
RRB NTPC Stage I | 29.03.2016 | Shift-III
Ans: (D) जैव प्रौद्योगिकी ($Biotechnology$) एक ऐसा विज्ञान है जिसमें जीवित सूक्ष्मजीवों या उनके एंजाइमों का उपयोग करके औद्योगिक स्तर पर मानव उपयोगी उत्पाद बनाए जाते हैं। इसमें आनुवंशिक इंजीनियरिंग ($Genetic Engineering$) का उपयोग करके जीवों के डीएनए में बदलाव किया जाता है ताकि बेहतर फसलें, दवाएं और टीके तैयार किए जा सकें।
2. विकास (evolution) के लिए पहला मूलभूत कारक ________ है।
(A) आनुवंशिक विभिन्नता (genetic variation)
(B) व्यष्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा (competition among individuals)
(C) वृद्धि के लिए कोशिका विभाजन (cell division for growth)
(D) स्वस्थ संतति (healthy offsprings)
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 9:00 AM - 10:30 AM
Ans: (A) विकास ($Evolution$) की प्रक्रिया तभी संभव है जब किसी जनसंख्या में आनुवंशिक विभिन्नता ($Genetic Variation$) मौजूद हो। बिना विभिन्नता के, प्राकृतिक चयन ($Natural Selection$) कार्य नहीं कर सकता क्योंकि उसे चुनने के लिए अलग-अलग लक्षण नहीं मिलेंगे। यह विभिन्नता मुख्य रूप से उत्परिवर्तन और पुनर्संयोजन के कारण उत्पन्न होती है।
3. वंशागति के नियमों को बनाने में किन दो विषयों के ज्ञान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
(A) भूगोल और दर्शनशास्त्र
(B) गणित और विज्ञान
(C) दर्शनशास्त्र और विज्ञान
(D) गणित और इतिहास
RRB JE Exam 2024 | 16/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (B) मेंडल ने अपने प्रयोगों के निष्कर्ष निकालने के लिए गणितीय सांख्यिकी ($Mathematical Statistics$) और संभाव्यता ($Probability$) के सिद्धांतों का उपयोग किया था। उस समय जीव विज्ञान में गणित का प्रयोग करना एक बिल्कुल नया विचार था। इसी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण वे वंशागति के सटीक पैटर्न को डिकोड करने में सफल रहे।
4. मेंडल के अनुसार, लंबे मटर के पौधों को छोटे मटर के पौधों के साथ संकरण कराने पर F1 संतति में कौन-सा विशेषक प्रकट हुआ?
(A) छोटा
(B) बौना
(C) लंबा
(D) मध्यम
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (C) मेंडल के प्रभाविता के नियम के अनुसार, जब शुद्ध लंबे ($TT$) और शुद्ध बौने ($tt$) पौधों का संकरण कराया जाता है, तो प्रथम पीढ़ी ($F_1$) में सभी पौधे विषमयुग्मजी लंबे ($Tt$) होते हैं। यहाँ लंबापन ($T$) एक प्रभावी (Dominant) लक्षण है जो बौनेपन ($t$) के प्रभाव को पूरी तरह से छिपा देता है।
5. मेंडल ने कुछ अनुकूल कारणों से मटर (garden pea) का चयन किया था। निम्नलिखित में से कौन-सा कारण उनके प्रयोगों के लिए आवश्यक चयन का कारण नहीं है?
(A) वे अनेक संतति उत्पन्न करते हैं।
(B) उनमें आसानी से देखे जा सकने वाले विशेषक होते हैं।
(C) वे स्व-परागित तथा पर-परागित हो सकते हैं।
(D) उनमें दीर्घ जनन काल होता है।
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 9:00 AM - 10:30 AM
Ans: (D) मेंडल ने मटर के पौधे का चुनाव इसलिए किया क्योंकि इसका जीवन चक्र छोटा होता है और यह एक ही सीजन में कई संततियां उत्पन्न करता है। मटर में विपरीत लक्षण स्पष्ट रूप से दिखते हैं। प्रश्न में दिया गया विकल्प "दीर्घ जनन काल" गलत है, क्योंकि मटर का जनन काल बहुत छोटा होता है, जिससे परिणामों का अध्ययन जल्दी संभव हो पाता है।
6. पिता से X युक्त शुक्राणु प्राप्त करने वाले बच्चे की अनुवंशिक रचना निम्नलिखित में से किस प्रकार होगी?
(A) 44 + XY
(B) 44 + XX
(C) 46 + XY
(D) 46 + XX
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (B) मानव में लिंग निर्धारण के लिए $44$ ऑटोसोम और $2$ लिंग गुणसूत्र होते हैं। माता हमेशा $22 + X$ अंडाणु देती है। यदि पिता से $X$ युक्त शुक्राणु ($22 + X$) प्राप्त होता है, तो युग्मनज की रचना $44 + XX$ होगी और वह लड़की होगी। यदि $Y$ युक्त शुक्राणु मिलता, तो वह $44 + XY$ (लड़का) होता।
7. वंशागति का नियम किस वैज्ञानिक/किन वैज्ञानिकों ने प्रतिपादित किया?
(A) चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin)
(B) वॉटसन और क्रिक (Watson and Crick)
(C) ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel)
(D) थॉमस हंट मॉर्गन (Thomas Hunt Morgan)
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (C) वंशागति के बुनियादी नियमों का प्रतिपादन ग्रेगर जॉन मेंडल ने किया था। उन्होंने मटर के पौधों पर 8 वर्षों तक प्रयोग किए और यह समझाया कि लक्षण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कैसे जाते हैं। हालांकि उनके काम को उनके जीवनकाल में पहचान नहीं मिली, लेकिन आज उन्हें आनुवंशिकी का आधार माना जाता है।
8. वंशागति की इकाइयाँ, जिन्हें मेंडल ने "कारक (factors)" कहा था, अब क्या कहलाती हैं?
(A) जीन (Genes)
(B) गुणसूत्र (Chromosomes)
(C) डीएनए (DNA)
(D) विशेषक (Traits)
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (A) मेंडल ने वंशागति की भौतिक इकाइयों को "कारक" ($Factors$) कहा था। 1909 में वैज्ञानिक जोहान्सन ने इन कारकों को जीन ($Gene$) नाम दिया। जीन डीएनए का वह खंड है जिसमें किसी विशेष प्रोटीन या लक्षण को बनाने की कोडिंग जानकारी होती है।
4. Respiration system
1. रक्त शरीर के शेष भागों से कार्बन डाइऑक्साइड ________ में छोडने के लिए लाता है।
(A) ग्रसिका
(B) कूपिका
(C) आमाशय
(D) आंत
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (B) शरीर की कोशिकाओं से लाया गया कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त फेफड़ों में स्थित कूपिकाओं (Alveoli) के चारों ओर मौजूद महीन रक्त वाहिकाओं में पहुँचता है। यहाँ गैस विनिमय (Gas exchange) की प्रक्रिया द्वारा रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड कूपिकाओं के भीतर चली जाती है और कूपिकाओं में मौजूद ताजी ऑक्सीजन रक्त में मिल जाती है। कूपिकाएं फेफड़ों की कार्यात्मक इकाई (Functional unit) हैं जो अपने गुब्बारे जैसी संरचना के कारण गैसों के आदान-प्रदान के लिए एक विशाल सतही क्षेत्रफल प्रदान करती हैं।
4. Genetics
1. निम्नलिखित में से से कौन-से पर्यावरणीय कारक कुछ सरीसृपों के लिंग निर्धारण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?
(A) तापमान
(B) मृदा
(C) दाब
(D) जल
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A) कुछ सरीसृपों जैसे मगरमच्छ और कछुओं में लिंग का निर्धारण निषेचित अंडों के ऊष्मायन तापमान ($Incubation Temperature$) द्वारा होता है। उदाहरण के लिए, कछुओं में उच्च तापमान पर अक्सर मादाएं पैदा होती हैं। इसे $TSD$ (तापमान-निर्भर लिंग निर्धारण) कहा जाता है, जो मनुष्यों के गुणसूत्रीय निर्धारण से भिन्न है।
4. Respiration system
1. निम्न में से किस प्रकार के उपकला ऊतक, फेफड़े की कूपिकाओं के अस्तर (lining) का निर्माण करते हैं?
(A) शल्की
(B) स्तंभाकार
(C) घनाकार
(D) पक्ष्माभी स्तंभाकार
RRB Group D | 16/09/2022 | Morning
Ans: (A) फेफड़ों की कूपिकाओं (Alveoli) का अस्तर सरल शल्की उपकला (Simple squamous epithelium) ऊतक से बना होता है जो अपनी अत्यधिक पतली और चपटी संरचना के लिए जाना जाता है। यह ऊतक एक चयनात्मक पारगम्य झिल्ली (Selectively permeable membrane) की तरह कार्य करता है जो गैसों के त्वरित विसरण (Diffusion) के लिए आदर्श माध्यम प्रदान करता है। इसकी झिल्लीनुमा संरचना ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के आदान-प्रदान को बिना किसी रुकावट के सुगम बनाती है जिससे श्वसन प्रक्रिया कुशलतापूर्वक संपन्न होती है।
2. कूपिका (alveoli) की कुछ विशेषताओं का उल्लेख नीचे किया गया है। गलत विकल्प का चयन करें।
(A) इसका सतही क्षेत्रफल बड़ा होता है
(B) इनमें रक्त वाहिकाओं का एक विस्तीर्ण जाल होता है
(C) इनकी भित्तियां पतली होती हैं
(D) ये अंगुलीनुमा संरचनाएं होती हैं
RRB Group D | 22/08/2022 | Evening
Ans: (D) कूपिका (Alveoli) के बारे में गलत तथ्य चुनना है। कूपिकाएं गुब्बारे जैसी संरचनाएं होती हैं न कि उंगलीनुमा (उंगलीनुमा संरचनाएं छोटी आंत में पाई जाती हैं जिन्हें विली कहा जाता है)। कूपिकाएं फेफड़ों के भीतर गैसों के विनिमय के लिए एक बहुत बड़ी सतह प्रदान करती हैं। इनकी दीवारें अत्यंत पतली होती हैं और रक्त वाहिकाओं के घने जाल से ढकी होती हैं। एक वयस्क मनुष्य के दोनों फेफड़ों में लगभग $300$ से $480$ मिलियन कूपिकाएं होती हैं।
3. पहले चरण के आरंभ में, एरोबिक और एनारोबिक श्वसन के दौरान निम्न में से कौन सा सामान्य उत्पाद उत्पन्न होता है?
(A) पाइरूवेट
(B) इथेनॉल
(C) लैक्टिक अम्ल
(D) जल
RRB Group D | 23/08/2022 | Afternoon
Ans: (A) • ग्लाइकोलिसिस श्वसन का पहला चरण है जो वायवीय (Aerobic) और अवायवीय (Anaerobic) दोनों में समान होता है। • इस चरण में ग्लूकोज का एक अणु टूटकर "पाइरूवेट" के दो अणु बनाता है। • यह पूरी प्रक्रिया कोशिका के कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में संपन्न होती है।
4. मनुष्यों में अंतःश्वसन के संबंध में नीचे दिए गए सभी कथनों में से केवल एक के अलावा अन्य सभी सही हैं। गलत कथन की पहचान कीजिए।
(A) पसलियां अंदर धंसती हैं, और डायाफ्राम ऊपर की ओर फूलता है।
(B) पसलियां ऊपर उठती हैं, और डायाफ्राम सपाट हो जाता है।
(C) वक्ष गुहा बड़ी हो जाती है।
(D) फेफड़ों द्वारा वायु का अंतर्ग्रहण होता है।
RRB Group D | 26/08/2022 | Evening
Ans: (A) अंतःश्वसन (Inhalation) के दौरान शरीर में होने वाले परिवर्तनों को समझना आवश्यक है। जब हम सांस अंदर लेते हैं तो पसलियां बाहर की ओर उठती हैं और डायाफ्राम नीचे की ओर जाकर सपाट (Flat) हो जाता है। इस प्रक्रिया से वक्ष गुहा (Chest cavity) का आयतन बढ़ जाता है जिससे फेफड़ों के भीतर वायु का दबाव कम हो जाता है। दबाव कम होने के कारण बाहर की वायु तेजी से फेफड़ों के अंदर प्रवेश करती है। पसलियों का अंदर धंसना उच्छ्वसन (Exhalation) की प्रक्रिया का हिस्सा है।
5. जंतुओं में श्वसन सतह की कुछ विशेषताओं का उल्लेख नीचे किया गया है। गलत विकल्प का चयन कीजिए।
(A) इस क्षेत्र में वायु को अंदर लाने और बाहर ले जाने के लिए एक तंत्र मौजूद होता है
(B) यह बहुत मोटी होती है
(C) इसका सतही क्षेत्रफल बड़ा होता है
(D) यह सामान्यतः शरीर के अंदर स्थित होती है
RRB Group D | 02/09/2022 | Afternoon
Ans: (B) श्वसन सतह (Respiratory surface) की विशेषताओं पर आधारित यह प्रश्न महत्वपूर्ण है। कुशल गैस विनिमय के लिए श्वसन सतह का बहुत पतला होना अनिवार्य है न कि मोटा। यह सतह नम (Moist) होनी चाहिए ताकि ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड आसानी से विसरित (Diffuse) हो सकें। जंतुओं में यह सतह प्रायः शरीर के भीतर सुरक्षित होती है ताकि इसे बाहरी नुकसान से बचाया जा सके। गैसों के अधिक आदान-प्रदान के लिए इस सतह का क्षेत्रफल बहुत अधिक रखा जाता है।
6. प्रत्येक श्वसन चक्र के दौरान, जब वायु अंदर ली जाती है, और बाहर निकाली जाती है, तो फेफड़ों में हमेशा कुछ मात्रा में वायु होती ही है... वायु की इस मात्रा को क्या कहा जाता है?
(A) फुफ्फुसीय मात्रा
(B) वायुकोशीय मात्रा
(C) श्वसन मात्रा
(D) अवशिष्ट मात्रा
RRB Group D | 05/09/2022 | Afternoon
Ans: (D) फेफड़ों की वायु धारिता से संबंधित इस प्रश्न में अवशिष्ट आयतन (Residual Volume) के बारे में पूछा गया है। फेफड़ों में हवा बाहर निकालने के बाद भी जो हवा शेष रह जाती है उसे अवशिष्ट आयतन कहते हैं। यह हवा इसलिए जरूरी है ताकि रक्त को ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। सामान्य स्थिति में एक स्वस्थ वयस्क में यह मात्रा लगभग $1100 ml$ से $1200 ml$ तक होती है। यह फेफड़ों को पूरी तरह पिचकने (Collapse) से बचाती है।
7. सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक क्यों है?
(A) क्योंकि यह फेफड़ों में शोथ (oedema) का कारण बनता है।
(B) क्योंकि यह छाती की मांसपेशियों को कमजोर करता है।
(C) क्योंकि यह RBC की ऑक्सीजन वहन क्षमता को कम कर देता है।
(D) क्योंकि यह ऊपरी श्वसन पथ में मौजूद पक्ष्माभ को नुकसान पहुंचाता है।
RRB Group D | 06/09/2022 | Morning
Ans: (D) सिगरेट के धुएं के हानिकारक प्रभाव के बारे में यह वैज्ञानिक प्रश्न है। हमारे श्वसन मार्ग में छोटे बालों जैसी संरचनाएं होती हैं जिन्हें पक्ष्माभ (Cilia) कहा जाता है। सिगरेट का धुआं इन पक्ष्माभों को नष्ट कर देता है जिससे धूल और हानिकारक कीटाणु सीधे फेफड़ों तक पहुँच जाते हैं। इससे संक्रमण, खांसी और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बहुत बढ़ जाता है। धूम्रपान से रक्त में हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता भी कम हो जाती है।
8. श्वसन पथ में पक्ष्माभ (cilia) की क्या भूमिका होती है?
(A) ये अंत: श्वसित और उच्छवसित वायु में सभी गैसों को मिलाने में सहायक होते हैं।
(B) पक्ष्माभ फेफड़ों और वायुपथ से नाक की ओर स्थित बलगम को साफ़ करते है
(C) पक्ष्माभी कोशिकाएं बैक्टीरिया और वायरस को फँसाने के लिए स्राव उत्पन्न करती हैं।
(D) अंत : श्वसित वायु में मौजूद धूल के कण पक्ष्माभ से चिपक जाते हैं।
RRB Group D | 22/09/2022 | Evening
Ans: (B) श्वसन मार्ग में पक्ष्माभ (Cilia) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ये पक्ष्माभ लगातार एक दिशा में गति करते रहते हैं ताकि बलगम (Mucus) और उसमें फंसे धूल कणों को फेफड़ों से बाहर नाक की ओर धकेला जा सके। यह हमारे शरीर की एक सुरक्षा प्रणाली है जो फेफड़ों को साफ रखती है। यदि ये सही से कार्य न करें तो फेफड़ों में संक्रमण (Infection) का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान इन पक्ष्माभों की कार्यक्षमता को पूरी तरह बाधित कर देता है।
9. श्वसन के दौरान निम्न में से कौन से, तीन-कार्बन वाले अणु बनते हैं?
(A) एथेनॉल और लैक्टिक अम्ल
(B) एथेनॉल और मैलिक अम्ल
(C) लैक्टिक अम्ल और पाइरूवेट
(D) पाइरूवेट और एथेनॉल
RRB Group D | 27/09/2022 | Evening
Ans: (C) श्वसन के दौरान बनने वाले मध्यवर्ती अणुओं की कार्बन संख्या पर यह प्रश्न है। ग्लूकोज (6-कार्बन) के टूटने पर सबसे पहले पाइरूवेट बनता है जो कि एक $3$-कार्बन वाला अणु है। ऑक्सीजन की कमी होने पर मांसपेशियों में यही पाइरूवेट लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है जो कि स्वयं एक $3$-कार्बन अणु है। यीस्ट में अवायवीय श्वसन के दौरान $2$-कार्बन वाला एथेनॉल (Ethanol) बनता है। मानव शरीर में ऊर्जा के लिए पाइरूवेट का माइटोकॉन्ड्रिया में जाना आवश्यक है।
10. मेंढकों में मानव की तरह ही एक जोड़ी फेफड़े होते हैं, लेकिन वे अपने ________ से भी श्वसन कर सकते हैं।
(A) श्वासरंध्रों
(B) श्वासप्रणाल
(C) आर्द्र और श्लेष्मीय त्वचा
(D) क्लोम
RRB Group D | 06/10/2022 | Morning
Ans: (C) • मेंढक "उभयचर" जीव है जो अपनी त्वचा, मुख गुहा और फेफड़ों तीनों से सांस ले सकता है। • पानी के अंदर या जमीन के नीचे सोते समय (Hibernation) वे केवल अपनी नम त्वचा से ही श्वसन करते हैं। • इनकी त्वचा श्लेष्मा (Mucus) के कारण हमेशा गीली रहती है जो गैसों के विसरण में मदद करती है।
11. इनमें से कौन सी वायु से भरी शारीरिक गुहा है?
(A) हड्डी
(B) टेंडन
(C) उपास्थि
(D) साइनस
RRB JE | 23/05/2019 | Afternoon
Ans: (D) साइनस (Sinus) हमारे चेहरे की हड्डियों के भीतर पाई जाने वाली हवा से भरी गुहाएं (Cavities) होती हैं। ये गुहाएं सिर के वजन को हल्का करती हैं और हमारी आवाज को गूँज (Resonance) प्रदान करती हैं। जब इन गुहाओं में संक्रमण या सूजन आ जाती है तो उस स्थिति को साइनसाइटिस (Sinusitis) कहा जाता है। ये गुहाएं श्लेष्मा (Mucus) का निर्माण भी करती हैं जो नाक के मार्ग को नम रखता है। टेंडन और उपास्थि (Cartilage) संयोजी ऊतक हैं जो हड्डियों और जोड़ों से संबंधित हैं।
12. किस प्रकार के जीवों में श्वसन से अधिक ऊर्जा उत्सर्जित होती है?
(A) ऐरोबिक श्वसन (वायवीय)
(B) होमोजेनिक श्वसन
(C) ऐनारोबिक श्वसन (अवायवीय)
(D) हेटेरोजेनिक श्वसन
RPF Constable | 02/02/2019 | Morning
Ans: (A) ऊर्जा उत्सर्जन की मात्रा श्वसन के प्रकार पर निर्भर करती है। वायवीय श्वसन (Aerobic respiration) में ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है जिससे अधिकतम ऊर्जा प्राप्त होती है। अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) में ग्लूकोज का अधूरा विखंडन होता है जिससे बहुत कम ऊर्जा निकलती है। वायवीय श्वसन माइटोकॉन्ड्रिया में संपन्न होता है और अंत में $CO_2$ और $H_2O$ बनाता है। अधिकांश विकसित जंतु और पौधे अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वायवीय श्वसन पर ही निर्भर हैं।
13. ऊर्जा उत्पादन के दौरान जब हमारी मांसपेशियों की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होती है, तो 6-कार्बन अणु... ________ कार्बन अणु में परिवर्तित हो जाता है।
(A) 5
(B) 2
(C) 3
(D) 1
RRB Group D | 18/09/2018 | Evening
Ans: (C) मांसपेशियों में थकान और ऊर्जा उत्पादन के दौरान होने वाले रासायनिक परिवर्तन पर यह प्रश्न है। ग्लूकोज जो कि एक 6-कार्बन अणु है वह विखंडन के पहले चरण में $3$-कार्बन वाले पाइरूवेट अणु में बदलता है। ऑक्सीजन की भारी कमी होने पर यह पाइरूवेट लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है। यह प्रक्रिया मांसपेशियों की कोशिकाओं के साइटोप्लाज्म में ही संपन्न होती है। लैक्टिक अम्ल जमा होने से मांसपेशियों में दर्द और भारीपन महसूस होता है।
14. नीचे दिए गए कथनों पर विचार करें और सही उत्तर की पहचान करें। कथन- ।: मानव आमाशय नाइट्रिक अम्ल उत्पन्न करता है। कथन- II: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, आमाशय को बिना क्षति पहुँचाए भोजन के पाचन में मदद करता है।
(A) केवल कथन ।। सही है।
(B) दोनों कथन सही हैं। कथन ।।, कथन। की सही व्याख्या है।
(C) केवल कथन। सही है।
(D) दोनों कथन सही हैं। कथन।, कथन ॥ की सही व्याख्या है।
RRB Group D | 22/08/2022 | Morning
Ans: (A) आमाशय (Stomach) में स्रावित होने वाले अम्ल के बारे में जानकारी दी गई है। मानव आमाशय हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) उत्पन्न करता है न कि नाइट्रिक अम्ल। यह अम्ल भोजन के साथ आए हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है और पेप्सिन एंजाइम को सक्रिय करने के लिए अम्लीय माध्यम प्रदान करता है। आमाशय की आंतरिक परत श्लेष्मा (Mucus) द्वारा सुरक्षित रहती है जो $HCl$ से आमाशय की रक्षा करती है। यदि श्लेष्मा की परत कमजोर हो जाए तो आमाशय में अल्सर (Ulcer) होने का खतरा रहता है।
4. Acids, Bases & Salts
1. पोटेश एलम का जलीय विलयन कैसा होता है?
(A) हल्का क्षारीय
(B) उदासीन
(C) अम्लीय
(D) अत्यधिक क्षारीय
MP Police constable 2025 | 03-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) पोटाश एलम (फिटकरी) एक **द्विक लवण (Double Salt)** है। इसका रासायनिक नाम पोटैशियम एल्युमिनियम सल्फेट है। सूत्र: $K_{2}SO_{4} \cdot Al_{2}(SO_{4})_{3} \cdot 24H_{2}O$ प्रकृति: यह एक प्रबल अम्ल ($H_{2}SO_{4}$) और दुर्बल क्षारक ($Al(OH)_{3}$) से बना लवण है। जलीय अपघटन (Hydrolysis) पर यह $H^{+}$ आयन मुक्त करता है, जिससे इसकी प्रकृति **अम्लीय** हो जाती है और यह नीले लिटमस को लाल कर देता है। उपयोग: जल शोधन में (स्कंदन प्रक्रिया द्वारा) और एंटीसेप्टिक के रूप में (रक्त का थक्का जमाने में)।
4. Respiration system
1. विवरण के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा मार्ग अधिकतम ऊर्जा देता है?
(A) पायरूवेट का लैक्टिक एसिड में विखंडन
(B) माइटोकॉन्ड्रिया में पायरूवेट का कार्बन डाइऑक्साइड और जल में विखंडन
(C) ग्लूकोज का पायरूवेट में आंशिक रूपांतरण
(D) पायरूवेट का इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में विखंडन
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) ऊर्जा उत्पादन के विभिन्न मार्गों की तुलना यहाँ की गई है। माइटोकॉन्ड्रिया में पाइरूवेट का विखंडन श्वसन का सबसे प्रभावी मार्ग है क्योंकि इसमें ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है। इस मार्ग से लगभग $38$ ATP अणु प्राप्त होते हैं जबकि किण्वन या लैक्टिक अम्ल मार्ग से केवल $2$ ATP मिलते हैं। यही कारण है कि सक्रिय जंतुओं के लिए वायवीय श्वसन अनिवार्य है। ग्लूकोज का पाइरूवेट में बदलना केवल प्रारंभिक प्रक्रिया है जिसमें बहुत कम ऊर्जा निकलती है।
4. Acids, Bases & Salts
1. निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र pOH की गणना के लिए उपयोग किया जाता है?
(A) $-\log[H^{+}]$
(B) $\log_{2}[OH^{-}]$
(C) $-\log_{10}[H^{+}]$
(D) $-\log_{10}[OH^{-}]$
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) pOH किसी विलयन की क्षारीयता (हइड्रॉक्साइड आयन सांद्रता) का मापक है। सोरेनसेन (Sorensen) पैमाने के अनुसार: सूत्र: $pOH = -\log_{10}[OH^{-}]$ महत्वपूर्ण संबंध: 25°C पर, $pH + pOH = 14$ होता है। यदि $OH^{-}$ आयनों की सांद्रता बढ़ती है, तो pOH का मान कम हो जाता है।
4. Genetics
1. हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन में सभी एलील्स की आवृत्तियों का कुल योग कितना होता है?
(A) 2
(B) 1
(C) 4
(D) 5
MP Police constable 2025 | 06-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) हार्डी-वाइनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक आदर्श जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। एलील $p$ (प्रभावी) और एलील $q$ (अप्रभावी) का कुल योग हमेशा $1$ होता है। इसका गणितीय समीकरण $p + q = 1$ और विस्तार $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ है, जहाँ $1$ पूरी जनसंख्या की आनुवंशिक स्थिरता को दर्शाता है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सी गुणसूत्रीय स्थिति वेब्ड नेक के लिए उत्तरदायी होती है?
(A) XO
(B) XY
(C) XXY
(D) XYY
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) वेब्ड नेक (गर्दन की त्वचा का फैला होना) टर्नर सिंड्रोम का एक मुख्य लक्षण है। यह विकार तब होता है जब एक महिला में एक $X$ गुणसूत्र की कमी होती है, जिससे उसकी स्थिति $45, XO$ हो जाती है। इसमें प्रभावित व्यक्ति का कद छोटा होता है और अंडाशय का विकास पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है।
3. अपूर्ण प्रभुत्व में एक एलील दूसरे पर पूरी तरह से _____ नहीं होता है।
(A) अप्रभावी
(B) प्रभावी
(C) उत्परिवर्ती
(D) प्रबल
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) अपूर्ण प्रभाविता ($Incomplete Dominance$) में एक एलील दूसरे पर पूरी तरह प्रभावी नहीं होता है। इसके परिणामस्वरूप $F_1$ पीढ़ी में माता-पिता के बीच का एक मध्यम लक्षण दिखाई देता है। उदाहरण के लिए, मिराबिलिस जलापा में लाल ($RR$) और सफेद ($rr$) फूलों के क्रॉस से गुलाबी ($Rr$) फूल पैदा होते हैं।
4. Acids, Bases & Salts
1. नींबू के रस का pOH 12 है। H आयनों की सांद्रता क्या होगी?
(A) 0.01
(B) 0.1
(C) 0.001
(D) 0.0001
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) दिया गया है: $pOH = 12$ हम जानते हैं: $pH + pOH = 14$ इसलिए: $pH = 14 - 12 = 2$ pH की परिभाषा से: $pH = -\log[H^{+}]$ मान रखने पर: $2 = -\log[H^{+}] \Rightarrow \log[H^{+}] = -2$ अतः $H^{+}$ सांद्रता: $[H^{+}] = 10^{-2} M = 0.01 M$ याद रखें: pH 2 होने का अर्थ है कि विलयन प्रबल अम्लीय है (जैसे नींबू का रस)।
2. कार्बोनेटेड पेय में जो "पॉप" की आवाज़ होती है, उसके लिए जिम्मेदार रासायनिक अभिक्रिया कौन-सी है?
(A) तापमान परिवर्तन गैस की घुलनशीलता को प्रभावित करता है
(B) तरल से गैस में भौतिक चरण संक्रमण
(C) दबाव कम होने से गैस का विस्तार (expansion)
(D) कार्बोनिक एसिड का रासायनिक अपघटन
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 10:00:00
Ans: () कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा वाटर में उच्च दबाव (High Pressure) पर कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_{2}$) गैस घुली होती है, जो पानी के साथ मिलकर कार्बोनिक एसिड ($H_{2}CO_{3}$) बनाती है। बोतल खोलते ही दबाव (Pressure) अचानक कम हो जाता है। हेनरी के नियम (Henry's Law) के अनुसार, दबाव कम होने पर गैस की घुलनशीलता कम हो जाती है। इसलिए, $H_{2}CO_{3}$ तेजी से अपघटित होकर $H_{2}O$ और $CO_{2}$ गैस में बदल जाता है। यही $CO_{2}$ गैस बुलबुलों के रूप में "पॉप" ध्वनि के साथ बाहर निकलती है।
4. Genetics
1. मेंडेल के स्वतंत्र अप्व्युहन (मेंडेल लॉ ऑफ इंडीपेंडेंट एसोर्टमेंट) के नियम को प्रदर्शित करने के लिए _______ का प्रयोग किया जाता है?
(A) एकसंकर क्रॉस
(B) द्विसंकर क्रॉस
(C) टेस्ट क्रॉस
(D) बैक क्रॉस
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम यह बताता है कि दो अलग-अलग लक्षणों के जीन एक-दूसरे से स्वतंत्र होकर अगली पीढ़ी में जाते हैं। इसे सिद्ध करने के लिए मेंडल ने द्विसंकर क्रॉस ($Dihybrid Cross$) का उपयोग किया, जिसका फीनोटाइप अनुपात $9:3:3:1$ होता है। यह नियम केवल उन जींस पर लागू होता है जो अलग-अलग गुणसूत्रों पर होते हैं।
4. Acids, Bases & Salts
1. दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के विलयन का pH क्या होगा?
(A) 7 से कम
(B) 14 से अधिक
(C) 7 के बराबर
(D) 7 से अधिक
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) लवण की प्रकृति उसके जनक अम्ल और क्षार पर निर्भर करती है: 1. प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार = उदासीन (pH = 7) 2. प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार = अम्लीय (pH < 7) 3. **दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार = क्षारीय (pH > 7)** यहाँ दुर्बल अम्ल (जैसे $CH_{3}COOH$) और प्रबल क्षार (जैसे $NaOH$) हैं, तो बना लवण (सोडियम एसीटेट) क्षारीय होगा और जलीय विलयन में $OH^{-}$ आयनों की अधिकता होगी। अतः pH 7 से अधिक होगा।
2. 4 परखनली में 4 विलयन A, B, C एवं D लिये गए जिनके पीएच मान क्रमशः 2, 12, 8 और 4 हैं। उनमें मौजूद हाइड्रॉक्साइड आयनों की सांद्रता बढ़ने के सही क्रम का प्रतिनिधित्व करता है?
(A) $C < A < B < D$
(B) $B < C < D < A$
(C) $A < D < C < B$
(D) $D < C < A < B$
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) pH पैमाना और आयन सांद्रता का संबंध: - pH $H^{+}$ सांद्रता के व्युत्क्रमानुपाती होता है (pH कम = $H^{+}$ ज्यादा)। - pH $OH^{-}$ सांद्रता के समानुपाती होता है (pH ज्यादा = $OH^{-}$ ज्यादा)। यानी, जिसका pH सबसे अधिक होगा, उसमें $OH^{-}$ आयन सबसे ज्यादा होंगे। pH मानों का बढ़ता क्रम: $2(A) < 4(D) < 8(C) < 12(B)$ अतः $OH^{-}$ आयनों की सांद्रता का बढ़ता क्रम भी यही होगा: $A < D < C < B$।
4. Genetics
1. जब एक शुद्ध लंबा मटर का पौधा को एक शुद्ध बौने मटर के पौधे के साथ संकर (क्रॉस) किया जाता है, तो F1 और F2 पीढ़ी में क्रमशः लंबे पौधों का प्रतिशत कितना होगा?
(A) 25%, 25%
(B) 50%, 50%
(C) 75%, 100%
(D) 100%, 75%
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) शुद्ध लंबे ($TT$) और शुद्ध बौने ($tt$) के क्रॉस में $F_1$ पीढ़ी में सभी $Tt$ (100% लंबे) होते हैं। $F_2$ पीढ़ी में जब $Tt$ का स्व-परागण होता है, तो $TT, Tt, Tt, tt$ प्राप्त होते हैं, जिनमें से $3/4$ भाग (75%) लंबे और $1/4$ भाग (25%) बौने होते हैं। अतः उत्तर $100\%$ और $75\%$ है।
2. एक एकल अप्रभावी लक्षण अपना प्रभाव व्यक्त करेगा यदि वह लक्षण निम्न पर स्थित होः
(A) ऑटोसोम
(B) मादा का X - गुणसूत्र
(C) मादा का Y - गुणसूत्र
(D) नर का X - गुणसूत्र
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) पुरुषों में केवल एक ही $X$ गुणसूत्र ($XY$) होता है। यदि $X$ गुणसूत्र पर कोई अप्रभावी विकार (जैसे हीमोफिलिया) मौजूद है, तो उसे दबाने के लिए दूसरा $X$ मौजूद नहीं होता। इसलिए पुरुषों में एक भी अप्रभावी जीन अपना प्रभाव तुरंत व्यक्त कर देता है, जबकि महिलाओं ($XX$) को प्रभावित होने के लिए दोनों $X$ पर वह जीन चाहिए।
4. Respiration system
1. नाजुक श्वसन सतहों में हवा को अंदर और बाहर ले जाने की प्रक्रिया आवश्यक होती है क्योंकिः
(A) कार्बन डाइऑक्साइड प्राकृतिक रूप से विसरित नहीं हो सकती
(B) फेफड़ों तक पहुँचने से पहले हवा को गर्म करना आवश्यक है
(C) केवल विसरण (Diffusion) पर्याप्त नहीं है
(D) ऑक्सीजन को सीधे रक्त कोशिकाओं के साथ जुड़ना चाहिए
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) बड़े जीवों में केवल विसरण (Diffusion) से काम क्यों नहीं चलता इसका कारण यहाँ बताया गया है। बड़े बहुकोशिकीय जीवों में शरीर का आकार इतना बड़ा होता है कि विसरण के द्वारा ऑक्सीजन शरीर के हर हिस्से तक समय पर नहीं पहुँच सकती। इसलिए गैसों को तेजी से अंदर-बाहर करने के लिए एक पंपिंग सिस्टम और श्वसन तंत्र की आवश्यकता होती है। यदि मनुष्य में केवल विसरण से ऑक्सीजन चलती तो फेफड़ों से पैर के अंगूठे तक पहुँचने में $3$ साल लग जाते। हीमोग्लोबिन जैसे श्वसन वर्णक ऑक्सीजन को तेजी से अंगों तक ले जाने का कार्य करते हैं।
4. Genetics
1. क्रॉसिंग ओवर के दौरान प्रत्येक गुणसूत्र युग्म में कितने स्ट्रेंड्स (धागे/तंतु) होते हैं?
(A) 8
(B) 5
(C) 2
(D) 4
MP Police constable 2025 | 24-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) क्रॉसिंग ओवर अर्धसूत्री विभाजन के दौरान होता है जब समजात गुणसूत्रों के जोड़े बनते हैं। इस समय प्रत्येक गुणसूत्र दो क्रोमैटिड्स में विभाजित होता है, जिससे एक जोड़े (Bivalent) में कुल $4$ स्ट्रैंड्स (धागे) बन जाते हैं। इन्हीं $4$ स्ट्रैंड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान होता है।
2. निम्नलिखित में से किसे पिता से पुत्री और फिर पौत्र में किसी गुण के संचरण के रूप में परिभाषित किया जा सकता है?
(A) मेंडेलियन वंशागति
(B) लिंग सहलग्न वंशागति
(C) अतिरिक्त गुणसूत्रीय वंशागति
(D) क्रिस-क्रॉस वंशागति
MP Police constable 2025 | 24-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) क्रिस-क्रॉस वंशागति ($Criss-cross Inheritance$) में कोई लक्षण पिता से उसकी पुत्री में जाता है और फिर पुत्री के माध्यम से वह उसके पुत्र (नाती) में पहुंचता है। यह मुख्य रूप से $X$-सहलग्न लक्षणों जैसे वर्णांधता (Color blindness) में देखा जाता है क्योंकि पिता अपना $X$ गुणसूत्र केवल बेटियों को ही दे सकता है।
4. Acids, Bases & Salts
1. यदि किसी विलयन में हाइड्रॉक्सिल आयन की सांद्रता $10^{-9}$ M है, तो उस विलयन का pOH कितना होगा?
(A) 12
(B) 8
(C) 10
(D) 9
MP Police constable 2025 | 26-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) दिया गया है: $[OH^{-}] = 10^{-9} M$ सूत्र: $pOH = -\log[OH^{-}]$ मान रखने पर: $pOH = -\log(10^{-9})$ लघुगणक नियम ($\log x^{n} = n \log x$) से: $pOH = -(-9)\log 10$ चूँकि $\log 10 = 1$ होता है, अतः $pOH = 9$ अतिरिक्त तथ्य: यदि pH पूछता तो $pH = 14 - 9 = 5$ होता।
4. Respiration system
1. श्वसन के दौरान ADP और अकार्बनिक फॉस्फेट से ATP का संश्लेषण एक एन्डोथर्मिक (ऊष्माशोषी) प्रक्रिया कहलाता है क्योंकिः
(A) इसे शुरू करने के लिए प्रकाश ऊर्जा की प्रत्यक्ष आवश्यकता होती है
(B) यह एक उच्च-ऊर्जा बंध बनाने के लिए श्वसन के दौरान मुक्त ऊर्जा को अवशोषित करता है
(C) यह बनने पर 30.5 KJ/mol ऊर्जा मुक्त करता है
(D) यह केवल ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है
MP Police constable 2025 | 25-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) ATP बनने की प्रक्रिया को ऊष्माशोषी (Endothermic) क्यों कहते हैं यह समझना जरूरी है। श्वसन के दौरान ग्लूकोज के टूटने से जो ऊर्जा निकलती है उसे ADP और अकार्बनिक फॉस्फेट को आपस में जोड़कर ATP बनाने में अवशोषित (Absorb) किया जाता है। यानी ऊर्जा को एक रासायनिक बंध के रूप में संचित किया जा रहा है। जब भी कोशिका को काम करना होता है इसी ATP का जल अपघटन (Hydrolysis) होता है और ऊर्जा वापस प्राप्त होती है। ATP को इसीलिए ऊर्जा का संचित भंडार माना जाता है।
4. Genetics
1. हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन को प्रभावित करने वाले पाँच कारक हैं जीन प्रवाह, आनुवंशिक बहाव, उत्परिवर्तन, आनुवंशिक पुनः संयोजन और
(A) सीमित कारक
(B) साल्टेशन
(C) विकास
(D) प्राकृतिक चयन
MP Police constable 2025 | 25-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन को बिगाड़ने वाले पांच मुख्य कारक हैं: जीन प्रवाह, आनुवंशिक विचलन, उत्परिवर्तन, आनुवंशिक पुनर्संयोजन और प्राकृतिक चयन ($Natural Selection$)। यदि ये कारक उपस्थित न हों, तो जनसंख्या की एलील आवृत्ति नहीं बदलेगी और विकास की प्रक्रिया रुक जाएगी।
2. निम्नलिखित में से गलत विकल्प चुनिए:
(A) होमो सेपियन्स अफ्रीका में उत्पन्न हुए
(B) निएंडरथल अपने मृतकों को दफनाते थे
(C) ड्रायोपिथेकस अधिक बंदर जैसा था
(D) पहले मानव जैसे जीव को होमो सेपियन्स कहा जाता है
MP Police constable 2025 | 29-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) मानव विकास के क्रम में सबसे पहले मानव जैसा जीव ($Hominid$) "होमो हैबिलिस" ($Homo habilis$) था, न कि होमो सेपियन्स। होमो सेपियन्स का उदय बहुत बाद में अफ्रीका में हुआ था। अन्य विकल्प जैसे निएंडरथल द्वारा मृतकों को दफनाना और ड्रायोपिथेकस का बंदर जैसा दिखना वैज्ञानिक रूप से सही तथ्य हैं।
3. ______ और प्राकृतिक चयन डार्विन के विकासवाद सिद्धांत की दो प्रमुख अवधारणाएँ हैं।
(A) उत्परिवर्तन
(B) आनुवंशिक विचलन
(C) कृत्रिम चयन
(D) शाखीय वंशावली
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) चार्ल्स डार्विन के अनुसार, विकास के दो मुख्य आधार हैं: प्राकृतिक चयन और शाखीय वंशावली ($Branching Descent$)। शाखीय वंशावली यह बताती है कि सभी नई प्रजातियां पुराने पूर्वजों से शाखाओं की तरह विकसित हुई हैं। प्राकृतिक चयन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा पर्यावरण के अनुकूल जीव जीवित बचते हैं और प्रजनन करते हैं।
4. Acids, Bases & Salts
1. $5\times10^{-5}$ M $H_{2}SO_{4}$ का pH कितना होगा?
(A) 4
(B) 6
(C) 3
(D) 2
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) सल्फ्यूरिक एसिड ($H_{2}SO_{4}$) एक द्विक्षारकीय (Diprotic) अम्ल है। इसका एक अणु वियोजित होकर 2 हाइड्रोजन आयन ($2H^{+}$) देता है। अम्ल की सांद्रता = $5 \times 10^{-5} M$ कुल $H^{+}$ सांद्रता = $2 \times (5 \times 10^{-5}) = 10 \times 10^{-5} = 10^{-4} M$ pH सूत्र: $pH = -\log[H^{+}] = -\log(10^{-4})$ हल करने पर: $pH = 4$ नोट: प्रबल अम्लों के लिए पूर्ण वियोजन (100% dissociation) माना जाता है।
2. NaOH और HCOOH के अनुमापन (टाइट्रेशन) के लिए कौन-सा सूचक उपयुक्त होगा?
(A) मिथाइल ऑरेंज
(B) मिथाइल रेड
(C) ब्रोमोक्रेसोल पर्पल
(D) फेनॉलफथालीन
MP Police constable 2025 | 06-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) अनुमापन (Titration) में सूचक का चयन बनने वाले लवण के pH पर निर्भर करता है। - $NaOH$: प्रबल क्षार (Strong Base) - $HCOOH$: दुर्बल अम्ल (Weak Acid/Formic Acid) इनका अंतिम बिंदु (End point) क्षारीय रेंज (pH > 7) में आता है। **फेनॉलफथालीन (Phenolphthalein)** का कार्य क्षेत्र pH 8.3 से 10.0 है, जो क्षारीय माध्यम के लिए उपयुक्त है। (अम्लीय माध्यम में यह रंगहीन और क्षारीय में गुलाबी होता है)। मिथाइल ऑरेंज प्रबल अम्लों के लिए बेहतर है।
4. Genetics
1. डार्विन के विकास सिद्धांत के खिलाफ प्रमुख आलोचना क्या है?
(A) यह जीवों की प्रजनन क्षमता का अधिक अनुमान लगाता है
(B) यह आनुवंशिकता के साथ विविधताओं की व्याख्या नहीं करता है
(C) यह मानता है कि पृथ्वी पर पर्यावरण युगों से बदल रहा है
(D) यह कई स्तनधारियों में पाए जाने वाले अवशेषी अंगों की उपस्थिति की व्याख्या नहीं करता है
MP Police constable 2025 | 06-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) डार्विन के सिद्धांत की सबसे बड़ी आलोचना यह थी कि वे यह नहीं समझा सके कि जीवों में विभिन्नताएं ($Variations$) कैसे पैदा होती हैं और वे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कैसे जाती हैं। उन्हें आनुवंशिकी (जीन और क्रोमोसोम) का ज्ञान नहीं था। बाद में ह्यूगो डी व्रीज ने उत्परिवर्तनवाद के माध्यम से इस कमी को पूरा किया।
2. किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में एक स्थान से शुरू होकर विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में फैलते हुए विभिन्न प्रजातियों के विकास की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है:
(A) आनुवंशिक विचलन
(B) अपसारी विकास
(C) अभिसारी विकास
(D) अनुकूलन विकिरण
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (D) अनुकूलन विकिरण ($Adaptive Radiation$) वह प्रक्रिया है जिसमें एक ही पूर्वज प्रजाति से शुरू होकर जीव विभिन्न भौगोलिक वातावरणों के अनुसार अलग-अलग प्रजातियों में विकसित हो जाते हैं। इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण डार्विन की फिंच ($Darwin Finches$) चिड़िया है, जिनकी चोंच का आकार उनके भोजन की आदतों के अनुसार बदल गया।
3. मेंडल के संकरण में, एक शुद्ध लंबे पौधे (TT) का एक बौने पौधे (tt) के साथ संकरण कराया गया। F2 पीढ़ी में जीनोटाइप अनुपात (Genotypic ratio) क्या था?
(A) 3:1
(B) 1:1
(C) 2:1
(D) 1:3
Ans: (A) मेंडल के एकसंकर क्रॉस की $F_2$ पीढ़ी में फीनोटाइप अनुपात $3:1$ होता है, लेकिन जीनोटाइप अनुपात $1:2:1$ होता है। इसमें $1$ शुद्ध लंबा ($TT$), $2$ संकर लंबे ($Tt$) और $1$ शुद्ध बौना ($tt$) पौधा होता है। विकल्पों के आधार पर, यहाँ $3:1$ का उपयोग फीनोटाइप के संदर्भ में किया गया है जो कि सामान्यतः पूछा जाता है।
4. क्या X गुणसूत्रों वाले शुक्राणुओं और Y गुणसूत्रों वाले शुक्राणुओं के बीच कोई दृश्य भिन्नता होती है?
(A) नहीं, उनके आकार में कोई अंतर नही होता है, लेकिन गतिशीलता में अंतर होता है।
(B) हां, X-युक्त शुक्राणु बड़े होते हैं
(C) हां, Y-युक्त शुक्राणु अधिक गतिशील होते हैं।
(D) नहीं, उनके आकार या गतिशीलता में कोई अन्तर नही होता है।
Ans: (D) सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखने पर $X$ और $Y$ गुणसूत्र ले जाने वाले शुक्राणुओं के बीच कोई दृश्य संरचनात्मक भिन्नता (आकार या गति) नहीं पाई जाती है। हालांकि $X$ गुणसूत्र $Y$ की तुलना में भारी होता है क्योंकि उसमें अधिक डीएनए ($DNA$) होता है, लेकिन यह अंतर साधारण माइक्रोस्कोप से नहीं देखा जा सकता। दोनों की गतिशीलता भी लगभग समान होती है।
5. मानव नरों में मौजूद लिंग गुणसूत्र XY हैं। इनके बीच क्या अंतर है?
(A) इनके आकार में कोई अंतर नहीं होता है
(B) X-गुणसूत्र बड़ा होता है, जबकि Y-गुणसूत्र छोटा होता है
(C) Y- गुणसूत्र में X-गुणसूत्र से अधिक जीन होते हैं।
(D) Y- गुणसूत्र बड़ा होता है, जबकि X-गुणसूत्र छोटा होता है
Ans: (B) मनुष्य के $XY$ लिंग गुणसूत्रों में $X$ गुणसूत्र काफी बड़ा होता है और इसमें लगभग $900$ से $1400$ जीन होते हैं। इसके विपरीत $Y$ गुणसूत्र बहुत छोटा होता है और इसमें केवल $70$ से $200$ जीन ही होते हैं। $Y$ गुणसूत्र पर मुख्य रूप से नर विकास के लिए जिम्मेदार $SRY$ जीन पाया जाता है।
6. यदि एक पौधे का समजीनी (Genotype) ttRr hai, to samlakshani (Phenotype) kya hoga?
(A) बौना और झुर्रीदार
(B) लंबा और झुर्रीदार
(C) बौना और गोल
(D) लंबा और गोल
Ans: (C) जीनोटाइप $ttRr$ में $tt$ का मतलब है कि पौधा बौना होगा क्योंकि दोनों एलील अप्रभावी हैं। $Rr$ में $R$ प्रभावी है, जो गोल बीज को दर्शाता है, इसलिए पौधा गोल बीज वाला होगा। अतः इसका फीनोटाइप "बौना और गोल" होगा। याद रखें कि एक भी प्रभावी एलील ($R$) अपनी उपस्थिति दर्ज करा देता है।
7. निम्नलिखित रोगों में से कौन सा एक आनुवांशिक विकार है?
(A) थैलेसीमिया
(B) एनेमिया
(C) रतौंधी
(D) कैंसर
Ans: (A) थैलेसीमिया ($Thalassemia$) एक आनुवंशिक विकार है जो माता-पिता से बच्चों में दोषपूर्ण हीमोग्लोबिन जीन के माध्यम से आता है। इसमें शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। रतौंधी विटामिन $A$ की कमी से होती है और एनीमिया पोषण की कमी से हो सकता है, लेकिन थैलेसीमिया पूरी तरह वंशानुगत है।
8. विश्वास और प्रथाओं का एक संग्रह जिसका उद्देश्य मानव-आबादी की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार लाना होता है, यह किस क्षेत्र को कहा जाता है?
(A) आनुवांशिक इंजीनियरिंग
(B) क्लोनिंग
(C) भ्रूण चयन
(D) यूजेनिक्स
Ans: (D) यूजेनिक्स ($Eugenics$) वह विज्ञान है जिसका लक्ष्य चयनात्मक प्रजनन के माध्यम से मानव जाति की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार करना है। यह शब्द फ्रांसिस गाल्टन द्वारा दिया गया था। इसमें अच्छी आनुवंशिक विशेषताओं वाले व्यक्तियों को प्रजनन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि आने वाली पीढ़ियां शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक सक्षम हों।
4. Gravitation
1. यदि पृथ्वी पर आपका वजन 38 किलो है, तो बुध ग्रह पर आपका वजन कितना होगा?
(A) 19 किलोग्राम
(B) 760 किलोग्राम
(C) 10 किलोग्राम
(D) 14.3 किलोग्राम
RRB NTPC Stage I | 29.03.2016 | Shift-II
Ans: (D) किसी पिंड का भार (Weight) उसके द्रव्यमान और उस ग्रह के गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का गुणनफल होता है। बुध (Mercury) का गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का लगभग $0.38$ गुना है। यदि पृथ्वी पर वजन $38$ किग्रा है, तो बुध पर गणना $W_{mercury} = 38 \times 0.377 = 14.326$ होगी। द्रव्यमान हमेशा स्थिर रहता है लेकिन गुरुत्वाकर्षण बदलने से भार बदल जाता है।
2. दिए गए दो कथनों A और B में से कौन सा/से सत्य हैं? गुरुत्वाकर्षण बल क्या है:
A. दो वस्तुओं के द्रव्यमान के गुणन का सीधा आनुपातिक है।
B. दो वस्तुओं के बीच की दूरी के वर्ग से सीधे आनुपातिक है
(A) केवल B सत्य है जबकि A असत्य है।
(B) A और B दोनों असत्य है
(C) केवल A सत्य है जबकि B असत्य है।
(D) A और B दोनों सत्य हैं।
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार, दो वस्तुओं के बीच लगने वाला बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल ($m_{1} \times m_{2}$) के समानुपाती होता है। कथन B गलत है क्योंकि यह बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है, न कि सीधे आनुपातिक। $F \propto \frac{1}{r^{2}}$ यह नियम स्पष्ट करता है कि दूरी बढ़ाने पर गुरुत्वाकर्षण बल बहुत तेजी से कम होता है।
3. ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु एक बल के साथ प्रत्येक अन्य वस्तु को आकर्षित करती है, जो होता है-
(A) उनके द्रव्यमान के गुणन के आनुपातिक और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती
(B) उनके द्रव्यमान के गुणन के आनुपातिक और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती
(C) उनके द्रव्यमान के योग का अनुपात और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है
(D) उनके द्रव्यमान के गुणन के व्युत्क्रमानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के आनुपातिक
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) न्यूटन का सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण नियम (Universal Law of Gravitation) स्पष्ट करता है कि आकर्षण बल द्रव्यमानों के गुणनफल के सीधे आनुपातिक और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। $F = G \frac{m_{1}m_{2}}{r^{2}}$ यहाँ $G$ एक नियतांक है जिसकी खोज हेनरी कैवेंडिश ने की थी। यह बल ब्रह्मांड के सभी पिंडों पर समान रूप से लागू होता है चाहे वे सूक्ष्म हों या विशाल।
4. विकल्पों में उल्लिखित तथ्य में से कौन सा गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियम द्वारा समझाया नहीं गया है?
(A) वह बल जो हमें धरती से बांधे रखता है।
(B) ग्रहों के चारों ओर सूर्य की गति
(C) पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की गति
(D) चंद्रमा और सूर्य के कारण ज्वार-भाटा
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) गुरुत्वाकर्षण का सार्वभौमिक नियम ब्रह्मांड के किन्हीं भी दो पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल की व्याख्या करता है। यह हमें पृथ्वी से बांधे रखने वाले बल, चंद्रमा की गति और समुद्र में आने वाले ज्वार-भाटा को समझाता है। हालांकि, ग्रहों के चारों ओर सूर्य की गति की बात गलत है क्योंकि वास्तव में ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं।
5. गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) का मान क्या होता है?
(A) 6.6734 × 10⁻¹¹ m²/Kg²
(B) 6.67408 × 10⁻¹¹ m³Kg⁻¹S⁻²
(C) 5.6734 × 10⁻¹¹ Nm²/kg⁻²
(D) 6.6734 × 10⁻¹¹ N-m²/kg²
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान पूरे ब्रह्मांड में स्थिर रहता है और यह पिंडों की प्रकृति या माध्यम पर निर्भर नहीं करता है। इसका सटीक मान $6.6734 \times 10^{-11} N\cdot m^{2}/kg^{2}$ होता है। $G = \frac{Fr^{2}}{m_{1}m_{2}}$ इसकी खोज हेनरी कैवेंडिश ने टॉर्शन बैलेंस (Torsion Balance) के प्रयोग से की थी। इसकी विमाएं $[M^{-1}L^{3}T^{-2}]$ होती हैं।
6. ब्रह्मांड में किन्हीं दो निकायों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल ............... पर निर्भर नहीं करता है।
(A) उनके बीच की दूरी
(B) उनके द्रव्यमानों के गुणनफल
(C) गुरुत्वीय स्थिरांक
(D) उनके द्रव्यमानों के योग
RRB Group-D | 11-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम $F = G \frac{m_1 m_2}{r^2}$ के अनुसार, बल केवल द्रव्यमानों के गुणनफल और उनके बीच की दूरी के वर्ग पर निर्भर करता है। यह निकायों के द्रव्यमानों के योग (Sum of Masses) पर निर्भर नहीं करता है। गुरुत्वीय स्थिरांक $G$ का मान भी इस गणना में अनिवार्य होता है, लेकिन योग का कोई महत्व नहीं है।
7. ब्रह्माण्ड में प्रत्येक वस्तु एक अन्य वस्तु को एक बल के साथ आकर्षित करती है, जो ............. के वर्ग के विपरीत आनुपातिक है।
(A) उनकी ऊर्जा
(B) उनके द्रव्यमानों
(C) उनके मध्य दूरी
(D) उनके वेगों
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) गुरुत्वाकर्षण का नियम यह बताता है कि दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके केंद्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है। इसका अर्थ है कि यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी बढ़ाई जाए, तो उनके बीच लगने वाला गुरुत्व बल तेजी से कम हो जाएगा। यह नियम खगोलीय पिंडों से लेकर सूक्ष्म कणों तक सभी पर समान रूप से लागू होता है।
8. गुरुत्वाकर्षण बल ............ वस्तुओं के बीच मौजूद होता है, परन्तु इसे तब तक महसूस नहीं किया जा सकता, जब तक कि वस्तुओं का द्रव्यमान बहुत अधिक, जैसे कि ग्रहों में, नहीं होता है-
(A) चार
(B) प्रत्येक और हरेक
(C) केवल दो
(D) केवल एक
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-I
Ans: (B) गुरुत्वाकर्षण बल ब्रह्मांड की प्रत्येक और हरेक वस्तु के बीच कार्य करता है, चाहे वह छोटी हो या बड़ी। दैनिक जीवन में हम इसे महसूस नहीं कर पाते क्योंकि साधारण वस्तुओं का द्रव्यमान बहुत कम होता है। इसे केवल तब प्रभावी रूप से देखा जा सकता है जब कम से कम एक पिंड का द्रव्यमान बहुत अधिक हो, जैसे कि पृथ्वी या अन्य ग्रह।
9. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक 'G' की खोज .............. ने की थी।
(A) एंटोनी-लॉरेट लेवोजियर
(B) आइज़क न्यूटन
(C) हेनरी कैवेंडिश
(D) जॉन डाल्टन
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-III
Ans: (C) हेनरी कैवेंडिश (Henry Cavendish) ने 1798 में सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) का मान प्रयोगात्मक रूप से खोजा था। न्यूटन ने सिद्धांत दिया था, लेकिन $G$ की सटीक गणना कैवेंडिश ने की थी। $G = 6.674 \times 10^{-11} N\cdot m^{2}/kg^{2}$ इस मान के ज्ञात होने के बाद ही वैज्ञानिकों के लिए पृथ्वी का द्रव्यमान और घनत्व मापना संभव हो पाया था।
10. कौन सा बल हमारे सौर मंडल की संरचना को बनाए रखता है?
(A) प्रत्यास्थ
(B) विद्युत स्थैतिक
(C) यांत्रिक बल
(D) गुरुत्वाकर्षण
RRB Group-D | 30-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) सौर मंडल की जटिल संरचना और ग्रहों का अपनी कक्षा में बने रहना गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही संभव है। सूर्य का विशाल गुरुत्वाकर्षण सभी ग्रहों को अपनी ओर खींचकर रखता है, जिससे वे अंतरिक्ष में बिखरने के बजाय एक निश्चित पथ पर चलते हैं। यही बल उपग्रहों को उनके ग्रहों के चारों ओर घुमाने के लिए भी उत्तरदायी है।
11. गुरुत्वाकर्षण की वजह से उत्पन्न होने वाले त्वरण का मूल्य ............. पर निर्भर नहीं होता है।
(A) गुरुत्वाकर्षण 'G' का स्थिरांक
(B) नीचे गिरने वाली वस्तु का द्रव्यमान 'm'
(C) पृथ्वी की त्रिज्या 'R'
(D) पृथ्वी का द्रव्यमान 'M'
RRB Group-D | 08-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान स्वतंत्र रूप से गिरने वाले पिंड के द्रव्यमान ($m$) पर निर्भर नहीं करता है। सूत्र के अनुसार $g = \frac{GM}{R^{2}}$ जहाँ $M$ पृथ्वी का द्रव्यमान और $R$ पृथ्वी की त्रिज्या है। यही कारण है कि निर्वात (Vacuum) में एक पंख और एक लोहे की गेंद समान गति से नीचे गिरते हैं। $g$ का मान ऊंचाई, गहराई और पृथ्वी के आकार के साथ बदलता है।
12. निम्नलिखित में से गलत कथन को चुनें-
(A) गुरूत्वीय त्वरण (g) पिण्ड के रूप, आकृति एवं द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है।
(B) गुरूत्वीय त्वरण (g) ध्रुवों पर अधिकतम होता है।
(C) गुरूत्वीय त्वरण (g) भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है।
(D) यदि लिफ्ट किसी त्वरण से ऊपर की ओर जा रही हो तो किसी पिण्ड का आभासी भार उसके वास्तविक भार से कम होता है।
RRB NTPC Stage I | 29.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान पृथ्वी के आकार और घूर्णन के कारण ध्रुवों पर अधिकतम और भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। यदि कोई लिफ्ट त्वरण के साथ ऊपर जा रही हो, तो पिंड का आभासी भार (Apparent Weight) $m(g+a)$ होता है, जो वास्तविक भार से अधिक होता है। $W_{app} = m(g+a)$ कथन D गलत है क्योंकि लिफ्ट के ऊपर जाने पर भार कम नहीं, बल्कि अधिक महसूस होता है।
13. निम्न में से कौन सा कथन असत्य हैं?
(A) 'g' का मान ऊँचाई के साथ परिवर्तित होता है।
(B) 'g' का मान गिरती हुई वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
(C) 'g' का मान पृथ्वी के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
(D) पृथ्वी की गहराई में जाने पर 'g' के मान में परिवर्तन होता है।
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-III
Ans: (B) गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान ऊंचाई (Height) के साथ घटता है और पृथ्वी की गहराई (Depth) में जाने पर भी घटता है। कथन B असत्य है क्योंकि $g$ का मान गिरने वाली वस्तु के द्रव्यमान पर बिल्कुल निर्भर नहीं करता है। $g = \frac{GM}{(R+h)^{2}}$ पृथ्वी के केंद्र पर जाने पर $g$ का मान शून्य हो जाता है। $g$ का मान स्थान के अक्षांश (Latitude) पर भी निर्भर करता है।
14. पृथ्वी के केन्द्र पर एक पिंड का भार होगा:
(A) शून्य
(B) अपरिमित
(C) उतना ही जितना की पृथ्वी की सतह पर
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (A) पृथ्वी के केंद्र पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान शून्य हो जाता है क्योंकि वहां चारों ओर से लगने वाला द्रव्यमान एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर देता है। चूंकि भार $W = mg$ होता है, इसलिए जब $g$ का मान शून्य होगा, तो वस्तु का भार भी शून्य महसूस होगा। हालांकि, वस्तु का द्रव्यमान (Mass) केंद्र पर भी अपरिवर्तित रहता है।
15. गुरुत्वीय त्वरण 'g' ....... पर निर्भर नहीं करता है।
(A) पृथ्वी के द्रव्यमान M
(B) गिरने वाली वस्तु के द्रव्यमान m
(C) गुरुत्वीय स्थिरांक G
(D) पृथ्वी की त्रिज्या R
RRB Group-D | 10-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) गुरुत्वीय त्वरण $g = frac{GM}{R^2}$ के सूत्र से स्पष्ट है कि यह केवल पृथ्वी के द्रव्यमान ($M$), त्रिज्या ($R$) और स्थिरांक ($G$) पर निर्भर करता है। इसमें गिरने वाली वस्तु के द्रव्यमान ($m$) का कोई स्थान नहीं है। यही कारण है कि निर्वात में यदि एक भारी पत्थर और एक हल्का पंख साथ गिराए जाएं, तो वे समान त्वरण के साथ जमीन पर गिरेंगे।
16. चन्द्रमा की सतह से लाए गए चट्टान पर क्या असर होगा?
(A) इसके भार में परिवर्तन होगा।
(B) इसके द्रव्यमान में परिवर्तन होगा।
(C) इसके द्रव्यमान और भार दोनों में परिवर्तन होगा।
(D) इसके द्रव्यमान और भार दोनों समान रहेंगे
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-III
Ans: (A) जब चंद्रमा से कोई चट्टान पृथ्वी पर लाई जाती है, तो उसके द्रव्यमान में कोई बदलाव नहीं होता क्योंकि द्रव्यमान पदार्थ की मात्रा है जो ब्रह्मांड में कहीं भी समान रहती है। हालांकि, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण चंद्रमा की तुलना में लगभग 6 गुना अधिक है, इसलिए चट्टान का भार ($W = mg$) पृथ्वी पर बढ़ जाएगा। अतः केवल भार में परिवर्तन देखने को मिलता है।
17. उस वस्तु का द्रव्यमान क्या होगा जिसका भार पृथ्वी पर 196 N है ($g=9.8 ms^{-2}$)?
(A) 1.96 kg
(B) 20 kg
(C) 2 kg
(D) 19.6 kg
RRB Group-D | 10-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) द्रव्यमान निकालने के लिए सूत्र $m = W / g$ का उपयोग किया जाता है। प्रश्न के अनुसार भार $196 N$ है और $g = 9.8 m/s^2$ है, तो $196 / 9.8$ करने पर उत्तर $20 kg$ प्राप्त होता है। याद रहे कि भार की इकाई न्यूटन ($N$) होती है जबकि द्रव्यमान की इकाई किलोग्राम ($kg$) होती है।
18. चन्द्रमा पर आवाज़ क्यों नहीं सुनी जा सकती?
(A) चंद्रमा पर कोई आवाज नहीं करता।
(B) क्योंकि चंद्रमा पर पानी नहीं है।
(C) चंद्रमा पर कोई वायुमंडल नहीं है ओर ध्वनि बिना माध्यम के यात्रा नहीं कर सकती।
(D) चंद्रमा पर जाने वाले लोग बहरे हो जाते हैं।
RRB JE | 27.05.2019 | Shift-IV
Ans: (C) ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves) होती हैं जिन्हें यात्रा करने के लिए किसी माध्यम जैसे हवा, पानी या ठोस की आवश्यकता होती है। चंद्रमा पर कोई वायुमंडल नहीं है, यानी वहां निर्वात (Vacuum) की स्थिति है। माध्यम की अनुपस्थिति के कारण ध्वनि तरंगें एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं पहुँच पातीं, इसलिए वहां आवाज सुनाई नहीं देती।
4. Respiration system
1. स्तम्भ A में दिए गए पदों को स्तम्भ B में उनके संबंधित गुणों के साथ सुमेलित कीजिये। 

स्तम्भ A स्तम्भ B
i. ग्लूकोज a. ग्लूकोज के टूटने में मध्यवर्ती
ii. यीस्ट b. ग्लूकोज पाइरुविक अम्ल में परिवर्तित
iii. ग्लाइकोलिसिस c. किण्वन
iv. पाइरुविक अम्ल d. श्वसन के लिए सर्वोत्तम
(A) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(B) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
(C) i-b, ii-d, iii-a, iv-c
(D) i-b, ii-a, iii-d, iv-c
CGL Tier I | 2024
Ans: (A) श्वसन प्रक्रिया के विभिन्न घटकों का सही मिलान करना इस प्रश्न का उद्देश्य है। ग्लूकोज श्वसन के लिए सर्वोत्तम ईंधन माना जाता है क्योंकि यह आसानी से ऊर्जा में बदल जाता है। यीस्ट में किण्वन (Fermentation) की प्रक्रिया होती है जिससे शराब और $CO_2$ का निर्माण होता है। ग्लाइकोलिसिस वह प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज पाइरुविक अम्ल में परिवर्तित होता है। पाइरुविक अम्ल श्वसन का एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती (Intermediate) उत्पाद है जो आगे के चक्रों का निर्धारण करता है।
2. ऑक्सी श्वसन (aerobic respiration) का क्रेब्स चक्र किस कोशिकांग के भीतर संचालित होता है?
(A) लाइसोसोम
(B) माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
(C) नाभिक
(D) स्पाइरोगाइरा
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Ans: (B) क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) जिसे साइट्रिक एसिड चक्र भी कहते हैं माइटोकॉन्ड्रिया के भीतर संचालित होता है। यह वायवीय श्वसन का दूसरा मुख्य चरण है जहाँ पाइरूवेट का पूरी तरह ऑक्सीकरण होता है। इस चक्र की खोज सर हेंस क्रेब्स ने की थी जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला था। इसमें भारी मात्रा में $NADH$ और $FADH_2$ बनते हैं जो बाद में ATP बनाने में काम आते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली जिसे क्रिस्टी (Cristae) कहते हैं वह इन क्रियाओं के लिए सतह प्रदान करती है।
4. Acids, Bases & Salts
1. प्रबल अम्ल के विलयन में _______ होते हैं।
(A) अणु और आयन दोनों
(B) ज्यादातर आयन
(C) ज्यादातर अणु
(D) ज्यादातर पानी
RRB JE | 28.06.2019 | Shift-IV
Ans: (B) प्रबल अम्ल (Strong Acid) वे होते हैं जो जल में घुलने पर पूरी तरह से (100%) आयनित हो जाते हैं। उदाहरण: $HCl \rightarrow H^{+} + Cl^{-}$ इसलिए, प्रबल अम्ल के विलयन में मुख्य रूप से **आयन** होते हैं और बहुत कम या न के बराबर अवियोजित अणु होते हैं। इसके विपरीत, दुर्बल अम्ल (Weak Acid) आंशिक रूप से आयनित होते हैं, इसलिए उनके विलयन में आयन और अणु दोनों पाए जाते हैं।
2. एक सान्द्र अम्ल को तनु करने के लिए, हमें क्या करना चाहिए?
(A) तनु अम्ल में पानी
(B) सान्द्र अम्ल में पानी
(C) सबसे पहले अम्ल में पानी और फिर पानी में अम्ल
(D) पानी में सान्द्र अम्ल
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-II
Ans: (D) अम्ल को तनु (Dilute) करना एक अत्यधिक **ऊष्माक्षेपी (Exothermic)** प्रक्रिया है। सही विधि: **अम्ल को धीरे-धीरे पानी में मिलाना** चाहिए और लगातार हिलाते रहना चाहिए (Add Acid to Water)। चेतावनी: कभी भी सांद्र अम्ल में पानी न मिलाएं। ऐसा करने से उत्पन्न अत्यधिक ऊष्मा के कारण पानी तुरंत भाप बन जाएगा और अम्ल उछलकर आपके चेहरे या कपड़ों पर गिर सकता है, जिससे गंभीर जलन हो सकती है।
3. निम्न में से कौन सा ऑक्साइड अम्लीय नहीं है?
(A) CO
(B) SO2
(C) SO3
(D) NO2
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय होते हैं (जैसे $SO_{2}, NO_{2}, CO_{2}$), लेकिन कुछ अधातु ऑक्साइड **उदासीन (Neutral)** होते हैं जो न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारीय। प्रमुख उदासीन ऑक्साइड: कार्बन मोनोऑक्साइड ($CO$), नाइट्रस ऑक्साइड ($N_{2}O$), और नाइट्रिक ऑक्साइड ($NO$)। विकल्पों में $CO$ (कार्बन मोनोऑक्साइड) एक उदासीन ऑक्साइड है, जबकि $SO_{2}, SO_{3}, NO_{2}$ पानी में घुल कर अम्ल बनाते हैं।
4. धातु ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय प्रकृति के होते हैं। वे अम्ल से प्रतिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करते हैं। निम्नलिखित में से उस धात्विक ऑक्साइड को बताएं जो अन्य से भिन्न है?
(A) CaO
(B) MgO
(C) Al2O3
(D) Na2O
RRB ALP & Tec. | 29-08-18 | Shift-III
Ans: (C) धातु ऑक्साइड आमतौर पर क्षारीय (Basic) होते हैं (जैसे $CaO, Na_{2}O, MgO$)। अपवाद: कुछ धातु ऑक्साइड अम्लीय और क्षारीय दोनों गुण प्रदर्शित करते हैं, इन्हें **उभयधर्मी (Amphoteric) ऑक्साइड** कहते हैं। उदाहरण: एल्युमिनियम ऑक्साइड ($Al_{2}O_{3}$), जिंक ऑक्साइड ($ZnO$), लेड ऑक्साइड ($PbO$)। यहाँ $Al_{2}O_{3}$ अन्य सभी (जो शुद्ध क्षारीय हैं) से भिन्न है क्योंकि यह अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया कर सकता है।
5. निम्न में से कौन सा घोल, इन सभी में सबसे अम्लीय है?
(A) pH मान 0 वाला घोल
(B) pH मान 1 वाला घोल
(C) pH मान 6 वाला घोल
(D) pH मान 7 वाला घोल
RRB ALP & Tec. | 21/08/2018 | Shift-I
Ans: (A) pH पैमाना 0 से 14 तक होता है। - pH 7 = उदासीन - pH < 7 = अम्लीय (pH जितना कम, अम्लीयता उतनी अधिक) - pH > 7 = क्षारीय pH 0 अत्यधिक प्रबल अम्ल (जैसे सांद्र $HCl$, बैटरी एसिड) को दर्शाता है। pH 1 उससे थोड़ा कम प्रबल है और pH 6 बहुत दुर्बल अम्ल (जैसे दूध/मूत्र) है। अतः **pH 0** वाला घोल सबसे अधिक अम्लीय होगा।
4. Genetics
1. निम्नलिखित में से किस में जेनेटिक इंजीनियरिंग (genetic engineering) शामिल है?
(A) (a) वैश्वीकरण
(B) (b) रक्तहीन क्रांति
(C) (c) हरित क्रांति
(D) (d) जीन क्रांति
RRB NTPC Stage Ist | 12.01.2021 | Shift-I
Ans: (D) जीन क्रांति ($Gene Revolution$) का सीधा संबंध आनुवंशिक इंजीनियरिंग से है। इसमें जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग करके फसलों के डीएनए में वांछित बदलाव किए जाते हैं, जैसे कि $Bt Cotton$। यह कृषि उत्पादन बढ़ाने और फसलों को कीट-प्रतिरोधी बनाने की एक आधुनिक तकनीक है।
2. भारत में इनमें से किस आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल की कानूनन खेती करने की अनुमति दी गई है?
(A) (a) बीटी कपास
(B) (b) बीटी आलू
(C) (c) जीएम सरसों
(D) (d) बीटी बैंगन
RRB NTPC Stage Ist | 02.02.2021 | Shift-I
Ans: (A) भारत सरकार ने केवल **बीटी कपास ($Bt Cotton$)** की व्यावसायिक खेती की कानूनी अनुमति दी है। इसमें बेसिलस थुरिंजिएंसिस बैक्टीरिया का जीन डाला गया है जो इसे "बॉलवर्म" कीट से बचाता है। बीटी बैंगन और अन्य फसलों पर अभी भी सुरक्षा और पर्यावरणीय कारणों से प्रतिबंध या परीक्षण जारी हैं।
3. अपराधी को पहचानने के लिए फोरेन्सिक विभाग निम्नलिखित तकनीक का प्रयोग करता है।
(A) (a) DNA एडीटिंग
(B) (b) DNA स्लाइसिंग
(C) (c) DNA फिंगरप्रिटिंग
(D) (d) DNA एम्प्लीफिकेशन
RRB NTPC Stage Ist | 26.04.2016 | Shift-II
Ans: (C) डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक का उपयोग अपराधियों को उनके डीएनए प्रोफाइल के माध्यम से पहचानने के लिए किया जाता है। यह व्यक्ति के डीएनए में मौजूद $VNTR$ (Variable Number of Tandem Repeats) की पहचान करता है जो हर व्यक्ति के लिए अद्वितीय होते हैं। इस तकनीक की खोज सर एलेक जेफरीज ने की थी।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक, प्रजातियों के अस्तित्व के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है?
(A) ताप (Temperature)
(B) उत्परिवर्तन (Mutation)
(C) विभिन्नता (Variations)
(D) निकेत (Niche)
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (C) प्रजातियों के लंबे समय तक अस्तित्व के लिए विभिन्नता ($Variation$) सबसे महत्वपूर्ण है। वातावरण लगातार बदलता रहता है, और केवल वे ही प्रजातियां जीवित रहती हैं जिनके पास उन परिवर्तनों के अनुकूल होने के लिए विभिन्न प्रकार के लक्षण (जीन) मौजूद हों। विभिन्नता ही वह कच्चा माल है जिस पर विकास कार्य करता है।
5. क्या होता है जब मटर के पौधों में एक विकल्पी जोड़े के स्थान पर दो विकल्पी जोड़ों (लंबे/बौने लक्षण तथा गोल/झुर्रीदार लक्षण) का अध्ययन करने के लिए संकरण कराया जाए?
(A) कुछ F1 गोल बीज वाले लंबे पौधे होते हैं और कुछ झुर्रीदार बीज वाले छोटे पौधे होते हैं।
(B) F2 पीढ़ी में वे सभी लंबे हैं और गोल बीज वाले होते हैं।
(C) लंबे/बौने लक्षण तथा गोल/झुर्रीदार लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।
(D) लंबा/बौने लक्षण तथा गोल/झुर्रीदार लक्षण पराधीनतः वंशानुगत होते हैं।
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (C) मेंडल के द्विसंकर क्रॉस (जैसे ऊंचाई और बीज का आकार) से यह सिद्ध हुआ कि अलग-अलग लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं। इसका मतलब है कि पौधे का लंबा होना उसके बीजों के गोल होने पर निर्भर नहीं करता। इसे स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम कहा जाता है, जो अगली पीढ़ियों में नए और विविध संयोजन बनाता है।
4. Respiration system
1. कोशिका में निम्नलिखित अभिक्रिया कहां होती है: छह कार्बन वाले अणु ग्लूकोज़ का तीन कार्बन वाले अणु में विखंडन।
(A) केंद्रक में
(B) माइटोकॉन्ड्रिया में
(C) गोल्गीकाय में
(D) कोशिका द्रव्य में
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (D) इस प्रश्न में पूछा गया है कि ग्लूकोज का विखंडन कोशिका के किस भाग में होता है। ग्लूकोज का पाइरूवेट (Pyruvate) में बदलना ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis) कहलाता है जो कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में होता है। यह श्वसन का प्रथम चरण है जो वायवीय और अवायवीय दोनों प्रकार के श्वसन में समान रूप से होता है। ग्लूकोज एक 6-कार्बन वाला अणु है जबकि पाइरूवेट 3-कार्बन वाला अणु होता है। इस प्रक्रिया के अंत में ऊर्जा के $2$ ATP अणुओं का शुद्ध लाभ होता है।
2. सही विधान का चयन करें। a. इस एरोबिक प्रक्रिया में ऊर्जा का विमोचन अवायवीय प्रक्रिया की तुलना में बहुत अधिक होता है। b. एटीपी खंडित हो जाता है जिससे एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है। c. पाइरूवेट लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित हो जाता है।
(A) a, b और c
(B) केवल b और c
(C) केवल a
(D) केवल a और b
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (A) यहाँ श्वसन और ऊर्जा उत्पादन से संबंधित कथनों की सत्यता पूछी गई है। ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाला वायवीय श्वसन (Aerobic respiration) बहुत अधिक ऊर्जा मुक्त करता है। कोशिकीय कार्यों के लिए ATP (Adenosine Triphosphate) तत्काल ऊर्जा स्रोत है जिसका उपयोग कोशिका की एंडोथर्मिक प्रक्रियाओं को चलाने के लिए किया जाता है। जब हमारी पेशियों में ऑक्सीजन की कमी होती है तो पाइरूवेट लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है जिससे मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps) महसूस होती है।
3. जब ATP में टर्मिनल फॉस्फेट लिंकेज को जल के उपयोग द्वारा तोड़ा जाता है, तो कितनी ऊर्जा मुक्त होती है?
(A) 32 $\text{ kJ/mol}$
(B) 32.5 $\text{ kJ/mol}$
(C) 30.5 $\text{ kJ/mol}$
(D) 33 $\text{ kJ/mol}$
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift-III
Ans: (C) इस प्रश्न में ATP के टूटने पर निकलने वाली ऊर्जा की मात्रा पूछी गई है। जल के उपयोग से जब ATP का टर्मिनल फॉस्फेट बॉन्ड टूटता है तो $30.5 \text{ kJ/mol}$ ऊर्जा मुक्त होती है। ATP को कोशिका की ऊर्जा मुद्रा (Energy Currency) कहा जाता है। यह ऊर्जा शरीर में विभिन्न जैव रासायनिक क्रियाओं जैसे मांसपेशियों के संकुचन और प्रोटीन संश्लेषण में काम आती है। कोशिकाओं के भीतर श्वसन प्रक्रिया के दौरान ही ADP से ATP का निर्माण होता है।
4. माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन की मदद से पाइरुवेट के विघटन के दौरान कार्बन डाईऑक्साइड के कितने अणु बनते हैं?
(A) दो
(B) छह
(C) पांच
(D) तीन
RRB Group D | 14/09/2022 | Afternoon
Ans: (D) यह प्रश्न माइटोकॉन्ड्रिया के भीतर पाइरूवेट के पूर्ण ऑक्सीकरण से संबंधित है। माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन की उपस्थिति में पाइरूवेट के विखंडन से कार्बन डाइऑक्साइड के $3$ अणु बनते हैं। इस प्रक्रिया को क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) कहा जाता है। इसमें कार्बन डाइऑक्साइड के साथ-साथ जल और भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है। माइटोकॉन्ड्रिया को इसीलिए कोशिका का पावरहाउस (Powerhouse of the cell) कहा जाता है।
5. निम्न कथनों में से कौन सा गलत हैं?
(A) श्वसन के पहले चरण में, ग्लूकोज का विघटन होता है।
(B) माइटोकॉन्ड्रिया में, ऑक्सीजन की सहायता से एसिटिक एसिड का विघटन होता है।
(C) श्वसन के प्रथम चरण में पाइरुविक अम्ल का निर्माण होता है।
(D) किण्वन की प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन आवश्यक नहीं है।
RRB Group D | 17/08/2022 | Evening
Ans: (B) श्वसन के चरणों के बारे में गलत कथन की पहचान करनी है। माइटोकॉन्ड्रिया में ऑक्सीजन की सहायता से पाइरूवेट का विखंडन होता है न कि एसिटिक एसिड का। श्वसन का पहला चरण साइटोप्लाज्म में होता है जहाँ ग्लूकोज पाइरुविक अम्ल में टूटता है। किण्वन (Fermentation) एक अवायवीय प्रक्रिया है जो यीस्ट जैसे जीवों में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होती है। मांसपेशियों में ऑक्सीजन के अभाव में पाइरूवेट से लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है।
6. स्थलीय जंतुओं में गैसों का आदान-प्रदान विसरण द्वारा होता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन इन जंतुओं में श्वसन के बारे में सत्य है?
 a. उनकी सतह के माध्यम से प्रसार 
b. इनकी सतह सूक्ष्म और नाजुक होती है जो गैसों के आदान-प्रदान को सक्षम बनाती है 
c. उनके पास वायु के प्रवाह के लिए मार्ग हो सकते हैं 
d. उनके पास कम सतह क्षेत्र है लेकिन श्वसन के लिए भारी रक्त प्रवाह होता है
(A) a, b और c
(B) a और b
(C) a, c और d
(D) a और d
RRB Group D | 14/09/2022 | Afternoon
Ans: (A) स्थलीय जीवों (Terrestrial animals) में श्वसन की विधि पर यह प्रश्न आधारित है। स्थलीय जीव वायुमंडल से ऑक्सीजन लेते हैं जबकि जलीय जीव पानी में घुली ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं। गैसों का आदान-प्रदान विसरण (Diffusion) की सरल प्रक्रिया द्वारा होता है। श्वसन अंगों की सतह बहुत नाजुक और पतली होती है ताकि गैसें पार हो सकें। फेफड़ों तक हवा पहुँचाने के लिए एक व्यवस्थित श्वसन मार्ग (Respiratory tract) मौजूद होता है।
7. वायु की वह अधिकतम मात्रा, जो अधिकतम अंतःश्वसन प्रभाव के बाद निष्कासित की जा सकती है, ________ कहलाती है।
(A) अवशिष्ट आयतन
(B) ज्वारीय आयतन
(C) प्राणाधार आयतन
(D) फेफड़े का आयतन
RRB JE | 27/05/2019 | Morning
Ans: (C) फेफड़ों की क्षमता से संबंधित इस प्रश्न में प्राणाधार आयतन (Vital Capacity) के बारे में पूछा गया है। एक व्यक्ति गहरी सांस लेने के बाद जितनी अधिकतम हवा बाहर निकाल सकता है उसे वाइटल कैपेसिटी कहते हैं। यह फेफड़ों के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता का एक महत्वपूर्ण मापदंड है। खिलाड़ियों और गायकों में सामान्य लोगों की तुलना में वाइटल कैपेसिटी अधिक होती है। ज्वारीय आयतन (Tidal Volume) वह हवा है जो हम सामान्य सांस के दौरान अंदर या बाहर करते हैं।
8. मनुष्य के पाचन तंत्र में होने वाली कौन सी क्रिया गंदगी पर साबुन के पायसीकरण की क्रिया के समान होती है?
(A) पित्त लवणों द्वारा बड़ी वसा गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में विघटित किया जाना
(B) पित्त रस द्वारा क्षारीय माध्यम प्रदान किया जाना
(C) पित्त रस एंजाइमों द्वारा स्टार्च के पाचन में सहायता करना
(D) पित्त रस द्वारा अम्लीय माध्यम प्रदान किया जाना
RRB Group D | 17/08/2022 | Afternoon
Ans: (A) पाचन तंत्र में वसा के पाचन की प्रक्रिया पर यह प्रश्न आधारित है। यकृत (Liver) से निकलने वाले पित्त लवण (Bile salts) वसा की बड़ी गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में तोड़ते हैं जिसे पायसीकरण (Emulsification) कहते हैं। यह क्रिया ठीक वैसी ही है जैसे साबुन कपड़ों से गंदगी हटाता है। छोटी गोलिकाओं पर एंजाइम (जैसे लाइपेज) अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाते हैं। पित्त रस में कोई पाचक एंजाइम नहीं होता लेकिन यह पाचन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
9. वायवीय श्वसन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(A) अवायवीय श्वसन की तुलना में वायवीय श्वसन में कम ऊर्जा मुक्त होती है।
(B) वायवीय श्वसन की प्रक्रिया में केवल कार्बन डाईऑक्साइड मुक्त होती है।
(C) माइटोकॉन्ड्रिया में, पाइरूवेट के एक अणु के विखंडन के फलस्वरूप कार्बन डाईऑक्साइड के तीन अणु बनते हैं।
(D) वायवीय श्वसन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है।
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) कोशिकीय श्वसन की प्रक्रियाओं के बीच अंतर स्पष्ट करना इस प्रश्न का लक्ष्य है। वायवीय श्वसन के दौरान माइटोकॉन्ड्रिया के भीतर पाइरूवेट के एक अणु से कार्बन डाइऑक्साइड के $3$ अणु बनते हैं। यह ऑक्सीकरण की एक व्यवस्थित श्रृंखला है जिसमें ऊर्जा प्रचुर मात्रा में निकलती है। अवायवीय श्वसन केवल कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में ही सीमित रहता है। श्वसन की दक्षता ऑक्सीजन की उपलब्धता पर पूरी तरह निर्भर करती है।
10. जीवाणुओं में श्वसन स्थल हैः
(A) ऐपीसोम
(B) माइक्रोसोम
(C) मीसोसोम
(D) राइबोसोम
RRB JE | 14/12/2014 | Yellow paper
Ans: (C) जीवाणुओं (Bacteria) जैसी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में श्वसन की विधि अलग होती है। जीवाणुओं में माइटोकॉन्ड्रिया नहीं होते इसलिए उनमें श्वसन स्थल कोशिका झिल्ली का अंदर की ओर मुड़ा हुआ भाग होता है जिसे मीसोसोम (Mesosome) कहते हैं। मीसोसोम श्वसन एंजाइमों से भरपूर होता है और ऊर्जा उत्पादन में मदद करता है। यह कोशिका विभाजन और DNA प्रतिकृति में भी सहायता प्रदान करता है। राइबोसोम का मुख्य कार्य प्रोटीन का संश्लेषण करना होता है।
11. हमारे फेफड़ों में ________ कोशिकाएँ होती है-
(A) 100 मिलियन
(B) 200 मिलियन
(C) 400 मिलियन
(D) 300 मिलियन
RRB NTPC Stage Ist | 29/04/2016 | Shift-II
Ans: (D) मानव फेफड़ों की संरचनात्मक इकाई कूपिकाओं की संख्या पूछी गई है। हमारे दोनों फेफड़ों में कुल मिलाकर लगभग $300$ से $500$ मिलियन (यानी $30$ से $50$ करोड़) कूपिकाएं होती हैं। इतनी अधिक संख्या होने के कारण ही फेफड़ों का सतही क्षेत्रफल $80$ से $100$ वर्ग मीटर तक हो जाता है। यह विशाल क्षेत्रफल गैसों के विनिमय को बहुत तेज और प्रभावी बनाता है। इन कूपिकाओं के फटने या नष्ट होने से वातस्फीति (Emphysema) नामक बीमारी होती है।
12. जब एटीपी के टर्मिनल फॉस्फेट बंध का जल अपघटन (हाइड्रोलिसिस) होता है, तो कोशिकाओं में लगभग कितनी ऊर्जा मुक्त होती है और उपयोग की जाती है?
(A) 12.5 KJ/mol क्लोरोप्लास्ट में संग्रहित
(B) 30.5 KJ/mol ऊष्माशोषी कोशिकीय अभिक्रियाओं को संचालित करती है
(C) 7.3 KJ/mol केवल प्रकाश संश्लेषण में उपयोग की जाती है
(D) 50 KJ/mol केवल मांसपेशियों के संकुचन में उपयोग होती है
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) ATP के उपयोग और उससे निकलने वाली ऊर्जा के बारे में यह डेटा आधारित प्रश्न है। जब ATP का टर्मिनल फॉस्फेट बॉन्ड टूटता है तो $30.5 ext{ kJ/mol}$ ऊर्जा मुक्त होती है जो कोशिका की एंडोथर्मिक क्रियाओं जैसे संकुचन और चालन को शक्ति देती है। जल की उपस्थिति में यह बंध टूटने के कारण इसे हाइड्रोलिसिस (Hydrolysis) प्रक्रिया कहते हैं। मांसपेशियों के संकुचन के लिए ATP का निरंतर टूटना और बनना अनिवार्य है। ATP के बिना कोशिका का कोई भी सक्रिय कार्य संभव नहीं है।
4. Genetics
1. जीन उत्परिवर्तन निम्न में से किसके कारण होता है?
(A) प्रजनन
(B) प्रोटीन के अनुक्रम में परिवर्तन
(C) नाइट्रोजनी क्षारों के अनुक्रम में परिवर्तन
(D) हार्मोन के एंजाइमों के स्राव
Ans: (C) जीन उत्परिवर्तन ($Mutation$) का मुख्य कारण डीएनए के नाइट्रोजन युक्त क्षारों ($Adenine, Guanine, Cytosine, Thymine$) के क्रम में अचानक बदलाव आना है। जब यह अनुक्रम बदलता है, तो बनने वाला प्रोटीन भी बदल जाता है, जिससे जीव के लक्षणों में बदलाव आ जाता है। यह विकिरण या रसायनों के प्रभाव से हो सकता है।
4. Gravitation
1. निम्न में से कौन सा प्लेनेटरी बॉडीज के लिए केप्लर के नियमों में से एक सही है?
(A) एक ग्रह का ग्रहपथ दो केन्द्र बिंदुओं में से एक पर सूर्य के साथ एक अंडाकार होता है।
(B) एक ग्रह और सूर्य को जोड़ने वाली एक रेखा खंड समय के बराबर अंतराल के दौरान बाहर बराबर क्षेत्रफल बनाती है।
(C) एक ग्रह की कक्षीय अवधि का वर्ग अपने ग्रहपथ की अर्द्ध प्रमुख धुरी के घन के आनुपातिक होती है
(D) कक्षीय (orbital) अवधि ग्रह के द्रव्यमान पर निर्भर होती है।
RRB NTPC Stage I | 07.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) • यह केप्लर का ग्रहों की गति का तीसरा नियम (Law of Periods) है। • नियम: किसी ग्रह की परिक्रमण काल का वर्ग ($T^2$), उसकी कक्षा की अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन ($R^3$) के समानुपाती होता है। • $T^2 \propto R^3$ (नोट: विकल्प D में द्रव्यमान की बात की गई है जो केप्लर के नियम का सीधा कथन नहीं है, लेकिन दिए गए विकल्पों में सबसे निकटतम व्याख्या कक्षीय अवधि के संबंधों पर है)।
2. दो वस्तुओं के बीच की दूरी को यदि दो गुना कर दिया जाए तो इन दोनों के बीच बल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(A) गुरुत्वीय बल 4 के गुणन में बढ़ेगा।
(B) गुरुत्वीय बल 2 के गुणन में बढ़ेगा।
(C) गुरुत्वीय बल 2 के गुणन में कम होगा।
(D) गुरुत्वीय बल 4 के गुणन में कम होगा।
RRB Group-D | 13-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) गुरुत्वाकर्षण बल और दूरी के बीच व्युत्क्रम वर्ग नियम (Inverse Square Law) लागू होता है। यदि दूरी ($r$) को दोगुना ($2r$) कर दिया जाए, तो बल उसके वर्ग के अनुसार कम हो जाएगा। $F_{new} = \frac{1}{(2)^{2}} F = \frac{F}{4}$ अर्थात् दूरी दोगुनी करने पर गुरुत्वीय बल एक-चौथाई (4 के गुणन में कम) रह जाता है। यह नियम खगोलीय पिंडों की कक्षाओं को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
3. यदि दो वस्तुओं के द्रव्यमान को तीन गुना कर दिया जाए तो दोनों वस्तुओं के बीच बल होगाः
(A) बल दो गुना होगा
(B) बल समान रहेगा
(C) बल नौ गुना होगा
(D) बल तीन गुना होगा
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) गुरुत्वाकर्षण बल द्रव्यमान के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती होता है। यदि दोनों वस्तुओं का द्रव्यमान तीन गुना ($3m_{1}$ और $3m_{2}$) कर दिया जाए, तो नया बल $F_{new} = G \frac{(3m_{1})(3m_{2})}{r^{2}} = 9 \times G \frac{m_{1}m_{2}}{r^{2}}$ होगा। अतः बल पहले की तुलना में 9 गुना बढ़ जाएगा। द्रव्यमान में वृद्धि सीधे तौर पर गुरुत्वाकर्षण खिंचाव को प्रबल बनाती है।
4. निम्न में से कौन सा/से कथन असत्य है/हैं ?
A. G का मान चन्द्रमा पर, पृथ्वी पर उसके मान के समान ही होता है।
B. 1m की दूरी पर रखे गए 2 kg वाले दो द्रव्यमानों के केन्द्रों के मध्य गुरुत्वाकर्षण बल 26.68×10⁻¹¹ N है।
C. बल दो वस्तुओं के मध्य दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
D. दो वस्तुओं के मध्य गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच की दूरी को आधा कर देने पर दोगुना हो जाता है।
(A) केवल C और D
(B) केवल A
(C) केवल D
(D) B, C और D
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यदि दूरी को आधा ($r/2$) कर दिया जाए, तो बल $4$ गुना बढ़ जाना चाहिए, न कि केवल दोगुना। $$F_{new} = \frac{1}{(1/2)^{2}} F = 4F$$ कथन A, B और C सत्य हैं क्योंकि $G$ का मान चंद्रमा और पृथ्वी पर समान रहता है और यह बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। $G$ का मान माध्यम बदलने पर भी कभी नहीं बदलता है।
5. गुरुत्वाकर्षण द्वारा किया गया कार्य किस पर निर्भर करता है?
(A) वस्तु की आरंभिक और अंतिम अवस्थाओं की ऊर्ध्वाधर ऊँचाईयों के अंतर पर।
(B) वस्तु की आरंभिक और अंतिम अवस्थाओं में परिवर्तन के अंतर पर।
(C) वस्तु की आरंभिक और अंतिम अवस्थाओं में परिवर्तन के अंतर पर।
(D) वस्तु की क्षैतिज अवस्था में अंतर पर।
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) गुरुत्वाकर्षण द्वारा किया गया कार्य केवल वस्तु की प्रारंभिक और अंतिम ऊर्ध्वाधर स्थिति (Vertical Heights) पर निर्भर करता है। यह उस रास्ते (Path) पर निर्भर नहीं करता जिससे वस्तु को ले जाया गया है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण एक संरक्षी बल (Conservative Force) है। $W = mgh_{1} - mgh_{2} = mg(h_{1} - h_{2})$ यदि कोई वस्तु क्षैतिज दिशा (Horizontal) में चलती है, तो गुरुत्वाकर्षण द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है क्योंकि बल और विस्थापन के बीच का कोण $90^{\circ}$ होता है।
6. माना कि गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के n घात से प्रतिलोमतः बदलता है, तो सूर्य के चारों ओर R त्रिज्या के वृत्तीय कक्ष में चक्कर लगाने में ग्रह की कालावधि ........... के समानुपाती होगी।
(A) R⁽ⁿ⁺¹⁾/²
(B) Rⁿ
(C) R⁽ⁿ⁻¹⁾/²
(D) R⁻ⁿ
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) केप्लर के नियमों और न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण विश्लेषण के अनुसार, यदि बल दूरी के $n$-वें घात ($r^{n}$) के व्युत्क्रमानुपाती हो, तो आवर्तकाल और त्रिज्या का संबंध जटिल हो जाता है। सामान्य स्थिति में ($n=2$), आवर्तकाल $R^{3/2}$ के समानुपाती होता है। $T \propto R^{(n+1)/2}$ प्रश्न के संदर्भ में $n$ घात के प्रतिलोमतः बदलाव पर सही आनुपातिक संबंध विकल्प (c) में $R^{(n-1)/2}$ के रूप में दर्शाया गया है, जो कक्षीय वेग और कोणीय वेग के संतुलन से प्राप्त होता है।
7. निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन गलत है/हैं?
A. चंद्रमा पर G का मान पृथ्वी पर G के मान के बराबर है।
B. एक दूसरे से 1 मीटर की दूरी पर रखी हुई दो वस्तुओं, जिनके द्रव्यमान 2 किलोग्राम और 2 किलोग्राम है, के बीच लागू होने वाला गुरुत्वाकर्षण बल 26.68×10⁻¹¹ N है।
C. न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण का नियम प्रयोगशाला में ही मान्य हैं।
D. बल, दो वस्तुओं के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
(A) B, C और D
(B) केवल C और D
(C) केवल C
(D) केवल A
RRB ALP & Tec. | 31-08-18 | Shift-III
Ans: (C) न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम एक सार्वभौमिक (Universal) नियम है, जिसका अर्थ है कि यह प्रयोगशाला से लेकर विशाल आकाशगंगाओं तक हर जगह समान रूप से लागू होता है। कथन C असत्य है क्योंकि इसे केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं किया जा सकता। $F = G \frac{m_{1}m_{2}}{r^{2}}$ यह बल हमेशा दो पिंडों के केंद्रों को जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है। $G$ का मान माध्यम (जैसे हवा, पानी या निर्वात) बदलने पर कभी भी प्रभावित नहीं होता है।
8. दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल F है। यदि दोनों वस्तुओं के बीच की दूरी को परिवर्तित किए बिना उनके द्रव्यमान को आधा कर दिया जाए, तो गुरुत्वाकर्षण बल हो जाएगाः
(A) 2F
(B) F
(C) F/2
(D) F/4
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-I
Ans: (D) यदि दूरी स्थिर रहे और द्रव्यमानों को आधा कर दिया जाए, तो नया गुरुत्वाकर्षण बल मूल बल का एक-चौथाई हो जाएगा। गणना के अनुसार $F_{new} = G \frac{(m_{1}/2)(m_{2}/2)}{r^{2}} = \frac{1}{4} F$ यह दर्शाता है कि गुरुत्वाकर्षण बल सीधे तौर पर द्रव्यमान पर निर्भर करता है। यदि केवल एक पिंड का द्रव्यमान आधा होता, तो बल आधा ($F/2$) होता।
9. पृथ्वी की सतह से m kg के एक उपग्रह को 2R की ऊंचाई पर एक गोलाकार कक्ष में प्रक्षेपित करने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा क्या होगी? पृथ्वी की त्रिज्या R है।
(A) 2 mgR
(B) 3 mgR
(C) 1/5 mgR
(D) 5/6 mgR
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-II
Ans: (D) उपग्रह (Satellite) को प्रक्षेपित करने के लिए आवश्यक ऊर्जा उसकी गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा और कक्षीय गतिज ऊर्जा का योग होती है। पृथ्वी की सतह से $2R$ की ऊंचाई पर (अर्थात् केंद्र से $3R$ की दूरी पर) प्रक्षेपित करने की गणना $E = \frac{5}{6} mgR$ के रूप में आती है। यहाँ ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का उपयोग किया जाता है। $g$ का मान सतह पर $GM/R^{2}$ होता है जो गणना को सरल बनाता है।
10. यदि दो वस्तुओं के बीच की दूरी सामान्य दूरी से 6 गुना अधिक हो जाए, तो F हो जाता है
(A) 6 गुना
(B) 36 गुना
(C) 1/36 गुना
(D) 12 गुना
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-II
Ans: (C) न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यदि दूरी को सामान्य से 6 गुना ($6r$) कर दिया जाए, तो नया बल $F_{new} = \frac{1}{(6)^{2}} F = \frac{1}{36} F$ होगा। इसका अर्थ है कि आकर्षण बल पहले की तुलना में $36$ गुना कम हो जाएगा। खगोलीय दूरियों के मामले में यह बल बहुत क्षीण (Weak) हो जाता है।
11. यदि सूर्य, पृथ्वी का द्रव्यमान और उनके बीच की दूरी क्रमशः M, m और r है; सूर्य के गुरुत्वाकर्षण द्वारा सूर्य के चारों और पृथ्वी द्वारा एक परिक्रमण के लिए किया गया कार्य है।
(A) शून्य
(B) $\frac{GMm}{r^{2}}$
(C) $\frac{GM.m}{r}.2pi$
(D) $\frac{GMm}{r^{2}}.2pi$
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (A) जब पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक पूर्ण वृत्तीय कक्षा (Circular Orbit) में परिक्रमण करती है, तो गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा विस्थापन की दिशा के लंबवत (Perpendicular) होता है। कार्य का सूत्र $W = F \cdot d \cdot \cos(\theta)$ होता है, जहाँ $\theta = 90^{\circ}$ होने पर $\cos(90) = 0$ हो जाता है। अतः एक पूर्ण चक्र में गुरुत्वाकर्षण द्वारा किया गया कुल कार्य शून्य होता है।
12. मान लें एक काल्पनिक ग्रह, जिसका द्रव्यमान पृथ्वी के आधे के बराबर और त्रिज्या एक तिहाई के बराबर है। यदि पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण g है, तो उस ग्रह पर गुरूत्वाकर्षण के कारण त्वरण कितना होगा?
(A) $(1/2)g$
(B) $(9/2)g$
(C) $(5/2)g$
(D) $(3/2)g$
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-II
Ans: (B) गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र $g = GM/R^{2}$ है। यदि किसी काल्पनिक ग्रह का द्रव्यमान आधा ($M/2$) और त्रिज्या एक तिहाई ($R/3$) हो, तो नया त्वरण $g_{new} = \frac{G(M/2)}{(R/3)^{2}} = \frac{GM/2}{R^{2}/9} = \frac{9}{2} g$ होगा। अतः उस ग्रह पर $g$ का मान पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का $4.5$ गुना हो जाएगा। यह गणना दिखाती है कि त्रिज्या में कमी $g$ को तेजी से बढ़ाती है।
13. मान लें एक काल्पनिक ग्रह, जिसका द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पृथ्वी के आधे के बराबर हैं। यदि पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण g है, तो उस ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण कितना होगा:
(A) g
(B) $\frac{g}{2}$
(C) $\frac{g}{4}$
(D) 2g
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-I
Ans: (D) यदि किसी ग्रह का द्रव्यमान आधा ($M/2$) और त्रिज्या भी आधी ($R/2$) हो, तो उस पर गुरुत्वीय त्वरण की गणना $g_{new} = \frac{G(M/2)}{(R/2)^{2}} = \frac{GM/2}{R^{2}/4} = 2 \frac{GM}{R^{2}} = 2g$ के रूप में की जाती है। अर्थात् उस ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का दोगुना होगा। भार (Weight) भी उस ग्रह पर दोगुना महसूस होगा।
14. मान लें एक ग्रह है जिसका द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पृथ्वी के द्रव्यमान और त्रिज्या से दुगुने हैं। उस ग्रह की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण पृथ्वी पर से ______ गुना है।
(A) 4
(B) 1
(C) $\frac{1}{2}$
(D) 2
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-III
Ans: (C) यदि किसी ग्रह का द्रव्यमान और त्रिज्या दोनों पृथ्वी के दोगुने ($2M, 2R$) हों, तो गुरुत्वीय त्वरण $g_{new} = \frac{G(2M)}{(2R)^{2}} = \frac{2GM}{4R^{2}} = \frac{1}{2} g$ होगा। इसका अर्थ है कि उस विशाल ग्रह पर भी गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का आधा रह जाएगा क्योंकि त्रिज्या का वर्ग ($4R^{2}$) द्रव्यमान की वृद्धि ($2M$) को दबा देता है। विशाल ग्रहों पर $g$ का मान उनकी त्रिज्या पर बहुत अधिक निर्भर करता है।
15. एक ग्रह मान लें, जिसका द्रव्यमान और त्रिज्या पृथ्वी के द्रव्यमान और त्रिज्या का एक-तिहाई है। यदि पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण का मान g है, तो ग्रह पर इसका मान होगा।
(A) $\\frac{1}{9}g$
(B) 9g
(C) $\\frac{1}{3}g$
(D) 3g
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-II
Ans: (D) यदि किसी ग्रह का द्रव्यमान और त्रिज्या पृथ्वी के एक-तिहाई ($M/3, R/3$) हैं, तो गुरुत्वीय त्वरण $g_{new} = \frac{G(M/3)}{(R/3)^{2}} = \frac{GM/3}{R^{2}/9} = 3g$ होगा। अतः उस ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी से 3 गुना अधिक प्रबल होगा। ऐसे ग्रहों पर पलायन वेग (Escape Velocity) भी बदल जाता है।
16. पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण $9.8 m/s^{2}$ है। पृथ्वी की सतह से उसकी त्रिज्या की 1/10 ऊँचाई पर त्वरण मान लगभग क्या होगा?
(A) $4.0 m/s^{2}$
(B) $8.9 m/s^{2}$
(C) $4.5 m/s^{2}$
(D) $8.1 m/s^{2}$
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-III
Ans: (D) ऊंचाई के साथ गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र $g_{h} = g(1 + h/R)^{-2}$ होता है। यदि ऊंचाई $h = R/10$ है, तो $g_{h} = 9.8 \times (1 + 0.1)^{-2} = 9.8 / (1.1)^{2} = 9.8 / 1.21 \approx 8.1 m/s^{2}$ होगी। यह दर्शाता है कि जैसे-जैसे हम पृथ्वी की सतह से ऊपर जाते हैं, गुरुत्वाकर्षण खिंचाव कम होता जाता है।
17. एक ग्रह की त्रिज्या और द्रव्यमान, पृथ्वी की त्रिज्या और द्रव्यमान के आधे हैं। इस ग्रह पर g का मान क्या होगा?
(A) $4.9 m/s^{2}$
(B) $9.8 m/s^{2}$
(C) $19.6 m/s^{2}$
(D) $39.2 m/s^{2}$
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-II
Ans: (C) यदि ग्रह की त्रिज्या और द्रव्यमान पृथ्वी के आधे हैं, तो $g_{new} = \frac{G(M/2)}{(R/2)^{2}} = 2g = 2 \times 9.8 = 19.6 m/s^{2}$ होगा। यह $g$ और $G$ के बीच के संबंध को स्पष्ट करने वाला एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। अधिक गुरुत्वीय त्वरण का अर्थ है कि वहाँ किसी वस्तु को उठाना बहुत कठिन होगा।
18. पृथ्वी की सतह से h गहराई पर तथा पृथ्वी की सतह से h ऊँचाई पर गुरुत्वाकर्षण का अनुपात क्या होगा, जहाँ $R_e$ पृथ्वी की त्रिज्या, $h<
(A) नियत रहेगा
(B) घटेगा
(C) h के साथ परवलयिक ढंग से बढ़ता है।
(D) h के साथ रैखिक ढंग से बढ़ेगा
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-I
Ans: (D) सतह से $h$ गहराई पर $g_{d} = g(1 - h/R)$ और सतह से $h$ ऊंचाई पर $g_{h} = g(1 - 2h/R)$ होता है। यदि $h \ll R$ है, तो इनका अनुपात $h$ के साथ रैखिक ढंग से (Linearly) परिवर्तित होता है। $Ratio \approx (1 - h/R) / (1 - 2h/R)$ यह गुरुत्वाकर्षण के विभिन्न स्थानों पर प्रभाव के तुलनात्मक अध्ययन के लिए आवश्यक है।
19. यूरेनस की गति में गुरुत्वाकर्षण-प्रेरित विक्षोभ (disturbances) का अध्ययन करके नेपच्यून ग्रह के अनुमानित स्थान की गणना किसने की?
(A) पर्सिवल लोवेल
(B) अर्बन-जीन-जोसेफ ले वेरियर
(C) जोहान गॉटफ्राइड गाले
(D) जॉन काउच एडम्स
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (B) नेपच्यून ग्रह की खोज केवल दूरबीन के अवलोकन से नहीं बल्कि गणितीय गणनाओं के आधार पर हुई थी। अर्बन-जीन-जोसेफ ले वेरियर (Urbain Le Verrier) ने यूरेनस की कक्षा में दिखाई देने वाले विचलन (Perturbations) का विश्लेषण कर नेपच्यून की स्थिति की भविष्यवाणी की थी। यह खोज न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियम की एक बड़ी सफलता थी। $F = G \frac{m_{1}m_{2}}{r^{2}}$ खगोल भौतिकी में किसी पिंड की गति में आने वाले विक्षोभ (Disturbances) से अदृश्य पिंडों की उपस्थिति का पता लगाया जाता है।
20. गैलीलियो ने किस वर्ष गुरुत्वाकर्षण और उपार्जित संवेग की क्रिया द्वारा एक पेंडुलम की नियमित, दोलायमान गति का वर्णन किया?
(A) 1599
(B) 1602
(C) 1600
(D) 1605
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (B) गैलीलियो गैलिली ने वर्ष 1602 में पेंडुलम की गति का विस्तार से अध्ययन किया और इसके आवर्तकाल (Time Period) की व्याख्या की। उन्होंने पाया कि पेंडुलम का दोलन समय उसकी लंबाई पर निर्भर करता है, न कि उसके कोणीय विस्तार पर। यह खोज आगे चलकर यांत्रिक घड़ियों (Mechanical Clocks) के विकास का आधार बनी। $T = 2\pi \sqrt{\frac{l}{g}}$ गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में पेंडुलम की गति निरंतर बनी रहती है यदि घर्षण नगण्य हो।
4. Acids, Bases & Salts
1. दूधवाला ताजे दूध में बहुत कम मात्रा में बेकिंग सोडा क्यों मिलाता है?
(A) ताजे दूध का pH, 6 से बढ़ाकर थोड़ा क्षारीय करने के लिए
(B) ताजे दूध का pH, 6 से घटाकर थोड़ा अधिक अम्लीय करने के लिए
(C) ताजे दूध का pH, 6 से घटाकर थोड़ा क्षारीय करने के लिए
(D) ताजे दूध का pH लंबे समय तक 6 पर बनाए रखने के लिए
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (A) ताजे दूध का pH लगभग 6.5 (हल्का अम्लीय) होता है। बैक्टीरिया की क्रिया से यह जल्दी खट्टा होकर दही (pH < 4.5) बन सकता है। दूधवाला इसमें थोड़ा बेकिंग सोडा ($NaHCO_{3}$) मिलाता है, जो क्षारीय होता है। यह दूध के **pH को 6 से बढ़ाकर थोड़ा क्षारीय** कर देता है। इस बढे हुए pH को वापस अम्लीय होकर फटने में अधिक समय लगता है, जिससे दूध लंबे समय तक खराब नहीं होता।
2. जोहान्स निकोलस ब्रोंस्टेड (Johannes Nicolaus Bronsted) और थॉमस मार्टिन लौरी (Thomas Martin Lowry) ने अम्ल और क्षार की मूल अवधारणा का प्रस्ताव किस वर्ष में दिया था?
(A) 1923
(B) 1928
(C) 1921
(D) 1925
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (A) **1923** में डेनिश रसायनज्ञ जोहान्स निकोलस ब्रोंस्टेड और अंग्रेज रसायनज्ञ थॉमस मार्टिन लौरी ने स्वतंत्र रूप से अम्ल-क्षार सिद्धांत प्रस्तुत किया। सिद्धांत का सार: - **अम्ल (Acid):** प्रोटॉन ($H^{+}$) दाता (Donors) - **क्षार (Base):** प्रोटॉन ($H^{+}$) ग्राही (Acceptors) यह सिद्धांत अहरिनियस सिद्धांत (जो केवल जलीय विलयन तक सीमित था) से अधिक व्यापक है।
3. जब मृदा का pH मान 7.5 से अधिक होता है, तो उसे क्या माना जाता है?
(A) उदासीन मृदा 
(B) अत्यधिक अम्लीय मृदा 
(C) थोड़ी अम्लीय मृदा 
(D) क्षारीय मृदा 
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) मृदा का pH मान फसलों की पैदावार को प्रभावित करता है। - pH 6.5 - 7.5: सर्वोत्तम/उदासीन मृदा - pH < 6.0: अम्लीय मृदा (सुधार के लिए चूना/Lime मिलाएं) - pH > 7.5: **क्षारीय मृदा (Alkaline Soil)** जब pH 7.5 से ऊपर जाता है, तो मिट्टी लवणीय या क्षारीय मानी जाती है। इसके सुधार के लिए **जिप्सम** ($CaSO_{4}\cdot 2H_{2}O$) का प्रयोग किया जाता है।
4. जब किसी जल निकाय में बड़ी मात्रा में $CO_{2}$ घुलता है, तो निम्नलिखित में से किस अम्ल के बनने के कारण पानी अम्लीय हो जाता है?
(A) कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic acid)
(B) कार्बोलिक अम्ल (Carbolic acid)
(C) कार्बोनिक अम्ल (Carbonic acid)
(D) कार्बामिक अम्ल (Carbamic acid)
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (C) जब कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_{2}$) पानी में घुलती है, तो रासायनिक अभिक्रिया से एक दुर्बल अम्ल बनता है। अभिक्रिया: $CO_{2} + H_{2}O \rightarrow H_{2}CO_{3}$ बनने वाले अम्ल का नाम **कार्बोनिक अम्ल (Carbonic acid)** है। यही अम्ल वर्षा जल को भी थोड़ा अम्लीय (pH ~5.6) बनाता है और कोल्ड ड्रिंक्स में भी पाया जाता है। नोट: कार्बोलिक एसिड (Carbolic acid) फिनोल ($C_{6}H_{5}OH$) को कहते हैं, जो अलग है।
5. स्तंभ A को स्तंभ B के साथ मिलाएं।
स्तंभ A स्तंभ B
(i) नींबू (b) साइट्रिक अम्ल
(ii) दूध (c) लैक्टिक अम्ल
(iii) सिरका (d) एसीटिक अम्ल
(iv) इमली (a) टार्टरिक अम्ल
(A) i-b, ii-c, iii-d, iv-a
(B) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(C) i-b, ii-a, iii-c, iv-d
(D) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (A) सही सुमेल इस प्रकार है: (i) नींबू/संतरा (खट्टे फल) $\rightarrow$ **साइट्रिक अम्ल** (Citric Acid) (ii) खट्टा दूध/दही $\rightarrow$ **लैक्टिक अम्ल** (Lactic Acid) (iii) सिरका (Vinegar) $\rightarrow$ **एसीटिक अम्ल** (Acetic Acid) (iv) इमली/अंगूर $\rightarrow$ **टार्टरिक अम्ल** (Tartaric Acid) अन्य महत्वपूर्ण तथ्य: चींटी के डंक में फार्मिक (मेथेनोइक) अम्ल और सेब में मैलिक अम्ल होता है।
6. अम्ल और पानी को मिलाने का सही तरीका क्या है?
(A) पानी को अम्ल में मिलाया जाना चाहिए।
(B) मिलाने से पहले अम्ल को गर्म करना चाहिए।
(C) अम्ल को धीरे-धीरे पानी में मिलाना चाहिए।
(D) मिलाने से पहले पानी को गर्म करना चाहिए।
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (C) अम्ल और जल का मिश्रण एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है। सही तरीका: **अम्ल को धीरे-धीरे पानी में मिलाना** (Add Acid to Water) और बर्तन को हिलाते रहना। गलत तरीका: पानी को अम्ल में मिलाना। चूँकि पानी का घनत्व कम होता है, वह अम्ल की सतह पर रह सकता है और उत्पन्न भाप के कारण विस्फोट जैसा छनकाव (splash) हो सकता है, जिससे दुर्घटना हो सकती है।
7. मिल्क ऑफ मैग्नीशिया में डूबोने पर pH पेपर का रंग हल्का नीला हो जाता है। यह दर्शाता है कि मिल्क ऑफ मैग्नीशिया _______ है।
(A) दुर्बल अम्ल
(B) दुर्बल क्षारक
(C) उदासीन
(D) प्रबल अम्ल
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) मिल्क ऑफ मैग्नीशिया का रासायनिक सूत्र $Mg(OH)_{2}$ (मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड) है। यह एक **दुर्बल क्षारक (Weak Base)** है। रंग परिवर्तन: क्षारीय होने के कारण यह लाल लिटमस या pH पेपर को **नीला** कर देता है। प्रबल क्षार गहरा नीला/बैंगनी रंग देते हैं, जबकि दुर्बल क्षार हल्का नीला रंग देते हैं। उपयोग: पेट की अम्लता (Acidity) को उदासीन करने के लिए एंटासिड (Antacid) के रूप में।
8. इनमें से कौन सा अम्ल-क्षार युग्म, अमोनियम क्लोराइड का लवण उत्पन्न करेगा?
(A) $H_{2}SO_{4}-NH_{4}OH$
(B) HNO3 NH4OH
(C) HCI - NH4OH
(D) HCI - NaOH
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift -I
Ans: (C) अमोनियम क्लोराइड ($NH_{4}Cl$) एक अम्लीय लवण है। यह उदासीनीकरण अभिक्रिया से बनता है। अम्ल + क्षार $\rightarrow$ लवण + जल अभिक्रिया: $HCl$ (प्रबल अम्ल) + $NH_{4}OH$ (दुर्बल क्षार) $\rightarrow NH_{4}Cl + H_{2}O$ यहाँ क्लोराइड आयन ($Cl^{-}$) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से और अमोनियम आयन ($NH_{4}^{+}$) अमोनियम हाइड्रोक्साइड से आता है। अतः सही युग्म $HCl - NH_{4}OH$ है।
9. वॉशिंग सोडा..... है।
(A) एक उदासीन लवण
(B) एक क्षारक
(C) एक अम्लीय लवण
(D) एक क्षारकीय लवण
RRB Group-D | 16/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) वॉशिंग सोडा ($Na_{2}CO_{3}\cdot 10H_{2}O$) एक धात्विक कार्बोनेट है। यह एक **क्षारकीय लवण (Basic Salt)** है क्योंकि यह एक प्रबल क्षार ($NaOH$) और एक दुर्बल अम्ल ($H_{2}CO_{3}$) के मिलने से बनता है। जलीय विलयन में यह $OH^{-}$ आयन उत्पन्न करता है, जिससे इसका pH 7 से अधिक होता है और यह लाल लिटमस को नीला कर देता है।
10. यदि हम धावन सोडा की थोड़ी सी मात्रा लेते हैं और इसमें लगभग 1 mL तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाते हैं तो हम क्या देखेंगे?
(A) केवल उदासीनीकरण अभिक्रिया होती है, कोई गैस नहीं निकलती है
(B) व्हाइट रंग की तलछट बन जाती है
(C) $CO_{2}$ गैस तेज बुदबुदाहट के साथ निकलती है
(D) पॉप की ध्वनि के साथ $H_{2}$ गैस निकलती है
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-II
Ans: (C) धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट, $Na_{2}CO_{3}$) की अभिक्रिया जब तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) से होती है: $Na_{2}CO_{3} + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_{2}O + CO_{2}\uparrow$ इस अभिक्रिया में **कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_{2}$)** गैस निकलती है। पहचान: यह गैस **तेज बुदबुदाहट (Brisk effervescence)** के साथ निकलती है और चूने के पानी (Lime water) को दूधिया (Milky) कर देती है।
11. निम्नलिखित में से कौन सा लवण अम्लीय है?
(A) सोडियम कार्बोनेट
(B) सोडियम एसीटेट
(C) अमोनियम फॉस्फेट
(D) मैग्नीशियम सल्फेट
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-I
Ans: (D) लवणों की प्रकृति: 1. सोडियम कार्बोनेट (Strong Base + Weak Acid) $\rightarrow$ क्षारीय 2. सोडियम एसीटेट (Strong Base + Weak Acid) $\rightarrow$ क्षारीय 3. मैग्नीशियम सल्फेट (Weak Base + Strong Acid) $\rightarrow$ अम्लीय 4. अमोनियम फॉस्फेट (Weak Base + Weak Acid) $\rightarrow$ लगभग उदासीन/हल्का क्षारीय दिए गए विकल्पों में **मैग्नीशियम सल्फेट ($MgSO_{4}$)** सही है क्योंकि यह $H_{2}SO_{4}$ (प्रबल अम्ल) और $Mg(OH)_{2}$ (दुर्बल क्षार) से बनता है, इसलिए यह अम्लीय गुण दर्शाता है। (नोट: रेलवे ने इस प्रश्न में मैग्नीशियम सल्फेट को सही माना है, हालांकि अमोनियम सल्फेट अधिक स्पष्ट उदाहरण होता)।
12. उस लवण का उदाहरण निम्न में से कौन सा है, जिसके जलीय विलयन का pH मान 7 से कम होता है?
(A) सोडियम क्लोराइड
(B) सोडियम कार्बोनेट
(C) सोडियम बाइ कार्बोनेट
(D) अमोनियम क्लोराइड
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-II
Ans: (D) pH मान 7 से कम होने का अर्थ है कि लवण **अम्लीय** है। अम्लीय लवण प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के संयोग से बनते हैं। विकल्प विश्लेषण: (A) $NaCl$ (प्रबल अम्ल+प्रबल क्षार) = उदासीन (pH 7) (B) $Na_{2}CO_{3}$ (दुर्बल अम्ल+प्रबल क्षार) = क्षारीय (pH > 7) (C) $NaHCO_{3}$ = क्षारीय (pH > 7) (D) **अमोनियम क्लोराइड ($NH_{4}Cl$)**: यह $HCl$ (प्रबल अम्ल) और $NH_{4}OH$ (दुर्बल क्षार) से बना है, अतः इसका pH 7 से कम होगा।
13. प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल के मिश्रण वाले लवण का pH मान कितना होता है?
(A) इसका pH मान 7 से अधिक होता है।
(B) इसका pH मान 7 से कम होता है।
(C) इसका pH मान 7 के बराबर होता है।
(D) इसका pH मान 0 के बराबर होता है।
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) जब एक प्रबल क्षार (Strong Base) और दुर्बल अम्ल (Weak Acid) अभिक्रिया करते हैं, तो प्रबल घटक का प्रभाव लवण पर पड़ता है। उदाहरण: $NaOH$ (प्रबल) + $CH_{3}COOH$ (दुर्बल) $\rightarrow CH_{3}COONa$ (क्षारीय लवण)। क्षारीय लवण होने के कारण, इसका **pH मान 7 से अधिक** होगा। यह लाल लिटमस को नीला कर देगा।
14. नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन-I: प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक के लवण उदासीन होते हैं, और उनका pH मान 7 होता है। कथन-II: प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षारक के लवण अम्लीय होते हैं, और उनका pH मान 7 से कम होता है।
(A) कथन-II सत्य है, और कथन-I असत्य है।
(B) कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
(C) दोनों कथन असत्य हैं।
(D) दोनों कथन सत्य हैं।
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-III
Ans: (D) कथन I: प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार = उदासीन लवण (pH = 7)। यह कथन सत्य है (जैसे $NaCl$)। कथन II: प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार = अम्लीय लवण (pH < 7)। यह कथन भी सत्य है (जैसे $NH_{4}Cl$)। अतः **दोनों कथन सत्य हैं**। लवण की प्रकृति (अम्लीय/क्षारीय/उदासीन) हमेशा उस जनक (Parent) के अनुरूप होती है जो "प्रबल" (Strong) होता है।
15. नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन-I: pH में p जर्मन भाषा में पोटेंज़ (potenz) को निरुपित करता है, जिसका अर्थ शक्ति है। कथन-II: pH पैमाने (स्केल) पर, हम सामान्यतः 0 से 16 तक pH माप सकते हैं।
(A) कथन-I असत्य है, और कथन II सत्य है।
(B) दोनों कथन सत्य हैं।
(C) कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
(D) दोनों कथन असत्य हैं।
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift-III
Ans: (C) कथन I: pH में 'p' जर्मन शब्द **'Potenz'** से लिया गया है, जिसका अर्थ है **शक्ति (Power)**। यह सही है। (pH = Power of Hydrogen)। कथन II: pH पैमाना सामान्यतः **0 से 14** तक होता है, न कि 0 से 16 तक। यह कथन गलत है। अतः सही उत्तर है: कथन I सत्य है, और कथन II असत्य है।
16. तीन विलयनों X, Y, और Z के pH मान क्रमशः 2, 11 और 7 हैं। उन्हें हाइड्रोजन आयन सांद्रता के अवरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(A) Z, Y, X
(B) X, Z, Y
(C) Y, Z, X
(D) X, Y, Z
RRB Group-D | 18/09/2018 | Shift-III
Ans: (B) हाइड्रोजन आयन सांद्रता $[H^{+}]$ और pH एक-दूसरे के उल्टे (Inverse) होते हैं। $pH \propto \frac{1}{[H^{+}]}$ इसका अर्थ है: कम pH = अधिक $H^{+}$ आयन। pH मान दिए गए हैं: $X=2, Y=11, Z=7$ क्रम (pH का बढ़ता हुआ): $X(2) < Z(7) < Y(11)$ $H^{+}$ सांद्रता का **अवरोही क्रम (घटता हुआ)**: जिसका pH सबसे कम, उसके आयन सबसे ज्यादा। अतः सही क्रम: **X > Z > Y** है। (विकल्प B: X, Z, Y)।
17. एक विलयन का pH 3 है जब pH 6 तक परिवर्तित होता है तो H आयन सान्द्रता
(A) दो गुना बढ़ जाती है।
(B) तीन गुना बढ़ जाती है।
(C) 100 गुना घट जाती है।
(D) 1000 गुना घट जाती है।
RRB ALP & Tec. | 10/08/2018 | Shift-I
Ans: (D) pH स्केल लघुगणकीय (Logarithmic) होता है। नियम: 1 pH यूनिट का बदलाव = सांद्रता में 10 गुना बदलाव। यहाँ pH, 3 से बदलकर 6 हो गया है। अंतर = $6 - 3 = 3$ यूनिट। सांद्रता में बदलाव = $10^{3} = 1000$ गुना। चूँकि pH **बढ़** रहा है (अम्लीयता कम हो रही है), इसलिए $H^{+}$ आयन सांद्रता **1000 गुना घट जाएगी**।
18. उस विलयन का pH मान क्या होगा जिसके हाइड्रोजन आयनों की सान्द्रता $1 \times 10^{-5}$ मोल प्रति लीटर है-
(A) 6
(B) 5
(C) 4
(D) 7
RRB ALP & Tec. | 13/08/2018 | Shift-III
Ans: (B) दिया गया है: $[H^{+}] = 1 \times 10^{-5}$ मोल/लीटर। सूत्र: $pH = -\log[H^{+}]$ मान रखने पर: $pH = -\log(10^{-5})$ घात (Power) आगे आ जाएगी: $pH = -(-5)\log 10$ चूँकि $\log 10 = 1$, इसलिए $pH = 5$ अतः सही उत्तर 5 है। यह एक अम्लीय विलयन है।
19. कथन को पढ़ें और निर्णय लें कि कौन से निष्कर्ष सही हैं। कथन: सल्फ्यूरिक अम्ल की प्रकृति अम्लीय है। निष्कर्ष: I. सल्फ्यूरिक अम्ल, का pH मान 7.5 है। II. सल्फ्यूरिक अम्ल में कुछ फॉस्फोरस होते हैं।
(A) केवल निष्कर्ष II सही है।
(B) न तो निष्कर्ष I न ही II सही है।
(C) दोनों निष्कर्ष I और II सही हैं।
(D) केवल निष्कर्ष I सत्य है।
RRB Group-D | 05/12/2018 | Shift-II
Ans: (B) कथन: सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_{2}SO_{4}$) अम्लीय है। निष्कर्ष I: "pH मान 7.5 है" - गलत। अम्ल का pH हमेशा 7 से कम होता है (प्रबल अम्ल होने के कारण इसका pH 0-1 के पास होगा)। निष्कर्ष II: "फॉस्फोरस होते हैं" - गलत। सूत्र $H_{2}SO_{4}$ में हाइड्रोजन, सल्फर और ऑक्सीजन हैं, फॉस्फोरस ($P$) नहीं। अतः **न तो निष्कर्ष I और न ही II सही है**।
20. यदि X का pH मान 9 है, तो Y का pH मान 2 है, Z का pH मान 6 है और A का pH मान 13 है, तो निम्नलिखित से किस जोड़े में मजबूत एसिड और मजबूत बेस है?
(A) X, A
(B) A, Y
(C) Y, Z
(D) Y, A
RRB Group-D | 13/12/2018 | Shift-II
Ans: (D)
21. यदि किसी लवण का pH मान, शून्य है तो वह ____ का लवण होता है।
(A) सशक्त एसिड और कमजोर बेस
(B) कमजोर एसिड और सशक्त बेस
(C) सशक्त एसिड और सशक्त बेस
(D) कमजोर एसिड और कमजोर बेस
RRB Group-D | 12/10/2018 | Shift-I
Ans: (A) यदि किसी पदार्थ का pH मान **0** है, तो यह अत्यधिक प्रबल अम्लीय (Strongly Acidic) है। यह स्थिति तब बनती है जब: 1. यह शुद्ध प्रबल अम्ल (जैसे सांद्र $HCl$) हो। 2. या यह **प्रबल अम्ल (Strong Acid)** और बहुत **दुर्बल क्षार (Weak Base)** से बना लवण हो, जहाँ अम्ल का प्रभाव बहुत ज्यादा हावी हो। दिए गए विकल्पों में "सशक्त एसिड और कमजोर बेस" सबसे उपयुक्त विकल्प है जो अम्लीय प्रकृति की व्याख्या करता है।
22. विलयन A का pH मान 6 है, विलयन B का pH मान 8, और विलयन C का pH मान 2 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता सबसे अधिक होगी?
(A) C
(B) A
(C) किसी में भी हाइड्रोजन आयन नहीं हैं
(D) B
RRB Group-D | 22/09/2018 | Shift-I
Ans: (A) प्रश्न: किसमें $H^{+}$ आयन सांद्रता सबसे अधिक है? नियम: **सबसे कम pH = सबसे अधिक $H^{+}$ सांद्रता**। pH मान: - विलयन A = 6 - विलयन B = 8 (क्षारीय, बहुत कम $H^{+}$) - विलयन C = 2 चूँकि 2 सबसे छोटी संख्या है, इसलिए विलयन C सबसे अधिक अम्लीय है और इसमें $H^{+}$ आयनों की सांद्रता सर्वाधिक होगी।
23. मिथाइल ऑरेंज ....... होता है।
(A) अम्लीय माध्यम में गुलाबी, क्षारीय माध्यम में रंगहीन
(B) अम्लीय माध्यम में रंगहीन, क्षारीय माध्यम में गुलाबी
(C) अम्लीय माध्यम में पीला, क्षारीय माध्यम में रंगहीन
(D) अम्लीय माध्यम में लाल, क्षारीय माध्यम में पीला गुलाबी
RRB JE | 28.05.2019 | Shift-III
Ans: (D) मिथाइल ऑरेंज एक संश्लेषित (Synthetic) सूचक है। इसके रंगों को याद रखें: 1. अम्लीय माध्यम (Acidic): **लाल (Red) / गुलाबी** 2. क्षारीय माध्यम (Basic): **पीला (Yellow)** 3. उदासीन माध्यम: नारंगी (Orange) विकल्प D (अम्लीय में लाल, क्षारीय में पीला) सही है। ट्रिक: **"My Apple is Red and Banana is Yellow"** (M-Methyl orange, A-Acid-Red, B-Base-Yellow)।
24. निम्नलिखित में से कौन सा एक एम्फोटेरिक ऑक्साइड है?
(A) एल्युमिनियम ऑक्साइड
(B) आयरन (II) ऑक्साइड
(C) मैग्नीशियम ऑक्साइड
(D) कार्बन डाइऑक्साइड
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-III
Ans: (A)
4. Genetics
1. बैंगन का एक आनुवंशिक संशोधित प्रारूप विकसित किया गया था। इसका उद्देश्य क्या था?
(A) (a) सूखा-रोधी बनाना
(B) (b) इसकी भंडारण अवधि में सुधार करना
(C) (c) कीट प्रतिरोधी बनाना
(D) (d) इसके स्वाद को बेहतर बनाना
RRB NTPC Stage Ist | 25.01.2021 | Shift-II
Ans: (C) आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) बैंगन, जिसे $Bt Brinjal$ कहा जाता है, को मुख्य रूप से कीट प्रतिरोधी बनाने के लिए विकसित किया गया था। इसमें $Cry1Ac$ जीन डाला गया है जो "फ्रूट एंड शूट बोरर" कीट के प्रति विषैला होता है। इससे किसानों को फसल बचाने के लिए हानिकारक कीटनाशकों के छिड़काव की कम आवश्यकता पड़ती है।
2. सबसे पहले डीएनए को अलग किसने किया था?
(A) (a) फ्रेडरिक मिएस्चेर
(B) (b) अल्ब्रेक्ट कोसेल
(C) (c) फोबस लेवेने
(D) (d) जेम्स वाटसन और फ्रांसिस क्रिक
RRB NTPC Stage It | 31.03.2016 | Shift-III
Ans: (A) डीएनए ($DNA$) को सबसे पहले 1869 में स्विस वैज्ञानिक **फ्रेडरिक मिएस्चेर** ने अलग किया था। उन्होंने इसे सफेद रक्त कोशिकाओं के केंद्रक से निकाला था और उस समय इसे "न्यूक्लिन" ($Nuclein$) नाम दिया था। बाद में वाटसन और क्रिक ने 1953 में इसके डबल हेलिक्स मॉडल की संरचना को स्पष्ट किया था।
5. Circulatory System
1. मानव रक्त का सामान्य pH क्या होता है?
(A) हल्का क्षारीय
(B) हल्का अम्लीय
(C) अत्यधिक अम्लीय
(D) अत्यधिक क्षारीय
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) मानव रक्त का pH लगभग 7.35 से 7.45 के बीच रहता है, जो इसे हल्का क्षारीय बनाता है। यह क्षारीयता शरीर में एंजाइमों की क्रियाओं और चयापचय (Metabolism) को संतुलित बनाए रखने के लिए आवश्यक होती है। यदि रक्त का pH इस सीमा से कम या अधिक हो जाए तो एसिडोसिस (Acidosis) या एल्केलोसिस (Alkalosis) जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
2. केशिकाएं रक्त और ऊतकों के बीच पदार्थों के आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त होती हैं क्योंकिः
(A) वे बड़ी और चौड़ी होती हैं
(B) उनकी दीवारें एक कोशिका मोटी होती हैं
(C) वे धमनियों की तरह लोचदार होती हैं
(D) वे बहुत उच्च दाब पर रक्त ले जाती हैं
MP Police constable 2025 | 17-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) केशिकाएं (Capillaries) शरीर की सबसे पतली रक्त वाहिकाएं होती हैं जिनकी दीवारें केवल एक कोशिका जितनी मोटी होती हैं ताकि गैसों और पोषक तत्वों का आदान-प्रदान आसानी से हो सके। यह पतली दीवार विसरण (Diffusion) की प्रक्रिया को सुगम बनाती है जिससे ऑक्सीजन और ग्लूकोज रक्त से ऊतकों तक पहुँचते हैं। केशिकाएं ही धमनियों (Arteries) और शिराओं (Veins) को आपस में जोड़ने का काम करती हैं। इनके माध्यम से ही अपशिष्ट पदार्थ जैसे कार्बन डाइऑक्साइड कोशिकाओं से बाहर निकलकर रक्त में मिलते हैं।
3. शिराएँ धमनियों से मुख्यतः इसलिए भिन्न होती हैं क्योंकिः
(A) उनमें प्रतिवाह (backflow) को रोकने के लिए वाल्व होते हैं
(B) उनमें पेशीय ऊतक नहीं होता
(C) उनकी दीवारें सभी रक्त वाहिकाओं में सबसे मोटी होती हैं
(D) वे केवल ऑक्सीजन युक्त रक्त का परिवहन करती हैं
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) शिराओं की मुख्य विशेषता उनमें मौजूद वाल्व होते हैं जो रक्त के विपरीत प्रवाह (Backflow) को रोकते हैं और उसे केवल हृदय की दिशा में रखते हैं। धमनियों की दीवारें मोटी और लचीली होती हैं क्योंकि उनमें रक्त उच्च दाब (High pressure) पर बहता है जबकि शिराओं की दीवारें पतली होती हैं। फुफ्फुसीय शिरा (Pulmonary Vein) को छोड़कर बाकी सभी शिराएं ऑक्सीजन रहित (Deoxygenated) रक्त ले जाती हैं। शिराओं की आंतरिक गुहा (Lumen) धमनियों की तुलना में चौड़ी होती है।
4. रक्त का कौन-सा घटक मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों का परिवहन करता है?
(A) लाल रक्त कोशिकाएं
(B) प्लाज्मा
(C) प्लेटलेट्स
(D) श्वेत रक्त कोशिकाएं
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) रक्त का तरल भाग जिसे प्लाज्मा कहा जाता है मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड और यूरिया जैसे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों का परिवहन करता है। प्लाज्मा में लगभग 90 से 92 प्रतिशत जल होता है और बाकी हिस्से में प्रोटीन, खनिज और पोषक तत्व होते हैं। लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) मुख्य रूप से ऑक्सीजन का परिवहन करती हैं जबकि प्लाज्मा घुली हुई अवस्था में भोजन और हार्मोन का भी संचरण करता है। प्लाज्मा में मौजूद फाइब्रिनोजेन प्रोटीन रक्त के थक्के जमने में मदद करता है।
5. किस प्रकार की रक्त वाहिकाओं में रक्तचाप सबसे अधिक होता है?
(A) धमनियां
(B) केशिकाएं
(C) शिरिकाएं (Venules)
(D) शिराएं
MP Police constable 2025 | 03-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A)

धमनियों में रक्तचाप सबसे अधिक होता है क्योंकि ये हृदय (Heart) से सीधे रक्त को पूरे शरीर में ले जाती हैं। हृदय के संकुचन (Contraction) के समय रक्त तेज दबाव के साथ धमनियों में प्रवेश करता है। आगे बढ़ते हुए केशिकाओं और शिराओं में यह रक्तचाप धीरे धीरे कम हो जाता है।

6. "डबल सर्कुलेशन" (दोहरा परिसंचरण) शब्द का क्या अर्थ है?
(A) रक्त फेफड़ों से दो बार गुजरता है
(B) रक्त शिराओं और धमनियों में केवल एक बार परिसंचारित होता है
(C) हृदय ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त को एक साथ पंप करता है
(D) रक्त एक चक्र में दो बार हृदय से होकर गुजरता है
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 02:30:00
Ans: (D) दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) का अर्थ है कि रक्त एक पूरे शरीर के चक्र को पूरा करने के लिए हृदय से दो बार गुजरता है। इसमें पहला चक्र हृदय और फेफड़ों के बीच होता है जिसे पल्मोनरी सर्कुलेशन कहते हैं और दूसरा हृदय और बाकी शरीर के बीच जिसे सिस्टमिक सर्कुलेशन कहते हैं। यह प्रणाली ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त को पूरी तरह अलग रखने में मदद करती है। पक्षियों और स्तनधारी जीवों में यह तंत्र शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा प्रदान करता है।
7. हृदय में ऑक्सीजन युक्त रक्त और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त को आपस में मिलने से रोकने में निम्न में से क्या सहायक होता है?
(A) कक्षों के बीच की भित्ति
(B) फुप्फुसीय कपाट
(C) त्रिवलन- कपाट
(D) महाधमनी कपाट
RRB Group D | 24/08/2022 | Evening
Ans: (A)

हृदय में दाएँ और बाएँ भाग के बीच स्थित भित्ति (Septum) ऑक्सीजन युक्त और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रक्त को आपस में मिलने से रोकती है। यह भित्ति हृदय को दो पूर्णतः अलग भागों में विभाजित करती है जिससे शुद्ध और अशुद्ध रक्त का पृथक्करण बना रहता है। इसी व्यवस्था से शरीर के अंगों तक शुद्ध रक्त की आपूर्ति सही ढंग से होती है।

8. निम्नलिखित में से किस रक्त समूह को 'सर्वदाता' कहा जाता है?
(A) A
(B) O
(C) B
(D) AB
RRB Group D | 30/08/2022 | Evening
Ans: (B) O रक्त समूह की लाल रक्त कोशिकाओं (Red blood cells) की सतह पर A या B प्रतिजन (Antigen) नहीं पाए जाते हैं। इसी कारण यह रक्त अन्य सभी ABO रक्त समूहों के साथ सुरक्षित रूप से दिया जा सकता है। इसी विशेषता के कारण O रक्त समूह को सर्वदाता माना जाता है।
9. रक्तचाप मापने के लिए इनमें से किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है?
(A) हीमोग्लोबिन मीटर
(B) स्पेक्ट्रोफोटोमीटर
(C) स्फिग्मोमैनोमीटर
(D) यूरिनोमीटर
RRB Group D | 01/09/2022 | Afternoon
Ans: (C)

रक्तचाप को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) का प्रयोग किया जाता है। यह यंत्र धमनियों में प्रवाहित रक्त के दाब को मर्करी या डिजिटल माप प्रणाली द्वारा दर्शाता है। रक्तचाप का मान सामान्यतः सिस्टोलिक (Systolic) और डायस्टोलिक (Diastolic) दबाव के रूप में प्राप्त होता है।

10. हृदय की धड़कन का पता लगाने में निम्न में से कौन सा यंत्र सहायक होता है?
(A) स्टेथेस्कोप (Stethoscope)
(B) थर्मोमीटर (Thermometer)
(C) स्पाइरोमीटर (Spirometer)
(D) स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer)
RRB Group D | 02/09/2022 | Evening
Ans: (A)

हृदय की धड़कन का पता लगाने के लिए स्टेथेस्कोप (Stethoscope) का उपयोग किया जाता है। यह यंत्र हृदय द्वारा उत्पन्न ध्वनियों को स्पष्ट रूप से सुनने में सहायता करता है। इससे हृदय की धड़कन की गति और नियमितता का आकलन किया जाता है।

11. मनुष्यों में सामान्य प्रकुंचन (सिस्टोलिक) और अनुशिथिलन (डायस्टोलिक) दाब कितना होता है?
(A) 130 mm of Hg/80 mm of Hg
(B) 120 mm of Hg/90 mm of Hg
(C) 130 mm of Hg/90 mm of Hg
(D) 120 mm of Hg/80 mm of Hg
RRB Group D | 08/09/2022 | Evening
Ans: (D)

मनुष्यों में सामान्य रक्तचाप का मान 120 mm of Hg सिस्टोलिक (Systolic) और 80 mm of Hg डायस्टोलिक (Diastolic) होता है। सिस्टोलिक दाब हृदय के संकुचन के समय का दबाव दर्शाता है जबकि डायस्टोलिक दाब हृदय के शिथिलन के समय का दबाव होता है। इन दोनों दाबों का संतुलन सामान्य परिसंचरण बनाए रखने के लिए आवश्यक होता है।

12. मछलियों के हृदय में कितने प्रकोष्ठ होते हैं?
(A) 2
(B) 4
(C) 1
(D) 3
CGL Tier I | 2024
Ans: (A) मछलियों के हृदय में केवल 2 कक्ष होते हैं जिनमें एक अलिंद और एक निलय शामिल है। इस प्रकार के हृदय को "वेनस हार्ट" कहा जाता है क्योंकि यह केवल अशुद्ध रक्त को पंप करता है। उभयचरों जैसे मेंढक में 3 कक्ष होते हैं जबकि मगरमच्छ को छोड़कर बाकी सरीसृपों में भी 3 कक्षीय हृदय ही मिलता है। मनुष्यों और पक्षियों में सबसे विकसित 4 कक्षीय हृदय पाया जाता है। मछलियों में गिल्स के माध्यम से रक्त का शुद्धिकरण होता है।
5. Reproduction in Plants
1. पर्णवृंत (petiole) ........... का एक अंग है।
(A) पक्षी
(B) मनुष्य
(C) पेड़
(D) जानवर
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-II
Ans: (C) पर्णवृंत (Petiole) पत्ती का वह डंठल होता है जो पत्ती के फलक (Blade) को तने से जोड़ता है। यह $Angiosperms$ में प्रमुखता से पाया जाता है। यह पत्तियों को प्रकाश की दिशा में मोड़ने में सहायता करता है ताकि अधिकतम $Photosynthesis$ हो सके।
2. पौधे के, बीज में भ्रूण होता है, जो उचित परिस्थितियों में अंकुरित हो जाता है। इस प्रक्रिया को इनमें से किसके रूप में जाना जाता है?
(A) अंकुरण
(B) पर-परागण
(C) परागण
(D) वाष्पोत्सर्जन
RRB NTPC | 12.01.2021 | Shift-II
Ans: (A) बीज के अंदर स्थित भ्रूण का उचित तापमान, नमी और ऑक्सीजन मिलने पर सक्रिय होकर नन्हा पौधा (Seedling) बनाना अंकुरण ($Germination$) कहलाता है। इस दौरान $Starch$ का अपघटन होता है। यह $Sexual\ Reproduction$ की अंतिम परिणति है।
3. कुछ पौंधों की जड़ों, उपजी और पत्तियाँ की ............ प्रक्रिया के माध्यम से नए पौधों में विकसित होती है
(A) विखंडन
(B) एकाधिक विखंडन
(C) वनस्पति प्रचार
(D) उत्थान
RRB Group-D | 26-09-2018 | Shift-III
Ans: (C) जब पौधे के कायिक अंग जैसे जड़, तना या पत्तियों से नया पौधा तैयार होता है, तो इसे वानस्पतिक प्रवर्धन ($Vegetative\ Propagation$) कहते हैं। इसमें $Mitosis$ कोशिका विभाजन होता है। यह विधि उन पौधों के लिए उपयोगी है जो बीज उत्पन्न नहीं कर सकते।
4. तने के जरिए ........... फैलता है।
(A) ब्रायोफाइलम
(B) गुलाब
(C) ब्रायोफाइला
(D) इमली
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-1
Ans: (B) गुलाब (Rose) में प्रजनन मुख्य रूप से तने की कटिंग ($Stem\ Cutting$) द्वारा किया जाता है। यह एक कृत्रिम वानस्पतिक प्रवर्धन है। इस प्रक्रिया में तने पर उपस्थित $Axillary\ Buds$ नए पौधे के रूप में विकसित हो जाती हैं।
5. लैंगिक प्रजनन के दौरान जब दो अलग-अलग जीवाणु कोशिकाएं संयोजित होती है, तो वे ........... का निर्माण करती है।
(A) बीजाणु
(B) कली
(C) फल
(D) युग्मनज
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) लैंगिक प्रजनन में जब नर युग्मक ($Male\ Gamete$) और मादा युग्मक ($Female\ Gamete$) का संलयन होता है, तो एक द्विगुणित संरचना बनती है जिसे युग्मनज ($Zygote$) कहते हैं। इसकी $Ploidy$ हमेशा $2n$ होती है। यही आगे चलकर $Embryo$ बनता है।
6. निम्नलिखित में से किस पौधे की शिराओं पर कलिकाएं प्रवर्धित करता है?
(A) ब्रायोफाइटा
(B) ब्रायोफाइलम
(C) केला
(D) गुलाब
RRB ALP & Tec. | 10-08-18 | Shift-1
Ans: (B) ब्रायोफाइलम (पत्थरचट्टा) की पत्तियों के किनारों पर स्थित खांचों में कलिकाएं ($Epiphyllous\ Buds$) विकसित होती हैं। जब ये पत्तियाँ जमीन पर गिरती हैं, तो प्रत्येक कलिका से एक नया स्वतंत्र पौधा जन्म लेता है। यह $Natural\ Vegetative\ Propagation$ का उदाहरण है।
7. एक फूल के परागकोष से वर्तिकाग्र तक परागणों के स्थानांतरण को ............. कहा जाता है।
(A) पुनर्जनन
(B) वाष्पोत्सर्जन
(C) यौन प्रजनन
(D) परागण
RRB Group-D | 11-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) परागकणों का परागकोष ($Anther$) से निकलकर वर्तिकाग्र ($Stigma$) तक पहुँचने की क्रिया को परागण ($Pollination$) कहते हैं। इसके लिए वायु, जल या कीट जैसे $Pollinators$ की आवश्यकता होती है। यह $Fertilization$ के पहले की अनिवार्य प्रक्रिया है।
5. Plant Tissue
1. दिए गए कथन की पुष्टि कीजिए: 'पादपों को कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है'।
(A) चूँकि पौधे अपेक्षाकृत तेज़ परिवहन प्रणालियों का उपयोग करते हैं।
(B) पादप शरीर के कई ऊतकों में मृत कोशिकाओं का एक छोटा अनुपात होता है।
(C) विभिन्न शारीरिक अभिकल्पों के बीच ऊर्जा की ज़रूरतें भिन्न होती हैं।
(D) पादप गति नहीं करते और उनके अनेक ऊतकों में मृत कोशिकाओं का बड़ा अनुपात होता है।
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (D) पादप (Plants) एक स्थान पर स्थिर रहते हैं, वे जंतुओं की तरह गति (Locomotion) नहीं करते, इसलिए उन्हें कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। पादप शरीर के कई ऊतकों (जैसे—स्क्लेरेन्काइमा) में मृत कोशिकाओं (Dead Cells) का एक बड़ा अनुपात होता है जो केवल यांत्रिक मजबूती प्रदान करते हैं, इन्हें रखरखाव के लिए ऊर्जा नहीं चाहिए होती। पौधों की चयापचय (Metabolism) दर जंतुओं की तुलना में काफी धीमी होती है।
2. पौधे में शीर्षस्थ विभज्योतक ऊतक (apical meristematic tissue) की स्थिति क्या होती है?
(A) पर्वसंधियों के पास
(B) केवल जड़ वाले भाग के निकट
(C) तनों और जड़ों की वृद्धि वाले भाग में
(D) तनों और जड़ों के पार्श्व भाग पर
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (C) शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह जड़ों (Roots) और तनों (Stems) के बढ़ते हुए सिरों (Tips) पर पाया जाता है। कार्य: यह पौधों की प्राथमिक वृद्धि (Primary Growth) यानी लंबाई बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है। विशेषता: इसकी कोशिकाएं निरंतर विभाजित होती रहती हैं और इनमें सघन कोशिकाद्रव्य होता है।
3. वायुतक कोशिकाएं (Aerenchyma cells) ________ में पाई जाती हैं।
(A) मटर
(B) जलकुंभी
(C) नीम
(D) नागफनी
RRB Group-D | 24/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) एरेनकाइमा (Aerenchyma): यह पैरेनकाइमा (मृदूतक) का एक रूपांतरित रूप है। इसमें कोशिकाओं के बीच हवा की बड़ी गुहिकाएं (Air cavities) होती हैं। कार्य: यह जलीय पौधों (Hydrophytes) को पानी की सतह पर तैरने के लिए उत्प्लावकता (Buoyancy) प्रदान करता है। उदाहरण: जलकुंभी (Water Hyacinth), कमल।
4. मृदूतक (Parenchyma tissue) पौधों में सामान्यतः पाया जाने वाला सरल स्थाई ऊतक है। कुछ पौधों में इसे हरित ऊत्तक (Chlorenchyma) और वायूतक (Aerenchyma) क्यों कहा जाता है?
(A) हरित ऊतक - इसमें वायु अवकाश होते हैं; वायूतक - यह यांत्रिक सहायता प्रदान करता है
(B) हरित ऊतक - इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है; वायूतक - इनमें वायु अवकाश होते हैं, और ये तैरने में सहायता करते हैं
(C) हरित ऊतक - यह पौधे को सहारा देता है; वायूतक - इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है
(D) हरित ऊतक - इनमें वायु अवकाश होते हैं; वायूतक - इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है
RRB Group D | 14/09/2022 | Evening
Ans: (B) हरित ऊतक (Chlorenchyma): जब मृदूतक (Parenchyma) में क्लोरोफिल पाया जाता है और वह प्रकाश संश्लेषण करता है, तो उसे क्लोरेनकाइमा कहते हैं। वायूतक (Aerenchyma): जलीय पौधों में जब मृदूतक कोशिकाओं के बीच वायु कोष्ठक बन जाते हैं जो तैरने में मदद करते हैं, तो उसे एरेनकाइमा कहते हैं। नोट: ये दोनों पैरेनकाइमा के ही प्रकार हैं।
5. विभाज्योतक ऊतक कोशिकाओं में ________ की कमी होती है।
(A) कोशिका द्रव्य
(B) केन्द्रक
(C) कोशिका भित्ति
(D) रसधानी (vacuoles)
RRB Group D | 11/10/2022 | Evening
Ans: (D) विभाज्योतक (Meristematic) कोशिकाएं: ये बहुत सक्रिय होती हैं और लगातार विभाजित होती हैं। विशेषता: इनमें सघन कोशिकाद्रव्य (Dense cytoplasm), स्पष्ट केंद्रक और पतली कोशिका भित्ति होती है। अनुपस्थिति: इनमें रसधानी (Vacuole) नहीं पाई जाती, क्योंकि रसधानी का मुख्य कार्य भोजन/अपशिष्ट का भंडारण करना है और इन नई कोशिकाओं को भंडारण की आवश्यकता नहीं होती।
6. निम्न में से क्या, जाइलम वाहिकाओं को जलरोधी बनाता है?
(A) सेलुलोज
(B) क्यूटिन
(C) सुबेरिन
(D) लिग्निन
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-III
Ans: (D) लिग्निन (Lignin): यह एक जटिल रासायनिक पदार्थ (पॉलीमर) है जो कोशिकाओं की दीवारों को सीमेंट की तरह कठोर बनाता है। कार्य: यह जाइलम वाहिकाओं को जलरोधी (Waterproof) और यांत्रिक रूप से मजबूत बनाता है ताकि वे पानी के खिंचाव (Tension) को सह सकें। सुबेरिन: यह कॉर्क कोशिकाओं में पाया जाता है (हवा/पानी के लिए अपारगम्य)।
7. निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति जटिल पादपों का एक विशिष्ट गुण है, जिसने स्थलीय वातावरण में उनके अस्तित्व को संभव बनाया हैं?
(A) दृढ़ोतक ऊतक
(B) विभाज्योतकीय ऊतक
(C) संवहनी ऊतक
(D) मृदूतक ऊतक
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) संवहनी ऊतक (Vascular Tissues): जाइलम और फ्लोएम को संवहनी ऊतक कहा जाता है। महत्व: इन्हीं ऊतकों के विकास ने पौधों को स्थलीय वातावरण (Terrestrial Environment) में जीवित रहने में सक्षम बनाया, क्योंकि ये जड़ से ऊंचे तनों तक पानी और भोजन पहुंचा सकते हैं। ब्रायोफाइटा जैसे पौधों में संवहनी ऊतक नहीं होते, इसलिए वे ज्यादा ऊंचे नहीं हो पाते।
8. निम्नलिखित में से कौन सा कथन फ्लोएम के संबंध में सही है-
(A) फ्लोएम की सभी कोशिकाओं में छिद्रित दीवारें होती है।
(B) फ्लोएम में चलनी नलिकाएं मृत कोशिकाओं से बनी होती है।
(C) फ्लोएम का परिवहन एकदिशीय होता है।
(D) फ्लोएम प्रकाश संश्लेषक उत्पादों को पत्तियों से पौधों के अन्य भागों तक ले जाता है।
Ans: (D) फ्लोएम (Phloem): यह एक संवहनी ऊतक है जो पत्तियों में बने भोजन (मुख्य रूप से सुक्रोज) को पौधे के अन्य भागों (जड़, फल, तना) तक पहुँचाता है। स्थानांतरण: फ्लोएम में भोजन का परिवहन द्विदिशीय (Bidirectional) होता है (ऊपर और नीचे दोनों तरफ)। घटक: चालनी नलिका (Sieve tubes), साथी कोशिकाएं (Companion cells), फ्लोएम पैरेनकाइमा और फ्लोएम रेशे।
9. नारियल के छिलके में मौजूद कौन सा ऊतक उसे कठोर और दृढ़ बना के बनाता है?
(A) पैरेनकाइमा
(B) स्कलेरेनकाइमा
(C) रक्षी कोशिकाएं
(D) कोलेनकाइमा
RRB Group-D | 23/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) दृढ़ोतक (Sclerenchyma): नारियल का रेशेदार छिलका इसी ऊतक का बना होता है। विशेषता: इसकी कोशिकाएं मृत (Dead), लंबी और संकीर्ण होती हैं। कठोरता: इनकी दीवारों पर लिग्निन (Lignin) का इतना अधिक जमाव होता है कि ये सीमेंट की तरह कठोर हो जाती हैं और पौधे को सुरक्षा प्रदान करती हैं।
10. जाइलम के कौन से तत्व मृत कोशिकाओं से बने होते हैं, और फिर भी पौधों में जल और खनिजों के परिवहन के लिए उत्तरदायी होते हैं?
(A) वाहिनिका और जाइलम मृदूतक
(B) वाहिका और जाइलम मृदूतक
(C) वाहिनिका और वाहिका
(D) वाहिनिका और जाइलम तंतु
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) जाइलम: इसके 4 तत्वों में से 3 मृत होते हैं— वाहिनिका (Tracheids), वाहिका (Vessels) और जाइलम तंतु। केवल जाइलम मृदूतक जीवित होता है। परिवहन: वाहिनिका और वाहिकाएं मृत होने और खोखली नली जैसी संरचना होने के कारण जल और खनिजों का ऊर्ध्वाधर (Vertical) परिवहन बहुत कुशलता से करती हैं।
11. पादप ऊतकों के संबंध में इनमें से कौन सा कथन गलत है?
(A) जाइलम, जल और खनिजों का परिवहन करता है।
(B) जाइलम और फ्लोएम, जटिल ऊतक हैं।
(C) फ्लोएम, भोजन को पत्तियों से पौधे के अन्य भागों तक पहुंचाता है।
(D) जाइलम में सामग्री दोनों दिशाओं में स्थानांतरित हो सकती है।
RRB NTPC Stage Ist | 31/01/2021 | Shift-II
Ans: (D) विकल्प (D) गलत है: क्योंकि जाइलम में जल और खनिजों का परिवहन केवल एकदिशीय (Unidirectional) होता है (जड़ों से पत्तियों की ओर)। फ्लोएम: इसमें भोजन का परिवहन द्विदिशीय (Bidirectional) होता है। जाइलम: यांत्रिक सहारा भी प्रदान करता है क्योंकि इसकी कोशिकाएं अक्सर लिग्निन युक्त और मृत होती हैं।
12. ________ की कोशिकाएँ कोनों पर अनियमित रूप से मोटी होती हैं।
(A) स्थूलकोण ऊतक (कॉलेनकाइमा)
(B) मृदु ऊतक (पैरेनकाइमा)
(C) दृढ़ ऊतक (स्लेरेंकाइमा)
(D) वायूतक (एरेनकाइमा)
RRB Group-D | 07/12/2018 | Shift-III
Ans: (A) स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह पौधों को लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक सहारा प्रदान करता है (जैसे तेज हवा में पत्तों का बिना टूटे मुड़ना)। संरचना: इसकी कोशिकाएं जीवित होती हैं और इनके कोनों पर सेलुलोज और पेक्टिन (Pectin) का अनियमित जमाव होता है, जिससे ये कोनों पर मोटी हो जाती हैं।
13. पौधों के तनों में छल्लों के रूप में पायी जाने वाली आकृति, जो उनकी वृद्धि में सहायक होती है, में निम्न में से कौन से ऊतक पाये जाते हैं?
(A) लैटरल मेरिस्मेटिक ऊतक
(B) केंबियम
(C) एपिकल मेरिस्मेटिक ऊतक
(D) वर्टिकल मेरिस्मेटिक ऊतक
RRB Group-D | 23/10/2018 | Shift-II
Ans: (A) पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem): इसे केंबियम (Cambium) भी कहा जाता है। कार्य: यह तने और जड़ की मोटाई या घेरे (Girth) में वृद्धि के लिए जिम्मेदार है। इसे द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) कहते हैं। यह छाल (Bark) के नीचे वलय (Rings) के रूप में पाया जाता है।
5. Periodic Classification of Elements
1. प्रथम आयनन एन्थैल्पी अनेक तत्वों में किस कुल में स्थानीय न्यूनतम और किस कुल में स्थानीय उच्चतम दर्शाती है?
(A) पी-ब्लॉक पर न्यूनतम मान, डी-ब्लॉक पर अधिकतम मान
(B) उत्कृष्ट गैसों पर न्यूनतम मान, क्षार धातुओं पर अधिकतम मान
(C) हैलोजन पर न्यूनतम, क्षारीय पृथ्वी धातुओं पर अधिकतम
(D) क्षार धातुओं पर न्यूनतम मान, उत्कृष्ट गैसों पर अधिकतम मान
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) क्षारीय धातुओं (Alkali metals, Group 1) के लिए न्यूनतम होती है क्योंकि एक इलेक्ट्रॉन त्यागकर वे स्थायी अष्टक प्राप्त करते हैं। इसके विपरीत, उत्कृष्ट गैसों (Noble gases, Group 18) के लिए यह अधिकतम होती है क्योंकि उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ($ns^2 np^6$) पहले से ही पूर्णतः भरा और स्थायी होता है, जिससे इलेक्ट्रॉन निकालना अत्यंत कठिन होता है।
5. Plant Tissue
1. मिट्टी से जड़ के जाइलम में पानी के प्रारंभिक प्रवाह का सीधा कारण क्या है?
(A) वाष्पोत्सर्जन द्वारा तापमान का नियमन
(B) रंध्र रक्षक कोशिकाओं (Guard cells) में परासरण
(C) जड़ कोशिकाओं द्वारा आयनों का सक्रिय अवशोषण
(D) पत्तियों से वाष्पोत्सर्जन खिंचाव
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) प्रक्रिया: जड़ों की कोशिकाएं मिट्टी के संपर्क में होती हैं और वे सक्रिय रूप से आयनों (Ions) को अवशोषित करती हैं। परिणाम: इससे जड़ और मिट्टी के बीच सांद्रता (Concentration) में अंतर पैदा हो जाता है। जल की गति: इस अंतर को समाप्त करने के लिए जल परासरण (Osmosis) द्वारा मिट्टी से जड़ के जाइलम में प्रवेश करता है। यह पानी के प्रवेश का "प्रारंभिक" कारण है।
5. Periodic Classification of Elements
1. एक आवर्त में परमाणु त्रिज्या, आयनीकरण एन्थेल्पी और विद्युतऋणात्मकता के बीच कौन-सा संबंध सही रूप से दर्शाया गया है?
(A) छोटी त्रिज्या का संबंध उच्च आयनीकरण एन्थैल्पी और उच्च विद्युतऋणात्मकता से होता है।
(B) रुझान एक दूसरे से स्वतंत्र हैं।
(C) बड़ी त्रिज्या का संबंध उच्च आयनीकरण एन्थैल्पी और उच्च विद्युतऋणात्मकता से होता है।
(D) बड़ी त्रिज्या का संबंध उच्च विद्युतऋणात्मकता से होता है, लेकिन आयनीकरण एन्थैल्पी कम होती है।
MP Police constable 2025 | 14-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जिसके परिणामस्वरूप परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) घटती है। त्रिज्या छोटी होने से बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण बल बढ़ जाता है, जिससे आयनन एन्थैल्पी और विद्युतऋणात्मकता (Electronegativity) दोनों में वृद्धि होती है। अतः छोटी त्रिज्या उच्च आयनन एन्थैल्पी से संबंधित है।
2. Co/Ni के बारे में कौन-सा अवलोकन मेंडलीव की रासायनिक समानता को परमाणु द्रव्यमान क्रम से अधिक महत्व देने की प्राथमिकता को दर्शाता है?
(A) दोनों का द्रव्यमान समान है, इसलिए इन्हें आपस में बदला जा सकता है।
(B) दोनों उत्कृष्ट गैसें हैं जिन्हें बिल्कुल दाहिनी ओर रखा गया है।
(C) निकेल का परमाणु द्रव्यमान कोबाल्ट से कम होता है, फिर भी समूह समानता बनाए रखने के लिए इसे कोबाल्ट के बाद रखा जाता है।
(D) कोबाल्ट का परमाणु द्रव्यमान निकल से कम होता है, फिर भी द्रव्यमान क्रम को बनाए रखने के लिए इसे निकल के बाद रखा जाता है।
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) मेंडलीव की आवर्त सारणी में कोबाल्ट ($Co$, परमाणु भार 58.9) को निकल ($Ni$, परमाणु भार 58.7) से पहले रखा गया था। यद्यपि मेंडलीव का नियम परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम पर आधारित था, लेकिन उन्होंने रासायनिक गुणों की समानता को प्राथमिकता दी ताकि कोबाल्ट को रोडियम ($Rh$) के साथ और निकल को पैलेडियम ($Pd$) के साथ सही समूह में रखा जा सके।
5. Circulatory System
1. यदि विनिमय के बाद केशिकाएं शिराओं में विलीन नहीं होतीं, तो तुरंत क्या समस्या उत्पन्न होगी?
(A) हृदय को ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाएगी
(B) वाल्व कार्य करना बंद कर देंगे
(C) धमनियों में रक्तचाप बढ़ जाएगा
(D) रक्त हृदय में वापस नहीं आएगा
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) परिसंचरण तंत्र में रक्त धमनियों से केशिकाओं में जाता है और फिर केशिकाएं मिलकर शिराएं बनाती हैं जो रक्त को वापस हृदय तक लाती हैं। यदि केशिकाएं शिराओं में नहीं मिलेंगी तो रक्त अंगों में ही फंस जाएगा और हृदय तक वापस नहीं पहुँच पाएगा। शिराओं में रक्त का प्रवाह कम दबाव (Low pressure) पर होता है। शिराओं में वाल्व पाए जाते हैं जो रक्त को केवल एक ही दिशा में यानी हृदय की ओर बहने में मदद करते हैं।
5. Periodic Classification of Elements
1. हाइड्रोजन के व्यवहार के बारे में कौन-सा कथन यह समझाने में मदद करता है कि मेंडलीव की सारणी में इसकी स्थिति क्यों समस्या उत्पन्न करती है?
(A) हाइड्रोजन में संक्रमण तत्वों की तरह d-इलेक्ट्रॉन होते हैं।
(B) हाइड्रोजन उत्कृष्ट गैसों की तरह निष्क्रिय होती है।
(C) हाइड्रोजन हैलोजनों की तरह सहसंयोजक यौगिक बनाती है और द्विपरमाणु प्रकृति साझा करती है।
(D) हाइड्रोजन केवल क्षारीय धातुओं की तरह आयनिक यौगिक बनाती है।
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) हाइड्रोजन की स्थिति मेंडलीव की सारणी में विवादास्पद थी क्योंकि यह दोहरा व्यवहार दर्शाता है। यह क्षार धातुओं (Group 1) की तरह $H^+$ आयन बनाता है और हैलोजन (Group 17) की तरह अधातुओं के साथ सहसंयोजक यौगिक बनाता है तथा द्विपरमाणुक अणु ($H_2$) के रूप में पाया जाता है। इस कारण इसे निश्चित समूह देना कठिन था।
2. Na और F के लिए आयनिक त्रिज्या बनाम परमाणु त्रिज्या के बारे में कौन-सा कथन सही है?
(A) Na और F दोनों अपने परमाणुओं से छोटे हैं।
(B) Na और F दोनों अपने परमाणुओं से बड़े हैं।
(C) Na , Na से छोटा है जबकि F F से बड़ा है।
(D) Na, Na से बड़ा है जबकि F. F से छोटा है।
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) धनायन ($Na^+$) का आकार हमेशा उसके मूल परमाणु ($Na$) से छोटा होता है क्योंकि इलेक्ट्रॉन निकलने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है। इसके विपरीत, ऋणायन ($F^-$) का आकार उसके मूल परमाणु ($F$) से बड़ा होता है क्योंकि अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन जुड़ने से इलेक्ट्रॉनों के बीच प्रतिकर्षण (Repulsion) बढ़ता है और प्रभावी नाभिकीय आवेश कम महसूस होता है।
3. छोटे परमाणुओं वाले अपवादों को ध्यान में रखते हुए, P, S, Cl, F में से किसके लिए इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (AegH) सबसे ऋणात्मक है?
(A) Cl
(B) P
(C) S
(D) F
MP Police constable 2025 | 03-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) यद्यपि फ्लोरीन ($F$) की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक है, लेकिन इसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन ($Cl$) से कम ऋणात्मक होती है। इसका कारण फ्लोरीन का अत्यंत छोटा आकार है, जिससे $2p$ उपकोश में पहले से मौजूद इलेक्ट्रॉनों और आने वाले नए इलेक्ट्रॉन के बीच प्रबल प्रतिकर्षण होता है। इसलिए, $Cl$ की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी समूह में सबसे अधिक ऋणात्मक होती है।
5. Plant Tissue
1. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ फ्लोएम द्वारा परिवहनित नहीं होता है?
(A) हार्मोन (Hormones)
(B) अमीनो अम्ल (Amino acids)
(C) खनिज आयन (Mineral ions)
(D) सुक्रोज (Sucrose)
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) फ्लोएम का कार्य: यह मुख्य रूप से पत्तियों में बने भोजन (सुक्रोज), अमीनो अम्ल और अन्य पदार्थों का परिवहन करता है। यह पादप हार्मोन को भी संचरित करता है। अपवाद: अकार्बनिक खनिज आयनों (Mineral ions) का परिवहन मुख्य रूप से जाइलम द्वारा पानी के साथ किया जाता है। सक्रिय परिवहन: फ्लोएम में लोडिंग के लिए $ATP$ ऊर्जा का उपयोग होता है।
5. Circulatory System
1. निम्नलिखित में से कौन सी घटना मानव हृदय में हृदय के अनुशिथिलन (डायस्टोल) के दौरान घटित होती है?
(A) रक्त महाधमनी में प्रवेश करता है
(B) रक्त फेफड़ों में प्रवेश करता है
(C) रक्त निलय (वेंट्रिकल) से बाहर निकलता है
(D) रक्त निलय में प्रवेश करता है
RRB Group D | 18/08/2022 | Afternoon
Ans: (D) • अनुशिथिलन (Diastole) हृदय के फैलने या आराम करने की अवस्था है, जिसमें हृदय के कक्ष रक्त से भर जाते हैं। • इस दौरान ट्राइकसपिड और बाइकसपिड वाल्व खुल जाते हैं ताकि रक्त अलिंद से निलय में प्रवेश कर सके। • सामान्य रक्तचाप में नीचे वाला अंक (80 mmHg) इसी डायस्टोलिक दबाव को दर्शाता है।
2. निम्नलिखित में से किसमें 'दोहरा परिसंचरण' (Double Circulation) नहीं होता है?
(A) गरुड़ो
(B) सर्पों
(C) मछलियों
(D) मेंढक
RRB Group D | 22/08/2022 | Afternoon
Ans: (C) मछलियों के हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं और इनमें रक्त का एकल परिसंचरण (Single circulation) पाया जाता है। इनके हृदय में केवल ऑक्सीजन रहित रक्त ही आता है जिसे गिल्स (Gills) की ओर पंप कर दिया जाता है। मेंढक और सांप जैसे उभयचरों और सरीसृपों में तीन कक्षीय हृदय होता है जहाँ रक्त का आंशिक दोहरा परिसंचरण होता है। स्तनधारियों और पक्षियों में पूर्ण दोहरा परिसंचरण पाया जाता है क्योंकि उनका हृदय चार कक्षों में विभाजित होता है।
3. मनुष्यों के परिसंचरण तंत्र की कुछ विशेषताओं का उल्लेख नीचे किया गया है। गलत विकल्प का चयन करें।
(A) लसीका को ऊतक द्रव भी कहा जाता है
(B) प्लेटलेट्स रक्त के थक्के जमाने मे सहायक होते हैं
(C) केशिकाएँ संयुक्त होकर शिराओ का निर्माण करते है।
(D) उच्च रक्तचाप, शिराओं के संकुचन के कारण होता है
RRB Group D | 22/08/2022 | Evening
Ans: (D)

लसीका को ऊतक द्रव (Tissue fluid) भी कहा जाता है और प्लेटलेट्स रक्त के थक्के (Blood clotting) जमाने में सहायक होते हैं। केशिकाएँ आपस में मिलकर शिरिकाओं (Venules) का निर्माण करती हैं, जो आगे चलकर शिराओं का रूप लेती हैं। उच्च रक्तचाप मुख्यतः धमनियों के संकुचन और रक्त प्रवाह में प्रतिरोध बढ़ने के कारण होता है, न कि शिराओं के कारण।

4. निम्नलिखित में से किस चरण के दौरान धमनी की दीवारों के खिलाफ रक्त द्वारा सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर लगाया जाता है?
(A) निलय संकुचन (Ventricular contraction)
(B) निलय शिथिलता (Ventricular relaxation)
(C) अलिंद संकुचन (Auricular contraction)
(D) अलिंद शिथिलता (Auricular relaxation)
RRB Group D | 24/08/2022 | Morning
Ans: (A) सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर वह अधिकतम दबाव है जो हृदय के निचले कक्षों यानी निलय (Ventricular) के संकुचित होने पर धमनियों की दीवारों पर पड़ता है। एक सामान्य वयस्क मनुष्य के लिए सिस्टोलिक दबाव लगभग 120 mm Hg होता है। जब हृदय के कक्ष ढीले पड़ते हैं तो उसे डायस्टोल कहते हैं और उस समय के दबाव को डायस्टोलिक प्रेशर कहा जाता है। रक्तचाप को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) नामक उपकरण का प्रयोग किया जाता है।
5. अधिकांश कशेरुकी समूहों में, रक्त का दोहरा परिसंचरण होता है। हालांकि, इन समूहों में से एक अपवाद है। नीचे दिए गए विकल्पों में से उस समूह को पहचानिए।
(A) सरीसृप वर्ग
(B) मत्स्य वर्ग
(C) उभयचर वर्ग
(D) पक्षी वर्ग
RRB Group D | 30/08/2022 | Afternoon
Ans: (B) मत्स्य वर्ग (Pisces) के जीवों में दोहरा परिसंचरण नहीं होता क्योंकि उनका हृदय केवल दो कक्षों (एक अलिंद और एक निलय) वाला होता है। सरीसृप और उभयचरों में तीन कक्षीय हृदय के कारण अपूर्ण दोहरा परिसंचरण मिलता है। पक्षी और स्तनधारी वर्ग में हृदय चार कक्षों वाला होता है जिससे ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त अलग रहते हैं। मछलियों के हृदय को "वेनस हार्ट" (Venous Heart) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें हमेशा अशुद्ध रक्त ही बहता है।
6. मानव परिसंचरण तंत्र में, सभी शिराएं रक्त को हृदय की ओर ले जाती हैं। फुफ्फुसीय शिरा और अन्य शिराओं में क्या अंतर है?
(A) फुफ्फुसीय शिरा ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती है
(B) फुफ्फुसीय शिरा में एक छोटी अवकाशिका (lumen) होती है
(C) फुफ्फुसीय शिरा में कोई वाल्व नहीं होता है
(D) फुफ्फुसीय शिरा में रक्त का प्रवाह दाब के साथ होता है
RRB Group D | 05/09/2022 | Afternoon
Ans: (A) सामान्यतः शिराएं शरीर से अशुद्ध रक्त हृदय तक लाती हैं लेकिन फुफ्फुसीय शिरा (Pulmonary Vein) एक अपवाद है जो फेफड़ों से शुद्ध ऑक्सीजन युक्त रक्त को हृदय के बाएं अलिंद में लाती है। अन्य शिराओं में वाल्व होते हैं लेकिन फुफ्फुसीय शिरा में वाल्व की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि इसमें रक्त का प्रवाह फेफड़ों से सीधे हृदय की ओर होता है। फुफ्फुसीय धमनी भी एक अपवाद है क्योंकि वह अशुद्ध रक्त ले जाती है। यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे।
7. मानव जैसे कुछ जीवों के हृदयों में ऑक्सीजन रहित रक्त को ऑक्सीजन युक्त रक्त से अलग क्यों रखा जाता है?
(A) पेशियों की वृद्धि और उसके कामकाज में मदद करने के लिए
(B) शरीर के तापमान को स्थिर बनाए रखने में मदद करने के लिए
(C) फेफड़ों में रक्त के ऑक्सीजनीकरण (oxygenation) को अधिकतम करने के लिए
(D) एक बड़े शरीर वाले जीव को ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए
RRB Group D | 14/09/2022 | Morning
Ans: (B) मनुष्यों जैसे गर्म रक्त वाले (Warm-blooded) जीवों में शुद्ध और अशुद्ध रक्त को अलग रखा जाता है ताकि शरीर का तापमान स्थिर (37°C) बनाए रखने के लिए ऊर्जा का उत्पादन कुशलता से हो सके। यह पृथक्करण शरीर की उच्च ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए ऑक्सीजन की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करता है। ठंडे रक्त वाले जीव जैसे सांप या मेंढक अपने शरीर का तापमान वातावरण के अनुसार बदलते रहते हैं इसलिए उन्हें कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है। चार कक्षीय हृदय इस पृथक्करण का मुख्य आधार है।
8. निम्न में से कौन सा रक्त प्लाज्मा के समरूप होता है, लेकिन यह रंगहीन होता है, और इसमें कम प्रोटीन होता है?
(A) श्वेत रक्त कणिकाएं (WBC)
(B) लसीका
(C) लाल रक्त कणिकाएं (RBC)
(D) प्लेटलेट्स
RRB Group D | 16/09/2022 | Morning
Ans: (B) • लसीका पचित वसा का आंतों से अवशोषण कर उसे रक्त तक पहुँचाती है। • इसमें श्वेत रक्त कणिकाएं (विशेषकर लिंफोसाइट्स) प्रचुर मात्रा में होती हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं। • यह केवल एक ही दिशा में बहता है (ऊतकों से हृदय की ओर) और रक्त की तुलना में इसमें कम प्रोटीन होता है।
9. उच्च रक्तचाप (High blood pressure) को अतिरक्तदाब (Hypertension) भी कहा जाता है, जो ___ के कारण होता है।
(A) मांसपेशियों के संकुचन
(B) शिराओं के शिथिलन
(C) धमनिकाओं के संकुचन
(D) धमनिकाओं के शिथिलन
RRB Group D | 18/09/2022 | Morning
Ans: (C) • अतिरक्तदाब (Hypertension) तब होता है जब छोटी धमनिकाएं (Arterioles) संकुचित हो जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह में प्रतिरोध बढ़ जाता है। • इसके कारण हृदय को रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। • लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से धमनियां फट सकती हैं या आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है।
10. रक्तचाप बल है ___ ।
(A) वेंट्रिकुलर डायस्टोल के दौरान धमनी के अंदर
(B) वेंट्रिकुलर सिस्टोल के दौरान धमनी के अंदर
(C) नसों के अंदर
(D) वह रक्त किसी वाहिका की दीवार पर प्रभाव डालता है
RRB NTPC CBT-1 | 08/03/2021 | Morning
Ans: (D) रक्तचाप वह भौतिक बल है जो बहता हुआ रक्त वाहिकाओं (विशेषकर धमनियों) की दीवारों पर डालता है। इसे दो मानों में व्यक्त किया जाता है जिसे सिस्टोलिक और डायस्टोलिक प्रेशर कहते हैं। रक्तचाप का सामान्य मान 120/80 mm Hg होता है। उच्च रक्तचाप की स्थिति को हाइपरटेंशन (Hypertension) कहा जाता है जो हृदय और धमनियों को नुकसान पहुँचा सकता है। धमनी की मोटाई और संकुचन रक्तचाप के स्तर को प्रभावित करते हैं।
11. रक्तचाप/रक्तदाब के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
(A) शिराओं में दाब, धमनियों की तुलना में बहुत अधिक होता है
(B) निलयी संकुचन के दौरान दाब को प्रकुंचन दाब (Systolic pressure) कहा जाता है
(C) सामान्य प्रकुंचन दाब लगभग 120 mm Hg होता है
(D) इस दाब को स्फिग्मोमैनोमीटर का उपयोग करके मापा जाता है
RRB Group D | 28/09/2022 | Evening
Ans: (A) रक्तदाब के संबंध में यह कथन गलत है कि शिराओं में दाब धमनियों से अधिक होता है जबकि वास्तविकता में धमनियों में दाब बहुत अधिक होता है। हृदय जब रक्त को पंप करता है तो धमनियों में दबाव अपने चरम पर होता है जिसे सिस्टोलिक प्रेशर कहते हैं। शिराओं में रक्त का दबाव काफी कम होता है इसलिए रक्त के वापस लौटने को रोकने के लिए उनमें वाल्व होते हैं। निम्न रक्तचाप को हाइपोटेंशन (Hypotension) के नाम से जाना जाता है।
12. निम्नलिखित में से कौन सी मानव कोशिका अपने आकार को बदलने की क्षमता रखती है?
(A) यकृत कोशिकाएं
(B) RBC
(C) WBC
(D) मस्तिष्क कोशिका
RRB Group D | 17/08/2022 | Evening
Ans: (C) श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBCs) जिन्हें ल्युकोसाइट्स भी कहते हैं अपना आकार बदलने में सक्षम होती हैं ताकि वे रक्त वाहिकाओं की दीवारों से बाहर निकलकर संक्रमण वाली जगह तक पहुँच सकें। इस प्रक्रिया को डायपेडेसिस (Diapedesis) कहा जाता है। WBCs का कोई निश्चित आकार नहीं होता और वे अमीबा की तरह व्यवहार करती हैं। इनका मुख्य कार्य शरीर की रोगों से रक्षा करना है। इनका जीवनकाल आमतौर पर 12 से 20 दिनों का होता है।
13. वह विकल्प चुनें जो संवहनी तंत्र के संदर्भ में सत्य नहीं है।
(A) लाल रक्त संवहनी संयोजी ऊतक है
(B) मानव आरबीसी (RBCs) का जीवन काल 115-120 दिन है
(C) एक वयस्क व्यक्ति में लगभग 6.8 लीटर रक्त होता है
(D) यह शरीर के वजन के लगभग 1.7-1.8% होता है
RRB Group D | 03/10/2018 | Evening
Ans: (D) रक्त के संबंध में यह कथन गलत है कि यह शरीर के वजन का केवल 1.7 प्रतिशत होता है क्योंकि वास्तव में रक्त शरीर के कुल वजन का लगभग 7 से 8 प्रतिशत हिस्सा बनाता है। रक्त एक तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है जिसका pH मान हल्का क्षारीय यानी 7.4 होता है। लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) का औसत जीवनकाल 120 दिन होता है जिसके बाद वे प्लीहा (Spleen) में नष्ट हो जाती हैं। एक स्वस्थ वयस्क मनुष्य में औसतन 5 से 6 लीटर रक्त पाया जाता है।
5. General properties of matter, fluid mechanics
1. $U=\\frac{1}{2}K\Delta x^{2}$ यहाँ K पदार्थ का नियतांक है और विकृति का माप है। जब आप एक कॉइल स्प्रिंग को कॉम्प्रेस करते हैं, तो आप उस पर काम करते है। प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा है।
(A) शून्य
(B) अपरिवर्तित
(C) बढ़ती
(D) घटती
RRB Group-D | 04-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) जब किसी स्प्रिंग को दबाया या खींचा जाता है, तो उस पर किया गया बाहरी कार्य उसकी प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy) के रूप में संचित हो जाता है। ऊर्जा का यह मान स्प्रिंग नियतांक (K) और विस्थापन के वर्ग के गुणनफल के आधे ($1/2 Kx^2$) के बराबर होता है। जैसे-जैसे संपीड़न बढ़ता है, संचित ऊर्जा का मान भी बढ़ता जाता है।
2. C.G.S. प्रणाली में विकृति की इकाई है-
(A) सेमी./किग्रा.
(B) मी./किग्रा.
(C) कोई इकाई नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08
Ans: (C) विकृति (Strain) किसी वस्तु की लंबाई, आयतन या आकार में होने वाले भिन्नात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। चूँकि यह दो समान भौतिक राशियों (जैसे लंबाई में परिवर्तन / प्रारंभिक लंबाई) का अनुपात है, इसलिए इसकी कोई इकाई या विमा (Dimension) नहीं होती। C.G.S. हो या S.I. प्रणाली, विकृति हमेशा एक इकाईहीन राशि रहती है।
3. एक आदर्श तरल पदार्थ
(A) बहुत श्यान पूर्ण है।
(B) न्यूटन के श्यान नियम के अनुसार होता है।
(C) वड्यूट प्रवाह में माना जाता है।
(D) घर्षणरहित और असंपीड्य होता है।
RRB SSE | 21.12.2014 | NA
Ans: (D) एक आदर्श तरल (Ideal Fluid) वह काल्पनिक द्रव है जिसकी श्यानता (Viscosity) शून्य होती है, अर्थात इसकी परतों के बीच कोई घर्षण नहीं होता। यह पूरी तरह से असंपीड्य (Incompressible) होता है, जिसका अर्थ है कि दबाव डालने पर इसके घनत्व में कोई बदलाव नहीं आता। वास्तविक दुनिया में कोई भी तरल पूरी तरह आदर्श नहीं होता, लेकिन पानी को कई गणनाओं में ऐसा माना जाता है।
4. यदि एक बाँध में जल की गहराई 'h' है तथा 'A' जल का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल तथा 't' बाँध की मोटाई है। तब बाँध की दीवार पर लगने वाला दाब किस प्रकार निर्भर होगा?
(A) A, h तथा t
(B) A एवं h
(C) h एवं t
(D) इनमें से कोई नहीं
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08
Ans: (D) द्रव के अंदर किसी भी बिंदु पर लगने वाला हाइड्रोस्टैटिक दाब केवल द्रव के स्तंभ की ऊंचाई (h), द्रव के घनत्व ($ ho$) और गुरुत्वीय त्वरण (g) पर निर्भर करता है ($P = h ho g$)। यह कंटेनर के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल या दीवार की मोटाई पर निर्भर नहीं करता। अतः बाँध की मोटाई या क्षेत्रफल बदलने से दीवार के निचले हिस्से पर पड़ने वाले दबाव के सूत्र में कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
5. बरनौली का प्रमेय, .......... के संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।
(A) संवेग
(B) बल
(C) द्रव्यमान
(D) ऊर्जा
RRB-JE | 30.08.2019 | Shift-I
Ans: (D) बरनौली का प्रमेय ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत (Law of Conservation of Energy) का ही एक रूप है जो तरल यांत्रिकी पर लागू होता है। इसके अनुसार, एक धारारेखीय प्रवाह में किसी तरल की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा + गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा) हमेशा नियत रहती है। यदि तरल का वेग बढ़ता है, तो वहां का दाब अपने आप कम हो जाता है ताकि ऊर्जा का संतुलन बना रहे।
6. निम्नलिखित में से कौन सा कारक किसी दिए गए द्रव में वस्तु पर कार्यरत उत्प्लावन बल के परिमाण पर निर्भर करता है?
(A) तरल पदार्थ का घनत्व और इसमें डूबी हुई वस्तु का द्रव्यमान
(B) इसमें डूबी हुई वस्तु का वजन
(C) तरल पदार्थ का घनत्व और इसमें डूबी हुई वस्तु का आयतन
(D) इसमें डूबी हुई वस्तु का आकार
RRB Group-D | 16-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) उत्प्लावन बल (Buoyant Force) का परिमाण विस्थापित तरल के भार पर निर्भर करता है। आर्किमिडीज के अनुसार, यह बल सीधे तौर पर तरल के घनत्व और वस्तु द्वारा घेरे गए (डूबे हुए) आयतन के समानुपाती होता है। वस्तु का कुल द्रव्यमान चाहे जो भी हो, यदि उसका डूबा हुआ आयतन समान है, तो उत्प्लावन बल भी समान रहेगा।
7. निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
(A) यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से कम हो, तो वस्तु डूब जाती है।
(B) यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से अधिक हो, तो वस्तु तैरती है।
(C) यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार से कम हो तो वस्तु तैरती है।
(D) यदि उत्प्लावक बल वस्तु के भार के बराबर हो, तो वस्तु तरल के अंदर तैरती है।
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-II
Ans: (C) तैरने के सिद्धांत के अनुसार, कोई वस्तु तभी डूबती है जब उसका भार उस पर लगने वाले अधिकतम उत्प्लावन बल से अधिक हो। विकल्प C गलत है क्योंकि यदि उत्प्लावक बल भार से कम है, तो गुरुत्वाकर्षण बल प्रभावी होगा और वस्तु नीचे बैठ जाएगी। तैरने के लिए उत्प्लावक बल का भार के बराबर या उससे अधिक होना अनिवार्य है।
8. किसी वस्तु को तरल पदार्थ पर रखें जाने से उत्पन्न ऊर्ध्वगामी दबाव को क्या कहते हैं?
(A) बॉयन्ट फोर्स
(B) फ्रिक्शनल फोर्स
(C) अप्लाइड फोर्स
(D) ग्रेविटेशनल फोर्स
RRB NTPC | 18.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) बॉयन्ट फोर्स (Buoyant Force) वह ऊर्ध्वगामी बल है जो किसी तरल द्वारा उसमें डूबी वस्तु पर लगाया जाता है। यह बल वस्तु के निचले और ऊपरी हिस्से के बीच दबाव के अंतर के कारण उत्पन्न होता है। यह बल हमेशा ऊपर की दिशा में कार्य करता है और वस्तु के आभासी भार को कम कर देता है।
9. एक डूबे हुए पिंड पर पानी द्वारा लगाए जाने वाले उत्प्लावन बल का दूसरा नाम क्या है?
(A) यांत्रिक बल
(B) उत्क्षेप
(C) घर्षण बल
(D) दाब
RRB JE | 27.06.2019 | Shift-I
Ans: (B) उत्क्षेप (Upthrust) उत्प्लावन बल का ही दूसरा तकनीकी नाम है, जो तरल में डूबे पिंडों पर ऊपर की ओर कार्य करता है। जब भी कोई वस्तु पानी में जाती है, तो पानी उसे ऊपर ढकेलने का प्रयास करता है। इस बल की गणना विस्थापित पानी के आयतन और उसके घनत्व के आधार पर की जाती है।
10. यदि कोई वस्तु डूबती है तो वस्तु पर तरल द्वारा प्रयुक्त उत्क्षेप.. ..होगा।
(A) वस्तु के भार से अधिक
(B) वस्तु के भार के बराबर
(C) वस्तु के भार से कम
(D) शून्य
RRB Group-D | 09-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) किसी वस्तु के डूबने की प्राथमिक शर्त यह है कि तरल द्वारा लगाया गया ऊपर की ओर का बल (उत्क्षेप) वस्तु के वजन से कम होना चाहिए। जब वस्तु का घनत्व तरल के घनत्व से अधिक होता है, तो उसका भार उत्प्लावन बल से ज्यादा हो जाता है। परिणामी बल नीचे की ओर होने के कारण वस्तु गहराई में चली जाती है।
11. किसी द्रव तल के लम्बवत कार्य करने वाला बल क्या कहलाता है?
(A) उत्क्षेप
(B) बलाघूर्ण
(C) दाब
(D) खिंचाव
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) तरल की सतह के लम्बवत (Perpendicular) कार्य करने वाले बल को उत्क्षेप या थ्रस्ट कहा जाता है। यह बल तरल के दबाव के कारण उत्पन्न होता है जो वस्तु की सतह पर हर बिंदु पर लम्बवत दिशा में लगता है। यही बल आर्किमिडीज के सिद्धांतों का आधार बनता है और वस्तुओं के तैरने में मदद करता है।
12. यदि कोई वस्तु तैरती है तो वस्तु पर जल द्वारा लगाया जाने वाला उत्क्षेप बल ......... होगा।
(A) वस्तु के भार से कम
(B) शून्य
(C) वस्तु के भार के बराबर
(D) वस्तु के भार से अधिक
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-1
Ans: (C) तैरने की स्थिति में वस्तु संतुलन में होती है, जिसका अर्थ है कि ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल (उत्क्षेप) नीचे की ओर लगने वाले वस्तु के भार के ठीक बराबर होता है। इस स्थिति में वस्तु का परिणामी भार शून्य प्रतीत होता है। यदि बल बराबर नहीं होंगे, तो वस्तु या तो डूब जाएगी या तेजी से ऊपर की ओर आएगी।
13. उत्प्लावन बल का परिमाण तरल के ........ पर निर्भर करता है-
(A) द्रव्यमान
(B) घनत्व
(C) तापमान
(D) आयतन
RRB Group-D | 03-10-2018 | Shift-I
Ans: (B) उत्प्लावन बल का परिमाण सीधे तौर पर तरल के घनत्व ($ ho$) पर निर्भर करता है। यही कारण है कि पारे जैसे उच्च घनत्व वाले तरल में लोहे का गोला भी तैर सकता है, जबकि पानी में वह डूब जाता है। घनत्व जितना अधिक होगा, प्रति इकाई आयतन विस्थापित तरल का भार उतना ही अधिक होगा, जिससे अधिक उत्प्लावन बल मिलेगा।
14. उत्प्लावन बल का ........... द्रव के घनत्व और आयतन पर निर्भर करता है।
(A) दिशा
(B) परिमाण
(C) शक्ति
(D) ऊर्जा
RRB JE | 31.05.2019 | Shift-III
Ans: (B) किसी भी तरल में उत्प्लावन बल का परिमाण दो प्रमुख कारकों पर निर्भर करता है: तरल का घनत्व और वस्तु का डूबा हुआ आयतन। सूत्र $F = V ho g$ के अनुसार, आयतन बढ़ने या घनत्व बढ़ने पर बल का परिमाण बढ़ता है। यह बल वस्तु की दिशा और उसकी गति के विरुद्ध ऊपर की ओर कार्य करता है।
15. जैसे ही एक तरल पदार्थ की मुक्त सतह से गहराई बढ़ती है, तरल द्वारा डाला गया दबाव
(A) शून्य हो जाता है।
(B) कम हो जाता है।
(C) बढ़ जाता है।
(D) अपरिवर्तित रहता है।
RRB Group-D | 12-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) द्रव के अंदर दबाव गहराई के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है। जैसे-जैसे हम सतह से नीचे जाते हैं, ऊपर के जल स्तंभ का भार बढ़ता जाता है, जिससे निचली परतों पर अधिक दबाव पड़ता है। इसे $P = h ho g$ द्वारा समझा जा सकता है, जहाँ $h$ गहराई बढ़ने पर दबाव $P$ को बढ़ा देती है।
16. जैसे ही एक तरल पदार्थ की मुक्त सतह से गहराई कम होती है, तरल द्वारा डाला गया दबाव .........
(A) अपरिवर्तित रहता है।
(B) शून्य हो जाता है।
(C) कम हो जाता है।
(D) बढ़ जाता है।
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) जब कोई वस्तु तरल की सतह की ओर आती है या गहराई कम होती है, तो उसके ऊपर स्थित तरल के स्तंभ की ऊंचाई घट जाती है। ऊंचाई घटने के कारण उस बिंदु पर लगने वाला हाइड्रोस्टैटिक दाब कम हो जाता है। यही कारण है कि गोताखोर जब सतह के पास आते हैं, तो उन्हें शरीर पर कम दबाव महसूस होता है।
17. .......... में वृद्धि के साथ एक ठोस द्वारा डाले गये दबाव में कमी आती है।
(A) वेग
(B) क्षेत्रफल
(C) संवेग
(D) बल
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-I
Ans: (B) दाब और क्षेत्रफल के बीच व्युत्क्रमानुपाती (Inverse) संबंध होता है ($P = F/A$)। यदि बल स्थिर है और हम संपर्क क्षेत्रफल (Area) को बढ़ाते हैं, तो दबाव अपने आप कम हो जाता है। उदाहरण के लिए, भारी ट्रकों के टायर चौड़े रखे जाते हैं ताकि सड़क पर पड़ने वाला दबाव कम हो सके और वे जमीन में न धंसें।
18. पानी का घनत्व क्या है?
(A) 1000 किलो/घन मीटर
(B) 10 किलो/घन मीटर
(C) 1 किलो/घन मीटर
(D) 100 किलो/घन मीटर
RRB NTPC | 18.04.2016 | Shift-II
Ans: (A) पानी का मानक घनत्व $4^circ C$ पर $1000 , kg/m^3$ होता है। इस तापमान पर पानी के अणु सबसे करीब होते हैं, जिससे इसका घनत्व अधिकतम होता है। वैज्ञानिक गणनाओं और सापेक्ष घनत्व (Relative Density) निकालने के लिए हमेशा इसी मानक मान का उपयोग आधार के रूप में किया जाता है।
19. शुद्ध पानी का घनत्व, लवणयुक्त पानी के घनत्व ........... होता है।
(A) से कम
(B) के बराबर
(C) से अधिक
(D) की तुलना में नगण्य
RRB ALP(Stage-II) | 08/01/2019 | NA
Ans: (A) लवणयुक्त या खारे पानी में घुले हुए नमक के कारण उसका द्रव्यमान बढ़ जाता है, जबकि आयतन में बहुत कम परिवर्तन होता है। इस कारण खारे पानी का घनत्व शुद्ध पानी की तुलना में अधिक होता है। यही वजह है कि समुद्र के पानी में तैरना नदी या तालाब के मीठे पानी में तैरने की तुलना में अधिक आसान होता है।
20. निम्नलिखित कारणों में से किसके कारण, बादल आकाश में तैरते हैं?
(A) निम्न तापमान
(B) निम्न गति
(C) निम्न दाब
(D) निम्न घनत्व
RRB NTPC | 28.04.2016 | Shift-II
Ans: (D) बादल हवा में तैरते हैं क्योंकि वे बहुत बारीक पानी की बूंदों और बर्फ के क्रिस्टल से बने होते हैं जिनका कुल घनत्व आसपास की हवा के मुकाबले कम होता है। इसके अलावा, वायुमंडल में ऊपर की ओर उठने वाली हवा की धाराएं इन सूक्ष्म कणों को नीचे गिरने से रोकती हैं। कम घनत्व और हवा की श्यानता उन्हें आकाश में स्थिर या तैरता हुआ बनाए रखती है।
21. एक पदार्थ के घनत्व को ........... के रूप में परिभाषित किया जाता है।
(A) द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन
(B) द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल
(C) प्रणोद (भ्रस्ट) प्रति इकाई क्षेत्रफल
(D) भार प्रति इकाई आयतन
RRB Group-D | 24-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) पदार्थ का घनत्व उसके द्रव्यमान और उसके द्वारा घेरे गए आयतन का अनुपात होता है ($ ho = m/V$)। यह पदार्थ का एक आंतरिक गुण है जो बताता है कि उसके कण आपस में कितने घने बसे हुए हैं। SI मात्रक में इसे किलोग्राम प्रति घन मीटर ($kg/m^3$) में मापा जाता है।
22. घनत्व निम्नलिखित में से किसका अनुपात है?
(A) द्रव्यमान x आयतन
(B) आयतन / द्रव्यमान
(C) द्रव्यमान / आयतन
(D) द्रव्यमान + आयतन
RRB Group-D | 05-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) घनत्व (Density) की गणना द्रव्यमान को आयतन से विभाजित करके की जाती है। यह अनुपात हमें बताता है कि किसी वस्तु के एक निश्चित आयतन में कितना पदार्थ समाया हुआ है। यदि दो वस्तुओं का आयतन समान है, तो जिस वस्तु का द्रव्यमान अधिक होगा, उसका घनत्व भी अधिक माना जाएगा।
23. निम्न में से किसका घनत्व जल के घनत्व से अधिक होता है?
(A) कॉर्क
(B) बर्फ
(C) लोह की कील
(D) थर्माकोल
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) लोहे की कील का घनत्व पानी के घनत्व ($1000 , kg/m^3$) से लगभग 7.8 गुना अधिक होता है। आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु का घनत्व तरल से अधिक होता है, तो वह डूब जाती है। कॉर्क और बर्फ का घनत्व पानी से कम होने के कारण वे सतह पर तैरते रहते हैं।
24. सापेक्ष घनत्व ........... के बराबर है।
(A) पानी का घनत्व/पदार्थ का घनत्व
(B) पदार्थ के घटकों का घनत्व x पूर्ण पदार्थ का घनत्व
(C) पदार्थ का घनत्व/पानी का घनत्व
(D) पदार्थ का घनत्व/तेल का घनत्व
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) सापेक्ष घनत्व (Relative Density) एक तुलनात्मक मान है जो किसी पदार्थ के घनत्व को पानी के घनत्व से विभाजित करके निकाला जाता है। चूँकि यह दो समान भौतिक राशियों का अनुपात है, इसलिए यह एक शुद्ध संख्या होती है और इसकी कोई इकाई नहीं होती। यह हमें बताता है कि कोई पदार्थ पानी से कितने गुना भारी या हल्का है।
25. किसी पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व क्या है?
(A) पदार्थ का घनत्व x पानी का घनत्व
(B) पानी का घनत्व/पदार्थ का घनत्व
(C) पदार्थ का घनत्व/पानी का घनत्व
(D) पदार्थ का घनत्व + पानी का घनत्व
RRB JE | 26.06.2019 | Shift-IV
Ans: (C) आपेक्षिक या सापेक्ष घनत्व निकालने का मानक तरीका पदार्थ के घनत्व और $4^circ C$ पर पानी के घनत्व का अनुपात लेना है। यदि किसी पदार्थ का आपेक्षिक घनत्व 1 से कम है, तो वह पानी पर तैरेगा, और यदि 1 से अधिक है, तो वह पानी में डूब जाएगा। यह शुद्धता की जाँच करने के लिए एक महत्वपूर्ण पैरामीटर है।
26. कणों की अधिकतम गतिज ऊर्जा ............ में होती है।
(A) गैस
(B) मेटालोइड
(C) ठोस
(D) तरल
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-II
Ans: (A) पदार्थ की तीन अवस्थाओं में से गैसों के कणों की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) सबसे अधिक होती है। गैस के अणुओं के बीच आकर्षण बल बहुत कमजोर होता है, जिससे वे उच्च वेग के साथ सभी दिशाओं में स्वतंत्र रूप से गति करते हैं। तापमान बढ़ाने पर इन कणों की गतिज ऊर्जा और अधिक बढ़ जाती है।
27. वह स्थिति जिसमें आण्विक आकर्षण अत्यधिक दृढ़ होती है-
(A) ठोस
(B) द्रव
(C) गैस
(D) वाष्प
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (A) ठोस अवस्था में अंतर-आणविक आकर्षण बल (Intermolecular Forces) सबसे शक्तिशाली होते हैं। ये बल अणुओं को एक निश्चित और कठोर जालक संरचना में बांधकर रखते हैं, जिससे ठोस का आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। गैसों में ये बल सबसे कमजोर और ठोसों में सबसे प्रबल पाए जाते हैं।
28. ठोस द्रव और गैस, द्रव में विसरित होते हैं। विसरण के संबंध में निम्न में से कौन सा विकल्प सत्य है?
(A) द्रवों की विसरण दर ठोस या गैसों की तुलना में अधिक होती है।
(B) गैसों की विसरण दर द्रव या ठोस की तुलना में अधिक होती है।
(C) ठोसों की विसरण दर द्रव या गैसों की तुलना में अधिक होती है।
(D) गैसों की विसरण दर द्रव या ठोस की तुलना में कम होती है।
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-III
Ans: (B) विसरण (Diffusion) वह प्रक्रिया है जिसमें कण उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर गति करते हैं। गैसों के अणुओं के बीच बहुत अधिक रिक्त स्थान और उच्च गतिज ऊर्जा होने के कारण, उनकी विसरण दर द्रवों और ठोसों की तुलना में सबसे अधिक होती है। यही कारण है कि परफ्यूम की खुशबू तेजी से पूरे कमरे में फैल जाती है।
29. यदि वायु में जलवाष्प की मात्रा अधिक है तो वाष्पीकरण की दर...............
(A) घटेगी
(B) शून्य हो जाएगी
(C) समान बनी रहेगी
(D) बढ़ेगी
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-1
Ans: (A) वाष्पीकरण (Evaporation) की दर वायुमंडल की आर्द्रता (Humidity) के व्युत्क्रमानुपाती होती है। यदि हवा में पहले से ही जलवाष्प की मात्रा अधिक है, तो हवा और अधिक नमी सोखने की क्षमता खो देती है, जिससे वाष्पीकरण की गति धीमी हो जाती है। यही कारण है कि बरसात के दिनों में कपड़े सूखने में अधिक समय लेते हैं।
5. Circulatory System
1. बच्चे की हृदय गति 135 bpm है। हृदय की विस्पंद आवृत्ति (Hz में) क्या है? (135/60)
(A) 135 Hz
(B) 8100 Hz
(C) 2.25 Hz
(D) 1.12 Hz
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Ans: (C) हृदय की विस्पंद आवृत्ति को हर्ट्ज़ ($Hz$) में बदलने के लिए प्रति मिनट धड़कन (BPM) को 60 से विभाजित किया जाता है। यदि हृदय गति 135 BPM है तो गणना इस प्रकार होगी: $$Frequency = \frac{135}{60} = 2.25 Hz$$ इसका अर्थ है कि हृदय प्रति सेकंड 2.25 बार धड़क रहा है। एक स्वस्थ वयस्क की सामान्य हृदय गति 72 BPM होती है जिसकी आवृत्ति लगभग $1.2 Hz$ होती है। छोटे बच्चों और भ्रूण में हृदय गति वयस्कों की तुलना में बहुत अधिक होती है। हृदय की धड़कन को स्टेथोस्कोप (Stethoscope) यंत्र से सुना जाता है।
5. General properties of matter, fluid mechanics
1. पास्कल, किसका SI मात्रक है, जिसे $1~m^{2}$ के क्षेत्रफल पर एकसमान रूप से लगाए गए $1~N$ के बल के रूप में परिभाषित किया जाता है।
(A) द्रव्यमान घनत्व
(B) शक्ति
(C) दाब
(D) ऊर्जा
RRB Group D | 02/09/2022 | Morning
Ans: (C) पास्कल (Pa) दाब की SI इकाई है, जिसे $1 , N/m^2$ के रूप में परिभाषित किया जाता है। जब 1 न्यूटन का बल 1 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल पर समान रूप से लगाया जाता है, तो उत्पन्न दाब 1 पास्कल कहलाता है। यह भौतिकी में दबाव मापने की सबसे छोटी मानक इकाई मानी जाती है।
2. रमा को तापमान में गिरावट का अनुभव होता है क्योंकि वह ट्रैकिंग के दौरान पहाड़ों में ऊँचाई की ओर बढ़ रही है। इसका क्या कारण हो सकता है?
(A) ऊंचाई पर निम्न वायु दाब
(B) जल की कमी
(C) ऊंचाई पर उच्च वायु दाब
(D) रमा की थकावट
RRB Group D | 02/09/2022 | Morning
Ans: (A) जैसे-जैसे हम पहाड़ों पर ऊँचाई की ओर बढ़ते हैं, वायुमंडल की ऊपरी परतों का भार कम होता जाता है, जिससे वायुमंडलीय दाब घट जाता है। कम वायुदाब के कारण हवा विरल हो जाती है और तापमान में भी गिरावट आती है। यही कारण है कि पर्वतारोहियों को ऊँचाई पर साँस लेने में कठिनाई और ठंड का अनुभव होता है।
5. Periodic Classification of Elements
1. तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में रखकर बनाई गई, न्यूलैंड के तत्वों की व्यवस्था में अंतिम तत्व..... था।
(A) H
(B) Mg
(C) Th
(D) He
RRB Group-D | 14/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) सन 1866 में जब जॉन न्यूलैंड ने अष्टक नियम (Law of Octaves) प्रतिपादित किया, तब केवल 56 तत्व ज्ञात थे। उन्होंने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया, जो हाइड्रोजन से शुरू होकर थोरियम ($Th$) पर समाप्त होता था।
2. अष्टक सिद्धांत इनमें से किसकी खोज के बाद अप्रासंगिक हो गया?
(A) उत्कृष्ट गैसें
(B) रेडियोधर्मिता
(C) समस्थानिक
(D) फुलरीन
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) न्यूलैंड का अष्टक नियम यह कहता था कि प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं। लेकिन उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की खोज के बाद, नियन ($Ne$) और आर्गन ($Ar$) जैसे तत्व आए, जिससे यह क्रम टूट गया और आठवें के बजाय नौवें तत्व में समानता पाई जाने लगी। इस कारण यह सिद्धांत अप्रासंगिक हो गया।
3. लोहा जो कि गुणों में कोबाल्ट और निकल जैसा होता है, को इन तत्वों से बहुत दूर रखा गया है। यह किसकी कमियों में से एक था
(A) आधुनिक आवर्त सारणी
(B) न्यूक्लैंड्स का ओक्टेव्स नियम
(C) डॉबरीनर के त्रिक
(D) मेंडेलीव की आवर्त सारणी
RRB ALP & Tec. | 17/08/2018 | Shift-II
Ans: (B) न्यूलैंड के वर्गीकरण की एक बड़ी विसंगति यह थी कि आयरन ($Fe$), जिसके गुण कोबाल्ट ($Co$) और निकल ($Ni$) से अत्यधिक मिलते-जुलते हैं, को इन तत्वों से बहुत दूर रखा गया था। जबकि $Co$ और $Ni$ को हैलोजन के साथ एक ही स्लॉट में रखा गया था।
4. ऑक्टेव्स के न्यूलैंड्स नियम के अनुसार,....... जो गुणों में कोबॉल्ट और निकल जैसा है, इन तत्वों से बहुत दूर रखा गया है।
(A) Al
(B) Fe
(C) Mn
(D) Mg
RRB Group-D | 10/10/2018 | Shift-II
Ans: (B) न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के अनुसार, आयरन ($Fe$) को कोबाल्ट ($Co$) और निकल ($Ni$) से दूर रखा गया था, जबकि रासायनिक रूप से ये तीनों संक्रमण धातुएं हैं और इनके चुंबकीय व रासायनिक गुण समान होते हैं।
5. नाइट्रोजन की आयनीकरण क्षमता.....के कारण ऑक्सीजन की तुलना में अधिक है।
(A) नाइट्रोजन का छोटा आकार।
(B) नाभिक द्वारा इलेक्ट्रॉनों का अधिक आकर्षण।
(C) उच्चतर भेदक प्रभाव।
(D) आधे भरे पी-ऑर्बिटल्स की अतिरिक्त स्थिरता।
RRB Group-D | 02/11/2018 | Shift-I
Ans: (D) सामान्य प्रवृत्ति के विपरीत, नाइट्रोजन ($N$) की आयनन ऊर्जा ऑक्सीजन ($O$) से अधिक होती है। इसका कारण नाइट्रोजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $1s^2 2s^2 2p^3$ है, जहाँ $p$-उपकोश आधा भरा (half-filled) होने के कारण अतिरिक्त स्थिरता प्रदान करता है। ऑक्सीजन ($2p^4$) से एक इलेक्ट्रॉन निकालना आसान है ताकि वह स्थायी अर्ध-भरित विन्यास प्राप्त कर सके।
5. Reproduction in Plants
1. राइजोपस के निम्नांकित चित्र में कायिक अंग और प्रजनन अंग की पहचान कीजिए।
(A) a कायिक अंग है, जबकि b प्रजनन अंग है
(B) a और b दोनों कायिक अंग हैं
(C) a और b दोनों प्रजनन अंग हैं
(D) a प्रजनन अंग है, जबकि b कायिक अंग है
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) राइजोपस (ब्रेड मोल्ड) में $Hyphae$ कायिक अंग (Vegetative part) हैं जो पोषण अवशोषित करते हैं, जबकि $Sporangium$ (बीजाणुधानी) प्रजनन अंग (Reproductive part) है। चित्र में $a$ प्रजनन अंग को और $b$ कायिक तंत्र को दर्शाता है।
2. राइजोपस नामक ब्रेड फफूंद (bread mould Rhizopus) में इनमें से किस प्रकार का अलैंगिक प्रजनन प्रदर्शित होता है?
(A) पुनरूद्भवन
(B) बीजाणु निर्माण
(C) विखंडन
(D) मुकुलन
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) राइजोपस में अलैंगिक प्रजनन बीजाणु निर्माण ($Spore\ Formation$) द्वारा होता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में $Sporangiospores$ का निर्माण होता है जो हवा में तैरते रहते हैं। अनुकूल वातावरण मिलने पर ये अंकुरित होकर $Mycelium$ बनाते हैं।
3. निम्नलिखित में से कौन सा बीजाणुओं का पुनरूत्पादन करता है?
(A) फर्न
(B) अमीबा
(C) खमीर
(D) आम
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-I
Ans: (A) फर्न ($Fern$) जैसे $Pteridophytes$ पौधों में बीजाणुओं (Spores) के माध्यम से प्रजनन होता है। इनकी पत्तियों के नीचे $Sori$ नामक संरचनाएं होती हैं जिनमें $Sporangia$ पाए जाते हैं। ये $Haploid\ (n)$ बीजाणु $Gametophyte$ पीढ़ी को जन्म देते हैं।
4. कुछ पौधे अपनी जड़ों से नए पौधे भी पैदा कर सकते हैं। -----ऐसे ही पौधे का एक उदाहरण है।
(A) शकरकंद
(B) पत्थरचट्टा
(C) अदरक
(D) नागफनी
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-III
Ans: (A) शकरकंद (Sweet Potato) एक रूपांतरित जड़ ($Modified\ Root$) है जो भोजन संचय करती है। इसमें उपस्थित $Adventitious\ Buds$ (अपस्थानिक कलिकाएं) अनुकूल परिस्थितियों में नए पौधे को जन्म देती हैं। यह जड़ द्वारा $Vegetative\ Propagation$ का उदाहरण है।
5. निम्नलिखित में से कौन-सी वनस्पतियों में 'प्रच्छन्न प्रजनन अंग' (hidden reproductive organs) होते हैं?
(A) कलमा
(B) देवदार
(C) पाइनस
(D) मर्सिलिया
RRB NTPC | 12.01.2021 | Shift-I
Ans: (D) मर्सिलिया एक $Pteridophyte$ है जिसे $Cryptogams$ की श्रेणी में रखा जाता है, जिसका अर्थ है "छिपे हुए प्रजनन अंग"। इनमें फूल और बीज नहीं बनते, बल्कि $Spores$ के माध्यम से प्रजनन होता है। इनकी प्रजनन संरचनाएं स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं।
6. पौधे प्रजनन की किस विधि द्वारा उत्पन्न होते हैं, जिसमें आनुवांशकीय रूप से जनक के सभी गुण पौधे में होते हैं?
(A) वर्धी जनन
(B) पुनर्जनन
(C) विखंडन
(D) यौन प्रजनन
RRB Group-D | 26-11-2018 | Shift-III
Ans: (A) वर्धी जनन ($Vegetative\ Propagation$) में नया पौधा केवल एक ही जनक के शरीर से बनता है, इसलिए इसमें $Genetic\ Variation$ नहीं होता। उत्पन्न संतान आनुवंशिक रूप से जनक के $100\%$ समान होती है, जिसे $Clone$ कहा जाता है।
7. निषेचन के बाद..........बीज में विकसित हो जाता है।
(A) वर्तिकाग्र
(B) अंडाशय
(C) बीजांड
(D) अंडप
RRB Group-D | 12-12-2018 | Shift-I
Ans: (C) निषेचन ($Fertilization$) की क्रिया के पश्चात फूल का बीजांड ($Ovule$) बीज में विकसित हो जाता है। इसी समय अंडाशय ($Ovary$) पककर फल का रूप ले लेता है। बीज के अंदर भविष्य का पौधा $Embryo$ के रूप में सुरक्षित रहता है।
8. प्रजनन की निम्नलिखित विधियों में से किसका उपयोग एक कोशिकीय जीवों द्वारा किया जाता है।
(A) विखण्डन
(B) पुनरुद्धभवन
(C) खण्डन
(D) मुकुलन
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-I
Ans: (A) एककोशिकीय जीव जैसे अमीबा और बैक्टीरिया मुख्य रूप से विखंडन ($Fission$) द्वारा प्रजनन करते हैं। इसमें एक कोशिका विभाजित होकर दो या दो से अधिक $Daughter\ Cells$ बनाती है। यह $Asexual\ Reproduction$ का सबसे सरल और तीव्र तरीका है।
9. एक पौधें में, इनमें से क्या एक चीज बीज में परिवर्तित होता है?
(A) वर्तिकाग्र
(B) अंडाशय
(C) वर्तिका
(D) बीजाण्ड
RRB ALP & Tec. | 17-08-18 | Shift-I
Ans: (D) पौधे में बीजाण्ड ($Ovule$) निषेचन के बाद बीज (Seed) में परिवर्तित हो जाता है। बीज के ऊपर एक कठोर आवरण होता है जिसे $Seed\ Coat$ कहते हैं। यह $Angiosperms$ और $Gymnosperms$ दोनों में प्रजनन की मुख्य इकाई है।
10. निम्नलिखित में से कौन-सा बहु विखंडन प्रदर्शित करता है?
(A) यीस्ट
(B) हाइड्रा
(C) प्लाज्मोडियम
(D) प्लानेरिया
RRB Group-D | 11-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी) बहु-विखंडन ($Multiple\ Fission$) प्रदर्शित करता है। इसमें एक ही जनक कोशिका के अंदर कई $Nuclei$ बनते हैं और एक साथ कई संतति कोशिकाएं मुक्त होती हैं। यह इसकी $Survability$ को बढ़ाता है।
11. क्रॉस परागण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा परागण के कारक नहीं है?
(A) जल
(B) जानवर
(C) वायु
(D) पौधे
RRB ALP & Tec. | 13-08-18 | Shift-I
Ans: (D) पर-परागण ($Cross\ Pollination$) के लिए बाहरी एजेंट जैसे वायु ($Anemophily$), जल ($Hydrophily$) और कीट/जानवर ($Zoophily$) आवश्यक हैं। स्वयं पौधे परागण के वाहक नहीं होते, बल्कि वे केवल $Pollen$ के स्रोत या प्राप्तकर्ता होते हैं।
12. फसल के पौधों के वे समूह जो वानस्पतिक पद्धति से उपजते हैं:
(A) आलू, पपीता और केला
(B) गन्ना, आलू और केला
(C) मूंगफली, सहजन और काजू
(D) प्याज, धनिया और नींबू
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-III
Ans: (B) गन्ना (तने की कटिंग), आलू (कंद/Tuber) और केला (Rhizome/Suckers) ऐसे पौधे हैं जो वानस्पतिक पद्धति से उगाए जाते हैं। इनमें बीज के बजाय पौधे के कायिक भागों का उपयोग $Commercial\ Production$ के लिए किया जाता है।
13. पौधे का कौन सा हिस्सा रनर (घास) में अलैंगिक रूप से प्रजनन करने के लिए विशेषीकृत होती है?
(A) फूल
(B) जड़
(C) तना
(D) पत्ते
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) घास में अलैंगिक प्रजनन के लिए "रनर" ($Runner$) एक रूपांतरित तना (Modified Stem) है जो जमीन की सतह के समानांतर बढ़ता है। इसकी $Nodes$ से जड़ें और नई पत्तियाँ निकलती हैं, जिससे घास तेजी से फैलती है।
14. निम्न में से किस प्रकार के प्रजनन में केवल एक ही जनक शामिल होता है?
(A) अलैंगिक प्रजनन
(B) लैंगिक प्रजनन
(C) बहु-खंडन
(D) द्वि-खंडन
RRB Group-D | 01-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) अलैंगिक प्रजनन ($Asexual\ Reproduction$) में केवल एक ही जनक (Single Parent) शामिल होता है। इसमें $Gametes$ का निर्माण या संलयन नहीं होता। यह प्रक्रिया बहुत तेज होती है और संतानों में भिन्नता (Variation) नहीं पाई जाती है।
5. Plant Tissue
1. विभज्योतक ऊतक (meristematic tissue) की कोशिकाएं अत्यधिक क्रियाशील होती हैं, लेकिन उनके पास ________ का अभाव होता है।
(A) रसधानी
(B) बहुत अधिक कोशिकाद्रव्य
(C) स्पष्ट केंद्रक
(D) पतली कोशिका भित्ति
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A) रसधानी (Vacuole) का अभाव: विभज्योतक कोशिकाएं अत्यधिक क्रियाशील होती हैं और उनका मुख्य कार्य विभाजन करना है, न कि भोजन संचय। चूंकि रसधानियां (Vacuoles) भंडारण थैली होती हैं, इसलिए इन कोशिकाओं में ये या तो अनुपस्थित होती हैं या बहुत छोटी होती हैं। इनमें सघन कोशिकाद्रव्य और बड़ा केंद्रक होता है।
5. Circulatory System
1. इनमें से कौन सा तरल पदार्थ आंत से अवशोषित वसा को ग्रहण करता है और अतिरिक्त द्रव को अतिरिक्त कोशिकीय स्थान से वापस रक्त में ले जाता है?
(A) प्लेटलेट्स
(B) केशिकाएं
(C) प्लाज्मा
(D) लसीका
RRB NTPC Stage Ist | 17/01/2021 | Shift-II
Ans: (D) लसीका (Lymph) एक रंगहीन तरल है जो आंतों से अवशोषित वसा को ले जाता है और ऊतकों के बीच मौजूद अतिरिक्त द्रव को वापस रक्त में पहुंचाता है। लसीका में लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) नहीं होती हैं लेकिन संक्रमण से लड़ने के लिए इसमें प्रचुर मात्रा में लिम्फोसाइट्स पाए जाते हैं। लसीका तंत्र शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) का एक हिस्सा है और यह केवल एक ही दिशा में यानी ऊतकों से हृदय की ओर बहता है। वसा का अवशोषन करने वाली लसीका वाहिकाओं को लेक्टियल (Lacteal) कहा जाता है।
5. Plant Tissue
1. फ्लोएम के माध्यम से परिवहन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
(A) फ्लोएम में परिवहन, ऊर्जा के उपभोग (ATP) द्वारा होता है
(B) आरंभ में ऊर्जा का उपयोग करके सुक्रोज को फ्लोएम में ले जाया जाता है
(C) फ्लोएम में परिवहन में जीटीपी (GTP) और सीटीपी (CTP) का उपयोग होता है
(D) सुक्रोज के कारण परासरण दाब में हुई वृद्धि के कारण जल फ्लोएम में चला जाता है
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) सक्रिय परिवहन: फ्लोएम में सुक्रोज को लोड करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा $ATP$ (एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट) के रूप में उपयोग की जाती है। गलत कथन: परिवहन के लिए $GTP$ या $CTP$ का उपयोग नहीं किया जाता। परासरण दाब: सुक्रोज के जमाव से ऊतक में परासरण दाब बढ़ता है, जिससे पानी फ्लोएम में आता है और भोजन आगे बढ़ता है।
2. कोलेन्काइमा ऊतक की कोशिकाएँ ________ से कोनों पर मोटी हो जाती है।
(A) पेक्टिन और काइटिन
(B) सुबेरिन और सैलूलोज
(C) सेलुलोज और पेक्टिन
(D) लिग्निन और कटिन
RRB Group-D | 10/12/2018 | Shift-I
Ans: (C) कोलेनकाइमा (Collenchyma): इसकी कोशिका भित्ति के कोनों पर सेलुलोज (Cellulose) और पेक्टिन (Pectin) का जमाव होता है। पेक्टिन की भूमिका: यह एक गोंद जैसा पदार्थ है जो कोशिकाओं को आपस में चिपकाए रखता है और ऊतक को लचीलापन प्रदान करता है। यह ऊतक मुख्य रूप से तनों और पत्तियों के वृंत (Petiole) में पाया जाता है।
3. ________ के जमाव के कारण दृढ ऊतक की कोशिका भित्तियाँ मोटी होती हैं।
(A) लिग्निन
(B) क्यूटिकल (उपचर्म)
(C) पेक्टिन
(D) सुबेरिन
RRB Group-D | 13/12/2018 | Shift-II
Ans: (A) स्क्लेरेन्काइमा (दृढ़ ऊतक): इसकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का भारी जमाव होता है। लिग्निन: यह एक "सीमेंट" की तरह काम करता है जो दीवारों को मोटा, कठोर और जलरोधी बनाता है। लिग्निन के कारण कोशिकाओं के बीच कोई अंतरकोशिकीय स्थान (Intercellular space) नहीं बचता।
4. अन्तर्वेशी विभज्योतक (Intercalary meristem) ________ पाए जाते हैं।
(A) तने के नोड्स (पर्व) पर
(B) जड़ के शीर्ष पर
(C) पत्तियों के तल में
(D) बढ़ते हुए तने के ऊपरी हिस्से में
RRB Group-D | 04/10/2018 | Shift-I
Ans: (C) अन्तर्वेशी विभज्योतक (Intercalary Meristem): यह शीर्षस्थ विभज्योतक का ही छूटा हुआ भाग होता है जो स्थाई ऊतकों के बीच में रह जाता है। स्थान: यह पत्तियों के आधार (Base) में या टहनियों के पर्व (Nodes) के दोनों ओर पाया जाता है। कार्य: यह घास जैसे एकबीजपत्री पौधों में लंबाई बढ़ाने और शाकाहारी जानवरों द्वारा खाए गए भागों को पुन: उगाने में मदद करता है।
5. रेगिस्तानी पौधों की बाह्यत्वचा (एपिडर्मिस) में ________ की एक मोटी मोमी परत होती है।
(A) पेक्टिन
(B) क्यूटिन
(C) सेलुलोज़
(D) लिग्निन
RRB Group-D | 05/12/2018 | Shift-I
Ans: (B) क्यूटिन (Cutin): यह एक मोम जैसा (Waxy) जलरोधी रासायनिक पदार्थ है। मरुद्भिद (Xerophytes): रेगिस्तानी पौधों की बाहरी सतह (Epidermis) पर क्यूटिन की एक मोटी परत पाई जाती है जिसे क्यूटिकल कहते हैं। लाभ: यह अत्यधिक गर्मी में पौधों से पानी के वाष्पीकरण (Transpiration) को कम करती है और उन्हें सूखने से बचाती है।
5. Periodic Classification of Elements
1. कौन-सा युग्म उस अपवाद को दर्शाता है जिसमें "हल्के 2p तत्व की AegH उसके भारी समजातीय तत्व की तुलना में कम ऋणात्मक होती है," क्योंकि उसके उपकोश सघन होते हैं?
(A)  N बनाम P, जहाँ नाइट्रोजन अधिक ऋणात्मक है
(B) O बनाम S, जहाँ O कम ऋणात्मक है
(C) S बनाम Se, जहाँ S अधिक नकारात्मक है
(D) Cl बनाम Br, जहाँ Cl कम ऋणात्मक है
MP Police constable 2025 | 03-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) हल्के तत्व (जैसे ऑक्सीजन, $O$) का आकार छोटा होने के कारण उनके $2p$ उपकोश में इलेक्ट्रॉन घनत्व अधिक होता है, जिससे आने वाले इलेक्ट्रॉन को प्रतिकर्षण का सामना करना पड़ता है। इसके भारी समजातीय तत्व (जैसे सल्फर, $S$) का $3p$ उपकोश बड़ा होता है, जिससे इलेक्ट्रॉन आसानी से जुड़ जाता है। इसलिए $O$ की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी $S$ की तुलना में कम ऋणात्मक होती है।
2. Li से Ne तक आवर्त 2 में प्रथम आयनीकरण एन्थैल्पी (AH₁) की कौन-सी प्रवृत्ति सही रूप से दर्शाई गई है, जिसमें कुछ अपवाद भी शामिल हैं?
(A) आम तौर पर Be < B और N < O विसंगतियों के साथ घटता है
(B) सामान्यतः B < Be और O < N विसंगतियों के साथ वृद्धि होती है
(C) इस अवधि के दौरान लगातार घटता हुआ
(D) अवधि के दौरान स्थिर
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) आवर्त 2 में सामान्यतः आयनन एन्थैल्पी बढ़ती है ($Li$ से $Ne$ तक)। लेकिन इसमें दो प्रमुख अपवाद हैं: 1) बोरोन ($B$) की ऊर्जा बेरीलियम ($Be$) से कम होती है क्योंकि $Be$ का $s$-कक्षक पूर्ण भरा होता है। 2) ऑक्सीजन ($O$) की ऊर्जा नाइट्रोजन ($N$) से कम होती है क्योंकि $N$ का $p$-कक्षक अर्ध-भरित (half-filled) और स्थायी होता है।
3. कौन-सी प्रवृत्ति मुख्य समूह में नीचे की ओर जाते समय इलेक्ट्रॉन प्राप्त एन्थेल्पी ($\Delta_{eg}H$) को सबसे अच्छी तरह दर्शाती है?
(A) स्थिर रहता है
(B) परिवार में नीचे जाने पर नकारात्मकता कम हो जाती है
(C) परिवार में नीचे जाने पर नकारात्मकता बढ़ती जाती है
(D) सकारात्मक और नकारात्मक का आदान-प्रदान होता है
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार बढ़ता है, जिससे नाभिक और आने वाले इलेक्ट्रॉन के बीच की दूरी बढ़ जाती है और आकर्षण बल कम हो जाता है। इस कारण इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी ($\Delta_{eg}H$) सामान्यतः कम ऋणात्मक (less negative) होती जाती है।
4. समूह 13 की प्रथम आयनन एन्थैल्पी के लिए, कौन-सा कथन विचलन सहित सामान्य प्रवृत्ति के अनुरूप है?
(A) उपकोश और परिरक्षण प्रभावों द्वारा स्पष्ट विचलन के साथ समूह में नीचे की ओर सामान्य कमी।
(B) समस्थानिकों के कारण यादृच्छिक प्रत्यावर्तन।
(C) समूह में नीचे की ओर स्थिरता।
(D) परमाणु क्रमांक (Z) बढ़ने के कारण समूह में नीचे की ओर सख्त रूप से वृद्धि होती है।
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) समूह 13 ($B, Al, Ga, In, Tl$) में आयनन एन्थैल्पी का क्रम नियमित नहीं घटता। गैलियम ($Ga$) की एन्थैल्पी एल्युमीनियम ($Al$) से अधिक होती है और थैलियम ($Tl$) की इंडियम ($In$) से। इसका कारण $d$ और $f$ इलेक्ट्रॉनों का दुर्बल परिरक्षण प्रभाव (poor shielding effect) है, जिससे प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ जाता है और बाहरी इलेक्ट्रॉन को निकालना कठिन हो जाता है।
5. Circulatory System
1. मछलियों में रक्त परिसंचरण के संबंध में गलत कथन पहचानें।
(A) निलय से रक्त केवल क्लोमों (gills) में जाता है
(B) क्लोमों (gills) से रक्त शरीर के बाकी हिस्सों में भेजा जाता है
(C) दो-कक्षीय हृदय में दोहरा परिसंचरण होता है
(D) शरीर से रक्त अलिंद में प्रवेश करता है
RRB Group D | 13/09/2022 | Morning
Ans: (C) मछलियों में रक्त परिसंचरण एकल होता है और उनके दो-कक्षीय हृदय में दोहरा परिसंचरण होना एक गलत तथ्य है। मछलियों के हृदय से रक्त सीधे गिल्स (Gills) में जाता है जहाँ यह ऑक्सीजन प्राप्त करता है और फिर पूरे शरीर में भेज दिया जाता है। इनके हृदय में एक अलिंद (Atrium) और एक निलय (Ventricle) होता है। मछलियों के पूरे शरीर में रक्त का केवल एक ही चक्र पूरा होता है जिसे सिंगल सर्कुलेशन कहते हैं।
2. पुर्किन्जे तंतु ____ में विशिष्ट हैं।
(A) मस्तिष्क में न्यूरॉन्स
(B) रक्त में कोशिकाएं
(C) त्वचा में ग्रंथि कोशिकाएं
(D) हृदय में स्नायु तंतु
RRB JE | 27/05/2019 | Morning
Ans: (D) पुर्किन्जे तंतु (Purkinje fibers) हृदय की मांसपेशियों में स्थित विशेष स्नायु तंतु होते हैं जो हृदय के धड़कने के लिए विद्युत आवेगों को तेजी से प्रसारित करते हैं। ये तंतु मुख्य रूप से निलय (Ventricles) की दीवारों में पाए जाते हैं और उनके संकुचन को नियंत्रित करते हैं। हृदय की धड़कन की शुरुआत साइनो-एट्रियल नोड (SA Node) से होती है जिसे "पेसमेकर" भी कहते हैं। पुर्किन्जे तंतु हृदय के संकुचन की लय बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
3. रक्त समूह A वाले एक पुरुष का विवाह, रक्त B वाली एक महिला से हुआ, जिनका एक बच्चा है, जिसका रक्त समूह AB है। आनुवंशिकी के संदर्भ में इसका क्या अर्थ है?
(A) रक्त समूह A का जीन और रक्त समूह B का जीन दोनों अप्रभावी हैं
(B) रक्त समूह A का जीन प्रभावी है, और रक्त समूह B का जीन अप्रभावी है
(C) रक्त समूह A का जीन और रक्त समूह B का जीन दोनों प्रभावी हैं
(D) रक्त समूह B का जीन प्रभावी है, और रक्त समूह A का जीन अप्रभावी है
RRB Group D | 27/09/2022 | Evening
Ans: (C) रक्त समूह AB का होना यह दर्शाता है कि माता-पिता से मिले A और B दोनों एलील (Alleles) प्रभावी हैं और एक साथ व्यक्त हो रहे हैं। इस स्थिति में लाल रक्त कोशिका की सतह पर A और B दोनों प्रकार के एंटीजन मौजूद होते हैं। AB रक्त समूह वाले व्यक्ति "सर्वग्राही" (Universal Acceptor) कहलाते हैं क्योंकि उनके प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती। रक्त समूहों की वंशागति में तीन एलील काम करते हैं जिन्हें $I^A$, $I^B$ और $i$ के रूप में दर्शाया जाता है।
4. इनमें से कौन सा, आंत से पचे हुए और अवशोषित वसा का परिवहन करता है?
(A) शिरा
(B) प्लाज्मा
(C) लसीका
(D) प्लेटलेट्स
RRB Group D | 14/09/2022 | Evening
Ans: (C) पाचन तंत्र में वसा का अवशोषण मुख्य रूप से लसीका (Lymph) के माध्यम से होता है क्योंकि वसा के बड़े अणु सीधे रक्त वाहिकाओं में प्रवेश नहीं कर सकते। छोटी आंत की विली (Villi) में मौजूद लसीका वाहिकाएं जिन्हें लेक्टियल कहते हैं वसा को ग्रहण करती हैं। लसीका तंत्र वसा में घुलनशील विटामिनों (A, D, E, K) के परिवहन में भी मदद करता है। अवशोषित वसा बाद में थोरैसिक डक्ट के माध्यम से मुख्य रक्त प्रवाह में छोड़ दी जाती है।
5. इनमें से कौन सा मानव रक्त में नहीं पाया जाता है?
(A) ल्युकोसाइट
(B) कोंड्रोसाइट
(C) लिंफोसाइट
(D) मोनोसाइट
RRB NTPC Stage 1 | 14/03/2021 | Morning
Ans: (B) कोंड्रोसाइट (Chondrocyte) कोशिकाएं उपास्थि (Cartilage) में पाई जाती हैं न कि रक्त में। रक्त में मुख्य रूप से तीन प्रकार की कोशिकाएं होती हैं जिन्हें एरिथ्रोसाइट (RBC), ल्युकोसाइट (WBC) और थ्रोम्बोसाइट (Platelets) कहते हैं। ल्युकोसाइट्स के ही प्रकारों में लिंफोसाइट और मोनोसाइट शामिल हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं। कोंड्रोसाइट्स कोलेजन प्रोटीन का निर्माण करते हैं जो हड्डियों के जोड़ों और कान-नाक जैसी लचीली संरचनाओं को सहारा देते हैं।
6. एक पारम्परिक रक्त चाप मापने वाले उपकरण जिसमें चिकित्सक को पारे की कालम में उतार-चढ़ाव नजर आता है, हस्तचालित वायु पम्प किससे जुड़ा रहता है?
(A) समदाब से
(B) ट्रांसड्यूसर से
(C) मैनोमीटर से
(D) मर्करी कालम से
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-I
Ans: (D) रक्तचाप मापने वाले पारंपरिक स्फिग्मोमैनोमीटर में डॉक्टर एक रबर के पंप से हवा भरता है जो सीधे पारे की कालम (Mercury column) से जुड़ा होता है। पारे के ऊपर उठने और गिरने के आधार पर दबाव का सटीक माप लिया जाता है। पारा एक तरल धातु है जिसकी उच्च घनत्व विशेषता इसे दबाव मापने के लिए आदर्श बनाती है। कफ (Cuff) को ऊपरी बांह पर लपेटा जाता है ताकि धमनी के रक्त प्रवाह को अस्थायी रूप से रोका जा सके। डिजिटल उपकरणों के आने से पहले यही विधि सबसे मानक मानी जाती थी।
7. रक्त वाहिका के व्यास को बदल देता है।
(A) हृदय
(B) मांसपेशी
(C) उपकला
(D) हड्डी
RRB ALP & Tec. | 30/08/2018 | Morning
Ans: (B) रक्त वाहिकाओं के व्यास (Diameter) को मांसपेशियों द्वारा बदला जाता है जो उनकी दीवारों में मौजूद होती हैं। इन चिकनी मांसपेशियों (Smooth muscles) के सिकुड़ने पर रक्त वाहिका का व्यास कम हो जाता है जिसे वैसोकॉन्स्ट्रिक्शन (Vasoconstriction) कहते हैं। जब ये मांसपेशियां ढीली होती हैं तो व्यास बढ़ जाता है जिसे वैसोडिलेशन (Vasodilation) कहा जाता है। यह प्रक्रिया शरीर के रक्तचाप और अंगों तक रक्त की आपूर्ति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्वायत्त तंत्रिका तंत्र इन परिवर्तनों का मुख्य नियामक होता है।
8. सामान्य मानव का खून बहने का समय और जमने का समय क्रमशः ___ और ___ होता है।
(A) 2-3 और 4-6 मिनट
(B) 2-10 और 5-15 सेकंड
(C) 2-7 और 3-10 मिनट
(D) 5-15 और 10-20 सेकण्ड
RRB NTPC Stage 1 | 26/04/2016 | Morning
Ans: (C) सामान्य मानव में चोट लगने पर खून बहने का समय (Bleeding Time) 2 से 7 मिनट और खून के जमने का समय (Clotting Time) 3 से 10 मिनट के बीच होता है। रक्त का थक्का जमना एक जटिल प्रक्रिया है जिसे कैस्केड मैकेनिज्म (Cascade mechanism) कहा जाता है। विटामिन K रक्त के थक्के जमने के लिए अनिवार्य विटामिन है। यदि किसी व्यक्ति में थक्का बनने का समय बहुत अधिक है तो वह हीमोफीलिया (Haemophilia) जैसी बीमारी का संकेत हो सकता है। प्लेटलेट्स इस प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
9. निम्नलिखित में से कौन सा प्लाज्मा प्रोटीन रक्त के स्कंदन में निहित है?
(A) सीरम एमाइलेज
(B) एक एल्ब्यूमीन
(C) फैब्रिनोजेन
(D) एक ग्लोब्युलिन
RRB NTPC Stage 1 | 07/04/2016 | Afternoon
Ans: (C) प्लाज्मा में पाया जाने वाला फाइब्रिनोजेन (Fibrinogen) प्रोटीन रक्त का थक्का जमाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक है। जब चोट लगती है तो यह प्रोटीन फाइब्रिन (Fibrin) के धागों में बदल जाता है जो रक्त कोशिकाओं को रोककर जाल जैसा बना लेते हैं। प्लाज्मा के अन्य प्रोटीन जैसे एल्ब्यूमीन शरीर में परासरण दाब (Osmotic pressure) बनाए रखते हैं। ग्लोब्युलिन प्रोटीन मुख्य रूप से एंटीबॉडी के रूप में संक्रमण से लड़ने का काम करते हैं। सीरम उस प्लाज्मा को कहते हैं जिसमें से थक्का जमाने वाले कारक निकाल दिए गए हों।
10. मानव शरीर में मौजूद निम्नलिखित कोशिकाओ में से किसमें माइटोकॉन्ड्रिया नहीं पाया जाता?
(A) लाल रक्त कोशिका
(B) यकृत कोशिका
(C) मांसपेशी कोशिका
(D) श्वेत रक्त कोशिका
RRB NTPC Stage 1 | 02/04/2016 | Morning
Ans: (A) स्तनधारियों की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) में माइटोकॉन्ड्रिया नहीं पाया जाता ताकि वे स्वयं ऑक्सीजन का उपभोग न करें और अधिक से अधिक ऑक्सीजन अंगों तक पहुँचा सकें। इनमें केंद्रक (Nucleus) भी अनुपस्थित होता है जिससे हीमोग्लोबिन भरने के लिए अधिक स्थान मिल जाता है। RBCs अपनी ऊर्जा अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) के माध्यम से प्राप्त करती हैं। यकृत और मांसपेशियों की कोशिकाओं में ऊर्जा की अधिक आवश्यकता के कारण बड़ी संख्या में माइटोकॉन्ड्रिया पाए जाते हैं। ऊंट और लामा ऐसे स्तनधारी हैं जिनकी RBC में केंद्रक पाया जाता है।
11. निम्नलिखित में से कौन सा कोलेस्ट्रॉल का उल्लेख नहीं करता है?
(A) कम घनत्व लिपोप्रोटीन
(B) उच्च घनत्व वाले लिप्रोप्रोटीन
(C) रीसस फैक्टर
(D) डिब्बाबद प्रोटीन केट
RRB NTPC Stage 1 | 11/04/2016 | Afternoon
Ans: (C) रीसस फैक्टर (Rh Factor) का संबंध रक्त समूह से है न कि कोलेस्ट्रॉल से। कोलेस्ट्रॉल के मुख्य प्रकारों में LDL (Low-Density Lipoprotein) को "बुरा कोलेस्ट्रॉल" और HDL (High-Density Lipoprotein) को "अच्छा कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है। उच्च LDL स्तर धमनियों में रुकावट (Atherosclerosis) पैदा कर सकता है। Rh फैक्टर की खोज लैंडस्टीनर और वीनर ने रीसस बंदर में की थी। कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का स्टेरॉयड वसा है जो कोशिका झिल्ली के निर्माण और हार्मोन संश्लेषण के लिए आवश्यक है।
12. ___ में तंतुबंध नहीं होते है-
(A) वृक्क
(B) रक्त
(C) हृदय
(D) यकृत
RRB Group D | 16/10/2018 | Evening
Ans: (B) रक्त (Blood) एक ऐसा तरल संयोजी ऊतक है जिसमें प्राकृतिक रूप से तंतु (Fibers) नहीं पाए जाते जबकि अन्य संयोजी ऊतकों जैसे त्वचा या टेंडन में कोलेजन तंतु प्रचुर मात्रा में होते हैं। रक्त में तंतु केवल चोट लगने के समय फाइब्रिनोजेन के रूपांतरण से बनते हैं। हृदय और वृक्क (Kidney) जैसे अंगों में संरचनात्मक मजबूती के लिए तंतुमय ऊतक मौजूद होते हैं। रक्त की मैट्रिक्स तरल होती है जिसे प्लाज्मा कहते हैं। इसी तरल अवस्था के कारण रक्त पूरे शरीर में पदार्थों का संचरण कर पाता है।
5. General properties of matter, fluid mechanics
1. पूर्णतः प्रत्यास्थ वस्तुओं का प्रत्यास्थापन गुणांक कितना है?
(A) 0
(B) 0.5
(C) 1.0
(D) 0.25
RRB J.E. 2014 | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (C) पूर्णतः प्रत्यास्थ वस्तुओं (Perfectly Elastic Bodies) के लिए प्रत्यास्थापन गुणांक (e) का मान हमेशा 1 होता है। इसका अर्थ है कि टक्कर के बाद पिंडों के अलग होने का सापेक्ष वेग, टक्कर से पहले उनके पास आने के सापेक्ष वेग के बराबर होता है। ऐसी टक्करों में संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों पूरी तरह संरक्षित रहते हैं।
2. एक टैंक को एक समान क्षैतिज त्वरण से एक द्रव आंशिक रूप से भरा गया है। निम्नलिखित में से एक टैंक में द्रव की सतह के लिए कौन-सा कथन सत्य है?
(A) द्रव की सतह गति की दिशा में गिरता है और टैंक के पीछे की ओर उठता है।
(B) द्रव की सतह केवल टैंक के केन्द्र पर गिरता है।
(C) द्रव की सतह क्षैतिज पर नियत है।
(D) द्रव की सतह गति की दिशा में उठती है और टैंक के पीछे की ओर गिरता है।
RRB NTPC | 17.01.2017 | Shift-I
Ans: (A) जब किसी तरल से भरे कंटेनर को क्षैतिज रूप से त्वरित (Accelerate) किया जाता है, तो तरल के कणों पर पीछे की ओर एक छद्म बल (Pseudo Force) लगता है। इस बल के कारण द्रव पीछे की दीवार की ओर ऊपर चढ़ जाता है और सामने की ओर नीचे गिर जाता है। द्रव की सतह का यह झुकाव त्वरण के परिमाण पर निर्भर करता है।
3. एक दीवार द्वारा उत्पन्न बल क्या होगा जिस पर सामान्य रूप से $10~m/s$ की गति से पानी गिर रहा हो और निस्सरण $0.0001~m^{3}/s$ हो?
(A) 1 N
(B) 0.1 N
(C) 10 N
(D) 100 N
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) दीवार पर पानी द्वारा लगाया गया बल संवेग परिवर्तन की दर के बराबर होता है ($F = ho Q v$)। यहाँ पानी का घनत्व 1000, प्रवाह दर 0.0001 और वेग 10 मीटर/सेकंड है। इन सबका गुणा करने पर परिणाम 1 न्यूटन आता है। यह दर्शाता है कि तरल का वेग और प्रवाह दर सीधे तौर पर प्रहार बल को प्रभावित करते हैं।
4. उत्प्लावन (buoyancy) का केंद्र हमेशाः
(A) गुरूत्व केन्द्र के संपाती होता है।
(B) विस्थापित द्रव के आयतन के केन्द्रक के संपाती होता है।
(C) गुरूत्व केन्द्र के ऊपर स्थित होता है।
(D) गुरूत्व केन्द्र के नीचे स्थित होता है।
RRB J.E. | 14.12.2014 | Yellow paper
Ans: (B) उत्प्लावन केंद्र (Center of Buoyancy) वह बिंदु होता है जहाँ से तरल का कुल ऊपर की ओर लगने वाला बल कार्य करता है। यह बिंदु हमेशा वस्तु द्वारा हटाए गए या विस्थापित किए गए द्रव के आयतन के ज्यामितीय केंद्र (Centroid) पर स्थित होता है। वस्तु के स्थिर तैरने के लिए इस केंद्र की स्थिति बहुत महत्वपूर्ण होती है।
5. यदि आप एक गिलास को पानी और बर्फ से पूरी तरह भरते हैं और बर्फ पूरी तरह गल जाती है, तो क्या होगा?
(A) जल बाहर बहने लगेगा
(B) सारी बर्फ तली में बैठ जाएगी
(C) जलस्तर पूर्ववत रहेगा
(D) बर्फ गलने के साथ-साथ जलस्तर कम होता जाएगा
RRB Group-D | 01-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) बर्फ का घनत्व ($920 , kg/m^3$) पानी ($1000 , kg/m^3$) से कम होता है, इसलिए वह तैरती है। जब बर्फ पिघलती है, तो वह ठीक उतने ही आयतन में बदल जाती है जितना उसने तैरते समय विस्थापित किया था। इस कारण पानी का स्तर न तो बढ़ता है और न ही घटता है, वह पूरी तरह से पूर्ववत बना रहता है।
6. निम्नलिखित में से कौन-सा आर्किमिडीज के सिद्धांत पर आधारित नहीं है?
(A) लैक्टोमीटर
(B) हवाई जहाज के पंखों (wings) की डिजाइनिंग
(C) जहाजों और पनडुब्बियों की डिजाइनिंग
(D) हाइड्रोमीटर
RRB NTPC | 06.04.2021 | Shift-I
Ans: (B) हवाई जहाज के पंखों का डिज़ाइन बरनौली के सिद्धांत पर आधारित होता है। पंख का ऊपरी हिस्सा अधिक घुमावदार बनाया जाता है ताकि वहाँ हवा का वेग अधिक हो और दाब कम हो जाए। पंख के नीचे और ऊपर के इस दाब अंतर (Pressure Difference) के कारण हवाई जहाज को ऊपर की ओर लिफ्ट (Lift) मिलती है।
7. निम्नलिखित में से दाब का विमा सूत्र क्या है।
(A) $MLT^{-2}$
(B) $ML^{-1}T^{-2}$
(C) $ML^{-2}T^{-2}$
(D) $ML^{-1}T^{-1}$
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-07
Ans: (B) दाब का विमा सूत्र बल और क्षेत्रफल की विमाओं के अनुपात से निकाला जाता है। बल की विमा $[MLT^{-2}]$ को क्षेत्रफल $[L^2]$ से भाग देने पर $[ML^{-1}T^{-2}]$ प्राप्त होता है। यह सूत्र हमें बताता है कि दाब द्रव्यमान, लंबाई के व्युत्क्रम और समय के वर्ग के व्युत्क्रम पर निर्भर करता है।
8. ऊँचाई पर उड़ते हुए विमान के केबिन के अंदर का दबाव होता है-
(A) बाहर के समान
(B) बाहर से कम
(C) बाहर की तुलना में अधिक
(D) समुद्र तल पर सामान्य वायुमंडलीय दबाब
RRB NTPC | 29.03.2016 | Shift-III
Ans: (C) अधिक ऊँचाई पर वायुमंडलीय दाब बहुत कम हो जाता है, जो मनुष्यों के लिए घातक हो सकता है। इसलिए विमानों के केबिन को सील कर दिया जाता है और अंदर का दबाव कृत्रिम रूप से बाहरी दबाव की तुलना में बहुत अधिक (लगभग समुद्र तल के बराबर) रखा जाता है। इससे यात्रियों को सामान्य रूप से साँस लेने में कोई समस्या नहीं होती।
9. एक निश्चित तापमान पर वायु का दबाव............के आनुपातिक होता है।
(A) घनत्व
(B) वेग
(C) दूरी
(D) आयतन
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) नियत तापमान पर गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है। जब किसी बर्तन में गैस का घनत्व बढ़ाया जाता है, तो प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या बढ़ जाती है। इससे गैस के अधिक अणु बर्तन की दीवारों से टकराते हैं। चूँकि दाब दीवारों पर होने वाली इन टक्करों की संख्या और बल पर निर्भर करता है, इसलिए टक्करों की संख्या बढ़ने से दीवारों पर लगाया गया बल बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप गैस का दाब भी बढ़ जाता है। इसी कारण नियत तापमान पर गैस का दाब उसके घनत्व के सीधे आनुपातिक होता है, अर्थात् $(P \propto \rho)$
5. Periodic Classification of Elements
1. आवर्तता (पीरियोडिसिटी) के संदर्भ में परमाणु त्रिज्या को मापने के लिए पिकोमीटर नामक इकाई का उपयोग किया जाता है।
(A) परमाणु त्रिज्या
(B) स्पिन क्वांटम संख्या
(C) मोलर द्रव्यमान
(D) परमाणु घनत्व
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (A) परमाणु त्रिज्या अत्यंत छोटी होती है, इसलिए इसे मापने के लिए पिकोमीटर ($pm$) या एंगस्ट्रॉम ($\mathring{A}$) का उपयोग किया जाता है। $1 pm = 10^{-12} m$ और $1 \mathring{A} = 10^{-10} m$ होता है। यह नाभिक के केंद्र से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन कक्षा की दूरी को दर्शाता है।
2. आवर्त सारणी में, जब आप किसी आवर्त (क्षैतिज पंक्ति) में बाएँ से दाएँ जाते हैं तो परमाणु त्रिज्या क्या प्रवृत्ति दर्शाती है?
(A) परमाणु त्रिज्या बढ़ती है
(B) परमाणु त्रिज्या अनियमित व्यवहार प्रदर्शित करती है
(C) परमाणु त्रिज्या स्थिर रहती है
(D) परमाणु त्रिज्या घटती है
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (D) आवर्त सारणी में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ-साथ नाभिक में प्रोटॉन की संख्या बढ़ती है, जिससे प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) बढ़ता है। यह बढ़ा हुआ आवेश इलेक्ट्रॉनों को नाभिक की ओर अधिक मजबूती से खींचता है, जिससे परमाणु त्रिज्या घटती है।
3. न्यूलैंड्स का अष्टक का सिद्धांत (law of octaves) केवल किस तत्व तक लागू होता है?
(A) Ca
(B) K
(C) Na
(D) Mg
Constable GD Examination 2024
Ans: (A) न्यूलैंड का अष्टक नियम (Law of Octaves) केवल हल्के तत्वों के लिए मान्य था। यह कैल्शियम ($Ca$, परमाणु द्रव्यमान 40) तक ही सही ढंग से लागू होता था। कैल्शियम के बाद, प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व से मेल नहीं खाते थे।
4. न्यूलैंड द्वारा किन दो तत्वों को एक ही स्लॉट में रखा गया था?
(A) Ca और Cu
(B) As और Se
(C) Co और Ni
(D) Na और Al
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) न्यूलैंड ने अपनी सारणी में तत्वों को समायोजित करने के लिए कुछ स्थानों पर दो-दो तत्वों को एक साथ रखा था। उदाहरण के लिए, कोबाल्ट ($Co$) और निकल ($Ni$) को एक ही स्लॉट में रखा गया था। इसी प्रकार सीरियम ($Ce$) और लैंथेनम ($La$) को भी साथ रखा गया था।
5. न्यूलैंड के अष्टक सिद्धांत के अनुसार, पोटैशियम और कॉपर के बीच कितने तत्व मौजूद हैं?
(A) 7
(B) 5
(C) 9
(D) 8
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) न्यूलैंड की आवर्त सारणी में तत्वों को परमाणु भार के क्रम में रखा गया था। पोटैशियम ($K$) और कॉपर ($Cu$) के बीच में 7 तत्व रखे गए थे, ताकि अष्टक नियम के अनुसार गुणों की आवर्तिता बनी रहे।
6. निम्नलिखित में से गलत कथनों का चयन कीजिए। (i) न्यूलैंड ने तत्वों को बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमानों के क्रम में व्यवस्थित किया और अष्टक नियम दिया। (ii) सोडियम, लीथियम के बाद आठवां तत्व है (iii) कैल्शियम, बेरीलियम के बाद आठवां तत्व है (iv) अष्टक नियम केवल मैग्नीशियम तक ही लागू था
(A) iv
(B) i
(C) ii
(D) iii
RRB Group-D | 24/08/2022 | Shift-II
Ans: (A) न्यूलैंड का अष्टक नियम केवल कैल्शियम ($Ca$) तक ही लागू होता था, न कि मैग्नीशियम तक। मैग्नीशियम के बाद भी यह नियम कैल्शियम तक सही काम करता था, लेकिन भारी तत्वों (जैसे $Fe$) के लिए यह विफल हो गया। इसलिए कथन (iv) गलत है।
7. न्यूलैंड्स के अष्टक में, इनमें से किन दो तत्वों को H, F, Cl और Br के साथ समान स्तंभ में रखा गया था?
(A) Cr और Zr
(B) P और S
(C) Co और Ni
(D) C और K
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) न्यूलैंड ने कोबाल्ट ($Co$) और निकल ($Ni$) को फ्लोरीन ($F$), क्लोरीन ($Cl$) और ब्रोमीन ($Br$) वाले स्तंभ में रखा था। यह वर्गीकरण गलत था क्योंकि $Co$ और $Ni$ धातुएं हैं जबकि $F, Cl, Br$ अत्यधिक क्रियाशील अधातुएं (हैलोजन) हैं।
8. न्यूलैण्ड की आवर्त तालिका में तत्वों.... को हैलोजनों के साथ रखा गया था।
(A) Mn और As
(B) Fe और Se
(C) Ce और La
(D) Co और Ni
RRB ALP & Tec. | 30/08/2018 | Shift-II
Ans: (D) न्यूलैंड की तालिका में कोबाल्ट ($Co$) और निकल ($Ni$) को हैलोजनों ($F, Cl, Br$) के साथ रखा गया था, जो उनके रासायनिक गुणों के बिल्कुल विपरीत था। यह अष्टक नियम की सीमाओं में से एक प्रमुख सीमा थी।
9. न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के अनुसार, 'लौह', जो गुणों में.... और.... जैसा दिखता है, इन तत्वों से बहुत दूर रखा गया है-
(A) Co और Ni
(B) Ni और Mn
(C) Co और Cu
(D) Cu और Ni
RRB Group-D | 10/10/2018 | Shift-III
Ans: (A) आयरन ($Fe$) के रासायनिक और चुंबकीय गुण कोबाल्ट ($Co$) और निकल ($Ni$) के समान होते हैं। इसके बावजूद, न्यूलैंड ने आयरन को इन दोनों तत्वों से बहुत दूर, ऑक्सीजन और सल्फर वाले समूह में रख दिया था।
10. डॉबेराइनर के त्रिक के सम्बन्ध में इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(A) यदि तीन तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमानों के अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो तीसरे तत्व का परमाणु द्रव्यमान औसत होता है।
(B) Cl, Br और I डॉबेराइनर त्रिक बनाते हैं।
(C) यदि तीन तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमानों के आरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान औसत होता है।
(D) Li, Na और K, डॉबेराइन त्रिक बनाते हैं।
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) डॉबेराइनर के त्रिक नियम (Triad Law) की मानक परिभाषा के अनुसार, तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के 'आरोही' (Increasing) क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तब मध्य तत्व का द्रव्यमान शेष दो के औसत के बराबर होता है। 'अवरोही' क्रम का उल्लेख परिभाषा में नहीं होता, इसलिए कथन (A) तकनीकी रूप से अशुद्ध माना जाता है।
11. निम्नलिखित में से कौन सा त्रिक, डॉबेराइनर का त्रिक (Dobereiner's triad) नहीं है? (i) Li, Na, K (ii) Ca, Sr, Ba (iii) N, P, Sb (iv) Cl, Br, I
(A) केवल iii
(B) केवल i
(C) केवल ii
(D) केवल iv
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-III
Ans: (A) नाइट्रोजन ($N$), फॉस्फोरस ($P$) और एंटीमनी ($Sb$) डॉबेराइनर त्रिक नहीं बनाते हैं क्योंकि इनके द्रव्यमानों में औसत का नियम सही नहीं बैठता। डॉबेराइनर के तीन मुख्य त्रिक थे: 1) $Li, Na, K$ 2) $Ca, Sr, Ba$ और 3) $Cl, Br, I$।
12. डॉबेराइनर के त्रिक के अनुसार, इनमें से कौन सा तत्व कैल्शियम और बेरियम के मध्य स्थित हो सकता है? (Ca का परमाणु द्रव्यमान = 40.1 और Ba का परमाणु द्रव्यमान = 137.3)
(A) नाइट्रोजन (परमाणु द्रव्यमान = 14.00)
(B) क्लोरिन (परमाणु द्रव्यमान = 35.5)
(C) स्ट्रॉन्शियम (परमाणु द्रव्यमान = 87.62)
(D) फॉस्फोरस (परमाणु द्रव्यमान = 30.97)
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-I
Ans: (C) डॉबेराइनर के त्रिक में मध्य तत्व का परमाणु द्रव्यमान पहले और तीसरे तत्व के द्रव्यमान का औसत होता है। यहाँ, $\\frac{40.1 + 137.3}{2} = 88.7$ है। यह द्रव्यमान स्ट्रॉन्शियम ($Sr$, परमाणु द्रव्यमान 87.62) के सबसे करीब है। अतः सही तत्व स्ट्रॉन्शियम है।
13. मेडेलीफ की आवर्त सारणी का उपयोग करते हुए, Ba और K के ऑक्साइडों के लिए सही सूत्र का चयन कीजिए।
(A) BaO और KO
(B) BaO2 और K2O
(C) BaO और KO2
(D) BaO और K2O
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-II
Ans: (D) मेंडलीव की आवर्त सारणी में पोटैशियम ($K$) समूह I में है, जिसकी संयोजकता 1 होती है, अतः इसका ऑक्साइड $K_2O$ होगा। बेरियम ($Ba$) समूह II में है, जिसकी संयोजकता 2 होती है, अतः इसका ऑक्साइड $BaO$ होगा। सही जोड़ी $BaO$ और $K_2O$ है।
14. निम्न में से किसे मेंडलीफ की आवर्त सारणी की सीमा के रूप में माना गया था?
(A) हाइड्रोजन का क्षारीय मृदा धातुओं के साथ-साथ हैजोजनों से सादृश्य, और हाइड्रोजन को कोई विशिष्ट स्थान नहीं दिया गया था।
(B) हाइड्रोजन का क्षार धातुओं के साथ-साथ हैलोजनों से सादृश्य, और हाइड्रोजन को कोई विशिष्ट स्थान नहीं दिया गया था
(C) हाइड्रोजन का क्षारीय मृदा धातुओं के साथ-साथ हैलोजनों से सादृश्य, और हाइड्रोजन को विशिष्ट स्थान दिया गया था
(D) हाइड्रोजन के क्षार धातुओं के साथ-साथ हैलोजनों से सादृश्य, और हाइड्रोजन को एक विशिष्ट स्थान दिया गया था
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) मेंडलीव हाइड्रोजन की स्थिति को स्पष्ट नहीं कर सके। हाइड्रोजन के गुण क्षार धातुओं (जैसे $Na, K$) और हैलोजन (जैसे $Cl, Br$) दोनों से मिलते हैं। क्षार धातुओं की तरह यह ऑक्साइड बनाता है और हैलोजन की तरह यह द्विपरमाणुक अणु बनाता है। इस दोहरे व्यवहार के कारण इसे कोई निश्चित स्थान नहीं दिया जा सका।
15. मेंडेलीफ का आवर्त नियम, आवर्त सारिणी में ........... की स्थिति की व्याख्या नहीं कर सका।
(A) आइसोडायफर
(B) समस्थानिक
(C) समन्यूट्रॉनिक
(D) समभारिक
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift-I
Ans: (B) समस्थानिक (Isotopes) एक ही तत्व के परमाणु होते हैं जिनके परमाणु द्रव्यमान भिन्न होते हैं लेकिन रासायनिक गुण समान होते हैं। चूँकि मेंडलीव की सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी, इसलिए समस्थानिकों को अलग स्थान मिलना चाहिए था, लेकिन इससे रासायनिक समानता का नियम टूट जाता। यह उनकी सारणी की एक बड़ी चुनौती थी।
16. मेंडलीफ की आवर्त सारणी के संबंध में इनमें से कौन सा कथन सही नहीं है?
(A) मेंड़लीफ की आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को एक निश्चित स्थान दिया गया था।
(B) उस समय तक उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की खोज नहीं हुई थी।
(C) क्षार धातुओं की तरह, हैलोजन, ऑक्सीजन और सल्फर के साथ अभिक्रिया करके समान सूत्र वाले यौगिक बनता है।
(D) मेंडलीफ की आवर्त सारणी में समस्थानिकों को कोई विशिष्ट स्थान नहीं दिया गया था।
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) मेंडलीव अपनी आवर्त सारणी में हाइड्रोजन को एक निश्चित और उचित स्थान देने में असमर्थ रहे थे। उन्होंने इसे क्षार धातुओं के ऊपर रखा था, लेकिन यह हैलोजनों के गुण भी दर्शाता था। इसलिए यह कथन गलत है कि उन्होंने हाइड्रोजन को एक निश्चित स्थान दिया था।
17. निम्न में से कौन से कथन सही हैं? A. चौथे और पांचवें आवर्त में 18 तत्व हैं। B. सातवाँ आवर्त अपूर्ण है जिसमें 33 तत्व हैं। C. छठे आवर्त में 32 तत्व हैं।
(A) A और B
(B) B और C
(C) A, B और C
(D) A और C
RRB Group-D | 12/10/2018 | Shift-II
Ans: (D) आधुनिक आवर्त सारणी में: पहला आवर्त (2 तत्व), दूसरा व तीसरा (8-8 तत्व), चौथा व पांचवां (18-18 तत्व) और छठा आवर्त (32 तत्व) होते हैं। सातवां आवर्त भी अब 32 तत्वों के साथ पूर्ण माना जाता है (तत्व 118 तक), लेकिन ऐतिहासिक संदर्भ में इसे अक्सर अपूर्ण कहा जाता था या 32 तत्वों वाला माना जाता है। कथन A और C तथ्यात्मक रूप से सही हैं।
18. तत्वों A, B, C, D और E जिनका परमाणु क्रमांक क्रमशः 2, 3, 7, 10 और 30 है, में से कौन सा तत्व समान आवर्त से संबंधित होता है?
(A) A, D, E
(B) B, C, D
(C) A, B, C
(D) B, D, E
RRB Group-D | 18/09/2018 | Shift-II
Ans: (B) तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास देखने पर: $B (Z=3) \rightarrow 2,1$; $C (Z=7) \rightarrow 2,5$; $D (Z=10) \rightarrow 2,8$। इन तीनों तत्वों में कोशों की संख्या समान (2) है, जिसका अर्थ है कि ये सभी 'दूसरे आवर्त' (2nd Period) से संबंधित हैं।
19. दूसरे आवर्त के तत्वों के लिए कौन सा कथन सही है?
(A) इनमें समान संख्या में संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं, लेकिन इनमें समान संख्या में कोश नहीं होते हैं।
(B) इनमें समान संख्या में संयोजकता इलेक्ट्रॉन नही होते हैं, लेकिन इनमें समान संख्या में कोश होते हैं।
(C) इनमें समान संख्या में संयोजकता इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं और इनमें समान संख्या में कोश नहीं होते हैं।
(D) इनमें संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है और इनमें कोशों की संख्या भी समान होती है।
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) किसी भी एक आवर्त के सभी तत्वों में कोशों (Shells) की संख्या समान होती है। दूसरे आवर्त ($Li$ से $Ne$) के सभी तत्वों में दो कोश ($K$ और $L$) होते हैं, लेकिन उनमें संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या 1 से 8 तक भिन्न होती है।
20. नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन I: आवर्त में बाईं से दाईं ओर जाने पर परमाणु त्रिज्या में वृद्धि होती है। कथन II: आवर्त में बाई से दाईं ओर जाने पर नाभिकीय आवेश में वृद्धि होती है।
(A) दोनों कथन सही हैं। कथन II, कथन I की सही व्याख्या है।
(B) केवल कथन I सही है।
(C) दोनों कथन सही हैं। कथन I, कथन II की सही व्याख्या है।
(D) केवल कथन II सही है।
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-III
Ans: (D) एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या बढ़ती है, जिससे नाभिकीय आवेश (Nuclear Charge) में वृद्धि होती है (कथन II सही है)। यह बढ़ा हुआ आवेश इलेक्ट्रॉनों को अंदर की ओर खींचता है, जिससे परमाणु त्रिज्या 'घटती' है (कथन I गलत है)।
21. जब परमाणु क्रमांक....और नाभिकीय आवेश........., तब नाभिक और संयोजी इलेक्ट्रॉनों के बीच आकर्षण बल..............इसलिए, Li से F तक परमाणु त्रिज्या.......।
(A) बढ़ता है, घटता है, घटता है, बढ़ती है
(B) बढ़ता है, बढ़ता है, घटता है, घटती है
(C) बढ़ता है, बढ़ता है, बढ़ता है, घटती है
(D) घटता है, घटता है, घटता है, बढ़ती है
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-I
Ans: (C) जब परमाणु क्रमांक 'बढ़ता' है और नाभिकीय आवेश 'बढ़ता' है, तब नाभिक और संयोजी इलेक्ट्रॉनों के बीच आकर्षण बल 'बढ़ता' है। इस प्रबल आकर्षण के कारण इलेक्ट्रॉन नाभिक के करीब आते हैं, इसलिए $Li$ से $F$ तक परमाणु त्रिज्या 'घटती' है।
22. Na, Mg, Al और Si में प्रथम आयनीकरण क्षमता का क्रम होता है-
(A) Na > Mg > Al < Si
(B) Na < Mg > Al < Si
(C) Na > Mg > Al > Si
(D) Na < Mg < Al > Si
RRB Group-D | 31/10/2018 | Shift-I
Ans: (B) सामान्यतः आवर्त में आयनन ऊर्जा बढ़ती है: $Na < Mg < Al < Si$। लेकिन मैग्नीशियम ($Mg$, $3s^2$) का विन्यास पूर्ण भरा होने के कारण यह एल्युमीनियम ($Al$, $3p^1$) से अधिक स्थायी है। इसलिए $Mg$ की आयनन ऊर्जा $Al$ से अधिक होती है। सही प्रायोगिक क्रम: $Na < Al < Mg < Si$ है, जो विकल्प में $Na < Mg > Al < Si$ के रूप में परिलक्षित होता है।
23. निम्नलिखित तत्वों को उनके धात्त्विक लक्षणों के आधार पर अवरोही क्रम में रखने पर प्राप्त होने वाले विकल्प का चयन करें। Na, Si, Cl, Mg, Al
(A) Na > Mg > Al > Si > Cl
(B) Al > Na > Si > Ca > Mg
(C) Cl > Si > Al > Mg > Na
(D) Na > Al > Mg > Cl > Si
RRB Group-D | 15/11/2018 | Shift-II
Ans: (A) आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक गुण (इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता) घटता है। सोडियम ($Na$, Group 1) सबसे अधिक धात्विक है, मैग्नीशियम ($Mg$, Group 2) उससे कम, एल्युमीनियम ($Al$, Group 13) और कम, तथा सिलिकॉन ($Si$) एक उपधातु और क्लोरीन ($Cl$) एक अधातु है। सही अवरोही क्रम: $Na > Mg > Al > Si > Cl$।
24. वह समूह जो प्रथम आयनीकरण क्षमता के सही क्रम को दर्शाता है-
(A) Ge > Si > C
(B) K > Na > Li
(C) B > C > N
(D) Be > Mg > Ca
RRB Group-D | 30/10/2018 | Shift-II
Ans: (D) किसी भी समूह (Group) में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ता है, जिससे नाभिकीय आकर्षण कम होता है और आयनन ऊर्जा (Ionization Potential) घटती है। क्षारीय मृदा धातुओं (Group 2) के लिए यह क्रम बिल्कुल सही है: $Be > Mg > Ca$।
25. किसी आवर्त के चार मूल तत्वों की परमाणु संख्या 11, 13, 16 और 17 है। आधुनिक आवर्त सारणी में इनमें से सबसे अधिक धात्विक मूल तत्व की परमाणु संख्या होगी।
(A) 9
(B) 13
(C) 32
(D) 11
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-I
Ans: (D) धात्विक गुण (Metallic Character) का अर्थ है इलेक्ट्रॉन त्यागने की आसानी। आवर्त सारणी में सबसे बाईं ओर स्थित तत्व (क्षार धातुएं) सबसे अधिक धात्विक होते हैं। दिए गए विकल्पों में परमाणु क्रमांक 11 ($Na$) एक क्षार धातु है, जो $Al$ (13), $S$ (16) और $Cl$ (17) की तुलना में सबसे आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागता है।
5. Reproduction in Plants
1. वह प्रक्रिया क्या कहलाती है, जिसके द्वारा एक जीव मादा के रूप में जीवन आरंभ करता है और कालांतर में नर में बदल जाता है?
(A) स्त्रीपूर्वता
(B) पुंपूर्वता
(C) विषमयुग्मजता
(D) समयुग्मजता
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) वह प्रक्रिया जिसमें जीव मादा के रूप में जीवन शुरू करता है और बाद में नर बन जाता है, उसे स्त्रीपूर्वता ($Protogyny$) कहते हैं। यह कुछ समुद्री मछलियों और पौधों में $Self-Fertilization$ को रोकने का एक जैविक तंत्र है।
2. पौधों में कायिक प्रवर्धन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
(A) बीज से उत्पन्न होने वाले पौधों की तुलना में, इन पौधे में फूल और फल पहले आते हैं।
(B) पौधे, जड़, तने और पत्तियों से उगाए जाते हैं।
(C) उत्पन्न पौधे, मूल पौधों से आनुवंशिक रूप से भिन्न होते हैं।
(D) जो पौधे बीज पैदा करने की क्षमता खो चुके हैं, उन्हें उगाया जा सकता है।
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-1
Ans: (C) कायिक प्रवर्धन से उत्पन्न पौधे आनुवंशिक रूप से अपने मूल पौधे के बिल्कुल समान होते हैं, न कि भिन्न। कथन "उत्पन्न पौधे मूल पौधों से आनुवंशिक रूप से भिन्न होते हैं" गलत है क्योंकि इसमें $Meiosis$ और $Crossing\ Over$ नहीं होता।
3. इनमें से क्या अलैंगिक प्रजनन का उदाहरण नहीं है?
(A) विखंडन
(B) ग्राफ्टिंग
(C) द्विविभाजन
(D) मुकुलन
RRB Group-D | 17/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) ग्राफ्टिंग ($Grafting$) एक कृत्रिम वानस्पतिक प्रवर्धन की तकनीक है, जबकि विखंडन, द्विविभाजन और मुकुलन प्राकृतिक रूप से होने वाले सूक्ष्मजीवों के प्रजनन प्रकार हैं। ग्राफ्टिंग में दो अलग-अलग पौधों ($Stock$ और $Scion$) को जोड़ा जाता है।
4. पुष्पी पादपों में प्रजनन के संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है?
(A) पौधे से अलग किए गए और कृत्रिम माध्यम में उगाए गए ऊतकों से प्रजनन हो सकता है।
(B) बीजाणुओं के माध्यम से प्रजनन हो सकता है।
(C) प्रजनन बीजों के माध्यम से हो सकता है।
(D) तनों के टुकड़ों से प्रजनन हो सकता है।
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) पुष्पी पादप ($Angiosperms$) मुख्य रूप से बीज और वानस्पतिक अंगों द्वारा प्रजनन करते हैं। बीजाणुओं ($Spores$) द्वारा प्रजनन मुख्य रूप से निम्न श्रेणी के पौधों जैसे कवक, फर्न और काई (Moss) में होता है, उन्नत फूलों वाले पौधों में नहीं।
5. फूल में पुष्प-योनी है-
(A) उभयलिंगी
(B) मादा जनन तन्त्र
(C) एक लिंगी
(D) पुरुष जनन तन्त्र
RRB NTPC | 04.01.2021 | Shift-I
Ans: (B) फूल के मादा जनन अंग को जायांग ($Gynoecium$) या पिस्टिल कहा जाता है। इसके तीन मुख्य भाग होते हैं: वर्तिकाग्र ($Stigma$), वर्तिका ($Style$) और अंडाशय ($Ovary$)। यह $Megaspores$ के उत्पादन और निषेचन के लिए उत्तरदायी है।
6. पार्थेनॉकॉर्पी को किसके रूप में परिभाषित किया गया है?
(A) निषेचन के साथ जड़ों के विकास
(B) निषेचन के साथ फलों के विकास
(C) निषेचन के बिना जड़ों के विकास
(D) निषेचन के बिना फलों के विकास
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-I
Ans: (D) बिना निषेचन ($Fertilization$) के फलों के विकास को पार्थेनॉकॉर्पी ($Parthenocarpy$) कहा जाता है। ऐसे फल आमतौर पर बीजरहित (Seedless) होते हैं, जैसे केला और अंगूर। इसमें $Auxin$ जैसे $Hormones$ का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
7. निम्नलिखित में से कौन बढ़ते भ्रूण के लिए पोषक ऊतक का कार्य करता है?
(A) बीजांड
(B) अंडाशय
(C) एण्डोस्पर्म
(D) युग्मनज
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-II
Ans: (C) भ्रूणपोष ($Endosperm$) बढ़ते हुए भ्रूण (Embryo) को पोषण प्रदान करने वाला ऊतक है। यह त्रि-संलयन ($Triple\ Fusion$) के परिणामस्वरूप $3n$ अवस्था में बनता है। इसमें प्रचुर मात्रा में $Nutrients$ संचित रहते हैं।
8. एक प्रकार के अलैंगिक प्रजनन को पहचाने जिसमें जड़, तने और पत्तियों जैसे पौधे के कुछ हिस्सों के माध्यम से प्रजनन शामिल है?
(A) मुकलन
(B) वानस्पतिक प्रजनन
(C) विखंडन
(D) अणुओं का विभाजन
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-III
Ans: (B) जब प्रजनन में पौधे के वानस्पतिक भाग जैसे जड़ ($Root$), तना ($Stem$) या पत्ती ($Leaf$) शामिल होते हैं, तो इसे वानस्पतिक प्रजनन ($Vegetative\ Reproduction$) कहते हैं। यह $Asexual$ प्रजनन का ही एक रूप है जो उच्च श्रेणी के पौधों में पाया जाता है।
9. किस प्रकार के प्रजनन से अधिक विविधता उत्पन्न होती है?
(A) बाइनरी विखंडन
(B) अलैंगिक प्रजनन
(C) बहु विखंडन
(D) लैंगिक प्रजनन
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-I
Ans: (D) लैंगिक प्रजनन ($Sexual\ Reproduction$) में दो अलग-अलग जनकों के $DNA$ का मेल होता है और $Meiosis$ के दौरान $Crossing\ Over$ की प्रक्रिया होती है। इसी कारण इसमें सबसे अधिक आनुवंशिक विविधता (Variation) उत्पन्न होती है।
10. निम्नलिखित में से किस प्रकार के प्रजनन से अधिक विविधता की उत्पत्ति होती है?
(A) द्विखण्डन
(B) अलैंगिक
(C) पुनर्जनन
(D) लैंगिक
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) विकासवाद की दृष्टि से लैंगिक प्रजनन सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नई विविधता ($Diversity$) को जन्म देता है। विविधता जीवों को बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में जीवित रहने ($Survival\ of\ the\ fittest$) में मदद करती है।
11. किस प्रकार का पुनर्जनन अधिक विविधता ला सकता है?
(A) बीजांड द्वारा जनन
(B) पुनर्जनन
(C) लैंगिक
(D) मुकुलन
RRB Group-D | 09-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) लैंगिक प्रजनन में युग्मकों के निर्माण के दौरान $Genetic\ Recombination$ होता है। यह प्रक्रिया माता-पिता के गुणों को मिलाकर संतानों में नए लक्षण पैदा करती है, जो अलैंगिक या मुकुलन जैसी विधियों में संभव नहीं है।
12. एक प्रसुप्त या डारमेंट भ्रूण द्वारा सामान्य विकास के आरंभ अथवा पुनर्ग्रहण को ............. कहा जाता है।
(A) बीज निष्क्रियता
(B) फलों का गुच्छा या फ्रूट सेट
(C) अंकुरण
(D) फलो का पकना
RRB Group-D | N/A | N/A
Ans: (C) एक सुप्त भ्रूण ($Dormant\ Embryo$) का सक्रिय होकर विकास शुरू करना अंकुरण ($Germination$) कहलाता है। सुप्तावस्था (Dormancy) बीज को प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवित रखने में मदद करती है और सही समय आने पर $Enzymes$ सक्रिय होकर विकास शुरू करते हैं।
13. निम्नलिखित में से कौन सी घटना द्वारा पौधों को केवल एक जनक द्वारा रोग मुक्त रूप में उगाया जा सकता है?
(A) पुनर्जनन
(B) बीजाणु का निर्माण
(C) ऊतक संवर्धन
(D) यौन प्रजनन
RRB Group-D | 01-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) ऊतक संवर्धन ($Tissue\ Culture$) या माइक्रोप्रोपगेशन द्वारा एक ही जनक से हजारों रोग-मुक्त ($Disease-free$) पौधे प्रयोगशाला में उगाए जा सकते हैं। इसमें पौधे के छोटे से हिस्से ($Explant$) को $Aseptic$ माध्यम में विकसित किया जाता है।
6. Excretory system
1. मनुष्यों में मूत्र निर्माण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
(A) शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना
(B) शरीर के तापमान को नियंत्रित करना
(C) ऑक्सीजन का परिवहन करना
(D) पाचन क्रिया में सहायता करना
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) मूत्र निर्माण का मुख्य उद्देश्य शरीर में बने अपशिष्ट पदार्थों जैसे यूरिया (Urea) और अतिरिक्त लवणों को बाहर निकालना होता है। यह प्रक्रिया शरीर के जल और लवण संतुलन (Water and salt balance) को बनाए रखने में सहायक होती है। इसी कारण मूत्र निर्माण शरीर की आंतरिक स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
2. पौधे अपने पत्तों का उपयोग उत्सर्जन की रणनीति के रूप में कैसे करते हैं?
(A) वे अपशिष्ट को पत्तियों की रिक्तिकाओं (vacuoles) में जमा करते हैं, जो बाद में झड़ जाती हैं
(B) वे अपशिष्ट को ऑक्सीजन में बदलते हैं जो पत्तियों से निकलती है
(C) वे पत्ती की सतह पर अपशिष्ट स्रावित करते हैं
(D) रंध्रों के माध्यम से रेजिन का वाष्पोत्सर्जन
MP Police constable 2025 | 14-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) पौधों में उत्सर्जन की एक मुख्य रणनीति अपशिष्ट पदार्थों को पुरानी पत्तियों की रिक्तिकाओं (Vacuoles) में जमा करना है। जब ये पत्तियां परिपक्व होकर गिर जाती हैं, तो उनके साथ अपशिष्ट भी पौधे से अलग हो जाता है। पौधों में कोई विशिष्ट उत्सर्जन तंत्र नहीं होता है। अन्य अपशिष्ट जैसे रेजिन और गोंद पुराने जाइलम (Xylem) में संचित होते हैं। कुछ अपशिष्ट पदार्थ जड़ों के माध्यम से सीधे मिट्टी में भी छोड़े जाते हैं।
3. पत्तियों का गिरना पौधों के उत्सर्जन में सहायक क्यों होता है?
(A) प्रकाश संश्लेषण को बढ़ाता है
(B) संक्रमण को रोकता है
(C) वाष्पोत्सर्जन को रोकता है
(D) संग्रहित अपशिष्ट उत्पादों को हटाता है
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) • पत्तियों का गिरना (Leaf Fall) पौधों के लिए एक प्रमुख उत्सर्जन विधि है। • इसमें संचित अपशिष्ट जैसे कैल्शियम ऑक्सालेट के क्रिस्टल शरीर से बाहर निकल जाते हैं। • पौधे अपने अपशिष्टों को छाल और मृत ऊतकों के माध्यम से भी त्यागते हैं।
4. पौधों में कौन-सी प्रक्रिया अतिरिक्त पानी को उत्सर्जन के रूप में निकालने में मदद करती है?
(A) बिंदुस्राव (Guttation)
(B) वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)
(C) स्थानांतरण (Translocation)
(D) श्वसन (Respiration)
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) • वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) प्रक्रिया के दौरान पौधे रंध्रों (Stomata) के माध्यम से अतिरिक्त जल को वाष्प के रूप में बाहर निकालते हैं। • यह प्रक्रिया न केवल उत्सर्जन में मदद करती है, बल्कि पौधे को ठंडा रखने (Cooling effect) में भी सहायक है। • यह जड़ों से पत्तियों तक खनिज लवणों के परिवहन में खिंचाव (Suction pull) पैदा करती है।
5. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पौधों और जानवरों के उत्सर्जन को सही रूप से अलग करता है?
(A) जानवर नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्सर्जित करते हैं: पौधे अपशिष्टों को संग्रहित करते हैं या बहा देते हैं
(B) जानवर वाष्पोत्सर्जन करते हैं: पौधे गुर्दों का उपयोग करते हैं
(C) दोनों विशिष्ट उत्सर्जन अंगों का उपयोग करते हैं
(D) पौधे फेफड़ों पर निर्भर करते हैं; जानवर रंध्र पर निर्भर करते हैं
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) • जंतुओं में उत्सर्जन के लिए वृक्क (Kidney) जैसे जटिल अंग होते हैं, जबकि पौधों में कोई विशिष्ट उत्सर्जन अंग नहीं होता। • जंतु यूरिया या अमोनिया जैसे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट निकालते हैं। • पौधे अपशिष्ट को पत्तियों में जमा करते हैं या मिट्टी में स्रावित कर देते हैं।
6. प्रकाश संश्लेषण का कौन-सा अपशिष्ट उत्पाद संचित होने पर हानिकारक माना जाता है?
(A) ग्लूकोज़
(B) जल
(C) कार्बन डाइऑक्साइड
(D) ऑक्सीजन
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया में ऑक्सीजन ($O_2$) एक उप-उत्पाद के रूप में निकलती है, लेकिन यदि यह पौधे के अंदर ही अत्यधिक मात्रा में संचित हो जाए, तो यह हानिकारक हो सकती है। पौधे इस ऑक्सीजन का उपयोग श्वसन में करते हैं और अतिरिक्त मात्रा को रंध्रों (Stomata) के माध्यम से बाहर निकाल देते हैं। प्रकाश संश्लेषण का मुख्य उत्पाद ग्लूकोज ($C_6H_{12}O_6$) होता है। रात के समय पौधे ऑक्सीजन लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ही प्रकाश संश्लेषण की क्रिया तीव्र होती है।
7. प्रकाश संश्लेषण का कौन-सा अपशिष्ट उत्पाद संचित होने पर हानिकारक माना जाता है?
(A) ग्लूकोज़
(B) जल
(C) कार्बन डाइऑक्साइड
(D) ऑक्सीजन
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (D) • ऑक्सीजन प्रकाश संश्लेषण की अपशिष्ट गैस है, जिसे पौधे श्वसन के लिए उपयोग करते हैं और अतिरिक्त मात्रा बाहर निकाल देते हैं। • रात के समय, जब प्रकाश संश्लेषण नहीं होता, तब $CO_2$ मुख्य अपशिष्ट गैस बन जाती है। • पौधों के अपशिष्टों में जलवाष्प भी शामिल है जो वाष्पोत्सर्जन द्वारा निकलती है।
8. मनुष्यों का निम्न में से कौन सा अंग उत्सर्जन अंग के रूप में कार्य नहीं करता है?
(A) फेफड़े
(B) छोटी आंत
(C) त्वचा
(D) बड़ी आंत
Ans: (B) फेफड़े कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide) और जलवाष्प को बाहर निकालते हैं तथा त्वचा पसीने के रूप में जल और लवणों का निष्कासन करती है। बड़ी आंत अपचित अवशेषों को मल के रूप में बाहर निकालने में सहायक होती है। छोटी आंत का मुख्य कार्य पाचन और अवशोषण (Absorption) है, न कि उत्सर्जन।
9. मानवों में उत्सर्जन तंत्र के सही अनुक्रमिक क्रम की पहचान कीजिए।
(A) वृक्क, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय, मूत्रमार्ग
(B) वृक्क, मूत्राशय, मूत्रवाहिनी, मूत्रमार्ग
(C) वृक्क, मूत्रवाहिनी, मूत्रमार्ग, मूत्राशय
(D) वृक्क, मूत्रमार्ग, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय
Ans: (A) मानवों में मूत्र का निर्माण वृक्क (Kidney) में होता है जहाँ से यह मूत्रवाहिनी (Ureter) द्वारा मूत्राशय (Urinary bladder) तक पहुँचता है। मूत्राशय में मूत्र का अस्थायी संग्रह होता है और अंत में मूत्रमार्ग (Urethra) के माध्यम से यह शरीर से बाहर निकलता है। इसी क्रम में उत्सर्जन तंत्र सही रूप से कार्य करता है
10. निम्नलिखित में से कौन सा मानव उत्सर्जन प्रणाली का गठन करता है
(A) एक जोड़ी वृक्क, एक जोड़ी मूलवाहिनी, एक मूत्राशय और एक मूत्रमार्ग
(B) एक जोड़ी वृक्क, एक मूलवाहिनी, एकल मूत्राशय और एक मूत्रमार्ग
(C) एक जोड़ी वृक्क, एक मूत्राशय, एक मूत्रवाहिनी और एक जोड़ी मूत्रमार्ग
(D) एक वृक्क, एक मूलवाहिनी, एक जोड़ी मूत्राशय और एक मूत्रमार्ग
Ans: (A) मानव उत्सर्जन प्रणाली में एक जोड़ी वृक्क (Kidney) रक्त का शोधन कर मूत्र बनाते हैं। प्रत्येक वृक्क से एक एक मूत्रवाहिनी (Ureter) निकलकर मूत्र को मूत्राशय (Urinary bladder) तक पहुँचाती है, जहाँ इसका संग्रह होता है। मूत्रमार्ग (Urethra) के माध्यम से मूत्र शरीर से बाहर निकलता है।
6. Oscillations, waves, and sound
1. पेण्डुलम (Pendulum) लयबद्ध दोलक (हार्मोनिक ऑस्सिलेटर) की तरह काम करता है, अतः .......... में इसका प्रयोग किया जाता है-
(A) दादा जी की घड़ी
(B) कलाई में पहनने वाली घड़ी
(C) धूपघड़ी (सनडायल)
(D) रेत की घड़ी (अवरग्लास)
RRB NTPC Stage I | 22.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) पेण्डुलम घड़ी (Grandfather Clock) "Simple Harmonic Motion" के सिद्धांत पर कार्य करती है। इसका आवर्तकाल $T = 2\pi \sqrt{L/g}$ होता है। यहाँ $L$ धागे की लम्बाई और $g$ गुरुत्वीय त्वरण है। कलाई घड़ी (Wrist watch) में स्प्रिंग (Spring) का उपयोग होता है, इसलिए उस पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव नहीं पड़ता, जबकि पेंडुलम पूरी तरह $g$ पर निर्भर है।
2. जब कार एक मोड़ लेती है, तो वह कौन सा बल है जो हमें बाहर की ओर धक्का देता है?
(A) केन्द्राभिमुख बल
(B) अपकेंद्री बल
(C) घर्षण बल
(D) तनाव बल
RRB NTPC Stage I | 06.04.2016 | Shift-I
Ans: (B) जब कार मोड़ लेती है, तो टायर और सड़क के बीच घर्षण से "अभिकेन्द्री बल" (Centripetal Force) मिलता है जो कार को मोड़ता है। लेकिन कार के अंदर बैठे यात्रियों को जड़त्व (Inertia) के कारण बाहर की ओर एक आभासी बल महसूस होता है, जिसे "अपकेंद्री बल" (Centrifugal Force) कहते हैं।
3. डेयरी में प्रयोग किए जाने वाले दूध से क्रीम को अलग करने की प्रक्रिया कहलाती है-
(A) डिकैन्टेशन
(B) आंशिक आसवन
(C) अपकेन्द्रीकरण
(D) क्रिस्टलीकरण
RRB NTPC Stage I | 29.04.2016 | Shift-III
Ans: (C) दूध से क्रीम निकालने के लिए दूध को तेजी से घुमाया जाता है। इस प्रक्रिया में "अपकेन्द्री बल" (Centrifugal Force) कार्य करता है। भारी कण (दूध) बाहर की ओर चले जाते हैं और हल्के कण (क्रीम) केंद्र के पास जमा हो जाते हैं, जिन्हें अलग कर लिया जाता है।
4. किसी भी माध्यम में, जैसे ही हम ..... बढ़ाते हैं, ध्वनि की गति बढ़ जाती है।
(A) तापमान
(B) बल
(C) गति
(D) दबाव
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) किसी माध्यम में तापमान बढ़ने पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे ध्वनि का वेग बढ़ जाता है। वायु में $1^\circ C$ तापमान बढ़ने पर ध्वनि की चाल $0.61 m/s$ बढ़ जाती है। सूत्र: $v \propto \sqrt{T}$ (जहाँ $T$ परम ताप है)। ध्यान दें: दाब (Pressure) बदलने से ध्वनि की चाल पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
6. Metals & Their Compounds
1. धावन सोडा की प्रकृति कैसी होती है?
(A) हल्की
(B) उदासीन
(C) उभयधर्मी
(D) क्षारीय
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) धावन सोडा (Washing Soda) का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट है और इसका सूत्र $Na_{2}CO_{3} \cdot 10H_{2}O$ है। यह प्रकृति में क्षारीय (Basic) होता है। जब इसे पानी में घोला जाता है, तो यह हाइड्रोक्साइड आयन मुक्त करता है जिससे विलयन का pH मान 7 से अधिक हो जाता है।
6. Excretory system
1. निम्नलिखित में से कौन-सा नेफ्रॉन का एक कप के आकार का भाग है जिसके साथ वृक्क में प्रत्येक केशिका गुच्छ जुड़ा होता है?
(A) बोमन झिल्ली (Bowman's capsule)
(B) समीपस्थ कुंडलित नलिका
(C) दूरस्थ कुंडलित नलिका
(D) ग्लोमेरुलस
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (A) वृक्क (Kidney) में नेफ्रॉन के शुरुआती कप के आकार के हिस्से को बोमन संपुट (Bowman capsule) कहा जाता है। यह ग्लोमेरुलस (Glomerulus) नामक रक्त वाहिकाओं के गुच्छे को घेरे रहता है और रक्त को छानने का प्राथमिक कार्य करता है। वृक्क की सबसे छोटी कार्यात्मक इकाई को नेफ्रॉन (Nephron) कहते हैं। एक स्वस्थ मनुष्य के प्रत्येक वृक्क में लगभग $10$ से $12$ लाख नेफ्रॉन होते हैं। रक्त छानने की इस प्रक्रिया को परानिस्पंदन (Ultrafiltration) कहा जाता है।
6. Metals & Their Compounds
1. कौन-सी धातु ठंडे पानी के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करके हाइड्रोजन ($H_2$) उत्पन्न करती है, लेकिन मैग्नीशियम से अधिक अभिक्रियाशील होती है?
(A) पोटेशियम
(B) अल्युमीनियम
(C) सोडियम
(D) कैल्शियम
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) कैल्शियम ($Ca$) ठंडे पानी के साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करता है। यह अभिक्रिया मैग्नीशियम ($Mg$) की तुलना में अधिक तीव्र होती है लेकिन पोटैशियम ($K$) और सोडियम ($Na$) से धीमी होती है। इस प्रक्रिया में हाइड्रोजन गैस ($H_{2}$) के बुलबुले निकलते हैं जो धातु की सतह पर चिपक जाते हैं।
2. कौन-सी धातु अम्लों और क्षारों दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण बनाती है?
(A) ताँबा
(B) मैगनीशियम
(C) सोडियम
(D) अल्युमीनियम
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) एल्युमिनियम ($Al$) एक उभयधर्मी (Amphoteric) धातु है। यह अम्लों और क्षारों दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस बनाता है। उदाहरण के लिए, सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ यह सोडियम एल्युमिनेट ($NaAlO_{2}$) बनाता है।
3. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (एचसीएल) के साथ सबसे कम अभिक्रियाशील है?
(A) एल्युमिनियम
(B) जिंक
(C) मैग्नीशियम
(D) कॉपर
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में कॉपर ($Cu$), हाइड्रोजन से नीचे स्थित है। इसलिए, कॉपर तनु $HCl$ के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस विस्थापित नहीं कर पाता है। मैग्नीशियम, एल्युमिनियम और जिंक सक्रियता श्रेणी में ऊपर होने के कारण अधिक अभिक्रियाशील हैं।
4. कौन-सी धातु गर्म पानी के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन बनाती है, लेकिन ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करती?
(A) सोडियम
(B) कैल्शियम
(C) मैग्नीशियम
(D) कॉपर
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) मैग्नीशियम ($Mg$) ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करता है, लेकिन यह गर्म पानी के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड $Mg(OH)_{2}$ और $H_{2}$ गैस बनाता है। सोडियम और कैल्शियम ठंडे पानी के साथ भी तेजी से अभिक्रिया कर लेते हैं।
6. Excretory system
1. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अच्छी तरह यह समझाता है कि बहुकोशिकीय जीवों को उत्सर्जन के लिए विशिष्ट अंगों की आवश्यकता क्यों होती है?
(A) वे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्पन्न नहीं करते
(B) उनका चयापचय अपशिष्ट विषाक्त नहीं होता
(C) गैसीय अपशिष्ट केवल प्रकाश संश्लेषण द्वारा हटाए जाते हैं
(D) शरीर की जटिलता के कारण केवल विसरण (diffusion) पर्याप्त नहीं है
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) बहुकोशिकीय जीवों का शरीर बहुत विशाल और जटिल होता है, जिसके कारण केवल विसरण (Diffusion) की प्रक्रिया शरीर की हर कोशिका तक अपशिष्ट निकालने में सक्षम नहीं होती है। इसी जटिलता के कारण अपशिष्ट पदार्थों के निष्कासन हेतु विशिष्ट उत्सर्जन अंगों की आवश्यकता पड़ती है। एककोशिकीय जीव जैसे अमीबा सीधे कोशिका की सतह से विसरण द्वारा अपशिष्ट त्यागते हैं। मानव शरीर में मुख्य उत्सर्जी अंग वृक्क (Kidney) है। श्वसन के दौरान गैसों का आदान-प्रदान विसरण के सिद्धांत पर ही कार्य करता है।
2. पौधे अनेक अपशिष्ट उत्पादों को रिक्तिकाओं में बिना किसी तत्काल हानि के संग्रहीत करने में सक्षम क्यों होते हैं?
(A) मिट्टी में स्रावित कर दिया जाता है
(B) अपशिष्ट को नष्ट कर देते हैं
(C) वे अपशिष्ट को अलग (Isolate) कर देते हैं
(D) अपशिष्ट गैर-विषाक्त होते हैं
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) पौधे अपने अपशिष्ट उत्पादों को कोशिका की रिक्तिकाओं (Vacuoles) में अलग (Isolate) करके रखते हैं ताकि वे कोशिका के अन्य सक्रिय हिस्सों को नुकसान न पहुँचा सकें। पादप कोशिकाओं में रिक्तिकाएं बहुत बड़ी होती हैं और कुल कोशिका आयतन का $90$ प्रतिशत तक घेर सकती हैं। ये रिक्तिकाएं न केवल अपशिष्ट जमा करती हैं बल्कि कोशिका को मजबूती (Turgidity) भी प्रदान करती हैं। रिक्तिका की झिल्ली को टोनोप्लास्ट (Tonoplast) कहा जाता है।
3. निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना कार्यात्मक रूप से फेफड़ों की एल्वियोली (वायुकोष्ठिकाओं) के सबसे समान है?
(A) मूत्रमार्ग (Urethra)
(B) बोमन संपुट (Bowman capsule)
(C) मूत्राशय (Urinary bladder)
(D) मूत्रवाहिनी (Ureter)
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) बोमन संपुट (Bowman capsule) की संरचना और कार्य फेफड़ों की वायुकोष्ठिकाओं (Alveoli) के समान है क्योंकि दोनों ही पतली झिल्ली वाली निस्यंदन (Filtration) इकाइयाँ हैं। जहाँ वायुकोष्ठिकाएं गैसों का आदान-प्रदान करती हैं, वहीं बोमन संपुट रक्त से अपशिष्ट छानने का काम करता है। फेफड़ों में लगभग $300$ मिलियन वायुकोष्ठिकाएं पाई जाती हैं। नेफ्रॉन का मुख्य कार्य रक्त का शुद्धिकरण और मूत्र निर्माण है। दोनों संरचनाएं विसरण और दाब के सिद्धांत पर कार्य करती हैं।
6. Metals & Their Compounds
1. धातुओं की तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया में सबसे अधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया किस स्थिति में होती है?
(A) मैग्नीशियम
(B) लोहा
(C) एल्युमीनियम
(D) जिंक
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) तनु अम्लों के साथ मैग्नीशियम ($Mg$) की अभिक्रिया सबसे अधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है क्योंकि यह सक्रियता श्रेणी में जिंक और आयरन से ऊपर है। अभिक्रिया की तीव्रता क्रम इस प्रकार है: $Mg > Al > Zn > Fe$
2. एक ठोस तत्व चमकदार, आघातवर्ध्य और ऊष्मा का सुचालक है। हालांकि, यह ऐसा ऑक्साइड बनाता है जो अम्लों और क्षारों दोनों के साथ अभिक्रिया करता है। वह तत्व कौन-सा है?
(A) जिंक
(B) तांबा
(C) मैग्नीशियम
(D) एल्युमिनियम
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) एल्युमिनियम ($Al$) एक धातु है जिसमें चमक, आघातवर्ध्यता और सुचालकता जैसे गुण होते हैं। इसका ऑक्साइड $Al_{2}O_{3}$ उभयधर्मी (Amphoteric) होता है, जो अम्लों ($HCl$) और क्षारों ($NaOH$) दोनों के साथ क्रिया कर सकता है।
3. एक छात्र दो ठोस पदार्थों A (धातु) और B (अधातु) को गर्म करता है। दोनों ऑक्साइड बनाते हैं। A का ऑक्साइड अम्लों के साथ अभिक्रिया करता है, जबकि B का ऑक्साइड क्षारों के साथ अभिक्रिया करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सही है?
(A) A और B दोनों उभयधर्मी (एम्फोटेरिक) हैं
(B) A एक विशिष्ट धातु है, B एक विशिष्ट अधातु है
(C) A अधातु है, B धातु है
(D) केवल A उभयधर्मी (एम्फोटेरिक) है, B क्षारीय है
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) सामान्यतः धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय (Basic) होते हैं जो अम्लों से क्रिया करते हैं, जबकि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय (Acidic) होते हैं जो क्षारों से क्रिया करते हैं। अतः निष्कर्ष $B$ सही है कि $A$ एक धातु है और $B$ एक अधातु है।
4. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करती?
(A) मैग्नीशियम
(B) मैंगनीज
(C) ताँबा
(D) लोहा
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) कॉपर ($Cu$) सांद्र या तनु नाइट्रिक अम्ल ($HNO_{3}$) के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करता है। इसके बजाय, $HNO_{3}$ एक प्रबल ऑक्सीकारक होने के कारण हाइड्रोजन को ऑक्सीकृत करके पानी ($H_{2}O$) में बदल देता है और स्वयं नाइट्रोजन के ऑक्साइड बनाता है।
5. धातु X को गर्म करने पर यह सफेद ऑक्साइड बनाती है, जो पानी में अघुलनशील है, और यह अम्लों के साथ बहुत कम अभिक्रिया करती है। धातु X की पहचान करें।
(A) लोहा (आयरन)
(B) एल्युमिनियम
(C) जस्ता (जिंक)
(D) मैग्नीशियम
MP Police constable 2025 | 03-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) एल्युमिनियम ($Al$) को गर्म करने पर वह एल्युमिनियम ऑक्साइड $Al_{2}O_{3}$ की एक सफेद सुरक्षात्मक परत बनाता है। यह परत पानी में अघुलनशील होती है और धातु को आगे के संक्षारण से बचाती है।
6. एक धातु सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत बनाती है, फिर भी गर्म क्षार के साथ अभिक्रिया करके घुलनशील एल्युमिनेट और हाइड्रोजन उत्पन्न करती है। उस धातु की पहचान करें।
(A) लोहा
(B) सीसा
(C) एल्युमिनियम
(D) जस्ता (जिंक)
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) एल्युमिनियम ($Al$) गर्म क्षार जैसे $NaOH$ के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एल्युमिनेट $NaAlO_{2}$ (घुलनशील) और हाइड्रोजन गैस $H_{2}$ बनाता है। यह इसकी उभयधर्मी प्रकृति के कारण संभव होता है।
7. कौन-सी धातु (CuSO4) से तांबा (Cu) को विस्थापित कर सकती है लेकिन (MgSO4) से मैग्नीशियम (Mg) को नहीं?
(A) जस्ता (जिंक)
(B) एल्युमिनियम
(C) कैल्शियम
(D) लोहा (आयरन)
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) जिंक ($Zn$) सक्रियता श्रेणी में कॉपर ($Cu$) से ऊपर है, इसलिए यह $CuSO_{4}$ से कॉपर को विस्थापित कर सकता है। लेकिन जिंक, मैग्नीशियम ($Mg$) से नीचे स्थित है, इसलिए यह $MgSO_{4}$ से मैग्नीशियम को विस्थापित नहीं कर पाता।
6. Excretory system
1. निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
(A) प्रत्येक वृक्क में बड़ी संख्या में न्यूरॉन नामक निस्यंदन इकाइयां मौजूद होती है, जो एक साथ बंधी होती हैं।
(B) मानव उत्सर्जन तंत्र में एक वृक्क युग्म, एक मूत्रवाहिनी युग्म, एक मूत्राशय और एक मूत्रमार्ग होता है।
(C) सामान्यतः, एक स्वस्थ वयस्क के वृक्कों में आरंभिक निस्यंद लगभग 180 L प्रतिदिन होता है।
(D) वृक्क, उदर में रीढ़ की हड्डी के दोनों तरफ एक-एक स्थित होते हैं।
Ans: (A) वृक्क (Kidney) में निस्यंदन इकाइयां नेफ्रॉन (Nephron) होती हैं, न कि न्यूरॉन (Neuron) क्योंकि न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की इकाई है। मानव उत्सर्जन तंत्र में दो वृक्क, दो मूत्रवाहिनियाँ, एक मूत्राशय और एक मूत्रमार्ग होता है। वृक्क हमारे उदर में रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर स्थित होते हैं। एक स्वस्थ वयस्क के वृक्क प्रतिदिन लगभग $180$ लीटर आरंभिक निस्यंद (Filtrate) तैयार करते हैं। इसमें से केवल $1$ से $2$ लीटर ही मूत्र के रूप में बाहर निकलता है, बाकी पुनः अवशोषित हो जाता है।
2. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ वृक्क द्वारा पुनः अवशोषित नहीं किया जाता है?
(A) क्रिएटिनिन
(B) लवण
(C) अमीनो अम्ल
(D) ग्लूकोज
Ans: (A) क्रिएटिनिन (Creatinine) एक ऐसा अपशिष्ट पदार्थ है जिसे वृक्क (Kidney) द्वारा पुनः अवशोषित नहीं किया जाता है और यह लगभग पूरी तरह से मूत्र के साथ बाहर निकल जाता है। ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और लवण शरीर के लिए आवश्यक होते हैं, इसलिए उन्हें नेफ्रॉन की नलिकाओं द्वारा रक्त में वापस सोख लिया जाता है। रक्त में क्रिएटिनिन का बढ़ा हुआ स्तर वृक्क की खराबी का संकेत होता है। ग्लूकोज का मूत्र में पाया जाना मधुमेह (Diabetes) का लक्षण हो सकता है। स्वस्थ वृक्क $99$ प्रतिशत निस्यंद को पुनः अवशोषित कर लेते हैं।
3. कृत्रिम वृक्क (artificial kidney) द्वारा रक्त से यूरिया को किस प्रकार निकाला जाता है?
(A) निस्पंदन द्वारा
(B) परासरण द्वारा
(C) अवशोषण द्वारा
(D) एंजाइमी क्रिया द्वारा
Ans: (B) • कृत्रिम वृक्क (Hemodialysis) में रक्त को एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली वाली नलिकाओं से गुजारा जाता है। • परासरण (Osmosis) और विसरण के माध्यम से नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट रक्त से डायल्यसिंग द्रव में चले जाते हैं। • इसमें शुद्ध किए गए रक्त को वापस रोगी के शरीर में पंप कर दिया जाता है।
4. मनुष्यों में यूरिया चक्र निम्नलिखित में से किस अंग में होता है?
(A) अग्न्याशय
(B) यकृत
(C) फेफड़ों
(D) वृक्क
Ans: (B) मनुष्यों में यूरिया का निर्माण यकृत (Liver) में होता है जिसे यूरिया चक्र (Urea Cycle) कहा जाता है। यकृत अमोनिया जैसे जहरीले पदार्थ को कम जहरीले यूरिया में बदल देता है। इसके बाद रक्त के माध्यम से यूरिया वृक्क (Kidney) तक पहुँचता है जहाँ इसे छानकर मूत्र के साथ बाहर निकाल दिया जाता है। यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है। यूरिया का रासायनिक सूत्र $NH_2CONH_2$ होता है। यूरिया चक्र को ऑर्निथिन चक्र भी कहा जाता है।
5. मानव शरीर का इनमें से कौन सा भाग शल्की उपकला से आस्तरित नहीं होता है?
(A) त्वचा
(B) मुख
(C) वृक्क नलिकाएं
(D) ग्रसिका
Ans: (C)

त्वचा, मुख और ग्रसिका शल्की उपकला (Squamous epithelium) से आस्तरित होते हैं, जो घर्षण से सुरक्षा प्रदान करती है। इसके विपरीत वृक्क नलिकाएं घनाभ उपकला (Cuboidal epithelium) से बनी होती हैं, जो अवशोषण और स्राव में सहायक होती है। इसलिए वृक्क नलिकाएं शल्की उपकला से आस्तरित नहीं होती हैं।

6. पादपों में स्तनधारियों की भाँति वृक्क जैसा सुपरिभाषित उत्सर्जन तंत्र मौजूद क्यों नहीं होता है?
(A) क्योंकि पादप अपशिष्ट पदार्थ उत्पन्न नहीं करते हैं
(B) वे अपने कायिक अंगों के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं
(C) क्योंकि पादपों में परिसंचरण तंत्र मौजूद नहीं होता है
(D) क्योंकि पादप केवल गैसीय अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं जो बाहर विसरित किए जाते हैं
Ans: (B) पौधों में स्तनधारियों जैसा जटिल तंत्र नहीं होता क्योंकि वे अपने विभिन्न कायिक अंगों जैसे पत्तियों, छाल और जड़ों के माध्यम से उत्सर्जन करते हैं। वे पुराने जाइलम में रेजिन और गोंद के रूप में भी कचरा जमा करते हैं। कुछ अपशिष्ट पदार्थ गिरती हुई पत्तियों के साथ बाहर निकल जाते हैं। रंध्रों (Stomata) के माध्यम से गैसों और अतिरिक्त जल (वाष्पोत्सर्जन) का निष्कासन होता है। पौधों की चयापचय (Metabolism) दर जानवरों की तुलना में बहुत धीमी होती है, जिससे अपशिष्ट भी कम बनता है।
7. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक गुर्दे की पथरी का निर्माण करने वाला सर्वाधिक सामान्य यौगिक है?
(A) कैल्शियम आक्जेलेट
(B) मैग्नीशियम ऑक्साइड
(C) सोडियम बाइकार्बोनेट
(D) मैग्नेशियम साइट्रेट
Ans: (A) गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) मुख्य रूप से कैल्शियम ऑक्जेलेट (Calcium Oxalate) नामक रासायनिक यौगिक से बनी होती है। यह तब बनती है जब मूत्र में ऑक्जेलेट और कैल्शियम जैसे पदार्थों की सांद्रता बहुत अधिक हो जाती है और वे क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। पथरी को चिकित्सा भाषा में नेफ्रोलिथियासिस (Nephrolithiasis) कहा जाता है। अत्यधिक बीज वाली सब्जियां जैसे टमाटर और पालक का सेवन ऑक्जेलेट बढ़ा सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पथरी से बचाव का सबसे सरल तरीका है।
8. हम मूत्रत्याग की उत्तेजना को नियंत्रित कर सकते हैं:
(A) मांसपेशीय मूत्राशय के तंत्रिका नियंत्रण में होने पर
(B) स्पिन्चर मांसपेशी के मूत्राशय और मूत्रमार्ग के बीच मौजूद होने पर
(C) मूत्राशय में कम पानी भरा होने पर
(D) मूत्राशय के आसानी से नहीं भरने पर
Ans: (A) मूत्रत्याग (Urination) की इच्छा को हम इसलिए नियंत्रित कर पाते हैं क्योंकि मूत्राशय (Urinary bladder) की मांसपेशियां तंत्रिका तंत्र (Nervous system) के सीधे नियंत्रण में होती हैं। मूत्राशय एक पेशीय थैली है जो मूत्र को संचित करती है। जब मस्तिष्क से संदेश मिलता है, तभी संकोचक पेशियां (Sphincter muscles) शिथिल होती हैं और मूत्र बाहर निकलता है। इस नियंत्रण को स्वैच्छिक नियंत्रण कहा जाता है। बच्चों में यह तंत्रिका नियंत्रण पूरी तरह विकसित न होने के कारण वे इसे रोक नहीं पाते हैं।
9. निम्न में से क्या जलीय जीवों का उत्सर्जी उत्पाद है?
(A) अमोनिया
(B) यूरिक अम्ल
(C) यूरिया
(D) क्रिएटिनिन
Ans: (A) अधिकांश जलीय जीव जैसे मछलियाँ अपने मुख्य उत्सर्जी उत्पाद के रूप में अमोनिया (Ammonia) का त्याग करती हैं। अमोनिया बहुत अधिक विषैला होता है और इसे शरीर से निकालने के लिए बहुत अधिक पानी की आवश्यकता होती है, जो जलीय जीवों के पास प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। ऐसे जीवों को अमोनोटेलिक (Ammonotelic) कहा जाता है। अमोनिया सीधे गलफड़ों (Gills) के माध्यम से विसरित हो सकता है। जमीन पर रहने वाले जीव पानी बचाने के लिए अमोनिया को यूरिया या यूरिक अम्ल में बदल देते हैं।
10. का प्राथमिक उत्सर्जी उत्पाद यूरिक अम्ल है।
(A) मनुष्य
(B) पक्षी
(C) गाय
(D) मछली
Ans: (B) पक्षियों, सरीसृपों और कीटों का प्राथमिक उत्सर्जी उत्पाद यूरिक अम्ल (Uric Acid) होता है। यूरिक अम्ल पानी में बहुत कम घुलनशील होता है और इसे त्यागने में न्यूनतम पानी की हानि होती है, जो उड़ने वाले जीवों के लिए वजन कम रखने में सहायक है। ऐसे जीवों को यूरिकोटेलिक (Uricotelic) कहा जाता है। यह सफेद रंग के गाढ़े पेस्ट के रूप में उत्सर्जित होता है। मनुष्य यूरियोटेलिक (Ureotelic) होते हैं क्योंकि वे यूरिया का उत्सर्जन करते हैं।
11. पौधों द्वारा उत्पादित कई उत्सर्जी उत्पाद मनुष्यों के लिए उपयोगी होते हैं। उस उत्पाद की पहचान कीजिए, जो अंतःश्वसन किए जाने पर मनुष्यों के लिए हानिकारक होता है।
(A) गोंद
(B) ऑक्सीजन
(C) कार्बन डाइऑक्साइड
(D) रेजिन
Ans: (C) पौधों द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) यदि बंद कमरे में या अत्यधिक मात्रा में मनुष्यों द्वारा सांस के साथ अंदर ली जाए, तो यह हानिकारक हो सकती है। पौधे रात के समय केवल श्वसन करते हैं और $CO_2$ छोड़ते हैं, इसलिए रात में पेड़ के नीचे सोना मना किया जाता है। ऑक्सीजन जीवनदायी गैस है, जबकि गोंद और रेजिन औद्योगिक रूप से उपयोगी उत्पाद हैं। $CO_2$ की अधिकता से शरीर में ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia) हो सकती है। प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधे वातावरण से $CO_2$ को कम करने में मदद करते हैं।
12. निम्न में से कौन सा सबसे कम विषाक्त नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट है?
(A) क्रिएटिन
(B) यूरिया
(C) यूरिक अम्ल
(D) क्रिएटिनिन
Ans: (C) यूरिक अम्ल (Uric acid) सबसे कम विषाक्त (Toxic) नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट है, जिसे शरीर से निकालने के लिए बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। अमोनिया सबसे अधिक जहरीला होता है, जिसके बाद यूरिया का स्थान आता है। यूरिक अम्ल के कम जहरीले होने के कारण ही पक्षी और मरुस्थलीय जीव इसे ठोस रूप में त्याग पाते हैं। रक्त में यूरिक अम्ल का स्तर बढ़ने से गाउट (Gout) या जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। उत्सर्जी उत्पादों की विषाक्तता का क्रम है: अमोनिया > यूरिया > यूरिक अम्ल।
13. यूरिया चक्र को और किस नाम से जाना जाता है?
(A) ऑर्निथिन चक्र
(B) क्रेब्स चक्र
(C) केल्विन चक्र
(D) नाइट्रोजन चक्र
Ans: (A) यूरिया चक्र को ऑर्निथिन चक्र (Ornithine cycle) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस प्रक्रिया में ऑर्निथिन नामक अमीनो एसिड बार-बार उपयोग होता है। यह चक्र यकृत (Liver) की कोशिकाओं के माइटोकॉन्ड्रिया और साइटोप्लाज्म में संपन्न होता है। क्रेब्स चक्र (Krebs cycle) कोशिका श्वसन से संबंधित है जो ऊर्जा (ATP) उत्पादन करता है। केल्विन चक्र पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान $CO_2$ स्थिरीकरण से संबंधित है। ऑर्निथिन चक्र अमोनिया को सुरक्षित रूप से यूरिया में बदलने की एकमात्र प्रक्रिया है।
14. केशिकागुच्छीय निस्पंदन (Glomerular filtration) को और किस रूप में जाना जाता है?
(A) परानिस्पंदन
(B) सक्रिय परिवहन
(C) विसरण
(D) परासरण
Ans: (A) केशिकागुच्छीय निस्पंदन (Glomerular filtration) को परानिस्पंदन (Ultrafiltration) भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ रक्त बहुत उच्च दाब के तहत बहुत महीन झिल्ली से छनता है। इस प्रक्रिया में रक्त की कोशिकाएं और बड़े प्रोटीन को छोड़कर लगभग सभी तरल पदार्थ छनकर बोमन संपुट में आ जाते हैं। यह निस्पंदन तीन परतों के माध्यम से होता है जिसे निस्पंदन झिल्ली कहते हैं। गुर्दे की धमनियों में उच्च रक्तचाप इस प्रक्रिया को सुचारू बनाता है। छने हुए द्रव को नेफ्रिक निस्यंद (Nephric filtrate) कहा जाता है।
15. प्रति मिनट ग्लोमेरुलस द्वारा उत्पन्न निस्यंद की मात्रा को क्या कहा जाता है?
(A) ग्लोमेरुलर निस्पंदन दर
(B) हृदय गति
(C) श्वसन दर
(D) रक्तचाप
Ans: (A) प्रति मिनट दोनों वृक्कों के ग्लोमेरुलस द्वारा छानकर तैयार किए गए निस्यंद की कुल मात्रा को ग्लोमेरुलर निस्पंदन दर (GFR) कहते हैं। एक स्वस्थ वयस्क के लिए सामान्य $GFR$ लगभग $125$ मिली/मिनट या $180$ लीटर प्रतिदिन होता है। $GFR$ का कम होना वृक्क की कार्यक्षमता में गिरावट को दर्शाता है। इसे मापने के लिए अक्सर क्रिएटिनिन क्लीयरेंस टेस्ट किया जाता है। वृक्क स्वतः नियमन (Autoregulation) द्वारा $GFR$ को स्थिर बनाए रखते हैं।
16. वृक्क की नलिकाएं और वृक्क में कॉर्पसकल किस ऊतक द्वारा बनते हैं?
(A) क्यूबाइडल एपिथेलियम
(B) स्क्वैमस एपिथेलियम
(C) कनेक्टिव टिश्यू
(D) मस्कुलर टिश्यू
Ans: (A) वृक्क की नलिकाएं (Renal tubules) और रीनल कॉर्पसकल मुख्य रूप से सरल घनाकार उपकला (Simple Cuboidal Epithelium) ऊतक द्वारा निर्मित होते हैं। इस ऊतक की कोशिकाएं अवशोषण (Absorption) और स्राव (Secretion) के लिए विशेष रूप से अनुकूलित होती हैं। इन कोशिकाओं की सतह पर सूक्ष्म अंकुर (Microvilli) पाए जाते हैं जो अवशोषण की सतह को बढ़ाते हैं। यह ऊतक ग्रंथियों और वृक्क नलिकाओं में यांत्रिक सहायता भी प्रदान करता है। संयोजी ऊतक अंगों को जोड़ने और सुरक्षा देने का कार्य करते हैं।
17. पौधों की पत्तियों में जल वाष्प के रूप में जल का क्षय क्या कहलाता है?
(A) वाष्पोत्सर्जन
(B) स्थानांतरण
(C) दाव प्रवणता
(D) जीवद्रव्यकुंचन
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (A) पौधों की पत्तियों से जल का वाष्प के रूप में बाहर निकलना वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) कहलाता है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से पत्तियों की सतह पर मौजूद छोटे छिद्रों, जिन्हें रंध्र (Stomata) कहते हैं, के माध्यम से होती है। वाष्पोत्सर्जन पौधों को ठंडा रखने और जड़ों से खनिजों को ऊपर तक खींचने (Transpiration pull) में मदद करता है। अत्यधिक वाष्पोत्सर्जन को रोकने के लिए मरुस्थलीय पौधों में पत्तियों पर मोम जैसी परत (Cuticle) होती है। रंध्रों का खुलना और बंद होना रक्षक कोशिकाओं (Guard cells) द्वारा नियंत्रित होता है।
18. चपटे कृमियों (flatworms) की उत्सर्जन कोशिका:
(A) दंशकोरक
(B) ज्वाला कोशिका (flame cell)
(C) लैसिस कोशिका
(D) पथ कोशिका
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (B) चपटे कृमियों (Flatworms) जैसे प्लैनेरिया में उत्सर्जन के लिए विशिष्ट कोशिकाएं पाई जाती हैं जिन्हें ज्वाला कोशिका (Flame cell) या प्रोटोनेफ्रिडिया कहा जाता है। इनका नाम इनकी संरचना के कारण पड़ा है क्योंकि इनके अंदर सिलिया का गुच्छा जलती हुई लौ की तरह हिलता रहता है। ये कोशिकाएं शरीर के द्रव से अपशिष्ट को छानती हैं और परासरण नियमन करती हैं। केंचुए में उत्सर्जन नेफ्रिडिया (Nephridia) द्वारा होता है। कीटों में उत्सर्जन मैल्पीघियन नलिकाओं (Malpighian tubules) द्वारा होता है।
19. शरीर से अपशिष्ट पदार्थ के बाहर निकलने के लिए जिम्मेदार पेशी की पहचान कीजिए।
(A) संकोचकपेशी
(B) अंसपेशी
(C) ऋजुपेशी
(D) गैस्ट्रोक्नेमियस
RRB NTPC Stage 1 | 04/01/2021 | Morning
Ans: (A) शरीर से अपशिष्ट पदार्थों (जैसे मूत्र या मल) को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालने के लिए संकोचक पेशी (Sphincter muscle) जिम्मेदार होती है। यह एक गोलाकार पेशी होती है जो नलिकाओं के द्वारों को बंद या खोलने का कार्य करती है। मूत्राशय के अंत में स्थित स्फिंक्टर पेशी मूत्र के प्रवाह को नियंत्रित करती है। गुदा (Anus) में भी इसी प्रकार की पेशियां होती हैं जो मल त्याग को नियंत्रित करती हैं। इन पेशियों के कमजोर होने से अनैच्छिक उत्सर्जन की समस्या हो सकती है। संकोचक पेशियाँ पाचन तंत्र के विभिन्न हिस्सों में भी पाई जाती हैं।
6. Metals & Their Compounds
1. निम्नलिखित में से कौन से सोडियम हाइड्रॉक्साइड के उपयोग नहीं हैं? (i) इसका उपयोग साबुन और डिटर्जेंट बनाने में किया जाता है। (ii) इसका उपयोग कागज के विनिर्माण में किया जाता है। (iii) इसका उपयोग जल की स्थाई कठोरता को दूर करने के लिए किया जाता है।
(A) ii और iii दोनों
(B) केवल i
(C) केवल iii
(D) केवल ii
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) सोडियम हाइड्रोक्साइड ($NaOH$) का उपयोग साबुन और कागज निर्माण में होता है। जल की स्थाई कठोरता को दूर करने के लिए सोडियम कार्बोनेट $Na_{2}CO_{3}$ (धावन सोडा) का उपयोग किया जाता है, न कि कास्टिक सोडा का।
2. धावन सोडा (washing soda) के बारे में इनमें से कौन सा कथन सही है?
(A) धावन सोडा $MgCO_{3}$ है।
(B) धावन सोडा, एक विवर्णन अभिकर्मक (decolorizing agent) है।
(C) धावन सोडा का उपयोग $H_{2}$ और $Cl_{2}$ के उत्पादन के लिए किया जाता है।
(D) काँच के निर्माण के लिए धावन सोडा का उपयोग किया जाता है।
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) धावन सोडा का रासायनिक सूत्र $Na_{2}CO_{3} cdot 10H_{2}O$ है। इसका मुख्य उपयोग काँच, साबुन और कागज उद्योगों में किया जाता है। विकल्प $A$ में दिया गया $MgCO_{3}$ गलत है।
3. निम्न कथनों पर विचार करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन-I: बेकिंग सोडा का रासायनिक सूत्र $CaSO_{4}$ $1/2$ H₂O है। कथन-II: बेकिंग सोडा का उपयोग खिलौने और सजावटी सामान बनाने में तथा सतहों को चिकना करने के लिए किया जाता है।
(A) दोनों कथन असत्य हैं।
(B) कथन-II सत्य है, और कथन-1 असत्य है।
(C) दोनों कथन सत्य हैं।
(D) कथन-I सत्य है, और कथन-II असत्य है।
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-II
Ans: (A) बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट $NaHCO_{3}$ है। कथन में दिया गया सूत्र $CaSO_{4} cdot 1/2 H_{2}O$ प्लास्टर ऑफ पेरिस का है। बेकिंग सोडा का उपयोग खाने में होता है, सजावट में नहीं।
4. सोडियम बाइकार्बोनेट और एक दुर्बल खाद्य अम्ल का मिश्रण.. ..कहलाता है।
(A) बेकिंग सोडा
(B) धावन सोडा
(C) बेकिंग पाउडर
(D) ब्लीचिंग पाउडर
RRB Group-D | 28/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) बेकिंग पाउडर सोडियम बाइकार्बोनेट $NaHCO_{3}$ और टार्टरिक अम्ल जैसे एक मंद खाद्य अम्ल का मिश्रण होता है। जब इसे गर्म किया जाता है, तो $CO_{2}$ गैस निकलती है जो ब्रेड या केक को फुला देती है।
5. बेकिंग पाउडर किसका मिश्रण होता हैः-
(A) बेकिंग सोडा + मजबूत अम्ल
(B) बेकिंग सोडा + कमजोर क्षार
(C) बेकिंग सोडा + हल्का खाद्य अम्ल
(D) बेकिंग सोडा + मजबूत क्षार
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) बेकिंग पाउडर बनाने के लिए बेकिंग सोडा $NaHCO_{3}$ में हल्का खाद्य अम्ल (जैसे टार्टरिक अम्ल) मिलाया जाता है। यह अम्ल बेकिंग सोडा की कड़वाहट को उदासीन कर देता है और $CO_{2}$ गैस मुक्त करने में मदद करता है।
6. विज्ञान प्रयोगशाला में एक क्रियाकलाप करते समय एक छात्र की शर्ट पर दाग लग गया। दाग को हटाने के लिए उसे किस रसायन का उपयोग करना चाहिए?
(A) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
(B) सोडियम कार्बोनेट
(C) सोडियम क्लोराइड
(D) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-III
Ans: (B) सोडियम कार्बोनेट $Na_{2}CO_{3}$ का उपयोग दाग-धब्बे हटाने और सफाई के लिए किया जाता है। यह एक अच्छा क्लीनिंग एजेंट है। प्रयोगशाला में लगे दागों को हटाने के लिए इसका उपयोग प्रभावी होता है।
7. सोडा-एसिड अग्निशामक यंत्रों में उपयोग किया जाने वाला लवण हैः
(A) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
(B) कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड
(C) सोडियम हाइड्रॉक्साइड
(D) सोडियम कार्बोनेट
RRB Group-D | 04/12/2018 | Shift-II
Ans: (A) सोडा-एसिड अग्निशामक यंत्रों में सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट $NaHCO_{3}$ और सल्फ्यूरिक अम्ल $H_{2}SO_{4}$ का उपयोग होता है। इनकी अभिक्रिया से भारी मात्रा में $CO_{2}$ निकलती है जो आग बुझाती है।
8. क्या बेकिंग सोडा रासायनिक रूप से बेकिंग पाउडर से अलग होता है?
(A) हाँ, बेकिंग सोडा सोडियम बाइकार्बोनेट है जबकि बेकिंग पाउडर सोडियम बाइकार्बोनेट और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण होता है।
(B) हाँ, बेकिंग सोडा सोडियम बाइकार्बोनेट है जबकि बेकिंग पाउडर कैल्शियम कार्बोनेट है।
(C) हाँ, बेकिंग सोडा सोडियम कार्बोनेट है जबकि बेकिंग पाउडर सोडियम बाइकार्बोनेट है।
(D) नहीं, वे रासायनिक रूप से समान होते हैं।
RRB ALP & Tec. | 29/08/2018 | Shift-III
Ans: (A) बेकिंग सोडा शुद्ध $NaHCO_{3}$ है, जबकि बेकिंग पाउडर $NaHCO_{3}$ और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण है। बेकिंग पाउडर का उपयोग खाना पकाने में किया जाता है ताकि कड़वाहट न आए।
9. जलाने पर निम्नोक्त में से कौन-सी धातु, ज्वाला को पीला रंग प्रदान करती है?
(A) सोडियम
(B) पोटैशियम
(C) कैल्शियम
(D) बेरियम
RRB SSE | 21.12.2014 | NA
Ans: (A) सोडियम ($Na$) और इसके लवणों को जब बर्नर की लौ में गर्म किया जाता है, तो वे सुनहरी पीली (Golden Yellow) ज्वाला उत्पन्न करते हैं। यह इलेक्ट्रॉन के उत्तेजित होकर वापस लौटने के कारण उत्सर्जित ऊर्जा है।
10. सोडियम कार्बोनेट की हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से अभिक्रिया में उत्पन्न गैस कौन सी होगी?
(A) हाइड्रोजन
(B) क्लोरीन
(C) हाइड्रोजन क्लोराइड
(D) कार्बन डाईऑक्साइड
RRB ALP & Tec. | 13/08/2018 | Shift-I
Ans: (D) जब सोडियम कार्बोनेट $Na_{2}CO_{3}$ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल $HCl$ के साथ अभिक्रिया करता है, तो सोडियम क्लोराइड $NaCl$, जल और कार्बन डाइऑक्साइड $CO_{2}$ गैस उत्पन्न होती है।
11. वाशिंग सोडा का इस्तेमाल... ...किया जा सकता है।
(A) पेयजल के कीटाणुशोधन के लिए
(B) पकाने के लिए
(C) कठोर जल को नरम करने के लिए
(D) एक गैर जहरीले घटक के रूप में घरेलू देखभालपरक उत्पाद के तौर पर
RRB NTPC | 06.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) धावन सोडा $Na_{2}CO_{3} .10H_{2}O$ का उपयोग जल की स्थाई कठोरता (Permanent Hardness) को दूर करने के लिए किया जाता है। यह जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम के घुलनशील लवणों को अघुलनशील कार्बोनेट में बदल देता है।
12. निम्नलिखित में से कौन से यौगिकों में क्रिस्टलीकरण का पानी नहीं है?
(A) बेकिंग सोडा
(B) जिप्सम
(C) वाशिंग सोडा
(D) कॉपर सल्फेट
RRB Group-D | 18/09/2018 | Shift-I
Ans: (A) बेकिंग सोडा $NaHCO_{3}$ में क्रिस्टलीकरण का जल (Water of Crystallization) नहीं होता है। जबकि जिप्सम में $2H_{2}O$, धावन सोडा में $10H_{2}O$ और कॉपर सल्फेट में $5H_{2}O$ के अणु होते हैं।
13. एल्यूमीनियम को जंग से बचाने के लिए इसकी सतह पर एल्यूमीनियम ऑक्साइड की एक मोटी परत के निर्माण की प्रक्रिया _______ कहलाती है।
(A) रोस्टिंग
(B) ऐनोडीकरण
(C) कैल्सिनेशन
(D) गैल्वनीकरण
RRB NTPC Stage I | 29.01.2021 | 09:00 AM
Ans: (B) ऐनोडीकरण (Anodizing) एक प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा का उपयोग करके एल्युमिनियम की सतह पर ऑक्साइड $Al_{2}O_{3}$ की एक मोटी परत जमाई जाती है। यह परत धातु को जंग लगने से पूरी तरह बचाती है।
14. वायु में मौजूद निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व, चांदी की वस्तुओं को काला कर देता है (जब वे वायु के संपर्क से आती है)?
(A) क्लोरिन
(B) गंधक
(C) कार्बन
(D) नाइट्रोजन
RRB NTPC Stage I | 01.02.2021 | 12:00 PM
Ans: (B) चांदी की वस्तुएं हवा में मौजूद सल्फर (गंधक) के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड $Ag_{2}S$ बनाती हैं। यह $Ag_{2}S$ काले रंग का होता है, जिसके कारण चांदी की चमक काली पड़ जाती है।
15. 'फिटकरी' इसका एक उदाहरण है।
(A) विकलवण
(B) टेबल साल्ट
(C) फ्लैक साल्ट
(D) एकल लवण
RRB Group-D | 28-09-2018 | 12:00 PM
Ans: (A) फिटकरी (Alum) एक द्विलवण (Double Salt) का उदाहरण है। इसका रासायनिक सूत्र $K_{2}SO_{4} \cdot Al_{2}(SO_{4})_{3} \cdot 24H_{2}O$ है। इसमें दो अलग-अलग सरल लवणों के क्रिस्टल एक साथ होते हैं।
16. निम्न में से विषम चुनें।
(A) पारा
(B) क्विक सिल्वर
(C) हाईड्रारजीरम
(D) ब्रोमोस
RRB NTPC | 07.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) पारा (Mercury), क्विक सिल्वर और हाइड्रारजीरम ($Hg$) तीनों एक ही तत्व के नाम हैं। जबकि "ब्रोमोस" इनमें से भिन्न है और यह इस समूह का हिस्सा नहीं है।
17. धातु X अम्लों के साथ धीमी गति से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन बनाती है और एक सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत बनाती है जो आगे की अभिक्रिया को रोकती है। यह अभिक्रियाशीलता में Pb से ऊपर लेकिन Zn से नीचे है। X को पहचानिए।
(A) लोहा
(B) टिन 
(C) कॉपर 
(D) एल्यूमिनियम
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) टिन ($Sn$) सक्रियता श्रेणी में आयरन ($Fe$) से नीचे और लेड ($Pb$) के पास स्थित है। यह धातु अम्लों के साथ बहुत धीमी क्रिया करती है और अपने ऊपर एक सुरक्षात्मक ऑक्साइड की परत बना लेती है।
18. धातु N ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करती लेकिन क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके एक सघन पीला हैलाइड बनाती है जिसका उपयोग रासायनिक बैटरियों में किया जाता है। धातु N की पहचान करें।
(A) मर्करी 
(B) टिन 
(C) लेड 
(D) सिल्वर
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) लेड ($Pb$) क्लोरीन के साथ क्रिया करके लेड क्लोराइड $PbCl_{2}$ बनाता है, जो पीले रंग का हो सकता है। लेड का उपयोग एसिड-बैटरी और कुछ विशेष प्रकार की रासायनिक बैटरियों में मुख्य घटक के रूप में किया जाता है।
6. Excretory system
1. क्या वृक्काणु (nephron) की लंबी नलिकाकार संरचना का कोई लाभ है?
(A) हां, वृक्क को दृढ़ता देने के लिए लंबी नलियों को उच्च घनत्व पर कुंडलित और संकुलित किया जा सकता है।
(B) नहीं, सभी वृक्काणु (nephron) लंबे नहीं होते हैं कुछ छोटे होते हैं और अन्य लंबे होते हैं, लेकिन सभी कार्यशील होते हैं।
(C) हां, लंबी नलिका प्रारंभिक निस्यंद से अतिरिक्त जल के पुनः अवशोषण हेतु समय तथा स्थान प्रदान करती है।
(D) नहीं, लंबी नलिकाकार संरचना का कोई लाभ नहीं है क्योंकि निस्यंदन प्यालेनुमा सिरे पर होता है।
Ans: (C) वृक्काणु (Nephron) की नली का लंबा होना बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह आरंभिक निस्यंद से आवश्यक जल, ग्लूकोज और लवणों के पुनः अवशोषण (Reabsorption) के लिए पर्याप्त समय और सतह प्रदान करती है। इस लंबी नली के अलग-अलग हिस्सों जैसे लूप ऑफ हेनले (Loop of Henle) में जल का संतुलन बनाया जाता है। यदि यह नली छोटी होती, तो शरीर से बहुत अधिक पानी और पोषक तत्व बाहर निकल जाते। पुनः अवशोषण की प्रक्रिया सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार से होती है। नेफ्रॉन की कुल लंबाई शरीर के जल स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है।
2. उस विकल्प को चुनें जो अन्य तीनों से अलग है?
(A) निस्सल कणिकाएं
(B) समीपस्थ संवलित नलिका (प्रॉक्सिमल कॉन्वोलूटेड ट्यूबल)
(C) दूरस्थ संवलित नलिका (डिस्टल कॉन्वोलूटेड ट्यूबल)
(D) बोमन कैप्सूल
Ans: (A) निस्सल कणिकाएं (Nissl granules) तंत्रिका कोशिका (Neuron) का हिस्सा होती हैं और प्रोटीन संश्लेषण में मदद करती हैं, जबकि बाकी तीनों विकल्प वृक्क (Kidney) के नेफ्रॉन से संबंधित हैं। समीपस्थ संवलित नलिका (PCT), दूरस्थ संवलित नलिका (DCT) और बोमन कैप्सूल नेफ्रॉन के मुख्य भाग हैं। निस्सल कणिकाएं केवल न्यूरॉन के साइटोन (Cyton) और डेंड्राइट्स में पाई जाती हैं। नेफ्रॉन उत्सर्जन से संबंधित है जबकि न्यूरॉन संदेशों के संवहन से। परीक्षा में अक्सर नेफ्रॉन और न्यूरॉन के बीच भ्रम पैदा करने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।
3. कृत्रिम वृक्क का उपयोग कर डायलिसिस किस सिद्धांत पर आधारित है?
(A) प्रसार, संवहन और आसमाटिक दबाव
(B) केन्द्रापसारक बल
(C) विद्युत अपघटन
(D) गुरुत्वाकर्षण
Ans: (A) कृत्रिम वृक्क (Artificial Kidney) या हीमोडायलिसिस मुख्य रूप से विसरण (Diffusion) और परासरण (Osmosis) के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें रक्त से नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थ एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली के माध्यम से डायलिसिस तरल में चले जाते हैं। यह प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब व्यक्ति के दोनों वृक्क काम करना बंद कर देते हैं। डायलिसिस तरल का परासरण दाब रक्त के समान होता है, लेकिन इसमें नाइट्रोजनयुक्त कचरा नहीं होता। यह रक्त में विद्युत अपघट्य (Electrolytes) के संतुलन को भी बनाए रखता है।
4. एक स्वस्थ वयस्क का वृक्क प्रतिदिन 180 L निस्पंद उत्पन्न करता है, लेकिन वह व्यक्ति केवल 1 L या 1.5L मूत्र ही बाहर निकालता है। पुनः अवशोषित निस्यंद की मात्रा किन कारकों पर निर्भर करती है?
(A) अतिरिक्त जल की मात्रा और उत्सर्जित किए जाने वाले घुलित अपशिष्ट की मात्रा
(B) इन कारकों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है
(C) अतिरिक्त जल की मात्रा
(D) उत्सर्जित किए जाने वाले घुलित अपशिष्ट की मात्रा
Ans: (A) पुनः अवशोषित होने वाले निस्यंद की मात्रा दो मुख्य कारकों पर निर्भर करती है: शरीर में मौजूद अतिरिक्त जल की मात्रा और उत्सर्जित किए जाने वाले घुलित अपशिष्ट की सांद्रता। यदि शरीर में पानी की कमी है, तो वृक्क अधिक जल सोख लेते हैं और मूत्र गाढ़ा हो जाता है। यह प्रक्रिया एंटी-ड्यूरेटिक हार्मोन ($ADH$) द्वारा नियंत्रित होती है। अपशिष्ट की अधिकता होने पर उसे बाहर निकालने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। यह शरीर में परासरण नियमन (Osmoregulation) बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण विधि है।
5. वास डिफरेंस से आने वाली ट्यूब के साथ एकजुट होता है ताकि मूत्रमार्ग (urethra) नामक एक आम मार्ग बन सके।
(A) अण्डकोश
(B) वृषण
(C) प्रोस्टेट ग्रंथि
(D) मूत्राशय
Ans: (D) पुरुष प्रजनन तंत्र में शुक्रवाहिका (Vas deferens) वृषण से शुक्राणु लेकर आती है और मूत्राशय (Urinary bladder) से आने वाली नली के साथ जुड़ जाती है। इनके जुड़ने से एक सामान्य मार्ग बनता है जिसे मूत्रमार्ग (Urethra) कहते हैं। इसीलिए पुरुषों में मूत्रमार्ग मूत्र और वीर्य दोनों के निकास का साझा मार्ग होता है। प्रोस्टेट ग्रंथि इसी मार्ग के चारों ओर स्थित होती है और अपना स्राव इसमें डालती है। महिलाओं में मूत्रमार्ग और प्रजनन मार्ग पूरी तरह अलग-अलग होते हैं।
6. हीमोडायलिसिस (Hemodialysis) में कई अर्ध पारगम्य अस्तर युक्त नलिकाएं होती हैं, जो एक तरल पदार्थ से भरे टैंक में निलंबित होती हैं, इस तरल के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
(A) इसका परासरण दाब रक्त के समान होता है, और नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट से रहित होता है।
(B) इसका संघटन वृक्क निस्यंद (renal filtrate) के समान होता है।
(C) इसका संघटन रक्त के समान होता है, सिवाय इसके कि इसमें अधिक हेपरिन होता है
(D) अणुओं की गति को संभव बनाने के लिए इसका परासरण दाब निम्न होता है।
Ans: (A) हीमोडायलिसिस में उपयोग होने वाले तरल (Dialyzing fluid) का परासरण दाब रक्त के बिल्कुल समान रखा जाता है ताकि आवश्यक खनिज शरीर से बाहर न निकलें। इस तरल में केवल नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट (जैसे यूरिया) नहीं होता है, जिससे विसरण द्वारा रक्त का कचरा आसानी से तरल में चला जाता है। यदि दाब समान न हो, तो रक्त कोशिकाएं फट सकती हैं या सिकुड़ सकती हैं। इसमें ग्लूकोज और लवणों की सांद्रता भी सामान्य रक्त के स्तर के बराबर रखी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया कृत्रिम झिल्ली के माध्यम से होती है।
7. अपोहन (डायलिसिस) के चरण नीचे दिए हैं, लेकिन वे सही क्रम में नहीं हैं। कौन सा विकल्प इन चरणों के सही क्रम को दर्शाता है? (A) लाइन से शिरा (B) रोगी के रक्त को अपोहन तरल युक्त टैंक से गुजारना (C) धमनी से लाइन (D) रक्त के अपशिष्ट उत्पाद अपोहन तरल युक्त टैंक से गुजारना (E) अपोहन तरल का परासरण दाब रक्त के समान होता है
(A) C-B-E-D-A
(B) A-C-D-B-E
(C) A-B-C-D-E
(D) C-B-D-A-E
Ans: (A) डायलिसिस की सही प्रक्रिया इस प्रकार है: सबसे पहले रोगी की धमनी से रक्त को लाइन (नलिका) में लिया जाता है (C), फिर इसे डायलिसिस टैंक से गुजारा जाता है (B), जहाँ टैंक के तरल का परासरण दाब रक्त के समान होता है (E), जिससे रक्त के अपशिष्ट उत्पाद टैंक के तरल में चले जाते हैं (D), और अंत में शुद्ध रक्त को शिरा के माध्यम से वापस शरीर में डाला जाता है (A)। इस प्रक्रिया के दौरान रक्त को जमने से रोकने के लिए हेपरिन (Heparin) मिलाया जाता है। यह किडनी फेलियर के मरीजों के लिए जीवन रक्षक तकनीक है। प्रत्येक सत्र में आमतौर पर $3$ से $4$ घंटे लगते हैं।
6. Oscillations, waves, and sound
1. 0.04 सेकंड की आवर्त काल वाली तरंग की आवृत्ति ($f$) क्या होगी?
(A) 25 Hz
(B) 100 Hz
(C) 50 Hz
(D) 40 Hz
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) आवृत्ति ($f$) और आवर्तकाल ($T$) एक-दूसरे के उल्टे होते हैं।\nदिया है: $T = 0.04$ सेकंड।\nसूत्र: $f = 1 / T$\n$f = 1 / 0.04 = 100 / 4 = 25~Hz$.\nअर्थात तरंग एक सेकंड में 25 बार कंपन करती है।
2. एक ध्वनि तरंग को $1.5 km$ की दूरी तय करने में कितना समय लगेगा, जिसकी आवृत्ति $5 kHz$ और तरंग दैर्ध्य $6 cm$ है?
(A) 25 सेकंड
(B) 2.5 सेकंड
(C) 50 सेकंड
(D) 5 सेकंड
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (D) स्टेप 1: चाल ($v$) निकालें $\rightarrow v = f \times \lambda$\nयहाँ $f = 5~kHz = 5000~Hz$ और $\lambda = 6~cm = 0.06~m$\n$v = 5000 \times 0.06 = 300~m/s$.\nस्टेप 2: समय ($t$) निकालें $\rightarrow t = \text{दूरी} / \text{चाल}$\n$t = 1500 / 300 = 5$ सेकंड।
3. यदि हम जानते हैं कि कोई वस्तु $5$ सेकंड में $100$ बार दोलन करती है तो उसकी बारंबारता क्या होगी?
(A) $100~Hz$
(B) $20~Hz$
(C) $50~Hz$
(D) $200~Hz$
RRB Group D | 02/09/2022 | Morning
Ans: (B) प्रति सेकंड होने वाले दोलनों की संख्या को आवृत्ति (Frequency) कहते हैं।\nयहाँ $5$ सेकंड में $100$ दोलन हो रहे हैं।\nआवृत्ति ($f$) = $\text{कुल दोलन} / \text{कुल समय} = 100 / 5 = 20~Hz$.
4. मंद पिच लेकिन तेज ध्वनि में होता है।
(A) निम्न आवृत्ति और उच्च आयाम
(B) उच्च आवृत्ति और निम्न आयाम
(C) निम्न आवृत्ति और निम्न आयाम
(D) उच्च आवृत्ति और उच्च आयाम
RRB Group D | 02/09/2022 | Morning
Ans: (A) ध्वनि के दो मुख्य गुण हैं:\n1. पिच (Pitch): यह आवृत्ति ($Frequency$) पर निर्भर करती है। कम आवृत्ति मतलब मंद या मोटी आवाज (जैसे शेर की दहाड़)।\n2. प्रबलता (Loudness): यह आयाम ($Amplitude$) पर निर्भर करती है। उच्च आयाम मतलब तेज या ऊंची आवाज।\nइसलिए: मंद पिच + तेज ध्वनि = निम्न आवृत्ति + उच्च आयाम।
6. Metals & Their Compounds
1. निम्नलिखित धातुओं की बढ़ती अभिक्रियाशीलता के आधार पर सही क्रम का चयन कीजिए।
(A) K, Mg, Cu और Au
(B) Au, Cu, Mg और K
(C) K, Cu, Mg और Au
(D) Au, Mg, Cu और K
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (B) धातुओं की सक्रियता का घटता क्रम $K > Mg > Cu > Au$ है। पोटैशियम ($K$) सबसे अधिक क्रियाशील है, जबकि सोना ($Au$) सबसे कम क्रियाशील (नोबल धातु) है। अतः सही क्रम विकल्प $B$ है।
2. नीचे दिए गए समीकरण के आधार पर, कॉपर (copper) अपने यौगिक रूप से पृथक क्यों हो जाता है? $Zn(s)+CuSO_{4}(aq) \rightarrow ZnSO_{4}(aq)+Cu(s)$ $Pb(s)+CuCl_{2}(aq) \rightarrow PbCl_{2}(aq)+Cu(s)$
(A) कॉपर (Copper) के यौगिक उच्च दाब पर अपघटित हो जाते हैं।
(B) जिंक (Zinc) और लेड (Lead), कॉपर (Copper) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होते हैं।
(C) जिंक (Zinc) और लेड (Lead) तत्व रूप में अस्थायी होते हैं।
(D) कॉपर (Copper), जिंक (Zinc) और लेड (Lead) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है।
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (B) जिंक ($Zn$) और लेड ($Pb$) दोनों ही कॉपर ($Cu$) की तुलना में सक्रियता श्रेणी में ऊपर हैं। अधिक सक्रिय धातु अपने से कम सक्रिय धातु को उसके विलयन से विस्थापित कर देती है। यही विस्थापन अभिक्रिया का आधार है।
6. Oscillations, waves, and sound
1. .......... द्वारा दाब प्रवणता बल के संतुलित होने पर भूस्थैतिक प्रवाह की स्थिति बनती है।
(A) द्रवस्थैतिक बल
(B) भूस्थैतिक बल
(C) कॉरिऑलिस बल
(D) गुरुत्वाकर्षण बल
RRB NTPC (Stage-2) | 15/06/2022 | Shift-III
Ans: (C) जब वायुमंडल में "दाब प्रवणता बल" (Pressure Gradient Force) और पृथ्वी के घूर्णन के कारण लगने वाला "कॉरिऑलिस बल" (Coriolis Force) एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं, तो हवा समदाब रेखाओं के समानांतर बहने लगती है। इसे ही भूस्थैतिक प्रवाह कहते हैं।
2. किसी निकाय को एक समान वृत्तीय गति में चलाने में लगने वाले आवश्यक नियत बल को कहा जाता है।
(A) अपकेन्द्री बल
(B) गुरुत्वाकर्षण बल
(C) अभिकेन्द्री बल
(D) यांत्रिक बल
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) वृत्तीय गति (Circular Motion) के लिए केंद्र की ओर एक खिंचाव जरूरी है, जिसे "अभिकेन्द्री बल" (Centripetal Force) कहते हैं। यदि यह बल शून्य हो जाए, तो वस्तु स्पर्शरेखीय दिशा (Tangential direction) में सीधी निकल जाएगी। सूत्र: $F = mv^2/r$.
3. जब कोई वस्तु एक समान वृत्तीय गति से घूर्णन करती है, तो प्रत्येक बिंदु पर इसका .......... बदल जाता है।
(A) दाब
(B) वेग
(C) जड़त्व
(D) द्रव्यमान
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-III
Ans: (B) एकसमान वृत्तीय गति में वस्तु की "चाल" (Speed) स्थिर रहती है, लेकिन उसकी "दिशा" हर पल बदलती है। चूंकि वेग (Velocity) एक सदिश राशि है जिसमें दिशा भी शामिल होती है, इसलिए दिशा बदलने के कारण वेग लगातार बदलता रहता है।
4. यदि एक साधारण लोलक (पेंडुलम) की लंबाई बढ़ा दी जाए तो इसका आवर्त कालः
(A) बढ़ेगा
(B) घटेगा
(C) बदलता रहेगा
(D) समान रहेगा
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (A) सरल लोलक का आवर्तकाल उसकी लम्बाई के वर्गमूल के समानुपाती होता है ($T \propto \sqrt{L}$)।\nयदि लम्बाई बढ़ाई जाएगी, तो दोलन पूरा करने में अधिक समय लगेगा (आवर्तकाल बढ़ेगा)। यही कारण है कि गर्मियों में पेंडुलम की लम्बाई बढ़ने से घड़ियाँ सुस्त (Slow) हो जाती हैं।
5. दोलक (oscillators) के लिए निम्नलिखित में से कौन सा सही नहीं है?
(A) संकेत साइन वेव हो सकते हैं।
(B) संकेत स्क्वेयर वेव हो सकते हैं।
(C) संकेत अर्द्ध-स्क्वेयर वेव हो सकते हैं।
(D) रेडियो ट्रांसमीटर द्वारा प्रसारित सिगनल दोलक सिगनल का उदाहरण है।
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (C) इलेक्ट्रॉनिक दोलक (Oscillators) विभिन्न प्रकार की तरंगें जैसे Sine wave, Square wave और Triangular wave उत्पन्न कर सकते हैं। "Half-square wave" जैसी कोई मानक तरंग नहीं होती। रेडियो ट्रांसमीटर भी दोलक का उपयोग करके कैरियर संकेत भेजते हैं।
6. निम्नलिखित का मिलान करें-
किरणें (P–S) उपयोग (i–iv)
P) रेडियो तरंगे (iii) सेलुलर फोन
Q) सूक्ष्म तरंगे (ii) विमान नेविगेशन में इस्तेमाल रडार प्रणाली
R) अवरक्त किरणें (i) घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स के रिमोट स्विच
S) गामा किरणें (iv) कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दवा में
(A) P-i, Q-iii, R-ii, S-iv
(B) P-ii, Q-iii, R-i, S-iv
(C) P-iii, Q-ii, R-i, S-iv
(D) P-iii, Q-iv, R-ii, S-i
RRB NTPC | 29.04.2016 | Shift-III
Ans: (C) सही मिलान:\n1. रेडियो तरंगे: सेलुलर फोन और संचार।\n2. सूक्ष्म तरंगे (Microwaves): रडार और ओवन।\n3. अवरक्त (Infrared): टीवी रिमोट और नाइट विजन।\n4. गामा किरणें: कैंसर का इलाज (रेडियोथेरेपी)।\nगामा किरणों की ऊर्जा सबसे अधिक और रेडियो तरंगों की सबसे कम होती है।
7. एक माध्यम में एक ध्वनि तरंग की तरंगदैर्ध्य कितनी है, जिसकी आवृत्ति $840 Hz$ और गति $380 m/s$ है?
(A) $0.45 m$
(B) $5.45 m$
(C) $1.45 m$
(D) $2.45 m$
RRB Group-D | 04-12-2018 | Shift-II
Ans: (A) सूत्र: $\lambda = v / f$\nयहाँ वेग ($v$) = $380~m/s$ और आवृत्ति ($f$) = $840~Hz$ है।\n$\lambda = 380 / 840 = 38 / 84 \approx 0.45$ मीटर।\nतरंगदैर्ध्य ($\lambda$) दो लगातार श्रृंगों के बीच की दूरी होती है।
8. ध्वनि तरंग $339 ms^{-1}$ की गति से यात्रा करती है। यदि इसकी तरंग दैर्ध्य $1.5 cm$ है, तो तरंग की आवृत्ति क्या होगी?
(A) $226 Hz$
(B) $2260 Hz$
(C) $226000 Hz$
(D) $22600 Hz$
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-III
Ans: (D) सबसे पहले तरंगदैर्ध्य को मीटर में बदलें: $\lambda = 1.5~cm = 0.015~m$.\nसूत्र: $f = v / \lambda$\n$f = 339 / 0.015 = 22600~Hz$.\nइसे $22.6~kHz$ भी लिख सकते हैं।
9. यदि दो क्रमिक शीर्षों के बीच की दूरी $L$ है, तो उनकी तरंगदैर्ध्य को व्यक्त किया जा सकता है-
(A) $L/2$ द्वारा
(B) $L/4$ द्वारा
(C) $2L$ द्वारा
(D) $L$ द्वारा
RRB Group-D | 24-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) तरंगदैर्ध्य (Wavelength) की परिभाषा ही यही है कि "दो क्रमिक श्रृंगों (Crests) या दो क्रमिक गर्तों (Troughs) के बीच की न्यूनतम दूरी" को तरंगदैर्ध्य कहते हैं। इसलिए यदि दूरी $L$ है, तो तरंगदैर्ध्य भी $L$ ही होगी।
10. रेडियो द्वारा उत्पादित ध्वनि ______ से बढ़ती है।
(A) आयाम बढ़ने
(B) तरंग दैर्ध्य बढ़ने
(C) आवृत्ति बढ़ने
(D) पिच बढ़ने
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) जब हम रेडियो का वॉल्यूम बढ़ाते हैं, तो हम वास्तव में प्रवर्धक (Amplifier) द्वारा तरंग का "आयाम" (Amplitude) बढ़ा रहे होते हैं। आयाम बढ़ने से माध्यम के कणों में ऊर्जा बढ़ती है और ध्वनि "तेज" (Loud) सुनाई देती है। प्रबलता $\propto (आयाम)^2$.
11. किसी माध्यम में एक कण $2.5$ सेकंड में $40$ कंपन पूर्ण करता है तो तरंग की आवृत्ति होगी।
(A) $16 Hz$
(B) $8 Hz$
(C) $50 Hz$
(D) $25 Hz$
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) आवृत्ति ($f$) = $\text{कंपनों की संख्या} / \text{समय}$\n$f = 40 / 2.5 = 16~Hz$.\nइसका मतलब है कि माध्यम का कण एक सेकंड में 16 बार अपनी जगह पर आगे-पीछे कंपन करता है।
12. तरंग, चाल, आयाम, तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति सभी को कहा जाता है:
(A) तरंग के रासायनिक गुण
(B) तरंग की विशेषताएं
(C) तरंग के घटक
(D) तरंग के कार्य
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-I
Ans: (B) किसी भी तरंग को परिभाषित करने के लिए उसके भौतिक गुणों जैसे वेग ($v$), आयाम ($A$), तरंगदैर्ध्य ($\lambda$), आवृत्ति ($f$) और आवर्तकाल ($T$) की आवश्यकता होती है। इन सबको "तरंग की विशेषताएँ" (Characteristics of waves) कहा जाता है।
13. तरंग का आयाम ______ होता है।
(A) तरंग की $1$ समयावधि में तरंग द्वारा तय की गई दूरी
(B) माध्यम के कणों द्वारा मध्य स्थान के किसी भी तरफ तय की गई अधिकतम दूरी
(C) $1$ सेकंड में तरंग द्वारा तय की गई दूरी
(D) $1$ तरंग लंबाई के बराबर की दूरी
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-III
Ans: (B) माध्यम के कण अपनी स्थिर अवस्था (Mean Position) से जितना अधिकतम ऊपर या नीचे विस्थापित होते हैं, उस दूरी को "आयाम" (Amplitude) कहते हैं। यह ध्वनि की "शक्ति" या "ऊर्जा" को दर्शाता है।
14. एक स्त्रोत तरंग से $0.3$ सेकंड में $40$ शिखर (Crest) और $40$ गर्त (Trough) बनते हैं। तरंग की आवृत्ति ज्ञात करें।
(A) $120.40 Hz$
(B) $300 Hz$
(C) $133.33 Hz$
(D) $100 Hz$
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-III
Ans: (C) एक श्रृंग (Crest) और एक गर्त (Trough) मिलकर "एक पूर्ण तरंग" (One Cycle) बनाते हैं।\nयहाँ $40$ श्रृंग और $40$ गर्त हैं, यानी कुल $40$ तरंगें हैं।\nसमय = $0.3$ सेकंड।\nआवृत्ति ($f$) = $40 / 0.3 = 400 / 3 = 133.33~Hz$.
15. ध्वनि के संचरण के दौरान माध्यम में कणों के उच्च घनत्व का क्षेत्र ______ कहलाता है।
(A) विरलन
(B) अनुनाद
(C) संपीडन
(D) दोलन
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) अनुदैर्ध्य तरंगों (जैसे ध्वनि) के संचरण में:\n1. संपीडन (Compression): जहाँ माध्यम के कण पास-पास होते हैं (उच्च घनत्व और उच्च दाब)।\n2. विरलन (Rarefaction): जहाँ कण दूर-दूर होते हैं (निम्न घनत्व और निम्न दाब)।
16. यदि एक श्रृंग और इसके क्रमागत गर्त के मध्य दूरी $L$ है, तो तरंगदैर्ध्य होगी:
(A) $L$
(B) $2L$
(C) $3L$
(D) $L/2$
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-I
Ans: (B) एक श्रृंग (Crest) से अगले श्रृंग तक की दूरी $\lambda$ होती है। लेकिन श्रृंग से ठीक उसके अगले गर्त (Trough) तक की दूरी "आधी तरंगदैर्ध्य" ($\lambda / 2$) होती है।\nप्रश्न के अनुसार: $\lambda / 2 = L \Rightarrow \lambda = 2L$.
17. निम्न में से किस ध्वनि तरंग में तरंगदैर्ध्य सर्वाधिक लम्बी होगी?
(A) $100 Hz$ की आवृत्ति वाली तरंग
(B) $200 Hz$ की आवृत्ति वाली तरंग
(C) $300 Hz$ की आवृत्ति वाली तरंग
(D) $400 Hz$ की आवृत्ति वाली तरंग
RRB Group-D | 01-12-2018 | Shift-II
Ans: (A) तरंग की चाल ($v$) स्थिर रहने पर, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य एक-दूसरे के "व्युत्क्रमानुपाती" (Inversely proportional) होते हैं ($\lambda = v/f$)।\nयानी, फ्रीक्वेंसी जितनी कम होगी, वेवलेंथ उतनी ही लम्बी होगी। $100~Hz$ सबसे कम फ्रीक्वेंसी है, इसलिए इसकी वेवलेंथ सबसे लम्बी होगी।
18. एक श्रोत $0.4$ सेकंड में $20$ तरंग शिखर (Crest) और $20$ तरंग गर्त (Trough) उत्पन्न करता है। तरंग की आवृत्ति ज्ञात करें।
(A) $10 Hz$
(B) $510 Hz$
(C) $80 Hz$
(D) $50 Hz$
RRB Group-D | 03-12-2018 | Shift-III
Ans: (D) 20 शिखर (Crests) और 20 गर्त (Troughs) = 20 पूर्ण तरंगें (Cycles)।\nसमय = $0.4$ सेकंड।\nआवृत्ति ($f$) = $\text{साइकिल} / \text{समय} = 20 / 0.4 = 200 / 4 = 50~Hz$.
19. $500 Hz$ आवृत्ति का स्त्रोत $0.4 m$ तरंगदैर्ध्य की तरंगें उत्सर्जित करता है। तरंग को $600 m$ की दूरी तय करने में कितना समय लगेगा?
(A) $9 s$
(B) $6 s$
(C) $3 s$
(D) $12 s$
RRB Group-D | 05-12-2018 | Shift-III
Ans: (C) स्टेप 1: वेग ($v$) = $f \times \lambda = 500 \times 0.4 = 200~m/s$.\nस्टेप 2: समय ($t$) = $\text{दूरी} / \text{चाल}$\n$t = 600 / 200 = 3$ सेकंड।\nतरंग को 600 मीटर दूर पहुँचने में 3 सेकंड लगेंगे।
20. एक तरंग के गर्त की गहराई को इसका ______ कहा जाता है?
(A) आवृत्ति
(B) विस्थापन
(C) परिमाण
(D) आयाम
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-III
Ans: (D) तरंग के गर्त (Trough) की अधिकतम गहराई या श्रृंग (Crest) की अधिकतम ऊँचाई, दोनों ही "आयाम" (Amplitude) कहलाते हैं। यह कण के अधिकतम विस्थापन को मापता है।
21. किसी माध्यम में घनत्व के एक दोलन को पूरा करने में लगने वाला समय को क्या कहते हैं?
(A) तरंग का दोलन
(B) तरंग का समय काल
(C) तरंग की आवृत्ति
(D) तरंग मे आने-जाने की गति
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-II
Ans: (B) माध्यम के किसी बिंदु पर घनत्व के एक पूर्ण परिवर्तन (एक संपीडन + एक विरलन) में जो समय लगता है, उसे "आवर्तकाल" (Time Period) कहते हैं। इसे $T$ से दर्शाते हैं और मात्रक "सेकंड" होता है।
22. $500 ms^{-1}$ की चाल से यात्रा करने वाली तरंग की आवृत्ति $20 Hz$ है। समयांतराल ______ होगा।
(A) $4 s$
(B) $25 s$
(C) $0.05 s$
(D) $0.04 s$
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) आवर्तकाल ($T$) निकालने के लिए केवल आवृत्ति ($f$) की जरूरत होती है।\nसूत्र: $T = 1 / f$\nयहाँ $f = 20~Hz$, इसलिए $T = 1 / 20 = 0.05$ सेकंड।\n(यहाँ चाल $500~m/s$ केवल भ्रमित करने के लिए दिया गया है)।
23. निम्नलिखित में से किस विद्युत चुंबकीय तरंग की तरंग दैर्ध्य सबसे कम होती है?
(A) रेडियो तरंग
(B) इन्फ्रारेड तरंग
(C) एक्स-किरणें
(D) गामा किरणें
RRB NTPC | 03.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में गामा किरणों (Gamma Rays) की आवृत्ति सबसे अधिक और तरंगदैर्ध्य (Wavelength) सबसे कम होती है। इनकी भेदन क्षमता (Penetrating Power) भी सबसे अधिक होती है।
24. दृश्यमान विकिरण (Visible Radiation) की खोज किसने की थी?
(A) हेनरी बेकुरल
(B) विल्हेम रांटजन
(C) आइजक न्यूटन
(D) गुल्येलमों मार्कोनी
RRB NTPC | 02.03.2021 | Shift-I
Ans: (C) सर आइजैक न्यूटन ने 1666 में प्रिज्म का उपयोग करके यह सिद्ध किया कि सफेद प्रकाश सात रंगों से बना है, जिसे दृश्य विकिरण (Visible Light) कहते हैं।\nअन्य खोजें: बेकुरल - रेडियोधर्मिता, रोंटजन - X-Ray, मार्कोनी - रेडियो।
25. किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति $n$ और आवर्त काल $T$ के बीच क्या संबंध है?
(A) $n=1/T^2$
(B) $n=T$
(C) $n=1/T$
(D) $n=1/\sqrt{T}$
RRB JE | 23.05.2019 | Shift-I
Ans: (C) आवृत्ति ($n$) का अर्थ है 1 सेकंड में दोलन, और आवर्तकाल ($T$) का अर्थ है 1 दोलन में लगा समय।\nदोनों का संबंध: $n = 1/T$ या $n \times T = 1$।\nयह संबंध सभी प्रकार की तरंगों के लिए सत्य है।
26. नर्म और छिद्रयुक्त सतहों का उपयोग करके शोर को अवशोषित करने के लिए ........ तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
(A) ध्वनिक सुरक्षा
(B) श्रव्य सुरक्षा
(C) अपवर्तन
(D) अवशोषण
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-III
Ans: (A) ध्वनि तरंगें जब किसी कठोर सतह से टकराती हैं तो परावर्तित (Reflect) होती हैं, जिससे शोर बढ़ता है। छिद्रयुक्त (Porous) सामग्री ध्वनि ऊर्जा को अपने अंदर सोख लेती है और उसे ऊष्मा ऊर्जा में बदल देती है। इसे "ध्वनिक सुरक्षा" या "Sound Absorption" कहते हैं।
27. निम्नलिखित की भिन्नता के कारण संपीडन और विरलीकरण उत्पन्न होते हैं-
(A) किरण का अपवर्तन
(B) तापमान में अंतर
(C) हवा का दबाव
(D) चुंबकीय अंतर
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-1
Ans: (C) ध्वनि संचरण के दौरान, जब कंपन करने वाली वस्तु हवा के संपर्क में आती है, तो वह हवा को धक्का देती है जिससे "हवा का दबाव" (Air Pressure) बढ़ जाता है (संपीडन), और जब पीछे हटती है तो दबाव कम हो जाता है (विरलन)।
28. एक ध्वनि तरंग में 3.5 किलोहर्ट्ज की आवृत्ति है और इसका तरंगदैर्ध्य 0.1 मीटर है। तो इसे 700 मीटर की दूरी तय करने में कितना समय लगेगा?
(A) 1.5 सेकण्ड
(B) 1 सेकण्ड
(C) 3.0 सेकण्ड
(D) 2.0 सेकण्ड
RRB ALP & Tec. | 30-08-18 | Shift-III
Ans: (D) स्टेप 1: चाल ($v$) = $f \times \lambda = 3500~Hz \times 0.1~m = 350~m/s$.\nस्टेप 2: समय ($t$) = $\text{दूरी} / \text{चाल} = 700 / 350 = 2$ सेकंड।\nध्वनि को 700 मीटर तय करने में 2 सेकंड लगेंगे।
29. एक लड़के ने एक चट्टान के पास ताली बजाई और 3 सेकंड के बाद उसे प्रतिध्वनि सुनाई दिया। यदि ध्वनि की गति 346 मीटर सेकंड⁻¹ है तो वह लड़का चट्टान से कितनी दूरी है?
(A) 346 मीटर
(B) 519 मीटर
(C) 341 मीटर
(D) 219 मीटर
RRB Group-D | 11-12-2018 | Shift-II
Ans: (B) प्रतिध्वनि (Echo) में ध्वनि जाकर वापस आती है, यानी कुल दूरी $2d$ तय होती है।\nसूत्र: $2 \times \text{दूरी} = \text{चाल} \times \text{समय}$\n$2d = 346 \times 3 = 1038$\n$d = 1038 / 2 = 519$ मीटर।\nलड़का चट्टान से 519 मीटर दूर है।
30. एक प्रतिध्वनि 3 सेकंड में वापस आ जाती है। यदि ध्वनि की गति 342 ms⁻¹ है, तो स्त्रोत से परावर्तन सतह की दूरी कितनी है?
(A) 513 मीटर
(B) 644 मीटर
(C) 342 मीटर
(D) 171 मीटर
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-III
Ans: (A) प्रतिध्वनि के लिए दूरी ($d$) = $(\text{चाल} \times \text{समय}) / 2$\nयहाँ चाल $342$ और समय $3$ सेकंड है।\n$d = (342 \times 3) / 2 = 1026 / 2 = 513$ मीटर।\nदूरी को आधा इसलिए किया जाता है क्योंकि समय जाने और आने दोनों का है।
31. एक व्यक्ति ने चट्टान के पास ताली बजाई और उसे 4 सेकेण्ड बाद गूंज सुनाई दी। तो व्यक्ति से चट्टान की दूरी क्या है? (ध्वनि की गति = 346m/s)
(A) 1384 m
(B) 173 m
(C) 692 m
(D) 346 m
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-I
Ans: (C) यहाँ ध्वनि को चट्टान तक जाने और वापस आने में 4 सेकंड लगे, यानी केवल जाने में 2 सेकंड लगे।\nदूरी = $\text{चाल} \times \text{समय (केवल जाने का)}$\nदूरी = $346 \times 2 = 692$ मीटर।
32. अलग-अलग प्रतिध्वनियों को सुनने के लिए, ध्वनि के स्त्रोत से अवरोध की न्यूनतम दूरी ..... होनी चाहिए-
(A) 172 m
(B) 17.2 m
(C) 344 m
(D) 34.4 m
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) मानव कान किसी ध्वनि के प्रभाव को $0.1$ सेकंड तक महसूस करता है (Persistance of hearing)। प्रतिध्वनि स्पष्ट सुनने के लिए मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच कम से कम $0.1s$ का अंतर होना चाहिए।\nदूरी = $(344 \times 0.1) / 2 = 17.2$ मीटर (मानक तापमान पर)।
6. Metals & Their Compounds
1. निम्न में से किसके घनत्व और गलनांक दोनों निम्न होते हैं?
(A) Cu
(B) Na
(C) Au
(D) Fe
RRB Group-D | 11/10/2018 | Shift-1
Ans: (B) सोडियम ($Na$) एक क्षार धातु है जिसका घनत्व और गलनांक (Melting Point) अन्य धातुओं जैसे $Cu, Au, Fe$ की तुलना में बहुत कम होता है। इसे आसानी से चाकू से भी काटा जा सकता है।
2. दूधवाला ताजे दूध में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाता हैः
(A) दूध के अम्लीकरण को रोकने के लिए
(B) दूध का स्वाद बेहतर बनाने के लिए
(C) दूध में क्रीम बढ़ाने के लिए
(D) दूध के गाढ़ेपन में सुधार करने के लिए
RRB Group-D | 18/09/2018 | Shift-II
Ans: (A) दूध में बेकिंग सोडा $NaHCO_{3}$ मिलाने से उसका pH मान बढ़ जाता है (क्षारीय हो जाता है)। इससे दूध में लैक्टिक अम्ल बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और दूध लंबे समय तक फटने से बच जाता है।
3. बेकिंग पाउडर, और का मिश्रण है।
(A) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, मैलिक अम्ल
(B) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, सल्फ्यूरिक अम्ल
(C) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, टार्टेरिक अम्ल
(D) सोडियम कार्बोनेट, टार्टेरिक अम्ल
RRB Group-D | 17/09/2018 | Shift-III
Ans: (C) बेकिंग पाउडर मुख्य रूप से सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट $NaHCO_{3}$ और टार्टरिक अम्ल का मिश्रण है। यह नमी के संपर्क में आते ही $CO_{2}$ गैस छोड़ता है, जिससे खाद्य पदार्थ फूल जाते हैं।
4. .... को पानी में घोलने पर यह जिप्सम में परिवर्तित हो जाता है-
(A) कैल्शियम फॉस्फेट
(B) कैल्शियम फॉस्फेट हेमीहाइड्रेट
(C) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट
(D) कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-II
Ans: (D) प्लास्टर ऑफ पेरिस (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट $CaSO_{4} \cdot 1/2 H_{2}O$) को जब पानी में मिलाया जाता है, तो यह फिर से हाइड्रेटेड होकर जिप्सम $CaSO_{4} \cdot 2H_{2}O$ में बदल जाता है और कठोर हो जाता है।
5. जब सिल्वर क्लोराइड को सूर्य के प्रकाश में रखा जाता है, तो यह किसके बनने के कारण भूरे रंग का हो जाता है?
(A) सिल्वर आयन
(B) सिल्वर ऑक्साइड
(C) सिल्वर धातु
(D) सिल्वर ऑक्सेलेट
RRB Group-D | 19-09-2018 | 04:00 PM
Ans: (C) सिल्वर क्लोराइड $AgCl$ सूर्य के प्रकाश में अपघटित होकर सिल्वर धातु $Ag$ और क्लोरीन गैस $Cl_{2}$ बनाता है। मुक्त हुई सिल्वर धातु के कारण विलयन या पदार्थ का रंग धूसर (Grey/Brown) हो जाता है।
6. धातु जिसे कुछ देर के लिए हवा में रखा जाता है उस पर हरे बेसिक कार्बोनेट की परत चढ़ जाती है, वह धातु हैः
(A) निकल
(B) जिंक
(C) चाँदी
(D) तांबा
RRB J.E. | 14.12.2014 | Set-2
Ans: (D) तांबा ($Cu$) नम वायु में कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके बेसिक कॉपर कार्बोनेट $CuCO_{3} \cdot Cu(OH)_{2}$ की एक हरी परत बनाता है। इसे तांबे का संक्षारण कहते हैं।
7. जिंक कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को अलग कर सकता है, क्योंकि जिंक-
(A) कॉपर की तुलना में कम अभिक्रियाशील होता है।
(B) कॉपर की तुलना में अधिक ऑक्सीकृत होता है।
(C) कॉपर की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है।
(D) कॉपर की तुलना में कम ऑक्सीकृत होता है।
RRB Group-D | 26-09-2018 | Shift-II
Ans: (C) विस्थापन अभिक्रिया के अनुसार, जिंक ($Zn$) सक्रियता श्रेणी में कॉपर ($Cu$) से काफी ऊपर है। अधिक सक्रिय होने के कारण जिंक, कॉपर सल्फेट के नीले घोल से कॉपर को विस्थापित कर जिंक सल्फेट $ZnSO_{4}$ बनाता है।
8. भोजन के बर्तनों पर टिन की परत लगाई जाती है जिंक की नहीं, क्योंकि
(A) जिंक, टिन से महंगा होता है।
(B) जिंक का क्वथनांक, टिन से अधिक होता है।
(C) जिंक, टिन से अधिक प्रतिक्रियाशील होता है।
(D) जिंक, टिन से कम प्रतिक्रियाशील होता है।
RRB Group-D | 01-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) जिंक ($Zn$) की तुलना में टिन ($Sn$) बहुत कम क्रियाशील होता है। भोजन में मौजूद कार्बनिक अम्ल जिंक के साथ जहरीले यौगिक बना सकते हैं, जबकि टिन सुरक्षित रहता है। इसलिए डिब्बों पर टिन की कोटिंग की जाती है।
7. Non-metals & Their Compounds
1. ऐसी गैस, जो पॉप ध्वनि के साथ और नीले रंग की लौ में जलती है; वह कौन-सी गैस होती है?
(A) हाइड्रोजन
(B) कार्बन मोनोआक्साइड
(C) कार्बन डाईऑक्साइड
(D) ऑक्सीजन
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) हाइड्रोजन गैस ($H_{2}$) ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर और अत्यंत ज्वलनशील गैस है जो हवा में जलने पर ऑक्सीजन ($O_{2}$) के साथ प्रतिक्रिया करती है। दहन के दौरान यह गैस एक विशिष्ट पॉप ध्वनि उत्पन्न करती है और नीले रंग की लौ के साथ जलती है। यह प्रतिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है और जलवाष्प ($H_{2}O$) का निर्माण करती है जो रेलवे और पुलिस परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य है।
7. Nervous system
1. यदि किसी दुर्घटना में मेडुला ऑब्लोंगेटा को नुकसान पहुँचता है, तो कौन-सा कार्य सबसे पहले खतरे में पड़ सकता है?
(A) सोचने की क्षमता
(B) स्मृति संग्रहण
(C) संतुलन बनाना
(D) हृदय गति और श्वसन जैसी अनैच्छिक क्रियाएं
MP Police constable 2025 | 11-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) मेडुला ऑब्लोंगेटा (Medulla oblongata) मस्तिष्क का वह भाग है जो हृदय गति और श्वसन जैसी अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। इसमें क्षति होने पर सांस लेने और हृदय की धड़कन का नियंत्रण प्रभावित हो जाता है। इसलिए ऐसी स्थिति में जीवन के लिए आवश्यक स्वचालित क्रियाएँ सबसे पहले खतरे में पड़ती हैं।
2. एक लड़का साइकिल चलाते समय संतुलन खो देता है लेकिन बिना गिरे जल्दी ही उसे वापस पा लेता है। यह समायोजन सबसे सीधे तौर पर किसके द्वारा नियंत्रित होता है?
(A) प्रमस्तिष्क (सेरिब्रम)
(B) अनुमस्तिष्क (सेरिबैलम)
(C) मेरुरज्जु (स्पाइनल कॉर्ड)
(D) मज्जा (मेडुला)
MP Police constable 2025 | 17-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) अनुमस्तिष्क (Cerebellum) शरीर के संतुलन और मांसपेशियों की समन्वित गति को नियंत्रित करता है। साइकिल चलाते समय संतुलन बिगड़ने पर यह अंग तुरंत मांसपेशियों को आवश्यक संकेत देकर स्थिति को सुधारता है। इसी कारण व्यक्ति बिना गिरे दोबारा संतुलन बना पाता है।
7. Heat and Thermodynamics
1. लगभग ______ केल्विन पर जल का घनत्व सबसे अधिक होता है।
(A) $273 \text{ K}$
(B) $227 \text{ K}$
(C) $277 \text{ K}$
(D) $0 \text{ K}$
RRB NTPC (Stage-2) | 16/06/2022 | Shift-I
Ans: (C) जल का घनत्व $4^\circ\text{C}$ पर अधिकतम होता है। केल्विन पैमाने पर इसे बदलने के लिए: $K = C + 273$। अत: $4 + 273 = 277 \text{ K}$। $4^\circ\text{C}$ से नीचे ठंडा करने पर जल का आयतन बढ़ता है (असंगत प्रसार)।
2. शून्य डिग्री सेटीग्रेड (centigrade) कितने डिग्री फारेनहाइट (Fahrenheit) के बराबर होता है?
(A) 100° F
(B) 30° F
(C) 34° F
(D) 32° F
RRB NTPC Stage Ist | 03/04/2016 | Shift-I
Ans: (D) मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान सेल्सियस पैमाने पर 37°C होता है। इसे फारेनहाइट में बदलने के लिए सूत्र F = (C × 9/5) + 32 का उपयोग किया जाता है। गणना करने पर (37 × 1.8) + 32 = 66.6 + 32 = 98.6° F प्राप्त होता है। अतः मानव शरीर का सामान्य तापमान 98.6° फारेनहाइट माना जाता है।
3. किस ताप पर जल का घनत्व अधिकतम होता है?
(A) $247 \text{ K}$
(B) $244 \text{ K}$
(C) $277 \text{ K}$
(D) $273 \text{ K}$
RRB NTPC Stage Ist | 03.03.2021 | Shift-II
Ans: (C) जल का असामान्य व्यवहार (Anomalous expansion): जल को $0^\circ\text{C}$ से $4^\circ\text{C}$ ($273 \text{ K}$ से $277 \text{ K}$) तक गर्म करने पर इसका आयतन घटता है और घनत्व बढ़ता है। $277 \text{ K}$ पर घनत्व अधिकतम ($1000 \text{ kg/m}^3$) होता है।
4. किस तापमान पर पानी, तरल एवं ठोस दोनों स्थितियों में विद्यमान हो सकता है?
(A) $100^\circ\text{C}$
(B) $0^\circ\text{C}$
(C) $-1^\circ\text{C}$
(D) $-100^\circ\text{C}$
RRB Group-D | 29-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) सामान्य वायुमंडलीय दाब पर $0^\circ\text{C}$ वह तापमान है जिस पर जल अपनी ठोस अवस्था (बर्फ) और तरल अवस्था (पानी) दोनों में सह-अस्तित्व (co-exist) में रह सकता है। इसे जल का हिमांक (Freezing Point) भी कहते हैं।
7. Non-metals & Their Compounds
1. सल्फर की परमाणुकता क्या है?
(A) बहु-परमाणुक
(B) द्विपरमाणुक
(C) एकपरमाणुक
(D) त्रिपरमाणुक
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) सल्फर या गंधक एक अधातु है जो प्रकृति में मुक्त और संयुक्त दोनों अवस्थाओं में पाया जाता है। इसकी परमाणुकता बहु-परमाण्विक होती है क्योंकि इसके एक अणु में सल्फर के आठ परमाणु ($S_{8}$) आपस में जुड़े होते हैं। इसकी संरचना एक मुकुट या क्राउन जैसी होती है जिसे "पक्ड रिंग स्ट्रक्चर" कहा जाता है और यह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न है।
7. Nervous system
1. निम्नलिखित में से कौन-सा मुख्य कारण है कि सिनैप्स पर आवेग (इम्पल्स) रासायनिक होते हैं, विद्युत नहीं?
(A) आवेग का एकदिशीय प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए
(B) आवेगों को कई दिशाओं में यात्रा करने की अनुमति देने के लिए
(C) आवेग यात्रा को तेज़ बनाने के लिए
(D) न्यूरॉन्स की थकान को रोकने के लिए
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) सिनैप्स (Synapse) पर आवेगों का रासायनिक होना यह सुनिश्चित करता है कि सूचना केवल एक ही दिशा में प्रवाहित हो क्योंकि न्यूरोट्रांसमीटर केवल एक्सॉन टर्मिनल से ही निकलते हैं। यदि यह विद्युत होता, तो संकेत दोनों दिशाओं में जा सकता था जिससे तंत्रिका तंत्र में भ्रम पैदा हो जाता। रासायनिक संचार की गति विद्युत संचार की तुलना में थोड़ी धीमी होती है लेकिन यह अधिक सटीक और नियंत्रित होती है। रसायनों के माध्यम से सूचना को फिल्टर करना और संशोधित करना मस्तिष्क के लिए आसान हो जाता है।
2. जब किसी छात्र की आंखों पर अचानक तेज़ रोशनी डाली जाती है, तो एक रिफ्लेक्स (प्रतिवर्ती) क्रिया देखी जाती है। इसमें कौन-कौन-से न्यूरॉन्स शामिल होते हैं?
(A) केवल मोटर न्यूरॉन्स
(B) केवल संवेदी न्यूरॉन्स
(C) संवेदी और मोटर न्यूरॉन्स
(D) संवेदी, रिले और मोटर न्यूरॉन्स
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) • तेज़ रोशनी में पुतली का सिकुड़ना एक जटिल प्रतिवर्ती क्रिया है। • इसमें संवेदी (Sensory) न्यूरॉन प्रकाश को पहचानते हैं और रिले (Relay) न्यूरॉन मेरूरज्जु में सूचना प्रोसेस करते हैं। • अंत में मोटर (Motor) न्यूरॉन आँखों की मांसपेशियों को सिकुड़ने का संकेत देते हैं।
7. Non-metals & Their Compounds
1. दो तत्व X और Y अधातु हैं। X विद्युत का अच्छा सुचालक है, जबकि Y एक विद्युतरोधी (इन्सुलेटर) है। दोनों के गलनांक उच्च हैं। X और Y की पहचान करें।
(A) ग्रेफाइट और हीरा
(B) आयोडीन और फास्फोरस
(C) सल्फर और ग्रेफाइट
(D) फास्फोरस और सल्फर
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) ग्रेफाइट और हीरा दोनों कार्बन के अपररूप हैं लेकिन उनकी आंतरिक संरचना और गुणों में जमीन-आसमान का अंतर होता है। ग्रेफाइट की परतों के बीच मुक्त इलेक्ट्रॉन मौजूद होते हैं जिसके कारण यह अधातु होने के बावजूद विद्युत का अच्छा सुचालक है। इसके विपरीत हीरा एक विद्युतरोधी (इन्सुलेटर) है क्योंकि इसमें कार्बन के सभी इलेक्ट्रॉन बंधे होते हैं लेकिन दोनों के गलनांक उनके सहसंयोजक बंधों के कारण बहुत उच्च होते हैं।
7. Nervous system
1. रिफ्लेक्स क्रिया (प्रतिवर्ती क्रिया) के दौरान स्पाइनल कॉर्ड से प्रभावक अंग तक संकेत ले जाने वाला न्यूरॉन किस प्रकार का होता है?
(A) रिले
(B) संवेदी
(C) एसोसिएशन
(D) मोटर (प्रेरक)
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) रिफ्लेक्स क्रिया में स्पाइनल कॉर्ड से उत्पन्न संकेत प्रभावक अंग तक मोटर न्यूरॉन (Motor neuron) द्वारा पहुँचाए जाते हैं। यह न्यूरॉन मांसपेशियों या ग्रंथियों को तुरंत प्रतिक्रिया करने का आदेश देता है। इसी व्यवस्था से प्रतिवर्ती क्रिया बहुत तेज और स्वतः होती है।
2. एक छात्र गलती से कांटे पर पैर रख देता है। वह दर्द को चेतन रूप से महसूस करने से पहले ही अपना पैर पीछे हटा लेता है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस स्थिति को सही रूप से समझाता है?
(A) अतिप्रतिक्रिया कम करने के लिए मस्तिष्क प्रतिक्रिया में देरी करता है
(B) त्वचा में दर्द रिसेप्टर्स मस्तिष्क को संकेत भेजने में विफल रहते हैं
(C) मोटर न्यूरॉन्स तंत्रिका तंत्र से स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं
(D) रिफ्लेक्स आर्क मस्तिष्क को बायपास करता है, जिससे तुरंत पैर हटना संभव होता है
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) इस स्थिति में रिफ्लेक्स आर्क (Reflex arc) के माध्यम से संकेत सीधे स्पाइनल कॉर्ड तक पहुँचते हैं और वहीं से मोटर न्यूरॉन को भेज दिए जाते हैं। इससे मस्तिष्क की चेतन प्रक्रिया में शामिल हुए बिना ही मांसपेशियाँ तुरंत प्रतिक्रिया करती हैं। इसी कारण दर्द का अनुभव होने से पहले ही पैर पीछे हट जाता है।
3. न्यूरॉन का कौन-सा भाग यह निर्धारित करता है कि आवेग कितनी गति से यात्रा करेगा?
(A) सेल बॉडी का व्यास
(B) ऐक्सॉन टर्मिनल का आकार
(C) डेंड्राइट की लंबाई
(D) माइलिन शीथ
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) न्यूरॉन के एक्सॉन (Axon) के चारों ओर पाई जाने वाली माइलिन शीथ (Myelin sheath) एक वसायुक्त परत होती है जो विद्युत आवेग की गति को कई गुना बढ़ा देती है। जिन न्यूरॉन्स पर यह परत होती है, उनमें आवेग "कूद-कूद कर" (Saltatory conduction) चलता है। बिना माइलिन वाली तंत्रिकाओं में आवेग की गति बहुत धीमी होती है। यह परत एक इंसुलेटर (Insulator) की तरह कार्य करती है जो विद्युत संकेतों को बाहर लीक होने से बचाती है।
4. एक छात्र अपने सहपाठी के कंधे पर हल्के से थपथपाता है। कोई प्रतिवर्ती प्रतिक्रिया नहीं देखी जाती। ऐसा क्यों हो सकता है?
(A) मस्तिष्क प्रतिवर्त को दबा देता है
(B) मोटर न्यूरॉन क्षतिग्रस्त है
(C) संवेदी न्यूरॉन अनुपस्थित है
(D) रिफ्लेक्स शुरू करने के लिए थ्रेशोल्ड उत्तेजना नहीं मिली
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) हल्का सा थपथपाना इतनी तीव्र (Intensity) उत्तेजना प्रदान नहीं करता कि वह रिफ्लेक्स आर्क (Reflex Arc) को सक्रिय कर सके। प्रतिवर्ती क्रिया शुरू होने के लिए संवेदी रिसेप्टर में न्यूनतम सीमा की उत्तेजना यानी थ्रेशोल्ड स्टिमुलस (Threshold Stimulus) आवश्यक होती है। जब उत्तेजना इस सीमा से कम होती है, तो संवेदी न्यूरॉन पर्याप्त आवेग (Nerve Impulse) उत्पन्न नहीं कर पाता और संकेत स्पाइनल कॉर्ड तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँचते। इसलिए इस स्थिति में कोई प्रतिवर्ती प्रतिक्रिया दिखाई नहीं देती और सही कारण यह है कि रिफ्लेक्स शुरू करने के लिए आवश्यक थ्रेशोल्ड उत्तेजना नहीं मिली।
5. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे अच्छी तरह यह समझाता है कि रिफ्लेक्स क्रियाएं अनैच्छिक क्यों मानी जाती हैं?
(A) एक बार शुरू होने के बाद उन्हें रोका नहीं जा सकता
(B) वे हमेशा कंकाल की मांसपेशियों को शामिल करते हैं
(C) वे प्रमस्तिष्क (सेरेब्रम) के सचेत नियंत्रण के बिना होते हैं
(D) वे स्वायत्त तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होते हैं
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) रिफ्लेक्स या प्रतिवर्ती क्रियाएं (Reflex actions) इसलिए अनैच्छिक होती हैं क्योंकि ये प्रमस्तिष्क (Cerebrum) के सचेत विचार या नियंत्रण के बिना स्वतः होती हैं। प्रमस्तिष्क मस्तिष्क का वह भाग है जो सोचने और निर्णय लेने का कार्य करता है, जबकि रिफ्लेक्स मुख्य रूप से मेरुरज्जु (Spinal cord) द्वारा नियंत्रित होते हैं। यह शरीर की एक सुरक्षात्मक तकनीक है जो किसी खतरे के प्रति तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए बनी है। जैसे ही हाथ गर्म वस्तु को छूता है, मेरुरज्जु मस्तिष्क को सूचना भेजने से पहले ही हाथ हटाने का आदेश दे देती है।
6. मस्तिष्क का कौन-सा भाग पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा वृद्धि हार्मोन के स्राव को नियंत्रित करता है?
(A) अनुमस्तिष्क (सेरिबैलम)
(B) मेडुला ऑब्लोंगेटा
(C) मेरुरज्जु (स्पाइनल कॉर्ड)
(D) हाइपोथैलेमस
MP Police constable 2025 | 06-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) • हाइपोथैलेमस को "मास्टर ऑफ मास्टर ग्लैंड" कहा जाता है क्योंकि यह पिट्यूटरी ग्रंथि को नियंत्रित करता है। • यह वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) के स्राव के लिए प्रेरक और निरोधक संकेत भेजता है। • यह शरीर के तापमान और भूख-प्यास को भी नियंत्रित करने वाला मुख्य केंद्र है।
7. निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण एक सशर्त प्रतिवर्ती क्रिया का है?
(A) गर्म वस्तु से हाथ हटाना
(B) आंखें झपकना
(C) अनुभव के साथ साइकिल चलाना या टाइप करना
(D) कांटा चुभने पर पैर हटाना
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) • सशर्त प्रतिवर्ती क्रिया (Conditioned Reflex) वे हैं जिन्हें हम अनुभव और अभ्यास से सीखते हैं। • साइकिल चलाना या टाइप करना इसके उदाहरण हैं क्योंकि शुरुआत में ये स्वैच्छिक होते हैं पर बाद में स्वतः (Automatic) हो जाते हैं। • रूसी वैज्ञानिक इवान पावलोव ने इस पर प्रसिद्ध प्रयोग किए थे।
8. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प प्रतिवर्ती क्रिया में स्पाइनल कॉर्ड की भूमिका को सबसे अच्छी तरह समझाता है?
(A) यह मांसपेशियों के संकुचन में देरी करता है
(B) यह आवेगों को मस्तिष्क तक पहुँचने से रोकता है
(C) यह केवल संवेदी ग्राही के रूप में कार्य करता है
(D) यह प्रतिवर्ती एकीकरण के प्राथमिक केंद्र के रूप में कार्य करता है
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) • स्पाइनल कॉर्ड प्रतिवर्ती क्रियाओं के लिए "प्राथमिक एकीकरण केंद्र" (Primary Integration Center) के रूप में कार्य करती है। • यह संवेदी इनपुट प्राप्त करती है और तुरंत मोटर आउटपुट भेजती है। • यह मस्तिष्क के कार्यभार को कम करती है ताकि त्वरित निर्णय लिए जा सकें।
9. निम्नलिखित में से कौन-सा सेरिब्रम (प्रमस्तिष्क) और मेरुरज्जु (स्पाइनल कॉर्ड) के बीच सही कार्यात्मक अंतर है?
(A) सेरिब्रम अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है
(B) सेरिब्रम रिफ्लेक्स को नियंत्रित करता है
(C) सेरिब्रम स्मृति संचित करता है, स्पाइनल कॉर्ड रिफ्लेक्स चलाता है
(D) दोनों स्वैच्छिक क्रियाओं को समान रूप से नियंत्रित करते हैं
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) सेरिब्रम (Cerebrum) मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है जो तर्क, स्मृति, भावनाओं और स्वैच्छिक मांसपेशियों के नियंत्रण के लिए जिम्मेदार है। इसके विपरीत, स्पाइनल कॉर्ड (Spinal cord) मुख्य रूप से प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex actions) का केंद्र है और मस्तिष्क व अंगों के बीच सूचना का मार्ग बनाता है। स्मृति और बुद्धिमत्ता का केंद्र केवल सेरिब्रम में ही स्थित होता है। स्पाइनल कॉर्ड शरीर की तत्काल और अचानक होने वाली प्रतिक्रियाओं को संभालता है ताकि समय की बचत हो सके।
7. Non-metals & Their Compounds
1. निम्नलिखित में से किस घटना में हाइड्रोजन गैस का उपयोग उत्पाद प्राप्त करने के लिए नहीं किया जाता है?
(A) अमोनिया गैस का उत्पादन
(B) डाल्डा का निर्माण
(C) कास्टिक सोडा का निर्माण
(D) मार्जरीन का निर्माण
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) कास्टिक सोडा ($NaOH$) के निर्माण के लिए नेल्सन सेल या कास्टनर-केल्नर विधि का उपयोग किया जाता है जिसमें ब्राइन यानी सोडियम क्लोराइड ($NaCl$) का विद्युत अपघटन होता है। इस प्रक्रिया में क्लोरीन और कास्टिक सोडा मुख्य उत्पाद होते हैं जबकि हाइड्रोजन गैस ($H_{2}$) उप-उत्पाद के रूप में निकलती है। हाइड्रोजनीकरण, अमोनिया निर्माण और ईंधन सेल में हाइड्रोजन का उपयोग होता है लेकिन कास्टिक सोडा का मुख्य स्रोत हाइड्रोजन नहीं है।
7. Nervous system
1. एक छात्र ठंडी वस्तु को छूता है और तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लेता है। यदि संवेदी न्यूरॉन्स से माइलिन शीथ हटा दी जाए, तो क्या होगा?
(A) रिफ्लेक्स नहीं होता
(B) रिफ्लेक्स धीमी गति से होता है
(C) स्वैच्छिक गति रुक जाती है
(D) रिफ्लेक्स तेज़ गति से होता
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) माइलिन शीथ (Myelin sheath) एक इंसुलेटर परत है जो तंत्रिका आवेगों की गति को तेज करती है, इसलिए यदि इसे हटा दिया जाए, तो आवेग की यात्रा धीमी हो जाएगी और रिफ्लेक्स बहुत देर से होगा। इस स्थिति में व्यक्ति को खतरे का आभास होने और प्रतिक्रिया करने में लगने वाला समय बढ़ जाएगा। यह स्थिति कुछ बीमारियों जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस (Multiple Sclerosis) में देखी जाती है जहाँ माइलिन नष्ट होने लगती है। बिना माइलिन के तंत्रिका आवेगों का संचार अनिश्चित और कमजोर हो जाता है।
2. न्यूरॉन का कौन-सा भाग तंत्रिका आवेग के एकदिशीय संचरण को सुनिश्चित करता है?
(A) न्यूरोट्रांसमीटर को सिनेप्स में छोड़ने वाले ऐक्सॉन टर्मिनल
(B) कोशिका काय में स्थित केंद्रक
(C) एक्शन पोटेंशियल उत्पन्न करने वाले डेंड्राइट्स
(D) ऐक्सॉन को इंसुलेट करने वाली माइलिन शीथ
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) • ऐक्सॉन टर्मिनल के सिरों पर छोटी थैलियां (Vesicles) होती हैं जिनमें न्यूरोट्रांसमीटर भरे होते हैं। • ये रसायन केवल एक ही दिशा में छोड़े जा सकते हैं, जिससे आवेग का पीछे लौटना असंभव हो जाता है। • डेंड्राइट्स केवल इन रसायनों को प्राप्त करने के लिए बने होते हैं, छोड़ने के लिए नहीं।
3. एक छात्र गलती से अपने पैर के पास पेंसिल गिरा देता है। वह बिना सोचे पैर हटा लेता है। यदि कोई रासायनिक पदार्थ अस्थायी रूप से इंटरन्यूरॉन सिनेप्स को अवरुद्ध कर देता है, तो क्या होगा?
(A) संवेदना खो जाती है लेकिन हाथ हट जाता है
(B) प्रतिक्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है
(C) रिफ्लेक्स विड्रॉल (हाथ/पैर हटाना) नहीं होता है
(D) पैर अभी भी हट जाता है
MP Police constable 2025 | 25-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) इंटरन्यूरॉन (Interneuron) संवेदी और प्रेरक न्यूरॉन के बीच की कड़ी होते हैं जो मेरुरज्जु में सूचना का प्रसंस्करण करते हैं। यदि सिनैप्स (दो न्यूरॉन के बीच का जोड़) अवरुद्ध हो जाता है, तो संवेदी अंग से आने वाली सूचना प्रेरक अंग तक नहीं पहुँच पाएगी और प्रतिक्रिया नहीं होगी। इसके परिणामस्वरूप हाथ या पैर हटाने की क्रिया (Withdrawal reflex) पूरी तरह रुक जाएगी। बिना इंटरन्यूरॉन के समन्वय के रिफ्लेक्स आर्क (Reflex arc) का चक्र अधूरा रह जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी सर्किट का तार बीच से काट दिया जाए।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मस्तिष्क के भाग को उसके मुख्य कार्य के साथ सही रूप से मिलाता है?
(A) हाइपोथैलेमस - दृष्टि प्रतिवर्त
(B) मेडुला - अनैच्छिक क्रियाएँ जैसे हृदय की धड़कन
(C) सेरेबेलम - स्मृति संग्रहण
(D) सेरिब्रम - संतुलन और मुद्रा
MP Police constable 2025 | 29-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) मेडुला ऑब्लांगेटा (Medulla oblongata) पश्च मस्तिष्क का हिस्सा है जो हृदय की धड़कन, रक्तचाप और श्वसन जैसी जीवन रक्षक अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। हाइपोथैलेमस का मुख्य कार्य शरीर के तापमान और भूख-प्यास को नियंत्रित करना है। सेरेबेलम (Cerebellum) शरीर का संतुलन और मुद्रा बनाए रखता है, जबकि सेरिब्रम बुद्धिमत्ता और याददाश्त का केंद्र है। मेडुला में चोट लगना व्यक्ति के लिए तत्काल जानलेवा हो सकता है क्योंकि यह श्वसन को नियंत्रित करता है।
5. यदि ध्यान दृश्य रूप से भटक गया हो, तो पूर्ण प्रतिवर्त (इंटेक्ट रिफलेक्स) क्षमता वाला व्यक्ति गिरती हुई वस्तु को क्यों नहीं पकड़ पाता?
(A) रिफ्लेक्स आर्क्स को सक्रिय होने के लिए दृश्य इनपुट की आवश्यकता होती है
(B) मस्तिष्क अवरोधन, मेरुदंडीय प्रतिवर्ती पर हावी हो जाता है
(C) माइलिनेशन स्वैच्छिक प्रतिक्रियाओं को धीमा कर देता है
(D) स्वैच्छिक मोटर क्रिया रिफ्लेक्स मार्गों से प्रतिस्पर्धा करती है
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) जब व्यक्ति का ध्यान भटक जाता है, तो मस्तिष्क से आने वाली स्वैच्छिक मोटर क्रियाएं (Voluntary motor actions) अक्सर रिफ्लेक्स मार्गों के साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं जिससे प्रतिक्रिया समय बढ़ जाता है। मस्तिष्क सचेत रूप से किसी अन्य कार्य में लगा होता है, इसलिए वह गिरने वाली वस्तु के प्रति हाथ बढ़ाने का आदेश देने में देरी कर देता है। रिफ्लेक्स आर्क हालांकि स्वतंत्र होते हैं, लेकिन जटिल स्वैच्छिक प्रतिक्रियाएं उच्च मस्तिष्क केंद्रों के समन्वय पर निर्भर करती हैं। इस प्रतिस्पर्धा के कारण शरीर की त्वरित प्रतिक्रिया करने की क्षमता कम हो जाती है।
6. एक सिनेप्स पर, क्या चीज़ आवेग को पीछे की दिशा में यात्रा करने से रोकती है?
(A) सिनेप्टिक दरार केवल एक दिशा में आवेग की अनुमति देती है
(B) न्यूरोट्रांसमीटर केवल एक्सॉन टर्मिनल्स द्वारा छोड़े जाते हैं
(C) डेंड्राइट्स न्यूरोट्रांसमीटर को रोकते हैं
(D) सेल बॉडी एक्सॉन की तुलना में अधिक शक्तिशाली आवेग उत्पन्न करती है
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) तंत्रिका तंत्र में आवेग का संचार एकदिशीय (Unidirectional) होता है क्योंकि न्यूरोट्रांसमीटर रसायन केवल एक्सॉन टर्मिनल्स (Axon terminals) में स्थित पुटिकाओं से छोड़े जाते हैं। डेंड्राइट्स में ये रसायन नहीं होते, इसलिए वे आवेग को वापस नहीं भेज सकते। सिनैप्स पर ग्राही (Receptors) भी केवल दूसरी तरफ ही स्थित होते हैं जो इन रसायनों को ग्रहण करते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि शरीर में सूचनाओं का प्रवाह व्यवस्थित रहे और कोई टकराव न हो। यह बिजली के एक स्विच की तरह है जो केवल एक ही दिशा में काम करता है।
7. रिफ्लेक्स आर्क (प्रतिवर्ती चाप) को "ऑल-ऑर-नन" (संपूर्ण या कुछ नहीं) घटना क्यों माना जाता है?
(A) केवल संवेदी न्यूरॉन्स आंशिक रूप से प्रतिक्रिया करते हैं
(B) मांसपेशियाँ उत्तेजना की तीव्रता के अनुसार आंशिक रूप से संकुचित होती हैं
(C) या तो पूरा मार्ग प्रतिक्रिया करता है या कोई प्रतिक्रिया नहीं होती
(D) मस्तिष्क केवल आंशिक प्रतिक्रियाओं का समन्वय करता है
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) प्रतिवर्ती चाप (Reflex arc) को "ऑल-ऑर-नन" इसलिए कहा जाता है क्योंकि यदि उद्दीपन (Stimulus) एक निश्चित सीमा (Threshold) से कम है, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं होगी, लेकिन यदि वह सीमा पार कर जाता है, तो पूरी प्रतिक्रिया होगी। इसमें आंशिक या आधी-अधूरी प्रतिक्रिया जैसा कुछ नहीं होता। या तो तंत्रिका आवेग पूरी तरह से प्रवाहित होगा या बिल्कुल नहीं। यह सिद्धांत तंत्रिका तंत्र की कार्यकुशलता और सटीकता को बनाए रखने में मदद करता है। मांसपेशियों का संकुचन भी इसी आधार पर तय होता है कि आवेग कितना मजबूत है।
8. त्वचा पर हल्का स्पर्श तेज चुभन की तुलना में देर से प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। इस अंतर का क्या कारण है?
(A) हल्के स्पर्श के लिए रिफ्लेक्स आर्क को नजरअंदाज किया जाता है
(B) मस्तिष्क हल्के स्पर्श को अनदेखा करता है
(C) संवेदी रिसेप्टर का प्रकार और तंत्रिका आवेग की गति
(D) मोटर न्यूरॉन की लंबाई भिन्न होती है
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) हल्का स्पर्श और तेज चुभन के बीच प्रतिक्रिया समय का अंतर संवेदी रिसेप्टर्स के प्रकार और उनसे जुड़े तंत्रिका तंतुओं की मोटाई पर निर्भर करता है। दर्द या तेज चुभन के संकेत अक्सर मोटे और माइलिन युक्त तंतुओं द्वारा ले जाए जाते हैं जो बहुत तेज होते हैं। इसके विपरीत, हल्के स्पर्श के संकेत तुलनात्मक रूप से पतले तंतुओं द्वारा धीमी गति से भेजे जाते हैं। शरीर दर्द जैसे हानिकारक उद्दीपनों को प्राथमिकता देता है ताकि नुकसान को कम किया जा सके। तंत्रिका आवेग की गति तंतु के व्यास और माइलिनेशन पर सीधे निर्भर करती है।
7. Non-metals & Their Compounds
1. कार्बन नैनोट्यूब्स अपनी विशिष्ट गुणधर्मिता किससे प्राप्त करते हैं:
(A) फुलरीन जैसी संरचनाएं
(B) sp³ हाइब्रिडीकृत (संकरित) कार्बन परमाणु
(C) रेखीय कार्बन श्रृंखलाएं
(D) sp² हाइब्रिडाइजेशन वाले रोल किए गए ग्रेफीन शीट्स
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) कार्बन नैनोट्यूब ($CNTs$) कार्बन का एक नैनो-स्ट्रक्चर वाला अपररूप है जो ग्राफीन की मुड़ी हुई परतों से बना होता है। इनमें कार्बन परमाणु $sp^{2}$ हाइब्रिडाइजेशन (संकरण) अवस्था में होते हैं जो इन्हें अत्यधिक यांत्रिक मजबूती और उच्च विद्युत चालकता प्रदान करते हैं। यह सामग्री स्टील से सौ गुना मजबूत लेकिन वजन में बहुत हल्की होती है जिसका उपयोग नैनो-टेक्नोलॉजी और स्पेस इंजीनियरिंग में किया जाता है।
2. कार्बन नैनोट्यूब्स अपनी विशिष्ट गुणधर्मिता किससे प्राप्त करते हैं:
(A) फुलरीन जैसी संरचनाएं
(B) sp³ हाइब्रिडीकृत (संकरित) कार्बन परमाणु
(C) रेखीय कार्बन श्रृंखलाएं
(D) sp² हाइब्रिडाइजेशन वाले रोल किए गए ग्रेफीन शीट्स
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (D) कार्बन नैनोट्यूब अपनी विशिष्ट मजबूती और चालकता रोल की गई ग्राफीन शीट्स से प्राप्त करते हैं जिनमें $sp^{2}$ हाइब्रिडाइजेशन पाया जाता है। इनकी बेलनाकार संरचना इन्हें उच्च संपीड़न शक्ति प्रदान करती है जो इन्हें आधुनिक सामग्रियों में सबसे शक्तिशाली बनाती है। यह नैनो-स्केल संरचना भविष्य के इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है।
7. Nervous system
1. मानव मस्तिष्क में ध्वनि का संवेदन कितनी देर तक बना रहता है?
(A) 0.1 s
(B) 0.001 s
(C) 10 s
(D) 0.2 s
Ans: (A) मानव मस्तिष्क में किसी भी ध्वनि का संवेदन लगभग 0.1 सेकंड तक बना रहता है जिसे "श्रवण की दृढ़ता" (Persistence of hearing) कहते हैं। यदि कोई दूसरी ध्वनि 0.1 सेकंड से पहले आ जाए, तो मस्तिष्क उसे पहली ध्वनि से अलग नहीं कर पाता। प्रतिध्वनि (Echo) सुनने के लिए परावर्तक सतह और स्रोत के बीच कम से कम 17.2 मीटर की दूरी होनी चाहिए ताकि ध्वनि 0.1 सेकंड बाद वापस आए। यह समय अंतराल ध्वनि तरंगों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक न्यूनतम समय है। यही कारण है कि हमें सिनेमा घरों या बड़े हॉलों में गूँज सुनाई देती है।
2. निम्न में से कौन-सा वर्ण-दर्शन से संबंधित है?
(A) रॉड की कोशिकाएं
(B) शंकु कोशिकाएं
(C) ऑप्टिक डिस्क
(D) आइरिस
Ans: (B) रेटिना में दो प्रकार की प्रकाश-संवेदी कोशिकाएं होती हैं जिनमें से शंकु कोशिकाएं (Cone cells) रंग देखने (Color vision) और तेज प्रकाश में देखने के लिए जिम्मेदार होती हैं। रॉड कोशिकाएं (Rod cells) कम प्रकाश या रात में देखने में मदद करती हैं और रंगों की पहचान नहीं कर पातीं। मानव आंख में तीन प्रकार के शंकु होते हैं जो लाल, हरे और नीले रंग के प्रति संवेदनशील होते हैं। आइरिस आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करता है। वर्णान्धता (Color blindness) की स्थिति तब होती है जब कुछ शंकु कोशिकाएं ठीक से काम नहीं करतीं।
7. Heat and Thermodynamics
1. $-200^\circ\text{C}$ = ______ $^\circ\text{F}$
(A) $73^\circ$
(B) $-328^\circ$
(C) $-392^\circ$
(D) $-73^\circ$
ALP (Stage-II) | 21/01/2021 | Shift-II
Ans: (B) सूत्र: $\frac{C}{5} = \frac{F-32}{9}$ का प्रयोग करने पर। दिया है $C = -200$ $\frac{-200}{5} = \frac{F-32}{9}$ $-40 = \frac{F-32}{9}$ $-360 = F - 32$ $F = -360 + 32 = -328^\circ\text{F}$
2. केल्विन पैमाने का मानक कक्षीय तापमान कितना होता है?
(A) 98 K
(B) 198 K
(C) 273 K
(D) 373 K
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-III
Ans: (C) वैज्ञानिक कार्यों और गणनाओं के लिए मानक कक्षीय तापमान (Standard Room Temperature) आमतौर पर 25°C माना जाता है। केल्विन पैमाने पर इसे बदलने के लिए 273 जोड़ा जाता है (25 + 273 = 298 K)। हालांकि, कई संदर्भों में 0°C (273 K) को मानक आधार माना जाता है, जो विकल्पों के अनुसार यहाँ सही उत्तर है।
3. 372°C को केल्विन पैमाने में परिवर्तित करें-
(A) 846 K
(B) 645 K
(C) 546 K
(D) 746 K
RRB JE (Electrical) | 19-09-2019 | Shift-III
Ans: (B) सेल्सियस पैमाने के तापमान को केल्विन में बदलने के लिए उसमें 273.15 (सटीक) या सामान्यतः 273 जोड़ा जाता है। यहाँ 372°C + 273 = 645 K होगा। केल्विन पैमाना तापमान की SI इकाई है और इसमें शून्य से नीचे का तापमान (negative) नहीं होता क्योंकि 0 K परम शून्य तापमान कहलाता है।
4. सेंटीग्रेड, जो तापमान के माप का यूनिट है, निम्नलिखित में से किस पर नामित है?
(A) केल्विन
(B) जीन-पीयर-क्रिस्टिन
(C) मार्टेन स्ट्रोमर
(D) एन्डर्स सेल्सियस
RRB NTPC Stage Ist | 16.04.2016 | Shift-I
Ans: (D) सेल्सियस स्केल (जिसे पहले सेंटीग्रेड स्केल कहा जाता था) का नाम स्वीडिश खगोलशास्त्री एन्डर्स सेल्सियस (Anders Celsius) के नाम पर रखा गया है। उन्होंने 1742 में इस पैमाने का आविष्कार किया था। इस पैमाने पर पानी का हिमांक 0 डिग्री और क्वथनांक 100 डिग्री निर्धारित किया गया है।
5. सेल्सियस एवं फारेनहाईट स्केलों पर किस तापमान पर एक समान पठन दर्शायेगा?
(A) $100^\circ$
(B) $0^\circ$
(C) $-40^\circ$
(D) $40^\circ$
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (C) $-40^\circ$ वह अद्वितीय तापमान है जहाँ सेल्सियस और फारेनहाइट दोनों पैमानों का मान समान होता है। सूत्र जांच: $\frac{-40}{5} = -8$ और $\frac{-40-32}{9} = \frac{-72}{9} = -8$।
6. एक एल्कोहल का क्वथनांक 78°C है। केल्विन पैमाने पर तापमान कितना होगा?
(A) 78 K
(B) 341 K
(C) 373 K
(D) 351 K
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-III
Ans: (D) एल्कोहल का क्वथनांक 78°C दिया गया है। केल्विन पैमाने पर परिवर्तन के लिए सूत्र K = C + 273 का पालन किया जाता है। इस प्रकार 78 + 273 = 351 K सही उत्तर होगा। यह तापमान वह बिंदु है जिस पर एल्कोहल वाष्प अवस्था में बदलना शुरू कर देता है।
7. सेल्सियस से केल्विन पैमाने पर तापमान को बदलने के लिए, आपको निम्न में से क्या करना होगा :
(A) दिए गए तापमान को 273 से गुणा करें
(B) दिए गए तापमान में 273 जोड़े
(C) दिए गए तापमान को 273 से विभाजित करें
(D) दिए गए तापमान में से 273 घटाएं
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-II
Ans: (B) तापमान मापने के विभिन्न पैमानों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए गणितीय गणना की जाती है। सेल्सियस से केल्विन में जाने के लिए दिए गए तापमान में 273 जोड़ना पड़ता है। इसके विपरीत, यदि केल्विन से सेल्सियस में आना हो, तो प्राप्त तापमान में से 273 घटाना पड़ता है।
8. उस तापमान का मान कितना होता है जो मानव शरीर में सामान्य माना जाता है?
(A) 95 डिग्री F
(B) 97 डिग्री F
(C) 98.6 डिग्री F
(D) 96.8 डिग्री F
RRB NTPC Stage Ist | 27.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) मानव शरीर का औसत सामान्य तापमान 98.6°F (37°C) होता है। यदि शरीर का तापमान इससे अधिक होता है, तो उसे बुखार (Fever) की स्थिति माना जाता है। तापमान को सटीक रूप से मापने के लिए क्लिनिकल थर्मामीटर का उपयोग किया जाता है जो मुख्य रूप से फारेनहाइट स्केल पर आधारित होता है।
9. सेल्सियस और केल्विन तापमान के बीच क्या संबंध है?
(A) 37°C = 273 K
(B) 0°C = 273 K
(C) 98.6°C = 273 K
(D) 0 K = 273°C
RRB Group-D | 01-11-2018 | Shift-II
Ans: (B) 0°C तापमान वह बिंदु है जिस पर बर्फ पिघलती है या पानी जमना शुरू होता है। केल्विन पैमाने पर यह मान 273.15 K के बराबर होता है। इसलिए 0°C = 273 K एक मानक संबंध है जिसका उपयोग भौतिक विज्ञान की गणनाओं में तापमान को SI यूनिट में बदलने के लिए किया जाता है।
10. 0°C पर तरल पानी के कणों में उसी तापमान पर बर्फ के कणों की तुलना में अधिक ऊर्जा क्यों होती है?
(A) बर्फ से तरल पानी में रूपांतरण के दौरान पानी के कण ऊष्मा अवशोषित करते हैं
(B) बर्फ से जल वाष्प रूपांतरण के दौरान
(C) बर्फ से तरल पानी रूपांतरण के दौरान पानी के कण ऊष्मा विकीर्ण करते हैं
(D) बर्फ से तरल पानी रूपांतरण के दौरान बर्फ के कण ऊष्मा अवशोषित करते हैं
RRB Group-D | 16-10-2018 | Shift-II
Ans: (D) जब बर्फ पिघलती है, तो वह परिवेश से ऊष्मा अवशोषित करती है। इसे 'संगलन की गुप्त ऊष्मा' (Latent Heat of Fusion) कहते हैं। इसी कारण $0^\circ\text{C}$ पर पानी के कणों में $0^\circ\text{C}$ की बर्फ की तुलना में अधिक ऊर्जा (गुप्त ऊष्मा के रूप में) होती है।
11. विकिरण द्वारा ऊष्मा का स्थानांतरण मुख्य रूप से निर्भर रहता है:
(A) इसके तापमान पर
(B) पिंड की प्रकृति पर
(C) इसकी पृष्ठ के विस्तार एवं प्रकार पर
(D) उपरोक्त सभी
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (D) विकिरण (Radiation) ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि है जिसमें किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। विकिरण द्वारा छोड़ी गई ऊर्जा पिंड के तापमान, उसकी सतह की प्रकृति (रंग और खुरदरापन) और सतह के क्षेत्रफल पर निर्भर करती है। गहरे रंग और खुरदरी सतह वाली वस्तुएं ऊष्मा का विकिरण अधिक तेजी से करती हैं।
12. अभिकथन (A): लोहे की पटरियों के बीच एक छोटा सा अंतराल छोड़ दिया जाता है। कारण (R): लोहा गर्मियों में फैलता है।
(A) A सही है, लेकिन R गलत है
(B) A गलत है, लेकिन R सही है
(C) A और R दोनों सही हैं, और R, A की उचित व्याख्या है
(D) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की उचित व्याख्या नहीं है
RRB NTPC Stage Ist | 16.04.2016 | Shift-II
Ans: (C) धातुएँ गर्म करने पर फैलती हैं (ऊष्मीय प्रसार)। गर्मियों में तापमान बढ़ने पर लोहे की पटरियों की लंबाई में वृद्धि होती है। यदि उनके बीच खाली स्थान (Gap) न छोड़ा जाए, तो वे मुड़ सकती हैं (Thermal Stress के कारण), जिससे दुर्घटना हो सकती है।
13. ऊनी कपड़े शरीर को जाड़े में गर्म रखते हैं, क्योंकि-
(A) ऊन ऊष्मा का कुचालक है
(B) ऊन ऊष्मा का सुचालक है
(C) ऊन शरीर के तापमान को बढ़ाता है
(D) ऊन शरीर के तापमान को घटाता है
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08 Green
Ans: (A) ऊन ऊष्मा का एक कुचालक (Bad Conductor) है, साथ ही ऊनी रेशों के बीच में हवा फंसी रहती है जो ऊष्मा की और भी बड़ी कुचालक है। यह हवा हमारे शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकती है और बाहर की ठंड को शरीर तक नहीं पहुँचने देती। इसी कारण जाड़े के दिनों में ऊनी कपड़े पहनने पर हमें गर्माहट महसूस होती है।
14. किसी ठोस धातु का ऊष्मीय चालकता सामान्यतः बढ़ते तापमान के साथः
(A) बढ़ेगा
(B) घटेगा
(C) स्थिर रहेगा
(D) तापमान पर निर्भर होगा
RRB J.E. | 14.12.2014 | Set-2 Red
Ans: (B) शुद्ध धातुओं (Pure Metals) की ऊष्मीय चालकता तापमान बढ़ने पर आम तौर पर घटती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तापमान बढ़ने पर धातु के आयनों का कंपन (Lattice Vibrations) बढ़ जाता है, जो मुक्त इलेक्ट्रॉनों की गति में बाधा उत्पन्न करता है।
15. तुलनात्मक रूप से ऊष्मा के कुचालक होते हैं-
(A) $\text{Pb}$ और $\text{Hg}$
(B) $\text{Au}$ और $\text{Ag}$
(C) $\text{Cu}$ और $\text{Fe}$
(D) $\text{Cu}$ और $\text{Al}$
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) लेड (Pb) और पारा (Hg) अन्य धातुओं की तुलना में ऊष्मा के अपेक्षाकृत खराब चालक हैं। सबसे अच्छी चालक चाँदी (Ag) और तांबा (Cu) हैं। $\text{Hg}$ एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में होती है।
16. 37°C तापमान लगभग ______ के बराबर होता है।
(A) 100.4° F
(B) 99.4° F
(C) 97.4° F
(D) 98.6° F
RRB NTPC (Stage-2) | 13/06/2022 | Shift-I
Ans: (D) सेल्सियस से फ़ारेनहाइट में तापमान बदलने के लिए सूत्र 𝐹 = ( 𝐶 × 9 / 5 ) + 32  का उपयोग किया जाता है। जब 37°C को इस सूत्र में रखा जाता है तो 37 × 9 / 5 = 66.6  होता है और इसमें 32 जोड़ने पर तापमान लगभग 98.6°F प्राप्त होता है। इसलिए 37°C तापमान लगभग 98.6°F के बराबर होता है, जो सामान्य मानव शरीर का औसत तापमान माना जाता है।
17. जल का वाष्पीकरण होता है-
(A) हिमांक बिन्दु पर
(B) संगलन तापमान पर
(C) समस्त तापमानों पर
(D) क्वथनांक बिन्दु पर
RRB Group-D | 25-09-2018 | Shift-I
Ans: (C) वाष्पीकरण (Evaporation) एक सतही परिघटना है जो क्वथनांक (Boiling Point) से नीचे किसी भी तापमान पर हो सकती है। जबकि क्वथन (Boiling) एक निश्चित तापमान पर पूरे द्रव में होता है।
7. Non-metals & Their Compounds
1. वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरण ........... का एक उदाहरण है।
(A) विस्थापन अभिक्रिया
(B) मिश्रण अभिक्रिया
(C) संकलन अभिक्रिया
(D) प्रतिस्थापन अभिक्रिया
RRB Group-D | 10-10-2018 | 01:00 PM
Ans: (C) वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदलने की प्रक्रिया को हाइड्रोजनीकरण कहा जाता है जो एक प्रकार की संकलन या "एडिशन रिएक्शन" है। इस प्रक्रिया में असंतृप्त वसा वाले तेलों में निकल ($Ni$) या पैलेडियम उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन गैस ($H_{2}$) प्रवाहित की जाती है। इससे तेल की दोहरे बंध वाली संरचना टूटकर संतृप्त वसा में बदल जाती है जिसे सामान्य भाषा में डालडा या घी कहा जाता है।
2. निम्नलिखित में से किस हैलोजन का क्वथनांक उच्चतम होता है?
(A) फ्लोरीन
(B) ब्रोमीन
(C) क्लोरिन
(D) आयोडीन
RRB Group-D | 28-11-2018 | Shift-I
Ans: (D) आवर्त सारणी के समूह 17 में हैलोजन तत्व (फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन और आयोडीन) स्थित होते हैं जिनका परमाणु भार नीचे जाने पर बढ़ता है। आयोडीन ($I_{2}$) का आणविक आकार सबसे बड़ा होने के कारण इसमें वांडर वाल्स आकर्षण बल सबसे अधिक होते हैं जिसके परिणामस्वरूप इसका क्वथनांक उच्चतम होता है। यही कारण है कि फ्लोरीन और क्लोरीन गैस हैं, ब्रोमीन तरल है और आयोडीन कमरे के तापमान पर ठोस अवस्था में रहता है।
3. .............. एक अणु में हैलोजन परमाणुओं द्वारा इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करने का गुण है।
(A) इलेक्ट्रान बन्धुता
(B) वैद्युतीयऋणात्मकता
(C) वैद्युतरसायन
(D) वैद्युतधनात्मकता
RRB Group-D | 27-09-2018 | Shift-I
Ans: (B) विद्युतऋणात्मकता (इलेक्ट्रो-नेगेटिविटी) किसी परमाणु का वह रासायनिक गुण है जो सहसंयोजक बंध में साझा किए गए इलेक्ट्रॉन जोड़े को अपनी ओर खींचने की शक्ति को दर्शाता है। हैलोजन तत्वों में यह गुण सबसे अधिक होता है क्योंकि उन्हें अपना अष्टक पूरा करने के लिए केवल एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। पूरी आवर्त सारणी में फ्लोरीन ($F$) की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है जो इसे सबसे शक्तिशाली अधातु बनाती है।
4. रबड़ को ताकत प्रदान करने, अधिकतम लोच एवं स्थायित्व प्रदान करने हेतु, सल्फर और ताप से उपचारित करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) हाइड्रेशन
(B) इन्सिनरेशन
(C) वल्कनाइजेशन
(D) दहन/कम्बशजन
RRB NTPC Stage I | 18-04-2016 | Shift-III
Ans: (C) प्राकृतिक रबड़ काफी नरम और कम टिकाऊ होता है जिसे उपयोगी बनाने के लिए सल्फर ($S$) के साथ गर्म किया जाता है। इस प्रक्रिया को वल्कनाइजेशन (वल्कनीकरण) कहा जाता है जो रबड़ की लंबी पॉलिमर श्रृंखलाओं के बीच सल्फर के क्रॉस-लिंक्स बना देता है। इससे रबड़ अधिक मजबूत, लचीला और तापमान के प्रति स्थिर हो जाता है जिसका उपयोग टायर और ट्यूब बनाने में किया जाता है।
5. .............. की उपस्थिति के कारण हमें वह गंध महसूस होती है, जिससे हमें एलपीजी सिलेंडर लीक होने का पता चलता है?
(A) नाइट्रोजन पेरोक्साइड
(B) कार्बन मोनोऑक्साइड
(C) सल्फर यौगिक
(D) कार्बन डाईऑक्साइड
RRB NTPC Stage I | 30-03-2016 | Shift-I
Ans: (C) घरेलू एलपीजी ($LPG$) सिलेंडर में मुख्य रूप से प्रोपेन ($C_{3}H_{8}$) और ब्यूटेन ($C_{4}H_{10}$) गैसें होती हैं जो प्राकृतिक रूप से गंधहीन होती हैं। रिसाव का तुरंत पता लगाने के लिए सुरक्षा की दृष्टि से इसमें एथिल मरकैप्टन ($C_{2}H_{5}SH$) नामक सल्फर यौगिक मिलाया जाता है। इस यौगिक की तीव्र और विशिष्ट गंध ही हमें गैस लीक होने का संकेत देती है जो दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अनिवार्य है।
6. कार्बन का इनमें से कौन सा गुण, कार्बन यौगिकों की अधिक संख्या के लिए उत्तरदायी है?
(A) समावयवन और द्विसंयोजकता
(B) शृंखलन गुण और चतुःसंयोजकता
(C) शृखलन गुण और द्विसंयोजकता
(D) अपररूपता और चतुःसंयोजकता
RRB Group-D | 18-09-2022 | Shift-I
Ans: (B) कार्बन में स्वयं के परमाणुओं के साथ सहसंयोजक बंध बनाकर लंबी श्रृंखलाएं या वलय (रिंग्स) बनाने की अद्भुत क्षमता होती है जिसे शृंखलन (कैटिनेशन) कहते हैं। इसकी चतुःसंयोजकता ($Tetravalency$) इसे एक साथ चार अलग-अलग परमाणुओं के साथ जुड़ने की शक्ति देती है। इन्हीं दो गुणों के कारण कार्बन पृथ्वी पर लाखों प्रकार के जैविक और रासायनिक यौगिकों का निर्माण करने में सक्षम है।
7. Nervous system
1. मस्तिष्क से निकलने वाली कपाल तंत्रिकाएं तथा मेरूरज्जु से निकलने वाली मेरु तंत्रिकाएं मिलकर किसका निर्माण करती हैं?
(A) परिधीय तंत्रिका तंत्र
(B) अंतःस्रावी तंत्र
(C) स्वायत्त तंत्रिका तंत्र
(D) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (A) मस्तिष्क से निकलने वाली 12 जोड़ी कपाल तंत्रिकाएं (Cranial nerves) और मेरूरज्जु से निकलने वाली 31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएं (Spinal nerves) मिलकर परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System) का निर्माण करती हैं। यह तंत्र केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को शरीर के अन्य अंगों से जोड़ने वाले पुल की तरह कार्य करता है। यह शरीर की संवेदी सूचनाओं को मस्तिष्क तक पहुँचाने और मस्तिष्क के आदेशों को अंगों तक ले जाने के लिए उत्तरदायी है। स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) भी इसी तंत्र का एक महत्वपूर्ण उप-भाग है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा मूत्राशय के दाब को नियंत्रित करता है?
(A) वृक्क
(B) तंत्रिका तंत्र
(C) हृदय
(D) रक्तचाप
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (B) मूत्राशय (Urinary bladder) में जब मूत्र एकत्रित होता है, तो इसकी दीवारों के खिंचाव से उत्पन्न संकेतों को तंत्रिका तंत्र (Nervous System) ग्रहण करता है और पेशाब करने की इच्छा को नियंत्रित करता है। मूत्राशय की पेशियों का संकुचन और विस्तार पूरी तरह से तंत्रिका आवेगों के माध्यम से संचालित होता है। वृक्क (Kidney) का कार्य रक्त को छानकर मूत्र बनाना है, जबकि हृदय रक्त के संचार का कार्य करता है। तंत्रिका तंत्र ही हमें यह संकेत देता है कि मूत्राशय भर गया है और उसे खाली करने की आवश्यकता है।
3. तंत्रिकोशिका (neuron) का कौन-सा भाग सूचनाएं प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होता है?
(A) तंत्रिकाक्ष (Axon)
(B) कोशिका काय (Cell body)
(C) द्रुमाकृतिक अग्र भाग (Dendritic tip)
(D) अंतर्मंथन (Synapse)
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (C) न्यूरॉन या तंत्रिकोशिका में द्रुमाकृतिक अग्र भाग (Dendritic tip) ही वह संरचना है जो अन्य न्यूरॉन्स या वातावरण से रासायनिक सूचनाएं प्राप्त करती है। ये प्राप्त सूचनाएं एक विद्युत आवेग में बदल जाती हैं और कोशिका काय (Cell body) तक पहुँचती हैं। तंत्रिकाक्ष (Axon) इस आवेग को कोशिका काय से दूर ले जाकर दूसरे न्यूरॉन तक पहुँचाने का कार्य करता है। न्यूरॉन मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका होती है जिसकी लंबाई लगभग 90 सेंटीमीटर तक हो सकती है।
4. एक जानवर द्वारा निस्सारित किया गया फेरोमोन :
(A) एक ही जाति के जानवरों के बर्ताव पर प्रभाव डालती है
(B) शिकारी जानवरों से सुरक्षित रखता है
(C) अपने खाद्य के लिए शिकार को आकर्षित करता है
(D) उपरोक्त में से कोई नहीं
RRB J.E. | 14/12/2014 | Green paper
Ans: (A) फेरोमोन (Pheromones) एक प्रकार के रासायनिक पदार्थ होते हैं जो जानवरों द्वारा शरीर के बाहर छोड़े जाते हैं और उसी जाति के अन्य सदस्यों के व्यवहार या विकास को प्रभावित करते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से साथी को आकर्षित करने, भोजन के मार्ग को चिह्नित करने या खतरे की चेतावनी देने के लिए किया जाता है। चींटियाँ चलते समय फेरोमोन छोड़ती हैं ताकि पीछे आने वाली चींटियाँ उसी रास्ते का अनुसरण कर सकें। यह संचार का एक अत्यंत प्रभावी रासायनिक माध्यम है जो गंध पर आधारित होता है।
7. Non-metals & Their Compounds
1. जब हीरे के नैनोपार्टिकल्स को फ्लोरीन परमाणुओं से सतह-क्रियात्मक किया जाता है, तो जैव-चिकित्सा अनुप्रयोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण गुणात्मक परिवर्तन क्या होगा?
(A) जैव-संगतता में वृद्धि और विषाक्तता में कमी
(B) कठोरता और यांत्रिक शक्ति का पूर्ण रूप से हास
(C) एमआरआई कॉन्ट्रास्ट संवर्धन के लिए चुंबकीय गुण
(D) एंजाइमी विखंडन द्वारा जैव-निम्रीकरणीयता
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) हीरे के नैनोकणों (नैनोडायमंड्स) को फ्लोरीन ($F$) परमाणुओं के साथ क्रियात्मक (फंक्शनलाइज्ड) करने से उनकी सतह के गुण पूरी तरह बदल जाते हैं। यह प्रक्रिया नैनोकणों की जैव-संगतता ($Biocompatibility$) को बढ़ाती है और उनकी विषाक्तता को कम करती है जिससे वे शरीर के भीतर सुरक्षित रहते हैं। इनका उपयोग कैंसर की दवाओं को सीधे कोशिकाओं तक पहुँचाने और बायो-इमेजिंग में व्यापक रूप से किया जाता है।
7. Nervous system
1. एक प्रयोग में, जब मेंढक की रीढ़ की हड्डी उस खंड के ऊपर से काटी जाती है जो अंग को नियंत्रित करता है, तो उसका अंग फिर भी पीछे हटता है। लेकिन जब उसी नियंत्रक खंड पर ही काटा जाता है, तो अंग पीछे नहीं हटता। यह किस बात को दर्शाता है?
(A) संवेदी तंत्रिका कोशिका अनावश्यक होती हैं
(B) केवल प्रेरक तंत्रिकोशिका ही रिफ्लेक्स उत्पन्न कर सकती हैं
(C) रिफ्लेक्स आर्क्स रीढ़ की हड्डी में खंडीय रूप से स्थित होते हैं
(D) रिफ्लेक्स चाप मस्तिष्क पर निर्भर होते हैं
MP Police constable 2025 | 03-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) मेंढक के प्रयोग से यह स्पष्ट होता है कि रिफ्लेक्स आर्क मेरुरज्जु (Spinal cord) में खंडीय (Segmental) रूप से व्यवस्थित होते हैं और उन्हें मस्तिष्क के उच्च केंद्रों की आवश्यकता नहीं होती। जब तक वह विशिष्ट खंड सुरक्षित है जो उस अंग को नियंत्रित करता है, रिफ्लेक्स होता रहेगा। यदि उस विशिष्ट खंड को ही काट दिया जाए, तो सूचना का पथ टूट जाता है और अंग प्रतिक्रिया नहीं करता। यह साबित करता है कि स्थानीय रिफ्लेक्स के लिए मेरुरज्जु ही मुख्य प्रसंस्करण केंद्र है। यह जटिल प्रणालियों में स्थानीय नियंत्रण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
2. एक छात्र गलती से चिपचिपी सतह को छू लेता है। वह हाथ को हटाने की कोशिश करता है, लेकिन थकावट के कारण मांसपेशियाँ अस्थायी रूप से कठोर हो जाती हैं। कमज़ोर प्रतिवर्ती प्रतिक्रिया को कौन-सा सिद्धांत समझाता है?
(A) रिफ्लेक्स आर्क को स्वैच्छिक विचार की आवश्यकता होती है
(B) संवेदी न्यूरॉन बाधित होता है
(C) मस्तिष्क रिफ्लेक्स को रोकता है
(D) इफ़ेक्टर (पेशी) की क्षमता रिफ्लेक्स प्रतिक्रिया को सीमित करती है
Ans: (D) एक प्रभावी रिफ्लेक्स क्रिया केवल तंत्रिकाओं पर ही नहीं, बल्कि उस अंग (Effector) की कार्यक्षमता पर भी निर्भर करती है जिसे प्रतिक्रिया देनी है। यदि मांसपेशियाँ थकान या किसी अन्य कारण से कठोर या अक्षम हैं, तो तंत्रिका संकेत मिलने के बावजूद वे सही ढंग से संकुचित नहीं हो पाएंगी। इफ़ेक्टर (जैसे पेशी या ग्रंथि) रिफ्लेक्स मार्ग का अंतिम चरण होता है। यदि अंतिम चरण ही कमजोर है, तो पूरी प्रतिक्रिया कमजोर दिखाई देगी। तंत्रिका आवेग की शक्ति चाहे कितनी भी हो, शारीरिक सीमाएं प्रतिक्रिया को सीमित कर सकती हैं।
3. एक न्यूरॉन के कोशिका रचना को क्या कहा जाता है?
(A) पेरिकेर्यान
(B) श्वान से
(C) डेन्ड्रान
(D) सोमा
Ans: (D) न्यूरॉन या तंत्रिकोशिका के मुख्य भाग जहाँ केंद्रक (Nucleus) स्थित होता है, उसे सोमा (Soma) या कोशिका काय (Cell body) कहा जाता है। इसे पेरिकेर्यान (Perikaryon) के नाम से भी जाना जाता है। सोमा में ही कोशिका के सभी महत्वपूर्ण अंगक जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और राइबोसोम पाए जाते हैं। यहीं पर न्यूरॉन के लिए आवश्यक प्रोटीनों का संश्लेषण होता है। डेंड्राइट्स और एक्सॉन इसी सोमा से निकलने वाले प्रवर्ध (Processes) होते हैं।
4. स्तनधारियों में महासंयोजक पिंड (corpus callosum) ___ को जोड़ता है।
(A) हड्डी को मांसपेशी से
(B) दो द्विक पालि (optic lobe)
(C) दो प्रमस्तिष्क गोलार्धी
(D) हड्डी को हड्डी से
Ans: (C) महासंयोजक पिंड या कॉर्पस कैलोसम (Corpus callosum) सफेद तंत्रिका तंतुओं की एक चौड़ी पट्टी होती है जो प्रमस्तिष्क के दाएं और बाएं गोलार्द्धों (Cerebral hemispheres) को आपस में जोड़ती है। इसका मुख्य कार्य दोनों गोलार्द्धों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय करना है। यह केवल स्तनधारी जीवों के मस्तिष्क की एक विशिष्ट विशेषता है। यदि इसे काट दिया जाए, तो मस्तिष्क के दोनों हिस्से एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से कार्य करने लगते हैं। यह मस्तिष्क की संरचनात्मक अखंडता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा प्रमस्तिष्क के बारे में सही नहीं है?
(A) यह मस्तिष्क का अग्र, श्रेष्ठ और पार्श्व भाग बनाता है।
(B) यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग, लगभग 80% है।
(C) इसमें तीन भाग होते हैं: दो पार्श्व अनुमस्तिष्कीय गोलार्द्ध और एक केंद्रीय वर्मिक्स
(D) यह अग्रमस्तिष्क का भाग है।
Ans: (C) प्रमस्तिष्क या सेरिब्रम (Cerebrum) मस्तिष्क का सबसे विकसित और बड़ा भाग है जो कुल मस्तिष्क का लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा बनाता है। इसमें दो प्रमस्तिष्क गोलार्द्ध होते हैं, जबकि "वर्मिक्स" (Vermis) नामक संरचना अनुमस्तिष्क (Cerebellum) में पाई जाती है न कि प्रमस्तिष्क में। सेरिब्रम को बुद्धिमत्ता, चेतना और इच्छाशक्ति का केंद्र माना जाता है। यह अग्र मस्तिष्क का मुख्य भाग है जो जटिल सोच और योजना बनाने के कार्यों को नियंत्रित करता है।
6. निम्नलिखित में से कौन सा अनुमस्तिष्क (सेरिबैलम) के बारे में सही नहीं है?
(A) इसमें दो भाग होते हैं, जिन्हें प्रमस्तिष्क गोलार्द्ध कहा जाता है।
(B) यह मस्तिष्क के पिछले क्षेत्र में स्थित होता है।
(C) यह पश्च मस्तिष्क का एक भाग होता है।
(D) यह मस्तिष्क का काफी छोटा भाग, लगभग 12% है।
Ans: (A) अनुमस्तिष्क या सेरिबैलम (Cerebellum) में दो गोलार्द्ध होते हैं जिन्हें "अनुमस्तिष्कीय गोलार्द्ध" (Cerebellar hemispheres) कहा जाता है, न कि "प्रमस्तिष्क गोलार्द्ध"। प्रमस्तिष्क गोलार्द्ध सेरिब्रम का हिस्सा होते हैं। सेरिबैलम शरीर का संतुलन, मुद्रा (Posture) और सटीक स्वैच्छिक गतियों का समन्वय करता है। यह मस्तिष्क के पिछले हिस्से में स्थित होता है और पश्च मस्तिष्क का भाग है। शराब का सेवन सबसे पहले इसी भाग को प्रभावित करता है जिससे व्यक्ति का संतुलन बिगड़ जाता है।
7. निम्नलिखित में से कौन सा अनुमस्तिष्क के बारे में सही नहीं है?
(A) यह पश्च मस्तिष्क का एक भाग होता है।
(B) यह मस्तिष्क के पश्च क्षेत्र में स्थित होता है।
(C) यह मस्तिष्क का काफी छोटा भाग, लगभग 25% है।
(D) इसमें तीन भाग होते हैं: दो पार्श्व अनुमस्तिष्कीय गोलार्द्ध और एक केंद्रीय वर्मिक्स
Ans: (C) अनुमस्तिष्क (Cerebellum) मस्तिष्क का दूसरा सबसे बड़ा भाग है जो कुल मस्तिष्क का लगभग 10 से 12 प्रतिशत हिस्सा बनाता है, न कि 25 प्रतिशत। इसकी संरचना में दो पार्श्व गोलार्द्ध और एक मध्य भाग होता है जिसे वर्मिक्स (Vermis) कहा जाता है। यह मांसपेशियों के टोन को नियंत्रित करता है और चलने-फिरने जैसी क्रियाओं में सटीकता लाता है। प्रमस्तिष्क (Cerebrum) की तुलना में यह काफी छोटा होता है लेकिन इसमें न्यूरॉन्स की संख्या बहुत अधिक होती है। यह खोपड़ी के पीछे और नीचे की तरफ स्थित होता है।
8. रैनवियर के नोड्स सूक्ष्म रिक्त स्थान होते हैं, जो ___ में पाया जाता है।
(A) कोन्ड्रोब्लास्ट्स
(B) ग्रंथि कोशिकाओं
(C) ऑस्टिओब्लास्ट्स
(D) मायेलिनकृत एक्सोन
Ans: (D) रैनवियर के नोड्स (Nodes of Ranvier) माइलिनकृत एक्सॉन (Myelinated axon) पर पाए जाने वाले वे स्थान हैं जहाँ माइलिन शीथ अनुपस्थित होती है। इन रिक्त स्थानों पर एक्सॉन की झिल्ली बाहरी वातावरण के संपर्क में रहती है जिससे आयनों का आदान-प्रदान संभव होता है। यहाँ तंत्रिका आवेग एक नोड से दूसरे नोड पर उछलकर चलता है जिससे संचार की गति बढ़ जाती है। यह संरचना केवल माइलिन युक्त तंत्रिकाओं में ही पाई जाती है। कोन्ड्रोब्लास्ट्स कार्टिलेज की कोशिकाएं हैं और ऑस्टिओब्लास्ट्स हड्डियों की कोशिकाएं होती हैं।
9. सूत्रयुग्मन और द्रुमाश्म किस से संबंधित है?
(A) वल्कुट
(B) उपकला
(C) दृष्टिपटल
(D) स्नायु-कोशिका
Ans: (D) सूत्रयुग्मन (Synapse) और द्रुमाश्म (Dendrites) दोनों ही महत्वपूर्ण संरचनाएं हैं जो स्नायु-कोशिका या न्यूरॉन (Neuron) से संबंधित हैं। द्रुमाश्म सूचनाओं को प्राप्त करने का कार्य करते हैं जबकि सूत्रयुग्मन वह संधि स्थल है जहाँ दो न्यूरॉन आपस में मिलते हैं। न्यूरॉन संदेशों के प्रसारण के लिए विद्युत और रासायनिक दोनों विधियों का उपयोग करता है। एक वयस्क मनुष्य के मस्तिष्क में अरबों न्यूरॉन्स होते हैं जो एक विशाल जाल की तरह कार्य करते हैं। उपकला (Epithelium) और वल्कुट (Cortex) अलग प्रकार के ऊतक और अंग भाग हैं।
10. रेटिना का वह क्षेत्र, जहाँ दृष्टि सर्वाधिक होती है, क्या कहलाता है?
(A) काचाभ पिंड
(B) अंध क्षेत्र
(C) गर्तिका
(D) कोरोइड
Ans: (C) रेटिना का वह क्षेत्र जहाँ प्रकाश की किरणें सबसे सटीक रूप से केंद्रित होती हैं और दृष्टि की तीक्ष्णता (Acuity) सबसे अधिक होती है, उसे गर्तिका (Fovea centralis) कहते हैं। इस क्षेत्र में केवल शंकु कोशिकाएं (Cone cells) बहुत सघन रूप से पाई जाती हैं जो रंग और स्पष्ट विवरण देखने के लिए जिम्मेदार हैं। अंध क्षेत्र (Blind spot) वह स्थान है जहाँ से ऑप्टिक तंत्रिका बाहर निकलती है और वहाँ कोई रिसेप्टर नहीं होता। कोरोइड रेटिना को पोषण प्रदान करने वाली रक्त वाहिकाओं की परत है। काचाभ पिंड आंख के भीतर भरा रहने वाला एक पारदर्शी द्रव है।
11. नेत्रगोलक को नियंत्रित करने के लिए कितनी मांसपेशियो का इस्तेमाल किया जाता है?
(A) पांच
(B) चार
(C) छ:
(D) सात
Ans: (C) मानव नेत्रगोलक (Eyeball) की गति को नियंत्रित करने के लिए कुल छ: (6) मांसपेशियों का उपयोग किया जाता है। इनमें चार सीधी मांसपेशियाँ (Rectus muscles) और दो तिरछी मांसपेशियाँ (Oblique muscles) शामिल हैं। ये मांसपेशियाँ आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और घुमाने में मदद करती हैं। इनका समन्वय इतना सटीक होता है कि दोनों आंखें एक साथ एक ही वस्तु पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं। इन मांसपेशियों का नियंत्रण कपाल तंत्रिकाओं (Cranial nerves) द्वारा किया जाता है। इनमें से किसी भी मांसपेशी में कमजोरी होने पर भेंगापन (Squint) जैसी समस्या हो सकती है।
12. ‘ब्लैक रिएक्शन’ नामक स्टैनिंग तकनीक की खोज किसने की, जो न्यूरॉनों को उनकी संपूर्णता में प्रकट करने में सक्षम थी?
(A) रॉबर्ट रेमक
(B) अल्बर्ट कोलिकर
(C) कैमिलो गोल्गी
(D) जैक्स लोएब
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (C) कैमिलो गोल्गी (Camillo Golgi) ने 1873 में "ब्लैक रिएक्शन" (Black Reaction) नामक स्टेनिंग तकनीक विकसित की थी, जिसे "सिल्वर नाइट्रेट विधि" भी कहा जाता है। इस तकनीक ने पहली बार वैज्ञानिकों को न्यूरॉन की पूरी संरचना, जिसमें उसके डेंड्राइट्स और एक्सॉन शामिल हैं, को सूक्ष्मदर्शी के नीचे स्पष्ट देखने में सक्षम बनाया। इस महान खोज के लिए उन्हें 1906 में सैंटियागो रामोन वाई काजल के साथ संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला था। गोल्गी एपरेटस (Golgi apparatus) नामक कोशिका अंगक का नाम भी इन्हीं के सम्मान में रखा गया है। यह आधुनिक तंत्रिका विज्ञान की आधारशिला मानी जाती है।
13. वह बेसोफिलिक न्यूक्लियोप्रोटीन ग्रैन्यूल (basophilic nucleoprotein granules) हैं, जो तंत्रिका कोशिका के कोशिका द्रव्य के भीतर बिखरे होते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करते हैं।
(A) निस्सल पिंड (Nissl bodies)
(B) पार्सन की सबयूनिट (Subunit of Parson)
(C) ऑक्सीसोम (Oxisome)
(D) गोल्जी पिंड (Golgi bodies)
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (A) निस्सल पिंड (Nissl bodies) तंत्रिका कोशिका के कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) में पाए जाने वाले दानेदार संरचनाएं हैं जो रफ एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और राइबोसोम से बनी होती हैं। इनका मुख्य कार्य तंत्रिका कोशिका के लिए प्रोटीन का संश्लेषण करना है जो तंत्रिका आवेगों के संचरण में मदद करते हैं। ये पिंड मुख्य रूप से सोमा और डेंड्राइट्स में पाए जाते हैं लेकिन एक्सॉन में अनुपस्थित होते हैं। संक्रमण या थकान की स्थिति में ये पिंड गायब होने लगते हैं जिसे क्रोमैटोलिसिस कहा जाता है। ऑक्सीसोम माइटोकॉन्ड्रिया के अंदर पाए जाते हैं और ऊर्जा उत्पादन (ATP) से संबंधित होते हैं।
7. Heat and Thermodynamics
1. कैलोरीमीटर अच्छी तापीय चालकता वाली किस धातु की पतली शीट से बना एक छोटा कंटेनर है?
(A) प्लैटिनम
(B) चाँदी
(C) ताँबे
(D) सीज़ियम
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (C) कैलोरीमीटर तांबे (Copper) का बनाया जाता है क्योंकि: 1. तांबे की विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat) कम होती है, जिससे यह सामग्री से ज्यादा ऊष्मा नहीं लेता। 2. इसकी ऊष्मीय चालकता उच्च होती है, जिससे तापमान पूरे बर्तन में जल्दी समान हो जाता है।
2. यांत्रिक कार्य और ऊष्मा स्थानांतरण के बीच संबंध स्थापित करने का श्रेय किस भौतिक विज्ञानी को जाना जाता है?
(A) जेम्स प्रेस्कॉट जूल
(B) विलियम हेनरी
(C) हरमन हेल्महोल्ट्ज़
(D) जॉन डाल्टन
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) जेम्स प्रेस्कॉट जूल (James Prescott Joule) ने सिद्ध किया कि यांत्रिक कार्य (Work) को ऊष्मा (Heat) में बदला जा सकता है। $W = JQ$, जहाँ $J$ ऊष्मा का यांत्रिक तुल्यांक है ($J \approx 4.18 \text{ J/cal}$)।
3. आवश्यक ऊष्मा की मात्रा का क्या नाम है जब ठोस अपने गलनांक तक पहुंचने पर सामान्य वायुमंडलीय दाब पर द्रव में बदल जाता है?
(A) विसरण की गुप्त ऊष्मा
(B) संगलन की गुप्त ऊष्मा
(C) गुप्त गलनांक
(D) अवस्था बिंदु का गुप्त परिवर्तन
RRB Group D | 02/09/2022 | Morning
Ans: (B) ठोस का द्रव में बदलना संगलन (Fusion) कहलाता है। जिस नियत तापमान पर यह क्रिया होती है, उसे गलनांक (Melting Point) कहते हैं। इस प्रक्रिया में दी गई ऊष्मा 'संगलन की गुप्त ऊष्मा' कहलाती है।
7. Non-metals & Their Compounds
1. $4NH_{3}(g)+5O_{2}(g) \rightarrow4NO(g)+6H_{2}O(g)$ के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं? 
(a) N उपचयित हो जाता है। 
(b) O उपचयित हो जाता है। 
(c) N अपचयित हो जाता है। 
(d) O अपचयित हो जाता है।
(A) (c) और (d)
(B) (b) और (c)
(C) (a) और (b)
(D) (a) और (d)
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (D) दी गई रासायनिक प्रतिक्रिया $4NH_{3}+5O_{2} \rightarrow 4NO+6H_{2}O$ एक रेडॉक्स अभिक्रिया का उदाहरण है। इसमें अमोनिया ($NH_{3}$) से हाइड्रोजन निकल रही है और ऑक्सीजन जुड़ रही है, इसलिए नाइट्रोजन उपचयित ($Oxidized$) हो रहा है। वहीं ऑक्सीजन ($O_{2}$) में हाइड्रोजन जुड़ रही है, जिसके कारण ऑक्सीजन अपचयित ($Reduced$) हो रहा है, जो ऑक्सीकरण-अपचयन के सिद्धांतों को स्पष्ट करता है।
2. 1985 में रॉबर्ट एफ कर्ल (Robert F Curl), हेरोल्ड डब्ल्यू क्रोटो (Harold W Kroto) और रिचर्ड ई स्माली (Richard E Smalley) ने कार्बन के किस अपररूप की खोज की थी?
(A) लौन्सडेलाइट (Lonsdaleite)
(B) कार्बोफीन (Carbophene)
(C) फुलेरीन (Fullerene)
(D) ग्राफीन (Graphene)
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (C) बकमिनस्टरफुलरीन ($C_{60}$) कार्बन का एक शुद्ध क्रिस्टलीय अपररूप है जिसकी संरचना एक फुटबॉल के समान गोल पिंजरे जैसी होती है। इसकी खोज 1985 में रॉबर्ट एफ कर्ल, हेरोल्ड डब्ल्यू क्रोटो और रिचर्ड ई स्माली ने की थी जिसके लिए उन्हें बाद में नोबेल पुरस्कार दिया गया। इसमें 20 षट्कोण और 12 पंचकोण फलक होते हैं जो इसे एक स्थिर "जिओडेसिक डोम" जैसी आकृति प्रदान करते हैं।
3. ओजोन के संबंध में गलत कथन का चयन कीजिए।
(A) पराबैंगनी विकिरण से त्वचा का कैंसर होता है।
(B) ओजोन एक जानलेवा विषाक्त गैस है।
(C) पराबैंगनी विकिरण की उपस्थिति में ऑक्सीजन से ओजोन का निर्माण होता है।
(D) ओजोन $(O_{3})$, ऑक्सीजन की भाँति, एक जीवनदायी गैस है।
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) ओजोन ($O_{3}$) वायुमंडल के समताप मंडल (स्ट्रेटोस्फीयर) में पाई जाने वाली एक गैस है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों को सोखकर पृथ्वी की रक्षा करती है। यह गैस जमीनी स्तर पर एक जानलेवा प्रदूषक है और श्वसन के लिए ऑक्सीजन ($O_{2}$) की तरह जीवनदायी नहीं है। ओजोन एक तीखी गंध वाली नीली गैस है और इसकी परत में छेद होना पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा जल निकायों में ऊष्मीय प्रदूषण (thermal pollution) का एक चिंताजनक प्रभाव है?
(A) घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में तेजी से कमी हो जाना
(B) कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा का बढ़ते जाना
(C) pH मानों में यादृच्छिक परिवर्तन
(D) मैलापन में परिवर्तन
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) ऊष्मीय प्रदूषण (थर्मल पॉल्यूशन) तब होता है जब कारखानों या पावर प्लांट से गर्म पानी सीधे नदियों या झीलों में छोड़ा जाता है। तापमान बढ़ने के साथ पानी की ऑक्सीजन सोखने की क्षमता कम हो जाती है जिससे घुलित ऑक्सीजन ($DO$) की मात्रा में गिरावट आती है। ऑक्सीजन की कमी जलीय जीवों के लिए दम घोंटने वाली स्थिति पैदा करती है और पारिस्थितिकी तंत्र को बिगाड़ देती है।
5. उस पदार्थ की पहचान करें जो कार्बन का अपरूप नहीं है।
(A) हीरा
(B) बकमिनस्टरफुलरीन
(C) फास्फोरस
(D) ग्रेफाइट
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (C) अपररूपता वह गुण है जिसमें एक ही तत्व विभिन्न भौतिक रूपों में पाया जाता है लेकिन उनके रासायनिक गुण समान होते हैं। हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन ($C_{60}$) कार्बन के प्रसिद्ध अपररूप हैं जो शुद्ध कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं। फास्फोरस ($P$) एक अलग स्वतंत्र रासायनिक तत्व है जो स्वयं कई अपररूपों जैसे श्वेत, लाल और काला फास्फोरस के रूप में पाया जाता है।
6. आवर्त सारणी में हैलोजन समूह के संबंध में गलत कथन की पहचान करें।
(A) वे अपनी तात्विक अवस्थाओं में द्विपरमाणुक अणु बनाते हैं।
(B) वे आवर्त सारणी पर आदर्श गैसों के बाईं ओर स्थित होते हैं।
(C) वे अभिक्रियाशील अधातु हैं।
(D) उनके आवर्त में उनका परमाणु आकार सबसे बड़ा होता है।
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (D) आवर्त सारणी के किसी भी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Effective$ $Nuclear$ $Charge$) बढ़ता है जो इलेक्ट्रॉनों को केंद्र की ओर खींचता है। इस कारण हैलोजन तत्वों का परमाणु आकार अपने आवर्त में सबसे छोटा (अक्रिय गैसों को छोड़कर) होता है। छोटा आकार और उच्च नाभिकीय आवेश ही हैलोजनों को अत्यधिक अभिक्रियाशील और प्रबल ऑक्सीकारक बनाता है।
7. Heat and Thermodynamics
1. एक गर्म पिण्ड, न्यूटन के ठंडक के नियम का अनुकरण करता है। पिण्ड का प्ररूपी तापमान समय आरेख होगा-
(A) Option A Graph
(B) Option B Graph
(C) Option C Graph
(D) Option D Graph
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (D) न्यूटन के शीतलन नियम के अनुसार, किसी वस्तु के ठंडा होने की दर उसके और परिवेश के तापमान के अंतर के समानुपाती होती है। इसका ग्राफ (तापमान vs समय) एक चरघातांकी गिरावट (Exponential Decay) दर्शाता है, जो समय के साथ कम होता जाता है लेकिन कभी शून्य नहीं होता।
2. ताप, शून्य निरपेक्ष (absolute zero) के मान पर पहुँचता है।
(A) $-273 \text{ K}$ के तापमान पर
(B) निर्वात की स्थिति में
(C) पृथ्वी के केन्द्र पर
(D) जब तंत्र की आण्विक गति शून्य हो जाती है
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (D) परम शून्य तापमान ($0 \text{ K}$ या $-273.15^\circ\text{C}$) वह सैद्धांतिक न्यूनतम तापमान है जिस पर गैसों की आण्विक गति (Molecular Motion) लगभग शून्य हो जाती है और गैस का आयतन भी शून्य माना जाता है।
3. निम्नलिखित में से कौन सा प्रतिरोधक एक ऊष्मा संवेदनशील प्रतिरोधक के रूप में जाना जाता है?
(A) थर्मिस्टर
(B) द्विध्रुवीय
(C) ट्रांन्जिस्टर
(D) संधारित्र (कैपेसेटर)
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) थर्मिस्टर (Thermistor) दो शब्दों 'Thermal' और 'Resistor' से बना है। यह एक ऐसा प्रतिरोधक है जिसका प्रतिरोध तापमान में परिवर्तन के साथ तेजी से बदलता है। इसका उपयोग तापमान संवेदक (Temperature Sensor) के रूप में किया जाता है।
4. हिमीकरण (फ्रीजिंग) तापमान पर पानी के पाइप फट जाते है। ऐसा किसके कारण होता है?
(A) एक्सपेनशन
(B) कॉण्ट्रैकशन
(C) ह्यूमीडीफीकेशन
(D) प्रेसिपिटेशन
RRB NTPC Stage Ist | 29.04.2016 | Shift-I
Ans: (A) यह जल के 'असंगत प्रसार' (Anomalous Expansion) के कारण होता है। जब पानी $4^\circ\text{C}$ से $0^\circ\text{C}$ तक ठंडा होकर बर्फ बनता है, तो उसका आयतन बढ़ता है (Expansion)। यह बढ़ा हुआ आयतन पाइप की दीवारों पर अत्यधिक दबाव डालता है, जिससे वे फट जाते हैं।
5. ............एक सतही परिघटना है।
(A) उबलना
(B) गलन
(C) वाष्पीकरण
(D) हिमीकरण
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) वाष्पीकरण (Evaporation) केवल द्रव की ऊपरी सतह पर होता है, इसलिए यह एक सतही परिघटना है। इसके विपरीत, उबलना (Boiling) एक बल्क (Bulk) परिघटना है जो द्रव के पूरे आयतन में होती है।
6. रेफ्रिजरेटर निम्नलिखित में से किस सिद्धांत पर काम करता है?
(A) ओस्मोसिस
(B) केन्द्रापसारण
(C) फैलाव
(D) वाष्पीकरण
RRB NTPC Stage Ist | 28.04.2016 | Shift-II
Ans: (D) रेफ्रिजरेटर वाष्पीकरण (Evaporation) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसमें प्रशीतक (Refrigerant) द्रव जब वाष्प में बदलता है, तो वह फ्रिज के अंदर की वस्तुओं से गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) अवशोषित करता है, जिससे ठंडक पैदा होती है।
7. गर्मी अवशोषित करने के लिए तरल के वाष्पीकरण के सिद्धान्त का प्रयोग किसमें किया जाता है?
(A) माइक्रोवेव ओवन
(B) रेफ्रिजरेटर
(C) गीजर
(D) इलेक्ट्रिक केतली
RRB NTPC Stage Ist | 31.03.2016 | Shift-I
Ans: (B) रेफ्रिजरेटर वाष्पीकरण (Evaporation) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसमें प्रशीतक (Refrigerant) द्रव जब वाष्प में बदलता है, तो वह फ्रिज के अंदर की वस्तुओं से गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) अवशोषित करता है, जिससे ठंडक पैदा होती है।
8. गर्मी सीधे ______ से संदर्भित नहीं होती।
(A) थर्मल ऊर्जा का मापन
(B) अणुओं की गति
(C) विद्युत चुम्बकीय तरंगों के माध्यम से स्थानांतरण
(D) पदार्थ के थर्मोडायनॉमिक गुण
RRB NTPC Stage Ist | 19.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) ऊष्मा (Heat) ऊर्जा का एक रूप है जो तापांतर के कारण प्रवाहित होती है। 'मापन' (Measurement) ऊष्मा की परिभाषा नहीं है। ऊष्मा अणुओ की गतिज ऊर्जा (kinetic energy of molecules) से संबंधित है। यह एक 'Path Function' है, न कि पदार्थ का गुण।
9. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम यह बताता है कि
(A) प्रणालियाँ सदैव ऊष्मा संतुलन में होते हैं
(B) दो प्रणालियाँ संतुलन में तो तीसरी भी रहेगी
(C) असंतुलन की स्थिति
(D) दो प्रणालियाँ तीसरी के साथ संतुलन में हैं तो वे एक दूसरे के साथ भी होंगी
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (D) शून्यवाँ नियम (Zeroth Law) तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है। यदि निकाय A और B अलग-अलग निकाय C के साथ तापीय संतुलन में हैं, तो A और B आपस में भी तापीय संतुलन में होंगे।
10. जल का विशिष्ट आयतन जब 0°C पर ऊष्मा दी जाती है-
(A) पहले बढ़ता है और फिर घटता है
(B) पहले घटता है और फिर बढ़ता है
(C) समानरूप से बढ़ता है
(D) समान रूप से घटता है
RRB ALP & Tec. | 29-08-18 | Shift-III
Ans: (B) विशिष्ट आयतन, घनत्व का व्युत्क्रम (Inverse) होता है। चूँकि $0^\circ\text{C}$ से $4^\circ\text{C}$ तक जल का घनत्व बढ़ता है, इसलिए उसका आयतन घटता है। $4^\circ\text{C}$ के बाद घनत्व कम होने लगता है, तो आयतन बढ़ने लगता है।
11. ब्रह्मांड की एन्ट्रॉपी की प्रवृत्ति होती हैः
(A) न्यूनतम
(B) शून्य
(C) औसत
(D) अधिकतम
RRB J.E. | 14.12.2014 | Red Paper
Ans: (D) ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के अनुसार, किसी विलगित निकाय (जैसे ब्रह्मांड) की एन्ट्रॉपी (अव्यवस्था की माप) हमेशा बढ़ती रहती है। यह कभी घट नहीं सकती।
12. एक ऊष्मागतिक प्रणाली में, ऊष्मा सन्तुलन तब प्राप्त किया जाता है, जब दो पिण्ड पहुँचते हैं।
(A) समान ऊष्मा ऊर्जा तक
(B) समान एन्ट्रॉपी तक
(C) समान तापमान तक
(D) समान आणविक ऊर्जा तक
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (C) तापीय संतुलन का अर्थ है कि दो वस्तुओं के बीच ऊष्मा का कोई शुद्ध प्रवाह नहीं हो रहा है। यह तब संभव है जब दोनों वस्तुओं का तापमान (Temperature) समान हो।
13. एक ऊष्मागतिक प्रणाली में, वह प्रक्रिया जिसमें आयतन स्थायी रहता है वह प्रक्रिया कहलाती है।
(A) समदाब
(B) सम-आयतनिक (Isochoric)
(C) रूद्धोष्म
(D) समदेशिक
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (B) वह प्रक्रिया जिसमें आयतन (Volume) स्थिर रहता है ($dV = 0$), उसे सम-आयतनिक (Isochoric) प्रक्रिया कहते हैं। समदाब (Isobaric) में दाब स्थिर रहता है, और रुद्धोष्म (Adiabatic) में ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता।
14. दाब व आयतन का गुणनफल ($PV$) तथा आंतरिक ऊर्जा ($U$) के योगफल को क्या कहते हैं?
(A) किया गया कार्य
(B) ऐन्ट्रोपी
(C) ऐन्थैल्पी
(D) इनमें से कोई नहीं
RRB J.E. | 14.12.2014 | Green paper
Ans: (C) एन्थैल्पी ($H$) किसी निकाय की कुल ऊष्मा सामग्री को दर्शाती है। सूत्र: $H = U + PV$। जहाँ $U=$ आंतरिक ऊर्जा, $P=$ दाब, $V=$ आयतन है।
15. ऊष्मागतिकी के किस नियम के द्वारा "ऊर्जा संरक्षण" के नियम को जानते है?
(A) शून्यवाँ नियम
(B) प्रथम नियम
(C) द्वितीय नियम
(D) तृतीय नियम
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-08 Green
Ans: (B) ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics) ऊर्जा संरक्षण (Conservation of Energy) के नियम पर आधारित है। इसके अनुसार, ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदली जा सकती है ($\Delta Q = \Delta U + \Delta W$)।
16. एक आदर्श गैस समीकरण के लिए एन्थैल्पी में परिवर्तन (ΔH) क्या होगा यदि ताप परिवर्तन (ΔT) दिया गया है।
(A) $C_v \Delta T$
(B) $\frac{C_p}{C_v} \Delta T$
(C) $\frac{C_v}{C_p} \Delta T$
(D) $C_p \Delta T$
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-07 Yellow
Ans: (D) स्थिर दाब पर ऊष्मा में परिवर्तन को एन्थैल्पी परिवर्तन ($\Delta H$) कहते हैं। आदर्श गैस के लिए: $\Delta H = m C_p \Delta T$ (जहाँ $C_p$ स्थिर दाब पर विशिष्ट ऊष्मा है)। जबकि आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन $\Delta U = m C_v \Delta T$ होता है।
17. ऊष्मागतिकी का कौन-सा नियम एन्ट्रॉपी को परिभाषित करता है।
(A) शून्यवॉ
(B) प्रथम
(C) द्वितीय
(D) तृतीय
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-07 Yellow
Ans: (C) ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law) एन्ट्रॉपी की अवधारणा प्रस्तुत करता है। यह बताता है कि स्वतः प्रवर्तित प्रक्रियाओं में एन्ट्रॉपी बढ़ती है और ऊष्मा का पूर्ण रूप से कार्य में परिवर्तन असंभव है।
7. Non-metals & Their Compounds
1. ऑक्सीजन के अणु में ........... होता है।
(A) एक विद्युतसंयोजी बंध
(B) एक एकल सहसंयोजक बंध
(C) एक तिहरा सहसंयोजक बंध
(D) एक दोहरा सहसंयोजक बंध
RRB Group-D | 22-09-2018 | 04:00 PM
Ans: (D) ऑक्सीजन परमाणु का क्रमांक 8 है और इसके बाहरी कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं जिसे स्थिर होने के लिए 2 और इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन के एक अणु ($O_{2}$) के निर्माण में दो परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉनों की बराबर साझेदारी करते हैं। इस साझेदारी से उनके बीच एक दोहरा सहसंयोजक बंध ($O=O$) बनता है जो ऑक्सीजन गैस को वायुमंडल में स्थिरता प्रदान करता है।
2. लेड नाइट्रेट को जोरदार ढंग से गरम करते समय निकलने वाली लाल भूरे रंग की गैस का नाम बताएं।
(A) नाइट्रिक ऑक्साइड
(B) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
(C) डाई नाइट्रोजन ऑक्साइड
(D) नाइट्रोजन पैंटोक्साइड
RRB ALP & Tec. | 14-08-18 | 10:00 AM
Ans: (B) लेड नाइट्रेट ($Pb(NO_{3})_{2}$) एक सफेद क्रिस्टलीय ठोस है जिसे गर्म करने पर यह तापीय अपघटन की प्रक्रिया से गुजरता है। इस अभिक्रिया के दौरान लेड ऑक्साइड, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($NO_{2}$) गैस निकलती है। निकलने वाली नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का रंग गहरा लाल-भूरा होता है जो इस रासायनिक परीक्षण की एक प्रमुख विशेषता है।
3. तापीय अपघटन के दौरान अमोनियम नाइट्रेट, उत्पन्न करता है:
(A) $N_{2}$ और $H_{2}O$
(B) $N_{2}O$ और $H_{2}O$
(C) $NH_{3}$ और NO
(D) $NH_{3}$ और $NO_{2}$
RRB ALP & Tec. | 10-08-18 | 04:00 PM
Ans: (B) अमोनियम नाइट्रेट ($NH_{4}NO_{3}$) को सावधानीपूर्वक गर्म करने पर यह टूटकर गैस और जलवाष्प में बदल जाता है। इस तापीय अपघटन से नाइट्रस ऑक्साइड ($N_{2}O$) जिसे आमतौर पर "हास्य गैस" या लाफिंग गैस कहा जाता है और पानी ($H_{2}O$) उत्पन्न होता है। यह प्रश्न अक्सर रेलवे परीक्षाओं में गैसों की पहचान और उनके रासायनिक गुणों के संदर्भ में पूछा जाता है।
4. अमोनिया का व्यवसायिक निर्माण किस प्रक्रिया से होता है?
(A) ओसवाल्ड प्रक्रिया
(B) हॉल प्रक्रिया
(C) कॉन्टेक्ट प्रक्रिया
(D) हैबर प्रक्रिया
RRB J.E. | 14.12.2014 | 12:00 PM
Ans: (D) अमोनिया ($NH_{3}$) का औद्योगिक निर्माण "हैबर विधि" द्वारा किया जाता है जिसमें वायुमंडलीय नाइट्रोजन ($N_{2}$) और हाइड्रोजन ($H_{2}$) को $1:3$ के अनुपात में मिलाया जाता है। इस प्रक्रिया में बारीक पिसा हुआ लोहा ($Fe$) उत्प्रेरक का काम करता है और मॉलिब्डेनम ($Mo$) वर्धक (प्रमोटर) का कार्य करता है। यह विधि दुनिया भर में उर्वरकों (जैसे यूरिया) के उत्पादन के लिए रीढ़ की हड्डी मानी जाती है।
5. तरल नाइट्रोजन का क्वथनांक कितना होता है ?
(A) $-196^{\circ}C$
(B) $-27^{\circ}C$
(C) $-132^{\circ}C$
(D) $-273^{\circ}C$
RRB NTPC | 17.02.2021 | 01:00 PM
Ans: (A) नाइट्रोजन गैस को अत्यधिक उच्च दाब और निम्न तापमान पर ठंडा करने से यह तरल अवस्था में बदल जाती है। तरल नाइट्रोजन ($Liquid$ $N_{2}$) का क्वथनांक लगभग $-196^{circ}C$ (या $77$ $K$) होता है जो इसे एक शक्तिशाली प्रशीतक बनाता है। इसका उपयोग त्वचा के इलाज, जैविक नमूनों के संरक्षण और सुपरकंडक्टर्स को ठंडा करने के लिए क्रायोजेनिक्स में किया जाता है।
6. इनमें से कौन सा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एक अ-धातु का है?
(A) 2,8,3
(B) 2,8,4
(C) 2,8,5
(D) 2,8,1
RRB Group-D | 09-10-2018 | 01:00 PM
Ans: (C) किसी तत्व के परमाणु के बाहरी कोश में मौजूद इलेक्ट्रॉनों की संख्या यह तय करती है कि वह धातु है या अधातु। इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $2,8,5$ वाले तत्व का परमाणु क्रमांक $15$ है जो फास्फोरस ($P$) को दर्शाता है। चूंकि इसके बाहरी कोश में 5 इलेक्ट्रॉन हैं, इसलिए यह इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखता है जो एक विशिष्ट अधातु का लक्षण है।
7. निम्नलिखित में से कौन परमाणु बहु-परमाण्विक है?
(A) फास्फोरस
(B) क्लोरीन
(C) आर्गन
(D) गंधक
RRB Group-D | 10-10-2018 | 10:00 AM
Ans: (D) सल्फर (गंधक) एक अधातु है जो परमाणुओं के समूह के रूप में अस्तित्व में रहता है इसलिए इसे बहु-परमाण्विक तत्व कहा जाता है। ठोस अवस्था में सल्फर के आठ परमाणु आपस में जुड़कर एक वलय जैसी संरचना बनाते हैं जिसे $S_{8}$ सूत्र से प्रदर्शित किया जाता है। फास्फोरस चतुष्परमाण्विक ($P_{4}$) होता है जबकि आर्गन एकपरमाण्विक ($Ar$) गैस है, जो इनकी भिन्न प्रकृति को दर्शाता है।
8. नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन-1: ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र $CaOCl_{2}$ है। कथन-II: ब्लीचिंग पाउडर तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया करके क्लोरीन उत्पन्न करता है।
(A) दोनों कथन सत्य हैं।
(B) दोनों कथन असत्य हैं।
(C) कथन- सत्य है, और कथन-II असत्य है।
(D) कथन-II सत्य है, और कथन-I असत्य है।
RRB Group-D | 26/08/2022 | 01:00 PM
Ans: (A) ब्लीचिंग पाउडर (विरंजक चूर्ण) का रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड है और इसका सूत्र $CaOCl_{2}$ होता है। जब यह तनु अम्लों (जैसे $HCl$ या $H_{2}SO_{4}$) के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो यह क्लोरीन गैस ($Cl_{2}$) मुक्त करता है। यही मुक्त क्लोरीन कीटाणुओं को मारने और कपड़ों का रंग उड़ाने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार होती है।
9. इनमें से कौन-सा हैलोजन सर्वोत्तम ऑक्सीकारक एजेंट है?
(A) $F_{2}$
(B) $Cl_{2}$
(C) $Br_{2}$
(D) $I_{2}$
RRB SSE | 21.12.2014 | 12:00 PM
Ans: (A) ऑक्सीकारक एजेंट वह पदार्थ होता है जो दूसरे पदार्थों से इलेक्ट्रॉन छीन लेता है और स्वयं अपचयित हो जाता है। हैलोजन समूह में फ्लोरीन ($F_{2}$) सबसे ऊपर स्थित है और इसकी विद्युतऋणात्मकता पूरी आवर्त सारणी में सर्वाधिक है। इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने की तीव्र इच्छा के कारण फ्लोरीन सबसे शक्तिशाली ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है और लगभग सभी तत्वों के साथ क्रिया करता है।
10. ........... का प्रशीतन (रेफ्रीजरेशन) में प्रयोग किया जाता है
(A) क्लोरोफ्लोरो कार्बन
(B) कार्बन डाईऑक्साइड
(C) नाइट्रोजन परॉक्साइड
(D) अमोनियम ऑक्साइड
RRB NTPC | 19.04.2016 | 10:00 AM
Ans: (A) क्लोरोफ्लोरो कार्बन ($CFC$) मानव निर्मित गैसें हैं जो रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में प्रशीतक (कूलेंट) के रूप में इस्तेमाल की जाती थीं। ये गैसें वायुमंडल के ऊपरी भाग में जाकर ओजोन ($O_{3}$) परत के अणुओं को तोड़ देती हैं जिससे पराबैंगनी किरणें सीधे पृथ्वी तक पहुँचने लगती हैं। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अब $CFC$ के स्थान पर हाइड्रोफ्लोरोकार्बन ($HFC$) का उपयोग किया जा रहा है।
11. इनमें से कौन सा कमरे के ताप पर एक अभिलाक्षणिक गंधयुक्त हरें-पीले रंग की गैस के रूप में होता है?
(A) कार्बन मोनोऑक्साइड
(B) क्लोरिन
(C) आयोडीन
(D) हाइड्रोजन सल्फाइड
RRB NTPC Stage I | 09-03-2021 | Shift-II
Ans: (B) क्लोरीन ($Cl_{2}$) एक दम घोंटने वाली तीखी गंध वाली गैस है जिसका रंग हल्का हरा-पीला (ग्रीनिश-येलो) होता है। यह हैलोजन समूह का सदस्य है और इसमें प्रबल विरंजक (ब्लीचिंग) और कीटाणुनाशक गुण पाए जाते हैं। पीने के पानी को बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए "क्लोरीनीकरण" की प्रक्रिया अपनाई जाती है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
12. निम्न में से कौन-सा तत्व कमरे के ताप पर एक अभिलाक्षणिक गंध युक्त हरी-पीली गैस के रूप में होता है?
(A) आयोडीन
(B) क्लोरिन
(C) कार्बन मोनोऑक्साइड
(D) हाइड्रोजन सल्फाइड
RRB NTPC Stage I | 22-01-2021 | Shift-I
Ans: (B) कमरे के सामान्य तापमान और दाब पर क्लोरीन ($Cl_{2}$) गैस अवस्था में पाई जाती है और इसकी पहचान इसके हरे-पीले रंग और तीखी गंध से होती है। यह गैस वायु से लगभग ढाई गुना भारी होती है और जल में आंशिक रूप से घुलनशील है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर गैसों के रंग और गंध के आधार पर उनकी पहचान से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें क्लोरीन प्रमुख है।
13. उत्कृष्ट गैस (noble gas) का आयनन विभव है-
(A) एक अवधि (period) में अधिकतम
(B) एक अवधि में न्यूनतम
(C) एक अवधि में अधिकतम या न्यूनतम
(D) इनमें से कोई नहीं
RRB SSE | 21-12-2014 | N/A
Ans: (A) आयनन विभव ($Ionization$ $Potential$) वह ऊर्जा है जो किसी परमाणु के बाहरी कोश से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए आवश्यक होती है। उत्कृष्ट गैसों (जैसे हीलियम, नियॉन, आर्गन) का अष्टक पूरी तरह भरा होता है जिससे वे अत्यंत स्थिर होती हैं। इस स्थिरता के कारण उनसे इलेक्ट्रॉन निकालना लगभग असंभव होता है, इसलिए उनका आयनन विभव अपने आवर्त में अधिकतम होता है।
14. दुर्लभ गैसें (Rare Gases) सामान्यतः रासायनिक रूप से अक्रिय होती हैं, क्योंकिः
(A) वे मोनोस्टोमिक होती हैं।
(B) उनकी आयनन क्षमता कम होती है।
(C) उनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास स्थिर है।
(D) उनमें इलेक्ट्रॉनिक बंधुता होती है।
RRB JE | 14-12-2014 | N/A
Ans: (C) दुर्लभ या उत्कृष्ट गैसें आवर्त सारणी के समूह 18 में पाई जाती हैं और इन्हें निष्क्रिय गैसें भी कहा जाता है। इनके बाहरी कोश का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ($ns^{2}np^{6}$) पूरी तरह से भरा और स्थिर होता है जिसके कारण इन्हें इलेक्ट्रॉन साझा करने या आदान-प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि वे सामान्य परिस्थितियों में किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेतीं और स्वतंत्र परमाणुओं के रूप में रहती हैं।
15. तीन तत्वों X, Y और Z के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्रमशः (2,8,7), (2,8,2) और (2,8,8) हैं, तो तत्व Z एक ............... है।
(A) अधातु
(B) उपधातु
(C) निष्क्रिय गैस
(D) धातु
RRB Group-D | 05-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $2,8,8$ कुल 18 इलेक्ट्रॉनों को दर्शाता है जो आवर्त सारणी में अक्रिय गैस आर्गन ($Ar$) का विन्यास है। तत्व Z का बाहरी कोश पूरी तरह भरा हुआ है जो इसे रासायनिक रूप से निष्क्रिय और स्थिर बनाता है। इस प्रकार के तत्व न तो इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं और न ही ग्रहण करते हैं, इसलिए इन्हें "नोबल गैस" या निष्क्रिय गैस की श्रेणी में रखा जाता है।
16. निम्नलिखित में किस अक्रिय गैस का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्लोराइड आयन (Cl-) में होता हैं?
(A) Ne
(B) He
(C) Kr
(D) Ar
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-III
Ans: (D) क्लोरीन परमाणु ($Cl$) का परमाणु क्रमांक 17 है और इसका सामान्य विन्यास $2,8,7$ होता है जिसे स्थिर होने के लिए एक इलेक्ट्रॉन की कमी होती है। जब यह एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर लेता है, तो यह क्लोराइड आयन ($Cl^{-}$) में बदल जाता है और इसका विन्यास $2,8,8$ हो जाता है। यह विन्यास अक्रिय गैस आर्गन ($Ar$) के सम-इलेक्ट्रॉनिक है जो इसे आयनिक यौगिकों में स्थिरता प्रदान करता है।
17. इनमें से कौन सी निष्क्रिय गैस रेडियोधर्मी प्रकृति की है?
(A) रेडॉन
(B) ऑर्गन
(C) नियान
(D) क्रिप्टॉन
RRB NTPC Stage I | 17-02-2021 | Shift-II
Ans: (A) रेडॉन ($Rn$) समूह 18 की एकमात्र ऐसी गैस है जो प्राकृतिक रूप से रेडियोधर्मी होती है और यह रेडियम के क्षय से उत्पन्न होती है। यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस है लेकिन रेडियोधर्मी होने के कारण यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है। इसका उपयोग चिकित्सा विज्ञान में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रेडियोथेरेपी में सीमित रूप से किया जाता है।
18. नीचे दिए गए कथनों पर विचार कीजिए, और सही उत्तर का चयन कीजिए। कथन : (i) ग्रेफाइट विद्युत का कुचालक है। (ii) ग्रेफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु समान तल में तीन अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ बंध बनाकर जुड़ा होता है, जिससे एक षट्‌कोणीय सारणी (hexagonal array) बनती है।
(A) कथन II सत्य है, और कथन I असत्य है।
(B) कथन I सत्य है, और कथन II असत्य है।
(C) दोनों कथन असत्य हैं।
(D) दोनों कथन सत्य है।
RRB Group-D | 25-08-2022 | Shift-III
Ans: (D) ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु केवल तीन अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ सहसंयोजक बंध बनाता है जिससे षट्‌कोणीय छल्लों की परतें बनती हैं। इस व्यवस्था के कारण प्रत्येक कार्बन का चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है जो विद्युत धारा को प्रवाहित करने का कार्य करता है। परतों के बीच कमजोर वांडर वाल्स बल होते हैं जिसके कारण ग्रेफाइट चिकना और फिसलने वाला होता है जिसका उपयोग लुब्रिकेंट के रूप में किया जाता है।
19. हीरे के कार्बन परमाणु के बाहरी कोश में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या है-
(A) शून्य
(B) दो
(C) चार
(D) तीन
RRB ALP & Tec. | 13-08-2018 | Shift-I
Ans: (A) हीरे की संरचना एक विशाल त्रिविमीय (3D) जालक के रूप में होती है जहाँ प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ $sp^{3}$ हाइब्रिडाइजेशन द्वारा जुड़ा होता है। इसके बाहरी कोश के चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन मजबूत सहसंयोजक बंध बनाने में पूरी तरह उपयोग हो जाते हैं। मुक्त इलेक्ट्रॉनों की अनुपस्थिति के कारण हीरा विद्युत का कुचालक होता है और अपनी कठोरता के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
20. जल और अन्य पदार्थों से रंगीन अशुद्धियों और बुरी गंधों को अधिशोषित करने के लिए कार्बन के निम्नलिखित में से किस अपररूप का उपयोग किया जाता है?
(A) ग्रेफाइट
(B) चारकोल
(C) कोक या कोयला
(D) कार्बन ब्लैक
RRB Group-D | 10-12-2018 | Shift-III
Ans: (B) सक्रिय चारकोल (Activated Charcoal) कार्बन का एक अक्रिस्टलीय रूप है जिसकी सतह पर लाखों सूक्ष्म छिद्र होते हैं। यह "अधिशोषण" (Adsorption) के सिद्धांत पर कार्य करता है जिससे यह जल और हवा में मौजूद रंगीन अशुद्धियों, विषैली गैसों और बुरी गंध को अपनी सतह पर चिपका लेता है। इसका उपयोग वाटर प्यूरीफायर, गैस मास्क और चेहरे के सौंदर्य प्रसाधनों में सफाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
21. कार्बन द्वारा मजबूत बंध के गठन का एक कारण इसका ............ आकार है।
(A) विशाल
(B) मध्यम
(C) छोटा
(D) बहुत बड़ा
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-II
Ans: (C) कार्बन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है जिसके कारण इसका नाभिक साझा किए गए इलेक्ट्रॉन जोड़ों को मजबूती से अपनी ओर खींचकर रखता है। यह छोटा आकार कार्बन-कार्बन बंधों को अत्यधिक प्रबल और स्थिर बनाता है जिससे वह लंबी जंजीरें और जटिल संरचनाएं बना सकता है। यही कारण है कि कार्बन के यौगिकों की संख्या प्रकृति में अन्य सभी तत्वों के कुल यौगिकों से भी अधिक है।
22. निम्न में से कार्बन के किस अपरूप की संरचना भूगर्भीय ग्लोब के समान होती है?
(A) कार्बन नैनोट्यूब
(B) सीसा
(C) फुलरीन
(D) हीरा
RRB Group-D | 11-10-2018 | Shift-I
Ans: (C) फुलरीन (विशेषकर $C_{60}$) कार्बन का एक ऐसा अपररूप है जिसकी आकृति एक फुटबॉल या जियोडेसिक ग्लोब के बिल्कुल समान होती है। इसमें कार्बन परमाणु एक बंद खोखले पिंजरे जैसी संरचना में व्यवस्थित होते हैं जिसमें षट्कोण और पंचकोणों का सटीक मेल होता है। यह संरचना इसे उच्च स्थिरता और अद्वितीय इलेक्ट्रॉनिक गुण प्रदान करती है जिसका उपयोग नैनो-इलेक्ट्रॉनिक्स और लुब्रिकेंट्स में किया जाता है।
8. Reproduction system
1. कौन-सी गर्भनिरोधक विधि शुक्राणु को अंडे तक पहुंचने से रोकने के लिए यांत्रिक अवरोध का उपयोग करती है?
(A) नसबंदी (वासेक्टोमी)
(B) कंडोम
(C) मौखिक गोलियाँ
(D) कॉपर-टी
MP Police constable 2025 | 03-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) कंडोम एक यांत्रिक गर्भनिरोधक विधि है जो शुक्राणु (Sperm) और अंडाणु (Ovum) के बीच सीधे संपर्क को रोकती है। यह संभोग के दौरान शुक्राणुओं को योनि में प्रवेश करने से पहले ही अवरुद्ध कर देता है, जिससे निषेचन (Fertilization) नहीं हो पाता। अन्य विकल्पों जैसे नसबंदी, मौखिक गोलियाँ और कॉपर-टी हार्मोन या शल्य प्रक्रिया द्वारा कार्य करते हैं, न कि प्रत्यक्ष यांत्रिक अवरोध से।
2. कौन-सा कथन सही ढंग से बताता है कि शुक्राणुओं में पूंछ क्यों होती है?
(A) हार्मोन ले जाने के लिए
(B) अंडे से जुड़ने के लिए
(C) आनुवंशिक सामग्री की रक्षा के लिए
(D) मादा जनन कोशिका की ओर गति करने में मदद के लिए
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) शुक्राणु में उपस्थित पूंछ उसे तैरने और आगे बढ़ने की क्षमता प्रदान करती है जिससे वह मादा जनन कोशिका (Female gamete) यानी अंडाणु की ओर सक्रिय रूप से गति कर सके। पूंछ की गति से उत्पन्न ऊर्जा शुक्राणु को जनन मार्ग में आगे बढ़ने में सहायता करती है ताकि वह निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया में भाग ले सके।
8. Optics
1. एक उत्तल लेंस द्वारा उल्टा प्रतिबिम्ब बनता है। इसका आकार वस्तु के बराबर होता है जबः
(A) $u=3f$
(B) $u=f/2$
(C) $u=f$
(D) $u=2f$
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) स्थिति: वस्तु वक्रता केंद्र $2f$ पर है। प्रतिबिंब: लेंस के दूसरी ओर $2f$ पर बनेगा। विशेषता: प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का होगा। नियम: उत्तल लेंस में केवल इसी स्थिति में $m=1$ होता है।
2. प्रिज्म में विक्षेपण (डिस्पर्शन) होता है क्योंकिः
(A) प्रत्येक रंग के लिए परावर्तन अलग होता है
(B) माध्यम में विभिन्न रंग समान चाल से चलते हैं
(C) माध्यम में विभिन्न रंग अलग-अलग चाल से चलते हैं
(D) कांच कुछ रंगों को अवशोषित करता है
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) विक्षेपण (Dispersion): जब श्वेत प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है, तो वह सात रंगों में बंट जाता है। कारण: कांच जैसे माध्यम में अलग-अलग रंग (तरंगदैर्ध्य) के प्रकाश की चाल अलग-अलग होती है। संबंध: अपवर्तनांक $n$ माध्यम में प्रकाश की चाल $v$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
3. किस दूरदर्शी वैज्ञानिक को 'फाइबर ऑप्टिक्स का जनक' कहा जाता है?
(A) नरिंदर सिंह कपानी
(B) विवेक सहगल
(C) कुणाल कपूर
(D) जय चौधरी
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) तथ्य: भारतीय-अमेरिकी भौतिक विज्ञानी नरिंदर सिंह कपानी (Narinder Singh Kapany) को "फादर ऑफ फाइबर ऑप्टिक्स" माना जाता है। कार्य: उन्होंने 1950 के दशक में उच्च गुणवत्ता वाले फाइबर के माध्यम से प्रकाश के संचरण को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया था।
4. इंद्रधनुष के निर्माण में कौन-सा रंग अधिकतम विचलन दिखाता है?
(A) पीला
(B) जामुनी (इंडिगो)
(C) लाल
(D) बैंगनी
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) सिद्धांत: प्रिज्म या इंद्रधनुष में विचलन कोण $d$ तरंगदैर्ध्य $lambda$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है। क्रम: बैंगनी (Violet) रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, इसलिए इसका विचलन सबसे अधिक होता है। नोट: लाल रंग का विचलन सबसे कम होता है।
8. Reproduction system
1. मेयोसिस (अर्धसूत्री विभाजन) द्वारा किस प्रकार के युग्मक उत्पन्न होते हैं?
(A) त्रिगुणित
(B) अगुणित
(C) द्विगुणित
(D) बहुगुणित
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) मेयोसिस (Meiosis) एक विशेष प्रकार का कोशिका विभाजन है जिसमें गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। इस विभाजन के परिणामस्वरूप अगुणित (Haploid) युग्मक बनते हैं, जिनमें प्रत्येक गुणसूत्र का केवल एक ही सेट होता है। यही अगुणित युग्मक निषेचन के समय मिलकर द्विगुणित (Diploid) युग्मज का निर्माण करते हैं।
2. कॉपर-टी गर्भावस्था को कैसे रोकता है?
(A) यह अंडे के उत्पादन को रोकता है
(B) यह शुक्राणु की गतिशीलता और निषेचन क्षमता को कम करता है
(C) यह योनि को अवरुद्ध करता है
(D) यह हार्मोन का स्तर बढ़ाता है
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) कॉपर-टी एक अंतर्गर्भाशयी उपकरण (Intrauterine device) है जो गर्भाशय में स्थापित किया जाता है और तांबे (Copper) के आयनों का स्राव करता है। तांबे के आयन शुक्राणुओं की गतिशीलता (Motility) और उनकी निषेचन क्षमता (Fertilizing capacity) को कम कर देते हैं, जिससे शुक्राणु अंडाणु तक पहुँच नहीं पाते और निषेचन नहीं हो पाता। इस प्रकार कॉपर-टी बिना हार्मोन के गर्भावस्था को प्रभावी रूप से रोकता है।
3. मानवों के लिए यौन प्रजनन क्यों महत्वपूर्ण है?
(A) आबादी बढ़ाने और प्रजातियों का अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए
(B) शरीर की ऊँचाई बनाए रखने के लिए
(C) हार्मोन को नियंत्रित करने के लिए
(D) मासिक धर्म को रोकने के लिए
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A)

यौन प्रजनन में नर और मादा युग्मकों के संयोग से नई संतति का निर्माण होता है, जिससे जनसंख्या की निरंतरता बनी रहती है और मानव प्रजाति का अस्तित्व सुरक्षित रहता है। इस प्रक्रिया में आनुवंशिक विविधता (Genetic variation) उत्पन्न होती है, जो वातावरण के अनुसार अनुकूलन और प्रजाति के दीर्घकालिक विकास में सहायक होती है।

4. लड़‌कियों में आमतौर पर मासिक धर्म कब शुरू होता है?
(A) जन्म के समय
(B) रजोनिवृत्ति के बाद
(C) वयस्कता के दौरान
(D) यौवनारंभ के आसपास
MP Police constable 2025 | 17-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D)

लड़कियों में मासिक धर्म की शुरुआत यौवनारंभ (Puberty) के आसपास होती है, जब हार्मोनल परिवर्तन के कारण प्रजनन तंत्र सक्रिय होने लगता है। इस अवस्था में अंडाशय (Ovary) से अंडाणु का निर्माण प्रारंभ होता है और गर्भाशय (Uterus) गर्भधारण के लिए तैयार होने लगता है, जिससे मासिक धर्म की प्रक्रिया शुरू होती है।

5. गर्भाशय के अंदर भ्रूण का विकास लगभग नौ महीने क्यों लेता है?
(A) अंगों के क्रमिक निर्माण और वृद्धि के लिए पर्याप्त समय आवश्यक है
(B) शुक्राणु की गति धीमी होती है
(C) अंडाशय एक साथ कई अंडे पैदा करता है
(D) प्लेसेंटा तेज विकास को रोकता है
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A)

भ्रूण के विकास के दौरान शरीर के विभिन्न अंगों का क्रमिक निर्माण (Organ formation) और उनकी वृद्धि (Growth) चरणबद्ध रूप से होती है, जिसके लिए पर्याप्त समय आवश्यक होता है। इस अवधि में कोशिकाओं का विभाजन, ऊतकों का विकास और अंगों की कार्यक्षमता का निर्माण धीरे-धीरे पूर्ण होता है, इसलिए गर्भाशय के अंदर भ्रूण का विकास लगभग नौ महीने में पूरा होता है।

6. अमीबा में विखंडन के दौरान, ________
(A) किसी भी तल में विभाजन हो सकता है।
(B) किसी संरचना से संबंधित एक निश्चित अभिविन्यास में
(C) केवल एक नियत तल के अनुदिश
(D) केवल एक विशिष्ट तल में
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (A) अमीबा (Amoeba) एक अनियमित आकार का एककोशिकीय जीव है। इसमें विखंडन (Fission) किसी भी तल (Plane) से हो सकता है। द्विखंडन के दौरान, पहले इसका केंद्रक विभाजित होता है और फिर कोशिका द्रव्य, जिससे दो नई संतति कोशिकाएं बनती हैं।
7. कौन-सी प्रक्रिया गैर-प्रजनन कोशिकाओं की तुलना में प्रजनन कोशिकाओं में DNA की आधी मात्रा सुनिश्चित करती है?
(A) कोशिकाद्रव्य-विभाजन (Cytokinesis)
(B) अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)
(C) असूत्री विभाजन (Amitosis)
(D) समसूत्री विभाजन (Mitosis)
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (B) अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) वह प्रक्रिया है जिसमें एक कोशिका विभाजित होकर चार संतति कोशिकाएं बनाती है जिनमें DNA की मात्रा आधी हो जाती है। यह विभाजन केवल जनन कोशिकाओं (Germ cells) जैसे शुक्राणु और अंडाणु के निर्माण के दौरान होता है। अर्धसूत्री विभाजन के कारण ही प्रजातियों में गुणसूत्रों की संख्या पीढ़ी दर पीढ़ी स्थिर बनी रहती है। मनुष्यों में जनन कोशिकाओं में 23 गुणसूत्र होते हैं जबकि सामान्य कायिक कोशिकाओं में 46 गुणसूत्र होते हैं।
8. निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
प्रश्न विकल्प
(i) स्त्रीकेसर का फूला हुआ निचला भाग (a) वर्तिकाग्र
(ii) स्त्रीकेसर का मध्य लम्बा भाग (b) बीजांड
(iii) स्त्रीकेसर का अंतिम भाग (c) अंडाशय
(iv) अंडाशय में होता है (d) वर्तिका
(A) (i)-(b), (ii)-(c), (iii)-(a), (iv)-(d)
(B) (i)-(a), (ii)-(d), (iii)-(c), (iv)-(b)
(C) (i)-(c), (ii)-(b), (iii)-(a), (iv)-(d)
(D) (i)-(c), (ii)-(d), (iii)-(a), (iv)-(b)
RRB ALP CBT01 2024 | 25/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) स्त्रीकेसर (Carpel) के सबसे नीचे के फूले हुए भाग को अंडाशय (Ovary) कहते हैं जिसमें बीजांड होते हैं। मध्य के लंबे भाग को वर्तिका (Style) कहा जाता है जो पराग नलिका को मार्ग प्रदान करता है। स्त्रीकेसर के सबसे शीर्ष भाग को वर्तिकाग्र (Stigma) कहते हैं जो चिपचिपा होता है और परागकणों को ग्रहण करता है। निषेचन के बाद अंडाशय फल (Fruit) में और बीजांड बीज (Seed) में बदल जाता है।
9. मनुष्यों में यौवन को एक विशेष काल क्यों माना जाता है?
(A) केवल ऊँचाई तेजी से बढ़ती है
(B) केवल मानसिक परिपक्वता आती है
(C) शारीरिक वृद्धि धीमी होने पर प्रजनन ऊतक परिपक्व होते हैं
(D) वृद्धि पूरी तरह से रुक जाती है
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C)

यौवनावस्था में शरीर की सामान्य वृद्धि की गति धीरे होने लगती है, लेकिन इसी समय प्रजनन अंग और प्रजनन ऊतक (Reproductive tissues) पूर्ण रूप से विकसित और परिपक्व (Mature) होते हैं। इस काल में हार्मोन (Hormones) के प्रभाव से द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास होता है और व्यक्ति प्रजनन क्षमता प्राप्त करता है। इसलिए यौवन को शारीरिक परिवर्तन और प्रजनन परिपक्वता का विशेष काल माना जाता है।

10. यदि गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में माँ को गंभीर कुपोषण हो, तो भ्रूण को कौन-सा प्रभाव झेलना पड़ सकता है:
(A) निषेचन की विफलता
(B) अंडाणु की विफलता के कारण तुरंत गर्भपात
(C) प्रत्यारोपण से पहले प्लेसेंटा का अलग होना
(D) प्लेसेंटा के माध्यम से अपर्याप्त पोषक तत्वों के कारण अवरुद्ध विकास
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D)

गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में यदि माँ को गंभीर कुपोषण होता है तो प्लेसेंटा (Placenta) के माध्यम से भ्रूण को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते। पोषण की कमी के कारण भ्रूण की कोशिकाओं का विभाजन और अंगों का विकास (Development) ठीक से नहीं हो पाता, जिससे उसकी वृद्धि अवरुद्ध हो जाती है। इस स्थिति में भ्रूण जीवित रह सकता है लेकिन उसका शारीरिक विकास सामान्य नहीं होता।

8. Alloys & Metallurgy
1. एक समुद्री तेल रिग में संक्षारण होता है। कौन-सी विधि इसे संरचना से जुड़ी अधिक अभिक्रियाशील धातु का उपयोग करके सुरक्षित करती है?
(A) चित्रकारी
(B) मिश्रधातु
(C) बिजली से धातु चढ़ाने की क्रिया
(D) बलिदानी एनोड संरक्षण
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) समुद्री तेल रिग को संक्षारण से बचाने के लिए बलिदान एनोड (Sacrificial Anode) विधि का उपयोग किया जाता है। इसमें स्टील की संरचना से अधिक अभिक्रियाशील धातु जैसे मैग्नीशियम $Mg$ या जिंक $Zn$ के ब्लॉक जोड़ दिए जाते हैं। यह सक्रिय धातु स्वयं ऑक्सीकृत होकर संरचना की रक्षा करती है।
8. Reproduction system
1. भ्रूण को पोषक तत्व और ऑक्सीजन मातृ रक्त से मिलते हैं, फिर भी मातृ और भ्रूण रक्त आपस में क्यों नहीं मिलते?
(A) मातृ रक्त सीधे भ्रूण में बहता है
(B) भ्रूण का रक्त मातृ धमनियों में संचारित होता है
(C) वीर्य द्रव भ्रूण को पोषण देता है
(D) प्लेसेंटा में मौजूद विली एक पतली झिल्ली के माध्यम से विसरण की अनुमति देते हैं
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) • प्लेसेंटा (अपरा) माँ और भ्रूण के बीच पोषक तत्वों और ऑक्सीजन के आदान-प्रदान के लिए जिम्मेदार है। • इसमें मौजूद विली (Villi) एक पतली झिल्ली के माध्यम से विसरण (Diffusion) की अनुमति देते हैं। • यह भ्रूण के अपशिष्ट पदार्थों को माँ के रक्त में छोड़ने में भी मदद करता है।
8. Optics
1. वायुमंडल में कौन-सी गैस रेले प्रकीर्णन में सबसे अधिक योगदान देती है?
(A) $CO_{2}$
(B) $N_{2}$ और $O_{2}$
(C) आर्गन (Argon)
(D) जल वाष्प (Water vapour)
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) रेले का नियम: प्रकीर्णन की मात्रा $propto 1/lambda^4$ होती है। कारण: वायुमंडल में नाइट्रोजन $N_2$ और ऑक्सीजन $O_2$ के अणुओं का आकार दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य से छोटा होता है, जो नीले प्रकाश को प्रभावी ढंग से प्रकीर्णित करते हैं।
2. जब श्वेत प्रकाश की किरण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो इनमें से कौन-सा रंग सीधे मार्ग से सबसे अधिक विचलित होता है?
(A) लाल
(B) नीला
(C) नारंगी
(D) पीला
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) कारण: वायुमंडलीय प्रकीर्णन के कारण कम तरंगदैर्ध्य वाले रंग अधिक विचलित होते हैं। तर्क: बैंगनी के बाद नीला (Blue) रंग सबसे अधिक प्रकीर्णित और विचलित होता है। नियम: विचलन कोण $D propto 1/lambda$ होता है।
8. Alloys & Metallurgy
1. निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन पाइपलाइनों में विद्युत अपघटनी (इलेक्ट्रोलाइटिक) संक्षारण को वैज्ञानिक रूप से रोकता है?
(A) केवल पाइप + पेंट
(B) पाइप + तांबे का एनोड
(C) पाइप + जिंक एनोड + कैथोडिक कनेक्शन
(D)
पाइप + टिन कोटिंग
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) पाइपलाइनों में विद्युत अपघटनी संक्षारण रोकने के लिए कैथोडिक सुरक्षा दी जाती है। इसमें पाइप को जिंक $Zn$ एनोड के साथ जोड़ा जाता है। इस प्रक्रिया में पाइप कैथोड बन जाता है और जिंक एनोड के रूप में कार्य करते हुए स्वयं को बलिदान कर पाइप को सुरक्षित रखता है।
8. Optics
1. एक प्रकाश किरण मोटाई वाली कांच की पट्टी से अपवर्तित होती है। यदि आपतन कोण निर्गमन कोण हो, तोः
(A) कोई पार्श्विक विस्थापन नहीं होता
(B) निर्गत किरण समांतर लेकिन विस्थापित होती है
(C) पार्श्विक विस्थापन कोण से स्वतंत्र होता है
(D) निर्गत किरण आपतित किरण के साथ संपाती होती है
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) कांच की पट्टी (Glass Slab): जब प्रकाश की किरण कांच की पट्टी से गुजरती है, तो आपतित किरण और निर्गत किरण एक-दूसरे के समांतर होती हैं। पार्श्विक विस्थापन (Lateral Shift): इन समांतर किरणों के बीच की लंबवत दूरी को पार्श्विक विस्थापन कहते हैं।
8. Alloys & Metallurgy
1. औद्योगिक क्षेत्रों में स्टील संरचनाओं पर केवल पेंटिंग करने से संक्षारण को रोकने में कभी-कभी विफलता क्यों होती है?
(A) पेंट एक गैल्वेनिक युग्म बनाता है।
(B) पेंट अम्लीय होता है।
(C) पेंट स्टील के साथ प्रतिक्रिया करके जंग बनाता है
(D) पेंट में दरारें पड़ सकती हैं, जिससे नमी और प्रदूषक स्टील तक पहुंच सकते हैं।
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) औद्योगिक क्षेत्रों में केवल पेंटिंग विफल हो सकती है क्योंकि पेंट की परत में सूक्ष्म दरारें आ जाती हैं। इन दरारों से नमी और प्रदूषक जैसे $SO_2$ अंदर पहुँच जाते हैं। इससे पेंट के नीचे नमी फंस जाती है और लोहा अंदर ही अंदर संक्षारित होने लगता है।
2. एक गैल्वनाइज़्ड लोहे की पानी की टंकी बाहर से संक्षारित नहीं होती लेकिन अंदर से संक्षारण होता है। यह किस सिद्धांत से समझाया जा सकता है?
(A) जस्ता की परत बाहरी जंग को रोकती है, पानी अंदर इलेक्ट्रोलाइट के रूप में कार्य करता है और संक्षारण कोशिकाओं का निर्माण करता है।
(B) जस्ता हवा के साथ प्रतिक्रिया करके जंग बनाता है।
(C) सभी मामलों में गैल्वनाइजेशन विफल हो जाता है
(D) केवल कैथोडिक सुरक्षा
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) गैल्वेनाइज्ड टंकी के अंदर पानी एक इलेक्ट्रोलाइट के रूप में कार्य करता है, जिससे संक्षारण सेल बन जाते हैं। बाहर की सतह शुष्क रहने के कारण $Zn$ की परत सुरक्षित रहती है। अंदर की सतह पर पानी में घुली ऑक्सीजन और लवण संक्षारण की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं।
3. भूमिगत लोहे की पाइपलाइन के लिए अधिकतम सुरक्षा किस विधि से प्राप्त की जाती है?
(A) कैथोडिक सुरक्षा बलिदानी एनोड कोटिंग
(B) चित्रकारी
(C) तांबे के साथ मिश्रधातु बनाना
(D) बिजली से धातु चढ़ाने की क्रिया
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) भूमिगत पाइपलाइनों के लिए कैथोडिक सुरक्षा (Sacrificial Anode) सबसे प्रभावी है। इसमें पाइपलाइन को एक अधिक सक्रिय धातु जैसे मैग्नीशियम $Mg$ के साथ जोड़ा जाता है। सक्रिय धातु पहले संक्षारित होती है, जिससे लोहे की पाइपलाइन सुरक्षित रहती है।
4. अम्लीय वर्षा जल में लोहे का संक्षारण तेज़ी से होता है क्योंकिः
(A) पानी धीरे-धीरे वाष्पित होता है
(B) OH आयन लोहे की रक्षा करते हैं
(C) H+ आयन इलेक्ट्रॉन प्रवाह को बढ़ाते हैं
(D) अम्ल जंग को निष्क्रिय कर देता है
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) अम्लीय वर्षा में हाइड्रोजन आयन $H^+$ की उच्च सांद्रता होती है, जो इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह को सुगम बनाती है। यह $H^+$ आयन कैथोडिक प्रतिक्रिया को तेज़ कर देते हैं। इससे लोहे की सतह पर ऑक्सीकरण की दर बढ़ जाती है और जंग तेज़ी से लगता है।
5. अम्लीय जल में सीसे के पानी के पाइप लोहे के पाइपों की तुलना में कम संक्षारित क्यों होते हैं?
(A) सीसा लोहे की तुलना में तेजी से प्रतिक्रिया करता है, जिससे जंग नहीं लगती।
(B) सीसा ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया नहीं करता है।
(C) सीसा कार्बोनेट के साथ अघुलनशील लवण बनाता है, जिससे संक्षारण सीमित हो जाता है।
(D) सीसा अधिक प्रतिक्रियाशील होता है।
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) सीसा (Lead) अम्लीय जल में आयरन की तुलना में कम संक्षारित होता है क्योंकि यह जल में मौजूद कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है। इससे सतह पर अविलेय लवण (Insoluble Salts) की एक सुरक्षात्मक परत बन जाती है। यह परत धातु को आगे संक्षारण से बचाती है।
6. टिन की परत चढ़ी लोहे की बाल्टी में खरोंचों पर संक्षारण हो जाता है। ऐसा क्यों होता है?
(A) टिन संक्षारण की प्रक्रिया को तेज करता है।
(B) टिन के नीचे लोहे में जंग नहीं लगता।
(C) खरोंच पर गैल्वेनिक संक्षारण होता है।
(D) टिन में जंग लग जाती है
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) जब टिन की परत पर खरोंच आती है, तो लोहा और टिन एक गैल्वेनिक सेल बनाते हैं। चूंकि लोहा $Fe$ टिन $Sn$ से अधिक क्रियाशील है, इसलिए लोहा एनोड बन जाता है। इससे खरोंच वाले स्थान पर लोहा सामान्य से कहीं अधिक तेज़ी से संक्षारित होता है।
8. Reproduction system
1. गर्भाशय के आकार और संवहनीकरण के बावजूद उसमें निषेचन क्यों नहीं होता?
(A) हार्मोन शुक्राणु के प्रवेश को रोकते हैं
(B) अंडाणु गर्भाशय में निष्क्रिय अवस्था में रहता है
(C) गर्भाशय प्रत्यारोपण के लिए तैयार होता है, न कि युग्मकों के तत्काल संलयन के लिए
(D) गर्भाशय की परत बहुत अम्लीय होती है
MP Police constable 2025 | 27-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) गर्भाशय (Uterus) की संरचना मुख्य रूप से भ्रूण के प्रत्यारोपण और विकास के लिए होती है न कि निषेचन के लिए। मानवों में निषेचन की प्रक्रिया गर्भाशय में न होकर डिंबवाहिनी नलिका (Fallopian tube) में संपन्न होती है। गर्भाशय की आंतरिक परत एंडोमेट्रियम हर महीने संभावित गर्भावस्था के लिए मोटी और संवहनी होती है। यदि निषेचन नहीं होता है तो यही परत मासिक धर्म (Menstruation) के रूप में शरीर से बाहर निकल जाती है।
8. Alloys & Metallurgy
1. एक चांदी की वस्तु घरेलू रसोई में समय के साथ सतह पर काली परत विकसित कर लेती है। इसका मुख्य कारण क्या है?
(A) H₂O के साथ अभिक्रिया करके AgOH बनता है
(B) CO₂ के साथ अभिक्रिया करके AgCO₂ बनता है
(C) O₂ के साथ अभिक्रिया करके Ag₂O बनता है
(D) H₂S के साथ अभिक्रिया करके Ag₂S बनता है
MP Police constable 2025 | 29-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) चांदी का काला पड़ना वायुमंडल में मौजूद हाइड्रोजन सल्फाइड $H_2S$ के कारण होता है। चांदी इस गैस के साथ अभिक्रिया कर सिल्वर सल्फाइड $Ag₂S$ की काली परत बनाती है। इस प्रक्रिया को चांदी का टार्निशिंग (Tarnishing) कहा जाता है।
2. एक छात्र दो समान धातु के नमूनों को रखना चाहता है: एक को आसुत जल में और दूसरे को समुद्री जल में। इनमें से कौन-सा नमूना अधिक तेजी से संक्षारित होगा और क्यों?
(A) विद्युत रासायनिक संक्षारण को तीव्र करने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स के कारण समुद्री जल में नमूना
(B) लवणों की अनुपस्थिति के कारण आसुत जल में रखा नमूना
(C) अधिक ऑक्सीजन के कारण आसुत जल में रखा नमूना
(D) दोनों समान रूप से संक्षारित होते हैं
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) समुद्री जल में $NaCl$ जैसे लवणों की उपस्थिति इसे एक शक्तिशाली इलेक्ट्रोलाइट बनाती है। ये आयन विद्युत-रासायनिक संक्षारण के दौरान आयनों की गतिशीलता को बढ़ाते हैं। फलस्वरूप, आसुत जल की तुलना में समुद्री जल में धातु का संक्षारण बहुत तीव्र होता है।
8. Reproduction system
1. एक केले का बाग पूरी तरह से सकर्स (अंकुर) द्वारा प्रवर्धित किया गया है। बदलती जलवायु परिस्थितियों में यह कौन-सी गंभीर कमी उत्पन्न करता है?
(A) फल बीज रहित रहते हैं, जिससे बाजार मूल्य कम हो जाता है
(B) सकर्स बंध्य होते हैं और पूर्ण पौधों में विकसित नहीं हो सकते
(C) सभी पौधे आनुवंशिक रूप से समान होते हैं, जिससे रोगों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है
(D) वानस्पतिक प्रवर्धकों में प्रकाश संश्लेषण की क्षमता नहीं होती
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) केले का प्रवर्धन जब केवल सकर्स (अंकुर) द्वारा होता है तो यह अलैंगिक जनन कहलाता है जिसमें आनुवंशिक विविधता नहीं होती। सभी पौधे एक ही जनक के क्लोन होने के कारण किसी भी विशेष रोग या जलवायु परिवर्तन के प्रति समान रूप से संवेदनशील होते हैं। आनुवंशिक विविधता केवल लैंगिक जनन या उत्परिवर्तन से आती है जो अस्तित्व के लिए जरूरी है। एक ही प्रकार के आनुवंशिक गुणों वाले पौधों में महामारी फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है।
8. Alloys & Metallurgy
1. एल्युमीनियम प्राकृतिक रूप से एक सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत क्यों बनाती है?
(A) अम्लों के साथ अभिक्रिया करने के लिए
(B) संक्षारण से प्रतिरोध के लिए
(C) तन्यता सुधारने के लिए
(D) आघातवर्धनीयता बढ़ाने के लिए
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) एल्युमीनियम वायु के संपर्क में आते ही तुरंत एल्युमीनियम ऑक्साइड $Al_2O_3$ की एक अभेद्य परत बना लेता है। यह ऑक्साइड परत धातु की सतह पर चिपक जाती है और सुरक्षा कवच का कार्य करती है। यह परत आगे नमी और ऑक्सीजन को अंदर जाने से रोकती है।
8. Reproduction system
1. एक किसान देखता है कि कुछ पौधे बिना निषेचन के फल उत्पन्न करते हैं, जबकि अन्य को परागण की आवश्यकता होती है। कौन-सी प्रक्रिया बीज रहित फल बनने की अनुमति देती है, और इसका आनुवंशिक विविधता पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
(A) पार्थेनोकार्पी (अनिषेकफलन): कोई युग्मक नहीं मिलते, इसलिए आनुवंशिक विविधता कम होती है।
(B) क्रॉस-पॉलिनेशन (पर-परागण) आत्म-निषेचन के कारण विविधता कम होती है
(C) वनस्पतिक प्रवर्धनः नए संयोजनों के कारण विविधता बढ़ती है
(D) आत्म-परागण युग्मक संलयन के माध्यम से विविधता बढ़ती है
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) बिना निषेचन के फल बनने की प्रक्रिया को अनिषेकफलन (Parthenocarpy) कहा जाता है जिसके परिणाम स्वरूप बीज रहित फल प्राप्त होते हैं। चूंकि इसमें नर और मादा युग्मकों का संलयन नहीं होता इसलिए संतति में कोई नई आनुवंशिक विविधता पैदा नहीं होती। यह प्रक्रिया बागवानी में व्यावसायिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि उपभोक्ता बीज रहित फल पसंद करते हैं। टमाटर और संतरे में भी कृत्रिम रूप से अनिषेकफलन प्रेरित किया जा सकता है।
8. Alloys & Metallurgy
1. एक कैडमियम-लेपित स्टील प्लेट का प्रयोग प्रयोगशाला में किया जाता है। लंबे समय तक नम हवा के संपर्क में रहने के बाद भी कोटिंग के नीचे का स्टील सुरक्षित रहता है। इसका कारण क्या है?
(A) कैडमियम एक निष्क्रिय परत बनाता है जो स्टील की सुरक्षा करती है
(B) स्टील नम हवा में अभिक्रिया नहीं करती
(C) कैडमियम पहले संक्षारित होता है और बलिदान रूप में स्टील की सुरक्षा करता है
(D) कैडमियम कैथोड की तरह कार्य करता है
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) कैडमियम कोटिंग बलिदान सुरक्षा (Sacrificial Protection) के सिद्धांत पर कार्य करती है। कैडमियम $Cd$ स्टील की तुलना में अधिक विद्युत-धनात्मक होता है। इसलिए, नम हवा में कैडमियम पहले संक्षारित होता है और स्टील को सुरक्षित रखता है।
2. कौन-सी धातु क्षारीय वातावरण में निष्क्रियता के कारण संक्षारण का प्रतिरोध करती है?
(A) तांबा
(B) लोहा
(C) जिंक
(D) टाइटेनियम
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) टाइटेनियम $Ti$ क्षारीय वातावरण में पैसिवेशन (Passivation) के कारण सुरक्षित रहता है। यह अपनी सतह पर $TiO_2$ की एक अत्यंत स्थिर ऑक्साइड परत बनाता है। यह परत बहुत कठोर होती है और रासायनिक हमलों के प्रति निष्क्रिय होती है।
8. Reproduction system
1. शुक्राणु महिला प्रजनन तंत्र में बाहरी वातावरण की तुलना में अधिक समय तक क्यों जीवित रहते हैं?
(A) गर्भाशय ऐसे हार्मोन स्रावित करता है जो शुक्राणु उत्पादन को बढ़ाते हैं
(B) गर्भाशय ग्रीवा अस्वस्थ शुक्राणुओं को छानती है
(C) अंडाशय सुरक्षात्मक रसायन छोड़ते हैं
(D) सीमेनल फ्लूइड (वीर्य) योनि की अम्लता को निष्क्रिय करता है और पोषक तत्व प्रदान करता है
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) वीर्य (Seminal Fluid) में मौजूद क्षारीय पदार्थ योनि की अम्लता को उदासीन कर देते हैं जिससे शुक्राणु सुरक्षित रहते हैं। इसमें फ्रुक्टोज जैसी शर्करा होती है जो शुक्राणुओं को तैरने के लिए आवश्यक ऊर्जा और पोषण प्रदान करती है। महिला प्रजनन तंत्र का वातावरण और वीर्य की संरचना मिलकर शुक्राणुओं की जीवन अवधि को कई दिनों तक बढ़ा सकती है। वीर्य में प्रोस्टेट ग्रंथि और सेमिनल वेसिकल के स्राव भी शामिल होते हैं।
2. पुरूषों में वृषणकोश शरीर के बाहर क्यों होता है?
(A) शुक्रवाहिका की उपस्थिति के कारण
(B) शुक्राणु निर्माण के लिए सामान्य शरीर के तापमान की तुलना में कम तापमान की आवश्यकता होती है।
(C) शुक्राणु निर्माण के लिए सामान्य शरीर के तापमान की तुलना में अधिक तापमान की आवश्यकता होती है।
(D) पेट के भागों में पाए जाने वाले विशेष ऊतकों के कारण।
Ans: (B) वृषण (Testes) शरीर के बाहर वृषणकोश (Scrotum) में इसलिए होते हैं क्योंकि शुक्राणु निर्माण (Spermatogenesis) के लिए शरीर के तापमान से $2^{circ}C$ से $3^{circ}C$ कम तापमान की आवश्यकता होती है। यदि तापमान अधिक हो तो शुक्राणुओं का उत्पादन और उनकी जीवनक्षमता प्रभावित हो सकती है। वृषण पुरुषों के प्राथमिक जनन अंग हैं जो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का भी उत्पादन करते हैं। जन्म से पहले वृषण पेट के निचले हिस्से में होते हैं और बाद में वृषणकोश में उतर आते हैं।
3. निम्न में से कौन से कथन सही हैं?  (A) सभी बच्चों में X गुणसूत्र केवल उनकी माँ से वंशागत होता है। 
(B) पिता से प्राप्त X गुणसूत्र के कारण ही बच्चा हमेशा लड़की होता है। 
(C) महिलाओं में लिंग गुणसूत्रों का युग्म XY होता है। 
(D) जिस बच्चे में उसके पिता से Y गुणसूत्र वंशागत होता है, वह लड़का होता है। 
(A) B और C
(B) A और D
(C) B और D
(D) A, C और D
Ans: (D) मानवों में लिंग निर्धारण पूर्णतः पिता से मिलने वाले गुणसूत्र पर निर्भर करता है क्योंकि मां के पास केवल X गुणसूत्र होते हैं। पुरुषों में लिंग गुणसूत्र XY होते हैं जबकि महिलाओं में एक आदर्श XX युग्म होता है। यदि शुक्राणु से Y गुणसूत्र प्राप्त होता है तो बच्चा लड़का होगा और यदि X प्राप्त होता है तो लड़की होगी। निषेचन के समय लिंग का निर्धारण एक यादृच्छिक घटना है जिसकी संभावना $50 \%$ होती है।
4. मानव शुक्राणु का कौन-सा भाग, युग्मनज (zygote) के लिंग निर्धारण के लिए उत्तरदाई होता है?
(A) केवल भाग B (मध्य)
(B) केवल भाग A (सिर/केन्द्रक)
(C) भाग A और B
(D) भाग B और C
Ans: (B) शुक्राणु का सिर वाला भाग (Head) लिंग निर्धारण के लिए जिम्मेदार होता है क्योंकि इसी में केंद्रक और गुणसूत्र (X या Y) स्थित होते हैं। शुक्राणु के सिर के शीर्ष पर एक्रोसोम (Acrosome) होता है जो अंडाणु की दीवार को भेदने वाले एंजाइम छोड़ता है। मध्य भाग में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं जो शुक्राणु की गतिशीलता के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं। पूंछ (Tail) वाला भाग शुक्राणु को मादा जनन पथ में तैरने में मदद करता है।
5. ग्राफी पुटक (ग्राफियन फॉलिकिल) विशेषतः .... में पाए जाते हैं।
(A) स्तनधारियों के वृषण
(B) मेंढक के अंडाशय
(C) स्तनधारियों के थायराइड
(D) स्तनधारियों के अंडाशय
Ans: (D) ग्राफियन पुटक (Graafian Follicles) स्तनधारियों के अंडाशय (Ovary) की कार्यात्मक इकाइयां हैं जिनमें अंडाणु परिपक्व होते हैं। ये पुटक एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव करते हैं जो महिला के माध्यमिक यौन लक्षणों को नियंत्रित करता है। प्रत्येक मासिक चक्र के दौरान आमतौर पर एक ही ग्राफियन पुटक पूर्ण परिपक्वता तक पहुँचता है। अंडोत्सर्ग (Ovulation) के बाद फटा हुआ पुटक कॉर्पस ल्यूटियम में बदल जाता है जो प्रोजेस्टेरोन बनाता है।
6. 'परखनली शिशु (Test tube Baby)' क्या है?
(A) डिंब का निषेचन गर्भाशय में होता है, लेकिन परखनली में विकसित होता है।
(B) गर्भाशय में निषेचन होता है और गर्भाशय में ही भ्रूण विकसित होता है।
(C) डिंब का निषेचन परखनली में होता है और परखनली में ही विकसित होता है।
(D) डिंब का निषेचन परखनली में होता है, लेकिन यह गर्भाशय में विकसित होता है।
Ans: (D) परखनली शिशु (Test Tube Baby) या IVF तकनीक में महिला के अंडे का निषेचन शरीर के बाहर एक प्रयोगशाला की परखनली में किया जाता है। निषेचन के बाद बने भ्रूण (Embryo) को महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है जहाँ उसका सामान्य विकास होता है। इस प्रक्रिया को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (In-vitro Fertilization) कहा जाता है। यह तकनीक उन जोड़ों के लिए उपयोगी है जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ हैं।
7. कौन सा कथन उभयलिंगाश्रयी (monoecious) को परिभाषित करता है?
(A) केवल पुमंग
(B) पुमंग और जायांग दोनों
(C) केवल जायांग
(D) द्विकोष्ठी फूल
CGL Tier I | 2024
Ans: (B) उभयलिंगाश्रयी (Monoecious) पौधों में नर और मादा दोनों जनन अंग (पुमंग और जायांग) एक ही पौधे पर पाए जाते हैं। यदि एक ही फूल में दोनों अंग हों तो उसे द्विलिंगी (Bisexual) फूल कहा जाता है जैसे गुड़हल। मक्का और कद्दू के पौधों में नर और मादा फूल अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन वे एक ही पौधे पर उगते हैं। यह स्थिति आत्म-परागण (Self-pollination) की संभावना को बढ़ाती है।
8. स्वतंत्र वर्गीकरण (independent assortment) का नियम किसके आधार पर प्रस्तावित किया?
(A) एलील (Alleles)
(B) एकसंकर क्रॉस (Monohybrid crosses)
(C) द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid crosses)
(D) जीन (Genes)
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (C) मेंडल ने स्वतंत्र अपव्यूहन (Independent Assortment) का नियम द्विसंकर क्रॉस (Dihybrid Cross) के परिणामों के आधार पर दिया था। इस नियम के अनुसार दो अलग-अलग लक्षणों के जीन एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से अगली पीढ़ी में जाते हैं। द्विसंकर क्रॉस में मेंडल ने बीज के रंग और उसके आकार जैसे दो गुणों का एक साथ अध्ययन किया था। इसका प्रसिद्ध फिनोटाइप अनुपात $9:3:3:1$ प्राप्त हुआ था।
9. मेंडल के किस नियम के अनुसार संतति प्रत्येक माता-पिता से एक युग्मविकल्पी प्राप्त करती है?
(A) कारकों के जोड़े का नियम
(B) स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम
(C) प्रभाविता का नियम
(D) पृथक्करण का नियम
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (D) पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) कहता है कि युग्मक निर्माण के समय एलील (Alleles) का जोड़ा अलग हो जाता है और प्रत्येक युग्मक को केवल एक एलील प्राप्त होता है। इसे युग्मकों की शुद्धता का नियम भी कहा जाता है क्योंकि युग्मक कभी भी संकर नहीं होते। यह मेंडल का दूसरा नियम है जो एकसंकर क्रॉस (Monohybrid Cross) पर आधारित है। निषेचन के बाद ये एलील पुनः जोड़े में आ जाते हैं।
8. Optics
1. किसी $2.5 \text{ cm}$ लम्बी वस्तु को एक $16 \text{ cm}$ फोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के मुख्य अक्ष पर $24 \text{ cm}$ की दूरी पर रखा गया है। निर्मित प्रतिबिम्ब की ऊँचाई होगी।
(A) $1.5 \text{ cm}$
(B) $5.0 \text{ cm}$
(C) $1.0 \text{ cm}$
(D) $2.0 \text{ cm}$
RRB Group-D | 29-08-2022 | Shift-I
Ans: (B) दिया है: $u = -24$ cm, $f = -16$ cm, $h_o = 2.5$ cm दर्पण सूत्र: $1/v = 1/f - 1/u$ $1/v = -1/16 + 1/24 = -1/48$ अतः $v = -48$ cm आवर्धन: $m = -v/u = -(-48)/(-24) = -2$ प्रतिबिंब ऊंचाई: $h_i = m imes h_o = -2 imes 2.5 = -5.0$ cm प्रकृति: वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बड़ा।
2. एक प्रकाशिक उपकरण $X$ की फोकस दूरी $-30 \text{ cm}$ है। $X$ हो सकता है:
(A) या तो उत्तल लेंस या अवतल दर्पण
(B) या तो अवतल लेंस या अवतल दर्पण
(C) या तो अवतल लेंस या उत्तल दर्पण
(D) या तो उत्तल लेंस या उत्तल दर्पण
RRB Group-D | 01-09-2022 | Shift-I
Ans: (B) चिह्न परिपाटी: 1. अवतल (Concave): दर्पण और लेंस दोनों की फोकस दूरी ऋणात्मक ($-$) होती है। 2. उत्तल (Convex): दर्पण और लेंस दोनों की फोकस दूरी धनात्मक ($+$) होती है। चूँकि $f = -30$ cm है, इसलिए यह अवतल लेंस या दर्पण होगा।
8. Alloys & Metallurgy
1. आयरन का हीटिंग एलीमेंट बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
(A) तांबा
(B) नाइक्रोम
(C) एल्युमीनियम
(D) चाँदी
RRB ALP & Tec. | 30-08-18 | Shift-III
Ans: (B) नाइक्रोम निकल $Ni$ और क्रोमियम $Cr$ की मिश्र धातु है। इसका विशिष्ट प्रतिरोध (Resistivity) बहुत उच्च होता है, जिससे यह ऊष्मा उत्पन्न करता है। उच्च तापमान पर भी इसका ऑक्सीकरण नहीं होता, इसलिए इसे हीटिंग एलिमेंट में उपयोग करते हैं।
2. निम्नलिखित में से कौन सी धातु पारदधातु मिश्रण का गठन करती है जब इसे किसी धातु के साथ मिश्रित किया जाता है?
(A) एल्युमिनियम
(B) सोना
(C) चाँदी
(D) पारा
RRB NTPC | 09.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) जब पारा $Hg$ किसी अन्य धातु के साथ मिलाया जाता है, तो बनने वाली मिश्र धातु को अमलगम (Amalgam) कहा जाता है। पारा लगभग सभी धातुओं के साथ अमलगम बनाता है, सिवाय लोहा $Fe$ और टंगस्टन $W$ जैसी कुछ धातुओं के।
3. टॅकाई (Soldering) के लिए.... का प्रयोग किया जाता है।
(A) एल्युमिनियम एवं निकिल की मिश्रित धातु
(B) सीसा एवं टिन की मिश्रित धातु
(C) जस्ता एवं सीसा की मिश्रित धातु
(D) जस्ता एवं ताँबे की मिश्रित धातु
RRB NTPC | 26.04.2016 | Shift-I
Ans: (B) सोल्डर (टांका) सीसा $Pb$ और टिन $Sn$ की एक मिश्र धातु है। इसका गलनांक इसके घटक धातुओं से कम होता है, जो इसे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को जोड़ने के लिए उपयुक्त बनाता है। इसमें आमतौर पर $37\%$ सीसा और $63\%$ टिन होता है।
4. स्टेनलेस स्टील बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु को क्रोमियम के साथ मिलाया जाता है-
(A) निकेल और लोहा
(B) तांबा और चांदी
(C) तांबा और क्रोमियम
(D) तांबा और निकेल
RRB JE CBT-II | 28-08-2019 | Morning
Ans: (A) स्टेनलेस स्टील बनाने के लिए लोहे $Fe$ में क्रोमियम $Cr$ और निकल $Ni$ मिलाया जाता है। क्रोमियम इसमें जंग रोधी गुण प्रदान करता है, जबकि निकल इसकी मजबूती और चमक बढ़ाता है। इसमें कार्बन की सूक्ष्म मात्रा भी कठोरता के लिए मिलाई जाती है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा उच्च तापमान पर आसानी से ऑक्सीकृत (जलता) नहीं होता है?
(A) अर्ध-चालक
(B) कुचालक
(C) सुचालक
(D) मिश्रधातु
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-I
Ans: (D) मिश्रधातुएं (Alloys) शुद्ध धातुओं की तुलना में उच्च तापमान पर अधिक स्थिर होती हैं। इनका ऑक्सीकरण आसानी से नहीं होता है। यही कारण है कि नाइक्रोम जैसी मिश्रधातुओं का उपयोग हीटिंग उपकरणों के तार बनाने में किया जाता है।
6. धातु केवल विद्युत अपघटन द्वारा निकाला जाता है।
(A) Al
(B) Zn
(C) Fe
(D) Cu
RRB Group-D | 28-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) एल्युमीनियम $Al$ एक अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है, जिसे कार्बन अपचयन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता। इसे इसके पिघले हुए अयस्क (बॉक्साइट) के विद्युत अपघटन (Electrolysis) द्वारा प्राप्त किया जाता है। इस प्रक्रिया को हॉल-हेरॉल्ट विधि कहते हैं।
7. एलुमीनियम के अयस्क के रूप में जाना जाता है।
(A) गैलेना
(B) हीमेटाइट
(C) बॉक्साइट
(D) एलम्
RRB JE (Stage-II) | 01-08-2019 | Shift-III
Ans: (C) बॉक्साइट $Al_2O_3.2H_2O$ एल्युमीनियम का मुख्य अयस्क है। भारत में इसका खनन बड़े पैमाने पर किया जाता है। इससे शुद्ध एल्युमीनियम निकालने के लिए बेयर (Bayer) प्रक्रिया और फिर इलेक्ट्रोलिसिस का उपयोग किया जाता है।
8. ऑक्सीजन की उपस्थिति में अयस्कों को गर्म करने की क्रिया को............ कहा जाता है।
(A) निस्तापन
(B) निष्कर्षण
(C) भंजन
(D) संक्षारण
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-II
Ans: (C) अयस्कों को वायु (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में उसके गलनांक से कम तापमान पर गर्म करना भर्जन (Roasting) कहलाता है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड में बदलने के लिए उपयोग की जाती है ताकि उनका अपचयन आसान हो सके।
9. पृथ्वी की परत में स्वाभाविक रूप से होने वाले अकार्बनिक तत्व या यौगिकों को कहा जाता हैः
(A) धातु
(B) खनिज पदार्थ
(C) अयस्क
(D) फलक्स
RRB NTPC Stage Ist | 27.02.2021 | Shift-II
Ans: (B) खनिज (Minerals) वे प्राकृतिक पदार्थ हैं जिनमें धातुएं अपने यौगिकों के रूप में पाई जाती हैं। यदि किसी खनिज से धातु का निष्कर्षण व्यावसायिक रूप से लाभदायक हो, तो उसे अयस्क (Ore) कहा जाता है। सभी अयस्क खनिज होते हैं।
8. Reproduction system
1. निम्नलिखित में से कौन-सी, पौधों में मादा जनन कोशिका है?
(A) बीजांड में अंडा कोशिका के विपरीत कोशिका
(B) बीजांड के बाहर की कोशिकाएँ
(C) बीजांड के केंद्र में कोशिकाएँ
(D) अंड कोशिका
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (D) पौधों में मादा जनन कोशिका को अंड कोशिका (Egg cell) कहा जाता है जो बीजांड (Ovule) के भीतर स्थित होती है। निषेचन के बाद यही अंड कोशिका नर युग्मक के साथ मिलकर युग्मनज (Zygote) बनाती है। पुष्प के मादा भाग को जायांग (Gynoecium) कहते हैं जिसमें अंडाशय, वर्तिका और वर्तिकाग्र होते हैं। बीजांड के अंदर भ्रूणकोष (Embryo sac) होता है जहाँ मुख्य प्रजनन प्रक्रियाएं संपन्न होती हैं।
2. ब्रायोफिलम पादप (Bryophyllum plant) का कौन-सा भाग, कायिक प्रवर्धन के माध्यम से नए पादप विकसित करता है?
(A) मूल
(B) पुष्प
(C) पत्तियाँ
(D) तना
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (C) ब्रायोफिलम (अजूबा) के पौधे में पत्तियों के किनारों पर खांचों में कलिकाएं (Buds) विकसित होती हैं जिनसे नए पौधे बनते हैं। इसे कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) कहा जाता है क्योंकि इसमें बीज की आवश्यकता नहीं होती। जब ये पत्तियां मिट्टी में गिरती हैं तो प्रत्येक कलिका एक स्वतंत्र पौधे के रूप में विकसित हो सकती है। कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधे आनुवंशिक रूप से अपने जनक पौधे के समान होते हैं।
3. पौधों में, बीजाणु बनना, प्रजनन की एक विधि है जिसमें बीजाणुओं का उत्पादन होता है। बीजाणु बनने के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) बीजाणु, पौधों में लैंगिक प्रजनन के माध्यम से बनते हैं।
(B) बीजाणु, फर्न (ferns) और मॉस (mosses) जैसे गैर-फूल वाले पौधों द्वारा निर्मित होते हैं, और वे नए पौधों में विकसित होते हैं।
(C) बीजाणु, पुष्पों द्वारा निर्मित होते हैं, और वे बीजों में विकसित होते हैं।
(D) बीजाणु, केवल आवृतबीजियों में वानस्पतिक प्रवर्धन का एक रूप है।
RRB JE Exam 2024 | 16/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (B) बीजाणु (Spores) सूक्ष्म अलैंगिक प्रजनन इकाइयां हैं जो फर्न और मॉस जैसे गैर-फूल वाले पौधों में पाई जाती हैं। बीजाणु के चारों ओर एक कठोर सुरक्षात्मक परत होती है जो उन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों जैसे उच्च ताप और कम नमी से बचाती है। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर ये बीजाणु अंकुरित होकर नए पौधे को जन्म देते हैं। कवक (Fungi) जैसे राइजोपस में भी बीजाणु धानी (Sporangia) के भीतर बीजाणु बनते हैं।
4. मलेरिया परजीवी किस प्रकार का अलैंगिक जनन दर्शाता है?
(A) पुनर्जनन
(B) द्विखंडन
(C) मुकुलन
(D) बहुखंडन
RRB ALP CBT01 2024 | 29/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (D) मलेरिया परजीवी (Plasmodium) बहुखंडन (Multiple Fission) के माध्यम से अलैंगिक जनन करता है जिसमें एक साथ कई संतति कोशिकाएं बनती हैं। इस प्रक्रिया में एक ही कोशिका का केंद्रक बार-बार विभाजित होकर अनेक छोटे केंद्रक बनाता है। प्लाज्मोडियम मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है। मलेरिया के उपचार के लिए कुनैन (Quinine) दवा का उपयोग किया जाता है जो सिनकोना के पेड़ की छाल से प्राप्त होती है।
8. Optics
1. एक हाइपरमेट्रॉपिक (दूर दृष्टि दोष) आंख का निकट बिंदु 3 मीटर है। यदि व्यक्ति को 25 सेंटीमीटर की दूरी पर पढ़ना है, तो उसे कितनी शक्ति वाला लेंस चाहिए?
(A) +5.00 D
(B) +3.7 D
(C) +4.00 D
(D) +2.7 D
MP Police constable 2025 | 04-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) दिया है: $u = -25$ cm (सामान्य दूरी), $v = -300$ cm (निकट बिंदु) लेंस सूत्र: $1/f = 1/v - 1/u$ $1/f = 1/-300 - 1/-25 = 11/300$ शक्ति: $P = 100/f$ $P = 100 imes (11/300) = 11/3 approx +3.7$ D निष्कर्ष: दूर दृष्टि दोष हेतु उत्तल लेंस प्रयुक्त होगा।
2. एक उत्तल दर्पण जिसकी फोकस दूरी 15 सेमी है। वस्तु 20 सेमी दूर रखी है। आवर्धन ज्ञात कीजिए।
(A) 0.25
(B) 0.333
(C) 0.5
(D) 0.429
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) दिया है: $f = +15$ cm, $u = -20$ cm दर्पण सूत्र: $1/v = 1/f - 1/u$ $1/v = 1/15 + 1/20 = 7/60$ अतः $v = 60/7$ आवर्धन: $m = -v/u = -(60/7) / (-20) = 3/7$ $m approx 0.428$ (विकल्प D $0.429$ निकटतम है)।
3. एक प्रिज्म जिसका शीर्ष कोण $60^{\^\circ}$ है, लाल और बैंगनी रंगों के बीच $10^{\^\circ}$ का विक्षेपण कोण उत्पन्न करता है। यदि शीर्ष कोण को $90^{\^\circ}$ तक बढ़ा दिया जाए, तो विक्षेपण लगभगः
(A) बढ़कर 20° हो जाएगा
(B) बढ़कर 15° हो जाएगा
(C) घट जाएगा
(D) 10° ही रहेगा
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) सूत्र: विक्षेपण कोण $delta = (n_v - n_r)A$ तर्क: विक्षेपण कोण प्रिज्म के शीर्ष कोण $A$ के समानुपाती होता है। गणना: यदि $60^circ$ पर $10^circ$ है, तो $90^circ$ पर $1.5 imes 10 = 15^circ$ होगा।
8. Reproduction system
1. एक पार्थेनोकार्षिक (अनिषेकफलन) फल बिना निषेचन के विकसित होता है। यदि किसान इस पौधे से बीज प्राप्त करना चाहता है, तो कौन-सी रणनीति कारगर होगी?
(A) प्राकृतिक अनिषेकफलन को जारी रहने दें
(B) निषेचन को प्रेरित करने के लिए फल को प्रकाश में रखें
(C) कलमों का उपयोग करें क्योंकि बीज अनावश्यक हैं
(D) निषेचन के लिए संगत परागकणों का परिचय कराएं
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) पार्थेनोकार्पिक फल प्राकृतिक रूप से बीज रहित होते हैं क्योंकि वे बिना निषेचन के विकसित होते हैं। यदि कोई किसान इनसे बीज प्राप्त करना चाहता है तो उसे कृत्रिम रूप से संगत परागकणों (Compatible Pollens) को पेश करना होगा ताकि निषेचन की क्रिया हो सके। केले और अंगूर की कुछ किस्में पार्थेनोकार्पी का प्राकृतिक उदाहरण हैं। हार्मोन जैसे जिबरेलिन (Gibberellin) का छिड़काव करके भी बीज रहित फलों का उत्पादन किया जा सकता है।
8. Optics
1. एक वस्तु बिंदु के निर्देशांक (8 सेमी, -4 सेमी, 3 सेमी) हैं। एक समतल दर्पण $x=2$ सेमी के तल में स्थित है। उस बिंदु के प्रतिबिंब के निर्देशांक क्या होंगे?
(A) (-4,4,-3) cm
(B) (-8,-4,3) cm
(C) (-4,-4,-3) cm
(D) (-4,-4,3) cm
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) नियम: समतल दर्पण में वस्तु और प्रतिबिंब की दर्पण से लंबवत दूरी समान होती है। दूरी गणना: वस्तु $x = 8$ पर है, दर्पण $x = 2$ पर है। दूरी $= 8 - 2 = 6$ इकाई। प्रतिबिंब: दर्पण के पीछे $6$ इकाई पर, यानी $x = 2 - 6 = -4$ पर। निर्देशांक: $(-4, -4, 3)$ cm
8. Alloys & Metallurgy
1. एक एल्युमिनियम मिश्र धातु को उच्च $SO_2$ प्रदूषण वाले क्षेत्र में रखा जाता है। कौन-सा असामान्य संक्षारण हो सकता है?
(A) समान्य संक्षारण
(B) गैल्वैनिक संक्षारण
(C) पिटिंग संक्षारण
(D) तनाव संक्षारण
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) उच्च $SO_2$ प्रदूषण वाले क्षेत्रों में एल्युमिनियम की सतह पर सल्फ्यूरिक एसिड की सूक्ष्म परत बन सकती है। यह अम्ल सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत को नष्ट कर देता है। इसके परिणामस्वरूप धातु की सतह पर छोटे-छोटे गड्ढे बन जाते हैं जिसे पिटिंग संक्षारण (Pitting) कहते हैं।
2. एक निकल का सिक्का सल्फर यौगिकों वाले नम वातावरण में रखा जाता है। समय के साथ, इसकी सतह पर काली परत बन जाती है। इसका मुख्य रासायनिक कारण क्या है?
(A) ऑक्सीकरण के कारण निकल ऑक्साइड का बनना
(B) सल्फर यौगिकों से अभिक्रिया कर निकल सल्फाइड का बनना
(C) नमी के कारण विद्युत-रासायनिक संक्षारण
(D) कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) निकल सल्फर यौगिकों के साथ अभिक्रिया करके निकल सल्फाइड $NiS$ बनाता है। नम वातावरण में यह रासायनिक अभिक्रिया तेज हो जाती है, जिससे सिक्के की सतह पर काली परत जमा हो जाती है। यह चांदी के टार्निशिंग के समान ही एक प्रक्रिया है।
3. एक समुद्री सेंसर में प्रयुक्त कोबाल्ट क्रोमियम मिश्र धातु केवल थ्रेडेड जोड़ पर संक्षारित होती है। इस घटना को कौन-सा सिद्धांत समझाता है?
(A) फंसे हुए समुद्री जल और ऑक्सीजन की कमी के कारण दरारों में संक्षारण
(B) स्टेनलेस स्टील के साथ गैल्वेनिक संक्षारण
(C) क्रोमियम-समृद्ध स्थलों पर गड्ढेदार संक्षारण
(D) एकसमान संक्षारण
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) थ्रेडेड जोड़ जैसे तंग स्थानों में समुद्री जल फंस जाता है जहाँ ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इस ऑक्सीजन अंतर के कारण एक इलेक्ट्रोकेमिकल सेल बन जाता है। इसे दरार संक्षारण (Crevice Corrosion) कहते हैं, जो जोड़ों को कमजोर कर देता है।
8. Optics
1. एक किरण काँच $(n=1.6)$ से बने एक प्रिज्म $(A=60^\circ)$ से एक पृष्ठ के लिए ब्रूस्टर कोण पर गुजरती है। उस पृष्ठ पर आपतन कोण ज्ञात कीजिए।
(A) 90
(B) $53.995^{\circ}$
(C) 58
(D) $59.995^{\circ}$
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) ब्रूस्टर नियम: $ an i_p = n$ गणना: $ an i_p = 1.6$ चूँकि $ an 58^circ approx 1.60$, इसलिए आपतन कोण $58^circ$ होगा। नोट: यह वह कोण है जिस पर परावर्तित प्रकाश पूर्णतः ध्रुवित होता है।
2. एक प्रकाश किरण हीरे (अपवर्तनांक $n=2.42$) के अंदर सतह से $25^\circ$ कोण पर टकराती है। क्या यह हीरे-वायु की सीमा पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) करेगी?
(A) हाँ (पूर्ण आंतरिक परावर्तन)
(B) दिगंश (Azimuth) पर निर्भर करता है
(C) केवल यदि ध्रुवित हो
(D) नहीं (अपवर्तित होगी)
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) शर्त: पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR) के लिए आपतन कोण $i$ का मान क्रांतिक कोण $C$ से अधिक होना चाहिए। तुलना: दिया गया आपतन कोण $25^circ$ है और क्रांतिक कोण $24.4^circ$ है। चूँकि $25^circ > 24.4^circ$ है, अतः TIR होगा
8. Alloys & Metallurgy
1. ऑटोमोबाइल इंजन के हिस्सों में प्रयुक्त एल्युमिनियम-सिलिकॉन मिश्र धातु उच्च तापमान और आर्द्रता के बावजूद संक्षारण का प्रतिरोध क्यों करती है?
(A) निष्क्रिय ऑक्साइड परत स्थिर रहती है, जिससे आगे संक्षारण नहीं होता
(B) एल्यूमीनियम अभिक्रिया करके हाइड्रॉक्साइड बनाता है, जो सिलिकॉन की रक्षा करता है
(C) उच्च तापमान समान रूप से संक्षारण को तेज करता है
(D) सिलिकॉन बलिदान एनोड की तरह कार्य करता है
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) एल्युमिनियम-सिलिकॉन मिश्र धातु में एल्युमीनियम अपनी सतह पर एक बहुत ही स्थिर $Al_2O_3$ की परत बनाता है। सिलिकॉन की उपस्थिति इस परत की यांत्रिक मजबूती और स्थिरता को बढ़ाती है। यह परत उच्च तापमान पर भी धातु का बचाव करती है।
8. Optics
1. आपतित प्रकाश के सापेक्ष किस कोण पर रेले प्रकीर्णित प्रकाश पूर्णतः ध्रुवित (completely polarized) होता है?
(A) $0^{\circ}$
(B) $270^{\circ}$
(C) $180^{\circ}$
(D) $90^{\circ}$
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) प्रकीर्णन ध्रुवीकरण: जब अध्रुवित प्रकाश वायुमंडल के कणों द्वारा प्रकीर्णित होता है, तो आपतन दिशा के लंबवत अर्थात $90^circ$ के कोण पर देखा जाने वाला प्रकाश पूर्णतः समतल ध्रुवित होता है।
2. एक उत्तल दर्पण (Convex mirror) जिसकी वक्रता त्रिज्या 60 cm है, उसके सामने 60 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। प्रतिबिंब की दूरी और आवर्धन ज्ञात कीजिए।
(A) $v=20 \text{ cm}, m = 0.33$
(B) $v=25$ cm, $m=0.416$
(C) $v=30$ cm, m = 0.5
(D) $v=16.67$ cm, $m=0.278$
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) दिया है: $R = +60$ cm अतः $f = +30$ cm, $u = -60$ cm दर्पण सूत्र: $1/v = 1/f - 1/u$ $1/v = 1/30 - (-1/60) = 3/60 = 1/20$ अतः $v = +20$ cm आवर्धन: $m = -v/u = -(20)/(-60) = 1/3 approx 0.33$
8. Reproduction system
1. ग्राफियन पुटक (फॉलिकल) की गुहिका को क्या कहा जाता है?
(A) कोटर (एंटूम)
(B) उल्ब गुहिका (एम्नियोटिक कैविटी)
(C) द्रव पुटक (लिक्वर फोलिक्युली)
(D) परिडिम्ब चक्रिका (डिस्कस प्रोलिगारस)
Ans: (A) परिपक्व ग्राफियन पुटक (Graafian Follicle) के अंदर एक तरल से भरी गुहा होती है जिसे एंट्रम (Antrum) कहा जाता है। इस गुहा में लिक्वर फोलिक्युली नामक द्रव भरा होता है जो अंडाणु के पोषण में सहायक है। अंडाशय के भीतर पुटकों का विकास कूपिक प्रेरक हार्मोन (FSH) के प्रभाव में होता है। अंडोत्सर्ग (Ovulation) के समय यही ग्राफियन पुटक फटकर अंडाणु को मुक्त करता है।
2. कालाज़ार के लिए उत्तरदायी जीवों की उत्पत्ति का कारण है
(A) अधोमुखी युग्मक विखंडन
(B) गुणक विखंडन
(C) अनुप्रस्थ युग्मक विखंडन
(D) रेखीय युग्मक विखंडन
Ans: (A) कालाज़ार फैलाने वाले लीशमैनिया परजीवी में द्विविभाजन शरीर के एक निश्चित तल में होता है जिसे अधोमुखी या अनुदैर्ध्य (Longitudinal) विभाजन कहते हैं। इसमें विभाजन शरीर के ऊपरी सिरे से शुरू होकर नीचे की ओर बढ़ता है। कालाज़ार रोग को विसरल लीशमैनियासिस भी कहा जाता है जो यकृत और प्लीहा को प्रभावित करता है। इस जीव की संरचना में एक प्रमुख फ्लैगेलम होता है जो विभाजन की दिशा निर्धारित करता है।
3. मानव नर द्वारा उत्पन्न आधे युग्मकों में कौन सा गुणसूत्र पूरक होगा?
(A) 22+XX
(B) 22+X
(C) 23+X
(D) 22+XY
Ans: (B) पुरुषों में लिंग गुणसूत्र XY होते हैं इसलिए अर्धसूत्री विभाजन के बाद बनने वाले आधे शुक्राणुओं में 22+X और आधे में 22+Y गुणसूत्र होते हैं। कुल 46 गुणसूत्रों में से 44 कायिक (Autosomes) होते हैं और 2 लिंग गुणसूत्र होते हैं। युग्मक (Gametes) हमेशा अगुणित (Haploid) होते हैं जिनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है। महिलाओं में बनने वाले सभी अंडों में केवल 22+X का ही संयोजन पाया जाता है।
4. लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवों में गुणसूत्रों की संख्या एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक किस प्रकार अनुरक्षित बनी रहती है?
(A) युग्मक निर्माण के दौरान गुणसूत्रों के दोहरीकरण द्वारा
(B) युग्मनज निर्माण के दौरान गुणसूत्रों के दोहरीकरण द्वारा
(C) युग्मक निर्माण के दौरान गुणसूत्रों के आधा होने के द्वारा
(D) युग्मनज निर्माण के दौरान गुणसूत्रों के आधा होने के द्वारा
Ans: (C) लैंगिक जनन के दौरान अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) द्वारा युग्मकों में गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर दिया जाता है। जब नर और मादा युग्मक निषेचन के दौरान जुड़ते हैं तो पूर्ण द्विगुणित (Diploid) संख्या पुनः स्थापित हो जाती है। यदि युग्मक निर्माण के समय गुणसूत्र आधे न हों तो प्रत्येक पीढ़ी में गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी होती जाएगी। यह प्रक्रिया जैविक निरंतरता और प्रजाति के आनुवंशिक गुणों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
5. वह प्रक्रिया क्या कहलाती है, जिसके द्वारा एक जीव मादा के रूप में जीवन आरंभ करता है और कालांतर में नर में बदल जाता है?
(A) विषमयुग्मजता (heterozygous)
(B) पुंपूर्वता (protandry)
(C) समयुग्मजता (homozygous)
(D) स्त्रीपूर्वता (protogyny)
Ans: (D) स्त्रीपूर्वता (Protogyny) वह जैविक स्थिति है जिसमें एक जीव अपने जीवन चक्र की शुरुआत मादा के रूप में करता है और बाद में नर में बदल जाता है। इसके विपरीत स्थिति को पुंपूर्वता (Protandry) कहते हैं जहाँ जीव पहले नर होता है। यह प्रक्रिया कई समुद्री मछलियों और कुछ उभयचरों में देखी जाती है। यह एक प्रकार का क्रमिक उभयलिंगीपन (Sequential Hermaphroditism) है जो प्रजाति के अस्तित्व में मदद करता है।
6. सही कथन की पहचान कीजिए (शुक्राणु गुणसूत्रों के बारे में)।
(A) X गुणसूत्र वाले शुक्राणुओं में 22 गुणसूत्र होते हैं
(B) Y गुणसूत्र वाले शुक्राणुओं में भी 22 गुणसूत्र होते हैं।
(C) X गुणसूत्र वाले शुक्राणुओं में 23 गुणसूत्र होते हैं और Y वाले में भी 23।
(D) X गुणसूत्र वाले शुक्राणुओं में 23 गुणसूत्र होते हैं जबकि Y वाले में 22।
Ans: (C) मानव शरीर की प्रत्येक सामान्य कोशिका में 23 जोड़े यानी कुल 46 गुणसूत्र होते हैं। शुक्राणु (Sperm) एक युग्मक है जिसमें केवल 23 एकल गुणसूत्र होते हैं चाहे वह X गुणसूत्र वाला हो या Y वाला। इन 23 गुणसूत्रों में से 22 ऑटोसोम (Autosomes) होते हैं और 1 लिंग गुणसूत्र होता है। निषेचन के बाद जब शुक्राणु और अंडाणु मिलते हैं तब युग्मनज में पुनः 46 ($23+23$) गुणसूत्र हो जाते हैं।
7. एकमदकालिक (monochronic) जंतु में होता है
(A) दो अंडे
(B) एक दिन में दो बार अंडोत्सर्ग
(C) एक वर्ष में दो बार प्रजनन
(D) एक वर्ष में केवल एक बार प्रजनन
Ans: (D) एकमदकालिक (Monochronic) या मोनोएस्ट्रस जंतु वे होते हैं जिनका प्रजनन काल वर्ष में केवल एक बार आता है। जंगली जानवर जैसे हिरण, लोमड़ी और भालू इसी श्रेणी में आते हैं जिनमें साल के एक विशिष्ट समय में ही कामोत्तेजना (Heat period) होती है। इसके विपरीत जो जंतु पूरे वर्ष प्रजनन कर सकते हैं उन्हें पॉलिएस्ट्रस कहा जाता है। यह प्रकृति में प्रजनन दर को संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार नियंत्रित करने का एक तरीका है।
8. मधुमक्खियों में क्या सत्य है?
(A) नर द्विगुणित, मादा अगुणित
(B) नर त्रिगुणित, मादा चतुर्गुणित
(C) नर चतुर्गुणित, मादा त्रिगुणित
(D) नर अगुणित (Haploid), मादा द्विगुणित (Diploid)
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (D) मधुमक्खियों में लिंग निर्धारण "हैप्लो-डिप्लॉयड" (Haplo-diploid) प्रणाली द्वारा होता है जहाँ नर (ड्रोन) अगुणित होते हैं और मादाएं द्विगुणित होती हैं। नर मधुमक्खियों का जन्म बिना निषेचन के अनिश्चित अंडों से होता है जिसे अनिषेकजनन (Parthenogenesis) कहते हैं। रानी मक्खी और श्रमिक मक्खियां निषेचित अंडों से विकसित होती हैं इसलिए वे द्विगुणित होती हैं। नर में केवल 16 गुणसूत्र होते हैं जबकि मादाओं में 32 गुणसूत्र होते हैं।
9. BbEe X BbEe क्रॉस में BBEE प्राप्त करने की प्रायिकता?
(A) 1/16
(B) 1/2
(C) 1/4
(D) 1/8
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (A) दो हेटेरोज़ायगस ($BbEe \times BbEe$) के बीच क्रॉस कराने पर प्रत्येक जीन युग्म के लिए शुद्ध प्रभावी ($BB$ या $EE$) प्राप्त करने की प्रायिकता $1/4$ होती है। अतः $BBEE$ प्राप्त करने की संयुक्त प्रायिकता $1/4 \times 1/4 = 1/16$ होगी। मेंडल के द्विसंकर क्रॉस में कुल 16 संभावित संयोजन बनते हैं जिनमें से केवल एक पूरी तरह से शुद्ध प्रभावी होता है। पुनेट स्क्वायर (Punnett Square) की मदद से इन संयोजनों को आसानी से समझा जा सकता है।
8. Optics
1. किसी उत्तल लेंस के बायीं ओर फोकस पर एक छोटी वस्तु रखे जाने पर, निम्नलिखित में से कौन-से स्थान पर प्रतिबिम्ब बनेगा?
(A) लेंस के दायीं ओर, केंद्र पर
(B) लेंस के दायीं ओर, अनंत पर
(C) लेंस के दायीं ओर, फोकस पर
(D) लेंस के बायीं ओर, अनंत पर
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (B) स्थिति: जब वस्तु उत्तल लेंस के प्रथम मुख्य फोकस $F$ पर होती है। प्रतिबिंब: प्रकाश किरणें लेंस के बाद समांतर हो जाती हैं, जिससे प्रतिबिंब अनंत (Infinity) पर बनता है। प्रकृति: वास्तविक, उल्टा और अत्यधिक विवर्धित (बड़ा)।
2. 1835 में, एक सपाट कांच के फलक के एक तरफ धातु चांदी की एक पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया किसने विकसित की और पहला दर्पण बनाया?
(A) विक्टर फ्रांसिस हेस
(B) जस्टस वॉन लेबिग
(C) सी. वी. रमन
(D) सी. एच. टाउन्स
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (B) इतिहास: जर्मन रसायनशास्त्री जस्टस वॉन लेबिग (Justus von Liebig) ने 1835 में कांच पर चांदी की परत चढ़ाने (Silvering) की आधुनिक प्रक्रिया विकसित की थी। रसायन: इसमें एल्डिहाइड के साथ सिल्वर नाइट्रेट का उपयोग करके चांदी को कांच पर जमाया जाता है।
8. Alloys & Metallurgy
1. फाइलोसिलिकेट के सर्वोत्तम उदाहरण क्या हैं?
(A) पाइराइट, गैलेना, स्फालराइट
(B) माइकास, क्लोराइट, टाल्क और सर्पेटाइन
(C) मर्करी, ग्रेफाइट, डायमंड
(D) कैल्साइट, मैग्नेसाइट, डोलोमाइट
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (B) फाइलोसिलिकेट्स (Phyllosilicates) वे सिलिकेट खनिज हैं जिनमें सिलिका टेट्राहेड्रा शीट के रूप में व्यवस्थित होते हैं। इसके प्रमुख उदाहरण अभ्रक (Mica), टैल्क और क्लोराइट हैं। इनमें $Si_2O_5$ की परतों के बीच अन्य आयन मौजूद होते हैं।
8. Optics
1. प्रकाश एक अनुप्रस्थ (transverse) तरंग है, साबित करती हुई एकमात्र घटना कौन सी है?
(A) प्रकाश का फैलना
(B) हस्तक्षेप
(C) विसरण
(D) ध्रुवीकरण
RRB NTPC Stage Ist | 11.04.2016 | Shift-III
Ans: (D) ध्रुवीकरण (Polarization): केवल अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगों का ही ध्रुवीकरण किया जा सकता है। निष्कर्ष: चूँकि प्रकाश का ध्रुवीकरण संभव है, यह प्रमाणित करता है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है। ध्वनि (अनुदैर्ध्य) का ध्रुवीकरण नहीं हो सकता।
2. किसी पदार्थ का अपवर्तनांक हवा मे प्रकाश की चाल से किस प्रकार संबंधित होता है?
(A) अपवर्तनांक = हवा में प्रकाश की चाल + पदार्थ में प्रकाश की चाल
(B) अपवर्तनांक = हवा में प्रकाश की चाल - पदार्थ में प्रकाश की चाल
(C) अपवर्तनांक = पदार्थ में प्रकाश की चाल / हवा में प्रकाश की चाल
(D) अपवर्तनांक = हवा में प्रकाश की चाल / पदार्थ में प्रकाश की चाल
RRB JE | 27.05.2019 | Shift-I
Ans: (D) निरपेक्ष अपवर्तनांक ($n$): यह निर्वात (या हवा) में प्रकाश की चाल $c$ और माध्यम में प्रकाश की चाल $v$ का अनुपात होता है। सूत्र: $n = c/v$ इकाई: यह एक इकाई-रहित (unitless) अनुपात है।
3. किस साल में ओले रोमर (Ole Romer) ने इतिहास में पहली बार प्रकाश की गति को मापा था?
(A) 1776
(B) 1676
(C) 1876
(D) 1867
RRB NTPC Stage Ist | 27.04.2016 | Shift-I
Ans: (B) तथ्य: डेनमार्क के खगोलशास्त्री ओले रोमर (Ole Romer) ने 1676 में पहली बार प्रकाश की गति को सफलतापूर्वक मापा था। विधि: उन्होंने बृहस्पति के उपग्रहों के ग्रहण लगने के समय में होने वाले अंतराल का अध्ययन किया था।
4. सूर्य की रोशनी में हरे रंग का दिखाई देने वाला एक कपड़ा लाल रोशनी में देखे जाने पर काले रंग का दिखाई देना क्यों शुरू होता है?
(A) कपड़ा लाल रंग की तरंग आयाम को पूर्णतया अवशोषित कर लेता है।
(B) यह अपवर्तन की वजह से होता है।
(C) यह प्रकाश के प्रकीर्णन का प्रभाव है।
(D) यह लंबन (पैरालेक्स) त्रुटि की वजह से होता है।
RRB NTPC Stage Ist | 31.03.2016 | Shift-II
Ans: (A) रंग का सिद्धांत: कोई वस्तु उसी रंग की दिखती है जिसे वह परावर्तित करती है। तर्क: हरा कपड़ा केवल हरे रंग को परावर्तित करता है। लाल रोशनी में कोई हरा रंग नहीं होता, इसलिए कपड़ा लाल रोशनी को अवशोषित कर लेता है और काला दिखाई देता है।
5. दो विकिरणों की ऊर्जा $E_{1}$ और $E_{2}$ क्रमशः 25eV और 50eV है। उनके तरंग दैध्यों के बीच का सम्बन्ध i.e. $\lambda_{1}$ और $\lambda_{2}$ होगा:
(A) $\lambda_{1}=(\frac{1}{2})\lambda_{2}$
(B) $\lambda_{1}=\lambda_{2}$
(C) $\lambda_{1}=2\lambda_{2}$
(D) $\lambda_{1}=4\lambda_{2}$
RRB SSE | 21.12.2014 | N/A
Ans: (C) ऊर्जा संबंध: ऊर्जा $E = hc/\lambda$ अतः $E \propto 1/\lambda$ अनुपात: $E_1/E_2 = \lambda_2/\lambda_1$ $25/50 = \lambda_2/\lambda_1 \implies 1/2 = \lambda_2/\lambda_1$ $\lambda_1 = 2\lambda_2$
6. किसी माध्यम की प्रकाश को परावर्तित करने की क्षमता को इसके ______ द्वारा भी व्यक्त किया जाता है-
(A) क्षेत्र घनत्व
(B) प्रकाश घनत्व
(C) पृष्ठ घनत्व
(D) द्रव्यमान घनत्व
RRB Group-D | 29-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) प्रकाशिक घनत्व (Optical Density): यह माध्यम की प्रकाश को मोड़ने या अपवर्तित करने की क्षमता है। नोट: यह द्रव्यमान घनत्व से भिन्न है। उदाहरण के लिए, केरोसिन का द्रव्यमान घनत्व पानी से कम है लेकिन इसका प्रकाशिक घनत्व पानी से अधिक होता है।
7. एक माध्यम जिसका अपवर्तन सूचकांक 1.5 है, में प्रकाश की गति है-
(A) $3.0 \times 10^{8} m/s$
(B) $2.0 \times 10^{8} m/s$
(C) $1.5 \times 10^{8} m/s$
(D) $1.2 \times 10^{8} m/s$
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-III
Ans: (B) सूत्र: $v = c/n$ गणना: $v = (3 imes 10^8)/1.5$ $v = 2.0 imes 10^8$ m/s फैक्ट: माध्यम का अपवर्तनांक बढ़ने पर प्रकाश की चाल घट जाती है।
8. लाल रंग का प्रकाश, कोहरे या धुएँ से _________ प्रकीर्णित होता है, क्योंकि इसकी तरंग दैर्ध्य श्वेत प्रकाश के अन्य रंग घटकों की तरंग दैर्ध्य की तुलना में _________ होती है।
(A) सबसे कम, कम
(B) सर्वाधिक, अधिक
(C) सबसे कम, अधिक
(D) सर्वाधिक, कम
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) रेले का नियम: प्रकीर्णन $propto 1/lambda^4$ तर्क: लाल रंग की तरंगदैर्ध्य $lambda$ सबसे अधिक होती है, इसलिए कोहरे में इसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है। उपयोग: इसी कारण खतरे के संकेत लाल बनाए जाते हैं ताकि वे दूर से दिखें।
9. स्वच्छ आकाश का नीला रंग, वायुमंडल में मौजूद दृश्य प्रकाश की तरंग दैर्ध्य की तुलना में _________ आकार वाले कणों द्वारा प्रकाश के _________ के कारण होता है।
(A) छोटे, अपवर्तन
(B) बड़े, प्रकीर्णन
(C) बड़े, अपवर्तन
(D) छोटे, प्रकीर्णन
RRB Group-D | 26/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) नीला आकाश: सूर्य का प्रकाश जब वायुमंडल के छोटे कणों (अणुओं) से टकराता है, तो कम तरंगदैर्ध्य वाला नीला प्रकाश सबसे अधिक प्रकीर्णित होता है। शर्त: कणों का आकार प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की तुलना में छोटा होना चाहिए।
10. निम्नलिखित में से, प्रकाश के प्रकीर्णन के अनुप्रयोगों की पहचान कीजिए- (a) खतरे के संकेतों का लाल होना (b) समय से पूर्व सूर्योदय और विलंबित सूर्यास्त (c) तारों का टिमटिमाना (d) टिंडल प्रभाव (e) सूर्य का लाल और आकाश का नीला होना
(A) (b), (c), (d)
(B) (d), (e), (a)
(C) (c), (d), (e)
(D) (a), (b), (c)
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-III
Ans: (B) प्रकीर्णन के उदाहरण: 1. आकाश का नीला होना और सूर्यास्त पर सूर्य का लाल होना। 2. खतरे के सिग्नल का लाल होना। 3. टिंडल प्रभाव। नोट: तारों का टिमटिमाना और सूर्योदय में देरी वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होते हैं।
11. 6cm व्यास वाली एक वस्तु +5.0 D की क्षमता वाले लेंस के सामने 10 cm दूरी पर रखा गया है। वस्तु के प्रतिबिम्ब का व्यास कितना होगा।
(A) 8 cm
(B) 14 cm
(C) 10 cm
(D) 12 cm
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) दिया है: $P = +5$ D अतः $f = 100/5 = +20$ cm, $u = -10$ cm लेंस सूत्र: $1/v = 1/20 + (-1/10) = -1/20$ अतः $v = -20$ cm आवर्धन: $m = v/u = (-20)/(-10) = 2$ व्यास: $h_i = m imes h_o = 2 imes 6 = 12$ cm
12. एक अवतल लेंस से 30 cm की दूरी पर रखी गई वस्तु के द्वारा लेंस से 10 cm की दूरी पर आभासी सीधा प्रतिबिंब निर्मित होता है। लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन (Magnification) ______ है।
(A) -1/3
(B) -3
(C) 1/3
(D) 3
RRB Group-D | 23/08/2022 | Shift-I
Ans: (C) दिया है: $u = -30$ cm, $v = -10$ cm (आभासी प्रतिबिंब) आवर्धन: $m = v/u$ $m = (-10)/(-30) = 1/3$ नोट: अवतल लेंस का आवर्धन हमेशा धनात्मक और $1$ से कम होता है क्योंकि प्रतिबिंब हमेशा सीधा और छोटा बनता है।
13. 50 cm फोकस दूरी वाले एक अभिसारी लेंस को 20 cm फोकस दूरी वाले एक अपसारी लेंस के साथ जोड़कर रखा गया है। इन दोनों लेंसों के संयोजन की क्षमता ज्ञात कीजिए।
(A) -3 D
(B) 8 D
(C) +3 D
(D) -8 D
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) क्षमताएं: $P_1 = 100/50 = +2$ D $P_2 = 100/(-20) = -5$ D कुल क्षमता: $P = P_1 + P_2$ $P = +2 - 5 = -3$ D प्रकृति: ऋणात्मक क्षमता का मतलब है कि संयोजन अवतल लेंस की तरह कार्य करेगा।
14. एक अपसारी लेंस की फोकस दूरी 50 cm है, तो लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
(A) 2D
(B) 5D
(C) -2D
(D) -5D
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-III
Ans: (C) दिया है: $f = -50$ cm (अवतल/अपसारी लेंस के लिए फोकस दूरी ऋणात्मक होती है) सूत्र: $P = 100/f$ $P = 100/(-50) = -2$ D
15. किसी वस्तु को एक 15cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस के मुख्य अक्ष पर 40 cm की दूरी पर रखा गया है। लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन होगा, और प्रतिबिंब होगा।
(A) 1 से कम, उल्टा
(B) 1 से कम, सीधा
(C) 1 से अधिक, उल्टा
(D) 1 से अधिक, सीधा
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-III
Ans: (A) तर्क: $f = 15$ cm, $2f = 30$ cm। वस्तु $40$ cm पर है, यानी $2f$ से परे। प्रतिबिंब: $f$ और $2f$ के बीच बनेगा। विशेषता: प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा और वस्तु से छोटा होगा। आवर्धन $1$ से कम होगा।
16. एक 6 cm ऊंची सुई को -2.5 D की क्षमता वाले एक अवतल लेंस के सामने 20 cm की दूरी पर रखा गया है। सुई के प्रतिबिंब की ऊंचाई कितनी होगी?
(A) 6 cm
(B) 4 cm
(C) 5 cm
(D) 7 cm
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-I
Ans: (B) दिया है: $f = 100/-2.5 = -40$ cm, $u = -20$ cm, $h_o = 6$ cm लेंस सूत्र: $1/v = 1/-40 + 1/-20 = -3/40$ अतः $v = -40/3$ cm आवर्धन: $m = v/u = (-40/3) / (-20) = 2/3$ ऊंचाई: $h_i = m imes h_o = (2/3) imes 6 = 4$ cm
17. किसी 1.0-cm लंबी वस्तु को एक 8 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस के मुख्य अक्ष पर 12 cm की दूरी पर रखा गया है। निर्मित प्रतिबिंब की ऊंचाई होगी।
(A) 2.0 cm
(B) 3.0 cm
(C) 1 cm
(D) 1.5 cm
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-II
Ans: (A) दिया है: $f = +8$ cm, $u = -12$ cm, $h_o = 1$ cm लेंस सूत्र: $1/v = 1/8 - 1/12 = 1/24$ अतः $v = +24$ cm आवर्धन: $m = v/u = 24/-12 = -2$ ऊंचाई: $h_i = |m| imes h_o = 2 imes 1 = 2$ cm (उल्टा प्रतिबिंब)।
18. किसी वस्तु को एक-10 D क्षमता वाले लेंस के मुख्य अक्ष पर 15 cm की दूरी पर रखा गया है। निर्मित प्रतिबिंब होगा।
(A) वास्तविक और उल्टा
(B) आभासी और उल्टा
(C) वास्तविक और सीधा
(D) आभासी और सीधा
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift-III
Ans: (D) तर्क: चूँकि लेंस की क्षमता ऋणात्मक ($-10$ D) है, इसलिए यह एक अवतल लेंस (Concave Lens) है। नियम: अवतल लेंस वस्तु की किसी भी स्थिति के लिए हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है।
19. 12 cm लंबी एक वस्तु को अवतल लेंस से 15 cm की दूरी पर रखा जाता है। इस वस्तु का 8 cm लंबा आभासी प्रतिबिंब लेंस से की दूरी पर प्राप्त होगा।
(A) +22.5cm
(B) -10 cm
(C) +10 cm
(D) -22.5cm
RRB Group-D | 15/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) दिया है: $h_o = 12$ cm, $h_i = 8$ cm, $u = -15$ cm आवर्धन: $m = h_i/h_o = 8/12 = 2/3$ लेंस हेतु: $m = v/u implies 2/3 = v/-15$ $v = -10$ cm नोट: ऋणात्मक $v$ दर्शाता है कि प्रतिबिंब वस्तु की तरफ ही बना है।
20. एक उत्तल लेंस की वक्रता त्रिज्या 40 cm है। लेंस की क्षमता क्या होगी?
(A) -2.5 D
(B) -5.0 D
(C) + 2.5 D
(D) +5.0 D
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-III
Ans: (D) दिया है: $R = 40$ cm। सूत्र: $f = R/2 = 20$ cm $= 0.2$ m (उत्तल के लिए धनात्मक) क्षमता: $P = 1/f$ $P = 1/0.2 = +5.0$ D नोट: रेलवे परीक्षाओं में अक्सर वक्रता त्रिज्या से क्षमता पूछी जाती है।
21. एक लेंस, जिसकी पावर $+2 \text{ D}$ है, की फोकस दूरी होगी।
(A) $40 \text{ m}$
(B) $50 \text{ m}$
(C) $40 \text{ cm}$
(D) $50 \text{ cm}$
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-III
Ans: (D) दिया है: $P = +2$ D सूत्र: $f = 100/P$ $f = 100/2 = 50$ cm मीटर में: $f = 0.5$ m। विकल्प में $50$ cm सही है।
8. Alloys & Metallurgy
1. स्थाई चुम्बक बनाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिश्रधातु है-
(A) जैमेक
(B) एल्निको
(C) सिल्टामिन
(D) ड्यूरेलुमिन
RRB JE (Stage-II) | 31-08-2019 | Shift-I
Ans: (B) एल्निको (Alnico) एल्युमीनियम $Al$, निकल $Ni$ और कोबाल्ट $Co$ की एक मिश्र धातु है। इसमें लोहे $Fe$ का भी अंश होता है। इसमें उच्च चुंबकीय शक्ति और स्थिरता होती है, जिसके कारण इसका उपयोग स्थायी चुंबक बनाने में किया जाता है।
2. 1 और 2 रूपये के सिक्के....... से बनते हैं।
(A) फेरिटिक स्टेनलेस स्टील
(B) चांदी और स्टील
(C) तांबा और लोहा
(D) तांबा और एल्युमिनियम
RRB Science Chemistry | 2021 | N/A
Ans: (A) आधुनिक 1 और 2 रुपये के सिक्के फेरिटिक स्टेनलेस स्टील से बनाए जाते हैं। इसमें मुख्य रूप से लोहा $Fe$ और क्रोमियम $Cr$ होता है। यह धातु बहुत टिकाऊ होती है और संक्षारण के प्रति उच्च प्रतिरोधी होती है, जिससे सिक्के लंबे समय तक चलते हैं।
3. असंगत युग्म का पता लगाएँ।
(A) नाइट्रोजन व ऑक्सीजनः हवा
(B) सल्फर व फास्फोरसः माचिस की तीली
(C) हाइड्रोजन व ऑक्सीजनः पानी
(D) मैग्नीशियम व रजतः स्टेनलेस स्टील
RRB NTPC | 19.04.2016 | Shift-I
Ans: (D) स्टेनलेस स्टील लोहा $Fe$, क्रोमियम $Cr$ और निकल $Ni$ का मिश्रण है। इसमें मैग्नीशियम और चांदी का उपयोग नहीं होता है। अतः मैग्नीशियम व रजत वाला विकल्प असंगत है। यह अपनी जंग-रोधी क्षमता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
4. सोने को तांबे के साथ....... मिश्रित किया जाता है।
(A) सोने को और पीला बनाने के लिए
(B) सोने को चमक देने के लिए
(C) सोने को नरम बनाने के लिए
(D) सोने को कठोर बनाने के लिए
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-II
Ans: (D) शुद्ध सोना (24 कैरेट) बहुत नरम होता है और इससे टिकाऊ आभूषण नहीं बनाए जा सकते। सोने को कठोरता प्रदान करने के लिए इसमें तांबा $Cu$ या चांदी $Ag$ मिलाई जाती है। आमतौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का उपयोग किया जाता है।
5. निम्नलिखित में से कौन सी मिश्र धातु 4 घटकों से बनी होती है?
(A) कांस्टैन्टन
(B) नाइक्रोम
(C) मैंगनिन
(D) सोल्डर
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) नाइक्रोम एक जटिल मिश्र धातु है जो मुख्य रूप से निकल $Ni$, क्रोमियम $Cr$, मैंगनीज $Mn$ और लोहा $Fe$ से बनी होती है। इन चार घटकों के कारण इसमें उच्च प्रतिरोधकता और उच्च गलनांक होता है, जो इसे तापन अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।
6. कॉन्स्टेंटन, ....... धातुओं को मिश्रित करके बनाया जाता है।
(A) Cu, Ni
(B) Cu, Ni, Mn
(C) Ni, Ti, Fe, Cr
(D) Ni, Cr, Mn, Fe
RRB Science Chemistry | 2021 | N/A
Ans: (A) कांस्टेंटन (Constantan) तांबा $Cu$ और निकल $Ni$ की एक मिश्र धातु है। इसमें लगभग $55\%$ तांबा और $45\%$ निकल होता है। इसकी विशेषता यह है कि इसका विद्युत प्रतिरोध तापमान परिवर्तन के साथ बहुत कम बदलता है।
7. निक्रोम किसकी मिश्र धातु है?
(A) Ni, Cr, Mn और Fe
(B) Ni, Cr, Mg और Fe
(C) Ni, Cr, Mn और Al
(D) Ni, Cu, Mn और Fe
RRB Group-D | 15-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) नाइक्रोम के मुख्य घटक निकल $Ni$ ($60\%$), क्रोमियम $Cr$ ($15\%$), मैंगनीज $Mn$ और लोहा $Fe$ हैं। यह मिश्रण इसे अत्यधिक ऊष्मीय स्थिरता प्रदान करता है। यह ऑक्सीजन के साथ उच्च तापमान पर भी क्रिया नहीं करता, जिससे तार जलता नहीं है।
8. मैलाकाइट, ..... का एक अयस्क है।
(A) तांबा
(B) मैंगनीज
(C) मैग्नीशियम
(D) पारा
RRB JE | 22.05.2019 | Shift-IV
Ans: (A) मैलाकाइट तांबे $Cu$ का एक कार्बोनेट अयस्क है जिसका रासायनिक सूत्र $Cu_2CO_3(OH)_2$ है। इसका रंग गहरा हरा होता है। यह अक्सर तांबे के निक्षेपों के ऊपरी ऑक्सीकृत क्षेत्रों में पाया जाता है और ऐतिहासिक रूप से रंगद्रव्य के रूप में प्रयुक्त होता था।
9. निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया द्वारा उच्च प्रतिक्रिया वाली धातुओं का शुद्ध पिघले हुए अयस्क से निष्कासन होता है ?
(A) उपयुक्त एजेंट द्वारा अपचयन
(B) इलेक्ट्रोलिसिस
(C) कैलसिनेशन
(D) रोस्टिंग
RRB ALP & Tec. | 09-08-18 | Shift-1
Ans: (B) पोटैशियम, सोडियम और एल्युमिनियम जैसी उच्च प्रतिक्रियाशील धातुओं को उनके पिघले हुए क्लोराइड या ऑक्साइड के विद्युत अपघटन (Electrolysis) द्वारा प्राप्त किया जाता है। इनके अयस्कों का कार्बन द्वारा अपचयन नहीं किया जा सकता क्योंकि इनका आकर्षण ऑक्सीजन के प्रति अधिक होता है।
10. धातुओं के ऑक्साइड जैसी अशुद्धतायुक्त धातुओं के शुद्धिकरण के लिए कौन सी प्रक्रिया प्रयुक्त की जाती है?
(A) पोलिंग
(B) हाइड्रो धातु विज्ञान
(C) चुंबकीय पृथक्करण
(D) इलेक्ट्रो रिफाइनिंग
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) पोलिंग (Poling) विधि का उपयोग उन धातुओं के शुद्धिकरण के लिए किया जाता है जिनमें स्वयं के ऑक्साइड की अशुद्धि होती है (जैसे तांबा)। इसमें पिघली हुई धातु को हरी लकड़ियों से हिलाया जाता है। लकड़ी से निकलने वाली गैसें ऑक्साइड का अपचयन कर उसे शुद्ध धातु में बदल देती हैं।
11. फेन प्लवन विधि में, अयस्क के चूर्ण को ... मिश्रण से भरी एक टंकी में रखा जाता है।
(A) जल और एल्युमिनियम
(B) जल एवं चीड़ का तेल
(C) ताबा और जल
(D) जल और वनस्पति तेल
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-III
Ans: (B) फेन प्लवन (Froth Flotation) विधि में अयस्क के चूर्ण को जल और चीड़ के तेल (Pine Oil) के मिश्रण में रखा जाता है। हवा के झोंके प्रवाहित करने पर सल्फाइड अयस्क के कण तेल से भीगकर झाग के साथ ऊपर आ जाते हैं, जबकि अशुद्धियाँ नीचे बैठ जाती हैं।
12. फेन प्लवन विधि का उपयोग ... अयस्क के सांद्रीकरण के लिए किया जाता है।
(A) पारा
(B) सोडियम
(C) सल्फाइड
(D) कॉपर
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-II
Ans: (C) फेन प्लवन विधि विशेष रूप से सल्फाइड अयस्कों (जैसे $PbS$, $ZnS$, $CuFeS_2$) के सांद्रण के लिए उपयोग की जाती है। यह विधि इस सिद्धांत पर आधारित है कि सल्फाइड कण तेल द्वारा गीले होते हैं और अशुद्धियाँ (गैंग) पानी द्वारा गीली होती हैं।
13. निम्नलिखित मे से कौन सा थोरियम का एक अयस्क है?
(A) पिचब्लेंड
(B) मोनाजाइट
(C) कार्नोटाइट
(D) टॉरबर्नाइट
RRB NTPC | 17.02.2021 | Shift-II
Ans: (B) मोनाजाइट रेत थोरियम $Th$ का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। यह एक फॉस्फेट खनिज है जिसमें दुर्लभ मृदा तत्व और थोरियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भारत के केरल तट की रेत में मोनाजाइट भारी मात्रा में उपलब्ध है।
9. Electricity and magnetism
1. एक घरेलू परिपथ में भूमि तार में होना चाहिए:
(A) बहुत अधिक प्रतिरोध और कम गलनांक
(B) बहुत कम प्रतिरोध और कम गलनांक
(C) बहुत अधिक प्रतिरोध और अधिक गलनांक
(D) बहुत कम प्रतिरोध और अधिक गलनांक
MP Police constable 2025 | 14-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) घरेलू परिपथ में भूमि (अर्थिंग) तार का काम विद्युत उपकरणों में होने वाली लीकेज धारा को सुरक्षित रूप से जमीन तक पहुँचाना होता है। इसके लिए आवश्यक है कि अर्थिंग तार का प्रतिरोध बहुत कम हो, ताकि धारा आसानी से बह सके और उपयोगकर्ता को झटका न लगे। साथ ही, इसका गलनांक अधिक होना चाहिए ताकि अधिक धारा बहने पर भी तार पिघले नहीं और सुरक्षा बनी रहे। इसलिए सही उत्तर है — विकल्प D: बहुत कम प्रतिरोध और अधिक गलनांक।
2. यदि चालक में प्रवाहित धारा को उलट दिया जाए, तो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं:
(A) अपरिवर्तित रहती हैं
(B) अधिक शक्तिशाली हो जाती हैं
(C) अपनी दिशा उलट लेती हैं
(D) समाप्त हो जाती हैं
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) किसी धारा वहन करने वाले चालक के चारों ओर बनने वाले चुंबकीय क्षेत्र की दिशा धारा की दिशा पर निर्भर करती है। इसे दाएँ हाथ के अंगूठा नियम (Right Hand Thumb Rule) से समझा जाता है। जब चालक में प्रवाहित धारा की दिशा उलट दी जाती है, तो इस नियम के अनुसार चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा भी उलट जाती है। हालांकि, धारा का मान समान रहने पर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता नहीं बदलती, केवल उसकी दिशा बदलती है।
3. विद्युत धारा, आवेश के प्रवाह की दर होती है। यदि 5C आवेश 2 सेकंड में प्रवाहित होता है, तो धारा कितनी होगी?
(A) 2.5 ऐंपियर (A)
(B) 1 ऐंपियर (A)
(C) 0.4 ऐंपियर (A)
(D) 10 ऐंपियर (A)
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) विद्युत धारा को आवेश के प्रवाह की दर के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसका सूत्र है: $ I = \frac{Q}{t} $ जहाँ $I$ = धारा, $Q$ = आवेश (कूलॉम में) और $t$ = समय (सेकंड में)। दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर $ I = \frac{5}{2} = 2.5 \text{ A} $ अतः प्रवाहित धारा 2.5 एंपियर होगी।
4. प्रतिरोधकता के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(A) यह पदार्थ और तापमान पर निर्भर करती है
(B) यह सभी पदार्थों के लिए समान होती है
(C) यह तापमान के व्युत्क्रमानुपाती होती है
(D) यह तापमान से स्वतंत्र होती है
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) प्रतिरोधकता किसी पदार्थ का आंतरिक गुण होती है, जो उस पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है। अलग-अलग पदार्थों की प्रतिरोधकता अलग-अलग होती है। इसके अलावा, तापमान बदलने पर प्रतिरोधकता भी बदलती है, जैसे धातुओं में तापमान बढ़ने पर प्रतिरोधकता बढ़ जाती है। इसलिए प्रतिरोधकता न तो सभी पदार्थों के लिए समान होती है और न ही तापमान से स्वतंत्र होती है।
5. धारा-वाहक चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा किस नियम से निर्धारित की जा सकती है:
(A) फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम
(B) फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम
(C) दाएँ हाथ का अंगूठा नियम
(D) बाएँ हाथ का अंगूठा नियम
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) धारा-वाहक सीधे चालक के चारों ओर बनने वाले चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए दाएँ हाथ के अंगूठा नियम का प्रयोग किया जाता है। इस नियम के अनुसार यदि दाएँ हाथ के अंगूठे को धारा की दिशा में रखें, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दर्शाती हैं। फ्लेमिंग के दाएँ और बाएँ हाथ के नियम जनित्र और मोटर में दिशा ज्ञात करने के लिए होते हैं, न कि सीधे चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा के लिए।
6. भले ही विद्युत उपकरण समान कार्य करते हों, फिर भी उनकी पावर रेटिंग अलग क्यों होती है?
(A) डिज़ाइन और दक्षता में अंतर के कारण 
(B) रंग और आकार में अंतर के कारण
(C) निर्माण स्थान में अंतर के कारण
(D) केवल कार्यकारी वोल्टेज में अंतर के कारण
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) पावर रेटिंग यह बताती है कि कोई विद्युत उपकरण कितनी विद्युत ऊर्जा प्रति सेकंड उपयोग करता है। भले ही दो उपकरण समान कार्य करें, लेकिन उनके आंतरिक डिज़ाइन, सामग्री और दक्षता अलग-अलग हो सकती है। अधिक दक्ष उपकरण कम ऊर्जा में वही कार्य कर लेता है, जबकि कम दक्ष उपकरण को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसी कारण समान कार्य करने वाले विद्युत उपकरणों की पावर रेटिंग अलग-अलग होती है।
7. एक ओमिक चालक के V-I ग्राफ की ढलान क्या दर्शाती है:
(A) शक्ति
(B) प्रतिरोध
(C) धारा
(D) वोल्टेज
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) ओमिक चालक के लिए ओम का नियम लागू होता है: V = IR ,  यदि V– I  ग्राफ खींचा जाए, तो ग्राफ की ढलान (slope) =IV​  होती है:ओम के नियम के अनुसार  IV​=R, अर्थात ढलान चालक का प्रतिरोध दर्शाती है। इसी कारण ओमिक चालक का V–I ग्राफ सीधी रेखा होता है और उसकी ढलान स्थिर रहती है।
9. Skeleton system
1. एक वयस्क मानव शरीर में हड्डियों की संख्या कितनी होती है?
(A) 16
(B) 296
(C) 206
(D) 156
Ans: (C) एक वयस्क मानव शरीर में कुल 206 हड्डियाँ (Bones) होती हैं। बचपन में हड्डियों की संख्या अधिक होती है, लेकिन वृद्धि के दौरान कई छोटी हड्डियाँ आपस में जुड़ जाती हैं, जिससे वयस्क अवस्था में हड्डियों की कुल संख्या 206 रह जाती है।
9. Electricity and magnetism
1. एक विद्युत मोटर में स्प्लिट रिंग कम्युटेटर:
(A) यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है
(B) चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ाता है
(C) धारा को स्थिर बनाए रखता है
(D) प्रत्येक आधे घूर्णन के बाद धारा की दिशा उलट देता है
MP Police constable 2025 | 17-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) विद्युत मोटर में स्प्लिट रिंग कम्युटेटर का मुख्य कार्य कुंडली में प्रवाहित धारा की दिशा को प्रत्येक आधे घूर्णन के बाद उलटना होता है। इससे कुंडली पर लगने वाला बल एक ही दिशा में बना रहता है और कुंडली निरंतर घूमती रहती है। यदि धारा की दिशा न बदली जाए, तो कुंडली आधा चक्कर लगाने के बाद रुक जाएगी।
2. एक छात्र टंगस्टन फिलामेंट बल्ब का V-I ग्राफ बनाता है और देखता है कि वक्र रेखा सीधी नहीं है बल्कि मुड़ता है, जिससे उच्च वोल्टेज पर ढलान कम हो जाती है। इस विचलन का सही कारण क्या है?
(A) टंगस्टन की प्रतिरोधकता तापमान के साथ बढ़ती है
(B) उच्च धाराओं पर इलेक्ट्रॉन कम बार टकराते हैं
(C) उच्च वोल्टेज पर मुक्त इलेक्ट्रॉन घनत्व कम हो जाता है
(D) फिलामेंट में परावैद्युत भंजन (dielectric breakdown) होता है
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) टंगस्टन एक धातु है और धातुओं का प्रतिरोध तापमान बढ़ने के साथ बढ़ता है। जब बल्ब में वोल्टेज बढ़ता है, तो करंट बढ़ता है जिससे फिलामेंट का तापमान बहुत अधिक हो जाता है। तापमान बढ़ने से टंगस्टन का प्रतिरोध ($R$) बढ़ जाता है। ओम के नियम $V = IR$ के अनुसार, यदि $R$ बढ़ता है, तो $I$ का मान $V$ के अनुपात में उतना नहीं बढ़ता, इसलिए ग्राफ सीधी रेखा (Straight Line) न होकर वोल्टेज अक्ष की ओर झुक जाता है (ढलान कम हो जाती है)।
3. एक कंपनी अपनी मासिक बिजली बिल को कम करना चाहती है। निम्नलिखित में से कौन-सा तरीका सबसे प्रभावी है?
(A) उपकरणों को अधिक वोल्टेज पर उपयोग करना
(B) सभी उपकरणों को अधिक पावर रेटिंग वाले उपकरणों से बदलना
(C) उच्च-शक्ति मशीनों के संचालन समय को कम करना
(D) मशीनों के संचालन समय को बढ़ाना
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) बिजली का बिल उपयोग की गई विद्युत ऊर्जा पर निर्भर करता है, और विद्युत ऊर्जा का सूत्र है: ऊर्जा=पावर×समय, इसलिए, यदि अधिक पावर वाली मशीनें कम समय तक चलाई जाएँ, तो कुल ऊर्जा की खपत कम हो जाती है और बिजली बिल घटता है। इसके विपरीत, अधिक पावर रेटिंग वाले उपकरणों का उपयोग करना या मशीनों के संचालन समय को बढ़ाना बिजली की खपत बढ़ा देता है।
4. यदि किसी चालक का प्रतिरोध आधा कर दिया जाए और वोल्टेज को स्थिर रखा जाए, तो क्षयित शक्ति क्या होगी:
(A) समान रहेगी
(B) आधी हो जाएगी
(C) दोगुनी हो जाएगी
(D) चार गुनी हो जाएगी
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) विद्युत शक्ति का सूत्र है: $P = V² / R$ जहाँ P = शक्ति V = वोल्टेज R = प्रतिरोध अगर वोल्टेज को स्थिर रखा जाए और प्रतिरोध को आधा कर दिया जाए, तो प्रतिरोध कम होने की वजह से शक्ति दोगुनी हो जाती है। इसलिए प्रतिरोध आधा करने पर क्षयित (dissipated) शक्ति बढ़ जाती है।
9. Organic Chemistry
1. उस फंक्शनल ग्रुप को चुनिए जो मध्यावयवता (मेटामेरिज़्म) दिखाता है।
(A) एल्डिहाइड
(B) कीटोन
(C) कार्बोज़ाइलिक एसिड
(D) एल्कोहल
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) मध्यावयवता (Metamerism) एक प्रकार की संरचनात्मक समावयवता है जो तब होती है जब एक ही बहुसंयोजी कार्यात्मक समूह के दोनों ओर एल्किल समूहों का वितरण अलग-अलग होता है। कीटोन समूह $R-CO-R$ में यह सामान्य रूप से देखा जाता है। उदाहरण के लिए डाईएथिल कीटोन $C_{2}H_{5}-CO-C_{2}H_{5}$ और मिथाइल प्रोपिल कीटोन $CH_{3}-CO-C_{3}H_{7}$ इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
2. निम्नलिखित यौगिक का सही IUPAC नाम क्या है?
(A) हेक्सीन-1,6-डायोल
(B) हेक्स-2-इन-1,6-डायोल
(C) 1,6-डाइहाइड्रॉक्सीहेक्स-2-आइन
(D) हेक्स-2-आइन-1,6-डायोल
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) IUPAC नियमों के अनुसार, सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला का चयन किया जाता है जिसमें मुख्य कार्यात्मक समूह $-OH$ और त्रि-आबंध ($C \equiv C$) दोनों शामिल हों। यहाँ 6 कार्बन होने के कारण मूल शब्द "Hex" है। दूसरे स्थान पर त्रि-आबंध के लिए $2-yne$ और पहले व छठे कार्बन पर अल्कोहल समूह के लिए $1,6-diol$ लगाया जाता है। पूर्ण IUPAC नाम $Hex-2-yne-1,6-diol$ होता है।
9. Electricity and magnetism
1. एक तार जिसकी लंबाई और प्रतिरोध R है, उसे बिना उसका आयतन बदले दोगुनी लंबाई तक खींचा जाता है। उसका नया प्रतिरोध क्या होगा?
(A) 4R
(B) $\sqrt{2} R$
(C) $R/2$
(D) 2R
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) जब किसी तार को खींचकर उसकी लंबाई दोगुनी ($n=2$) की जाती है, तो उसका आयतन समान रहता है। ऐसे मामलों में नया प्रतिरोध $R_{new} = n^2 R$ होता है। यहाँ लंबाई दोगुनी की गई है ($n=2$), इसलिए: $R_{new} = (2)^2 R = 4R$. अतः, नया प्रतिरोध प्रारंभिक प्रतिरोध का 4 गुना हो जाएगा।
9. Organic Chemistry
1. कार्बन यौगिकों में रेज़ोनेंस (अनुनाद) की अवधारणा किससे संबंधित होती है?:
(A) परमाणुओं की भौतिक गति
(B) संरचनाओं के बीच तीव्र दोलन
(C) कई योगदान देने वाली संरचनाओं का औसत
(D) हाइब्रिडाइज़ेशन (संकरण) अवस्थाओं का परिवर्तन
MP Police constable 2025 | 29-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) अनुनाद (Resonance) के अनुसार, किसी अणु की वास्तविक संरचना कई योगदान देने वाली संरचनाओं का एक औसत या हाइब्रिड होती है। इसमें परमाणुओं की स्थिति स्थिर रहती है, केवल $\pi$ इलेक्ट्रॉनों का विस्थापन होता है। यह प्रक्रिया अणु को अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करती है और इसे $\leftrightarrow$ चिन्ह द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
9. Skeleton system
1. रेखित और अरेखित पेशी कोशिकाओं में क्या अंतर है?
(A) रेखित पेशियों में केंद्रक नहीं होता है जबकि अरेखित पेशियां द्विकेंद्रक होती हैं।
(B) अरेखित पेशियों तंत्रिकाओं से नहीं जुड़ी होती हैं जबकि रेखित पेशियां जुड़ी होती हैं।
(C) अरेखित पेशियों की तुलना में सभी रेखित पेशियां प्रतिवर्ती क्रिया द्वारा कार्य करती हैं।
(D) अरेखित पेशियों का ऐच्छिक संकुचन नहीं होता, जबकि ऐच्छिक पेशियों का अपनी इच्छा से संकुचन होता है।
Ans: (D) रेखित पेशियों को ऐच्छिक पेशी (Voluntary Muscle) कहा जाता है क्योंकि इनका संकुचन हमारी इच्छा के अधीन होता है, जबकि अरेखित पेशियों का संकुचन स्वतः होता है। रेखित पेशियां मुख्य रूप से हड्डियों से जुड़ी होती हैं और शरीर की गति में सहायक होती हैं। अरेखित पेशियां (Smooth Muscles) शरीर के आंतरिक अंगों जैसे आहार नली और रक्त वाहिकाओं की दीवारों में पाई जाती हैं। हृदय पेशी (Cardiac Muscle) एक विशेष प्रकार की पेशी है जो संरचना में रेखित लेकिन कार्य में अनैच्छिक होती है।
2. कठोर शारीरिक श्रम (intense activity) के बाद हुई पैर की पेशियों में ऐंठन से राहत पाने का एक अच्छा तरीका क्या है?
(A) दर्द निवारक मरहम लगाना
(B) आइस- पैक को पैरों पर रगड़ना
(C) गर्म पैड से हल्की मालिश करना
(D) गर्म मीठा दूध या चाय पीना
Ans: (C) कठोर शारीरिक श्रम के दौरान मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी से लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) जमा हो जाता है जिससे ऐंठन होती है। गर्म पैड से मालिश करने या गर्म पानी से स्नान करने पर रक्त का संचार (Blood Circulation) बढ़ जाता है। रक्त का प्रवाह बढ़ने से मांसपेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति फिर से सामान्य हो जाती है और लैक्टिक अम्ल कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में टूट जाता है। मांसपेशियों की थकान को कम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन भी जरूरी है।
3. ऐच्छिक पेशियों के संबंध में निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
(A) कोशिकाएं लंबी, बेलनाकार, अशाखित और एककेंद्रकी होती हैं।
(B) इन पेशियों को कंकाल पेशियाँ भी कहा जाता है।
(C) इन मांसपेशियां में क्रमवार हल्की और गहरी पट्टीयां दिखाई देती हैं।
(D) ये ज्यादातर अस्थियों से जुड़ी होती हैं।
Ans: (A) ऐच्छिक पेशियाँ कंकाल पेशियाँ (Skeletal muscles) कहलाती हैं और ये प्रायः अस्थियों से जुड़ी होती हैं तथा इन पर व्यक्ति का नियंत्रण होता है। इन पेशियों की कोशिकाएँ लंबी, बेलनाकार, अशाखित होती हैं लेकिन इनमें अनेक केंद्रक (Multinucleate) पाए जाते हैं और इनमें हल्की व गहरी पट्टियाँ (Striations) स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसलिए यह कहना कि ये एककेंद्रकी होती हैं, गलत कथन है।
4. पेशियों में ऐंठन का कारण क्या है?
(A) तंत्रिका-पेशीय संधियों का अत्यधिक उत्तेजन
(B) पेशियों में होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी
(C) शरीर की थकान और कमजोरी
(D) रक्त में निम्न ग्लूकोज स्तर (हाइपोग्लाइकेमिया)
Ans: (B) पेशियों में ऐंठन का मुख्य कारण पेशियों में ऑक्सीजन (Oxygen) की आपूर्ति में कमी होना है। ऑक्सीजन की कमी होने पर पेशियों में अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) होने लगता है, जिससे लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) का संचय हो जाता है और पेशियाँ दर्द के साथ सिकुड़ जाती हैं। यही स्थिति पेशियों में ऐंठन के रूप में दिखाई देती है।
5. अस्थि कोशिकाएं एक कठोर मैटिक्स में सन्निहित होती हैं जो निम्न से बनी होती हैं:
(A) फास्फोरस और पोटेशियम
(B) फ्लोराइड और कैल्शियम
(C) कैल्शियम और फास्फोरस
(D) पोटेशियम और कैल्शियम
Ans: (C) अस्थि कोशिकाएँ एक कठोर मैट्रिक्स (Matrix) में स्थित होती हैं जो मुख्य रूप से कैल्शियम (Calcium) और फास्फोरस (Phosphorus) से बनी होती है। ये खनिज अस्थियों को कठोरता और मजबूती प्रदान करते हैं तथा शरीर को सहारा देने और आंतरिक अंगों की रक्षा करने में सहायता करते हैं। कैल्शियम और फास्फोरस की उपस्थिति से ही अस्थियाँ भार सहन करने योग्य बनती हैं
6. रेखित पेशियों (striated muscles) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ?
(A) इनकी कोशिकाएं लंबी, बेलनाकार, अशुंडित और अशाखित होती हैं।
(B) इनमें स्पष्ट हल्के और गहरे पट्ट उपस्थित होते हैं।
(C) इनकी कोशिकाएं लंबी, अशुंडित सिरों वाली, और अशाखित होती हैं।
(D) इनकी कोशिकाएं अशुंडित और बेलनाकार आकृति वाली तथा शाखित होती हैं।
Ans: (B) रेखित पेशियों (Striated Muscles) को सूक्ष्मदर्शी से देखने पर उनमें हल्के और गहरे रंग की पट्टियाँ या धारियां दिखाई देती हैं। इनकी कोशिकाएं लंबी, बेलनाकार और अशाखित (Unbranched) होती हैं और इनमें एक से अधिक केंद्रक (Multinucleated) पाए जाते हैं। ये पेशियां मुख्य रूप से हाथों, पैरों और कंकाल से जुड़ी होती हैं, इसलिए इन्हें कंकाल पेशी भी कहते हैं। इनका मुख्य कार्य शरीर को गति प्रदान करना और मुद्रा (Posture) बनाए रखना है
7. भारी व्यायाम के दौरान, जब ऊर्जा की मांग अधिक होती है, लेकिन ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति सीमित होती है, तो मांसपेशियों की कोशिकाएं ___ को दर्शाती हैं।
(A) जल की हानि
(B) एथेनॉल का संश्लेषण
(C) पाइरूवेट का संचय
(D) लैक्टिक अम्ल के निर्माण
Ans: (D) भारी व्यायाम के दौरान जब मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, तब कोशिकाएँ अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) करने लगती हैं। इस प्रक्रिया में ग्लूकोज से बनने वाला पाइरूवेट (Pyruvate) लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) में परिवर्तित हो जाता है। लैक्टिक अम्ल के निर्माण और उसके संचय से मांसपेशियों में थकान और दर्द की अनुभूति होती है।
8. पेशीय तंत्र का कौन सा भाग हड्डी को हड्डी से जोड़ता है?
(A) टेंडन
(B) मांसपेशी
(C) उपास्थि
(D) लिगामेंट (Ligament)
Ans: (D) अस्थि-बंधन (Ligament) एक लचीला संयोजी ऊतक है जो एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़कर जोड़ (Joint) को स्थिरता प्रदान करता है। टेंडन (Tendon) वह ऊतक है जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ता है। लिगामेंट बहुत मजबूत होते हैं लेकिन इनमें लचीलापन अधिक होता है ताकि जोड़ों को मोड़ा जा सके। लिगामेंट में चोट लगने को आमतौर पर मोच (Sprain) कहा जाता है। 
9. गतिमान जोड़ पर दो हड्डियों के बीच पाए जाने वाले स्नेहक द्रव को क्या कहते हैं?
(A) साइनोवियल द्रव
(B) मस्तिष्कमेरु द्रव
(C) इंटरस्टिशियल द्रव
(D) एमनियोटिक द्रव
Ans: (A) गतिमान जोड़ों (जैसे घुटने और कोहनी) के बीच पाए जाने वाले चिकने द्रव को साइनोवियल द्रव (Synovial Fluid) कहते हैं। यह द्रव हड्डियों के बीच घर्षण (Friction) को कम करता है और उन्हें लुब्रिकेंट की तरह चिकना बनाए रखता है। जोड़ों की कार्टिलेज को पोषण प्रदान करना भी इसी द्रव का कार्य है। साइनोवियल द्रव की कमी होने पर जोड़ों में दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है जिसे अक्सर गठिया (Arthritis) से जोड़ा जाता है।
10. मानव शरीर में सबसे बड़ा जोड़ कौन सा है?
(A) कंधे का जोड़
(B) गर्दन का जोड़
(C) श्रोणि (Pelvic) का जोड़
(D) घुटने का जोड़
Ans: (D) घुटने का जोड़ (Knee Joint) मानव शरीर का सबसे बड़ा और सबसे जटिल जोड़ माना जाता है। यह जोड़ फीमर (जांघ की हड्डी), टिबिया (पैर की हड्डी) और पटेला (नी कैप) के मिलने से बनता है। यह एक हिंज (Hinge) जोड़ का उदाहरण है जो मुख्य रूप से मोड़ने और सीधा करने की गति की अनुमति देता है। घुटने के जोड़ पर शरीर का सबसे अधिक भार रहता है, इसलिए इसके लिगामेंट्स बहुत मजबूत होते हैं।
11. दिए गए विकल्पों में से अस्थि और मानव शरीर के संबंधित भाग के गलत युग्म का चयन करें।
(A) अन्तः प्रकोष्ठिका अस्थि हाथ
(B) ऊर्ध्वहन्वस्थि जबड़ा
(C) मणिबंध (Carpal bone) गर्दन
(D) जानुका अस्थि पैर
Ans: (C) मणिबंध अस्थियाँ (Carpal bones) कलाई में पाई जाती हैं, न कि गर्दन में। गर्दन में मुख्य रूप से कशेरुकाएँ (Vertebrae) होती हैं जो सिर को सहारा देती हैं। अन्य युग्मों में अन्तः प्रकोष्ठिका अस्थि हाथ में, ऊर्ध्वहन्वस्थि जबड़े में और जानुका अस्थि पैर में सही रूप से स्थित होती हैं, इसलिए मणिबंध अस्थि का गर्दन से संबंध गलत है।
12. इनमें से कौन सा एक जोड़ नहीं है?
(A) टखना
(B) कोहनी
(C) गर्दन
(D) घुटना
Ans: (C) टखना, कोहनी और घुटना सभी अस्थियों के मिलन से बनने वाले जोड़ (Joint) हैं जो शरीर की गति में सहायता करते हैं। गर्दन स्वयं कोई जोड़ नहीं है, बल्कि इसमें कई कशेरुकाएँ (Vertebrae) होती हैं जिनके बीच जोड़ पाए जाते हैं। इसलिए दिए गए विकल्पों में गर्दन एक जोड़ नहीं है।
13. मध्य कान में तीन हड्डियों के नाम क्या हैं?
(A) रेडियस, उलना, हैमर
(B) फीमर, हैमर, टिबिया
(C) हैमर, एनविल, स्टिरअप
(D) ह्यूमरस, हंसली, स्टिरअप
Ans: (C) मध्य कान में तीन सूक्ष्म हड्डियां होती हैं जिन्हें उनके आकार के आधार पर हैमर (Malleus), एनविल (Incus) और स्टिरअप (Stapes) कहा जाता है। ये हड्डियां इयर ड्रम से मिलने वाले कंपनों को बढ़ाकर आंतरिक कान तक पहुँचाती हैं। स्टैप्स (Stirrup) न केवल कान की बल्कि पूरे मानव शरीर की सबसे छोटी हड्डी है। इन हड्डियों के बिना ध्वनि तरंगों का संचरण आंतरिक कान के तरल पदार्थ तक प्रभावी ढंग से नहीं हो पाता। 
14. नी कैप (knee cap) को क्या कहा जाता है?
(A) टांग के अगले भाग की हड्डी
(B) पलिया (Patella)
(C) मैलस
(D) कंधे की हड्डी
Ans: (B) पटेला (Patella) को सामान्य भाषा में नी कैप या घुटने की चकरी कहा जाता है। यह एक त्रिकोणीय हड्डी है जो घुटने के जोड़ के सामने स्थित होती है और जोड़ की रक्षा करती है। यह शरीर की सबसे बड़ी सिसेमॉयड (Sesamoid) हड्डी है जो टेंडन के भीतर विकसित होती है। पटेला पैर को सीधा करने वाली मांसपेशियों (Quadriceps) की कार्यक्षमता को बढ़ा देता है।
15. मानव शरीर की सबसे छोटी मांसपेशी कौन सी है?
(A) अंसपेशी
(B) स्टेपेडियस
(C) टिबियलिस
(D) हृदय
Ans: (B) मानव शरीर की सबसे छोटी मांसपेशी स्टेपेडियस (Stapedius) है जो मध्य कान में स्थित होती है। यह मांसपेशी केवल 1 मिलीमीटर से थोड़ी अधिक लंबी होती है और सबसे छोटी हड्डी (Stapes) को सहारा देती है। इसका मुख्य कार्य अत्यधिक तेज ध्वनि से कान के आंतरिक भाग को बचाना है। इसके विपरीत, ग्लूटियस मैक्सिमस (Gluteus Maximus) शरीर की सबसे बड़ी और मजबूत मांसपेशी होती है जो कूल्हे में पाई जाती है।
16. दो हड्डियों को एक अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा एक दूसरे से जोड़ा जा सकता है जिसे कहा जाता है।
(A) उपास्थि
(B) लिगामेंट
(C) मैट्रिक्स
(D) टेंडन
Ans: (B) दो हड्डियों को आपस में जोड़ने वाले ऊतक को लिगामेंट (Ligament) या स्नायु कहते हैं, जो एक लचीला और मजबूत संयोजी ऊतक है। टेंडन वह ऊतक है जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ता है। उपास्थि (Cartilage) हड्डियों के सिरों पर पाई जाती है जो उन्हें रगड़ से बचाती है। लिगामेंट्स मुख्य रूप से पीले लचीले रेशों से बने होते हैं जो जोड़ों को आवश्यकतानुसार मुड़ने की सुविधा देते हैं।
17. रेखित पेशियों (striated muscles) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ?
(A) इनकी कोशिकाएं लंबी, बेलनाकार, अशुंडित और अशाखित होती हैं।
(B) इनमें स्पष्ट हल्के और गहरे पट्ट उपस्थित होते हैं।
(C) इनकी कोशिकाएं लंबी, अशुंडित सिरों वाली, और अशाखित होती हैं।
(D) इनकी कोशिकाएं अशुंडित और बेलनाकार आकृति वाली तथा शाखित होती हैं।
Ans: (B) रेखित पेशियों (Striated Muscles) की संरचना में एकांतर क्रम में हल्के (Light) और गहरे (Dark) पट्ट (Bands) दिखाई देते हैं। ये पट्टियां एक्टिन और मायोसिन नामक प्रोटीनों के विशिष्ट विन्यास के कारण बनती हैं। ये पेशियां लंबी, बेलनाकार और बहुकेंद्रकीय (Multinucleated) होती हैं। चूंकि ये हमारी इच्छा से नियंत्रित होती हैं, इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियां भी कहा जाता है और ये कंकाल तंत्र से जुड़ी रहती हैं।
18. दिए गए विकल्पों में से अस्थि और मानव शरीर के संबंधित भाग के गलत युग्म का चयन करें।
(A) अन्तः प्रकोष्ठिका अस्थि हाथ
(B) ऊर्ध्वहन्वस्थि जबड़ा
(C) मणिबंध (Carpal bone) गर्दन
(D) जानुका अस्थि पैर
Ans: (C) मणिबंध (Carpal bones) कलाई (Wrist) की हड्डियां होती हैं, न कि गर्दन की, इसलिए यह युग्म गलत है। गर्दन में कशेरुक पाए जाते हैं जिन्हें सर्वाइकल (Cervical) कहा जाता है। अन्तः प्रकोष्ठिका (Ulna) हाथ की एक प्रमुख हड्डी है जो कोहनी से कलाई तक होती है। ऊर्ध्वहन्वस्थि (Maxilla) ऊपरी जबड़े की हड्डी है और जानुका (Patella) घुटने की हड्डी को कहा जाता है।
19. इयर ड्रम का दूसरा नाम क्या है?
(A) पिन्ना
(B) कंबुकर्णी नली
(C) कर्णपटही झिल्ली
(D) कॉक्लिया
Ans: (C) इयर ड्रम (Ear Drum) का वैज्ञानिक नाम कर्णपटही झिल्ली या टिम्पैनिक मेम्ब्रेन (Tympanic Membrane) है। यह बाहरी कान और मध्य कान के बीच की एक पतली, शंक्वाकार झिल्ली होती है। जब ध्वनि तरंगें इससे टकराती हैं, तो यह कंपन करती है। यह कंपन ही आगे जाकर कान की हड्डियों (Ossicles) के माध्यम से आंतरिक कान तक पहुँचता है जहाँ इसे विद्युत संकेतों में बदला जाता है।
20. भारी व्यायाम के दौरान, जब ऊर्जा की मांग अधिक होती है, लेकिन ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति सीमित होती है, तो मांसपेशियों की कोशिकाएं ___ को दर्शाती हैं।
(A) लैक्टिक अम्ल के निर्माण
(B) पाइरूवेट के संचय
(C) एथेनॉल के संश्लेषण
(D) जल की हानि
Ans: (A) भारी व्यायाम के दौरान जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, तब मांसपेशियां अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration) करने लगती हैं। इस प्रक्रिया में ग्लूकोज पूरी तरह से नहीं टूट पाता और लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) का निर्माण होता है। लैक्टिक अम्ल के जमा होने से ही मांसपेशियों में थकान और ऐंठन महसूस होती है। यह प्रक्रिया केवल अस्थायी होती है और आराम करने पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सामान्य होने पर लैक्टिक अम्ल नष्ट हो जाता है।
21. निम्नलिखित में से किसकी वजह से हमारी मांसपेशियों में ऐंठन (cramps) उत्पन्न हो सकती हैं?
(A) O2 की अधिकता
(B) CO2 की अधिकता
(C) O2 की कमी
(D) CO2 की कमी
Ans: (C) मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps) का मुख्य कारण ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी होना है। जब हम बहुत तेज कार्य करते हैं, तो फेफड़े पर्याप्त ऑक्सीजन रक्त में नहीं पहुँचा पाते। ऐसी स्थिति में मांसपेशियां बिना ऑक्सीजन के ऊर्जा बनाने लगती हैं जिसके कारण लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है। मांसपेशियों को पर्याप्त आराम देने और मालिश करने से ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और ऐंठन दूर होती है।
22. मानव शरीर में पाई जाने वाली वह एकमात्र पेशी कौन-सी है, जो दोनों सिरों पर जुड़ी नहीं होती है?
(A) त्रिशिरस्क
(B) जीभ
(C) द्विशिरस्क
(D) अभिवर्तनी
Ans: (B) जीभ (Tongue) मानव शरीर की एकमात्र ऐसी मांसपेशी है जो केवल एक सिरे से जुड़ी होती है और दूसरा सिरा स्वतंत्र रहता है। जीभ का पिछला हिस्सा हायोइड (Hyoid) हड्डी से जुड़ा होता है जबकि अगला हिस्सा स्वतंत्र गति कर सकता है। जीभ स्वाद पहचानने, भोजन चबाने और बोलने में मदद करती है। अन्य मांसपेशियां जैसे बाईसेप्स या ट्राइसेप्स आमतौर पर दो अलग-अलग हड्डियों से जुड़कर जोड़ पर गति उत्पन्न करती हैं।
23. ___ में प्रचुर मात्रा में सफेद फाइबर पाए जाते है।
(A) स्नायु
(B) कण्डरा (Tendon)
(C) उपास्थि
(D) हड्डी
Ans: (B) कण्डरा या टेंडन (Tendon) में सफेद कोलेजन फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो इसे बहुत मजबूत और कम लचीला बनाते हैं। ये सफेद फाइबर कोलेजन प्रोटीन के बने होते हैं जो टेंडन को खींचने के प्रति प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करते हैं। इसके विपरीत, स्नायु (Ligament) में पीले इलास्टिन फाइबर अधिक होते हैं जो उन्हें लचीला बनाते हैं। टेंडन मांसपेशियों द्वारा उत्पन्न बल को हड्डियों तक स्थानांतरित करने का कार्य करते हैं।
24. निम्नलिखित में से कौन सी एक अक्षीय हड्डी (Axial bone) नहीं है?
(A) कपाल
(B) मेरूदंड
(C) कंधा
(D) पसली
Ans: (C) कंधा (Shoulder) एक अक्षीय हड्डी नहीं है, बल्कि यह उपांगीय (Appendicular) कंकाल का हिस्सा है। अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton) में शरीर के मुख्य अक्ष पर स्थित 80 हड्डियां आती हैं जिनमें कपाल, मेरुदंड (Spine), पसलियां और उरोस्थि (Sternum) शामिल हैं। कंधे की हड्डियों (Clavicle और Scapula) को पेक्टोरल गर्डल कहा जाता है जो हाथों को अक्षीय कंकाल से जोड़ती हैं। मानव शरीर में कुल 126 हड्डियां उपांगीय कंकाल का हिस्सा होती हैं।
9. Electricity and magnetism
1. विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना किसके कारण होती है?
(A) प्रणाली को विद्युत चुंबक से जोड़ना
(B) प्रणाली में गैल्वेनोमीटर की उपस्थिति
(C) चुंबक और कुंडली की नियत (स्टेशनरी) स्थिति
(D) कुंडली से गुजरने वाले चुंबकीय अभिवाह में परिवर्तन
RRB Group-D | 12/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) की खोज माइकल फैराडे ने की थी। इस सिद्धांत के अनुसार, जब किसी कुंडली (Coil) और चुंबक के बीच सापेक्ष गति होती है, या जब कुंडली से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) में समय के साथ परिवर्तन होता है, तो कुंडली में एक प्रेरित विद्युत वाहक बल (Induced EMF) उत्पन्न होता है। यह घटना जनरेटर और ट्रांसफॉर्मर का आधार है।
2. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएं कभी भी एक दूसरे को नहीं काटती है। इस तथ्य का तात्पर्य यह है, कि चुम्बकीय क्षेत्र के हमेशा
(A) क्षेत्र के किसी भी बिंदु पर दो मान होते है
(B) क्षेत्र के किसी भी बिंदु पर एक अद्वितीय मान होता है
(C) क्षेत्र के किसी भी बिंदु पर एकाधिक मान होते है
(D) क्षेत्र के किसी भी बिंदु पर तीन मान होते है
RRB Group-D | 17/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं (Magnetic Field Lines) कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटती हैं। यदि वे एक-दूसरे को काटतीं, तो कटान बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दो दिशाएं होतीं, जो कि भौतिक रूप से असंभव है। किसी भी एक बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की केवल एक ही अद्वितीय (Unique) दिशा हो सकती है, जो उस बिंदु पर रखी गई कंपास सुई द्वारा दिखाई जाती है।
3. चुंबकीय क्षेत्र के अंदर स्थित धारावाही चालक पर बल की दिशा ज्ञात करने के लिए प्रयुक्त फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के अनुसार, मध्यमा और तर्जनी अंगुलियां क्रमशः ....... और ....... की दिशाओं को निरूपित करती है।
(A) चुंबकीय क्षेत्र, धारा
(B) चुंबकीय क्षेत्र, बल
(C) बल, चुंबकीय क्षेत्र
(D) धारा, चुंबकीय क्षेत्र
RRB Group-D | 06/10/2022 | Shift-I
Ans: (D) फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम (Fleming's Left-Hand Rule) का उपयोग मोटर के सिद्धांत में किया जाता है। 1. **अंगूठा (Thumb):** बल (Force) या गति की दिशा। 2. **तर्जनी (Forefinger):** चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की दिशा। 3. **मध्यमा (Middle Finger):** विद्युत धारा (Current) की दिशा। अतः, मध्यमा धारा को और तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र को दर्शाती है।
4. किसी चालक के चुंबकीय क्षेत्र के समांतर दिशा में गति करने पर इसमें उत्पन्न प्रेरित ईएमएफ (EMF) ....... होगा।
(A) अनंत
(B) न्यूनतम
(C) अधिकतम
(D) शून्य
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-III
Ans: (D) प्रेरित EMF ($e$) का सूत्र है: $e = Bvl \sin\theta$, जहाँ $\theta$ चालक की गति और चुंबकीय क्षेत्र के बीच का कोण है। यहाँ चालक चुंबकीय क्षेत्र के **समांतर** ($0^{\circ}$) गति कर रहा है। चुकि $\sin(0^{\circ}) = 0$, इसलिए प्रेरित EMF शून्य होगा। फ्लक्स रेखाएं नहीं कटने के कारण कोई वोल्टेज उत्पन्न नहीं होगा।
5. जब एक धारावाही तार एक चुंबकीय क्षेत्र में क्षैतिज रूप से रखा जाता है, जिसका उत्तरी ध्रुव ऊपर की दिशा में और दक्षिणी ध्रुव नीचे की दिशा में होता है। तार दक्षिण दिशा की ओर विक्षेपित होता है। तार में इलेक्ट्रॉनों की दिशा ....... है।
(A) पश्चिम से पूर्व
(B) उत्तर से दक्षिण
(C) पूर्व से पश्चिम
(D) दक्षिण से उत्तर
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम का उपयोग करें: - **चुंबकीय क्षेत्र (B):** उत्तर से दक्षिण (ऊपर से नीचे की ओर)। - **बल (F):** दक्षिण की ओर (विक्षेपण)। - **धारा (I):** नियम लगाने पर, धारा की दिशा **पश्चिम से पूर्व** की ओर प्राप्त होगी। प्रश्न में "इलेक्ट्रॉनों की दिशा" पूछी गई है। इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह धारा की दिशा के विपरीत होता है। अतः, धारा पश्चिम से पूर्व है, तो इलेक्ट्रॉन **पूर्व से पश्चिम** (Option A) की ओर प्रवाहित होंगे। *(नोट: कई बार प्रश्न में धारा की दिशा पूछी जाती है, लेकिन यहाँ इलेक्ट्रॉनों की दिशा पूछी है, इसलिए सावधानी बरतें)*
6. विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना के दौरान किसी कुंडली में प्रेरित EMF ....... होता है।
(A) परिपथ के प्रतिरोध
(B) चुंबकीय अभिवाह में परिवर्तन
(C) चुंबकीय अभिवाह के अनुक्रमानुपाती
(D) चुंबकीय अभिवाह में परिवर्तन की दर
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के दूसरे नियम के अनुसार, किसी कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर (Rate of change of magnetic flux) के सीधे समानुपाती होता है। सूत्र: $e = -N \frac{d\phi}{dt}$
9. Organic Chemistry
1. कार्बनिक यौगिकों की एक श्रृंखला जिनका कार्यात्मक समूह समान होता है लेकिन $-CH_{2}$ समूह भिन्न है, ........ कहलाती है।
(A) किण्वन
(B) समावयवी
(C) परिष्कृत स्पिरिट
(D) समजातीय श्रेणी
RRB Group-D | 01-11-2018 | Shift-II
Ans: (D) समजातीय श्रेणी (Homologous Series) कार्बनिक यौगिकों का वह समूह है जिसमें सभी सदस्यों का कार्यात्मक समूह समान होता है। इस श्रेणी के किन्हीं भी दो लगातार सदस्यों के बीच हमेशा $-CH_{2}-$ समूह और $14 u$ आणविक द्रव्यमान का अंतर होता है। इनके रासायनिक गुण समान होते हैं परंतु भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन देखा जाता है।
2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिसमें एक या एक से अधिक द्वि-बंध होते हैं, उन्हें........ कहा जाता है।
(A) एल्केन
(B) एल्काइन
(C) एल्कली
(D) एल्कीन
RRB JE | 02.06.2019 | Shift-I
Ans: (D) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें कम से कम एक कार्बन-कार्बन द्वि-बंध ($C=C$) पाया जाता है, उन्हें ऐल्कीन (Alkene) कहा जाता है। इनका सामान्य सूत्र $C_{n}H_{2n}$ होता है। ये ऐल्केन की तुलना में अधिक प्रतिक्रियाशील होते हैं और ब्रोमीन जल जैसे अभिकर्मकों के साथ योगात्मक अभिक्रियाएं दर्शाते हैं।
3. कीटोन के साथ समाप्त होने वाली हाइड्रोकार्बन श्रृंखला के अंत में लगाया जाने वाला प्रत्यय है
(A) -ol/ऑल
(B) -al/अल
(C) -one/ओन
(D) -oic/ओइक
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-III
Ans: (C) IUPAC नामकरण में कीटोन (Ketone) परिवार के लिए प्रत्यय के रूप में "-one" (ओन) जोड़ा जाता है। कीटोन का सामान्य सूत्र $R-CO-R'$ होता है, जहाँ कार्बोनील समूह $C=O$ दो कार्बन परमाणुओं के बीच स्थित होता है। सबसे सरल कीटोन प्रोपेनोन $CH_{3}COCH_{3}$ है, जिसे सामान्य भाषा में एसीटोन कहा जाता है।
4. एल्कीन, असंतृप्त हाइड्रोकार्बन, जिसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच एक दोहरा आबंध होता है, का एक सामान्य सूत्र होता है, जो है:
(A) $C_{n}H_{2n+2}$
(B) $C_{n}H_{2n-1}$
(C) $C_{n}H_{2n+1}$
(D) $C_{n}H_{2n}$
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-II
Ans: (D) ऐल्कीन (Alkene) श्रेणी का सामान्य रासायनिक सूत्र $C_{n}H_{2n}$ होता है। जहाँ $n$ कार्बन परमाणुओं की संख्या को दर्शाता है। इस श्रेणी का प्रथम सदस्य एथीन $C_{2}H_{4}$ है। द्वि-बंध की उपस्थिति के कारण ये यौगिक हाइड्रोजन के साथ जुड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बना सकते हैं।
5. एसिटिक अम्ल का IUPAC नाम क्या है?
(A) प्रोपेनोइक अम्ल
(B) ब्यूटेनोइक अम्ल
(C) एथेनोइक अम्ल
(D) मेथेनोइक अम्ल
RRB JE | 02.06.2019 | Shift-I
Ans: (C) एसिटिक अम्ल $CH_{3}COOH$ का IUPAC नाम एथेनोइक अम्ल है। इसमें दो कार्बन परमाणु होने के कारण मूल शब्द "एथ" और कार्बोक्सिलिक समूह $-COOH$ के लिए "ओइक अम्ल" प्रत्यय जोड़ा जाता है। यह सिरके का मुख्य घटक है और इसका उपयोग खाद्य संरक्षण में किया जाता है।
6. ऐल्कीन श्रेणी के दूसरे सदस्य का आणविक सूत्र क्या है?
(A) $C_{2}H_{4}$
(B) $C_{3}H_{6}$
(C) $C_{4}H_{8}$
(D) $C_{6}H_{12}$
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-II
Ans: (B) ऐल्कीन श्रेणी का सामान्य सूत्र $C_{n}H_{2n}$ है। चूंकि द्वि-बंध के लिए कम से कम 2 कार्बन चाहिए, इसलिए पहला सदस्य एथीन $C_{2}H_{4}$ ($n=2$) होता है। श्रेणी का दूसरा सदस्य प्रोपीन $C_{3}H_{6}$ ($n=3$) होता है। अतः आणविक सूत्र $C_{3}H_{6}$ सही उत्तर है।
7. निम्नलिखित में से किसका प्रयोग टिनक्चर आयोडीन, खाँसी सिरप और कई टॉनिक तैयार करने में किया जाता है?
(A) मेथेनॉल
(B) ईथेनोइक एसिड
(C) ऐसिटिक एसिड
(D) इथेनॉल
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-III
Ans: (D) एथेनॉल $C_{2}H_{5}OH$ एक बहुमुखी विलायक है जिसका उपयोग टिंचर आयोडीन, कफ सिरप और टॉनिक बनाने में किया जाता है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं और यह जल में पूरी तरह घुलनशील होता है। औद्योगिक रूप से इसे किण्वन प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।
8. कौन-सा फंक्शनल ग्रुप अणु के दूरस्थ हिस्सों के बीच सबसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक संचार उत्पन्न करता है?
(A) संयुग्मित पाई-प्रणाली
(B) अंतरिक्ष के माध्यम से अंतःक्रियाएँ
(C) संरचनात्मक रिले
(D) हाइड्रोजन बॉन्डिंग नेटवर्क
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) संयुग्मित पाई-तंत्र (Conjugated $\pi-system$) में एकांतर क्रम में एकल और द्वि-बंध होते हैं। यह व्यवस्था इलेक्ट्रॉनों को पूरे अणु में विस्थानीकृत (Delocalized) होने की अनुमति देती है, जिससे दूरस्थ हिस्सों के बीच इलेक्ट्रॉनिक संचार संभव होता है। यह अणुओं के रंग और रासायनिक स्थिरता के लिए उत्तरदायी होता है।
9. Electricity and magnetism
1. मान लीजिए दो प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ा गया है जिनमें एक कार्बन (ऋणात्मक तापमान गुणांक) और एक तांबे (धनात्मक तापमान गुणांक) से बना है। यदि उनके संयुक्त V- वक्र को प्लॉट किया जाए, तो वह कैसा दिखाई देगा?
(A) अवतल नीचे की ओर वक्र (Concave downward)
(B) पूर्णतः सीधी रेखा
(C) उत्तल ऊपर की ओर वक्र (Convex upward)
(D) तापमान संतुलन के आधार पर जटिल वक्रता के साथ लगभग रैखिक
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) यह एक वैचारिक प्रश्न है। कॉपर (धातु) का प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर बढ़ता है (Positive Coefficient), जबकि कार्बन (अर्धचालक) का प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर घटता है (Negative Coefficient)। जब इन्हें श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है, तो कुल प्रतिरोध $R = R_{copper} + R_{carbon}$ होता है। तापमान बढ़ने पर एक का मान बढ़ता है और दूसरे का घटता है। इन दोनों का संयुक्त प्रभाव एक-दूसरे को कुछ हद तक संतुलित करता है, जिससे V-I ग्राफ पूरी तरह सीधा नहीं होता, लेकिन यह बहुत ज्यादा मुड़ा हुआ भी नहीं होता। यह तापमान संतुलन के आधार पर "लगभग रैखिक लेकिन जटिल वक्रता" (Almost linear with complex curvature) प्रदर्शित करता है।
9. Organic Chemistry
1. समन्वय (कोऑर्डिनेशन) रसायन विज्ञान में कौन-सा फंक्शनल ग्रुप-दाता और -ग्राही लिगेंड दोनों के रूप में कार्य कर सकता है:
(A) फॉस्फीन (PR3)
(B) कार्बन मोनोऑक्साइड (CO)
(C) एथिलीन $(C_2H_4)$
(D) साइनाइड (CN)
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) कार्बन मोनोऑक्साइड ($CO$) एक महत्वपूर्ण लिगेंड है जो $\sigma-$दाता और $\pi-$ग्राही दोनों के रूप में कार्य करता है। यह धातु के साथ "सिनर्जिक बॉन्डिंग" बनाता है, जिसमें कार्बन धातु को इलेक्ट्रॉन दान करता है और धातु के भरे हुए $d-$कक्षक से वापस इलेक्ट्रॉन $\pi^{*}$ एंटीबॉन्डिंग कक्षक में ग्रहण करता है।
2. कार्बनिक यौगिकों में कौन-सी क्रियात्मक समूह व्यवस्था सबसे अम्लीय प्रोटॉन बनाती है?
(A) दो इलेक्ट्रॉन खींचने वाले समूहों के बीच स्थित मेथिलीन (–CH₂–) समूह
(B) अल्कोहल (–OH) समूह का हाइड्रोजन
(C) एल्कीन (C=C) से जुड़ा हाइड्रोजन
(D) एल्केन (–CH₃) समूह का हाइड्रोजन
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) दो इलेक्ट्रॉन खींचने वाले समूहों (Electron Withdrawing Groups) के बीच स्थित $CH_{2}$ समूह के प्रोटॉन अत्यधिक अम्लीय होते हैं। उदाहरण के लिए मैलोनिक एस्टर में $CH_{2}$ के प्रोटॉन का $pKa$ बहुत कम होता है क्योंकि बनने वाला कार्बएनायन अनुनाद द्वारा अत्यधिक स्थिर हो जाता है।
3. अभिक्रिया गतिकी में, निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियात्मक समूह नाभिकस्नेही के साथ सबसे तेज़ दर से अभिक्रिया करता है?
(A) एनहाइड्राइड
(B) एस्टर
(C) एमाइड
(D) एसिड क्लोराइड
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) नाभिकस्नेही (Nucleophilic) प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं में एसिड क्लोराइड $-COCl$ सबसे अधिक क्रियाशील होते हैं। क्लोरीन एक अच्छा लिविंग ग्रुप है और कार्बोनिल कार्बन पर इलेक्ट्रॉन की कमी सबसे अधिक होती है। क्रियाशीलता का क्रम इस प्रकार है: $Acid Chloride > Anhydride > Ester > Amide$
4. न्यूक्लियोफिलिक (नाभिकस्नेही) आक्रमण के लिए सबसे अधिक इलेक्ट्रॉन-कमी वाला कार्बन केंद्र किस क्रियात्मक समूह द्वारा उत्पन्न किया जाएगा?
(A) इलेक्ट्रॉन-दान करने वाले समूहों के निकट कार्बनिल कार्बन
(B) इमिनियम कार्बन $(C=N^{+}R_{2})$
(C) एसाइलियम आयन $(RC\equiv O^{+})$
(D) इलेक्ट्रॉन-निकालने वाले समूहों के निकट कार्बोनिल कार्बन
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) एसाइलियम आयन $R-C \equiv O^{+}$ में कार्बन परमाणु पर पूर्ण धनावेश होता है, जिससे यह नाभिकस्नेही आक्रमण के लिए सबसे प्रबल केंद्र बन जाता है। यहाँ कार्बन अत्यंत इलेक्ट्रॉन न्यून होता है। यह फ्रिडेल-क्राफ्ट एसाइलेशन जैसी अभिक्रियाओं में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती के रूप में कार्य करता है।
9. Electricity and magnetism
1. एक तार का प्रतिरोध $20^{\circ}C$ पर R है। $40^{\circ}C$ पर उसका प्रतिरोध 1.08R हो जाता है। प्रतिरोध का ताप गुणांक है:
(A) 0.001°C-1
(B) $0.008^{\circ}C^{-1}$
(C) 0.004°C-1
(D) $0.02^{\circ}C^{-1}$
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) विद्युत धारा को आवेश के प्रवाह की दर के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसका सूत्र है: $ I = \frac{Q}{t} $ जहाँ $ I $ = धारा, $ Q $ = आवेश (कूलॉम में) और $ t $ = समय (सेकंड में)। दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर $ I = \frac{5}{2} = 2.5 \text{ A} $ अतः प्रवाहित धारा **2.5 एंपियर** होगी।
2. एक गैर-ओमिक युक्ति की V- विशेषता इस प्रकार $I=aV+bV^{2}.$ यदि एक छोटा वोल्टेज लगाया जाए, तो $V=0$ पर अवकल प्रतिरोध (डिफरेंशियल प्रतिरोध) होगाः
(A) $1/b$
(B) a
(C) $1/a$
(D) b
MP Police constable 2025 | 05-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) अवकल प्रतिरोध (Differential Resistance) $R$ को $dV/dI$ द्वारा परिभाषित किया जाता है। दिया गया समीकरण: $I = aV + bV^2$ $V$ के सापेक्ष अवकलन करने पर: $\frac{dI}{dV} = a + 2bV$ हमें प्रतिरोध चाहिए ($dV/dI$), जो इसका व्युत्क्रम (reciprocal) है: $\frac{dV}{dI} = \frac{1}{a + 2bV}$ जब $V = 0$ हो, तो: $R = \frac{1}{a + 0} = \frac{1}{a}$
9. Skeleton system
1. निम्न में से कौन सा मानव शरीर के संचलन (movement) के लिए मुख्यतः उत्तरदायी है?
(A) तंत्रिका और संयोजी ऊतकों का संयोजन
(B) पेशिय और संयोजी ऊत्तकों का संयोजन
(C) तंत्रिका और पेशिय के ऊतकों का संयोजन
(D) तंत्रिका और उपकला ऊतकों का संयोजन
Ans: (C) मानव शरीर के संचलन (Movement) के लिए तंत्रिका (Nervous) और पेशीय (Muscular) ऊतकों का आपसी तालमेल अनिवार्य होता है। तंत्रिका ऊतक मस्तिष्क से संकेतों को मांसपेशियों तक पहुँचाते हैं और पेशीय ऊतक उन संकेतों के अनुसार संकुचित या शिथिल होकर गति उत्पन्न करते हैं। पेशीय ऊतक तीन प्रकार के होते हैं: रेखित, अरेखित और हृदय पेशी। शरीर के ढांचे को सहारा देने के लिए संयोजी ऊतक (Connective Tissue) जैसे हड्डियां और उपास्थि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. मानव शरीर का कौन सा भाग इलियम, इस्चियम और प्यूबिस के संलयन से बनता है?
(A) जबड़ा
(B) नितम्बास्थि
(C) कपाल
(D) पैर
Ans: (B) नितम्बास्थि (Hip Bone) तीन हड्डियों के आपस में जुड़ने से बनती है जिन्हें इलियम (Ilium), इस्चियम (Ischium) और प्यूबिस (Pubis) कहा जाता है। वयस्क होने पर ये तीनों हड्डियां संलयित होकर एक एकल हड्डी का निर्माण करती हैं। यह हड्डी शरीर के निचले हिस्से और पैरों को सहारा देने वाली श्रोणि मेखला (Pelvic Girdle) का हिस्सा है। कूल्हे के जोड़ पर फीमर (Femur) का सिर इसी हड्डी के एसिटाबुलम (Acetabulum) नामक गड्ढे में फिट होता है। 
3. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(A) मध्य कान में मौजूद स्टैप्स मानव कंकाल की सबसे छोटी हड्डी है।
(B) मानव कशेरुक स्तंभ में 38 कशेरुक हैं।
(C) मानव शरीर में अस्थि मज्जा लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है।
(D) परिशिष्ट मानव शरीर में एक अवशेष अंग है।
Ans: (B) मानव कशेरुक स्तंभ (Vertebral Column) में कुल 33 कशेरुक (Vertebrae) होते हैं, न कि 38, इसलिए विकल्प B गलत है। विकसित होने पर अंतिम कुछ हड्डियां जुड़ जाती हैं और वयस्कों में इनकी संख्या 26 रह जाती है। शरीर की सबसे छोटी हड्डी स्टैप्स (Stapes) कान के मध्य भाग में स्थित होती है। अस्थि मज्जा (Bone Marrow) विशेष रूप से लंबी हड्डियों के सिरों पर लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) का निर्माण करता है।
4. मनुष्य के सिर में 29 हड्डियाँ होती हैं। निम्नलिखित में से कौन सा वर्गीकरण सही है?
(A) माथा -8, चेहरा-12, कान-6, कंठिकास्थि -3
(B) माथा -8, चेहरा-12, कान-8, कंठिकास्थि -1
(C) माथा-8, चेहरा-14, कान-6, कंठिकास्थि -1
(D) माथा -8, चेहरा-14, कान-4, कंठिकास्थि -3
Ans: (C) मनुष्य के सिर (Head) में कुल 29 हड्डियां होती हैं जिनका विभाजन बहुत विशिष्ट है। इसमें कपाल या माथे की 8 हड्डियां, चेहरे (Facial) की 14 हड्डियां, दोनों कानों की कुल 6 हड्डियां (प्रत्येक में 3) और गले में एक कंठिकास्थि (Hyoid Bone) शामिल होती है। हाइओइड एकमात्र ऐसी हड्डी है जो किसी दूसरी हड्डी से सीधे नहीं जुड़ी होती। चेहरा 14 हड्डियों से मिलकर बना होता है जो इसे निश्चित आकार और सुरक्षा प्रदान करती हैं। 
5. मानव शरीर में कितनी मेरु तंत्रिकाएं (spinal nerves) होती हैं?
(A) 30 जोड़ी
(B) 33 जोड़ी
(C) 31 जोड़ी
(D) 32 जोड़ी
Ans: (C) मानव शरीर में कुल 31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएं (Spinal Nerves) पाई जाती हैं जो रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) से निकलती हैं। ये तंत्रिकाएं पूरे शरीर में फैलकर संवेदी और प्रेरक संकेतों का संचार करती हैं। मस्तिष्क से सीधे निकलने वाली तंत्रिकाओं को कपाल तंत्रिकाएं (Cranial Nerves) कहते हैं जिनकी संख्या 12 जोड़ी होती है। ये दोनों मिलकर परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System) का निर्माण करते हैं।
6. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(A) मध्य कान में मौजूद स्टैप्स मानव कंकाल की सबसे छोटी हड्डी है।
(B) मानव कशेरुक स्तंभ में 38 कशेरुक हैं।
(C) मानव शरीर में अस्थि मज्जा लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है।
(D) परिशिष्ट मानव शरीर में एक अवशेष अंग है।
Ans: (B) मानव के कशेरुक स्तंभ (Vertebral Column) में 33 कशेरुक हड्डियां होती हैं, इसलिए कथन B गलत है। इन 33 हड्डियों में 7 गर्दन (Cervical), 12 छाती (Thoracic), 5 कमर (Lumbar), 5 त्रिक (Sacral) और 4 पूंछ (Coccygeal) भाग में होती हैं। स्टैप्स शरीर की सबसे छोटी हड्डी है जो कान में होती है। अस्थि मज्जा रक्त कोशिकाओं का कारखाना है और अपेंडिक्स शरीर में एक अवशेषी अंग (Vestigial Organ) के रूप में माना जाता है। 
7. कान का कौन-सा भाग ध्वनि कंपनों को विद्युत संकेतों में बदलता है?
(A) कॉक्लिया
(B) कर्णपटही झिल्ली
(C) श्रवण नलिका
(D) कर्णपालि (Pinna)
Ans: (A) कान का आंतरिक भाग जिसे कॉक्लिया (Cochlea) कहते हैं, ध्वनि के यांत्रिक कंपनों को विद्युत संकेतों (Electrical Signals) में बदलने के लिए जिम्मेदार है। यह एक घोंघे (Snail) की तरह दिखने वाली घुमावदार नली होती है जिसमें तरल पदार्थ भरा होता है। कॉक्लिया के भीतर स्थित सूक्ष्म रोम कोशिकाएं कंपनों को पहचानकर उन्हें तंत्रिका आवेगों में बदल देती हैं। ये संकेत फिर श्रवण तंत्रिका (Auditory Nerve) द्वारा मस्तिष्क तक पहुँचाए जाते हैं जहाँ ध्वनि की पहचान होती है।
8. 'ऑल्फैक्टरी' शब्द निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
(A) श्रवण
(B) दृष्टि
(C) स्पर्श
(D) गंध
Ans: (D) ऑल्फैक्टरी (Olfactory) शब्द का सीधा संबंध हमारी सूंघने की शक्ति (Sense of Smell) से है। नाक के ऊपरी हिस्से में ऑल्फैक्टरी रिसेप्टर्स पाए जाते हैं जो गंध के अणुओं की पहचान करते हैं। ये रिसेप्टर्स गंध के संकेतों को ऑल्फैक्टरी नर्व के माध्यम से सीधे मस्तिष्क के ऑल्फैक्टरी बल्ब तक भेजते हैं। इसी प्रकार, दृष्टि के लिए ऑप्टिक (Optic) और सुनने के लिए ऑडिटरी (Auditory) शब्द का प्रयोग किया जाता है।
9. एक कण्डरा (tendon) किससे बनाया जाता है?
(A) केवल कॉलेजन फाइबर
(B) अस्थिर संयोजी ऊतक फाइबर
(C) स्थिर संयोजी ऊतक फाइबर
(D) स्थिर और अस्थिर संयोजी ऊतक फाइबर
Ans: (A) कण्डरा (Tendon) मुख्य रूप से सफेद कोलेजन फाइबर (Collagen Fibers) से बना एक मजबूत और रेशेदार संयोजी ऊतक है। यह मांसपेशियों को हड्डियों से मजबूती से जोड़ता है ताकि मांसपेशियों के संकुचन से हड्डियों में गति हो सके। कोलेजन एक बहुत ही सख्त प्रोटीन है जो टेंडन को उच्च तनाव सहने की शक्ति देता है। टेंडन में खिंचाव आने को स्ट्रेन (Strain) कहा जाता है।
10. अस्थि कोशिकाएं एक हार्ड मैट्रिक्स में अंतःस्थापित होती हैं जो बना है-
(A) Ca और F
(B) Ca और Na
(C) P और Na
(D) Ca और P
Ans: (D) अस्थि कोशिकाएं (Osteocytes) एक कठोर मैट्रिक्स में स्थित होती हैं जो मुख्य रूप से कैल्शियम और फास्फोरस (Ca और P) के यौगिकों से बना होता है। यह मैट्रिक्स हड्डियों को उनकी विशिष्ट मजबूती और कठोरता प्रदान करता है। कैल्शियम फॉस्फेट हड्डियों का मुख्य रासायनिक घटक है जिसका सूत्र $Ca_{3}(PO_{4})_{2}$ होता है। विटामिन D शरीर को हड्डियों के निर्माण के लिए भोजन से कैल्शियम सोखने में मदद करता है।
11. कार्डियक मांसपेशियाँ, शरीर के सभी अंगों में रक्त पम्प करके पहुँचाने में हृदय की सहायता करती हैं जिसमें लयबद्ध संकुचन और विश्राम की आवश्यकता होती है।
(A) ट्राईसेप
(B) बाईसेप
(C) कार्डियक
(D) सोलेयस
Ans: (C) हृदय की मांसपेशियों को कार्डियक (Cardiac) मांसपेशियाँ कहा जाता है, जो केवल हृदय की दीवारों में पाई जाती हैं। ये पेशियां बिना थके जीवनभर एक निश्चित लय (Rhythm) में संकुचित और शिथिल होती रहती हैं जिससे रक्त पूरे शरीर में पंप होता है। इनकी संरचना रेखित पेशियों की तरह होती है लेकिन इनका कार्य अनैच्छिक (Involuntary) होता है। हृदय पेशी की कोशिकाओं में प्रचुर मात्रा में माइटोकॉन्ड्रिया पाए जाते हैं ताकि उन्हें निरंतर ऊर्जा मिल सके। 
12. धारीदार पेशियाँ ___ होती हैं :
(A) एक नाभिक
(B) द्वि नाभिक
(C) बहु- नाभिक
(D) अनाभिक
Ans: (C) धारीदार या रेखित पेशियाँ (Striated Muscles) बहु-नाभिकीय (Multinucleated) होती हैं, अर्थात इनकी एक कोशिका में कई केंद्रक पाए जाते हैं। ये पेशियां भ्रूणीय विकास के दौरान कई कोशिकाओं के संलयन से बनती हैं, इसलिए इनमें कई केंद्रक रह जाते हैं। ये पेशियां बेलनाकार और लंबी होती हैं और हड्डियों से जुड़ी होती हैं। इसके विपरीत, अरेखित पेशियां और हृदय पेशियां आमतौर पर एक-केंद्रकीय (Uninucleated) होती हैं।
13. मायोसिन और एक्टिन क्या हैं?
(A) मांसपेशीय प्रोटीन
(B) मांसपेशीय कार्बोहाइड्रेट
(C) मांसपेशीय वसा
(D) मांसपेशीय एंजाइम
Ans: (A) मायोसिन और एक्टिन मांसपेशियों में पाए जाने वाले दो मुख्य सिकुड़ने वाले प्रोटीन (Contractile Proteins) हैं। इन्हीं प्रोटीनों के आपसी मेल और खिंचाव से मांसपेशियां संकुचित होती हैं और गति उत्पन्न होती है। एक्टिन पतले तंतु (Thin Filaments) बनाता है जबकि मायोसिन मोटे तंतु (Thick Filaments) बनाता है। ये दोनों मिलकर सार्कोमियर (Sarcomere) नामक इकाई का निर्माण करते हैं जो पेशी संकुचन की क्रियात्मक इकाई है।
14. सार्कोलेमा वह झिल्ली है जो ___ को कवर करती है।
(A) मेरुदण्ड
(B) तंत्रिका तंतु
(C) मांसपेशीय तंतु
(D) आंत्रीय तंतु
Ans: (C) सार्कोलेमा (Sarcolemma) वह पतली झिल्ली है जो मांसपेशियों के तंतु (Muscle Fiber) को बाहर से ढकती है। यह कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) की तरह ही कार्य करती है लेकिन यह मांसपेशियों के लिए विशिष्ट होती है। सार्कोलेमा के अंदर कोशिका द्रव्य पाया जाता है जिसे सार्कोप्लाज्म (Sarcoplasm) कहते हैं। यह झिल्ली तंत्रिका संकेतों को प्राप्त करने और उन्हें मांसपेशी के अंदर तक भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
15. मांसपेशियों का वह भाग जो संकुचन उत्पन्न करने के लिए सिकुड़ता है, कहलाता है।
(A) मायोसिन
(B) पूलिका (Fasciculi)
(C) अधिपेशिका (Epimysium)
(D) एक्टिन
Ans: (D) मांसपेशियों के संकुचन के दौरान एक्टिन (Actin) तंतु ही वह भाग हैं जो मायोसिन के ऊपर फिसलते हैं जिससे सार्कोमियर की लंबाई कम हो जाती है। संकुचन के लिए कैल्शियम आयनों की उपस्थिति अनिवार्य होती है जो एक्टिन पर सक्रिय साइट्स को खोलते हैं। जब एक्टिन और मायोसिन एक-दूसरे से जुड़ते हैं, तो मांसपेशी छोटी होकर संकुचित हो जाती है। मांसपेशियों की इस कार्यप्रणाली को स्लाइडिंग फिलामेंट सिद्धांत (Sliding Filament Theory) कहा जाता है।
9. Electricity and magnetism
1. जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साइमन ओम (Georg Simon Ohm) को 1827 में उनकी किस खोज के लिए जाना जाता है?
(A) विद्युत धारा, प्रतिरोध और वोल्टता के बीच गणितीय संबंध
(B) मैग्नेटोमीटर का आविष्कार
(C) नाभिकीय कणों के चुंबकीय गुण
(D) विद्युत चुम्बकीय संकेतों का प्रवर्धन
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) जर्मन भौतिक विज्ञानी जॉर्ज साइमन ओम ने 1827 में "ओम का नियम" (Ohm's Law) प्रतिपादित किया था। यह नियम किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर ($V$), उसमें प्रवाहित धारा ($I$) और उसके प्रतिरोध ($R$) के बीच संबंध स्थापित करता है। सूत्र: $V = I \times R$.
2. यदि प्रत्येक $4$ ओम के चार प्रतिरोधक (resistances) समानांतर में (parallel) जुड़े हुए हैं, तो उनका प्रभावी प्रतिरोध क्या होगा?
(A) 1 ओम
(B) 16 ओम
(C) 10 ओम
(D) 4 ओम
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) समानांतर क्रम (Parallel) में जुड़े समान प्रतिरोधों का तुल्य प्रतिरोध ($R_{eq}$) निकालने का सूत्र: $R_{eq} = \frac{R}{n}$ जहाँ $R = 4 \, \Omega$ और प्रतिरोधकों की संख्या $n = 4$ है। $R_{eq} = \frac{4}{4} = 1 \, \Omega$.
3. फ्लेमिंग के दायें हाथ के नियम का उपयोग करते हुए, यदि चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उत्तर की ओर है और चालक ऊर्ध्वाधर रूप से ऊपर की ओर बढ़ रहा है, तो विद्युत धारा किस दिशा में प्रवाहित होगी?
(A) पूर्व की ओर
(B) दक्षिण की ओर
(C) दक्षिण-पश्चिम की ओर
(D) पश्चिम की ओर
RRB Group D | 29/08/2022 | Evening
Ans: (D) फ्लेमिंग के दायें हाथ के नियम (Right-Hand Rule) का उपयोग जनरेटर में प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है। - तर्जनी (Index Finger) उत्तर की ओर (चुंबकीय क्षेत्र)। - अंगूठा (Thumb) ऊपर की ओर (चालक की गति)। - मध्यमा (Middle Finger) धारा की दिशा बताएगी। जब आप दायें हाथ को इस प्रकार व्यवस्थित करेंगे, तो मध्यमा **पश्चिम की ओर** इशारा करेगी।
4. पूर्व की ओर प्रक्षेपित (fired) एक आर्गन, धनात्मक आयन चुंबकीय क्षेत्र द्वारा दक्षिण की ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा कौन सी है?
(A) दक्षिण की ओर
(B) उत्तर की ओर
(C) अधोगामी
(D) उर्ध्वगामी
RRB Group D | 29/08/2022 | Evening
Ans: (D) धनात्मक आयन (Positive Ion) की गति की दिशा को धारा की दिशा माना जाता है (पूर्व की ओर)। फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम का उपयोग करें: - मध्यमा (Current): पूर्व की ओर। - अंगूठा (Force/Deflection): दक्षिण की ओर। - तर्जनी (Magnetic Field): जब आप अंगुलियों को सेट करेंगे, तो तर्जनी **ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर (Upward)** इशारा करेगी। लेकिन दिए गए विकल्पों और सामान्यतः 2D प्लेन के प्रश्नों में, यदि विक्षेपण दक्षिण है और गति पूर्व है, तो क्षेत्र उर्ध्वगामी (Upward) या अधोगामी (Downward) होता है। सही उत्तर D (उर्ध्वगामी) है।
5. कूलॉम का नियम किसके लिए लागू होता है।
(A) न तो बिंदु आवेश और न ही वितरित आवेश
(B) दो वितरित आवेशों के मध्य
(C) वितरित आवेश और बिंदु आवेश दोनों
(D) दो बिंदु आवेशों के मध्य
RRB Group D | 01/09/2022 | Morning
Ans: (D) कूलॉम का नियम (Coulomb's Law) केवल **स्थिर बिंदु आवेशों (Static Point Charges)** के लिए ही पूर्णतः सत्य और लागू होता है। यह नियम दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण बल की गणना करता है: $F = k \frac{q_1 q_2}{r^2}$
9. Organic Chemistry
1. निम्नलिखित में से कौन-सा, रासायनिक सूत्र $CH_{3}CH_{2}CH_{2}CO_{2}H$ युक्त एक सीधी-श्रृंखला अल्काइल कार्बोक्जिलिक अम्ल है?
(A) मेथेनोइक अम्ल
(B) ब्यूटाइरिक अम्ल
(C) ईथेनोइक अम्ल
(D) प्रोपियॉनिक अम्ल
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (B) रासायनिक सूत्र $CH_{3}CH_{2}CH_{2}COOH$ को ब्यूटानोइक अम्ल या ब्यूटाइरिक अम्ल कहा जाता है। इसमें कुल 4 कार्बन परमाणु होते हैं। यह मक्खन में दुर्गंध के लिए जिम्मेदार होता है और एक सीधी श्रृंखला वाला कार्बोक्सिलिक अम्ल है।
2. $CH_{3}-(CH_{2})_{18}-CH_{3}$ का आईयूपीएसी (IUPAC) नाम क्या है?
(A) ट्राईकॉन्टेन (triacontane)
(B) डेकेन (decane)
(C) इकोसेन (icosane)
(D) डोडेकेन (dodecane)
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (C) सूत्र $CH_{3}-(CH_{2})_{18}-CH_{3}$ में कुल $1+18+1 = 20$ कार्बन परमाणु हैं। IUPAC नामकरण के अनुसार 20 कार्बन वाले एल्केन को इकोसेन (Icosane) कहा जाता है। इसका सामान्य सूत्र $C_{n}H_{2n+2}$ का पालन करते हुए $C_{20}H_{42}$ होता है।
3. संरचनात्मक सूत्र $CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3}$ के साथ हाइड्रोकार्बन के नाम का चयन करें।
(A) 2,2-डाइमिथाइलब्यूटेन
(B) 3-मिथाइल हेक्सेन
(C) 2-मिथाइलपेंटेन
(D) एन-हेक्सेन
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (D) संरचना $CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3}$ में 6 कार्बन परमाणु एक सीधी श्रृंखला में जुड़े हुए हैं। बिना किसी शाखा वाली श्रृंखला के लिए पूर्वलग्न "n-" का प्रयोग किया जाता है। अतः इसका नाम n-हेक्सेन (n-Hexane) है। इसका आणविक सूत्र $C_{6}H_{14}$ होता है।
4. $C_{3}H_{8}$ के रासायनिक सूत्र वाली, हाइड्रोकार्बन की एल्केन श्रृंखला की एक रंगहीन, गंधहीन गैस कौन-सी है?
(A) एथेन
(B) प्रोपेन
(C) ब्यूटेन
(D) पेन्टेन
RRB JE Exam 2024 | 16/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (B) $C_{3}H_{8}$ सूत्र वाले हाइड्रोकार्बन को प्रोपेन कहा जाता है। यह एल्केन श्रेणी का तीसरा सदस्य है। यह एलपीजी ($LPG$) का एक मुख्य घटक है और सामान्य तापमान पर एक रंगहीन व गंधहीन गैस है।
5. ओलीफिऐंट गैस (Olefiant gas), निम्नलिखित में से किस प्रकार्यात्मक समूह से संबंधित है?
(A) ऐल्कीन
(B) हेलो एल्केन
(C) ऐल्काइन
(D) कीटोन
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (A) एथीन $C_{2}H_{4}$ को ऐतिहासिक रूप से ओलीफिऐंट गैस (Olefiant gas) कहा जाता है क्योंकि यह क्लोरीन के साथ मिलकर तेलीय द्रव बनाती है। यह ऐल्कीन (Alkene) समूह का सदस्य है। इसका उपयोग फलों को पकाने और पॉलिथीन बनाने में किया जाता है।
9. Electricity and magnetism
1. यदि धारा को दोगुना और विभवांतर को आधा कर दिया जाए, तो:
(A) प्रतिरोध आधा हो जाएगा
(B) प्रतिरोध एक-चौथाई हो जाएगा
(C) प्रतिरोध दोगुना हो जाएगा
(D) प्रतिरोध चार गुना हो जाएगा
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift-I
Ans: (B) ओम के नियम के अनुसार $R = \frac{V}{I}$ होता है। नई स्थिति में: वोल्टेज $V' = \frac{V}{2}$ और धारा $I' = 2I$. नया प्रतिरोध $R' = \frac{V/2}{2I} = \frac{V}{4I} = \frac{1}{4} \left(\frac{V}{I}\right)$. अतः, $R' = \frac{R}{4}$ (प्रतिरोध एक-चौथाई हो जाएगा)।
2. 0.7 Ω प्रतिरोध, 1m लम्बाई और 0.2mm व्यास वाले तार के पदार्थ की प्रतिरोधकता कितनी होगी?
(A) 220 × 10⁻⁸ Ωm
(B) 0.22 × 10⁻⁸ Ωm
(C) 22 × 10⁻⁸ Ωm
(D) 2.2 × 10⁻⁸ Ωm
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-II
Ans: (D) प्रतिरोधकता (Resistivity) का सूत्र: $\rho = \frac{R \times A}{L}$ दिया है: $R = 0.7 \, \Omega$, $L = 1 \, m$, व्यास $d = 0.2 \, mm = 2 \times 10^{-4} \, m$. त्रिज्या $r = 10^{-4} \, m$. क्षेत्रफल $A = \pi r^2 = \frac{22}{7} \times (10^{-4})^2 = \frac{22}{7} \times 10^{-8} \, m^2$. $\rho = \frac{0.7 \times 22/7 \times 10^{-8}}{1} = 0.1 \times 22 \times 10^{-8} = 2.2 \times 10^{-8} \, \Omega m$.
3. ताँबे के एक तार की त्रिज्या 0.5 mm और लंबाई 100 m है। यदि पदार्थ की प्रतिरोधकता 2.5 × 10⁻⁸ ohm-m हो, तो तार का प्रतिरोध होगा।
(A) 1000/π Ω
(B) 10/π Ω
(C) 10π Ω
(D) 1000π Ω
RRB Group-D | 11/10/2022 | Shift-II
Ans: (B) प्रतिरोध $R = \frac{\rho L}{A}$ दिया है: $\rho = 2.5 \times 10^{-8}$, $L = 100$, $r = 0.5 \, mm = 5 \times 10^{-4} \, m$. $A = \pi r^2 = \pi (25 \times 10^{-8})$. $R = \frac{2.5 \times 10^{-8} \times 100}{25 \times 10^{-8} \times \pi} = \frac{250}{25 \pi} = \frac{10}{\pi} \, \Omega$.
4. समान लंबाई और समान मोटाई वाले तीन तारों A, B और C के प्रतिरोध क्रमशः 0.5Ω, 0.2Ω और 1.0Ω है। उनकी प्रतिरोधकताएं _____ होंगी।
(A) 10:5:2 के अनुपात में
(B) 2:5:10 के अनुपात में
(C) 5:2:10 के अनुपात में
(D) बराबर
RRB Group-D | 05/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) प्रतिरोधकता (Resistivity) केवल **पदार्थ की प्रकृति** और **तापमान** पर निर्भर करती है। यह तार की लंबाई, मोटाई या प्रतिरोध के मान पर निर्भर नहीं करती। चूँकि प्रश्न में यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों तार एक ही पदार्थ के हैं या नहीं, लेकिन उत्तर "समान" (Equal) तभी होगा यदि वे एक ही सामग्री (जैसे तांबा) से बने हों। सामान्य संदर्भ में, यदि सामग्री का उल्लेख नहीं है लेकिन तुलना पूछी गई है और संदर्भ "समान पदार्थ" का ही प्रतीत होता है, तो प्रतिरोधकता बराबर होगी। (यदि पदार्थ अलग होते, तो प्रतिरोधकता अलग होती)।
5. L लंबाई और A अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल वाले एक तार का प्रतिरोध 0.5Ω है। समान पदार्थ से निर्मित, समान लंबाई (L) और 2A अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल वाले तार का प्रतिरोध ____ होगा।
(A) 0.5 Ω
(B) 0.25 Ω
(C) 4.0 Ω
(D) 1.0 Ω
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) प्रतिरोध व्युत्क्रमानुपाती होता है क्षेत्रफल के: $R \propto \frac{1}{A}$. यदि क्षेत्रफल $A$ से $2A$ (दोगुना) हो जाता है, तो प्रतिरोध आधा हो जाएगा। प्रारंभिक प्रतिरोध = $0.5 \, \Omega$. नया प्रतिरोध = $\frac{0.5}{2} = 0.25 \, \Omega$.
6. 11 Ω प्रतिरोध वाली तार को इस पर त्रिज्या दोगुना कर दिया जाता है। तार के नये प्रतिरोध की गणना कीजिए।
(A) 1.5 Ω
(B) 2.75 Ω
(C) 1.25 Ω
(D) 1.00 Ω
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-I
Ans: (B) यदि त्रिज्या (Radius) दोगुनी की जाती है ($r \to 2r$), तो अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल ($A = \pi r^2$) चार गुना ($4A$) हो जाता है। प्रतिरोध क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है ($R \propto 1/A$), अतः प्रतिरोध $1/4$ हो जाएगा। नया प्रतिरोध = $\frac{11}{4} = 2.75 \, \Omega$.
7. प्रत्येक 10Ω के दो प्रतिरोध समानांतर क्रम में संयोजित हैं। इसके बाद इस संयोजन को 10Ω के तीसरे प्रतिरोध और 6 V की बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में संयोजित किया गया है। बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई शक्ति होगी।
(A) 5.4 W
(B) 10.8 W
(C) 2.4 W
(D) 1.2 W
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) 1. समानांतर वाले दो $10\Omega$ का तुल्य प्रतिरोध: $R_p = \frac{10}{2} = 5\Omega$. 2. यह $5\Omega$ तीसरे $10\Omega$ के साथ श्रेणी (Series) में है: कुल $R_{total} = 5 + 10 = 15\Omega$. 3. कुल धारा $I = \frac{V}{R} = \frac{6}{15} = 0.4 \, A$. 4. बैटरी द्वारा आपूर्ति की गई शक्ति $P = V \times I = 6 \times 0.4 = 2.4 \, W$.
8. 12 V की आपूर्ति से संयोजित किए जाने पर एक बल्ब 36W की शक्ति आकर्षित करता है। यदि इसे 6V की आपूर्ति से संयोजित किया जाए, तो उसके द्वारा उपभुक्त शक्ति कितनी होगी?
(A) 24 W
(B) 12 W
(C) 9 W
(D) 6 W
RRB Group-D | 16/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) बल्ब का प्रतिरोध नियत रहता है: $R = \frac{V_1^2}{P_1} = \frac{12^2}{36} = \frac{144}{36} = 4 \, \Omega$. अब वोल्टेज $V_2 = 6V$ है। नई शक्ति $P_2 = \frac{V_2^2}{R} = \frac{6^2}{4} = \frac{36}{4} = 9 \, W$.
9. यदि एक टोस्टर को 220 V AC के बजाय 440 V AC से जोड़ा जाए, तो प्रति सेकेण्ड उत्पन्न होने वाली ऊष्मा, पहले उत्पन्न होने वाली ऊष्मा की ________ होगी।
(A) चार गुनी
(B) आधी
(C) एक-चौथाई
(D) दोगुनी
RRB Group-D | 14/09/2022 | Shift-II
Ans: (A) जूल के तापन नियम के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा (शक्ति) $P = \frac{V^2}{R}$ होती है (जब प्रतिरोध नियत हो)। यहाँ वोल्टेज 220V से 440V (दोगुना) किया गया है। चूँकि $P \propto V^2$, इसलिए यदि $V$ दोगुना होगा, तो ऊष्मा $2^2 = 4$ गुना हो जाएगी। अतः सही उत्तर चार गुना (Four times) है।
10. मशीन द्वारा निरंतर विद्युत प्रदान किए जाने पर एक वस्तु सीधी रेखा में आगे बढ़ती है। वस्तु द्वारा समय 't' में पार की गई दूरी ___ के आनुपातिक होगी।
(A) $t^{1/2}$
(B) $t^{3/4}$
(C) $t^{1/4}$
(D) $t^{3/2}$
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-II
Ans: (D) जब शक्ति (P) नियत होती है: $P = Fv = (ma)v = m \frac{dv}{dt} v$ $v dv = \frac{P}{m} dt$. समाकलन करने पर $v \propto t^{1/2}$. दूरी $x = \int v dt = \int t^{1/2} dt \propto t^{3/2}$. अतः दूरी $t^{3/2}$ के अनुक्रमानुपाती होगी।
11. किसने विद्युत चुम्बकत्व और प्रकाश के संयोजन द्वारा यह प्रदर्शित किया कि प्रकाश एक विद्युतचुम्बकीय तरंग है?
(A) आइजक न्यूटन
(B) कार्लो रूबिया
(C) जेम्स मैक्सवेल
(D) शेल्डन ग्लाशो
RRB Group-D | 05/10/2018 | Shift-I
Ans: (C) जेम्स क्लर्क मैक्सवेल (James Clerk Maxwell) ने विद्युत और चुंबकत्व के समीकरणों को एकीकृत किया और सिद्ध किया कि प्रकाश स्वयं एक विद्युत चुंबकीय तरंग (Electromagnetic Wave) है जो अंतरिक्ष में गति करती है।
12. निम्नलिखित में से किस बल की प्रकृति विद्युत चुम्बकीय नहीं है?
(A) पिंड का भार
(B) रस्सी में तनाव
(C) घर्षण बल
(D) स्प्रिंग में विद्युत बल
RRB Group-D | 12/10/2018 | Shift-III
Ans: (A) रस्सी में तनाव, घर्षण बल और स्प्रिंग का बल, ये सभी सूक्ष्म स्तर पर परमाणुओं के बीच लगने वाले विद्युत चुंबकीय बलों के कारण उत्पन्न होते हैं। किंतु, **पिंड का भार (Weight)** पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) के कारण होता है, जो कि विद्युत चुंबकीय प्रकृति का नहीं है।
13. पश्चिम की ओर से देखे जाने पर पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली धारा के साथ एक क्षैतिज विद्युत रेखा के नीचे किसी बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?
(A) दक्षिणावर्त
(B) धारा प्रवाह के समानान्तर
(C) वामावर्त
(D) धारा के प्रवाह के लम्बवत्
RRB Group-D | 17/09/2018 | Shift-1
Ans: (C) दाएं हाथ के अंगूठे के नियम (Right Hand Thumb Rule) का उपयोग करें। धारा पूर्व से पश्चिम बह रही है। यदि आप अपने दाएं हाथ के अंगूठे को पश्चिम की ओर करेंगे, तो तार के **नीचे** आपकी उंगलियां **वामावर्त (Anti-clockwise)** या "बाहर से अंदर की ओर" मुड़ेंगी, जो उत्तर से दक्षिण की दिशा के संदर्भ में वामावर्त दिशा को इंगित करता है (जब पश्चिम से देखा जाए)।
14. कॉइल की गति की दिशा चुंबकीय क्षेत्र के सापेक्ष ....... होने पर प्रेरित धारा सबसे अधिक होती है।
(A) 180°
(B) 45°
(C) 90°
(D)
RRB Group-D | 18/09/2018 | Shift-I
Ans: (C) प्रेरित धारा (Induced Current) अधिकतम तब होती है जब चालक की गति की दिशा चुंबकीय क्षेत्र के **लंबवत (Perpendicular)** होती है। लंबवत का अर्थ है $90^{\circ}$ का कोण। सूत्र: $e = Bvl \sin\theta$. $\sin(90^{\circ}) = 1$ (अधिकतम मान)।
9. Organic Chemistry
1. 1598. ........, एक समावयवी युग्म (isomeric pair) बनाते हैं।
(A) प्रोपेन और ब्यूटेन
(B) ब्यूटेन और 2-मेथिल प्रोपेन
(C) ब्यूटेन और 2-एथिल ब्यूटेन
(D) प्रोपेन और 2-मेथिल प्रोपेन
RRB Group-D | 25/08/2022 | Shift-1
Ans: (B) ब्यूटेन और 2-मेथिल प्रोपेन दोनों का आणविक सूत्र $C_{4}H_{10}$ है, लेकिन इनकी संरचना भिन्न है। इसलिए ये संरचनात्मक समावयवी (Isomers) कहलाते हैं। ब्यूटेन एक सीधी श्रृंखला है जबकि 2-मेथिल प्रोपेन एक शाखित श्रृंखला वाला यौगिक है।
2. 1601. एल्डिहाइड के लिए गलत विकल्प चुनें-
(A) $C_{3}H_{7}COH$
(B) $CH_{2}COH$ → इथेनाल
(C) HCOH → मिथेनाल
(D) $C_{2}H_{5}COH$ → प्रोपेनाल
RRB Group-D | 26-11-2018 | Shift-III
Ans: (B) एल्डिहाइड का सामान्य सूत्र $R-CHO$ होता है। इथेनाल के लिए सूत्र $CH_{3}CHO$ होना चाहिए। विकल्प में दिया गया $CH_{2}COH$ गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता संतुष्ट नहीं है। मिथेनाल का सूत्र $HCHO$ और प्रोपेनाल का $C_{2}H_{5}CHO$ होता है।
3. 1607. निम्नलिखित यौगिको को उनके कार्बन बंध की लंबाई के अनुसार बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
(A) इथीन, इथाइन, इथेन
(B) इथेन, इथीन, इथाइन
(C) इथाइन, इथीन, इथेन
(D) इथेन, इथाइन, इथीन
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-1
Ans: (C) कार्बन-कार्बन बंध की लंबाई का क्रम इस प्रकार है: एकल बंध > द्वि-बंध > त्रि-बंध। अतः बढ़ते क्रम में: इथाइन (त्रि-बंध) $C \equiv C$ < इथीन (द्वि-बंध) $C = C$ < इथेन (एकल बंध) $C - C$। एकल बंध की लंबाई लगभग $154 pm$ और त्रि-बंध की $120 pm$ होती है।
4. 1611. $C_{6}H_{14}$ में कितने समावयवी (Isomers) है?
(A) 6
(B) 4
(C) 3
(D) 5
RRB Group-D | 22-10-2018 | Shift-II
Ans: (D) हेक्सेन $C_{6}H_{14}$ के कुल 5 संरचनात्मक समावयवी होते हैं: 1. n-हेक्सेन, 2. 2-मेथिल पेंटेन, 3. 3-मेथिल पेंटेन, 4. 2,2-डाइमेथिल ब्यूटेन, और 5. 2,3-डाइमेथिल ब्यूटेन। जैसे-जैसे कार्बन की संख्या बढ़ती है, समावयवियों की संख्या भी बढ़ती जाती है।
5. 1615. नीचे दिये गये आईयूपीएसी नामों में से जो एक अलग है, उसका चयन करें।
(A) $C_3H_5OH$ → प्रोपेनॉल
(B) $CH_3OH$ → मेथनॉल
(C) $C_2H_5OH$ → इथेनॉल
(D) $C_4H_9OH$→ ब्यूटेनॉल
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) अल्कोहल का सामान्य सूत्र $C_{n}H_{2n+1}OH$ होता है। प्रोपेनॉल के लिए $n=3$ रखने पर सूत्र $C_{3}H_{7}OH$ प्राप्त होता है। विकल्प में दिया गया $C_{3}H_{5}OH$ गलत है क्योंकि यह असंतृप्त अल्कोहल को दर्शाता है, जबकि प्रोपेनॉल संतृप्त है।
6. 1620. नीचे दिए गए विकल्पों में गलत 'आणविक सूत्र - IUPAC नाम' वाले विकल्प की पहचान करें।
(A) $C_{4}H_{9}OH$ - ब्यूटेनॉल
(B) $C_2H_5OH$ - एथेनॉल
(C) $C_3H_7OH$ - प्रोपेनॉल
(D) $CH_3OH$ - मेथनॉल 
RRB ALP & Tec. | 31-08-18 | Shift-I
Ans: (D) मेथनॉल का सही रासायनिक सूत्र $CH_{3}OH$ होता है। इसमें केवल एक कार्बन परमाणु होता है। विकल्प में दिया गया $C_{2}H_{2}OH$ रासायनिक रूप से असंभव है। एथेनॉल $C_{2}H_{5}OH$ और प्रोपेनॉल $C_{3}H_{7}OH$ इस श्रेणी के अन्य सदस्य हैं।
7. 1622. एक समरूप श्रृंखला के सभी सदस्यों का एक ही सामान्य फार्मूले द्वारा प्रतिनिधित्व किया जा सकता है। निम्नलिखित में से गलत सूत्र चुनें।
(A) एल्केन $C_{n}H_{2n+2}$
(B) एल्केन $C_{n}H_{2n+2}$ और एल्काइन $C_{n}H_{2n-2}$
(C) एल्काइन $C_{n}H_{2n-2}$
(D) एल्कीन $C_{n}H_{2n+1}$
RRB ALP & Tec. | 30-08-18 | Shift-III
Ans: (D) ऐल्कीन (Alkene) का सही सामान्य सूत्र $C_{n}H_{2n}$ होता है। विकल्प में दिया गया $C_{n}H_{2n+1}$ वास्तव में एक एल्किल समूह (Alkyl group) का सूत्र है, ऐल्कीन का नहीं। ऐल्केन का सूत्र $C_{n}H_{2n+2}$ और ऐल्काइन का $C_{n}H_{2n-2}$ होता है।
8. 1624. एल्डिहाइड के लिए गलत विकल्प चुनें।
(A) $C_{2}H_{5}COH$
(B) $CH_{3}COH$
(C) $CHCOH$
(D) $C_{3}H_{7}COH$
RRB Group-D | 27-11-2018 | Shift-1
Ans: (C) एल्डिहाइड समूह में $-CHO$ क्रियात्मक समूह होता है। विकल्प $CHCOH$ गलत है क्योंकि इसमें कार्बन और हाइड्रोजन के बीच बंधों का संतुलन सही नहीं है। एल्डिहाइड श्रेणी के सही सदस्य $HCHO$, $CH_{3}CHO$, $C_{2}H_{5}CHO$ आदि होते हैं।
9. 1626. नीचे दिये गये आई.यू.पी.ए.सी. नामों में से जो एक अलग है, उसका चयन करें।
(A) $C_4H_8OH$→ ब्यूटेनॉल
(B) $C_3H_7OH$→ प्रोपेनॉल
(C) $CH_3OH$→ मेथेनॉल
(D) $C_2H_5OH$→ एथेनॉल
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) ब्यूटेनॉल का सही आणविक सूत्र $C_{4}H_{9}OH$ है। विकल्प में दिया गया $C_{4}H_{8}OH$ गलत है क्योंकि इसमें हाइड्रोजन की संख्या कम है। अल्कोहल श्रेणी में प्रत्येक सदस्य $C_{n}H_{2n+1}OH$ नियम का पालन करता है।
10. 1632. यौगिक का प्रयोग सिद्ध सूत्र $CH_{2}O$ है, इसकी वाष्प घनत्व 90 है। यौगिक का आणविक सूत्र हैः
(A) $C_{6}H_{12}O_{6}$
(B) $C_{6}H_{10}O_{4}$
(C) $C_{6}H_{10}O_{6}$
(D) $C_{6}H_{12}O_{4}$
RRB Group-D | 26-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) अणु सूत्र = $n \times$ मूलानुपाती सूत्र। यहाँ वाष्प घनत्व 90 है, तो आणविक द्रव्यमान $2 \times 90 = 180$ होगा। $CH_{2}O$ का भार 30 है। $n = 180 / 30 = 6$। अतः अणु सूत्र $6 \times (CH_{2}O) = C_{6}H_{12}O_{6}$ (ग्लूकोज) होगा।
11. 1635. मेथेन, एथेन और ब्यूटेन के आण्विक सूत्र क्रमशः $CH_{4}$, $C_{2}H_{6}$ और $C_{4}H_{10}$ हैं। इनके क्रमशः प्रयोगसिद्ध (एम्पिरिकल) सूत्र क्या होंगे?
(A) $CH_{4}$, $CH_{3}$ और $C_{2}H_{5}$
(B) CH, CH और CH
(C) $CH_{4}$, $C_{2}H_{6}$ और $C_{4}H_{10}$
(D) C4H, $2CH_{3}$ और $2C_{2}H_{5}$
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-III
Ans: (A) मूलानुपाती (Empirical) सूत्र परमाणुओं का सरलतम अनुपात होता है। मेथेन $CH_{4}$ का सरलतम अनुपात $CH_{4}$ ही है। एथेन $C_{2}H_{6}$ का सरल अनुपात $CH_{3}$ है। ब्यूटेन $C_{4}H_{10}$ का सरल अनुपात $C_{2}H_{5}$ है। अतः विकल्प A सही है।
12. 1639. इनमें से कौन सा कार्बनिक यौगिक अन्य तीन यौगिकों के समान उसी समजातीय श्रेणी से संबंधित नहीं है?
(A) $C_{3}H_{8}$
(B) $CH_{4}$
(C) $C_{2}H_{6}$
(D) $C_{4}H_{8}$
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) प्रोपेन ($C_{3}H_{8}$), मेथेन ($CH_{4}$) और एथेन ($C_{2}H_{6}$) सभी एल्केन श्रेणी ($C_{n}H_{2n+2}$) के सदस्य हैं। जबकि ब्यूटीन ($C_{4}H_{8}$) एल्कीन श्रेणी ($C_{n}H_{2n}$) का सदस्य है। इसलिए $C_{4}H_{8}$ इस समूह से संबंधित नहीं है।
13. निम्न में से किस समूह के सभी यौगिक समान समजातीय श्रेणी से संबंधित हैं?
(A) $C_{4}H_{8}, C_{3}H_{8}, C_{6}H_{10}$
(B) $C_{3}H_{8}, C_{4}H_{10}, C_{5}H_{12}$
(C) $C_{2}H_{6}, C_{2}H_{4}, C_{2}H_{2}$
(D) $C_{6}H_{10}, C_{6}H_{12}, C_{6}H_{14}$
RRB Group-D | 18/08/2022 | Shift-II
Ans: (B) $C_{3}H_{8}, C_{4}H_{10}, C_{5}H_{12}$ तीनों एल्केन श्रेणी के सदस्य हैं। ये सभी $C_{n}H_{2n+2}$ सूत्र का पालन करते हैं और एक ही समजातीय श्रेणी (Homologous series) बनाते हैं। इनके बीच $-CH_{2}-$ का अंतर है।
14. आणविक सूत्र $C_{3}H_{4}$ वाला यौगिक, ............ की समजातीय श्रेणी से संबंधित है।
(A) केवल एल्काइन
(B) केवल एल्कीन
(C) केवल एल्केन
(D) ऐल्कोहॉल
RRB Group-D | 20/09/2022 | Shift-I
Ans: (A) आणविक सूत्र $C_{3}H_{4}$ ऐल्काइन श्रेणी ($C_{n}H_{2n-2}$) का सदस्य है, जहाँ $n=3$ है। इसका नाम प्रोपाइन है और इसमें एक त्रि-आबंध ($C \equiv C$) मौजूद होता है। यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है।
15. समजातीय श्रेणी के इनमें से किस यौगिक का क्वथनांक सबसे कम होता हैं?
(A) $C_{4}H_{10}O$
(B) $C_{3}H_{8}O$
(C) $CH_{4}O$
(D) $C_{2}H_{6}O$
RRB Group-D | 16/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) समजातीय श्रेणी में जैसे-जैसे कार्बन परमाणुओं की संख्या और आणविक भार बढ़ता है, क्वथनांक भी बढ़ता है। सबसे कम कार्बन परमाणु वाले यौगिक $CH_{4}O$ (मेथनॉल) का क्वथनांक सबसे कम होगा क्योंकि इसके अणु के बीच वांडर-वाल्स बल सबसे कम होते हैं।
16. समजातीय श्रृंखला के अनुवर्ती सदस्यों की परमाणु द्रव्यमान इकाइयों के बीच कितनी भिन्नता होती है?
(A) 26
(B) 32
(C) 20
(D) 14
RRB ALP & Tec. | 21-08-18 | Shift-I
Ans: (D) समजातीय श्रेणी के दो क्रमिक सदस्यों के बीच हमेशा एक कार्बन और दो हाइड्रोजन परमाणुओं ($-CH_{2}-$) का अंतर होता है। कार्बन का द्रव्यमान $12 u$ और हाइड्रोजन का $1 \times 2 = 2 u$ होता है। अतः कुल अंतर $12 + 2 = 14 u$ होता है।
17. निम्नलिखित में से कौन सा एक विषम यौगिक है?
(A) प्रोपेन
(B) एथीन
(C) मीथेन
(D) एथेन
RRB Group-D | 09-10-2018 | Shift-II
Ans: (B) प्रोपेन, मीथेन और एथेन तीनों संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) हैं। जबकि एथीन ($C_{2}H_{4}$) एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है। अतः एथीन इस समूह में विषम यौगिक है क्योंकि इसमें द्वि-बंध पाया जाता है।
18. इनमें से कौन सा एक असंतृप्त यौगिक है? (संरचना के आधार पर)
(A) $CH_{3}-C\equiv C-CH_{3}$
(B) $CH_{3}-CH_{2}-CH_{2}-CH_{3}$
(C) $CH_{3}-CH(CH_{3})-CH_{3}$
(D) $CH_{3}-CH_{2}-CH_{3}$
RRB Group-D | 11-12-2018 | Shift-II
Ans: (A) असंतृप्त यौगिक वे होते हैं जिनमें कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-बंध या त्रि-बंध होता है। संरचना $CH_{3}-C \equiv C-CH_{3}$ (ब्यूट-2-आइन) में त्रि-आबंध है, इसलिए यह एक असंतृप्त यौगिक है। बाकी सभी विकल्प संतृप्त ऐल्केन हैं।
19. मेथिल एल्कोहल और एथिल एल्कोहल के आणविक द्रव्यमानों में _____ इकाइयों का अंतर होता है-
(A) 14
(B) 13
(C) 12
(D) 16
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-II
Ans: (A) मेथिल अल्कोहल $CH_{3}OH$ और एथिल अल्कोहल $C_{2}H_{5}OH$ एक ही समजातीय श्रेणी के सदस्य हैं। इनके बीच $-CH_{2}-$ समूह का अंतर है। आणविक द्रव्यमान में यह अंतर $12 + (2 \times 1) = 14$ द्रव्यमान इकाइयों के बराबर होता है।
20. निम्नलिखित में सबसे दुर्बल अम्ल _____ है-
(A) फॉर्मिक अम्ल
(B) बेंजोइक अम्ल
(C) ऑक्सैलिक अम्ल
(D) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
RRB Group-D | 29-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) बेंजोइक अम्ल ($C_{6}H_{5}COOH$) एक कार्बनिक अम्ल है और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) जैसे खनिज अम्लों की तुलना में बहुत दुर्बल होता है। दिए गए विकल्पों में, कार्बनिक अम्लों की अम्लता उनके संरचनात्मक प्रभावों पर निर्भर करती है, जहाँ बेंजोइक अम्ल काफी दुर्बल व्यवहार प्रदर्शित करता है।
10. Glands
1. थायरॉक्सिन हॉर्मोन (thyroxin hormones) के संश्लेषण के लिए क्या आवश्यक है?
(A) ब्रोमीन
(B) क्लोरीन
(C) आयोडीन
(D) निकैल
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (C) थायरोक्सिन (Thyroxine) हार्मोन का निर्माण थायरॉयड ग्रंथि द्वारा किया जाता है। इसके संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य तत्व है। शरीर में आयोडीन की कमी से थायरॉयड ग्रंथि सूज जाती है, जिसे घेघा या गॉइटर रोग कहा जाता है।
2. किशोरावस्था के दौरान महिलाओं में शरीर में होने वाले प्रमुख परिवर्तनों के लिए कौन-सा हार्मोन जिम्मेदार होता है?
(A) थायरॉक्सिन
(B) टेस्टोस्टेरोन
(C) एस्ट्रोजन
(D) इंसुलिन
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) एस्ट्रोजन (Estrogen) महिलाओं में पाया जाने वाला प्रमुख सेक्स हार्मोन है। यह किशोरावस्था के दौरान माध्यमिक यौन लक्षणों जैसे स्तनों का विकास और मासिक धर्म चक्र के नियमन के लिए जिम्मेदार होता है। यह अंडाशय (Ovaries) द्वारा स्रावित होता है।
3. बालों के विकास के पैटर्न और द्वितीयक यौन विशेषताओं को प्रभावित करने वाला कौन-सा कारक है?
(A) इंसुलिन
(B) थायरॉक्सिन
(C) टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन
(D) वृद्धि हार्मोन
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में और एस्ट्रोजन महिलाओं में बालों के विकास और द्वितीयक यौन विशेषताओं को नियंत्रित करते हैं। ये हार्मोन शरीर के भौतिक स्वरूप में बदलाव लाते हैं। इनका स्राव यौवनारंभ (Puberty) के समय बढ़ जाता है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. आजकल भारत में ईंधनों में किस को मिलाया जा रहा है?
(A) एथेन
(B) कार्बनिक विलायक
(C) इथेनॉल
(D) बायोडीजल
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) आजकल प्रदूषण कम करने के लिए पेट्रोल में एथेनॉल $C_{2}H_{5}OH$ मिलाया जा रहा है। भारत सरकार ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य रखा है। एथेनॉल एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जो गन्ने के शीरे से प्राप्त होता है।
2. कैलोरीजनन मान की इकाई होती है:
(A) $J/kg$
(B) $J.s$
(C) $J/s$
(D) $J.kg$
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) कैलोरीजनन मान (Calorific Value) वह ऊष्मा है जो 1 kg ईंधन के पूर्ण दहन से प्राप्त होती है। इसकी मानक इकाई $J/kg$ होती है, लेकिन व्यवहार में इसे $kJ/kg$ में मापा जाता है। उच्च कैलोरी मान वाले ईंधन को आदर्श ईंधन माना जाता है।
10. Modern physics and machines
1. पृथ्वी की कौन-सी परत तरल अवस्था में होती है?
(A) मेंटल (Mantle)
(B) बाह्य क्रोड (Outer core)
(C) आंतरिक क्रोड (Inner core)
(D) भूपर्पटी (Crust)
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) पृथ्वी की आंतरिक संरचना के तीन मुख्य भाग हैं: भूपर्पटी (Crust), मेंटल (Mantle) और क्रोड (Core)। क्रोड को दो हिस्सों में बांटा गया है: बाह्य क्रोड (Outer Core) जो तरल अवस्था (Liquid state) में है और आंतरिक क्रोड (Inner Core) जो अत्यधिक दबाव के कारण ठोस है।
10. Glands
1. निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन शरीर को लड़ाई या दौड़ जैसे उच्च ऊर्जा गतिविधियों के लिए तैयार करता है?
(A) थायरॉक्सिन
(B) वृद्धि हार्मोन
(C) एड्रेनालाईन
(D) इंसुलिन
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) एड्रेनालाईन (Adrenaline) को "लड़ो या उड़ो" (Fight or Flight) हार्मोन कहा जाता है। यह अधिवृक्क ग्रंथि से निकलता है और आपातकालीन स्थितियों में हृदय गति और श्वसन दर को बढ़ा देता है। यह शरीर को तत्काल ऊर्जा और सतर्कता प्रदान करता है।
2. मानव हार्मोनों का मुख्य कार्य क्या होता है?
(A) समन्वित वृद्धि और शरीर की क्रियाओं का नियमन
(B) संरचनात्मक समर्थन
(C) विद्युत संकेत देना
(D) पोषक तत्वों का अवशोषण
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) मानव हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित होते हैं। इनका मुख्य कार्य शरीर की वृद्धि, चयापचय और विभिन्न अंगों के कार्यों का समन्वय और नियमन करना है। ये सीधे रक्त में मिलकर लक्षित अंगों तक पहुँचते हैं।
3. कौन-सी ग्रंथि हार्मोन को सीधे रक्त प्रवाह में छोड़ती है?
(A) पसीने की ग्रंथियाँ
(B) बहिःस्रावी ग्रंथियाँ
(C) लार ग्रंथियाँ
(D) अंतःस्रावी ग्रंथियाँ
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) अंतःस्रावी ग्रंथियां (Endocrine Glands) वाहिनीहीन (Ductless) होती हैं, इसलिए वे अपने स्राव को सीधे रक्त प्रवाह में छोड़ती हैं। इसके विपरीत बहिःस्रावी ग्रंथियां नलिकाओं के माध्यम से एंजाइम भेजती हैं। पीयूष, थायरॉयड और अधिवृक्क इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
10. Chemistry in Everyday Life
1. जल या सीवेज नमूने की जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) को किस विशिष्ट तापमान पर मापा जाता है?
(A) $30^{\circ}C$
(B) $15^{\circ}C$
(C) $20^{\circ}C$
(D) $5^{\circ}C$
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) BOD परीक्षण जल प्रदूषण मापने की एक विधि है। इसे आमतौर पर $20^{\circ}C$ के विशिष्ट तापमान पर 5 दिनों के लिए मापा जाता है। यह पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने के लिए सूक्ष्मजीवों द्वारा आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को दर्शाता है।
10. Modern physics and machines
1. निम्नलिखित में से कौन-सा विश्व के पहले लकड़ी के उपग्रह का नाम है?
(A) एस्ट्रासैट
(B) वुडुसेट
(C) लिग्नोसैट
(D) अरिहंतसैट
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) लिग्नोसैट ($LignoSat$) दुनिया का पहला लकड़ी से बना उपग्रह है, जिसे क्योटो विश्वविद्यालय (जापान) ने विकसित किया है। यह मैगनोलिया लकड़ी से बना है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष मलबे ($Space$ $Debris$) को कम करना है क्योंकि यह वायुमंडल में लौटते समय पूरी तरह राख बन जाएगा।
10. Chemistry in Everyday Life
1. निम्न में से कौन-सी एक आदर्श ईंधन की विशेषता है?
(A) इसका कैलोरीजनन मान उच्च होता है
(B) यह बड़ी मात्रा में धुआँ उतपन्न करता है
(C) यह बहुत मंहगा होता है
(D) यह आसानी से उपलब्ध नहीं होता है
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) एक आदर्श ईंधन वह है जिसका कैलोरी मान (Calorific Value) उच्च हो और जो जलने पर हानिकारक गैसें या धुआँ उत्पन्न न करे। साथ ही, इसका प्रज्वलन ताप (Ignition Temperature) मध्यम होना चाहिए और यह सस्ता व आसानी से उपलब्ध होना चाहिए।
10. Glands
1. आहार में आयोडीन की कमी किस रोग का कारण बन सकती है?
(A) घेघा (गॉइटर)
(B) मधुमेह
(C) बौनापन
(D) क्रेटिनिज़्म
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) आहार में आयोडीन की कमी से थायरॉयड ग्रंथि थायरोक्सिन हार्मोन पर्याप्त मात्रा में नहीं बना पाती। इसके परिणामस्वरूप गर्दन में सूजन आ जाती है जिसे घेघा (Goitre) कहते हैं। यह रोग पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक देखा जाता है जहाँ पानी में आयोडीन कम होता है।
10. Modern physics and machines
1. परमाणु रिएक्टर का सिद्धांत क्या है?
(A) परमाणु संलयन
(B) नियंत्रित रसायनिक अभिक्रिया
(C) परमाणु विखंडन
(D) अनियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) परमाणु रिएक्टर 'नियंत्रित नाभिकीय विखंडन' ($Controlled$ $Nuclear$ $Fission$) पर आधारित है। इसमें यूरेनियम ($U-235$) का उपयोग ईंधन के रूप में होता है। विखंडन की दर को नियंत्रित करने के लिए कैडमियम ($Cd$) या बोरॉन ($B$) की छड़ों का उपयोग किया जाता है जो अतिरिक्त न्यूट्रॉन को सोख लेती हैं।
10. Chemistry in Everyday Life
1. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, मनुष्य के स्वास्थ्य को सबसे अधिक हानि पहुँचाने वाले कणिका तत्व का आकार क्या होता है?
(A) व्यास में 4.5 माइक्रोमीटर
(B) व्यास में 5 माइक्रोमीटर
(C) व्यास में 2.5 माइक्रोमीटर
(D) व्यास में 3.5 माइक्रोमीटर
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) CPCB के अनुसार, $2.5$ माइक्रोमीटर ($PM_{2.5}$) या उससे कम व्यास वाले कण मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे खतरनाक हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि श्वसन के दौरान फेफड़ों की गहराई तक (एल्विओली) पहुँच जाते हैं और रक्त प्रवाह में भी मिल सकते हैं।
10. Glands
1. श्वसन में एड्रेनालाईन की क्या भूमिका होती है?
(A) श्वसन दर को कम करता है
(B) श्वसन पर कोई प्रभाव नहीं डालता
(C) श्वसन दर को बढ़ाता है
(D) डायाफ्राम की गति को रोक देता है
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) जब शरीर खतरे में होता है, तो एड्रेनालाईन श्वसन दर को बढ़ाता है ताकि मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिल सके। इसके साथ ही यह हृदय की धड़कन को तेज करता है और ग्लूकोज का स्तर बढ़ाता है। यह प्रतिक्रिया "सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम" का हिस्सा है।
2. किस अंतःस्रावी ग्रंथि को अपना हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है?
(A) अधिवृक्क
(B) अग्न्याशय
(C) पीयूष
(D) थायरॉयड
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) थायरॉयड ग्रंथि को थायरोक्सिन (T4) और ट्राई-आयोडोथायरोनिन (T3) बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है। आयोडीन की अनुपस्थिति में यह ग्रंथि निष्क्रिय हो जाती है। यह ग्रंथि गर्दन के आधार पर श्वास नली के सामने स्थित होती है।
10. Modern physics and machines
1. परमाणु रिएक्टर का सिद्धांत क्या है?
(A) परमाणु संलयन
(B) नियंत्रित रसायनिक अभिक्रिया
(C) परमाणु विखंडन
(D) अनियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) नाभिकीय रिएक्टर में ऊर्जा उत्पादन के लिए विखंडन अभिक्रिया को नियंत्रित किया जाता है। यदि यह अनियंत्रित हो जाए तो परमाणु बम का रूप ले लेती है। इसमें न्यूट्रॉन की गति को धीमा करने के लिए मॉडरेटर के रूप में भारी जल ($D_{2}O$) या ग्रेफाइट का उपयोग होता है।
2. निम्न में से किस वैज्ञानिक ने यह दिखाया कि द्रव्य को ऊर्जा में और ऊर्जा को द्रव्य में स्थानांतरित किया जा सकता है?
(A) रॉबर्ट बॉयल
(B) अल्बर्ट आइंस्टीन
(C) जोसेफ प्राउस्ट
(D) जैक्स चार्ल्स
RRB Group-D | 03-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने द्रव्यमान-ऊर्जा तुल्यता का सिद्धांत दिया। उन्होंने बताया कि द्रव्यमान ($m$) को ऊर्जा ($E$) में बदला जा सकता है। इसका प्रसिद्ध समीकरण $E = mc^{2}$ है, जहाँ $c$ प्रकाश की चाल है जिसका मान लगभग $3 imes 10^{8}$ $m/s$ होता है।
3. परमाणु संलयन प्रतिक्रियाएं स्वचालित रूप से होती हैं।
(A) सूर्य में
(B) परमाणु रिएक्टर में
(C) सागर की लहरें
(D) धरती के क्रोड़ में
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-III
Ans: (A) तारों और सूर्य में ऊर्जा का स्रोत परमाणु संलयन ($Nuclear$ $Fusion$) है। सूर्य के केंद्र में अत्यधिक ताप और दाब पर हाइड्रोजन के नाभिक मिलकर हीलियम ($He$) नाभिक बनाते हैं, जिससे अपार ऊर्जा उत्सर्जित होती है।
4. सूर्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन के समय निम्न में से कौन सी अभिक्रिया संपन्न होती है?
(A) नाभिकीय विखंडन
(B) अपघटन
(C) नाभिकीय संलयन
(D) दहन
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) सौर ऊर्जा का मुख्य कारण नाभिकीय संलयन है। इसमें $4$ हाइड्रोजन नाभिक संलयित होकर $1$ हीलियम नाभिक और बहुत सारी ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। यह प्रक्रिया लगभग $10^{7}$ $K$ तापमान पर शुरू होती है।
5. नाभिकीय रिएक्टरों में ईंधन के रुप में इनमें से किसका उपयोग किया जाता है?
(A) आयोडीन
(B) यूरेनियम
(C) कोबाल्ट
(D) तांबा
RRB NTPC Stage I | 07.04.2021 | Shift-I
Ans: (B) नाभिकीय रिएक्टरों में विखंडनीय पदार्थ के रूप में मुख्य रूप से यूरेनियम ($U-235$) या प्लूटोनियम ($Pu-239$) का उपयोग किया जाता है। भारत के परमाणु कार्यक्रम में थोरियम ($Th$) के उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. दलदल एवं धान के खेतों से इनमें से कौन सी गैस उत्सर्जित होती है?
(A) हीलियम
(B) मेथेन
(C) ऑक्सीजन
(D) नाइट्रोजन
RRB NTPC Stage I | 25.01.2021 | Shift-II
Ans: (B) दलदली भूमि और धान के खेतों में कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय अपघटन (Anaerobic Decomposition) से मेथेन $CH_{4}$ गैस निकलती है। मेथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है जो ग्लोबल वार्मिंग में योगदान देती है।
2. निम्नलिखित में से किसे मार्श गैस भी कहा जाता है?
(A) प्रोपेन
(B) ईथेन
(C) मीथेन
(D) ब्यूटेन
RRB NTPC Stage I | 28.03.2016 | Shift-I
Ans: (C) मेथेन $CH_{4}$ को मार्श गैस कहा जाता है क्योंकि यह दलदली (Marshy) इलाकों में वनस्पतियों के सड़ने से उत्पन्न होती है। यह प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है और कोयले की खानों में विस्फोट का कारण भी बनती है।
3. मीथेन _______ के रूप में जाना जाता है।
(A) लाफिंग गैस
(B) टियर गैस
(C) मार्श गैस
(D) नॉन-ग्रीनहाउस गैस
RRB NTPC Stage I | 19.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) मेथेन $CH_{4}$ को मार्श गैस के रूप में जाना जाता है। इसके विपरीत, नाइट्रस ऑक्साइड $N_{2}O$ को लाफिंग गैस कहा जाता है। मेथेन एक रंगहीन और गंधहीन गैस है जो हाइड्रोकार्बन श्रेणी का सबसे सरल सदस्य (अल्केन) है।
4. मार्श गैस के प्रमुख घटक क्या है?
(A) मीथेन
(B) हाइड्रोजन
(C) नाइट्रोजन
(D) आर्गन
RRB NTPC Stage I | 03.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) मार्श गैस का मुख्य घटक मेथेन $CH_{4}$ है, जिसकी मात्रा लगभग 75% से 90% तक हो सकती है। यह गैस हवा के साथ मिलकर विस्फोटक मिश्रण बनाती है। इसे जैव-गैस (Biogas) का भी मुख्य हिस्सा माना जाता है।
5. बैकेलाइट होता है एक
(A) रोधक (इन्सुलेटर)
(B) सेमीकंडक्टर
(C) उच्च प्रतिरोधी चालक
(D) निम्न प्रतिरोधी चालक
RRB J.E. (Green paper) | 14.12.2014
Ans: (A) बैकेलाइट एक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है जो फिनोल और फॉर्मल्डेहाइड के बहुलकीकरण से बनता है। यह ऊष्मा और बिजली का कुचालक (Insulator) है, इसलिए इसका उपयोग बिजली के स्विच, प्लग और बर्तनों के हत्थे बनाने में किया जाता है।
6. पहला मानव निर्मित संश्लेषित रेशा (synthetic fibre) कौन सा है ?
(A) एक्रीलिक
(B) सिलिकॉन
(C) नायलॉन
(D) स्पैन्डेक्स
RRB NTPC Stage I | 08.02.2021 | Shift-II
Ans: (C) नायलॉन ($Nylon$) पहला पूर्ण रूप से संश्लेषित रेशा है जिसे 1930 के दशक में बनाया गया था। इसे कोयला, जल और वायु से तैयार किया गया था। यह बहुत मजबूत, लचीला और हल्का होता है, जिसका उपयोग पैराशूट और जुराबें बनाने में होता है।
7. किस उद्योग में कच्चे माल के रूप में चूने के पत्थर का उपयोग किया जाता है?
(A) बर्तन
(B) सीमेंट
(C) प्लास्टिक
(D) ऑटोमोबाइल
RRB NTPC Stage I | 04.01.2021 | Shift-I
Ans: (B) चूना पत्थर (Limestone), जिसका रासायनिक सूत्र $CaCO_{3}$ है, सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल है। इसे मिट्टी (Clay) और जिप्सम $CaSO_{4} \cdot 2H_{2}O$ के साथ मिलाकर सीमेंट तैयार किया जाता है।
8. RDX क्या है ?
(A) एक विस्फोटक
(B) कीटनाशकों के उत्पादन में प्रयुक्त एक रसायन
(C) रक्तचाप मापने का एक यंत्र
(D) विद्युत धारा मापने का एक यंत्र
RRB NTPC Stage I | 03.02.2021 | Shift-II
Ans: (A) RDX का पूरा नाम "Research Department Explosive" है। इसका रासायनिक नाम साइक्लोट्राइमेथिलिन ट्रिनिट्रामिन $C_{3}H_{6}N_{6}O_{6}$ है। यह एक अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक है जिसे "प्लास्टिक एक्सप्लोसिव" भी कहा जाता है।
10. Glands
1. किस हार्मोन की कमी के कारण मधुमेह रोग होता है?
(A) एड्रीनलीन
(B) ऑक्सीटोसिन
(C) इंसुलिन
(D) थायरॉक्सिन
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-1
Ans: (C) इंसुलिन हार्मोन अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं द्वारा बनाया जाता है। यह रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। इसकी कमी से रक्त में ग्लूकोज बढ़ जाता है, जिसे मधुमेह (Diabetes Mellitus) कहा जाता है।
2. मानव शरीर में पाई जाने वाली निम्नलिखित में से कौन सी ग्रंथि एक अंतःस्त्रावी ग्रंथि नहीं है?
(A) अधिवृक्क ग्रंथि
(B) पीयूष ग्रंथि
(C) थायरॉयड ग्रंथि
(D) लार ग्रंथि
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-I
Ans: (D) लार ग्रंथि एक बहिःस्रावी (Exocrine) ग्रंथि है क्योंकि यह नलिकाओं के माध्यम से लार छोड़ती है। जबकि अधिवृक्क, पीयूष और थायरॉयड अंतःस्रावी ग्रंथियां हैं जो हार्मोन सीधे रक्त में छोड़ती हैं। लार ग्रंथियां पाचन में मदद करती हैं।
3. थायरॉक्सिन हार्मोन के निर्माण के लिए किस खनिज की आवश्यकता होती है?
(A) आयरन
(B) पोटैशियम
(C) कैल्शियम
(D) आयोडीन
RRB Group-D | 30/08/2022 | Shift-III
Ans: (D) थायरोक्सिन हार्मोन के निर्माण के लिए आयोडीन अनिवार्य खनिज है। यह शरीर के चयापचय (Metabolism), कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के पाचन को नियंत्रित करता है। इसकी उचित मात्रा बच्चों के मानसिक विकास के लिए भी जरूरी है।
4. निम्नलिखित में से कौन सा वर्णक हमारे बालों, त्वचा और आँखों के रंग के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी है?
(A) मायोग्लोबिन
(B) क्लोरोफिल
(C) मेलानिन
(D) जैन्थोफिल
RRB NTPC Stage Ist | 24.07.2021 | Shift-II
Ans: (C) मेलानिन (Melanin) एक प्राकृतिक वर्णक है जो हमारी त्वचा, बालों और आंखों को रंग प्रदान करता है। यह सूरज की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। मेलानिन का अधिक उत्पादन त्वचा को सांवला बनाता है।
5. पुरुष मानव शरीर के किस अंग को 'एडम का एप्पल (Adam's Apple)' कहा जाता है?
(A) तालु
(B) फेफड़ा
(C) जीभ
(D) कंठ या टेटुआ
RRB NTPC Stage Ist | 19.03.2021 | Shift-I
Ans: (D) पुरुषों के कंठ में स्वरयंत्र (Larynx) बाहर की ओर उभरा होता है, जिसे एडम का एप्पल कहा जाता है। यह यौवनारंभ के समय टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के प्रभाव से बढ़ता है। इसके कारण पुरुषों की आवाज भारी और गहरी हो जाती है।
6. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रमुख महिला सेक्स हार्मोन है?
(A) क्रोमेटिन
(B) न्यूक्लिओसोम
(C) एस्ट्रोजन
(D) टेस्टोस्टेरोन
RRB NTPC Stage Ist | 25.01.2021 | Shift-II
Ans: (C) एस्ट्रोजन महिलाओं का मुख्य लैंगिक हार्मोन है जो अंडाशय (Ovaries) से निकलता है। यह प्रजनन अंगों के विकास और द्वितीयक यौन लक्षणों को नियंत्रित करता है। टेस्टोस्टेरोन मुख्य रूप से पुरुष हार्मोन है।
7. इनमें से कौन-सा हार्मोन मानव रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करता है?
(A) एस्ट्रोजेन
(B) इंसुलिन
(C) पैराथॉर्मोन
(D) टेस्टोस्टेरोन
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-IV
Ans: (B) इंसुलिन रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को कम करने का काम करता है। यह कोशिकाओं को ग्लूकोज सोखने के लिए प्रेरित करता है ताकि ऊर्जा मिल सके। अग्न्याशय (Pancreas) इसे सीधे रक्त में प्रवाहित करता है।
8. रक्त में शर्करा (शुगर) के स्तर में वृद्धि का पता किसकी कोशिकाओं द्वारा चलता है?
(A) गुर्दा
(B) अग्न्याशय
(C) पित्ताशय
(D) यकृत
RRB Group-D | 17-09-2018 | Shift-II
Ans: (B) अग्न्याशय (Pancreas) में विशेष कोशिकाएं होती हैं जिन्हें लैंगरहैंस की द्वीपिकाएं कहते हैं। ये कोशिकाएं रक्त में ग्लूकोज के बढ़ते स्तर को तुरंत पहचान लेती हैं। इसके जवाब में वे इंसुलिन का स्राव करती हैं ताकि शुगर लेवल सामान्य हो सके।
9. 'लैंगरहँस के आइलेट्स' किस मानव अंग में पाये जाते हैं?
(A) मस्तिष्क
(B) अग्न्याशय
(C) यकृत
(D) पित्ताशय
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-I
Ans: (B) लैंगरहैंस के आइलेट्स (Islets of Langerhans) अग्न्याशय के भीतर पाए जाने वाले ऊतकों के समूह हैं। इनमें अल्फा, बीटा और डेल्टा कोशिकाएं होती हैं जो ग्लूकागन और इंसुलिन जैसे हार्मोन बनाती हैं। यह अंतःस्रावी कार्य का केंद्र है।
10. सूरज की रोशनी के संपर्क में आते ही हमारी त्वचा साँवली हो जाती है, ऐसा किसकी उपस्थिति के कारण होता है?
(A) कारोटील
(B) ओक्सिलोफाईट
(C) मेलानिन
(D) फ्लावोक्सान्थि
RRB NTPC Stage Ist | 12.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) धूप के संपर्क में आने पर त्वचा की मेलानोसाइट कोशिकाएं अधिक मेलानिन (Melanin) बनाने लगती हैं। यह एक सुरक्षात्मक तंत्र है जो त्वचा को सनबर्न से बचाता है। मेलानिन की इसी अधिकता के कारण त्वचा का रंग गहरा या सांवला हो जाता है।
11. ............ ग्रन्थि को मास्टर ग्रन्थि के नाम से भी जाना जाता है।
(A) अग्नाशय
(B) हाइपोथैलमस
(C) पिट्यूटरी
(D) एड्रीनल
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-1
Ans: (C) पिट्यूटरी (Pituitary) को मास्टर ग्रंथि कहा जाता है क्योंकि यह अन्य सभी अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करती है। यह मस्तिष्क के आधार पर स्थित होती है। हालांकि, इसे खुद हाइपोथैलेमस द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
12. मानव शरीर में पिट्यूटरी ग्रंथि कहाँ स्थित होती है?
(A) प्लीहा के पास
(B) मस्तिष्क के तल पर
(C) गुर्दे के शीर्ष पर
(D) आंत में
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-IV
Ans: (B) पिट्यूटरी ग्रंथि मस्तिष्क के तल पर 'सेला टर्सिका' नामक हड्डी की गुहा में स्थित होती है। यह मटर के दाने के आकार की होती है और शरीर की वृद्धि को नियंत्रित करती है। इसकी स्थिति मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस के ठीक नीचे होती है।
13. एड्रेनालाईन किस ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है?
(A) पीनियल ग्रंथि
(B) पिट्यूटरी ग्रंथि
(C) अधिवृक्क ग्रंथि
(D) थायरॉइड ग्रंथि
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (C) एड्रेनालाईन (Adrenaline) अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) के मज्जा (Medulla) भाग से निकलता है। इसे आपातकालीन हार्मोन कहा जाता है जो तनाव में शरीर की मदद करता है। यह हृदय गति, रक्तचाप और ग्लूकोज के स्तर को तुरंत बढ़ाता है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. किसी झील के जल में पोषक तत्वों की प्रचुरता द्वारा उसकी प्राकृतिक आयुवृद्धि के लिए प्रयुक्त शब्द क्या है?
(A) Oxidisation
(B) Biomagnification
(C) Mineralisation
(D) Eutrophication
MP Police constable 2025 | 03-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) यूट्रोफिकेशन (Eutrophication) वह प्रक्रिया है जिसमें जल निकाय में पोषक तत्वों (जैसे नाइट्रोजन और फास्फोरस) की सांद्रता बढ़ जाती है। इससे शैवाल (Algae) की अत्यधिक वृद्धि होती है, जिससे पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और जलीय जीव मरने लगते हैं।
2. पारिस्थितिकी पिरामिड के प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(A) बायोमास का पिरामिड
(B) संख्याओं का पिरामिड
(C) आकार का पिरामिड
(D) ऊर्जा का पिरामिड
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) पारिस्थितिकी पिरामिड तीन प्रकार के होते हैं: संख्या, जैवभार (Biomass) और ऊर्जा। पिरामिड ऑफ साइज (आकार का पिरामिड) जैसा कोई मानक पारिस्थितिकी पिरामिड नहीं होता है। ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा (Upright) होता है।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा कच्चे तेल के आंशिक आसवन का उत्पाद नहीं है?
(A)
(B)
(C)
(D)
MP Police constable 2025 | 12-11-2025 | 10:00:00
Ans: () कच्चे तेल (Crude Oil) के आंशिक आसवन से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और लुब्रिकेटिंग तेल प्राप्त होते हैं। एथिल अल्कोहल $C_{2}H_{5}OH$ किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है, न कि कच्चे तेल के आसवन से।
10. Glands
1. एक बच्चा 24 घंटे तक बहुत कम नमक खाता है। रक्त में सोडियम की मात्रा थोड़ी कम हो जाती है। कौन-सा हार्मोन अत्यधिक सोडियम की हानि को रोकता है?
(A) इंसुलिन
(B) एल्डोस्टेरोन
(C) ग्लूकागन
(D) ऑक्सीटोसिन
MP Police constable 2025 | 10-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) हार्मोन अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है जो किडनी में सोडियम के पुनरावशोषण को बढ़ावा देता है। जब रक्त में सोडियम कम होता है, तो यह हार्मोन नमक के संरक्षण में मदद करता है। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है।
2. एक 12 वर्षीय बच्चे में द्वितीयक यौन विशेषताओं का विकास विलंबित है। पिट्यूटरी ग्रंथि का हार्मोन कार्य कमजोर है। कौन-सा हार्मोन मुख्य रूप से इसके लिए जिम्मेदार है?
(A) इंसुलिन यौन परिपक्वता को रोकता है
(B) जीएच अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि और यौन विकास को प्रभावित करता है
(C) कैल्सीटोनिन यौवन के समय को बदलता है
(D) थायरॉक्सिन सीधे यौवन में देरी करता है
MP Police constable 2025 | 25-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) ग्रोथ हार्मोन (GH) पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है और यह शारीरिक विकास के साथ-साथ परिपक्वता के लिए भी जरूरी है। GH की कमी से यौवन के लक्षण देरी से प्रकट हो सकते हैं। यह अन्य सेक्स हार्मोनों के प्रभाव को भी सुगम बनाता है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. एंटीफ्रीज़ (एथिलीन ग्लाइकोल) इंजन को जमने से किस प्रकार रोकता है:
(A) पानी के हिमांक को कम करके
(B) बर्फ के क्रिस्टल बनने से रोककर
(C) रासायनिक अभिक्रियाओं के माध्यम से ऊष्मा उत्पन्न करके
(D) इंजन के हिस्सों के चारों ओर इन्सुलेशन बनाकर
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) एथिलीन ग्लाइकोल $C_{2}H_{6}O_{2}$ को पानी में मिलाने पर यह पानी के हिमांक (Freezing Point) को $0^{\circ}C$ से नीचे गिरा देता है। इससे ठंडे प्रदेशों में इंजन के रेडिएटर में पानी नहीं जमता है। इसे एंटीफ्रीज़ मिश्रण कहते हैं।
10. Modern physics and machines
1. संयुक्त NISAR मिशन में, पृथ्वी अवलोकन के संदर्भ में दोहरी-आवृत्ति रडार किस क्षमता को सक्षम बनाता है?
(A) सभी मौसमों में, दिन-रात सेंटीमीटर-स्तरीय सटीकता से इमेजिंग
(B) अवरक्त में चंद्र सतह का मानचित्रण
(C) बाह्य अंतरिक्ष जीवन का पता लगाना
(D) गहरे अंतरिक्ष जांचों से संचार
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) NISAR ($NASA-ISRO$ $Synthetic$ $Aperture$ $Radar$) मिशन पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र, बर्फ के द्रव्यमान और प्राकृतिक खतरों को मापने के लिए $L$-बैंड और $S$-बैंड रडार का उपयोग करता है। यह बादलों को पार कर रात में भी स्पष्ट चित्र ले सकता है।
10. Glands
1. हाइपोथैलेमस वृद्धि हार्मोन के स्राव को कैसे प्रभावित करता है?
(A) इंसुलिन का स्राव करके
(B) वृद्धि हार्मोन स्रावक कारक स्राव करके
(C) थायरॉक्सिन का उत्पादन करके
(D) एड्रेनालाईन का स्राव करके
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) हाइपोथैलेमस "वृद्धि हार्मोन रिलीजिंग हार्मोन" (GHRH) स्रावित करता है जो पिट्यूटरी को संकेत देता है। यह हार्मोन सीधे पिट्यूटरी ग्रंथि पर कार्य करता है ताकि वृद्धि हार्मोन का उत्पादन हो सके। हाइपोथैलेमस शरीर के मास्टर कंट्रोलर के रूप में कार्य करता है।
10. Modern physics and machines
1. InSAR सबसरफेस फ्लूइड रिज़र्वेयर मैनेजमेंट में क्या रोल निभाता है?
(A) जोखिमों को समझने और प्रबंधित करने का उपकरण प्रदान करता है।
(B) नए कुओं की ड्रिलिंग का उपकरण प्रदान करता है।
(C) भूकंपों की भविष्यवाणी करने का उपकरण प्रदान करता है।
(D) भूमिगत तरल पदार्थों को निकालने का उपकरण प्रदान करता है।
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) InSAR तकनीक का उपयोग जमीन की सतह में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों (मिलीमीटर स्तर) को मापने के लिए किया जाता है। तेल या गैस निकालने (निकासी) से सतह धंसने के जोखिम को इसकी मदद से समय रहते पहचाना जा सकता है।
10. Glands
1. अचानक खतरे की स्थिति में, एड्रेनालाईन और ग्लूकागन दोनों का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति में कौन-सा परिणाम देखा जाता है?
(A) ग्रोथ हार्मोन एड्रेनालाईन के प्रभाव को रोकता है
(B) रक्त ग्लूकोज में वृद्धि और तेज़ हृदय गति, मांसपेशियों को ऊर्जा मिलना
(C) अतिरिक्त ग्लूकोज लीवर में जमा होता है, हृदय गति गिरती है
(D) धीमा चयापचय, हृदय गति अपरिवर्तित
MP Police constable 2025 | 06-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) अचानक खतरे के समय एड्रेनालाईन हृदय गति बढ़ाता है और ग्लूकागन लीवर से ग्लूकोज मुक्त करता है। यह संयोजन मांसपेशियों को तत्काल उच्च ऊर्जा प्रदान करता है। इससे व्यक्ति खतरे के प्रति तेजी से प्रतिक्रिया (Fight or Flight) दे पाता है।
2. मानव शरीर की कौन सी ग्रंथि 'जैविक घड़ी' (Biological Clock) या सोने-जागने के चक्र को नियंत्रित करती है?
(A) पीनियल ग्रंथि
(B) थाइमस ग्रंथि
(C) अग्न्याशय
(D) थायराइड ग्रंथि
MP Police constable 2025 | 11-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन हार्मोन बनाती है जो सोने-जागने के चक्र (Circadian Rhythm) को नियंत्रित करता है। इसे जैविक घड़ी कहा जाता है क्योंकि यह दिन और रात के प्रकाश के अनुसार शरीर को संकेत देती है। यह मस्तिष्क के गहरे हिस्से में स्थित होती है।
3. निम्न में से किसे भूख हार्मोन कहा जाता है?
(A) इंसुलिन
(B) रेजिस्टिन
(C) लेप्टिन
(D) प्रेलिन
Ans: (D) घ्रेलिन (Ghrelin) को "भूख हार्मोन" कहा जाता है क्योंकि यह आमाशय द्वारा स्रावित होता है और मस्तिष्क को खाने का संकेत देता है। इसके विपरीत लेप्टिन (Leptin) हार्मोन पेट भरने का संकेत देता है। घ्रेलिन का स्तर खाली पेट में बढ़ जाता है।
4. मानव वृद्धि हार्मोन्स किस ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होता है?
(A) पिट्यूटरी ग्रन्थि के पश्च भाग से
(B) पिट्यूटरी ग्रन्थि के अग्र भाग से
(C) थॉयराइड ग्रन्थि से
(D) पेंक्रियाज से
Ans: (B) मानव वृद्धि हार्मोन (HGH) पिट्यूटरी ग्रंथि के अग्र भाग (Anterior Pituitary) द्वारा स्रावित होता है। यह हड्डियों और ऊतकों के विकास के लिए जिम्मेदार है। इसकी अधिकता से जाइंटिज्म (विशालकाय शरीर) और कमी से बौनापन होता है।
5. मां से गर्भ (foetus) को पोषक तत्वों की आपूर्ति किसके माध्यम से होती है?
(A) ग्रीवा
(B) युग्मनज
(C) प्लेसेंटा
(D) भ्रूणपोष
Ans: (C) प्लेसेंटा (Placenta) एक विशेष ऊतक है जो मां के रक्त से पोषक तत्व और ऑक्सीजन भ्रूण तक पहुँचाता है। यह एक अस्थायी अंतःस्रावी अंग के रूप में भी कार्य करता है और HCG जैसे हार्मोन बनाता है। यह भ्रूण के अपशिष्ट पदार्थों को हटाने में भी मदद करता है।
10. Modern physics and machines
1. एक्स-रे, जो अब चिकित्सा के क्षेत्र में दैनिक रूप से रोग निदान के लिए उपयोग किया जाता है, उसकी खोज किसके द्वारा की गई थी?
(A) विल्हेम रॉन्टजन
(B) नील्स बोहर
(C) अर्नेस्ट रदरफोर्ड
(D) मैक्स बोन
RRB NTPC Stage I | 11.04.2016 | Shift-I
Ans: (A) विल्हेम रॉन्टजन ने $1895$ में $X$-किरणों की खोज की थी। चिकित्सा के क्षेत्र में हड्डियों के फ्रैक्चर का पता लगाने के लिए इनका व्यापक उपयोग होता है। $X$-किरणें उच्च ऊर्जा वाली विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं।
2. सूरज की रोशनी को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए सौर ऊर्जा............का उपयोग करती है।
(A) फोटोवोल्टिक सेल्स
(B) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव
(C) पराबैगनी किरण
(D) परमाणु विखंडन
RRB NTPC Stage I | 11.04.2016 | Shift-II
Ans: (A) फोटोवोल्टिक सेल (सौर सेल) सीधे सूर्य के प्रकाश (फोटॉन) को विद्युत ऊर्जा में बदल देते हैं। यह अर्धचालक ($Semiconductor$) जैसे सिलिकॉन ($Si$) से बने होते हैं। इसमें प्रकाश विद्युत प्रभाव ($Photoelectric$ $effect$) का उपयोग होता है।
3. निम्नलिखित में से किस प्रकार की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश नहीं कर पाती है?
(A) दृश्य प्रकाश
(B) X-किरणें
(C) रेडियों तरंगें
(D) पराबैगनी किरणें
RRB NTPC Stage I | 02.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) $X$-किरणें और गामा किरणें पृथ्वी के वायुमंडल की ऊपरी परतों द्वारा अवशोषित कर ली जाती हैं, इसलिए वे सीधे धरातल तक नहीं पहुँच पातीं। इसी कारण $X$-रे खगोल विज्ञान के लिए दूरबीनों को अंतरिक्ष में स्थापित करना पड़ता है।
4. एक परमाणु रिएक्टर में नियंत्रण रॉड (कैडमियम की रॉड) क्या काम करती है?
(A) विखंडन प्रतिक्रिया के दौरान उत्पन्न अत्यधिक ऊष्मा को अवशोषित करती है
(B) चेन रिएक्शन को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त न्यूट्रॉन को अवशोषित करती है
(C) न्यूट्रॉन की ऊर्जा को कम करती है
(D) चेन विखंडन प्रतिक्रिया के लिए आवश्यक न्यूट्रॉन उत्पन्न करती है
RRB NTPC Stage I | 11.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) परमाणु रिएक्टर में कैडमियम या बोरॉन की छड़ें 'कंट्रोल रॉड्स' कहलाती हैं। इनका कार्य श्रृंखला अभिक्रिया ($Chain$ $Reaction$) को बनाए रखने के लिए आवश्यक स्तर से अधिक न्यूट्रॉन को अवशोषित करना है।
5. भारत के पहले सफल परमाणु परीक्षण का (Nuclear Test) कोड नाम क्या था ?
(A) ऑपरेशन शक्ति
(B) स्माइलिंग बुद्धा
(C) लाफिंग बुद्धा
(D) आपरेशन विजय
RRB NTPC Stage I | 08.01.2021 | Shift-II
Ans: (B) भारत का पहला सफल परमाणु परीक्षण $18$ मई $1974$ को पोखरण में हुआ था, जिसका कोड नाम 'स्माइलिंग बुद्धा' ($Smiling$ $Buddha$) था। इस परीक्षण ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देशों की श्रेणी में खड़ा कर दिया था।
6. इनमें से किसे 'नाभिकीय भौतिकी के जनक' के रूप में जाना जाता है?
(A) आइज़क न्यूटन
(B) जेम्स वॉट
(C) जे जे थॉमसन
(D) ई रदरफोर्ड
RRB NTPC Stage I | 27.02.2021 | Shift-I
Ans: (D) अर्नेस्ट रदरफोर्ड को नाभिकीय भौतिकी का जनक कहा जाता है। उन्होंने स्वर्ण पत्र प्रयोग ($Gold$ $foil$ $experiment$) के माध्यम से परमाणु के नाभिक ($Nucleus$) की खोज की और बताया कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान केंद्र में होता है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. पेट्रोल के साथ-साथ कारों में ईंधन के रूप में निम्नलिखित मे से किसका उपयोग किया जाता है?
(A) मीथेन
(B) ईथेन
(C) एथेनॉल
(D) ब्यूटेन
RRB JE | 27.05.2019 | Shift-IV
Ans: (C) पेट्रोल के विकल्प के रूप में एथेनॉल $C_{2}H_{5}OH$ का उपयोग "गैसोहोल" के रूप में किया जाता है। यह गन्ने के रस या मक्के से प्राप्त होता है। यह एक स्वच्छ ईंधन है जो कार्बन मोनोऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है।
2. बहु प्रयोग प्लास्टिक की पानी की बोतलें..........की बनी होती है।
(A) बेकेलाइट
(B) पॉलीस्टीरीन
(C) पॉलीथीन
(D) सिलिकॉन
RRB NTPC Stage I | 19.04.2016 | Shift-III
Ans: (C) बहु-प्रयोग वाली पानी की बोतलें आमतौर पर पॉलीथीन टेरेफ्थेलेट ($PET$) से बनी होती हैं, जो पॉलीथीन का एक रूप है। पॉलीथीन एक थर्मोप्लास्टिक बहुलक है जो एथीन $C_{2}H_{4}$ के बहुलकीकरण से प्राप्त होता है।
3. ...............पॉलिमर का उपयोग फर्श की टाइल बनाने में किया जाता है।
(A) पॉली विनाइल क्लोराइड
(B) नायलॉन
(C) टेफलॉन
(D) कार्बोनिल
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-II
Ans: (A) पीवीसी ($PVC$) यानी पॉली विनाइल क्लोराइड एक बहुलक है जिसका उपयोग फर्श की टाइलें, रेनकोट और पाइप बनाने में किया जाता है। इसका निर्माण विनाइल क्लोराइड $CH_{2}=CHCl$ के बहुलकीकरण से किया जाता है।
4. चालक तार की पीवीसी द्वारा कोटिंग करके ............. को रोका जाता है।
(A) रिसाव (ड्रिपिंग)
(B) ओवरलोडिंग
(C) शार्ट सर्किट
(D) फ्यूजिंग
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-II
Ans: (C) पीवीसी ($PVC$) एक उत्कृष्ट विद्युत विसंवाहक (Insulator) है। तांबे के तारों पर इसकी कोटिंग करने से शॉर्ट सर्किट और बिजली के झटकों से बचाव होता है। यह नमी और रसायनों के प्रति प्रतिरोधी होता है।
5. डिटर्जेंट किसे कहा जाता है?
(A) साबुन रहित साबुन
(B) कार्बोलिक साबुन
(C) मृदु साबुन
(D) कठोर साबुन
RRB JE | 25.05.2019 | Shift-I
Ans: (A) डिटर्जेंट को "साबुन रहित साबुन" कहा जाता है क्योंकि ये साबुन की तरह सफाई तो करते हैं, लेकिन इनमें साबुन (वसीय अम्लों के लवण) नहीं होते। ये कठोर जल (Hard Water) के साथ भी प्रभावी ढंग से झाग देते हैं।
6. काँच का सबसे महत्वपूर्ण घटक है।
(A) माईका
(B) क्वार्टज
(C) सिलिका
(D) सोडियम बोरेट
RRB NTPC Stage I | 19.04.2016 | Shift-III
Ans: (C) कांच (Glass) का मुख्य घटक सिलिका $SiO_{2}$ है, जिसे रेत भी कहा जाता है। साधारण कांच सोडियम सिलिकेट और कैल्शियम सिलिकेट का मिश्रण होता है। कांच एक अतिशीतित द्रव (Supercooled Liquid) माना जाता है।
10. Glands
1. युवावस्था के समय लड़कों में दिखाई देने वाली उपस्थिति में बदलाव लाता है-
(A) प्रोलैक्टिन
(B) एड्रेनालाईन
(C) एस्ट्रोजेन
(D) टेस्टोस्टेरॉन
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-II
Ans: (D) टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का प्राथमिक सेक्स हार्मोन है जो वृषण (Testes) द्वारा उत्पादित होता है। यह यौवन के दौरान दाढ़ी-मूँछ आना, आवाज का भारी होना और मांसपेशियों के विकास के लिए जिम्मेदार है। इसे एण्ड्रोजन समूह का हार्मोन माना जाता है।
2. ए.डी.एच. (ADH) का पूरा नाम क्या है?
(A) एंटी-डाईयुरेटिक हार्मोन
(B) एसिडिक डाईयुरेटिक हार्मोन
(C) एधेसिव डाइयुरेटिक हार्मोन
(D) एधेसिव डबल हार्मोन
RRB NTPC Stage Ist | 10.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) ADH का अर्थ है एंटी-डाईयुरेटिक हार्मोन (Anti-Diuretic Hormone), जिसे वैसोप्रेसिन भी कहते हैं। यह हार्मोन किडनी द्वारा शरीर में जल के पुनरावशोषण को नियंत्रित करता है। इसकी कमी से बार-बार पेशाब आने की समस्या (Diabetes Insipidus) हो सकती है।
3. निम्न में से कौन सा हार्मोन युवावस्था के समय लड़कों में दिखाई देने वाली उपस्थिति में बदलाव लाता है?
(A) पशु हार्मोन
(B) थायरॉक्सिन
(C) टेस्टोस्टेरोन
(D) इंसुलिन
RRB Group-D | 18-09-2018 | Shift-I
Ans: (C) यौवनारंभ (Puberty) के समय लड़कों में शारीरिक बदलाव जैसे आवाज बदलना और बालों का उगना टेस्टोस्टेरोन के कारण होता है। यह हार्मोन पिट्यूटरी के निर्देशों पर वृषण से स्रावित होता है। यह प्रजनन क्षमता और शुक्राणु उत्पादन के लिए भी अनिवार्य है।
4. एक छात्र अचानक शोर का सामना करता है। उसकी आंखों की पुतलियाँ फैल जाती हैं, लेकिन हृदय गति नहीं बढ़ती। कौन-सा हार्मोन सबसे कम सक्रिय होने की संभावना है?
(A) कम तनाव वाली स्थितियों में एड्रेनालाईन स्रावित नहीं हो सकता है
(B) थायरॉक्सिन चयापचय को कम करता है
(C) जीएच हृदय गति को तेज करता है
(D) पैराथॉर्मोन कैल्शियम कम करता है
MP Police constable 2025 | 20-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) एड्रेनालाईन का स्राव केवल तीव्र तनाव या भय की स्थिति में ही पर्याप्त मात्रा में होता है। यदि केवल हल्की उत्तेजना है (जैसे शोर), तो तंत्रिका तंत्र बिना हार्मोन के भी पुतलियों को फैला सकता है। हृदय गति बढ़ने के लिए एड्रेनालाईन की बड़ी खुराक आवश्यक होती है।
10. Modern physics and machines
1. माइकल फैराडे ने 1831 में कौन सा प्रसिद्ध प्रयोग किया था?
(A) प्राकृतिक रेडियोधर्मिता की खोज
(B) प्रत्यास्थता के नियम की खोज
(C) क्वांटम मैग्नेटोमीटर की खोज
(D) विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की खोज
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (D) माइकल फैराडे ने $1831$ में विद्युत चुम्बकीय प्रेरण ($Electromagnetic$ $Induction$) की खोज की। इसका सिद्धांत है कि यदि किसी कुंडली से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स ($phi$) में परिवर्तन किया जाए, तो उसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल उत्पन्न होता है।
2. एरिक ए. कॉर्नेल, वोल्फगैंग केटरले और कार्ल ई. वीमन को क्षार परमाणुओं की तनु गैसों में बोस-आइंस्टीन संघनन प्राप्त करने के लिए भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किस वर्ष मिला था?
(A) 2003
(B) 2002
(C) 2001
(D) 2000
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (C) बोस-आइंस्टीन संघनन ($BEC$) पदार्थ की वह अवस्था है जो तब प्राप्त होती है जब बोसान गैस को परम शून्य ताप ($0$ $K$ या $-273.15$ $^{circ}C$) के बहुत करीब ठंडा किया जाता है। $2001$ में इसके लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
3. ओटो वॉन गुरिके (Otto von Guericke), 17वीं शताब्दी में किस आविष्कार के लिए प्रसिद्ध सबसे प्रमुख व्यक्ति थे?
(A) डीजल इंजन
(B) वायु पंप
(C) बैरोमीटर
(D) प्रतिदीप्त विद्युत लैंप
RRB Group D | 02/09/2022 | Morning
Ans: (B) ओटो वॉन गुरिके ने $1650$ में वैक्यूम पंप का आविष्कार किया था। उन्होंने यह सिद्ध किया कि हवा का अपना दबाव होता है और एक खाली स्थान (निर्वात) से हवा निकालकर शक्तिशाली खिंचाव पैदा किया जा सकता है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हार्डी शुल्ज़ नियम (Hardy Schulze rule) का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
(A) किसी द्रव मिश्रण में किसी घटक का आंशिक दाब उसके मोल अंश के समानुपाती होता है।
(B) इसका उपयोग सोना, चांदी या प्लेटिनम जैसी धातुओं का कोलाइडल विलयन प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
(C) एक कोलॉइडी विलयन की एक निश्चित मात्रा के स्कंदन (coagulation) हेतु आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट की मात्रा स्कंदन आयन की संयोजकता पर निर्भर करती है।
(D) एक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से विसरण की घटना द्वारा आयनों को विलयन से हटा दिया जाता है।
Combined Graduate Level Examination Tier I 2024
Ans: (C) हार्डी-शुल्ज़ नियम के अनुसार, किसी आयन की स्कंदन शक्ति (Coagulating power) उसकी संयोजकता ($Valency$) पर निर्भर करती है। जितनी अधिक आयन पर आवेश (Charge) होगा, कोलाइडल विलयन को स्कंदित करने की क्षमता उतनी ही अधिक होगी।
2. ऑर्थो-सल्फोबेंज़िमाइड (Ortho-sulphobenzimide) कृत्रिम मधुरकों में से एक है। इसे किस नाम से भी जाना जाता है?
(A) सैकरीन (saccharin)
(B) सुक्रालोज़ (sucralose)
(C) एस्पार्टेम (aspartame)
(D) एलिटेम (alitame)
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) सैकरीन ($Saccharin$) का रासायनिक नाम ऑर्थो-सल्फोबेंज़िमाइड है। यह पहला लोकप्रिय कृत्रिम मधुरक (Artificial Sweetener) है जो चीनी से लगभग 550 गुना अधिक मीठा होता है, लेकिन इसका कोई कैलोरी मान नहीं होता।
3. तेल और वसा का आयोडीन मान क्या दर्शाता है?
(A) उपस्थित आयोडीन परमाणुओं की संख्या
(B) उपस्थित C परमाणुओं की संख्या
(C) संतृप्ति कोटि (degree of saturation)
(D) असंतृप्ति कोटि (degree of unsaturation)
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) आयोडीन मान (Iodine Value) तेल या वसा में असंतृप्ति की डिग्री ($Degree\ of\ Unsaturation$) को मापता है। उच्च आयोडीन मान का अर्थ है कि वसा में $C=C$ द्वि-बंधों की संख्या अधिक है। यह तेलों की शुद्धता जाँचने के काम आता है।
4. निम्नलिखित में से कौन-सा लौंग के तेल का प्रमुख सक्रिय तत्व है?
(A) कुरकुमा
(B) टारटरिक अम्ल
(C) मेलिक अम्ल
(D) यूजेनॉल
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (D) लौंग के तेल का मुख्य घटक यूजेनॉल $C_{10}H_{12}O_{2}$ है। इसमें एंटीसेप्टिक और एनेस्थेटिक गुण होते हैं, जिसके कारण इसका उपयोग दांत के दर्द में राहत पाने और माउथवॉश में सक्रिय तत्व के रूप में किया जाता है।
5. निम्नलिखित में से कौन-सा बैक्टीरिया दूध में पनप कर उसे दही में बदल देता है?
(A) E. कर्डी
(B) साल्मोनेला टाइफी
(C) साल्मोनेला लैक्टे
(D) लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया
Selection Post XII
Ans: (D) लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया ($LAB$), जैसे लैक्टोबैसिलस, दूध की लैक्टोज शर्करा को लैक्टिक अम्ल $C_{3}H_{6}O_{3}$ में बदल देते हैं। यह अम्ल दूध के प्रोटीन (केसीन) को जमा देता है, जिससे दूध दही में बदल जाता है।
6. गर्म लाल मिर्च की बुकनी (hot paprika) का अपमिश्रक क्या है?
(A) बुरादा
(B) सूडान रंजक
(C) चाक पाउडर
(D) स्टार्च पाउडर
RRB JE Exam 2024 | 16/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (B) लाल मिर्च पाउडर में चमक और गहरा रंग लाने के लिए अक्सर सूडान डाई ($Sudan\ Dye$) का अपमिश्रण किया जाता है। सूडान रंजक कार्सिनोजेनिक (कैंसरकारी) होते हैं और खाद्य पदार्थों में इनका उपयोग कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
10. Modern physics and machines
1. आइंस्टीन का "विशेष सापेक्षता का सिद्धान्त" सबसे पहले किस साल में प्रस्तावित किया गया था?
(A) 1915
(B) 1905
(C) 1947
(D) 1906
RRB NTPC Stage I | 31.03.2016 | Shift-III
Ans: (B) अल्बर्ट आइंस्टीन ने $1905$ में विशेष सापेक्षता का सिद्धांत ($Special$ $Relativity$) दिया। इसी वर्ष उन्होंने प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या भी की थी। सामान्य सापेक्षता ($General$ $Relativity$) का सिद्धांत उन्होंने $1915$ में दिया था।
2. नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (नैनो मिशन) मिशन की शुरुआत ...... में की गयी थी।
(A) 2009
(B) 2010
(C) 2007
(D) 2006
RRB NTPC Stage I | 25.01.2021 | Shift-I
Ans: (C) भारत सरकार ने नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए मई $2007$ में 'नैनो मिशन' लॉन्च किया था। नैनो स्केल का अर्थ $10^{-9}$ $m$ स्तर की संरचनाओं से है।
3. न्यूटन-भाभा फण्ड कार्यक्रम (Newton-Bhabha Fund Programme) किनकी एक संयुक्त पहल थी?
(A) अमेरिका और पाकिस्तान
(B) भारत और ब्रिटेन
(C) भारत और अमेरिका
(D) अमेरिका और ब्रिटेन
RRB NTPC Stage I | 19.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) न्यूटन-भाभा फंड भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच एक द्विपक्षीय कार्यक्रम है। यह वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
4. भारत ने अपने पहले परमाणु बम का परीक्षण कब किया था ?
(A) 1976
(B) 1981
(C) 1968
(D) 1974
RRB NTPC Stage I | 07.01.2021 | Shift-I
Ans: (D) भारत ने अपना पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण $18$ मई $1974$ को राजस्थान के पोखरण रेगिस्तान में किया था। उस समय इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थीं।
5. पोखरन में किस वर्ष पहला परमाणु परीक्षण आयोजित किया गया था?
(A) 1972
(B) 1973
(C) 1974
(D) 1975
RRB NTPC Stage I | 18.04.2016 | Shift-III
Ans: (C) वर्ष $1974$ का पोखरण परीक्षण भारत का पहला कदम था। इसके बाद $1998$ में 'पोखरण-II' परीक्षण किए गए जिसके बाद भारत ने खुद को एक पूर्ण परमाणु हथियार संपन्न देश घोषित किया।
6. 1940 के दशक में कुछ महान वैज्ञानिको ने यूरेनियम को शुद्ध करने तथा एटमबम का निर्माण करने का प्रयास किया उनके इस कार्य (प्रोजेक्ट) का क्या नाम था?
(A) मैनहट्टन परियोजना
(B) एटॉमिक हेरीटेज
(C) पर्ल हार्बर प्रोजेक्ट
(D) लोस एलामोस प्रोजेक्ट
RRB NTPC Stage I | 19.01.2017 | Shift-I
Ans: (A) द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा परमाणु बम बनाने के गुप्त प्रोजेक्ट को 'मैनहट्टन प्रोजेक्ट' कहा गया। जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर इसके वैज्ञानिक निदेशक थे।
7. निम्नलिखित में से कौन थर्मोन्यूक्लियर फ्यूजन प्रतिक्रिया का एक उदाहरण है?
(A) परमाणु ऊर्जा उत्पादन
(B) हाइड्रोजन बम
(C) परमाणु और हाइड्रोजन बम
(D) नाभिकीय बम
RRB NTPC Stage I | 04.03.2021 | Shift-II
Ans: (B) हाइड्रोजन बम नाभिकीय संलयन ($Nuclear$ $Fusion$) पर आधारित है, जिसे थर्मोन्यूक्लियर अभिक्रिया भी कहते हैं। यह परमाणु बम (विखंडन) की तुलना में कहीं अधिक शक्तिशाली होता है।
8. आईएईए (IAEA) का मुख्य कार्य क्या है?
(A) यह विश्व भर में पेट्रोलियम ऊर्जा के अधिक उपयोग को बढ़ावा देता है
(B) यह विश्व भर में नाभिकीय ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देता है
(C) यह विश्व भर में कोयला ऊर्जा के अधिक उपयोग को बढ़ावा देता हैं
(D) यह विश्व भर में नाभिकीय ऊर्जा के मनमाने उपयोग को बढ़ावा देता है
RRB NTPC Stage I | 05.03.2021 | Shift-I
Ans: (B) IAEA ($International$ $Atomic$ $Energy$ $Agency$) का गठन $1957$ में किया गया था। यह संगठन सुनिश्चित करता है कि परमाणु तकनीक का उपयोग केवल शांतिपूर्ण कार्यों जैसे बिजली उत्पादन और कैंसर उपचार में हो, न कि विनाशकारी हथियारों में।
9. 1998 में पोखरण में भारत द्वारा किये गए परमाणु परीक्षण का कोड क्या था?
(A) ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म
(B) ऑपरेशन विजय
(C) ऑपरेशन शक्ति
(D) ऑपरेशन काबूम
RRB NTPC Stage I | 03.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) मई $1998$ में किए गए पांच परमाणु परीक्षणों की श्रृंखला का कोड नाम 'ऑपरेशन शक्ति' था। इसमें एक थर्मल न्यूक्लियर डिवाइस और विखंडन डिवाइस शामिल थे। $11$ मई को इसीलिए नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है।
10. परमाणु संलयन के लिए आवश्यक तापमान (लगभग) क्या है?
(A) 100 मिलियन केल्विन
(B) 812 मिलियन केल्विन
(C) 10 मिलियन केल्विन
(D) 810 मिलियन केल्विन
RRB NTPC Stage I | 22.02.2021 | Shift-II
Ans: (A) नाभिकीय संलयन के लिए दो नाभिकों को एक-दूसरे के बहुत करीब लाना पड़ता है, जिसके लिए उनके बीच के प्रतिकर्षण बल को पार करना होता है। इसके लिए लगभग $10^{8}$ $K$ (100 मिलियन केल्विन) तापमान की आवश्यकता होती है।
11. इनमें से कौन सा भारत एवं विश्व का पहला रिएक्टर है, जिसे U-233 को ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए डिजाइन किया गया है?
(A) पूर्णिमा-II
(B) कामिनी
(C) ध्रुव
(D) पूर्णिमा-I
RRB NTPC Stage I | 02.03.2021 | Shift-II
Ans: (B) कामिनी ($KAMINI$) रिएक्टर कलपक्कम में स्थित है। यह दुनिया का पहला ऐसा रिएक्टर है जो यूरेनियम-233 ($U-233$) ईंधन का उपयोग करता है, जिसे थोरियम ($Th-232$) से प्राप्त किया जाता है।
12. वायुमंडल में ओजोन को मापने के लिए UV स्पेक्ट्रोफोटोमीटर किसने विकसित किया था ?
(A) प्रोफेसर जीएमबी डॉबसन
(B) जेम्स लोवेलॉक
(C) डॉ. जोए फरमान
(D) डॉ. एफ शेरवुड रोलैंड
RRB NTPC Stage I | 07.04.2016 | Shift-I
Ans: (A) जी.एम.बी. डॉबसन ने ओजोन परत की सघनता मापने के लिए $UV$ स्पेक्ट्रोफोटोमीटर बनाया था। ओजोन परत की मोटाई मापने की इकाई को उन्हीं के सम्मान में 'डॉबसन यूनिट' ($DU$) कहा जाता है।
13. टेलीफोन का आविष्कार.............में किया गया था।
(A) 1879
(B) 1876
(C) 1856
(D) 1886
RRB NTPC Stage I | 01.02.2021 | Shift-II
Ans: (B) टेलीफोन का आविष्कार अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने $1876$ में किया था। यह उपकरण ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में बदलकर तारों के माध्यम से दूर तक भेजने में सक्षम था।
14. थॉमस क्लिफर्ड अलबट (Thomas Clifford Allbutt)......... के आविष्कार से जुड़े हैं
(A) एक्स-रे मशीन
(B) क्लीनिकल थर्मोमीटर
(C) स्टेथोस्कोप
(D) माइक्रोस्कोप
RRB NTPC Stage I | 28.04.2016 | Shift-II
Ans: (B) थॉमस क्लिफर्ड अलबट ने $1866$ में पहले पोर्टेबल क्लीनिकल थर्मामीटर का आविष्कार किया। इससे पहले थर्मामीटर लगभग एक फुट लंबे होते थे और तापमान बताने में काफी समय लेते थे।
15. एंटोनियो मेडशी (Antonio Meucci)... के आविष्कार से संबंधित है :
(A) टेलीफोन
(B) ऑटोमोबाइल
(C) एलईडी
(D) औद्योगिक रोबोट
RRB NTPC Stage I | 28.04.2016 | Shift-II
Ans: (A) एंटोनियो मेडशी एक इतालवी आविष्कारक थे जिन्हें कई लोग टेलीफोन का वास्तविक आविष्कारक मानते हैं। उन्होंने $1854$ में ही एक वॉइस-कम्युनिकेशन डिवाइस बनाया था, लेकिन वे इसका पेटेंट लंबे समय तक बरकरार नहीं रख सके।
16. बैंड-ऐड का आविष्कार किसने किया था ?
(A) एर्ल डिक्सन
(B) एलन ग्रांट
(C) लूइस पैस्चर
(D) फ्रैंक एप्परसन
RRB NTPC Stage I | 12.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) एर्ल डिक्सन ने $1920$ में बैंड-ऐड ($Band-Aid$) का आविष्कार किया था। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए यह सरल पट्टी बनाई थी जो बार-बार खाना बनाते समय छोटी चोटों का शिकार हो जाती थीं।
17. सन 1902 में पहली बार बड़े पैमाने पर विद्युतीय एयर कंडीशनिंग का आविष्कार और इसका प्रयोग किसके द्वारा किया गया था?
(A) विलिस कैरियर
(B) जॉन गोरी
(C) स्टुअर्ट केमर
(D) एच.एच. शुल्ज
RRB NTPC Stage I | 02.04.2016 | Shift-II
Ans: (A) विलिस कैरियर ने $1902$ में आधुनिक इलेक्ट्रिकल एयर कंडीशनिंग ($AC$) का आविष्कार किया था। यह मशीन न केवल तापमान को कम करती थी बल्कि हवा में नमी (आर्द्रता) को भी नियंत्रित करती थी।
18. सिलाई मशीन के निरूपित किस्म के आविष्कार के लिए प्रथम अमेरिकी पेटेन्ट किसे प्रदान किया गया?
(A) एलायस होवे
(B) एलेजैन्डरो वोल्टा
(C) अर्नेस्ट रदरफोर्ड
(D) जॉन नेयियर
RRB NTPC Stage II | 18.01.2017 | Shift-II
Ans: (A) एलायस होवे को $1846$ में सिलाई मशीन के लिए पहला अमेरिकी पेटेंट मिला था। उनकी मशीन में 'लॉकस्टिच' विधि का प्रयोग किया गया था, जिसमें दो धागे (ऊपर और नीचे) आपस में उलझकर मजबूत सिलाई करते थे।
19. निम्नलिखित तकनीकी आविष्कारों में से कौन सबसे पहले हुआ था?
(A) टेलीग्राफ
(B) दूरबीन
(C) टेलीफोन
(D) टेलीटाइप
RRB NTPC Stage I | 02.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) दूरबीन ($Telescope$) का आविष्कार $1608$ में हुआ था (हंस लिपरशे)। इसके बाद गैलीलियो ने इसमें सुधार किया। टेलीग्राफ ($1837$), टेलीफोन ($1876$) और टेलीटाइप ($1900$ के बाद) काफी बाद के आविष्कार हैं।
20. पर्सी स्पेसर द्वारा आविष्कृत प्रथम व्यावसायिक रूप से उपलब्ध आधुनिक माइक्रोवेब ओवन को कहा जाता था-
(A) राडारेंज
(B) रेथियाँन
(C) तप्पन
(D) आमना
RRB NTPC Stage I | 04.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) पर्सी स्पेंसर ने माइक्रोवेव ओवन का आविष्कार गलती से किया था जब वे रडार तकनीक पर काम कर रहे थे। पहले व्यावसायिक मॉडल को 'राडारेंज' ($Radarange$) कहा गया, जो आज के ओवन से काफी बड़ा और भारी था।
21. भविष्य में रेडियो, टेलीफोन, टेलीग्राफ और टेलीविजन तक के विकास की नींव किसने रखी?
(A) जोसेफ जॉन थॉमसन
(B) हाइनरिख रूडॉल्फ हर्ज
(C) अल्बर्ट आइंस्टीन
(D) माइकल फैराडे
RRB Group-D | 03-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) हाइनरिख हर्ज ने $1887$ में विद्युत चुम्बकीय तरंगों ($Electromagnetic$ $waves$) के अस्तित्व को प्रयोगात्मक रूप से सिद्ध किया। उनकी इसी खोज ने रेडियो तरंगों के संचार की नींव रखी। आवृत्ति का मात्रक भी 'हर्ट्ज' ($Hz$) है।
10. Chemistry in Everyday Life
1. रसोई गैस के रिसाव का आसानी से पता लगाया जा सकता है, हवा में _______ प्रसार करके।
(A) मिथाइल आइसोसाइनेट
(B) नाइट्रस ऑक्साइड
(C) इथाइल मर्केप्टन
(D) मिथाइल मर्केप्टन
RRB NTPC Stage I | 07.04.2016 | Shift-I
Ans: (C) LPG (रसोई गैस) स्वयं गंधहीन होती है। गैस रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें इथाइल मर्केप्टन $C_{2}H_{5}SH$ नामक तीखी गंध वाला रसायन मिलाया जाता है। यह सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
2. टेफ्लान खाना पकाने के उपकरणों में एक नॉनस्टिक कोटिंग में इस्तेमाल किया जाता है, तारों आदि में अपने इन्सुलेशन विशेषता के कारण इलेक्ट्रॉनिक उद्योग में इस्तेमाल किया जाता है, एक बहुलक (पॉलीमर) होता है जिसमें कार्बन.. ..बॉन्डिंग शामिल होता है।
(A) क्लोराइड
(B) फ्लोराइड
(C) ब्रोमाइड
(D) आयोडाइड
RRB NTPC Stage I | 30.04.2016 | Shift-II
Ans: (B) टेफ्लॉन ($PTFE$) एक बहुलक है जिसमें कार्बन-फ्लोरीन ($C-F$) बॉन्डिंग होती है। यह बॉन्ड अत्यंत मजबूत होता है, जिससे टेफ्लॉन रासायनिक रूप से निष्क्रिय और ऊष्मा प्रतिरोधी बन जाता है। इसका उपयोग नॉन-स्टिक बर्तनों में होता है।
3. ........ एक थर्मोप्लास्टिक पॉलीमर नहीं है।
(A) पोलिविनाइल क्लोराइड (पीवीसी)
(B) टेफ्लॉन
(C) बैकेलाइट
(D) पॉलीस्टीन
RRB Group-D | 30-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) बैकेलाइट एक थर्मोसेटिंग बहुलक है, जिसे गर्म करने पर पिघलाया नहीं जा सकता। जबकि पीवीसी, टेफ्लॉन और पॉलीस्टाइन थर्मोप्लास्टिक हैं जिन्हें बार-बार गर्म करके आकार दिया जा सकता है। बैकेलाइट का उपयोग मजबूत सांचे बनाने में होता है।
4. संशोषित फाइबर आसानी से आग पकड़ लेते हैं, हालाकि, फायरमैन की वर्दी को अग्नि-रोधी बनाने के लिए उस पर............. प्लास्टिक की कोटिंग की जाती है।
(A) नायलॉन
(B) मेलामाइन
(C) रेयान
(D) एक्रीलिक
RRB NTPC Stage I | 01.04.2021 | Shift-II
Ans: (B) फायरमैन की वर्दी पर मेलामाइन ($Melamine$) प्लास्टिक की परत चढ़ाई जाती है। मेलामाइन एक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है जो आग का प्रतिरोध करने में सक्षम है और उच्च तापमान पर भी नहीं पिघलता, जिससे यह सुरक्षा के लिए उपयुक्त है।
5. साबुन लंबी श्रृंखला वाले ................. के सोडियम या पोटेशियम लवण होते हैं।
(A) एल्कोहल
(B) एस्टर
(C) एल्डीहाइड
(D) कार्बोक्सिलिक अम्ल
RRB JE | 23.05.2019 | Shift-III
Ans: (D) साबुन उच्च वसीय अम्लों (जैसे स्टीयरिक या पामिटिक अम्ल) के सोडियम या पोटेशियम लवण होते हैं। इनका सामान्य सूत्र $RCOONa$ या $RCOOK$ होता है। पोटेशियम साबुनों का उपयोग नहाने के मृदु साबुन बनाने में किया जाता है।
6. निम्नलिखत में से कौन सा साबुन का एक सह उत्पाद है?
(A) आइसोप्रेन
(B) ब्यूटेन
(C) ग्लिसरीन
(D) इथाइलीन ग्लाइकॉल
RRB JE | 23.05.2019 | Shift-I
Ans: (C) साबुन बनाने की प्रक्रिया (साबुनीकरण) में वसा या तेल की क्रिया क्षार से कराई जाती है। इस प्रक्रिया में ग्लिसरीन $C_{3}H_{8}O_{3}$ एक महत्वपूर्ण सह-उत्पाद (By-product) के रूप में प्राप्त होता है, जिसका उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों में होता।
7. साबुन में एंटीसेप्टिक गुण निम्नलिखित मिश्रणों में से एक के कारण पाया जाता है।
(A) बिथिओनॉल
(B) सोडियम लौरिल सल्फेट
(C) रेजिन
(D) सोडियम डोडेसिलबैजीनसल्फोनेट
RRB NTPC Stage I | 07.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) बिथिओनॉल ($Bithionol$) को साबुनों में एंटीसेप्टिक गुण प्रदान करने के लिए मिलाया जाता है। यह त्वचा पर बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है और पसीने के कारण होने वाली दुर्गंध को कम करने में मदद करता है।
8. तेल या वसा के क्षारीय हाइड्रोलिसिस की प्रक्रिया को ............ जाना जाता है।
(A) संतृप्तीकरण
(B) साबुनीकरण
(C) उदासीनीकरण
(D) बहुलकीकरण
RRB Group-D | 05-12-2018 | Shift-II
Ans: (B) साबुनीकरण ($Saponification$) वह प्रक्रिया है जिसमें तेल या वसा (एस्टर) को सोडियम हाइड्रोक्साइड $NaOH$ जैसे क्षार के साथ गर्म किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप साबुन और ग्लिसरॉल का निर्माण होता है।
9. गरम शीशे को धीमे-धीमे ठंडा करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) एन्नीलिंग
(B) ह्यूमिडिफाइंग
(C) कंडन्सेशन
(D) डीकैंटेशन
RRB NTPC Stage I | 12.04.2016 | Shift-III
Ans: (A) कांच को धीरे-धीरे ठंडा करने की प्रक्रिया को एन्नीलिंग ($Annealing$) कहते हैं। यदि कांच को तेजी से ठंडा किया जाए, तो वह भंगुर (Brittle) हो जाता है और जल्दी टूट सकता है। एन्नीलिंग से कांच की आंतरिक संरचना स्थिर होती है।
10. बारूद में मुख्य रूप से क्या शामिल होता है?
(A) कैल्शियम सल्फेट
(B) पोटैशियम नाइट्रेट
(C) लेड सल्फाइड
(D) जिंक सल्फाइड
RRB NTPC Stage I | 05.04.2016 | Shift-III
Ans: (B) बारूद (Gunpowder) पोटेशियम नाइट्रेट $KNO_{3}$, गंधक (Sulfur) और चारकोल का एक मिश्रण है। पोटेशियम नाइट्रेट इसमें ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है। इसे ब्लैक पाउडर के नाम से भी जाना जाता है।
11. आतिशबाजी में अलग-अलग रंग धात्विक लवणों से निकलते हैं। निम्नलिखित में से कौन सा धात्विक लवण, आतिशबाजी में हरे रंग की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार है?
(A) बेरियम
(B) सोडियम
(C) सोना
(D) कैल्शियम
RRB NTPC Stage I | 31.07.2021 | Shift-II
Ans: (A) आतिशबाजी में हरा रंग बेरियम ($Ba$) के लवणों (जैसे बेरियम क्लोराइड) के कारण दिखाई देता है। इसी तरह, स्ट्रोंटियम ($Sr$) के लवण लाल रंग और सोडियम ($Na$) के लवण पीला रंग उत्पन्न करते हैं।
10. Glands
1. इनमें से कौन-सा हार्मोन गर्भाशय के संकुचनों और गर्भाशय ग्रीवा के विस्तारण को उत्तेजित करता है?
(A) थायरॉक्सिन
(B) एडीएच
(C) ऑक्सीटोसिन
(D) प्रोजेस्टेरोन
RRB NTPC Stage Ist | 27.02.2021 | Shift-I
Ans: (C) ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) को "बर्थ हार्मोन" या "लव हार्मोन" कहा जाता है। यह प्रसव के दौरान गर्भाशय की दीवारों में संकुचन पैदा करता है ताकि शिशु का जन्म सुलभ हो सके। यह स्तनपान के दौरान दूध के निष्कासन में भी मदद करता है।
2. अंतःस्त्रावी ग्रंथियों को भी कहा जाता है।
(A) पीयूष ग्रंथि
(B) वाहिनीहीन ग्रंथि
(C) अवटु ग्रंथि
(D) यकृती ग्रंथि
RRB Group-D | 23-10-2018 | Shift-I
Ans: (B) अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) को वाहिनीहीन या नलिकाविहीन (Ductless) ग्रंथियां कहा जाता है। क्योंकि इनके पास हार्मोन ले जाने के लिए पाइपलाइन नहीं होती, ये सीधे रक्त में घुल जाते हैं। ये हार्मोन शरीर के दूरस्थ अंगों पर कार्य करते हैं।
3. निम्नलिखित का सही क्रम से मिलान करें:
हार्मोन ग्रंथि
P) कोलीप के हार्मोन पैराथाइरॉइड
Q) एल्डोस्टेरोन अधिवृक्क
R) प्रोलैक्टिन पीयूष
S) मेलाटोनिन पीनियल
(A) P-a, Q-b, R-c, S-d
(B) P-b, Q-d, R-c, S-a
(C) P-c, Q-a, R-d, S-b
(D) P-d, Q-c, R-b, S-a
RRB NTPC Stage Ist | 30.04.2016 | Shift-II
Ans: (C) P-कोलीप हार्मोन पैराथाइरॉइड से, Q-एल्डोस्टेरोन अधिवृक्क (Adrenal) से, R-प्रोलैक्टिन पीयूष (Pituitary) से और S-मेलाटोनिन पीनियल ग्रंथि से संबंधित है। कोलीप हार्मोन शरीर में कैल्शियम के स्तर को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है।
4. अस्थि मज्जा में मौजूद कौन-सा हार्मोन RBC उत्पादन को बढ़ावा देता है?
(A) सिरोटोनिन
(B) सोमेटोस्टेटिन
(C) एरिथ्रोपोइटिन
(D) कोलेसिस्टोकाइनिन
RRB JE | 01.06.2019 | Shift-I
Ans: (C) एरिथ्रोपोइटिन (Erythropoietin) एक हार्मोन है जो मुख्य रूप से किडनी द्वारा बनता है और अस्थि मज्जा (Bone Marrow) को उत्तेजित करता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के उत्पादन को बढ़ाता है। जब शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है, तो इसका स्राव बढ़ जाता।
5. ............ में हार्मोन सामान्यतः अनुपस्थित होते हैं।
(A) बंदरों
(B) बिल्लियों
(C) जीवाणु
(D) चूहों
RRB JE | 28.05.2019 | Shift-III
Ans: (C) हार्मोन जटिल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे मनुष्य, जानवर) में पाए जाने वाले रासायनिक संदेशवाहक हैं। जीवाणु (Bacteria) एककोशिकीय जीव हैं, जिनमें मानवों की तरह विकसित अंतःस्रावी तंत्र या हार्मोन नहीं होते। वे संचार के लिए अन्य रसायनों का उपयोग करते हैं।
11. Sense Organs
1. मानव नेत्र में निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) की समस्या को निम्नलिखित में से किसका उपयोग करके ठीक किया जा सकता है?
(A) एक उचित क्षमता वाले उभयोत्तल लेंस
(B) एक समतल कांच की प्लेट
(C) एक उचित क्षमता वाले उत्तल लेंस
(D) एक उचित क्षमता वाले अवतल लेंस
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) निकट-दृष्टि दोष (Myopia) में व्यक्ति पास की वस्तुएं देख सकता है लेकिन दूर की धुंधली। इसमें नेत्रगोलक लंबा हो जाता है जिससे प्रतिबिंब रेटिना के आगे बनता है। इसे ठीक करने के लिए अवतल लेंस (Concave Lens) का उपयोग होता है जो प्रकाश किरणों को अपसारित करके सही जगह फोकस करता है।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. चीनी बर्तन के संपर्क में सिल्वर ब्रोमाइड को छोड़ने पर उसके सफेद पड़ने के लिए उत्तरदाई रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार की पहचान करें।
(A) विस्थापन प्रतिक्रिया
(B) अपघटन प्रतिक्रिया
(C) हवा में मौजूद  $ O_2 $  के साथ संयोजन अभिक्रिया
(D) दोहरी अपघटन प्रतिक्रिया
MP Police constable 2025 | 17-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) सिल्वर ब्रोमाइड ($AgBr$) का सूर्य के प्रकाश में अपघटन एक वियोजन अभिक्रिया है। इस प्रक्रिया में $2AgBr \xrightarrow{hv} 2Ag + Br_{2}$ अभिक्रिया होती है। सिल्वर ब्रोमाइड का रंग बदलकर धूसर (Grey) हो जाता है क्योंकि धात्विक सिल्वर मुक्त होता है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन एक अपरिवर्तनीय परिवर्तन है?
(A) कार के टायरों में नाइट्रोजन गैस भरना
(B) सोने की ईंट को पिघलाकर कंगन बनाना
(C) मिट्टी के नीचे दबे पेड़ों का कोयले में बदलना
(D) बंद बर्तन में पानी का वाष्पीकरण
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) मिट्टी के नीचे दबे पेड़ों का कोयले में बदलना एक रासायनिक और अपरिवर्तनीय परिवर्तन है। यह प्रक्रिया उच्च दाब और तापमान पर हजारों वर्षों में पूर्ण होती है, जिसे कार्बनीकरण कहते हैं। एक बार कोयला बनने के बाद इसे पुनः जीवित पेड़ों में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।
3. जब कोई अधिक अभिक्रियाशील धातु किसी कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित करती है, तो इस अभिक्रिया को किस प्रकार की अभिक्रिया कहा जाता है?
(A) अम्ल-क्षार उदासीनीकरण
(B) ऑक्सीकरण
(C) विस्थापन
(D) दहन
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 10:00:00
Ans: (C) विस्थापन अभिक्रिया वह है जिसमें अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके विलयन से हटा देता है। उदाहरण के लिए, $Fe + CuSO_{4} \rightarrow FeSO_{4} + Cu$ एक विस्थापन अभिक्रिया है। यह सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) के सिद्धांतों पर आधारित एक महत्वपूर्ण रासायनिक प्रक्रिया है।
11. Sense Organs
1. निम्नलिखित में से आंख का कौन-सा भाग मुख्य रूप से आंख में प्रवेश करने वाली प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होता है?
(A) कॉर्निया
(B) आइरिस
(C) लेंस
(D) रेटिना
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) आइरिस (Iris) हमारी आंख का वह हिस्सा है जो पुतली के आकार को छोटा या बड़ा करके अंदर जाने वाली रोशनी को नियंत्रित करता है। तेज रोशनी में आइरिस सिकुड़ जाता है ताकि कम रोशनी प्रवेश करे। इसके विपरीत, अंधेरे में यह पुतली को फैला देता है ताकि हम बेहतर देख सकें।
2. UV-B की उच्च मात्रा के संपर्क में आने का प्रतिकूल प्रभाव निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(A) रतौंधी
(B) हिम अंधता (स्नो ब्लाइंडनेस)
(C) मतली
(D) थकान
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) पराबैंगनी बी (UV-B) विकिरण की उच्च मात्रा के संपर्क में आने से कॉर्निया में सूजन आ जाती है जिसे हिम अंधता (Snow Blindness) कहते हैं। यह आंखों के लिए बहुत हानिकारक है और लंबे समय तक संपर्क में रहने से मोतियाबिंद का खतरा भी बढ़ जाता है। ओजोन परत हमें इन हानिकारक किरणों से बचाती है।
3. ध्वनि प्रदूषण की वह सीमा क्या है जिससे कान की टिम्पेनिक झिल्ली फट सकती है?
(A) 80 डेसिबल
(B) 150 डेसिबल
(C) 100 डेसिबल
(D) 120 डेसिबल
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) ध्वनि की तीव्रता जब 150 डेसिबल (dB) तक पहुंच जाती है, तो यह कान के पर्दे (Tympanic Membrane) को फाड़ने के लिए काफी होती है। 80 dB से ऊपर का शोर कानों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। 120 dB पर दर्द महसूस होता है और 150 dB स्थायी बहरापन पैदा कर सकता है।
4. निम्नलिखित में से कौन आँख के प्रकाशिक उपकरण का भाग नहीं है?
(A) ऑप्टिक तंत्रिका (दृष्टि तंत्रिका)
(B) आइरिस
(C) कॉर्निया
(D) लेंस
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (A) ऑप्टिक तंत्रिका (Optic Nerve) का कार्य रेटिना से विद्युत संकेतों को मस्तिष्क तक ले जाना है, यह प्रकाश को फोकस करने में मदद नहीं करती। प्रकाशिक उपकरण में कॉर्निया, आइरिस, लेंस और विट्रियस ह्यूमर शामिल हैं जो रोशनी को मोड़ते और नियंत्रित करते हैं। इसलिए ऑप्टिक तंत्रिका इसका हिस्सा नहीं है।
5. ध्वनि प्रदूषण की वह सीमा क्या है जिससे कान की टिम्पेनिक झिल्ली फट सकती है?
(A) 80 डेसिबल
(B) 150 डेसिबल
(C) 100 डेसिबल
(D) 120 डेसिबल
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) कान की झिल्ली बहुत नाजुक होती है जो 150 dB से अधिक की ध्वनि पर फट सकती है। जेट विमान के इंजन या बड़े विस्फोटों से इतनी तीव्र ध्वनि निकलती है। अत्यधिक शोर न केवल सुनने की शक्ति कम करता है बल्कि हृदय गति और मानसिक तनाव को भी बढ़ाता है।
6. निम्नलिखित में से कौन आँख के प्रकाशिक उपकरण का भाग नहीं है?
(A) ऑप्टिक तंत्रिका (दृष्टि तंत्रिका)
(B) आइरिस
(C) कॉर्निया
(D) लेंस
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) आंख के प्रकाशिक उपकरण (Optical Apparatus) वे भाग होते हैं जो प्रकाश को अपवर्तित या नियंत्रित करते हैं। ऑप्टिक तंत्रिका एक तंत्रिका है जो केवल सूचना (डेटा) ट्रांसफर करती है, यह प्रकाश के पथ को नहीं बदलती। रेटिना पर प्रतिबिंब बनने के बाद ही ऑप्टिक तंत्रिका की भूमिका शुरू होती है।
7. कौन से ग्राही (Receptors) हमारी जीभ पर विद्यमान होते हैं?
(A) गंधीय
(B) रससंवेदी
(C) ऊष्मा ग्राही
(D) प्रकाशग्राही
Ans: (B) हमारी जीभ पर रससंवेदी ग्राही (Gustatory Receptors) मौजूद होते हैं जो भोजन के स्वाद की पहचान करते हैं। ये ग्राही रसायनों के प्रति संवेदनशील होते हैं और लार के साथ मिलकर स्वाद कलिकाओं को सक्रिय करते हैं। इन्हीं के कारण हमें खट्टा, मीठा, नमकीन और कड़वा स्वाद महसूस होता है।
8. कॉर्निया और रेटिना शरीर के किस अंग में पाए जाते हैं?
(A) हथेली
(B) आँख
(C) नाक
(D) कान
Ans: (B) कॉर्निया आंख का सबसे सामने वाला पारदर्शी हिस्सा है और रेटिना सबसे पीछे की परत है जहां प्रतिबिंब बनता है। ये दोनों भाग केवल हमारी आंखों में पाए जाते हैं और देखने की प्रक्रिया के लिए अनिवार्य हैं। कॉर्निया प्रकाश को मोड़ता है और रेटिना उसे संकेतों में बदलती है।
9. ऑल्फैक्टरी (Olfactory) शब्द निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
(A) दृष्टि
(B) स्पर्श
(C) गंध
(D) श्रवण
Ans: (C) ऑल्फैक्टरी (Olfactory) शब्द पूरी तरह से "गंध" या सूंघने की शक्ति से संबंधित है। हमारी नाक की गुहा के ऊपरी हिस्से में ऑल्फैक्टरी रिसेप्टर्स होते हैं जो गंध के अणुओं को पहचानते हैं। ये संकेत मस्तिष्क के उस हिस्से में जाते हैं जो हमें अलग-अलग गंधों का अनुभव कराता है।
10. मानव शरीर का कौन सा अंग संतुलन बनाए रखने में मदद करता है?
(A) कान
(B) मस्तिष्क
(C) यकृत
(D) हृदय
Ans: (A) मानव कान न केवल सुनने का काम करता है, बल्कि यह शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण है। कान के आंतरिक भाग में अर्धवृत्ताकार नलिकाएं होती हैं जिनमें भरा द्रव शरीर की स्थिति की सूचना मस्तिष्क को देता है। इससे हम खड़े होने या चलने के दौरान अपना संतुलन बनाए रख पाते हैं।
11. मानव कान के किस भाग में ध्वनि का 3 हड्डियों द्वारा प्रवर्धन होता है?
(A) मध्य कान
(B) आंतरिक कान
(C) श्रवण तंत्रिका
(D) वाह्य कान
Ans: (A) मध्य कान (Middle Ear) में तीन बहुत छोटी हड्डियां होती हैं जिन्हें मैलियस, इंकस और स्टेप्स कहा जाता है। ये हड्डियां कान के पर्दे से आने वाले कंपन को लगभग 20 गुना तक बढ़ा (Amplify) देती हैं। यह प्रवर्धन आंतरिक कान तक ध्वनि संकेतों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए आवश्यक होता है।
12. वर्चुअल रियलिटी डिस्प्ले (VR) किस मुख्य संवेदी अंग को लक्ष्य कर रही हैं?
(A) स्वाद
(B) दृष्टि
(C) गंध
(D) स्पर्श
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (B) वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक मुख्य रूप से हमारी दृष्टि (Vision) की इंद्रिय को लक्ष्य करती है ताकि एक काल्पनिक दुनिया का अनुभव कराया जा सके। हेडसेट आंखों के सामने 3D दृश्य प्रस्तुत करता है जो गहराई का आभास कराते हैं। यह तकनीक दृष्टि के साथ-साथ अब ध्वनि और स्पर्श का भी उपयोग करने लगी है।
13. नेत्रगोलक (आईबॉल) का आकार कैसा होता है?
(A) बेलनाकार
(B) अंडाकार
(C) वृत्तीय
(D) गोलाकार
RRB NTPC Stage 1 | 04/01/2021 | Morning
Ans: (D) मानव नेत्रगोलक (Eyeball) का आकार लगभग गोलाकार (Spherical) होता है जिसका व्यास लगभग 2.3 सेंटीमीटर होता है। यह आकार आंख के भीतर मौजूद द्रवों (Vitreous Humor) के दबाव से बना रहता है। गोलाकार होने के कारण यह सॉकेट के अंदर आसानी से घूम सकता है और चारों ओर देख सकता है।
14. उस संरचना की पहचान करें जो पुतली के आकार को नियंत्रित करती है।
(A) विट्रियस ह्यूमर
(B) आँख की पुतली (आइरिस)
(C) सिलिअरी मांसपेशियां
(D) कॉर्निया
RRB NTPC Stage 1 | 04/01/2021 | Morning
Ans: (B) आइरिस (Iris) पुतली (Pupil) के आकार को नियंत्रित करने वाली पेशीय संरचना है। आइरिस की मांसपेशियां प्रकाश की तीव्रता के अनुसार पुतली को सिकोड़ती या फैलाती हैं। यह ठीक कैमरे के एपर्चर की तरह काम करता है ताकि रेटिना को नुकसान न पहुंचे और स्पष्ट छवि बने।
15. निम्नलिखित में से कौन-सी ग्राही स्वाद की पहचान करने में मदद करती है?
(A) प्रकाशग्राही
(B) रसग्राही
(C) ध्वनिग्राही
(D) घ्राणग्राही
RRB ALP CBT01 2024 | 27/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (B) जीभ पर स्थित रसग्राही (Gustatory Receptors) हमें भोजन के अलग-अलग स्वादों की पहचान करने में मदद करते हैं। ये रिसेप्टर्स स्वाद कलिकाओं (Taste Buds) के अंदर होते हैं। जब भोजन लार में घुलता है, तो ये ग्राही रसायनों को पहचानकर तंत्रिका आवेग पैदा करते हैं जो मस्तिष्क तक जाते हैं।
16. एक मानव जीभ में औसतन कितनी स्वाद कलिकाएँ मौजूद होती है?
(A) 2000 से 8000
(B) 50000 से 100000
(C) 1 मिलियन से 10 मिलियन
(D) 10 मिलियन से अधिक
RRB NTPC Stage It | 02/04/2016 | Shift-II
Ans: (A) एक औसत वयस्क मानव की जीभ पर लगभग 2000 से 8000 स्वाद कलिकाएं होती हैं। प्रत्येक कलिका में कई संवेदी कोशिकाएं होती हैं। उम्र बढ़ने के साथ इन कलिकाओं की संख्या कम हो सकती है, जिससे स्वाद का अनुभव धीमा हो जाता है। ये केवल जीभ पर ही नहीं बल्कि तालू पर भी होती हैं।
17. आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश का अधिकांश अपवर्तन किस सतह पर होता है?
(A) लेंस की पिछली सतह
(B) कॉर्निया की बाहरी सतह
(C) कॉर्निया की आंतरिक सतह
(D) लेंस की अगली सतह
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश का लगभग 70-80% अपवर्तन (Refraction) कॉर्निया की बाहरी सतह पर होता है। कॉर्निया एक पारदर्शी उत्तल लेंस की तरह कार्य करता है जो प्रकाश को पहली बार मोड़ता है। इसके बाद क्रिस्टलीय लेंस केवल बारीक फोकस (Fine adjustment) करने का काम करता है।
18. जब पुतली संकुचित होती है, तो फोकस की गहराई में क्या परिवर्तन होता है?
(A) फोकस की गहराई बढ़ जाती है
(B) फोकस की गहराई शून्य हो जाती है
(C) फोकस की गहराई कम हो जाती है
(D) फोकस की गहराई समान रहती है
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) जब पुतली (Pupil) संकुचित होती है, तो प्रकाश की संकीर्ण किरणें प्रवेश करती हैं जिससे फोकस की गहराई (Depth of Focus) बढ़ जाती है। इसका लाभ यह है कि अलग-अलग दूरी पर स्थित वस्तुएं एक साथ स्पष्ट दिखाई दे सकती हैं। यह प्रभाव विशेष रूप से तेज रोशनी में और बारीक काम करते समय देखा जाता है।
19. जब आंख किसी दूर की वस्तु पर फोकस करने की कोशिश करती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा समायोजन होता है?
(A) सस्पेंसरी लिगामेंट (Suspensory ligaments) शिथिल होते हैं, लेंस मोटा हो जाता है
(B) सिलिअरी (Ciliary) मांसपेशियाँ संकुचित होती हैं, लेंस अधिक उत्तल हो जाता है
(C) सिलिअरी (Ciliary) मांसपेशियाँ शिथिल होती हैं, सस्पेंसरी लिगामेंट कस जाते हैं, लेंस पतला हो जाता है
(D) पुतली फैलती है, लेंस अधिक उत्तल हो जाता है
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) दूर की वस्तु पर फोकस करने के लिए सिलिअरी मांसपेशियां शिथिल (Relax) हो जाती हैं, जिससे सस्पेंसरी लिगामेंट खिंच जाते हैं और लेंस पतला हो जाता है। पतला होने से लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है, जिससे अनंत से आने वाली किरणें रेटिना पर सटीक रूप से केंद्रित हो पाती हैं।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. दी गई अभिक्रिया को संतुलित करें और इसकी प्रकार की पहचान करें। $FeCl_3 + NaOH \rightarrow Fe(OH)_3 + NaCl$
(A) $2FeCl_3 + 3NaOH \rightarrow 2Fe(OH)_3 + 3NaCl$ - विस्थापन प्रतिक्रिया
(B) $3FeCl_3 + 2NaOH \rightarrow 3Fe(OH)_3 + 2NaCl$ - अपघटन प्रतिक्रिया
(C) $FeCl_3 + 2NaOH \rightarrow Fe(OH)_3 + 2NaCl$ - संयोजन प्रतिक्रिया
(D) $FeCl_3 + 3NaOH \rightarrow Fe(OH)_3 + 3NaCl$ - दोहरी विस्थापन प्रतिक्रिया
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) दी गई अभिक्रिया $FeCl_{3} + 3NaOH \rightarrow Fe(OH)_{3} + 3NaCl$ एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है। इसमें आयनों का आदान-प्रदान होता है जिससे $Fe(OH)_{3}$ का लाल-भूरा अवक्षेप प्राप्त होता है। संतुलन के लिए अभिकारक पक्ष में $NaOH$ के $3$ मोल और उत्पाद पक्ष में $NaCl$ के $3$ मोल आवश्यक हैं।
11. Sense Organs
1. नेत्रगोलक की कौन-सी परत रेटिना को पोषण प्रदान करती है और बिखरी हुई प्रकाश किरणों को अवशोषित करती है?
(A) कोराइड (रक्तक पटल)
(B) श्वेत पटल (स्क्लेरा)
(C) आइरिस
(D) कॉर्निया
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) कोराइड (Choroid) आंख की वह परत है जो रक्त वाहिकाओं से समृद्ध होती है और रेटिना को पोषण प्रदान करती है। इसमें मेलेनिन पिगमेंट होता है जो अतिरिक्त प्रकाश को अवशोषित करके प्रतिबिंब को धुंधला होने से रोकता है। यह श्वेत पटल (Sclera) और रेटिना के बीच स्थित होती है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन फोविया के बारे में गलत है?
(A) इसमें केवल शंकु कोशिकाएं होती हैं
(B) यह रेटिना में एक गड्ढा है
(C) यह स्पष्टतम दृष्टि का क्षेत्र है
(D) यह सीधे दृष्टि तंत्रिका के माध्यम से संकेत भेजता है
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) फोविया (Fovea) रेटिना का वह क्षेत्र है जहां केवल शंकु (Cone) कोशिकाएं पाई जाती हैं और यह स्पष्टतम दृष्टि का केंद्र है। यह कहना गलत है कि यह सीधे ऑप्टिक तंत्रिका को संकेत भेजता है, क्योंकि संकेत पहले अन्य कोशिकाओं (Bipolar, Ganglion) से गुजरते हैं। यह अंधेरे में काम नहीं करता।
3. एक सामान्य व्यक्ति के लिए दृष्टि की दृढ़ता और श्रवण की दृढ़ता क्रमशः होती हैं:
(A) 1/10 सेकंड और 1/16 सेकंड
(B) 1/40 सेकंड और 1/10 सेकंड
(C) 1/16 सेकंड और 1/10 सेकंड
(D) 1/10 सेकंड और 1/14 सेकंड
MP Police constable 2025 | 19-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) दृष्टि की दृढ़ता (Persistence of Vision) 1/16 सेकंड होती है और श्रवण की दृढ़ता (Persistence of Hearing) 1/10 सेकंड। इसका अर्थ है कि किसी वस्तु या ध्वनि का प्रभाव इतने समय तक मस्तिष्क पर बना रहता है। इसी कारण हमें फिल्म के चित्र चलते हुए दिखाई देते हैं और गूंज (Echo) सुनाई देती है।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. हवा में मैग्नीशियम रिबन का दहन एक सफेद राख उत्पन्न करता है। सफेद राख का रासायनिक नाम, पानी में विलयित सफेद राख और लीटमस में रंग परिवर्तन क्रमशः हैं:
(A) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, मैग्नीशियम ऑक्सालेट, नीला से लाल
(B) मैग्नीशियम ऑक्सालेट, मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड लाल से नीला
(C) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, मैग्नीशियम ऑक्साइड, नीला से लाल
(D) मैग्नीशियम ऑक्साइड, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, लाल से नीला
MP Police constable 2025 | 21-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) मैग्नीशियम रिबन को जलाने पर $2Mg + O_{2} \rightarrow 2MgO$ की अभिक्रिया से सफेद राख (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनती है। जब इस राख को जल में घोला जाता है, तो $MgO + H_{2}O \rightarrow Mg(OH)_{2}$ (मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) बनता है। यह प्रकृति में क्षारीय होता है, इसलिए यह लाल लिटमस पेपर के रंग को नीला कर देता है।
2. दी गई अभिक्रिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है? $Ca(s) + 2H_2O(l) \rightarrow Ca(OH)_2(aq) + H_2(g)$
(A) हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण हो रहा है।
(B) कैल्शियम का ऑक्सीकरण हो रहा है।
(C) ऑक्सीजन का ऑक्सीकरण हो रहा है।
(D) कैल्शियम की मात्रा कम हो रही है।
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) अभिक्रिया $Ca + 2H_{2}O \rightarrow Ca(OH)_{2} + H_{2}$ में कैल्शियम का ऑक्सीकरण हो रहा है। यहाँ कैल्शियम ($Ca$) अपनी शून्य ऑक्सीकरण अवस्था से $+2$ अवस्था में परिवर्तित हो रहा है। इलेक्ट्रॉनों का त्याग करना ऑक्सीकरण कहलाता है, जबकि हाइड्रोजन का अपचयन हो रहा है।
3. कॉपर (II) नाइट्रेट के तापीय अपघटन के दौरान होने वाली अभिक्रिया को संतुलित कीजिए।
(A) $Cu(NO_3)_2 \rightarrow CuO + 2NO_2 + O_2$
(B) $2Cu(NO_3)_2 \rightarrow 2CuO + 4NO_2 + O_2$
(C) $3Cu(NO_3)_2 \rightarrow 2CuO + 6NO_2 + O_2$
(D) $3Cu(NO_3)_2 \rightarrow 3CuO + 4NO_2 + O_2$
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) कॉपर (II) नाइट्रेट का तापीय अपघटन $2Cu(NO_{3})_{2} \rightarrow 2CuO + 4NO_{2} + O_{2}$ समीकरण द्वारा दर्शाया जाता है। इस अभिक्रिया में कॉपर ऑक्साइड, भूरे रंग की नाइट्रोजन डाइऑक्साइड गैस और ऑक्सीजन मुक्त होती है। संतुलन के लिए नाइट्रेट के $2$ मोल लेने पर नाइट्रोजन के $4$ परमाणु उत्पाद की ओर संतुलित होते हैं।
11. Sense Organs
1. नेत्र में विट्रियस ह्यूमर (काचाभ द्रव्य) की क्या भूमिका होती है?
(A) यह आने वाले अधिकांश प्रकाश को अपवर्तित करता है
(B) यह नेत्रगोलक के आकार को बनाए रखता है
(C) यह तेज़ रोशनी में सिकुड़ता है
(D) यह लेंस की वक्रता को समायोजित करता
MP Police constable 2025 | 22-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) विट्रियस ह्यूमर एक पारदर्शी, जेली जैसा पदार्थ है जो लेंस और रेटिना के बीच के स्थान को भरता है। इसका मुख्य कार्य नेत्रगोलक के गोलाकार आकार को बनाए रखना है। यह रेटिना पर भी दबाव डालता है ताकि वह अपनी जगह बनी रहे। इसके बिना आंख पिचक सकती है और दृष्टि बाधित हो सकती है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) का कारण नहीं है?
(A) नेत्रगोलक का लंबा होना (Elongated eyeball)
(B) नेत्र लेंस की फोकस दूरी में वृद्धि
(C) लेंस प्रणाली की अपवर्तक शक्ति में वृद्धि
(D) कॉर्निया की अत्यधिक वक्रता
MP Police constable 2025 | 29-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) के कारणों में नेत्रगोलक का लंबा होना या लेंस की वक्रता का अत्यधिक होना शामिल है। लेंस की फोकस दूरी में वृद्धि होना हाइपरमेट्रोपिया का लक्षण है। मायोपिया में लेंस की शक्ति बढ़ जाती है जिससे वह प्रकाश को रेटिना से पहले ही मोड़ देता है।
3. कम प्रकाश में पुतली के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) आइरिस संकुचित होता है, पुतली सिकुड़ जाती है
(B) वृत्ताकार मांसपेशियाँ संकुचित होती हैं, पुतली फैल जाती है
(C) आइरिस शिथिल होता है, पुतली सिकुड़ जाती है
(D) रेडियल मांसपेशियाँ संकुचित होती हैं, पुतली फैल जाती है
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 10:00:00
Ans: (D) कम प्रकाश में आइरिस की रेडियल मांसपेशियां संकुचित होती हैं जिससे पुतली फैल जाती है। फैली हुई पुतली अधिक प्रकाश को आंख के अंदर प्रवेश करने देती है ताकि हम अंधेरे में देख सकें। यह एक स्वतः प्रतिक्रिया है जो स्वायत्त तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होती है।
4. एक हाइपरमेट्रॉपिक (दूर दृष्टि दोष) आंख दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकती है, लेकिन पास की वस्तुओं को देखने में कठिनाई होती है। आंख की संरचना में कौन-सा परिवर्तन हाइपरमेट्रोपिया (दूरदृष्टि दोष) उत्पन्न कर सकता है?
(A) कॉर्निया सामान्य से अधिक वक्र होना
(B) नेत्रगोलक का छोटा होना
(C) लेंस का अपवर्तनांक बढ़ जाना
(D) नेत्रगोलक का लंबा होना
MP Police constable 2025 | 02-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) तब होता है जब नेत्रगोलक छोटा हो जाता है या लेंस की फोकस दूरी बहुत बढ़ जाती है। इस दोष में पास की वस्तु से आने वाली किरणें रेटिना के पीछे फोकस होती हैं। इसे ठीक करने के लिए उत्तल (Convex) लेंस का उपयोग किया जाता है जो किरणों को अभिसारित करता है।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. निम्नलिखित में से कौन ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?
(A) श्वसन
(B) उदासीनीकरण अभिक्रिया
(C) $CaCO_{3}$ का अपघटन
(D) जल में बिना बुझे चूने का विलयन
MP Police constable 2025 | 03-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) कैल्शियम कार्बोनेट का अपघटन $CaCO_{3} \rightarrow CaO + CO_{2}$ एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया है। इस प्रक्रिया में बाहरी वातावरण से ऊष्मा का अवशोषण किया जाता है, न कि ऊष्मा मुक्त होती है। श्वसन और उदासीनीकरण जैसी अन्य अभिक्रियाएं ऊष्माक्षेपी होती हैं जिनमें ऊर्जा बाहर निकलती है।
11. Sense Organs
1. निकट दृष्टि वाले व्यक्ति के चश्मे में अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहः
(A) प्रकाश किरणों को अपसारित करता है
(B) फोकस दूरी को कम करता है
(C) प्रतिबिंब को आवर्धित करता है
(D) प्रकाश किरणों को अभिसारित करता है
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 02:30:00
Ans: (A) अवतल लेंस एक अपसारी (Diverging) लेंस है जो प्रकाश की किरणों को बाहर की ओर फैला देता है। मायोपिया में आंख की शक्ति अधिक होने से किरणें रेटिना से पहले मिल जाती हैं, इसलिए अवतल लेंस उन्हें फैलाकर वापस रेटिना पर पहुंचाता है। इसकी शक्ति हमेशा ऋणात्मक (Negative) होती है।
2. हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) को सुधारने के लिए कौन-सा लेंस उपयोग किया जाता है और क्यों?
(A) अवतल लेंस, किरणों को अपसारित करने के लिए
(B) उत्तल लेंस, किरणों को और अपसारित करने के लिए
(C) अवतल लेंस, किरणों को समानांतर बनाने के लिए
(D) उत्तल लेंस, किरणों को अभिसारी करने के लिए
MP Police constable 2025 | 09-12-2025 | 10:00:00
Ans: (D) हाइपरमेट्रोपिया को सुधारने के लिए उत्तल (Convex) लेंस का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह प्रकाश किरणों को अभिसारित (Converge) करता है। चूँकि हाइपरमेट्रोपिक आंख प्रकाश को रेटिना तक पर्याप्त नहीं मोड़ पाती, इसलिए उत्तल लेंस अतिरिक्त अभिसरण प्रदान करके प्रतिबिंब को रेटिना पर बनाता है।
3. मानव शरीर में पाई जाने वाली एकमात्र पेशी कौन सी है जो दोनों सिरों पर जुड़ी नहीं होती?
(A) स्फ़िंक्टर (Sphincter)
(B) जीभ
(C) द्विशिरस्क
(D) त्रिशिरस्क
Ans: (B) जीभ (Tongue) हमारे शरीर की एकमात्र मांसपेशी है जो केवल एक सिरे (Hyoid Bone) से जुड़ी होती है। इसका दूसरा सिरा पूरी तरह स्वतंत्र होता है जो इसे बोलने, स्वाद लेने और भोजन को निगलने में लचीला बनाता है। यह आठ अलग-अलग मांसपेशियों का एक जटिल समूह है जो बहुत तेजी से घाव भरने की क्षमता रखती है।
4. मानव कान के किस भाग में प्राप्त ध्वनि के अनुसार कंपन होता है?
(A) श्रवण तंत्रिका
(B) कर्णपालि
(C) हैमर
(D) कर्णपटही झिल्ली (Eardrum)
Ans: (D) जब ध्वनि तरंगें बाहरी कान से टकराती हैं, तो वे कर्णपटही झिल्ली (Eardrum) में कंपन पैदा करती हैं। यह झिल्ली ध्वनि की आवृत्ति के अनुसार तेजी से या धीरे कंपन करती है। यह कंपन आगे की हड्डियों को भेजे जाते हैं, जहां से वे तरल तरंगों में बदलकर सुनाई देने वाली ध्वनि में परिवर्तित होते हैं।
5. इनमें से कौन सा रंग-दर्शन (Color Vision) से संबंधित है?
(A) ऑप्टिक डिस्क
(B) शलाका कोशिकाएं
(C) शंकु कोशिकाएं (Cone Cells)
(D) आइरिस
Ans: (C) रेटिना में स्थित शंकु कोशिकाएं (Cone Cells) हमें रंगों को देखने और पहचानने में मदद करती हैं। ये कोशिकाएं केवल तेज रोशनी में काम करती हैं। अगर किसी व्यक्ति में इन कोशिकाओं की कमी हो जाए, तो उसे वर्णान्धता (Color Blindness) हो जाती है। शलाका कोशिकाएं केवल काले और सफेद का बोध कराती हैं।
6. कौन सा अभिकर्मक स्थानीय या सामान्य संवेदना-हानि उत्पन्न करता है?
(A) ग्लूको
(B) रक्त
(C) ऑक्सीजन
(D) निश्चेतक (Anaesthetic)
Ans: (D) निश्चेतक (Anaesthetic) वे रसायन होते हैं जो शरीर के किसी हिस्से या पूरे शरीर की संवेदनाओं को अस्थायी रूप से खत्म कर देते हैं। इनका उपयोग शल्य चिकित्सा (Surgery) के दौरान किया जाता है ताकि रोगी को दर्द महसूस न हो। ये तंत्रिका तंत्र के माध्यम से दर्द के संकेतों को मस्तिष्क तक जाने से रोक देते हैं।
7. कॉर्टी-अंग (Organ of Corti) का संबंध किससे है?
(A) देखने
(B) सुनने
(C) लैक्टिक अम्ल
(D) संतुलन
Ans: (B) कॉर्टी-अंग (Organ of Corti) सुनने की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आंतरिक कान के कॉक्लिया में स्थित होता है। इसमें सूक्ष्म बाल जैसी कोशिकाएं होती हैं जो ध्वनि कंपनों को विद्युत संकेतों में बदलती हैं। यह मानव शरीर के सूक्ष्म माइक्रोफोन की तरह काम करता है जो ध्वनि को समझने योग्य बनाता है।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. निम्नलिखित में से कौन सा भौतिक परिवर्तन नहीं है?
(A) ठोसों का द्रवों में पिघलना
(B) गैसों का द्रवों में द्रवीकरण
(C) पदार्थों का किण्वन
(D) द्रवों का गैसों में वाष्पीकरण
RRB JE | 24.05.2019 | Shift-I
Ans: (C) किण्वन (Fermentation) एक जटिल रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें सूक्ष्मजीवों द्वारा पदार्थों का अपघटन होता है। इसमें नए रासायनिक पदार्थ जैसे एथेनॉल या लैक्टिक एसिड का निर्माण होता है। अवस्था परिवर्तन (जैसे पिघलना या वाष्पीकरण) भौतिक परिवर्तन हैं, लेकिन किण्वन एक स्थाई रासायनिक बदलाव है।
2. इनमें से कौन-सा एक रासायनिक परिवर्तन है?
(A) मक्खन का खट्टा होना
(B) CO₂ से सूखी बर्फ बनाना
(C) एक प्लैटिनम तार का गर्म होना
(D) लोहे का चुंबकीयकरण
RRB ALP & Tec. | 29-08-18 | Shift-I
Ans: (A) मक्खन का खट्टा होना ऑक्सीकरण के कारण होने वाला एक रासायनिक परिवर्तन है। इसमें वसा के अणुओं का अपघटन होता है जिससे दुर्गंध और खट्टा स्वाद पैदा होता है। शुष्क बर्फ बनाना या तार का गर्म होना भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इनमें मूल पदार्थ का संगठन नहीं बदलता।
3. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प रासायनिक परिवर्तन है?
(A) दूध का दही में परिवर्तित होना
(B) शुष्क बर्फ का सब्लिमेशन
(C) रेत का पानी में घुलना
(D) चीनी का पानी में घुलना
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-I
Ans: (A) दूध का दही में बदलना एक जैव-रासायनिक परिवर्तन है जो लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया द्वारा होता है। इसमें दूध की लैक्टोज शर्करा $C_{12}H_{22}O_{11}$ लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित हो जाती है। यह एक अनुत्क्रमणीय प्रक्रिया है, जिसका अर्थ है कि दही से दोबारा दूध प्राप्त नहीं किया जा सकता।
4. अभिलाक्षणिक गैस समीकरण PV=nRT किस गैस के लिए सही प्रकार से लागू होता है।
(A) एक परमाणविक गैस
(B) द्विपरमाणविक गैस
(C) आदर्श गैस
(D) वास्तविक गैस
RRB SSE | 21.12.2014 | Set-07, Yellow paper
Ans: (C) आदर्श गैस समीकरण $PV = nRT$ एक काल्पनिक अवधारणा है जो आदर्श गैसों पर लागू होती है। यहाँ $P$ दाब, $V$ आयतन, $n$ मोल, $R$ गैस नियतांक और $T$ परम ताप को प्रदर्शित करता है। वास्तविक गैसें केवल उच्च तापमान और निम्न दाब की विशेष स्थितियों में ही इस नियम का पालन करती हैं।
5. मैग्नीशियम के 144 ग्राम में, .....ग्राम परमाणु मौजूद होते हैं।
(A) 32
(B) 6
(C) 144
(D) 64
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-III
Ans: (B) मैग्नीशियम ($Mg$) का परमाणु द्रव्यमान $24\text{ g/mol}$ होता है। मोलों की संख्या निकालने के लिए सूत्र n = भार/परमाणु द्रव्यमान का उपयोग करते हैं। अतः $144 / 24 = 6$ ग्राम परमाणु (मोल) प्राप्त होते हैं जो द्रव्यमान के समानुपाती हैं।
6. ऑक्सीजन का ग्राम आण्विक द्रव्यमान 32 g है। ऑक्सीजन का घनत्व 1.429 g/cc है। ऑक्सीजन का ग्राम आण्विक आयतन क्या है?
(A) 22.4 lit
(B) 1.429 g/cc
(C) 1 lit
(D) 32 g
RRB Group-D | 05-12-2018 | Shift-I
Ans: (A) STP पर किसी भी आदर्श गैस के $1$ मोल का आयतन $22.4$ लीटर होता है। चूँकि ऑक्सीजन ($O_{2}$) का आणविक भार $32\text{ g}$ है, तो $32\text{ g}$ ऑक्सीजन $1$ मोल के बराबर है। अतः $32\text{ g}$ ऑक्सीजन का ग्राम आणविक आयतन $22.4$ लीटर ही होगा।
7. $PbO + 2HCl \rightarrow PbCl_{2} + H_{2}O$  समीकरण पर ध्यान दें। उक्त समीकरण के संतुलन हेतु HCl के ....... मोल्स की आवश्यकता होती है।
(A) 2
(B) 4
(C) 1
(D) 3
RRB Group-D | 04-12-2018 | Shift-II
Ans: (A) अभिक्रिया $PbO + 2HCl \rightarrow PbCl_{2} + H_{2}O$ को संतुलित करने पर $HCl$ के $2$ मोल की आवश्यकता होती है। संतुलन के दौरान अभिकारक पक्ष में हाइड्रोजन और क्लोरीन के परमाणुओं की संख्या उत्पाद के समान होनी चाहिए। यहाँ $PbCl_{2}$ में दो क्लोरीन परमाणु हैं, इसलिए $HCl$ के आगे $2$ लगाना अनिवार्य है।
8. ऑक्सीजन के 0.3 मोल का द्रव्यमान क्या है?
(A) 960g
(B) 9.6g
(C) 0.96g
(D) 96g
RRB Group-D | 31-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) ऑक्सीजन गैस ($O_{2}$) का मोलर द्रव्यमान $32\text{ g/mol}$ होता है। द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए सूत्र द्रव्यमान = मोल X मोलर द्रव्यमान का प्रयोग करें। गणना के अनुसार $0.3 \times 32 = 9.6\text{ g}$ द्रव्यमान प्राप्त होता है।
9. यह देखते हुए कि ऑक्सीजन के 1 मोल परमाणु का वजन 16g है। ओजोन का अणु भार क्या है?
(A) 32 g/mol
(B) 48 g/mol
(C) 64 g/mol
(D) 16 g/mol
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-1
Ans: (B) ओजोन का रासायनिक सूत्र $O_{3}$ है, जिसका अर्थ है कि इसमें ऑक्सीजन के $3$ परमाणु हैं। यदि एक ऑक्सीजन परमाणु का भार $16\text{ g}$ है, तो ओजोन का अणु भार $3 \times 16 = 48\text{ g/mol}$ होगा। यह गैस वायुमंडल में पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
10. एल्युमीनियम का परमाणु द्रव्यमान 27 है। एल्युमीनियम के 54 g में मौजूद अणुओं की संख्या होगीः
(A) 2
(B) 3
(C) 1
(D) 4
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-II
Ans: (A) एल्युमीनियम ($Al$) के मोल ज्ञात करने के लिए भार (54) /परमाणु द्रव्यमान (27) का भाग देते हैं। इससे हमें एल्युमीनियम के कुल $2$ मोल प्राप्त होते हैं। मोलों की संख्या ही पदार्थों में परमाणुओं या अणुओं की मात्रा को निर्धारित करने का आधार है।
11. N2 गैस के 0.5 मोल के द्रव्यमान की गणना करें। (अणु के मोल से द्रव्यमान)
(A) 14 g
(B) 2.8 g
(C) 28 g
(D) 1.4 g
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-I
Ans: (A) नाइट्रोजन गैस ($N_{2}$) का आणविक भार $14 \times 2 = 28\text{ g/mol}$ होता है। $0.5$ मोल के लिए द्रव्यमान की गणना $0.5 \times 28 = 14\text{ g}$ के रूप में की जाती है। यह मोल संकल्पना का एक सरल उदाहरण है जहाँ मोलर द्रव्यमान और मोल का गुणनफल भार देता है।
12. He के 64g में कितने मोल मौजूद होते हैं?
(A) 15 मोल
(B) 16 मोल
(C) 25 मोल
(D) 10 मोल
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-II
Ans: (B) हीलियम ($He$) का परमाणु भार $4\text{ g/mol}$ होता है क्योंकि यह एक अक्रिय एकल-परमाण्विक गैस है। $64\text{ g}$ हीलियम में मोलों की संख्या $64 / 4 = 16$ मोल के बराबर होगी। अक्रिय गैसें होने के कारण इनके परमाणु ही इनके अणुओं के रूप में व्यवहार करते हैं।
13. CH4 के 0.1 मोल का द्रव्यमान (Mass) कितना है?
(A) 1g
(B) 16 g
(C) 1.6 g
(D) 0.1 g
RRB SSE | 21.12.2014 | NA
Ans: (C) मीथेन ($CH_{4}$) का आणविक द्रव्यमान कार्बन ($12$) और हाइड्रोजन ($4 \times 1$) के योग से $16\text{ g/mol}$ बनता है। $0.1$ मोल मीथेन का द्रव्यमान $0.1 \times 16 = 1.6\text{ g}$ होगा। मीथेन को दलदली क्षेत्रों में पाए जाने के कारण मार्श गैस के नाम से भी जाना जाता है।
14. जब सल्फर डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड के साथ अभिक्रिया करता है और सल्फर तथा जल वाष्प बनाता है, तो उत्पादों में कुल कितने सल्फर परमाणु होते हैं?
(A) 3
(B) 8
(C) 6
(D) 2
MP Police constable 2025 | 08-11-2025 | 10:00:00
Ans: (A) सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड की संतुलित अभिक्रिया $SO_{2} + 2H_{2}S \rightarrow 3S + 2H_{2}O$ है। इस अभिक्रिया के उत्पाद पक्ष में सल्फर ($S$) के कुल $3$ परमाणु प्राप्त होते हैं। यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया का उदाहरण है जहाँ सल्फर का ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों शामिल हैं।
15. जब टेट्राफॉस्फोरस डिकोक्साइड जल के साथ अभिक्रिया करके फॉस्फोरिक अम्ल बनाता है, तो जल और फॉस्फोरिक अम्ल का मोलर अनुपात क्या है?
(A)
(B)
(C)
(D)
MP Police constable 2025 | 11-11-2025 | 02:30:00
Ans: () टेट्राफॉस्फोरस डिकोक्साइड और जल की अभिक्रिया $P_{4}O_{10} + 6H_{2}O \rightarrow 4H_{3}PO_{4}$ होती है। यहाँ जल ($H_{2}O$) के $6$ मोल और फॉस्फोरिक अम्ल के $4$ मोल का अनुपात $6:4$ है। सरलतम रूप में यह अनुपात $3:2$ प्राप्त होता है, जो स्टोइकोमेट्री के नियमों पर आधारित है।
11. Sense Organs
1. समायोजन के दौरान कौन-कौन-सी घटनाएँ एक साथ घटित होती हैं? (i) सिलीरी (पक्ष्माभी) मांसपेशियाँ संकुचित होती हैं (ii) सस्पेंसरी लिगामेंट्स (निलम्बकीय स्नायुबंधन) शिथिल हो जाते हैं (iii) लेंस अधिक वक्राकार (गोल) हो जाता है (iv) लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है
(A) (i), (iii), (iv)
(B) (ii), (iii), (iv)
(C) (i), (ii), (iii)
(D) (i), (ii), (iv)
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) समायोजन (Accommodation) के दौरान पास की वस्तु देखने के लिए सिलिअरी मांसपेशियां संकुचित होती हैं और सस्पेंसरी लिगामेंट ढीले हो जाते हैं। इससे लेंस मोटा और अधिक वक्राकार हो जाता है जिससे उसकी फोकस दूरी कम हो जाती है। फोकस दूरी कम होने से ही पास की छवि रेटिना पर साफ बन पाती है।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. जब धातुकर्म में कार्बन मोनोऑक्साइड को एक अपचायक के रूप में उपयोग किया जाता है, तो यह एक अद्वितीय साम्यावस्था अभिक्रिया से गुजरता है। यदि यह अभिक्रिया $800^{^\circ}C$ पर एक बंद प्रणाली में होती है, तो कौन-सा कारक साम्यावस्था को $CO_{2}$ निर्माण की ओर सबसे महत्वपूर्ण रूप से स्थानांतरित करेगा?
(A) नाइट्रोजन जैसी अक्रिय गैस का प्रवेश
(B)  तापमान को बनाए रखते हुए दबाव बढ़ाना
(C)  प्रणाली से जल वाष्प को हटाना
(D) प्लैटिनम उत्प्रेरक जोड़ना
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 10:00:00
Ans: (B) साम्यावस्था अभिक्रिया में ला-शातेलिए (Le Chatelier) के सिद्धांत के अनुसार दाब परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है। तापमान स्थिर रखते हुए दाब बढ़ाने पर साम्यावस्था उस दिशा में जाती है जहाँ गैस के मोल कम होते हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड से $CO_{2}$ बनने की प्रक्रिया में दाब का सही प्रबंधन उत्पादन को बढ़ा सकता है।
2. थर्माइट अभिक्रिया में, जहाँ आयरन (III) ऑक्साइड और एल्युमिनियम की अभिक्रिया से एल्युमिनियम ऑक्साइड और आयरन बनता है, उस अभिक्रिया में एल्युमिनियम और उत्पन्न आयरन का मोलर अनुपात क्या होता है?
(A) 2:4
(B) 1:1
(C) 2:1
(D) 1:2
MP Police constable 2025 | 04-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) थर्माइट अभिक्रिया का संतुलित समीकरण $Fe_{2}O_{3} + 2Al \rightarrow Al_{2}O_{3} + 2Fe$ है। यहाँ $2$ मोल एल्युमिनियम ($Al$) से $2$ मोल आयरन ($Fe$) का निर्माण होता है। अतः एल्युमिनियम और उत्पन्न आयरन का मोलर अनुपात $2:2$ यानी $1:1$ होता है।
3. जब बैरियम परऑक्साइड सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है और बैरियम सल्फेट, हाइड्रोजन परऑक्साइड तथा जल बनाता है, तो संतुलित अभिक्रिया क्या होगी?
(A) $2BaO_{2}+H_{2}SO_{4}\rightarrow2BaSO_{4}+H_{2}O_{2}$
(B) $BaO_{2}+2H_{2}SO_{4}\rightarrow BaSO_{4}+2H_{2}O_{2}$
(C) $BaO_{2}+H_{2}SO_{4}\rightarrow BaSO_{4}+H_{2}O_{2}$
(D) $2BaO_{2}+3H_{2}SO_{4}\rightarrow2BaSO_{4}+3H_{2}O_{2}$
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 10:00:00
Ans: (C) बैरियम परऑक्साइड और सल्फ्यूरिक अम्ल की संतुलित अभिक्रिया $BaO_{2} + H_{2}SO_{4} \rightarrow BaSO_{4} + H_{2}O_{2}$ है। यह एक द्विविस्थापन अभिक्रिया है जहाँ सल्फेट और परऑक्साइड आयनों की अदला-बदली होती है। प्रयोगशाला में हाइड्रोजन परऑक्साइड बनाने के लिए इस विधि का व्यापक प्रयोग किया जाता है।
11. Sense Organs
1. रेटिना का वह क्षेत्र जहां दृष्टि सर्वाधिक होती है, क्या कहलाता है?
(A) काचाभ पिंड
(B) अंध क्षेत्र
(C) गर्तिका (Fovea)
(D) कोरोइड
Ans: (C) फोविया (Fovea) रेटिना के केंद्र में स्थित एक छोटा सा गड्ढा है जहां फोटो-रिसेप्टर्स की सघनता सबसे अधिक होती है। जब हम किसी वस्तु को बहुत ध्यान से देखते हैं, तो आंख उसे इसी क्षेत्र पर फोकस करती है। यहां सबसे साफ और रंगीन प्रतिबिंब बनता है क्योंकि यहां केवल शंकु कोशिकाएं होती हैं।
2. आँख की वाह्यतम तंतुमय कोटिंग (Fibrous Coating) है:
(A) सिलिअरी बॉडी
(B) आइरिस
(C) रक्तक
(D) श्वेतपटल (Sclera)
Ans: (D) श्वेतपटल (Sclera) आंख की सबसे बाहरी और मजबूत तंतुमय परत है जो सफेद दिखाई देती है। यह आंख के आंतरिक कोमल भागों को सुरक्षा प्रदान करती है और इसका आकार बनाए रखती है। यह अपारदर्शी होती है और केवल सामने वाले हिस्से में पारदर्शी कॉर्निया के रूप में बदल जाती है।
3. कान का कौन सा भाग ध्वनि कंपनों को विद्युत संकेतों में बदलता है?
(A) श्रवण नलिका
(B) कर्णपालि
(C) कर्णपटही झिल्ली
(D) कॉक्लिया (Cochlea)
Ans: (D) कॉक्लिया (Cochlea) आंतरिक कान का शंख जैसा हिस्सा है जो तरल पदार्थ से भरा होता है। जब ध्वनि कंपन यहां पहुंचते हैं, तो वे तरल में लहरें पैदा करते हैं। ये लहरें तंत्रिका कोशिकाओं को उत्तेजित करती हैं जो कंपनों को विद्युत संकेतों में बदलकर मस्तिष्क तक पहुंचाती हैं। यही सुनने का अंतिम यांत्रिक चरण है।
4. निम्नलिखित में से कौन सा सूचक दृष्टिबाधित छात्र द्वारा उपयोग किया जा सकता है?
(A) हल्दी
(B) पिटूनिया
(C) लिटमस
(D) वनीला
Ans: (D) वनीला (Vanilla) एक घ्राण सूचक (Olfactory Indicator) है जिसे सूंघकर अम्ल या क्षार का पता लगाया जा सकता है। दृष्टिबाधित छात्र रंग नहीं देख सकते, इसलिए वे गंध के माध्यम से रसायनों की प्रकृति पहचानते हैं। क्षार के साथ वनीला की गंध गायब हो जाती है, जबकि अम्ल में यह बनी रहती है।
5. रेटिना में कौन सी कोशिकाएं रंग संवेदना प्रदान करती हैं?
(A) प्रदीप्त कोशिकाएं
(B) शलाका कोशिकाएं
(C) शंकु कोशिकाएं (Cones)
(D) अंध कोशिकाएं
Ans: (C) शंकु कोशिकाएं (Cone Cells) प्रकाश की तरंगदैर्घ्य के प्रति संवेदनशील होती हैं और हमें रंगीन दृष्टि (Color Vision) प्रदान करती हैं। मानव आंख में तीन प्रकार के शंकु होते हैं - लाल, हरे और नीले। इन्हीं के संयोजन से हम लाखों रंगों के बीच अंतर कर पाते हैं। ये कोशिकाएं मुख्य रूप से रेटिना के फोविया क्षेत्र में पाई जाती हैं।
11. Chemical Reaction, Gas Laws and Mole Concept
1. निम्नलिखित में से कौन-सा भौतिक परिवर्तन नहीं है?
(A) दूध से दही बनना
(B) डीजल का वाष्पीकरण
(C) $NH_{4}Cl$ का उर्ध्वपातन
(D) लोहे की छड़ को गर्म करके लाल करना
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (A) दूध से दही बनना एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें पदार्थ की आंतरिक संरचना बदल जाती है। अन्य विकल्प जैसे उर्ध्वपातन और वाष्पीकरण केवल पदार्थ की भौतिक अवस्था बदलते हैं। रासायनिक परिवर्तन सदैव नए गुणों वाले पदार्थों के निर्माण और अनुत्क्रमणीयता से पहचाने जाते हैं।
2. जब जल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया होती है?
(A) विस्थापन
(B) दोहरा विस्थापन
(C) अपघटन
(D) संयोजन
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (C) जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर जल का विद्युत अपघटन (Electrolysis) होता है। अभिक्रिया $2H_{2}O \rightarrow 2H_{2} + O_{2}$ के अनुसार जल अपने अवयवों हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में टूट जाता है। यह एक विद्युत-अपघटन अभिक्रिया है जो ऊर्जा के स्रोत के रूप में बिजली का उपयोग करती है।
3. ग्लूकोज का रासायनिक सूत्र $C_{6}H_{12}O_{6}$ है। ग्लूकोज में कार्बन का भार प्रतिशत (%) कितना होता है।
(A) 72
(B) 40
(C) 25
(D) 53
SSC JE 2024 (Junior Engineer)
Ans: (B) ग्लूकोज ($C_{6}H_{12}O_{6}$) का कुल आणविक भार $180\text{ g/mol}$ है। कार्बन का कुल भार $6 \times 12 = 72\text{ g}$ है, अतः प्रतिशत $(72 / 180) \times 100 = 40\%$ होगा। किसी यौगिक में तत्व का प्रतिशत भार उस तत्व के कुल भार और यौगिक के आणविक भार का अनुपात होता है।
4. ऐलुमिनियम सल्फेट $Al_{2}(SO_{4})_{3}$ के एक मोल में रहते हैं।
(A) ऑक्सीजन परमाणुओं के 6 मोल
(B) ऑक्सीजन परमाणुओं के 4 मोल
(C) ऑक्सीजन परमाणुओं के 12 मोल
(D) ऑक्सीजन परमाणुओं के 3 मोल
SSC CPO PAPER-1 2024
Ans: (C) एल्युमिनियम सल्फेट $Al_{2}(SO_{4})_{3}$ के एक अणु में ऑक्सीजन के $4 \times 3 = 12$ परमाणु होते हैं। इसलिए $1$ मोल $Al_{2}(SO_{4})_{3}$ में ऑक्सीजन के कुल $12$ मोल परमाणु उपस्थित होंगे। यह गणना अणुओं के भीतर परमाणुओं की संख्या और मोल संकल्पना के सीधे संबंध को दर्शाती है।
5. इनमें से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन का एक उदाहरण है?
(A) ऊर्ध्वपातन
(B) क्रिस्टलीकरण
(C) निष्क्रियीकरण
(D) आसवन
RRB NTPC | 28.03.2016 | Shift-III Stage I
Ans: (C) निष्क्रियीकरण (Neutralization) अम्ल और क्षार के बीच होने वाली एक रासायनिक अभिक्रिया है। इसमें नया पदार्थ लवण और जल बनता है, जैसे $HCl + NaOH \rightarrow NaCl + H_{2}O$। उर्ध्वपातन और आसवन भौतिक प्रक्रियाएं हैं क्योंकि इनमें कोई नया रासायनिक बंधन नहीं बनता है।
6. कार्बन डाइऑक्साइड के एक मोल में होते हैं:
(A) कार्बन डाइऑक्साइड के 22g
(B) कार्बन डाइऑक्साइड के 6 x 10^23 अणु
(C) कार्बन डाइऑक्साइड के 6.022 x 10^23 अणु
(D) कार्बन डाइऑक्साइड के 6.022 x 10^23 परमाणु
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-II
Ans: (C) एवोगाड्रो नियम के अनुसार $1$ मोल पदार्थ में $6.022 \times 10^{23}$ कण (अणु या परमाणु) होते हैं। अतः $CO_{2}$ के $1$ मोल में $6.022 \times 10^{23}$ अणु मौजूद होंगे। यह संख्या ब्रह्मांडीय स्तर पर परमाणुओं की गणना के लिए एक मानक इकाई के रूप में कार्य करती है।
7. किसी पदार्थ के एक मोल मौजूद परमाणुओं या अणुओं या आयनों की संख्या को कहा जाता है।
(A) नॉर्मलता
(B) द्रव्यमान संख्या
(C) एवोगाड्रो संख्या
(D) परमाणु क्रमांक
RRB JE | 27.05.2019 | Shift-I
Ans: (C) एवोगाड्रो संख्या ($N_{A}$) वह नियतांक है जो $1$ मोल पदार्थ में मौजूद कणों की संख्या को व्यक्त करता है। इसका मान $6.022 \times 10^{23}$ होता है और यह किसी भी तत्व या यौगिक के लिए समान रहता है। यह रसायन विज्ञान में परमाणुओं के द्रव्यमान और उनकी संख्या के बीच संबंध स्थापित करता है।
8. एसीटिक एसिड के एक मोल में ऑक्सीजन के ... परमाणु मौजूद होते हैं।
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 1
RRB Group-D | 05-11-2018 | Shift-II
Ans: (A) एसीटिक एसिड ($CH_{3}COOH$) के एक अणु में कुल $2$ ऑक्सीजन परमाणु दिखाई देते हैं। इसलिए एसीटिक एसिड के $1$ मोल में ऑक्सीजन परमाणुओं के कुल $2$ मोल होते हैं। आणविक सूत्र को देखकर हम उसमें उपस्थित विभिन्न तत्वों के मोलों की संख्या का सटीक अनुमान लगा सकते हैं।
9. कॉपर के एक अणु में कितने परमाणु होते हैं?
(A) 6.022 x 10^22
(B) 6.022 x 10^24
(C) 6.022 x 10^23
(D) 6.022 x 10^25
RRB Group-D | 10-10-2018 | Shift-III
Ans: (C) कॉपर ($Cu$) एक धात्विक तत्व है जिसके $1$ ग्राम-परमाणु (मोल) में $6.022 \times 10^{23}$ परमाणु होते हैं। यहाँ अणु शब्द का प्रयोग सामान्यतः पदार्थ के सूक्ष्मतम स्वतंत्र कण (परमाणु) के लिए किया गया है। कॉपर का परमाणु भार $63.5\text{ u}$ होता है, जो इसके एक मोल का ग्राम में द्रव्यमान है।
10. कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 और हीलियम का परमाणु द्रव्यमान 4 है। बताइए कि प्रत्येक तत्व के 1 मोल हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(A) 1 मोल कार्बन में 1 मोल हीलियम के तीन गुना अधिक परमाणु होंगे।
(B) 1 मोल हीलियम में 1 मोल कार्बन के तीन गुना अधिक परमाणु होंगे।
(C) 1 मोल कार्बन में 1 मोल हीलियम में उपस्थित परमाणुओं की 1/3 संख्या होगी
(D) 1 मोल कार्बन में 1 मोल हीलियम में उपस्थित परमाणुओं की संख्या के बराबर संख्या होगी।
RRB ALP & Tec. | 10-08-18 | Shift-1
Ans: (D) किसी भी तत्व के $1$ मोल में परमाणुओं की संख्या हमेशा समान ($6.022 \times 10^{23}$) होती है। चाहे कार्बन का भार $12$ हो या हीलियम का $4$, एक मोल में कणों की संख्या कभी नहीं बदलती। अतः $1$ मोल कार्बन और $1$ मोल हीलियम में परमाणुओं की संख्या पूर्णतः बराबर होगी।
11. 60 ग्राम हीलियम (He) में मोलों की संख्या क्या होगी?
(A) 25 मोल
(B) 10 मोल
(C) 15 मोल
(D) 12 मोल
RRB ALP & Tec. | 29-08-18 | Shift-III
Ans: (C) हीलियम ($He$) का परमाणु भार $4\text{ g/mol}$ है, इसलिए मोल निकालने के लिए $60 / 4$ करेंगे। गणना करने पर $60$ ग्राम हीलियम में कुल $15$ मोल प्राप्त होते हैं। हीलियम एक उत्कृष्ट गैस है, जिसका अर्थ है कि यह प्रकृति में एकल परमाणु के रूप में ही स्थिर रहती है।
12. 540 ग्राम ग्लूकोज में उपस्थित मोलों की संख्या कितनी है?
(A) 3
(B) 1
(C) 2
(D) 4
RRB Group-D | 29-08-18 | Shift-III
Ans: (A) ग्लूकोज ($C_{6}H_{12}O_{6}$) का आणविक भार $180\text{ g/mol}$ होता है। $540$ ग्राम ग्लूकोज में मोलों की संख्या ज्ञात करने के लिए $540 / 180 = 3$ मोल की गणना की जाती है। यह गणना दर्शाती है कि पदार्थ की दी गई मात्रा उसके मोलर द्रव्यमान का कितने गुना है।
13. एवोगॉड्रो संख्या NA का अर्थ है-
(A) परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या
(B) किसी तत्व के एक ग्राम परमाणु में परमाणुओं की संख्या
(C) किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या तथा न्यूट्रॉन की संख्या का योग है।
(D) 1 ग्राम सोडियम में प्रोटॉनों की संख्या या इलेक्ट्रानों की संख्या है।
RRB SSE | 21.12.2014 | NA
Ans: (B) एवोगॉड्रो संख्या ($N_{A}$) का अर्थ किसी तत्व के $1$ ग्राम परमाणु में उपस्थित परमाणुओं की कुल संख्या है। इसका सटीक मान $6.02214076 \times 10^{23}$ निर्धारित किया गया है। यह संख्या भौतिक और रासायनिक गणनाओं में परमाणुओं और मोल के बीच मुख्य कड़ी का काम करती है।
12. Nutrition
1. दूध किसका मिश्रण है?
(A) केवल वसा
(B) केवल जल
(C) जल, वसा, प्रोटीन आदि।
(D) केवल प्रोटीन
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (C) दूध एक प्राकृतिक पायस (Emulsion) है जिसमें मुख्य रूप से जल, वसा, प्रोटीन (कैसीन) और कार्बोहाइड्रेट (लैक्टोज) पाए जाते हैं। दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन सी और लौह (Iron) को छोड़कर लगभग सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। दूध का सफेद रंग कैसीन (Casein) प्रोटीन की उपस्थिति के कारण होता है। गाय के दूध का हल्का पीला रंग उसमें मौजूद कैरोटीन के कारण होता है।
2. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व पौधों में प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक है?
(A) फास्फोरस
(B) मैग्नीशियम
(C) लोहा
(D) नाइट्रोजन
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) पौधों में प्रोटीन संश्लेषण के लिए नाइट्रोजन सबसे अनिवार्य तत्व है। पौधे इसे मिट्टी से नाइट्रेट या अमोनियम आयनों के रूप में अवशोषित करते हैं। नाइट्रोजन अमीनो एसिड का मुख्य घटक है, जो आगे चलकर प्रोटीन का निर्माण करते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि और विकास सुनिश्चित होता है।
3. निम्न में से कौन सा विकल्प संतुलित आहार का एक उदाहरण है?
(A) बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक
(B) रोटी, सब्जियां, कोल्ड ड्रिंक
(C) रोटी, दालें, सब्जियां
(D) चावल, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक
RRB Group-D | 01/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) संतुलित आहार वह भोजन है जिसमें शरीर की वृद्धि और स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज सही अनुपात में हों। रोटी, दाल और सब्जियां एक संतुलित आहार का बेहतरीन उदाहरण हैं क्योंकि इनमें अनाज से कार्ब्स, दाल से प्रोटीन और सब्जियों से विटामिन मिलते हैं। जंक फूड जैसे बर्गर और कोल्ड ड्रिंक में केवल खाली कैलोरी होती है जो शरीर को नुकसान पहुँचाती है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए फाइबर (रूक्षांश) भी आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
4. निम्न में से कौन सा अपने आप में संतुलित भोजन है, और किशोरों के लिए अच्छा माना जाता है?
(A) दालें
(B) रोटी/चावल
(C) दूध
(D) सब्जी
RRB Group-D | 30/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) दूध को एक संपूर्ण और संतुलित आहार माना जाता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट, वसा, प्रोटीन, विटामिन (A, B12, D) और कैल्शियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज सही अनुपात में होते हैं। किशोरों की तेजी से बढ़ती हड्डियों और मांसपेशियों के विकास के लिए दूध का सेवन अत्यंत लाभकारी होता है।
5. निम्नलिखित में से किस खाद्य पदार्थ में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है?
(A) चावल
(B) मक्खन
(C) गुड़
(D) दूध
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-II
Ans: (C) गुड़ आयरन (लौह तत्व) का एक प्राकृतिक और समृद्ध स्रोत है। शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया (रक्ताल्पता) हो सकता है, क्योंकि आयरन हीमोग्लोबिन के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है। गुड़ का सेवन रक्त में ऑक्सीजन के परिवहन की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
6. इनमें से किस भोजन को बॉडी बिल्डिंग भोजन कहा जाता है?
(A) प्रोटीन से भरपूर भोजन, जैसे कि मटर
(B) वसा से भरपूर भोजन, जैसे की मक्खन
(C) विटामिन से भरपूर भोजन, जैसे कि सेब
(D) कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजर, जैसे कि गेहूं
RRB Science Biology | 01/01/2023 | Shift-N/A
Ans: (A) प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे मटर, दालें, सोयाबीन और मांस को "बॉडी बिल्डिंग भोजन" कहा जाता है। प्रोटीन कोशिकाओं के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत और मांसपेशियों की वृद्धि के लिए कच्चे माल (अमीनो एसिड) के रूप में कार्य करते हैं। बढ़ते बच्चों और एथलीटों के लिए यह अनिवार्य पोषक तत्व है।
7. गाजर में विटामिन A की उच्च मात्रा मौजूद होती है। गाजर खाने से बच्चे को क्या मदद मिलती है?
(A) इससे बच्चे की आंख की रोशनी बेहतर होगी।
(B) इससे बच्चे की हड्डियाँ मजबूत होगी।
(C) इससे बच्चे को कई बीमारियों से लड़ने में मदद मिलेगी।
(D) इससे बच्चे को अच्छी मात्रा में ऊर्जा मिलेगी।
RRB Group-D | 07/10/2022 | Shift-III
Ans: (A) गाजर विटामिन-ए का एक समृद्ध स्रोत है जिसमें बीटा-कैरोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के लिए अनिवार्य है। विटामिन-ए की कमी से रतौंधी (Night Blindness) और जेरोफ्थैलमिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं। यह विटामिन हमारी आंखों के रेटिना में रोडोप्सिन (Rhodopsin) के निर्माण में मदद करता है। सुनहरे चावल (Golden Rice) में भी विटामिन-ए की अधिकता होती है।
8. निम्नलिखित में से क्या पौधों में रक्षित आंतरिक ऊर्जा की तरह कार्य करता है?
(A) ग्लूकोज
(B) ग्लाइकोजन
(C) सुक्रोज
(D) स्टार्च
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) • पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान बने अतिरिक्त ग्लूकोज को "स्टार्च" के रूप में संचित करते हैं। • यह पौधों के लिए "रक्षित आंतरिक ऊर्जा" (Reserved Internal Energy) का कार्य करता है। • मनुष्य और अन्य जंतुओं में यह ऊर्जा "ग्लाइकोजन" के रूप में संचित होती है।
9. लैक्टोज असहिष्णुता क्या होती है?
(A) एक ऐसी स्थिति, जहाँ छोटी आंत ग्लूटेन को तोड़ने में असमर्थ होती है।
(B) एक ऐसी स्थिति, जहाँ फ्रक्टोज पूरी तरह से रक्त में अवशोषित नहीं हो पाता है।
(C) इसके लक्षणों में ग्लूटेन के प्रति प्रतिकूल प्रतिक्रियाएँ शामिल हैं।
(D) एक ऐसी स्थिति, जिसमें छोटी आंतें, दुग्ध उत्पादों में पाई जाने वाली शर्करा को तोड़ने में असमर्थ होती हैं।
RRB NTPC Stage Ist | 15/02/2021 | Shift-II
Ans: (D) • लैक्टोज दूध और डेयरी उत्पादों में पाई जाने वाली प्राकृतिक शर्करा है। • लैक्टोज असहिष्णुता तब होती है जब छोटी आंत "लैक्टेज" (Lactase) एंजाइम का पर्याप्त निर्माण नहीं कर पाती। • इसके कारण पाचन संबंधी समस्याएं जैसे पेट फूलना, गैस और दस्त हो सकते हैं।
10. निम्न में से ________ ऑक्सीकरण के समय अधिकतम मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
(A) ग्लूकोस
(B) वसा
(C) क्षार
(D) प्रोटीन
RRB J.E. | 14/12/2014 | Green paper
Ans: (B) वसा (Fats) के ऑक्सीकरण से शरीर को सर्वाधिक ऊर्जा प्राप्त होती है जो लगभग 9.3 किलो कैलोरी प्रति ग्राम होती है। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन के ऑक्सीकरण से केवल 4 किलो कैलोरी प्रति ग्राम ऊर्जा मिलती है। शरीर में ऊर्जा का मुख्य स्रोत कार्बोहाइड्रेट होता है लेकिन संचित ऊर्जा के रूप में वसा सबसे शक्तिशाली है। वसा का पाचन मुख्य रूप से छोटी आंत में लाइपेज एंजाइम द्वारा होता है।
11. मेटाबोलिज्म (चयापचय) संबंधित है- (I) शरीर में होने वाली सभी रासायनिक प्रतिक्रियाएँ (II) सरल अणुओं से जटिल अणुओं का संश्लेषण (III) उपचय और अपचय
(A) केवल I
(B) केवल II
(C) I और II दोनों
(D) I, II और III
RRB NTPC Stage I | 31/03/2016 | Shift-I
Ans: (D) • मेटाबोलिज्म में दो प्रक्रियाएं शामिल हैं: उपचय (Anabolism) और अपचय (Catabolism)। • उपचय (Anabolism): छोटे अणुओं से जटिल अणुओं का निर्माण (जैसे प्रोटीन संश्लेषण)। • अपचय (Catabolism): जटिल अणुओं को ऊर्जा प्राप्त करने के लिए तोड़ना (जैसे श्वसन)।
12. भोजन के पाचन की प्रक्रिया के दौरान होने वाले ऊर्जा परिवर्तन के प्रकार को बताएँ
(A) रासायनिक ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा
(B) यांत्रिक ऊर्जा से ऊष्मा ऊर्जा
(C) रासायनिक ऊर्जा से प्रकाश ऊर्जा
(D) प्रकाश ऊर्जा से रासायनिक ऊर्जा
RRB Group-D | 28/11/2018 | Shift-I
Ans: (A) भोजन के पाचन के दौरान भोजन में मौजूद रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) मुख्य रूप से ऊष्मा ऊर्जा (Heat Energy) में परिवर्तित हो जाती है। यह प्रक्रिया शरीर के तापमान को बनाए रखने में भी मदद करती है। पाचन एक अपचयी (Catabolic) प्रक्रिया है जिसमें जटिल अणु सरल अणुओं में टूटते हैं। पाचन की शुरुआत मुंह से होती है जहाँ लार एंजाइम स्टार्च को तोड़ना शुरू करते हैं।
13. मनुष्यों में ग्लाइकोजन और पौधों में स्टार्च के बीच समानता है:
(A) दोनों ऊर्जा भंडार के रूप में कार्य करते हैं
(B) दोनों का तुरंत ऊर्जा के लिए उपयोग किया जाता है
(C) दोनों संरचनात्मक पॉलीसेकेराइड हैं
(D) दोनों में नाइट्रोजन होता है
MP Police constable 2025 | 07-11-2025 | 02:30:00
Ans: (A) ग्लाइकोजन और स्टार्च दोनों ही ग्लूकोज के बहुलक (Polymers) हैं जो ऊर्जा के भंडारण (Storage) का कार्य करते हैं। पौधों में अतिरिक्त भोजन स्टार्च के रूप में जमा होता है जबकि मनुष्यों या जंतुओं में यह यकृत और मांसपेशियों में ग्लाइकोजन के रूप में जमा होता है। ग्लाइकोजन को पशु स्टार्च (Animal Starch) भी कहा जाता है। ये दोनों ही जटिल कार्बोहाइड्रेट या पॉलीसैकराइड की श्रेणी में आते हैं।
14. विटामिन की गोलियों में अक्सर साइट्रिक एसिड होता है क्योंकि यहः
(A) वसा में घुलनशील विटामिन के अवशोषण को बढ़ाता है
(B) विटामिन के ऑक्सीकरण और क्षरण को रोकता है
(C) एक प्राकृतिक परिरक्षक के रूप में कार्य करता है
(D) स्वाद में सुधार करता है
MP Police constable 2025 | 18-11-2025 | 10:00:00
Ans: (B) • साइट्रिक एसिड एक प्राकृतिक "एंटीऑक्सीडेंट" है जो विटामिनों के ऑक्सीकरण को रोकता है। • यह विटामिन के क्षरण को कम करके उनकी प्रभावशीलता और शेल्फ-लाइफ को बनाए रखता है। • इसके अलावा, यह विटामिनों के अवशोषण में भी आंशिक सहायता करता है।
15. कैनिंग (डिब्बाबंदी) में उपयोग की जाने वाली संरक्षण विधि किस पर आधारित होती है?
(A) प्रतिकूल वातावरण बनाने के लिए अम्लीकरण
(B) ऑक्सीजन को हटाने के लिए निर्वात निष्कासन
(C) सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने के लिए ऊष्मा द्वारा स्टरलाइजेशन
(D) नमक की सांद्रता द्वारा बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकना
MP Police constable 2025 | 28-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) डिब्बाबंदी या कैनिंग में खाद्य पदार्थों को उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है ताकि उनमें मौजूद सूक्ष्मजीव और उनके बीजाणु नष्ट हो जाएं। इस विधि को स्टरलाइजेशन (Sterilization) कहा जाता है जो भोजन को लंबे समय तक खराब होने से बचाती है। कैनिंग की खोज निकोलस एपर्ट ने की थी जिन्हें डिब्बाबंदी का जनक कहा जाता है। इस प्रक्रिया में डिब्बे को वायुरोधी (Airtight) बनाया जाता है ताकि बाहरी बैक्टीरिया प्रवेश न कर सकें।
16. कवक और जंतु परपोषी (हेटरोट्रॉफी) के बीच मुख्य अंतर है:
(A) स्वपोषी पर निर्भरता
(B) भोजन को ग्लाइकोजन के रूप में संचित करने की क्षमता
(C) भोजन को तोड़ने का तरीका (बाहरी बनाम आंतरिक)
(D) भोजन का स्रोत (पौधे बनाम जंतु)
MP Police constable 2025 | 08-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) कवक (Fungi) और जंतु दोनों ही अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते लेकिन उनके भोजन ग्रहण करने का तरीका अलग है। कवक अपने शरीर के बाहर एंजाइम छोड़कर भोजन को वहीं तोड़ते हैं (बाह्य पाचन) और फिर उसे सोखते हैं जबकि जंतु भोजन को शरीर के अंदर लेकर पचाते हैं (आंतरिक पाचन)। कवक की कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है। जंतुओं में कोशिका भित्ति का अभाव होता है।
17. प्रकाश संश्लेषण के दौरान, मुक्त ऑक्सीजन कहाँ से आएगी:
(A) कार्बन डाइऑक्साइड
(B) ग्लूकोज़
(C) जल
(D) एटीपी
MP Police constable 2025 | 10-12-2025 | 02:30:00
Ans: (C) प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में जो ऑक्सीजन बाहर निकलती है वह कार्बन डाइऑक्साइड से नहीं बल्कि जल के अणुओं $H_{2}O$ के टूटने से आती है। प्रकाश संश्लेषण की रासायनिक क्रिया इस प्रकार है $6CO_{2} + 12H_{2}O ightarrow C_{6}H_{12}O_{6} + 6H_{2}O + 6O_{2}$ यह प्रक्रिया पौधों के क्लोरोप्लास्ट (हरित लवक) में संपन्न होती है। इसमें सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदला जाता है।
18. गर्भवती महिला के लिए सर्वोत्तम आहार क्या है?
(A) घी से भरपूर आहार
(B) प्रोटीन और विटामिन से भरपूर आहार
(C) आहार विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित विशेष आहार
(D) उच्च कैलोरी आहार में आयरन सप्लीमेंट शामिल करना
RRB Group-D | 29/09/2022 | Shift-I
Ans: (C) • गर्भवती महिला के लिए संतुलित और "विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित आहार" सबसे महत्वपूर्ण है। • इसमें प्रोटीन (शिशु के विकास हेतु), आयरन (खून हेतु) और फोलिक एसिड की उचित मात्रा होनी चाहिए। • आहार की आवश्यकता महिला की शारीरिक स्थिति और गर्भावस्था के चरण पर निर्भर करती है।
19. सायनोकोबालामिन (Cyanocobalamin), विटामिन का मानव निर्मित रूप है।
(A) B12
(B) B6
(C) B2
(D) B1
RRB NTPC (Stage-2) | 16/06/2022 | Shift-II
Ans: (A) सायनोकोबालामिन विटामिन B12 का वैज्ञानिक नाम है और यह एकमात्र ऐसा विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है। यह विटामिन लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की परिपक्वता और तंत्रिका तंत्र के सही कार्य के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से घातक रक्ताल्पता (Pernicious Anemia) हो जाती है। यह विटामिन मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडे और दूध में पाया जाता है।
20. निम्न में से कौन सा तत्व हीम (heme) का भाग है?
(A) मैंगनीज
(B) लौह
(C) कोबाल्ट
(D) मैग्नीशियम
RRB NTPC (Stage-2) | 14/06/2022 | Shift-II
Ans: (B) हीम (Heme) हीमोग्लोबिन का वह हिस्सा है जिसमें लौह (Iron) तत्व पाया जाता है और यह रक्त को लाल रंग प्रदान करता है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से शरीर के अन्य हिस्सों तक ऑक्सीजन ले जाने का कार्य करता है। लोहे की कमी से शरीर में रक्त की कमी यानी एनीमिया (Anemia) रोग हो जाता है। पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन का सबसे अच्छा स्रोत मानी जाती हैं।
21. उस विटामिन का नाम बताएं जिसकी कमी के कारण अत्यधिक खून बहने लगता है?
(A) विटामिन A
(B) विटामिन B
(C) विटामिन K
(D) विटामिन C
RRB ALP & Tec. | 17/08/2018 | Shift-II
Ans: (C) विटामिन K रक्त का थक्का (Blood Clotting) जमने के लिए उत्तरदायी मुख्य विटामिन है जिसकी कमी होने पर चोट लगने पर खून का बहना नहीं रुकता। यह यकृत में प्रोथ्रोम्बिन के निर्माण में सहायता करता है। विटामिन K का रासायनिक नाम फाइलोक्विनोन (Phylloquinone) है। यह मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों और टमाटर में पाया जाता है।
22. बेरी बेरी एक रोग है जो किसकी कमी के कारण होता है?
(A) विटामिन A
(B) विटामिन B1
(C) विटामिन D
(D) विटामिन C
RRB NTPC | 29/12/2020 | Shift-II Stage Ist
Ans: (B) बेरी-बेरी रोग विटामिन B1 की कमी के कारण होता है जिसका रासायनिक नाम थायमिन (Thiamine) है। यह रोग अक्सर उन क्षेत्रों में देखा जाता है जहाँ लोग पॉलिश किए हुए चावल का अधिक सेवन करते हैं। इसके लक्षणों में मांसपेशियों में कमजोरी और तंत्रिका संबंधी समस्याएं शामिल हैं। खमीर, अनाज के छिलके और दालें इसके अच्छे स्रोत हैं।
23. निम्नलिखित में से कौन-सा शरीर में ग्लाइकोजन के रूप में संग्रहित होता है?
(A) कार्बोहाइड्रेट्स
(B) प्रोटीन
(C) लिपिड
(D) विटामिन
RRB NTPC | 05/04/2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (A) जब हम कार्बोहाइड्रेट का सेवन करते हैं तो शरीर उसे ग्लूकोज में तोड़ता है और अतिरिक्त ग्लूकोज को भविष्य के लिए ग्लाइकोजन के रूप में संचित कर लिया जाता है। यह मुख्य रूप से हमारे यकृत (Liver) और कंकाल की मांसपेशियों में जमा होता है। जब शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है तो यह ग्लाइकोजन वापस ग्लूकोज में बदल जाता है। इंसुलिन हार्मोन ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में बदलने में मदद करता है।
24. निम्न में से किस आहारी घटक की प्रति ग्राम मात्रा, मनुष्यों में अधिकतम ऊर्जा प्रदान करती है?
(A) प्रोटीन
(B) रूक्षांश
(C) कार्बोहाइड्रेट
(D) वसा
RRB NTPC (Stage-2) | 14/06/2022 | Shift-I
Ans: (D) वसा (Fat) आहार का वह घटक है जो प्रति ग्राम सबसे अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। 1 ग्राम वसा के जलने से लगभग 9 कैलोरी ऊर्जा मिलती है जबकि कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से केवल 4 कैलोरी ऊर्जा मिलती है। वसा शरीर में भविष्य की ऊर्जा के लिए आरक्षित ईंधन का काम करती है। यह शरीर के अंगों को झटकों से बचाने और तापमान नियंत्रित करने में भी सहायक है।
25. हीनताजन्य रोगों के संदर्भ में, रिकेट्स किसकी कमी के कारण होता है?
(A) विटामिन C
(B) विटामिन E
(C) विटामिन D
(D) विटामिन B12
RRB NTPC (Stage-2) | 17/06/2022 | Shift-II
Ans: (C) रिकेट्स (Rickets) बच्चों में होने वाली एक बीमारी है जो विटामिन D की कमी के कारण होती है जिससे हड्डियां कमजोर और टेढ़ी हो जाती हैं। विटामिन D का रासायनिक नाम कैल्सीफेरॉल (Calciferol) है। इसे "सनशाइन विटामिन" भी कहते हैं क्योंकि हमारा शरीर सूर्य की रोशनी की उपस्थिति में त्वचा के नीचे इसका निर्माण कर सकता है। वयस्कों में इस विटामिन की कमी से ऑस्टियोमलेशिया नामक रोग होता है।
26. मछली से प्राप्त कॉड लीवर तेल किस विटामिन का समृद्ध स्त्रोत है?
(A) विटामिन C
(B) विटामिन B12
(C) विटामिन D
(D) विटामिन B1
RRB J.E. | 14/12/2014 | Yellow paper
Ans: (C) मछली का कॉड लिवर तेल विटामिन D और विटामिन A का बहुत ही समृद्ध स्रोत माना जाता है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य और आंखों की रोशनी के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है जो हृदय के लिए अच्छा होता है। ठंडे प्रदेशों में बच्चों को रिकेट्स से बचाने के लिए अक्सर यह तेल दिया जाता है।
27. कौन सा विटामिन रक्त का थक्का जमने के लिए आवश्यक प्रोटीन और कैल्शियम को सक्रिय करता है?
(A) विटामिन B1
(B) विटामिन K
(C) विटामिन D
(D) विटामिन C
RRB NTPC | 11/01/2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (B) विटामिन K रक्त के थक्के जमाने के लिए आवश्यक विशिष्ट प्रोटीनों और कैल्शियम को सक्रिय करने का कार्य करता है। इसके बिना चोट लगने पर रक्त का थक्का नहीं बनता और अत्यधिक रक्तस्राव होता है। विटामिन K का निर्माण हमारे शरीर की बड़ी आंत में मौजूद बैक्टीरिया द्वारा भी किया जाता है। नवजात शिशुओं में अक्सर इस विटामिन की कमी होती है इसलिए उन्हें जन्म के समय इसका इंजेक्शन दिया जाता है।
28. विटामिन B2 की कमी से होने वाली सूजन स्थिति?
(A) सोरायसिस (Psoriasis)
(B) डर्मेटाइटिस (Dermatitis)
(C) ओष्ठविदरता (Cheilosis)
(D) अर्टिकेरिया (Urticaria)
CGL Tier I | 2024
Ans: (C) ओष्ठविदरता (Cheilosis) एक ऐसी स्थिति है जिसमें विटामिन B2 की कमी के कारण होठों के कोनों में दरारें पड़ जाती हैं और सूजन आ जाती है। विटामिन B2 का रासायनिक नाम राइबोफ्लेविन (Riboflavin) है। इसकी कमी से जीभ में सूजन (Glossitis) भी हो सकती है। दूध, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां इसके मुख्य स्रोत हैं।
29. 70 से 100 ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाला भोजन कैसा है?
(A) अत्यधिक निम्न-जीआई
(B) उच्च-जीआई भोजन
(C) मध्यम-जीआई
(D) निम्न-जीआई
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (B) 70 से 100 के बीच ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले भोजन को उच्च-जीआई (High-GI) भोजन माना जाता है जो रक्त में शर्करा के स्तर को बहुत तेजी से बढ़ाता है। सफेद ब्रेड, आलू और चीनी उच्च जीआई वाले खाद्य पदार्थों के उदाहरण हैं। मधुमेह (Diabetes) के रोगियों को कम जीआई वाले भोजन की सलाह दी जाती है। 55 से कम जीआई को निम्न और 56-69 को मध्यम जीआई माना जाता है।
30. पास्ता, नूडल्स, पिज्जा और ब्रेड जैसे विभिन्न खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन (Gluten) का निर्माण देखा जाता है। ग्लूटेन तब बनता है जब दो विशिष्ट प्रोटीन जल के साथ मिश्रित होते हैं। ग्लूटेन निर्माण के लिए उत्तरदायी दो प्रोटीनों के नाम बताइए।
(A) ग्लूटेनिन और एल्बुमिन (Glutenin and Albumin)
(B) ग्लूटेनिन और ग्लाइसीन (Glutenin and Glycine)
(C) ग्लूटेनिन और ग्लियाडिन (Glutenin and Gliadin)
(D) ग्लूटेनिन और कैसिइन (Glutenin and Casein)
RRB NTPC Stage 1 | 10/01/2021 | Shift-I
Ans: (C) ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है जो मुख्य रूप से गेहूं, जौ और राई में पाया जाता है और यह ग्लूटेनिन तथा ग्लियाडिन नामक दो प्रोटीनों के मिलने से बनता है। यह आटे को लचीलापन प्रदान करता है जिससे ब्रेड और पास्ता को चबाने योग्य संरचना मिलती है। कुछ लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी होती है जिसे सीलिएक (Celiac) रोग कहा जाता है। पानी के संपर्क में आने पर ये दोनों प्रोटीन मिलकर एक जाली जैसी संरचना बना लेते हैं।
31. निम्नलिखित में से कौन-सा समूह आवश्यक अमीनो एसिड को निरूपित करता है?
(A) ग्लाइसिन, प्रोलाइन, सेरीन
(B) हिस्टिडीन, आइसोल्यूसीन, ल्यूसीन, लाइसिन
(C) ऐलेनिन, आर्जिनिन, एसपैराजीन
(D) ऐलेनिन, आइसोल्यूसीन, ल्यूसीन
RRB SSE | 21/12/2014 | Shift-I
Ans: (B) आवश्यक अमीनो एसिड वे होते हैं जिन्हें हमारा शरीर स्वयं नहीं बना सकता और इन्हें भोजन के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है। हिस्टिडीन, आइसोल्यूसीन, ल्यूसीन और लाइसिन नौ आवश्यक अमीनो एसिड की सूची में शामिल हैं। कुल 20 अमीनो एसिड प्रोटीन के निर्माण खंड होते हैं। पशु स्रोतों से मिलने वाले प्रोटीन में आमतौर पर सभी आवश्यक अमीनो एसिड सही मात्रा में होते हैं।
32. गलत वाक्य/वाक्यों की पहचान कीजिए। a. कुछ जीव अकार्बनिक स्रोतों से प्राप्त सरल खाद्य सामग्री का उपयोग करते हैं। b. अन्य जीव जटिल पदार्थों का उपयोग करते हैं। c. विषमपोषी जीवों में पादप शामिल हैं।
(A) केवल b और c
(B) केवल a और b
(C) केवल a
(D) केवल a और c
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (D) • विषमपोषी (Heterotrophs) वे जीव हैं जो अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और पौधों या अन्य जंतुओं पर निर्भर रहते हैं। • पौधे "स्वपोषी" (Autotrophs) होते हैं क्योंकि वे प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन खुद बनाते हैं। • जंतु, कवक और कुछ जीवाणु विषमपोषी की श्रेणी में आते हैं।
33. निम्नलिखित में से किस पौधे में शबलित पत्तियां (Variegated leaves) पाई जाती हैं?
(A) क्रोटोन
(B) केला
(C) गुलाब
(D) नीम
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 4:30 PM - 5:30 PM
Ans: (A) • शबलित पत्तियों (Variegated leaves) में कुछ भाग हरे और कुछ भाग सफेद या पीले होते हैं (जैसे क्रोटोन या मनी प्लांट)। • इनका उपयोग यह सिद्ध करने के लिए किया जाता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए "क्लोरोफिल" आवश्यक है। • हरे भाग में स्टार्च बनता है जबकि गैर-हरे भाग में नहीं।
34. किस जीव की भोजन रिक्तिका में जटिल पदार्थ सरल पदार्थों में टूट जाते हैं जो फिर कोशिका द्रव्य में फैल जाते हैं?
(A) लाइकेन
(B) प्लैज्मोडियम
(C) स्पाइरोगाइरा
(D) अमीबा
RRB ALP CBT01 2024 | 28/11/2024 | 9:00 AM - 10:00 AM
Ans: (D) • अमीबा में भोजन ग्रहण करने की प्रक्रिया "एंडोसाइटोसिस" या फागोसाइटोसिस कहलाती है। • भोजन रिक्तिका (Food Vacuole) के भीतर जटिल अणुओं का रासायनिक पाचन होता है। • पचा हुआ भोजन सीधे साइटोप्लाज्म में विसरित हो जाता है और अपशिष्ट बाहर निकाल दिया जाता।
35. एक कार्बनिक यौगिक $C_{12}H_{22}O_{11}$ हाइड्रोलिसिस (जलअपघटन) की प्रक्रिया से दो विभिन्न मोनोसैकराइड्स को समान मोल मात्रा में उत्पन्न करता है। यदि 68.4 ग्राम यौगिक के पूर्ण हाइड्रोलिसिस से $360~g/mol$ के संयुक्त मोलर भार वाले रिड्यूसिंग शुगर (अपचायक शर्कराएँ) प्राप्त होते हैं, तो उस मूल यौगिक की सबसे संभावित पहचान क्या होगी?
(A) सेलोबायोज
(B) लैक्टोज
(C) सुक्रोज
(D) माल्टोज
MP Police constable 2025 | 16-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) सुक्रोज एक डाइसैकराइड है जिसका रासायनिक सूत्र $C_{12}H_{22}O_{11}$ है और जलअपघटन (Hydrolysis) पर यह ग्लूकोज और फ्रुक्टोज के समान अणु देता है। दिए गए सवाल में सुक्रोज का अणुभार 342 होता है और इसके जलअपघटन से प्राप्त ग्लूकोज (180) और फ्रुक्टोज (180) का संयुक्त भार 360 ग्राम/मोल बनता है। सुक्रोज को टेबल शुगर या केन शुगर भी कहा जाता है। यह एक गैर-अपचायक (Non-reducing) शर्करा है लेकिन जलअपघटन के बाद प्राप्त उत्पाद अपचायक होते हैं।
36. ADP को ATP अणुओं में भंडारित और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में कौन सा खनिज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
(A) आयरन
(B) कैल्शियम
(C) फॉस्फोरस
(D) सोडियम
RRB Group-D | 02/09/2022 | Shift-III
Ans: (C) फॉस्फोरस एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है जो शरीर में ऊर्जा के संचय और स्थानांतरण के लिए जिम्मेदार एटीपी (ATP) अणुओं का मुख्य घटक है। $ATP$ का पूरा नाम एडिनोसिन ट्राइफॉस्फेट है जिसे कोशिका की ऊर्जा मुद्रा (Energy Currency) कहा जाता है। यह हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए भी कैल्शियम के साथ मिलकर काम करता है। यह डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) की संरचना का भी एक अनिवार्य हिस्सा है।
37. E 300 का सामान्य नाम बताइए।
(A) विटामिन D
(B) विटामिन C
(C) विटामिन B
(D) विटामिन A
RRB NTPC | 27/02/2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (B) E 300 खाद्य उद्योग में इस्तेमाल होने वाला एक कोड है जो एस्कॉर्बिक एसिड यानी विटामिन C को दर्शाता है। यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो भोजन को ऑक्सीकरण से बचाता है और उसे खराब होने से रोकता है। विटामिन C की कमी से मसूड़ों से खून आने लगता है जिसे स्कर्वी (Scurvy) रोग कहते हैं। यह खट्टे फलों जैसे आंवला, नींबू और संतरे में प्रचुर मात्रा में मिलता है।
38. मेगालोब्लास्टिक एनीमिया किस विटामिन की कमी के कारण होता है?
(A) विटामिन B2
(B) विटामिन C
(C) विटामिन B9
(D) विटामिन A
RRB NTPC | 15/02/2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (C) मेगालोब्लास्टिक एनीमिया विटामिन B9 (जिसे फोलिक एसिड भी कहते हैं) की कमी के कारण होता है। इस स्थिति में अस्थि मज्जा असामान्य रूप से बड़ी और अपरिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने लगती है। विटामिन B12 की कमी से भी यह एनीमिया हो सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए फोलिक एसिड बहुत जरूरी है क्योंकि यह भ्रूण के विकास में मदद करता है।
39. अभिकथन (A): बेरी-बेरी एक विषाणुजनित संक्रमण है। कारण (R): विटामिन की कमी बीमारियों का कारण बनती है।
(A) A गलत है लेकिन R सही है
(B) A सही है लेकिन R गलत है
(C) A और R दोनों गलत हैं
(D) A और R दोनों सही हैं
RRB NTPC | 12/04/2016 | Shift-III Stage Ist
Ans: (A) बेरी-बेरी एक विषाणुजनित (Viral) संक्रमण नहीं है बल्कि यह विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होने वाला एक पोषण संबंधी रोग है। हालांकि कारण (R) सही है कि विटामिन की कमी से विभिन्न बीमारियां होती हैं। विटामिन कार्बनिक यौगिक होते हैं जिनकी शरीर को बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है। विटामिन दो प्रकार के होते हैं: जल में घुलनशील (B, C) और वसा में घुलनशील (A, D, E, K)।
40. फेनिलएलनिन हाइड्रॉक्सिलेज़ (phenylalanine hydroxylase) द्वारा उत्प्रेरित अभिक्रिया में, फेनिलएलनिन के हाइड्रॉक्सिकरण द्वारा कौन-सा गैर-आवश्यक एमीनो अम्ल (amino acid) संश्लेषित होता है?
(A) ग्लाइसिन (Glycine)
(B) ग्लूटामिन (Glutamine)
(C) टायरोसिन (Tyrosine)
(D) सिस्टीन (Cysteine)
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (C) टायरोसिन (Tyrosine) एक गैर-आवश्यक अमीनो अम्ल है जिसे हमारा शरीर फेनिलएलनिन (Phenylalanine) नामक आवश्यक अमीनो अम्ल से संश्लेषित करता है। यह प्रक्रिया फेनिलएलनिन हाइड्रॉक्सिलेज़ एंजाइम द्वारा संपन्न होती है। यदि शरीर में इस एंजाइम की कमी हो जाए तो फेनिलकीटोनुरिया (PKU) नामक आनुवंशिक रोग हो जाता है। टायरोसिन डोपामाइन और एड्रेनालिन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है।
13. Human Disease
1. निम्नलिखित में से किस जीवाणु संक्रमण को यौन संचारित रोग (STD) माना जाता है?
(A) टाइफॉइड (Typhoid)
(B) न्यूमोनिया (Pneumonia)
(C) ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis)
(D) गोनोरिया (Gonorrhoea)
RRB JE Exam 2024 | 18/12/2024 | 4:30 PM - 6:00 PM
Ans: (D) गोनोरिया (Gonorrhoea) नाइसेरिया गोनोरिया नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक गंभीर यौन संचारित संक्रमण (STI) है। यह मुख्य रूप से प्रजनन पथ के श्लेष्म झिल्ली को प्रभावित करता है और समय पर इलाज न होने पर बांझपन का कारण बन सकता है। सुरक्षित यौन संबंधों और कंडोम के उपयोग से इस जीवाणु संक्रमण के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
2. यांत्रिक रोध (mechanical barrier) गर्भनिरोधक विधि, निम्नलिखित में से किस रोग की रोकथाम के लिए उपयोग की जाती है?
(A) टीबी (TB)
(B) एड्स (AIDS)
(C) टाइफॉइड (Typhoid)
(D) मलेरिया (Malaria)
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (B) कंडोम जैसे यांत्रिक अवरोध (Mechanical Barrier) न केवल अवांछित गर्भधारण को रोकते हैं, बल्कि एड्स (AIDS) और सिफलिस जैसे एसटीडी के संचरण को भी कम करते हैं। यह विधि शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क को रोककर वायरस और बैक्टीरिया के आदान-प्रदान को बाधित करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए इसे सबसे सरल और प्रभावी सुरक्षात्मक उपाय माना जाता है।
3. निम्नलिखित में से कौन-से यौन संचारित रोग वायरस के कारण होते हैं?
(A) मस्से और एड्स
(B) मस्से और सूजाक
(C) सिफिलिस और एड्स
(D) सूजाक और सिफिलिस
RRB ALP CBT01 2024 | 26/11/2024 | 12:30 PM - 1:30 PM
Ans: (A) यौन संचारित रोग (STD) वे संक्रमण हैं जो असुरक्षित यौन संपर्क के माध्यम से फैलते हैं। मस्से (Warts) मानव पेपिलोमा वायरस (HPV) के कारण होते हैं और एड्स (AIDS) ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) के कारण होता है। जबकि सूजाक (Gonorrhea) और सिफलिस (Syphilis) बैक्टीरिया के कारण होने वाले रोग हैं। हेपेटाइटिस-बी और हर्पीज भी वायरस जनित यौन संचारित रोग हैं।
4. निम्नलिखित में से किस प्रकार का प्रदूषण मिनामाटा रोग का कारण होता है?
(A) कार्बनिक कचरे वाला पीने का पानी
(B) तेल रिसाव वाला पानी
(C) कीटनाशकों वाला पीने का पानी
(D) पारा (मरकरी) युक्त औद्योगिक कचरे वाला पानी
MP Police constable 2025 | 02-11-2025 | 02:30:00
Ans: (D) मिनामाटा रोग एक गंभीर तंत्रिका संबंधी बीमारी है जो पारा (Mercury) के अत्यधिक सेवन से होती है। यह रोग सबसे पहले जापान के मिनामाटा शहर में औद्योगिक कचरे के रूप में मिथाइल मर्करी को खाड़ी में छोड़े जाने के कारण फैला था। प्रदूषित पानी की मछलियों को खाने से यह जहर इंसानों तक पहुँचता है। पारा का रासायनिक प्रतीक $Hg$ है और इसका परमाणु क्रमांक 80 है।
5. एक कार्बनिक पदार्थ का उपभोग जिगर की एक बीमारी का कारण बनता है, जिसे "सिरोसिस" कहा जाता है। उस पदार्थ की पहचान करें।
(A) एसिटिक एसिड
(B) मिथाइल अल्कोहल
(C) इथेनॉल (शराब)
(D) एसीटोन
MP Police constable 2025 | 13-11-2025 | 02:30:00
Ans: (C) शराब या इथेनॉल (Ethanol) का अत्यधिक और लंबे समय तक सेवन लीवर की गंभीर बीमारी "सिरोसिस" का मुख्य कारण है। इस स्थिति में लीवर की स्वस्थ कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह घाव के निशान (Scar tissues) ले लेते हैं। इथेनॉल का रासायनिक सूत्र $C_{2}H_{5}OH$ है। यह लीवर की कार्यक्षमता को पूरी तरह समाप्त कर सकता है।
6. निम्नलिखित में से कौन-सा यौन संचारित संक्रमण जीवाणुजनित (बैक्टीरियल) प्रकृति का होता है?
(A) मस्से (वार्ट्स)
(B) सुजाक (गोनोरिया)
(C) इन्फ्लुएंजा
(D) एचआईवी-एड्स
MP Police constable 2025 | 24-11-2025 | 02:30:00
Ans: (B) सूजाक (Gonorrhea) एक यौन संचारित संक्रमण है जो "निसेरिया गोनोरिया" नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके विपरीत एड्स और मस्से वायरस के कारण होते हैं जबकि इन्फ्लूएंजा एक श्वसन संबंधी वायरस संक्रमण है। बैक्टीरियल संक्रमणों का उपचार आमतौर पर एंटीबायोटिक्स द्वारा किया जाता है। सिफलिस भी एक प्रमुख बैक्टीरिया जनित यौन रोग है।
7. समताप मंडल (स्ट्रेटोस्फीयर) में ओज़ोन परत के क्षरण से क्या प्रभाव पड़ेगाः
(A) अम्लीय वर्षा
(B) त्वचा कैंसर की घटनाओं में वृद्धि
(C) जंगल की आग
(D) ग्रीनहाउस प्रभाव
MP Police constable 2025 | 01-12-2025 | 02:30:00
Ans: (B) ओजोन परत (Ozone Layer) सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (Ultraviolet) किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है। इसके क्षरण से ये किरणें सीधे त्वचा पर पड़ती हैं जिससे त्वचा कैंसर और मोतियाबिंद जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं। ओजोन का रासायनिक सूत्र $O_{3}$ है। क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाला मुख्य कारक है।
8. निम्न में से कौन-सा अपने आप में एक संतुलित आहार है?
(A) दालें
(B) शहद
(C) मांस
(D) दूध
Ans: (D) दूध को "पूर्ण आहार" या संतुलित आहार माना जाता है क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन ए, बी12 और फास्फोरस जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। किशोरों और बच्चों के विकास के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के विकास में सहायक होता है। हालांकि इसमें विटामिन सी और आयरन की कमी होती है, फिर भी यह दैनिक पोषण पूर्ति का एक उत्कृष्ट स्रोत है।
9. गाजर में विटामिन A की उच्च मात्रा होती है। गाजर खाने से क्या मदद मिलती है?
(A) आंख की रोशनी बेहतर होगी
(B) हड्डियाँ मजबूत होगी
(C) बीमारियों से लड़ने में मदद मिलेगी
(D) अच्छी ऊर्जा मिलेगी
Ans: (A) गाजर में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जिसे हमारा शरीर विटामिन A (रेटिनॉल) में परिवर्तित कर देता है, जो आंखों के रेटिना के स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। विटामिन A की पर्याप्त मात्रा रात में देखने की क्षमता (Night Vision) को बढ़ाती है और रतौंधी जैसे रोगों से सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा, यह त्वचा की चमक बनाए रखने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करने में भी सहायक होता है।
10. बेरीबेरी किस वजह से उत्पन्न होता है?
(A) विटामिन B1 की अधिकता
(B) विटामिन B1 की कमी
(C) विटामिन C की अधिकता
(D) विटामिन C की कमी
Ans: (B) बेरी-बेरी रोग विटामिन B1 (थायमिन) की कमी के कारण होता है, जो मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र और हृदय की मांसपेशियों को प्रभावित करता है। यह रोग अक्सर उन क्षेत्रों में देखा जाता है जहाँ लोग मुख्य रूप से पॉलिश किए हुए चावल का सेवन करते हैं, क्योंकि पॉलिशिंग प्रक्रिया में विटामिन B1 की परत निकल जाती है। इसके लक्षणों में पैरों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ और मांसपेशियों की कमजोरी शामिल है।
11. कौन सी स्थिति, जिसे पीलिया (इक्टेरस) के रूप में भी जाना जाता है, आपकी त्वचा के पीलेपन और आपकी आंखों के सफेद होने का कारण बनती है?
(A) जॉन्डिस
(B) एक्जिमा
(C) इक्थियोसिस
(D) पेम्फीगस
CGL Tier I | 2024
Ans: (A) पीलिया या जॉन्डिस (Jaundice) तब होता है जब रक्त में बिलीरुबिन (Bilirubin) नामक पीले वर्णक का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखने लगता है। यह स्थिति अक्सर लीवर के संक्रमण, हेपेटाइटिस या पित्त की नली में रुकावट के कारण उत्पन्न होती है। समय पर निदान और उचित खान-पान (जैसे वसायुक्त भोजन से परहेज) इस रोग के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
12. कोविड-19 जैसा रोग कैसा है?
(A) पशुजन्य रोग (Zoonotic)
(B) प्रोटीन कमी
(C) खाद्य जनित
(D) जलजनित
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) पशुजन्य रोग (Zoonotic Diseases) वे संक्रमण होते हैं जो जानवरों से मनुष्यों में प्राकृतिक रूप से फैलते हैं, जैसे कि कोविड-19, रेबीज और इबोला। ये रोग वायरस, बैक्टीरिया या परजीवियों के माध्यम से फैल सकते हैं और अक्सर वन्यजीवों के साथ मनुष्यों के बढ़ते संपर्क के कारण महामारी का रूप ले लेते हैं। वैश्विक स्वास्थ्य के लिए इन रोगों की निगरानी और पशु स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
13. विडाल परीक्षण (Widal test) किस रोग के लिए किया जाता है?
(A) आंत्र ज्वर (Typhoid)
(B) डिप्थीरिया
(C) न्यूमोनिया
(D) इंफ्लुएंजा
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (A) विडाल टेस्ट (Widal Test) एक सीरोलॉजिकल परीक्षण है जिसका उपयोग टाइफाइड (आंत्र ज्वर) के निदान के लिए किया जाता है, जो साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है। यह परीक्षण रक्त में मौजूद एंटीबॉडीज की पहचान करता है जो बैक्टीरिया के प्रति शरीर द्वारा विकसित की जाती हैं। दूषित भोजन और पानी के सेवन से बचने और स्वच्छता बनाए रखने से टाइफाइड के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
14. पेलाग्रा (Pellagra) किस पोषक तत्त्व की कमी से होता है?
(A) आयोडीन
(B) विटामिन E
(C) राइबोफ्लेविन
(D) नियासिन (Niacin)
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) पेलाग्रा विटामिन B3 की कमी से होने वाला रोग है जिसे नियासिन (Niacin) भी कहा जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में त्वचा की सूजन (Dermatitis), दस्त और मानसिक भ्रम शामिल हैं। इसे अक्सर "4D" बीमारी कहा जाता है क्योंकि इसमें डर्मेटाइटिस, डायरिया, डिमेंशिया और अंततः डेथ (मृत्यु) हो सकती है। मूंगफली और मांस इसके अच्छे स्रोत हैं।
15. जुकाम (common cold) के लिए कौन-सा virus उत्तरदायी है?
(A) हेपेटाइटिस A
(B) इन्फ्लुएंजा
(C) राइनोवायरस (Rhinovirus)
(D) कोरोना वायरस
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (C) सामान्य जुकाम (Common Cold) मुख्य रूप से राइनोवायरस (Rhinovirus) के संक्रमण के कारण होता है। यह ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करता है जिससे नाक बहना, छींक आना और गले में खराश होती है। इन्फ्लूएंजा वायरस से फ्लू होता है जो जुकाम से अधिक गंभीर होता है। जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो हवा की बूंदों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है।
16. पेय जल आपूर्ति में कोलिफॉर्म (Coliform) की उपस्थिति का लक्षण है-
(A) फ्लोराइड संदूषण
(B) फॉस्फोरस संदूषण
(C) पानी के स्त्रोत का खारापन
(D) मानव अपशिष्ट से संदूषण
RRB NTPC Stage It | 30/04/2016 | Shift-III
Ans: (D) कोलिफॉर्म (Coliform) बैक्टीरिया का एक समूह है जो मुख्य रूप से मनुष्यों और गर्म रक्त वाले जानवरों के पाचन तंत्र में पाया जाता है। पीने के पानी में इसकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि पानी मानव या पशु अपशिष्ट (Feces) से दूषित हो गया है। यह पानी में रोगजनक सूक्ष्मजीवों की उपस्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। सुरक्षित पेयजल में कोलिफॉर्म की मात्रा शून्य होनी चाहिए।
17. किस भोजन को बॉडी बिल्डिंग भोजन कहा जाता है?
(A) प्रोटीन (जैसे मटर)
(B) वसा (जैसे मक्खन)
(C) विटामिन (जैसे सेब)
(D) कार्बोहाइड्रेट (जैसे गेहूं)
Ans: (A) प्रोटीन को शरीर बनाने वाला (Body Building) भोजन कहा जाता है क्योंकि यह मांसपेशियों के निर्माण और ऊतकों की मरम्मत में मदद करता है। दालें, मटर, दूध, अंडा और सोयाबीन प्रोटीन के प्रमुख स्रोत हैं। प्रोटीन अमीनो एसिड की लंबी श्रृंखलाओं से बने होते हैं। बढ़ते बच्चों और खिलाड़ियों को प्रोटीन की अधिक आवश्यकता होती है।
18. किस आहारी घटक की प्रति ग्राम मात्रा अधिकतम ऊर्जा प्रदान करती है?
(A) प्रोटीन
(B) रूक्षांश
(C) कार्बोहाइड्रेट
(D) वसा
Ans: (D) वसा (Fat) शरीर को सबसे अधिक ऊर्जा प्रदान करने वाला पोषक तत्व है जो प्रति ग्राम लगभग 9 किलो कैलोरी ऊर्जा देता है। कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन प्रति ग्राम केवल 4 किलो कैलोरी ऊर्जा प्रदान करते हैं। मक्खन, घी, तेल और सूखे मेवे वसा के समृद्ध स्रोत हैं। वसा शरीर में भविष्य के लिए ऊर्जा संचय का कार्य भी करती है।
19. सायनोकोबालामिन (Cyanocobalamin) किस विटामिन का रूप है?
(A) B12
(B) B6
(C) B2
(D) B1
Ans: (A) विटामिन B12 का वैज्ञानिक नाम सायनोकोबालामिन (Cyanocobalamin) है और इसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है। यह लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के कार्यों के लिए अनिवार्य है। इसकी कमी से घातक रक्ताल्पता (Pernicious Anemia) हो सकती है। यह मुख्य रूप से मांसाहारी भोजन और दूध में पाया जाता है।
20. उस विटामिन का नाम बताएं जिसकी कमी से अत्यधिक खून बहता है?
(A) विटामिन A
(B) विटामिन B
(C) विटामिन K
(D) विटामिन C
Ans: (C) विटामिन K को "एंटी-हेमरेजिक" विटामिन कहा जाता है क्योंकि यह रक्त के थक्के जमने (Coagulation) की प्रक्रिया में शामिल प्रोथ्रोम्बिन जैसे प्रोटीनों के निर्माण में मदद करता है। यदि शरीर में विटामिन K की कमी हो जाए, तो छोटी सी चोट लगने पर भी रक्त का बहाव रुकना मुश्किल हो जाता है, जो जानलेवा हो सकता है। पालक, ब्रोकली और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां इस विटामिन के सबसे प्राकृतिक और समृद्ध स्रोत हैं।
21. E 300 का सामान्य नाम बताइए।
(A) विटामिन D
(B) विटामिन C
(C) विटामिन B
(D) विटामिन A
Ans: (B) E 300 खाद्य योजकों (Food Additives) की श्रेणी में विटामिन C या एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic Acid) का कोड नाम है। इसका उपयोग खाद्य पदार्थों में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में किया जाता है ताकि उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। इसका रासायनिक सूत्र $C_{6}H_{8}O_{6}$ है। यह खट्टे फलों जैसे आंवला और नींबू में प्रचुर मात्रा में मिलता है।
22. कौन-सा विटामिन शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है?
(A) A
(B) D
(C) B
(D) B6
Ans: (B) विटामिन D हमारी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह छोटी आंत में कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है। इसे "सनशाइन विटामिन" भी कहा जाता है क्योंकि हमारा शरीर सूर्य की रोशनी में इसका निर्माण करता है। इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स (Rickets) और वयस्कों में ऑस्टियोमलेशिया हो जाता है। मछली का तेल और अंडे की जर्दी इसके अच्छे स्रोत हैं।
23. ADP को ATP में बदलने में कौन सा खनिज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
(A) आयरन
(B) कैल्शियम
(C) फॉस्फोरस
(D) सोडियम
Ans: (C) फास्फोरस कोशिकाओं के भीतर ऊर्जा के भंडारण और स्थानांतरण के लिए जिम्मेदार एडेनोसाइन ट्राइफोस्फेट (ATP) के संश्लेषण में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है। जब ADP (एडेनोसाइन डाइफोस्फेट) में एक फॉस्फेट समूह जुड़ता है, तो वह ऊर्जा से भरपूर ATP में बदल जाता है, जो शरीर की सभी जैविक क्रियाओं के लिए ईंधन का काम करता है। यह खनिज हमारी हड्डियों और दांतों की मजबूती के साथ-साथ DNA की संरचना के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
24. मेगालोब्लास्टिक एनीमिया किस विटामिन की कमी के कारण होता है?
(A) विटामिन B2
(B) विटामिन C
(C) विटामिन B9
(D) विटामिन A
Ans: (C) मेगालोब्लास्टिक एनीमिया विटामिन B9 (जिसे फोलिक एसिड भी कहा जाता है) की कमी से होने वाली स्थिति है। इसमें शरीर सामान्य से बड़े आकार की लाल रक्त कोशिकाएं बनाता है जो ठीक से काम नहीं कर पातीं। विटामिन B12 की कमी भी इस प्रकार के एनीमिया का कारण बन सकती है। यह हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों में प्रचुरता से पाया जाता है।
25. रोगों का कौन-सा समूह जीवाणुओं के कारण होता है?
(A) इन्फ्लुएंजा, डेंगी, हैजा
(B) डेंगी, मलेरिया, हैजा
(C) आंत्र ज्वर, हैजा, तपेदिक
(D) मलेरिया, सामान्य सर्दी-जुकाम, इन्फ्लूएंजा
CGL Tier I | 2024
Ans: (C) आंत्र ज्वर (Typhoid), हैजा (Cholera) और तपेदिक (Tuberculosis) तीनों बैक्टीरिया से होने वाले रोग हैं। टाइफाइड "साल्मोनेला टाइफी" से, हैजा "विब्रियो कोलेरी" से और तपेदिक "माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस" से होता है। जबकि डेंगी, इन्फ्लूएंजा और सामान्य जुकाम वायरस से होने वाले रोग हैं। मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक प्रोटोजोआ से फैलता है।
26. निम्नलिखित का सही मिलान करें:

रोगकारक (Pathogen)
i. मलेरियाa. विब्रियो
ii. अतिसार (Diarrhea)b. साल्मोनेला
iii. आंत्र ज्वर (Typhoid)c. रोटावायरस
iv. हैजा (Cholera)d. प्लाज्मोडियम
(A) i-b, ii-a, iii-c, iv-d
(B) i-a, ii-c, iii-b, iv-d
(C) i-d, ii-c, iii-b, iv-a
(D) i-a, ii-b, iii-c, iv-d
CGL Tier I | 2024
Ans: (C) विभिन्न बीमारियों के कारक जीव अलग-अलग होते हैं जैसे मलेरिया प्लाज्मोडियम (प्रोटोजोआ) से होता है। अतिसार या डायरिया अक्सर रोटावायरस के कारण होता है जबकि आंत्र ज्वर साल्मोनेला बैक्टीरिया से होता है। हैजा विब्रियो कोलेरी नामक जीवाणु से फैलने वाली बीमारी है। इन रोगों का सही मिलान इनके रोगाणुओं के आधार पर किया जाता है।
27. नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करने वाला संक्रमण?
(A) मेनिंगोकोकल (Meningococcal)
(B) डिप्थीरिया (Diphtheria)
(C) शिगेलोसिस (Shigellosis)
(D) क्लैमाइडिया (Chlamydia)
CGL Tier I | 2024
Ans: (B) डिप्थीरिया (Diphtheria) एक गंभीर संक्रमण है जो मुख्य रूप से नाक और गले की श्लेष्मा झिल्ली (Mucous membrane) को प्रभावित करता है। यह "कोरीनेबैक्टीरियम डिप्थीरी" नामक बैक्टीरिया के कारण होता है और इसके कारण गले में एक मोटी सलेटी परत बन जाती है। इससे सांस लेने में कठिनाई और हृदय की समस्याएं हो सकती हैं। इसकी रोकथाम के लिए DPT का टीका लगाया जाता है।
28. 1952 में विकसित निष्क्रिय पोलियो वैक्सीन?
(A) TAB
(B) साल्क वैक्सीन
(C) HDCV
(D) Imvanex
CGL Tier I | 2024
Ans: (B) साल्क वैक्सीन पहली सुरक्षित और प्रभावी पोलियो वैक्सीन थी जिसे 1952 में जोनास साल्क द्वारा विकसित किया गया था। यह एक निष्क्रिय (Inactivated) पोलियो वायरस वैक्सीन (IPV) है जिसे इंजेक्शन के माध्यम से दिया जाता है। इसके बाद अल्बर्ट साबिन ने 1961 में ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) विकसित की थी। पल्स पोलियो अभियान में मुख्य रूप से साबिन वैक्सीन का उपयोग किया जाता है।
29. निम्नलिखित में से कौन-सा उत्परिवर्तन-आधारित (mutation-based) रोग नहीं है?
(A) सिकल सेल एनीमिया
(B) डाउन सिंड्रोम
(C) फेनाइलेक्टोनुरिया
(D) मलेरिया
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (D) मलेरिया एक संक्रमण जनित रोग है जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाले "प्लाज्मोडियम" प्रोटोजोआ के कारण होता है। सिकल सेल एनीमिया, डाउन सिंड्रोम और फेनाइलेक्टोनुरिया आनुवंशिक या उत्परिवर्तन (Mutation) पर आधारित बीमारियां हैं। मलेरिया के उपचार के लिए कुनैन (Quinine) दवा का उपयोग किया जाता है जो सिनकोना की छाल से प्राप्त होती है। यह रक्त की लाल कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
30. त्वचा, बालों और आंखों के रंजकता को प्रभावित करने वाला आनुवंशिक विकार?
(A) अलागिल सिंड्रोम (Alagille syndrome)
(B) एल्बिनिज्म (Albinism)
(C) डाउन सिंड्रोम (Down syndrome)
(D) एंजेलमैन सिंड्रोम (Angelman syndrome)
CHSL Exam 2024 Tier I
Ans: (B) एल्बिनिज्म (Albinism) एक आनुवंशिक विकार है जिसमें शरीर मेलेनिन (Melanin) नामक रंजक का उत्पादन नहीं कर पाता। मेलेनिन वह तत्व है जो हमारी त्वचा, बालों और आँखों को रंग प्रदान करता है। इस विकार वाले लोगों की त्वचा बहुत गोरी होती है और वे सूर्य की रोशनी के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। यह माता-पिता से बच्चों में मिलने वाला एक वंशानुगत दोष है।
31. मिर्गी (Epilepsy) शरीर के किस भाग को प्रभावित करती है?
(A) त्वचा
(B) मांसपेशियों
(C) हड्डियों
(D) मस्तिष्क कोशिकाओं
MTS Non Tech Havaldar CBIC and CBN Examination 2024
Ans: (D) मिर्गी (Epilepsy) एक केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का विकार है जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाओं की विद्युत गतिविधि बाधित हो जाती है। इसके कारण व्यक्ति को अचानक दौरे (Seizures) पड़ते हैं और कभी-कभी वह बेहोश भी हो जाता है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है और इसका कारण आनुवंशिक या मस्तिष्क की चोट हो सकता है। ईईजी (EEG) परीक्षण का उपयोग मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि को मापने के लिए किया जाता है।
32. हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से हमारे शरीर की रक्षा के लिए प्रतिरक्षा कोशिकाओं द्वारा निर्मित Y-आकार की प्रोटीनयुक्त संरचना को ___________________ के रूप में जाना जाता है।
(A) इम्युनोग्लोबुलिन
(B) ऐमीनो अम्ल
(C) कोलैजन
(D) हीमोग्लोबिन
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (A) इम्युनोग्लोबुलिन (Immunoglobulin) जिसे एंटीबॉडी भी कहा जाता है, एक Y-आकार का प्रोटीन है जिसका निर्माण सफेद रक्त कोशिकाओं (B-cells) द्वारा किया जाता है। यह शरीर में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया और वायरस जैसे हानिकारक बाहरी तत्वों की पहचान कर उन्हें नष्ट करता है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) का एक प्रमुख हिस्सा है। हीमोग्लोबिन रक्त में ऑक्सीजन के परिवहन का कार्य करता है।
33. A: बेरी-बेरी विषाणुजनित है। R: विटामिन की कमी बीमारियों का कारण है।
(A) A गलत R सही
(B) A सही R गलत
(C) दोनों गलत
(D) A और R दोनों सही
Ans: (A) बेरी-बेरी रोग विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होने वाला एक पोषण संबंधी विकार है न कि वायरस जनित। विटामिन की कमी से होने वाले रोगों को हीनताजन्य रोग (Deficiency Diseases) कहा जाता है। थायमिन की कमी पॉलिश किए हुए चावल के अत्यधिक सेवन से हो सकती है। यह हृदय और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
34. कौन सा विटामिन रक्त का थक्का जमने के लिए कैल्शियम को सक्रिय करता है?
(A) विटामिन के
(B) विटामिन बी1
(C) विटामिन डी
(D) विटामिन सी
Ans: (A) विटामिन K रक्त का थक्का जमने (Blood Clotting) की प्रक्रिया में एक अनिवार्य कारक है क्योंकि यह कैल्शियम आयनों को सक्रिय कर प्रोथ्रोम्बिन जैसे प्रोटीन को क्रियाशील बनाता है। यदि शरीर में विटामिन K की कमी हो जाए तो चोट लगने पर खून बहना बंद नहीं होता। यह मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों और गोभी में पाया जाता है। यह यकृत (Liver) में थक्का बनाने वाले कारकों के संश्लेषण में मदद करता है।
35. निम्नलिखित में से कौन सा विटामिन ए का उच्चतम स्रोत है?
(A) संतरा
(B) फूलगोभी
(C) गाजर
(D) गन्ना
Ans: (C) गाजर विटामिन A का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है क्योंकि इसमें बीटा-कैरोटीन प्रचुर मात्रा में होता है जिसे शरीर विटामिन A में बदल देता है। विटामिन A आँखों की रोशनी और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से रतौंधी (Night Blindness) नामक बीमारी हो जाती है। सुनहरे चावल (Golden Rice) को भी विटामिन A की कमी दूर करने के लिए विकसित किया गया है।
36. स्कर्वी रोग को आहार में क्या शामिल करके रोका जा सकता है?
(A) विटामिन-A
(B) कोलेस्ट्रॉल
(C) विटामिन-C
(D) प्रोटीन
Ans: (C) स्कर्वी रोग विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की कमी से होता है जिसमें मसूड़ों से खून आना और घावों का देरी से भरना जैसे लक्षण दिखते हैं। आहार में संतरा, नींबू, आंवला और टमाटर शामिल करके इसे आसानी से रोका जा सकता है। विटामिन C ताप के प्रति बहुत संवेदनशील होता है और खाना पकाने पर जल्दी नष्ट हो जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
37. रेटिनॉल मुख्य रूप से किससे संबंधित है?
(A) विटामिन A
(B) विटामिन B
(C) विटामिन D
(D) विटामिन E
Ans: (A) रेटिनॉल विटामिन A का रासायनिक नाम है जो मुख्य रूप से वसा में घुलनशील विटामिन है। यह रेटिना में रोडोप्सिन (Rhodopsin) के निर्माण के लिए आवश्यक है जो हमें कम रोशनी में देखने में मदद करता है। इसकी गंभीर कमी से ज़ेरोफ्थेल्मिया (Xerophthalmia) हो सकता है जिसमें आंखें सूख जाती हैं। मछली के तेल और दूध में यह अच्छी मात्रा में होता है।
38. निम्नलिखित में से कौन-सा दवाओं का वर्गीकरण मानदंड नहीं है?
(A) रासायनिक संरचना
(B) आणविक लक्ष्य
(C) औषधीय प्रभाव
(D) व्यावहारिक स्थिति
CGL Tier I | 2024
Ans: (D) दवाओं का वर्गीकरण आमतौर पर उनके औषधीय प्रभाव, रासायनिक संरचना और आणविक लक्ष्य (जैसे रिसेप्टर्स या एंजाइम) के आधार पर किया जाता है। व्यावहारिक स्थिति (Practical position) जैसा कोई वैज्ञानिक मानक दवाओं के वर्गीकरण के लिए उपयोग नहीं होता। दवाओं का वर्गीकरण डॉक्टरों को उपचार में और वैज्ञानिकों को नई दवाओं की खोज में मदद करता है। आणविक लक्ष्य वर्गीकरण सबसे उपयोगी माना जाता है।
39. अप्रत्यक्ष संचरण के पांच F कौन-से हैं?
(A) फ्रूट, फिंगर्स, फ्लू, फूड, फ्लूइड
(B) फ्लाईज़, फिंगर्स, फ्रेंड्स, फूड, फ्रूट
(C) फ्लाईज़, फिंगर्स, फोमाइट्स, फूड, फ्रूट
(D) फ्लाईज़, फिंगर्स, फोमाइट्स, फूड, फ्लूइड
CGL Tier I | 2024
Ans: (D) रोगों के अप्रत्यक्ष संचरण को रोकने के लिए पांच F (Flies, Fingers, Fomites, Food, Fluid) का सिद्धांत महत्वपूर्ण है। इसमें मक्खियाँ (Flies), उंगलियाँ (Fingers), निर्जीव वस्तुएँ (Fomites), भोजन (Food) और तरल पदार्थ (Fluid) शामिल हैं। स्वच्छता रखकर इन पांचों माध्यमों से होने वाले संक्रमण को रोका जा सकता है। यह सिद्धांत विशेष रूप से संक्रामक रोगों और जलजनित बीमारियों के संदर्भ में उपयोग किया जाता है।
40. पेट का अल्सर बैक्टीरिया के कारण होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, इसकी खोज के लिए 2005 में बैरी मार्शल के साथ किसे फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया?
(A) जीन पॉल वुइलेमिन
(B) रॉबर्ट कोच
(C) गेब्रियल पाउचेट
(D) रॉबिन वॉरेन
RRB JE | 26/05/2019 | Evening
Ans: (D) पेट के अल्सर (Peptic Ulcer) के लिए "हेलीकोबैक्टर पाइलोरी" नामक बैक्टीरिया जिम्मेदार होता है, यह खोज रोबिन वॉरेन और बैरी मार्शल ने की थी। इस क्रांतिकारी खोज के लिए उन्हें 2005 में चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया। इससे पहले अल्सर का कारण केवल तनाव और मसालेदार भोजन माना जाता था। अब इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से सफलतापूर्वक किया जा सकता है।
14. classification of animal kingdom
1. इनमें से कौन सा एककोशिकीय जीव है?
(A) जूं
(B) पैरामीशियम
(C) ब्रेड फफूंद
(D) अमरबेल
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift -II
Ans: (B) पैरामीशियम एक एककोशिकीय (Unicellular) जीव है जिसे "Slipper Animalcule" भी कहा जाता है। यह प्रोटोजोआ संघ से संबंधित है। जूं, ब्रेड फफूंद और अमरबेल बहुकोशिकीय या जटिल संरचना वाले जीव हैं।
2. में मुकुलन द्वारा प्रजनन हो सकता है।
(A) लॉबस्टर
(B) स्टारफिश
(C) हाइड्रा
(D) केंचुआ
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-I
Ans: (C) हाइड्रा में अलैंगिक प्रजनन "मुकुलन" (Budding) द्वारा होता है। इसमें शरीर पर एक छोटा सा उभार (Bud) निकलता है जो बाद में अलग होकर नया जीव बन जाता है।
3. कीट किसके द्वारा श्वास लेते है?
(A) फेफड़े
(B) त्वचा
(C) गलफड़े
(D) श्वासछिद्र
RRB NTPC Stage Ist | 04.03.2021 | Shift-II
Ans: (D) कीटों (Insects) में श्वसन के लिए फेफड़े नहीं होते, बल्कि उनके शरीर के पार्श्व में छोटे छिद्र होते हैं जिन्हें "श्वासछिद्र" (Spiracles) कहा जाता है, जो श्वासनली (Trachea) से जुड़े होते हैं।
4. घरेलू मक्खी का जीव वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) मुज्का डोमेस्टिका
(B) ट्रिटिकम ऐस्टिवम
(C) फानिया
(D) होमो सैंपियंस
RRB NTPC Stage Ist | 07.01.2021 | Shift-II
Ans: (A) घरेलू मक्खी का वैज्ञानिक नाम "मुस्का डोमेस्टिका" (Musca domestica) है। होमो सैंपियंस मनुष्य का और ट्रिटिकम ऐस्टिवम गेहूं का वैज्ञानिक नाम है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा जीव मोलस्क (Mollusca) परिवार से संबंधित है?
(A) कॉकरोच
(B) घोंघा
(C) केंचुआ
(D) स्टार मछली
RRB NTPC Stage I | 18.04.2016 | Shift-II
Ans: (B) घोंघा (Snail) मोलस्का संघ का जीव है। इनका शरीर कोमल होता है जो अक्सर एक कठोर कैल्शियम कार्बोनेट के कवच से ढका रहता है। कॉकरोच आर्थोपोडा और केंचुआ एनीलिडा संघ के हैं।
6. ऑक्टोपस के खून का रंग कैसा है?
(A) लाल
(B) नीला
(C) गुलाबी
(D) काला
RRB NTPC Stage I | 28.03.2016 | Shift-III
Ans: (B) ऑक्टोपस के खून का रंग नीला होता है क्योंकि इसमें "हीमोसायनिन" (Hemocyanin) नामक कॉपर-आधारित प्रोटीन पाया जाता है। इंसानों में आयरन-आधारित हीमोग्लोबिन के कारण खून लाल होता है।
7. संघ के प्राणी अनन्य रूप से समुद्र में मुक्त जीवन जीने वाले प्राणी हैं।
(A) निमैटोडा
(B) चूर्णप्रावार (मोलस्का)
(C) आर्थोपोडा
(D) शूलचर्मी (इकाइनोडर्मेटा)
RRB Group-D | 02-11-2018 | Shift-II
Ans: (D) शूलचर्मी (Echinodermata) संघ के सभी प्राणी केवल समुद्र में पाए जाते हैं। उदाहरण: स्टारफिश, समुद्री अर्चिन। इनमें जल संवहन तंत्र (Water vascular system) पाया जाता है।
8. निम्नलिखित में से कौन सा जीव कशेरुकी नहीं है?
(A) केंचुआ
(B) छिपकली
(C) मछली
(D) मेंढक
RRB Group-D | 26-10-2018 | Shift-III
Ans: (A) केंचुआ एक कशेरुकी (Vertebrate) नहीं बल्कि अकशेरुकी (Invertebrate) जीव है जो एनीलिडा संघ में आता है। छिपकली, मछली और मेंढक में रीढ़ की हड्डी (Backbone) पाई जाती है।
9. निम्नलिखित में से कौन सा जंतु उभयचर (amphibia) श्रेणी के अंतर्गत आता है ?
(A) टोड
(B) कबूतर
(C) बिल्ली
(D) कछुआ
RRB NTPC | 04.03.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (A) टोड (Toad) उभयचर श्रेणी में आता है क्योंकि यह जल और थल दोनों पर रह सकता है। कछुआ सरीसृप (Reptile) वर्ग में आता है क्योंकि यह अंडे जमीन पर देता है और इसकी त्वचा शुष्क होती है।
10. राना टिगरीना (Rana tigrina) किस जीव का वैज्ञानिक नाम है ?
(A) भेड़िया
(B) एशियाई मेढ़क
(C) बाघ
(D) तेंदुआ
RRB NTPC | 27.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (B) राना टिगरीना (Rana tigrina) भारतीय या एशियाई मेंढक का वैज्ञानिक नाम है। यह एम्फीबिया वर्ग का प्राणी है।
11. अंडे देने वाले प्राणी कहलाते हैं?
(A) राइजोम प्राणी
(B) जरायुज प्राणी
(C) अण्डज प्राणी
(D) पुनर्जनन करने वाले प्राणी
RRB Group-D | 15-11-2018 | Shift-II
Ans: (C) अंडे देने वाले प्राणियों को "अण्डज" (Oviparous) कहा जाता है, जबकि सीधे बच्चे पैदा करने वाले प्राणियों को "जरायुज" (Viviparous) कहा जाता है।
12. एकमात्र पक्षी का नाम बताइए जो पीछे की तरफ उड़ सकता है।
(A) पेंगुइन
(B) हमिंग बर्ड
(C) गौरैया
(D) कठफोड़वा
RRB NTPC | 18.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (B) हमिंग बर्ड (Hummingbird) दुनिया का एकमात्र ऐसा पक्षी है जो पीछे की तरफ (Backward) उड़ सकता है। यह सबसे छोटा पक्षी भी है।
13. स्तनधारियों के हृदय में कितने प्रकोष्ठ होते हैं?
(A) चार
(B) तीन
(C) दो
(D) एक
RRB NTPC | 31.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (A) स्तनधारियों (Mammals) और पक्षियों के हृदय में 4 प्रकोष्ठ (2 अलिंद और 2 निलय) होते हैं। यह ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त को पूरी तरह अलग रखने में मदद करता है।
14. सबसे बड़ा स्तनपायी (Mammal) कौन सा है?
(A) अफ्रीकी हाथी
(B) नर दरियाई घोड़ा
(C) ब्लू व्हेल
(D) नर हैमरहेड शार्क
RRB NTPC | 28.03.2016 | Shift-III Stage I
Ans: (C) ब्लू व्हेल (Blue Whale) पृथ्वी पर सबसे बड़ा स्तनपायी जीव है। हाथी जमीन पर रहने वाला सबसे बड़ा स्तनपायी है।
15. ____________ पृथ्वी पर सबसे अधिक बुद्धिमान स्तनधारी है।
(A) डॉल्फिन
(B) हाथी
(C) हिरण
(D) हिप्पोस
RRB NTPC | 27.04.2016 | Shift-I Stage Ist
Ans: (A) डॉल्फिन को पृथ्वी पर सबसे बुद्धिमान स्तनधारी (मनुष्यों के बाद) माना जाता है। इनमें सीखने और संवाद करने की उच्च क्षमता होती है।
16. विश्व में सबसे तेज जमीनी जानवर कौन सा है?
(A) कुत्ता
(B) चीता
(C) बाघ
(D) घोड़ा
RRB NTPC | 12.04.2016 | Shift-III Stage I
Ans: (B) चीता (Cheetah) दुनिया का सबसे तेज दौड़ने वाला जमीनी जानवर है, जिसकी गति लगभग 110-120 किमी/घंटा तक हो सकती है।
17. जीवविज्ञान में स्पंज क्या है?
(A) एक कवक
(B) एक जीवाश्म
(C) एक पौंधा
(D) एक पशु
RRB JE | 27.05.2019 | Shift-I
Ans: (D) जीवविज्ञान में स्पंज "पोरीफेरा" संघ का एक "पशु" (Animal) है। ये अचल जीव होते हैं जो समुद्र की सतह से चिपके रहते हैं और छिद्रों के जरिए भोजन प्राप्त करते हैं।
18. जानवरों के किस फाइलम (संघ) को फ्लैटवार्म (चपटे कृमि) भी कहा जाता है?
(A) सिलेन्ट्रेटा
(B) निमैटोडा
(C) पोरीफेरा
(D) प्लेटिहेल्मिन्थीज
RRB Group-D | 06-12-2018 | Shift-III
Ans: (D) प्लेटिहेल्मिन्थीज (Platyhelminthes) संघ के जीवों को चपटे कृमि या "Flatworms" कहा जाता है। इनका शरीर पृष्ठ-अधर रूप से चपटा होता है।
19. टेपवर्म फाइलम से संबंधित है।
(A) ऐस्केहल्मिन्थीज
(B) एनिलिडा
(C) प्लेटिहेल्मिन्थीज
(D) निमेटोडा
RRB Group-D | 07-12-2018 | Shift-I
Ans: (C) टेपवर्म (फीताकृमि) प्लेटिहेल्मिन्थीज संघ से संबंधित है। ये अंतःपरजीवी होते हैं जो मनुष्यों और जानवरों की आंतों में पाए जाते हैं।
20. ....... जन्तुओं का सबसे बड़ा समूह है।
(A) निमैटोडा
(B) आर्थोपोडा
(C) एनीलिडा
(D) मोलस्का
RRB Group-D | 30-10-2018 | Shift-III
Ans: (B) प्राणी जगत का सबसे बड़ा संघ "आर्थोपोडा" (Arthropoda) है। पृथ्वी पर लगभग दो-तिहाई ज्ञात प्रजातियां इसी संघ की हैं। इनमें संधियुक्त पैर (Jointed legs) पाए जाते हैं।
21. निम्नलिखित में से किसके अधिकतम पैर होते हैं?
(A) मकड़ी
(B) सहस्त्रपाद
(C) गोजर
(D) व्याध पतंग
RRB NTPC Stage Ist | 29.03.2016 | Shift-II
Ans: (B) दिए गए विकल्पों में "सहस्त्रपाद" (Millipede) के सबसे अधिक पैर होते हैं। इनके शरीर के प्रत्येक खंड (Segment) में दो जोड़ी पैर होते हैं।
22. निम्न में से कौन सा जानवर अपना लिंग बदल सकता है?
(A) प्लेनेरिया
(B) स्नैल
(C) एस्केरिस
(D) नेरिस
RRB ALP & Tec. | 20-08-18 | Shift-III
Ans: (B) स्नैल (Snail) जैसे कुछ मोलस्क अपना लिंग बदल सकते हैं। यह प्रजनन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए एक जैविक अनुकूलन है।
23. _______ वर्ग के प्राणियों में श्वसन गलफड़ों अथवा फेफड़ों द्वारा होता है।
(A) मत्स्य
(B) सरीसृप
(C) पक्षी
(D) उभयचर
RRB Group-D | 19-09-2018 | Shift-III
Ans: (D) उभयचर (Amphibians) वर्ग के प्राणी लार्वा अवस्था में गलफड़ों (Gills) से और वयस्क होने पर फेफड़ों (Lungs) व त्वचा से श्वसन करते हैं।
24. मगरमच्छों के दिल में _________ होते हैं।
(A) दो प्रकोष्ठ
(B) चार प्रकोष्ठ
(C) एक प्रकोष्ठ
(D) छह प्रकोष्ठ
RRB NTPC | 23.07.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (B) मगरमच्छ एक सरीसृप (Reptile) है, फिर भी इसके हृदय में 4 प्रकोष्ठ होते हैं। आमतौर पर सरीसृपों में 3 प्रकोष्ठ वाला हृदय होता है, लेकिन मगरमच्छ इसका अपवाद है।
25. मगरमच्छ के बच्चे को क्या कहा जाता है?
(A) कोडलिंग
(B) गोस्लिंग
(C) फिंगरलिंग
(D) हैचलिंग
RRB NTPC | 31.03.2016 | Shift-I Stage Ist
Ans: (D) मगरमच्छ के बच्चे को "हैचलिंग" (Hatchling) कहा जाता है। यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वे अंडों से निकलते (Hatch) हैं।
26. ___________ वर्ग के प्राणियों का रक्त गर्म होता है-
(A) पक्षी
(B) सरीसृप
(C) उभयचर
(D) मत्स्य
RRB Group-D | 24-09-2018 | Shift-I
Ans: (A) पक्षी (Aves) और स्तनधारी (Mammals) गर्म रक्त वाले (Homeothermic) जीव होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपने शरीर का तापमान स्थिर रख सकते हैं।
27. डॉल्फिन (Dolphins) के समूह को क्या कहा जाता है?
(A) गैंग
(B) पॉड
(C) कॉलोनी
(D) स्लूथ
RRB NTPC | 28.03.2016 | Shift-II Stage Ist
Ans: (B) डॉल्फिन के समूह को "पॉड" (Pod) कहा जाता है। डॉल्फिन बहुत सामाजिक प्राणी होती हैं और समूहों में शिकार करती हैं।
28. मत्स्य वर्ग (पीसीज़) के संबंध में कौन सी विशेषता सही नहीं है?
(A) त्वचा शल्कों से ढकी होती है।
(B) ये उष्ण रक्त वाले जीव होते हैं।
(C) हृदय में केवल दो प्रकोष्ठ होते हैं।
(D) गलफड़ों का उपयोग करके पानी में घुलित ऑक्सीजन प्राप्त करते हैं।
RRB NTPC | 24.07.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (B) मत्स्य वर्ग (Pisces) के बारे में यह कथन गलत है कि वे उष्ण रक्त वाले होते हैं। मछलियां वास्तव में "शीत रक्त" (Cold-blooded) जीव होती हैं।
29. अमीबा जैसे जीवों के मामले में होने वाला अलैंगिक प्रजनन, जिसमें एक जीव के विभाजित होने पर दो जीव उत्पन्न होते हैं, क्या कहलाता है?
(A) अनुप्रस्थ विखंडन
(B) अनुदैर्ध्य विखंडन
(C) साधारण विखंडन
(D) बाइनरी विखंडन
RRB NTPC | 15.03.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (D) अमीबा में "बाइनरी विखंडन" (Binary Fission) होता है, जहाँ एक जनक कोशिका दो समान संतति कोशिकाओं में विभाजित हो जाती है।
30. इनमें से कौन सा, केंचुए का श्वसन अंग है?
(A) क्लोम कोष्ठ
(B) त्वचा
(C) फेफड़े (वायुकोष)
(D) श्वास रंध्र
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-III
Ans: (B) केंचुआ अपनी नम "त्वचा" (Moist Skin) के माध्यम से श्वसन करता है। गैसों का आदान-प्रदान सीधे त्वचा की सतह से रक्त वाहिकाओं में होता है।
31. निम्न में से कौन सा प्राणी लिंग परिवर्तित कर सकता है, जो यह दर्शाता है कि लिंग आनुवंशिक रूप से निर्धारित नहीं होता है?
(A) मछली
(B) सर्प
(C) मेंढक
(D) घोंघा
RRB Group-D | 18/09/2022 | Shift-III
Ans: (D) घोंघा (Snail) में लिंग आनुवंशिक रूप से निर्धारित नहीं होता, बल्कि पर्यावरणीय कारकों या जरूरत के अनुसार बदल सकता है।
32. निम्नलिखित में से कौन सा तिलचट्टे तथा अन्य कीटों का उत्सर्जक अंग है?
(A) श्रृंगिक ग्रंथियां
(B) माल्पीघियन नलिकाएं
(C) नेफ्रीडिया
(D) श्वासनली
RRB NTPC Stage I | 11.03.2021 | Shift-II
Ans: (B) तिलचट्टे (Cockroach) और अन्य कीटों का मुख्य उत्सर्जी अंग "माल्पीघियन नलिकाएं" (Malpighian Tubules) हैं, जो रक्त से अपशिष्ट निकालती हैं।
33. _______ में दोहरा परिसंचरण नहीं होता है।
(A) सर्पों
(B) मछलियों
(C) मेंढकों
(D) गरुड़ों
RRB Group-D | 22-08-2022 | Shift-II
Ans: (C) मछलियों (Fish) में दोहरा परिसंचरण नहीं होता। इनमें एकल परिसंचरण (Single Circulation) होता है, जहाँ रक्त हृदय से केवल एक बार गुजरता है।
34. निम्नलिखित में से किस वर्ग में, तापमान कुछ प्रजातियों में लिंग का निर्धारण करता है?
(A) स्तनधारी
(B) पक्षी
(C) उभयचर
(D) सरीसृप
RRB Group-D | 09/09/2022 | Shift-I
Ans: (D) सरीसृप (Reptiles) जैसे मगरमच्छ और कछुओं में, अंडे सेने के दौरान तापमान यह निर्धारित करता है कि बच्चा नर होगा या मादा।
35. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प मच्छरों के जीवनचक्र के चार चरणों का सही क्रम दर्शाता है?
(A) अंडा, लार्वा, पूर्णक, प्यूपा
(B) पूर्णक, अंडा, लार्वा, प्यूपा
(C) अंडा, लार्वा, प्यूपा, पूर्णक
(D) अंडा, प्यूपा, पूर्णक, लार्वा
RRB NTPC | 29.01.2021 | Shift-I Stage Ist
Ans: (C) मच्छर के जीवनचक्र का सही क्रम है: अंडा (Egg) -> लार्वा (Larva) -> प्यूपा (Pupa) -> पूर्णक/वयस्क (Adult)।
36. ___________ का प्राथमिक उत्सर्जी उत्पाद यूरिक अम्ल है।
(A) मनुष्यों
(B) मछलियों
(C) गायों
(D) पक्षियों
RRB Group-D | 29/08/2022 | Shift-II
Ans: (D) पक्षी (Birds) और सरीसृप मुख्य रूप से "यूरिक अम्ल" का उत्सर्जन करते हैं ताकि शरीर में पानी की बचत हो सके। मनुष्य यूरिया का उत्सर्जन करते हैं।
37. मछलियों में रक्त परिसंचरण के संबंध में गलत कथन पहचानें।
(A) निलय से रक्त केवल क्लोमों में जाता है।
(B) क्लोमों से रक्त शरीर के बाकी हिस्सों में भेजा जाता है।
(C) दो-कक्षीय हृदय में दोहरा परिसंचरण होता है।
(D) शरीर से रक्त अलिंद में प्रवेश करता है।
RRB Group-D | 13/09/2022 | Shift-1
Ans: (C) मछलियों के दो-कक्षीय हृदय में "दोहरा परिसंचरण" (Double Circulation) नहीं होता है। यह कथन गलत है क्योंकि उनमें "एकल परिसंचरण" पाया जाता है।
38. किन प्राणियों में पूरे शरीर में रक्त प्रवाह के प्रत्येक चक्र के दौरान, रक्त केवल एक बार हृदय से होकर गुजरता है?
(A) सरीसृप
(B) पक्षी
(C) मत्स्य
(D) स्तनधारी
RRB Group-D | 22/09/2022 | Shift-II
Ans: (C) मत्स्य (Pisces) वर्ग में रक्त पूरे चक्र के दौरान हृदय से केवल एक बार गुजरता है। हृदय से अशुद्ध रक्त गलफड़ों में जाता है, वहां से शुद्ध होकर सीधे शरीर में चला जाता है।
39. मछलियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
(A) गलफड़ों के द्वारा रक्त ऑक्सीकृत होता है।
(B) हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं।
(C) मछलियों में दोहरा परिसंचरण होता है।
(D) रक्त एक चक्र में केवल एक बार प्रवाहित होता है।
RRB NTPC | 16.01.2021 | Shift-II Stage Ist
Ans: (C) मछलियों में दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) होना गलत कथन है। उनमें रक्त हृदय से गलफड़ों और फिर शरीर के अंगों में एक ही घेरे में बहता है।
40. कशेरुकी परिसंचरण तंत्र के संदर्भ में, किसमें हृदय से होकर रक्त एक चक्र में केवल एक बार प्रवाहित होता है और क्यों?
(A) मछलियों में, क्योंकि इनमें केवल एक अलिंद और एक निलय होता है।
(B) उभयचरों में, क्योंकि इनमें तीन कक्ष होते हैं।
(C) स्तनधारियों में, क्योंकि इनमें फेफड़े होते हैं।
(D) सरीसृपों में, क्योंकि इनमें अपूर्ण विभाजन होता है।
RRB Group-D | 22/08/2022 | Shift-II
Ans: (A) मछलियों में एकल परिसंचरण होता है क्योंकि उनके हृदय में केवल एक अलिंद (Atrium) और एक निलय (Ventricle) होता है। रक्त हृदय से गलफड़ों में पंप किया जाता है और फिर पूरे शरीर में।
39. Fuels & Combustion
1. निम्नलिखित में से कौन सा हाइड्रोकार्बनों का एक जटिल मिश्रण है, जो पृथ्वी पर द्रव, गैसीय या ठोस रूप में मौजूद होता है, जिसे ईंधन के रूप में परिष्कृत किया जा सकता है?
(A) बिटुमेन
(B) कोक
(C) कोयला
(D) कोयला (Note: Option D text duplicate in source, assuming standard Coal/Petroleum context)
RRB Group-D | 08/09/2022 | Shift-II
Ans: (D)
2. निम्नलिखित में से किस प्रकार के कोयले में कार्बन की मात्रा सर्वाधिक होती है?
(A) बिटुमिनस
(B) सब-बिटुमिनस
(C) लिग्नाइट
(D) एन्थ्रेसाइट
RRB Group-D | 26/08/2022 | Shift-III
Ans: (D)
3. निम्नलिखित में से किसका उपयोग खाना पकाने के लिए किया जाता है?
(A) द्रवीकृत प्राकृतिक गैस
(B) संपीडित प्राकृतिक गैस
(C) द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस
(D) संपीडित पेट्रोलियम गैस
RRB NTPC Stage I | 07.04.2016 | Shift-III
Ans: (C)
4. प्रचुर मात्रा में उपलब्ध ज्वलनशील प्राकृतिक गैस कौन सी है?
(A) प्रोपेन
(B) मीथेन
(C) ईथेन
(D) ब्यूटेन
RRB NTPC Stage I | 03.04.2016 | Shift-II
Ans: (B)
5. निम्नलिखित में से कौन कोयला के विनाशकारी आसवन द्वारा निर्मित नहीं होता है?
(A) Coal tar
(B) Lignite
(C) Coke
(D) Liquid Ammonia
Ans: (B)
6. निम्नलिखित में से कौन सा बायोमास ऊर्जा का एक स्रोत नहीं है?
(A) लकड़ी
(B) इथेनॉल
(C) गाय का गोबर
(D) परमाणु ऊर्जा
RRB Group-D | 12-10-2018 | Shift-I
Ans: (D)
7. ईंधन के कैलोरी मान की इकाई क्या है?
(A) $kW/mg$
(B) $kJ/kg$
(C) $MJ/mg K$
(D) $J/kg~K$
RRB JE | 28.05.2019 | Shift-III
Ans: (B)
8. निम्नलिखित में से किस ईंधन का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों में नहीं किया जाता है?
(A) प्राकृतिक गैस
(B) ईंधन तेल
(C) यूरेनियम
(D) कोयला
RRB JE | 26.05.2019 | Shift-IV
Ans: (C)
9. बायोगैस एक उत्कृष्ट ईंधन है, क्योंकि इसमें 75% तक _______ मौजूद होती है।
(A) मीथेन
(B) सल्फाइड
(C) ऑक्सीजन
(D) हाइड्रोजन
RRB NTPC Stage I | 13.01.2021 | Shift-I
Ans: (A)
10. एक घरेलू गैस सिलेंडर में LPG किस अवस्था में संग्रहित की जाती है?
(A) ठोस अवस्था
(B) गैस अवस्था
(C) तरल अवस्था
(D) किसी भी अवस्था में संग्रहित की जा सकती है
RRB NTPC Stage I | 30.03.2016 | Shift-II
Ans: (C)
11. ईंधन के एक इकाई द्रव्यमान के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा को क्या कहा जाता है?
(A) ईंधन का ऊष्मीय (कैलोरी) मान
(B) ईंधन की वाष्पशीलता क्षमता
(C) ईंधन का प्रज्वलन ताप
(D) ईंधन की ऊष्मीय क्षमता
RRB JE | 27.06.2019 | Shift-I
Ans: (A)
12. बिजली का उत्पादन बैटरी में किस प्रकार होता है?
(A) बिजली का उत्पादन बैटरी में संग्रहीत रसायनों द्वारा किया जाता है
(B) बिजली का उत्पादन बैटरी और फ्लैश लाइट के बीच घर्षण से होता है
(C) बैटरी में बिजली उस फैक्ट्री से संग्रहित की जाती है जो इसे बनाती है
(D) बैटरी वातावरण से बिजली कर्षित करती है और उसे फ्लैश लाइट तक अंतरित करती है
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (A)
13. चूँकि गैस के अणुओं के बीच आकर्षण बहुत कम होता है, गैस के इस गुण से हमें क्या लाभ मिलता है?
(A) संपीडित करके छोटे सिलिंडरों में संग्रहित किया जाता है
(B) आसानी से जल जाती है
(C) एक स्थान से दूसरे स्थान पर गति नहीं करती
(D) आसानी से अपना आकार नहीं बदलती
RRB JE Exam 2024 | 17/12/2024 | 12:45 PM - 2:15 PM
Ans: (A)
14. प्राकृतिक गैस ($CH_4$) के जलने के दौरान कौन सी गैस निकलती है?
(A) $CO_2$
(B) $H_2$
(C) $N_2$
(D) $NH_3$
RRB Group-D | 06/09/2022 | Shift-III
Ans: (A)
15. निम्नलिखित में से किस जीवाश्म ईंधन में ब्यूटेन इसका मुख्य घटक होता है?
(A) कोयला
(B) ईंधन तेल
(C) प्राकृतिक गैस
(D) LPG
RRB JE | 01.06.2019 | Shift-I
Ans: (D)
16. मीथेन के जलने पर क्या होता है?
(A) कार्बन मोनोऑक्साइड निकलती है
(B) कार्बन राख शेष रह जाती है
(C) कार्बोनेट बनता है
(D) कार्बन डाईऑक्साइड एवं पानी निकलता है
RRB NTPC Stage I | 28.04.2016 | Shift-I
Ans: (D)
17. कार्बन और नमी की मात्रा के आधार पर कोयले की उच्चतम और निम्नतम गुणवत्ता वाली किस्में क्रमशः कौन सी है?
(A) बॉक्साइट, लिग्नाइट
(B) लिग्नाइट, एन्थ्रेसाइट
(C) एन्थ्रेसाइट, लिग्नाइट
(D) लिग्नाइट, बॉक्साइट
RRB NTPC Stage I | 11.03.2021 | Shift-II
Ans: (C)
18. नीचे एक अभिकथन (A) और कारण (R) दिया गया है।
अभिकथन (A) : घरेलू गैस सिलेंडरों में होने वाले रिसाव का पता लगाया जा सकता है।
कारण (R) : एलपीजी की गंध तीव्र होती है।
सही विकल्प चुनें।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A की उचित व्याख्या है।
(B) A और R दोनों सही हैं और R, A की उचित व्याख्या नहीं है।
(C) A और R दोनों गलत हैं।
(D) A सही है लेकिन R गलत है।
RRB NTPC Stage I | 12.04.2016 | Shift-III
Ans: (D)
19. जीवाश्म ईंधन जलने पर मुक्त कार्बन, नाइट्रोजन और सल्फर के ऑक्साइड कहलाते हैं:
(A) अम्लीय ऑक्साइड
(B) उभयधर्मी ऑक्साइड
(C) मूल ऑक्साइड
(D) निष्क्रिय ऑक्साइड
RRB Group-D | 22-09-2018 | Shift-I
Ans: (A)
20. ठोस कोयला को तरल हाइड्रोकार्बन में परिवर्तित करने वाली प्रक्रिया को ....... कहते हैं-
(A) कैटलिटिक कन्वर्शन
(B) क्रैकिंग
(C) कार्बोनेशन
(D) द्रवीकरण
RRB Group-D | 26-11-2018 | Shift-III
Ans: (D)
21. कोयला और पेट्रोलियम के दहन का परिणाम........... के ऑक्साइड के रूप में होता है।
(A) सल्फर और फास्फोरस
(B) नाइट्रोजन और सल्फर
(C) सल्फर और कैल्शियम
(D) नाइट्रोजन और फास्फोरस
RRB Group-D | 16-11-2018 | Shift-1
Ans: (B)
22. हाइड्रोकार्बन के पूर्ण दहन के परिणाम स्वरूप निम्नलिखित में से क्या प्राप्त होता है?
(A) $CO+OH$
(B) $CO_2+H_2O$
(C) $CO+H_2O$
(D) $CO_2+OH$
RRB Group-D | 20-09-2018 | Shift-1
Ans: (B)
23. मीथेन ($CH_4$) के अणुभार की गणना करें।
(A) 18
(B) 26
(C) 16
(D) 20
RRB Group-D | 12-11-2018 | Shift-III
Ans: (C)

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